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सैन्य रणनीति और तालमेल की मिसाल: भारत–सेशेल्स का ‘लामितिये–2026’ अभ्यास शुरू

नई दिल्ली भारत की सशस्त्र सेनाओं का एक संयुक्त दल हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंच गया है। यहां यह भारतीय सैन्य दल सेशेल्स रक्षा बलों के साथ एक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये–2026’ में भाग ले रहा है। यह सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 20 मार्च तक सेशेल्स की रक्षा अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास के दौरान भारत और सेशेल्स के सैनिक संयुक्त रूप से प्रशिक्षण लेंगे, विभिन्न मिलिटरी मिशनों की योजनाएं बनाएंगे और अलग-अलग सामरिक गतिविधियों को अंजाम देंगे। इसमें अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के लिए कई प्रकार की युद्धक कार्रवाई की जाएंगी। इसके साथ ही नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग का अभ्यास भी किया जाएगा। ‘लामितिये’ शब्द क्रियोल भाषा का है, जिसका अर्थ मित्रता होता है। यह अभ्यास हर दो वर्ष में आयोजित किया जाता है और वर्ष 2001 से नियमित रूप से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष यह इस महत्वपूर्ण अभ्यास का ग्यारहवां संस्करण है। भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर दोनों पक्षों का मुख्य फोकस है। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से इस अभ्यास का आयोजन किया जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का अभ्यास विशेष महत्व रखता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पहली बार भारत की तीनों सेनाएं शामिल हो रही हैं। यहां पहुंचे भारतीय सैन्य दल में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल हैं। ये सभी एक साथ इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय सैन्य दल में मुख्य रूप से असम रेजिमेंट के सैनिक शामिल हैं। इसके साथ ही, भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईएनएस त्रिकंड’ तथा भारतीय वायु सेना का भारी परिवहन विमान ‘सी–130’ भी इस अभ्यास में भाग ले रहा है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, सहयोग और संयुक्त कार्य क्षमता को मजबूत बनाना है। अभ्यास के दौरान विशेष रूप से अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने वाले अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा शांति स्थापना से जुड़े अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा। करीब बारह दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में मैदानी प्रशिक्षण, सामरिक चर्चा, अध्ययन उदाहरण, व्याख्यान और प्रदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभ्यास के अंतिम चरण में दो दिनों का अंतिम संयुक्त अभ्यास किया जाएगा, जिसमें अब तक सीखे गए सभी कौशलों और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे सैनिकों को एक-दूसरे के अनुभव, कौशल और श्रेष्ठ सैन्य तरीकों को साझा करने का अवसर मिलता है। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से घनिष्ठ रक्षा संबंध रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाने के लिए दोनों देश समय-समय पर इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करते रहे हैं। ‘लामितिये–2026’ अभ्यास भी दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सनस्क्रीन लगाने के बाद भी हो रही है टैनिंग? धूप में जाने से पहले करें ये जरूरी काम

मार्च का महीना अभी शुरू ही हुआ है और अभी से तेज धूप निकलनी शुरु हो गई है. तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. ऐसे में लोगों ने भी सनस्क्रीन लगाना शुरु कर दिया है. लेकिन क्या धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना ही काफी है? दरअसल, कुछ लोगों को लगता है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगाने से वो अपनी त्वचा को धूप की तेज किरणों से बचा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. आज के समय में बढ़ती गर्मी, तेज यूवी किरणें, धूल-मिट्टी और प्रदूषण हमारी त्वचा पर गहरा असर डालते हैं. ऐसे में सिर्फ एक प्रोडक्ट पर निर्भर रहना स्किन के लिए पूरी सुरक्षा नहीं देता. अगर स्किन की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो टैनिंग, सनबर्न, पिग्मेंटेशन, ड्राइनेस और समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं. ऐसे में धूप से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ सनस्क्रीन लगाना ही काफी नहीं है. सही स्किनकेयर रूटीन, पर्याप्त हाइड्रेशन और फिजिकल प्रोटेक्शन के साथ ही त्वचा को पूरी तरह सुरक्षित और हेल्दी रखा जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे. चेहरे को अच्छे से क्लीन करें धूप में निकलने से पहले सबसे पहला स्टेप है चेहरे को साफ करना. रात भर में त्वचा पर ऑयल और गंदगी जमा हो जाती है. इसलिए बाहर निकलने से पहले माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोना जरूरी है, ताकि स्किन साफ रहे और आगे लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स बेहतर तरीके से काम कर सकें. टोनर का इस्तेमाल करें चेहरा साफ करने के बाद टोनर लगाना फायदेमंद होता है. टोनर त्वचा के पोर्स को टाइट करता है और स्किन का pH बैलेंस बनाए रखता है. इससे त्वचा तरोताजा महसूस करती है और धूप से होने वाले नुकसान से लड़ने की क्षमता भी बेहतर होती है. मॉइश्चराइज़र लगाना न भूलें कई लोग गर्मियों में मॉइश्चराइज़र लगाना छोड़ देते हैं, लेकिन यह सही नहीं है. हल्का और वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइज़र त्वचा को हाइड्रेट रखता है, और धूप की वजह से होने वाली ड्राइनेस से बचाता है. सनस्क्रीन सही तरीके से लगाएं सनस्क्रीन जरूर लगाएं, लेकिन सही मात्रा और सही SPF का चुनाव भी जरूरी है. बाहर निकलने से लगभग 15–20 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत पड़ने पर हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाएं. सन प्रोटेक्शन एक्सेसरीज का इस्तेमाल करें सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि सनग्लासेस, कैप, स्कार्फ या छाता भी धूप से बचाव में मदद करते हैं. ये चीजें यूवी किरणों से सीधे संपर्क को कम करती हैं. शरीर को हाइड्रेट रखें गर्मियों में त्वचा को हेल्दी रखने के लिए भरपूर पानी पीना भी बहुत जरूरी है. इससे शरीर डिटॉक्स होता है और त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है.

Fitness Icon का निधन! Industry में शोक की लहर, फैंस को नहीं हो रहा यकीन

फिटनेस और स्वास्थ्य जगत को एक बड़ा झटका लगा है। 36 वर्षीय फिटनेस इन्फ्लुएंसर और विज्ञान-आधारित पोषण विशेषज्ञ स्टेफ़नी बटरमोर का अचानक निधन हो गया है। उनकी मृत्यु की पुष्टि उनके मंगेतर और यूट्यूबर जेफ निपर्ड ने की है। अभी तक मौत के कारण का पता नहीं चल पाया है। स्टेफ़नी बटरमोर सोशल मीडिया पर अपनी सकारात्मक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाली फिटनेस सामग्री के लिए जानी जाती थीं। हालांकि उन्होंने इंटरनेट की दुनिया से दूरी बनाकर अपने व्यक्तिगत और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया था। मई 2024 में उन्होंने अपने सोशल मीडिया ब्रेक का ऐलान करते हुए गंभीर चिंता (Anxiety) से जूझने की बात स्वीकार की थी। उनकी आखिरी सार्वजनिक पोस्ट में, स्टेफ़नी ने चिंता को “अपंग करने वाली” बताया और साझा किया कि कैसे यह उनके लिए सांस लेना या घर छोड़ना भी मुश्किल बना देती थी। इसके बाद उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और शांति पाने के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाई। हालांकि स्टेफ़नी ने ऑनलाइन उपस्थिति कम कर दी थी, वह अपने पेशेवर और अकादमिक जीवन में सक्रिय रहीं। पैथोलॉजी और सेल बायोलॉजी में पीएचडी धारक के रूप में, उन्होंने कैंसर अनुसंधान पर काम जारी रखा। उनका निधन 6 मार्च, 2026 को हुआ। स्टेफ़नी और जेफ निपर्ड का रिश्ता लगभग 10 वर्षों तक चला। दोनों की पहली मुलाकात 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। प्रारंभ में जेफ ने उनसे ऑनलाइन संपर्क किया और जल्द ही दोनों के बीच प्यार हो गया। हालांकि स्टेफ़नी फ्लोरिडा और जेफ कनाडा में रहते थे, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से मिलने से पहले घंटों फोन पर बातचीत करते थे। उनकी पहली डेट कथित तौर पर जिम वर्कआउट थी, जो उनके साझा फिटनेस और विज्ञान प्रेम को दर्शाती है। फिटनेस समुदाय और उनके अनुयायियों के लिए यह अचानक निधन एक बड़ा सदमा है।

राज्यसभा में ऊर्जा संकट पर खड़गे की चिंता

नई दिल्ली राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एशिया के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हालात केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। साथ ही भारत की वैश्विक छवि और सामर्थ्य पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 55 प्रतिशत जरूरतें पश्चिम एशिया से होने वाले आयात से पूरी करता है। यदि उस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है तो उसका सीधा असर हमारे देश की आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है। खड़गे ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा, “मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे यह मुद्दा उठाने का अवसर दिया।” खड़गे ने कहा कि वह नियम 176 के तहत तहत उभरती चुनौतियों के संदर्भ में भारत की ऊर्जा सुरक्षा के विषय पर अल्पकालिक चर्चा की अनुमति का अनुरोध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एशिया के उस क्षेत्र में लाखों भारतीय काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और आजीविका वहां की स्थिरता पर निर्भर करती है। हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिकों के मारे जाने या लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी भी आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। भारत हर साल लगभग 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का तेल आयात करता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और परिवारों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। इस बीच बाद सभापति द्वारा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठ जाने के लिए कहा गया। सभापति ने खड़गे को बाद में बोलने का अवसर देने की बात कही और कहा कि फिलहाल विदेश मंत्री एस जयशंकर सदन में अपनी बात रखने जा रहे हैं। इस बार विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच एस जयशंकर ने अपनी बात रखी। लेकिन विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे इसके उपरांत विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। सभापति ने मल्लिकार्जुन खड़गे को शुरुआत में बोलने का अवसर दिया और इसके बाद उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री द्वारा इस संदर्भ में आधिकारिक जानकारी दे रहे हैं। विदेश मंत्री द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद वह खड़गे को बोलने का अवसर देंगे। लेकिन विपक्ष इसके लिए राजी नहीं हुआ और सदन में विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर जताई खुशी

कूनो उद्यान के अधिकारी और कर्मचारी चीतों की बेहतर देखरेख के लिए बधाई के पात्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और प्रसन्नता देने वाला समाचार मिला है। कूनो उद्यान में मादा चीता “ज्वाला’ ने 5 शावकों को जन्म दिया है। चीता परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि चीतों की पुनर्स्थापन के बाद 10वीं बार सफलतापूर्वक जन्म हुआ है। यह इस बात का प्रतीक है यहां की जलवायु चीतों को रास आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मादा चीता ज्वाला के 5 शावकों के जन्म के साथ ही, भारत में चीतों की कुल संख्या 50 का आंकड़ा पार कर 53 हो गई है। चीता पुनर्स्थापन के कार्य वन्य जीव संरक्षण, प्रकृति और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं। मध्यप्रदेश की चीतों के लिए “अनुकूल घर” के रूप में विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के लिए निश्चित ही यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। भारत में चीतों की बेहतर देखरेख और उनके पुनर्वास के प्रयासों की सफलता के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान और वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।  

वैश्विक तेल संकट की आहट! 1973 जैसी स्थिति बनी तो भारत समेत कई देशों में मचेगा हाहाकार

नई दिल्ली यदि आंशिक रूप से भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई रुकी तो संकट कहीं अधिक गहरा होगा। भारत अपनी तेल की जरूरतों का 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसी स्थिति में उसके लिए भी संकट पैदा होगा और पूरे हालात पर वह लगातार नजर बनाए हुए है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के चलते दुनिया भर में कच्चे तेल को लेकर दबाव की स्थिति है। हालात ऐसे हैं कि चंद दिनों में ही कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इसके चलते 1973 जैसे तेल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई बाधित है और यदि हालात लंबे खिंचे तो फिर बड़ी मंदी की ओर दुनिया बढ़ सकती है। फिलहाल हर दिन 100 मिलियन बैरल की सप्लाई बाधित हो रही है। इस तरह पूरे संकट की वजह एक चेकपॉइंट है। अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि हर दिन 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही होती है। यह दुनिया की कुल खपत का 20 फीसदी है। इसके अलावा अन्य इलाकों में भी तेल की सप्लाई बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल की सप्लाई का आधा हिस्सा चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया खरीदते हैं। ऐसी स्थिति में यदि सप्लाई बाधित रहेगी तो सबसे पहले भारत, चीन और साउथ कोरिया जैसे देशों को झटका लगेगा। मार्केट की जानकारी रखने वाली संस्थाओं का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो यह तेल सप्लाई की सबसे बड़ी बंदी होगी। ऐसी स्थिति में दुनिया को करारा झटका लगेगा और महामंदी के हालात पैदा हो सकते हैं। इस तरह करीब 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई खतरे में होगी। यही नहीं 1973 के मुकाबले भी यह संकट बड़ा है। तब दुनिया की तेल की जरूरतें कम थीं और आज कहीं ज्यादा हैं। आज के दौर में 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन की खपत होती है, तब 4.5 से 5 मिलियन बैरल तेल ही यहां सप्लाई होता था। इसके अलावा जब ईरानी क्रांति के दौरान बंद होने की नौबत आई थी, तब यहां से सप्लाई का आंकड़ा 6 मिलियन बैरल ही था। ऐसी स्थिति में साफ है कि अबकी बार संकट कहीं अधिक गहरा हो सकता है। इसके अलावा गैस का संकट भी पैदा हो सकता है। साफ कहें तो होर्मुज के ब्लॉक होने पर तेल, गैस समेत सभी जरूरी ईंधन की कमी होगी। हालांकि एक राहत की बात यह है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश दूसरे रास्तों से सप्लाई जारी रख सकते हैं। ऐसी स्थिति में तेल की सप्लाई तो किसी तरह पहुंचती रहेगी, लेकिन उसकी लागत और कीमत में इजाफा हो जाएगा। इसके अलावा जो ऑइल रिजर्व हैं, वे भी जल्दी ही खत्म हो सकते हैं। यदि आंशिक रूप से भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई रुकी तो संकट कहीं अधिक गहरा होगा। भारत अपनी तेल की जरूरतों का 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसी स्थिति में उसके लिए भी संकट पैदा होगा और पूरे हालात पर वह लगातार नजर बनाए हुए है।

वैश्विक तनाव से भारतीय बाजार पर मार, सेंसेक्स 1353 अंक टूटा

मुंबई पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया। इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ। क्यों गिरा बाजार? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।

दिल्ली में डीटीसी बस का तांडव, दो लोगों की मौत और कई घायल

नई दिल्ली  बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नांगलोई–नजफगढ़ रोड पर थाना निहाल विहार क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर गांव मोड़ के पास डीटीसी की एक बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। डीटीसी बस तेज रफ्तार में आ रही थी। इस दौरान बस ने पहले एक स्कूटर सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बस आगे बढ़ते हुए एक ई-रिक्शा और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोगों को भी अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। हादसे से नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और गुस्से में बस में आग भी लगा दी। स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी विक्रम सिंह और ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की क्या भूमिका रही। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

हर विश्व कप जीत में छुपा केरल का जादू: भारत के 5 खिताबों का विश्लेषण

तिरुवनंतपुरम भले ही क्रिकेट आंकड़ों का खेल है, लेकिन इसमें कई बार ऐसे संयोग भी देखे गए, जिसने सभी को हैरान किया है। भारत ने अब तक कुल 5 बार क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किए हैं। इन सभी खिताबी जीत में केरल का खास ‘कनेक्शन’ रहा है। जब भी भारत पुरुषों का वर्ल्ड कप जीतता है, तो टीम में हमेशा एक मलयाली खिलाड़ी होता है। यह पैटर्न कपिल देव की लीडरशिप में 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुआ था, जिसमें केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी मौजूद थे। हालांकि, वाल्सन को टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद वह विश्व कप विजेता कहलाए। इसके बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 जीतकर विश्व कप खिताब के करीब ढाई दशक के सूखे को समाप्त किया। इस टीम में श्रीसंत ऐसे मलयाली खिलाड़ी थे, जिन्होंने न सिर्फ विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया, बल्कि खिताब जीतने में अहम भूमिका भी निभाई। शायद ही कोई फैन खिताबी मुकाबले की अंतिम गेंद पर उनके शानदार कैच को भूल सके। केरल का यही खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप 2011 की विजेता टीम का भी हिस्सा था, जिसके बाद फैंस उन्हें ‘मलयाली लकी चार्म’ कहने लगे थे। साल 2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया, जिसमें केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन विजेता टीम का हिस्सा थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका था। संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपनी शुरुआती दो पारियों से फैंस को खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, लेकिन अंतिम तीन मुकाबलों में वह भारत की जीत के नायक रहे। सैमसन ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध निर्णायक मुकाबले में नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। संजू ने खिताबी मैच में भी इतने ही रन बनाकर भारत को ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई।

HC की महिला जज ने बताया अनुभव, मेरे चैंबर में घुसने पर वो जमकर पिटा

भुवनेश्वर. ओडिशा हाईकोर्ट की जज सावित्री राठो ने रविवार को खुलकर अपनी कानूनी पेशे की यात्रा पर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था और वह जहां भी जातीं, वहां पहुंच जाता। उन्होंने बताया कि बाद में उस शख्स की जमकर कुटाई भी हुई थी। जस्टिस राठो ने बताया कि कैसे पारिवारिक परेशानी के कारण कॉलेजियम की सिफारिश के बाद भी उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। पीछे पड़ गया था एक शख्स बार एंड बेंच के अनुसार, जस्टिस राठो ने बताया कि जब उन्होंने कानूनी पेशे की शुरुआत की, तब एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में जहां भी जातीं, वह उनके पीछे आ जाता। उन्होंने बताया कि बात तब बढ़ गई थी, जब वह उनके चैंबर में तक घुस आया था। जस्टिस राठो ने कहा, ‘जब मैंने प्रेक्टिस शुरू की, तो एक शख्स मेरा पीछा करने लगा था। मुझे लगा कि वह हमेशा कोर्ट में है। मेरे पुरुष सहकर्मियों ने मेरी मदद की। एक बार वह मेरे चैंबर में भी आ गया था, लेकिन मैंने ऐसे दिखाया कि मैंने उसे देखा ही नहीं। हालांकि, बाद में उसकी जमकर कुटाई हुई थी।’ जज बनने में हुई दिक्कत जस्टिस राठो ने कहा कि कॉलेजियम की तरफ से जज बनने के लिए दो बार उनके नाम की सिफारिश भी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘मेरे नाम की दो बार सिफारिश की गई थी, लेकिन जो इंचार्ज थे, उन्होंने इसे नहीं माना। उन्हें मेरे परिवार से कुछ परेशानी थी।’ पुरुष सहकर्मियों की तारीफ की उन्होंने कहा कि ये आम धारणा है कि इस पेशे में हमेशा एक महिला दूसरी महिला की मदद करती है। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव अलग रहा है। जज ने बताया कि करियर की शुरुआत में पुरुष सहकर्मियों ने उनकी काफी मदद की है। उन्होंने कहा कि कई वकील जज लेनदेन के कारण जज बनने में संकोच करते हैं, लेकिन वो उनके लिए कभी चिंता की बात नहीं रही। स्टिस राठो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित Half the Nation – Half the Bench थीम पर पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहीं थीं। यह आयोजन सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता और महालक्ष्मी पवानी की तरफ से आयोजित किया गया था।

मध्य-पूर्व तनाव के बीच भारत की तैयारी: 50 उड़ानों से लोगों को निकालने की योजना

नई दिल्ली केंद्र सरकार के अनुसार ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया क्षेत्र के हवाई अड्डों से सोमवार को भारत की एयरलाइंस द्वारा 50 आने वाली उड़ानों की योजना बनाई गई है। यह ऑपरेशन की क्षमता और मौजूद परिस्थितियों के आधार पर संचालित होंगी। भारतीय एयरलाइंस एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइस जेट और अकासा एयर दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा से उड़ानें संचालित करने के लिए तैयार हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, “उड़ान कंपनियां मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संचालन समायोजन कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उड़ानों का व्यवस्थित संचालन हो।” 7 मार्च को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र से भारत के लिए 51 इनबाउंड उड़ानें भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित की गईं, जिनमें 8,175 यात्री भारत पहुंचे। 8 मार्च को भी भारतीय एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के हवाई अड्डों से 49 इनबाउंड उड़ानों की योजना बनाई थी। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस अन्य हवाई अड्डों की स्थिति का लगातार मूल्यांकन कर रही हैं ताकि इन जगहों से और भी उड़ानें संचालित की जा सकें। मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय में है। इसके साथ ही टिकट की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कीमतें उचित रहें और इस अवधि में अनावश्यक वृद्धि न हो। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित एयरलाइंस से उड़ानों के शेड्यूल के नवीनतम अपडेट लेते रहें। मंत्रालय स्थिति पर निगरानी जारी रखेगा और आवश्यक होने पर आगे अपडेट जारी करेगा। इसी बीच, एयर इंडिया ने घोषणा की कि वह 10 मार्च से 18 मार्च 2026 के बीच नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी, ताकि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति में यात्रियों को सहायता मिल सके। कंपनी ने कहा कि वह न्यूयॉर्क (जेएफके), लंदन (हीथ्रो), फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए अतिरिक्त क्षमता तैनात कर रही है, जिससे दोनों दिशाओं में 17,660 सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन उड़ानों में दिल्ली–न्यूयॉर्क, दिल्ली–लंदन, मुंबई–लंदन शामिल हैं, जिससे जब यात्रा विकल्प सीमित हों, तब यात्रियों के लिए आवश्यक क्षमता बढ़ाई जा सके। इसके अलावा, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, माले और कोलंबो से दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित होंगी।

AI का खतरनाक कारनामा! जिसे देखकर वैज्ञानिक भी रह गए दंग

नई दिल्ली एआई को यह सोचकर विकसित किया गया था कि यह वह काम करेगा जो इंसान उसे कहेंगे। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस बात से पहले ही आगाह किया था कि यदि एआई में खुद से सोचने, समझने और फैसले लेने की क्षमता विकसित हो गई तो वह इंसानों की बात नहीं मानेगा। अब वैज्ञानिकों की ये बाद सच होती दिखाई दे रही है। हाल ही में एक नई रिसर्च में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एआई की क्षमता और नियंत्रण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।   दरअसल, एक एआई एजेंट की ट्रेनिंग के दौरान रिसर्चर्स ने देखा कि सिस्टम ने खुद ही क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग शुरू करने की कोशिश की। हैरानी की बात यह थी कि किसी भी रिसर्चर ने उसे ऐसा करने के लिए निर्देश नहीं दिया था। अलीबाबा से जुड़ी रिसर्च टीम कर रही थी प्रयोग यह घटना उस समय सामने आई जब अलीबाबा से जुड़ी एक रिसर्च टीम ROME नाम के एक एक्सपेरिमेंटल एआई एजेंट पर काम कर रही थी। ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा सिस्टम अचानक सक्रिय हो गए, जिसके बाद टीम ने सिस्टम की गतिविधियों की जांच की। जांच में पता चला कि एआई एजेंट क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग से जुड़ी प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश कर रहा था। यह गतिविधि असामान्य इसलिए भी थी क्योंकि सिस्टम को एक सीमित और नियंत्रित वातावरण में चलाया जा रहा था, जिसे “सैंडबॉक्स” कहा जाता है। रिसर्च पेपर में वैज्ञानिकों ने इस व्यवहार को “अनपेक्षित” बताया और कहा कि यह गतिविधि बिना किसी स्पष्ट निर्देश के शुरू हुई। बिना निर्देश के बनाया रिवर्स SSH टनल सिर्फ क्रिप्टो माइनिंग ही नहीं, एआई एजेंट ने एक और तकनीकी कदम उठाया जिसने रिसर्चर्स की चिंता बढ़ा दी। सिस्टम ने खुद ही रिवर्स SSH टनल बना लिया। यह एक ऐसा तकनीकी तरीका है जिसके जरिए सुरक्षित या सीमित नेटवर्क के अंदर मौजूद मशीन बाहरी कंप्यूटर से कनेक्ट हो सकती है। कई बार यह कनेक्शन एक छिपे हुए रास्ते की तरह काम करता है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि न तो माइनिंग और न ही टनल बनाने के लिए एआई को कोई प्रॉम्प्ट या इंस्ट्रक्शन दिया गया था। क्यों बढ़ी चिंता? क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग आमतौर पर कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करके डिजिटल करेंसी बनाने की प्रक्रिया होती है। इसे आम तौर पर सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर जानबूझकर सेट करते हैं। लेकिन इस मामले में एआई एजेंट ने ट्रेनिंग के दौरान खुद ही यह प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या एडवांस एआई सिस्टम भविष्य में ज्यादा स्वायत्त हो सकते हैं, खासकर तब जब उन्हें ज्यादा टूल्स और कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच मिलती है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब एआई एजेंट तेजी से अधिक सक्षम बनते जा रहे हैं। कई सिस्टम अब कोड लिख सकते हैं, जटिल वर्कफ्लो ऑटोमेट कर सकते हैं और अलग-अलग ऑनलाइन टूल्स के साथ काम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे एआई की क्षमताएं बढ़ेंगी, टेस्टिंग के दौरान अनपेक्षित व्यवहार सामने आने की संभावना भी बढ़ सकती है। ऐसे कुछ उदाहरण पहले भी सामने आ चुके हैं। Moltbook एक्सपेरिमेंट नाम के एक प्रयोग में एआई एजेंट्स को सोशल नेटवर्क जैसी डिजिटल दुनिया में रखा गया था, जहां वे आपस में बातचीत करते थे। उस दौरान भी एजेंट्स ने क्रिप्टोकरेंसी का जिक्र किया था। इसी तरह एआई इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म Anon के इंजीनियरिंग हेड डैन बोतेरो ने बताया था कि उनके बनाए OpenClaw एजेंट ने बिना कहे ही इंटरनेट पर नौकरी खोजने की कोशिश शुरू कर दी थी। एआई के व्यवहार को लेकर बढ़ रही बहस मई 2025 में एक और विवाद तब सामने आया जब Anthropic के Claude मॉडल पर काम कर रहे रिसर्चर्स ने दावा किया कि Claude 4 Opus सिस्टम में अपने इरादों को छिपाने और खुद को सक्रिय बनाए रखने की क्षमता दिखाई दी थी। ROME प्रयोग में सामने आया नया मामला इस बात की याद दिलाता है कि जैसे-जैसे एआई सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जाएंगे, उनकी निगरानी और नियंत्रण भी उतना ही जरूरी होगा।

लवकुश पूजन के साथ संस्कार सेवा समिति का आयोजन, समाजजनों की उमड़ी भीड़

सम्मान समारोह, हनुमान चालीसा पाठ और संस्कारमयी गीतों से गूंजा कार्यक्रम बड़वानी क्षत्रिय कुशवाह समाज द्वारा संस्कार सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान लवकुश की पूजा-अर्चना कर भव्य धार्मिक एवं संस्कारमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के धर्म, संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर क्षत्रिय कुशवाह समाज बड़वानी-खरगोन-धार के जिला अध्यक्ष रमेशचंद्र कुशवाह (मानवर) तथा संस्कार सेवा समिति के प्रमुख ओमप्रकाश कुशवाह (धामनोद) का तिलक कर सम्मान एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला महासचिव एवं ग्राम इकाई बड़वानी के अध्यक्ष नंदराम कुशवाह, भगीरथ कुशवाह एवं रामू कुशवाह ने मधुर स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और उपस्थित समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। संस्कार सेवा समिति के प्रमुख ओमप्रकाश कुशवाह ने अपने मधुर गीतों के माध्यम से समाज के बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार तथा माता-पिता की सेवा का संदेश दिया। वहीं जिला अध्यक्ष रमेशचंद्र कुशवाह ने गो माता की सेवा, संरक्षण और पालन-पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय हमारी माता के समान है और उसकी सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, महिला मंडल, बच्चे एवं युवा साथी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक एवं संस्कारमय वातावरण बना रहा।

महिला जज ने साझा किया हैरान करने वाला किस्सा: चैंबर में घुस आया था वो, फिर लोगों ने जमकर पीटा

ओडिशा ओडिशा हाईकोर्ट की जज सावित्री राठो ने रविवार को खुलकर अपनी कानूनी पेशे की यात्रा पर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था और वह जहां भी जातीं, वहां पहुंच जाता। उन्होंने बताया कि बाद में उस शख्स की जमकर कुटाई भी हुई थी। जस्टिस राठो ने बताया कि कैसे पारिवारिक परेशानी के कारण कॉलेजियम की सिफारिश के बाद भी उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। पीछे पड़ गया था एक शख्स बार एंड बेंच के अनुसार, जस्टिस राठो ने बताया कि जब उन्होंने कानूनी पेशे की शुरुआत की, तब एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में जहां भी जातीं, वह उनके पीछे आ जाता। उन्होंने बताया कि बात तब बढ़ गई थी, जब वह उनके चैंबर में तक घुस आया था। जस्टिस राठो ने कहा, ‘जब मैंने प्रेक्टिस शुरू की, तो एक शख्स मेरा पीछा करने लगा था। मुझे लगा कि वह हमेशा कोर्ट में है। मेरे पुरुष सहकर्मियों ने मेरी मदद की। एक बार वह मेरे चैंबर में भी आ गया था, लेकिन मैंने ऐसे दिखाया कि मैंने उसे देखा ही नहीं। हालांकि, बाद में उसकी जमकर कुटाई हुई थी।’ जज बनने में हुई दिक्कत जस्टिस राठो ने कहा कि कॉलेजियम की तरफ से जज बनने के लिए दो बार उनके नाम की सिफारिश भी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘मेरे नाम की दो बार सिफारिश की गई थी, लेकिन जो इंचार्ज थे, उन्होंने इसे नहीं माना। उन्हें मेरे परिवार से कुछ परेशानी थी।’ पुरुष सहकर्मियों की तारीफ की उन्होंने कहा कि ये आम धारणा है कि इस पेशे में हमेशा एक महिला दूसरी महिला की मदद करती है। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव अलग रहा है। जज ने बताया कि करियर की शुरुआत में पुरुष सहकर्मियों ने उनकी काफी मदद की है। उन्होंने कहा कि कई वकील जज लेनदेन के कारण जज बनने में संकोच करते हैं, लेकिन वो उनके लिए कभी चिंता की बात नहीं रही। जस्टिस राठो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित Half the Nation – Half the Bench थीम पर पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहीं थीं। यह आयोजन सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता और महालक्ष्मी पवानी की तरफ से आयोजित किया गया था।  

हैदराबाद से लौट रहे मजदूर से लूट का खुलासा: कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा हैदराबाद से मजदूरी कर लौट रहे राहगीर से स्मार्ट फोन एवं नगदी रूपये के लूट के मामले में चार आरोपियों धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही जिला शहडोल को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया है। रविवार दिनांक 08.03.2026 को राकेश कुमार केवट पिता रामगरीब केवट उम्र करीब 34 साल निवासी ग्राम बैहाटोला थाना बिजुरी जिला अनूपपुर का थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि हैदराबाद से मजदूरी करके अपने साथी चमनलाल केवट के साथ ट्रेन से अनूपपुर लौटा था जो घर बिजुरी जाने के लिए ट्रेन विलम्ब होने से पुरानी सब्जी मण्डी में स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय काम्पलेक्स फ्रेश होने गये थे जहां धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज बंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही शहडोल ने मिलकर बियर की बोतल तोड़कर पेट में अड़ाकर धमकी देते हुए राकेश कुमार केवट का वीवो कंपनी का 19000 रूपये का मोबाईल व 1400 रूपये लूट कर मोटर सायकल से फरार हो गये है । उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 142/26 धारा 309(4), 3(5) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक पवन प्रजापति, सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, प्रधान आरक्षक विनय बैस, आरक्षक अमित यादव, आरक्षक अब्दुल कलीम की पुलिस टीम का गठन कर आरोपियो की पता तलाश कर आरोपी धर्मेन्द्र वंशकार पिता स्व. कंधीलाल वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 चंदासटोला अनूपपुर, राज वंशकार पिता बृजेश वंशकार उम्र 21 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा बंशकार पिता स्व. मुन्ना वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 बुहार थाना बुढार जिला शहडोल और राहुल वंशकार पिता सुरेश वंशकार उम्र 28 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 केशवाही थाना जैतपुर जिला शहडोल से लूट में प्रयुक्त मोटर सायकल व लूट की गई वीबो कंपनी का 19000 रूपये कीमती का मोबाईल तथा लूट की राशि 1400 रूपये जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध पूर्व से चोरी, अवैध उगाही, लड़ाई झगड़ा एवं मारपीट, धमकी के अनेक आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा उक्त आदतन आरोपियों का जिला बदर कराए जाने का आदेश दिया गया है।  

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