Residents of Gorakhnath Colony are yearning for basic facilities.
टेक्स लेकर सुविधा देना भूली नगरपालिका।
हरिप्रसाद गोहे
आमला। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-2 स्थित गोरखनाथ कॉलोनी में दशकों बीत जाने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। कर देते हैं, वोट भी डालते हैं, पर सुविधाओं के नाम पर रहवासी आज भी पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट के लिए जूझ रहे हैं। महिलाएं रोज खेतों और दूर-दराज से सिर पर मटके रखकर पानी लाने को मजबूर हैं।
- अवैध कॉलोनी” कहकर झाड़ देते है पल्ला
कॉलोनी के विस्तार या समस्या समाधान की बात होती है तो नगर पालिका का जवाब एक ही रहता है – “ये अवैध कॉलोनी है, यहां विकास कार्य कैसे करें?” सवाल ये भी है कि अगर कॉलोनी अवैध है तो अब तक कॉलोनाइजर पर क्या कार्रवाई हुई? विस्तार की कोई विवेचना बनी? ये सब बातें अब भी फाइलों में दबी हैं।
- महिलाएं बोलीं – अप-डाउन वाले अधिकारी जमीनी हकीकत नहीं जानते।
परेशान महिलाओं ने एकजुट होकर नपा प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनका आरोप है कि सीएमओ कार्यालय से अप-डाउन करने वाले अधिकारी कभी जमीन पर उतरकर हालात नहीं देखते। गली-मोहल्ले की कच्ची सड़कें पूरी तरह बदहाल हैं, कई जगह तो सड़क का नामोनिशान नहीं बचा। स्ट्रीट लाइट न होने से रात में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अंधेरे में निकलने को मजबूर हैं। गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने से बीमारी का खतरा लगातार बना हुआ है।

- पार्षद संजय राठौर की चेतावनी
स्थानीय पार्षद संजय राठौर ने कहा कि लोगों ने कर जमा किया, वोट दिया, पर बदले में उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो रहवासी नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर बड़ा जनआंदोलन करेंगे। दो दिन अपडाउन कर लेने के बाद अधिकारी जनता के साथ नहीं बैठते, यही नाराजगी का मुख्य कारण है।
कॉलोनी के लोग अब सिर्फ इंतजार कर रहे हैं – कब उन्हें वो सुविधाएं मिलेंगी जिनके वो हकदार हैं, या फिर कब तक उन्हें इसी बदहाली में जीना पड़ेगा।
वार्डवासियों की समस्या के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिज़वे से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने चर्चा के दौरान कहा अवैध कालोनी होने के कारण शासन से टी एस नहीं मिल पाती है। यदि शासन से टी एस प्राप्त होगी तो कालोनी में भी विकास कार्य कराए जाएंगे।








