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प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

 मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा को लेकर बड़ी लकीर खींच दी है। 2024 के आम चुनाव के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम आरएसएस के बिना भी चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। इसे लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष देखा गया था। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भाजपा के ये ‘अच्छे दिन’ आरएसएस के चलते ही आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए आरएसएस ने प्रतिबद्धता दिखाई थी और जिसने इसका साथ दिया, उसे फायदा मिला। इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संघ के नेतृत्व में चले राम मंदिर आंदोलन का फायदा भाजपा को चुनावी राजनीति में भी मिला। इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के लिए आरएसएस का कितना महत्व है और वह भी उसका मातृ संगठन है। माना जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के मकसद से उन्होंने ऐसी बात कही है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व के लिए भी यह एक संदेश है कि भले ही दल का विस्तार हो गया है, लेकिन उसका वैचारिक आधार अब भी आरएसएस ही है। बता दें कि आरएसएस और भाजपा के संबंधों को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। आरएसएस की ओर से भाजपा में किसी भी फैसले लेने के दावों को खारिज किया जाता रहा है। उसका कहना है कि हम संघ के कार्यकर्ता देते हैं, लेकिन उसके फैसलों में हमारा कोई दखल नहीं रहता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग राजनीतिक पार्टी है भाजपा। उसमें बहुत से स्वयंसेवक हैं, लेकिन वह संघ की पार्टी नहीं है। उसमें स्वयंसेवक हैं और वे अपना काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों के पास कोई और काम करने के लिए समय नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माताओं-बहनों से आप बात करेंगे तो वे कहेंगे कि इन्हें घर पर भी ध्यान देने का समय नहीं है। आरएसएस का एक ही काम कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। इसके अतिरिक्त हमें कोई और काम नहीं करना है। हमारे विचार की बात करने से कुछ लोगों को मिलता है फायदा मोहन भागवत ने कहा कि फिर सवाल उठता है कि देश में और भी समस्याएं हैं। उनका क्या होगा। इस पर संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था कि संघ कुछ नहीं करेगा और स्वयंसेवक कुछ नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अहम कामों में संघ के कार्यकर्ता शामिल हैं, लेकिन वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम मनमर्जी से चलता है। इसमें नियंत्रण नहीं चलता है। स्वयंसेवकों के बीच एक सहयोग की भावना है। हमारे पास एक शक्ति है तो राष्ट्र के लिए भी एक विचार है और उसके अनुसार जो लोग बात करते हैं। उन्हें लाभ होता है। लेकिन हमारा काम किसी को लाभ पहुंचाना नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दी विवेक ओबेरॉय को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा, बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल पर रोक

नई दिल्ली बॉलीवुड सेलेब्स इन दिनों पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं। सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ समेत कई स्टार्स को कोर्ट से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है। अब इस कड़ी में अभिनेता विवेक ओबरॉय का नाम भी शामिल हो चुका है। कोर्ट ने अपने नए आदेश में साफ कर दिया है कि अभिनेता की बिना परमिशन के उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल अपराध होगा। अभिनेता का कोर्ट में पक्ष रख रही अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश जारी किया है, जिससे उनके नाम, छवि और आवाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। न्यायालय ने उल्लंघनकारी सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उल्लंघन करने वाले लोग कानून से बच नहीं पाएंगे। अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक सिनेमा और उद्यम जगत के एक अग्रणी व्यक्ति और दो दशकों से समाज के लिए काम कर रहे ओबेरॉय को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर हमला है। इससे उनके परिवार और छोटे बच्चों पर गलत असर भी पड़ेगा। अभिनेता की कानूनी जीत एक सशक्त मिसाल कायम करती है कि किसी व्यक्ति का वंश सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट या लाभ पाने के लिए उनके व्यक्तित्व के साथ किया गया खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को कानूनी तौर पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अभिनेता की तरफ से दायर शिकायत में जिक्र किया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर बिना इजाजत के उनके फोटो, वीडियो, आवाज और ब्रॉडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। अभिनेता की तरफ से यह भी पक्ष रखा गया कि कई बार ऑनलाइन साइट्स से सामग्री को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट का रुख किया गया। बता दें कि हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि अपने लाभ के लिए कई ऑनलाइन साइट्स सेलेब्स के नामों और फोटोज का इस्तेमाल धड़ल्ले से करती हैं। 

भविष्यवाणी का बदला तरीका, लखनऊ विश्वविद्यालय बताएगा करियर और शादी का सही रास्ता

लखनऊ  लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र अब सिर्फ छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। करियर की दिशा, शादी ब्याह, सेहत, पैसा, प्रॉपर्टी और भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब अब एक तय प्रक्रिया और निर्धारित फीस के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मिलेंगे। विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद ज्योतिष को एक संरचित और नियंत्रित मंच पर लाना है, ताकि बाहर चलने वाली अनौपचारिक और बिना रिकॉर्ड वाली प्रथाओं से अलग, यहां हर परामर्श का दस्तावेज़ीकरण हो और समय भी तय रहे। कितनी लगेगी फीस इस केंद्र में हर परामर्श आमतौर पर जन्म कुंडली के आधार पर किया जाएगा और एक सत्र की न्यूनतम अवधि 15 मिनट रखी गई है। सामान्य ज्योतिषीय परामर्श की फीस 1,500 रुपये से शुरू होगी। वहीं विदेश यात्रा की संभावना, सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान और राजनीतिक करियर से जुड़े छोटे सवालों के लिए 15 मिनट का परामर्श 500 रुपये में मिलेगा। ज्योतिष केंद्र में केवल कुंडली देखने तक ही सेवाएं सीमित नहीं होंगी। यहां होरा ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र से जुड़े सत्र भी रखे जाएंगे, जिनकी अवधि 30 मिनट होगी और शुल्क 700 रुपये तय किया गया है। अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी आधारित परामर्श के लिए 1,700 रुपये देने होंगे। कुछ सेवाओं के अलग अलग शुल्क कुछ खास सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। तंत्र मंत्र के प्रभाव से जुड़ा आकलन, शकुन अपशकुन और सपनों की व्याख्या जैसे विषयों पर 30 मिनट के सत्र के लिए 1,900 रुपये लिए जाएंगे। शादी से पहले कुंडली मिलान, जिसमें मांगलिक दोष का विश्लेषण भी शामिल होगा, उसके लिए 1,500 रुपये शुल्क रखा गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिर विज्ञान की पढ़ाई कोई नई बात नहीं है। यहां 18 अक्टूबर 2001 से इस विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। स्नातक और परास्नातक स्तर की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत तीनों भाषाओं में कराई जाती है। अब इसी अकादमिक पृष्ठभूमि के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ज्योतिषीय सेवाओं को एक सार्वजनिक ढांचे में लाने जा रहा है। कब से शुरुआत ज्योतिष परामर्श केंद्र की शुरुआत अगस्त महीने में हो चुकी थी, लेकिन अभी तक इसकी सेवाएं केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित थीं। अब इसे आम जनता के लिए खोलने की मंजूरी मिल गई है। ज्योतिर विज्ञान विभाग के समन्वयक श्यामलेश कुमार तिवारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवाओं की रूपरेखा और शुल्क संरचना को स्वीकृति दे दी है। उनका कहना है कि औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए परामर्श शुरू करने से पहले केंद्र का आवश्यक उन्नयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपॉइंटमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मेंटेनेंस और भुगतान प्रक्रिया को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। इस केंद्र में करियर और आय की संभावनाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शिक्षा, विवाह, संतान, मकान, आर्थिक स्थिति, निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों पर परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा, मांग पर कुंडली निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। छोटी कुंडली यानी तेवा तीन दिन में 500 रुपये में दी जाएगी। लग्न और चंद्र कुंडली के साथ मध्यम स्तर की कुंडली सात दिन में 1,100 रुपये में तैयार होगी। विस्तृत कुंडली विश्लेषण के लिए 15 दिन का समय लगेगा और इसकी फीस 3,100 रुपये तय की गई है। वहीं कंप्यूटराइज्ड कुंडली, जिसमें षडवर्ग विश्लेषण शामिल होगा, एक दिन में 1,100 रुपये में उपलब्ध होगी। मिलेगी वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह भी इस केंद्र का अहम हिस्सा होगी। आवासीय भवनों के लिए वास्तु परामर्श का शुल्क 5 रुपये प्रति वर्ग फुट और व्यावसायिक भवनों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। इसके लिए दिशा स्पष्ट दर्शाने वाले साइट मैप जमा करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी परामर्श विश्वविद्यालय के वित्तीय नियमों के तहत ही होंगे और बिना आधिकारिक रसीद के कोई सेवा नहीं दी जाएगी। अपॉइंटमेंट, भुगतान और दस्तावेज़ीकरण से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

बांग्लादेश चुनाव से पहले तनाव, BNP और जमात के बीच संघर्ष, 40 लोग घायल

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले राजनीति एक बार फिर सड़क पर उतर आई. शनिवार देर रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में महिलाओं समेत 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है, जब 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार सोमवार सुबह 7:30 बजे खत्म होने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक देर रात के कार्यक्रम में जमात पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए BNP कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराने पहुंचे. इसके बाद दोनों पक्षों ने समर्थक जुटाए और बात हाथापाई से लेकर पत्थरबाजी तक पहुंच गई. रातभर चले टकराव को मौजूदा चुनाव अभियान की सबसे गंभीर हिंसा बताया जा रहा है. बांग्लादेश का चुनावी माहौल तनावपूर्ण पिछले छह हफ्तों में अलग-अलग इलाकों में चुनावी हिंसा में कई लोग घायल हो चुके हैं. अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है. शेख हसीना की पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. इसी वजह से इसे 2009 के बाद का सबसे निर्णायक चुनाव माना जा रहा है. चुनाव में किसके-किसके बीच है टक्कर? 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में 12.7 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं. मुकाबला मुख्य रूप से BNP और जमात-नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है. BNP प्रमुख तारिक रहमान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 300 में से 292 सीटों पर चुनाव लड़कर सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल करेगी. अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चुनाव को ‘न्यू बांग्लादेश का उत्सव’ बताते हुए इसे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने का वादा किया है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि लगातार हिंसा से प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है, खासतौर पर तब, जब सत्ता समीकरण उलट चुके हैं और सड़क पर दबदबा शेख हसीना के विपक्षी दलों का दिख रहा है. बवाल का अर्थव्यवस्था पर असर चुनाव का नतीजा देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है. हालिया अशांति से गारमेंट जैसे प्रमुख उद्योग प्रभावित हुए हैं और बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मदद की जरूरत पड़ी है. विदेश नीति के मोर्चे पर भी दिशा बदलने के संकेत हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, BNP को भारत के प्रति अपेक्षाकृत संतुलित माना जाता है, जबकि जमात की भूमिका पाकिस्तान की ओर झुकाव की अटकलें बढ़ाती है.

विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

टीम इंडिया का दिल छू लेने वाला पल: गंभीर के घर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मिलन

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से खेलेगी. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए खास डिनर पार्टी रखी. डिफेंडिंग चैम्पियन टीम इंडिया नामीबिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले यहां टीम बॉन्डिंग, रणनीति और मानसिक मजबूती पर फोकस करती दिखी. समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में गंभीर अपने घर पहुंचते नजर आए, जहां बैटिंग कोच सितांशु कोटक समेत कई सपोर्ट स्टाफ सदस्य मौजूद थे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस खास आयोजन में शामिल हुए. खिलाड़ियों ने यहां हल्के-फुल्के माहौल में समय बिताया और अगले मैच की तैयारियों पर अनौपचारिक चर्चा भी की.     अमेरिका के खिलाफ सूर्या का धमाका     भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया था, लेकिन मैच आसान नहीं रहा. भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और टीम 77 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभालते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली. गौतम गंभीर पहले भी टीम इंडिया के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं. इससे पहले दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान भी उन्होंने टीम को अपने घर आमंत्रित किया था. माना जाता है कि गंभीर टीम में पारिवारिक माहौल बनाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं, खासकर जब टीम किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए उतरती है. सूर्यकुमार यादव की इस पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उन्होंने लगभग अकेले दम पर टीम को 9 विकेट पर 161 रनों तक पहुंचाया, जबकि 18 ओवर में भारत का स्कोर 7 विकेट पर 128 रन ही था. मुश्किल पिच पर जहां बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं सूर्यकुमार ने शानदार संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया. जसप्रीत बुमराह की जगह प्लेइंग-11 में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने चार ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इससे पहले साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक ने भारतीय बल्लेबाजी को एक ही ओवर में तीन विकेट झटक लिए थे, जिससे भारत एक समय मुश्किल स्थिति में था. यूएसए पर जीत के बाद अब टीम इंडिया की नजर नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर है. इस मैच में जीत भारत की सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर सकती है. गंभीर के घर आयोजित यह खास डिनर खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से तरोताजा होने, पिछले मैच की कमियों पर चर्चा करने और अगले मुकाबले से पहले नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने का बेहतरीन मौका माना जा रहा है.

T20 World Cup: हसारंगा और तीक्ष्णा की जादुई गेंदबाजी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दी करारी हार

कोलंबो टी20 वर्ल्ड का छठा मैच 8 फऱवरी श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला गया. ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. आयरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में आयरिश टीम 19.5 ओवरों में 143 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाजों वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा ने तीन-तीन विकेट लिए. ग्रुप चरण की शुरुआत में ही दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम था क्योंकि शुरुआती जीत आगे की राह आसान कर सकती है. श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसंका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालगे, वानिंदु हसारंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश तीक्ष्णा, मथीशा पथिराना. आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज. श्रीलंका ने इस मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों फायदा उठाया. कोलंबो की पिच और माहौल से अच्छी तरह वाकिफ श्रीलंकाई टीम के पास संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है. बल्लेबाजी की जिम्मेदारी पथुम निसंका, कुसल मेंडिस और कप्तान दासुन शनाका के कंधों पर है, जो शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं. आयरलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और आक्रामक क्रिकेट खेलने का इरादा लेकर उतरी है. कप्तान पॉल स्टर्लिंग टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है तो वे अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. जोश लिटिल नई गेंद से श्रीलंका के शीर्ष क्रम को चुनौती दे रहे, जबकि कर्टिस कैम्फर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देने की भूमिका निभा रहे. कैसा रहता है पिच का मिजाज कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच आमतौर पर धीमी रहती है और यहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है. अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में यहां औसत स्कोर 140 के आसपास रहा है. इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को ज़्यादा सफलता मिली है, जिससे टॉस की भूमिका अहम हो सकती है. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका और आयरलैंड की अब तक 4 बार भिड़ंत हुई है और चारों मुकाबले श्रीलंका ने जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा है. इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला.

कानपुर: वार्मर मशीन में नवजात को छोड़कर भागे डॉक्टर, तड़पते हुए बच्ची ने तोड़ा दम

 कानपुर कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई. परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार  बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस की कार्रवाई   सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक ‘हादसा’ करार दिया है. पीड़ित परिवार का बुरा हाल यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

NEET UG 2026 तैयारी गाइड: इन चैप्टर्स को अच्छे से पढ़ा तो सफलता तय

नई दिल्ली  नीट (NEET UG) 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने आगामी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन नीट परीक्षा 2026 में टॉप रैंक और 100% मार्क्स पाने के लिए छात्रों को नीट सिलेबस की पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए। 3 मई 2026 को होने वाली इस महा-परीक्षा से पहले, सिलेबस का स्पष्ट होना छात्रों के लिए अपनी स्ट्रैटिजी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इसलिए अभी नीट परीक्षा का सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझ लीजिए और अपनी तैयारी को सही स्ट्रैटिजी के साथ शुरू कीजिए। NEET UG 2026 सिलेबस इस बार के सिलेबस को NCERT की नई किताबों और बदलती चिकित्सा शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। NMC ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2026 में 11वीं और 12वीं कक्षा के कोर विषयों—फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी —से प्रश्न पूछे जाएंगे। नीचे तीनों विषयों का डिटेल्ड सिलेबस दिया गया है 1. बायोलॉजी: यह विषय नीट परीक्षा का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। सिलेबस में ‘डाइवर्सिटी इन लिविंग ऑर्गनिज्म’, ‘सेल स्ट्रक्चर’, ‘ह्यूमन फिजियोलॉजी’ और ‘प्लांट फिजियोलॉजी’ जैसे चैप्टर पर विशेष जोर दिया गया है। 12वीं के हिस्से से ‘जेनेटिक्स’, ‘इवोल्यूशन’, ‘बायोटेक्नोलॉजी’ और ‘इकोलॉजी’ जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल किया गया है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे NCERT के हर डायग्राम और लेबलिंग को बारीकी से समझें। 2. फिजिक्स: फिजिक्स का सिलेबस कॉन्सेप्ट और न्यूमेरिकल पर आधारित है। इसमें ‘कैनेमेटिक्स’, ‘लॉ ऑफ मोशन’, ‘वर्क, एनर्जी एंड पावर’, ‘ग्रेविटेशन’ और ‘थर्मोडायनामिक्स’ जैसे प्रमुख चैप्टर शामिल हैं। 12वीं के स्तर से ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक्स’, ‘ऑप्टिक्स’, ‘मैग्नेटिक इफेक्ट्स ऑफ करंट’ और ‘न्यूक्लियर फिजिक्स’ से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इस विषय में महारत हासिल करने के लिए फॉर्मूलों का अभ्यास अनिवार्य है। 3. केमिस्ट्री: केमिस्ट्री को तीन सेक्शन में बांटा गया है—फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक। फिजिकल केमिस्ट्री: मोल कॉन्सेप्ट, एटॉमिक स्ट्रक्चर और केमिकल काइनेटिक्स। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: पीरियोडिक टेबल, पी-ब्लॉक, डी-ब्लॉक एलिमेंट्स और केमिकल बॉन्डिंग। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: हाइड्रोकार्बंस, एल्कोहल, फिनोल और ईथर के साथ-साथ ‘प्रैक्टिकल केमिस्ट्री’ के कुछ नए प्रयोग भी सिलेबस का हिस्सा हैं। क्या इस बार कुछ बदला है? अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिलेबस में कटौती की गई है। NMC ने पिछले साल के पैटर्न को ही लगभग बरकरार रखा है, लेकिन कुछ ऐसे टॉपिक्स जो NCERT की नई किताबों से हटा दिए गए थे, उन्हें भी मेडिकल एंट्रेंस की गहराई को देखते हुए शामिल किया गया है।  NEET UG 2026 परीक्षा का पैटर्न परीक्षा का पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा, कुल 200 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से 180 का उत्तर देना होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर के लिए -1 अंक (नेगेटिव मार्किंग) का प्रावधान है। परीक्षा कुल 720 अंकों की होगी। छात्रों के लिए तैयारी की टिप्स छात्रों को सिलेबस के अनुसार अपना ‘स्टडी प्लान’ अपडेट करना चाहिए। सबसे पहले उन चैप्टर्स को खत्म करें जिनका वेटेज ज्यादा है। पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी स्पीड और सटीकता (एक्युरेसी) पर काम करें।  

स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से अफरा-तफरी, दिल्ली के 9 स्कूल अलर्ट पर

 नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 8.30 से 9 बजे के बीच शहर के 9 बड़े स्कूलों को बम की धमकी वाली कॉल मिली. स्कूलों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सुरक्षा के लिए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल की पूरी तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि सभी कॉल लगभग एक ही समय पर आईं, इसलिए एजेंसियां सतर्क हैं. फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है. जिन 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का इंडियन स्कूल, रोहिणी का CM श्री स्कूल, आईएनए का DTA स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर का वनस्थली स्कूल शामिल हैं. इन सभी स्कूलों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं. ईमेल में क्या लिखा है? धमकी भरे ईमेल में उकसावे और भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं, जिसमें “दिल्ली बनेगा खालिस्तान”, “अफजल गुरु की याद में” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे स्कूल में धमाका होगा और अंत में खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” के नाम से जोड़ा गया. हालांकि इस तरह के संदेशों को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं और आमतौर पर लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे दावों पर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें. जनवरी से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को बम की धमकियों का सिलसिला लगातार देखा गया है. 7 फरवरी को बड़े पैमाने पर भेजे गए एक ईमेल के बाद 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराया गया था, जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया. इससे पहले 28-29 जनवरी को सरदार पटेल विद्यालय, लॉरेटो कॉन्वेंट और डॉन बॉस्को समेत पांच स्कूलों को धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला और कुछ ही घंटों में परिसर सुरक्षित घोषित कर दिए गए.

ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया.  ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे.  मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल  Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया.  ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था.  अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

नई दिल्ली पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी। यह 10 दिन की यात्रा श्रद्धालुओं को वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को सुविधाजनक ट्रेन यात्रा के साथ पूजा स्थल भ्रमण और स्थानीय अनुभव का अवसर भी मिलेगा। IRCTC की साइट से टिकट बुकिंग कर पाएंगे यात्री दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 9 मार्च को रवाना होगी। इस यात्रा में लगभग 150 यात्रियों के जाने की व्यवस्था है। इच्छुक यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर सकते हैं। इस बार के टूर के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के प्रमुख दिव्य मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) शामिल हैं। यात्रा के दौरान न केवल मंदिरों बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी भ्रमण कराया जाएगा। IRCTC की यह पहल देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। 18 मार्च को सफदरजंग वापस लौटेगी गाड़ी इस 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा और साथ ही गंगा आरती का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता में यात्रियों को विक्टोरिया मेमोरियल, काली घाट और दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पुरी के जगन्नाथ मंदिर और झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की यात्रा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 18 मार्च को वहीं वापस लौटेगी। इस दौरान यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण कराए जाने की योजना है, जिससे यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक अनुभव दोनों के लिए यादगार बनेगी। पैकेज में क्या-क्या शामिल भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में एसी की तीनों श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। यात्रियों को इस पैकेज में शाकाहारी भोजन और सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त भी मिलेगा। किराया विवरण (प्रति यात्री) फर्स्ट एसी: ₹1,06,940, सेकंड एसी: ₹98,925, थर्ड एसी: ₹79,285 इस पैकेज में यात्रियों के होटल में ठहरने, खाने, एसी गाड़ी, यात्रा बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च शामिल है, जिससे श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर सकें।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: भारतीय रेलवे शुरू करेगा करीब 1500 ट्रेनें, जानें रूट डिटेल

नई दिल्ली होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढ़ने पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।   पूर्व मध्य रेलवे     पूर्व मध्य रेलवे इस होली पर सबसे ज्यादा 285 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     यह जोन बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है।      इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय भारी भीड़ में यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है। पश्चिम रेलवे     पश्चिम रेलवे ने 231 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।      मुंबई और गुजरात से जुड़े मार्गों पर यह ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।     इसकी वजह से यात्रियों को भीड़-भाड़ से बचते हुए यात्रा का बेहतर अनुभव मिल सकेगा।  मध्य रेलवे     मध्य रेलवे 209 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     ये विशेष ट्रेनें मुख्य रूप से मध्य भारत के प्रमुख शहरों और छोटे कस्बों के बीच यात्रा को आसान बनाएंगी। दक्षिण मध्य रेलवे     दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 ट्रेनें चलाएगा।     ये जोन हैदराबाद, विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है और यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन परिचालन करेगा। उत्तर रेलवे     उत्तर रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा।     दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्गों पर ये ट्रेनें होली के अवसर पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     राजस्थान और आसपास के राज्यों में इन ट्रेनों से यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। उत्तर मध्य रेलवे     उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है।     यह जोन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम करेगा।     दोनों जोन 62-62 स्पेशल ट्रेनें चलाएंगे।     ये ट्रेनें पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय क्षेत्रों में त्योहार के समय यात्रियों को सुविधा देंगी।       दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR): 47 ट्रेनें     पश्चिम मध्य रेलवे (WCR): 43 ट्रेनें     दक्षिण रेलवे (SR): 39 ट्रेनें     दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR): 15 ट्रेनें      कोंकण रेलवे (KR): 9 ट्रेनें      पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR): 2 ट्रेनें  

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