LATEST NEWS

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया। तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

क्रिकेट का महाकुंभ फिर ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में, अगले टी20 विश्वकप की मेजबानी तय

मुंबई आईसीसी टी20 विश्वकप का 11 वां सत्र अब साल 2028 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में संयुक्त रुप से खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट 21 अक्टूबर से 19 नवंबर, 2028 के बीच होगा। इस प्रकार साल 2022 के बाद ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार इस वैश्विक इवेंट की मेजबानी का अवसर मिलेगा। वहीं न्यूजीलैंड में पहली बार इस  टूर्नामेंट का आयोजन होगा। टूर्नामेंट के आयोजन की जिम्मेदारी डेम थेरेसी वॉल्श के पास है। वाल्श के अनुसार ये मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी), सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी), एडिलेड ओवल और पर्थ का ऑप्टस स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं न्यूजीलैंड में ऑकलैंड के ईडन पार्क, वेलिंगटन के स्काई स्टेडियम और क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में होंगे। इसमें 20 टीमें भाग लेंगी इस टूर्नोमेंट में भी आईसीसी का साल 2024 का ही प्रारुप लागू रहेगा। इस टूर्नामेंट के लिए 12 टीमों को स्थान मिल गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को मेजबान होने के कारण पहले ही जगह मिल गयी है। वहीं इस साल की विजेता भारतीय टीम के अलावा, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और जिम्बाब्वे. को भी इसमें रैंकिंग के आधार पर जगह मिली है। इसके अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश और आयरलैंड को भी शामिल किय गया हैं। वहीं बचे 8 स्थानों के लिए रीजनल क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट इस साल के बीच में शुरू होंगे। अमेरिका और यूरोप में उप-रीजनल क्वालीफायर आयोजित किए जाएंगे, जिससे एसोसिएट देशों को भी 20 टीमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।  

सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: नक्सलियों का विस्फोटक भंडार पकड़ा, 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त

सुकमा नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जंगल में छिपाकर रखा गया विस्फोटक और अन्य सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सलियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खुफिया सूचना के आधार पर पता चला था कि सुकमा क्षेत्र के ग्राम गोमगुड़ा के पोडियमपारा इलाके में नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना मिलते ही 226 बटालियन सीआरपीएफ की सी कंपनी ने 14 मार्च 2026 की सुबह करीब 5:50 बजे विशेष एंबुश ऑपरेशन शुरू किया। घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन यह अभियान सहायक कमांडेंट जी. नबी के नेतृत्व में चलाया गया। वहीं कमांडेंट एच.पी. सिंह और द्वितीय कमान अधिकारी बीरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जवानों ने एफओबी गोमगुड़ा से लगभग एक किलोमीटर पश्चिम स्थित पोडियमपारा क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घने जंगल और कठिन परिस्थितियों के बीच जवानों ने इलाके की गहन जांच की। इस दौरान संदिग्ध नक्सली डंप साइट का पता चला। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को घेरकर के-9 और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल (BDD) स्क्वॉड की मदद से तलाशी ली गई। 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित कई सामग्री बरामद तलाशी के दौरान करीब 18 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, काला तिरपाल प्लास्टिक, पिट्ठू बैग, स्लीपिंग बैग, नक्सली पत्रिका, चाकू, मेडिकल और मेस से जुड़ी सामग्री, इलेक्ट्रिकल वायर, चार्जर, डेटा केबल, बैटरी, स्विच, ड्राइंग मैप चार्ट पेपर और 50 लीटर का ब्लू ड्रम समेत कई सामान बरामद किए गए। इसके अलावा स्टील का टिफिन बॉक्स, चाय का गिलास, तांबे की पानी की बोतल, छाता और कपड़े भी मिले। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि नक्सली इस इलाके में लंबे समय तक रुकने या किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। सुरक्षा बलों की समय पर कार्रवाई से उनकी योजना नाकाम हो गई। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षा मानकों के तहत जब्त कर लिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन और निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा बलों ने कहा- अभियान जारी रहेगा 226 बटालियन के कमांडेंट ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने जवानों की सतर्कता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

अनूपपुर जिले के 91675 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि हुई जारी

अनूपपुर  कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में पीएम किसान उत्सव दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुवाहाटी, असम में देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसानों द्वारा देखा एवं सुना गया। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा गुवाहाटी, असम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई। इसी क्रम में अनूपपुर जिले के 91,675 किसानों के बैंक खातों में भी सम्मान निधि की राशि सीधे अंतरित की गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्‍यक्ष मती प्रीति सिंह, अपर कलेक्‍टर  दिलीप कुमार पाण्‍डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर  कमलेश पुरी, अधीक्षक भू-अभिलेख  प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण

कांग्रेस की ‘दलित नीति’ के खिलाफ कांशीराम जी ने लिखी थी पूरी किताब, राहुल को ‘चमचा युग’ पढ़नी चाहिए: असीम अरुण  राहुल को इतिहास-भूगोल का पता नहीं, आजीवन कांग्रेस के खिलाफ थे कांशीराम, मानते थे दलितों के शोषण का जिम्मेदार: असीम अरुण कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को साधने की राजनीतिक जंग तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लखनऊ में कांशीराम जयंती से जुड़े ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर जवाहरलाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।’  यह कार्यक्रम कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। पार्टी ने मंच से प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। कांग्रेस का यह कदम 2027 चुनाव में दलितों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह बसपा की कमजोर स्थिति को भुनाने की कोशिश है। राहुल ने कहा कि आज भाजपा ने समाज को 15-85 में बांट दिया है, जबकि कांशीराम बराबरी की बात करते थे। असीम अरुण का पलटवार: ‘बनावटी प्रेम’ उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण ने राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस के कांशीराम प्रेम को बनावटी करार दिया। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी को इतिहास-भूगोल कुछ मालूम नहीं है। माननीय कांशीराम ने कांग्रेस के खिलाफ ही बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। कांग्रेस द्वारा दलितों के शोषण पर तो कांशीराम जी ने पूरी किताब लिखी है। राहुल गांधी को कांशीराम जी की किताब ‘चमचा युग’ जरूर पढ़नी चाहिए। कांशीराम जी मानते थे कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसी नीति अपनाई जिससे दलित नेता सिर उठाकर खड़ा न हो सके। कांग्रेस को दलित समाज से केवल चमचे नेता चाहिए थे। सच ये है कि कांग्रेस तो कांशीराम जी को अछूत मानती थी और उनके जीते जी कभी सम्मान नहीं दिया। अब केवल वोट के लिए राहुल गांधी नाटक कर रहे हैं। कांशीराम एक स्वाभिमानी नेता थे और पूरे जीवन दलित स्वाभिमान के लिए काम किया।’  असीम अरुण ने आरोप लगाया कि चुनावी साल में कांग्रेस और सपा दोनों कांशीराम की विरासत पर दावा पेश कर रहे हैं, लेकिन दोनों का इससे कोई वास्तविक लेना-देना नहीं है। सपा-कांग्रेस की होड़, बसपा की विरासत दिलचस्प है कि सपा और कांग्रेस दोनों कांशीराम को अपना बताने की कोशिश में लगे हैं, जबकि कांशीराम ने बसपा बनाकर कांग्रेस विरोधी रुख अपनाया था। कांशीराम के निर्देशन में बसपा ने भाजपा से तीन बार गठबंधन किया। माना जाता है कि अगर कांशीराम आज होते तो शायद भाजपा के सबसे करीब होते। बसपा सुप्रीमो मायावती ही इस विरासत पर सबसे ज्यादा हक रखती हैं, जो जानती हैं कि कांग्रेस और सपा ने दलितों के साथ कैसा व्यवहार किया और उनके नेताओं का शोषण किया।  यह राजनीतिक बयानबाजी 2027 में दलित वोटों की लड़ाई को और रोचक बनाती है, जहां बसपा की कमजोरी कांग्रेस और सपा के लिए मौका बनी है, लेकिन भाजपा इसे विपक्षी वोट बंटवारे के रूप में देख रही है।   

युद्ध का असर पन्ना के हीरों पर: कारोबार में भारी गिरावट, 24 मार्च की नीलामी रद्द

पन्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही युद्धजनित अस्थिरता का असर अब देश के प्रसिद्ध हीरा क्षेत्र पन्ना के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक बाजार में निवेशकों की अनिश्चितता और आर्थिक जोखिम के कारण हीरे के व्यापार में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि 24 मार्च को प्रस्तावित पन्ना हीरा कार्यालय की नीलामी को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हीरा व्यापारियों के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में बड़े खरीदार निवेश करने से बच रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय बाजार में हीरे की कीमतें तेजी से गिर गई हैं। कारोबारियों का कहना है कि युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में हीरे की मांग कम हो गई है, जिसका सीधा असर पन्ना के हीरा व्यापार पर पड़ रहा है। कीमतों में भारी गिरावट, 1 कैरेट हीरे का दाम आधा पन्ना के हीरा व्यापारियों के मुताबिक पहले जो 1 कैरेट उज्ज्वल किस्म का तैयार हीरा 2 से 3 लाख रुपये तक बिक जाता था, वही आज केवल 80 हजार से 1 लाख रुपये तक ही खरीदार मिल रहे हैं। इस तरह बाजार में लगभग 60 प्रतिशत तक की मंदी देखी जा रही है। हीरा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान कीमतें लगभग 2005 से 2007 के दौर के बराबर पहुंच गई हैं। ऐसे में घाटे की स्थिति में नीलामी आयोजित करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है। हीरा कार्यालय में 2 वर्षों से बिकने का इंतजार कर रहे तुआदरों के जाम किये हुए हीरे पन्ना हीरा कार्यालय में बड़ी संख्या में हीरे नीलामी के इंतजार में पड़े हुए हैं। जिसमे 5 कैरेट ,7 कैरेट एवं 10 कैरेट के बड़े उज्जवल किस्म के हीरे यहां पर जमा है । इनमें कई हीरे ऐसे हैं जिनके तुअदार (पट्टाधारक) कई वर्षों से इनके बिकने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि जब तक बाजार की स्थिति सुधरती नहीं है, तब तक नीलामी से अपेक्षित मूल्य मिलने की संभावना कम है। मझगव परियोजना में भी हजारों कैरेट हीरे अटके युद्ध के कारण बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदार निवेश से बच रहे हैं, जिसका असर सरकारी खनन परियोजनाओं पर भी पड़ा है। मध्यप्रदेश की एकमात्र यांत्रिक हीरा खनन परियोजना मझगव, जिसे एनएमडीसी संचालित करती है, वहां भी करीब 10 हजार कैरेट हीरे बिक्री के इंतजार में पड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते, तब तक हीरा बाजार में तेजी लौटना मुश्किल है। प्रमुख आंकड़े 1 कैरेट उज्ज्वल हीरे की वर्तमान कीमत: ₹80 हजार – ₹1 लाख पहले की कीमत: ₹2 लाख – ₹3 लाख बाजार में मंदी: लगभग 60% गिरावट पन्ना हीरा कार्यालय में पुराने हीरे: 41 नग वर्ष 2025-26 में प्राप्त हीरे: 105 नग मझगव परियोजना में बिक्री के इंतजार में हीरे: लगभग 10,000 कैरेट प्रस्तावित नीलामी: 24 मार्च (स्थगित) अभी हीरा नीलामी को वर्तमान में स्थगित किया गया है । क्योंकि जो बाजार में हीरे के दामो को लेकर आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है ऐसे में नीलामी में अच्छे दाम मिल पाना सम्भव नही है । रवि पटेल (खनिज अधिकारी पन्ना) इनका कहना- हीरे के व्यापार की वर्तमान स्थिति इस लिए खराब है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो युद्ध के कारण उथलपुथल मची है जिस कारण से कोई भी अभी हीरे में निवेश नही करना चाहता है । जिस कारण से हीरे की कीमतें गिर रही है सतेंद्र जड़िया ( सचिव पन्ना डायमंड एसोसिएशन) इनका कहना- हीरे का व्यापार पहले रूस और यूक्रेन युद्ध की मार तो झेल ही रहा था कि अब यह इजरायल ओर ईरान का युद्ध इस व्यापार के लिए पूरी तरहः मंदी लेकर आया है । दाम कम होने के कारण अब जो लोग हीरे का उत्खनन करते है वह भी प्रभावित होंगे क्योंकि लागत ज्यादा होगी और बाजार में कीमत कम मिलेगी जिस कारण से अब कम संख्या में लोग हीरे की खदाने संचालित करेंगे।  गगन जड़िया ( सदस्य पन्ना डायमंड एसोसिएशन)  

स्वरोजगार की मिसाल बनीं भगवती: बिहान से मिली राह, ईंट और किराना कारोबार से लाखों की कमाई

रायपुर आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना से ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द की रहने वाली  भगवती सिंह आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली भगवती आज न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज में ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। बिहान से मिला आत्मविश्वास का नया सवेरा  भगवती सिंह बताती हैं कि वर्ष 2014 में ‘रेखा महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने से पहले वे काफी संकोच करती थीं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क न के बराबर था। समूह का हिस्सा बनने के बाद उनमें न केवल आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों और समाज को समझने का एक नया दृष्टिकोण मिला। सब्जी की खेती से ईंट निर्माण तक का सफर अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में भगवती ने पहला कदम समूह से मिली 15 हजार रुपये की आरएफ  राशि के साथ बढ़ाया, जिससे उन्होंने सब्जी की खेती शुरू की। इस प्रारंभिक सफलता के बाद उन्होंने 30 हजार रुपये की सीआईएफ राशि का निवेश ईंट निर्माण के कार्य में किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मेहनत कर 50 हजार ईंटें बनवाईं, जिससे प्राप्त लाभ ने उनके बच्चों की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। आज उनके दोनों पुत्र, विवेक और विक्की, अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। व्यवसाय में विविधता और बढ़ती आय सफलता के इस क्रम को जारी रखते हुए भगवती ने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का बैंक लोन लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही किराना और कपड़े की दुकान शुरू की। इन विविध आय स्रोतों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आया है। कच्चे मकान से पक्के घर का सपना साकार भगवती बड़े गर्व से कहतीं हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन बिहान योजना से जुड़कर बढ़ी आजीविका के दम पर उन्होंने अपना पक्का घर बनवा लिया है। आज उनके पति श्री भलेनाथ सिंह उरे और उनके बच्चे अत्यंत खुशहाल और गौरव महसूस करते हैं। अपनी उन्नति का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए भगवती सिंह कहती हैं, “बिहान योजना की बदौलत आज हम ग्रामीण दीदियां अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने हम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है।  प्रशासन द्वारा ’बिहान’ के माध्यम से भगवती जैसी हजारों महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर साकार करने में अपना योगदान दे रही हैं।

एमपी-यूपी तपेंगे, कई राज्यों में बरसेंगे बादल: मौसम विभाग ने जारी किया डबल अलर्ट

देश  इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सर्दियों की विदाई के बाद बसंत की गुलाबी ठंड गायब रही और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। हालांकि, अब मौसम विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश को लू (Heatwave) और तूफानी बारिश के दोहरे वार का सामना करना पड़ेगा। भीषण लू की चेतावनी राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत को भट्टी बना दिया है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। 15 मार्च तक मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा और झारखंड में भीषण लू चलने की संभावना है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। हिमालयी क्षेत्रों में ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का असर एक तरफ जहां मैदानी इलाके जल रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। 14 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च तक हल्की बर्फबारी होगी, जो 15 से 19 मार्च के बीच और तेज हो सकती है। 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है:अरुणाचल प्रदेश: 13 से 16 मार्च के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी। असम, मेघालय और सिक्किम: 13 से 15 मार्च के दौरान भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: 14-15 मार्च को छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश: 15 और 16 मार्च को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। कैसा रहेगा एमपी का मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, लेकिन 14 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे रात के तापमान में मामूली बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा की ओर कदम: अनूपपुर जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू

अनूपपुर जिले में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 638 किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। कलेक्टर  हर्षल पंचोली एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान के तहत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष 3 माह तक की बालिकाएं टीकाकरण के लिए पात्र हैं। इसके अलावा अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाली बालिकाओं को भी पात्र माना गया है। टीका 0.5 मिलीलीटर की एकल खुराक के रूप में इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से दिया जा रहा है। यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है तथा इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। यह सुविधा जिले के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है, जिनमें जिला चिकित्सालय अनूपपुर, सीएचसी कोतमा, जैतहरी, राजेंद्रग्राम, फुनगा, परासी, अमरकंटक तथा पीएचसी बिजुरी और बेनीबारी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिला चिकित्सालय अनूपपुर में 185, सीएचसी राजेंद्रग्राम में 106, सीएचसी कोतमा में 101, सीएचसी जैतहरी में 95, सीएचसी फुनगा में 77, पीएचसी बेनीबारी में 29, सीएचसी परासी में 26, पीएचसी बिजुरी में 16 तथा सीएचसी अमरकंटक में 3 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। सीएमएचओ डॉ. अलका तिवारी ने बताया कि टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को 30 मिनट तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है, ताकि किसी भी संभावित प्रतिक्रिया पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने कहा कि जिले की प्रत्येक पात्र किशोरी को इस अभियान से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यह टीका भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए इस निःशुल्क टीकाकरण अभियान का लाभ उठाएं।

आस्था की मिसाल बना देवपुर: महतारी वंदन की राशि से महिलाओं ने खड़ा किया शिव मंदिर

धमतरी महतारी वंदन की राशि से बना शिव मंदिर: देवपुर की महिलाओं ने दिखाई सामूहिकता और आस्था की मिसाल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के परियोजना सेक्टर खरेंगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुर की महिलाओं ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम देवपुर में लंबे समय से मंदिर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव के लोग विशेष अवसरों पर दूसरे गांवों में जाकर पूजा करते थे। इस समस्या को देखते हुए गांव की निवासी मती निर्मला और उनकी साथी महिलाओं ने एक सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। निर्मला और गांव की अन्य महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस राशि का एक हिस्सा गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्य के लिए उपयोग किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी महतारी वंदन की राशि को मिलाकर एक निधि तैयार की और उसी से गांव में शिव मंदिर के निर्माण की शुरुआत की। महिलाओं की इस पहल को गांव के अन्य लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब गांव में भव्य शिव मंदिर स्थापित हो गया है। मंदिर बनने से न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को एक स्थान मिला है, बल्कि गांव में सामुदायिक एकता और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी महिलाओं की इस पहल की सराहना की है। अब देवपुर में महाशिवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे गांव में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। देवपुर की महिलाओं द्वारा किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि यदि महिलाएं संगठित होकर संकल्प लें तो वे अपने गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। देवपुर की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।

गरियाबंद में कलेक्टर का अनोखा संवाद: महिला समूह से आधा घंटा चर्चा, बारातियों से जोड़ा बदलाव का प्रमाण

गरियाबंद. कलेक्टर भगवान सिंह उईके देवभोग पहुंचे और समस्त विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा ली। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिर मौर्य भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया और वहां सजी-धजी शादी विवाह की मंडपों को देखकर ग्रामीणों और महिला समूह से करीब आधा घंटे तक चर्चा की। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से उपलब्ध सुविधाओं, योजनाओं और गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। बारातियों को देख कलेक्टर बोले – बदल रहा है सुपेबेड़ा इस दौरान कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब सुपेबेड़ा बदल रहा है। सरकार यहां उन तमाम सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है जिसकी मांग ग्रामीण कर रहे थे। दो साल पहले तक यहां खराब पानी और उससे होने वाली किडनी की बीमारी की वजह से शादी विवाह के कार्यक्रम नहीं होते थे, लेकिन इस साल गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ गई है। यह बदलती तस्वीर इस गांव की प्रगति का सच्चा प्रमाण है।” कलेक्टर के दौरे के दौरान गांव में शादी के बाराती रंगीन झांकी के साथ निकलते दिखाई दिए। ग्रामीण और महिला समूह ने कलेक्टर को गांव में हुई नई सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के बदलाव गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं और ऐसे उदाहरण पूरे जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा हैं। सुपेबेड़ा में शादी विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सुधार हो रहा है। कलेक्टर ने लापरवाही पर जताई नाराजगी, आंगनबाड़ियों में भर्ती पर देरी पर थमाया शो कॉज नोटिस जनपद सभा कक्ष में बारी-बारी से सभी विभागों की बैठक शुरू हुई। आवास योजनाओं को पूर्ण करने और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की। सचिवों को फटकार और जनपद सीईओ को सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों में स्वीकृत 7 पदों के भर्ती में विलंब पर परियोजना अधिकारी को “कारण बताओ” नोटिस थमाया। किसानों से जुड़ी योजना, बैंकों में बोनस की राशि भुगतान, एलपीजी गैस की उपलब्धता, नोनी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे 30 से ज्यादा हितग्राही मूलक योजनाओं को बारीकी से समीक्षा किया गया। अफसरों ने चखा स्ट्रॉबेरी स्वाद उद्यानिकी विभाग द्वारा पाम ऑयल की खेती दिखाने करचिया के धनीराम की खेती दिखाने ले गए। 5 एकड़ में पाम की खेती कराया जा रहा है। बाड़ी में अफसरों ने स्ट्रॉबेरी की खेती देखकर चौक गए। किसान ने अफसरों को स्ट्रॉबेरी का स्वाद चखाया। किसान के सब्जी बाड़ी के नवाचार और कृषि उत्पाद के प्रति किसान परिवार के लगाव को देखकर अफसर गद गद हो गए। किसान ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी उन्नत खेती करने और कृषि सेक्टर में उच्च स्तर की पढ़ाई करने गई है। कलेक्टर ने ऐसे किसानों को योजनाओं के माध्यम से भरपूर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट में सरकार ने दी जानकारी, यूनियन कार्बाइड परिसर में बनेगा भोपाल गैस मेमोरियल

भोपाल  दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिनी जाने वाली भोपाल गैस त्रासदी को चार दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस हादसे से जुड़े कई मुद्दे आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल अब भी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे और प्रदूषण को लेकर है। इसी मामले में अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से फैक्ट्री परिसर की सफाई और पर्यावरण सुधार की पूरी योजना पेश करने को कहा है। अदालत ने पूछा है कि यूनियन कार्बाइड साइट पर मौजूद जहरीले कचरे को हटाने और जमीन-पानी को साफ करने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। बता दें कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से दो व तीन दिसंबर 1984 की रात में जहरीली गैस का रिसाव होने से बड़ी त्रासदी हुई थी। मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीली गैस के रिसाव से बड़ी संख्या में हुई मौतों के कारण हुई इसे दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा माना गया। इसका असर आज भी कैंसर, सांस और दिव्यांगता जैसी बीमारियों के रूप में जारी है। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया कि निर्धारित प्रक्रिया को जारी रखा जाए और कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए। जानें कब और किसने दायर की थी याचिका गौरतलब है कि वर्ष 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया था कि न्यायालय के आदेश के अनुसार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निस्तारण पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में सफलतापूर्वक कर दिया गया है। जहरीले कचरे से करीब 900 मीट्रिक टन राख और अवशेष एकत्रित हुए हैं। इस बीच हाईकोर्ट में दायर एक अन्य याचिका में कहा गया था कि जहरीले कचरे से निकली राख और अवशेषों में रेडियोएक्टिव तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जो चिंता का विषय है। याचिका में यह भी कहा गया था कि राख में मरकरी मौजूद है, जिसे नष्ट करने की तकनीक फिलहाल केवल जापान और जर्मनी के पास है। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि आबादी वाले क्षेत्र से मात्र 500 मीटर की दूरी पर लैंडफिलिंग की जा रही है। हाईकोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई मुख्य याचिका के साथ करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने 8 अक्टूबर 2025 को जारी अपने आदेश में आबादी से मात्र 500 मीटर दूर लैंडफिलिंग के लिए तय स्थान पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में सरकार के आवेदन पर अदालत ने यह आदेश वापस ले लिया था। पिछली सुनवाई में सरकार ने अदालत को बताया था कि जहरीले कचरे से निकली राख की लैंडफिलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी सरकार की ओर से इसी संबंध में विस्तृत जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।  सरकार ने कोर्ट में पेश की एक्शन टेकन रिपोर्ट इस मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के सामने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल की है। रिपोर्ट में बताया गया कि, 3 मार्च को अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के पुराने प्लांट की स्थिति, वहां मौजूद टॉक्सिक वेस्ट और फैक्ट्री परिसर की सफाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने अदालत को बताया कि, इस बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने समयबद्ध रेमेडिएशन (Remediation) यानी प्रदूषित जमीन और पर्यावरण को साफ करने की योजना पर विचार किया। इसका उद्देश्य फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को सुरक्षित तरीके से हटाना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। जहरीले कचरे को हटाने की योजना पर चर्चा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में कई जगहों पर अभी भी जहरीला औद्योगिक कचरा और प्रदूषित मिट्टी मौजूद है। यह कचरा लंबे समय से पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसलिए बैठक में यह तय किया गया कि फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को हटाने और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध योजना बनाई जाए। सरकार ने कोर्ट को बताया कि, इस दिशा में संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और जल्द ही पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हाईकोर्ट ने मांगी स्पष्ट समयसीमा हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से यह भी पूछा है कि, सफाई और पर्यावरण सुधार का काम कब तक पूरा किया जाएगा। अदालत का मानना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी अगर फैक्ट्री परिसर में जहरीला कचरा मौजूद है तो यह बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा करना जरूरी है, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह का स्वास्थ्य खतरा न रहे। 40 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ त्रासदी का असर दरअसल 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) नाम की जहरीली गैस का रिसाव हो गया था। इस गैस के फैलने से हजारों लोगों की तत्काल मौत हो गई थी और लाखों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। यह हादसा दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है। गैस के प्रभाव से प्रभावित लोगों में कई को आज भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में मौजूद रासायनिक कचरे को लेकर भी लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। पर्यावरण और भूजल प्रदूषण का खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में लंबे समय तक पड़े जहरीले रसायनों के कारण मिट्टी और भूजल प्रदूषण का खतरा बना रहता है। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अगर इस कचरे का समय पर निपटान नहीं किया गया तो इसका असर आसपास … Read more

पीएम मोदी ने किया ऐलान, सरकार वैश्विक संघर्षों के असर से बचने के लिए कर रही है कदम

सिलचर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार दुनिया भर में हो रहे झगड़ों का लोगों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश करके “गैर-जिम्मेदाराना” काम कर रही है।  प्रधानमंत्री ने यह बात असम के सिलचर शहर में विधानसभा चुनाव से पहले 23,550 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कही.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज किया और आजादी के समय ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली की समुद्र तक पहुंच काट दी।  उन्होंने कहा, दुनिया युद्धों का सामना कर रही है, हमारी कोशिश है कि देश के लोगों पर उनका असर कम से कम हो।  उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही. वह लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है।  उन्होंने दावा किया, “उनके पास न तो असम के लिए और न ही देश के लिए कोई विजन है, बल्कि वे सिर्फ मोदी को गाली देना, लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाहें और झूठ फैलाना जानते हैं.” मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र थी।  उन्होंने आरोप लगाया, जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया, वैसे ही बराक वैली को कमजोर करने में भी उसकी बड़ी भूमिका रही. जब भारत आजाद हुआ, तो कांग्रेस ने एक ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली का समुद्र तक संपर्क कट गया।  बराक घाटी, जो कभी एक औद्योगिक केंद्र के तौर पर जानी जाती थी, उसकी ताकत छीन ली गई. उन्होंने कहा, “आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस की सरकारें सत्ता में रही, फिर भी इस इलाके में बहुत कम विकास हुआ. आज, भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।  पीएम ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर गुमराह किया, जबकि भाजपा ने यह पक्का किया है कि राज्य उनके लिए मौकों का सागर बन जाए।  उन्होंने कहा, जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा का मंत्र विकास में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता देना है। 

सदगुरु और बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की मुलाकात, 40 देशों के सदस्य भी बागेश्वर धाम पहुंचे

छतरपुर देश व दुनिया के दो प्रख्यात संतों का मिलन हुआ. दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धर्मगुरु सदगुरु वासुदेव जग्गी का छतरपुर आगमन हुआ. वे यहां बागेश्वर धाम पहुंचे जहां उन्होंने प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री से भेंट की इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी आए, जिन्होंने बागेश्वर धाम में आशीर्वाद लिया और धाम की महिमा जानी. सदगुरु ने इस दौरान बाबा बागेश्वर सरकार में हनुमान जी के दर्शन किए तो वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की माता जी ने भी सद्गुरु जग्गी वासुदेव का स्वागत किया।  धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन पर चर्चा दुनिया भर में सनातन और आध्यात्मिक एकता का केंद्र बने बागेश्वर धाम में उस समय लोगों का आनंद दोगुना हो गया जब उन्होंने बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ दक्षिण भारत के प्रख्यात आध्यात्मिक संत पद्म विभूषण सद्गुरु के दर्शन किए. इस दौरान धाम के पीठाधीश्वर ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया. बागेश्वर महाराज की माता जी ने भी सद्गुरु का आत्मीय स्वागत किया. दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  सदगुरु ने बागेश्वर बाबा को भेंट किए आदि योगी, बाबा ने भेंट किया राम दरबार बागेश्वर महाराज ने आध्यात्मिक गुरु वासुदेव जी को बालाजी के दर्शन कराए वहीं बागेश्वर महादेव भगवान और सन्यासी बाबा के भी दर्शन कराते हुए उनकी महिम और 300 साल पहले किए गए तप के बारे में बताया. इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी मौजूद थे. सभी ने बाबा बागेश्वर से भेंट कर मंदिर के दर्शन किए. बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, ” ईशा फाउंडेशन कोयंबटूर के संस्थापक सद्गुरु ने बागेश्वर महाराज को आदि योगी की प्रतिमा भेंट की. तो वहीं बागेश्वर महाराज ने अपनी माता जी की उपस्थिति में श्री राम दरबार की प्रतिमा सदगुरु को भेंट की।  सदगुरु ने बताया इसे अद्भुत अनुभव बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, ” इस मुलाकात को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सद्गुरु और बागेश्वर महाराज ने इस अवसर पर लोगों को आध्यात्मिकता, आत्म-चिंतन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया. सद्गुरु के साथ उनके साधक परिवारों के प्रतिनिधि भी पहुंचे, जिनमें लगभग 40 देशों से जुड़े अनुयायी शामिल थे।  इन साधकों ने भी बागेश्वर धाम में पहुंचकर श्रद्धा के साथ अर्जी लगाई और पूजा-अर्चना की. साधकों को एक थाली भेंट की गई, जिसमें हनुमान चालीसा, श्रीमद् भागवत गीता, लॉकेट सहित रुद्राक्ष माला, बालाजी का विग्रह और अंग्रेजी में लिखी ‘साधु जी सीताराम’ पुस्तक के साथ ही महा प्रसाद रखा गया. इस दौरान सदगुरु धाम की महिमा जानकर बेहद प्रसन्न नजर आए और उन्होंने इसे अद्भुत अनुभव बताया। ‘

विशेषज्ञ दल करेगा स्थल निरीक्षण, प्रतिवेदन के आधार पर संरक्षण व सुरक्षा के कार्य होंगे प्रारंभ

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों के संबंध में त्वरित संज्ञान लिया है। मंत्री  अग्रवाल ने पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय को निर्देशित किया है कि नवागढ़ क्षेत्र में उपलब्ध प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का विशेषज्ञ दल के माध्यम से शीघ्र स्थल निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र में 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी से संबंधित प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य अवशेषों की जानकारी सामने आने के बाद इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञ दल द्वारा क्षेत्र में उपलब्ध सभी प्रतिमाओं, स्थापत्य अवशेषों, शिल्प कलाकृतियों और संभावित पुरातात्विक स्थलों का सूक्ष्म अध्ययन किया जाए तथा उनका विस्तृत दस्तावेजीकरण भी किया जाए, ताकि इन धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व का समुचित आकलन किया जा सके। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सर्वेक्षण और स्थल निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यकतानुसार इन पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। यदि स्थल का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन सभ्यताओं, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिपूर्ण रही है। प्रदेश के अनेक अंचलों में ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन और संरक्षण किए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन धरोहरों की पहचान, संरक्षण और उनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और आम नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों का संरक्षण केवल अतीत को सुरक्षित रखने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐतिहासिक स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षण के साथ-साथ अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जाए, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सके।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet