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धार्मिक आस्था और आधुनिक अधोसंरचना का अद्भुत संगम — भैरव मंदिर, गूढ़ (रीवा) का भव्य लोकार्पण

A wonderful confluence of religious faith and modern infrastructure – Grand inauguration of Bhairav Temple, Gudh (Rewa) जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला के सुंदर समन्वय का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आज गूढ़ स्थित भैरव मंदिर परिसर का भव्य लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। यह अवसर न केवल क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण रहा, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था के नए केंद्र की स्थापना का ऐतिहासिक दिन भी बना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंदिर परिसर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने इसे प्रदेश की धार्मिक पर्यटन संभावनाओं को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। परंपरा और आधुनिकता का संतुलित स्वरूप मंदिर परिसर की संपूर्ण वास्तु संकल्पना प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव द्वारा तैयार की गई है। उनके डिज़ाइन में पारंपरिक मंदिर वास्तुकला की गरिमा और आधुनिक सुविधाओं का उत्कृष्ट संतुलन देखने को मिलता है। भव्य शिल्पकला, विस्तृत प्रांगण, सुव्यवस्थित मार्ग, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और सौंदर्यपूर्ण प्रकाश व्यवस्था इस परिसर को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। आर्किटेक्ट श्रीवास्तव ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक एवं सामाजिक केंद्र विकसित करना था जहाँ लोग शांति, संस्कृति और सामुदायिक जुड़ाव का अनुभव कर सकें। आस्था से सामाजिक समरसता तक भैरव मंदिर परिसर आने वाले समय में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक आयोजनों, आध्यात्मिक प्रवचनों तथा सामुदायिक कार्यक्रमों का प्रमुख स्थल बनने की दिशा में अग्रसर है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल यह नव-निर्मित परिसर केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रेरक प्रतीक सिद्ध होगा। भव्यता, आध्यात्मिकता और आधुनिक दृष्टिकोण का यह संगम रीवा जिले को धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान देने जा रहा है।

केंद्रीय जेल जबलपुर की झांकी “गुडिया” बनी जेल सुधार की संवेदनशील मिसाल

The tableau of Central Jail Jabalpur, “Gudiya”, became a sensitive example of prison reform. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता/ कैमरामैन  अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर । केंद्रीय जेल जबलपुर द्वारा प्रस्तुत झांकी “गुडिया” ने जेल सुधार और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा है। यह झांकी केंद्रीय जेल जबलपुर के बंदियों के अथक परिश्रम से तैयार की गई है, जो समाज को यह संदेश देती है कि सुधार की राह ही वास्तविक परिवर्तन की कुंजी है। मासूम “गुडिया” की कहानी से खुलता है सच झांकी में एक छोटी बच्ची “गुडिया” की कहानी के माध्यम से उन बच्चों की स्थिति को दर्शाया गया है, जो अपने माता या पिता के साथ जेल में रहने को मजबूर होते हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक दंडात्मक जेल व्यवस्था के चलते 6 वर्ष तक के निर्दोष बच्चों को भी जेल के कठिन वातावरण में रहना पड़ता था। सुधारात्मक सोच से बदली बच्चों की दुनिया झांकी में यह भी दर्शाया गया है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जेलों में सुधारात्मक विचारधारा अपनाए जाने के बाद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। अब जेल परिसरों में बच्चों के लिए बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ का मजबूत संदेश “गुडिया” झांकी बेटे और बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने का संदेश देती है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। यह समाज में समानता और जागरूकता को बढ़ावा देने वाली झांकी है। नारी सशक्तिकरण और बंदियों की भावनाएँ भी दिखीं झांकी में महिला कमांडो के माध्यम से नारी सशक्तिकरण को दर्शाया गया है। वहीं जेल में सजा काट रहे बंदियों द्वारा जनजातीय गौरव दिवस जैसे अवसरों पर अपनी रिहाई की आशा को नृत्य के माध्यम से व्यक्त करते हुए दिखाया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। समाज के लिए एक मजबूत संदेश कुल मिलाकर, केंद्रीय जेल जबलपुर की झांकी “गुडिया” यह साबित करती है कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, संवेदना और मानवता का केंद्र भी बन सकती है।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर प्रशासन का शिकंजा, जबलपुर में हाई-लेवल जांच शुरू

Administration cracks down on fake caste certificates, high-level investigation begins in Jabalpur विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तवभोपाल।सहकारिता विभाग मुख्यालय के स्थापना कक्ष में तरह-तरह की हैरत अंग्रेज मामले सामने आ रहे हैं स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता द्वारा स्वयं की विवादित फाइल को घुमा दिया गया है जबकि सौरभ राजपूत के प्रकरण में पूर्व पंजीयक के आदेश की अवहेलना की जा रही है इसी कड़ी में एक और मामला सामने आया है जो जबलपुर का है जबलपुर उपयुक्त कार्यालय में यह साबित हो चुका है कि सीनियर कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर हेमलता डोंगर का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है जिसके आधार पर वह वर्षों से नौकरी कर रही हैं संबंधित जांच विभाग द्वारा अनेक बार स्थापना कक्षा सहकारिता को इस बारे में जानकारी दी गई किंतु ना तो संजीव गुप्ता ने विभागीय जांच करवाई और ना ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे व्यक्ति पर निलंबन की कार्यवाही की स्थापना कक्षा की इस कार्य प्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं सूत्रों के अनुसार संजीव गुप्ता भ्रष्टाचार में इतना दबंग हो चुका है कि वह तय करता है की स्थापना कक्ष में कौन अधिकारी काम करेगा।वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करके किस फाइल को समक्ष रखना है किसे नहीं यह खेल कब तक रुकेगा यह देखने लायक होगा। संभावित सुर्खियां:

सहकारिता विभाग में स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के नेतृत्व में कार्य कर रहा सिंडिकेट

Work is going on in the Establishment Room in the Establishment Department under the leadership of Sanjeev Gupta. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव सहकारिता विभाग में विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी जिसके माध्यम से क्लर्क पद पर कार्यरत कर्मचारी सहकारी निरीक्षक बनाए गए थे।इस परीक्षा को कराने से लेकर मूल्यांकन परिणाम और कर्मचारियों के चयन को लेकर विभागीय कमेटी भी बनी थी।किंतु मुख्य रूप से यह कार्य स्थापना कक्ष का था ।स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता के चहेते क्लर्क सौरभ राजपूत को इस परीक्षा में निर्धारित 100 में से 90 अंक मिल जाते है।परीक्षा का स्तर भी बेहद साधारण था सरल प्रश्न पूछे गए थे।मूल्यांकन करने वालों ने चिन्हित लोगों को उदारता पूर्वक नंबर दिए।नतीजतन सौरभ राजपूत जैसे लोग सहकारी निरीक्षक बन गए।सौरभ राजपूत को पूर्व पंजीयक मनोज सरेयाम द्वारा संदिग्ध कार्य प्रणाली के कारण कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के सिंडिकेट के मुख्य गुर्गे के रूप में काम करने वाले सौरभ राजपूत की फाइल कारण बताओ के बाद दबा दी गई।फाइलों को दबा देने की शैली सहकारिता विभाग में बहुत पुरानी है।वर्षों से जमे संजीव गुप्ता का लेन देन करने वाले सौरभ राजपूत एक अकेला उदाहरण नहीं है गिरोह बनाकर संजीव गुप्ता स्थापना कक्ष में कार्य कर रहा है।स्वयं संजीव गुप्ता के संबंध में पूर्व पंजीयक आलोक सिंह साहब ने एस बी आई हाउसिंग समिति में इसके विरुद्ध अंकित किया था सस्पेंड किया जाय ।मगर उसकी फाइल भी दबा दी जा चुकी है।स्थापना उपायुक्त और संयुक्त आयुक्त आखिर क्यों पूर्व पंजीयक सहकारिता के आदेशों की अवहेलना कर रहे है यह चर्चा का विषय बना हुआ है।प्रदेश के जिलों में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने पदोन्नति रोकने लेन देन के उपरांत लोगों को उपकृत करने का यह खेल दस सालों से चल रहा है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान पंजीयक एवं आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प को इसकी भनक लग चुकी है और वे जल्दी ही बड़ी कार्यवाही करने वाले है।सहकारिता विभाग में प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। सहकारी निरीक्षक मुख्यालय श्री सौरभ राजपूत (दस्तावेज़ानुसार नाम) के विरुद्ध संयुक्त आयुक्त सहकारिता (प्रशासन) मुख्यालय द्वारा औपचारिक आरोप पत्र एवं आरोप विवरण पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोप पत्र के अनुसार 3 मई 2024 को कार्यालयीन आदेश के तहत श्री राजपूत का प्रशासन शाखा से अंकेक्षण शाखा में स्थानांतरण किया गया था। इसके बावजूद उन्हें निर्देशित किया गया था कि वे समस्त निस्तारित प्रकरणों का चार्ज एवं अभिलेख तत्काल संबंधित अधिकारियों को सौंपें, लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद उन्होंने न तो अभिलेख सौंपे और न ही चार्ज ट्रांसफर किया। सूत्रों के मुताबिक 25 सितंबर 2024 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुनः निर्देश दिए गए कि श्रीमती राखी राठौर (सहायक ग्रेड-03) तथा बाद में श्री अजय सिंह को समस्त अभिलेख और प्रकरण सौंपे जाएं, लेकिन यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि इस लापरवाही के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए और डिजिटल अभिलेखों व शासकीय निस्तारण कार्यों में हेर-फेर व छेड़छाड़ की आशंका भी सामने आई है। इससे कार्यालयीन व्यवस्था और कार्य संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर प्रकरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय माना गया है। अब संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध आगे की कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह मामला सहकारिता विभाग में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

फाइलें नहीं सौंपी, आदेशों की अवहेलना: सहकारी निरीक्षक मुख्यालय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, आरोप पत्र जारी

Files not handed over, orders disobeyed: Disciplinary action against Cooperative Inspector Headquarters, charge sheet issued विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव सहकारिता विभाग में विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी जिसके माध्यम से क्लर्क पद पर कार्यरत कर्मचारी सहकारी निरीक्षक बनाए गए थे।इस परीक्षा को कराने से लेकर मूल्यांकन परिणाम और कर्मचारियों के चयन को लेकर विभागीय कमेटी भी बनी थी।किंतु मुख्य रूप से यह कार्य स्थापना कक्ष का था ।स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता के चहेते क्लर्क सौरभ राजपूत को इस परीक्षा में निर्धारित 100 में से 90 अंक मिल जाते है।परीक्षा का स्तर भी बेहद साधारण था सरल प्रश्न पूछे गए थे।मूल्यांकन करने वालों ने चिन्हित लोगों को उदारता पूर्वक नंबर दिए।नतीजतन सौरभ राजपूत जैसे लोग सहकारी निरीक्षक बन गए।सौरभ राजपूत को पूर्व पंजीयक मनोज सरेयाम द्वारा संदिग्ध कार्य प्रणाली के कारण कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के सिंडिकेट के मुख्य गुर्गे के रूप में काम करने वाले सौरभ राजपूत की फाइल कारण बताओ के बाद दबा दी गई।फाइलों को दबा देने की शैली सहकारिता विभाग में बहुत पुरानी है।वर्षों से जमे संजीव गुप्ता का लेन देन करने वाले सौरभ राजपूत एक अकेला उदाहरण नहीं है गिरोह बनाकर संजीव गुप्ता स्थापना कक्ष में कार्य कर रहा है।स्वयं संजीव गुप्ता के संबंध में पूर्व पंजीयक आलोक सिंह साहब ने एस बी आई हाउसिंग समिति में इसके विरुद्ध अंकित किया था सस्पेंड किया जाय ।मगर उसकी फाइल भी दबा दी जा चुकी है।स्थापना उपायुक्त और संयुक्त आयुक्त आखिर क्यों पूर्व पंजीयक सहकारिता के आदेशों की अवहेलना कर रहे है यह चर्चा का विषय बना हुआ है।प्रदेश के जिलों में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने पदोन्नति रोकने लेन देन के उपरांत लोगों को उपकृत करने का यह खेल दस सालों से चल रहा है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान पंजीयक एवं आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प को इसकी भनक लग चुकी है और वे जल्दी ही बड़ी कार्यवाही करने वाले है। सहकारिता विभाग में प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। सहकारी निरीक्षक मुख्यालय श्री सौरभ राजपूत (दस्तावेज़ानुसार नाम) के विरुद्ध संयुक्त आयुक्त सहकारिता (प्रशासन) मुख्यालय द्वारा औपचारिक आरोप पत्र एवं आरोप विवरण पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोप पत्र के अनुसार 3 मई 2024 को कार्यालयीन आदेश के तहत श्री राजपूत का प्रशासन शाखा से अंकेक्षण शाखा में स्थानांतरण किया गया था। इसके बावजूद उन्हें निर्देशित किया गया था कि वे समस्त निस्तारित प्रकरणों का चार्ज एवं अभिलेख तत्काल संबंधित अधिकारियों को सौंपें, लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद उन्होंने न तो अभिलेख सौंपे और न ही चार्ज ट्रांसफर किया। सूत्रों के मुताबिक 25 सितंबर 2024 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुनः निर्देश दिए गए कि श्रीमती राखी राठौर (सहायक ग्रेड-03) तथा बाद में श्री अजय सिंह को समस्त अभिलेख और प्रकरण सौंपे जाएं, लेकिन यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि इस लापरवाही के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए और डिजिटल अभिलेखों व शासकीय निस्तारण कार्यों में हेर-फेर व छेड़छाड़ की आशंका भी सामने आई है। इससे कार्यालयीन व्यवस्था और कार्य संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर प्रकरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय माना गया है। अब संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध आगे की कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह मामला सहकारिता विभाग में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

इंदौर हादसे के बाद जागा जबलपुर नगर निगम, 473 लीकेज सुधारे, 657 सैम्पल की जांच पूरी

Jabalpur Municipal Corporation wakes up after Indore tragedy, repairs 473 leaks, completes testing of 657 samples विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर। नागरिकों को शुद्ध और साफ जल की आपूर्ति करने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। निगम का दावा है कि अब तक 473 लीकेज सुधार हुए है और 657 पानी के सैम्पल की जांच करवाई गई है। कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के नेतृत्व में जल प्रदाय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वार्ड स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शहर के कई जगह अभी भी नाले के आसपास से पानी की लाइन गुजरी है जिसको लेकर भी कार्रवाही की जा रही है। कैबिनेट मंत्री कर रहे हैं निरक्षण जलापूर्ति की पारदर्शिता और जमीनी हकीकत जानने के लिए कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह लगातार निरीक्षण और समीक्षा कर रहे हैं वहीं सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीकि भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। आज महापौर जगत बहादुर सिंह ’अन्नू’ और केंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी, निगमाध्यक्ष रिंकू विज एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर पाइप लाइन सुधार कार्यों का निरीक्षण किया और नागरिकों से सीधे संवाद कर जलापूर्ति का फीडबैक लिया। निगमायुक्त एवं अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड क्रमांक 75 में एमआइजी हाउसिंग बोर्ड में गंदे पानी की समस्या का निराकरण दो पाइप लाइन बदलकर किया गया। क्षेत्रवार किए गए पाइप लाइन सुधार कार्य वार्ड क्रमांक 23 में छोटी ओमती अजाक्स थाने के समीप पाइप लाइन शिफ्टिंग व मिला कार्य, लकड़गंज नाले के पास चार स्थानों में पाइप लाइन लीकेज सुधार, घंटाघर नाले के पास उड़िया मोहल्ला रोड़ पर पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य, वार्ड क्रमांक 32 में पटैल मोहल्ला सूरज सोंधिया निवास के समीप पाइप लाइन सुधार कार्य, एमएमटी, एमएलबी क्वार्टर के समीप पाइप लाइन सुधार, गेट नं. चार पोस्ट आफिस के पास सार्वजनिक शौचालय में नल कनेक्शन कार्य, दद्दा परिसर के पीछे पाइप लाइन सुधार, वार्ड क्रमांक 34 में सतना बिल्डिंग नाले से पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य, श्रीनाथ की तलैया अखाड़े के पास पाइप लाइन सुधार, दत्त मंदिर के पीछे पाइप लाइन सुधार, केशरवानी कॉलेज के सामने पाइप लाइन सुधार कार्य। मोतीलाल नेहरु वार्ड अंतर्गत अंसार नगर नाले के पास दो पाइप लाइन लीकेज व चार खम्बा नाले के पास पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य, जाकिर हुसैन वार्ड अंतर्गत बड़ा कुऑं के पास एक लीकेज सुधार कार्य, चार खम्बा चौक में पाइप लाइन सुधार किया गया। मेडिकल स्टोर बेनी सिंग तलैया में पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। अन्नुपुट्ठा गली में पाइप लाइन सुधार कार्य, हाजी तजम्मुल के पास पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। राजेन्द्र प्रसाद वार्ड अंतर्गत सुजीपुरा मजिस्द के सामने गली में पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। गुलहाई के पास पाठकजी की गली में पाइप लाइन लीकेज सुधार, हरदौल मंदिर से दीपक भटनागर जी के घर तक लाइन बदली, बढ़ई मोहल्ला दुर्गा मंदिर के पास पाइप लाइन सुधार कार्य। रजक मोहल्ले में पाइप लाइन सुधार कार्य। लीकेज सुधार कार्य चितरंजन वार्ड में अहमद नगर में 2 स्थानों पर लीकेज सुधार कार्य। मालगुजार परिसर के पास लीकेज सुधार। संभाग 16 के अंतर्गत अशफाक उल्ला खॉं वार्ड में अहफास होटल के पास, मौ. अब्दुल कलाम वार्ड में बाकर अली का बाड़ा के पास पाइप लाइन सुधार कार्य। वार्ड क्रमांक 73 के अंतर्गत करमेता में खेरमाई मंदिर के पीछे शंकर नगर में नाली से पाइप लाइन हटाने का कार्य। मदन महल वार्ड चौरसिया होटल के पास नाली से शिफ्टिंग कार्य। गढ़ा वार्ड अंतर्गत गढ़ा बाजार तिराहे में लीकेज सुधार, रानी दुर्गावती स्कूल के पीछे, शास्त्री नगर चौक पर लीकेज सुधार कार्य कराया गया।

मुनाफा छुपाने का खेल, मप्र में बिजली कंपनी ने दिखाया 6044 करोड़ का ‘काल्पनिक’ घाटा, दाम बढ़ाने की तैयारी

A game of profit concealment, Madhya Pradesh power company shows ‘fictitious’ loss of 6044 crores, prepares to increase prices जबलपुर। बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली के दाम औसत 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने याचिका पर सुझाव और आपत्ति बुलाई है। इसमें बिजली विशेषज्ञों का दावा है कि बिजली कंपनी ने 6044 करोड़ का घाटा बताया है जबकि 9204 करोड़ रुपये के मनमाने आंकड़े आयोग के सामने रखकर इस घाटे को दर्शाया गया है ताकि बिजली की दर को बढ़ाया जा सके। बिजली मामलों के जानकार एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को जो आपत्ति दी है उसमें दावा किया है कि 9204 करोड़ रुपये के आंकड़े गलत और तथ्यहीन है। विद्युत नियामक आयोग यदि इन आंकड़ों से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण करेगी तो निश्चित ही घाटे की जगह मुनाफा नजर आएगा। 9204 करोड़ के फर्जी आंकड़े सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी काल्पनिक खर्च को बताकर बिजली कंपनियों का घाटा बताया है। उनके अनुसार पावर मैनजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक की सत्यापन याचिका में खारिज 3450.63 करोड़ रुपये पूरक बिजली खरीदी लागत की पुन: असंवैधानिक मांग की गई है। इसके अलावा 832.96 करोड़ रुपये अन्य लागत जो कि स्टेशन आधार पर आवंटित नहीं की जा सकी थी उसकी असंवैधानिक मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ताप गृह से बिजली खरीदी का व्यय अलग है लेकिन अन्य व्यय का एक मुश्त यह राशि क्यों और किस लिए मांगी गई इसका कोई ब्यौरा नहीं है। पूरक बिल के नाम पर 2185 करोड़ रुपये मांगा है जबकि मप्र विद्युत नियामक आयोग ने पहले ही साफ किया है कि पूर्ण वितरण दस्तावेज सहित प्रस्तुत नहीं करने पर यह राशि स्वीकृति नहीं होगी। अग्रवाल का कहना है कि विद्युत चोरी के कारण हुए नुकसान को उपभोक्ता से 696 करोड़ रुपये वसूल करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पिछले दस साल की वार्षिक राजस्व आवश्यक्ता में पूंजीकरण में संसोधन के तहत 623 करोड़ के अवैधानिक मांग की है। वहीं याचिका में मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी का कार्य मात्र विद्युत वितरण कंपनी के लिए बिजली खरीद कर उपलबध कराना है किंतु मैनेजमेंट कंपनी समानांतर रूप से अवैधानिक रूप से बिजली खरीदी के लिए 438 करोड़ रुपये मांगे है।इसके साथ ही पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जो राशि नहीं मांगी वो भी उल्लेखित है 5.15 करोड़ रुपये की मांग की गई है। मैनेजमेंट कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं पर दो वर्ष के ब्याज कि रुप में 774 करोड़ रुपये की मांग की है आपत्तिकर्ता ने इसे गलत मांग बताया है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के लिए 197 करोड़ रुपये की मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को भेजे पत्र में दावा किया है कि अभी तक बिजली वितरण कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के नाम पर राशि का भुगतान ही नहीं किया है ऐसे में यह राशि वसूल करना गलत है। 25 जनवरी तक आपत्ति-सुझाव मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली टैरिफ याचिका को लेकर 25 जनवरी तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके बाद मप्र विद्युत नियामक आयोग आपत्ति और सुझाव के आधार पर प्रदेश के तीन शहर जबलपुर, भोपाल और इंदौर में जनसुनवाई का आयोजन करेगा।राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग से मांग की है कि इस बार आनलाइन की बजाए फिजिकल जनसुनवाई की जाए ताकि लोग अपनी बात बेहतर तरीके से कह सके।

मकर संक्रांति पर सहारा समाचार टीम संग विधायक अभिलाष पांडे ने मनाया उत्सव, पतंगों से सजा आसमान

MLA Abhilash Pandey celebrated Makar Sankranti with the Sahara News team, the sky was decorated with kites. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सहारा समाचार टीम ने उत्तर मध्य के लोकप्रिय विधायक अभिलाष पांडे के साथ मिलकर पारंपरिक उल्लास और सामाजिक सौहार्द के साथ पर्व मनाया। इस अवसर पर पतंगबाजी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान, बच्चों की हँसी और “काई पो छे” की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विधायक अभिलाष पांडे ने स्वयं पतंग उड़ाकर क्षेत्रवासियों के साथ खुशियाँ साझा कीं और सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।सहारा समाचार टीम की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हुई। स्थानीय नागरिकों ने इसे जनप्रतिनिधि और जनता के बीच आत्मीय संवाद का सशक्त उदाहरण बताया। कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता और उत्सव की भावना को और प्रगाढ़ किया।

इंडो इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 में वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को मानद डॉक्टरेट से सम्मान

Senior Architect Ashish Srivastava Conferred Honorary Doctorate at Indo International Intellectual Conclave 2026 जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में 11 जनवरी 2026 को आयोजित इंडो इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 के अंतर्गत हुए फेलोशिप एवं फैलीसिटेशन कॉन्क्लेव में वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को वास्तुकला (आर्किटेक्चर) के क्षेत्र में उनके विशिष्ट, नवोन्मेषी एवं दीर्घकालीन योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें सतत एवं हरित वास्तुकला भूकंपरोधी भवन डिज़ाइन, तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आशीष श्रीवास्तव का कार्य न केवल भारतीय वास्तुकला को नई दिशा देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के वास्तुविदों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। यह मानद उपाधि उनके पेशेवर कौशल, सामाजिक दायित्वबोध और राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रतीक है। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि महामहिम श्रीमती शीला बप्पू (भारत में मॉरिशस की उच्चायुक्त) तथा डॉ. ट्रांजियर वशिष्ठ (पीस एंड स्पोर्ट्स काउंसलर, अफगानिस्तान – इंडिया) उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति राजेश टंडन (पूर्व न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, उत्तराखंड) ने की। विशिष्ट अतिथियों में राधेश्याम मिश्रा (IAS, पूर्व राजस्व सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार) महामहिम श्रीमती हरीशोआ लालतियाना अंकुश (माननीय उच्चायुक्त, सेशेल्स उच्चायोग, भारत), माननीय मुखेश्वर छोनी (पूर्व उच्चायुक्त, मॉरिशस), सुश्री स्वाति मालीवाल (सांसद, राज्यसभा) तथा डॉ. अभिषेक वर्मा (NDA) शामिल रहे। समारोह में देश-विदेश से आए बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और गणमान्य अतिथियों ने आशीष श्रीवास्तव के योगदान की सराहना करते हुए इसे भारतीय वास्तुकला के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

भोपाल में हुई अहम बैठक, मिलर्स बोले– बिना भुगतान नहीं करेंगे धान मिलिंग

An important meeting was held in Bhopal, where millers said they would not mill paddy without payment. विशेष संवाददाता (जितेन्द्र श्रीवास्तव) भोपाल। भोपाल स्थित पत्रकार कॉलोनी में नागरिक आपूर्ति निगम के मुख्यालय में खाद्य एवं आपूर्ति निगम विभाग की अपर मुख्य सचिव माननीय रश्मि अरुणा शमी की अध्यक्षता में चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में नान के प्रबंध सचिव अनुराग वर्मा, महाप्रबंधक मनोज वर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान महासंघ अध्यक्ष आशीष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शासन को 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। महासंघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक शासन द्वारा वर्ष 2024-25 की मिलिंग पर अपग्रेडेशन राशि, हमाली एवं बारदाने की उपयोगिता व्यय राशि का भुगतान नहीं किया जाता और वर्ष 2025-26 के उपार्जन अंतर्गत मिलिंग पर 200 रुपये अपग्रेडेशन राशि देने संबंधी आदेश जारी नहीं होते, तब तक प्रदेश के मिलर्स मिलिंग कार्य नहीं करेंगे। महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शासन मिलिंग एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करना चाहता है तो वह उसके लिए भी तैयार है। पदाधिकारियों ने कहा कि मिलर्स अपनी-अपनी मिलों की चाबी शासन को सौंपने को तैयार हैं और यदि शासन चाहे तो मिलों का अधिग्रहण भी कर सकता है, लेकिन बिना अपग्रेडेशन राशि के आदेश के किसी भी स्थिति में मिलिंग कार्य संभव नहीं है। महासंघ द्वारा रखे गए तथ्यों और मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद माननीय अपर मुख्य सचिव ने कुछ समय की मांग करते हुए कहा कि इस विषय में उच्च स्तर पर अवगत कराकर शीघ्र जवाब दिया जाएगा। बैठक के बाद भी मिलर्स के रुख में कोई नरमी नहीं दिखी, जिससे आने वाले समय में धान मिलिंग व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

घाना में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 205 से अधिक मरीजों को मिला उपचार

A massive free medical camp was held in Ghana, treating over 205 patients. जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर । वेदांत होम्योपैथिक क्लिनिक, घाना में एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन डॉ. अंजना कपूर (प्रेसिडेंट, र्मावल यूनिट – HMAI) एवं डॉ. विकास विश्वकर्मा (डीसीसी, र्मावल यूनिट) के संयुक्त समन्वय से किया गया। शिविर के दौरान क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती रजनी साहू तथा होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HMAI) के वरिष्ठ चिकित्सकों का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही शिविर में सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 205 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया तथा उन्हें निःशुल्क होम्योपैथिक दवाओं का वितरण किया गया। आयोजन को क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग और सराहना मिली।

केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन

Spiritual program organized on Geeta Jayanti in Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर! शासन निर्देशानुसार नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर श्रीमद्भगवद्गीता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तन्मय सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) से पधारे निवासदास एवं रामचंद्रदास ने श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। उन्होंने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर वाचन किया गया। क्ल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घोष ने आदर्श समाज की स्थापना हेतु श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को आवश्यक बताते हुए बंदियों को जीवन में गीता के संदेश अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा बंदियों एवं जेल स्टाफ को भगवद्गीता का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती सरिता घोष, कल्याण अधिकारी, केंद्रीय जेल जबलपुर द्वारा किया गया। आयोजन में मदन कंवलकर (उप जेल अधीक्षक), प्रशांत चौहान (सहायक जेल अधीक्षक) एवं श्रीमती अंजु मिश्रा (सहायक जेल अधीक्षक) का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित

Health check-up and awareness camp organized on World AIDS Day at Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ माननीय न्यायाधीश विवेक रूस्तम (म.प्र. जबलपुर) द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शिविर के दौरान परिरुद्ध बंदियों को एच.आई.वी./एड्स की रोकथाम और बचाव संबंधी जानकारी दी गई। चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा एच.आई.वी., एड्स वायरस और इससे जुड़े स्वास्थ्य पहलुओं पर विस्तृत परामर्श प्रदान किया गया, ताकि बंदियों में जागरूकता बढ़ सके। कार्यक्रम में कृष्णमूर्ति मिश्रा (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर), सुश्री सुमन श्रीवास्तव (सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर), उप जेल अधीक्षक, मदन कंवलकर तथा सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जेल प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक किया गया। अंत में जेल अधीक्षक द्वारा सभी उपस्थित जनों एवं जेल स्टाफ का आभार व्यक्त किया गया।

क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर एवं गर्म कपड़े वितरित करने संबंधी कार्यक्रम

Health camp and distribution of warm clothes organised by Christ Church School Alumni Association जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। केन्द्रीय जेल जबलपुर में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर एवं गर्म कपड़े वितरित करने संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छाती रोग विशषज्ञ डॉ. स्पंदन विश्वास, हड्डी रोग विशषज्ञ – डॉ. प्रियांशु दीक्षित, डॉ. नितिन वाधवा, नाक कान गला रोग विशषज्ञ डॉ. सुरजा राय, डॉ. नवीन चावला, डॉ. राहुल वाधवा, नेत्र रोग विशषज्ञ डॉ. शब्बीर हुसैन, दन्त रोग विशषज्ञ डॉ. वाय.सी. चाउ, चर्म रोग विशषज्ञ डॉ. अक्षय सक्सेना, डॉ. निहित अग्रवाल के द्वारा लगभग 275 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की गई। बुजुर्ग एवं असहाय बंदियों को गर्म कपड़े वितरित किये गये। कार्यक्रम में क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री यतिन पटे आयोजन के संयोजक डॉ० वाय.सी. चाउ, जेल अधीक्ष तोमर, उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, रूपाली शर्मा, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन कल्याण अधिकारी सरिता घारू द्वारा किया गया।

जबलपुर केंद्रीय कारागार में लगेगा विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, बंदियों को दी जाएंगी निःशुल्क दवाएँ

A huge free health camp will be organised in Jabalpur Central Jail, free medicines will be given to the prisoners. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर में बंदियों के लिए एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए क्राइस्ट चर्च स्कूल एलुमिनाय एसोसिएशन ने जेल प्रशासन को आधिकारिक अनुरोध भेजा है। एसोसिएशन ने जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार जबलपुर को लिखे पत्र में बताया कि यह शिविर 23 नवंबर 2025 (रविवार) को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस दौरान कारागार में बंद सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की जाएँगी। एसोसिएशन ने जेल प्रशासन से इस सेवा कार्यक्रम की अनुमति देने का आग्रह किया है, ताकि बंदियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। संगठन का कहना है कि समाज के प्रत्येक वर्ग – विशेषकर बंदी जीवन जी रहे लोगों – को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना एक मानवीय दायित्व है, और इसी भावना के साथ यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। जेल प्रशासन द्वारा अनुमति मिलने के बाद यह शिविर कारागार के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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