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07 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, जानें किसे मिलेगा लाभ

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य रह सकता है। कामकाज में थोड़ी भागदौड़ रह सकती है, लेकिन धीरे-धीरे काम पूरे होते जाएंगे। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, इसलिए अपने काम पर पूरा ध्यान रखें। पैसों के मामले में खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए फिजूल खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। सेहत के मामले में ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन खानपान का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे मौके मिल सकते हैं और मेहनत का परिणाम भी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है और कुछ लोगों को धन लाभ भी हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में भी समझदारी बनाए रखने से माहौल अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज करियर के मामले में अच्छा दिन हो सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने काम के पूरे होने से राहत मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखें। कर्क राशि- कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने की संभावना है। करियर में नए मौके मिल सकते हैं और कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। अगर आप नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो समय ठीक रह सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रह सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज कामकाज में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें। परिवार के साथ बातचीत से कई समस्याएं हल हो सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें और ज्यादा तनाव लेने से बचें। कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन मेहनत वाला रह सकता है। कामकाज में थोड़ी व्यस्तता बढ़ सकती है। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात भी हो सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन ठीक रह सकता है। कामकाज में सहयोग मिलने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में थोड़ा ध्यान देने वाला हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ बातचीत से कई बातें साफ हो सकती हैं। रिश्तों में समझदारी बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन व्यस्त रह सकता है। कामकाज में मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन इसका फायदा भी मिल सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अगर आप किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो उस पर काम शुरू कर सकते हैं। रिश्तों में मिठास बनी रह सकती है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रहने की संभावना है। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज परिवार से जुड़े मामलों में समय बिताने का मौका मिल सकता है। घर के किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। कामकाज के मामले में दिन सामान्य रहेगा। पैसों के मामले में ज्यादा जोखिम लेने से बचें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। मीन राशि- मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य और संतुलित रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। ऑफिस में सहयोग मिलने से काम आसान हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी।

SIR विवाद पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- जिंदा वोटर्स को मृत बताकर नाम काटे जा रहे

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ईसीआई) पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) एक्सरसाइज में कई जिंदा वोटर्स को मरा हुआ दिखाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने अनिश्चितकालीन एसआईआर विरोधी धरने पर कहा, “इनमें से कुछ वोटर आज हमारे साथ यहां हैं। कमीशन को शर्म आनी चाहिए कि उसने एसआईआर में उन वोटरों को मरा हुआ मार्क कर दिया जो जिंदा हैं। लेकिन, आज वे यह साबित करने के लिए यहां हैं कि वे अभी भी जिंदा हैं। चुनाव आयोग भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रही है, जो खुद एक बेशर्म पॉलिटिकल ताकत है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “याद रखें हम काम कर रहे हैं। हमने उन सभी 22 वोटरों को ट्रैक किया है जिन्हें मरा हुआ बताया गया है। मैं मीडिया से भी रिक्वेस्ट करूंगी कि वे ऐसे वोटरों के बारे में पूरी कवरेज दें, जो अभी जिंदा हैं लेकिन कमीशन के रिकॉर्ड के मुताबिक मर चुके हैं।” उन्होंने कहा कि इस साल के आखिर में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव एक मजाक होंगे, जब तक कि असली वोटर उस चुनाव में अपना वोट नहीं डाल पाते। तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेताओं के अलावा, तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के एसोसिएशन के सदस्य भी धरना-प्रदर्शन की जगह पर मौजूद थे। इत्तेफाक से मुख्यमंत्री के धरना-प्रदर्शन की जगह पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) के ऑफिस से मुश्किल से 1.5 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन ठीक उससे पहले शुरू हुआ है जब चीफ इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की लीडरशिप में ईसीआई की पूरी बेंच 8 मार्च को कोलकाता आ रही है, जिसका अगले दो दिनों का शेड्यूल काफी बिजी है। तृणमूल कांग्रेस लीडरशिप ने इस बात का कोई इशारा नहीं दिया कि प्रदर्शन कब तक चलेगा, लेकिन स्टेज के आकार और वहां मौजूद सुविधाओं से ऐसा लगता है कि प्रदर्शन काफी लंबा चलने वाला है।

खेती में नवाचार से बदली किस्मत: 21 वर्षीय रत्ना बना रहीं लाखों की आमदनी

सरगुजा सरगुजा के डिगमा गांव की रहने वाली रत्ना मजूमदार ने शादी के बाद अपने परिवार की खेती को नई दिशा दी। रत्ना ने नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की महिला समूह से जुड़कर लोन लिया और दो एकड़ में गेंदे के फूल की खेती शुरू की। गेंदे के फूल की खेती में प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये की लागत आती है और उत्पादन करीब दो लाख रुपये तक पहुंच जाता है। यानी लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा होता है। खास बात यह है कि तीन महीने में एक फसल तैयार हो जाती है और साल में चार बार उत्पादन मिलता है। रत्ना मजूमदार का कहना है कि ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीक से खेती आसान हो गई है और युवाओं को भी खेती की ओर आना चाहिए। रत्ना मजूमदार ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि शादी के बाद जब मैं ससुराल आई तो देखा कि मेरे ससुराल वाले फूल की छोटी खेती करते थे। मैं मां महामाया समूह में जुड़ी तो देखा कि यहां से लोन लेकर सभी महिलाएं अपने काम को आगे बढ़ाती हैं। मैंने भी समूह से लोन लिया और इस काम को आगे बढ़ाया। पहले हम लोग छोटे पैमाने पर करते थे, अब हम लोग दो-तीन एकड़ में करते हैं। उन्होंने बताया कि हम लोगों की लागत डेढ़ से दो लाख रुपए लग जाती है और प्रॉफिट 50 प्रतिशत तक आ जाती है। उन्होंने बताया कि गेंदे के फूल की खेती के लिए पौधे कोलकाता से आते हैं। उन लोगों से हम पौधों को खरीदते हैं और अपने खेतों में लगाते हैं। पहले महीने में इसका फूल आ जाता है। ये फूल तीन महीने तक लगातार चलते हैं। फिर हम लोग इसको हटाकर नए पौधे लगाते हैं। उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि हम महिलाओं को लोन देकर आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि आप भी समूह में जुड़िए। अपने छोटे-मोटे काम को आगे बढ़ाइए। यानी अगर आधुनिक तकनीक के साथ खेती की जाए तो खेती भी रोजगार का बड़ा जरिया बन सकती है। सरगुजा से यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

किसानों को होली का तोहफा, खातों में राशि अंतरण से बढ़ी खुशियां : सीएम विष्णु देव साय

रायपुर बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक श्री अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, सीआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, श्री रमेश ठाकुर, श्री भागीरथी यादव, श्री मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा- प्रधानमंत्री समझौतावादी रुख अपना रहे

नई दिल्ली लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की है। राहुल गांधी के आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर 11 फरवरी को लोकसभा में दिए गए भाषण का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, “भारत की विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से उत्पन्न होती है। यह हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हमारी आध्यात्मिक विचारधारा में निहित होनी चाहिए। आज हम जो देख रहे हैं, वह नीति नहीं है। यह एक भ्रष्ट व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।” राहुल गांधी ने जो वीडियो पोस्ट किया है, उस पर लिखा है, “11 फरवरी 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के खतरे में होने की चेतावनी दी। अमेरिका ही तय करेगा कि हम किससे तेल खरीद सकते हैं और किससे नहीं। चाहे रूस से खरीदना हो या ईरान से, अमेरिका ही फैसला करेगा। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री फैसला नहीं करेंगे।” एक दिन पहले 5 मार्च को भी राहुल गांधी ने कहा था, “विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है। आगे भयंकर संकट मंडरा रहा है। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है। संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके विपरीत भारत के पास एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो समझौतावादी हैं और रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है।” हालांकि पिछले सप्ताह इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत से अधिक उछाल देखा गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह यह रही कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।

डिजिटल क्रिएटर्स के लिए नई पहल, कॉन्टेंट क्रिएटर लैब पर बोलेंगे पीएम मोदी

भोपाल एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र के विकास तथा ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 मार्च 2026 को “ऑरेंज इकोनॉमी के लिए एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का पोस्ट बजट वेबिनार आयोजित किया जाएगा। वेबिनार का आयोजन भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग और नीति आयोग के समन्वय से केंद्रीय बजट 2026-27 में ऑरेंज इकोनॉमी के लिए आवंटन: स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र में संबंधित मंत्रालयों के मंत्री भागीदारी करेंगे। वेबिनार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी विशेष संबोधन देंगे और एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब की अवधारणा पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा देश के 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की पहल की गई है। विद्यार्थियों में रचनात्मक और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। वेबिनार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री  अश्विनी वैष्णव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान तथा राज्य मंत्री (योजना)  राव इन्द्रजीत सिंह भी संबोधित करेंगे। वेबिनार के उद्घाटन सत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव  संजय जाजू, सचिव उच्च शिक्षा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीति आयोग, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सचिव उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन तथा सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में “एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब इन स्कूल्स एंड कॉलेजेज” विषय पर ब्रेक आउट सत्र भी आयोजित होगा। इस सत्र में व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल के वीपी एवं सीटीओ  चैतन्य चिंचलीकर मॉडरेटर की भूमिका निभाएंगे। पैनल में  दीपक साहू (अतिरिक्त सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग), डॉ. आशीष कुलकर्णी (चेयरमैन, फिक्की एवीजीसी फोरम),  राजन नवानी (ग्रुप सीईओ, जेटसिंथेसिस), सु सोनम भगत (सीईओ, वाइग्र) तथा सु रीथ गुप्ता (आईआईसीटी छात्रा) शामिल रहेंगी। इसके साथ ही  मुंजाल श्रॉफ (ग्राफिटी मल्टीमीडिया),  बीरेन घोष (टेक्नीकलर ग्रुप),  मानवेन्द्र शुक्ल (लक्ष्य डिजिटल) तथा सु प्रतिवा मोहपात्रा भी सत्र में अपने विचार रखेंगे। एक अन्य सत्र की शुरुआत उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  विनीत जोशी द्वारा की जाएगी। इसमें  चंद्रजीत बैनर्जी (डीजी, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री),  प्रताप बोस (एनआईडी एलुमनस, महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोबाइल), प्रो. गोविंदन रंगराजन (निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु), प्रो. शुचि सिन्हा (एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी दिल्ली), प्रो. अन्नपूर्णी सुब्रमणियम (निदेशक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स) तथा डॉ. अनुपमा खन्ना (सीनियर ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट, एनआइईपीआइडी रीजनल सेंटर, नोएडा) अपने विचार रखेंगे। यह वेबिनार देश में रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं को नई डिजिटल और क्रिएटिव स्किल से जोड़ने तथा एवीजीसी क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वेबिनार में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत तथा एवीजीसी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। केंद्रीय बजट में देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एव्हीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिसमें आईआईसीटी राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी होगी। इस पहल का उद्देश्य औपचारिक शिक्षा प्रणाली में रचनात्मक और डिजिटल कौशल को शामिल करना तथा भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को सशक्त बनाना है। प्रदेश के सम्बंधित विभागों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों और संबंधित संस्थानों से आग्रह किया गया है कि वे अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही प्रतिक्रिया और सुझाव claygo@gov.in पर भेज सकेंगे ताकि आवश्यक आँकड़ों का संकलन किया जा सके। उल्लेखनीय है कि एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) क्षेत्र को केंद्रीय बजट 2022-23 में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक नीति प्राथमिकता के रूप में मान्यता दी गई थी। इसके तहत घरेलू क्षमता निर्माण और वैश्विक बाज़ारों की सेवा के लिए AVGC टास्क फोर्स का गठन किया गया। वेबिनार में मानव संसाधन और क्षमता संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी. एनीमेशन, गेमिंग, VFX और XR जैसे क्षेत्रों में उद्योग अनुभव वाले प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या बढ़ाने, फैकल्टी डेवलपमेंट, उद्योग विशेषज्ञों को शिक्षा संस्थानों को मज़बूत करने विषयों पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय हैं कि पिछले दशक में देश में AVGC-XR पारिस्थितिकी तंत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। AVGC-XR क्षेत्र को राष्ट्रीय रणनीतिक विकास क्षेत्र के रूप में मान्यता मिली। टास्क फोर्स का गठन और राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया गया है। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र – IICT की स्थापना और WAVES जैसे वैश्विक मंचों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिला। डिजिटल कंटेंट, क्रिएटर इकोनॉमी और स्टार्टअप गतिविधियों में वृद्धि हुई। 

ईरान से टकराव की भारी कीमत: 100 घंटे की लड़ाई में US ने फूंके 31,000 करोड़ रुपये

वाशिंगटन ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले का आज (शुक्रवार, 6 मार्च को) सातवां दिन है। शुक्रवार को अमेरिका ने स्टेल्थ बॉम्बर और एडवांस्ड वेपन सिस्टम से ईरान पर हमला बोला है। बदले में ईरान भी इजरायल पर और मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों को लगातार निशाना बना रहा है। इस बीच, अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने युद्ध के लागत पर एक विश्लेषण में कहा है कि ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत पहले 100 घंटों में ही अमेरिका को लगभग 3.7 अरब डॉलर (करीब 31,000 करोड़ रुपये) का खर्च उठाना पड़ा है। यह आकलन वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक CSIS के विशेषज्ञों मार्क कैंसियन और क्रिस पार्क द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार युद्ध के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिका का औसत खर्च लगभग 891 मिलियन डॉलर प्रतिदिन यानी करीब 90 करोड़ डॉलर रोज रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चरण में सबसे अधिक खर्च महंगे हथियारों, मिसाइलों और बमों के इस्तेमाल पर हुआ है, इसलिए शुरुआती दिनों में लागत सबसे ज्यादा है। हथियारों पर खर्च थिंक टैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1.7 अरब डॉलर पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस इंटरसेप्टर सिस्टम पर खर्च किए गए हैं, जबकि 1.5 अरब डॉलर मिसाइलों और अन्य आक्रामक हथियारों पर किए गए हैं। इसके अलावा 125 मिलियन डॉलर लड़ाकू विमानों और हवाई अभियानों के परिचालन पर खर्च किए गए हैं। CSIS के मुताबिक कुल खर्च में से केवल लगभग 200 मिलियन डॉलर ही पहले से अमेरिकी रक्षा बजट में शामिल था, जबकि करीब 3.5 अरब डॉलर का खर्च अतिरिक्त है, जिसके लिए अलग से फंड की जरूरत पड़ सकती है। इसका मतलब है कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी United States Department of Defense (पेंटागन) को जल्द ही युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग करनी पड़ सकती है। 2000 से ज्यादा हथियारों का इस्तेमाल रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि युद्ध के पहले 100 घंटों में अमेरिका ने 2,000 से अधिक प्रकार के हथियार और मिसाइलें इस्तेमाल कीं हैं। इन हथियारों के स्टॉक को दोबारा भरने में ही लगभग 3.1 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो यह खर्च और तेजी से बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार यदि युद्ध जारी रहता है तो अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सरकार को कांग्रेस से अतिरिक्त बजट की मंजूरी लेनी पड़ सकती है लेकिन अमेरिका में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और युद्ध के कारण बढ़ती तेल कीमतों के चलते यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का कारण भी बन सकता है। मानवीय नुकसान भी भारी थिंक टैंक ने अपने आकलन में कहा है कि युद्ध का मानवीय नुकसान भी तेजी से बढ़ रहा है। ईरान में अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। साथ ही क्षेत्र के अन्य देशों में भी हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण कई लोगों की जान गई है। खर्च के अलावा, कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ की घटना में तीन F-15 लड़ाकू विमानों के नष्ट होने जैसी खबरें भी सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि यह सैन्य अभियान अभी कई हफ्तों तक जारी रह सकता है। ऐसे में इसका आर्थिक और राजनीतिक असर अमेरिका सहित पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।  

ईवी इंडस्ट्री को बढ़ावा, प्रदेश में मजबूत मैन्युफैक्चरिंग ईको सिस्टम बन रहा : सीएम डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत औद्योगिक आधार, उन्नत परीक्षण अधोसंरचना, ऊर्जा उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सशक्त ईको सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के माध्यम से ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को व्यापक प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। वैश्विक बदलाव के साथ बढ़ती ईवी की संभावनाएं वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में बढ़ रहा है और भारत भी इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यह क्षेत्र राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देता है। इलेक्ट्रिक वाहन आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, सॉफ्टवेयर, मेंटेनेंस और संबंधित सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं। मजबूत ऑटोमोबाइल क्लस्टर और परीक्षण अधोसंरचना मध्यप्रदेश इस परिवर्तन को अवसर के रूप में लेते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वयं को एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। राज्य में पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में से एक है, जहां 200 से अधिक ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट निर्माता संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही एशिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव परीक्षण ट्रैक नैट्रैक्स उद्योगों को अत्याधुनिक परीक्षण और अनुसंधान की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग के लिए मजबूत तकनीकी आधार उपलब्ध हुआ है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी से मैन्यूफेक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट के लिए संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करने पर केंद्रित है। इस नीति के माध्यम से बैटरी निर्माण, वाहन असेंबली से लेकर रीसाइक्लिंग तक के क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे उभरते सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। औद्योगिक प्रोत्साहन और निवेश में बढ़ेंगे अवसर इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी अनुदान, भूमि रियायत, निर्यात परिवहन सहायता तथा हरित और अनुसंधान निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल और उससे जुड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में अधिशेष राज्य है और यहां बिजली दरें देश में अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे ईवी विनिर्माण इकाइयों और चार्जिंग अधोसंरचना के संचालन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक परिस्थितियां उपलब्ध होती हैं। भारत में ईवी की बढ़ती मांग भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो पहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत, तीन पहिया में 23.4 प्रतिशत, यात्री कारों में 2 प्रतिशत और बसों में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस प्रकार कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। औद्योगिक अधोसंरचना, आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निवेश अनुकूल नीतियां और ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारकों के कारण मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात

रायपुर, भानपुरी में आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम हेल्थ एटीएम का शुभारंभ बस्तर के विकास और जन-सुविधाओं की दिशा में शुक्रवार को नई शुरुआत हुई, जहाँ आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से बस्तर जिले में हेल्थ एटीएम सेवा का ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया है।  वन मंत्री  केदार कश्यप ने भानपुरी स्थित सिविल अस्पताल में इस हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  उन्होंने क्षेत्रवासियों को 36.50 लाख रूपए के निर्माण कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम राजपुर और खड़का में विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि यह हेल्थ एटीएम बस्तर के दूरस्थ अंचलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी जांचों के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से नागरिक ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी और ऑक्सीजन लेवल सहित 100 से अधिक प्रकार की स्वास्थ्य जांचें तत्काल करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे क्रांतिकारी पहलू यह है कि यह मशीन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। इसके साथ ही, टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर परामर्श ले सकेंगे और उनकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस डिजिटल क्रांति के साथ-साथ नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास का शंखनाद भी गूँजा। कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए वनमंत्री  कश्यप ने सालेमेटा और राजपुर सरगीगुड़ा में नई सीसी सड़कों की आधारशिला रखी गई, जो ग्रामीणों को कीचड़ और दुर्गम रास्तों से स्थायी निजात दिलाएंगी। इसके अलावा तिरथा, सुधापाल और खड़का में नई पुलियों के निर्माण से मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से बना रहेगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए घोटिया दुलारदई गुड़ी में एक नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इन सभी विकास कार्यों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के एकीकृत प्रयासों ने बस्तर में हर्ष और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, पूर्व सांसद  दिनेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी ग्रामीण उपस्थित थे।

ईरान-इजरायल टकराव के चलते CBSE का निर्णय, पश्चिम एशिया के कई देशों में 10वीं परीक्षा रद्द

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पश्चिम एशिया के कई देशों में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। यह फैसला क्षेत्र में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है। मस्कट में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। मस्कट में भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीबीएसई का सर्कुलर शेयर किया, जिसमें छात्रों और अभिभावकों को खाड़ी देशों में परीक्षा कार्यक्रम में हुए बदलाव की जानकारी दी गई। सर्कुलर के अनुसार, यह फैसला बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में सीबीएसई से जुड़े स्कूलों पर असर डालेगा। कक्षा 10 की परीक्षाएं 7 मार्च से 11 मार्च के बीच होनी थीं। 2 मार्च, 5 मार्च और 6 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को पहले ही रद्द किया जा चुका है। सीबीएसई ने कहा कि पश्चिमी एशिया में कक्षा 10 के छात्रों के परिणाम कैसे घोषित किए जाएंगे, इसकी जानकारी बाद में अलग से दी जाएगी। इसी बीच, शनिवार को होने वाली कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा भी टाल दी गई है। टाली गई परीक्षा की नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी। बोर्ड ने आगे कहा कि वह 7 मार्च को मौजूदा हालात की समीक्षा करेगा और 9 मार्च से होने वाली परीक्षाओं के बारे में आगे के निर्देश जारी करेगा। सीबीएसई ने कक्षा 12 के सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने-अपने स्कूलों के साथ लगातार संपर्क में रहें और आगे के अपडेट के लिए आधिकारिक घोषणाओं को ध्यान से फॉलो करें। छात्रों से यह भी कहा गया है कि वे अपने स्कूलों के साथ लगातार संपर्क में रहें, सिर्फ आधिकारिक सीबीएसई नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें। कोई भी परीक्षाओं के बारे में जानकारी के लिए अनौपचारिक स्रोतों या अफवाहों पर निर्भर न रहें। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए, जिसमें शहर के सेंटर में मौजूद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी मारे गए। इसके बाद ईरान ने तेल अवीव और इजरायल में दूसरी जगहों के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी मिलिट्री बेस और डिप्लोमैटिक मिशन को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए। ईरानी हमलों ने पड़ोसी देशों में आम नागरिकों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचाया, जिसमें सऊदी अरब में एक ऑयल रिफाइनरी और दुबई में एक लग्जरी होटल शामिल हैं। इन हमलों से एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का डर बढ़ गया है, जिसमें और भी पश्चिमी एशियाई देश शामिल हो सकते हैं।

ओडिशा में CISF का 57वां स्थापना दिवस मनाया गया, मुख्य अतिथि बने गृह मंत्री अमित शाह

कटक गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कटक में आयोजित सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज 56 वर्ष पूरे करने के बाद सीआईएसएफ ने यह मुकाम हासिल किया है। 57 मात्र एक संख्या नहीं है बल्कि यह समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की एक यात्रा का प्रतीक है, जो औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक के दृढ़ प्रयास को दर्शाती है। देश के अर्थतंत्र की मजबूती की कल्पना और इस देश को दुनिया का सबसे बड़ा अर्थतंत्र बनाने की संपल्पना औद्योगिक विकास के बिना नहीं हो सकती। औद्योगिक विकास को सुरक्षित वातावरण देने के लिए जरूरी है, राष्ट्रीय स्तर पर एक इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की और मुझे खुशी है कि इन 56 सालों में सीआईएसएफ ने अपनी स्थापना के उद्देश्यों को सिद्ध किया है। साथ ही, हर प्रकार की चुनौतियों से सीखते हुए समय के साथ अपने को बदलने का प्रयास भी किया है। उन्होंने आधुनिकता को भी अपनाया है और परंपराओं को भी जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि सुरक्षा बलों का अपना सम्मेलन आयोजित किया जाता है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वालों को ऐसा अवसर मिलना चाहिए और देश के भीतर नागरिक क्षेत्रों में विभिन्न सुरक्षा भूमिकाओं में कार्यरत लोगों को भी ऐसा मंच मिलना चाहिए। मैं सीआईएसएफ की इस पहल को बधाई देना चाहता हूं। भारत के औद्योगिक विकास की संपल्पना सीआईएसएफ के बिना नहीं हो सकती। चाहे हवाई अड्डे हों, चाहे बंदरगाह हों या फिर बड़ी औद्योगिक इकाइयां हों, सीआईएसएफ हमेशा राष्ट्र की ढाल बनकर मजबूती से खड़ा है। गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक निर्णय किया है कि सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपकर हम इस मामले में भी निश्चिंत होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता के सामने दो महत्वपूर्ण संकल्प रखे हैं। 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनना, दुनिया में नंबर एक पर पहुंचना और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना। इस लक्ष्य को पाने के लिए सीआईएसएफ अहम भूमिका निभा रही है।

स्कूल में घोर लापरवाही: ताला बंद मिला विद्यालय, छात्रों को बाहर बैठना पड़ा

सूरजपुर  जिले के भैयाथान ब्लाक अंतर्गत सांवारांवा स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला में गुरुवार को लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। स्कूल समय में विद्यालय का ताला नहीं खुलने के कारण छात्र-छात्राएं बाहर ही बैठे रहे। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार पांच मार्च को सुबह 11 बजे तक सांवारांवा के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला बंद पाए गए। विद्यालय परिसर में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस दौरान पढ़ने आए छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर बैठे रहे। शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण बच्चों को मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मोबाइल के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी भैयाथान को दी। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में भी बच्चे स्कूल के बाहर बैठे नजर आ रहे हैं और विद्यालय में ताला लटका दिखाई दे रहा है। छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय समय में स्कूल बंद पाया जाना और शिक्षकों की अनुपस्थिति शासकीय दायित्व के प्रति गंभीर लापरवाही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनको मिला नोटिश जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें प्रधान पाठक संजय गुप्ता, संकुल समन्वयक रामजतन कुशवाहा, शिक्षिका इशा खलखो, प्रीति टोप्पो तथा शिक्षक अजित कुमार चन्द्रा और रमेश चेसकर शामिल हैं।

पीएम मोदी का बड़ा बयान: भारतीय कृषि को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की जरूरत

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को किसानों से भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों का लाभ उठाने और उच्च मूल्य वाली फसलों की पैदावार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर देश के कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ पर बजट के बाद आयोजित एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मानकों के सभी पहलुओं पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विशेषज्ञों, उद्योग और किसानों को एक साथ आना होगा। प्रधानमंत्री ने बजट के बाद अपनी तीसरी वेब गोष्ठी में कहा, ”आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और वैश्विक मांग बदल रही है हमारी कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने पर अधिक चर्चा करना आवश्यक है। हमारे पास विविध जलवायु है और हमें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। हम कृषि-जलवायु क्षेत्रों के मामले में समृद्ध हैं।” मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में काजू, कोको और चंदन सहित उच्च मूल्य वाली कृषि पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल और दलहन पर राष्ट्रीय मिशन और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन सभी कृषि क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, ”यदि हम उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ाते हैं, तभी हम अपने कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में बदल सकते हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही है और समग्र स्वास्थ्य सेवा तथा जैविक भोजन पर उनका विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा, ”हमें रसायन मुक्त और प्राकृतिक खेती पर अधिक जोर देना चाहिए। प्राकृतिक खेती दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचने का रास्ता बनाती है।” मोदी ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है, और सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा, ”लगभग 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं।”  

मुख्यमंत्री ने की व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप राशि देने की घोषणा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां को छू रहा है। देश में मध्यप्रदेश का विशेष महत्व है। विकास के इस कारवां को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में अग्रणी रहेगा। बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है। प्रधानमंत्री  मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगरवासियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब 3 प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। तीसरा नया 2 लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। लगभग 150 करोड़ रूपए का नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ : 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें मित्र की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी हमारे लिए भगवान  हनुमान की तरह हैं, जिन्हें केवल जनभागीदारी की शक्ति का भान कराना होता है। सरकार के कार्य अपने आप होते चले जाते हैं। अभिनंदन समारोह में बड़नगर विधायक  जितेंद्र पंड्या,  अंतर सिंह देवड़ा,  उमराव सिंह,  विजय चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

सियासी समीकरण बदलने के संकेत! राज्यसभा चुनाव के बाद MP के नेताओं को राष्ट्रीय टीम में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

भोपाल राज्यसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि 16 मार्च के बाद भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान हो सकता है, जिसमें मध्य प्रदेश के कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यभार संभालने के बाद से ही नई टीम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद होगा बड़ा फैसला सूत्रों के अनुसार बिहार, छत्तीसगढ़ समेत करीब दस राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद भाजपा संगठन में फेरबदल पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसके लिए केंद्रीय स्तर पर मंथन भी शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत बनाने के उद्देश्य से अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी टीम में जगह दी जा सकती है। राष्ट्रीय संगठन में पहले से मजबूत है मध्य प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में मध्य प्रदेश को पहले से ही खास महत्व मिलता रहा है। वर्तमान में प्रदेश से कई नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें सत्यनारायण जटिया संसदीय बोर्ड के सदस्य हैं, जबकि ओमप्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति मोर्चा में भी प्रदेश के नेताओं की भूमिका अहम मानी जाती है। यही वजह है कि नई टीम में भी मध्य प्रदेश की मजबूत भागीदारी की संभावना जताई जा रही है। नड्डा की टीम में भी था प्रदेश का प्रभाव पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की टीम में भी मध्य प्रदेश के चार नेताओं को जगह मिली थी। उस समय कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव के पद पर थे। बाद में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और जीत के बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया। इससे पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव—बावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर—रह चुके हैं।   चार से पांच नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी भाजपा सूत्रों का कहना है कि नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश से चार से पांच नेताओं को जगह मिल सकती है। इनमें एक-दो वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी अवसर मिलने की संभावना है। कुछ नेताओं को विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। दरअसल, मध्य प्रदेश को भाजपा के लिए लंबे समय से एक मजबूत संगठनात्मक आधार माना जाता है। संघ और जनसंघ की जड़ों से जुड़ा यह प्रदेश पार्टी के लिए प्रयोगशाला की तरह रहा है। मजबूत संगठन और अनुभवी कार्यकर्ताओं के कारण यहां के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार अवसर मिलता रहा है। ऐसे में नई टीम में मध्य प्रदेश की भूमिका फिर अहम रहने की संभावना है।

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