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रंजिश में चली गोलियां: सतना में पिता की मौत, बेटा गंभीर घायल

सतना सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के बारा पत्थर गांव में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पैरोल पर जेल से बाहर आया उम्रकैद का सजायाफ्ता अपराधी पुरानी रंजिश के चलते पिता-पुत्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गया। घटना में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बारा पत्थर गांव निवासी करीब 50 वर्षीय बबलू यादव अपने बेटे राणा यादव के साथ गांव में मौजूद थे। इसी दौरान गांव पहुंचे आरोपी चंदन यादव ने अचानक दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से बबलू यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राणा यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को पहले नागौद अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नागौद थाना प्रभारी अशोक पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित पुलिस के अनुसार आरोपी और मृतक के परिवार के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी दुश्मनी के चलते आरोपी ने पिता-पुत्र को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। थाना प्रभारी अशोक पांडे ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।  

छत्तीसगढ़ के जशपुर में बड़ा हादसा, अनियंत्रित बस मकान में घुसी; 5 की जान गई

जशपुरनगर जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग से जशपुर के कुनकुरी के बीच चलने वाली यात्री बस अनमोल शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कुरडेग से कुनकुरी के लिए रवाना हुई थी। बस जब कुनकुरी से लगभग 14 किलोमीटर दूर हल्दीमुंड पंचायत के आश्रित ग्राम गोड़अम्बा के पास पहुंची, तभी एक पुल के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बस के नीचे दबे कुछ यात्रियों को निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। दुर्घटना का प्रारंभिक कारण बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। घायलों को तपकरा और कुनकुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना तपकरा थाना क्षेत्र के गोड़अम्बा में हुई बस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। दुर्घटना के बाद सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने भी सक्रियता दिखाते हुए घायलों की सहायता के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उपचार की व्यवस्था की निगरानी की।  

चीन पर तीखे बयान देने वाले बालेन शाह चर्चा में, क्या नेपाल के PM बन सकते हैं? भारत पर उनका क्या स्टैंड

नई दिल्ली पिछले साल सितंबर में जेन-जी (Gen-Z) के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल ने अपनी नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया है। इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र रहे हैं काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह। उन्होंने झापा-5 से चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 35 साल के बालेन शाह अब न केवल युवाओं के पसंदीदा उम्मीदवार हैं, बल्कि उन्हें नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है। बालेन शाह का राजनीतिक सफर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों से घिरा भी। नवंबर 2025 में उनके एक फेसबुक पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी थी। उस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका, भारत और चीन के साथ-साथ नेपाल के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों (यूएमएल, कांग्रेस, माओवादी आदि) के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। हालांकि पोस्ट बाद में हटा ली गई, लेकिन इसके स्क्रीनशॉट ने उनकी छवि एक अराजक विद्रोही के रूप में स्थापित कर दी। इससे पहले वे नेपाल के शासन केंद्र सिंह दरबार को आग लगाने की धमकी देकर भी विवादों में रहे थे। कौन हैं बालेंद्र शाह? एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के बेटे बालेन की रुचि बचपन से ही कविता में थी, जो आगे चलकर रैप संगीत में बदल गई। अमेरिका के प्रसिद्ध रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित बालेन ने नेपाल के संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 2019 में उनका गाना ‘बलिदान’ काफी लोकप्रिय हुआ, जिसमें उन्होंने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया था। बालेन ने ‘परिवर्तन का समय’ के नारे के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था। मेयर रहते हुए उन पर सड़कों को साफ करने के नाम पर रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के आरोप भी लगे। पिछले साल जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, तब बालेन ने युवाओं से कहा था, “प्रिय जेन-जी, तुम्हारे हत्यारे का इस्तीफा आ गया है। अब तुम्हारी पीढ़ी को देश का नेतृत्व करना होगा।” दिसंबर 2025 में बालेन शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने। क्या है बालेन और RSP का विजन? राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने घोषणापत्र में आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने और युवाओं के विदेश पलायन को रोकने का वादा किया है। नेपाल की प्रति व्यक्ति आय को 1,447 से बढ़ाकर 3,000 डॉलर करने और जीडीपी को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह को तब आलोचना का सामना करना पड़ा जब वे झापा-5 में लगभग 4 करोड़ नेपाली रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार में घूमते देखे गए। उनके आलोचकों का कहना है कि वे पारंपरिक राजनेताओं को चुनौती देने का दावा तो करते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली अब उन्हीं की तरह वैभवशाली हो गई है। नेपाल अब चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। एक रैपर और सोशल मीडिया स्टार से देश के संभावित शीर्ष नेता तक बालेन शाह का यह सफर 2026 के चुनावों की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नेपाल का युवा वर्ग उन्हें वास्तव में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचा पाता है।  

संघर्ष और मेहनत की मिसाल: DSP रहते UPSC पास कर SP बने डायमंड सिंह ध्रुव

धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव का संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में चयन हुआ है। उन्होंने परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं और अब यूपीएससी में चयन के बाद एसपी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बीएचयू और जेएनयू से पढ़ाई मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी अंबिका सूर्यवंशी के पुत्र डायमंड सिंह ध्रुव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर मगरलोड में पहली से पांचवीं तक प्राप्त की। इसके बाद कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई रेडिएंट पब्लिक स्कूल निमोरा रायपुर से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स किया, जबकि पीजी की पढ़ाई जेएनयू दिल्ली से पूरी की। डायमंड सिंह ध्रुव वर्ष 2023 से यूपीएससी की तैयारी में जुटे हुए थे। दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और अब तक तीन बार यूपीएससी मेंस की परीक्षा दे चुके हैं। कठिन मेहनत और लगातार प्रयास के बाद उन्हें यह सफलता मिली है। पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास परिवारजनों ने बताया कि डायमंड ने पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था। अब यूपीएससी में चयन होने से परिवार सहित जिले में खुशी का माहौल है। डायमंड सिंह ध्रुव ने बताया कि उनके पिता जनपद पंचायत मगरलोड में कर्मचारी थे, जिससे बचपन से ही शासकीय सेवा के प्रति उनका झुकाव रहा। उन्होंने पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में रहकर दोस्तों के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान वह रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई करते थे और सेल्फ स्टडी के साथ इंटरनेट का भी उपयोग करते थे।  

श्रद्धालुओं में दहशत: खाटूश्यामजी मंदिर में ‘2 आतंकी’ घुसे, बाद में पता चला ATS का मॉक ड्रिल

जयपुर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर शुक्रवार को उस समय सुरक्षा छावनी में तब्दील हो गया, जब मंदिर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एटीएस (Anti-Terrorist Squad) की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। हथियारों से लैस जवानों की त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी को देखकर परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन कुछ ही देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो सभी ने राहत की सांस ली। त्वरित कार्रवाई और जवाबी हमला आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एटीएस के जवानों ने मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से मंदिर परिसर में प्रवेश किया। कुछ ही मिनटों के भीतर टीम ने कड़ा संघर्ष करते हुए दो काल्पनिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया। कार्रवाई के दौरान जवानों ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और बारूद बरामद करने का प्रदर्शन भी किया। सुरक्षा परखने के लिए था अभ्यास जैसे ही एटीएस के अधिकारियों ने इसे मॉकड्रिल घोषित किया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की चिंता दूर हुई। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की जांच करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टाइम को मापना और मंदिर की सुरक्षा घेराबंदी और समन्वय को और अधिक पुख्ता करना है। चौथी बार हुआ सुरक्षा अभ्यास गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटू श्याम मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस अब तक यहां चार बार मॉकड्रिल कर चुकी है। इस सफल अभ्यास के दौरान एटीएस टीम के साथ मंदिर सुरक्षा गार्ड प्रभारी रघुनाथ सिंह, मंदिर समिति के लक्ष्मीकांत रंगलालका सहित अन्य सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी भी मुस्तैद रहे।

वर्दी पहने गार्ड से मोबाइल पर ठुमके लगवाए, फिर डंडों और बेल्ट से पीटकर वायरल किया वीडियो

 सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के देवनगर इलाके से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक फॉरेस्ट नर्सरी में तैनात फॉरेस्ट गार्ड के साथ कुछ स्थानीय युवकों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उसे सबके सामने नाचने के लिए भी मजबूर किया. इस पूरी घटना का वीडियो हमलावरों ने खुद रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  दरअसल, फॉरेस्ट गार्ड अपनी एक महिला साथी के साथ नर्सरी में मौजूद था. इसी दौरान वहां स्थानीय लड़कों का एक गुट पहुंचा और विवाद करने लगा. बात इतनी बढ़ गई कि उन लड़कों ने गार्ड को घेर लिया और डंडों व बेल्ट से उसकी जमकर पिटाई की।  डांस करने पर किया मजबूर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर डरे-सहमे गार्ड को मोबाइल पर म्यूजिक बजाकर नाचने के लिए मजबूर कर रहे हैं. गार्ड वर्दी में था और हाथ जोड़कर उनसे विनती कर रहा था, लेकिन युवकों ने उसकी एक न सुनी और उसकी बेइज्जती का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।  विभाग ने जारी किया ‘कारण बताओ’ नोटिस वीडियो वायरल होने के बाद सूरजपुर फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है. हालांकि, गार्ड के साथ हुई मारपीट की निंदा हो रही है, लेकिन वन विभाग ने खुद गार्ड को ही ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिया है. विभाग ने पूछा है कि वह ड्यूटी के दौरान किन परिस्थितियों में एक महिला के साथ नर्सरी में मौजूद था।  पुलिस की कार्रवाई का इंतजार पुलिस का कहना है कि अब तक फॉरेस्ट गार्ड की ओर से इस हमले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

बीएटीसी में भारत की एंट्री क्वार्टर फाइनल में, थाईलैंड से हार के बाद भी बची खिताबी उम्मीद

चिंगदाओ (चीन) गत चैंपियन भारत को बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप (बीएटीसी) के विमेंस डिवीजन के दूसरे ग्रुप वाई मैच में हार का सामना करना पड़ा है। गुरुवार को उसे थाईलैंड ने 2-3 से हराया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। थाईलैंड ने ग्रुप वाई में टॉप स्थान हासिल करने के लिए शानदार प्रदर्शन किया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा और दोनों टीमें टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज में पहुंच गईं। इस मुकाबले में भारतीय महिलाओं ने शानदार शुरुआत की। वर्ल्ड नंबर 42 तन्वी शर्मा ने वर्ल्ड नंबर 16 बुसानन ओंगबामरुंगफान को 21-14, 17-21, 21-18 से मात दी। यह मुकाबला एक घंटे और तीन मिनट तक चला। इसके बाद डबल्स जोड़ी गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली ने टिडैप्रोन क्लीबीसुन और नट्टामोन लाइसुआन को 21-14, 20-22, 21-11 से मात देकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, थाईलैंड ने मैच में वापसी की। भारत की रक्षिता रामराज लय बरकरार नहीं रख सकीं। उन्हें 19 वर्षीय पिचामोन ओपटनिपुथ ने 19-21 और 17-21 से हराया। अगले मैच में हथैथिप मिजाद और नपापकोर्न तुंगकासतन की जोड़ी ने तनीषा क्रास्टो और श्रुति मिश्रा की जोड़ी को 21-19, 14-21, 15-21 के स्कोर से हराकर मैच में 2-2 से बराबरी कर ली। इसी के साथ मुकाबला पांचवें और निर्णायक गेम तक पहुंचा। 40 मिनट तक चले निर्णायक मैच में, थाईलैंड की पोर्नपिचा चोइकीवोंग ने मालविका बंसोड़ को 18-21 और 14-21 से मात दी, जिससे थाईलैंड ने मैच जीत लिया और ग्रुप में टॉप पर रहा। यह टूर्नामेंट अप्रैल-मई में हॉर्सेंस, डेनमार्क में होने वाले थॉमस और उबर कप फाइनल के लिए एशिया का क्वालीफाइंग इवेंट भी है। भारतीय महिलाएं डिफेंडिंग चैंपियन हैं, जबकि चीन मौजूदा पुरुष चैंपियन है। भारत के पुरुषों ने 2016 और 2020 में दो बार कांस्य अपने नाम किया है। इससे पहले, बुधवार को भारत ने ग्रुप वाई के अपने पहले गेम में म्यांमार को 5-0 से रौंदा था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 मार्च को भोपाल में करेंगे ‘सरस्वती अभियान’ का शुभारंभ

‘सरस्वती अभियान’ से शिक्षा की मुख्यधारा में पुन: आएगी शाला त्यागी बालिकाएँ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग की नई पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 मार्च को भोपाल में करेंगे ‘सरस्वती अभियान’ का शुभारंभ भोपाल  प्रदेश में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत ‘सरस्वती अभियान’ की शुरुआत की है। इस नवाचार के माध्यम से वे बालिकाएँ जो किसी सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक कारण से विद्यालय छोड़ चुकी हैं, उन्हें फिर से शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य स्तर पर इस अभियान को नई दिशा देने के लिए 10 मार्च को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विभाग की कार्य योजना और नवाचारों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान में राज्य ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से बालिकाओं को कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। उन्हें अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन, संपर्क कक्षाएँ और मेंटोरिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और आगे की शिक्षा या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाएँ कक्षा 8वीं, 10वीं या 12वीं से पहले ही विद्यालय छोड़ देती हैं। शिक्षा छूटने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने का अवसर नहीं मिल पाता, जिससे उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है और उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप में सामने आती है। चुनौती को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए जा रहे सरस्वती अभियान के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं की पहचान के लिए सर्वेक्षण किया जाएगा, उन्हें राज्य ओपन स्कूल में नामांकित किया जाएगा। परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मेंटोरिंग और काउंसलिंग के माध्यम से बालिकाओं को परीक्षा में सफल होने के लिए निरंतर सहयोग दिया जाएगा। अभियान के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर आगे की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का विकास करना भी है। अभियान बालिका शिक्षा की दर बढ़ाने, ड्रॉप-आउट दर कम करने और महिला सशक्तिकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में भी यह अभियान प्रभावी साबित हो सकता है। सरस्वती अभियान के माध्यम से शिक्षा से वंचित बालिकाओं को नया अवसर मिलेगा और वे न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगी, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।  

केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगी पुरानी पेंशन? 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी अपडेट

नई दिल्ली केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन सुधार को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह बहाल करने की मांग दोबारा उठाई है। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि नई प्रणालियों में पेंशन की निश्चितता नहीं है, इसलिए सरकार को कर्मचारियों की पुरानी व्यवस्था वापस लानी चाहिए। क्या है डिटेल कर्मचारी संगठनों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और श्रमिकों का परिसंघ और अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) ने इस संबंध में अपनी मांगें राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्श तंत्र (NC-JCM) की स्टाफ साइड की ड्राफ्टिंग कमेटी को सौंप दी हैं। यूनियनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नेंशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और हाल ही में लाई गई यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) दोनों को खत्म कर फिर से OPS लागू किया जाए। दरअसल, UPS को लेकर कर्मचारियों की प्रतिक्रिया उम्मीद से काफी कम रही है। सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि 30 नवंबर 2025 तक सिर्फ 1,22,123 केंद्रीय कर्मचारियों ने ही UPS को चुना है। इसमें नए भर्ती कर्मचारी, मौजूदा कर्मचारी और कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं। जबकि कुल पात्र कर्मचारियों की संख्या लगभग 23 से 25 लाख मानी जाती है। यानी कुल कर्मचारियों में से केवल 4–5% ने ही UPS को अपनाया है। यूनियन नेताओं ने क्या कहा यूनियन नेताओं का कहना है कि यह कम संख्या इस बात का संकेत है कि कर्मचारियों को नई पेंशन व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उनका तर्क है कि OPS में कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन का करीब 50% पेंशन और उस पर महंगाई भत्ता (DA) भी मिलता था। जबकि NPS में पेंशन बाजार के रिटर्न पर निर्भर करती है, जिससे भविष्य की आय अनिश्चित हो जाती है। हालांकि सरकार का रुख अब तक साफ रहा है। सरकार का कहना है कि OPS को दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार के मुताबिक NPS लंबी अवधि में सरकारी खजाने पर पड़ने वाले पेंशन के भारी बोझ को संतुलित करने के लिए जरूरी है। इसी कारण NPS को पूरी तरह खत्म करने के बजाय सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए UPS का विकल्प दिया, जिसमें न्यूनतम पेंशन का कुछ भरोसा दिया गया है। सबसे बड़ा पेंशन का मुद्दा अब जब 8वें वेतन आयोग की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं, तो माना जा रहा है कि पेंशन का मुद्दा सबसे बड़ा विवादित विषय बन सकता है। कर्मचारी संगठन इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं, जबकि सरकार वित्तीय संतुलन का हवाला दे रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि वेतन आयोग की सिफारिशों में पेंशन व्यवस्था को लेकर क्या बड़ा बदलाव सामने आता है।

होली की रात बना खूनी खेल, दोस्तों ने मिलकर युवक को उतारा मौत के घाट

भोपाल निशातपुरा क्षेत्र स्थित बेस्ट प्राइज तिराहे पर होली के दिन रोड रेज में युवक की हत्या करने वाले चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे बुधवार शाम को होली पार्टी से लौट रहे थे और सभी शराब के नशे में थे। इसी दौरान जब कट लगने पर बाइक सवार ने विवाद शुरू किया तो नशे में उसे चाकू घोंप दिया। निशातपुरा पुलिस आरोपितों के पुराने रिकार्ड की जांच कर रही है। हालांकि अब तक किसी पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार बुधवार शाम करीब सात बजे चारों आरोपित एक फार्म हाउस से पार्टी कर अपने घर विश्वकर्मा नगर लौट रहे थे। बेस्ट प्राइज तिराहे के पास उनकी कार और बाइक सवार युवक अरविंद मीणा के बीच कट मारने को लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि विवाद के दौरान अरविंद ने जेब से चाकू निकालकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इससे कार सवार युवक भड़क गए। तीन आरोपित 24 वर्षीय नरेंद्र सिंह उर्फ निक्की, 20 वर्षीय ऋषि दांगी निवासी विश्वकर्मा नगर, करोंद और मालीखेड़ी निवासी 26 वर्षीय आशीष राजपूत ने अरविंद मीणा को पीछे से पकड़ा। वहीं विश्वकर्मा नगर में रहने वाले चौथे दोस्त विकास जोशी उर्फ विक्की ने अरविंद से चाकू छीनकर उसके सीने में घोंप दिया। हत्या के बाद चारों आरोपित घर जाने की बजाए अलग-अलग क्षेत्रों में छुप गए। निशातपुरा पुलिस ने दबिश देकर पहले कार मालिक नरेंद्र से संपर्क कर उसे पकड़ा और फिर उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी हुई। एसआइ श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।  

किसानों को नई ताकत दे रही कृषक उन्नति योजना

रायपुर  कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी प्रभावी नीतियों को अमल में लाया है, जिनसे अन्नदाताओं के जीवन में स्थायी और व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। इन पहलों ने न केवल किसानों की आय और आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति और मजबूती प्रदान की है। सुशासन की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया है।      मुख्यमंत्री साय की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया गया कि होली पर्व से पूर्व किसानों के खातों में राशि अंतरित की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्यौहार हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मना सकें। शासन के इस संवेदनशील निर्णय से कोरबा जिले के किसानों में विशेष उत्साह का माहौल है।      कोरबा जिले के ग्राम दादरखुर्द निवासी कृषक शैलेन्द्र कुमार थवाईत ने इस वर्ष लगभग 32 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिसके एवज में उन्हें 23 हजार 392 रुपये की अंतर राशि प्राप्त हुई। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में है और सही समय पर मिली राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा तथा उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने में करेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि होगी।      इसी प्रकार ग्राम कल्दामार के कृषक जिमी राठिया ने कहा कि होली से पूर्व राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य में किया जाएगा। शासन द्वारा समयबद्ध भुगतान किए जाने को उन्होंने किसानों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।      कृषकों ने उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के इस संवेदनशील और समयबद्ध निर्णय से किसानों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बढ़ी है।  सरकार का यह प्रयास किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समग्र प्रगति का आधार है।

बिहान योजना :सरकारी योजनाओं के सहारे जानकी ने बदली अपनी और गांव की तस्वीर

रायपुर : महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी बिहान योजना :सरकारी योजनाओं के सहारे जानकी ने बदली अपनी और गांव की तस्वीर रायपुर जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो वे अद्भुत काम कर सकती हैं। वे शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं, किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती हैं और अपने लिए निर्णय ले सकती हैं। इससे न केवल उन्हें लाभ होता है, बल्कि परिवार और समुदाय भी मजबूत होते हैं। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसालें यह दर्शाती हैं कि शिक्षा, दृढ़ संकल्प और आर्थिक स्वतंत्रता से महिलाएं न केवल अपना भाग्य बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।               धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम खर्रा की निवासी जानकी की सफलता की कहानी आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करने वाली जानकी आज एक सफल व्यवसायी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीण आजीविका मिशन की ‘बिहान’ योजना से मिला मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत है।       जानकी ने जय मां गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्व-रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता मिली। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से प्राप्त ऋण की सहायता से कपड़ा व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।       समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए फैंसी स्टोर की शुरुआत की। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर उन्होंने जूते-चप्पल की दुकान भी खोल ली। वर्तमान में उनके व्यवसाय में कपड़े, फैंसी सामग्री और जूते-चप्पल की बिक्री होती है, जिससे उन्हें हर माह अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।       जानकी केवल स्वयं ही आत्मनिर्भर नहीं बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे खेती-बाड़ी समूह की अध्यक्ष, ग्राम संगठन (वीओ) की अध्यक्ष तथा बीआरसी सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।      जानकी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत मिसाल भी बन सकती हैं।

ईको-पर्यटन को बढ़ावा, नेचर कैंप मड हाउस से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

रायपुर नेचर कैंप मड हाउस से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बारनवापारा अभ्यारण्य के पास स्थित देवपुर रेंज में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए नेचर कैंप मड हाउस (मिट्टी के घर) शुरू किए गए हैं। ये घर पारंपरिक तरीके से मिट्टी और प्राकृतिक सामग्रियों से बने हैं, जो सैलानियों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा और शांत अनुभव प्रदान करते हैं।  नेचर कैंप मड हाउस से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार           बलौदाबाजार वनमंडल के देवपुर वन परिक्षेत्र में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘नेचर कैंप मड हाउस’ का शुभारंभ किया गया। यह पहल वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डे के विशेष प्रयासों से शुरू की गई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। गौरतलब है कि नेचर कैंप मड हाउस को प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक शैली से तैयार किया गया है। यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा अनुभव मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आय के स्थायी साधन विकसित करना है। इस परियोजना के संचालन में स्थानीय वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।               इसी क्रम में बारनवापारा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के पर्यटन ग्राम में एक आधुनिक रिसेप्शन भवन का भी शुभारंभ किया गया। पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर मड हाउस मॉडल बनाए गए हैं। इन मड हाउस में ठहरने वालों को प्रकृति और ग्रामीण परिवेश का पूरा आनंद मिलेए इसकी व्यवस्था की गई है। बारनवापारा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक रिसेप्शन भवन भी बनाए गए हैं। इन तमाम सुविधाओं और व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा, बेरोजगारी भी कम होगी।               इस नए कैंप को स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक निर्माण शैली के साथ तैयार किया गया है। मिट्टी, लकड़ी और प्राकृतिक सामग्री से बने मड हाउस पर्यावरण के अनुकूल हैं। आसपास के जंगल के साथ पूरी तरह घुलते.मिलते नजर आने वाले ये मड हाउस पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। वन विभाग का उद्देश्य है, कि पर्यटन हो लेकिन प्रकृति पर दबाव कम से कम पड़े। इस केंद्र के माध्यम से आने वाले पर्यटकों को अभ्यारण्य की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप वन विभाग ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जिनमें वन संरक्षण और स्थानीय विकास का संतुलन बना रहे।               इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर सहित विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह पहल देवपुर क्षेत्र को ईको-पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

अक्षर पटेल का कमाल देख दंग हुए गावस्कर, कहा– टीम इंडिया के भविष्य के महान ऑलराउंडर

नई दिल्ली पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि अक्षर पटेल क्रिकेट के हर विभाग में अपने शानदार कौशल और क्रिकेट की बहुत अच्छी समझ रखने के कारण भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक बनने की राह पर हैं। इसकी एक बानगी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में देखने को मिली जिसमें उन्होंने अपनी शानदार फील्डिंग से प्रभावित किया। अक्षर पटेल ने खेल के दो अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण चरणों में खतरनाक हैरी ब्रूक और विल जैक्स को आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अक्षर ने कवर पोजीशन से 24 मीटर पीछे दौड़कर शानदार कैच लेकर ब्रूक को पवेलियन भेजा। इसके बाद अर्शदीप सिंह की वाइड फुल टॉस गेंद को जैक्स ने डीप पॉइंट की ओर खेला। अक्षर ने अपनी बाईं ओर दौड़कर गेंद को लपका लेकिन सीमा रेखा पर संतुलन नहीं बना पाने के कारण उन्होंने उसे शिवम दुबे की तरफ उछाल दिया। गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, ‘अक्षर ने ब्रूक का जो कैच लिया वह अविश्वसनीय था। ब्रूक मैच का रुख बदल सकते हैं और उनका विकेट हासिल करने का हर मौका भुनाना चाहिए। अक्षर ने वही किया। वह 24 मीटर दौड़े, गेंद पर नजर रखी, खुद पर नियंत्रण बनाए रखा और कैच लपक लिया। अविश्वसनीय।’ उन्होंने कहा, ‘विल जैक्स को आउट करने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। (जैकब) बेथेल और जैक्स की साझेदारी मैच को इंग्लैंड के पक्ष में कर रही थी। लेकिन अक्षर अपनी बाईं ओर दौड़े, गेंद पकड़ी और चतुराई दिखाकर उसे शिवम दुबे के पास पहुंचा दिया। इससे उनकी क्रिकेट की समझ और अच्छी सूझबूझ का पता चलता है।’ गावस्कर ने कहा, ‘शीर्ष स्तर पर आपकी सूझबूझ और जज्बा ही महान खिलाड़ियों को अन्य खिलाड़ियों से अलग करता है। अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर अक्षर भारत के महान खिलाड़ियों में से एक बनने जा रहे हैं।’ गावस्कर ने कहा कि रवींद्र जडेजा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अक्षर ने उनकी जगह को अच्छी तरह से भर दिया है। इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘उनसे पहले हमारे पास रवींद्र जडेजा थे और अक्षर उनकी कमी को बखूबी पूरा कर रहे हैं। उनकी गेंदबाजी में थोड़ा और निखार की जरूरत है। अनुभव के साथ यह आ जाएगा। उनकी लाइन, लेंथ और गति में निरंतर सुधार हो रहा है।’ गावस्कर ने इसके अलावा जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा, ‘जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज सदियों में एक बार पैदा होते हैं। वह सभी प्रारूप में खेलते हैं। इसलिए चाहे टेस्ट मैच हो या वनडे या फिर टी20 आप उन्हें गेंद दे दीजिए और वह अपना काम बखूबी निभाएंगे।’

तेन्दूपत्ता संग्रहण से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर तेन्दूपत्ता संग्रहण से पहले शाखा-कर्तन कार्य के लिए कार्यशाला तेन्दूपत्ता की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए संग्रहण (मार्च-अप्रैल) से पहले फरवरी-मार्च में वैज्ञानिक तरीके से शाखा-कर्तन किया जाता है। इस प्रक्रिया में झाड़ियों की कटाई-छंटाई की जाती है, जिससे नई कोमल पत्तियां (फड़) निकलती हैं, जो बीड़ी उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता वाली होती हैं।              वनमंडलाधिकारी कोरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है। यह कार्य ऐसे समय में होता है जब ग्रामीण और संग्राहकों के पास अन्य रोजगार कम होते हैं, इसलिए यह उनके लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बनता है। उन्होंने निर्देश दिए कि तेन्दूपत्ता खरीदी का भुगतान साप्ताहिक खरीदी के तीसरे दिन तक अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि संग्राहकों को समय पर लाभ मिल सके। कोरिया वनमंडल अंतर्गत जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित बैकुंठपुर द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से पहले शाखा-कर्तन (बूटा कटाई) के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बैकुंठपुर स्थित गेज रोपणी परिसर में आयोजित की गई। इसमें कोरिया वनमंडल के अंतर्गत आने वाली 17 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 16 इकाइयों के फड़मुंशी, प्रबंधक, पोषक अधिकारी, फड़ अभिरक्षक सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।  तेन्दूपत्ता संग्रहण से पहले शाखा-कर्तन कार्य के लिए कार्यशाला             परिक्षेत्र अधिकारी सोनहत जिला कोरिया वनमंडल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार तेन्दूपत्ता संग्रहण से पहले शाखा-कर्तन का कार्य कराया जाता है, जिससे बेहतर गुणवत्ता का पत्ता प्राप्त हो सके। यह कार्य प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से मार्च के प्रथम और द्वितीय सप्ताह में अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा। साथ ही फड़मुंशी और फड़ अभिरक्षकों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी गई। शाखा-कर्तन कार्य के लिए निर्धारित राशि के अनुसार 70 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान किया जाएगा, जिसका भुगतान समिति के पोषक अधिकारी और प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से कार्य पूरा होने के तुरंत बाद किया जाएगा। परिक्षेत्र अधिकारी देवगढ़ ने तेन्दूपत्ता बूटा कटाई की तकनीकी जानकारी देते हुए फड़ों के चयन, शाखा-कर्तन की प्रक्रिया, तेन्दूपत्ता तोड़ाई, गड्डी बांधने तथा संग्रहण केंद्र में खरीदी की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति पटना के प्रबंधक ने भी तेन्दूपत्ता संग्रहण से लेकर क्रेता को पत्ता सुपुर्द करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला यूनियन कोरिया के अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च गुणवत्ता का तेन्दूपत्ता संग्रहित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर परिक्षेत्र अधिकारी सोनहत अजीत सिंह ने कोरिया वनमंडल की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के तेन्दूपत्ता सीजन के लिए वनमंडल की सभी लॉट अग्रिम निवर्तन में पहले ही विक्रय हो चुकी हैं इस अवसर पर उप प्रबंध संचालक अखिलेश मिश्रा, तकनीकी अधिकारी सी.पी. पटेल सहित वनमंडल के अधिकारी-कर्मचारी, फड़ अभिरक्षक, फड़मुंशी, समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अग्रिम क्रेता के प्रतिनिधि और स्व.सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।

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