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जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरही में करीब 7:00 बजे अचानक बदला मौसम ने किसानो की चिंता बढ़ा दी और हवा तूफान के साथ गरज चमक शुरू हो गई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई इस दौरान बड़े आकार के ओले गिरने से हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई बे मौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी कटी हुई गेहूं दलहन फसल जैसे चना,मसूर,तुअर एवम तिलहन फसल अलसी को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौरा चल रहा है ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसने की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भींगने से गेहूं की फसल भींगने से चलिए गेहूं की फसल में चमक और गुणवत्ता में प्रभावित होने की आशंका बताई जा रही है। जिससे किसानों को उचित दाम मिलने मे परेशानी हो सकती है।

नवरात्र में कायस्थ समाज की बड़ी पहल: जबलपुर के अस्पताल को फ्रीजर डोनेट, जरूरतमंदों को मिलेगा निशुल्क लाभ

A major initiative by the Kayastha community during Navratri: Freezer donated to Jabalpur hospital, free benefits for the needy विशेष: संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर ! नवरात्र के पावन अवसर पर कायस्थ समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए लाइफ मेडिसिटी अस्पताल को बॉडी फ्रीजर डोनेट किया है। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में शव को सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है। अस्पताल के चालक मुकेश श्रीवास्तव ने इस पहल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह समाज के लिए बेहद उपयोगी कदम है। उन्होंने बताया कि अक्सर गर्मी के मौसम में या अन्य कारणों से बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यह सुविधा बहुत राहत देगी। इस व्यवस्था के तहत अब अस्पताल में जरूरतमंद परिजनों को निशुल्क फ्रीजर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा मिलेगा। मुकेश श्रीवास्तव ने इस नेक कार्य के लिए समस्त कायस्थ समाज का आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से दीप्ती जी सहित सभी सहयोगी परिवारों के योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि और कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की शीर्ष पसंद

₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद रिफॉर्म, परफॉर्म व ट्रांसफॉर्म के मंत्र से बदली प्रदेश की तस्वीर सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, हर मोर्चे पर तैयार की गई निवेश के लिए आदर्श जमीन लखनऊ उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में जो परिवर्तन देखा है, वह केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक आर्थिक और औद्योगिक बदलाव की कहानी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना के तहत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र ने प्रदेश को निवेश के नक्शे पर नई पहचान दिलाई है। यह योगी सरकार की नियोजित कार्यशैली का नतीजा है कि अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के जरिये लगभग ₹15 लाख करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं, जबकि ₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। निवेश व उद्यमिता के मोर्चे पर बुरी तरह पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में योगी सरकार आने पर स्थिति में सुधार के लिए बिंदुवार योजना तैयार की गई। सबसे पहले योजनाबद्ध तरीके से सिस्टम में सुधार (रिफॉर्म) किया गया, फिर परफॉर्मेंस के जरिए नीतियों को जमीन पर उतारा गया और अंततः ट्रांसफॉर्म के माध्यम से प्रदेश की छवि बदल गई। हर क्षेत्र के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया, निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया। निवेश व उद्योग के रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचान कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत 13 अधिनियमों में 99% छोटे आपराधिक प्रावधान समाप्त कर कारोबार को आसान किया गया। प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर निवेश के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया। उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और डि-रेगुलेशन सुधार लागू किए गए। इसी का परिणाम है कि योगी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद यूपी को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।  योगी सरकार की नीति प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए सेक्टरवार विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना भी रही। इसके तहत राज्य में उद्योग विशेष के लिए क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। फिल्म सिटी, टॉय पार्क, लॉजिस्टिक हब (यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र), फार्मा पार्क (झांसी-ललितपुर) मेगा टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई), परफ्यूम पार्क (कन्नौज), प्लास्टिक, गारमेंट और लेदर क्लस्टर (गोरखपुर, कानपुर, हरदोई) क्षेत्र विशेष के निवेश को आकर्षित करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।  निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनकर उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट फोकस हाईटेक सेक्टर जैसे एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण पर है, जहां निवेश के साथ-साथ युवाओं के लिए नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। साथ ही, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए निवेश को गति दी जा रही है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की कहानी अब महज सुधार तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की मिसाल बन चुकी है, जहां “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का मंत्र प्रदेश को सुरक्षित, सक्षम और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य में बदल चुका है।

पीएमईजीपी योजना ने बदली सरिता की किस्मत, लखीमपुर की उद्यमिता की प्रेरक कहानी

पीएमईजीपी योजना से बदली किस्मत, लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी सीमित संसाधनों से बनीं लाखों कमाने वाली उद्यमी,  आत्मनिर्भर बनकर पेश की मिसाल गांव की बेटी ने खड़ा किया 25 लाख का उद्योग, ऑयल मिल से 27 लोगों को मिला रोजगार गांव-गांव तक पहुंच रहीं सरकार की महत्वकांक्षी योजनाएं, रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बन रहे प्रदेश के युवा लखनऊ योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जो संकल्प लिया है, वह केवल एक नारा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव की कहानी बन चुका है। सरकार की योजनाएं आज गांव-गांव तक पहुंच रहीं हैं और युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। इसी संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह हैं। लखीमपुर खीरी के ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कुछ अलग करने का सपना देखा। सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना ने उनके इस सपने को साकार करने का रास्ता दिखाया। 25 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने तेल कोल्हू (ऑयल मिल) उद्योग की शुरुआत की। उन्होंने सरसों के तेल का उत्पादन शुरू किया और आधुनिक तकनीक से उसे फिल्टर कर व्यापारियों तक पहुंचाने लगीं। आज उनकी इकाई प्रतिदिन 12 क्विंटल सरसों तेल का उत्पादन करती है। सरिता सिंह की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके उद्योग में आज 27 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इससे गांव के कई परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है और लोगों में आत्मनिर्भर बनने का विश्वास बढ़ा है। आज सरिता सिंह हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं। उन्होंने सरकारी सहयोग और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार कर दिखाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ऐसे ही हजारों युवा आज अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो नए स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है।

कम रजिस्ट्री, ज्यादा कमाई: छुट्टियों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, राजस्व में उछाल

राजनांदगांव. पिछले साल से इस बार जमीन के कारोबार में कमी आई है. हालांकि, राजस्व में जरूरत बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है . इस कम रजिस्ट्री के आंकड़ों को पूरा करने शासन ने शनिवार और रविवार सहित अन्य अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं. छत्तीसगढ़ शासन के महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में राजस्व संग्रहण और नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालयों को खुला रखने का निर्देश दिया गया है. शासन की मंशा के अनुरूप आगामी छुट्टियों के दौरान पंजीयन कार्य की प्रक्रिया जारी रहेगी. जारी अधिसूचना के अनुसार, मार्च माह में पक्षकारों द्वारा कराए जाने वाले पंजीयन की अधिक संख्या को देखते हुए मार्च माह के चतुर्थ रविवार 22 मार्च 2026, अंतिम शनिवार 28 मार्च 2026, अंतिम रविवार अवसर पर 31 मार्च 2026 को भी सभी पंजीयन कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से संचालित होगा. विभागीय अवकाश के दिनों में भी उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है. साथ ही जिला पंजीयक, कोषालय अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों को 31 मार्च तक बैंकों में शासकीय लेनदेन सुचारू रखने हेतु यथोचित निर्देशित किया गया है. आम जनता की सुविधा के लिए स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन को ई-स्टाम्पों की निरंतर आपूर्ति और एनआईसी को सुचारू तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. राजनांदगांव मुख्यालय में ही गिरा बाजार राजनांदगांव तहसील मुख्यालय में ही पिछले साल से 6 करोड़ 81 लाख की कम रजिस्ट्री हुई है. पिछले साल यहां 78 करोड़ 14 लाख रूपए था, जो इस बार घटकर 71 करोड़ 32 लाख रूपए हो गया. इसी तरह डोंगरगढ़ तहसील में 6 करोड़ 75 लाख से गिरकर इस बार 6 करोड़ 68 लाख रूपए रह गया. गंडई में 3 करोड़ 45 लाख से गिरकर इस बार 3 करोड़ 5 लाख रह गया. हांलाकि बाकी के छह तहसील में राजस्व अधिक मिले है. इसमें खैरागढ़ में पिछले साल 10 करोड़ 66 लाख था, जो बढ़कर इस बार 13 करोड़ 96 लाख हो गया. छुईखदान 53 लाख 27 हजार से बढ़कर इस बार 61 लाख 70 हजार हो गया. डोंगरगांव 4 करोड़ 15 लाख से बढ़कर 6 करोड़ 87 लाख और छुरिया में 1 करोड़ नौ लाख की बढ़ोत्तरी, मोहला में भी 93 लाख का राजस्व में पिछले साल से इजाफा दर्ज किया गया है. मिली जानकारी अनुसार पिछले साल फरवरी माह तक जहां 22270 रजिस्ट्री दर्ज की गई थी, वही इस बार यह आंकड़ा 21412 तक सिमट गया. हांलाकि कलेक्टर दर में रेट बढ़ाए जाने के चलते राजस्व में कम हुआ जमीन का कारोबार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. पिछले साल फरवरी माह तक 109 करोड़ 29 लाख रूपए राजस्व प्राप्त किया गया था. जबकि इस बार 111 करोड़ 78 लाख रूपए का राजस्व मिला है. जो पिछले साल से 2 करोड़ 49 लाख रूपए ज्यादा हैं. उल्लेखनीय है कि, विगत बीस नवंबर को राज्य सरकार द्वारा डेढ़ सौ प्रतिशत तक जमीन के रेट बढाए गए थे.

बजट सत्र की सफल समाप्ति पर CM साय का संदेश, सदस्यों और अधिकारियों को कहा धन्यवाद

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंत में मुख्यमंत्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

तेल-गैस होर्मुज से 3-4 दिन में बंदरगाहों तक पहुंचेगा’, अमेरिकी अधिकारी का महत्वपूर्ण खुलासा

नई दिल्‍ली अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने शुक्रवार को कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से तीन-चार दिनों के भीतर एशिया तक आपूर्ति पहुंच जाएगी।  यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने समुंद्र में फंसे ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा दिया है और 30 दिनों के लिए इन प्रतिबंधों से ढील दी है. इससे पहले वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. इस कदम का उद्देश्य ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के कारण बढ़ती कीमतों को कम करना है।  फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्‍यू में क्रिस राइट ने कहा कि कुछ ही दिनों में, तीन या चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद तेल की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सकेगा. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण ईरान की कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता सीमित हो गई है, जिससे तेल का भंडार बाजारों तक पहुंच नहीं पा रहा है।  ईरान से प्रतिबंध हटाया  अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल टैंकरों को छूट दी है. अब ये तेल टैंकर एशिया के बंदरगाहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं. अमेरिका ने 1 महीने यानी 19 अप्रैल तक इसमें छूट दी है।  गौरलब है कि वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कार्रवाइयों के बाद कीमतों में भारी उछाल आया है. प्रतिबंध हटाने से आपूर्ति की समस्‍या खत्‍म हो सकती है।  गंभीर संकट का समाना कर सकती है दुनिया ऊर्जा अधिकारियों ने बाजार के दबाव को कम करने और इन आपूर्तियों पर निर्भर अन्य क्षेत्रों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए तेल की सप्‍लाई बनाए रखने पर जोर दिया है. इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति बहाल करने में 6 महीने तक का समय लग सकता है. फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्‍यू में बिरोल ने चेतावनी दी कि दुनिया इतिहास के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर सकती है।  इसके अलावा, सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान से संबंधित आपूर्ति में रुकावटें अप्रैल के अंत तक जारी रहती हैं, तो तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी अधिक हो सकती है. अनुमानों के अनुसार, 180 डॉलर प्रति बैरल की दर पर अमेरिकियों को 7 डॉलर प्रति गैलन से अधिक भुगतान करना होगा। 

ट्रंप का बड़ा बयान, मिशन ईरान खत्म होने के बाद जंग पर लग सकता है ब्रेक

वाशिंगटन अमेरिका-ईरान युद्ध के 21वें दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला ‘एग्जिट प्लान’ साझा किया है.  ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के ‘बेहद करीब’ है और अब वह मध्य पूर्व में जारी अपने बड़े सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने (Winding Down) पर विचार कर रहा है।  ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उन उपलब्धियों को गिनाया जिन्हें वे जीत का आधार मान रहे हैं’ उन्होंने कहा, ‘हमने ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा औद्योगिक आधार, नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है’ ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियारों के करीब न पहुंच सके।  इस दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों-इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत की सुरक्षा सुनिश्चित की है और आगे भी उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।  ट्रंप के इस बयान का सबसे अहम हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की सुरक्षा को लेकर था. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो देश इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल अपने तेल और व्यापार के लिए करते हैं, अब सुरक्षा और पुलिसिंग की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर मदद कर सकता है, लेकिन यह जिम्मेदारी अन्य देशों को निभानी चाहिए।  ट्रंप ने तर्क दिया, ‘अमेरिका इस रास्ते का उपयोग नहीं करता है, इसलिए अन्य देशों को आगे आना चाहिए” उन्होंने इसे उन देशों के लिए एक ‘आसान सैन्य अभियान’ बताया और कहा कि ईरान का खतरा खत्म होने के बाद अमेरिका की मुख्य भूमिका की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।  आपको बता दें कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. हाल के हफ्तों में यहां हमलों और तनाव के कारण वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ा है. ट्रंप के इस बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब युद्ध को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। 

द्रौपदी मुर्मु ने इस्कॉन और प्रेम मंदिर में अर्पित की पूजा, किया आध्यात्मिक दौरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस्कॉन और प्रेम मंदिर में की पूजा-अर्चना मथुरा  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन दिवसीय मथुरा प्रवास के लिए  कान्हा की नगरी पहुंचीं। कैंट हेलीपैड पर उतरने के बाद राष्ट्रपति ने ब्रज के सुप्रसिद्ध इस्कॉन और प्रेम मंदिर के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उनका परिवार भी मौजूद रहा। राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर सेना के हेलीपैड पर उतरा। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त आगरा नगेन्द्र प्रताप, ग्रुप कैप्टन शिवम मनचंदा और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला सीधे वृंदावन के लिए रवाना हुआ। इस्कॉन मंदिर में बच्चों को बांटी चॉकलेट राष्ट्रपति सबसे पहले वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचीं। मंदिर के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर उन्होंने राधा- श्यामसुंदर के विग्रह का विधि- विधान से पूजन और आरती की। मंदिर के प्रेसिडेंट पंचगौड़ा दास ने बताया कि राष्ट्रपति मंदिर की साज- सज्जा और भक्तिमय वातावरण से बेहद प्रभावित हुईं। पूजन के उपरांत राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में बच्चों से आत्मीयता से बातकर उन्हें चॉकलेट भेंट की। उन्होंने मंदिर अधिकारियों से कहा कि वे यहां पुनः दर्शन के लिए आना चाहेंगी। प्रेम मंदिर में निहारा लेजर शो और युगल सरकार की आरती इस्कॉन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रेम मंदिर पहुंचीं, जहां अजय बाबा और अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ने परिवार के साथ मंदिर में आयोजित विशेष ‘वाटर लेजर शो’ का आनंद लिया। इसके पश्चात उन्होंने गर्भगृह में श्री राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप की आरती उतारी। इस दौरान संकीर्तन मंडली के 51 आश्रमवासियों द्वारा किए गए मधुर गायन ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। राष्ट्रपति ने मंदिर की परिक्रमा की और प्रथम तल पर स्थित श्री सीता-राम जी के भी दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें प्रसाद, तुलसी माला, दुपट्टा और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे को देखते हुए पूरे मथुरा- वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रहे। राष्ट्रपति का यह दौरा ब्रज की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई प्रदान करने वाला रहा।

1.43 करोड़ बच्चों का परीक्षण कर फरवरी में पोषण स्थिति में सुधार किया गया

फरवरी में बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार, 1.43 करोड़ बच्चों का हुआ परीक्षण नाटेपन में लगभग 1.21 प्रतिशत,  अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों में लगभग 0.12 प्रतिशत तथा अंडरवेट बच्चों में लगभग 0.61 प्रतिशत का सुधार     जनवरी के मुकाबले फरवरी में कुपोषण संकेतकों में गिरावट, योगी सरकार के पोषण कार्यक्रमों का असर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बच्चों की पोषण की स्थिति में सुधार के सकारात्मक संकेत मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 की तुलना में फरवरी 2026 में स्टंटिंग में लगभग 1.21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों में लगभग 0.12 प्रतिशत तथा अंडरवेट बच्चों में लगभग 0.61 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। ये दिखाता है कि योगी सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए गंभीर है और बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं कर रही है।  बड़े पैमाने पर हुआ बच्चों का परीक्षण पोषण ट्रैकर के माध्यम से बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के बच्चों की लंबाई, वजन और आयु का आकलन कर उनकी पोषण स्थिति का निर्धारण किया जाता है। फरवरी में प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर परीक्षण अभियान चलाया गया, जिसके तहत 1 करोड़ 43 लाख से अधिक बच्चों का परीक्षण किया गया। डिजिटल निगरानी से मिल रहे सकारात्मक परिणाम प्रदेश में पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों की पोषण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे डेटा का संकलन और विश्लेषण अधिक सटीक और पारदर्शी हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा नियमित रूप से बच्चों का परीक्षण और डेटा अपडेट किए जाने से कुपोषण की समय रहते पहचान और आवश्यक हस्तक्षेप संभव हो पा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इसी तरह की निरंतर निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में पोषण संकेतकों में और सुधार देखने को मिलेगा।

यूपी में महिला निदेशकों की अगुवाई में स्टार्टअप्स का विस्फोट, 174 से 2525 तक पहुंची संख्या

महिला निदेशकों की अगुवाई में यूपी का स्टार्टअप बूम, 174 से 2525 पहुंची संख्या    योगी सरकार में महिला भागीदारी वाले स्टार्टअप्स में यूपी की बढ़ रही हिस्सेदारी 2017 से 2025 तक मजबूत उछाल, 2026 में भी 300 से ज्यादा डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त नए स्टार्टअप जुड़े योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिला निर्णायक बल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और यह बढ़त अब धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने लगी है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में महिला निदेशक या साझेदार वाले स्टार्टअप्स की संख्या में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में केवल 174 ऐसे स्टार्टअप्स थे जिन्हें डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त थी और जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार शामिल थी। यह संख्या लगातार बढ़ते हुए वर्ष 2025 में 2525 तक पहुंच गई।  31 जनवरी 2026 तक भी 301 नए स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है। ये सभी स्टार्टअप्स डीपीआईआईटी की ओर से आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं। प्रदेश में इस बढ़त को योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए निवेश अनुकूल माहौल, प्रक्रियाओं में सरलता और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। इसका असर खासतौर पर महिला उद्यमिता पर पड़ा है, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अब निदेशक और साझेदार के रूप में सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल के साथ राज्य स्तर पर मिले सहयोग ने इस वृद्धि को गति दी है। फंड ऑफ फंड्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और क्रेडिट गारंटी स्कीम जैसी योजनाओं के जरिए स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक वित्तीय सहायता मिल रही है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को भी मिला है, जिससे नए स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरते स्टार्टअप केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। महिला भागीदारी में हो रही लगातार वृद्धि यह संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश में उद्यमिता का दायरा व्यापक हो रहा है और महिलाएं इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम न केवल विस्तार कर रहा है, बल्कि महिला सशक्तीकरण के एक नए मॉडल के रूप में भी स्थापित कर रहा है। जहां नीतिगत समर्थन और बढ़ती भागीदारी मिलकर नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म दे रही है।

यूपीटीईटी-2026 के लिए जुलाई में तीन दिन आयोजित होगी परीक्षा

यूपीटीईटी-2026 का ऐलान, जुलाई में तीन दिन होगी परीक्षा 27 मार्च से आवेदन शुरू, 26 अप्रैल अंतिम तिथि पात्र युवाओं के लिए शिक्षक बनने का सुनहरा मौका भर्ती प्रक्रिया में बड़ा सुधार, डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता और तेजी पर जोर लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया गया है। आयोग की वेबसाइट पर 20 मार्च 2026 से विज्ञापन उपलब्ध करा दिया गया है। इस बार की परीक्षा में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) दोनों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में यूपीटीईटी-2026 को समयबद्ध तरीके से आयोजित कर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।  आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और अभ्यर्थी हितैषी बनाने के उद्देश्य से इस बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की है। अब अभ्यर्थियों को पहले ओटीआर पूरा करना होगा, उसके बाद ही वे यूपीटीईटी-2026 के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी। उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से शुरू होकर 26 अप्रैल 2026 तक चलेगी। वहीं अभ्यर्थियों को 1 मई 2026 तक आवेदन पत्र में संशोधन और शुल्क संबंधित समस्याओं के समाधान का अवसर दिया जाएगा। परीक्षा का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। आयोग का फोकस योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति से प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन और निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही आवेदन करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

नवरात्रि में यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने किए दर्शन

नवरात्रि पर यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन नवरात्रि के दूसरे दिन मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी देवी, मां विशालाक्षी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, युवा भक्तों की सबसे अधिक रही संख्या विंध्याचल, काशी, प्रयागराज, मां शाकुम्भरी देवी, मां कात्यायनी और मां पाटेश्वरी देवी के धामों में लगा रहा भक्तों का तांता    लखनऊ चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के सभी देवी मंदिरों में आस्था का अद्भुत जनसैलाब देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के दूसरे दिन भी शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लाखों की संख्यां में भक्तों ने मां भगवती का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विंध्याचल, काशी, प्रयागराज, सहारनपुर, देवीपाटन और वृंदावन सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सुबह से ही देखी गईं। श्रद्धालुओं के सैलाब में युवाओं की संख्या सबसे ज़्यादा रही, उनके जोश और उत्साह भरे “जय माता दी” के जयकारों से मंदिरों परिसर पूरी तरह भक्तिमय नजर आये। विशेष अवसर के चलते नगर निगमों और प्रशासन द्वारा स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मां भगवती के सुगम दर्शन सुलभ हो सकें।  नवरात्रि के दूसरे दिन मीरजापुर स्थित माँ विंध्यवासिनी धाम में लोगों की आस्था चरम पर रही। सुबह से लेकर शाम तक यहां 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबारों में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। मीरजापुर सिटी मजिस्ट्रेट और मेला प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या सुबह ही 2 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी। मां विंध्यवासिनी के धाम में नवरात्रि के अवसर पर पूरे दिन और रात दर्शन-पूजन का क्रम चल रहा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में पेयजल, छाया, कूलर के साथ एलईडी स्क्रीन की भी  व्यवस्था की गई है, जिससे कतार में लगे भक्तों को भी मां के दर्शन का लाभ मिल सके। साथ ही न केवल मंदिर परिसर, बल्कि विंध्याचल धाम के आस-पास के क्षेत्रों व अन्य मंदिरों में भी सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे दर्शन व्यवस्था सुगम बनी रही। इसी तरह प्रयागराज स्थित मां ललिता देवी शक्तिपीठ में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। पिछले दो दिनों में यहां लगभग 2.5 से 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह मां भगवती के 51 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण स्थल है। इसके साथ ही प्रयागराज के अन्य प्रसिद्ध देवी धाम अलोप शंकरी और कल्याणी देवी मंदिर में भी  की भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में वाराणसी के प्रसिद्ध मां विशालाक्षी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखी गई। सामान्य दिनों में जहां 4 से 5 हजार लोग दर्शन करने आते हैं, वहीं नवरात्रि में यह संख्या बढ़कर 7 से 8 हजार तक पहुंच गई है। यहां विशेष रूप से दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इसी क्रम में नगर निगम और प्रशासन द्वारा यहां स्वच्छता और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।  सहारनपुर के शाकुम्भरी देवी मंदिर में भी नवरात्रि के दूसरे दिन शाम तक 80 हजार से अधिक भक्त पहुंच चुके हैं। वहीं बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर में करीब 2.5 लाख भक्तों ने दर्शन किए। इन सभी स्थलों पर भक्तों में खासा उत्साह देखा गया, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। वहीं कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन भी नवरात्रि के अवसर पर शक्ति की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। वृंदावन स्थित शक्ति पीठ मां कात्यायनी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शुरुआती दो दिनों में ही यहां 1.5 लाख से अधिक भक्तों ने माँ के दर्शन किए। मंदिर में विशेष सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के मंदिरों में उमड़ी इस भारी भीड़ के बीच प्रशासन द्वारा सुगम दर्शन, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। नगर निगम की टीमें लगातार सफाई व्यवस्था में जुटी हैं, जबकि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर प्रमुख स्थल पर सीसीटीवी कैमरे और भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदेश में नवरात्रि के दौरान उमड़ा यह जनसैलाब न केवल आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की लहर चल रही है, उसे देखते हुए नई पीढ़ी में भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ा है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राष्ट्रपति ने की श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठा

राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किए रामलला के दर्शन, चरणों में झुकाया शीश अयोध्या/लखनऊ  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। राष्ट्रपति ने नव संवत्सर पर रामलला के चरणों में शीश झुकाकर व आरती उतारकर श्रद्धा निवेदित की। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपति के साथ रामलला की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवों के समक्ष शीश झुकाया। राष्ट्रपति ने श्रीराम मंदिर परिसर का भ्रमण कर यहां की दीवारों पर उकेरी गईं आकृतियों का भी अवलोकन किया। राष्ट्रपति ने पूज्य संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीरामयंत्र की विधिवत प्रतिष्ठापना की। श्रीराम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है। दक्षिण भारत, काशी, अयोध्या के आचार्यों द्वारा मंदिर में श्रीराम यंत्र के लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुका था। यंत्र प्रतिष्ठापना के समय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मां अमृतानंदमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, सदस्य गोपाल जी आदि मौजूद रहे।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने रामनगरी में राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया

रामनगरी में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रपति का स्वागत  महापौर ने देश की प्रथम नागरिक को सौंपी ‘नगर की चाबी’  एयरपोर्ट से राम मंदिर के रास्ते में कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से राष्ट्रपति का किया भव्य स्वागत अयोध्या  चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामनगरी पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उनका अयोध्या आगमन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।  महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उन्हें ‘नगर की चाबी’ भेंट की। यह सम्मान अतिथि को नगर की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च प्रतीकात्मक सम्मान माना जाता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या का यह दूसरा दौरा है। एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किया भव्य स्वागत अयोध्या एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला रवाना हुआ, पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा दृश्य देखने को मिला। सड़क के दोनों ओर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए गए थे, जहां लगभग 250 कलाकारों ने रामायण आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भारतीय वेशभूषा में कलाकारों ने स्वागत गीत, भजन, अवधी-भोजपुरी लोकगायन-लोकनृत्य समेत भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रमों के जरिए मन मोह लिया।  हर ओर उत्साह व उल्लास अयोध्यावासियों ने भी सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा, जयकारों संग देश की प्रथम नागरिक का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भी अयोध्यावासियों का अभिवादन किया। कार्यक्रम को और भव्य बनाने के लिए रामलीला के अंश, झांकियां, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन-कीर्तन जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिससे अयोध्या की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर सजी अयोध्या नगरी में हर ओर श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा।

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