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हर घर जल के लक्ष्य पर उइके का बयान, सामुदायिक जिम्मेदारी से मिलेगी सफलता

भोपाल लोक स्वास्थय यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, अब आवश्यक इसकी वास्तविक सफलता योजनाओं के नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक संचालन में निहित है। सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जब मिशन प्रारंभ हुआ था तब प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी, वर्तमान 74 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुँच चुका है। शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्रदेश में 27 हजार 990 से अधिक योजनाएँ स्वीकृत हुईं और अधिकांश योजनाएँ पूर्णता की अवस्था में हैं। मंत्री  उइके ने बुधवार को जल भवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय “जल-मंथन – पानी से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” कार्यशाला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ उसके दीर्घकालिक संचालन एवं संधारण पर अपने विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रशासनिक, तकनीकी तथा सामुदायिक स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंत्री  उइके ने कहा कि संचालन एवं संधारण केवल विभागीय दायित्व नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत, जल समिति और समुदाय की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण व्यवस्थित नहीं होगा, विद्युत देयक समय पर जमा नहीं होंगे, मोटर-पंप और पाइपलाइन का रखरखाव नियमित नहीं होगा, तो निर्मित संरचना टिकाऊ नहीं रह पाएगी। मंत्री  उइके ने कहा जल जीवन मिशन के संचालन संधारण का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते हुए ग्रामीणों को सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जन-जन को इससे जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन-2.0 में मध्यप्रदेश को 19 हजार करोड़ केन्द्र सरकार से मिलेंगे, जिससे जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण किया जायेगा। हर घर नल से जल की आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों के समय की बचत हुई है, जिससे उनका समय अन्य सकारात्मक कार्यों में लगने से गाँव में प्रगति हुई है। साथ ही बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं। प्रदेश के जल महोत्सव की पूरे देश में प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने जल गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में फील्ड टेस्ट किट का उपयोग नियमित रूप से किया जाए। प्रयोगशाला परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ हो। मंत्री  उइके ने कहा कि सुरक्षित जल आपूर्ति ही मिशन की आत्मा है। स्रोत स्थिरता को अगले चरण की केंद्रीय प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएँ आने वाले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टिकाऊ रूप में संचालित करने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, समूह एवं एकल ग्राम नलजल योजनाएँ और गुणवत्ता निगरानी तंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि संचालन एवं संधारण की संस्थागत मजबूती से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, जिला स्तरीय समीक्षा, तकनीकी निरीक्षण, वित्तीय अनुशासन और शिकायत निवारण तंत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण और जल समितियों की क्षमता वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है।  उइके ने कहा कि तकनीकी दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी से ही योजनाएँ दीर्घकाल तक सफल रह सकती हैं। खरगोन कलेक्टर सु भव्या मित्तल ने जल जीवन मिशन के सुचारू संचालन एवं संधारण का व्यवहारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद की चुनौतियाँ अधिक जटिल होती हैं। प्रमाणन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, परंतु उसकी निरंतरता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सामने लाना और ग्रामीणों से चर्चा और जागरूकता से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत स्पष्टता, नियमित राजस्व संग्रहण, पारदर्शी लेखा प्रणाली और सतत तकनीकी निगरानी से हर घर नल से जल आपूर्ति निर्बाध रूप से होती है।। मंत्री  उइके ने राज्य स्तरीय “जल सेवा रत्न” सम्मान समारोह में एकल ग्राम एवं समूह ग्राम नलजल योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, पंप ऑपरेटरों और ग्राम प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यशाला में “नलजल योजना में युवा नेतृत्व एवं नवाचार” विषय पर युवा हैकाथॉन आयोजित हुआ, जिसमें भोपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की चयनित टीमों ने भाग लिया। पंचायत प्रतिनिधि संवाद में योजना प्रबंधन, जल शुल्क निर्धारण, स्रोत संरक्षण और ग्राम स्तरीय निगरानी व्यवस्था पर विचार रखे गए। महिला प्रतिनिधियों ने संचालन, राजस्व प्रबंधन और गुणवत्ता परीक्षण में अपनी भूमिका और अनुभव साझा किये। “जल-वाणी” विषयक पैनल चर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय बोलियों में जल साक्षरता के प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम के राज्य स्तरीय अधिकारी, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री, गुणवत्ता मॉनिटरिंग अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य, सरपंच, पंप ऑपरेटर, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंत्री  उइके ने कार्यशाला में उपस्थित जन समूह को सुरक्षित, नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।  

टीम इंडिया में बदलाव की आहट? रोहित-विराट की रिटायरमेंट पर अश्विन का खुलासा

नई दिल्ली भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट और टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोच गौतम गंभीर को लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए, तो यह टीम के हित में सही फैसला हो सकता है। अश्विन का यह बयान उनके करियर के अंत और टीम में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। अचानक रिटायरमेंट ने चौंकाया रविचंद्रन अश्विन ने दिसंबर 2024 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के दौरान अचानक संन्यास का ऐलान किया था।ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद उनका यह फैसला पूरे क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। वह उस समय शानदार फॉर्म में थे और कई रिकॉर्ड्स तोड़ने के करीब भी थे। फिर भी उन्होंने अपने करियर को अपने फैसले के अनुसार खत्म करने का निर्णय लिया। खुद लिया फैसला, कोई पछतावा नहीं अश्विन ने कहा कि निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और मौका न मिलना इस फैसले की बड़ी वजह थी। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि अब टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं है, तो उन्होंने पीछे हटना बेहतर समझा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वापसी के लिए इंतजार करने वालों में से नहीं हैं। कोच के फैसले पर खुलकर बोले रविचंद्रन अश्विन ने कोच गौतम गंभीर का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोच का काम टीम के लिए सही फैसले लेना होता है, चाहे उसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना ही क्यों न शामिल हो। अश्विन ने साफ कहा कि अगर गंभीर को लगा कि उन्हें, विराट कोहली या रोहित शर्मा को आगे बढ़ना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला हो सकता है। ‘ईगो छोड़ना जरूरी’ अश्विन ने अपने बयान में ईगो (अहम) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि क्रिकेट में मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी खिलाड़ियों को खुद को अजेय समझने पर मजबूर कर देती है। लेकिन अगर खिलाड़ी अपने अहम को अलग रखे, तो चीजें साफ नजर आती हैं। अश्विन के मुताबिक, वह खुद भी लगातार अपने ईगो को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।  

छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के गुजरात भ्रमण पर आधारित सु निशा द्विवेदी की पुस्तक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभा कक्ष में युवा पत्रकार सु निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘मोदी के राज्य से लौटकर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा वृत्तांत से पाठकों के लिए इतिहास और संस्कृति की तस्वीर सजीव हो जाती है। पुस्तक में सु निशा द्विवेदी ने एक पत्रकार की नजर से गुजरात यात्रा का वर्णन किया है जो बहुत सराहनीय है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेतागण और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हमारे पत्रकार साथियों के जीवन में यह एक समानता है कि दोनों ही अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा व्यस्त रहते हैं। सक्रिय पत्रकारिता के बीच यात्रा वृत्तांत जैसी रचना के लिए समय निकाल पाना जरूर कठिन रहा होगा। ये बहुत सुखद है कि सु द्विवेदी ने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप में हम सभी के सामने लेकर आई हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकार बहनों से मिलना हुआ था। मुलाकात में महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण के विषय में भी चर्चा हुई। ये बहुत खुशी की बात है कि पहली बार छत्तीसगढ़ की 26 महिला पत्रकारों का दल गुजरात राज्य के भ्रमण पर गया। भ्रमण से लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार बहनों से मुलाकात की। उसी समय मैंने उन्हें यह सुझाव दिया था कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों को जरूर लिखें।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा इस वर्ष के बजट में भी हमने पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है। हमारे पत्रकार साथी बड़े परिश्रम से सामाजिक सरोकार का कार्य करते हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर पत्रकार साथियों को प्रोत्साहित कर रही है। अभी तक पत्रकारों के विविध दल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान जैसे अनेक राज्यों में हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुजरात भ्रमण का उद्देश्य महिला पत्रकारों को विकास के मॉडल को देखने, समझने और उससे सीखने का अवसर देना था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि इस यात्रा को कोई महिला पत्रकार पुस्तक के रूप में लिखे, और यह पुस्तक उसी भावना का परिणाम है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक  सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  मोहन तिवारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।

रूस-ईरान गठजोड़ पर भड़के जेलेंस्की, कहा- जंग में कोई नहीं जीतेगा, US को ऑफर

यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को रूस और ईरान को ‘नफरत के मामले में भाई-भाई’ बताया है और पश्चिमी देशों से यूक्रेन को ना भूलने की गुजारिश की है। जेलेंस्की ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से ऐसे वक्त में समर्थन मांगा जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अमेरिका की मध्यस्थता वाली रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जेलेंस्की ने इस दौरान पश्चिमी देशों को ईरानी ड्रोन का मुकाबला करने के लिए मदद की भी पेशकश की है। ब्रिटेन की संसद में अपने बयान में जेलेंस्की ने कहा, ”रूस और ईरान की सरकारें नफरत के मामले में भाई-भाई हैं और इसीलिए वे हथियारों के मामले में भी भाई-भाई हैं। हम चाहते हैं कि नफरत पर आधारित सरकारें कभी किसी भी चीज में जीत हासिल ना कर सकें।” वहीं लंदन में 10 डाउनिंग स्ट्रीट में जेलेंस्की से बातचीत के दौरान स्टार्मर ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ईरान संघर्ष से लाभ नहीं मिलना चाहिए, चाहे वह तेल कीमतों में बढ़ोतरी हो या प्रतिबंधों में ढील। स्टार्मर और जेलेंस्की के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने वैश्विक आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए रूसी तेल पर कुछ प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा दिए। जेलेंस्की और कुछ अन्य यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे मॉस्को को आर्थिक लाभ मिलेगा। मदद की पेशकश इस दौरान जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और अन्य देश पश्चिम एशिया के संघर्ष में यूक्रेन की ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र में 201 यूक्रेनी मौजूद हैं। और 34 अन्य तैनात होने के लिए तैयार हैं। ये सैन्य विशेषज्ञ हैं, ऐसे विशेषज्ञ जो जानते हैं कि मदद कैसे करनी है और शाहेद ड्रोन से बचाव कैसे करना है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी टीमें पहले से ही अमीरात, कतर, सऊदी अरब में मौजूद हैं, और कुवैत के रास्ते में हैं। हम कई अन्य देशों के साथ भी काम कर रहे हैं। और मैंने इन सैन्य विशेषज्ञों को अपने साझेदारों, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल है,के अनुरोध पर भेजा है।”  

हरिहरन-अर्जुन ने पार किया पहला पड़ाव, आकर्षी ने भी मुख्य ड्रॉ में जगह बनाकर बढ़ाया भारत का मान

ओरलियंस हरिहरन अम्साकरुनन और एम आर अर्जुन की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने ओरलियंस मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि आकर्षी कश्यप ने क्वालीफाइंग दौर में दो जीत दर्ज कर महिला एकल के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई। हरिहरन और अर्जुन के खिलाफ चेक गणराज्य के जिरी क्राल और ओन्ड्रेज क्राल की जोड़ी पहले गेम में 10-21 से हारने के बाद मुकाबले से हट गई। पिछले साल अल ऐन मास्टर्स सुपर 100, तुर्किये इंटरनेशनल चैलेंज और तेलंगाना इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज खिताब जीतने वाली यह भारतीय जोड़ी अब स्कॉटलैंड के अलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल की जोड़ी से भिड़ेगी। इससे पहले विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज आकर्षी ने पहले मुकाबले में हमवतन श्रीयांशी वलीशेट्टी को 21-19, 17-21, 21-13 से हराया और फिर अगले मैच में ताइपे की ली वाई एच को 21-17, 21-19 से मात दी। अब उनका मुकाबला सिंगापुर की येओ जिया मिन से होगा। पुरुष एकल के क्वालीफाइंग राउंड में एस सुब्रमणियन को मलेशिया के ली जी जिया से 12-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। ली ज़ी जिया पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हैं और 2025 सत्र में चोटों से जूझने के बाद वापसी का प्रयास कर रहे हैं।   महिला युगल में, भारतीय जोड़ी अश्विनी भट के और शिखा गौतम को रुई हिरोकामी और सायका होबारा की जापान की जोड़ी के खिलाफ वॉकओवर मिला।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रायपुर की नालंदा लाइब्रेरी के मॉडल को सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रायपुर प्रवास के दौरान नालंदा परिसर लाइब्रेरी का अवलोकन किया और सराहना की। उन्होंने इस मॉडल से प्रभावित होकर मध्यप्रदेश के रीवा में भी इसी तर्ज पर लाइब्रेरी स्थापित करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने लाइब्रेरी के फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर और टैरेस का अवलोकन करते हुए पुस्तक वितरण प्रणाली और अध्ययन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कम शुल्क में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि नालंदा परिसर लाइब्रेरी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं युवाओं को सही दिशा प्रदान करती हैं और उनकी ऊर्जा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करती हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि नालंदा लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में युवा अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं। ऐसे युवा देश और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नालंदा परिसर लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जहां 24×7 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी का निर्माण डीएमएफ फंड एवं अन्य सहयोग से किया गया है तथा वर्तमान में इसका संचालन शुल्क और दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य में राजधानी सहित कुल 42 ऐसी लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी के संचालन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत सभी लाइब्रेरियों को एकीकृत किया गया है, जिससे संचालन में सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी से हर वर्ष यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो रहा है। इस अवसर पर स्थानीय अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

प्रकृति और पर्यटन का संगम, धमनी गांव में ईको-टूरिज्म को मिल रही रफ्तार

रायपुर शुरू हुई नौकाविहार सुविधा प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। बलौदाबाजार वनमण्डल के अंतर्गत महानदी के तट पर स्थित ग्राम धमनी अब तेजी से ईको-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के सहयोग से यहां ईको-विलेज के रूप में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटकों के लिए नौकाविहार (बोटिंग) सुविधा शुरू की गई है। अब यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच नदी में नौकायन का आनंद ले सकेंगे। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत गांव के युवाओं और महिला स्व- सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि लोग प्रकृति के करीब रहकर शांत वातावरण का अनुभव कर सकें। वनमण्डलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि यह पहल जनसहभागिता से संचालित हो रही है, जो वन संरक्षण और ग्रामीण विकास का अच्छा उदाहरण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  वन विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में धमनी को प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल किया जाए।

दिल्ली जा रहे राज्यपाल मंगूभाई पटेल की फ्लाइट में आई दिक्कत, भोपाल में रोकी गई उड़ान

भोपाल एयर इंडिया की भोपाल से दिल्ली जा रही उड़ान में मंगलवार रात को अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण उड़ान को रोक देना पड़ा। इस उड़ान से राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी दिल्ली जा रहे थे। खराबी के कारण उन्हें विमान से वापस उतरना पड़ा। जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 2760 रात्रि करीब आठ बजे दिल्ली के लिए टेकऑफ हो रही थी। टेकऑफ से ठीक पहले आई खराबी: सुरक्षा की दृष्टि से रोका विमान राज्यपाल सहित सभी यात्री विमान में सवार हो गए थे। विमान स्टार्ट करते समय तकनीकी खराबी आ गई। चालक दल ने सुरक्षा की दृष्टि से विमान को टेकऑफ नहीं होने दिया। इसी बीच राज्यपाल मंगूभाई पटेल को विमान में खराबी होने की सूचना दी गई। बाद में राज्यपाल विमान से उतरे। उन्हें एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में इंतजार करने को कहा गया।  

जन-जन तक पहुंचेगी महान सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि है उज्जैन ने सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की ज्योति प्रज्ज्वलित की है। उज्जैन में विक्रमोत्सव का सांस्कृतिक महापर्व चल रहा है।  महान सम्राट विक्रमादित्य ने ऐसी परंपरा स्थापित की जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है। उज्जैनी काल गणना का केंद्र रही है। हमारे सभी त्योहार मंगल तिथियों पर आते हैं जो विक्रम संवत पर आधारित हैं। इसी क्रम में सृष्टि आरंभ दिवस, वर्ष प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर 19 मार्च 2026 को संपूर्ण प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन के शिखर पर ब्रह्मध्वज स्थापित होगा और जन -जन तक महान सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा को पहुंचाने के लिए सभी जिलों में सम्राट विक्रमादित्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। इस साथ ही आमजन को नववर्ष के महत्व से अवगत कराने के लिए “भारत का नव वर्ष विक्रम संवत” पुस्तिका का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन भोपाल में मुख्य कार्यक्रम में सम्मलित होंगे। “सम्राट विक्रमादित्य” नाट्य की होगी प्रस्तुति विक्रम उत्सव–2026 के अंतर्गत 19 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा।संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल द्वारा इस नाट्य प्रस्तुति के लिए नाट्य कला दलों को प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भेजा जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर “सम्राट विक्रमादित्य” नाट्य का मंचन करेंगे। गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में सम्मिलित होंगे। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा मंदसौर और  राजेन्द्र शुक्ल रीवा जिले के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों को भी अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें  कुंवर विजय शाह (खण्डवा),  कैलाश विजयवर्गीय (धार),  प्रहलाद सिंह पटेल (नरसिंहपुर),  राकेश सिंह (जबलपुर),  करण सिंह वर्मा (सीहोर),  राव उदय प्रताप सिंह (नर्मदापुरम), मती संपतिया उइके (मंडला),  तुलसीराम सिलावट (इन्दौर),  एदल सिंह कंषाना (मुरैना), सु निर्मला भूरिया (झाबुआ),  गोविंद सिंह राजपूत (सागर),  विश्वास सारंग (हरदा),  नारायण सिंह कुशवाह (निवाड़ी),  नागर सिंह चौहान (आलीराजपुर),  प्रद्युम्न सिंह तोमर (शिवपुरी),  राकेश शुक्ला (भिण्ड),  चैतन्य काश्यप (रतलाम) और  इंदर सिंह परमार (शाजापुर) शामिल हैं। राज्य मंत्रियों की श्रेणी में मती कृष्णा गौर (विदिशा),  धर्मेन्द्र लोधी (कटनी),  दिलीप जायसवाल (अनूपपुर),  गौतम टेटवाल (उज्जैन),  लखन पटेल (दमोह),  नारायण सिंह पंवार (राजगढ़),  नरेन्द्र शिवाजी पटेल (रायसेन), मती प्रतिमा बागरी (सतना),  दिलीप अहिरवार (छतरपुर) और मती राधा सिंह (सिंगरौली) अपने आवंटित जिलों में मौजूद रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक टीकमगढ़ में और केन्द्रीय राज्य मंत्री  दुर्गादास उइके बैतूल में उपस्थित रहेंगे। सांसदों में मती हिमाद्री सिंह (शहडोल), मती संध्या राय (दतिया), मती भारती पारधी (बालाघाट),  गजेन्द्र पटेल (खरगौन), डॉ. राजेश मिश्रा (सीधी),  बंटी विवेक साहू (छिंदवाड़ा),  सुधीर गुप्ता (नीमच), डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (बड़वानी),  वी.डी. शर्मा (पन्ना),  फग्गन सिंह कुलस्ते (डिण्डौरी),  गणेश सिंह (मैहर),  महेन्द्र सिंह सोलंकी (देवास),  ज्ञानेश्वर पाटिल (बुरहानपुर),  शिवमंगल सिंह तोमर (श्योपुर) और मती माया सिंह नारोलिया (पांढुर्णा) उत्सव में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त विधायकगण  गिरीश गौतम (मऊगंज),  दिनेश राय मुनमुन (सिवनी), सु मीना सिंह मांडवे (उमरिया),  पन्नालाल शाक्य (गुना),  बृजेन्द्र प्रताप सिंह (अशोक नगर) और  माधव सिंह (आगर मालवा) भी अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगे। विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रम महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विक्रम उत्सव–2026 का शुभारंभ 15 फरवरी से हुआ है जो 19 मार्च तक चलेगा। इस उत्सव उज्जैन नगरी में निरंतर विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार, विद्वान और सांस्कृतिक साधक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।विक्रम उत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली परंपरा, भारतीय संस्कृति और उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर संगीत, नृत्य, नाटक, लोककला, वैचारिक संगोष्ठियों तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भारतीय परंपरा और कला की विविधता से परिचित कराया जा रहा है। उत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और पर्यटकों की सहभागिता देखने को मिल रही है, जिससे उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और अधिक समृद्ध रूप में उभरकर सामने आ रही है। विक्रमोत्सव 2025 को मिल चुके हैं कई सम्मान विक्रमोत्सव 2025 को “ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर” से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही एशिया के प्रतिष्ठित WOW Awards में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा।  

2 करोड़ के नुकसान पर उठे सवाल, क्या BCCI करेगा Jasprit Bumrah की भरपाई?

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के एक फैसले की वजह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दो करोड़ रुपये का फटका लगा है। ये फैसला फरवरी में बीसीसीआई ने लिया था। ये फैसला है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ, क्योंकि बीसीसीआई ने 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया था तो उसमें जसप्रीत बुमराह का डिमोशन हो गया था। जसप्रीत बुमराह पिछली बार ए प्लस कैटेगरी का हिस्सा थे, लेकिन नए कॉन्ट्रैक्ट में उन्हें ए कैटेगरी में डाल दिया गया। इसके पीछे की वजह ये थी कि ए प्लस कैटेगरी को ही बोर्ड ने खत्म कर दिया था। पिछली बार के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार खिलाड़ी ए प्लस कैटेगरी में थे। इनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल था। विराट, रोहित और जडेजा का डिमोशन तो जायज है, क्योंकि विराट और रोहित एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, जबकि जडेजा दो फॉर्मेट के प्लेयर हैं, लेकिन जसप्रीत बुमराह तो तीनों फॉर्मेट में एक्टिव हैं और लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि इस खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी हुई है और दो करोड़ का फटका भी उन्हें लगा है, क्योंकि ए प्लस कैटेगरी में सालाना करार की राशि 7 करोड़ थी, जबकि ए कैटेगरी में 5 करोड़ है। इस तरह 2 करोड़ का नुकसान बुमराह का हुआ है, लेकिन बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया है कि उन्हें किसी न किसी तरह उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI अब ये पता लगाने की कोशिश में है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। BCCI के एक सोर्स ने कहा, “बोर्ड यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। यह समझा जा सकता है कि उनकी फीस 7 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना गलत होगा। कुछ और खिलाड़ी भी हैं, जो अच्छा परफॉर्म करने के बावजूद एक ग्रेड से नीचे चले गए हैं। कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यूएशन में बदलाव हो सकता है।”  

ICC Rankings में बड़ा उलटफेर: Jasprit Bumrah टॉप-5 में, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की चांदी

नई दिल्ली भारत ने 8 मार्च को टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से कोई टी20I मैच नहीं खेला है, और जुलाई तक इस फॉर्मेट में कोई मैच नहीं है। लेकिन आईसीसी टी20 रैंकिंग में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फायदा मिला है और वो बिना कोई मैच खेले टॉप-5 में पहुंच गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड कप के बाद कुछ टी20 मैच खेले, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश ने रेटिंग प्वाइंट्स गंवाए और छठे स्थान पर आ गए, जिससे बुमराह को फायदा हुआ और वो आईसीसी टी20आई बॉलर्स रैंकिंग में 1 स्थान के फायदे के साथ पांचवें स्थान पर 702 रेटिंग अंक के साथ पहुंच गए। ICC Rankings में मेहदी हसन मिराज का जलवा बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसका उन्हें अब इनाम मिल गया है। बांग्लादेश ने ये सीरीज 2-1 से अपने नाम की, जिसमें मिराज ने 3 मैचों में 5 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन की बदौलत मिराज आईसीसी मेंस वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में 9 स्थान के फायदे के साथ 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में वह दो स्थान के सुधार के साथ अब दुनिया के दूसरे नंबर के ऑलराउंडर बन गए हैं।केवल मिराज ही नहीं, तंजीद हसन (31 पायदान ऊपर), लिटन दास, तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सलमान अली अगा को भी फायदा पाकिस्तान के सलमान अली आगा आईसीसी मेंस वनडे बैटर्स रैंकिंग में 9वें और ऑलराउंडर की रैंकिंग में 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि कप्तान शाहीन अफरीदी ऑलराउंडर रैंकिंग में 25वें नंबर पर आ गए हैं। कीवी कप्तान सेंटनर और अभिषेक शर्मा का दबदबा टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी 5 मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में शानदार खेल दिखाने का उन्हें बड़ा फायदा मिला है। सेंटनर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 11 पायदान चढ़कर 13वें स्थान पर आ गए हैं। ऑलराउंडर की लिस्ट में भी वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग के साथ 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा नंबर-1 भारतीय फैंस के लिए गर्व की बात ये है कि टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के अभिषेक शर्मा अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्यूसन और डेवोन कॉनवे की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के जॉर्ज लिंडे ऑलराउंडर रैंकिंग में 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं और ओटनील बार्टमैन ने गेंदबाजों की लिस्ट में 23 पायदान की लंबी छलांग लगाई है।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

रायपुर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।  मुख्यमंत्री  साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।  इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की। बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया। बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक  पुन्नूलाल मोहले,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव  विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव  बसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम योगी के विजन से बदली गांवों की तस्वीर, आजीविका मिशन से आत्मनिर्भर बन रहा प्रदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनता जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों की तस्वीर बदल रही है। आज नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल बनकर गांव की बेटियां गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत बन रही हैं। “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार करती बलिया जनपद के बहुआरा गांव की दुर्गेश तिवारी आज उस बदलाव की प्रतीक बन गई हैं, जहां गांव की बेटी अब परिवार ही नहीं, विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश की रीढ़ बन रही है। मात्र दो वर्षों में दूध व्यवसाय से 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित कर दुर्गेश ने ‘काशी की लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए हो रहे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की जीवंत मिसाल भी है। संघर्ष की जमीन से सफलता की उड़ान बलिया के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक साधारण परिवार से हैं। शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास के साथ सीमित दायरे में था। परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती और 3-4 पशु थे, लेकिन दूध बेचने पर न तो उचित कीमत मिलती थी और न ही समय पर भुगतान। 20–25 रुपये प्रति लीटर के औने-पौने दाम और भुगतान की अनिश्चितता ने उनके सपनों को जैसे रोक दिया था। दुर्गेश बताती हैं “उस समय घर का खर्च और बेटियों की पढ़ाई की चिंता में नींद उड़ गई थी। काशी डेयरी से बदली किस्मत इसी दौरान गांव में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वाराणसी की जानकारी मिली। यहां गुणवत्ता आधारित उचित मूल्य और 365 दिन सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था ने दुर्गेश के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने सदस्यता लेकर दूध आपूर्ति शुरू की। जहां पहले उनका दूध औने-पौने दाम पर बिकता था, वहीं अब उन्हें सही कीमत मिलने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पशुपालन का दायरा बढ़ाकर 20 से अधिक पशु तक कर लिया। ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर लगातार मेहनत और सही प्लेटफॉर्म मिलने से दुर्गेश ने दो वर्षों में 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की। इसी उपलब्धि ने उन्हें ‘काशी की लखपति दीदी’ का सम्मान दिलाया। यह आय केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी बनी। दुर्गेश ने अपनी बड़ी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक की और छोटी बेटी को पुलिस अधिकारी बनाना चाह रही हैं। गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा आज दुर्गेश तिवारी पंचदेवी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में गांव की अन्य महिलाएं भी पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनका अगला लक्ष्य आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करना और गोबर से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार करना है। योगी सरकार के विजन से बदलता ग्रामीण परिदृश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। स्वयं सहायता समूहों और डेयरी जैसे रोजगार से महिलाएं अब गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्ति बन रही हैं।

अब ऐसे बनेगा PAN Card! 1 अप्रैल से नियमों में बड़ा बदलाव, जानें क्या करना होगा जरूरी

नई दिल्ली अगर आप नया PAN Card बनवाने की सोच रहे हैं या आने वाले समय में आपको पैन कार्ड बनवाना है तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सरकार ने PAN कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। नए नियम के मुताबिक, अब PAN Card के लिए अप्लाई करते समय सिर्फ Aadhaar का ही इस्तेमाल किया जाएगा। यानी अब अलग-अलग पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ देने की जरूरत धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे आवेदन प्रक्रिया आसान, तेज और ज्यादा सुरक्षित बनेगी। 31 मार्च 2026 तक पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी, लेकिन उसके बाद पूरा Aadhaar आधारित हो जाएगी। 1 अप्रैल से बदल जाएगा PAN अप्लाई करने का तरीका सरकार ने PAN Card अप्लाई करने के प्रोसेस को और सरल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 1 अप्रैल 2026 से PAN के लिए आवेदन करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। अब तक जहां लोगों को अलग-अलग डॉक्युमेंट्स जैसे पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और जन्मतिथि प्रमाण देना पड़ता था, वहीं अब यह प्रोसेस काफी आसान होने जा रहा है। इस वजह से किया जा रहा यह बड़ा बदलाव सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद PAN सिस्टम को ज्यादा ट्रांसपेरेंट और सुरक्षित बनाना है। Aadhaar के जरिए वेरिफिकेशन होने से फर्जी PAN कार्ड बनने की संभावना कम होगी और एक ही व्यक्ति के नाम पर कई PAN जारी होने की समस्या भी खत्म होगी। इसके अलावा, Aadhaar आधारित सिस्टम से अप्लाई करने का प्रोसेस तेज होगा और कम समय में PAN जारी किया जा सकेगा। क्या इससे आम लोगों पर असर पड़ेगा? इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर नए PAN आवेदकों पर पड़ेगा। अब उन्हें अलग-अलग डॉक्युमेंट्स जुटाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी। हालांकि जिन लोगों के पास Aadhaar नहीं है, उनके लिए यह बदलाव थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है। ऐसे लोगों को पहले Aadhaar बनवाना होगा, तभी वे PAN के लिए आवेदन कर पाएंगे।  

प्रधानमंत्री के संसद भवन स्थित कार्यालय में की शिष्टाचार भेंट

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने प्रधानमंत्री के संसद भवन के कार्यालय में बुधवार को शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री  मोदी को उन्होंने स्मृति स्वरूप लंका से लाई हुई भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।   प्रधानमंत्री  मोदी को राज्यपाल  पटेल ने भारतीय प्रतिनिधि मण्डल के साथ लंका से पवित्र बौद्ध अवशेषों को भारत वापस लाने की अपनी यात्रा के संबंध में जानकारी दी। प्रधानमंत्री को यात्रा के विवरण पर आधारित पुस्तक “बुद्ध धरोहर की सांस्कृतिक यात्रा भारत से लंका” भेंट की। प्रधानमंत्री  मोदी को उन्होंने राज्य की प्रगति से अवगत कराया तथा विकास के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।  

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