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18 मार्च 2026 राशिफल: जानें किस राशि के लिए भाग्य रहेगा साथ, और किसे रखना होगा सावधानी बरतने का आग्रह

मेष : आज मेष राशि वालों के लिए समय मध्यम है। आपका मन परेशान रहेगा। आपका बिजनेस अच्छा है,बिजनेस के लिए आपको विदेश जाना पड़ सकता है, कुल मिलाकर लाभ के संकेत हैं। खर्च बढ़ेंगे। परिवार की सेहत का ध्यान रखें, खासकर माता-पिता की सेहत को देखें। वृषभ: कोई बात है जो पर्सनल लाइफ में आपको परेशान कर सकती है। मन परेशान हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी भी रहेगी। धैर्यशीलता से लवलाइफ में काम लें। अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। तरक्की के मौके मिल सकते हैं। मिथुन: आपके लिए इस समय मीठा बोलना जरूरी हैष सभी से प्यार से बात करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के मौके मिल सकते हैं। इस समय आपकी इनकम में वृद्धि भी होगी। परिवार का सपोर्ट हर जगह आपको मिलेगा। कर्क: कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आप किसी बात को लेकर दुखी हो सकते हैं, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। शैक्षिक व शोधादि कार्यों में सफल रहेंगे, खासतौर पर इनमें तरक्की मिलेगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की हो सकती है। सिंह : इस राशि के लोगों को आज खुश होने का मौका लवलाइफ में मिल सकता है। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी, आपको इस समय पार्टनर की केयर करनी है। शैक्षिक कार्यों में दिक्कतें आ सकते हैं। सचेत रहें। किसी मित्र के सपोर्ट से कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। कन्या : आज आपको प्रोफेशनल लाइफ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। इस समय कुछ भी करके संयत रहें। किसी दोस्त से धन मिलने के चांस हो सकते है। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। तुला राशि वालों के लिए इस समय कम्युनिकेशन खास रहेगा, इसलिए जो भी बोलें बैलेंस करके बोलें।मन प्रसन्न रहेगा। आपका आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पिता की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। खर्च भी बढ़ेंगे। वृश्चिक : आपको मानसिक तौर पर तनाव हो सकता है, इसलिए आप थोड़े परेशान हो सकते हैं। कारोबार के लिए माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार के लिए परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। धनु : इस सम आपको प्रोफेशनल लाइफ में काबिलियत साबित करने के लिए कई मौके मिल सकते हैं। हालांकि आपके आत्मविश्वास में भी कमी रहेगी। इस समय नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि भी होगी। मकर: मकर राशि वालों के लिए अच्छे योग हैं, प्रोपर्टी या स्टॉक मार्केट से निवेश के मौके आएंगे। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ : कुंभ राशि वालों को हेल्थ को लेकर चिंता हो सकती है, आपका मन परेशान रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने की कोशिश करें। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। पार्टनर की तरफ से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। मीन : महत्वपूर्ण पेशेवर कामों को पूरा करते समय अहंकार को त्याग दें। वित्तीय समृद्धि आपको स्मार्ट निवेश करने में मदद करती है। लव लाइफ में आज ज्यादा से ज्यादा बातचीत की जरूरत है। अतिरिक्त पेशेवर जिम्मेदारियां लें। आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी निवेश का समर्थन करती है।

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026: LOC भरना शुरू, जानिए कौन है पात्र और क्या हैं नियम

नई दिल्ली सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 2026 की दूसरी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल पहले चरण के दौरान LOC जमा कर सकेंगे, जो 18 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित है। साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की नीति के अनुसार जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किया गया है। कक्षा 10 के छात्रों को अब एक ही शैक्षणिक वर्ष के भीतर दो बार बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। दूसरी परीक्षा मई 2026 में आयोजित होने वाली है, जिससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने का मौका मिलेगा। CBSE ने स्पष्ट किया है कि LOC स्कूलों द्वारा केवल उन छात्रों के लिए जमा की जानी है जो परीक्षा में बैठना चाहते हैं। इससे बोर्ड को पहले से ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में कितने छात्र बैठने का इरादा रखते हैं, साथ ही वे किन विशिष्ट विषयों की परीक्षा देना चाहते हैं। LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी बोर्ड के अनुसार, LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 18 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। इसके बाद, दूसरे और तीसरे चरण में भी LOC जमा करने का अवसर मिलेगा, हालांकि इसके लिए विलंब शुल्क (late fee) का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा करने की अंतिम समय सीमा रात 11:59 बजे निर्धारित की गई है। स्कूलों के लिए निर्देश जारी CBSE ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्हें छात्रों और अभिभावकों को दूसरी बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और शुल्क संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने को कहा गया है। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों की संख्या सीमित हो सकती है; परिणामस्वरूप, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि प्रत्येक छात्र को उसके तत्काल आसपास के क्षेत्र में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पात्रता और नियम बोर्ड के अनुसार, केवल वही छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग लेने के पात्र होंगे जो पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में से चुने गए अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों में सुधार करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र पहली परीक्षा के दौरान तीन या उससे ज्यादा विषयों में अनुपस्थित थे, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष में मुख्य परीक्षा में बैठना होगा। इसके विपरीत, जो छात्र ‘कम्पार्टमेंट’ श्रेणी में रखे गए हैं, वे विशिष्ट कम्पार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। डेटा या विषयों में कोई बदलाव नहीं  CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहली और दूसरी परीक्षा के बीच छात्र के डेटा में किसी भी तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी। आम तौर पर, विषयों को बदलने की भी अनुमति नहीं होगी, सिवाय गणित से जुड़े विशेष मामलों के। बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessments) में सुधार के लिए कोई प्रावधान नहीं दिया जाएगा, क्योंकि यह एक साल तक चलने वाली प्रक्रिया है।

मयबद्ध कार्य और बेहतर उपस्थिति पर सम्मान: मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों को किया पुरस्कृत

रायपुर ई-ऑफिस सम्मान समारोह मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में जनवरी एवं फरवरी माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से नस्तियों के त्वरित निस्तारण और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर  सम्मानित किया गया। जनवरी माह की विभागीय रैंकिंग में गृह विभाग ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। समाज कल्याण विभाग ने 86.76 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि धर्मस्व विभाग ने 86.58 प्रतिशत अंक अर्जित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग से शासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने सभी विभागों से इसी प्रकार दक्षता के साथ कार्य करने और निरंतर बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने की अपेक्षा की। समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। जनवरी माह में ई-ऑफिस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले में संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की मती जय जैन, द्वितीय स्थान में अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव  अनुपम त्रिवेदी, उप सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-एक के उप सचिव  किशोर कुमार भुआर्य, द्वितीय स्थान में सामान्य प्रशासन-6 के उप सचिव मती ऋतु वर्मा, तृतीय स्थान में समाज कल्याण विभाग के उप सचिव स्वर्गीय रामलाल खैरवार, अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में विधि एवं विधायी विभाग के अवर सचिव अरूण कुमार मिश्रा, द्वितीय स्थान में अवर सचिव गृह विभाग पूरन लाल साहू, तृतीय स्थान में अवर सचिव सामान्य प्रशासन-1 के कैलाश कुमार नेताम, तृतीय स्थान में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव  सत्य नारायण वास्तव, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में अनुभाग अधिकारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मणिराम रात्रे, द्वितीय स्थान में अनुभाग अधिकारी सामान्य प्रशासन-(1, 4 ) के नंद कुमार मेश्राम, तृतीय स्थान में अनुभाग अधिकारी पंचायत विभाग लीलाम्बर ओहदार, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक दौलतराम वर्मा, द्वितीय स्थान में खेल विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मुकेश राम प्रधान, तृतीय स्थान में गृह विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक रामगोपाल सेन, कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक राम कुमार सिंग, द्वितीय स्थान में जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रदीप कुमार, तृतीय स्थान सामान्य प्रशासन विभाग-2 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  सुरेन्द्र कुमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में प्रथम स्थान में वन विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर माया देवांगन, द्वितीय स्थान में स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 ललीत साहू, द्वितीय स्थान में (तकनीकी) कम्प्यूटर ऑपरेटर दीपेश कुमार साहू।  फरवरी माह में ई-ऑफिस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले में संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार राजपूत, द्वितीय स्थान में अतिरिक्त सचिव  सत्यनारायण वास्तव, तृृतीय स्थान में परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव  कमलेश बंसोड़, उप सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में गृह विभाग के उप सचिव  रामप्रसाद चौहान, द्वितीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के उप सचिव  किशोर कुमार भूआर्य, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-8 के उप सचिव अंशिका ऋषि पांडे, द्वितीय स्थान में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव  सत्यनारायण वास्तव, अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान गृह विभाग अवर सचिव पूरनलाल साहू, द्वितीय स्थान पंचायत विभाग अवर सचिव विश्वनाथ नाग, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के अवर सचिव कैलाश कुमार नेताम, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-(1, 4 ) अनुभाग अधिकारी  नंदकुमार मेश्राम, द्वितीय स्थान में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अनुभाग अधिकारी मणिराम रात्रे, तृृतीय स्थान में पंचायत विभाग के अनुभाग अधिकारी  शिवकुमार गोड़, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के  ओंकार राम भूआर्य, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में मुख्य सचिव कार्यालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक  राकेश संतयाल, द्वितीय स्थान खेल विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक  श्याम लाल साहू, कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  प्रमोद कुमार, द्वितीय स्थान में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  सतकुमार भास्कर, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  रामकुमार सिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में प्रथम स्थान में कम्प्यूटर ऑपरेटर (तकनीकी)  दीपेश कुमार साहू, द्वितीय वन विभाग डाटा एंट्री ऑपरेटर माया देवांगन, तृतीय स्थान में स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2  ललित साहू। जनवरी माह में उपस्थिति में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले में प्रथम स्थान पर रहने वाले  आशीष कुमार शर्मा (अनुभाग अधिकारी),  छबि लाल साहू, (निज सचिव),  पवन कुमार साहू (सहायक अनुभाग अधिकारी), फरवरी माह में उपस्थिति में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले में प्रथम स्थान में 22 अधिकारी-कर्मचारी निम्न है- सहायक अनुभाग अधिकारी  अजित कुमार चंद्रवंशी, वरिष्ठ सहायक सचिवालय सु अंजू पटेल, सहायक अनुभाग अधिकारी  आशुतोष वर्मा, अनुभाग अधिकारी  बसंत कुमार धु्रर्वे, निज सहायक  बिरेन्द्र कुमार, सहायक अनुभाग अधिकारी  छवि राम साहू, अवर सचिव क्लेमेन्टीना लकरा, सहायक अनुभाग अधिकारी  देवेन्द्र साहू, अवर सचिव  हेमंत कुमार पांडे, सहायक अनुभाग अधिकारी  लोक नारायण शर्मा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  प्रदीप कुमार साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमिला यादव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  पुरूषोत्तम लाल निषाद, भृत्य  राज कुमार सोरी, अवर सचिव  राजीव कुमार झाड़े, अवर सचिव  रातु लाल धु्रव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सुनीता साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  सूरज कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक तारा कुजूर, सहायक अनुभाग अधिकारी  विनोद कुमार अथनकर, सहायक अनुभाग अधिकारी  योगेन्द्र कुर्रे, अनुभाग अधिकारी  युवराज साहू कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

PM Narendra Modi से Eknath Shinde की मुलाकात, मिडिल ईस्ट संकट पर हुई खास बातचीत

नई दिल्ली शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू हालात और महाराष्ट्र के अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर मौजूद रहे। एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि युद्ध जैसे हालात में ‘एनडीए’ की सहयोगी के तौर पर शिवसेना, पीएम के स्टैंड का सपोर्ट करती है और हम देश के साथ हैं। इस मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान की बात करते हैं। बालासाहेब के लिए देश पहले था और राजनीति बाद में। आज हम बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को मुंबई और पुणे सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राज्य में विकास के कामों और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष युद्ध जैसे हालात का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं। इससे ब्लैक मार्केट करने वालों को मौका मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब युद्ध जैसे हालात में देश के साथ रहने की उम्मीद है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी, जिसका पाकिस्तान में भी ध्यान रखा गया था। कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान में बोलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को देश में गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट करने वालों को रोकने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: TMC ने पूरी ताकत झोंकी, भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए सभी 294 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी। टीएमसी द्वारा जारी इस लिस्ट में ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी। वहीं, हाल ही में टीएमसी में शामिल हुए पवित्र कर को नंदीग्राम से टिकट दिया गया है, जहां उनका भी मुकाबला सुवेंदु अधिकारी से होगा। भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों विधानसभा सीटों से टिकट दिया है। इसके साथ ही सुजापुर सीट से सबीना यास्मीन, जंगीपुर सीट से जाकिर हुसैन, सागरदिघी सीट से बायरन बिस्वास, दिनहाटा सीट से उदयन गुहा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, सिलीगुड़ी सीट से गौतम देव चुनाव मैदान में उतरे हैं। खगराम सीट से आशीष मारजीत चुनाव लड़ेंगे। करीमपुर सीट से सोहम चक्रवर्ती चुनाव लड़ेंगे। कंडी सीट से अपूर्व सरकार चुनाव लड़ेंगे। सिताई सीट से संगीता रॉय बसुनिया चुनाव लड़ेंगी। कृष्णानगर उत्तर सीट से अभिनव भट्टाचार्य चुनाव लड़ेंगे। नवद्वीप सीट से पुण्डरीकाक्ष साहा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, हरिन्घाटा सीट से राजीव विश्वास चुनाव लड़ेंगे। स्वरूपनगर सीट से बीना मंडल चुनाव लड़ेंगी। राजगंज सीट से सपना बर्मन चुनाव लड़ेंगी। हबरा सीट से ज्योतिप्रिया मल्लिक चुनाव लड़ेंगे। कृष्णानगर नगर दक्षिण सीट से उज्जवल विश्वास चुनाव लड़ेंगे। राणाघाट दक्षिण सीट से सौगत कुमार बर्मन चुनाव लड़ेंगे। कल्याणी सीट से अतींद्रनाथ मंडल चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले, सोमवार को भाजपा ने 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें सुवेंदु अधिकारी समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल थे। वहीं, वाम दल ने भी अपनी लिस्ट जारी की थी। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

भौगोलिक सीमाओं से परे सामूहिक अस्तित्व और उत्तरदायित्व की दिशा में आगे बढ़ें युवाओं का किया आह्वान

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्काउटिंग और गाइडिंग के मूल मंत्र ईश्वर, देश के प्रति कर्तव्य तथा दूसरों की सेवा और चरित्र निर्माण मानवता का आधार है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक भारत सहित बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों की युवा चेतना के लिए सीखने, समझने और आत्म-विकास का प्रेरक मंच है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं का आह्वान किया कि वह भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करें। समूचे क्षेत्र के सतत विकास, शांतिपूर्ण, समृद्ध भविष्य के निर्माण में योगदान करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को बिम्सटेक द्वारा यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमर्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित शुभारंभ समारोह में सदस्य देशों बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल,लंका, थाईलैंड भारत के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर्स-रेंजर्स और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में स्काउट्स और गाइड्स द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। इस अवसर पर सेंट माउंट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटेल नगर की छात्राओं ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, समुद्री परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत स्वरूप है। भारत की सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भावना “वसुधैवकुटुम्बकम्” का आधुनिक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आयोजन का विषय “विरासत, प्रकृति और सतत भविष्य के लिए नेतृत्व”, भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और साझा उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं से कहा कि एक-दूसरे की विविध संस्कृतियों को समझने और सीमाओं से परे स्थायी मित्रता स्थापित करने के इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में जन-केंद्रित, युवा-संचालित और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी विकास के विभिन्न आयामों को भारत ने अपनाया है। इनका अध्ययन कर विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को समझा जा सकता है। संयुक्त सचिव बिम्सटेक एवं सार्कविदेश मंत्रालय सी.एस.आर. राम ने बताया कि मध्य प्रदेश में आयोजित बिम्सटेक कार्यक्रम के माध्यम से ‘इंडो-पैसिफिक’ और ‘ग्लोबल साउथ’ के विजन को मजबूती दी गई। ‘महासागर’ पहल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से इसे सरकारी नीतियों के बजाय एक जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास से जोड़ने की पहल है। दिल्ली से बाहर निकलकर गुवाहाटी और महाराष्ट्र के क्रम में आयोजन की चौथी कड़ी मध्यप्रदेश का आयोजन है। उन्होंने कहा है कि नागरिक समाज की यह सक्रियता दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सहयोग का नया अध्याय लिखेगी। चीफ नेशनल कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स डॉ. के.के. खंडेलवाल ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एवं दक्षिण एशियाई क्षेत्र की साझा संस्कृति और इतिहास का स्वरूप है। उन्होंने बिम्सटेक को बंगाल की खाड़ी को जोड़ने वाला एक सेतु बताते हुए क्षेत्र के युवाओं के लिए नेतृत्व और सहकार के अनुभव प्राप्त करने की पहल बताया है। स्काउट्स-गाइड्स को विरासत, प्रकृति संरक्षण, चरित्र निर्माण और भविष्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाने के लिएप्रेरित किया। स्वागत उद्बोधन सेक्रेट्री जनरल एण्ड प्रेसीडेंट इन काऊंसिल भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स पी.जी.आर. सिंधिया ने दिया। डायरेक्टर स्काउट ब्यूरों एशिया पेसिफिक एस. प्रसन्नावास्तव ने कार्यक्रम की गतिविधियों का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन नेशनल कमिश्नर ऑफ स्काउट्स भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मनीष मेहता ने दिया। कार्यक्रम में स्टेट चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मध्यप्रदेश पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आई.पी.एस. पवन कुमारवास्तव, डायरेक्टर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स सुश्री दर्शना पावस्कर, एडिशनल चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स एम.ए. खालिद मंचासीन थे।  

EPFO में नए नियम लागू: जानिए सरकार ने क्या बदला और आप पर क्या होगा असर

नई दिल्ली लोकसभा में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत चल रहे EPFO 3.0 रिफॉर्म्स पर विस्तृत जानकारी दी है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। खासतौर पर क्लेम सेटलमेंट को फास्ट करना, प्रोसेस को आसान बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना इसमें शामिल है। क्या होगा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) को लेकर आया है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को पूरी तरह अपना चुके हैं। इस नए सिस्टम की मदद से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है। यानी अब पेंशन के भुगतान में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक कम हो गई हैं। क्लेम सेटलमेंट के मामले में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सरकार के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक ₹5 लाख तक के कुल 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किए गए हैं। यही नहीं, कुल एडवांस क्लेम्स में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए गए, जिनके जरिए लगभग ₹51,620 करोड़ की राशि जारी की गई। इससे साफ है कि अब लोगों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। EPF अकाउंट ट्रांसफर अब काफी आसान नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट ट्रांसफर भी अब काफी आसान हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में नियोक्ता की मंजूरी और कई स्टेप्स लगते थे, अब KYC अपडेट होने पर यह काम खुद-ब-खुद हो रहा है। 25 फरवरी 2026 तक करीब 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्लेम्स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं। वहीं 21 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऐसे हैं, जो कर्मचारियों ने खुद बिना नियोक्ता की मदद के जमा किए। एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड अगर EPFO 3.0 को आसान भाषा में समझें, तो यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिसमें कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाया गया है। पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में हो रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल (EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने) पर फिलहाल कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की फेम ट्रिप से प्रभावित हुए देश के प्रतिनिधि, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और आतिथ्य की सराहना

रायपुर विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और राज्य की प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित फेम (FAM) ट्रिप के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखा और उसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधियों को बस्तर जिले के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया साथ ही बोटिंग भी कराई गई, जिसने उनके अनुभव को और रोमांचक बना दिया। इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने चित्रकोट स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन भी किए। बस्तर की जीवंत लोक संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रतिनिधियों को यहां के प्रसिद्ध हाट-बाजार भी ले जाया गया, जहां उन्होंने पारंपरिक मुर्गा लड़ाई जैसे स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को देखा और बस्तर की विशिष्ट जनजातीय परंपराओं को समझा। इस भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों को ऐतिहासिक नगरी बारसूर भी ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध बत्तीसा मंदिर और भगवान गणेश की अद्भुत एवं प्राचीन मूर्तियों का अवलोकन किया। इन ऐतिहासिक धरोहरों ने प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने बस्तर के कमिश्नर, आईजी और एसपी से भेंट कर क्षेत्र में पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में प्रतिनिधियों को मैनपाट के खूबसूरत पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने करमा एथेनिक रिजॉर्ट और सैला रिसोर्ट का दौरा किया तथा मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का अनुभव किया। इसके अलावा प्रतिनिधियों को कुनकुरी स्थित गिरजाघर, जशपुर का राजपुरी जलप्रपात तथा केरे विलेज जशपुर में स्थित महुआ होमस्टे जैसे आकर्षक पर्यटन स्थलों से भी परिचित कराया गया। इन स्थलों ने छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को उजागर किया। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित यह फेम ट्रिप 13 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 28 टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट्स शामिल हैं। इन प्रतिनिधियों को दो समूहों में विभाजित कर राज्य के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटरों को राज्य की पर्यटन संभावनाओं से सीधे परिचित कराना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर सकें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य के पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा तथा प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। इस फेम ट्रिप से जुड़े प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और यहां के लोगों के आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और वे अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देंगे। फेम ट्रिप का समापन 18 मार्च को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के साथ होगा, जहां दोनों समूहों के प्रतिनिधि एकत्रित होंगे और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की ओर से राज्य की पर्यटन संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। इस पहल से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर विवाद, लीक ऑडियो से उठे कई सवाल

ईरान ईरान के नव नियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मौत को महज कुछ सेकंड से चकमा देकर जान बचाई थी। इस बात का खुलासा एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग से हुआ है। ऑडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को इजरायल के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किए गए मिसाइल हमले में उनके पिता और ईरान के भूतपूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, लेकिन मोजतबा ठीक समय पर इमारत से बाहर निकल आए थे, इस कारण उनकी जान बच गई। ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऑडियो 12 मार्च को वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरुओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) कमांडरों की एक आंतरिक बैठक से लीक हुआ है। बैठक में दिवंगत नेता के कार्यालय के प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहेर हुसैनी ने बताया कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता के साथ इमारत के अंदर थे, लेकिन मिसाइलें गिरने से ठीक पहले वे किसी काम से आंगन में बाहर निकल गए थे। ऑडियो रिकॉर्डिंग में और क्या हुसैनी के हवाले से रिकॉर्डिंग में कहा गया है कि ईश्वर की मर्जी से मोजतबा को कुछ काम के लिए बाहर जाना पड़ा और वे वापस लौट रहे थे। वे बाहर थे और ऊपर की ओर जा रहे थे, तभी इमारत पर मिसाइल हमला हुआ। हमले के तुरंत बाद इजरायली ब्लू स्पैरो बैलिस्टिक मिसाइलों ने परिसर को निशाना बनाया, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई सहित दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी और परिवारजन मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन मिसाइलें दागी गईं थी। बताया गया कि एक मुख्य निवास पर, दूसरी मोजतबा के ऊपरी मंजिल आवास पर और तीसरी उनके बहनोई मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के घर पर। हमले के प्रभाव को बताते हुए हुसैनी ने कहा कि ईरानी सैन्य प्रमुख मोहम्मद शिराजी का शरीर टुकड़ों में बंट गया और केवल कुछ किलो मांस से उनकी पहचान हुई। एक अन्य मिसाइल से बाघेरी कानी का सिर दो हिस्सों में कट गया। मोजतबा के पैर में चोट लगने की बात आगे बताया गया कि मोजतबा खामेनेई को हमले में पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी पत्नी हद्दाद की मौके पर ही मौत हो गई। दिवंगत नेता के एक अन्य बेटे मुस्तफा खामेनेई और उनकी पत्नी भी बाल-बाल बच गए। अब ऑडियो लीक होने के बाद से मोजतबा खामेनेई की सेहत और ठिकाने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे उनकी चोटों की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनके पैर का नुकसान पहुंचा है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अधिकारी ईरानी नेता की स्थिति से अनिश्चित हैं। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि उनका चेहरा बुरी तरह विकृत हो गया है। वे कह रहे हैं कि उन्होंने एक पैर खो दिया है और गंभीर चोटें आई हैं। कुछ लोग उनकी मौत की भी बात कर रहे हैं। हमने उन्हें बिल्कुल नहीं देखा है। हमें नहीं पता कि वे जिंदा हैं या नहीं।  

74 विद्यार्थियों को उपाधि, 107 को गोल्‍ड मेडल और 1 शोधार्थी को डी-लिट् की प्रदान की गई उपाधि

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आज विक्रम विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर अत्यधिक आनन्द का अनुभव हो रहा है। उन्होंने दीक्षान्त समारोह में उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए सभी के यशस्वी एवं मंगलमय भविष्य की कामना की। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि उज्‍जैन नगरी में आते ही एक अलग प्रकार की अनुभूति होती है। सम्राट विक्रमादित्‍य विश्‍वविद्यालय में ही एक विद्यार्थी ने शिक्षा प्राप्‍त की और आज वे प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने। मंगलवार को राज्यपाल  पटेल की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30 वां दीक्षांत समारोह स्‍वर्ण जयंती सभागृह सम्पन्न हुआ। राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि प्रदेश का राज्‍यपाल बनने के अगले ही दिन वे भगवान  महाकालेश्‍वर के दर्शन के लिए आए और यहीं से उन्‍हें प्रदेश के सतत विकास और देश की प्रगति के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा प्राप्‍त हुई। राज्‍यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि आज दीक्षांत के साथ आप सभी ने समाज के उत्‍थान और देश की एकता के लिए शपथ ली है। विश्‍वविद्यालय से जो संस्‍कार आपको मिले है उन्‍हें जीवन भर स्‍मरण रखकर कार्य करें। आपके माता-पिता ने आपको शिक्षित करने के लिए बहुत कष्‍ट उठाए है इसलिए पढ़ लिखकर अपने माता-पिता की सेवा करें। आप जीवन में कुछ भी बन जाओं परंतु अपने माता-पिता और गुरु के प्रति सदैव आभारी रहना, उनकी सेवा करना। शिक्षित होने का उद्देश्‍य मात्र उपाधि अथवा प्रमाण-पत्र पाना नहीं बल्कि समाज और देश की उन्‍नति में योगदान देकर एक जिम्‍मेदार नागरिक भी बनना है। भगवान कृष्ण ने उज्जैन को बनाया अपनी शिक्षा स्थली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान और ध्यान के वैश्विक केन्द्र उज्जैन को भगवान कृष्ण ने अपनी शिक्षास्थली के रूप में चुना। चौसठ कलाओं और 14 विद्याओं की यह धरती शौर्य के प्रतीक सुशासन के पुरोधा, विक्रम संवत के प्रवर्तक, भारतीय सांस्कृतिक चेतना के रक्षक और न्यायप्रियता के प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली रही है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं बल्कि 7 दशकों के उस समर्पण का परिणाम है, जिसने दुनिया को कुशल मानव संसाधन और श्रेष्ठ स्कॉलर सौंपे हैं। विश्वविद्यालय से सम्राट विक्रमादित्य का नाम जुड़ने से विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों का गौरव बढ़ा है। ऐसे विश्वविद्यालय की उपाधियों से विभूषित होना विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीक्षांत समारोह में डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी-लिट), गोल्ड मेडल और स्नातक उपाधियां प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन में सीखने की एक नई शुरुआत है, यह जीवन का महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट है। बेहतर जीवन के लिए विद्यार्थियों को सीखने की ललक सदैव बनाए रखना होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश और प्रदेश के समग्र विकास में सहभागी बनेंगे और जीवन के सभी क्षेत्रों में अपने कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा के साथ निवर्हन करते हुए अपने परिवार, समाज और देश का गौरव बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को ससम्मान उपाधियां प्रदान करने के लिए दीक्षांत समारोह की परम्परा आरंभ की गई है। यह विश्वविद्यालय प्रसिद्ध कवि  शिवमंगल सिंह सुमन और पद्म विष्णु धर वाकणकर जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रहा है। नवाचार में अग्रणी यह विश्वविद्यालय, कृषि अध्ययन शाला और डेयरी टेक्नालॉजी जैसे आधुनिक विषयों को आरंभ करने के लिए पहल करने में भी प्रदेश में प्रथम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय को विभिन्न यंत्रों के लिए 51 लाख रुपए, 5 ड्रोन तथा अध्ययन यात्रा के लिए एक बस प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। पिछला वर्ष प्रदेश में निवेश और रोजगार के रूप में मनाया गया। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उज्जैन वर्ष 2028 में भव्य और दिव्य सिंहस्थ का साक्षी बनेगा। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन से लेकर उनके मां क्षिप्रा के जल से स्नान तक की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार अभी से हर संभव तैयारी कर रही है। सिंहस्थ के आयोजन में स्वच्छता, यात्री मार्गदर्शन, डिजिटल हेल्प आदि का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं भी दीं। नवीन कृषि अध्ययनशाला भवन और भर्तृहरि छात्रावास भवन का किया लोकार्पण राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित नवीन कृषि अध्ययनशाला भवन का लोकार्पण एवं एमईआरयू परियोजना अंतर्गत नव श्रृंगारित भर्तृहरि छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सम्पादित पुस्तकों ईकोस एण्ड एक्सप्रेशन्स, कंटूर्स ऑफ थॉट, रागात्मिका सहित 4 पुस्तकों का विमोचन भी किया। उपाधियाँ प्रदान करने के बाद विश्‍वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थियों को उपदेश देकर शपथ दिलाई। निकली अकादमिक शोभायात्रा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यपरिषद सदस्‍यों व संकाय अध्‍यक्षों के साथ समूह चित्र खिंचवाया। इसके बाद दीक्षांत समारोह की अकादमिक शोभा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में सांसद  अनिल फिरोजिया, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा और नगर निगम अध्‍यक्ष  कलावती यादव शामिल रहें। सम्राट विक्रमादित्य के मूर्तिशिल्प पर अर्पित की पुष्पांजलि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर स्थित सम्राट विक्रमादित्य के मूर्तिशिल्प पर पुष्पांजलि अर्पित की। एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। समारोह के प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदेमातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन हुआ। अतिथियों ने माँ वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। हथकरघा इकाई की प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों ने हथकरघा इकाई की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। आचार्य विद्यासागर पीठ एवं संस्‍था द्वारा अतिथियों को हाथ से बनी हथकरघा सामग्री भेंट की। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज और कुल सचिव  अनिल कुमार शर्मा ने राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ, पारिजात का पौधा, शॉल, फल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्य परिषद के सदस्यों के द्वारा अन्य अतिथियों का भी सम्मान और स्वागत किया गया। … Read more

चुनावी सरगर्मी तेज, शुभेंदु अधिकारी के खास सहयोगी ने बदला पाला, TMC में शामिल

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां शुभेंदु अधिकारी के पूर्व वफादार माने जाने वाले नेता ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर ली। यह नेता पबित्र कर हैं, जो पूर्व में नंदीग्राम-2 ब्लॉक के बोयाल-1 ग्राम पंचायत के प्रधान थे। उन्होंने बीजेपी छोड़कर टीएमसी की सदस्यता ग्रहण की और यह घटना पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में हुई। TMC ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पबित्र बीजेपी की जन-विरोधी नीतियों से असंतुष्ट होकर वापस लौटे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और टीएमसी जल्द ही अपनी उम्मीदवारों की सूची घोषित करने वाली है। राजनीतिक हलकों में इस घटना को काफी महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि नंदीग्राम सीट पहले से ही विवादास्पद और चर्चित बनी हुई है। पबित्र कर का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। नवंबर 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। BJP में शामिल होने के बाद उन्होंने बोयाल-1 क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी मेहनत का असर दिखा, जब बीजेपी को इस इलाके में बढ़त मिली। उसी चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को महज 1,900 से थोड़े अधिक वोटों के अंतर से नंदीग्राम सीट पर हराया था, जिसने पूरे राज्य की सियासत को हिला दिया था। पबित्र को सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी के रूप में जाना जाता था, इसलिए उनकी टीएमसी में वापसी को एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है। यह कदम बीजेपी के लिए नंदीग्राम जैसे संवेदनशील क्षेत्र में झटका साबित हो सकता है। TMC का झंडा लहराने वाली तस्वीर अभिषेक बनर्जी के हाथों से टीएमसी का झंडा थामते हुए पबित्र कर की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। यह घटना उम्मीदवारों की सूची घोषणा से महज कुछ घंटे पहले हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में जोरदार अटकलों को जन्म दिया है। कई विश्लेषकों और नेताओं का मानना है कि टीएमसी पबित्र कर को नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ मैदान में उतार सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह चुनावी मुकाबला और भी रोमांचक हो जाएगा, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच पहले से व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। नंदीग्राम 2021 में ममता बनर्जी की हार का प्रतीक बन चुका है और टीएमसी इसे वापस जीतकर अपनी ताकत दिखाना चाहती है। इस संभावित टक्कर से स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की राय भी प्रभावित हो सकती है। यह घटनाक्रम बंगाल की सियासत में बदलते समीकरणों को दर्शाता है। जहां एक तरफ बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है, वहीं टीएमसी पुराने नेताओं को वापस लाकर व नए चेहरों को मौका देकर अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करना चाहती है। पबित्र कर की वापसी न केवल नंदीग्राम बल्कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के अन्य हिस्सों में भी टीएमसी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में जब TMC की उम्मीदवार सूची जारी होगी तो इस अटकल का जवाब मिल जाएगा। फिलहाल यह कदम बंगाल की राजनीति में नया तड़का जोड़ने वाला साबित हो रहा है और सभी की निगाहें नंदीग्राम पर टिकी हुई हैं।  

किसानों की खुशहाली से देश की तरक्की, Shivraj Singh Chouhan ने बताया सरकार का प्रमुख एजेंडा

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है, जैसे तंबाकू जैसी हानिकारक फसलों की जगह लाभदायक फसलों को बढ़ावा देना, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, फसल बीमा योजना में सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना। संसद के निचले सदन में सांसदों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों से तंबाकू की खेती छोड़ने की अपील की है और इसके बदले कई फायदे वाली फसलों की पहचान की है। इनमें हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन्स, लोबिया, रागी, अरहर, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलें शामिल हैं, ताकि किसानों की नकद आय सुरक्षित बनी रहे।  मंत्री ने कहा कि देश के ज्यादातर किसानों के पास छोटी जमीन होती है, इसलिए केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा होता है। इसको देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग (मिश्रित खेती) के कई मॉडल तैयार किए हैं, जिनका अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं और धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और एग्रो-फॉरेस्ट्री जैसी गतिविधियों को एक साथ अपना सकते हैं। इससे उन्हें पूरे साल स्थिर और ज्यादा आय मिल सकती है। चौहान ने आगे बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाया गया है और इस सीजन में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दालों जैसे तूर, मसूर और उड़द के लिए भी व्यवस्था की है, जिसमें किसान रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी पूरी उपज बेच सकते हैं और सरकार उसे खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है। फसल बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि पहले किसानों को मुआवजा पाने में कई महीने लग जाते थे, लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अगर किसी एक किसान की फसल भी खराब होती है तो उसे मुआवजा मिलना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगर 21 दिनों के भीतर बीमा राशि किसान के खाते में नहीं आती है, तो बीमा कंपनी और राज्य सरकार को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इससे किसानों को देरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और फसल बीमा या अन्य योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाती है, वहां दोषियों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में राजस्थान सहित कई राज्यों में फसल बीमा के तहत हजारों करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे गए हैं, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिला है।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय अवकाश के दिनों पर भी मिलेगी पंजीयन की सुविधा

रायपुर, राज्य के आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों का सुचारू एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी पंजीयन (स्टाम्प दस्तावेज) कार्यालय चयनित अवकाश दिवसों में भी संचालित (खुले) किए जाएंगे। जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च तथा 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह खुले रहेंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन सहित अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।        शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपने लंबित पंजीयन कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनज़र इन दिनों में पंजीयन कार्यों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन संबंधी कार्यों का निष्पादन कराएं, जिससे अनावश्यक भीड़ और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

LPG क्राइसिस पर सुनवाई: कोर्ट के सवालों पर सरकार ने रखी अपनी बात

नई दिल्ली एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को जवाब दिया है। सरकार ने इस जवाब में कहा है कि एलपीजी संकट से उबरने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित न होने पाए। सरकार के दूसरे वरिष्ठतम कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अनिल एस किलोर और राज डी वाकोड़े की बेंच को बताया कि बातचीत जारी है और सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन कदमों को उठाया जा रहा है, उन्हें जानबूझकर नहीं बताया जा रहा है। साथ ही सरकार पर भरोसा बनाए रखने की भी अपील की। अपनी तरफ से पूरी कोशिश इसलिए, उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वह एलपीजी डीलरों द्वारा दायर याचिका को बंद कर दे। डीलरों ने दावा किया था कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है। एसजी मेहता ने कहाकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। सरकार पर भरोसा करते हुए अदालत इसे बंद करने पर विचार कर सकती है। अदालत ने सरकार की प्रस्तुतियों पर विचार किया और याचिका को बंद कर दिया। यह याचिका एलपीजी डीलरों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि एलपीजी की गंभीर कमी है। डीलरों ने कहाकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आपूर्ति मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण प्रभावित हुई। सरकार को दी थी नोटिस इससे पहले 12 मार्च को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया था। छह रसोई गैस वितरकों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड ने केन्द्र सरकार के घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देशों के बावजूद घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं बढ़ाई है। अधिवक्ता श्याम देवानी और साहिल देवानी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान से रसोई गैस उत्पादन पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे। याचिका में क्या था याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी से निर्यात रोककर घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बार अनुरोध किए गए, लेकिन कंपनी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार कंपनी ने जवाब दिया कि वह अपनी निर्यात नीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति जारी रखने के लिए बाध्य है और घरेलू बाजार को प्राथमिकता नहीं दे सकती। जस्टिस अनिल एस किलोरे और न्यायमूर्ति राज डी वाकोड़े की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किए और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की थी।  

कहां से पैसा आया और कहां खर्च हुआ, अब सब कुछ है स्पष्ट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में एक स्पष्ट और व्यावहारिक बदलाव किया है। अब टैक्स को केवल राजस्व इकट्ठा करने का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि उसे सीधे किसी खास उद्देश्य से जोड़कर खर्च किया जा रहा है। सरल शब्दों में समझें तो कौन सा पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, यह अब स्पष्ट दिख रहा है। यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया हुआ टैक्स किस काम में लग रहा है। इस पूरी नीति का सीधा मतलब है कि टैक्स अब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विकास का साधन बन चुका है। उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि अगर योजना स्पष्ट हो, तो हर रुपये का सही उपयोग करके समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति तीनों को एक साथ मजबूत किया जा सकता है। गो कल्याण सेस: छोटा टैक्स, बड़ा असर राज्य सरकार ने आबकारी से जुड़े राजस्व पर 0.5% का गो कल्याण सेस लगाया है। यह टैक्स शराब की बिक्री से जुड़ा है। आम उपभोक्ता पर इसका बहुत कम असर पड़ता है, लेकिन पूरे राज्य से यह मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाता है। इस पैसे को सीधे आवारा गोवंश की देखभाल में खर्च किया जाता है। प्रदेश में बने गोवंश आश्रय स्थल में हजारों पशुओं को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। दरअसल, कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण किसानों की पशुओं पर निर्भरता कम हुई है, जिससे आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी। अब इस सेस के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया गया है। हर सेक्टर का पैसा उसी सेक्टर में लग रहा उत्तर प्रदेश ने एक और स्पष्ट नीति अपनाई है और वो ये कि जिस सेक्टर से राजस्व आता है, उसी सेक्टर के विकास में उसका उपयोग किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें: 1. रियल एस्टेट: धार्मिक और पर्यटन विकास संपत्ति की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। इससे पर्यटन बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है और विरासत सुरक्षित हो रही है। 2. खनन: सिंचाई और पानी की व्यवस्था खनन से मिलने वाला पैसा गांवों में सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारने में लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। 3. एक्सप्रेसवे: गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मिलने वाला टोल छोटी सड़कों (फीडर रोड) के निर्माण में खर्च हो रहा है, जिससे दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ रहे हैं। 4. मंडी शुल्क: किसानों की सुरक्षा मंडी से मिलने वाली फीस का उपयोग फसल सुरक्षा और किसान योजनाओं में किया जा रहा है। अब टैक्स का उपयोग साफ दिख रहा इस नई नीति की सबसे बड़ी ताकत है, स्पष्टता। अब लोगों को साफ दिखता है कि शराब की बिक्री से मिला पैसा गो कल्याण में लग रहा है। टोल टैक्स का पैसा सड़क और कनेक्टिविटी में, प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा धार्मिक और पर्यटन विकास में निवेश हो रहा है। इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है, क्योंकि टैक्स अब “कहां गया” का सवाल नहीं, बल्कि “यहीं लगा” का जवाब देता है। तेजी से विकास की मजबूत तैयारी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य है 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और खेती, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। राज्य के बजट में पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी तीनों में तेजी आ रही है। दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है। मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है। जैसे, जहां पर्यटन ज्यादा है, वहां पर्यटन से मिलने वाले टैक्स को पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने में खर्च किया जा सकता है। औद्योगिक राज्यों में उद्योगों से जुड़े शुल्क को पर्यावरण सुधार पर लगाया जा सकता है। वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, हर राज्य अपनी जरूरत और स्थिति के अनुसार टैक्स को विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम हासिल कर सकता है।

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