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मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग रायपुर  नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।  मुख्यमंत्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है।             मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।           इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए।         मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।          मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी।               कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।             पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।            कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।           इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब

9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, उत्तर प्रदेश बना देश की कनेक्टिविटी का ग्रोथ इंजन 63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब 16 एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एविएशन कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान रेल, राष्ट्रीय जलमार्ग और फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को मिला बूस्ट सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है- संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है उत्तर प्रदेश – दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित-अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार लखनऊ उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज करते हुए खुद को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रेल, जलमार्ग, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम हुआ है, जिसने विकास को नई गति दी है। प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार ने विकास की दिशा तय की है। वर्ष 2017 के बाद से 63,383 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जबकि 35,433 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क निर्माण की रफ्तार प्रदेश की तेज प्रगति को दर्शाती है। इसके साथ ही 1,740 पुलों का निर्माण कर आवागमन को और सुगम बनाया गया है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का व्यापक कार्य भी पूरा किया गया है। उत्तर प्रदेश आज देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में स्थित है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसका लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित होने जा रहा है। इसके अलावा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे जैसी नई परियोजनाएं भी विकास के दायरे को और विस्तारित करेंगी। हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतर्राष्ट्रीय हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रेल और जलमार्ग के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है। करीब 16,000 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। वहीं, 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का जुड़ाव इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान दे रहा है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज प्रदेश को निर्यात और माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जल क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है।  इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने न केवल आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए भी नए द्वार खोले हैं। प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आम नागरिकों के जीवन को आसान बना “डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है। शानदार सड़क नेटवर्क और तेजी से हो रहा निर्माण आम नागरिकों के जीवन को आसान बना रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आज सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई  “योगी सरकार के 9 वर्ष विकास, विश्वास और सुशासन के प्रतीक हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।” दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी  “मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। आज प्रदेश देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का उदाहरण बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित की है।” अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार

LPG के लिए बड़ी खबर, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय झंडे वाले दो गैस टैंकर

 नई दिल्ली दुनिया में जितना भी तेल और गैस समुद्र के रास्ते जाता है, उसका करीब 20 फीसदी सिर्फ एक रास्ते से गुजरता है होर्मुज की खाड़ी. यह एक बहुत ही पतली सी जलधारा है जो ईरान और ओमान के बीच में है. एक तरफ खाड़ी के देश हैं – UAE, कुवैत, सऊदी अरब, इराक. और इन सबका तेल बाहर जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता यही है।  अब सोचिए – अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो क्या होगा? दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल और गैस रुक जाएगा. कीमतें आसमान छू लेंगी. और भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ होगी।  हुआ क्या है अभी? ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग छिड़ी हुई है. ईरान ने धमकी दे दी कि जो भी जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा, उस पर हमला होगा।  बस इतना सुनते ही सैकड़ों जहाज वहीं लंगर डालकर रुक गए. कोई आगे जाने को तैयार नहीं. पिछले 24 घंटों में एक भी तेल का बड़ा जहाज होर्मुज से नहीं गुजरा. यह बहुत बड़ी बात है. मतलब रास्ता व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा है।  भारत का क्या हाल है? भारत के 22 जहाज इस वक्त खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं. न आगे जा पा रहे हैं, न वापस आ पा रहे हैं. इनमें दो जहाज खास तौर पर चर्चा में हैं. पाइन गैस जिसे आईओसी यानी इंडियन ऑयल ने किराए पर लिया है. जग वसंत – जिसे बीपीसीएल ने किराए पर लिया है।  ये दोनों LPG टैंकर हैं. मतलब इनमें रसोई गैस जैसा ईंधन भरा है जो भारत के घरों तक पहुंचना है. ये दोनों जहाज UAE के शारजाह के पास लंगर डाले खड़े हैं. शनिवार को निकलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।  मोदी सरकार क्या कर रही है? भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत चाहता है कि उसके जहाज सुरक्षित और बिना रोक-टोक के निकल सकें।  और सबसे अहम बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दूसरे देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि इन जहाजों का सुरक्षित रास्ता निकाला जा सके. यह कूटनीति का खेल है. प्रधानमंत्री की कोशिश है कि ईरान तक यह बात पहुंचे कि भारत के जहाजों को जाने दिया जाए।  खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान ने दो भारतीय LPG जहाजों को होरमुज से गुजरने दिया था. यानी ईरान ने भारत को थोड़ी रियायत दी. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि भारत और ईरान के रिश्ते पहले से ही ठीक-ठाक रहे हैं, और भारत ने हमेशा इस जंग में किसी एक तरफ खड़े होने से परहेज किया है।  पाकिस्तान वाला दिलचस्प किस्सा इस पूरी खबर में एक बहुत दिलचस्प बात और है. डेटा से पता चला है कि पाकिस्तान जाने वाला एक तेल का जहाज हाल ही में होर्मुज से गुजर गया. इसका मतलब यह है कि ईरान ने पूरी तरह रास्ता बंद नहीं किया है. वो चुन-चुनकर कुछ देशों को जाने दे रहा है. जिनसे उसके संबंध ठीक हैं, या जो उसके लिए काम के हैं – उन्हें रास्ता मिल रहा है।  यह एक तरह का दबाव का हथियार है. ईरान कह रहा है, “देखो, मैं सबको रोक सकता हूं, लेकिन जिसे चाहूं उसे जाने भी दे सकता हूं।  असली मुद्दा क्या है? यह सिर्फ कुछ जहाजों की कहानी नहीं है. यह उस रास्ते की कहानी है जिससे भारत का रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आता है. अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में गैस और तेल की कमी हो सकती है. कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

जब सुनील ग्रोवर ने सड़क किनारे उठाया प्रेस, लोगों ने कहा – यही वजह है ये सबसे अलग है

मुंबई सुनील ग्रोवर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और उनके टैलेंट के आगे हर कोई नतमस्तक है। कपिल शर्मा के शो में उन्होंने सलमान खान से लेकर आमिर खान, गुलजार और अब हाल ही कादर खान बनकर जो किया, उसने हर किसी को अपना मुरीद बना लिया। बॉलीवुड सेलेब्स तो सुनील ग्रोवर को कादर खान के रूप में देख उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। और सुनील ग्रोवर हैं कि वह इस स्टारडम से परे एक आम जिंदगी जीते हुए फैंस को इम्प्रैस करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। वह कभी सड़क किनारे गन्ने का जूस बनाते दिख जाते हैं, तो कभी सरकारी नल पर कपड़े धोते, तो कभी चाय की टपरी पर चाय बेचते। और अब सुनील ग्रोवर सड़क किनारे लोगों के कपड़ों पर प्रेस करते दिखे, तो फैंस हैरान रह गए। सुनील ग्रोवर का वीडियो, लोगों के कपड़ों पर प्रेस करते दिखे सुनील ग्रोवर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह सड़क किनारे एक तंबू में कपड़ों पर प्रेस करते नजर आ रहे हैं। बराबर में एक आदमी बैठा है, जो सुनील ग्रोवर को प्रेस करता देख मुस्कुरा रहा है। शायद वह उस दुकान का मालिक है। वीडियो में सुनील ग्रोवर कोयले वाली प्रेस से पैंट पर इस्त्री कर रहे हैं और इस काम में ऐसे मशगूल हैं, जैसे उन्हें दीन-दुनिया से मतलब ही नहीं। वीडियो शेयर कर सुनील ग्रोवर ने लिखा है, ‘हैलो फ्रेंड्स, अच्छे कपड़े पहन लो।’ फैंस हुए सुनील ग्रोवर के मुरीद- ये बंदा अलग, लेजेंड है एकदम इस वीडियो पर फैंस और सेलेब्स के जबरदस्त कमेंट्स आ रहे हैं। एक फैन ने लिखा है, ‘सुनील सर आप लेजेंड हो। आपके जैसे बहुत कम लोग हैं इस धरती पर। आप इतने ज्यादा टैलेंटेड हैं कि आपकी तारीफ करने बैठो तो एक प्रकाश वर्ष भी कम पड़ जाए। और आपके जैसे टैलेंटेड लोग अक्सर बहुत डाउन टू अर्थ होते हैं। आपको भगवान सदा खुश रखे और आपको अच्छी सेहत दे।’ एक ने लिखा है, ‘ये बंदा ही अलग है।’ एक और कमेंट है, ‘सुनील ग्रोवर सभी किरदारों को प्रैक्टिली रियल लाइफ में एक्सपीरियंस करते हैं और फिर उन्हें पर्दे पर निभाते हैं। हर एक्टर को उनसे सीखना चाहिए।’ एक बोला, ‘ये सारा का सारा टैलेंट क्या भगवान ने आपमें भर दिया?’ सुनील ग्रोवर ने कपिल के शो में निभाए ये किरदार सुनील ग्रोवर ने कपिल शर्मा के शो में अभी तक जो किरदार निभाए हैं, उनमें गुत्थी, डॉ. मशूर गुलाटी, रिंकू भाभी, भिंडी भाई, चुटकी, डफली और इंजीनियर चुंबक मित्तल शामिल है। इसके अलावा उन्होंने शो में सलमान खान, आमिर खान, एसएस राजामौली, नवजोत सिंह सिद्ध, गुलजार, कपिल देव और हाल ही कादर खान की मिमिक्री की और सभी को हैरान कर दिया। सुनील ग्रोवर का स्ट्रगल, ऐसे मिला स्टारडम सुनील ग्रोवर को अपने करियर में बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था। उन्होंने फिल्मों में करियर की शुरुआत अनीस बज्मी की फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ से की थी। इसमें उन्होंने तोताराम नाम के एक नाई का किरदार निभाया था, जो गलती से अजय देवगन की मूंछें काट देता है। फिर उन्होंने जसपाल भट्टी के साथ भी काम किया और कॉमेडी की बारीकियां सीखीं। सुनील ग्रोवर ने फिर फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किए, पर पॉपुलैरिटी ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ से मिली थी। इसके बाद सुनील ग्रोवर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तब से वह कई सीरीज और ‘जवान’ जैसी फिल्में कर चुके हैं।

मार्शल आर्ट्स के दिग्गज चक नॉरिस का निधन, ‘वॉकर’ से मिली पहचान, अक्षय कुमार की आंखें हुईं नम

काउई , हवाई मार्शल आर्ट्स के उस्ताद और एक्शन स्टार चक नॉरिस का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जिन्होंने ‘वॉकर’, टेक्सास रेंजर’ और कई टेलीविजन शो और फिल्मों में अपने रोल्स से एक खास शख्सियत का दर्जा हासिल किया था। इंटरनेट पर उनके कई पैरोडी बने और राष्ट्रपतियों ने भी उनकी खूब तारीफ की। नॉरिस का निधन गुरुवार को हुआ, जिसे उनके परिवार ने ‘अचानक निधन’ बताया है। परिवार ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, ‘हालांकि हम परिस्थितियों को गोपनीय रखना चाहते हैं, कृपया जान लें कि वे अपने परिवार से घिरे हुए थे और शांति में थे।’ अक्षय कुमार हुए इमोशनल अक्षय कुमार एक्टर बनने से पहले एक मार्शल आर्टिस्ट थे और सालों से उन्होंने एक्शन के मामले में इंडस्ट्री में एक मिसाल कायम की है। बहुत कम अभिनेता अपने एक्शन सीन खुद करते हैं, लेकिन अक्षय ने 90 के दशक में जिस तरह का एक्शन किया, उससे सभी हैरान रह गए। यही वजह है कि चक नॉरिस के निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा सदमा लगा है। ‘खिलाड़ी’ एक्टर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘एक मार्शल आर्टिस्ट के रूप में बड़े होते हुए, चक नॉरिस को ‘वे ऑफ द ड्रैगन’, ‘मिसिंग इन एक्शन’ और कई फिल्मों में देखना सिर्फ मनोरंजन नहीं था… बल्कि शिक्षा थी। अनुशासन, ताकत और पर्दे पर उनका कंट्रोल, मेरे साथ हमेशा रहेगा। उस प्रेरणा के लिए आभारी हूं जिसने मेरे व्यक्तित्व के एक हिस्से को आकार दिया।’ चक नॉरिस और मार्शल आर्ट्स फिल्मों और टीवी में स्टार बनने से पहले, चक नॉरिस ने मार्शल आर्ट्स में अपार सफलता हासिल की थी। वे छह बार विश्व प्रोफेशनल मिडिलवेट कराटे चैंपियन बने। उन्होंने कराटे की अपनी कोरियाई मूल की अमेरिकी शैली बनाई, जिसे कभी-कभी चुन कुक डो के नाम से जाना जाता है, और यूनाइटेड फाइटिंग आर्ट्स फेडरेशन की भी स्थापना की, जिसने दुनिया भर में 3,300 से अधिक चक नॉरिस सिस्टम ब्लैक बेल्ट प्रदान किए हैं। ब्लैक बेल्ट पत्रिका ने नॉरिस को अपने हॉल ऑफ फेम में 10वीं डिग्री ब्लैक बेल्ट धारक के रूप में शामिल किया, जो सर्वोच्च सम्मान है। कार्लोस रे नॉरिस का जन्म 10 मार्च, 1940 को रायन, ओक्लाहोमा में हुआ था और वे गरीबी में पले-बढ़े। 12 साल की उम्र में, वे अपने परिवार के साथ टोरेंस, कैलिफोर्निया चले गए और हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, 1958 में अमेरिकी वायु सेना में भर्ती हो गए। कोरिया में तैनाती के दौरान ही उन्होंने जूडो और तांग सू डो सहित मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण शुरू किया। फुटबॉल और जिम्नास्टिक में माहिर उन्होंने 1982 में एसोसिएटेड प्रेस को बताया, ‘मैं नॉर्थ टोरेंस हाई स्कूल में जिम्नास्टिक और फुटबॉल खेलता था। मैंने कुछ फुटबॉल खेला, लेकिन बेंच पर ही काफी समय बिताया। कोरिया में सेवा देने से पहले मैं कभी एथलेटिक नहीं था।’ 1962 में सेना से हुए रिटायर 1962 में सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने नॉर्थ्रॉप एयरक्राफ्ट में फाइल क्लर्क के रूप में काम किया और पुलिस अधिकारी बनने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। इसी दौरान, उन्होंने एक मार्शल आर्ट स्टूडियो खोला, जिसमें बॉब बार्कर, प्रिसिला प्रेस्ली, डोनी और मैरी ऑसमंड, और स्टीव मैकक्वीन जैसे स्टार्स शामिल थे। ‘द रेकिंग क्रू’ से फिल्मों की शुरुआत चक नॉरिस ने 1968 में आई फिल्म ‘द रेकिंग क्रू’ में एक बॉडीगार्ड के रूप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, जिसमें डीन मार्टिन के साथ उनका एक फाइट सीन भी शामिल था। मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में उनकी मुलाकात ब्रूस ली से भी हुई थी। उनकी दोस्ती 1972 में आई फिल्म ‘रिटर्न ऑफ द ड्रैगन’ में एक यादगार मुकाबले में तब्दील हुई, जिसमें ली ने रोम के कोलोसियम में नॉरिस के किरदार से लड़ते हुए उसे मार डाला।

NH-44 पर टोल विवाद बना हिंसक: सिवनी में निहंग सिखों ने कर्मचारियों पर किया जानलेवा हमला

सिवनी नेशनल हाईवे 44 (जबलपुर-नागपुर एनएच) में जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत मड़ई टोल में निहंग सिखों के तीन वाहनों को रोकना टोल कर्मियों को भारी पड़ गया। टोल भरने की बात को लेकर निहंग सिखों व कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान कार से उतरकर जत्थे में शामिल कुछ निहंग सिखों ने टोल कर्मियों से मारपीट कर दी। इसके तत्काल बाद तीनों कार वाहन में सवार होकर निहंग सिखों का जत्था मौके से रवाना हो गया। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार निहंग सिखों का जत्था पंजाब से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहा था, जो 20 मार्च की सुबह 9.40 मड़ई टोल में तीन वाहनों (पीबी 01 एफ 8387 टेम्पो ट्रैवलर, पीबी 09 एआर 4181 तथा पीबी 09 एपी 5266) में सवार होकर पहुंचा था। बगैर टोल दिए वाहन निकालने व बूम बैरियर तोड़ने का प्रयास टोल कर्मियों का आरोप है कि निहंग सिखों ने बगैर टोल का भुगतान किए वाहनों को निकालने का प्रयास किया, इस दौरान बूम बैरियर तोड़कर का प्रयास किया गया। रोकने पर कार सवार निहंग सिखों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार से उतरकर पांच-छह निहंग सिखों लोगों ने टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल से मारपीट शुरू कर दी। तलवार की मूठ, बेसबाल डंडों, लात, घूंसों से मारपीट की गई, जिससे मुनेश चोटिल हो गया। टोल प्लाजा पर अन्य कर्मियों के एकत्रित होने के बाद निहंग सिख अपने वाहनों में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकले। पूरा घटनाक्रम टोल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई है, इसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी है। टोल मैनेजर की शिकायत पर जांच कर रही पुलिस मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने पुलिस थाना लखनादौन थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपितों पर मारपीट का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने टोल प्रबंधन की शिकायत को जांच में लिया है। मारपीट कर मड़ई से खवासा की ओर निहंग सिखों के संबंध में टोल प्रबंधन ने कुरई पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार कुरई पुलिस ने महाराष्ट्र की ओर जा रहे वाहनों में सवार निहंग सिखों को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें मड़ई टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। बाद में निहंग सिखों का वाहन खवासा टोल पार कर महाराष्ट्र नांदेड़ रवाना हो गया। थाना प्रभारी केपी धुर्वे ने बताया कि टोल कर्मियों से मारपीट मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज से की जा रही हैं। फुटेज में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। टोल कर्मियों पर शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इधर टोल मैनेजर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। ट्रेनों में करते हैं मुफ्त यात्रा जानकारी के अनुसार निहंग सिख देश की ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करते हैं। निहंग रोज गुरबानी का पाठ करते हैं। बाणे में रहते हैं। अपना चोला और उसके साथ धारण किए जाने वाले सभी अस्त्र-शस्त्र धारण करना। सभी निहंग शस्त्र विधा में पारंगत होते हैं। इस विधा में हमले करने और रोकने की जरूरी तकनीक शामिल है। निहंग सिख गुरु ग्रंथ साहिब को मानने के साथ श्री दशम ग्रंथ साहिब व सरबलोह ग्रंथ को भी मानते हैं। निहंगों में भी अलग-अलग समूह होते हैं, जिनमें ब्रह्मचर्य तथा गृहस्थ जीवन का पालन करने वालों का भी अपना-अलग समूह है। निहंग सिख आमतौर पर अमृत धारण किए होते हैं। आए दिन होते मड़ई टोल में विवाद जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 44 में स्थित मड़ई तथा खवासा टोल प्लाजा में आए दिन वाहन चालकों से टोल कर्मियों की कहासुनी व विवाद की घटना होती रहती हैं। प्रदेश व जिले के बाहर से आए कर्मचारी बड़ी संख्या में टोल प्लाजा में तैनात रहते हैं, जिन पर वाहन चालकों से अभद्रता करने का आरोप अक्सर लगता रहता हैं।

एमपी की सोम डिस्टलरीज की याचिका पर हाईकोर्ट में नया मोड़, बड़ा अपडेट सामने आया

भोपाल   मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में  जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है। शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।

बार-बार पिंपल्स को न करें नजरअंदाज! ये अंदरूनी दिक्कतों का बड़ा इशारा हो सकते हैं

अक्सर लोग एक्ने को सिर्फ त्वचा से जुड़ी समस्या मानते हैं और गंदगी से जोड़कर देखते हैं। इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए फेस वॉश और क्रीम की मदद लेते हैं, लेकिन अगर सही स्किन केयर के बावजूद एक्ने बार-बार लौट रहा है, तो समस्या शरीर के अंदर छिपी हो सकती है। अगर शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी हो या हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाए, तो भी इसका असर हमारी त्वचा पर एक्ने के रूप में नजर आ सकता है। आइए जानें बार-बार एक्ने होने के पीछे कौन-से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। किन वजहों से हो बार-बार लौट आते हैं एक्ने?     हार्मोनल इंबैलेंस- हार्मोनल इंबैलेंस एक्ने होने का सबसे बड़ा कारण है। शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने से ऑयल ग्लैंड ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिसके कारण पोर्स बंद हो जाते हैं। इसके कारण एक्ने होने की समस्या बढ़ जाती हैष     पीसीओएस- महिलाओं  में पीसीओएस या पीरियड्स के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव अक्सर ठुड्डी और जॉलाइन पर एक्ने का कारण बनते हैं।     डाइट- खाने में ज्यादा मीठे और डेयरी प्रोडक्ट्स भी एक्ने की वजह बन सकते हैं। इन फूड आइटम्स से इंसुलिन स्पाइक होता है, जो एक्ने को बढ़ावा देता है।     तनाव और मानसिक सेहत- जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है। इस हार्मोन के कारण त्वचा ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करता है। साथ ही, तनाव के कारण नींद पूरी नहीं होती, जिससे त्वचा को रिपेयर होने का समय नहीं मिलता और एक्ने की समस्या गंभीर हो जाती है। बचाव के लिए क्या करें? एक्ने से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ स्किन केयर पर ध्यान देना काफी नहीं है। आपको अपनी लाइफस्टाइल और डाइट में भी कुछ सुधार करने होंगे।     डाइट- अपने खाने में से चीनी, मैदा और ऑयली चीजों की मात्रा कम करें। अगर आपको डेयरी प्रोडक्ट्स से भी एक्ने होता है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करें। साथ ही, डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियों को ज्यादा मात्रा में शामिल करें।     हाइड्रेशन- हर दिन कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकलें। स्किन को हाइड्रेटेड रखने के लिए भी भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है।       नींद- रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें ताकि हार्मोन बैलेंस बना रहे और तनाव भी कम हो।     सफाई- दिन में दो बार माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें और तकिए का कवर नियमित बदलें।     डॉक्टर से सलाह- अगर आपको बहुत ज्यादा एक्ने की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें। वे पीसीओएस या हार्मोनल इंबैलेंस की जांच कर सकते हैं और एक्ने के लिए आपको मेडिकेटेड क्रीम भी दे सकते हैं।  

क्या वजह है कि आज की युवा पीढ़ी रहती है लो फील? नई स्टडी का बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि अवसाद के शिकार युवाओं के मस्तिष्क और रक्त कोशिकाएं एक असामान्य पैटर्न में काम करती हैं। शोधकर्ता रोजर वरेला के अनुसार, जब ये युवा आराम की स्थिति में होते हैं, तब उनकी कोशिकाएं बहुत अधिक मात्रा में ऊर्जा पैदा करती हैं। लेकिन, जब तनाव के समय या जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ऊर्जा की मांग होती है, तो ये कोशिकाएं ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने में बुरी तरह संघर्ष करती हैं। इसी असंतुलन की वजह से अवसाद से ग्रसित युवाओं में लगातार थकान और प्रेरणा की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कैसे हुआ यह बड़ा शोध? यह दिलचस्प शोध ‘जर्नल ट्रांसलेशनल सायकिएट्री’ में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने 18 से 25 वर्ष की आयु के 18 ऐसे युवाओं के मस्तिष्क स्कैन और रक्त के नमूनों का गहराई से अध्ययन किया जो अवसाद से पीड़ित थे। इसके बाद, उनके डेटा की तुलना उन स्वस्थ व्यक्तियों से की गई जिन्हें अवसाद नहीं था। शोध की मुख्य लेखिका और एसोसिएट प्रोफेसर सुसान्ना टाय ने बताया कि यह इतिहास में पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने अवसादग्रस्त युवाओं के मस्तिष्क और रक्तधारा में सीधे तौर पर थकान से जुड़े अणुओं के पैटर्न को ट्रैक किया है। लंबे समय की समस्याओं का मिलता है संकेत इस शोध से यह भी पता चलता है कि अवसाद की बीमारी के शुरुआती चरण में कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा काम कर रही होती हैं। यही अत्यधिक दबाव आगे लंबे समय तक चलने वाली समस्याओं का मुख्य कारण बन सकता है। लेखिका ने स्पष्ट किया कि ‘थकान’ प्रमुख अवसाद विकार का एक ऐसा आम लक्षण है जिसका इलाज करना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है। भविष्य के लिए एक नई उम्मीद इस अध्ययन ने चिकित्सा जगत में एक नई उम्मीद जगाई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन नए निष्कर्षों की मदद से प्रमुख अवसाद विकार का पहले ही पता लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, इससे संभावित रूप से अधिक लक्षित और हर मरीज की जरूरत के हिसाब से व्यक्तिगत उपचार तैयार करने के रास्ते खुलेंगे, जिससे लोगों को इस बीमारी से बाहर निकलने में सही मदद मिल सकेगी।  

दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज दिलीप जायसवाल

बिजुरी  से संजय केसरवानी की रिपोर्ट भारतीय जनता पार्टी मंडल बिजुरी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज हुआ।  जिसमें प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की गरिमा में उपस्थिति में आयोजित प्रशिक्षण में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया  .इसमें मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सहबीन पनिका ,नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति सतीश शर्मा, मंडल अध्यक्ष बिजुली रविंद्र रिंकू शर्मा, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश शर्मा तथा प्रशिक्षण लेने आए हुए नगर पालिका के बूथ अध्यक्ष महामंत्री अन्य लोग उपस्थित रहे राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल जी ने 0 से लेकर शिखर तक का सफर मध्य प्रदेश राज्य के इन 13 वर्षों की उपलब्धियां तथा विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में सभी को बताया तथा दिलीप जायसवाल ने क्षेत्र में किए कामों की उपलब्धता को बताया तथा जन-जन के विकास के आधार तथा जन-जन को सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया आगे भी इसी तरह जन-जन की सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे जन सेवा ही उनका लक्ष्य हमेशा रहा है!

इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम ने जब्त किया सामान, टैक्स न भरने पर की कार्रवाई

इंदौर  इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम की टीम ने कार्यक्रम की जगह पर पहुंचकर सामान जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक शो से पहले निगम को मनोरंजन कर जमा नहीं करवाया गया है। इस पर यह कार्रवाई की गई। पंजाबी सिंगर का आज शाम ही शो होना है। शो के लिए 3 हजार से 6 लाख रुपये तक के टिकट की बेचे जाने की बात सामने आ रही है। मंच से सामान जब्त, आयोजकों की मिन्नतें नाकाम जब कॉन्सर्ट की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी नगर निगम के कर्मचारियों ने एक-एक करके स्टेज पर रखा कीमती साउंड सिस्टम और अन्य साजो-सामान गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने टीम को रोकने की कोशिश की, लेकिन निगम के अधिकारी मनोरंजन कर जमा न होने की बात पर अड़े रहे। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि आयोजकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करोड़ों का कारोबार, पर टैक्स नहीं भरा खबर है कि इस शो के लिए टिकिटों की बिक्री धड़ल्ले से हुई है। 6 लाख रुपये तक के वीआईपी टेबल बुक होने की चर्चा है, लेकिन इस बड़े कारोबार के बीच सरकारी खजाने में जमा होने वाला मनोरंजन कर नहीं पहुंचा। इसी को आधार बनाकर निगम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयोजकों ने नहीं सीखा सबक यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में किसी बड़े सितारे के शो पर ग्रहण लगा हो। इससे पहले हनी सिंह के शो में भी एक करोड़ का सामान जब्त हुआ था। दिलजीत दोसांझ के मामले के बाद निगम ने स्पष्ट कर दिया था कि अब कार्यक्रम से पहले टैक्स चुकाना अनिवार्य होगा। बावजूद इसके, आयोजकों की इस लापरवाही ने अब हजारों प्रशंसकों के उत्साह को अनिश्चितता में डाल दिया है। कॉन्सर्ट की तैयारी में लगे कर्मचारी उस समय चौक गए जब नगर निगम की टीम वहां पहुंची और एक-एक करके स्टेज पर रखा साउंड सिस्टम और अन्य सामान उठाकर गाड़ी में रखने लगी। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों ने कार्रवाई जारी रखी।

लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन ट्रेडिंग 6 साल बाद फिर से शुरू, गलवान झड़प के कारण हुआ था बंद

पिथौरागढ़  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत और चीन के बीच बॉर्डर ट्रेड छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेड सेशन आमतौर पर जून से सितंबर तक चलता है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आशीष भटगाई ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी होने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। लिपुलेख दर्रे के जरिए तिब्बत के साथ बॉर्डर ट्रेड लंबे अंतराल के बाद 1992 में फिर शुरू हुआ था। हालांकि 2019 में COVID-19 महामारी और गलवान झड़प के कारण इसे बंद कर दिया गया था। पिछले साल 18-19 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत-चीन ने रुपए और युआन में ट्रेड करने का फैसला किया था। अब तक यह ‘वस्तु विनिमय’ आधारित यानी सामान के बदले सामान का लेन-देने होता था। लिपुलेख दर्रा औपचारिक व्यापारिक मार्ग ब्रिटिश काल में भी लिपुलेख दर्रा व्यापार और तीर्थयात्रा का प्रमुख केंद्र था। तिब्बत से व्यापारी नमक, बोराक्स, पशु उत्पाद, जड़ी-बूटियां और स्थानीय सामान बेचने आते हैं, जबकि भारतीय व्यापारी बकरी, भेड़, अनाज, मसाले, गुड़, मिश्री, गेहूं वहां ले जाते हैं। भारत-चीन के बीच साल 2005 में 12 करोड़ रुपए का आयात और 39 लाख रुपए का निर्यात हुआ था। साल 2018 में 5.59 करोड़ रुपए का आयात और 96.5 लाख रुपए का निर्यात हुआ था। नेपाल ने समझौते पर आपत्ति जताई थी लिपुलेख के साथ शिपकी ला और नाथु ला दर्रों से भी कारोबार बहाल करने का फैसला लिया गया था। हिमालय के तीन दर्रों से शुरू होने जा रहा भारत-चीन व्यापार पहली बार पूरी तरह सड़क के जरिए होगा। यहां मनी एक्सचेंज भी खुलेगा। हालांकि नेपाल ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना है कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। उसने भारत और चीन से इस इलाके में कोई एक्टिविटी न करने की अपील की है। केंद्र ने राज्य सरकार से व्यवस्था करने को कहा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लेटर लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार बहाल करने का अनुरोध किया है। लेटर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। प्रशासन ने ट्रेड पास जारी करने, करेंसी एक्सचेंज के लिए बैंकों की व्यवस्था, कस्टम विभाग की तैनाती और धारचूला प्रशासन को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें व्यापारियों के लिए ट्रांजिट कैंप, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया उत्तराखंड के पिथौरागढ़ सीमांत व्यापार संगठन के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकाली ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को 2019 से तकलाकोट (तिब्बत) के वेयरहाउस में रखे सामान को वापस लाने का अवसर मिलेगा।

उमा भारती का बड़ा बयान, राजनीति से कभी नहीं हटूंगी, लंबा जीने की है इच्छा

टीकमगढ़  मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम और  BJP का फायर ब्रांड नेता उमा भारती  Uma Bharti Statement  के एक नए बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल है। टीमकमढ़ में उमा भारती ने ये बड़ा बयान दिया है। उमा भारती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेनी वाली है, जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में डटी रहेंगी। इस दौरान उन्होंने लोगों से साथ देने की भी अपील की।दरअसल  टीकमगढ़ में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ये बड़ी अपील करते हुए हुंकार भरी है। सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आई Uma Bharti  उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में रहेंगी, लोगों से भावुक अपील करते हुए भारती न अपने लंबे जीवन और संघर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा. इस मौके पर अपनी सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आईं हैं। उन्होंने कहा कि उनका बहुत लंबा जीने का मन है और इसके लिए उन्हें समाज और  लोगो के समर्थन की जरूरत है। जब मैं चल न पाऊं तो लोग उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें-उमा उमा भारती ने कहा कि कभी ऐसा समय आए और उम्र के साथ ऐसी स्थिति आ जाए कि वह खुद चल न पाएं, तो लोग उन्हें उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें, लेकिन वह काम करना बंद नहीं करेंगी। उमा भारती ने वाणी, आंख और कान की सलामती पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें दिखाई देगा, कानों से सुनाई देगा और बोलने योग्य रहेंगी तब तक वह जनता के हितों के लिए संघर्ष करती रहेंगी उमा बोलीं- जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं भारती ने वीरांगना अवंती बाई लोधी के प्रति गहरी आस्था व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह वीरांगना के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ही जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं रहती लेकिन जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उन्हें लड़ने की ताकत देता है।

वृषभ, कर्क, कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत—जल्द मिल सकता है जीवनसाथी!

जब भी कोई जन्म लेता है तो कहा जाता है कि वह ईश्वर के यहां से जन्म, विवाह और मृत्यु लिखवाकर लाता है, जिसे कोई टाल नहीं सकता है. हालांकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि उनके जीवन में कब किस तरह की घटनाएं घटित होने वाली हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष ग्रह-नक्षत्रों की चालों से जरूर इशारा करता है कि किस समय क्या योग बन रहे हैं. इस बीच ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की कुछ ऐसी चालें और बदलाव हो रहे हैं जो कुछ राशियों के लिए एक सकारात्मक वर्ष का संकेत दे रहे हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग 2026 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं या उनकी सगाई हो सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि बृहस्पति के शुभ भावों में गोचर और शुक्र के कृपापूर्ण प्रभाव से कुछ राशियों के लोगों को उनका लाइफ पार्टनर मिल सकता है और वे शादी के बंधन में बंध सकते हैं. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ग्रहों के ये बदलाव ‘साझेदारी के 7वें भाव’ के अनुकूल हो जाएंगे, जिससे बेहतर रिश्ते, विवाह के प्रस्ताव, सगाई और शादियों के योग बनेंगे. आइए जानते हैं कि इस साल कि राशि के लोगों के शादी में बंधने की संभावना ज्यादा है. वृषभ राशि वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 2026 में भविष्यवाणी की गई है कि यह साल इस राशि में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. ऐसा माना जाता है कि वृषभ राशि के जातकों को जून तक शुक्र का प्रबल सहयोग और बृहस्पति की सातवें भाव पर दृष्टि का लाभ मिलेगा, जिससे परिवार की सहमति से विवाह के प्रस्ताव आने की संभावना बढ़ रही है. इस वर्ष विवाह या सगाई होने की संभावना 26-27 अप्रैल के आसपास शुभ मुहूर्तों के दौरान अपने चरम पर रहने वाली है. यह वर्ष भावनात्मक स्थिरता लेकर आएगा, जो रिश्तों की दीर्घकालिकता सुनिश्चित करती है. कर्क राशि ज्योतिष के मुताबिक, माना जाता है कि यह साल कर्क राशि वालों के लिए सकारात्मकता और बदलाव का साल होगा क्योंकि इस राशि में जन्मे लोगों पर ब्रह्मांड से कृपा बरसने वाली है. साल की शुरुआत से बृहस्पति के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपने रिश्तों में ज्यादा तालमेल महसूस कर रहे हैं. यह समय भावनात्मक जुड़ाव और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस राशि के लिए शुभ समय 3 फरवरी से शुरू हुआ है और 19 जून के आस-पास तक रहने वाला है. इस समय परिवार के बड़े-बुजुर्ग बेहतर रिश्ते तय करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं. इन लोगों के लिए सगाई के बाद प्रेम-संबंधों में सफलता मिलने की संभावना है. कन्या राशि इस साल शुक्र के गोचर के कारण कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में आखिरकार स्पष्टता का अनुभव होने वाला है. माना जा रहा है कि 2 जून तक विवाह के लिए एक प्रबल योग बन रहा है. भविष्यवा की जा रही है कि इस राशि के लोगों की मुलाकात 26 जून या 3 दिसंबर जैसी तारीखों के आसपास अपने जीवनसाथी से हो सकती है, जिससे राहु के कारण होने वाली देरी से बचते हुए उनके विवाह का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. हालांकि, आपसी तालमेल से उनके दीर्घकालिक रिश्ते और भी गहरे होंगे.

तमन्ना की पोल्का डॉट साड़ी में कमाल, ब्लाउज ने 70 के दशक के ग्लैमर को दिया नया अंदाज

मुंबई  रेट्रो ग्लैमर का अपना ही अलग अंदाज़ है और सबसे अच्छी बात? यह कभी फैशन से बाहर नहीं होता, बस वापसी के लिए सही समय का इंतज़ार करता है। और इस समय, तमन्ना भाटिया इस मौके का पूरा फायदा उठा रही हैं। तोरानी की डिज़ाइन की हुई शानदार साड़ी में, वह विंटेज ग्लैमर को पूरी तरह से अपना रही हैं, लेकिन एक नए और चंचल अंदाज़ के साथ। सबसे पहले, बोल्ड पोल्का डॉट्स आपका ध्यान खींचते हैं। साड़ी में सरसों पीला और गहरा गुलाबी जैसे विपरीत रंगों का मेल है। इस पर बड़े-बड़े काले डॉट्स की लेयरिंग की गई है जो बॉलीवुड प्रिंट्स और 70 के दशक के फैशन की याद दिलाती है। यह बोल्ड और बेबाक है – तमन्नाह के स्टाइल से पूरी तरह मेल खाती है। यह साड़ी पूरे लुक में सही मात्रा में नाटकीयता जोड़ रही है। इसे साफ-सुथरा और पारंपरिक रखने के बजाय, साड़ी स्वतंत्र रूप से लहरा रही है, और पल्लू को इस तरह स्टाइल किया गया है जो किसी फिल्म की याद दिलाता है।  अगर साड़ी पूरे लुक की शुरुआत कर रही है, तो ब्लाउज सबका ध्यान खींच लेता है। यह स्लीवलेस, बैकलेस ब्लाउज है जो पीछे की तरफ एक सुंदर बो में बंधा हुआ है। यह ब्लाउज नारीत्व से भरपूर, थोड़ा चंचल और रेट्रो स्टाइल के साथ पूरी तरह मेल खाता है। ब्लाउज में पोल्का डॉट पैटर्न भी खूबसूरती से झलकता है, जो पूरे लुक को एक साथ बांधता है। यही मेल इस आउटफिट को खास बनाता है। यह आउटफिट इतना आकर्षक है कि तमन्ना ने स्टाइलिंग को न्यूनतम रखा। उन्होंने आउटफिट को भारी गहनों से नहीं सजाया। इसके बजाय, उन्होंने नाजुक चूड़ियाँ, आकर्षक अंगूठियाँ और हल्के झुमके चुने। उनके बाल मुलायम, घनी लहरों में स्टाइल किए गए हैं, जो एक तरफ से पार्ट किए गए हैं – जिससे एक पुराने जमाने का आकर्षण झलक रहा है। इससे पहले, अभिनेत्री को एक बेहद स्टाइलिश लुक में देखा गया था जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था। जी हां, यह सच है कि रेड कार्पेट आमतौर पर फ्लोर-लेंथ गाउन और सीक्वेंस से जुड़े होते हैं, लेकिन तमन्ना ने नाइकी x जैक्वेमस ला जुप लाउंज सेट पहनकर जलवा बिखेरा, जो बेहद ही शानदार लग रहा था। अभिनेत्री ने लाउंज सेट के साथ एक ट्रांसपेरेंट जैकेट पहनी, जिससे उनका ट्रेंड और भी बढ़ गया। उन्होंने एक स्टाइलिश सेलीन बैग भी चुना, जिससे उनके स्पोर्टी लुक में लग्जरी का सही स्पर्श जुड़ गया। स्टेटमेंट डायमंड नेकलेस, कई डायमंड रिंग्स, एक स्टाइलिश घड़ी और खूबसूरत ईयररिंग्स के साथ, तमन्नाह बेहद आकर्षक लग रही थीं। उनका लुक मॉडर्न, बोल्ड और बेहद फ्रेश था।

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