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दूषित पानी त्रासदी में 36 मौतें: हाईकोर्ट में 16 मार्च को होगी सुनवाई, CBI जांच की मांग

इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में सीबीआइ जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर हुई है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में शुक्रवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची। कोर्ट ने विस्तार से बहस के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है। याचिका अभिभाषक पुनीत शर्मा की ओर से वकील अनिल ओझा ने लगाई। एफआइआर तक दर्ज नहीं कहा है, दूषित पानी से 36 लोगों की जान चली गई, पर किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई। अफसरों को बचने का पूरा मौका दिया गया। सिर्फ अफसरों को पद से हटा दिया। उन पर क्रिमिनल केस दर्ज कर जांच होनी चाहिए।   पूर्व निगमायुक्त, प्रदूषण बोर्ड समेत सरकार को बनाया पार्टी – जानबूझकर टेंडर होने के बाद फाइलें दबाई गईं। यह षड्यंत्र के तहत होता नजर आ रहा है। याचिका में तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव को नामजद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार समेत निगमायुक्त को भी पार्टी बनाया गया है। – दिल्ली के उपकार सिनेमा हॉल अग्निकांड का उदाहरण भी दिया गया। अग्निकांड में लोगों की जान जाने पर अफसरों पर एफआइआर दर्ज कर जांच की गई थी।

यातायात होगा आसान: 42.76 करोड़ से पांच सड़कों के चौड़ीकरण का काम शुरू

ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार क्षेत्र में पांच प्रमुख सड़क निर्माण होने से कई गांव सीधे शहर से जुड़ जाएंगे। वहीं रहवासियों को बदहाल मार्ग से छुटकारा मिलेगा। 42.76 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़कें बनेंगी। बजट पास हो गया है, अब सिर्फ डीपीआर बनाकर टेंडर निकाले जाने का इंतजार बना है। बागवई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बनने वाले बायपास से भितरवार के रहवासियों को लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। 25 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा इन प्रमुख सड़कों के निर्माण होने से 25 से ज्यादा गांवों का पहुंच मार्ग सुगम होगा। इन सभी सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा। उक्त सड़क निर्माण को लेकर विभाग ने सेटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है और एस्टीमेट बनाने में जुटा है। डबरा स्थित मकोड़ा टेकनपुर मार्ग बनने से कई गांवों के अलावा बिलौआ के कई गांवों के पहुंच मार्ग तक पहुंचना आसान हो जाएगा। एसडीओ लोक निर्माण विभाग रवि श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ जगह नवीन तो कुछ जगह पुरानी सड़क को उखाड़ कर नई सड़क बनाई जाएगी। बागवई बाईपास 15 मीटर चौड़ा बनेगा। सेटेलाइट नक्शा तैयार किया गया है, डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा।   ये सड़कें बनेंगी मकौड़ा टेकनपुर मार्ग काफी समय से बदहाल बना हुआ है। लोगों का इस मार्ग से निकलना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार 8.1 किमी तक सड़क निर्माण का बजट पास हो गया है। सड़क 4 मीटर चौड़ी बनेगी, 10.53 करोड़ रुपए का बजट पास इसके लिए पास हुआ है। ये मार्ग बनने से मकौड़ा, कल्याणी, टीसीपी, हाइवे स्थित बौना, ऊधलपाड़ा, बझेरा, करीब ८ गांव के रहवासी लाभांवित होंगे। करहिया से लेकर मकरध्वज मंदिर तक जाने वाला 3 किमी की खराब सड़क को फिर से बनाया जाएगा। 3.90 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। इस सड़क के बनने से नैनागिरी आदिवासी बस्ती, दुबई और मेहगांव को फायदा होगा। नरवर करैरा जाने के लिए अभी भितरवार से बाजार से अंदर होते हुए जाना पड़ता है। लेकिन बागवाई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बायपास के निर्माण होने से फिर भितरवार के अंदर उन वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। जिससे भितरवार के मुख्य मार्ग पर जाम नहीं लगेगा और जाम से निजात मिलेगी। 20 करोड़ रुपए की राशि का बजट पास है। 6 किलोमीटर तक डामरी सड़क बनेगी। 15 मीटर चौड़ा यह बाइपास निर्माण होगा।  घाटीगांव क्षेत्र की पार से जखा वाया इमलिया मार्ग तक 2.1 किलोमीटर की नवीन सड़क बनेगी। जिसके लिए 2.73 करोड़ रुपए का बजट पास किया है।  सिमरिया तिराहे से लेकर रेलवे फाटक तक मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य शुरू है। दो किलोमीटर दूरी तक डामरी सड़क का निर्माण कार्य होगा, गिट्टी बिछाई जा चुकी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से यह निर्माण कार्य होगा। 4 मीटर चौड़ी सड़क बन रही है। वहीं सड़क के दोनों तरफ करीब 300 पेड़ लगाए जाने की भी योजना है।

गोखरू के औषधीय गुण: सिरदर्द, यूरिन इन्फेक्शन और शुगर में भी फायदेमंद

Medicinal properties of Gokhru: Beneficial in headache, urine infection and diabetes. हेल्थ डेस्क ! आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां ऐसी हैं, जिनका सदियों से इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है, ऐसी ही एक प्रभावी जड़ी-बूटी है गोखरू। आयुर्वेद में गोखरू का फल, पत्ता और तना औषधि के रूप में प्रयोग किये जाता है। यह वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करती है और शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में असरदार मानी जाती है। गोखरू के प्रमुख औषधीय लाभ — किडनी स्टोन से राहत :-गोखरू में मूत्रवर्धक गुण पाए जाते हैं। यह पेशाब बढ़ाने में मदद करता है और नियमित सेवन से किडनी की पथरी को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद में सदियों से इसे किडनी स्टोन के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है। 5 ग्राम गोखरू चूर्ण को 1 चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। सिरदर्द में राहत :-कुछ लोगों में पित्त की अधिकता के कारण बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है। गोखरू का सेवन पित्त को संतुलित करने में मदद करता है और इससे लगातार होने वाले सिरदर्द में राहत मिल सकती है। डायबिटीज में फायदेमंद :-डायबिटीज के मरीजों के लिए गोखरू का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद सैपोनिन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है और शुगर को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है। स्पर्म काउंट बढ़ाए :-आजकल खराब खानपान और जीवनशैली की वजह से पुरुषों में लो स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी की समस्या आम हो गई है। गोखरू का नियमित सेवन स्पर्म उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता और गतिशीलता सुधारने में भी मदद करता है। गोखरू के 20 ग्राम फलों को 250 ml दूध में उबालकर सुबह-शाम पिलाने से स्पर्म संबंधी समस्याओं में फायदा मिलता है। यूरिन इन्फेक्शन से राहत :-गोखरू में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये गुण यूरिन इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मूत्रवर्धक गुण होने के कारण बैक्टीरिया पेशाब के जरिए बाहर निकल जाते हैं, जिससे संक्रमण कम होता है। 20-30 ml गोखरू काढ़े में एक चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार पिलाने से यूरिन इन्फेक्शन से राहत मिलती है। उपयोग करने का तरीका — 1) चूर्ण के रूप में :-रोजाना 3–6 ग्राम गोखरू चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ ले सकते है। 2) काढ़ा के रूप में :-गोखरू को काढ़े के रूप में 20–40 ml सेवन कर सकते हैं। सावधानियां —अगर आप गर्भवती हैं या किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें। गोखरू आयुर्वेद की एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो किडनी, यूरिन, ब्लड शुगर और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में असरदार मानी जाती है। इसे सही मात्रा और नियमितता से लेने पर शरीर के कई महत्वपूर्ण दोष संतुलित रहते हैं और सेहत बेहतर होती है।

संपत्ति कर का दायरा बढ़ा: 9 साल बाद 10 हजार नई प्रॉपर्टी जुड़ेंगी, निगम को होगा फायदा

खंडवा नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। सर्वे में मिलीं 10 हजार नई संपत्तियां नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। जिसे एमआईसी फाइनल टच देगी। टैक्स शुरु होने से निगम की आय हर साल एक से डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। निगम की डिमांड 11.50 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो जाएगी। वर्ष 2017 के बाद 2026 में नई संपत्तियां नगर निगम ने वर्ष 2017 के बाद नई संपत्तियों पर वर्ष 2026 में टैक्स लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे का कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरु हुआ था। इस दौरान 10 हजार 887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं हैं। निगम ने इन संपत्तियों का डिटेल सर्वे तैयार किया है। अभी 46,346 संपत्तियों टैक्स के दायरे में हैं। इन संपत्तियों से करीब 11.50 करोड़ रुपए टैक्स की डिमांड है। अब नई संपत्तियों को मिलाकर एक से डेड़ करोड़ रुपए नया टैक्स जनरेट होगा।

मोटरों के अत्यधिक दोहन से भालीवाड़ा जलाशय का जलस्तर घटा, बढ़ी चिंता

सिवनी/भालीवाड़ा कुरई के ग्राम भालीवाड़ा स्थित जलाशय में जल संकट गहराता जा रहा है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है। इसके बावजूद भी विद्युत मोटर पम्प लगातार लगातार जलाशय से पानी निकाला जा रहा है। मछुआ मांझी समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलाशय में अब केवल 1 से 2 दिन का पानी ही शेष बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। जलाशय में पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बड़ी बात यह है कि समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं बादलपार पुलिस चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत विभाग ने बनाया पंचनामा विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण तथा ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। जलाशय में 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। बताया जाता है कि बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन एवं सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। खुले तार दे रहे हादसे को न्योता जलाशय में लगे कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। कलेक्टर से कर चुके हैं लिखित शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसानों को नहर के माध्यम से सिंचाई करने से कभी नहीं रोका गया, लेकिन नहर से नीचे का पानी जलाशय में आ जाने के बाद भी लगभग 50 मोटर पम्पों का संचालन समझ से परे है। उनका कहना है कि जलाशय में अभी भी प्रर्याप्त पानी है जिससे मछलियां जीवित रह सकती हैं, बशर्ते पानी की निकासी तत्काल रोकी जाए।

पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में ट्रक पलटा, संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की तत्परता से चालक-परिचालक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया

While trying to save a pickup truck, the truck overturned. The Divisional Transport Flying Squad promptly transported the driver and conductor to the hospital. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग नागपुर-जबलपुर रोड पर बरगी बायपास के पास एक वाहन क्रमांक MH40 BL 6986 पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।उड़नदस्ता टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे चालक एवं परिचालक को सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल रवाना किया।घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे टीम की त्वरित कार्रवाई से व्यवस्थित करते हुए मार्ग पर यातायात को पुनः सुचारू रूप से चालू कराया गया।संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की इस त्वरित कार्रवाई से समय रहते घायलों को सहायता मिली और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था भी शीघ्र बहाल हो सकी। इस दौरान प्रभारी राजेंद्र साहू, परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, परिवहन आरक्षक पीयूष मरावी, आशुतोष मोघे, सारंगधर महाले, अशोक खापर्डे, उमाशंकर उपाध्याय सहित समस्त स्टाफ मौके पर मौजूद रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का करीला धाम मेले में आगमन, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर के करीला धाम मेले में होंगे शामिल विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील के ग्राम करीला में रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर माता जानकी के दर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। करीला धाम श्रृद्धालुओं की आस्था का केन्द्र अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील की ग्राम पंचायत जसैया के ग्राम करीला में प्रतिवर्ष रंगपंचमी पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 7 मार्च से 9 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। माँ जानकी करील के ऐसे घने जंगल में ऋषि बाल्मीकी के आश्रम में लवकुश के साथ रहीं, इसलिए इसे करीला कहा गया। मेले में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गये हैं। माँ जानकी के दर्शन कर लाखों श्रद्धालुओं लेते हैं आर्शीवाद रंगपंचमी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का करीला धाम आना प्रारंभ हो जाता है। रंगपंचमी के दिन व रात में लाखों श्रद्धालु माँ जानकी के मंदिर में शीश नवाते हैं तथा दर्शन लाभ लेकर आर्शीर्वाद प्राप्त करते हैं। मन्नतें पूरी होने पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर राई नृत्य करवाते हैं। करीला के मुख्य मंदिर में माँ जानकी के साथ महर्षि वाल्मिीकि व लव-कुश की प्राचीन प्रतिमाएँ स्थापित हैं। रंगपंचमी पर विशेष रूप से वाल्मीकि गुफा के कपाट खोले जाते हैं। माँ जानकी दरबार की भभूति से फसलों के होते है रोग दूर माँ जानकी माता के दरबार पर जो श्रद्धालु आते हैं, वे दर्शन लाभ लेकर माँ जानकी दरबार की भभूति अपने साथ ले जाते हैं। इस भभूति को फसल के समय खेतों में फसलों पर छिड़का जाता है। यदि फसल में इल्ली लग जाती है तो भक्तजन माँ के दरबार की भभूति खेतों में डालते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस भभूति से फसलों में लगे रोग एवं इल्ली दूर हो जाती है। राई नृत्य की रहती है धूम, नृत्यांगनाओं द्वारा किया जाता राई एवं बधाई नृत्य करीला धाम में मान्यता है कि जिसके सन्तान न हो वह यहां आकर मन्नतें मांगे तो उसकी मुराद माँ जानकी पूरी करती हैं। श्रृद्धालु माँ जानकी के दरबार में श्रृद्धा की प्रसादी अर्पित कर मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु यहां आकर अपनी श्रृद्धानुसार राई नृत्य करवाते हैं। क्षेत्र में यह लोकोक्ति प्रचलित है कि लव व कुश के जन्म के बाद माँ जानकी के अनुरोध पर महर्षि वाल्मिीकि ने उनका जन्मोत्सव बडी धूम-धाम से मनाया था, जिसमें स्वर्ग से उतरकर अप्सराएँ आई थी तथा उन्होंने यहां नृत्य किया था। वही जन्मोत्सव आज भी रंगपंचमी के अवसर पर यहां मनाया जाता है। उसी उत्सव में हर वर्ष सैकडों नृत्यांगनाएँ यहां राई नृत्य प्रस्तुत करती हैं। नृत्यांगनाएँ ओढ़नी से घूंघट डाले नगाड़ों की गूंज एवं मृदंग की थाप पर लम्बे घेर वाले लहंगे एवं पैरों में घुंघरू की खनखनाती आवाज पर मनमोहक अदाओं के साथ रातभर नृत्य करती हैं। ऐसा लगता है मानो अप्सराएँ जमीन पर उतरकर जन्मोत्सव की खुशी मना रही हों। भोर होने पर नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत बधाई नृत्य के साथ मेले का समापन होता है।  

इतिहास बदलने की चुनौती: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महा मुकाबला आज

अहमदाबाद India vs. New Zealand: क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा मंच सज चुका है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 8 मार्च को मेजबान भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाने के बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। वहीं, दूसरी ओर मिचेल सैंटनर की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। यह मुकाबला न केवल दो देशों के बीच की जंग है, बल्कि भारत के लिए अपने खिताब की रक्षा करने और न्यूजीलैंड के लिए इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है। अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम (India vs. New Zealand Final) इस ऐतिहासिक मैच का गवाह बनेगा। 1 लाख 32 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस मैदान पर ‘मेन इन ब्लू’ को घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। स्टेडियम की आधुनिक लाइट व्यवस्था और पिच की स्थिति मैच के परिणाम में बड़ी भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को समान अवसर प्रदान करती है, जिससे प्रशंसकों को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी की कमान संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में है, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाया है। गेंदबाजी में जसप्रीत बमराह की सटीक यॉर्कर और वरुण चक्रवर्ती की फिरकी विरोधियों के लिए पहेली बनी हुई है। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अपने अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण और फिन एलेन जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों के दम पर भारत को चुनौती देने के लिए तैयार है। कीवी टीम का रिकॉर्ड आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में भारत के खिलाफ काफी बेहतर रहा है, जो भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है। मैच का समय, लाइव प्रसारण (Match Schedule) नीचे दिए गए विवरण के अनुसार आप इस महामुकाबले का आनंद ले सकते हैं: विवरण (DETAILS)    जानकारी (INFORMATION) मैच (Fixture)    भारत बनाम न्यूजीलैंड (Final) तारीख (Date)    8 मार्च, 2026 (रविवार) समय (Time)    शाम 7:00 बजे IST (टॉस 6:30 बजे) स्थान (Venue)    नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद टीवी टेलीकास्ट (TV)    स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports Network) लाइव स्ट्रीमिंग (Digital)    जियो-हॉटस्टार (JioHotstar App & Web) भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। यदि भारत यह मैच जीतता है, तो वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में तीन बार खिताब जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। मैच से पहले एक भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और बॉलीवुड कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। क्रिकेट की इस महाजंग में कौन बाजी मारेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन रोमांच की कोई कमी नहीं रहने वाली है। संभाबित टीमें भारत (IND) : संजू सैमसन (WK) , सूर्यकुमार यादव (C) , अभिषेक शर्मा  , ईशान किशन, तिलक वर्मा , हार्दिक पांड्या , शिवम दुबे , अक्षर पटेल , अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती , जसप्रीत बुमराह, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव   न्यूजीलैंड (NZ) : टिम सिफर्ट (WK), मिचेल सैंटनर (C), फिन एलेन,  रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, कोल मैककॉन्ची, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, डेवोन कॉनवे, काइल जैमीसन,  ईश सोढ़ी, जैकब डफी

नो मेकअप लुक: बिना मेकअप भी खूबसूरत दिखने के तरीके

संवरने-संवारने की कला स्त्री को जन्मजात मिली है। यह आर्ट उसे सुंदर दिखने को भी प्रेरित करती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में रोज अच्छी तरह मेकअप करना तो संभव नहीं, मगर डाइट और लाइफस्टाइल को सही रखकर खुद को आकर्षक बनाया जा सकता है मेकअप एक कला है। कई बार इससे चेहरे पर कमाल हो सकता है। रोज आईने के सामने काफी वक्त बिताती हैं स्त्रियां ताकि वे सुंदर दिख सकें। कई स्त्रियां मानती हैं कि बिना मेकअप के वे सुंदर नहीं दिख सकतीं। हालांकि सादगी का अपना महत्व है और बिना बहुत वक्त या पैसा खर्च किए भी सुंदर बने रहा जा सकता है। एक प्याली गर्म पानी सुबह की शुरुआत के लिए इससे अच्छी कोई आदत नहीं है। सुबह उठने के बाद चाय के बजाय गर्म पानी पिएं। इसमें नींबू की कुछ बूंदें डालें। ओवरवेट होने या डाइबिटीज जैसी समस्या न हो तो थोड़ा शहद भी मिला सकती हैं। इससे ताजगी का अहसास होगा। एसपीएफ युक्त क्रीम उम्र बढन के साथ-साथ धूप, धूल और समय का प्रभाव चेहरे पर पडने लगता है। इसलिए सनक्रीम हमेशा साथ रखें। तेज धूप हो या नहीं, इसका इस्तेमाल करें। इसके प्रयोग से आप बहुत सी समस्याओं से बची रह सकती हैं। आदतें सुधारें चेहरे को सिकोड़ते हुए बात करने, माथे पर बल डालने, आखें मिचमिचाने, हथेलियों को गालों पर टिकाने, पिंपल्स नोचने, आंखें मलने जैसी आदतें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। चेहरे की त्वचा संवेदनशील होती है, इसलिए इस पर दाग-धब्बे बहुत पड़ते हैं। ये आदतें झुर्रियों को न्यौता भी दे सकती हैं। अति से बचें नियमित फेशियल से चेहरे की मांसपेशियों में कसाव आता है, रक्त संचार ठीक होता है और चेहरा साफ व सुंदर दिखता है, मगर ब्लीच का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। ज्यादा मसाज व ब्लीच से संवेदनशील त्वचा को नुकसान हो सकता है। स्क्रबिंग-क्लेंजिंग रोज सोने से पहले क्लेंजिंग मिल्क से चेहरा साफ करें। हफ्ते में एक बार स्क्रबिंग करें। इससे डेड स्किन हटेगी। क्लेंजर से त्वचा बैक्टीरिया रहित होगी, अतिरिक्त तेल व डेड स्किन सेल्स निकलेंगी। ड्राई स्किन के लिए मॉइश्चराइजर वाला क्लेंजर अच्छा है। पानी खूब पिएं रोज सात-आठ गिलास पानी पीना चाहिए। शरीर से हानिकारक तत्व निकालने का यह सर्वोत्तम उपाय है। यह सौंदर्य को बढ़ाता है और त्वचा को समस्या रहित रखता है। मॉइश्चराइजर मुलायम त्वचा के लिए मॉइश्चराइजर जरूरी है। प्रदूषण, मौसम, धूप और धूल से त्वचा को क्षति पहुंचती है। स्किन को सही पोषण और नमी मिले तो रिंकल्स कम पडेंगे और वह ड्राई होने से बची रहेगी। चेहरे और गर्दन के अलावा हाथों और पैरों पर भी मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें। टोनर टोनर से न सिर्फ त्वचा में कसाव आता है, बल्किइससे रोमछिद्र भी भरते हैं और चेहरे से अतिरिक्त तेल बाहर निकल जाता है। शैंपू सप्ताह में कम से कम तीन दिन बालों को किसी अच्छे शैंपू से धोएं और कंडीशनर का इस्तेमाल करें। चिपचिपे-गंदे बाल चेहरे का लुक बिगाड़ देते हैं। दिन में दो-तीन बार और सोने से पहले बालों में कंघी करना न भूलें। -बालों की समय-समय पर ट्रिमिंग कराएं, ताकि वे दोमुंहे न हों और खराब न दिखें। -नाखून चबाने की आदत से बचें। उन्हें सही ढंग से तराशें और अच्छा शालीन नेल पेंट लगाएं। -अत्यधिक कॉफी या चाय पीने से बचें। -कम से कम सात घंटे की अच्छी नींद लें। -दांतों की सुबह-शाम सफाई करें। कई बार ब्रश करने से दांतों का इनैमल कम होता है और वे पीले दिखने लगते हैं। दिनभर में दो बार ब्रश करना काफी है। -उठने-बैठने और चलने-फिरने में अपने बॉडी पोस्चर का ध्यान रखें। -तले-भुने खाद्य पदार्थों, मैदे से बनी चीजों का इस्तेमाल कम करें। तरल पदार्र्थों का सेवन अधिक करें। -सही फिटिंग के कपड़े पहनें और ऐसे फैशन ट्रेंड्स का अनुकरण करने से बचें जो आपके व्यक्तित्व पर न फबें। जिस ड्रेस में कंफर्टेबल महसूस करती हों, वही पहनें।  

अब ATM से कैश निकालना और आसान: सिर्फ UPI से मिलेगा पैसा, कार्ड की जरूरत खत्म

नई दिल्ली आपको पता है कि आप ATM से UPI के जरिए भी पैसे निकाले जा सकते हैं। इसका मतलब है कि ATM से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड का पास होना जरूरी नहीं है। दरअसल अब ज्यादातर बैंकों ने अपने ATM में QR Code Scan या UPI Money का ऑप्शन देना शुरू कर दिया है। UPI के जरिए ATM से पैसा निकालना न सिर्फ आसान है बल्कि यह कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग जैसे बड़े साइबर खतरों से भी सुरक्षित रखता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका पता होना चाहिए। UPI से कैश निकालने के फायदे UPI से कैश निकालने के कई फायदे हैं। अगर आपके पास कार्ड न हो या आप उसे घर भूल गए हों, तो भी आप जरूरत पड़ने पर आसानी से ATM से कैश निकाल सकते हैं। यह प्रोसेस न सिर्फ तेज है बल्कि आसान भी है, क्योंकि आपको बार-बार कार्ड डालने या पिन छुपाकर टाइप करने का झंझट नहीं रहता। बस एक QR कोड स्कैन करते ही आपका काम हो जाता है। इसकी वजह से आपको फिजिकल डेबिट कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं रहती। इससे कार्ड के खोने या चोरी होने का डर भी खत्म हो जाता है। यह नई तकनीक आपको ‘कार्ड क्लोनिंग’ और ‘स्किमिंग’ जैसे खतरनाक साइबर फ्रॉड से भी बचाती है। कैसे निकालें UPI से कैश     इसके लिए सबसे पहले एटीएम मशीन के पास जाएं और वहां स्क्रीन पर दिख रहे ‘UPI Cash Withdrawal’ के ऑप्शन को चुनें।     अब ATM मशीन पर वह राशि टाइप करें जिसे आप निकालना चाहते हैं।     इसके बाद ATM मशीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, उसे UPI ऐप के जरिए स्कैन करें। याद रहे कि इस QR कोड का इस्तेमाल एक ही बार किया जा सकता है।     अपब अपने फोन पर UPI PIN डालें।     PIN डालते ही आपको ATM मशीन से पैसे मिल जाएंगे। ध्यान रखने वाली बातें ATM से UPI के जरिए कैश निकालते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:     ATM में UPI फीचर उपलब्ध हो। इसे आप मशीन में कैश निकालने के लिए दिए गए ऑप्शन से समझ सकते हैं।     इसके अलावा, आपके पास अपना फोन और फोन में कोई चालू UPI ऐप होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐप अपडेटेड भी हो।     आपके फोन का इंटरनेट काम कर रहा हो।     आपको अपना UPI PIN याद हो।     इस फीचर का इस्तेमाल कर आप 5000 से 10000 रुपये तक ही निकाल सकते हैं।

जॉब चाहिए? इंटरव्यू और सिलेक्शन के लिए अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स

आजकल हर कोई अच्छी नौकरी पाने के लिए कितने यत्न करता है। कई बार अच्छी योग्यता और डिग्री होने के बाद भी या इंटरव्यू में सफलता न मिल पाने के कारण आपको जॉब नहीं मिल पाती। इसके लिए आपको सेल्फ एनालिसिस करना चाहिए और कमियों को ढूढ़ने का प्रयास करना चाहिए। कुछ खास बातें जो आपको नौकरी दिलाने में मददगार हो सकती हैं। -अपनी खूबियों को पहचानें जॉब हासिल करने से पहले आपको अपनी खूबियों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए और साथ ही कंपनियों के बारे में पूरी जानकारी रखें ताकि आप उनके सामने अपनी कुछ खास योग्यताएं बता पाए। -पूरा भरोसा रखें इंटरव्यू देने से पहले अपने आप को पूरी तरह से तैयार करें और इंटरव्यू देते समय अपने आप पर पूरा भरोसा रखें और उनके सवालों का जवाब देते समय घबराने की बजाय उनको हर सवाल का जवाब पूरे कॉन्फिडेंस से दें। -रिज्यूम होना चाहिए आकर्षित आपका रिज्यूम ऐसा होना चाहिए कि इंटरव्यू लेने वाला आपसे इम्प्रेस हो जाए और रिज्यूम में कभी भी कुछ गलत न बताकर हर बात को सही ढंग से मेंशन करना चाहिए। -कम्युनिकेशन बढाएं ज्यादा कम्युनिकेशन बढाने से आपको कई फायदे हो सकते है और जॉब पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी चाहिए। ई-मेल या फोन करने की बजाय लोगों से सीधे मिलें। इससे आपका प्रभाव लोगो पर अच्छा पडेगा।  

अगर अंतरिक्ष में कोई प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या होगा? वैज्ञानिकों का जवाब

जैसे-जैसे इंसान मंगल और चंद्रमा पर बस्तियां बसाने की योजना बना रहा है, एक बड़ा सवाल वैज्ञानिकों के सामने खड़ा है- ‘क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित है?’ अब तक की रिसर्च इशारा करती है कि तकनीकी रूप से यह संभव तो है, लेकिन बिना पृथ्वी के सुरक्षा कवच (गुरुत्वाकर्षण और वायुमंडल) के, एक नए जीवन का विकास किसी बड़े खतरे से कम नहीं होगा। हड्डियों और मांसपेशियों पर संकट पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण हमारे शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने में प्राथमिक भूमिका निभाता है। अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में भ्रूण (Fetus) के विकास के दौरान उसकी हड्डियों के घनत्व (Density) में भारी कमी आ सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीरो ग्रेविटी के कारण बच्चे का ऊपरी शरीर तो विकसित हो सकता है, लेकिन निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियां बेहद कमजोर रह सकती हैं।   ब्रेन और विजन पर असर अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर के तरल पदार्थ (Body Fluids) सिर की ओर शिफ्ट हो जाते हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह असामान्य दबाव बच्चे के मस्तिष्क विकास (Brain Development) और आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है। 

थाइरॉएड कंट्रोल करना है तो शुगर और सोया से बचें

थाइरॉएड, गर्दन के सामने वाले हिस्से में तितली के आकार की ग्रंथि है। इससे निकलने वाले हार्मोंस शरीर की भोजन को ऊर्जा में बदलने की क्षमता को काबू में रखते हैं। इस ग्रंथि में गड़बड़ी आने पर हाइपो या हाइपर थाइरॉएडिज्म होता है और वजन तेजी से कम या बढ़ने लगता है। हृदय, बाल, नाखून व नींद पर भी इसका असर होता है। दवाओं के अलावा थाइरॉएड पीड़ितों के लिए खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है। आयोडीन शरीर में थाइरॉएड हार्मोन बनने के लिए आयोडीन की जरूरत होती है। चूंकि शरीर स्वयं आयोडीन नहीं बनाता, इसलिए उसे डाइट में लेना जरूरी हो जाता है। आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि समुद्री नमक या डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले नमक में आयोडीन नहीं होता। नमक या उत्पाद खरीदते समय इसका ध्यान रखें। समुद्री भोजन मछली, झींगा आदि तमाम तरह के समुद्री भोजन में आयोडीन प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। यदि हाइपर थाइरॉएडिज्म की शिकायत है, तो समुद्री भोजन अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। अगर थाइरॉएड ग्रंथि अधिक मात्रा में हार्मोन बनाती है तो अतिरिक्त आयोडीन स्थिति को और गंभीर बना देता है। उदाहरण के लिए समुद्री घास में आयोडीन बहुत अधिक मात्रा में होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे और बीज मैग्नीशियम की कमी से हाइपो थाइरॉएडिज्म होता है, जिससे थकावट व मांसपेशियों में खिंचाव रहने लगता है। इसके लिए पालक, लेट्यूस, हरी पत्तेदार सब्जियां, काजू, बादाम और सीताफल के बीज खाएं। ब्राजील मेवों में मैग्नीशियम के साथ सेलेनियम भी होता है। सोयाबीन विशेषज्ञों के अनुसार सोयाबीन लेना हाइपोथाइरॉएडिज्म की आशंका बढ़ाता है। यदि पर्याप्त आयोडीन नहीं ले रहे हैं तो सोया उत्पाद जैसे दूध व टोफू आदि में पाए जाने वाले रसायन थाइरॉएड की हार्मोन बनाने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। चीनी हाइपोथाइरॉएडिज्म में वजन तेजी से बढ़ता है। इसके लिए शुगर की मात्रा को कम रखना चाहिए। खासतौर पर ऐसे उत्पाद जिनमें कैलोरी अधिक व पोषक तत्व कम होते हैं, खाने से बचना चाहिए। दवाएं कुछ दवाएं थाइरॉएड दवाओं के असर को कम करती हैं। खासतौर पर अगर वे लगभग एक ही समय ली जा रही हों। मल्टी विटामिंस, आयरन कैल्शियम सप्लीमेंट्स, एंटासिड, अल्सर या कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाली दवाएं इनमें प्रमुख हैं। यदि आप ऐसी ही दवाएं ले रहे हैं तो थाइरॉएड व अन्य दवाओं में कुछ घंटे का अंतर अवश्य रखें। गोभी व ब्रोकली गाइट्रोजेंस, तत्व का असर थाइरॉएड ग्रंथि के आकार बढ़ने के रूप में दिखायी देता है जैसे गॉइटर। शरीर में आयोडीन की कमी से यह समस्या होती है। ऐसी स्थिति में गोभी, ब्रोकली, बंद गोभी खाना आयोडीन ग्रहण करने की क्षमता को कम करता है। जरूरी है तो इन्हें पकाकर ही खाएं। ग्लुटेन ग्लुटेन, गेहूं व जौ में पाया जाने वाला प्रोटीन है। ग्लूटेन की एलर्जी वालों को छोड़ दें तो ग्लूटन थाइरॉएड पर असर नहीं डालता। हां, अगर गेहूं आदि से एलर्जी है तो ग्लूटेन छोटी आंत को नुकसान पहुंचा कर थाइरॉएड ग्रंथि की प्रक्रिया को तेज या धीमा कर सकता है।  

एंटी-एजिंग की क्रांतिकारी खोज: क्या 150 साल जीना अब संभव है

जुटे वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। चीन के शेनझेन स्थित एक स्टार्टअप ने एक ऐसी प्रयोगात्मक दवा विकसित करने का दावा किया है, जो इंसानी शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर उसे 150 वर्ष तक जीवित रहने में मदद कर सकती है। यह शोध मुख्य रूप से शरीर के भीतर मौजूद उन ‘घातक’ कोशिकाओं को निशाना बनाता है, जो बुढ़ापे और बीमारियों की जड़ मानी जाती हैं। क्या है ‘जॉम्बी सेल्स’ का रहस्य? वैज्ञानिक भाषा में इन्हें सेनेसेंट सेल्स कहा जाता है, लेकिन अपनी प्रकृति के कारण ये ‘जॉम्बी सेल्स’ के नाम से मशहूर हैं। ये वे कोशिकाएं हैं जो बूढ़ी हो चुकी हैं और अब विभाजित नहीं होतीं। ये खत्म होने के बजाय शरीर में जमा रहती हैं और जहरीले रसायनों का स्राव करती हैं, जिससे सूजन बढ़ती है। यही कोशिकाएं हृदय रोग, गठिया और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देती हैं। अंगूर के बीज से निकलेगा ‘जवानी का अर्क’ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रयोगात्मक दवा में अंगूर के बीज से निकाले गए विशेष तत्वों का उपयोग किया गया है। यह दवा ‘सेनोलिटिक’ (Senolytic) श्रेणी की है, जिसका मुख्य कार्य शरीर को स्कैन करके इन ‘जॉम्बी कोशिकाओं’ को चुन-चुनकर नष्ट करना है। कैसे काम करेगी यह गोली? कंपनी का दावा है कि जब शरीर से खराब कोशिकाएं हट जाएंगी, तो:     ऊतकों (Tissues) को होने वाला नुकसान कम होगा।     शरीर की आंतरिक सूजन में भारी गिरावट आएगी।     अंगों की कार्यक्षमता फिर से युवा जैसी होने लगेगी। शुरुआती जानवरों के परीक्षण में इसके उत्साहजनक परिणाम मिले हैं, जहां जीवों की शारीरिक शक्ति में सुधार और उम्र के लक्षणों में कमी देखी गई है। विशेषज्ञों की चेतावनी: अभी राह लंबी है भले ही यह खबर सुनने में क्रांतिकारी लगे, लेकिन वैश्विक विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। लैब के नतीजों को इंसानों पर प्रभावी साबित करने के लिए कई चरणों के कड़े परीक्षणों की जरूरत है। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि ये दवाएं स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान न पहुंचाएं। किसी भी ऐसी दवा को आम जनता के लिए उपलब्ध होने में अभी कई वर्षों का समय लग सकता है।

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