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साध्वी निरंजन ज्योति को मिला राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष पद

 फतेहपुर  उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के पत्योरा गांव में निषाद बिरादरी में जन्मी साध्वी निरंजन ज्योति ने एक कथा वाचक के रूप में अपनी यात्रा प्रारंभ की। एक बार विधायक, दो बार सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री, निरंजनी अखाड़े में महामंडलेश्वर का सफर तय करने के बाद बुधवार को वह राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष बन गयीं। उनकी इस सफलता पर समर्थकों में खुशी और जश्न का माहौल है। हालांकि वह इस समय दिल्ली में हैं लेकिन जैसे ही लोगों को इस कामयाबी की जानकारी हुई लोग से उछल पड़े। तांबेश्वर नगर स्थिति आवास पर समर्थकों का आना-आना प्रारंभ हो गया, यहां से लोग उनके मूसानगर आश्रम भी जा रहे हैं। बता दें कि 1 मार्च 1967 में उनका जन्म निषाद परिवार में हुआ था। यूं तो उनका जीवन कठिन संघर्षों से गुजरा है। लेकिन 1990 के दशक में वह राममंदिर आंदोलन में जुड़ी और एक प्रखर वक्ता के रूप में पहचान बनीं। वह संतश्री परमानंद जी महराज के आश्रम में उनकी शिष्या के रूप में रहीं और 2012 में पहली बार हमीरपुर सदर सीट से विधायक बनीं। सोशल मीडिया पर जताया आभार नवनियुक्त अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए एक श्लोक के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि पिछड़े समाज के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और उनके विकास के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगी। पिछड़े वर्ग के उत्थान पर जोर उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्ग को न्याय, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर दिलाना है। इसी दिशा में कार्य करने का संकल्प दोहराया। केंद्र सरकार में निभा चुकी हैं अहम भूमिकाएं     साध्वी निरंजन ज्योति नरेंद्र मोदी सरकार के पहले और दूसरे कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं।     2014 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनीं     2019 में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली     2021 में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री रहीं राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जन्मीं साध्वी निरंजन ज्योति निषाद मल्लाह समाज से आती हैं। वे फतेहपुर से सांसद रह चुकी हैं और 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2014 व 2019 में फतेहपुर लोकसभा से सांसद बनीं और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में देशभर में काम किया। अब उन्हें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी मिली है। दैनिक जागरण से बाचचीत में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उनका जीवन समाज के अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। हमारे नेतृत्व ने जो अहम जिम्मेदारी दी है उसका निर्वहन पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से किया जाएगा।

टी20 वर्ल्ड कप जैसी ड्रामेबाजी अब FIFA में भी, ईरान ने बायकॉट और धमकी से बढ़ाई मुश्किलें

  नई दिल्ली FIFA World Cup 2026 को लेकर ठीक वैसा ही विवाद सामने आया है, जैसा करीब एक महीने पहले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सामने आया था. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए भारत आकर मैच खेलने से इनकार कर दिया था. और अब इसी तरह ईरान की फुटबॉल टीम ने सुरक्षा कारणों से अमेरिका में मैच खेलने पर चिंता जताई है. बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होगा और 19 जुलाई तक चलेगा। क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने भी भारत की बजाय न्यूट्रल ग्राउंड की मांग करते हुए अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान शिफ्ट करने की मांग उठाई थी. और अब फीफा वर्ल्ड कप में भी उसी तरह ईरान ने अपने मैच मैक्सिको शिफ्ट कराने की मांग की है. इसके बाद Mexico ने बड़ा ऑफर देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह ईरान के मैच अपने यहां आयोजित कर सकता है। क्या बोले मैक्सिको के राष्ट्रपति मैक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने कहा कि अगर फुटबॉल की विश्व संस्था FIFA चाहे तो मैक्सिको ईरान के मैच होस्ट करने के लिए तैयार है और इसमें देश को कोई दिक्कत नहीं होगी. ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने पहले ही फीफा से अनुरोध किया है कि उनके मैचों को अमेरिका से बाहर किसी दूसरे देश में शिफ्ट किया जाए. हाल ही में क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और अमेरिका से जुड़े हमलों के बाद ईरान की टीम को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। वर्ल्ड कप तीन देशों में होगा FIFA वर्ल्ड कप 2026 पहली बार तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होना है. अभी ईरान के ग्रुप स्टेज के कुछ मैच अमेरिका के अलग-अलग शहरों में खेले जाने तय हैं। वीजा और राजनीतिक माहौल की भी चिंता सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ईरान को वीजा नियम, यात्रा प्रतिबंध और राजनीतिक माहौल को लेकर भी चिंता है। अधिकारियों का मानना है कि इन कारणों से टीम की तैयारी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर असर पड़ सकता है। मैच शिफ्ट करना आसान नहीं हालांकि इस समय मैचों का शेड्यूल, स्टेडियम और टिकटिंग पहले ही तय हो चुकी है। ऐसे में किसी मैच को दूसरे देश में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. फिलहाल फीफा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। क्या वर्ल्ड कप से हट सकता है ईरान? अगर ईरान की चिंताओं का समाधान नहीं होता है, तो ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के फैसले पर फिर से विचार कर सकती है. यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का असर खेलों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मैक्सिको ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन अंतिम फैसला फीफा को ही लेना होगा. बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप में भी आखिरी में बांग्लादेश को बाहर होना पड़ा था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था।

अब उड़ान से जुड़ा रीवा: रायपुर तक 1:10 घंटे में पहुंचेंगे यात्री, डिप्टी CM ने किया उद्घाटन

रायपुर. मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. उन्होंने रायपुर और रीवा के बीच शुरू हुई पहली फ्लाइट से रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड किया. इसके बाद वह विंध्यनाचल कल्याण सर्व समाज द्वारा आयोजित समारोह में शामिल हुए. इस दौरान हवाई सेवा की सौगात के लिए उनका अभिनंदन किया गया. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि हमारे हाथ में हवाई सेवा शुरुआत करना था, अब यह आपके हाथ में है कि हवाई सेवा चलते रहे. उन्होंने कहा कि अब रायपुर से रीवा के बीच एक दिन में पूरा होने वाला सफर, महज एक घंटे, दस मिनट में होगा. जितना सोचा उससे ज्यादा सफलता देखने को मिली है. रास्ता आसान होने से सभी क्षेत्र में प्रभाव पड़ता है. व्यापार, पर्यटन समेत अन्य क्षेत्र में अब रीवा विकास करेगा.

राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य में बना है औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 इकाईयां देंगी 12 हजार जरूरतमंदों को रोजगार मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद समिति सीसीआईपी की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रस्ताव पर उद्योग संवर्धन नीतियों के प्रावधानों के साथ ही नीति से अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने पर भी सैद्धांतिक अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में उद्योग और रोजगार वर्ष के अंतर्गत हुई गतिविधियां राज्य में नए निवेश को लाने में कारगर सिद्ध हुई हैं। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। पूरे राज्य में औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण बना है। 12 इकाईयों के निवेश प्रस्तावों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग संवर्धन नीति के प्रावधानों का पूरा लाभ औद्योगिक इकाइयों को देने के निर्देश दिए। बैठक में जिन इकाइयों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। उनमें मेसर्स पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्रा.लि., मेसर्स पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा.लि., मेसर्स ट्राइडेंट लि., अंबुजा कंक्रीट नॉर्थ प्रा.लि., अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि., बालाजी वेफर्स प्रा.लि., बारमॉल्ट मॉल्टिंग इंडिया प्रा.लि., एसीसी लि., एलेंबिक फार्मास्युटिकल्स लि., रॉलसर टायर लि. एवं दौलतराम एन.आर.ई.सी. लोकोमोटिव्स शामिल हैं। इन इकाइयों की स्थापना से लगभग 12 हजार व्यक्तियों को रोजगार सुलभ होगा। सीहोर और शिवपुरी जिलों में होगा ट्राइडेंट और अदाणी डिफेंस के प्रस्तावों पर क्रियान्वयन बैठक में जानकारी दी गई कि मेसर्स ट्राइडेंट लि. द्वारा सीहोर जिले में टेरी टॉवेल निर्माण की नई इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। करीब 1190 करोड़ के निवेश प्रस्ताव से 3 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। कंपनी द्वारा सीहोर जिले में ही एक बेड शीटिंग निर्माण इकाई भी प्रस्तावित है, जो करीब एक हजार करोड़ रूपए की लागत से स्थापित होगी। इससे 2800 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इसी तरह अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि. द्वारा शिवपुरी जिले में रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 2145 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा। इस इकाई से 1600 व्यक्तियों को सीधा रोजगार प्राप्त होगा। अदाणी ग्रुप की ही कंपनी एसीसी लि. कटनी जिले में इंटीग्रेटेड सीमेंट निर्माण इकाई का संचालन कर रही है। इससे 780 व्यक्तियों को रोजगार मिल रहा है। बैठक में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव के अंतर्गत उज्जैन विक्रम उद्योगपुरी में पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स लि. का शीतल पेय के लिए कच्चा माल तैयार करने की निर्माण इकाई का भी रखा गया, जिससे 500 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, पर्यटन राज्यमंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री  गौतम टेटवाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।  

दिल्ली के पालम में भयंकर आग, 8 लोग जिंदा जल गए; बिल्डिंग में कैसे फैली थी आग?

नई दिल्ली  इंदौर के बाद आज दिल्ली में आग ने कोहराम मचाया है. दिल्ली में आज सुबह अग्निकांड ने कई जिंदगियां लील लीं. दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 6-7 बजे की है. करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने व राहत कार्य में जुटीं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। दमकल सेवा के मुताबिक, पालम मेट्रो स्टेशन के पास की गली नंबर 2 में मौजूद बिल्डिंग के एक घर में आग लगने की कॉल मिली थी. इसमें कुछ लोग फसने की आशंका भी थी. दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है. परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं. राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इसके बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं. ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं. रविवार सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी. जब बिल्डिंग में आग लगी तब राजेंद्र कश्यप घर पर नहीं थे. इस बिल्डिंग के ऊपर वाले फ्लोर में ही उनका परिवार रहता है। दिल्ली आग पर अधिकारी ने क्या कहा? अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, और दो अन्य घायल हो गए.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पालम में आग कैसे लगी? बताया गया कि आज यानी बुधवार की सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी थी. आग लगते ही हड़कंप मच गया. आग देखते ही घबरा कर परिवार के कई लोग ऊपर से कूद गए. लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फस गए. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी. आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे. फिलहाल, इस घटना में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. मरने वालों में 3 बच्चे हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. आग की लपटों से बचने की हताश कोशिश में दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहां आग लगी? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं, साथ ही छत पर एक अस्थायी टिन का शेड भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक्स के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का इस्तेमाल रहने के लिए किया जाता था। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव और सुरक्षा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके को घेर लिया है. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा के लिए सेंट्रलइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) की एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाना और इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। यह घटना उसी दिन हुई, जब इससे पहले मध्य प्रदेश में भी एक और भीषण आग लगने की खबर आई थी. इंदौर में भी आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी. यह आग तब लगी, जब इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग से लगाया गया था. सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी और घर में धमाका हुआ।

घटस्थापना का मुहूर्त कल सुबह होगा,f के लिए टाइमिंग जानें

इंदौर हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र बहुत ही पवित्र त्योहार माना जाता है. यह नौ दिनों तक चलने वाला पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित होता है. इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है. यह त्योहार हमें अच्छाई की बुराई पर जीत का संदेश भी देता है. इन 9 दिनों में भक्त मां दुर्गा के लिए व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।  द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होगी और 27 मार्च, राम नवमी के दिन समाप्त होगी. इन 9 दिनों में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है और हर दिन का अपना एक खास रंग और भोग भी होता है. तो आइए अब पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि चैत्र नवरात्र पर कल कितने बजे से घटस्थापना का मुहूर्त शुरू होगा और किस विधि के साथ कलश को स्थापित किया जाएगा. इन दोनों बातों के अलावा, चैत्र नवरात्र की पूजा की पूजन सामग्री भी जानेंगे।  चैत्र नवरात्र 2026 घटस्थापना का मुहूर्त  चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च यानी कल सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा। इसी तिथि के चलते चैत्र नवरात्र की कलशस्थापना का पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। नवरात्र पर कैसे होगी कलश स्थापना? नवरात्र की पूजा शुरू करने से पहले स्नान करें. फिर, मां दुर्गा के स्वागत के लिए घर व पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और पास में पानी से भरा कलश रखकर उसके ऊपर नारियल रखें. शुभ मुहूर्त में घट स्थापना या कलश स्थापना करें. फिर मां दुर्गा के आगे देसी घी का दीपक जलाएं, मां को फूलों की माला चढ़ाएं और फल, सूखे मेवे, मीठा पान, सुपारी, लौंग व इलायची का भोग लगाएं। इसके बाद, मां दुर्गा को कम से कम सात श्रृंगार की चीजें अर्पित करें और उनके मंत्रों का जाप करके आह्वान करें. फिर, दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें. शाम के समय भी रोजाना मां की पूजा करें और भोग लगाएं. भोग अर्पित करने के बाद भक्त सात्विक भोजन करके अपना व्रत खोल सकते हैं। घटस्थापना की विशेष सामग्री (Chaitra Navratri 2026 Pujan Samagri)  चैत्र नवरात्र की घटस्थापना कुछ आवश्यक सामग्री के बिना अधूरी मानी जाती है. जिसमें लकड़ी की चौकी, मिट्टी का एक बर्तन, मिट्टी का कलश, पवित्र स्थान की मिट्टी, 7 प्रकार के अनाज, गंगाजल, कलावा या मौली, सुपारी, आम या अशोक के पत्ते, अक्षत (साबुत चावल), जटा वाला नारियल, लाल कपड़ा, पुष्प और पुष्पमाला। चैत्र नवरात्र के 9 दिन पहनें ये सभी शुभ रंग पहला दिन 19 मार्च 2026 पीला मां शैलपुत्री दूसरा दिन 20 मार्च 2026 हरा मां ब्रह्मचारिणी तीसरा दिन 21 मार्च 2026 ग्रे (धूसर) मां चंद्रघंटा चौथा दिन 22 मार्च 2026 नारंगी मां कूष्मांडा पांचवा दिन 23 मार्च 2026 सफेद मां स्कंदमाता छठा दिन 24 मार्च 2026 लाल मां कात्यायनी सातवां दिन 25 मार्च 2026 रॉयल ब्लू मां कालरात्रि आठवां दिन 26 मार्च 2026 गुलाबी मां महागौरी नौवां दिन 27 मार्च 2026 बैंगनी मां सिद्धिदात्री

योगी आदित्यनाथ ने किया मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण  31 मई तक पूरा करें विश्वविद्यालय का निर्माणः मुख्यमंत्री ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो मीरजापुर-सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं के लिए रोजगारपरक, नवाचार व कौशलयुक्त होः मुख्यमंत्री   सीएम योगी ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाया मौलिश्री का पौधा, वर्षाकाल में वन विभाग के साथ वृहद पौधरोपण अभियान चलाने का निर्देश  लखनऊ/मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने 31 मई तक विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा करने, विश्वविद्यालय के अंदर सड़कों का निर्माण करने और परिसर में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता और समयबद्धता का हर हाल में पालन होना चाहिए।  ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि यहां ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े। इसका लाभ मीरजापुर, सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं को प्राप्त हो। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा है। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से इस पर कार्यवाही का निर्देश दिया।  निर्माण कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को समयबद्धता व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। हमारी सरकार ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर मीरजापुर के युवाओं के लिए विश्वविद्यालय देकर बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया है। इसके निर्माण में हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा रोपा और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि आगामी वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बड़ी संख्या में पौधे प्राप्त करें। शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों को साथ लेकर विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हरियाली बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने पुष्पगुच्छ व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) महेंद्र अग्रवाल, आयुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार, कुलसचिव श्री राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक महेंद्र कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।

असम चुनाव से पहले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा, क्या है वजह?

गुवाहाटी   असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लिया है. असम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. प्रद्युत बोरदोलोई असम के कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के काफी करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा. उनके इस्तीफे वाले पत्र में लिखा है कि वह बहुत दुख के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. वहीं, असम के लिए कांग्रेस के प्रभारी का कहना है कि वह कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा. उन्होंने इस्तीफे में लिखा, ‘आज बहुत दुख के साथ मैं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राइमरी मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहा हूं.’ पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी से अलविदा कहा। बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी. डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने की संभावना काफी मजबूत है। भाजपा में शामिल होने की अटकलें वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। प्रद्युत बोरदोलोई लंबे समय से कांग्रेस के वफादार नेता रहे हैं. वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। अलग राह की वजह क्या हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में असम में कांग्रेस की लगातार हार और 2021 विधानसभा चुनाव में महज 29 सीटों पर सिमटने से पार्टी के कई नेताओं में असंतोष बढ़ा था. बोरदोलोई ने भी पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर असहमति जताई थी. इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत असंतोष के अलावा असम की बदलती राजनीतिक हवा और भाजपा की बढ़ती ताकत को भी कारण माना जा रहा है। भाजपा 2026 से सत्ता में भाजपा 2016 से लगातार असम की सत्ता में है और 2024 लोकसभा चुनाव में राज्य की 14 में से 9 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को महज 3 सीटें मिली थीं. ऐसे में बोरदोलोई जैसे प्रभावशाली नेता का भाजपा में जाना पार्टी को डिब्रूगढ़ और ऊपरी असम में और मजबूती दे सकता है। असम में कब वोटिंग और रिजल्ट बता दें कि असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।

सेप्टिक टैंक बना मौत का गड्ढा: रायपुर में 3 स्वीपर की दर्दनाक मौत, परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर. राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में मंगलवार की रात दर्दनाक हादसा हो गया. सफाई करने सिवरेज टैंक में उतरे तीन लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी हुई. मौके पर जमकर हंगामा हुआ और मृतकों के परिजन भीड़ अंदर घुस आई. मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए. जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीनों मजदूरों को अंदर उतारा गया था. इसी दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस की वजह से एक-एक कर तीनों की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. खर्च बचाने नियमों की अनदेखी का आरोप घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को सिवरेज टैंक में उतारा गया. अस्पताल प्रबंधन ने खर्च बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की. प्रशिक्षित कर्मचारियों की बजाय सामान्य मजदूरों से सफाई कराई गई. अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन दरअसल, सिवरेजटैंक की सफाई बेहद जोखिम भरा काम होता है, जिसे आमतौर पर नगर निगम या प्रशिक्षित टीम द्वारा आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ किया जाता है. इसमें गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा साधनों का उपयोग अनिवार्य होता है. घटना के बाद परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है. अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है. बताया जा रहा है कि मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में बढ़ रही हैं हवाई सेवाएं

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि “वन रूट वन फेयर” के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

प्लेन यात्रा में पसंदीदा सीट पर अब अतिरिक्त पैसे नहीं चुकाने होंगे, नया बदलाव

 नई दिल्ली भारत में हवाई यात्रियों को जल्द ही छिपे हुए खर्चों से बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि सरकार ने सीट चुनने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगाने और सभी एयरलाइंस में यात्रियों के अधिकारों को और मज़बूत करने के लिए कदम उठाए हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह तय करें कि किसी भी फ़्लाइट में करीब 60 फीसदी सीटें चुनने के लिए मुफ़्त में उपलब्ध हों. इसका मतलब है कि वेब चेक-इन या सीट सिलेक्शन के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले एक्स्ट्रा शुल्क पर लगाम लगेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी इस आदेश का मकसद हवाई यात्रा को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाना है। कई एयरलाइंस टिकट बुक करने के बाद या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले रही थीं. नए निर्देश का मकसद इस तरह एक्टिविटीज पर लगाम लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है। साथ बैठेंगे एक ही बुकिंग वाले यात्री मंत्रालय ने एयरलाइंस से यह भी तय करने को कहा है कि एक ही PNR पर सफर करने वाले यात्री साथ बैठें और हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें ही अलॉट हों. इससे उन परिवारों और ग्रुप्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के पास सीटें पाने के लिए ज़्यादा पैसे देने पड़ते थे। एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, खेल के सामान और म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की सुविधा पारदर्शी और यात्री-अनुकूल तरीके से देनी होगी. उनसे यह भी कहा गया है कि वे पालतू जानवरों को ले जाने के बारे में साफ़ नीतियां प्रकाशित करें; यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों के अधिकारों और पारदर्शिता पर ज़ोर सरकार ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, खासकर तब जब उड़ान में देरी हो, उड़ान रद्द हो जाए या यात्रियों को बोर्डिंग से रोक दिया जाए. एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म और एयरपोर्ट्स के काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ़-साफ़ दिखाना होगा. ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच स्थापित करने के लिए यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी दी जानी चाहिए। भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है. यहां के हवाई अड्डों पर रोज़ाना पांच लाख से ज़्यादा यात्री आते-जाते हैं. ऐसे में मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यात्रियों को सुविधाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मंत्रालय ने ‘UDAN यात्री कैफ़े’ जैसी पहलों का ज़िक्र किया है, जहां हवाई अड्डों पर किफ़ायती खाना और मुफ़्त Wi-Fi की सुविधा मिलती है।

राजेंद्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री से मिलकर की सौजन्य भेंट, राजनीतिक वार्ता का सिलसिला शुरू

मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर – रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने  शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।                इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री  साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।        उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।         इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

अमेरिका ने 23 क्विंटल का बम गिराकर होर्मुज के हमलावरों पर किया हमला, ट्रंप ने खेल पलटा

वाशिंगटन  ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है. जी हां, इसी सिलसिले में अमेरिका ने होर्मुज के पास 23 क्विंटल के खतरनाक बमों की बमबारी की है. इस बमबारी का मकसद होर्मुज के पास स्थित ईरानी मिसाइल साइटों को ध्वस्त करना था. ताकि होर्मुज के दरवाजे को समुद्री व्यापार के लिए खोला जा सके. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. इसके मुताबिक, ईरान की इन क्रूज मिसाइलों से होर्मुज से होने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा था। दरअसल, अमेरिकी फोर्स ने कई 5000 पाउंड वजन वाले गहराई तक घुसने वाले बम गिराए. यानी अमेरिका ने करीब 23 क्विंटल के बम से ईरान के मिसाइल भंडार पर हमला किया है. ये बम ईरान के मजबूत बनाए गए मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों पर गिराए गए, जो समुद्र किनारे बने थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी सफलता की जानकारी दी। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ‘कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित ईरान की मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया. इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों से इस जलडमरूमध्य में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था.’ इसका मतलब है कि अमेरिका इस कार्रवाई को सफल मान रहा है। क्यों दुनिया के लिए खास है होर्मुज गौरतलब है कि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए बहुत अहम है. यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. अगर ये रास्ता बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू जाती हैं. अभी इस होर्मुज के कारण पूरी दुनिया में खलबली है. कारण कि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग चल रही है. ईरान ने बदला लेते हुए होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरान लगातार होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट करने के लिए मिसाइलें, ड्रोन और माइन्स का इस्तेमाल कर रहा है. इस खौफ से ईंधन वाले जहाज पार नहीं कर पा रहे हैं. इससे तेल के टैंकर रुक गए और दुनिया भर में तेल संकट खड़ा हो गया है। होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल पर अटैक क्यों? होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है. कारण कि ईरान ने भारत समेत एशिया के कुछ देशों को छूट तो दी है, मगर अमेरिका और यूरोप के लिए पूरी तरह से होर्मुज का दरवाजा बंद कर रखा है. ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार नाटो और अन्य देशों से होर्मुज खोलने में मदद मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देश भी जहाज भेजें.  लेकिन कई सहयोगी देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिका अकेले ही ये काम कर सकता है. यहा कारण है कि अब अमेरिका अकेले ही होर्मुज को खुलवाने में जुट गया है. आज का यह एक्शन इसी का नतीजा है। अमेरिका ने गेम पलटना शुरू किया पहले अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर भी हमले किए थे. वहां मिलिट्री टारगेट नष्ट किए गए, लेकिन तेल सुविधाओं को बचाया गया. ट्रंप ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तेल सुविधाएं भी निशाना बनाई जा सकती हैं. अब ये नया हमला ट्रंप की रणनीति का हिस्सा लगता है. होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को तबाह करके ट्रंप ने गेम पलट दिया है. अमेरिका के इस एक्शन से होर्जुम में ईरान का खतरा कम हो जाएगा. ईरान की मिसाइलें नष्ट होने से होर्मुज का दरवाजा फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका ने किस बम से किया अटैक अमेरिका का ये हमला बंकर-बस्टर बमों से किया गया. ये बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत ठिकानों को तबाह कर देते हैं. अमेरिका ने 5000 पाउंड यानी करीब 23 क्विंटल बमों से अटैक किया. ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन ये साफ है कि अमेरिका ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने पर जोर दे रहा है. अगर अमेरिका का यह दावा सही है तो दुनिया भर के व्यापारियों और तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है. अगर होर्मुज खुल गया तो तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी और कीमतें गिरेंगी. वैसे भी ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगियों के बिना भी इस रास्ते को सुरक्षित रखेगा. बता दें कि 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है। क्या है ये बंकर बस्टर बम और क्यों है इसकी इतनी चर्चा? अब सवाल उठता है कि ये बंकर बस्टर बम आखिर बला क्या है? आम भाषा में समझें तो ये ऐसे बम हैं जो जमीन या कंक्रीट की मोटी दीवारों को भेदकर गहराई में छिपे दुश्मनों का काल बन जाते हैं. 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसे बम की कीमत करीब 2.88 लाख डॉलर होती है. हालांकि, अमेरिका के पास इससे भी बड़े 30,000 पाउंड वाले बम हैं, लेकिन फिलहाल ईरान के इन मिसाइल ठिकानों को मिट्टी में मिलाने के लिए ये 5,000 पाउंड यानी 2200 किलो वाले बम ही काफी थे। पूरी कहानी का दूसरा पहलू ये भी है कि इस जंग के पीछे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी हाथ माना जा रहा है, जो महीनों से अमेरिका को इस रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहे थे. लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह उनकी अपनी फीलिंग थी कि ईरान से खतरा बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया. दूसरी तरफ, ईरान आज भी अपनी बात पर अड़ा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है और उसका बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल, हालात ये हैं कि पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज के इस रास्ते पर टिकी हैं. अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाकर ये साफ कर दिया है कि वो पीछे हटने वाला नहीं है. अब देखना ये होगा कि ईरान इस बंकर बस्टर हमले का क्या … Read more

राज्यव्यापी अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों में न्योता भोज कार्यक्रम, पोषण और शिक्षा पर जोर

आंगनबाड़ी केन्द्रों में न्योता भोज कार्यक्रम : पोषण, शिक्षा और जनभागीदारी का राज्यव्यापी अभियान प्रदेशभर में 9,763 न्योता भोज आयोजित, 1.83 लाख से अधिक बच्चे हुए लाभान्वित  रायपुर आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम प्रदेश में पोषण, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत अब समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। राज्य स्तर पर जनवरी से फरवरी 2026 तक कुल 9,763 न्योता भोज आयोजनों के माध्यम से 1,83,927 बच्चों को लाभान्वित किया गया है, जो इस योजना की व्यापक सफलता को दर्शाता है। जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 884 आयोजन हुए, जिनमें 18,703 बच्चे लाभान्वित हुए। वहीं कोरबा में 720 आयोजनों के माध्यम से 13,944 बच्चों, रायगढ़ में 690 आयोजनों से 9,835 बच्चों तथा कांकेर में 636 आयोजनों से 7,915 बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार धमतरी में 606 आयोजन कर 11,228 बच्चों, महासमुंद में 415 आयोजनों के माध्यम से 7,302 बच्चों तथा जांजगीर-चांपा में 439 आयोजनों से 10,518 बच्चों को लाभ पहुंचाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के नागरिक, जनप्रतिनिधि, दानदाता एवं पालक अपने विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य पारिवारिक खुशियों—पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के साथ भोजन साझा कर रहे हैं। इससे बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिल रहा है, साथ ही समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी बढ़ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले अधिकांश बच्चे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं। ऐसे में ‘न्योता भोज’ जैसे प्रयास उनके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल कुपोषण को कम करने की दिशा में कारगर साबित हो रही है, बल्कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रति बच्चों और अभिभावकों का आकर्षण भी बढ़ा रही है। शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने सामाजिक एवं पारिवारिक अवसरों को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ साझा कर इस अभियान को और मजबूत बनाएं।

योगी सरकार का सशक्त मॉडल: टैक्स से जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य स्पष्ट

उत्तर प्रदेश की नई वित्तीय नीति: जनता के काम में सीधे खर्च हो रहा पैसा योगी सरकार का बेहतरीन मॉडल, टैक्स से सीधे जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य तय कहां से पैसा आया और कहां खर्च हुआ, अब सब कुछ है स्पष्ट गो कल्याण, सड़क, खेती और विरासत को मिल रहा सीधा लाभ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में एक स्पष्ट और व्यावहारिक बदलाव किया है। अब टैक्स को केवल राजस्व इकट्ठा करने का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि उसे सीधे किसी खास उद्देश्य से जोड़कर खर्च किया जा रहा है। सरल शब्दों में समझें तो कौन सा पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, यह अब स्पष्ट दिख रहा है। यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया हुआ टैक्स किस काम में लग रहा है। इस पूरी नीति का सीधा मतलब है कि टैक्स अब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विकास का साधन बन चुका है। उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि अगर योजना स्पष्ट हो, तो हर रुपये का सही उपयोग करके समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति तीनों को एक साथ मजबूत किया जा सकता है। गो कल्याण सेस: छोटा टैक्स, बड़ा असर राज्य सरकार ने आबकारी से जुड़े राजस्व पर 0.5% का गो कल्याण सेस लगाया है। यह टैक्स शराब की बिक्री से जुड़ा है। आम उपभोक्ता पर इसका बहुत कम असर पड़ता है, लेकिन पूरे राज्य से यह मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाता है। इस पैसे को सीधे आवारा गोवंश की देखभाल में खर्च किया जाता है। प्रदेश में बने गोवंश आश्रय स्थल में हजारों पशुओं को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। दरअसल, कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण किसानों की पशुओं पर निर्भरता कम हुई है, जिससे आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी। अब इस सेस के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया गया है। हर सेक्टर का पैसा उसी सेक्टर में लग रहा उत्तर प्रदेश ने एक और स्पष्ट नीति अपनाई है और वो ये कि जिस सेक्टर से राजस्व आता है, उसी सेक्टर के विकास में उसका उपयोग किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें: 1. रियल एस्टेट: धार्मिक और पर्यटन विकास संपत्ति की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। इससे पर्यटन बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है और विरासत सुरक्षित हो रही है। 2. खनन: सिंचाई और पानी की व्यवस्था खनन से मिलने वाला पैसा गांवों में सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारने में लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। 3. एक्सप्रेसवे: गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मिलने वाला टोल छोटी सड़कों (फीडर रोड) के निर्माण में खर्च हो रहा है, जिससे दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ रहे हैं। 4. मंडी शुल्क: किसानों की सुरक्षा मंडी से मिलने वाली फीस का उपयोग फसल सुरक्षा और किसान योजनाओं में किया जा रहा है। अब टैक्स का उपयोग साफ दिख रहा इस नई नीति की सबसे बड़ी ताकत है, स्पष्टता। अब लोगों को साफ दिखता है कि शराब की बिक्री से मिला पैसा गो कल्याण में लग रहा है। टोल टैक्स का पैसा सड़क और कनेक्टिविटी में, प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा धार्मिक और पर्यटन विकास में निवेश हो रहा है। इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है, क्योंकि टैक्स अब “कहां गया” का सवाल नहीं, बल्कि “यहीं लगा” का जवाब देता है। तेजी से विकास की मजबूत तैयारी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य है 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और खेती, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। राज्य के बजट में पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी तीनों में तेजी आ रही है। दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है। मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है। जैसे, जहां पर्यटन ज्यादा है, वहां पर्यटन से मिलने वाले टैक्स को पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने में खर्च किया जा सकता है। औद्योगिक राज्यों में उद्योगों से जुड़े शुल्क को पर्यावरण सुधार पर लगाया जा सकता है। वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, हर राज्य अपनी जरूरत और स्थिति के अनुसार टैक्स को विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम हासिल कर सकता है।

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