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बागेश्वर धाम में 300 बेटियों का ब्याह, कन्या विवाह महोत्सव में नेपाल की युवती भी बनेगी दुल्हन

खजुराहो  छतरपुर के बागेश्वर धाम में हर वर्ष की तरह इस साल भी बहुत ही शानदार कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है. इस बार का महोत्सव काफी खास होने वाला है, क्योंकि यह महोत्सव सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है. नेपाल की भी एक बेटी की शादी धाम में होगी.  इस मौके पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री दी. खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की। नेपाल की अस्मिता बोली- चार साल में आया नंबर अस्मिता ने फोन पर बताया कि परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही। मां दिल्ली में घर-घर जाकर बर्तन साफ करती हैं। पिता यहीं मजदूरी करते हैं। भाई केरल में मजदूरी करता है। एक बार मेरी तबीयत खराब हुई। पहले यहां फिर दिल्ली में डॉक्टर्स को दिखाया। फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टर बोलते थे कि दिमाग खराब है, पागल हो गई हूं। लोगों से सुना, तो बागेश्वरधाम पहुंचे। अब मैं एकदम ठीक हूं। बालाजी भगवान ने मुझे ठीक कर दिया। हमने यूट्यूब पर बागेश्वर धाम में हो रही शादियों के बारे में देखा था। मां पिछले चार साल से यहां मेरी शादी के लिए आवेदन कर रही थी, लेकिन इस बार नंबर लगा है। खुशी है कि मुझे गुरुजी से मिलने का मौका मिलेगा। अब मेरी शादी मेज बहादुर से हो रही है, वो मेरे ही देश के कंचनपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार की हालत भी हमारे जैसे ही हैं। पढ़ाई के दौरान हमारी मुलाकात हुई थी। मैं और उनकी बहन साथ पढ़ते थे। एक बार हम माउंटेन घूमने गए। वहां बात हुई। धीरे-धीरे प्यार हो गया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने घर बताया, तो घरवाले बोले- इतना पैसा नहीं है कि अभी शादी कर दें। इसके बाद मां चार साल तक लगातार आवेदन करती रहीं। इस बार नंबर आ गया। फोन पर मिली सूचना, शादी के लिए चुना गया विदिशा जिले की गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में रहने वाली सपना अहिरवार के पिता नहीं हैं। मां बीमार रहती हैं और भाई छोटा है। घर में दो वक्त खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होती है। सपना कहती हैं- बीमार मां को हमेशा मेरी शादी की चिंता रहती थी। जब बागेश्वर धाम में होने वाली सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला, तो मन में आस सी जागी। पहले भी यहां आ चुकी हूं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार की मदद की। उन्हें अपने पिता जैसा मानती हूं। आवेदन के बाद यहां से घर पहुंचे थे। कुछ दिन बाद फोन पर सूचना मिली कि मुझे यहां शादी के लिए चुना गया है। उन्होंने शादी का लहंगा, सैंडल और होने वाले पति को शेरवानी, पगड़ी, जूते और माला दी है। उस दिन कपड़े पहनकर यहां आना है। गरीब हूं, पर आज इसका अहसास नहीं हो रहा है। बागेश्वरधाम से शादी होना सपने की तरह बागेश्वरधाम … Read more

हिमालय से आ सकती है ‘सुनामी’, IIT रुड़की का चेतावनी अलर्ट, 93 लाख लोग होंगे खतरे में

नई दिल्ली  हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच एक ऐसी तबाही आकार ले रही है, जो सुनामी से कम खतरनाक नहीं है. IIT रुड़की के रिसर्चर्स ने एक चौंकाने वाली स्टडी में बताया है कि हिमालय के पहाड़ों पर बनी ग्लेशियल झीलों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में छपी रवींद्र कुमार और सौरभ विजय की इस रिसर्च के अनुसार, हाई माउंटेन एशिया (HMA) क्षेत्र में 2016 से 2024 के बीच इन झीलों के क्षेत्रफल में 5.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. वर्तमान में करीब 31,000 से ज्यादा ऐसी झीलें हैं, जो 93 लाख लोगों के लिए सीधा खतरा बन गई हैं. क्या है ‘हिमालयी सुनामी’ या GLOF?     जब पहाड़ों पर स्थित ग्लेशियर पिघलते हैं, तो उनका पानी खाली जगहों पर जमा होकर झीलें बना लेता है. इन झीलों के चारों ओर पक्के बांध नहीं होते, बल्कि ये ढीली चट्टानों, बर्फ और मलबे (Moraine) के प्राकृतिक बांधों से घिरी होती हैं.     जब ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पानी का दबाव बढ़ता है या कोई एवलांच (बर्फ का तूफान) इन झीलों में गिरता है, तो ये बांध गुब्बारे की तरह फट जाते हैं. इसे ही ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) या हिमालयी सुनामी कहा जाता है.     केदारनाथ की 2013 वाली त्रासदी और 2023 में सिक्किम में आई बाढ़ इसी तरह के खतरे के बड़े उदाहरण हैं. ये झीलें इतनी ऊंचाई पर स्थित हैं कि जब इनका पानी नीचे गिरता है, तो वह जबरदस्त रफ्तार पकड़ लेता है.     इसमें सिर्फ पानी नहीं होता, बल्कि अपने साथ बोल्डर, मिट्टी और पेड़ों को बहाकर लाने वाला एक ‘चलता-फिरता पहाड़’ बन जाता है, जो रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह कर देता है. वैज्ञानिकों ने कैसे पहचाना इन 31,000 टाइम बमों को? हजारों फीट की ऊंचाई और बेहद कठिन रास्तों के कारण इन झीलों की निगरानी करना नामुमकिन जैसा था. लेकिन IIT रुड़की के वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा लिया. उन्होंने नासा (NASA) और यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के ‘लैंडसैट 8’ के हाई-रेजोल्यूशन डेटा का उपयोग किया. इसके साथ ही यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के ‘सेंटिनल 1 और 2’ और कोपरनिकस डिजिटल एलिवेशन मॉडल की मदद ली गई. अमेरिका के नेशनल रिकॉनेस्सेंस ऑफिस द्वारा 3 जनवरी 1976 को ली गई इस तस्वीर में माउंट एवरेस्ट बीच में दिख रहा है. (AP) इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके राडार और ऑप्टिकल सेंसर बादलों के पार भी देख सकते हैं. इसकी मदद से वैज्ञानिकों ने 20,000 से 1,00,000 वर्ग मीटर तक की छोटी झीलों की भी सटीक पहचान की है. अब इस तकनीक से ‘तीसरे ध्रुव’ (Third Pole) कहे जाने वाले इस पूरे इलाके की रूटीन मॉनिटरिंग मुमकिन हो गई है. किन इलाकों में सबसे तेजी से फैल रही हैं झीलें? स्टडी के मुताबिक, झीलों के बढ़ने की रफ्तार हर इलाके में अलग-अलग है: किलियन शान (Qilian Shan): इस क्षेत्र में झीलों के क्षेत्रफल में सबसे ज्यादा 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. पूर्वी हिमालय: यह इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यहां इन झीलों की संख्या सबसे अधिक है. भारत की स्थिति: भारत में करीब 30 लाख लोग सीधे तौर पर इन अस्थिर झीलों के नीचे बसे हुए हैं. बढ़ती गर्मी और बदलते मानसून की वजह से ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं. जहां पहले बर्फ हुआ करती थी, अब वहां गहरे और अस्थिर पानी के तालाब बन गए हैं. 93 लाख लोगों पर मंडराता मौत का साया दुनिया भर में ग्लेशियर की बाढ़ से जितने लोगों को खतरा है, उनमें से 62 प्रतिशत लोग अकेले हाई माउंटेन एशिया क्षेत्र में रहते हैं. हिमालय के इस हिस्से में रहने वाले कई परिवार झीलों से महज 10 किलोमीटर के दायरे में बसे हैं. इसका मतलब है कि अगर कोई झील फटती है, तो लोगों को चेतावनी देने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए समय बहुत ही कम मिलेगा. ये झीलें ‘टिकिंग टाइम बम’ की तरह हैं, जिनकी दीवारें मिट्टी और बर्फ की बनी हैं. अगर ग्लोबल वार्मिंग की रफ्तार यही रही, तो आने वाले समय में केदारनाथ जैसे हादसों का खतरा और बढ़ सकता है.

PM मोदी का मलेशिया दौरा: भारत के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ सेक्टर में होगा बड़ा बूस्ट

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से दो दिन के लिए (7-8 फरवरी 2026) मलेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए दरवाजे खोलने का काम करेगी. हाल ही में यूनियन बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर्स की घोषणा के बाद यह यात्रा और भी खास हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी, नौकरियां बढ़ेंगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) कई बार कह चुके हैं कि कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से सेल्फ-रिलायंस बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. मलेशिया के साथ टेक्नोलॉजी शेयरिंग से यह आसान होगा. बता दें कि वैष्णव क्रिटिकल मिनरल्स पर काम कर रहे हैं. बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) में रेयर अर्थ एक्सपर्ट और रिसर्च मैनेजर नेहा मुखर्जी (Neha Mukherjee) ने भारत की नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की तारीफ की है और कहा है कि मलेशिया जैसे पार्टनर्स से डाइवर्सिफिकेशन तेज होगा, जिससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. कितना महत्वपूर्ण है मलेशिया? पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के केंद्र में अन्य मुद्दों के साथ सेमीकंडक्टर पर गहरा सहयोग भी होगा. मलेशिया सेमीकंडक्टर का बड़ा हब है, जहां दुनिया की 12-15 फीसदी REE प्रोसेसिंग होती है. भारत यहां से तकनीक और निवेश ले सकता है. बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ है, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा. इससे भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटेरियल और फुल स्टैक आईपी डेवलप होगा. मलेशिया रेयर अर्थ पर भी बड़ा जोर देता है. मलेशिया में लिनास प्लांट दुनिया का बड़ा REE प्रोसेसर है. 2025 में लिनास में पहली बार भारी REE (जैसे डिस्प्रोसियम ऑक्साइड) का कमर्शियल उत्पादन शुरू किया, जो चीन के बाहर पहला ऐसा प्लांट है. भारत के आम बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु में डेडिकेटेड REE कॉरिडोर्स बनाने का प्लान है. यह माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा. लक्ष्य है 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष REE परमानेंट मैग्नेट बनाना, जो EV, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस में इस्तेमाल होंगे. गौरतलब है कि यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका नाम REPM है. इसे नवंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, और कुल ₹7,280 करोड़ का बजट रखा गया है. भारत को कितना फायदा?     सप्लाई चेन मजबूत: मलेशिया से REE और सेमीकंडक्टर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे. इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता 20-30 फीसदी कम हो सकती है.     निवेश और टेक्नोलॉजी: मलेशिया के साथ JV से 3 अरब डॉलर का राजस्व और 24,800 नौकरियां पैदा होंगी. सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर पहुंचेगा.     EV और क्लीन एनर्जी: REE से EV बैटरी और मोटर सस्ते होंगे. मलेशिया 2030 तक EV प्रोडक्शन 15% बढ़ाना चाहता है, जिसमें भारत मदद कर सकता है.     ट्रेड बूस्ट: दोनों देशों का व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. MICECA समझौते की समीक्षा से निर्यात बढ़ेगा.     स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रक्षा, डिजिटल टेक और हेल्थ में सहयोग बढ़ेगा, जो भारत को ASEAN में मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल प्ले करेगी. 2030 तक REE से 3 अरब डॉलर राजस्व और 6.5 अरब डॉलर की आर्थिक ग्रोथ हो सकती है. भारत और मलेशिया में कितना व्यापार? 2025 में भारत-मलेशिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18-20 अरब डॉलर के आसपास रहा. भारत मलेशिया से मुख्य रूप से पाम ऑयल (करीब 2.8-3 अरब डॉलर का), इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य वनस्पति तेल आयात करता है. वहीं भारत मलेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम (रिफाइंड पेट्रोलियम, करीब 2.3 अरब डॉलर), कृषि उत्पाद जैसे बफेलो मीट, और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्यात करता है. कैसे हैं दोनों देशों में ऐतिहासिक संबंध? दोनों देशों के बीच मजबूत नींव है. 2010 में MICECA (मलेशिया-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) ने व्यापार को आसान बनाया. 2015 में संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला, और 2024 में इसे अपग्रेड करके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना दिया गया. ये समझौते टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता खोलते हैं. भारत-मलेशिया: भविष्य के प्लान क्या हैं? दोनों देश AITIGA (ASEAN-इंडिया ट्रेड इन गुड्स एग्रीमेंट) की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि टैरिफ और मार्केट एक्सेस बेहतर हो. फोकस डिजिटल फाइनेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और EV जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर है. मलेशिया में अनुमानित 16.2 मिलियन टन रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) के रिजर्व हैं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर है. ये रिजर्व भारत के साथ JV या टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए इस्तेमाल हो सकते हैं, खासकर REE प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में. व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है. क्या चुनौतियां हैं सामने? ट्रेड बैलेंस अभी असंतुलित है. मलेशिया का सरप्लस ज्यादा है, इसलिए भारत नए निर्यात सेक्टर (जैसे सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग) ढूंढ रहा है. पर्यावरणीय मुद्दे भी बड़े हैं, खासकर पाम ऑयल की खेती से जुड़े जंगल कटाई और सस्टेनेबिलिटी के सवाल. REE माइनिंग में भी पर्यावरण सुरक्षा जरूरी है, ताकि प्रदूषण न फैले. दोनों देश इन मुद्दों पर बात करके बैलेंस्ड और ग्रीन ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं. भारत-मलेशिया में ग्लोबल कनेक्शन? मलेशिया ने अमेरिका के साथ REE सप्लाई चेन पर MoU साइन किया है. भारत भी इंडो-US ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के जरिए काम कर रहा है. इससे REE और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी, और दोनों देश ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर पोजिशन पा सकेंगे. कुल मिलाकर, ये रिश्ते सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का मजबूत आधार बन रहे हैं. मोदी की मलेशिया यात्रा कब है? 7-8 फरवरी 2026 को. यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर बात होगी. मलेशिया से सेमीकंडक्टर में भारत को क्या फायदा? मलेशिया से टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से 40,000 करोड़ रुपये लगेंगे, जो जॉब्स और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. रेयर अर्थ एलीमेंट्स क्या हैं और क्यों जरूरी? REE विशेष … Read more

7 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से इन राशियों की किस्मत में आ सकते हैं शुभ परिवर्तन

मेष आज दिन पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलने का समय है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आपको नुकसान करा सकता है।रिलेशनशिप में भी गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं।काम में दबाव रहेगा, पर आप जिम्मेदारी से काम करेंगे तो बात बन जाएगी। शाम तक मूड बेहतर होगा। सेहत में अगर सांस से जुड़ी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। वृषभ आज आप पुराने झगड़े सुलझाने की कोशिश करेंगे। रिश्तों में आज आगे बढ़ेंगे और करीब आएंगे। ऑफिस में सीनियर्स नाराज हो सकते हैं, मैनेजमेंट की गुडबुक्स में रहें। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। खुद की सेहत का भी ध्यान रखें, बाहर का खाना कम करें। मिथुन आज दिमाग तेज चलेगा और नए आइडिया इनोवेटिव हों, तो टीम मीटिंग्स में बताएं। बॉस से तारीफ मिलेगी। खर्च कंट्रोल में रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस नींद पूरी करने की कोशिश करें, वरना चिड़चिड़ापन रह सकता है। कर्क आज इमोशंस आपके लिए खास रहेंगे। पार्टनर की सुनें और स्पेस दें।पैसों को लेकर आज कोई बड़ा रिस्क न लें। सेहत के मामले में पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, खाने-पीने में थोड़ा ध्यान रखें। सिंह आज आप कॉन्फिडेंट रहेंगे और सामने वाले पर आपकी बात का असर पड़ेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत दिखेगी, भले तारीफ तुरंत न मिले। रिश्तों में खुलकर बात करेंगे तो गलतफहमी दूर होगी। पैसों को लेकर आज कैश फ्लो रहेगा। हेल्थ के लिए स्ट्रैचिंग और वॉक करें। तुला आज छोटे-छोटे कामों में उलझ सकते हैं, जिससे मन थोड़ा परेशान हो सकता है। लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो सब संभल जाएगा। पैसों में बचत पर ध्यान दें, कोई पुराना खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर पीठ या गर्दन में हल्का दर्द हो सकता है, ज्यादा देर एक ही जगह न बैठें। धनु आज रिश्तों में बैलेंस बनाएंस आपके लिए आज काम के मौके आएंगे। आज किसी नौकरी का ऑफर भी आ सकता है। काम में टीमवर्क से काम आगे बढ़ेगा। पैसों में अचानक खर्च आ सकता है, इसलिए पहले से प्लान बनाकर चलें। तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन करें। मकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है, इसलिए कहीं घूमने जा सकती हैं। कोशिश करें खुद को बिजी रखें। ऑफिस में आपकी मेहनत काम आएगी और कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। पैसों को लेकर सतर्क रहें, बड़ी रकम ना उधार दें, ना लें। आपको हेल्थ में आज दिक्कत आएगी, खांसी और फीवर हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। कुंभ आज घूमने-फिरने का प्लान बना सकते हैं, इससे मन खुश होगा। काम में नए मौके मिल सकते हैं , डेडलाइन में रहकर काम करें। रिश्तों में खुलापन रहेगा, किसी दोस्त से अच्छी बात हो सकती है। पैसों में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बेकार का खर्च ना करें, तो आपके लिए अच्छा है। भागदौड़ से बचें। कन्या आज जिम्मेदारियां अधिक और काम भी अधिक रहेगा। ऑफिस का काम घर पर ना लाएं। आप शांत रहकर काम करेंगे तो हालात आपके फेवर में रहेंगे। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा, निवेश के लिए रिसर्च करें। अभी बड़ा खर्च करना रिस्की रहेगा।हेल्थ को लेकर जिम टालना बेहतर रहेगा। सेहत में जोड़ों या कमर में दर्द महसूस हो सकता है, थोड़ा स्ट्रेचिंग करें। वृश्चिक आज लोगों से जुड़ने का दिन है। आपको आज निवेश को लेकर ध्यान देना चाहिए धोखा हो सकता है। ऑफिस में नए लोगों से मिलेंगे, आपका नेटवर्क बनेगा। हत में हल्की थकान या आंखों में जलन हो सकती है, स्क्रीन टाइम कम रखें। मीन आज मन भावुक रह सकता है, आज उदास फील करेंगे। काम में ध्यान थोड़ा भटकेगा, इसलिए खुद को फोकस में लाने की जरूरत है। आज फालतू चीजों में पैसा लगाने से खर्च बढ़ सकता है, खासकर घर से जुड़े कामों पर। हेल्थ को लेकर खास ध्यान दें। बॉडी दर्द की दिक्कत हो सकती है, पानी ज्यादा पिएं और हल्का खाना खाएं।

संदीपनी विद्यालय घुघरी का मामला अतिथि शिक्षक की ‘अमर्यादित’ टिप्पणी पर हंगामा

मंडला.  जिले के शासकीय सांदीपनी विद्यालय घुघरी में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक अतिथि शिक्षक पर कक्षा 10वीं की छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना से आक्रोशित छात्राओं ने विद्यालय के प्राचार्य को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  *क्या है पूरा मामला   प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्त अतिथि शिक्षक बिजेंद्र झारिया पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा 10वीं की छात्राओं के प्रति अत्यंत अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत पत्र में छात्रा ने उल्लेख किया है कि शिक्षक ने पूरी कक्षा के सामने उसे जलील किया, जिससे उसकी गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है। इस शिकायत का समर्थन कक्षा की अन्य छात्राओं ने भी अपने हस्ताक्षर करके किया है।  अधिकारियों का रुख: “हटाया जाएगा आरोपी शिक्षक”  इस संवेदनशील मामले पर सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए कहा कि, “मुझे इस संबंध में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन अब प्राचार्य के माध्यम से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। ऐसे आरोपी अतिथि शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालय से हटाया जाएगा।”  राजनीतिक आक्रोश: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”  मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री कमलेश तेकाम ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा मैंने पूर्व में ही अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन क्षेत्रीय संयोजक मंडला विष्णु सिंगोर जैसे लोगों की लापरवाही के कारण इन्हें संरक्षण मिल रहा है। बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को शह देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस शिक्षक को तुरंत नहीं हटाया गया, तो हम स्वयं आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।” छात्राओं में डर और आक्रोश छात्राओं का कहना है कि स्कूल में सुरक्षित महसूस करना उनका अधिकार है, लेकिन शिक्षक के इस प्रकार के व्यवहार से वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और कितनी ठोस कार्रवाई करता है एवं आरोपी अतिथि शिक्षक को कब तक हटाएगी  इनका कहना है कि मैने ऐसी मैडम बात की है कि ऐसे आरोपी शिक्षक को जल्द से जल्द हटाया जावे जो शिक्षा को शर्मसार कर रहे हैं

वन मंत्री केदार कश्यप एवं विधायक किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित

  रायपुर. वन मंत्री  केदार कश्यप एवं विधायक  किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित स्थानीय सर्किट हाऊस में शुक्रवार की शाम उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब जमीनी स्तर पर उतरा, तो हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप एवं विधायक  किरण सिंह देव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लोगों को सामग्री और सहायता राशि वितरित कर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ किया। कार्यक्रम के दौरान सबसे भावुक और उत्साहजनक क्षण तब देखने को मिले जब समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की पहल की गई। उप मुख्यमंत्री  शर्मा, वनमंत्री  कश्यप एवं विधायक  देव ने करण नाग, संजय सांतरा और विजय मौर्य को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी, जिससे अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी। इसी क्रम में राकेश कुमार मिश्रा को कृत्रिम पैर और विपिन सिंह को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान के साथ जीने का संबल दिया गया। शिक्षा और तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, विवेक कुमार और सुभद्रा को मोबाइल किट तथा जयबती और गायत्री को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि ये बच्चे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर सकें। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला समूहों को बड़े संसाधन सौंपे गए। जागृति, तिरंगा, इंद्रावती और झांसी की रानी महिला क्लस्टर संगठनों को ईंट-सीमेंट निर्माण इकाई के संचालन हेतु चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही कंकालीन और दुर्गा स्व-सहायता समूहों जैसी संस्थाओं को भी प्रोत्साहित किया गया। बरसों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी यह शाम यादगार बन गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी बाई राव, बबिता कश्यप, अलाबती, गजमती और सेवती नायक समेत कई गृहणियों को उनके सपनों के घर की चाबी सौंपी। वहीं छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ममता यादव और नासिर खान को चेक प्रदान किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुजुर्ग हितग्राहियों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ देकर सरकार ने हर वर्ग के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, सीईओ जिला पंचायत  प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

‘PM मोदी ने यूक्रेन पर परमाणु हमले को रोका’, किसने खोला राज? पुतिन को दी ये समझाइश

नई दिल्ली पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अहम हस्तक्षेप करते हुए हालात को और बिगड़ने से रोका था. IANS से बातचीत में बार्टोशेव्स्की ने दावा किया कि वर्ष 2022 के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत की थी. इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में टैक्टिकल परमाणु हथियार के इस्तेमाल को लेकर रूस को पीछे हटने के लिए राजी किया. पोलैंड के उप विदेश मंत्री के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहद सकारात्मक और जिम्मेदार वैश्विक भूमिका का उदाहरण है. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में जिस तरह की भूमिका निभा रहा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पोलैंड भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद अहम मानता है और भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. भारत के साथ पोलैंड के सौहार्दपूर्ण रिश्तों की चर्चा करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और हम दुनिया में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हैं.’ क्या यूक्रेन पर होने वाला था परमाणु हमला? फिर उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग में भारतीय प्रधानमंत्री की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘जैसा कि मैंने नई दिल्ली में अपने एक इंटरव्यू में बताया था, प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर डिवाइस का इस्तेमाल करने की कोशिश करने से रोका था. यह एक सकारात्मक भूमिका थी जो प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई और जो भारत दुनिया के मामलों में निभाता है, और मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा.’ 45 साल बाद पोलैंड की यात्रा पर गए थे पीएम मोदी पीएम मोदी के पोलैंड दौरे को याद करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमने 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. तब वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पोलैंड आए थे; 45 साल में हमारे देश आने वाले वो भारत के पहले पीएम थे. यह एक बहुत अच्छी यात्रा थी, और अब हमने ईयू के साथ विदेश व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, हम भी इसका हिस्सा हैं. मैं अभी विदेश मंत्रालय से लौटा हूं, जहां हमने सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग सहयोग, सुरक्षा मुद्दे, हाई-टेक में आईटी निवेश, अंतरिक्ष में सहयोग और अन्य चीजों से जुड़े कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका के साथ ज्यादा फायदेमंद ट्रेड डील की है, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है. आप अब दुनिया में जीडीपी के मामले में चौथे नंबर पर हैं, और प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि आपका लक्ष्य बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनना है. भारत एक बहुत बड़ा बाजार है; लगभग डेढ़ अरब लोग यहां रहते हैं, और इस वजह से भी यह एक बहुत ही उन्नत बाजार है. इतनी क्षमता वाले देश को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है.’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या कहा? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पोलैंड के डिप्टी विदेश मंत्री बोले, ‘ट्रेड डील न होने के बजाय ट्रेड डील होना बेहतर है, क्योंकि आम तौर पर टैरिफ खुशहाली की गारंटी नहीं हैं. अगर आप किसी चीज पर टैरिफ लगाते हैं, तो ये टैरिफ आमतौर पर, आखिर में, कंज्यूमर ही चुकाता है इसलिए मुझे लगता है कि टैरिफ जितने कम होंगे, उतना ही अच्छा होगा. यह अच्छी बात है कि भारत और अमेरिका एक ऐसे समझौते पर पहुंचे जिससे टैरिफ में भारी कटौती की गई.’

महिला की मर्जी के बिना मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकती अदालत, SC ने गर्भपात की मंजूरी दी

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में महिला के प्रजनन संबंधी अधिकारों और उसकी स्वायत्तता को सर्वोपरि माना है। कोर्ट ने शुक्रवार को एक 18 वर्षीय युवती को 30 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। साथ ही हाई कोर्ट ने सुझाव दिया था कि युवती को बच्चे को जन्म देना चाहिए और बाद में उसे गोद दे देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- अदालत किसी भी महिला को उसकी गर्भावस्था पूरी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, यदि वह ऐसा नहीं करना चाहती है। पूरा मामला क्या है? युवती ने 17 साल की उम्र में गर्भधारण किया था, और अब वह 18 साल 4 महीने की है। यह गर्भ एक मित्र के साथ संबंध के कारण ठहरा था। कोर्ट ने माना कि इस गर्भावस्था को जारी रखना युवती के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद दर्दनाक होगा। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि गर्भपात की प्रक्रिया से युवती की जान को कोई गंभीर खतरा नहीं है। कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां युवती के वकील ने तर्क दिया कि अवैध बच्चे को जन्म देने से जुड़े सामाजिक कलंक के कारण उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचेगा। कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि अपीलकर्ता के अधिकारों की रक्षा करना अनिवार्य है, भले ही निर्णय लेने में देरी हुई हो। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया- हमें किसके हित को देखना चाहिए? एक अजन्मा बच्चा या वह मां जो उसे जन्म दे रही है? जस्टिस नागरत्ना ने चिंता जताई कि जब डॉक्टर कानूनी जटिलताओं के कारण मना कर देते हैं, तो महिलाएं मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाती हैं, जो उनके जीवन के लिए खतरनाक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि यहां मुख्य मुद्दा यह है कि लड़की गर्भावस्था जारी नहीं रखना चाहती। अदालत ने कहा- यह प्रश्न नहीं है कि संबंध सहमति से था या नहीं। वास्तविकता यह है कि बच्चा अवैध है और मां बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। मां की प्रजनन स्वायत्तता को महत्व दिया जाना चाहिए। कानून क्या कहता है? भारत में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के तहत 20 सप्ताह तक महिला स्वयं गर्भपात का निर्णय ले सकती है। 20 से 24 सप्ताह के बीच मेडिकल बोर्ड की राय जरूरी होती है। 24 सप्ताह के बाद गर्भपात की अनुमति केवल अदालत दे सकती है। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए 30 सप्ताह की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे दी और याचिकाकर्ता से इसके लिए लिखित सहमति देने का निर्देश दिया।

राजस्थान में भी दोहराया राजा रघुवंशी हत्याकांड, प्रेमी और दोस्तों के साथ मिलकर नवविवाहिता ने की पति की हत्या

श्रीगंगा नगर. इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि राजस्थान के श्रीगंगानगर से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। जहां एक महिला ने शादी के तीन महीने बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रावला थाना पुलिस ने आशीष सांसी हत्या मामले में मृतक की पत्नी अंजू उर्फ अंजली, प्रेमी संजय उर्फ संजू सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार, मफलर और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। सोनम की तरह अंजली ने रची साजिश सोनम की तरह ही श्रीगंगानगर में अंजली ने खौफनाक साजिश रची। सोनम शादी के 10 दिन बाद ही पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून पर गई थी, जहां पर उसने प्रेमी राज के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की थी। वैसे ही राजस्थान में अंजली ने शादी के तीन महीने बाद पति आशीष की हत्या की प्लानिंग बनाई। पति को विश्वास में लेकर वह शाम के समय घूमने के लिए गई। जहां पर अंजली ने अपने प्रेमी संजय के साथ मिलकर पति आशीष की हत्या कर दी। अंजली के चाचा बोले- भतीजी के मिले फांसी की सजा आशीष के परिजनों के साथ-साथ अंजली के चाचा ने सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। अंजली के चाचा रवि कुमार का कहना है कि हमारी औलाद की वजह से एक परिवार बिखर गया। हमें अंदाजा तक नहीं था कि अंजली ऐसा कदम उठाएगी। तीन महीने पहले ही उसकी आशीष से शादी हुई थी। भतीजी सहित हत्या के सभी आरोपियों को फांसी दी जाए। चाचा रवि ने कहा कि इस हत्याकांड के बाद से ही अंजली की मां व अन्य रिश्तेदार आशीष के घर पर ही हैं। अंजली के पिता की 12 साल पहले मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मां ने ही उसे पढ़ाया। अंजू घर पर रहकर ही एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन, भतीजी की करतूत से पूरा परिवार शर्मिंदा है। ऐसे हुआ था चौंकाने वाला खुलासा पुलिस ने अंजली की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि प्रेमी संजय से उसकी लगातार बात हो रही थी। दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस ने संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पूछताछ में सामने आया कि कुछ दिन पहले ही अंजली ने पीहर सादुलशहर में संजय के साथ मिलकर पति की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। योजना के तहत अंजली दोबारा ससुराल लौटी और रोज की तरह पति के साथ रात में घूमने जाने लगी। 30 जनवरी की रात अंजली ने आशीष को बहाने से सूनसान सड़क पर ले जाकर पहले से झाड़ियों में छिपे आरोपियों को इशारा किया। इसके बाद आरोपियों ने डंडों से सिर पर वार कर उसे बेहोश किया और मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। थाने में दर्ज हुई थी ये रिपोर्ट 31 जनवरी को रावला थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक चक एक केएलएम निवासी बजीरचंद ने बताया था कि 30 जनवरी की रात उसका भतीजा आशीष अपनी पत्नी के साथ घूमने निकला। तभी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर घायल हो गया। जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। लेकिन, जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला घोंटने के निशान मिलने पर स्पष्ट हुआ कि आशीष की हत्या हुई है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले स्विस संसद सदस्य

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में स्विट्जरलैंड की संसद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य  निक्लाउस सैमुअल गुगर ने सौजन्य भेंट की।  गुगर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से औद्योगिक विकास, ऊर्जा संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी  चंद्रमौली शुक्ला सहित औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्विस संसद के सदस्य  गुगर ने स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिशन मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा दक्षता के लिए डिजिटल समाधान के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक ऑटोमेशन और सतत् प्रौद्योगिकी में स्विस विशेषज्ञता का विशेष लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु शासन, औद्योगिक संक्रमण पर नीति आदान-प्रदान के लिए स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर स्विस संसद सदस्य  गुगर ने मध्यप्रदेश के जलवायु और स्थिरता पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी और यहां के युवाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग/समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी पर शोध के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त पहल की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं।  गुगर ने कहा कि स्विस नागरिकों के लिए मध्यप्रदेश को एक विरासत एवं इको टूरिज्म गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाए, इससे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों की योजना बनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने  गुगर के सुझावों की सराहना कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में हुई थी भेंट उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से गत माह दावोस में हुए वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में स्विस संसद सदस्य  गुगर ने सौजन्य भेंट की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से भारत से अपने संबंधों, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग, पर्यावरण-संरक्षण और जनजातीय कल्याण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। चर्चा के दौरान ग्रामीण ईको पर्यटन, मिलेट्स के प्रमोशन और मध्यप्रदेश-स्विट्जरलैंड के बीच भावी सहयोग की सभी संभावनाओं और अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर एवं परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स और कैम्प में

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एनसीसी युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के संस्कार प्रदान करने वाला एक सशक्त माध्यम है। ‘मुख्यमंत्री बैनर’ जैसे कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ‘मुख्यमंत्री बैनर’ कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता तथा राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए हम सबको सक्रिय भागीदारी करनी होगी। इस दिशा में युवाओं को विशेष रूप से आगे आना चाहिये। युवा साथी अपनी असीम ऊर्जा का पूरी जिम्मेदारी और समर्पण भाव से सदुपयोग कर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में भारतीय सेना पूरी शक्ति के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया। देश में वैश्विक स्तर पर शांति के लिए दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। जब-जब आतंकियों ने दुस्साहस किया, हमारे सैनिकों ने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए पड़ौसी देश में छिपे आतंकवादियों को तीन-तीन बार घर में घुसकर सबक सिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेनाओं में भी नारी सशक्तिकरण पर बल दिया जा रहा है। वर्ष 2026 का गणतंत्र दिवस समारोह नारी सशक्तिकरण को समर्पित रहा। देश में पहली बार परेड समारोह में अर्ध सैनिक बल की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला ऑफिसर कर रही थीं। प्रदेश की 23 बेटियों (एनसीसी कैडेट्स) को गणतंत्र दिवस परेड में मार्च करते हुए देखा तो सीना गर्व से फूल गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने सेनाओं और सशस्त्र बलों में महिलाओं को समान अवसर देने के लिए स्थाई कमीशन देने सहित अनेक कदम उठाए हैं। नौसेना की अग्निपथ योजना में बेटियों को आरक्षण मिल रहा है। सैनिक स्कूलों में भी बेटियों को दाखिला मिलने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में हुए गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) की बेस्ट एनसीसी कैडेट्स प्रतियोगिता में एक स्वर्ण एवं 2 रजत पदक जीतने पर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय को बधाई दी। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में देशभर के 17 निदेशालयों के कैडेट्स शामिल हुए और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इसमें तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी गणतंत्र दिवस टुकड़ी को सम्मानित किया एवं इस उपलब्धि के लिए कैडेट्स, प्रशिक्षक एवं अधिकारियों की निष्ठा, दृढ़ता और सतत प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, जबलपुर को प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का बेस्ट इंटर ग्रुप मुख्यमंत्री बैनर प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित नेशनल कैडेट कोर के कैंप में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कैडेट्स को मैडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) में प्रतिभागी कैडेट्स को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रूपए के चेक भी सौंपे। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने नारी शक्ति समूह गीत एवं एनएसएस की कैड्टेस ने एनएसएस गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पीएम मेडल विजेता सीनियर अंडर ऑफिसर श्री विशाल सिंह ने आरडीसी के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर बुक में स्वयं एनसीसी के लिए शुभकामना संदेश लिखा और सभी पदक विजेताओं को बधाई देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की तरह वे भी अपने स्कूल-कॉलेज के समय एनसीसी और एनएसएस के वर्दीधारी रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी एनसीसी के दौर में सीखे अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा पर गर्व करते हैं। एनसीसी के कैडेट्स जब जैसी आवश्यकता हो, भारतीय लोकतंत्र की भावना और विरासत को हर कालखंड में सशक्त करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 8 कैड्टेस शामिल हुए। प्रदेश में अभी 1 लाख 56 हजार एनएसएस कैडेट हैं, जिन्होंने 1200 से अधिक गांवों को गोद लिया है। राज्य सरकार ने एनएसएस कैडेट्स की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रदेश के युवाओं में समानता, समाजसेवा और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भाव विकसित हो। अपर महानिदेशक एनसीसी, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय मेजर जनरल श्री जे.पी. सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमें एनसीसी की गतिविधियों एवं विस्तार को सुदृढ़ करने में राज्य सरकार के समस्त विभागों, विशेष रूप से उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग एवं राज्य वित्त विभाग से पूर्ण सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश के भोपाल, जबलपुर और सागर में एनससी के नए कैंप स्थापित करने के लिए भूमि का आवंटन हो चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी कुल 77 हजार कैडेट्स हैं, आगामी वर्षों में इनकी संख्या 1 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मेजर जनरल श्री सिंह ने बताया कि 17 लाख कैडेट्स के साथ एनसीसी दुनिया में अपना अलग स्थान रखती है। गणतंत्र दिवस परेड-2026 के समारोह में एनसीसी के कुल 2200 कैडेट्स शामिल हुए। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय में कुल 1 लाख 5 हजार कैडेट्स हैं, इनमें से 136 कैडेट ने गणतंत्र दिवस शिविर में सहभागिता की। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने 2024 में छठा, 2025 में चौथा और इस वर्ष 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया है। निदेशालय के 23 कैडेट्स ने कर्तव्य पथ पर परेड में मार्च पास्ट किया। एनसीसी निदेशालय, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर, ग्वालियर तथा रायपुर में स्थित कुल छह एनसीसी ग्रुप कार्यरत हैं। प्रत्येक ग्रुप में 10 से 15 बटालियन हैं। सभी बटालियन अपने-अपने ग्रुप का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे प्रशिक्षण वर्ष के दौरान विभिन्न गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिनमें सेवा विषय, फायरिंग, वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, सामाजिक सेवा गतिविधियाँ, साहसिक गतिविधियाँ तथा ग्रुप गीत प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के आधार पर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय जबलपुर ने प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए चैंपियन ग्रुप के रूप में उभरकर सफलता प्राप्त की। कार्यक्रम के … Read more

राजस्थान के पंचायत चुनाव को लेकर आई बड़ी अपडेट, ‘दो संतान’ और ‘शैक्षिक अनिवार्यता’ होगी लागू?

जयपुर. राजस्थान में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के बीच पात्रता नियमों को लेकर काफी असमंजस बना हुआ था। खास तौर से चर्चा थी कि राज्य सरकार दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे सकती है और शैक्षणिक योग्यता को भी अनिवार्य बना सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में पात्रता नियमों में किसी बड़े बदलाव की कोई योजना नहीं है। सरकार के पास फिलहाल नियमों में संशोधन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसका मतलब साफ़ है कि अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग भी पूर्व की भांति चुनाव लड़ सकेंगे। रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने स्पष्ट किया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 21 के तहत पार्षदों या निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए किसी भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान नहीं है। दो संतान नीति : ‘प्रक्रिया में है, पर लागू नहीं’ दो संतान नीति को हटाने पर विचार-विमर्श लंबे समय से चल रहा है। यह मामला अभी प्रक्रिया (Under Process) में है। कैबिनेट ने अभी तक इस संबंध में कोई बिल पास नहीं किया है और न ही कोई नया नियम लागू हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि सरकार 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लड़ने की पाबंदी को हटा सकती है।  पक्ष और विपक्ष में छिड़ी नई बहस सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विरोध में स्वर: पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत ने सरकार के इस रुख की आलोचना की है। उनका कहना है कि 21वीं सदी में सरकार को पीछे की ओर नहीं मुड़ना चाहिए। कम संतान वाले जनप्रतिनिधि समाज के लिए उदाहरण होते हैं। साथ ही, उन्होंने निकायों के संचालन के लिए शैक्षणिक योग्यता न होने को भी गलत बताया। समर्थन में तर्क: पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने इस रुख का स्वागत करते हुए कहा कि शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य न होने से अधिक लोगों को लोकतंत्र में भागीदारी मिलेगी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ दो से अधिक बच्चे होना सामान्य बात थी, वहाँ नियमों में ढील मिलने से कई योग्य उम्मीदवार चुनाव लड़ पाएंगे। भविष्य की संभावनाएं और कानूनी पेच हालांकि सरकार ने अभी संशोधनों को लागू करने से इनकार किया है, लेकिन स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के पूर्व के बयानों से संकेत मिलते हैं कि धारा 24 में संशोधन का प्रस्ताव विधि विभाग के पास भेजा गया है। यदि भविष्य में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जा सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति यही है कि आगामी चुनावों में पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उम्मीदवारों के लिए क्या है संदेश? निकाय चुनावों की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। फिलहाल वे लोग जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। वहीं, वे उम्मीदवार जो इस उम्मीद में थे कि शैक्षणिक योग्यता लागू होने से उनके प्रतिद्वंद्वी बाहर हो जाएंगे, उन्हें भी अब चुनावी मैदान में सीधी टक्कर के लिए तैयार रहना होगा। पिछले कुछ समय से 2 बच्चों की नीति को हटाने पर चर्चा चल रही है। फिलहाल यह अपेक्षित है और प्रक्रियाधीन है-रवि जैन, सचिव, डीएलबी

उज्जैन का ईको टूरिज्म पार्क वन्य जीव केन्द्र का ही होगा हिस्सा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍ कि मध्यप्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में 2 नए वन्य जीव केन्द्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र के लिए निुयक्त कंसल्टेंट फर्म से कहा कि वे उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाईल्ड लाईफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर फुल एक्सपीरियंस दे। उन्होंने कहा कि इस वाईल्ड लाईफ सेंटर को करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हैक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केन्द्र में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंसल्टेंट से कहा कि यह एक अनोखा वन्य जीव केन्द्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केन्द्रों से भिन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केन्द्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केन्द्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केन्द्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव केन्द्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केन्द्र के रूप में तैयार किया जाए। बैठक में वन्य जीव केन्द्र निर्माण के लिए नियुक्त की गई कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने पॉवर पाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि करीब 500 हैक्टेयर रकबे में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सेंटर फॉरमेशन का पहला चरण प्रारंभ करेंगे। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वन्य जीव केन्द्र का निर्माण कुल 6 चरणों में किया जाएगा। वन्य जीव केन्द्र में दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। उन्होंने बताया‍ कि इस केन्द्र में 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केन्द्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया‍ कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में कराया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ  शुभरंजन सेन, सीसीएफ  कृष्णमूर्ति सहित गुजरात के वनतारा जू से आए अधिकारी और कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। 

बिजली कंपनी के वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड और बिल भुगतान की सुविधा

भोपाल.  उपभोक्ता सुविधा का लाभ उठाएं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड एवं बिल भुगतान सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए उपभोक्ता को कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे अपने मोबाइल के माध्यम से बिजली बिल डाउनलोड एवं भुगतान सहित अन्य 10 सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि चैटबॉट नंबर 0755 2551222 पर ‘Hi‘ (हाय) लिखते हैं तो तुरंत आपके सामने क्रमशः 10 अलग-अलग सुविधाओं की सूची आ जाएगी। यदि आपको अपने घर का बिजली बिल भरना है तो इसमें 2 नंबर पर ‘फॉर बिल’ का ऑप्शन दिखता है। मैसेज बॉक्स में जैसे ही आप 2 लिखते ही आपको 1 नंबर ‘फॉर व्यू एंड पे एलटी बिल’ का ऑप्शन सहित तीन अन्य ऑप्शन भी दिखेंगें। जब आप अपने बिल के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो दो ऑप्शन आएंगे। इसमें 1 नंबर पर ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ और 2 नंबर पर ‘फॉर इंटर कस्टूमर आईडी। इसमें आप अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के लिए जैसे ही ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो आपके कनेक्शन नंबर दिखेंगे। इसमें जिस नंबर का बिल आपको चाहिए वह नंबर जैसे ही लिखेंगे तो तुरंत आपके मोबाइल पर बिल की राशि सहित पीडीएफ आ जाएगी। इसी में ‘व्यू एंड पे’ तथा ‘पे नाऊ’ का ऑप्शन दिखेगा। यदि आप पहले बिल देखना चाहते हैं तो ‘व्यू एंड पे’ को टच करेंगे। यदि आपको राशि देखकर उसे जमा करना है तो ‘पे नाऊ’ को टच करना होगा। जैसे ही आप ‘पे नाऊ’ को टच करेंगे तो आपसे भुगतान के विकल्प पूछे जाएंगे। इसमें आपको पे ऑन वाट्सएप, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम सहित अन्य यूपीआई एप्स के ऑप्शन दिखेंगे। यहां पर जिस विकल्प से आपको पेमेंट करना है, उसे चयन कर ‘कांटीन्यू’ कर देंगे तो आपके वैलेट से पैमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और तत्पश्चात मोबाइल पर ही रसीद प्राप्त हो जाएगी। इस रसीद को आपके मोबाइल में सेव करने का ऑप्शन भी रहेगा। इसके अलावा आप चाहें तो उसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। इस तरह से उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल से बिजली कंपनी की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वॉट्सएप व चैटबॉट पर जिन 10 सुविधाओं का ऑप्शन उपलब्ध है उसमें फॉर कंप्लेंट, फॉर बिल (एलटी/एचटी), फॉर व्यू अदर एप्लीकेशंस, फॉर लिंक युअर मोबाइल टू कनेक्शन नंबर, फॉर सैल्फ रीडिंग, टू एप्लाई फॉर न्यू सर्विस कनेक्शन/नेट मीटरिंग, टू एप्लाई फॉर चैंज इन एक्जिस्टिंग कनेक्शन, टू एप्लाई फॉर फिजिकल बिल, फॉर सोलर रूफटॉप (नेट मीटरिंग) और एड ऑर रिमूव मोबाइल नंबर शामिल हैं। 

अंडर-19 विश्वकप फाइनल: भारत की बादशाहत बरकरार, छठा खिताब अपने नाम

हरारे . भारतीय अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और छठी बार विश्व कप का खिताब जीत लिया। भारत पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रहा और ग्रुप चरण से लेकर फाइनल मुकाबले तक कोई टीम आयुष म्हात्रे की अगुआई वाली टीम को हरा नहीं सकी। भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड को 100 रन से रौंदा भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 100 रनों से हराया। भारत ने इंग्लैंड के सामने 412 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन रन पर सिमट गई। टीम इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी फाइनल के सुपरस्टार रहे। उन्होंने 80 गेंद में 175 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। वहीं, इंग्लैंड की ओर से कैलब फाल्कनर ने शतक जड़ा, लेकिन टीम को नहीं जिता पाए। फाल्कनर ने 67 गेंद पर 115 रन की पारी खेली।  टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रही। भारत ने पहले मैच में अमेरिका को छह विकेट से हराया। इसके बाद बांग्लादेश को 18 रन से मात देकर सुपर सिक्स चरण में प्रवेश किया। ग्रुप चरण के आखिरी मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को डीएलएस प्रणाली से सात विकेट से हराया। ग्रुप चरण में दमदार प्रदर्शन के बाद भारत ने सुपर सिक्स चरण में जिम्बाब्वे को 204 रनों के बड़े अंतर से हराया। फिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 58 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और पाकिस्तान को बाहर का रास्ता दिखाया। भारत ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। सर्वाधिक बार खिताबी मुकाबले खेलने का है रिकॉर्ड  इसमें कोई शक नहीं है कि भारत का अंडर-19 विश्व कप में हमेशा ही दबदबा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भारत अंडर-19 विश्व कप के 16 सत्र में से 10 बार खिताबी मुकाबले में पहुंच चुका है जो सर्वाधिक है। भारत ने लगातार छठी बार खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। टीम ने 2016, 2018, 2020, 2022, 2024 और 2026 में खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। यह आंकड़ा ये बताने के लिए अपने आप में काफी है कि भारतीय टीम का अंडर-19 में कोई सानी नहीं है। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया टीम भी भारत से काफी पीछे है। ऑस्ट्रेलिया ने छह बार अंडर-19 टीम के फाइनल में जगह बनाई है और चार बार खिताब जीता है। अंडर-19 विश्व कप का किया था सबसे बड़ा रन चेज भारत के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे बड़ा रन चेज का रिकॉर्ड भी है। टीम ने यह उपलब्धि अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हासिल की थी। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 310 रन बनाए। जवाब में भारत के लिए आरोन जॉर्ज ने शतक लगाया, जबकि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने अर्धशतक लगाए जिससे टीम ने 41.1 ओवर में तीन विकेट पर 311 रन बनाकर मैच अपने नाम किया था। भारत ने इस तरह अंडर-19 विश्व कप का सबसे बड़ा रन चेज बनाया था। इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था जिन्होंने 2006 में आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। भारत ने इस तरह 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।    

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