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TVK नेता विजय का वादा, आम जनता के लिए सोने और पैसों की गारंटी

तमिलनाडु विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में कहा कि जब उनकी पार्टी टीवीके सत्ता में आएगी, तो सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर 60 वर्ष की आयु तक की सभी महिलाओं को मासिक सहायता प्रदान की जाएगी। अभिनेता-नेता तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार शाम को विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए कई वादों की घोषणा की जिनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए हर महीने 2,500 रुपये, साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त, मैरिज सीर स्कीम के तहत आठ ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना, शिक्षा सहायता, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन करना शामिल हैं। व्यापक कल्याण दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में विजय ने कहा कि राज्य में जन्मे हर बच्चे को सरकार की ओर से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी, जो परिवारों और बच्चों की भलाई के प्रतीक के रूप में होगी। विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में दिए गए अपने भाषण में महिलाओं को सशक्त बनाने, परिवार कल्याण में सुधार तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से महिलाओं पर केंद्रित प्रमुख वादों की झड़ी लगा दी और वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इन्हें लागू किया जाएगा। उनकी एक प्रमुख घोषणा यह थी कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला परिवार प्रमुखों को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के तुरंत बाद यह स्कीम लागू की जाएगी, जिससे घरों में केंद्रीय भूमिका निभाने वाली बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक सहायता और सम्मान मिलेगा। उन्होंने “अन्नापूर्णी सुपर 6” स्कीम की भी घोषणा की, जिसके तहत हर परिवार को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। इस स्कीम का उद्देश्य परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और खाना पकाने तथा घरेलू जिम्मेदारियों को संभालने वाली महिलाओं को सहायता प्रदान करना है। शादी के दौरान महिलाओं को सहायता देने के लिए विजय ने “अन्नन सीर”(पारंपरिक उपहार या दहेज सामग्री जो नई दुल्हन को उसके माता-पिता देते हैं) स्कीम की घोषणा की। इस पहल के तहत सरकार हर योग्य महिला की शादी के लिए सोना और एक सिल्क साड़ी प्रदान करेगी। इस स्कीम का उद्देश्य शादियों के दौरान परिवारों पर आर्थिक दबाव कम करना है। विजय ने आगे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने वाला एक समर्पित सरकारी विभाग बनाने का वादा किया। यह विभाग कल्याण कार्यक्रमों को मजबूत करने, सुरक्षा उपाय लागू करने और इन समूहों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए काम करेगा। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने ‘कामराज शिक्षा आश्वासन स्कीम’ का वादा किया। इस पहल का उद्देश्य कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को बिना ड्रॉपआउट के शिक्षा पूरी करने की गारंटी देना है। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार हर ऐसे छात्र के माता-पिता या अभिभावक को सालाना 15,000 रुपये देगी, जिसकी पढ़ाई बिना रुकावट पूरी हो। एक अन्य पहल “वेत्री पयानम” (विजय यात्रा) स्कीम के तहत उन्होंने प्रदेश भर में सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वादा किया। इस उपाय से महिलाओं की गतिशीलता में सुधार, रोजगार के अवसर बढ़ना और यात्रा व्यय कम होना अपेक्षित है। वर्तमान में द्रमुक सरकार की “विदियाल पयानम” योजना केवल लोकल बसों तक सीमित है, लेकिन इंट्रा-स्टेट या इंटर-स्टेट एक्सप्रेस बसों में नहीं। पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने पर ध्यान देते हुए उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य भर में 500 विशेष सुरक्षा टीमें गठित की जाएंगी। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन वाहनों में स्मार्ट पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिससे महिला यात्रियों को आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कहा कि सरकार “अंजलाई अम्मल फास्ट-ट्रैक अदालत” का गठन करेगी। ये अदालतें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों को संभालेंगे, ताकि तेज ट्रायल और समयबद्ध न्याय मिल सके। विजय ने मासिक धर्म स्वच्छता और पहुंच सुधारने के उद्देश्य से एक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के तहत राशन दुकानों के माध्यम से महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरित करने का भी वादा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता, छोटे व्यवसाय और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इन कल्याण घोषणाओं की लंबी सूची को टीवीके का एक बड़ा राजनीतिक बयान माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी तमिलनाडु में अपनी पहली प्रमुख चुनावी लड़ाई की तैयारी कर रही है। महिलाओं, परिवारों और शिक्षा पर विशेष फोकस करके विजय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि पार्टी सत्ता में आई तो सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण उसके शासन एजेंडे के मुख्य विषय होंगे।  

छत्तीसगढ़ के 6वें DGP विश्वरंजन नहीं रहे, पटना में अस्पताल में निधन

रायपुर  छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) महकमे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विश्वरंजन का निधन हो गया है। कार्डियक (दिल से जुड़ी) समस्या के चलते पिछले करीब एक महीने से पटना के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एक दिन पहले ही क्रिटिकल कंडीशन को देखते हुए उन्हें डायलिसिस पर रखा गया था। उनके निधन से पूरे छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और पुलिस अमले में शोक की लहर दौड़ गई है। 1973 बैच के IPS, 4 साल तक संभाली CG पुलिस की कमान विश्वरंजन 1973 बैच के बेहद तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी थे। मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था। जुलाई 2007 में उन्हें छत्तीसगढ़ का छठवां DGP बनाया गया था। जुलाई 2011 तक करीब 4 साल उन्होंने इस अहम जिम्मेदारी को संभाला। नक्सल प्रभावित (Naxal-hit) इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में उनका बड़ा रोल रहा। इससे पहले वह लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर रहे और एडिशनल डायरेक्टर जैसे अहम पदों पर भी सेवाएं दीं। पूर्व डीजीपी विश्वरंजन की तबीयत पिछले महीने अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि उन्हें गंभीर कार्डियक (हृदय) संबंधी समस्या हुई थी। इसी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे विश्वरंजन विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे हैं। 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। वे लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहे और अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस प्रशासन में कई अहम सुधार किए। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। आईबी में भी रहे लंबे समय तक 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था, हालांकि 2007 से पहले वे कभी छत्तीसगढ़ में पदस्थ नहीं रहे थे। वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर रहे और एडिशनल डायरेक्टर जैसे अहम पद भी संभाले।

गेर में पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, रंग-गुलाल के बीच दिखा होली का जोश

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 8 मार्च को महाकाल मंदिर में निकलने वाली परंपरागत गेर में शामिल हुए। उन्होंने ध्वजा के पूजन के साथ-साथ अखाड़े के शस्त्रों की भी पूजा की। इतना ही नहीं इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शस्त्र चलाने का प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने प्रदेश की जनता को रंग पंचमी की बधाई दी। उन्होंने ईश्वर से जनता के जीवन में उत्साह और उल्लास की कामना की। प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने जनता के बीच पहुंचकर जमकर रंग पंचमी मनाई। जनता ने उन्हें और उन्होंने जनता को रंगों से सराबोर किया। इस आनंद से भरीं उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रंग पंचमी के पावन पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रंगों का यह त्यौहार आप सभी के जीवन में उत्साह व उल्लास की वृद्धि करे, मेरी ओर से बहुत-बहुत मंगलकामनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्। आज रंग पंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा एवं अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इससे पूर्व बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।’ प्रदेश की संस्कृति-परंपरा पर विशेष ध्यान गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद संभालने के बाद से ही प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का विशेष ध्यान रखा है। उन्होंने प्रदेश के कई त्यौहारों को राज्य उत्सव का दर्जा दिया है। सीएम डॉ. यादव का मानना है कि हर त्यौहार हमारे बीच की दूरियों को कम करते हैं। इसलिए हम जितने उत्साह से त्यौहार मनाएंगे, उतना एक-दूसरे को जान सकेंगे। उनका मानना है कि यह समरसता का पर्व है, जिसे सभी को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। सीएम हाउस में मनाई थी ब्रज की होली आपको बता दें, 5 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में भी उत्साह के साथ होली मनाई थी। जहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग और संत भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीतों और पारंपरिक भजन गाए गए थे। सीएम हाउस ब्रज की थीम पर होली उत्सव की सजावट की गई थी। यहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला।

रायसेन किले में तोप से दागे गए गोलें, भड़काऊ नारे लगाए गए; वीडियो पर हंगामा

रायसेन रायसेन में प्राचीन किले पर रमजान के महीने में कई मुस्लिम युवकों ने ईरान को सपोर्ट करते हुए तोप चलाई और इसकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी. इस रील में युवक ईरान का समर्थन करते हुए कहते हैं कि अल्लाह हू अकबर. हिंदुस्तान का मुसलमान न कल डरा था और न हम आज डरेंगे. अब उनकी इस पर पोस्ट हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ईरान और रमजान के नाम पर भय फैलाया जा रहा है. पुरातत्व विभाग और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।  यह वीडियो ‘दानिश स्टार’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से पोस्ट किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, “भारत के मुसलमान न कल डरे थे, न आज डरेंगे.” साथ ही इसमें ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का संदर्भ देते हुए ईरान का साथ देने की बात कही गई है ।  प्रियंक कानूनगो का तीखा हमला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई और सोशल मीडिया पर लिखा, “मध्य प्रदेश के रायसेन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित किले से रिहायशी बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाई गई है. लफंगों के खिलाफ गैर-कानूनी हथियार बनाने, गोला बारूद चलाने और दहशत फैलाने के लिए केस दर्ज होना चाहिए. एएसआई और स्थानीय प्रशासन हिंदुओं को महादेव मंदिर जाने से रोकने में ऊर्जा लगाते हैं, लेकिन ऐसी हरकतों पर चुप हैं। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि वे इस मामले में अधिकारियों को नोटिस भेज रहे हैं और उन्हें कर्तव्य पालन न करने का हिसाब देना होगा. प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी वीडियो वायरल होने के बाद रायसेन का प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है. तहसीलदार भरत मांडरे ने पुष्टि की है कि वीडियो की जानकारी मिली है और पुलिस को सूचित कर दिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह वीडियो कब का है और इसे पोस्ट करने वाले युवाओं का उद्देश्य क्या था। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रायसेन में रमजान के दौरान रोजा खोलने (इफ्तार) की सूचना देने के लिए तोप चलाने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इसे जिस तरह से पेश किया गया, उसने विवाद खड़ा कर दिया है। किले जैसी संरक्षित धरोहर पर बारूद का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है. ऐसे में ‘परंपरा’ के नाम पर कानून और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।  

यूपी की दो IPS अफसरों की रोमांटिक जोड़ी: लेडी सिंघम और सख्त एसपी की लव स्टोरी

 संभल यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए. उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। कई बड़े मामलों में निभाई अहम भूमिका बरेली में तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई. धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और हत्या के मामलों में पुलिस टीमों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया. संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रियता के कारण पुलिस की कार्यवाही को गति मिली और कई मामलों में कम समय में खुलासा संभव हुआ। सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं केके बिश्नोई दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए. नवंबर 2024 में संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने कम समय में हालात को नियंत्रित कर लिया था. हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कानून व्यवस्था संभालने की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर तक हुई। बिजली चोरी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई संभल में पुलिस ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक अपराधों पर भी कार्रवाई की. बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन पकड़े गए. इसके अलावा जिले में एक बड़े बीमा घोटाले का भी खुलासा हुआ. जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये के फर्जी दावों की जांच की गई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चित जोड़ी पुलिस सेवा में काम करने वाले अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में दो तेजतर्रार अधिकारियों का जीवनसाथी बनने का फैसला अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. दोनों अधिकारियों को उनके काम को लेकर प्रदेश स्तर पर पहचान मिल चुकी है. कई मौकों पर उनकी कार्यशैली की चर्चा भी होती रही है. अब यह जोड़ी जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही है. 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाला विवाह समारोह दोनों परिवारों के लिए खास होगा. कानून व्यवस्था संभालने वाले दो सख्त अधिकारी अब निजी जीवन में भी एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें लेंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह जोड़ी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है. गोरखपुर से शुरू हुई थी प्रेम कहानी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल में तैनाती से पहले 29 महीने तक गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात रहे थे. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी करीब माने जाते हैं और जब भी मुख्यमंत्री गोरखपुर मठ आते थे, तो बिश्नोई सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी के साथ कमान संभालते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2021 बैच की आईपीएस अंशिका वर्मा से हुई थी, जो उस समय वहां एएसपी के पद पर तैनात थीं. संभल की संवेदनशीलता और CM का भरोसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील जिले संभल की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केके बिश्नोई को वहां भेजने का फैसला किया था. संभल में जॉइनिंग से पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश मिले थे. संभल हिंसा पर बड़ी कार्यवाही करने वाले बिश्नोई को उनके साहसिक नेतृत्व के लिए 2025 में ‘मुख्यमंत्री मेडल’ से सम्मानित किया गया था। माता-पिता के साथ CM की वो यादगार तस्वीर मुख्यमंत्री मेडल सम्मान समारोह के दौरान आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के माता-पिता, गंगा देवी और सुजाना राम बिश्नोई की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ … Read more

स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली विवादित, यूपी में बिजली बिल में बड़ी वापसी तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस की जाए। आयोग ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनकी कुल लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि बिजली बिलों में समायोजित कर लौटाई जाए।   यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की है। उस दिन पाॅवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में बताया गया कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। इसमें सिंगल फेज पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे। इस संबंध में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में याचिका दाखिल कर इस वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 353357 नए कनेक्शन जारी किए थे, जिनसे यह अतिरिक्त राशि वसूली गई। आयोग के आदेश के बाद परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की ओर से आयोग का आभार जताया।

टी-20 विश्वकप में भारत के लिए 51 बटुकों ने किया विशेष यज्ञ, मिर्ची से माँगी सफलता

 उज्जैन भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 विश्व कप के अंतिम मुकाबले से पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन के बगलामुखी मंदिर में विशेष मिर्ची अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से कराया गया। जिसका उद्देश्य भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना करना था। उज्जैन के भैरवगढ़ मार्ग स्थित मां बगलामुखी मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में 51 बटुकों ने भाग लिया। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के चित्रों के साथ मिर्ची, सरसों और अन्य पूजन सामग्री का उपयोग करते हुए लगभग एक घंटे तक पूजा-अर्चना की। सांसद अनिल फिरोजिया ने यज्ञ में मिर्ची की आहुति देते हुए माता बगलामुखी से प्रार्थना की कि वह भारतीय टीम को शक्ति प्रदान करें, ताकि वे अंतिम मुकाबला जीत सकें और करोड़ों देशवासियों की इच्छाएं पूरी हो सकें। इस अवसर पर महंत रामदास महाराज ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य भारतीय टीम की विजय की कामना करना था। उन्होंने कहा कि “हमने माता से प्रार्थना की है कि भारतीय टीम अपने विरोधियों को पराजित कर मुकाबला जीत सके।” क्रिकेट प्रेमियों में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह है और देशभर के करोड़ो लोग भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे है।

यमुना प्रदूषण नियंत्रण के लिए एसटीपी, एसपीएस और पंपिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाएं: मुख्यमंत्री

मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किमी फोरलेन मार्ग विकसित करने, पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता के अध्ययन और 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास को लेकर निर्देश मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं का पीपीपी मॉडल पर होगा विकास यमुना रिवर फ्रंट के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना पर सहमति ब्रज के 36 वनों के इको रेस्टोरेशन, वन महोत्सव में व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश   वृंदावन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के कार्यों को अनुमोदित किया गया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाहकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एवं सचिव आवास शहरी नियोजन डॉ. बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह तथा एसएसपी श्लोक कुमार उपस्थित रहे।

नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह की जीत, 4 बार के पीएम ओली को हराया, RSP सरकार बनाने की ओर

काठमांडू  आरएसपी के बालेंद्र शाह ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराकर नेपाल में अगली सरकार बनाने की राह पर कदम रखा. पिछले साल पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग को लेकर हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनाव में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया. रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – सीपीएन-यूएमएल – के अध्यक्ष ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 35 वर्षीय बालेन ने 74 वर्षीय ओली के 18,734 वोट के मुकाबले 68,348 वोट हासिल किए. रात साढ़े आठ बजे तक घोषित परिणामों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने अब तक घोषित 87 सीटों के परिणाम में 70 सीट पर जीत दर्ज की है. चुनाव निकाय के आंकड़ों में कहा गया कि आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीट जीतकर सूपड़ा-साफ कर दिया तथा देश भर में 52 सीट पर आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने दस सीट जीतीं और नौ सीटों पर आगे है. सीपीएन (यूएमएल) ने सिर्फ तीन सीट जीतीं और आठ सीट पर आगे है. इसके आलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने दो सीट जीतीं और पांच सीटों पर आगे है. वहीं, श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) तीन सीट पर आगे है और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है. जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है। नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतों की गिनती बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम 5 बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती जारी थी. भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा था, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच, ओली ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई.” नेपाल पिछले 18 साल में 14 सरकार देख चुका है. ओली ने बालेन को बधाई देते हुए कहा, “मैं कामना करता हूं कि आपका पांच साल का कार्यकाल निर्बाध, सफल हो और हार्दिक बधाई हो। ओली ने 2022 की एक तस्वीर संलग्न की जिसमें वह रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेन को तबला भेंट करते हुए दिख रहे हैं, जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था और मधेस के जनकपुर से अपने पहले चुनाव अभियान की शुरुआत की थी. पार्टी इस प्रांत में दूसरे दलों का सूपड़ा साफ करती दिख रही है।

परंपरागत महाकाल गेर का ध्वज पूजन, मुख्यमंत्री ने किया भगवान महाकाल का प्रणाम

उज्जैन  रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

योगी सरकार में स्मार्ट टीवी से आधुनिक बन रहे सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र

प्रदेश के हजारों केंद्रों में डिजिटल शिक्षा से बदल रहा पढ़ाई का तरीका तकनीक से मजबूत हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था में आई क्रांति लखनऊ, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। प्रदेश भर में लगभग 16 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्ले स्कूल जैसी सुविधाओं से लैस करना है। डिजिटल तकनीक से बदल रहा आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वरूप स्मार्ट टीवी के उपयोग से अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का पारंपरिक तरीका बदल रहा है। स्मार्ट टीवी की स्थापना पर प्रति इकाई लगभग 25 हजार रुपये का व्यय किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को कहानियों, पहेलियों, कार्टून और एनिमेशन के माध्यम से डिजिटल सामग्री दिखाई जा रही है। इसके जरिए छोटे बच्चे खेल खेल में अक्षर ज्ञान, गिनती और रंगों की पहचान करना सीख रहे हैं। इस डिजिटल पद्धति से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है और उनकी भाषा व संप्रेषण क्षमता भी विकसित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती शिक्षा के इस नए मॉडल से बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बेहतर आधार मिलेगा। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना से मिल रही नई गति डिजिटल माध्यमों के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का वातावरण अधिक आकर्षक और प्रभावी बन रहा है। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा में तकनीक का यह समावेश भविष्य में बच्चों की शैक्षिक यात्रा को मजबूत आधार प्रदान करेगा। योगी सरकार की यह पहल न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बना रही है, बल्कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी तय कर रही है।

शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला, नाक काटने का प्रयास

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में एक बड़ी वारदात सामने आई है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और उनके चेहरे पर कई वार किए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। कौशांबी के सिराथू के पास हुआ हमला जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। जब ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुँची, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों और पीड़ित के बयान के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके पास धारदार हथियार थे। हमलावरों ने आशुतोष ब्रह्मचारी को घेर लिया और सीधे उनके चेहरे पर प्रहार करना शुरू कर दिया। हमलावरों का मुख्य निशाना उनकी नाक थी, जिसे काटने का प्रयास किया गया। हमले में उनके नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। टॉयलेट में छिपकर बचाई जान अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी लहूलुहान हालत में भागे और खुद को ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बंद कर लिया। हमलावरों ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक शोर मचने और अन्य यात्रियों के सक्रिय होने के कारण वे मौके से फरार हो गए। प्रयागराज पहुँचने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपना प्राथमिक उपचार कराया। शंकराचार्य और अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानन्द और उनके अन्य सहयोगियों पर आरोप लगाया है। आशुतोष का दावा है कि इन सभी ने मिलकर उनकी नाक काटने और जान लेने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने शंकराचार्य के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं। पुलिस जांच और तनाव प्रयागराज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला कौशाम्बी के सिराथू के पास का है, इसलिए जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ का सालाना पैकेज छोड़कर यशराज किसानों के साथ करेंगे गो संरक्षण

सीएम योगी के विजन को साकार करने में सहयोग करेगी आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर की स्पेशल टीम गोबर, गोमूत्र और बायोगैस के जरिए युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्लांटों के माध्यम से गोबर-गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री के विजन को अब नयी पीढ़ी की तकनीक और युवाओं की ऊर्जा का साथ मिलने से यूपी देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल वाला राज्य बनने जा रहा है। युवाओं के लिए आजीविका का बनेगा नया मॉडल गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा। इस पहल की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर के पासआउट छात्र यशराज गुप्ता कर रहे हैं, जिन्होंने शनिवार को जालौन में अपने चार अन्य साथियों के साथ गोसेवा आयोग की टीम से मिलकर गोसंरक्षण पर काम करने की रणनीति बनाई है। तकनीक के सही उपयोग से गोसंरक्षण बनेगा ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम जालौन से इस परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि यशराज ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर गोसेवा से जुड़े इस सामाजिक और पर्यावरणीय मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और स्थायी विकास मॉडल, दोनों से जुड़ी है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। शुरुआत में जालौन जिले की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। सफल प्रयोग के बाद प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में इसी तकनीक का विस्तार किया जाएगा। ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ के औद्योगिक उपयोग पर देंगे विस्तृत प्रशिक्षण यशराज और उनकी टीम ने ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) के औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम ऐसे उत्पाद तैयार करेगी, जिनकी बाजार में ब्रांडिंग और बिक्री की संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गोसंरक्षण के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत गोआश्रय स्थल अब पशुधन संरक्षण के साथ ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन के केंद्र बनेंगे। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसान की आमदनी में सीधा इजाफा होगा। इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य जालौन से शुरू हो रही यह परियोजना यूपी के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। स्टार्टअप के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर से निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर यशराज और उनकी टीम ने आने वाले समय में इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण केवल सेवा या परंपरा का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार बने।

सूरत मंदिर में मरी हुईं 2 छात्राएं, बेहोश करने वाले इंजेक्शन और ChatGPT से सुसाइड टिप्स की खोज

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर “सुसाइड कैसे करें” इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

खिताबी जंग में टीम इंडिया के 5 सितारे, सूर्या के लिए होंगे निर्णायक ‘ब्रह्मास्त्र’

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तबाही मचा सकते हैं। ये 5 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अपने दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिलाने की ताकत रखते हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए ये 5 प्लेयर्स फाइनल में ब्रह्मास्त्र साबित हो सकते हैं। इसमें जसप्रीत बुमराह से लेकर संजू सैमसन तक का नाम शामिल है। बता दें कि फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। ऐसे में आइए आपको उन 5 प्लेयर्स के नाम बताते हैं, जो अकेले दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिला सकते हैं। भारत के इन 5 खिलाड़ियों पर होंगी नजरें- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 6.62 की इकोनॉमी के साथ रन खर्च करते हुए 10 विकेट अपने नाम किए हैं। बुमराह विश्व कप में सबसे कम इकोनॉमी के साथ रन खर्च करने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में वे भारत को अपने दम पर मुकाबला जिता सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को वर्ल्ड कप के शुरूआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 उन्होंने वापसी की। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली। वे पिछले दोनों मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबले में भी संजू बल्ले से तबाही मचा सकते हैं। 3. हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मैच में 12 गेंदों पर 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसके अलावा गेंद के साथ 19वें ओवर में 9 रन खर्चे थे और भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी। हार्दिक टूर्नामेंट में अब तक दो अर्धशतक लगा चुके हैं और फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। 4. शिवम दुबे शिवम दुबे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मध्य क्रम में स्पिनर्स के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा वे तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉट्स खेलते हैं। शिवम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी 43 रन बनाए थे। इससे पहले भी वे नीदरलैंड्स के खिलाफ अर्धशतक लगा चुके हैं। दुबे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और टीम इंडिया को अपने दम पर मैच जिताने की ताकत रखते हैं। 5. ईशान किशन ईशान किशन इस समय बेहतरीन फॉर्म से गुजर रहे हैं। वे टूर्नामेंट में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। इसके अलावा सेमीफाइनल मैच में भी 18 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली थी। वे पहले अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरूआत कर रहे थे लेकिन अब तीसरे नंबर पर बैटिंग के लिए आते हैं। हालांकि, किशन की आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को फायदा पहुंचा सकती है।  

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