LATEST NEWS

राजस्थान में IED से बम ब्लास्ट की साजिश, पाकिस्तान से भेजे गए विस्फोटक का 4 दिन तक इंतजार

अजमेर  सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए मौत के सामान (RDX) ने राजस्थान से लेकर हरियाणा तक खौफनाक साजिश का जाल बुना था। अंबाला में करीब 2 किलो विस्फोटक के साथ पकड़े गए तीन आतंकियों ने जो खुलासे किए हैं, उसने राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस साजिश का मुख्य सिरा अजमेर के लौंगिया मोहल्ला से जुड़ा है, जहां का निवासी अली अकबर उर्फ बाबू इस आतंकी नेटवर्क का अहम मोहरा निकला। हनुमानगढ़ था ‘टारगेट नंबर-1’ पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आतंकियों की पहली पसंद अंबाला नहीं, बल्कि राजस्थान का हनुमानगढ़ था। साजिश के मुताबिक, हनुमानगढ़ में बम धमाका करने के लिए आईईडी (IED) तो वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पाकिस्तान से आरडीएक्स की खेप नहीं पहुंच पाई। इस ‘सप्लाई फेलियर’ की वजह से राजस्थान एक बड़े धमाके से बाल-बाल बच गया। योजना विफल होने पर चार दिन बाद आईईडी को वापस मंगा लिया गया था। अजमेर के ‘बाबू’ ने भेजी थी लोकेशंस की वीडियो गिरफ्तार आरोपी अली अकबर उर्फ बाबू ने कुबूला है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर बाकायदा व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि बड़े टारगेट चुने जा सकें। अंबाला में ‘एक्टिव बम’ के साथ पकड़े गए हनुमानगढ़ का प्लान फेल होने के बाद आतंकियों ने अंबाला के सैन्य ठिकानों और माता बाला सुंदरी मंदिर को निशाने पर लिया। आरोपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर टिफिन बम लेकर जा रहे थे, जो पूरी तरह एक्टिव था। एसटीएफ ने समय रहते इन्हें दबोच लिया, वरना 2 किलो आरडीएक्स 200 मीटर के दायरे में तबाही मचाने और लगभग 250 लोगों की जान लेने के लिए काफी था। NIA की एंट्री, राजस्थान में अलर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। चूंकि एक आरोपी अजमेर का है और हनुमानगढ़ को निशाना बनाने की कोशिश हुई थी, इसलिए राजस्थान के सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी 7 दिन के रिमांड पर हैं, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

12वीं पास के लिए सरकारी नौकरी: कंप्यूटर चलाने का काम, 50 हजार से अधिक वेतन

 नई दिल्ली सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मध्य प्रदेश लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी ने बड़े अवसर खोले हैं. MPLRS ने डेटा एंट्री के 770 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 3 अप्रैल 2026 को बंद हो जाएगी. उम्मीदवार ऑफिशियल mponline.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. 12वीं पास युवा के लिए इस भर्ती के तहत चयन होकर अपना करियर बनाने का खास मौका है। भर्ती से जुड़ी ये तारीखों पर दें ध्यान  भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुके है, जो 3 अप्रैल 2026 तक चलेगी. इस दौरान फॉर्म फिल करते समय अगर किसी उम्मीदवार से गलती हो जाती है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, MPLRS उसे सुधारने का मौका देगी. इसके लिए 4 अप्रैल 2026 तक का समय दिया जाएगा। पद के लिए क्या है योग्यता? इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करना अनिवार्य है. इसके अलावा उम्मीदवार के पास सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा पास करने का सर्टिफिकेट भी होना चाहिए. इसलिए जिन उम्मीदवारों के पास यह प्रमाण पत्र है सिर्फ वही इस पद पर आवेदन कर सकते हैं। यह है एज लीमिट  वहीं, अगर एज लीमिट की बात करें तो इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2026 के बेसिस पर तय की जाएगी. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र कम से कम उम्र 18 साल जबकि अधिकतम उम्र 40 वर्ष तय की गई है. हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के मुताबिक एज में छूट दी जाएगी। मिलेगी इतनी सैलरी डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 5200 रुपये से 20,200 रुपये तक की सैलरी दी जाएगी. इसके अलावा सरकारी नियमों के मुताबिक, अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी. यह नौकरी उन उम्मीदवारों के लिए बेहद खास है, जो कंप्यूटर पर काम करने का अनुभव रखते हैं। कैटेगरी के मुताबिक पद  भर्ती के तहत कुल 770 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. ऐसे में कैटेगरी के मुताबिक पदों को बांटा गया है. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 209, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 123, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 154 पद निर्धारित किए गए हैं. वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) उम्मीदवारों के लिए 208 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 76 पद तय किए गए हैं।

खरमास लगते ही बदले नियम: विवाह-गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य एक महीने बंद

  पंचांग के अनुसार, साल में कुछ ऐसे समय आते हैं जब मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है. ऐसा ही एक विशेष समय खरमास होता है, जिसे कई जगहों पर मलमास भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है. पंचांग के अनुसार साल 2026 में खरमास की शुरुआत 15 मार्च से हो चुकी है, जो 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा. इस पूरे एक महीने के दौरान धार्मिक रूप से कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है. क्या होता है खरमास? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों यानी धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है. इस समय सूर्य की स्थिति ऐसी मानी जाती है कि मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं बन पाता. इसलिए इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश जैसे बड़े और शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है. हालांकि खरमास भले ही मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल न माना जाता हो, लेकिन यह समय भक्ति, साधना और दान-पुण्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. खरमास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य? धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय सूर्य की गति और स्थिति ऐसी होती है कि शुभ कार्यों के लिए ग्रहों का पूर्ण सहयोग नहीं मिल पाता. इसी कारण से शास्त्रों में कहा गया है कि इस अवधि में नए और बड़े कार्य शुरू करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते. इसलिए परंपरा के अनुसार लोग इन कार्यों को खरमास खत्म होने के बाद ही करते हैं. खरमास में कौन-कौन से काम करने से बचें? खरमास के दौरान कुछ मांगलिक कार्यों को करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है.     विवाह और सगाई     गृह प्रवेश     नए घर का निर्माण शुरू करना     नया व्यवसाय या दुकान शुरू करना     मुंडन और नामकरण जैसे संस्कार     बड़े शुभ आयोजन  

होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों के संबंध में की समीक्षा बैठक सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर दिया जाए विशेष ध्यान: सीएम योगी होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री  पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रियता से कार्य करने का निर्देश स्वच्छता के लिए आमजनों का जागरूक होना जरूरी, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे और जनपद भ्रमण के दौरान सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मेला चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से प्रारम्भ होने वाली चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें बेहतर व्यवहार के लिए सजग किया जाए। मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित किया जाए। बिना भेदभाव हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रियता से कार्य करे। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत सिविल डिफेन्स एवं एनजीओ को भी जोड़ा जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भी बैठक करने और डम्पिंग स्थल का चयन दूर क्षेत्र में करने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने कहा कि मेले में प्लास्टिक को बैन किया जाए। जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को सुव्यवस्थित सम्पन्न करवाने के लिए भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत कार्य किए जाएं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन तथा प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की मिलावट न हो, इसको सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला परिसर में पार्किंग की दर निर्धारित हो, जो कि साधारण रखी जाए। अवैध वसूली न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ई-रिक्शा, ऑटो के साथ ही दुकानदारों का भी सत्यापन करा लिया जाए। सरकारी विभागों के होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। निर्बाध विद्युत की व्यवस्था रहे। चैत्र नवरात्रि में लगने वाले मेले की व्यवस्थाएं अच्छी हों, इसको ध्यान में रखकर तैयारियां की जाएं। यह एक पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। दर्शनार्थी भक्तगणों के बीच सरकार का बेहतर संदेश प्रसारित हो।  बैठक में मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, महापौर डॉ. अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, एडीजी भानू भास्कर, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात सागर जैन उपस्थित रहे।

सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी

व्यक्ति, जाति, पंथ व संप्रदाय की आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीः मुख्यमंत्री  उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरमैन को दिया निर्देश  सीएम योगी ने रविवार सुबह पश्चिम उत्तर प्रदेश में हुई बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान की भी ली जानकारी  लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रवैया अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति/जाति/पंथ/सम्प्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी न हो। ऐसी टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ⁠इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित करें और ⁠हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाएं।  फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारीः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई वर्षा से फसलों को होने वाले नुकसान संबंधी जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर किसानों से संवाद करने और उनकी फसलों के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत आयुक्त फील्ड के अधिकारियों से सीधा समन्वय रखें। साथ ही ⁠फसलों को होने वाली क्षति का आकलन प्राप्त कर ससमय मुआवजे के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

मिशन वात्सल्य के अंतर्गत आयोजित हुआ जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  सिवनी  मिशन वात्सल्य अंतर्गत संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग सिवनी द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 13 मार्च 2026 को नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान, इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर, सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश सेन, सदस्य श्री अखिलेश कुमार यादव, श्री शैलेन्द्र बिसेन, श्रीमती रूपाली टेम्भरे एवं श्री सुधीर सिंह ठाकुर सहित जिले के परियोजना अधिकारी, महिला सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं तथा विभाग बच्चों के अधिकारों एवं उनके कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट श्री अखिलेश कुमार यादव द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO), मिशन वात्सल्य एवं विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, बाल विवाह रोकथाम तथा किशोर न्याय प्रणाली के सिद्धांतों पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति के कार्यक्षेत्र, विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों तथा पुनर्वास एवं समाज में पुनर्स्थापन से जुड़े प्रावधानों पर भी जानकारी प्रदान की गई। विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार ढकेता ने गृह अध्ययन प्रतिवेदन (एचएसआर) एवं सामाजिक जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा आवश्यक प्रारूपों को भरने की विधि पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संयोजन सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे द्वारा किया गया तथा मंच संचालन बाल संरक्षण अधिकारी श्री विकास दुबे ने किया। प्रशिक्षण में लगभग 170 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए पोषण पेय एवं स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों एवं योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों को प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना था।

सहारनपुर दौरे पर सीएम योगी, विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में की पूजा

सीएम योगी ने सहारनपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा, मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना मां शाकुंभरी देवी पर्यटन कॉरिडोर निर्माण की प्रगति का लिया जायजा, अक्टूबर माह में शारदीय नवरात्रि तक कार्य पूरा करने का दिया निर्देश निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का रखा जाए ध्यान- सीएम योगी एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य यथाशीघ्र किया जाए पूर्ण- सीएम योगी  सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर जनपद में मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ मंदिर पहुंचे और निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति को देखा। इसके उपरान्त उन्होंने भूरादेव एवं सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।      निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए तथा अक्टूबर माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को शारदीय नवरात्रि तक तय मानकों के साथ पूरा कराएं। भूरा देव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर तक निर्माणाधीन एलिवेटिड रोड का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए।  निरीक्षण के दौरान संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारन देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पूर्व विधायक नरेश सैनी एवं संबंधित अधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई उपस्थित रहे।

नशे के खिलाफ निर्णायक जंग: साय सरकार ने SOG और एंटी नारकोटिक्स सेल का किया गठन

रायपुर. छत्तीसगढ़, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्राकृतिक संसाधनों और शांत सामाजिक जीवन के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में देश के अन्य हिस्सों की तरह यहाँ भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति ने चिंतनीय स्थिति पैदा की है। नशीले पदार्थ केवल कानून-व्यवस्था की दृष्टि से ही समस्या नहीं हैं बल्कि यह समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार ने कुछ निर्णायक कदम उठाए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन का फ़ैसला किया है। राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने से साथ ही साथ प्रदेश को नशामुक्त बनाने की व्यापक रणनीति तैयार की है। साय सरकार का स्पष्ट संदेश है कि छत्तीसगढ़ में नशे के व्यापार के लिए कोई जगह नहीं है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अब क़ानून का शिकंजा कसा जाएगा। नशे की समस्या बन रही समाज के लिए गंभीर चुनौती दुनिया के कई देशों की तरह भारत भी आज नशे की समस्या से जूझ रहा है। तरह-तरह के मादक पदार्थों जैसे गांजा, चरस, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम, डोडा और सिंथेटिक ड्रग्स समाज के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बहुत से क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय हो रहा है। विधानसभा में उठाए गए प्रश्नों और विभिन्न सर्वेक्षणों के आधार पर कहा जा सकता है कि राज्य में नशे के सेवन करने वालों की संख्या चिंताजनक हो सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 1.5 से 2 लाख लोग अफीम और इंजेक्टेबल ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। 3.8 से 4 लाख लोग गांजा का उपयोग कर रहे हैं। 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 40,000 से अधिक किशोर इनहेलेंट और कफ सिरप जैसी नशीली चीजों के आदी हो रहे हैं। यह आंकड़े उस सामाजिक चुनौती का संकेत हैं जिसका सामना समाज और सरकार दोनों को मिलकर करना होगा। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के अलावा अपराध, हिंसा, मानसिक तनाव और सामाजिक अस्थिरता भी बढ़ाने वाला होता है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं होती बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। सरकार की सक्रियता और कड़े अभियान आंकड़ों में दिखाई दे रहा छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जारी है। इसका नतीजा हाल के वर्षों में हुई गिरफ्तारियों और जब्तियों के आंकड़ों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पिछले 13 महीनों में 1,434 मामले दर्ज किए गए, 2,599 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, 20,089 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया और 3,00,408 नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए राज्य सरकार की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय रूप से नशे के नेटवर्क को तोड़ने में सलगन हैं। साल 2025 में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में और भी तेज़ी लाई गई। इस साल 1,288 मामले दर्ज हुए और 2,342 आरोपी गिरफ्तार किए गए। अभियान में जब्त किए गए पदार्थों में शामिल थे 16,999.7 किलोग्राम गांजा,141 ग्राम ब्राउन शुगर,1,259 ग्राम अफीम, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 27.68 ग्राम चरस, 23.56 ग्राम कोकीन, 70.46 ग्राम एमडीएमए, 1,524 किलोग्राम डोडा, और 2,41,138 नशीली दवाएं यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक, सख़्त और संगठित कार्रवाई कर रही है। 2026 की शुरुआत में भी जारी अभियान साल 2026 की शुरुआत में भी यह अभियान जारी है। 31 जनवरी 2026 तक नशे के ख़िलाफ़ 146 मामले दर्ज हुए जिसमें 257 आरोपी गिरफ्तार किए गए और बरामदगी की सूची इस प्रकार से है 3,090 किलोग्राम गांजा, 8.85 ग्राम ब्राउन शुगर, 277.2 ग्राम अफीम, 123.8 ग्राम हेरोइन, 15.29 किलोग्राम डोडा और 59,270 नशीली दवाएं इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार के द्वारा नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई कितनी सख़्त है। एसओजी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स साबित हो रहा है एक रणनीतिक कदम छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने अब मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराधों से निपटने के लिए नई संस्थागत व्यवस्था बनाने का फ़ैसला किया है।प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए जिसमें पहला है विशेष अभियान समूह (SOG) एसओजी का गठन पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत किया गया इसका उद्देश्य है आतंकवादी खतरों से निपटना और संगठित अपराधों पर कार्रवाई करना अचानक उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए यह समूह आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण से लैस होगा। दूसरा कदम है एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए 10 जिलों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई जा रही है। इसके लिए 100 नए पदों के लिए मंजूरी दे दी गई है।इस फ़ोर्स से खुफिया जानकारी जुटाने में तेजी आएगी, तस्करी के नेटवर्क को जल्दी पकड़ा जा सकेगा और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ेगा। राज्य सरकार का यह कदम दर्शाता है कि सरकार समस्या की गंभीरता को समझते हुए दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है। एनडीपीएस अधिनियम से किया जा रहा है आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार नशे का कारोबार केवल ड्रग्स की बिक्री तक सीमित नहीं होता। इसके पीछे कई बड़े आर्थिक नेटवर्क भी काम करते हैं जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत वित्तीय जांच को भी प्राथमिकता देने का काम किया है। इसके तहत 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई इसके अलावा 145 आदतन अपराधियों के खिलाफ PIT-NDPS कानून के तहत कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ के साय सरकार की यह रणनीति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जब तक अपराधियों के आर्थिक स्रोतों को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है। ड्रग उपयोग के उपकरणों पर भी हो रही कार्रवाई छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने यह भी समझा है कि नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए ड्रग्स के अलावा उससे जुड़े उपकरणों पर भी नियंत्रण जरूरी है। यही वजह है कि … Read more

विकसित राजस्थान रन 2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हजारों युवाओं के साथ दौड़ा

जयपुर  राजस्थान सरकार ने राजस्थान दिवस से पहले युवाओं के लिए सार्वजनिक भागीदारी वाली मैराथन ‘विकसित राजस्थान रन 2026’ का आयोजन किया। राज्य खेल परिषद द्वारा आयोजित ‘विकसित राजस्थान रन 2026’ को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविवार की सुबह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। इस मैराथन में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थी, एनएसएस के स्वयंसेवक, एनसीसी के कैडेट, भारत स्काउट एंड गाइड, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड, एनवाईकेएस सदस्य के इसके अलावा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के युवा और खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन में पहुंचे भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “‘विकसित राजस्थान 2047’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत राजस्थान के विकास की यात्रा का प्रतीक है, जो राज्य के ऐतिहासिक नेताओं के प्रयासों और विरासत को प्रतिबिंबित करता है।” इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, “आपका हौसला, आपकी उमंग निश्चित रूप से विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करेगी। फिट इंडिया अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने स्वस्थ रहने का संदेश दिया है। हमारे देश में चार जातियां हैं, युवा, महिला, किसान और मजदूर। अगर ये आगे बढ़ेंगे तो देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया। हमारी सरकार ने लोगों को जेल भेजने का काम किया है। सवा दो साल में सवा लाख की वेकेंसी निकालने का काम हमारी सरकार ने किया है। इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। आप सपनों की उड़ान के लिए तैयार रहिए, राजस्थान सरकार आपके साथ है। प्रदेश में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। युवा नीति के जरिए युवाओं को काम का अवसर दिया जा रहा है।” गौरतलब है कि राजस्थान दिवस के अवसर पर इस बार राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसके तहत 14 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्कृति, विकास और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

IAS मनु के पास सबसे ज्यादा संपत्ति, मुख्य सचिव से 4 गुना अधिक; MP के 12 कलेक्टरों के पास अपना घर नहीं

भोपाल   प्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मनु श्रीवास्तव एमपी में तैनात एसीएस स्तर के अफसरों में सबसे अमीर आइएएस हैं। उनके पास 19.50 करोड़ की अचल संपत्ति है। जबकि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एसीएस अशोक बर्णवाल पगार के अलावा अपनी संपत्तियों से सबसे अधिक कमाने वाले अफसर हैं। बर्णवाल के पास 7.50 करोड़ की संपत्ति है। इससे उन्हें हर साल 23.68 लाख रुपए आय हो रही है।  MP में 391 IAS अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सबसे अमीर हैं। उनके पास 19 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास 4 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्ति है। इस तरह मनु श्रीवास्तव की संपत्ति अनुराग जैन से लगभग 4.7 गुना अधिक है। इसके अलावा प्रदेश के 55 जिलों के कलेक्टरों में से 12 जिलों के कलेक्टरों के पास न तो अपना घर है और न ही खेती की जमीन है। इन अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति निल बताई है। वहीं 17 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास मकान और दुकान के साथ-साथ खेती की जमीन भी है। कलेक्टरों में किशोर कन्याल सबसे अमीर जिला कलेक्टरों में गुना कलेक्टर किशोर कन्याल सबसे अधिक संपत्ति वाले अधिकारी हैं। उनके पास करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपए की संपत्ति है। उनके पास दो मकान, एक प्लॉट और कृषि भूमि है, जो भोपाल, उत्तर प्रदेश और नोएडा में स्थित है। विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन है। उनके पास भटिंडा, गंगानगर, सिरसा, मुक्तसर, पंचकुला, मुल्लानपुर, इंदौर और भोपाल में मिलाकर करीब 65 एकड़ किसान जमीन है। इसके अलावा इंदौर के अपर कलेक्टर नवजीवन पवार के पास सबसे अधिक 20 अलग-अलग प्रॉपर्टी दर्ज हैं। 16 साल में 4.5 लाख का प्लॉट घटकर 1 लाख का हुआ इन सबके बीच नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा का मामला अलग नजर आता है। वर्ष 2010 में उन्होंने 4.5 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था। आमतौर पर समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है, लेकिन इस मामले में उल्टा हुआ। 4 लाख 50 हजार रुपए का वह प्लॉट अब घटकर केवल 1 लाख रुपए का रह गया है। यानी करीब 16 साल में उस प्लॉट की कीमत लगभग 4.5 गुना कम हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ की संपत्ति मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ कीमत की अचल संपत्ति है. हालांकि उनके पास 3 राज्यों में संपत्ति है. इसमें भोपाल के प्रेमपुरा नगर में भूखंड, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 79 लाख कीमत का एक अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैट, जयपुर में एक फ्लैट और शिवाजी नगर भोपाल में 2 करोड़ 72 लाख कीमत का एक मकान है। अलका उपाध्याय के पास करोड़ों की संपत्ति,नहीं दर्शाई कीमत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सेक्रेटरी और मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की आईएएस अलका उपाध्याय के पास दिल्ली, गुडगांव और भोपाल में मकान, भूखंड हैं. गुडगांव में 2930 स्क्वायर फीट का फ्लैट, दिल्ली में 3244 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, भोपाल में करीब 1 हजार स्क्वायर मीटर का प्लॉट है. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जो उन्हें अपने पिता से मिली है. उन्होंने प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत नहीं बताई है।  अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी करोड़पति 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के पास भोपाल के मिंडोरी में 163.4 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत उन्होंने 48 लाख रुपए बताई है. गुजरात के अहमदाबाद में 50 लाख रुपए कीमत का एक ऑफिस, मिंडोरी में 0.25 एकड़ भूमि इसकी कीमत 27 लाख रुपए दिखाई गई है. भोपाल के सेमरी बजाफ्त में 0.580 हेक्टेयर भूमि कीमत 28.92 लाख और मिडोरी में 0.25 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत 20 लाख दिखाई गई है।  अशोक वर्णवाल के पास 7 करोड़ 50 लाख की संपत्ति वर्ष 1990 बैच के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के पास कुल अचल संपत्ति 7 करोड़ 50 लाख है. भोपाल के बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि, झारखंड के डुमरी में 1200 स्क्वायर फीट का दो मंजिला मकान, बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि और बावड़िया कला में फ्लैट भी है. इसके अलावा बावड़िया कला भोपाल में 2 फ्लैट हैं. इनकी कीमत 4.50 करोड़ रुपए है।  मनोज गोविल के पास 2 करोड़ 64 लाख की अचल संपत्ति 1991 बैच के आईएएस अधिकारी दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ मनोज गोविल ने कुल अचल संपत्ति 2 करोड़ 64 लाख दशाई है. भोपाल के तुलसी नगर में उनका एक फ्लैट, गुडगांव, हरियाणा में एक फ्लैट है।  अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के पास 20 करोड़ की अचल संपत्ति 1991 बैच के नवकरर्णीय ऊर्जा में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव का प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में पुस्तैनी 699.86 स्क्वायर मीटर का मकान है, इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है. इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में 3.50 करोड़ रुपए कीमत का एक प्लॉट है।  आशीष श्रीवास्तव भी करोड़पति, नहीं दर्शाई संपत्ति की कीमत 1992 बैच के आईएएस और दिल्ली में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ आशीष श्रीवास्तव के पास भोपाल के गौंदरमऊ में 240 स्क्वायर मीटर प्लॉट और हरियाणा गुरूग्राम में 2 फ्लैट हैं. इसकी खरीद के समय कीमत 66 लाख रुपए दर्शाई गई है. अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास जाटखेड़ी, भोपाल में 3858 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, कटारा, भोपाल में 0.1़6 हेक्टेयर कृषि भूमि, गौहरगंज रायसेन में 220 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, इंदौर में 6877 स्क्वायर फीट का प्लॉट और अरेरा कॉलोनी, भोपाल में 588 स्क्वायर मीटर पर मकान है, जिसकी खरीद के समय कीमत 3.95 करोड़ रुपए थी।  वीएल कांताराव के पास भोपाल, तमिलनाडु में करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस और केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ वीएल कांताराव का कटारा हिल्स, भोपाल में 0.75 एकड़ भूमि और कांजीपुरम, तमिलनाडु में 2500 स्क्वायर फीट का प्लॉट है।  अनिरूद्ध मुखर्जी के पास 8 करोड़ 45 लाख की संपत्ति 1993 बैच … Read more

कालाबाजारी रोकने के लिए LPG सिलेंडरों पर कड़ी कार्रवाई, 2,554 स्थानों पर छापेमारी

LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी 40 एफआईआर, 8 गिरफ्तार, 37 व्यक्तियों को किया गया अभियोजित आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, सभी जनपदों में स्थापित किए गए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम उपभोक्ताओं को बुकिंग के सापेक्ष 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से सुनिश्चित कराई गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां आवश्यतानुसार एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं।

ICC ने सलमान अली आगा को लगाया डिमेरिट पॉइंट, पाकिस्तानी बल्लेबाज को मिली कड़ी चेतावनी

ढाका  बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे मैच के दौरान अपना आपा खोना पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान अली आगा को भारी पड़ गया है। आईसीसी (ICC) ने आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उन्हें आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई है। शुक्रवार को ढाका में खेले गए मैच के दौरान सलमान आगा को बांग्लादेशी कप्तान मेहदी हसन मिराज ने रन आउट किया था। इस विवादित रन आउट को आगा ने ‘खेल भावना के खिलाफ’ माना। आउट होकर पवेलियन लौटते समय उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए हेलमेट और ग्लव्स सीमा रेखा (बाउंड्री) के पास फेंक दिए थे। अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन: उन्हें आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का दोषी पाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान खेल सामग्री या उपकरणों के साथ दुर्व्यवहार से संबंधित है। सजा: फटकार के साथ-साथ आगा के ‘डिसिप्लिनरी रिकॉर्ड’ में एक डिमेरिट अंक (Demerit Point) जोड़ दिया गया है। स्वीकारोक्ति: मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माना कि उन्होंने यह कृत्य गुस्से में किया था। जय शाह ने पाकिस्तान-बांग्लादेश ड्रामे पर तोड़ी चुप्पी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले हुए विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। शाह ने कहा है कि कोई भी देश या टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। आईसीसी सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से चलता है। एक अवॉर्ड समारोह में जय शाह ने कहा, “विश्व कप से पहले काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुछ टीमें हिस्सा लेंगी या नहीं। आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। कोई एक टीम मिलकर संगठन नहीं बनाती, बल्कि सभी टीमों के साथ मिलकर ही संगठन चलता है।” जय शाह ने बताया कि इस विश्व कप ने दर्शकों के मामले में इतिहास रच दिया। कुल व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। एसोसिएट टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। यूएसए ने भारत को, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को और नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया। आईसीसी अध्यक्ष ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को भविष्य के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक सहित आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करनी चाहिए। विश्व कप से पहले विवाद तब शुरू हुआ था, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत आने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था। पाकिस्तान ने इसके बाद बांग्लादेश के समर्थन में विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दी थी। पाकिस्तान का कहना था कि आईसीसी बांग्लादेश के साथ गलत व्यवहार कर रही है। पाकिस्तान ने पहले पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कही, फिर भारत के साथ ग्रुप स्टेज का मुकाबला न खेलने की बात कही। आईसीसी की मध्यस्थता और बांग्लादेश पर किसी तरह का बैन न लगाए जाने के वादे के बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और भारत के खिलाफ मैच खेला। पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि भारतीय टीम ने लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीता। 

बादशाह को धमकी: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अल्टीमेटम,

चंडीगढ़  पिछले कुछ समय से कई सेलेब्स को धमकियां मिल रही हैं। अब खबर आ रही है कि इंडियन रैपर और सिंगर बादशाह को जान से मारने की धमकी मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से मिली है और फोन कॉल के जरिए धमकी मिली है। फेसबुक पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। रंदीप मलिक अनिल पंडित नाम का अकाउंट है जिसमें यह दावा किया गया है कि वो बिश्नोई गैंग से हैं। इसी पोस्ट में सिंगर को धमकी दी गई है। पोस्ट में क्या धमकी दी गई है उसी पोस्ट में बिश्नोई गैंग ने गैरी और शैंकी के पानीपत ऑफिस में शटिंग की जिम्मेदारी भी ली। शूटिंग के पीछे की वजह बताते हुए उस पोस्ट में दावा किया गया कि वो हवाला में शामिल थे। उन्होंने फिर बाकी सबको वॉर्न किया जो हवाला एक्टिविटीज में शामिल हैं। 2024 में बादशाह के क्लब में हुए हमले पर भी कहा पोस्ट में लिखा गया है, सिंगर बादशाह ने हरियाणा के कल्चर को खराब करने की कोशिश की। इससे पहले 2024 में हमने आपको एक ट्रेलर दिखाया था आपके क्लब में, इस बार हम आपको डायरेक्टली आपके माथे पर शूट करेंगे। क्यों हो रहा है विवाद ऐसा कहा जा रहा है कि बादशाह को उनके हाल ही में रिलीज हुए हरियाणा गाने टटीरी को लेकर धमकी दी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने की एक लाइन को लेकर विवाद हो रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि लिरिक्स में महिलाओं के लिए गलत शब्दों का यूज किया गया है। सिंगर के खिलाफ हरियाणा में एक्शन हरियाणा में सिंगर के खिलाफ लीगल एक्शन भी लिया गया है। वहीं अब गाने को प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है। बादशाह ने मांगी माफी वहीं बादशाह ने फिर विवाद के बाद सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि वह काफी दुखी हैं कि उनके गाने से हरियाणा के लोगों की फीलिंग्स काफी हर्ट हुई है। वह बोले, आप हरियाणा का बेटा समझ कर माफ करेंगे। पुलिस कर रही है जांच पुलिस इन्वेस्टिगेशन कर रही है इस धमकी को लेकर। ऑफिशियल्स का कहना है कि वे चेक कर रहे हैं कि ये बिश्नोई गैंग के मेंबर का ही मैसेज है। सिक्योरिटी एजेंसी भी सोशल मीडिया पोस्ट को मॉनिटर कर रहे हैं। वैसे बता दें कि बादशाह ने अब तक इस धमकी को लेकर कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है। देखते हैं सिंगर क्या कहते हैं।

रायगढ़ में पुलिस महकमे में हलचल: SSP ने 219 जवानों का किया तबादला, एक दर्जन ASI भी प्रभावित

रायगढ़. पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को हटाते हुए जंबो ट्रांसफर आदेश जारी किया है। इस आदेश में एक एसआई, करीब एक दर्जन एएसआई सहित कुल 219 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग थानों और इकाइयों में नई जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और जिले में लॉ एंड ऑर्डर को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह तबादला सूची जारी की गई है। इसके तहत कई पुलिसकर्मियों को नई जगहों पर पदस्थ किया गया है। विभिन्न विभागों में प्रशासनिक कसावट और कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिलासपुर जिले में एक बार फिर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को बदलने के उद्देश्य से तबादले किए गए हैं। इस संबंध में एसएसपी रजनेश सिंह ने आदेश जारी किया है। 130 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण जारी आदेश के अनुसार, जिले में कुल 130 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 3 उप निरीक्षक (SI), 10 सहायक उप निरीक्षक (ASI), 23 प्रधान आरक्षक और 94 आरक्षक शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस फेरबदल का उद्देश्य कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना तथा व्यवस्था में कसावट लाना है।

अफीम कांड के बाद सख्ती: बलरामपुर में लंबे समय से तैनात 58 पटवारियों का तबादला, प्रशासन हरकत में

बलरामपुर. जिले में हाल ही में सामने आए अवैध अफीम की खेती के मामलों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने एक साथ 58 पटवारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस निर्णय के तहत कई तहसीलों में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों को हटाकर अन्य स्थानों पर भेजा गया है। जारी आदेश के अनुसार राजपुर, रामानुजगंज, कुसमी, वाड्रफनगर, शंकरगढ़, रघुनाथनगर और बलरामपुर सहित कई तहसीलों के पटवारियों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था में कसावट लाना, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारियों के कारण बन रही प्रशासनिक ढिलाई को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने राजस्व तंत्र में सख्ती दिखाते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पटवारियों के तबादले को प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित पटवारियों को 13 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी संबंधित पटवारियों को 16 मार्च 2026 तक अपने नए पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आदेश का पालन नहीं करने या निर्धारित समय में नई पदस्थापना स्थल पर जॉइन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने और लापरवाही पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रशासन राजस्व विभाग में और भी सख्ती बरत सकता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet