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मध्यप्रदेश का विकास उदाहरण: उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया संतुलनपूर्ण प्रगति

म.प्र. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 म.प्र. ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा जीडीपी में 11.14 प्रतिशत वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 1,69,050 रूपये भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने दूरदर्शी आर्थिक नीतियों के साथ संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में प्रस्तुत आँकड़ों से जाहिर है कि मध्यप्रदेश योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।  देवडा ने कहा कि मध्यप्रदेश का विकास योजनाबद्ध, संतुलित और समावेशी रणनीति पर आधारित है। कृषि से उद्योग, सेवा से सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन से सुशासन तक प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता के साथ तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृद्धि के जो कदम उठाये हैं, उनके परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये आँका गया है, जो वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर (2011-12) भाव पर जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होने कहा कि आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। स्थिर (2011-12) भाव पर यही आय 76,971 रूपये तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि यह आय स्तर में सुधार का संकेत है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है।  देवड़ा ने वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा। स्थिर भाव पर यह संरचना क्रमशः 33.54 प्रतिशत, 26.18 प्रतिशत और 40.28 प्रतिशत रही। इससे जाहिर है कि कृषि आधारित आधार को मजबूती देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी संतुलित विस्तार हुआ है। प्राथमिक क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रूपये रहा, जो पिछले वर्ष के 6,33,532 करोड़ रूपये की तुलना में 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र में फसलें 30.17 प्रतिशत भागीदारी के साथ प्रमुख घटक रहीं। पशुधन, वानिकी, मत्स्य एवं जलीय कृषि तथा खनन एवं उत्खनन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्यानिकी क्षेत्रफल 28.39 लाख हेक्टेयर रहा और दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। गांवों की समृद्धि के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवासों के बनने से ग्रामीण आधार को मजबूती मिली है। द्वितीयक क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन- GSVA वर्ष 2025-26 में 3,12,350 करोड़ रूपये रहा, जो 9.93 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। निर्माण, विनिर्माण तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप और 103 इनक्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं, जबकि सीएसआर व्यय 600.47 करोड़ रूपये दर्ज किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज गति से वृद्धि की है। वर्ष 2025-26 में इसका कुल GSVA 5,85,588 करोड़ रूपये रहा, जो 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, लोक प्रशासन तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटकों का आना यह बताता है कि इस क्षेत्र में गति आई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 618 करोड़ रूपये राजस्व आधिक्य अनुमानित कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश के वित्तीय अनुशासन में निरंतर सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि नगरीय विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण हुए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल व्यय 34,112 करोड़ रुपये (GSDP का 3 प्रतिशत) रहा। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और मातृ मृत्यु दर 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गई। शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य रही और कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई। 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है।  

आयुष्मान योजना में बदलाव: BPL कार्डधारकों को भी देना होगा जेब से खर्च, मुफ्त सेवा बंद

भोपाल   एमपी के भोपाल शहर में जयप्रकाश जिला अस्पताल में नि:शुल्क एमआरआइ जांच अचानक बंद हो गई है। पीपीपी मॉडल पर संचालित एमआरआइ केंद्र ने ओपीडी के मरीजों की मुफ्त जांच से इनकार कर दिया। आयुष्मान भारत और बीपीएल कार्डधारकों को अब इस जरूरी जांच के लिए कम से कम 1500 रुपए और जरूरत के अनुसार 3000 से 6000 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। पिछले दिनों तक जेपी अस्पताल में ओपीडी के आयुष्मान और बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त एमआरआइ जांच की सुविधा मिल रही थी। लेकिन सरकार द्वारा करीब 50 लाख रुपए से अधिक का भुगतान लंबित रहने पर एजेंसी ने हाथ खड़े कर दिए। बीते दिनों सात-आठ मरीजों की जांच से साफ इनकार कर दिया गया। इससे इलाज की रफ्तार थम गई और मरीजों की परेशानी बढ़ गई। अन्य जिलों में भी संकट, सेवाएं ठप भुगतान अटकने के कारण इंदौर और ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में भी आयुष्मान और बीपीएल कार्डधारकों की एमआरआइ सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जिन मरीजों को तत्काल जांच की जरूरत है, उन्हें निजी खर्च पर जांच करानी पड़ रही है। तीनों जिलों में निजी एजेंसियों का दो करोड़ रुपए से अधिक भुगतान बकाया बताया जा रहा है। जल्द बजट जारी नहीं हुआ, तो सेवाएं भी ठप होने की आशंका है। सेंटर संचालक एजेंसी का कहना है कि पिछले एक साल से भुगतान नहीं मिला है। मशीनों की ईएमआइ, रखरखाव और स्टाफ का वेतन देना संभव नहीं हो पा रहा। कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। मजबूरी में मुफ्त सेवाएं बंद करनी पड़ीं। रतन सिंह, ऑपरेशन हेड, कृष्णा डायग्नॉस्टिक सेंटर प्रशासन का आश्वासन सीएमएचओ कार्यालय का कहना है कि बकाया भुगतान का मामला संज्ञान में है। भुगतान राज्य स्तर से होता है, इसलिए समय लग रहा है। संबंधित विभाग और आयुष्मान सेल से समन्वय कर जल्द बजट जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

12 जिलों में बढ़ेगा कनेक्टिविटी! मार्च से खुलेगा 600 किमी का एक्सप्रेसवे, टोल रेट भी सामने

लखनऊ  साल 2021 में शुरू हुए गंगा एक्‍सप्रेसवे का निर्माण अब पूरा हो चुका है. यूपी सरकार ने इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया है और अब उद्घाटन करने की तैयारी कर रही है. सरकार की मंशा है कि 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले नए वित्‍तवर्ष से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सके, ताकि टोल वसूली से इस पर खर्च किए गए पैसों को रिकवर किया जा सके. 594 किलोमीटर के इस एक्‍सप्रेसवे से गंगा किनारे के करीब 12 जिलों में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और वाहन चालकों के लिए भी पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक जाना आसान हो जाएगा. एक्‍सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के वरिष्‍ठ अधिकारियों का कहना है कि यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क किया है, ताकि पीएम मोदी से इस एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन कराया जा सके. माना जा रहा है कि इसे 25 से 31 मार्च के बीच जनता को समर्पित किया जा सकता है. अथॉरिटी की मंशा है कि एक्‍सप्रेसवे पर 1 अप्रैल से टोल वसूली शुरू की जा सके, ताकि इस पर आए 36,200 करोड़ रुपये के खर्च की भरपाई जल्‍द हो सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही दिसंबर, 2021 में इसकी नींव रखी थी और 6 लेन का यह एक्‍सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार हो चुका है. गंगा नदी के किनारे से आने वाला यह एक्‍सप्रेसवे मेरठ के पास बिजौली गांव से शुरू होता है और प्रयागराज में जूड़ापुर डांडू गांव के पास खत्‍म होता है. इस तरह यह मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ता है और पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी में आवाजाहाी आसान बनाता है. टोल का ट्रायल का भी पूरा उत्‍तर प्रदेश एक्‍सप्रेसवे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी यानी यूपीडा के सीईओ श्रीहर‍ि प्रताप शाही का कहना है कि बिजौली गांव के पास यह एक्‍सप्रेसवे मेरठ-हापुड़ हाईवे से जुड़ता है, जबकि प्रयागराज के जूड़ापुर डांडू गांव के पास फाफामऊ-प्रतापगढ़ हाईवे से जुड़ता है. शाही ने बताया कि हमने समय से पहले ही इसके 1,498 ढांचे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है. साथ टोल वूसली मैनेजमेंट का ट्रायल भी पूरा हो चुका है. फिलहाल प्रोफेशनल्‍स से इस पर वाहन चलाने के अनुभव और वाहनों की गति आदि को लेकर टेस्‍ट किए जा रहे हैं. उद्घाटन के लिए शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और उनके निर्देश पर ही अंतिम फैसला किया जाएगा. सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा सफर मेरठ-प्रयागराज एक्‍सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय भी घटकर आधा रह जाएगा. अभी इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लग जाते हैं, लेकिन एक्‍सप्रेसवे तैयार होने के बाद इस दूरी को महज 6 से 7 घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा. यह एक्‍सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से गुजरेगा. इन जिलों के 518 गांवों को यह मुख्‍य सड़क नेटवर्क से जोड़ने का भी काम करेगा. साथ ही इन गांवों और आसपास के क्षेत्रों में विकास बेहतर होगा. इस एक्‍सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर की हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जहां विमानों की आपात लैंडिंग कराई जा सकेगी. एक तरफ का कितना टोल लगेगा यूपीडा ने अभी तक टोल टैक्‍स की आधिकारिक दरों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के तहत माना जा रहा है कि इस पर कार के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का टोल वसूला जाएगा. इसका मतलब है कि एक तरफ से करीब 1,515 रुपये का टोल लग सकता है. छोटे कॉमर्शियल वाहनों के लिए एक तरफ का टोल किराया करीब 2,405 रुपये तो बस-ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 4,840 रुपये का टोल सकता है. भारी निर्माण वाहनों के लिए टोल किराया एक तरफ का 7,455 रुपये तो 7 एक्‍सेल से ज्‍यादा वाले वाहनों के लिए यह 9,535 रुपये हो सकता है.

सफलता पाने के बाद रुकें नहीं—इन्हें फॉलो कर बनाए रखें अपनी तरक्की

एक सफल जीवन का सपना हर व्यक्ति देखता है। कुछ लोग अपने इस सपने को काफी हद तक पूरा भी कर लेते हैं। लेकिन सफलता के साथ लंबे समय तक दोस्ती कायम रखने का गुण बहुत कम लोग ही जानते हैं। सफलता पाने से ज्यादा सफलता को मेंटेन रखना बेहद कठिन काम है। जो लोग इस गुण को जान लेते हैं, वो लंबे समय तक इसका स्वाद चखते रहते हैं। अगर आप भी अपने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने का सीक्रेट जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये आसान सक्सेस टिप्स। निरंतरता है जरूरी- सफलता को कायम रखने के लिए सबसे पहले निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। अपने लक्ष्य से जुड़े महान और सेलेब्रिटीज के जीवन और करियर पर नजर दौड़ाते हुए उनसे अच्छी चीजें सीखनी होंगी। विनम्रता- जीवन में सफलता हासिल करने के बाद कभी भी अपने मन में अंहकार ना लाएं। हमेशा विनम्रता के साथ अपनी सफलता को कायम रखने के लिए मेहनत करते रहें। विनम्रता का गुण विषम परिस्थिति में भी आपकी सफलता की इमारत को कायम रखेगा। सफलता के लिए भूख जगाए रखें- सफल व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने के बाद एक जगह कभी नहीं रूकते हैं। उनके भीतर लगातार आगे बढ़ने की इच्छा और लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करने का गुण, एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल करने में मदद करता है। स्पष्ट सोच और विचार रखें- कई बार व्यक्ति का लक्ष्य स्पष्ट ना होने की वजह से भी उसे सफलता हासिल नहीं हो पाती है। सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने के लिए भी इस बात का स्पष्ट होना जरूरी है कि आप क्या करना चाहते हैं और आपने अपने अगले लक्ष्य के लिए क्या सोचा हुआ है। ऐसा करने से आप अपनी सफलता को लंबे समय तक बरकरार रखेंगे।

जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए, 550 करोड़ की राशि खातों में जमा हुई

सहकार से समृद्धि : एम-पैक्स से 54 लाख किसान बने आत्मनिर्भर योगी सरकार ने महाअभियान चलाकर सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया फसली ऋण, उन्नत बीज और उर्वरक जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए, 550 करोड़ की राशि खातों में जमा हुई ग्रामीण आबादी को औपचारिक बैंकिंग व ऋण सुविधाओं से जोड़ने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती लखनऊ  प्रदेश में सहकारिता आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में योगी सरकार के एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान का व्यापक परिणाम दिख रहा है। अभियान के जरिए अब तक करीब 54 लाख किसान सहकारी ढांचे से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़े हैं। योगी सरकार का फोकस बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (एम-पैक्स) से लोगों को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती वित्तीय और कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना है। गांवों में ऋण प्रवाह बढ़ा और छोटे किसानों को मिली सहूलियतें योगी सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत किसानों को कम ब्याज दरों पर फसली ऋण, उन्नत गुणवत्ता के बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए गए। इससे खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए हैं। इन खातों में अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई जा चुकी है। वहीं, सदस्यों की भागीदारी से 110 करोड़ रुपये की अंश पूंजी जुटाई गई जिसके आधार पर कुल 660 करोड़ रुपये की धनराशि सहकारी तंत्र में प्रवाहित हुई। इससे गांवों में ऋण प्रवाह बढ़ा है और छोटे किसानों को सहूलियतें आसान हुई हैं। ग्रामीणों को घर के पास ही पंजीकरण और अन्य सेवाएं योगी सरकार ने सहकारी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए सदस्यता प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल किया है। अब एम-पैक्स से जुड़ने के लिए डिजिटल पोर्टल और मोबाइल आधारित पंजीकरण की सुविधा लागू कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को घर के पास ही पंजीकरण और अन्य सेवाएं मिल रहीं हैं। देश में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम-पैक्स का सदस्यता महाअभियान शुरू किया। यह सदस्यता महाअभियान दो चरणों में चलाया गया। पहले चरण की शुरुआत सितंबर 2023 में की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर नए सदस्य जुड़े। दूसरे चरण का शुभारंभ सितंबर 2025 में किया गया, जिसमें अभियान को और गति मिली। क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान से आई पारदर्शिता सहकारी समितियों को मजबूत करना योगी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। एम-पैक्स पर डिजिटल भुगतान प्रणाली क्यूआर कोड के जरिए शुरू की गई है। क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरु हो जाने से कैशलेस एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू हुई है। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सहकार से समृद्धि का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।

पाकिस्तान सीमा के पास अमेरिकी प्रतिनिधि की मौजूदगी से हंगामा, जानें पूरा मामला

  नई दिल्ली अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर और अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो ने भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड (चंडीगढ़) का दौरा किया. यह दौरा पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत करीब था. पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी विदेशी डेलिगेशन का यह पहला ऐसा हाई-प्रोफाइल विजिट है. इसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और बवाल हो गया. वेस्टर्न कमांड इतना महत्वपूर्ण क्यों?     मुख्यालय: चंडीगढ़     क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर के अखनूर से पंजाब के फाजिल्का तक पाकिस्तान बॉर्डर.     200 से ज्यादा सैन्य बेस देखता है.     पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी कैंप और एयर बेस पर हमला करने में यह कमांड सबसे आगे था.     इसलिए इस जगह का दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बहुत संवेदनशील माना जा रहा है. क्या हुआ विजिट में? भारतीय सेना ने उन्हें वेस्टर्न फ्रंट (पाकिस्तान बॉर्डर) की पूरी तैयारियों, ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय स्थिरता में भारतीय सेना की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी. एडमिरल पापारो ने पहले ही पत्रकारों से कहा था कि भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर बहुत सटीक और शानदार था. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने डेलिगेशन का स्वागत किया.  विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल? कांग्रेस और राजयसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत अब अपनी रणनीतिक नीतियां अमेरिका के हिसाब से बना रहा है. उन्होंने ट्रंप के ‘मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया’ वाले बयान का जिक्र किया. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि सरकार पाकिस्तान के ISI को भी पठानकोट एयरबेस दिखा चुकी है, अब अमेरिका को संवेदनशील जगह दिखा रही है. लेकिन सच्चाई क्या है? ऐसे विजिट बिल्कुल नई बात नहीं हैं. भारत और अमेरिका के बीच मिलिट्री-टू-मिलिट्री एक्सचेंज का पुराना कार्यक्रम है. पहले भी विदेशी राजनयिक कमांड हेडक्वार्टर विजिट कर चुके हैं. भारतीय राजनयिक भी अमेरिका के पेंटागन और CIA हेडक्वार्टर जाते रहे हैं. असली मैसेज क्या है? यह विजिट सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नहीं थी. इसका बड़ा संदेश है…     अमेरिका भारत के साथ रक्षा संबंध और मजबूत करना चाहता है.      चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में भारत को काउंटर-बैलेंस के रूप में देखता है.     पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रहा (ट्रंप की नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी में पाकिस्तान का नाम तक नहीं).     भारत को रूस से हथियार खरीदने से धीरे-धीरे दूर करना चाहता है (अमेरिका भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है, फ्रांस के बाद).     अभी हाल ही में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद संबंधों में नया रीसेट हुआ है. एडमिरल पापारो ने कहा – भारत-अमेरिका रक्षा संबंध तेजी से ऊपर जा रहे हैं.  विजिट के पीछे राजनीतिक बवाल तो है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह भारत-अमेरिका के बढ़ते विश्वास और साझेदारी का संकेत है. भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है, लेकिन चीन जैसे बड़े खतरे के सामने मजबूत साथी ढूंढ रहा है. 

मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी

रायपुर. अपने दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू सामान का विक्रय करती प्रीति गुप्ता महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता है। वह उत्साह से बताती है कि मुद्रा लोन की मदद से वह अपना व्यापार खड़ा कर पाई है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति ने बताया कि उन्हें 01 लाख रुपए मुद्रा लोन के रूप में मिला था। आज वह अपने व्यापार से सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए तक कमाई कर पाती है।  जशपुर जिला के विकासखंड बगीचा के ग्राम बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता ने मुद्रा लोन लेकर दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान की शुरुआत की। प्रारंभ में छोटे स्तर पर दुकान संचालित करने वाली प्रीति ने धीरे-धीरे ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए दुकान का विस्तार किया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर हर जरूरत का सामान उनकी दुकान में उपलब्ध है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता एवं मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वे प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और बिहान योजना के सहयोग से लखपति दीदी बनने का सपना साकार किया है। प्रीति गुप्ता, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की वजह से आज मेरे जैसी कितनी महिलाएं  आत्मनिर्भर हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि बिहान ने मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। प्रीति गुप्ता आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो अपनी मेहनत और संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।  

HC ने कहा—कर्मचारी का इस्तीफा रोकना आर्टिकल 23 का उल्लंघन, बंधुआ मजदूरी जैसा है व्यवहार

तिरुवनंतपुरम केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा इस्तीफा देने की स्थिति में कंपनी को उसे स्वीकार करना ही होगा। हाईकोर्ट ने इस दौरान कहा है कि अगर कोई एंप्लॉयर कर्मचारी का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार करता है तो यह ‘बंधुआ मजदूरी’ के समान माना जाएगा। बार एंड बेंच की की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में अहम टिप्पणी करते हुए जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि जब कोई कर्मचारी सेवा शर्तों के अनुसार इस्तीफा देता है तो नियोक्ता का कर्तव्य है कि वह उसे स्वीकार करे, बशर्ते अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन ना हुआ हो। अदालत ने साफ किया कि इस्तीफा सिर्फ कुछ खास हालात में ही रोका जा सकता है, जैसे नोटिस पीरियड पूरा ना होना, गुस्से में दिया गया इस्तीफा जिसे वापस लिया जा सकता हो, गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो या संस्था को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी। कंपनी द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देकर कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा ना मानना कानूनी रूप से सही नहीं है। क्या था मामला? दरअसल यह मामला ट्राको केबल कंपनी लिमिटेड नाम की एक संस्था से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ग्रीवस जॉब पनक्कल कंपनी में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2022 से उनका वेतन नियमित नहीं मिल रहा था, जिससे वे अपना और अपनी बीमार मां का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने मार्च 2024 में इस्तीफा देकर सेवा से मुक्त करने का अनुरोध किया। हालांकि कंपनी बोर्ड ने यह कहकर इस्तीफा खारिज कर दिया कि उनकी भूमिका जरूरी है और कंपनी आर्थिक संकट में है। प्रबंधन ने उन्हें ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अंत में पनक्कल ने इन नोटिस को रद्द करने और इस्तीफा स्वीकार करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पाया कि कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति कंपनी अधिनियम 2013 के तहत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दर्ज होती है। जब तक कंपनी जरूरी फॉर्म दाखिल नहीं करती, तब तक कर्मचारी दूसरी जगह नौकरी नहीं कर सकता। इससे याचिकाकर्ता के रोजगार के अवसर बाधित हो रहे थे। अनुच्छेद 23 का उल्लंघन कोर्ट ने इस्तीफा अस्वीकार करने और अनुशासनात्मक नोटिस को रद्द कर दिया। साथ ही कंपनी को दो महीने के भीतर इस्तीफा स्वीकार कर सेवा से मुक्त करने और वेतन बकाया, अवकाश समर्पण लाभ तथा अन्य देय राशि का भुगतान जल्द करने का निर्देश दिया। जस्टिस नागरेश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “वित्तीय समस्या या आपात स्थिति के नाम पर किसी कंपनी सेक्रेटरी को उसकी इच्छा और सहमति के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।” अदालत ने यह भी कहा कि कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना उसके इस्तीफा देने के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा स्वीकार ना करना संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत प्रतिबंधित बंधुआ मजदूरी जैसा है।

आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम, गैस कनेक्शन से लेकर ई-रिक्शा तक का वितरण

रायपुर. मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री  साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।  अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

नाम मिला Yuvraj Singh से, पहचान खुद बनाई: युवराज सामरा ने टी20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास

नई दिल्ली युवराज सामरा चर्चा में हैं। कनाडा का ये क्रिकेटर मंगलवार को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया। टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। कनाडा मैच नहीं जीत पाया लेकिन युवराज ने लाखों क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया। उनके पिता ने भारत के दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के नाम पर उनका नाम रखा था। उस समय उन्हें क्या पता कि एक दिन उनका बेटा भी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच में से एक टी20 विश्व कप में नाम करेगा। बल्ले का ऐसा जौहर दिखाएगा कि गेंदबाजों की शामत आ जाएगी। टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 173 रन का स्कोर खड़ा किया। ओपनर युवराज सामरा ने सिर्फ 65 गेंदों में 110 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 6 छक्के जड़े। इसके साथ ही युवराज ने टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ये शतक 19 वर्ष और 141 दिन की उम्र में पूरा किया। युवराज सामरा ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ पहले विकेट के लिए 116 रन की शानदार साझेदारी निभाई। बाजवा ने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। युवराज सामरा के शतक पर भारी पड़ी ग्लेन फिलिप्स की पारी जवाब में न्यूजीलैंड ने प्लेयर ऑफ द मैच ग्लेन फिलिप्स की 36 गेंदों में खेली गई 76 रनों की नाबाद तूफानी पारी की बदौलत 29 गेंद बाकी रहते ही 8 विकेट से मैच जीत लिया। युवराज सिंह के नाम पर पिता ने रखा नाम युवराज सामरा का पूरा नाम युवराज सिंह सामरा है। उनके पिता बलजीत सिंह भारत से जाकर कनाडा में बस गए थे। युवराज का वही पर जन्म हुआ और उनके पिता ने उनका नाम दिग्गज ऑलराउंडर और भारत की विश्व विजयी टीम के हीरो युवराज सिंह के नाम पर रखा था। सिर्फ 15 गेंद में फिफ्टी भी जड़ चुके हैं युवराज सामरा युवराज सामरा ने पिछले साल जून में बहामास के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत के युवराज सिंह के नाम है। उन्होंने सिर्फ 12 गेंद में अर्धशतक जड़ा था। युवराज सामरा ने भी अपनी उस पारी से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले कनाडाई बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उस मैच में कनाडा को जीत के लिए सिर्फ 53 रन चाहिए थे और सामरा ने फिफ्टी जड़ दी थी। युवराज सामरा के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 8 ओडीआई खेले हैं। इसमें उनके नाम 24.57 की औसत से 172 रन है। ओडीआई में उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन है। युवराज सामरा ने अब तक 19 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 37.93 की शानदार औसत से 569 रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 3 अर्धशतक और 1 शतक दर्ज हैं। सामरा युवराज सिंह की तरह गेंदबाजी भी करते हैं। वह राइट ऑर्म मीडियम फास्ट बोलर हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 विकेट भी दर्ज हैं।

CEO भाविश अग्रवाल पर अरेस्ट वारंट, OLA की बाइक रिपेयरिंग में हुई गुम

 नई दिल्ली देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी Ola Electric की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. अब तक अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लग रही आग से जूझ रहे कंपनी के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ एक और मामला सामने आया है. गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी (Arrest Warrant) जारी किया है. यह मामला प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई इलेक्ट्रिक बाइक मरम्मत के लिए ओला को दी गई थी, लेकिन अब उसका कोई अता पता नहीं है. हैरानी की बात यह है कि बाइक की पूरी कीमत पहले ही ओला को चुका दी गई थी, इसके बावजूद यूजर को न तो बाइक मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब. क्या है पूरा मामला इस मामले में शिकायतकर्ता प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी ने बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से इलेक्ट्रिक बाइक खरीदी थी. कुछ समय बाद बाइक में तकनीकी दिक्कत सामने आने लगी. जिसके बाद उन्होंने बाइक की रिपेयरिंग के लिए उसे ओला को सौंप दिया गया. लंबा समय बीत जाने के बाद भी बाइक न तो ठीक होकर लौटी और न ही कंपनी यह बता पाई कि बाइक फिलहाल कहां है. गोवा की कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने 4 फरवरी 2026 को जारी अपने आदेश में कहा कि ओला ने उपभोक्ता से पूरी कीमत वसूलने के बाद बेहद लापरवाह रवैया अपनाया है. आयोग ने माना कि कंपनी का उपभोक्ता के प्रति व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना और उदासीन है. इसी वजह से आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के CEO और फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया, ताकि वह बाइक के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सकें और यह भी बताएं कि इतनी देर से बाइक की मरम्मत और डिलीवरी क्यों नहीं की गई. पेश न होने पर अरेस्ट वारंट आयोग के आदेश के बावजूद जब भाविश अग्रवाल पेश नहीं हुए, तो आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए बेंगलुरु पुलिस को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. आदेश के अनुसार, 1,47,499 रुपये की राशि का जमानती वारंट एक समान जमानत के साथ जारी किया गया है. यह वारंट कोरमंगला, बेंगलुरु स्थित पते पर संबंधित पुलिस थाने के जरिए तामील कराने को कहा गया है. आयोग ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 23 फरवरी 2026 को सुबह 10.30 बजे तय किया है. इस दिन CEO और फाउंडर भाविष अग्रवाल को खुद हाजिर होना होगा. जिसके बाद आयोग उनका स्पष्टीकरण और मौखिक अंतिम दलीलें सुनेगा. यह मामला अब न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों बल्कि बड़ी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर भी अहम माना जा रहा है.

मध्यप्रदेश में सियासी उथल-पुथल, BJP नेता की बेटी कांग्रेस में शामिल, राजनीति गरमाई

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश खाद एवं ग्रामोद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण सत्तन की बेटी कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस में शामिल हो गई है। कनुप्रिया ने आज भोपाल में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अर्चना जायसवाल की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस कार्यालय में हुआ सदस्यता ग्रहण भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कनुप्रिया सत्तन को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता के परिवार से जुड़ी यह एंट्री इंदौर और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है। सियासी हलकों में चर्चा तेज कनुप्रिया सत्तन का कांग्रेस में शामिल होना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस संगठन में किस भूमिका में नजर आती हैं।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरी

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है। बैठक में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

T20 वर्ल्ड कप में शतकों का किंग कौन? 19 साल पुराना न्यूजीलैंड का तिलिस्म आखिरकार टूटा

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने मंगलवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा को 8 विकेट से रौंदकर सुपर-8 राउंड का टिकट कटाया। ग्रुप डी का यह मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला गया। न्यूजीलैंड ने भले ही धमाकेदार जीत हासिल की लेकिन उसका 19 सालों से चला आ रहा एक तिलिस्म टूट गया। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी शतक नहीं लगा था लेकिन कनाडा के युवराज सिंह सामरा ने तिलिस्म तोड़ दिया। सलामी बल्लेबाज सामरा ने चेपॉक में 65 गेंदों में 110 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली। उन्होंने 11 चौके और 6 छक्के लगाए। ग्रुप डी का हिस्सा कनाडा ने 173/4 का स्कोर खड़ा करने के बाद टूर्नामेंट लगातार तीसरी हार झेली। किस देश के खिलाफ लगे सबसे ज्यादा शतक? टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। टूर्नामेंट में अब तक 13 शतक लग चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा शतक बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ लगे हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर ब्रेंडन मैकुलम ने 2012 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध सेंचुरी जमाई। पाकिस्तान के अहमद शहजाद ने 2014 जबकि साउथ अफ्रीका के राइली रोसोउ ने 2022 में आयोजित टूर्नामेंट में बांग्लादेश के सामने शतक जड़ा। वहीं, इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स ने 2014 और जोस बटलर ने 2021 में श्रीलंका के खिलाफ सेंचुरी ठोकी। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के सामने सेंचुरी लगाई। T20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक लगे शतक 2026 – युवराज सिंह सामरा (110 बनाम न्यूजीलैंड) 2026 – पथुम निस्सांका (100* बनाम ऑस्ट्रेलिया) 2022 – ग्लेन फिलिप्स (104 बनाम श्रीलंका) 2022 – राइली रोसोउ (109 बनाम बांग्लादेश) 2021 – जोस बटलर (101* बनाम श्रीलंका) 2016 – क्रिस गेल (100* बनाम इंग्लैंड) 2016 – तमीम इकबाल (103* बनाम ओमान) 2014 – अहमद शहजाद (111* बनाम बांग्लादेश) 2014 – एलेक्स हेल्स (116* बनाम श्रीलंका) 2012 – ब्रेंडन मैकुलम (123 बनाम बांग्लादेश) 2010 – महेला जयवर्धने (100 बनाम जिम्बाब्वे) 2010 – सुरेश रैना (101 बनाम साउथ अफ्रीका) 2007 – क्रिस गेल (117 बनाम साउथ अफ्रीका) T20 वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में शतक कनाडा के भारतीय मूल के 19 साल के बल्लेबाज युवराज समरा ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक जमाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। समरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ करियर की सर्वश्रेष्ठ 110 रन की पारी खेली। क्रिकेट के शौकिन पिता बलजीत समरा ने उनका नाम धाकड़ भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह के नाम पर रखा था। पिछले साल मार्च में पदार्पण करने वाले समरा ने अपने 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में यह उपलब्धि हासिल की। समरा अंतिम ओवर में जैकब डफी पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए। उनकी यह पारी टी20 विश्व कप में किसी एसोसिएट टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है। इससे पहले टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के अहमद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 2014 में 22 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की थी।

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