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बुंदेलखंड-विंध्य से लेकर पूरे यूपी तक, जल जीवन मिशन 2.0 से बढ़ेगी पहुंच और भरोसा

हर घर नल से जल को नई रफ्तार, यूपी और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 पर समझौता ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूती, जल जीवन मिशन 2.0 के साथ शुरू हुआ नया चरण अब योजना से आगे स्थायित्व पर फोकस, जल जीवन मिशन 2.0 से बदलेगा ग्रामीण जल प्रबंधन बुंदेलखंड-विंध्य से लेकर पूरे यूपी तक, जल जीवन मिशन 2.0 से बढ़ेगी पहुंच और भरोसा पेयजल योजनाओं में अब ज्यादा गति, पारदर्शिता और परिणाम दिखेंगे: मुख्यमंत्री लखनऊ  प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक अहम पहल हुई। जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है। यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर योजना, समयबद्धता और परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के रूप में मिलेगा। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है। प्रदेश में पेयजल व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप पेयजल की सुविधा थी, वहीं आज हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिन क्षेत्रों में कभी दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारियां आम थीं, वहां अब हालात तेजी से सुधरे हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में बड़ी संख्या में गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जो योजना शुरुआत में सीमित क्षेत्रों तक थी, उसे अब उन सभी गांवों तक विस्तारित किया गया है जहां पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में, जहां कभी पानी की गंभीर किल्लत थी, आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस मौके पर कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं। यह समझौता न केवल पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सकारात्मक असर डालेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता भी रही।

‘धुरंधर 2’ पर सेंसर बोर्ड का फैसला, हिंसक दृश्यों पर आपत्ति

मुंबई बस 1 दिन का इंतजार और… फिर आदित्य धर की मचेअवेटेड फिल्म धुरंधर 2 पर्दे पर होगी. रणवीर सिंह की मूवी को सेंसर बोर्ड ने A सर्टिफिकेट दिया है. मूवी पहले पार्ट से लंबी होगी. इसका रनटाइम 229.6 मिनट यानी 3 घंटे और 50 मिनट के करीब है. CBFC ने कई सारे कट्स मेकर्स को सुझाए थे. इनमें गालियां म्यूट करना और ड्रग्स के सीन्स को लेकर चेतावनी देना, हिंसा को कम करना शामिल हैं।  धुरंधर 2 में सेंसर बोर्ड ने लगाए कट सीबीएफसी ने खूनखराबे वाले सीन्स को कुछ सेकंड कम करने को कहा. इसके अलावा गालियां म्यूट करना, सबटाइटल्स में डिमोनेटाइजेशन की डेट में बदलाव, फिल्म में पीएम मोदी का रेफरेंस यूज करने के लिए ऑफिशियल सर्टिफिकेट सबमिट करने जैसे आदेश थे।  फिल्म में किए गए अहम बदलाव: -कंटेंट को लेकर चेतावनी और ड्रग डिस्क्लेमर स्लाइड्स को जोड़ना. -गालियों और कुछ खास शब्दों/नामों को म्यूट करना या बदलना. -वॉइलेंस के सीन्स को कम करना (जिसमें सिर की चोट, सिर काटना और आंख फोड़ने वाले सीन भी शामिल हैं) -सबटाइटल्स में एडिटिंग, जैसे गलत टेक्स्ट हटाना और उसमें सुधार करना (जैसे लाहौर को दिल्ली करना) -न्यूज रेफरेंस और पीएम के जिक्र को लेकर परमिशन मांगना. -सॉन्ग सबटाइटल्स को जोड़ना. साथ ही हिंदी चैप्टर टेक्स्ट और ऑफिशियल टाइटल फॉर्मेटिंग शामिल करना. -एनिमल वेलफेयर क्लियरेंस या दूसरे जरूरी सर्टिफिकेट को जमा करना. CBFC ने ‘धुरंधर 2’ में 1 मिनट 34 सेकंड की फुटेज पर कैंची चलाई है. इसका फाइनल रनटाइम 229 मिनट है. सेंसर बोर्ड ने कुल 21 कट लगाए हैं. कुछ दिनों पहले मूवी का ट्रेलर रिलीज हुआ था. इसे देखने से साफ मालूम पड़ा कि सेकंड पार्ट में पहले से ज्यादा वॉयलेंस दिखने वाला है. रणवीर सिंह फुलऑन एग्रेशन में नजर आए. मूवी में उनके किरदार हमजा अली मजारी के जसकीरत सिंह रंगी बनने की जर्नी को दिखाया जाएगा.  धुरंधर 2 पैन इंडिया मूवी है. इसकी एडवांस बुकिंग के तगड़े आंकड़े सामने आ रहे हैं. फिल्म पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला सकती है. मूवी पहले दिन 200 करोड़ से ज्यादा के आंकड़े के साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर सकती है. फिल्म को ईद रिलीज का तगड़ा फायदा मिलता दिख रहा है.  

MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर समेत 13 जिलों में बारिश का अलर्ट, फिर बढ़ेगी गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। बुधवार से प्रदेश में सक्रिय हो रहा नया सिस्टम अगले चार दिनों तक बारिश, आंधी और बादलों का दौर लेकर आएगा।  ग्वालियर सहित करीब 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी 21 मार्च तक असर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इसके कारण 19 से 21 मार्च के बीच कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।  सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 19 से 21 मार्च तक प्रदेश में बारिश होगी। 5 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को एमपी के ऊपर पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव रहे। वहीं, दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर रहा। इस वजह से ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में ही पारा सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन-ग्वालियर में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में  बादल छाने और तापमान में गिरावट के संकेत मिल हैं। तापमान का हाल मंगलवार को कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा। खरगोन में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो, नरसिंहपुर और रायसेन जैसे जिलों में भी पारा 37 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। फरवरी में ओले, अब मार्च में नया सिस्टम इस साल फरवरी में चार बार मौसम बिगड़ा और कई जगह ओले-बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के पहले हिस्से में जहां तेज गर्मी रही, वहीं अब पहली बार इस महीने मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जो पूरे प्रदेश में असर दिखाएगी। आगे क्या रहेगा असर? यह सिस्टम 4 से 5 दिन तक सक्रिय रह सकता है, जिससे कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिलेंगी। हालांकि, इसके बाद 22 मार्च से एक बार फिर गर्मी तेज होने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अप्रैल और मई में लू का असर तेज रहेगा। मार्च के अंत से ही गर्म हवाओं की शुरुआत हो सकती है, जो आने वाले महीनों में 15 से 20 दिन तक प्रभावी रह सकती है। 

राज्यपाल ने गुड़ी पड़वा और भारतीय नव वर्ष पर राज्यवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

राज्यपाल ने नागरिकों को ‘गुड़ी पड़वा’ और ‘भारतीय नव वर्ष’ पर दी हार्दिक बधाई नागरिकों से एकता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का किया आहृवान भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश के समस्त नागरिकों को ‘गुड़ी पड़वा’ और ‘भारतीय नव वर्ष’ के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की है कि शक्ति की उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करे। राज्यपाल  पटेल ने अपने संदेश में भारतीय कालगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारंभ होने वाला हमारा नव वर्ष प्रकृति के नव-श्रृंगार, उमंग और भारत की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर प्रदेश की एकता, अखंडता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लें।  

नेपाल में हेलिकॉप्टर क्रैश, लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा, एक परिवार जा रहा था अंतिम संस्कार

 काठमांडू नेपाल के खोटांग जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया. एयर डायनेस्टी का एक हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान अचानक पलटकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हेलिकॉप्टर में एक ही परिवार के पांच लोग सवार थे, जो काठमांडू से अपने एक परिजन के अंतिम संस्कार में शामिल होने खोटांग जा रहे थे। जिस परिवार पर पहले से ही दुख का पहाड़ टूटा था, उनके लिए यह हादसा किसी बुरे सपने जैसा था. दरअसल, नागमणि राई की पत्नी मनमछी राई का यूके (UK) में निधन हो गया था और उनका शव अंतिम विदाई के लिए नेपाल लाया गया था. हेलिकॉप्टर में जगह कम होने की वजह से शव को गाड़ी से भेजा गया, जबकि परिवार के पांच सदस्य हवाई रास्ते से खोटांग जा रहे थे. इसी दौरान लैंडिंग के समय यह हादसा हो गया। कैसे हुआ हादसा? नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (क्यान) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने सुबह 11 बजे काठमांडू से उड़ान भरी थी. करीब 50 मिनट बाद जब यह खोटांग के केपिलासगढी में लैंड कर रहा था, तभी इसका संतुलन बिगड़ गया और यह जमीन पर गिरकर पलट गया. गनीमत यह रही कि इस डरावने हादसे में किसी की जान नहीं गई. पायलट समेत सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए, बस काजीबहादुर राई नाम के एक शख्स के पैर में मामूली चोट आई है। हादसे के तुरंत बाद कंपनी ने दूसरा हेलिकॉप्टर भेजा और घायल काजीबहादुर को रेस्क्यू करके वापस काठमांडू लाया गया, जो पत्नी को आखिरी विदाई देने जा रहे थे, उनके लिए यह पल काफी मुश्किल भरा रहा, लेकिन राहत की बात यही है कि मौत के मुंह से सब सही-सलामत बच निकले।

सीएम योगी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को ₹1 लाख की मदद दी

कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को सीएम योगी ने प्रदान की ₹1-1 लाख की सहायता राशि तीर्थ यात्राओं से मजबूत हो रहा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने कहा, तीर्थ यात्राएं सिर्फ आस्था नहीं, समाज व राष्ट्र को जोड़ने का माध्यम, तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का किया जा रहा विस्तार काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बढ़ती भीड़ चुनौती भी और अवसर भी: सीएम योगी धार्मिक पर्यटन से विकास और रोजगार को बढ़ावा, महाकुंभ बना आस्था के साथ आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण: मुख्यमंत्री महाकुंभ में श्रद्धालुओं ने अफवाहों को नकारा, आस्था को रखा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को ₹1-1 लाख की सहायता राशि वितरित करते हुए आस्था, संस्कृति और विकास के समन्वय का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में उमड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देती है। इसी दृष्टि के साथ सरकार तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यापक बनाकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रही है। तीर्थ यात्रा आस्था के साथ एकता व संस्कारों की परंपरा कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिनाइयों, चुनौतियों और विषम प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच इस यात्रा को पूर्ण करना एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है। भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम रही है। पूर्वकाल में लोग अपने परिश्रम से अर्जित संसाधनों का उपयोग यात्रा व सेवा में करते थे, जिससे उन्हें पुण्य के साथ-साथ समाज को समझने की नई दृष्टि मिलती थी। भारत के धर्मस्थलों की स्थापना के पीछे भी यही भावना रही है। आदि शंकराचार्य द्वारा चारों दिशाओं में पीठों की स्थापना इस सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है, जब अलग-अलग शासन व्यवस्थाओं के बावजूद भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में स्थापित था। आज भी यह परंपरा जीवित है और आवश्यक है कि धार्मिक यात्राओं में श्रद्धा को सर्वोपरि रखते हुए उनकी पवित्रता व गरिमा को बनाए रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन मूल्यों से प्रेरित होती रहें। बढ़ती आस्था के बीच तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया, जो यात्रा का पहला पड़ाव है और जहां विदेश मंत्रालय की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होती हैं। बदलते समय के साथ तीर्थ यात्राओं का स्वरूप भी बदला है। अब श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2025 में प्रदेश में करीब 164 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिनमें 66 करोड़ केवल प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे। काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या एक ओर चुनौती है तो दूसरी ओर अवसर भी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आवागमन, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ कर रही है। कैलाश यात्रा और तीर्थ स्थलों पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा विदेश में होने के कारण वहां की भौगोलिक और प्रशासनिक चुनौतियां बनी रहती हैं, ऐसे में भारत सरकार और प्रदेश सरकार देश के भीतर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं, जबकि आगे की यात्रा में अन्य देशों के सहयोग की आवश्यकता होती है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था के बल पर भगवान शिव के दर्शन के लिए यह यात्रा पूर्ण करते हैं। सीएम योगी ने बताया कि डबल इंजन सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए विकास व रोजगार के अवसर सृजित करना है। पिछले आठ-नौ वर्षों में अयोध्या, काशी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल, नैमिषारण्य और मथुरा-वृंदावन सहित कई तीर्थस्थलों पर व्यापक विकास कार्य किए गए हैं। साथ ही, यात्रियों द्वारा बताई गई मेडिकल और अन्य सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर गाजियाबाद में अतिरिक्त व्यवस्थाएं विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। सरकार का यह भी जोर है कि निर्मित सुविध…

पंचक-खरमास की बाधा के बीच नवरात्रि शुरू, कलश स्थापना के लिए मिलेगा सिर्फ इतना वक्त

कल यानी 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रही है. नवरात्रि की शुभ शुरुआत पहले दिन कलश स्थापना के साथ होगी. फिर 27 मार्च को महानवमी के साथ चैत्र नवरात्रि की समाप्ति हो जाएगी. इस नवरात्रि की शुरुआत बड़े ही दुर्लभ संयोग में होगी. इस समय खरमास लग चुका है. पंचक भी लगा हुआ है. नवरात्रि की कलश स्थापना पंचक और खरमास में होगी. खरमास 15 मार्च से लगा है, जोकि 14 अप्रैल तक रहेगा. जबकि पंचक 16 मार्च से लगा है और ये 20 मार्च तक रहेगा. चैत्र नवरात्रि तिथि नवरात्रि के पहले दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन कलश स्थापना होती है. इस साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. ये तिथि 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नवरात्रि की कलश स्थापना कल की जाएगी. कलश स्थापना शुभ मुहूर्त     चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. ये मुहूर्त सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा.     अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. अगर किसी वजह से सुबह कलश स्थपना न कर पाएं तो इस मुहूर्त में करें. खरमास और पंचक से कलश स्थापना में विघ्न नहीं ज्योतिषविदों के अनुसार, खरमास में शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं, लेकिन इसमें देवी की पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या फिर कलश स्थापना जैसे शुभ कार्यों को लेकर कोई मनाही नहीं होती. आप निश्चिंत होकर तय मुहूर्त में कलश स्थापना करें. बता दें कि कलश स्थापना करके माता दुर्गा का आवाहन किया जाता है. फिर पूजन शुरू होता है. इस विधि से करें कलश स्थापना     ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में कलश स्थापना करें.     चैत्र नवरात्रि के पहले दिन स्नान कर लें.     इसके बाद एक चौकी रखें. उस पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा रखें.     मिट्टी के बर्तन में मिट्टी डालकर जौ बोएं.     इसके बाद एक मिट्टी या तांबे का कलश लें. उसमें जल भरकर सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें.     कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते बांधें और ऊपर से एक नारियल रख दें.     इसके बाद इस कलश को देवी की चौकी के पास स्थापित कर दें.  

IPL से पहले धोनी ने नंबर 7 को किया अलविदा, जानें जडेजा से इस बदलाव का क्या है संबंध

चेन्नई  इंडियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के पूर्व कप्तान महेंद्र स‍िंह धोनी ( MS Dhoni) ने अपने जर्सी नंबर में बदलाव कर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. लंबे समय तक नंबर 7 के साथ पहचान बना चुके धोनी अब नंबर 8 में नजर आ सकते हैं. हालांकि यह जर्सी चेन्नई टीम के येलो कलर में नहीं है। धोनी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं… लेकिन आज, मैं 8 पर स्विच कर रहा हूं, आपको जल्द ही पता चल जाएगा क्यों. इस मैसेज ने फैन्स  और एक्सपर्ट्स के बीच कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बदलाव महज एक प्रमोशनल स्टंट है या इसके पीछे कोई भावनात्मक या रणनीतिक कारण छिपा है. वहीं ऐसा भी अनुमान है कि यह बदलाव टीम के अंदर जर्सी नंबर मैनेजमेंट से जुड़ा हो सकता है। एक थ्योरी यह भी सामने आई है कि यह फैसला रवींद्र जडेजा से जुड़ा हो सकता है, जो पहले नंबर 8 पहनते थे. पर अब वो राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बन चुके हैं, जिससे यह नंबर खाली हो गया था. ऐसे में धोनी का इस नंबर को अपनाना एक तरह का ट्रिब्यूट भी माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स इसे एक ब्रांडिंग और मार्केटिंग मूव भी मान रहे हैं.IPL जैसे बड़े मंच पर जर्सी नंबर बदलना फैन्स  की दिलचस्पी बढ़ाने और मर्चेंडाइज सेल्स को बूस्ट करने का जरिया भी हो सकता है। यह भी संभव है कि CSK टीम मैनेजमेंट आने वाले सीजन के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा हो, जिसमें सीनियर खिलाड़ियों के रोल और पहचान को नए तरीके से पेश किया जा रहा है। फिलहाल, धोनी या फ्रेंचाइजी की ओर से इस बदलाव की असली वजह पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन एक बात तय हैधोनी का हर कदम सोच-समझकर उठाया गया होता है, और इस बार भी इसके पीछे कोई बड़ा कारण जरूर होगा, जिसका खुलासा जल्द हो सकता है 2023 में धोनी की जर्सी BCCI ने की थी र‍िटायर  महेंद्र‍ सिंह धोनी की 7 नंबर की जर्सी को BCCI ने साल 2023 में रिटायर करने का फैसला किया था. इससे पूर्व 2017 में भी महान बल्लेबाज सच‍िन तेंदुलकर की सिग्नेचर 10 नंबर जर्सी को भी हमेशा के लिए र‍िटायर कर दिया गया था. धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को हुा था, ऐसे में उनकी जन्म की तारीख की वजह से ही उन्होंने इस नंबर को अपनाया था।

यूपी बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू: 3 चरणों में होगी कॉपी जांच, रिजल्ट डेट को लेकर बड़ा अपडेट

लखनऊ यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं परीक्षा की कॉपियों की चेकिंग आज 18 मार्च से राज्य के 250 केंद्रों पर शुरू होगी। 2.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए आज से 1.5 लाख से अधिक परीक्षकों ने काम शुरू किया है। हाईस्कूल उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में 4300 अंकेक्षक, 8550 डीएचई व 83800 परीक्षक लगाए गए हैं। यूपी बोर्ड इंटर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में 2590 अंकेक्षक, 5300 डीएचई व 48990 परीक्षक लगे हैं। उत्तरपुस्तिकाओं की पूरी गंभीरता से त्रिस्तरीय जांच की जाएगी। यूपी बोर्ड ने इस साल पहली बार राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ शिक्षकों की अंकेक्षण में ड्यूटी लगाई है ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न रह जाए। बोर्ड की कॉपियों का पहले परीक्षक मूल्यांकन करते हैं और उसके बाद उप मुख्य नियंत्रक या डिप्टी हेड एग्जामिनर (डीएचई) रैंडम 45 या 50 कॉपियों में से कम से कम पांच कॉपियों की जांच करते हैं कि कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई। 15 प्रतिशत की जांच अंकेक्षक करेंगे तीसरे चरण में डीएचई के अधीन जांची जांची गई कुल कॉपियों में से 15 प्रतिशत की जांच अंकेक्षक करते हैं। अंकेक्षण का नियम तो है लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर उसका गंभीरता से पालन नहीं होता। पिछले साल तक मूल्यांकन केंद्र स्तर पर ही अंकेक्षकों की नियुक्ति कर ली जाती थी लेकिन हकीकत में खानापूरी ही होती थी। कई केंद्रों पर अनुभवहीन शिक्षकों को भी अंकेक्षण की जिम्मेदारी सौंप दी जाती थी जो परीक्षक या डीएचई की कमियां इंगित तक नहीं कर पाते थे। इसकी शिकायत मिलने पर यूपी बोर्ड ने इस साल पहली बार अपने स्तर से अंकेक्षकों की नियुक्ति की है। 31 मार्च तक मूल्यांकन पूरा हो, रिजल्ट अप्रैल अंत तक दस परीक्षक पर एक डीएचई और दो डीएचई पर एक अंकेक्षक की व्यवस्था की गई है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने निर्देशित किया है कि अंकेक्षक प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट उप-नियंत्रक और जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपेंगे। अंकेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उत्तर अमूल्यांकित न रह गया। सचिव ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक और मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक (प्रधानाचार्य) को पत्र लिखा है कि कार्यभार को देखते हुए एक मूल्यांकन केन्द्र पर एक से अधिक अंकेक्षकों की तैनाती की जाएगी। 31 मार्च तक मूल्यांकन पूरा किया जाना है। अप्रैल अंत तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। ओवरराइटिंग या कटिंग को रिजेक्ट कर देगा कंप्यूटर बोर्ड अधिकारियों ने बताया है कि इस बार बोर्ड ने शिक्षकों को चेतावनी दी है कि वे यह पक्का करें कि वे सही नंबर ही डाल रहे हैं, क्योंकि कंप्यूटर सिस्टम किसी भी ऐसी एंट्री को रिजेक्ट कर देगा जिसमें ओवरराइटिंग या कटिंग दिखेगी। इस बात को फिर से दोहराया गया है, क्योंकि बोर्ड का दावा है कि पहले भी कई छात्रों ने रीचेकिंग के लिए अप्लाई किया था और पाया कि आंसर शीट पर दिए गए नंबर और सिस्टम में अपडेट किए गए नंबर अलग-अलग थे। शिक्षकों की लापरवाही पर लगाम यह सुनिश्चित करने के लिए कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई गलती न हो, यूपी बोर्ड रैंडम तरीके से जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं को चुनेगा ताकि यह पक्का हो सके कि विषय विशेषज्ञों द्वारा गणना में कोई चूक न हुई हो। यदि दोबारा जांच के बाद भी गलतियां पाई जाती हैं, तो जिस शिक्षक ने संबंधित उत्तर पुस्तिका को जांचा था, उसे बोर्ड के नियमों और ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से 6980 अंकेक्षक नियुक्त उत्तरपुस्तिकाओं के गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए पहली बार सॉफ्टवेयर के माध्यम से 6980 अंकेक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक व वरिष्ठ शिक्षक शामिल हैं, जो 15 प्रतिशत कॉपियों का रेंडम परीक्षण करेंगे। परिषद सचिव भगवती सिंह के अनुसार यह निर्णय मूल्यांकन को त्रुटिरहित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न केवल परीक्षा प्रणाली की साख बढ़ेगी, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। प्रधानाचार्यों की ड्यूटी लगाने पर जताया रोष प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में प्रधानाचार्यों की ड्यूटी को लेकर प्रदेशभर में असंतोष व्याप्त है। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा), उत्तर प्रदेश शासन को ज्ञापन भेजकर आपत्ति दर्ज कराई है। संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय और प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने बताया कि परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली एवं मेरठ की ओर से प्रधानाचार्यों को उनके पद की गरिमा के विपरीत अंकेक्षण कार्य में लगाया गया है। इससे प्रदेश के हाईस्कूलों के प्रधानाचार्यों में व्यापक रोष है।

कानून के रखवाले ही बने शिकारी: डिप्टी रेंजर बाघ-तेंदुए के शिकार में शामिल, खाल के साथ गिरफ्तार

जगदलपुर. बस्तर के इंद्रावती और बीजापुर के जंगलों से जो कहानी सामने आई है. वो सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी की चीख है. यहां बाघ और तेंदुए की मौत हुई. लेकिन गोली से नहीं. बल्कि एक धीमी, दर्दनाक साजिश से. तार के फंदों में फंसे दोनों वन्य जीव 2-3 दिनों तक तड़पने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया. इस पूरे खेल में एक ऐसा नाम सामने आया. जिस पर जंगल बचाने की जिम्मेदारी थी. दंतेवाड़ा वन विभाग का डिप्टी रेंजर देवी प्रसाद कोयाम भी इस शिकारी गिरोह का हिस्सा निकला. वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने जब कार्रवाई की तो 9 आरोपी पकड़ में आए, जो बाघ और तेंदुए की खाल को बाइक के जरिए रायपुर ले जाकर बेचने की फिराक में थे. बरामद खाल और हालात इस ओर इशारा कर रहे हैं कि शिकार हाल ही में हुआ और मारे गए बाघ की उम्र महज 3 साल थी, यानी एक युवा दहाड़ को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया. विशेषज्ञ बताते हैं कि शिकारियों ने पुराने लेकिन बेहद क्रूर तरीके अपनाए. मांस के लालच में फंसाकर तार के फंदे गले में कस दिए और फिर उन्हें तड़पने के लिए छोड़ दिया गया. सवाल अब सिर्फ शिकार का नहीं है सवाल उस भरोसे का है जो जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा पर टिका है. जब जिम्मेदार ही शिकारी बन जाएं तो जंगल की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे? बस्तर के जंगल आज खामोश हैं लेकिन इस खामोशी में एक सवाल लगातार गूंज रहा है, क्या अब भी जंगल सुरक्षित हैं या शिकार का खेल सिस्टम के भीतर तक फैल चुका है?

रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल: राजस्थान में हाईवे के पास निर्माण पर पाबंदी, निवेशकों की बढ़ी टेंशन

दौसा. सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हाईवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई गाइडलाइन के तहत नेशनल और स्टेट हाइवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर तक किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर हाइवे किनारे हो रहे निर्माण और प्रॉपर्टी निवेश पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों की अनदेखी कर खरीदे गए प्लॉट भविष्य में बेकार साबित हो सकते हैं, क्योंकि ऐसे भूखंडों पर निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका दौसा जिले से गुजर रहे मनोहरपुर-कौथून हाइवे और जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों के किनारे पहले से होटल, ढाबे और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश के उद्देश्य से प्लॉट भी खरीद रखे हैं। गाइडलाइन सख्ती से लागू होने पर इन निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने दिखाई सख्ती ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। नई व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण मार्गों की सेंटर लाइन से करीब 15.5 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। गांवों में सड़क किनारे अनियोजित निर्माण के कारण भविष्य में चौड़ाईकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने में दिक्कत आती है। अब सड़क के दोनों ओर पर्याप्त खाली स्थान सुरक्षित रहने से यातायात सुगम होगा और विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी। मास्टर प्लान के अनुसार होगा हाईवे किनारे निर्माण शहरी क्षेत्रों में हाईवे किनारे निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार ही होगा। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि कितनी दूरी छोड़कर निर्माण किया जा सकता है और कहां पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कई मामलों में प्रॉपर्टी डीलर पूरी जानकारी नहीं देते, जिससे खरीदार बाद में अनुमति के लिए भटकते हैं। नई गाइडलाइन ऐसे मामलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण अवैध सरकार ने साफ किया है कि नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा और इन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। अनियोजित निर्माण के कारण अक्सर यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। नई व्यवस्था लागू होने से सड़क सुरक्षा बेहतर होने के साथ ही भविष्य में चौड़ाईकरण और अन्य विकास कार्य बिना बाधा पूरे किए जा सकेंगे।

अबूझमाड़ में बदली तस्वीर: कारकाबेड़ा गांव में पहली बार शुरू हुआ स्कूल, वर्षों की मांग हुई पूरी

नारायणपुर. अबूझमाड़ के अति दूरस्थ क्षेत्र कारकाबेड़ा में पहली बार स्कूल की शुरुआत हुई। यह पहल कलेक्टर नम्रता जैन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलको के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बच्चों और ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को सुनते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई। इस सफलता की शुरुआत जनसमस्या निवारण शिविर से हुई, जिसमें ग्रामीणों ने आवेदन देकर कारकाबेड़ा में स्कूल खोलने की मांग रखी थी। कलेक्टर नम्रता जैन ने तत्काल निर्देश जारी किए और जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल को स्कूल खोलने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद संकुल समन्वयक और शिक्षकों की टीम ने सर्वेक्षण कर बच्चों की संख्या और शैक्षणिक आवश्यकता का आंकलन किया। सर्वे में पाया गया कि गांव में लगभग 20 बच्चे पढ़ाई के योग्य हैं। स्कूल खोलने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए करीब 5 घंटे की पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंचकर नवीन प्राथमिक शाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी संतुराम नूरेटी, खंड स्रोत समन्वयक लक्ष्मीकांत सिंह, संकुल समन्वयक कारूराम नूरेटी और सरपंच रामूराम वड्डे भी मौजूद रहे। स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, स्लेट, पेंसिल और श्यामपट्ट जैसी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस पहल से बच्चों और ग्रामीणों में खुशी और उत्साह देखने को मिला। वर्तमान में इस स्कूल में 20 बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, और इसके लिए जिला प्रशासन ने एक अतिथि शिक्षक की व्यवस्था भी की है। भविष्य में आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों जैसे मरकूड़ के बच्चे भी इस स्कूल का लाभ ले सकेंगे। स्वतंत्रता के बाद पहली बार कारकाबेड़ा में स्कूल की स्थापना होने के कारण यह कदम क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल से अबूझमाड़ के बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें स्कूल आने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं रहेगी। इस कदम से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण समुदाय में जागरूकता और विकास की भावना भी मजबूत होगी। कारकाबेड़ा में स्कूल खोलने की यह पहल यह संदेश देती है कि दूरदराज के क्षेत्र में भी सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यवाही के जरिए शिक्षा को सुलभ बनाना संभव है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस क्षेत्र में शिक्षा और विकास के कार्यक्रम नियमित रूप से चलेंगे और बच्चों की पढ़ाई के लिए समुचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी, कॉलेज कैंपस और प्रिंसिपल रूम में रखे 21 बम

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (बुधवार) एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलार रोड स्थित जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी मिली. धमकी मेल से दी गई. भोपाल में लगातार तीसरे दिन संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी का मेल आया है. मेल में जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इसमें लिखा है कि कॉलेज कैंपस, बाथरूम और प्रिंसिपल के रूम में 21 बम रखे गए हैं. दोपहर 1:30 बजे इन संस्थानों को बम से उड़ा दिया जाएगा. दो दिन पहले नापतोल विभाग को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इससे पहले एम्स और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. भोपाल में पिछले एक महीने में 5वीं बार धमकी भरा मेल आया है. अब तक जितने भी धमकी भरे मेल आए हैं, सब फर्जी साबित हुए हैं। बुधवार सुबह धमकी भरा मेल मिलते ही जेके हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी में जांच की गई. दोनों जगह बम स्क्वॉड और पुलिस की टीम पहुंची. जांच में अब तक कोई भी खतरनाक पदार्थ नहीं मिला है. इससे पहले आए मेल भी सिर्फ कोरी धमकी साबित हुए थे। आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर भेज रहे मेल भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने इस बारे में कहा कि अलग-अलग जगह से धमकी भरे मेल आ रहे हैं. शरारती तत्व इस तरह से धमका रहे हैं लेकिन हम एहतियात के तौर पर अपना काम कर रहे हैं. आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर मेल भेजे जा रहे हैं. पुलिस लगातार इस मामले में जांच कर रही है। कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल भोपाल के अलग-अलग संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल उठाए. पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि शहर बारूद के ढेर पर बैठा है. अब तक तो धमकियां मिल रही हैं, सच में कोई हादसा हो गया, तो क्या होगा. पुलिस का अमला पर्याप्त नहीं है. इंटेलिजेंस को मजबूत किया जाए. एडीजी अधिकारी को धमकियां मिल रही हैं. एमपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अज्ञात युवकों ने एडीजी से की बदसलूकी बताते चलें कि भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की और उन्हें धमकाया. ADG के त्रिलंगा स्थित घर के बाहर कार से आए कुछ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की. एक युवक के हाथ में डंडा भी था. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. एडीजी ने शाहपुरा थाने को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं. उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. हाल ही में ADG राजाबाबू सिंह ने पुलिस ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनी के धार्मिक नवाचार के साथ ही रामचरितमानस के पाठ की शुरुआत की थी. एडीजी की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग में किए जा रहे नवाचार को लेकर धमकी मिल रही है. शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कहा कि राजधानी भोपाल में कभी आईजी इंटेलिजेंस के हाथ से चोर मोबाइल छीनकर ले जाते हैं, कभी पुलिसवालों के घरों में चोरियां होती हैं, अभी रिटायर्ड जज के घर से चोर चार सिलेंडर चुराकर ले गए और अब एडीजी पर हमला हुआ है. यह बताता है कि मध्य प्रदेश में किस तरह का अराजकता का माहौल बना हुआ है. जनता डर के माहौल में रह रही है. जब एडीजी स्तर के अधिकारी के साथ ऐसी घटना घट रही है, तो सोचिए जनता किस दहशत में रह रही होगी. उनका मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन है कि अगर उनसे कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो इस्तीफा दे दीजिए।

योगी आदित्यनाथ ने किया मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों का होगा सम्मान, ‘नन्ही कली’ को मिलेगी पहचान 19 मार्च को होगा कार्यक्रम, छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरी कॉम करेंगी बेटियों को सम्मानित गांव की महिलाओं की बनाई रिसाइकिल प्लास्टिक की गुड़िया, योगी सरकार के अभियान को मिलेगी रफ्तार महिला कारीगरों की गुड़िया से लड़कियों को सशक्तीकरण व प्रेरणा देना पहल का उद्देश्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मंशा के अनुरूप नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलेगा। छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरीकॉम ‘नन्ही कली’ कार्यक्रम में शामिल होकर बेटियों को सम्मानित करेंगी। गांव की महिलाओं द्वारा रिसाइकिल प्लास्टिक से तैयार की गई गुड़िया ‘नन्ही कली’ इस पहल का केंद्र है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण, महिला आत्मनिर्भरता और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे योगी सरकार के अभियानों को नई मजबूती मिलेगी। नवरात्र में नारी शक्ति का सम्मान, योगी सरकार के विजन को बल नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी है। ऐसे में ‘नन्ही कली’ पहल सीधे तौर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ रही है। यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देगा। प्लास्टिक से बनी गुड़िया, पर्यावरण को भी राहत बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस गुड़िया की खासियत है कि इसमें रुई या स्पंज की जगह बेकार प्लास्टिक बोतलों से बने बारीक फाइबर का उपयोग किया गया है। यह न सिर्फ प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान है, बल्कि ‘कचरे से कंचन’ की सोच को भी साकार करता है। गांव की महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी ‘नन्ही कली’ गुड़िया ग्रामीण महिलाओं द्वारा कपड़ों के टुकड़ों और पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की जा रही है। यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। साथ ही, यह ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी मजबूत करती है। मैरी कॉम देंगी बेटियों को नई प्रेरणा कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेंगी। वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी। जीरो वेस्ट विजन से बन रही बागपत की नई पहचान जिलाधिकारी अस्मिता लाल के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रही है। ‘नन्ही कली’ केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

BJP नेता की हत्या के मुख्य आरोपी को गोरखपुर में किया गिरफ्तार, गोली के बाद चाकुओं से वार

गोरखपुर गोरखपुर में पूर्व पार्षद और भाजपा नेता राजकुमार चौहान के हत्यारों को पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों में ढूंढ लिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने भतीजे से हुई लड़ाई का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की थी. मॉर्निंग वॉक पर निकले राजकुमार चौहान को आरोपियों ने पहले गोली मारी और फिर चाकू से गोद डाला. यह घटना मंगलवार सुबह 5 बजे के आसपास हुई. जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। राजकुमार के भतीजे से हुई लड़ाई से क्षुब्ध होकर 18 वर्षीय राज चौहान ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर चाचा राजकुमार चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजकुमार के शरीर पर कुल 11 जगह घाव मिले हैं. हत्याकांड को लेकर राजकुमार के परिवार ने 8 लोगों को नामजद किया था. लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे गिरफ्तार दो आरोपियों की ही संलिप्तता पाई गई है। प्रशासन करेगा बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने सच उगल दिया. वहीं भाजपा नेता की मौत के बाद गोरखपुर जिला प्रशासन ने उदारता दिखाते हुए परिवार की मदद को आगे हाथ बढ़ाया है. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मृतक के परिवार ने सुरक्षा की मांग थी. जिसे तत्काल मुहैया कराया गया है. कुछ आर्थिक मदद की बात की गई थी, जिसे प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। मृतक की दो छोटी बेटी और एक बेटे की पढ़ाई की व्यवस्था भी कराई जाएगी. साथ ही कोई योग्य परिवार का सदस्य जो नौकरी करना चाहता हो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

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