LATEST NEWS

भोपाल में प्रदर्शन से पहले लेनी होगी पुलिस की इजाजत, रैली-धरना पर दो महीने तक रहेगा नियम लागू

भोपाल भोपाल में अब धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली और आमसभा आयोजित करने से पहले पुलिस की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा। अनुमति के बिना आयोजन पर होगी कार्रवाई जारी आदेश के अनुसार किसी भी संगठन, राजनीतिक दल या समूह को धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, पदयात्रा, वाहन रैली, पुतला दहन या शासकीय कार्यालय अथवा निवास के घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा) से अनुमति लेना आवश्यक होगा। बिना अनुमति आयोजित कार्यक्रम के दौरान यदि अव्यवस्था फैलती है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की मानी जाएगी।   हथियार, विस्फोटक और मशाल जुलूस पर रोक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रैली या कार्यक्रम में हथियार या विस्फोटक सामग्री लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा मशाल जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले भाषण या प्रकाशन पर भी सख्त प्रतिबंध रहेगा। राजधानी में अक्सर होते हैं प्रदर्शन भोपाल राजधानी होने के कारण यहां कर्मचारी संगठनों, छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा अक्सर विरोध प्रदर्शन किए जाते हैं। सामान्य दिनों में शहर में औसतन प्रतिदिन 3 से 5 छोटे-बड़े धरना-प्रदर्शन होते हैं। इनमें ज्ञापन सौंपना, प्रतीकात्मक प्रदर्शन या धरना शामिल रहता है। बड़े मुद्दों पर बढ़ जाती है संख्या विधानसभा या लोकसभा चुनाव, भर्ती घोटालों या कर्मचारी आंदोलनों जैसे बड़े मुद्दों के दौरान विरोध प्रदर्शनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे समय में एक ही दिन में 10 से 15 तक धरना-प्रदर्शन और रैलियां आयोजित होने लगती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में की शिरकत

रायपुर समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तब नई पीढ़ी और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महतारी वंदन योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं और इस अवसर पर प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में योजना की 25वीं किश्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने देश और प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के माध्यम से 2000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि होली पर्व के पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के बजट में राज्य के सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से आग्रह किया कि जो बेटा-बेटी उद्यम करना चाहते हैं, वे राज्य की नई उद्योग नीति का अध्ययन करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में  दीपक चंद्राकर (सिविल जज में चयनित), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (पीएससी में चयनित, वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, कंप्यूटर एंड साइंस, एनआईटी रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल एवं फाइबर इंजीनियरिंग में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट सीरीज बॉल बैडमिंटन में गोल्ड मेडल), डॉ. दिव्या चंद्राकर एवं डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, शासकीय चिकित्सालय महासमुंद) शामिल हैं। कार्यक्रम को केबिनेट मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  ललित चंद्राकर तथा विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी संबोधित किया और समाज के संगठन, शिक्षा और सामाजिक विकास में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश का अनोखा जायका: भोपाल की नवाबी रसोई और ‘रसाल’ की मिठास की कहानी

इंदौर पिछली कड़ी में हमने इंदौर के सर्राफा और होलकर विरासत के चटपटे सफर का आनंद लिया था। इस वीकेंड, हम अपनी यात्रा को मध्य प्रदेश के उस हिस्से की ओर मोड़ते हैं जहां हवाओं में नवाबी तहजीब और शाही दस्तरखानों की महक घुली है। यहां पेश है आपके वीकेंड के लिए एक और विशेष स्टोरी। मध्य प्रदेश के खान-पान की जब भी बात होती है, तो भोपाल और उसके आस-पास के शाही घरानों का जिक्र अनिवार्य हो जाता है। यहाँ का जायका सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि एक बीते हुए दौर की गवाही देता है।   जहानुमा घराना: अफगानी जड़ें और भोपाली पसंदे भोपाल का ‘जहानुमा घराना’ अपनी नवाबी मेहमान-नवाजी के लिए मशहूर है। इनकी रसोइयों का सबसे बड़ा तोहफा है- ‘भोपाली पसंदे’। वैसे तो पसंदे एक मुगलिया डिश है, लेकिन भोपाल में इसे बनाने का अंदाज बिल्कुल जुदा है। उत्तर भारत के विपरीत, यहां के पसंदे बिना करी (ग्रेवी) के बनाए जाते हैं। अंडर-कट मीट को तली हुई प्याज, भुने चने, खोपरा और बादाम के पेस्ट में रात भर मैरिनेट किया जाता है और फिर धीमी आंच पर पकाया जाता है। दाल-गोश्त: जब मजबूरी बनी लजीज परंपरा भोपाल की एक और मशहूर डिश है ‘दाल-गोश्त’। इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। कहा जाता है कि दिल्ली सल्तनत और मुगलों के दौर में जब गोश्त महंगा होता था और परिवार बड़ा, तब पेट भरने के लिए गोश्त में दाल मिलाई जाती थी। समय के साथ यह ‘जुगाड़’ एक शाही डिश बन गया। मांश या मसूर की दाल के साथ कोयले की आंच पर पका यह गोश्त आज भी भोपाल की रसोइयों की जान है। जमींदार घराना: शाकाहारी विरासत और ‘रसाल’ का जादू इंदौर के करीब ‘जमींदार घराना’ अपने आप में अनोखा है। जहां देश के अधिकतर राजघरानों में मांसाहार का बोलबाला रहा, इस घराने ने 1704 से अपनी शुद्ध शाकाहारी परंपरा को निभाया है। इनकी रसोइयों की सबसे दुर्लभ डिश है ‘रसाल’। ठंड के मौसम में जब गन्ने का ताजा रस निकलता है, तब इसे बड़े कढ़ा में उबाला जाता है। इसमें गलाए हुए चावल डालकर 3-4 घंटे तक इतनी धीमी आंच पर पकाया जाता है कि रस और चावल एक-दूसरे में पूरी तरह समा जाएं। बादाम और पिस्ते से सजी यह डिश मालवा की मिठास का प्रतीक है। रीवा की विरासत: बघेली चिकन और इंदिराहार विंध्य क्षेत्र की ओर बढ़ें तो रीवा रियासत का ‘बघेली चिकन’ अपनी अलग पहचान रखता है। शिकार के शौकीन बघेल राजाओं ने इसे देसी घी और भुने हुए खड़े मसालों के साथ विकसित किया। वहीं, शाकाहारी व्यंजनों में ‘इंदिराहार’ (पांच दालों का मिश्रण) गुजरात और राजस्थान की याद दिलाता है, जिसे फर्मेंट करके बड़ी कुशलता से तैयार किया जाता है।   स्वाद जो कहता है इतिहास चाहे वो भोपाल का यखनी पुलाव हो या जमींदार घराने का रसाल, मध्य प्रदेश का हर निवाला एक कहानी कहता है। यह खाना सिर्फ मसालों का मेल नहीं, बल्कि उन राजाओं, नवाबों और किसानों की विरासत है जिन्होंने इस राज्य को ‘स्वाद का केंद्र’ बनाया।

गौरव सैनानी समारोह में CM भजनलाल शर्मा का संदेश: देश रक्षा में राजस्थान के वीरों का अहम योगदान

चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नामकरण लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर करने की घोषणा जयपुर, मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की अग्रणी भूमिका रही है। यहां गांवों में कोई न कोई ऐसा परिवार है जिसने सेना की वर्दी पहनी है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे आजीवन राष्ट्रहित और समाजहित के लिए निरन्तर कार्य करते हैं। उनका त्याग और बलिदान से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।    शर्मा रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सेनानी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूरू और शेखावाटी की धरती ने देशप्रेम के भाव को सदैव जीवंत रखा है। परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ जैसे वीर सपूतों ने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत साहस का प्रदर्शन करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखे जाने की घोषणा भी की। रक्षा क्षेत्र में देश बन रहा आत्मनिर्भर  शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख विश्व शक्ति बन कर उभर रहा है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। वीरांगनाओं का त्याग हमारे लिए प्रेरणादायी  शर्मा ने कहा कि वीर सपूतों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारियों और वीरांगनाओं का त्याग भी हमारे लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इसी कड़ी में, घर-घर जाकर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से संवाद किया गया है। एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्सेज में सभी सुविधाएं मिलेंगी एक ही छत के नीचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का चरणबद्ध निर्माण कर रही है। इन कॉम्पलेक्सेज में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। प्रथम चरण में 36 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में इन कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र और झुंझुनूं में ‘वॉर म्यूजियम’ की स्थापना भी की जाएगी। विभिन्न विभागों में नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिक और उनके परिवारों को सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत की छूट देने के साथ ही, नवीन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भी खोले जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रेक्सको के माध्यम से नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले 2 वर्ष में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है। एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाईन ऑफ डिफेंस – लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह   सप्तशक्ति कमान के सेना कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि फौजी कभी अकेला नहीं रहता, इसी उद्देश्य को लेकर गौरव सैनानी समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह आपसी जुड़ाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाइन ऑफ डिफेंस के रूप में कार्य करते हैं।  शर्मा ने इस दौरान पूर्व सैनिकों का सम्मान किया और जॉब लेटर सौंपे। साथ ही, प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर चूरू विधायक  हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष  देवेंद्र झाझड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीरांगनाएं एवं उनकेे परिवारजन उपस्थित रहे। —

राज्य स्तरीय बाल उत्सव में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की रही सक्रिय भागीदारी

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ में रविवार को शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व विकास का अनोखा संगम देखने को मिला। दयाल गेटवे स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए 22 विशेष स्टॉल बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने, जहां जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की जीवंत प्रस्तुति हुई। गतिविधि आधारित शिक्षण, संवाद और रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, जिज्ञासा और नेतृत्व क्षमता को नया मंच मिला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित 22 विशेष स्टॉल लगाए गए, जो पूरे आयोजन के प्रमुख आकर्षण बने। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, अभिभावक सहभागिता और करियर मार्गदर्शन से जुड़े विविध आयामों को रोचक और गतिविधि आधारित रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में लगाए गए स्टॉलों को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया था। पहले और दूसरे जोन में शिक्षक टीएलएम एवं कठपुतली अनुभाग के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री और कठपुतली प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जेंडर समानता, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार और जीवन कौशल जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कन्नौज, शामली, सीतापुर, अयोध्या, रायबरेली, बाराबंकी, लखीमपुर, लखनऊ, मेरठ और अमेठी जैसे जनपदों के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए मॉडल और गतिविधियों ने बच्चों को ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) की अवधारणा से जोड़ा। इन स्टॉलों में विज्ञान नवाचार, प्रारंभिक साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल विकास, जेंडर-संवेदी शिक्षण सामग्री तथा कॉमिक बुक निर्माण जैसी गतिविधियां भी प्रदर्शित की गईं। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया, जिनमें बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी पहलें शामिल रहीं। तीसरे जोन में बच्चों के लिए सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और नेतृत्व विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण संवाद मंच, दृश्य अधिगम गतिविधियां, रचनात्मक अभिव्यक्ति मंच, ओरिगामी कला केंद्र और नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में तार्किक सोच, आत्म-अभिव्यक्ति, सहानुभूति और रचनात्मकता विकसित करने का प्रयास किया गया। चौथे जोन में अभिभावक सहभागिता एवं करियर परामर्श अनुभाग के अंतर्गत करियर परामर्श केंद्र, अभिभावक संवाद मंच, नेतृत्व क्षमता विकास गतिविधियां, बाल अधिकार जागरूकता मंच और बाल संसद जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन स्टॉलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, भविष्य के करियर विकल्पों और नेतृत्व कौशल के बारे में जानकारी दी गई, वहीं अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में अपनी भूमिका को समझने 

बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल : महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी

रायपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू तथा सरगुजा की निधि जायसवाल से संवाद किया।  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं। धमतरी की नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से … Read more

शॉट पुट में तजिंदरपाल सिंह तूर का जलवा, 20.51 मीटर थ्रो कर इंडियन ओपन में जीता स्वर्ण पदक

पटियाला  दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर ने शनिवार को पंजाब में पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स कैंपस में दो दिन के 5वें इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन के पहले दिन पुरुषों के शॉट पुट कॉम्पिटिशन में गोल्ड अपने नाम किया। 31 साल के इस अनुभवी शॉट पुटर ने आयरन बॉल को 20.51 मीटर की दूरी तक फेंका, जो इस सीजन का बेस्ट था, और गोल्ड जीता। कॉम्पिटिशन के बाद तूर ने कहा, “मैं अपने परफॉर्मेंस से खुश हूं।” तूर ने 6 कोशिशों में से तीन बार 20 मीटर का मार्क पार किया। बाकी तीन कोशिशों में कोई मार्क्स नहीं मिले। उनके बाकी दो थ्रो 20.02 मीटर और 20.07 मीटर थे। तूरा ने जून 2023 में 21.17 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। इस सीजन में उनका मुख्य लक्ष्य इस साल के आखिर में जापान में आइची-नागोया एशियन गेम्स में अपना टाइटल बचाने के लिए पीक पर पहुंचना है। शनिवार को मुख्य आकर्षण हैमर थ्रोअर दमनीत सिंह भी थे, जिन्होंने पटियाला में वीकेंड थ्रोइंग कॉम्पिटिशन में रिलायंस का प्रतिनिधित्व किया था। गोल्ड विजेता दमनीत सिंह 70.73 मीटर के नेशनल रिकॉर्ड से चूक गए। शनिवार को उनका बेस्ट थ्रो 70.64 मीटर था। इसके अलावा, उन्होंने 69.29 मीटर, 70.21 मीटर, फाउल, 70.04 मीटर और 67.57 मीटर के थ्रो किए थे। नतीजे: पुरुष: शॉट पुट: तजिंदरपाल सिंह तूर (पंजाब) 20.51 मीटर, करणवीर सिंह (पंजाब) 19.36 मीटर, संयम (हरियाणा) 18.28 मीटर। हैमर थ्रो: दमनीत सिंह (रिलायंस) 70.64 मीटर, आशीष जाखड़ (आर्मी) 68.09 मीटर, देवांग (रेलवे स्पोर्ट्स) 63.27 मीटर। अंडर 20: हैमर थ्रो: अमन (हरियाणा) 64.49 मीटर, अब्दुल रहमान (मध्य प्रदेश) 63.35 मीटर, शुभम एम (हरियाणा) 63.00 मीटर। अंडर 20: शॉट पुट: ओमकार प्रसाद नंद (ओडिशा) 17.85 मीटर, हर्षित गहलोत (हरियाणा) 17.02 मीटर, यश छिकारा (दिल्ली) 17.01 मीटर। महिलाएं डिस्कस थ्रो: निकिता कुमारी (राजस्थान) 51.78 मीटर, अमानत कंबोज (पंजाब) 51.13 मीटर, सुप्रिया आत्री (एनसीओई पटियाला) 50.09 मीटर। जेवलिन: संजना चौधरी (एनसीओई पटियाला) 54.20 मीटर, दीपिका (जेएसडब्ल्यू) 52.88 मीटर, ज्योति (जेएसडब्ल्यू) 52.16 मीटर। हैमर थ्रो: तान्या चौधरी (उत्तर प्रदेश) 61.09 मीटर, दिव्या शांडिल्य (ओडिशा) 53.31 मीटर, सोनिया (राजस्थान) 52.29 मीटर। अंडर 20: हैमर थ्रो: खुशी (हरियाणा) 49.45 मीटर, अंकिता महापात्रा (ओडिशा) 45.49 मीटर, आयशा बानू एम (आंध्र प्रदेश) 45.37 मीटर। शॉट पुट: योगिता (हरियाणा) 16.44 मीटर, शिक्षा (रिलायंस) 16.30 मीटर, रेखा (एनसीओई पटियाला) 15.57 मीटर। अंडर 20: शॉट पुट: पूजा कुमारी (एनसीओई पटियाला) 15.04 मीटर, अनुप्रिया बनाम (केरल) 14.69 मीटर, मुनेश (बीएसएफ) 13.04 मीटर। अंडर 18: शॉट पुट: एम रेड्डी संजना (कर्नाटक) 15.30 मीटर, आरती (हरियाणा) 13.22 मीटर। अंडर 18: शॉट पुट: निश्चय (हरियाणा) 19.78 मीटर, युवराज सिंह (राजस्थान) 17.83 मीटर, नीतीश कुमार (हरियाणा) 17.83 मीटर। अंडर 18: डिस्कस थ्रो: ओशिन (रिलायंस) 43.61 मीटर, सोना मोहन टी (केरल) 39.55 मीटर, मनिंदर कौर (चंडीगढ़) 39.28 मीटर।  

फाइनल में भारतीय बैटिंग का जलवा, न्यूजीलैंड को जीत के लिए 256 रन बनाने की चुनौती

अहमदाबाद  आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। वहीं, भारतीय टीम ने 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बनाए। बाद में संजू सैमसन और ईशान किशन के बल्ले से अर्धशतक आए। शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में 24 रन बटोरे और कुल 255 रन 5 विकेट खोकर भारत ने बनाए। अब न्यूजीलैंड को 256 रनों का टारगेट मिला है। पावरप्ले में भारत का प्रदर्शन भारतीय टीम को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत दिलाई। संजू ने मैट हेनरी के पहले ओवर में छक्का लगाया। इस ओवर में सात रन बने। हालांकि, अगले 5 ओवर में 85 रन इस जोड़ी ने जोड़े और 92 रन बिना किसी नुकसान के भारत ने बनाए। भारत की पारी अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन 21 गेंदों में 52 रन बनाकर वे आउट हो गए। हालांकि, भारत को तब तक दमदार शुरुआत मिल चुकी थी। संजू सैमसन ने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस टी20 विश्व कप में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक है। संजू फिर से 89 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। ईशान किशन ने 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वे 54 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। सूर्या का खाता नहीं खुला और हार्दिक ने सिर्फ 18 रन बनाए। शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 26 रन बनाए।  शिवम ने आखिरी ओवर को बनाया निशाना एक ओवर में तीन विकेट झटककर भारत के 250 प्लस के लक्ष्य को थोड़ा सा झटका देने वाले जेम्स नीशम के आखिरी ओवर में 24 रन शिवम दुबे ने बटोरे, जिसमें तीन चौके और दो छक्के जड़े। भारत ने 255 रन न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाए हैं। 5 ही विकेट भारत ने खोए।

नगर में परंपरागत निकलने वाले चल समारोह (गेर) को निरंतर बनाए रखने प्रदान की जाएगी सवा लाख रुपए की सहयोग राशि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन अवंतिका नगरी में सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल के दौरान परंपरागत रूप से सैनिक छावनियों से सैनिक विजयी पताका और चिन्ह लेकर चल समारोह के रूप में नगर में उत्सव मनाते थे। बाद में इस उत्सव को गेर नाम दे दिया। यह प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। यह परंपरा हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में सुबह  महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान  महाकाल का पूजन अभिषेक करने के बाद मंदिर के सभा मंडप में रंगपंचमी के अवसर पर ध्वज चल समारोह में भगवान वीरभद्र जी के ध्वज और  महाकाल ध्वज के साथ ही शस्त्रों का विधि विधान पूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ध्वज हाथ में लेकर मंदिर के कुंड परिसर तक गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह को निर्देश दिए कि उज्जैन में परंपरागत रूप से निकलने वाले चल समारोह (गेर) की परंपरा को आगे भी कायम रखने के लिए सवा-सवा लाख रुपए की राशि दी जाए। रंगपंचमी के अवसर पर  महाकालेश्वर मंदिर से परंपरागत रूप से निकलने वाले  महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह ( वीरभद्र ध्वज चल समारोह) के पहले सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर गर्भगृह में भगवान  महाकाल का पूजन कर देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद नंदी हाल में मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महाकाल का ध्यान लगाया। इस अवसर पर कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान महाकाल का अंगवस्त्र, भगवान महाकाल का प्रसाद व स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंग पंचमी पर उज्जैन में खेली फूलों की होली ये देश है वीर जवानों का” गाना गाया, सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं उज्जैनवासियों ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रंगपंचमी के पावन अवसर पर टॉवर चौक उज्जैन में आमजन के साथ फूलों की होली खेली। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी कॉलोनी से निकाली गई गेर (चल समारोह) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर नागरिकों ने हर्षोल्लास से रंगपंचमी मनाई और मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। टॉवर चौक पर बनाये गये मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पर गुलाब के फूल बरसाकर होली खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये फूल हमें याद दिलाते हैं कि जीवन में रंग भले कितने भी हों, असली रंग तो दिल के रंग होते हैं, जो एक-दूसरे के लिए सम्मान, भाईचारा और देशभक्ति से भरे हों।  रंगपंचमी पर हमारे जीवन में आत्मीयता बढ़े, प्रेम और स्नेह बढ़े यही ईश्वर से प्रार्थना है। इसके बाद मुख्यमंत्री और आम जनता ने मिलकर ‘ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का’ गाना गाया तो लगा जैसे पूरा उज्जैन, एक सुर में गूंज रहा है। ये गाना उन वीर जवानों के लिए समर्पित था, जो सीमा पर खड़े होकर हमें ये रंग खेलने की आजादी देते हैं। आज टॉवर चौक पर रंगपंचमी पर हजारों लोगों का एक साथ नाचते और गाने में मालवी परंपरा की सोंधी खुशबू भी थी। 

जबलपुर चर्च विवाद: संडे प्रेयर के बीच महिला दिवस कार्यक्रम में पहुंचा निलंबित प्राचार्य, ईसाई समाज ने FIR दर्ज करने की मांग की

जबलपुर क्राइस्टचर्च गर्ल्स स्कूल परिसर में स्थित चर्च में रविवार सुबह आराधना के दौरान हंगामा हो गया। महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान के विशेष कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न होने से नाराज ईसाई समुदाय के लोग ओमती थाने पहुंचे। समाज और चर्च के पदाधिकारियों ने थाने में शिकायती आवेदन देकर हंगामा करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने क्या कहा ओमती पुलिस के अनुसार, चर्च पदाधिकारियों ने शिकायत में बताया कि सुबह आराधना चल रही थी, तभी क्राइस्टचर्च बॉयज स्कूल से निष्कासित प्राचार्य लेडली मैथ्यूज वहां पहुंच गए। पवित्र स्थान में पहुंचकर उन्होंने माइक छीन लिया और बेवजह की बातें करने लगे। पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की विरोध करने पर मैथ्यूज ने वहां मौजूद लोगों को धमकाया और चर्च पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना से उपस्थित लोग आहत हैं। चर्च में महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सम्मान का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें उन्होंने व्यवधान उत्पन्न किया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने की शिकायत की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इंदौर पुलिस में कार्रवाई: अपराधियों से जन्मदिन पर सम्मान लेने पर हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार सस्पेंड

इंदौर जन्मदिन पर आपराधिक तत्वों से गुलदस्ता लेने वाले प्रधान आरक्षक जीतू सरदार को जोन-2 के डीसीपी कुमार प्रतिक ने निलंबित कर दिया है। डीसीपी ने उसके खिलाफ जांच भी बैठा दी है। जीतू का स्वागत करवाते हुए इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बहुप्रसारित हो गया था। थाना परदेशीपुरा में पदस्थ थे जीतू सरदार एडीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के मुताबिक जीतू सरदार परदेशीपुरा थाना में पदस्थ था। बुधवार को उसके जन्मदिन पर कुछ लोगों ने स्वागत किया था। इसमें संयोगितागंज थाना क्षेत्र का अक्रांत बोयत, आयुष बोयत और विकास शामिल हुआ। स्वागत करने वालों का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड तीनों का आपराधिक रिकार्ड है। अक्रांत और आयुष भाई हैं और उनके पिता दीनू का भी आपराधिक रिकार्ड रहा है। वीडियो में आरोपित जीतू को गुलदस्ता देकर स्वागत करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए और शनिवार को जीतू को निलंबित कर जांच बैठा दी गई।

विधायक उसेण्डी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ कार्यक्रम

रायपुर लखपति दीदी पहल के अंतर्गत 04 महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर  कोंडागांव जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लखपति दीदी पहल के अंतर्गत चार महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक  लता उसेंडी ने रविवार को मोर सुआद में जिले की चार महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा भी उपस्थित रहे। इस दौरान विधायक  उसेंडी एवं कलेक्टर श्रीमती पन्ना ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। दीदी ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हितग्राहियों को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। इनमें ग्राम सातगांव की श्रीमती मेहन्दी बाई पाण्डे, ग्राम पंचायत दुधगांव चिखलपुटी की श्रीमती बुका कश्यप और श्रीमती सोमारी बाई तथा ग्राम संबलपुर निवासी श्रीमती मीना पटेल शामिल हैं। इस पहल से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। जिला पंचाययत के सीईओ श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान की टीम का स्वसहायता समूह की महिलाओं को शासन की महात्वाकांक्षी योजना का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक श्री विनय सिंह, डीपीएम श्री कुंजलाल सिंन्हा एवं श्री दुर्योधन मेघ, बीपीएम श्री फागूराम साहू, श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

आईएफएल: नामधारी की दमदार चुनौती, गोकुलम केरल के खिलाफ मैच ड्रॉ

मंजेरी (केरल) गोकुलम केरल एफसी और नामधारी स्पोर्ट्स एकेडमी के बीच इंडियन फुटबॉल लीग (आईएफएल) 2025-26 में शनिवार को पय्यानाड स्टेडियम में खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। घरेलू टीम को 33वें मिनट में थैबिसो नेल्सन ब्राउन ने बढ़त दिलाई। हालांकि, 73वें मिनट में सेइलेंथांग लोटजेम ने गोल दागकर मुकाबला बराबर कर दिया। इस परिणाम के साथ दोनों टीमों ने इस सीजन में लगातार दूसरा ड्रॉ खेला। गोकुलम केरल के हेड कोच डेरिक परेरा ने अपने स्टार्टिंग लाइन-अप में दो बदलाव किए, जिसमें राहुल राजू और जॉन कैनेडी जेवियर दा कोस्टा की जगह थैबिसो नेल्सन ब्राउन और अमन सीके को अटैक में लाया गया। नामधारी के गार्ड हरप्रीत सिंह ने भी अपनी टीम में बदलाव किया, निशान सिंह की जगह नीरज कुमार को गोल करने का मौका दिया। करण कुमार शर्मा ने बालकरण सिंह की जगह डिफेंस में जगह बनाई। होस्ट टीम ने शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ ली। गोकुलम केरला ने शुरुआती 20 मिनट में पूरी तरह से कब्जा जमा लिया। कैप्टन फ्रांसिस्को पेर्डोमो बोर्गेस ने मिडफील्ड में शानदार खेल दिखाया, जिससे मालाबारियंस को बढ़त मिली। दूसरी ओर, नामधारी ने पीछे से मजबूती दिखाई, लेकिन आखिरी तीसरे हिस्से में अपने मौकों का फायदा नहीं उठा पाए। गोकुलम का लगातार दबाव आखिरकार 33वें मिनट में काम आया। बोर्गेस ने ब्राउन को सेट करने के लिए एक शानदार असिस्ट दिया, जिसने एक शानदार फिनिश करके होस्ट टीम को अच्छी बढ़त दिलाई। गोल खाने के बाद नामधारी ने रिएक्शन दिया, जिन्होंने पहले हाफ के आखिरी मिनटों में तेजी दिखाई, लेकिन ब्रेक तक पीछे रहे। इंटरवल के बाद, पासा पलट गया जब नामधारी ने होम डिफेंस को मजबूत करने के लिए विंग्स का अच्छे से इस्तेमाल करना शुरू किया। हरप्रीत सिंह अपनी बेंच पर बैठे और अटैक में और तेजी लाने के लिए सेनेगल के फॉरवर्ड अब्दुलाये डियालो को मैदान में उतारा। 73वें मिनट में मेहमान टीम की मेहनत रंग लाई। डियालो ने अहम रोल निभाया, सेलेनथांग लोटजेम के लिए एक शानदार असिस्ट किया, जिसने शांति से गेंद को गोल में डालकर 1-1 से बराबरी कर ली। आखिर में विनर की तलाश में डेरिक परेरा ने 85वें मिनट में सब्स्टीट्यूशन किया और मिरजालोल कासिमोव की जगह रिशाद को उतारा। छह मिनट का एक्स्ट्रा टाइम जुड़ने पर, दोनों टीमों ने एक-दूसरे के पेनाल्टी एरिया पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि, शुरू से आखिर तक चले जोरदार एक्शन के बावजूद, कोई भी टीम अहम गोल नहीं कर पाई और मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ।  

UTS ऐप डाउन: महिला यात्री फंसी, ट्रेन पकड़ने के लिए इन ऐप्स का लें सहारा

नई दिल्ली 1 मार्च से रेलवे की UTS ऐप बंद हो चुकी है, जिसके चलते मीनू कुमारी नाम की एक महिला यात्री को मुंबई के विरार स्टेटश पर टीटीई के साथ बहस में उलझना पड़ा। इसे लेकर उन्होंने X पर वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें UTS ऐप के न खुलने के चलते वह अपनी टिकट टीटीई को नहीं दिखा सकीं। इसे लेकर उनकी टीटीई के साथ कहा-सुनी भी हो गई। अगर आप भी जनरल टिकट बुक करने के लिए UTS ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो तुरंत रेलवे के RailOne ऐप पर शिफ्ट हो जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि 1 मार्च से UTS ऐप बंद हो चुकी है और इसके तमाम फीचर्स को Railone ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है। बड़ी बात है कि UTS और IRCTC यूजर्स को इस ऐप पर दोबारा अकाउंट बनाने की जरूरत भी नहीं है। वे अपने UTS या IRCTC अकाउंट के साथ ही Railone ऐप पर लॉग इन कर सकते हैं। UTS ऐप चलाने वाले RailOne पर शिफ्ट हों अगर आप UTS ऐप के जरिए जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट बुक कराते थे, तो अब आपको रेलवे के RailOne ऐप पर शिफ्ट हो जाना चाहिए। यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिस पर टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। खास बात है कि अगर आप UTS या IRCTC ऐप इस्तेमाल करते थे, तो आपको इस ऐप पर अकाउंट नहीं बनाना पड़ेगा। कहने का मतलब है कि आपका पुराना यूजरनेम और पासवर्ड RailOne में भी काम करेगा। ऐसा करके आप मीनू कुमारी की तरह ऐन मौके पर फंसने से बच सकते हैं। अब बात आती है कि नए ऐप पर जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट कैसे बुक करानी है? Railone ऐप पर ऐसे बुक होगी जनरल टिकट RailOne ऐप में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आपको सबसे पहले ऐप में लॉग इन करना होगा। आप अपने UTS या IRCTC अकाउंट के यूजरनेम और पासवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।     इसके बाद ऐप के होम स्क्रीन पर मौजूद Unreserved ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद आपको From और To पर स्टेशन चुनकर Proceed To Book पर क्लिक करना होगा।     पेमेंट करने के साथ ही आपका जनरल टिकट बुक हो जाएगा और Railone ऐप पर ही आप उसे दिखा भी पाएंगे। RailOne ऐप पर बुक करें प्लेटफॉर्म टिकट जनरल टिकट की तरह ही RailOne ऐप के होम स्क्रीन पर प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का ऑप्शन मिल जाएगा। यह ऑप्शन आपको Unreserved टिकट बुक करने के साथ ही दिख जाएगा। इसके बाद:     Platform ऑप्शन पर क्लिक करें।     स्टेशन चुनकर पेमेंट कर दें।     इसके बाद आपको फोन पर ही अपनी प्लेटफॉर्म टिकट मिल जाएगी। मांगे जाने पर आप Railone ऐप खोलकर दिखा सकते हैं कि आपके पास प्लेटफॉर्म टिकट है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक स्व. राव राजकुमार सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के ईसागढ़ के ग्राम महुअन पहुंचकर चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक  राव राजकुमार सिंह यादव के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा परिजन से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. राव राजकुमार सिंह यादव समर्पित जनप्रतिनिधि और समाजसेवी थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने कई समाज सेवा के कार्य किए। जनकल्याण के लिए सक्रियता पूर्वक कार्य किया। उनका योगदान स्मरणीय रहेगा। 

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet