Release of prisoners from Jabalpur Central Jail on Independence Day; list includes inmates from several districts.

विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तव
जबलपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर से बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया से संबंधित एक सूची सामने आई है। दस्तावेज में 15 अगस्त 2026 को रिहा किए जाने वाले बंदियों के नाम, उनके पिता के नाम, वर्तमान आयु, पते तथा संबंधित जिले का विवरण दर्ज है।
दस्तावेज के अनुसार, रिहाई के लिए तैयार सूची में जबलपुर, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सिंगरौली सहित अन्य स्थानों से संबंधित बंदियों के नाम शामिल हैं। सूची में उत्तर प्रदेश के बलिया और प्रयागराज (इलाहाबाद) से संबंधित बंदियों का विवरण भी दिखाई देता है।

जबलपुर के 3 बंदियों के नाम
दस्तावेज में जबलपुर जिले के अंतर्गत तीन बंदियों का उल्लेख है। इनमें शैल कुमार उर्फ पिल्लू, मोहियुद्दीन और गन्नू उर्फ गनपत के नाम शामिल हैं। दस्तावेज में इनकी उम्र क्रमशः लगभग 50, 63 और 54 वर्ष दर्ज है।
बालाघाट से 5 नाम
बालाघाट जिले की सूची में सुखदास उके, पन्नालाल तुरकर बैरागी, राजेन्द्र उर्फ नाना, छन्नूलाल और मालतीबाई के नाम दर्ज हैं। इन सभी के सामने रिहाई की तारीख 15 अगस्त 2026 अंकित है।
कटनी और सिवनी के बंदी भी सूची में
कटनी जिले के अंतर्गत रवि कुमार रजक, संतोष बर्मन और रामनारायण उर्फ नारायण के नाम दर्ज हैं। वहीं सिवनी जिले के लिए राजू बरकड़े, हरदयाल और रामदयाल के नाम सूची में दिखाई दे रहे हैं।
मंडला जिले के अंतर्गत जेडूलाल और संतोष मरावी के नाम दस्तावेज में दर्ज हैं।
दूसरे राज्यों से जुड़े नाम भी शामिल
दस्तावेज में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और बलिया से संबंधित नाम भी दर्ज हैं। इसके अलावा सिंगरौली जिले से संबंधित एक बंदी का विवरण भी सूची में दिखाई देता है, जिसका वर्तमान पता सिंगरौली स्थित एनसीएल कॉलोनी का दर्ज है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिहाई
दस्तावेज के शीर्ष भाग में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूचीबद्ध बंदियों को रिहा किए जाने का उल्लेख है। सभी संबंधित प्रविष्टियों में 15 अगस्त 2026 की रिहाई तारीख दर्ज है।
हालांकि, दस्तावेज में केवल बंदियों के नाम और रिहाई संबंधी विवरण उपलब्ध हैं। किस मामले में सजा हुई थी, सजा की अवधि क्या थी और रिहाई किस विशेष कानूनी/प्रशासनिक प्रावधान के तहत की जा रही है, इसकी पूरी जानकारी इन पन्नों से स्पष्ट नहीं होती। इसलिए इन पहलुओं की पुष्टि जेल प्रशासन या संबंधित आधिकारिक आदेश से किया जाना जरूरी होगा।









