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10 हजार की रिश्वत लेते पटवारीऔर उसके सहयोगी को लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा

जबलपुर : 10 हजार की रिश्वत लेते पटवारी देवी दीन पटेल और उसके सहयोगी शारदा पटेल को लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा, पटवारी कार्यालय मझगवां में हुई कार्रवाई, जमीन नामांतरण के लिए मांगे थे 20 हजार रुपए, 10 हजार की पहली किस्त लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा

CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं

वर्तमान CAG गिरीशचंद्र मुर्मू इन्होंने बिना डरे सच बोलकर मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की पर्ते खोलने का साहस किया है। CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं.. 1. पेंशन योजना के फंड में हेराफेरी 2. आयुष्मान भारत योजना का स्कैम 3. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनियमितताएं इससे पहले ये गुजरात कैडर के 1985 बैच के ईयेज़ अधिकारी हैं गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर थे।

भोपाल जिले में प्लास्टर ऑफ पेरिस की सामाग्री एवं विषाक्त रंगों से निर्मित मूर्ति एवं उनके विसर्जन से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रतिबंधt

जिला मजिस्ट्रेट श्री आशीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 का उपयोग करते हुए संपूर्ण भोपाल जिले में प्लास्टर ऑफ पेरिस की सामाग्री एवं विषाक्त रंगों से निर्मित मूर्ति एवं उनके विसर्जन से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रतिबंध आदेश जारी किए है।

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर मार्ग में मकान का छज्जा गिरने से 5 की मौत

UP मथुरा में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पुराने मकान का ऊपरी हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे भारी नुकसान हो गया है। मलबे की चपेट में आने से पांच लोगों के मौत की सूचना मिली है। घटना बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर दुसायत के गिरधारी बागवाला की है। बताया गया कि हादसे में अन्य कई लोग घायल भी हैं।

CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं

वर्तमान CAG गिरीशचंद्र मुर्मू इन्होंने बिना डरे सच बोलकर मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की पर्ते खोलने का साहस किया है। CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं.. 1. पेंशन योजना के फंड में हेराफेरी 2. आयुष्मान भारत योजना का स्कैम 3. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनियमितताएं इससे पहले ये गुजरात कैडर के 1985 बैच के ईयेज़ अधिकारी हैं गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर थे।

इंदौर के एमवाय अस्पताल के पास कैंसरअस्पताल के बेसमेंट मे लगी आग

इंदौर के एमवाय अस्पताल के पास कैंसरअस्पताल के बेसमेंट मे लगी आग मध्यप्रदेश के इंदौर के एमवाय अस्पताल के पास कैंसरअस्पताल के बेसमेंट, सिकाई करने की मशीन से लगी आग, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची, आग की खबर सुनते ही अफरा-तफरी मची। सिकाई करने की मशीन में हुआ स्पार्क।

खेत मे बिजली के टावर लगाने के विरोध पर महिला को पोलीस वालों पीटा ओर बाल पकड़ कर घसीटा

कटनी ज़िले की चैनाबाई कांछी (45) के खेत में कथित बिजली का टावर लगना था जिसके लिए वो तैयार नहीं थी। बिना सूचना के 06-07 – 23 को स्ड्म प्रदीप मिश्रा एवं तहसीलदार शशांक दुबे और ठेकेदार पुलिस बल के साथ क्ब लेकर आए और बाउन्ड्री तोड़ने लगे। जब महिला ने इसका विरोध किया तो पुलिस वालों ने पीटा, बाल पकड़कर घसीटा और गालियां दी। इतना ही नहीं, जब दो बेटियों ने विरोध किया तो उन्हें भी बाल पकड़कर घसीटा और मारा। और महिला और उसकी बेटी पूनम को CरPc 151 में गिरफ़्तार कर 2 दिन जेल में रखा। आख़िर में गांव वालों से मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट करवाया गया पर एक मोबाइल में वीडियो रह गया। जेल से छूटने के बाद महिला ने वीडीयो के आधार पर घटना के तीन दिन बाद 10/7/2023 और दोबारा 16/08/2023 को कलेक्टर को शिकायत की पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। हालाकि, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलीस सक्रिय हुई है।

स्वतंत्रता दिवस के दिन भी बेची जा रही थी शराब आबकारी विभाग को सूचना मिलने के बाद भी नहीं की कोई कार्यवाही

मध्य प्रदेश के विदिशा में सुबह प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग के द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर परेड ग्राउंड में झंडारोहण किया गया वही शाम को नियम के विरुद्ध शासन प्रशासन से बेखौफ होकर आपकारी विभाग की जानकारी में बेची जा रही थी शराब बता दें कि 15 अगस्त पर शराब, भांग की बिक्री नहीं होती है. इस दिन ड्राई डे रहता है. परंतु नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ती अक्सर देखी जाती है विदिशा शहर की पुरनपुरा शराब दुकान बता दे की इस शराब दुकान की पूर्व में भी मीडिया द्वारा खबर चलाई गई है परंतु कार्यवाही ना होने से शराब ठेकेदार बेखौफ होकर धड़ल्ले से अपने कारोबार को सही गलत तरीके से चला रहे हैं आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी महोदय को फोन पर पूर्ण साक्षो के साथ सूचना दी गई की स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अवैध रूप से शराब बिक्री की जा रही है। वही जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही द्वारा आश्वासन दिया गया कि हम जल्दी ही टीम को भेजा कर चेक करवाते हैं। वही मीडिया जिला आबकारी अधिकारी महोदय का वर्जन लेने के संबंध में कार्यालय पहुंचे तो अधिकारी महोदय वहां पर उपस्थित नहीं थे तो पत्रकार द्वारा कॉल किया गया परंतु कॉल को काट दिया गया

शासन की करोड़ों की भूमि पर अतिक्रमण कर के बैठा ज्ञानगंगा कॉलेज, आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो करेगा फर्जीवाड़े  की जांच

युवा क्रांती के उपाध्यक्ष (मध्य प्रदेश) रुपेश सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि युवा क्रांती के द्वारा ज्ञानगंगा इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संचालको द्वारा किये जा रहे फर्जीवाड़ा और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर के, उस पर अपने स्वामित्व बताकर बिल्डिंग बनाकर, उस पर संबद्धता प्राप्त की । इसके साथ ही ज्ञानगंगा इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के द्वारा वहा प्रोफेसर्स की ‘झूठी जानकारी प्रदान करके राजीव गांधी प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय एवं आल इंडिया टेक्निकल एजेकेशन की एफिलिएशन संबद्धता प्राप्त की गई। इस सम्पूर्ण प्रकरण के जैसे सेंकड़ों कॉलेजों की मान्यता फर्जी डॉक्युमेंट्स के आधार पर है । जिसकी जाँच के लिये युवा क्रांती द्वारा एक ज्ञापन माननीय अडिशनल कलेक्टर महोदय जबलपुर को सौंपा गया था जिस पर जांच के आदेश हो गये थे। जांच में विलम्ब होने से युवा क्रौती केरूपेश सिंह के द्वारा शार्थिक अन्वेषण ब्यूरो भोपाल में शिकायत दी गई थी। आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो भोपाल के द्वारा शिकायत को गंभीरता से लेकर बाँचे मे ले लिया गया है। साथ ही ज्ञानगंगा कालेज संचालको की नोटिस जारी कर दिये गये परंतु नियत 14 अगस्त की पेशी में कोई भी व्यक्ति ज्ञानगंगा इंस्टिट्यूट की तरफ से उपस्थित नहीं हुआ। जिसके उपरांत 23 अगस्त का नोटिस दिया गया है युवा क्रांती का आरोप है , कि ज्ञान गंगा इंस्टियूट आफ टेक्नोलाजी ने शासकीय भूमि पर निर्माण करके , शासन की करोड़ो रुपये की जमीन हडप ली है । साथ ही धोखा धडी करके , इसी सरकारी जमीन पर निर्मित भवन केआधार पर ज्ञान संगा-3 की संवद्धता प्राप्त कर ली है। शीघ्र ही युवा क्रांती के द्वारा तत्संबंध में सारे दस्तावेज और प्रमाण आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो को इस सोपे जावेगे ।

मप्र में व्याप्त बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के विरोध में युवा कांग्रेस ने निकाली मशाल रैली

जबलपुर/भोपाल –: 50 फीसदी कमीशनखोरी के मुद्दे पर मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार चौतरफा घिरी हुई है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इसके विरोध में राजधानी भोपाल में युवा कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाली। मप्र युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी एवं ज़िला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश चौकसे के संयुक्त नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई ” युवा आक्रोश मशाल रैली ” शौर्य स्मारक पहुँची। इस मशाल रैली में हज़ारो की संख्या में युवा शामिल हुए। भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के विरुद्ध आयोजित इस मशाल जुलूस में हजारों की संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। मशाल रैली जब अपने गंतव्य तक पहुंची तो शौर्य स्मारक भारत माता कि जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान युवा शिवराज सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी करते दिखे। मशाल जुलूस संपन्न होने के बाद युवाओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हम संकल्प लेते हैं कि प्रदेशवासियों को भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी से निजात दिलाने के लिए मध्यप्रदेश में भाजपा सरकारों को उखाड़ फेंकेंगे। इस दौरान प्रकाश चौकसे ने कहा की प्रदेश में भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों से हर वर्ग प्रताड़ित है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। जीवन यापन दिन प्रति दिन दुशवार होता जा रहा है। ऊपर से भाजपा नेताओ ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लाँघ दी है आज प्रदेश में कोई भी शासकीय कार्य बग़ैर रिश्वत दिये नहीं होता। आलम ये है की इस लोभी सरकार में हर काम के 50 % प्रतिशत कमीशन अनिवार्य हो चुका है। प्रदेश की जनता इस भाजपा सरकार को आगमी विधानसभा चुनाव में उखाड़ फेंकने के लिए दृढ़संकल्पित हो चुकी है। इस दौरान युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया की आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित युवा आक्रोश मशाल रैली के माध्यम से हम जनजागरण कर संदेश देना चाहते है की भारत को गुलामी से आजाद करवाने के लिए लाखों भारत माता के सपूतो ने अपने प्राणों की आहुति दी है तब जा कर हमें ये अमूल्य आजादी प्राप्त हुई जिसके हम सदैव ऋणी रहेंगे। परंतु आजादी के बाद इस भाजपा सरकार ने भी अंग्रेजी हुकूमत की तरह ही हमारे प्रदेश को लूटा है और भ्रष्टाचार की दलदल में धकेला है। त्रिपाठी ने आगे कहा, ‘आज प्रदेश का युवा एक सामान्य नौकरी के लिए दिन-रात संघर्ष कर रहा है परंतु मध्य प्रदेश में निरंतर भर्ती परीक्षा में घोटाले हो रहे हैं। जिससे कहीं ना कहीं प्रदेश के युवाओं का मनोबल और भाजपा पर भरोसा टूटा है। आज हम सभी युवा साथियो ने संकल्प लिया है की प्रदेश में आगामी चुनाव में भाजपा को सबक सिखा कर मध्य प्रदेश को भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के दंश से मुक्त कराएंगे। आज भारत माता के चित्र के सामने पुष्पांजलि देकर हजारों युवाओं ने भाजपा को जड़ से उखाड़ने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राहुल मंडलोई नरेंद्र यादव , लोकेंद्र शर्मा, आकाश चौहान, चेतन साहू, अनीश सोमनाथं, योगेश सराठे, रवि परमार , अक्षय तोमर आदि युवा साथी उपस्थित रहे.

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 4 शिक्षक बर्खास्त

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बड़ी खबर आ रही है जहाँ जिला शिक्षा अधिकारी ने चार फर्जी दिव्यांग शिक्षकों की सेवा समाप्त की हैं। DEO चंद्रशेखर सिसोदिया द्वारा 4 फर्जी दिव्यांग शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त की गई है। ये शिक्षक ग्वालियर से जारी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्त हो कर गुना जिले के स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे। इन दिव्यांग शिक्षकों के दिव्यांग प्रमाण पत्रों के परीक्षण उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इनकी नियुक्ति समाप्त करने के साथ-साथ इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए है। इन चार शिक्षक को किया बर्खास्त जिन शिक्षकों की सेवा समाप्‍त की गयी हैं उनमें हर्षद तिवारी पुत्र योगेश तिवारी निवासी गुढा कम्‍पू लश्‍कर ग्‍वालियर, पदस्‍थापना प्राथमिक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय चिरौला जिला गुना, वचन सिंह रावत पुत्र जसवंत निवासी ग्राम सिकरोदा पोस्‍ट जौरा तहसील जौरा, पदस्‍थापना प्राथमिक शिक्षक, शासकीय हाईस्‍कूल कपासी जिला गुना, रोहित मरैया पुत्र नवल किशोर मरैया निवासी वार्ड नंबर 12 झुन्‍डपुरा सबलगढ़, पदस्‍थापना प्राथमिक शिक्षक, शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय मूंदौल जिला गुना, विवेक सिंह धाकड़ पुत्र बदल सिंह निवासी आसलपुर झौंड कैलारस, पदस्‍थापना प्राथमिक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिद्यरा अहमद जिला गुना शामिल हैं। इन सभी पर FIR कराने के निर्देश भी दिए गए हैं

IRCTC ! रेलवे ने बदला लोअर बर्थ का नियम, अब इन यात्रियों के लिए रिजर्व होगी निचली सीट

रेलवे ने ट्रेन की निचली बर्थ दिव्यांगों के लिए आरक्षित कर दी है. उनकी यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने यह अहम फैसला लिया है. ट्रेन से रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं. ऐसे में वे अपनी पसंदीदा सीट पाने के लिए एक महीने पहले से ही टिकट बुक करना शुरू कर देते हैं। ज्यादातर लोगों की पसंदीदा सीट लोअर बर्थ या साइड लोअर बर्थ होती है। लेकिन अब शायद वह यह सीट बुक नहीं कर पाएंगे. जी हां, भारतीय रेलवे ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, ट्रेन की निचली बर्थ कुछ श्रेणियों के लोगों के लिए आरक्षित रहेगी. रेलवे ने विकलांग या शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए ट्रेन की निचली बर्थ आरक्षित की है। उनकी यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने यह अहम फैसला लिया है. रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक दिव्यांगों के लिए स्लीपर क्लास में चार सीटें, नीचे की 2 बीच की 2 सीटें, थर्ड एसी में दो सीटें, एसी 3 इकोनॉमी में दो सीटें आरक्षित हैं। इस सीट पर वह या उनके साथ यात्रा करने वाले लोग बैठ सकेंगे. वहीं गरीब रथ ट्रेन में दिव्यांगों के लिए 2 निचली सीटें और 2 ऊपर की सीटें आरक्षित हैं. इन सीटों के लिए उन्हें पूरा किराया देना होगा. इनके अलावा भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों यानी बुजुर्गों को बिना मांगे लोअर बर्थ देती है। ट्रेन में 45 साल या उससे अधिक उम्र और गर्भवती महिलाओं के लिए स्लीपर क्लास में 6 से 7 लोअर बर्थ, हर थर्ड एसी कोच में 4-5 लोअर बर्थ, हर सेकेंड एसी कोच में 3-4 लोअर बर्थ आरक्षित रहती हैं। उन्हें बिना कोई विकल्प चुने सीट मिल जाती है. वहीं, अगर टिकट बुकिंग में किसी वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग या गर्भवती महिला को ऊपर की सीट दी जाती है तो ऑनबोर्ड टिकट चेकिंग के दौरान टीटी द्वारा उन्हें नीचे की सीट देने का प्रावधान है।

आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा चरमराया, पद खाली फिर भी नहीं हो पा रहे हैं प्रमोट

भोपाल. किसी भी सेवा का प्रशासनिक ढांचा पिरामिड आकार का होना बेहतर माना गया है. मप्र में आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा चरमराया गया है. चिंताजनक पहलू यह है कि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक के पद रिक्त पड़े हैं पर सेवा आर्हता नहीं होने से एपीसीसीएफ और सीसीएफ के पदों पर प्रमोशन तक नहीं हो पा रहे हैं. स्थिति ऐसी बन गई है कि कैडर में सीसीएफ के 59 पद स्वीकृत है पर वर्तमान में आधा दर्जन के लगभग सीसीएफ ही कार्यरत है. सीसीएफ स्तर के आईएफएस नहीं होने की वजह से सर्किल में सीएफ की पोस्टिंग करना पड़ रही है. 2002 में कैडर में पीसीसीएफ का एक, प्लस दो और एपीसीसीएफ 4 पद कैडर में और इतने ही पद एक्स कैडर में थे. 2008 में हुई कैडर रिव्यू में एपीसीसीएफ के 10 पद कैडर में और एक्स कैडर में भी 10 पद स्वीकृत हुए. 2015 में हुए कैडर रिव्यू में एपीसीसीएफ के 21 पद स्वीकृत किए गए और उसके विरुद्ध 42 पद काम करने लगे. इसके बाद एपीसीसीएफ के पदों की संख्या बढ़कर 58 कर दी गई है. वर्तमान में आज तक की स्थिति यह है कि एपीसीसीएफ के 10 पद रिक्त है. इसी प्रकार कैडर में सीसीएफ के 59 पद है, जिसमें से केवल करीब आधा दर्जन ही सीसीएफ ही कार्यरत है. यानी नौबत यह बन गई है कि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोशन पाने के लिए कोई भी आईएफएस सेवा आर्हता पूरा नहीं कर पा रहा है. वन विभाग के जिम्मेदारों द्वारा प्रशासनिक ढांचे को सुधारने की दिशा में कोई पहल भी नहीं की जा रही है. कैडर रिव्यू के प्रस्ताव को केंद्रीय कार्मिक विभाग ने संशोधन के लिए एमपी को लौटा दिया है पर अफसरों को इसकी एक्सरसाइज करने की फुर्सत नहीं है. इसकी मुख्य वजह भी बताई जा रही है कि आईएफएस अफसरों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाएगा. केडर मैनेजमेंट सुधारने के लिए पूर्व वन बल प्रमुख का सुझाव है कि एपीसीसीएफ के कुछ पद तत्काल समाप्त करने होंगे. यानि एपीसीसीएफ उत्पादन, एपीसीसीएफ निगरानी एवं मूल्यांकन, एपीसीसीएफ एचआरडी जैसे पदों का औचित्य नहीं है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि सर्किल में जिस तरीके से वन संरक्षक स्तर के आईएफएस अधिकारियों की पदस्थापना करने की परंपरा शुरू हो गई है. ठीक उसी प्रकार अनुसंधान एवं विस्तार ( सामाजिक वानिकी ) के मुख्य वन संरक्षक के पद समाप्त कर इन पदों पर वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना की जानी चाहिए. 18 वनमंडल से हट जाएंगे सीएफ प्रस्ताव से सरकार सहमत हुई, तो एपीसीसीएफ और सीसीएफ के पद कम हो जाएंगे. सीएफ एवं डीएफओ के पद बढ़ जाएंगे. यानी फील्ड में ज्यादा अफसर पदस्थ होंगे. हालांकि इससे उन 18 वनमंडलों में सीएफ की जगह डीएफओ को पदस्थ करना होगा. इन वनमंडलों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सीहोर, छतरपुर, दमोह, देवास, गुना, खंडवा, नरसिंहपुर, सतना, शिवपुरी, विदिशा, होशंगाबाद, डिंडोरी, उमरिया और कटनी शामिल हैं. कैडर में थी खामिया कैडर में खामियां है. इसलिए विभाग ने केंद्रीय कार्मिक विभाग में लंबित कैडर प्रस्ताव में एपीसीसीएफ और सीसीएफ के पद कम किए हैं. दरअसल, 1978, 1979 एवं 1980 बैच में 90 आईएफएस रहे. इन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति से पहले पदोन्नति दिए जाने के कारण ऐसे हालात बने हैं. उन अधिकारियों को पदोन्नत करने के लिए केंद्र सरकार से अस्थाई मंजूरी ली गई थी. ऐसे 13 पद थे, जो समय पूरा होने के बाद भी समाप्त नहीं किए गए. अब ऐसे हालात बन गए हैं कि 24 साल की सेवा पूरी करने वाले सीसीएफ नहीं मिले रहें हैं जो कि एपीसीसीएफ बन सके. कमोबेश यही स्थिति मुख्य वन संरक्षक पद के लिए प्रमोट होने वाले सीएफ की है. वर्ष 2024 से पहले कोई भी वन संरक्षक मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट होने के लिए 18 वर्ष की सेवा पूरा नहीं कर पा रहा है. ऐसी स्थिति क्यों बनी आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा चरमराने की मुख्य वजह यह है कि भारत सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की परीक्षा एक साथ कराना है. एक साथ परीक्षा होने की वजह से अंकगणित, आर्ट्स और सोशल साइंस के परीक्षार्थी मेरिट में अब्बल आ जाते हैं. बॉटनी सब्जेक्ट के परीक्षार्थी पीछे रह जाते हैं. इसके कारण आईएफएस इंडक्शन में बामुश्किल पांच से सात अभ्यार्थी आते हैं. कैडर मैनेजमेंट को लेकर वर्ष 2010 से लगातार भारत सरकार को पत्र लिखते रहे हैं कि मप्र को आई एफ एस इंडक्शन में कम से कम 10 से 12 अभ्यर्थी प्रति वर्ष दिया जाए पर कोई सुनवाई नहीं हुई. आईएफएस कैडर में इंडक्शन कम होने की वजह से ही आज प्रशासनिक ढांचा लगभग ढह सा हो गया है. केंद्रीय कार्मिक विभाग में अटका प्रस्ताव पद वर्तमान प्रस्तावित हॉफ (वन बल प्रमुख ) 01 — 0 एपीसीसीएफ 25 – 18 सीसीएफ 59 34 सीएफ 40 30 डीएफओ 59 90

मेट श्रीराम कि शिकायत पर हुई जांच… जांच दल ने जीआरएस देशमुख पर निकाली वसूली‌

शब्द पावर लालबर्रा। मामला ग्राम पंचायत घोटी का मनरेगा के कार्यों को लेकर सीएम हेल्पलाइन हुई थी शिकायत। जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घोटी में मनरेगा संबंधित कार्य को लेकर मेट श्रीराम लानगे सहित अन्य मेटों ने मिलकर 13/01/2023 को सीईओ लालबर्रा, सीईओ जिला पंचायत बालाघाट, कलेक्टर कार्यालय बालाघाट व सीएम हेल्पलाइन पर ग्राम रोजगार सहायक देवेश देशमुख कि शिकायत दर्ज करवायें थे। जिसका शिकायत क्रमांक 20668700 है वहीं उक्त शिकायत का अखबार में प्रमुखता से प्रकाशन किया गया था तब जाकर जनपद पंचायत का अमला हरकत में आते हुए जांच दल गठित कर 19/04/2023 को सभी बिन्दुओं पर सभी के समक्ष जांच दल द्वारा जांच कि गई थी ।जिसमें शिकायतकर्ताओं ने जितने भी आरोप शिकायत पत्र में उल्लेख किये थे उन सभी बिन्दुओं पर क्रमशः जांच हुई सभी सही पाए गए हैं और रोजगार सहायक देवेश देशमुख पर जांच अधिकारी रुपेश इवने ने 81,441 (इक्यासी हजार चार सौ इकतालीस रुपए मात्र ) वसुली किये जाने हेतु एवं अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने, पंचायत में नियमित उपस्थित नहीं होने हेतु देवेश देशमुख रोजगार सहायक के विरुद्ध मनरेगा के प्रावधान पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्तावित ,कर जनपद सीईओ कि ओर प्रेसित किये है। अनेक बिन्दुओं पर रोजगार सहायक कि हुई थी शिकायत वहीं घोटी पंचायत में पदस्थ मेट श्रीराम लानगे व अन्य मेटों ने अनेक बिन्दुओं पर शिकायत दर्ज करवायें थे जिसमें उनका आरोप था कि हम 2006-07 से लगातार पंचायत में मेट के पद पर कार्यरत हैं और प्रशिक्षण धारी मेट है हमको सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक मेट का काम करने नहीं देते है तथा रोजगार सहायक के द्वारा खिलेश्वर तितरमारे के नाम से डबल जांब कार्ड बनाकर राशि कि हेराफेरी कि गई, मृतक व्यक्ति गेंदलाल नानाजी के नाम से फर्जी हाजरी भरकर राशि कि हेराफेरी ,बडघन पति बुटन लाल के खेत तालाब में बिना काम के राशि निकाली गई सहित अन्य और भी बिन्दुओं पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। वहीं अब देखना यह है कि जांच अधिकारी रुपेश इवने द्वारा रोजगार सहायक देवेश देशमुख से कब तक शासन के खाते में राशि जमा करवाते हैं या फिर मामला दबाव में दबता है। यह तो भविष्य ही बताएगा कि राशि की वसुली होती है या नहीं। वहीं जीआरएस देशमुख कि शिकायत श्रीराम लानगे, आशाराम चौधरी, मदनलाल तितरमारे,लुखराम राहंगडाले सहित अन्य मेटों ने शिकायत कि थी। इनका कहना है। हमारे द्वारा घोटी पंचायत में पदस्थ जीआरएस देवेंश देशमुख कि अनेक बिन्दुओं पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी जिस पर अधिकारियों द्वारा विधिवत रूप से जांच कि गई थी तथा जीआरएस देशमुख पर जो राशि वसुली योग्य निकाली गई है उसे तत्काल ही पंचायत के खाते में जमा कराकर उस पर विधीवत रुप से मनरेगा प्रावधान के विरुद्ध कार्यवाही किया जाये। श्रीराम लानगे मेट। जांच दल ने जो जांच किये थे वह जांच प्रतिवेदन हमारे द्वारा आगामी कार्यवाही हेतु जिला पंचायत में पहुंचा दिया गया है जिसमें रोजगार सहायक से राशि वसुली, सेवा समाप्ति सहित अन्य कार्यवाही वहीं से होगी लेकिन कार्यवाही होगी। गायत्री कुमार सारथी सीईओ लालबर्रा।

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