LATEST NEWS

इनकम टैक्स रिटर्न 30 नवंबर तक करें दाखिल, इन लोगों के लिए ITR फाइल करना है जरूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 नवंबर, 2020 कर दी है। साथ ही सेल्फ असेसमेंट टैक्स के भुगतान की सीमा भी बढ़ाई गई है। जिन लोगों की सेल्फ असेसमेंट देनदारी एक लाख रुपए तक है, वे 30 नवंबर, 2020 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किन लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है? जॉब कर रहे या रिटायर हो चुके लोगों को अक्सर लगता है कि उनके इनकम से टैक्स काट लिया गया है तो उन्हें ITR फाइल करने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आप गलत हैं। दरअसल, ITR भरने और इनकम टैक्स (Income Tax) जमा करने में फर्क है। ITR भरने का मतलब सरकार को अपने आय और खर्च की जानकारी देना है। ITR भरने के बाद अगर टैक्स की देनदारी बनती है तो आपको टैक्स चुकाना पड़ता है। अगर आपको नौकरी, कारोबार या पेशे से टैक्स छूट की सीमा से अधिक आमदनी होती है तो आपके लिए ITR भरना जरूरी है। किन्हें भरना है ITR अगर आप भारत के नागरिक हैं या फिर प्रवासी भारतीय (Overseas Indian) हैं और किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको ITR जरूर फाइल करना चाहिए। अगर आपकी सालाना कमाई 2.5 लाख से अधिक है, लेकिन टैक्स डिडक्शन इनवेस्टमेंट जैसे हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिकल इंश्योरेंस के बाद यदि आपकी कुल आय 2.5 लाख रुपये से कम हो जाती है तब भी आपको ITR फाइल करना होगा। इसके अलावा यदि आपको टैक्स फ्री कैपिटल गेन्स (Capital gains) या इक्विटी शेयर की बिक्री से आमदनी होती है, तब भी ITR फाइल करना जरूरी है। इस स्थिति में वास्तव में आप सरकार को कोई टैक्स तो नहीं चुकाते हैं, लेकिन अपनी आमदनी का एक ठोस सबूत जमा करते हैं। इन्हें मिलती है छूट अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है और आपकी कुल आमदनी 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो ITR फाइल करना जरूरी है। वहीं, उम्र 60 से 80 साल के बीच होने पर 3 लाख रुपये तक की आमदनी पर ITR फाइल करने से छूट मिलती है। वहीं, उम्र 80 साल या उससे अधिक होने पर 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर छूट मिलती है। यदि किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल आमदनी सिर्फ कृषि और उससे जुड़े कार्य से होती है तो आपको ITR भरने की जरूरत नहीं है। साथ ही अगर आपकी कुल सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से कम है तब भी आपके लिए आईटीआर ITR भरना जरूरी नहीं है।

कोरोना पर खुशखबरी देश में फरवरी तक पूरी तरह से काबू में होगा कोरोना

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के मामले में राहत भरी है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में दुनिया भर में दूसरे पायदान पर पहुंच चुके भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। सरकार की ओर से बनाई गई वैज्ञानिकों के एक पैनल का कहना है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी अपने चरम से गुजर चुकी है और अब ढलान पर है। यानी कोरोना वायरस महामारी का सबसे बुरा दौर गुजर चुका है। सरकारी पैनल तो यहां तक कह रहा है कि फरवरी 2021 तक, यानी अगले करीब सवा चार महीनों में यह महामारी काबू में आ जाएगी। सरकारी पैनल का कहना है कि भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक करोड़ छह लाख से ज्‍यादा नहीं होगी। अभी भारत में कोरोना के करीब 75 लाख केस हैं। पैनल का कहना है कि वायरस से बचाव को लेकर किए जा रहे उपाय जारी रखे जाने चाहिए। पैनल ने महामारी के रुख को मैप करने के लिए कम्‍प्‍यूटर मॉडल्‍स का इस्‍तेमाल किया है। IIT हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर की अध्यक्षता में बने इस पैनल ने कहा कि वायरस से बचाव को लेकर किए जा रहे उपाय जारी रखे जाने चाहिए। देशवासियों को सभी सावधानियों जैसे- मास्‍क, सोशल डिस्‍टेंसिंग, क्‍वारंटीन का पालन करते रहना होगा। फरवरी तक महामारी पर काबू होने की भी उम्मीद है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पूरी तरह से पालन करना जारी रखें। एक्टिव केस हो रहे हैं कम कोरोना महामारी को नियंत्रण में तभी माना जाएगा एक्टिव केस बहुत कम बचे हों। देश में एक्टिव केसों की संख्या में लगातार गिरवाट देखने को मिल रही है। जो कि अच्छे संकते मिल रहे हैं। 17 सितंबर को 10.7 लाख ऐक्टिव केसेज का पीक था। उसके बाद एक बार 26-27 सितंबर को थोड़ा उछाल देखा गया। हालांकि उसके बाद से तेजी से ऐक्टिव केसेज कम हुए हैं। 18 अक्‍टूबर तक देश में 7.83 लाख ऐक्टिव केस थे। टोटल केसेज में ऐक्टिव केसेज का हिस्‍सा अब केवल 10.45 फीसदी रह गया है। इसे 1% से कम पर लाना होगा। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो सरकारी पैनल का अनुमान सही साबित हो सकता है।

MP : सिजेरियन से डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में 40 सेमी लंबा कपड़ा छोड़ा

उज्जैन। सिजेरियन से डिलीवरी के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए महिला के पेट में कपड़ा छोड़ ही दिया गया, जिससे महिला की जान पर बन आई। उसके पेट पर सूजन आने से आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। ऑपरेशन कर 40 सेमी लंबा कपड़ा महिला के पेट से निकाला गया है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया कविता पति कैलाश उम्र 25 साल निवासी आगर को परिवार के लोग झालावाड़ राजस्थान के अस्पताल में ले गए थे। यहां जांच में बच्चा उल्टा पाया तो 14 सितंबर को सीजर किया था। उसके बाद 29 सितंबर को मरीज के पेट पर सूजन आ गई, जिसके चलते उसे 10 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रखा गया। सीटी स्कैन कराने पर पेट में कपड़े जैसा आया नजर परिवार के लोग स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर महिला को उज्जैन लेकर आए। यहां सीटी स्कैन करवाई गई, जिसमें महिला के पेट में कपड़े जैसा कुछ होना पाया गया। महिला का कोविड रैपिड एंटीजन भी पॉजिटिव पाया गया। उसके बाद 14 अक्टूबर को लैप्रोटॉमी के द्वारा पेट से 40 सेमी लंबा कपड़ा निकाला, जो ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाले कपड़े की तरह पाया गया। इससे आशंका है कि सीजेरियन के दौरान कपड़ा अंदर छोड़ दिया गया था। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना महाडि़क और डॉ. पीके राय ने ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला।

दिसंबर तक देश के लिए कोरोना टीके की 30 करोड़ तक खुराक बना लेंगे

नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट (एसएसआई) ने कहा कि वह दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन के 30 करोड़ डोज बना लेगा। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डाॅ. सुरेश जाधव ने कहा कि डीसीजीआई से लाइसेंस मिलते ही टीके लॉन्च कर दिए जाएंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका के साथ मिलकर वैक्सीन बना रहा है। डॉ. जाधव ने कहा कि सीरम 5 अलग-अलग उत्पादों पर काम कर रहा है। जो डोज बनेंगे, उनमें से आधे भारत व आधे मिलिंडा-बिल गेट्स की संस्था गैवी के जरिए गरीब देशों की मदद के लिए भेजे जाएंगे। रूसी वैक्सीन के ट्रायल की सिफारिश: सीडीएससीओ की एक्सपर्ट कमेटी ने भारत में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-5 के दूसरे चरण के ट्रायल की सिफारिश की है। दो दिन में मंजूरी मिल सकती है। टीका कब मिलेगा? डाॅ जाधव ने कहा- हम दिसंबर में नियामक डीसीजीआई को तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा उपलब्ध करा देंगे। नियामक संतुष्ट होते हैं तो हमें मार्केटिंग प्राधिकार के साथ एक महीने में टीके के आपात इस्तेमाल का लाइसेंस मिल सकता है। फिर हम प्रीक्वालिफिकेशन के लिए डब्ल्यूएचओ जाएंगे। उसके बाद टीके बाजार में आ जाएंगे। पहले किसे मिलेगा? सीरम ने कहा- टीका लगाने की प्राथमिकता सूची में सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मी होने चाहिए। दूसरे नंबर पर 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग हों। 18 साल से कम उम्र वालों पर बहुत कम परीक्षण चल रहे हैं, इसलिए हो सकता है कि उनका नंबर बाद में आए। 18 से 50 साल के उम्र के नागरिकों को आिखर में टीका लगाया जा सकता है।

गाजियाबाद में डॉक्‍टर ने उशादीशुदा प्रेमिका को लगा दिया जहर का इंजेक्‍शन

गाजियाबाद . गाजियाबाद में पुलिस ने डासना इलाके से 7 सितंबर को लापता हुई एक महिला की मर्डर मिस्ट्री का खुलासा कर दिया. खुलासे में पता चला है कि डॉक्टर प्रेमी ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया, उसे पहले नोएडा ले गया फिर उसे चंडीगढ़ ले जाते हुए जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी खुद भी शादीशुदा ही है. मामला गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके का है. गाजियाबाद में एक डॉक्टर ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसे जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया था. बीते 7 सितंबर को गाजियाबाद के मसूरी इलाके से एक 31 साल की महिला शबाना पत्नी यामीन संदिग्ध हालत में गायब हो गई थी. महिला की गुमशुदगी मसूरी थाने में दर्ज कराई गई थी. पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी महिला नहीं मिली. हाल ही में पुलिस को पता चला कि महिला इलाके के रहने वाले डॉक्टर इस्माइल के संपर्क में रहती थी. पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो पता चला कि डॉक्टर इस्माइल ने कुछ समय पहले अपना मोबाइल नंबर बदल दिया था. पुलिस ने डॉक्टर का पुराना मोबाइल नंबर तलाशा और उसकी लोकेशन के आधार पर आरोपी इस्माइल को हिरासत में लिया गया. कड़ाई से पूछताछ करने पर डॉक्टर इस्माइल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वो महिला को बहाने से हरियाणा ले गया था जहां पर जहर का इंजेक्शन लगाकर महिला की हत्या कर दी. इसके बाद महिला के शव को कुरुक्षेत्र इलाके में ठिकाने लगा दिया गया था. वहीं, महिला के पति के अनुसार, महिला घर से कुछ जेवरात और करीब 1 लाख 90 हजार कैश ले गई थी. डॉक्‍टर ने उसका माल हड़प लिया और उसकी हत्या कर दी. इस बारे में सीओ महिपाल सिंह ने बताया कि वापस आने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल दिया था. इसी वजह से पुलिस को इस मामले का खुलासा करने में करीब 40 दिन का वक्त लग गया. फिलहाल पुलिस आरोपी से और ज्यादा जानकारी और पूछताछ में जुटी है.

MP उपचुनाव : विकास कार्यों के भूमिपूजन के सहारे बीजेपी, कांग्रेस हुई आक्रामक

भोपाल। मध्यप्रदेश में हो रहे 28 सीटों पर उपचुनाव में बीजेपी एक प्रकार से खाली हाथ है। खाली हाथ इसलिए क्योंकि उपचुनाव जीतने लिए बीजेपी ने हाल ही में उन विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के भूमिपूजन की बौछार कर दी थी । और इसी के सहारे बीजेपी बाजी जीतने दावा कर रही रही है। वहीं कांग्रेस आक्रामक मूड में है. कांग्रेस ने अपने 15 माह के शासनकाल को फोकस किया है। उपचुनाव के मद्देनजर शिवराज सरकार ने अब तक 13 हजार करोड़ की लागत से कार्यो का भूमिपूजन किया. बीजेपी मजबूत तरीकों से सभी सीटों पर हर क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक जमावट के साथ जुटी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा सहित कई दिग्गज एक एक सीट पर रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे है. उपचुनाव वाली सीटों पर भूमिपूजन की बमबारी मुरैना जिले में 287.57 करोड़ की पेयजल परियोजना के साथ ही चंबल अटल प्रोग्रेस वे के साथ 108 करोड़ का फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट मंजूर किया. बमोरी 640 करोड़, सुरखी 631 करोड़, डबरा की सिंचाई परियोजना 35 करोड़, अशोक नगर में 225 करोड़, खकनार बुरहानपुर 248 करोड़, महिदपुर में 79 करोड़ के इंदौर बैराज पुल का लोकार्पण, सीतामऊ 348.50 , बड़ामलहारा 544, सांची 292, अमायन भिंड 20, मुंगावली 223, भांडेर 134, गोहद सिंचाई 482, मुरैना 268.59, कैलारस 170, सुमावली 68 एवं पोहरी 300 करोड़ का भूमिपूजन किया गया. करैरा में 220, डबरा 167, ग्वालियर 129, मेंहगांव 206, अंबाह 100, दिमनी 88, अनुपपुर 302 करोड़ भूमिपूजन किया गया.

कोरोना वैक्सीन को लेकर PM मोदी ने की बैठक, कहा- देश में हर किसी के पास पहुंचे वैक्सीन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति और वैक्सीन की स्थिति, वितरण और प्रशासन की तैयारियों को लेकर समीक्षा की. प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे जल्दी से जल्दी पूरे देश में कोरोना वैक्सीन पहुंच सके. साथ ही वैक्सीन का वितरण सुचारू रुप से होना चाहिए. साथ ही वितरण के लिए हमें चुनाव प्रबंधन के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहिए. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुदाय की मदद करने के प्रयास में आगे बढ़ने का निर्देश देते हुए कहा कि हमें अपने अपने प्रयासों को तत्काल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रखना चाहिए. तेजी से पहुंच हो सुनिश्चितः PM मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की भौगोलिक स्थिति और विविधता को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन की पहुंच तेजी से सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स, वितरण और प्रशासन में हर कदम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. इसमें कोल्ड स्टोरेज चेन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म, एडवांस असेसमेंट और आवश्यक उपकरण तैयार करने की एडवांस प्लानिंग शामिल होनी चाहिए. कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर पीएम मोदी ने आगे निर्देश दिया कि हमें देश में चुनाव और आपदा प्रबंधन के सफल आयोजन के अनुभव का उपयोग करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समान तरीके से वैक्सीन के वितरण और प्रशासन प्रणालियों को लागू किया जाना चाहिए. इसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों, सिविल सोसाइटी के संगठनों, स्वयंसेवकों, नागरिकों और सभी आवश्यक डोमेन के विशेषज्ञों की भागीदारी होनी चाहिए. पूरी प्रक्रिया में एक मजबूत आईटी बैकबोन होना चाहिए और सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए ताकि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए स्थायी मूल्य हो. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कोरोना केस और वृद्धि दर में लगातार गिरावट को नोट किया. पीएम मोदी के साथ बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, पीएमओ और भारत सरकार के अन्य विभागों के के अधिकारी हिस्सा लिया. पाकिस्तान शामिल नहीं कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए भारत समेत कई देशों में वैक्सीन की खोज का काम जारी है. भारत में तीन वैक्सीन की खोज का काम एडवांस स्तर पर चल रहा है, जिनमें से 2 दूसरे चरण में हैं और एक तीसरे चरण में है. भारतीय वैज्ञानिक और रिसर्च टीम पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका में अनुसंधान क्षमताओं को सहयोग और मजबूत कर रहे हैं. साथ ही बांग्लादेश, म्यांमार, कतर और भूटान से अपने यहां क्लीनिकल ट्रायल की गुजारिश की गई है. हालांकि इन सबमें पाकिस्तान शामिल नहीं है. वैश्विक समुदाय की मदद करने के प्रयास में प्रधानमंत्री मोदी ने आगे निर्देश दिया कि हमें अपने अपने प्रयासों को तत्काल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि वैक्सीन वितरण प्रणाली के लिए वैक्सीनंस, दवाइयां और आईटी प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए पूरी दुनिया में पहुंचना चाहिए.

MP : बॉलीवुड की दीपिका-जैकलीन को बना दिया मनरेगा मजदूर, जाॅबकार्ड बना डाले और रकम भी निकाल ली

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में मनरेगा के जॉबकार्ड में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। झिरन्या जनपद पिपरखेड़ा नाका पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने जॉबकार्ड पर बॉलीवुड एक्ट्रेस के फोटो चस्पा कर दिए। हद तो तब हो गई, जब इन्होंने एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की तस्वीर एक पुरुष हितग्राही के कार्ड में लगा दी। अभिनेत्री जैकलीन का भी फोटो मिला। यह तो एक मामला है, लेकिन अधिकारियों के सामने ऐसे करीब एक दर्जन कार्ड आए हैं, जिनमें एक्ट्रेस और मॉडल के फोटो लगाकर लाखों की रकम निकाल कर फर्जीवाड़ा किया गया। जिला पंचायत सीईओ गौरव बैनल ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ दिन में राशि निकाले जाने की बात सामने आई है। ऐसे हुआ मामले का खुलासा मनरेगा में कुछ हितग्राहियों ने काम किया था। उन्हें अब तक भुगतान नहीं हुआ ताे उन्हाेंने इसकी जानकारी निकाली। उन्होंने मनरेगा की साइट पर जाकर अपना नाम सर्च किया तो पता चला कि उनके जॉबकार्ड फर्जी बन चुके हैं और उसमें अभिनेत्रियों के फोटो लगाकर उनके नाम की राशि भी निकाल ली गई। इसके बाद लोगों ने अपने-अपने जॉबकार्ड सर्च किए तो करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे कार्ड मिले, जिनमें दीपिका पादुकोण, जैकलीन फर्नांडीज जैसी अभिनेत्रियों के फोटो पुरुषों के जॉबकार्ड पर चस्पा थे और उनके नाम से राशि निकाल दी गई थी। मंगत, अनार सिंह, सोनू, गोविंद सिंह, पदम सिंह जैसे कई हितग्राहियों के कार्ड यहां नजर आए। इसमें तो कुछ ऐसे नाम भी हैं, जिन्होंने आज तक जॉबकार्ड बनवाया ही नहीं। पत्नी के जॉबकार्ड पर दीपिका की फोटो ऐसे ही एक पीड़ित हैैं सोनू उर्फ सुनील। उन्होंने बताया- मेरे पास तो मेरा जॉबकार्ड है, लेकिन मेरी पत्नी के नाम का दूसरा फर्जी जॉबकार्ड बनवा लिया। जब मैंने सर्च किया तो पता चला कि उसमें दीपिका पादुकोण की फोटाे लगा रखी है। सभी लोगों ने करप्शन किया है। हमें तो एक रुपए भी नहीं मिले, जबकि मेरे नाम से हजारों रुपए निकाल लिए। वहीं, मनाेज का कहना है कि उन्होंने कभी भी कार्ड नहीं बनवाया, लेकिन मोनू के नाम से मेरा फर्जी कार्ड बनवाकर हजारों रुपए निकल लिए गए।

MP : कमलनाथ बोले- शिवराज आए, माफिया राज वापस लाए

उज्जैन। जहरीली शराब से 36 घंटे में 14 लोगों की मौत मामले में एसआईटी ने जांच शुरु कर दी है। कमलनाथ और कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर हो गई है। कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा – उज्जैन में ज़हरीली शराब से 14 की मौत, शिवराज आए, माफिया राज वापस लाए। वहीं कांग्रेस बोली- शिवराज के लौटते ही मध्यप्रदेश में फिर पनपने लगे शराब माफिया ने ज़हरीली शराब से उज्जैन के 14 गरीबों की जान ले ली है। शिवराज जी, आपकी सत्ता हवस ने मध्यप्रदेश को मृत्यु प्रदेश बना दिया। “शवराज चरम पर है” तीन सदस्यीय टीम पहुंची जांच के लिए जांच करने देर रात गृह विभाग के सचिव राजेश राजौरा, एडीजी एस के झा और रतलाम डीआईजी सुशांत सक्सेना उज्जैन पहुंचे। उधर, देर रात कलेक्टर ने जहरीली शराब बनाने वालों पर रासुका लगा दी। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जांच के लिए एसआईटी बनाई और अपर मुख्य सचिव गृह से रिपोर्ट मांगी है। 5 मेंबर वाली एसआईटी दो दिन बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके पहले गुरुवार को उज्जैन के एसपी ने खाराकुआं टीआई समेत 4 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया था। देर रात तक 71 लोगों की गिरफ्तारी हुई बुधवार को उज्जैन में 7 लोगों की मौत हुई थी। गुरुवार को भी यहां 7 लोगों की जान गई। एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में यह साफ हुआ है कि जान जहरीली शराब पीने की वजह से हुई। इस शराब को यहां झिंझर कहा जाता है। पुलिस ने देर रात तक दबिश देकर मामले में शराब बनाकर बचने वाले यूनुस सहित 71 लोगों को गिरफ्तार किया। जबकि नगर निगम के अस्थाई कर्मचारी सिकंदर और गब्बर की तलाश जारी है। गिरफ्त में आए 49 आरोपी जहरीली शराब बनाने के काम में लगे हुए थे। पुलिस ने देर रात रीगल टॉकीज की छत से भी शराब बनाने का सामान जब्त किया। 8 मृतकों की ही हो पाई शिनाख्त बुधवार को मजदूर और भिक्षावृत्ति करने वाले 7 लोगों की मौत हुई थी। गुरुवार को महाकाल थाना क्षेत्र के नृसिंह घाट, जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के गेबी हनुमान की गली और कोतवाली क्षेत्र में पांच लोगों की मौत होना सामने आया। मरने वाले आठ लाेगों की पहचान हो चुकी है, 6 अज्ञात हैं। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जब्त कर जांच के लिए सागर भिजवाया गया है।

MP : पत्नी और 1 साल की बच्ची की हत्या, शवों के 22 टुकड़े किए, शव के टुकड़े बोरी व गठरी में बांधे लेकिन ……

रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पति ने पत्नी और 1 साल की बच्ची की हत्या के बाद उनके शवों के 22 टुकड़े कर दिए। आरोपी पत्नी के शव के टुकड़े बोरी में, जबकि बच्ची के शव के टुकड़े एक गठरी में बांधकर 24 घंटे तक घर में रखा रहा। गुरुवार देर शाम अंधेरे में वह शवों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, तभी गांववालों ने बदबू आने पर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना रीवा से 70 किलोमीटर दूर मऊगंज थाना क्षेत्र के रामनगर गांव की है। बताया जा रहा है कि हत्यारोपी छींदलाल साकेत की पहली पत्नी ने भी रोज-रोज की मारपीट से तंग आकर फांसी लगा ली थी। इसके बाद उसने विधवा भाभी प्रमिला से दूसरी शादी कर ली थी। दोनों के एक साल की बेटी काजल थी। एसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में चरित्र संदेह के चलते हत्या होने की बात उजागर हुई है। आरोपी की पहली पत्नी की आत्महत्या भी शक के दायरे में थी। आरोपी के बड़े भाई की भी मौत हो गई थी। महिला के पहले पति के बेटे ने बताया- घटना से पहले चाचा अपने दोस्तों के साथ घर पर शराब पी थी। हम लोगों को बाहर भगा दिया था। महिला के पहले पति के बेटे ने बताया- घटना से पहले चाचा अपने दोस्तों के साथ घर पर शराब पी थी। हम लोगों को बाहर भगा दिया था। पत्नी और बच्ची की हत्या के बाद आरोपी अपनी दिनचर्या जारी रखे रहा। गुरुवार दिन भर गांव में वह घूमता भी रहा, ताकि किसी को शक न हो। उसने घर की सफाई भी कर दी थी। प्रमिला के पहले पति के बेटे ने बताया कि घटना से पहले यानी बुधवार रात चाचा शराब और अंडा लेकर घर आए थे। उनके दोस्त भी साथ थे। उसे घर से बाहर निकाल दिया था।

MP : चुनावी जनसभाओं में सीएम शिवराज सुना रहे हैं कमलनाथ सरकार गिराने के किस्से

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को दिमनी, जौरा, मेहगांव और गोहद विधानसभा क्षेत्र की चुनावी सभाओं में कमलनाथ सरकार गिराने के किस्से सुनाए। उन्होंने दिमनी के जीगनी में कहा कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। हमने सोचा कि अब तो सिर्फ आंदोलन ही करेंगे, लेकिन जब सरकार की स्थिति देखी तो मैंने गिर्राज (दंडोतिया) से कहा कि कहां फंसे हो यार, हमारे साथ आओ, सरकार गिरा दो। इसके डेढ़ घंटे बाद इसी से जुड़ा दूसरा किस्सा शिवराज ने गोहद के मालनपुर में सुनाते हुए कहा कि सिंधिया जी से पहले हमारे पास रणवीर जाटव (गोहद के तत्कालीन विधायक) आए थे। मुझसे कहा कि इस सरकार को चलना नहीं चाहिए। ये मप्र को तबाह कर देंगे। मैंने कहा कि रणवीर सोच लो। रणवीर बोले कि नहीं मैं तो इस्तीफा दूंगा। चाहे कुछ हो जाए, इस सरकार को हम गिराकर ही चैन लेंगे, क्योंकि यह जनता के खिलाफ काम कर रही है। पूर्व सीएम कमलनाथ पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो नंगे-भूखे परिवार से हैं, लेकिन मध्यप्रदेश से हैं, कमलनाथ कहां से आए हैं, उनका नरा (जन्म के समय काटी जाने वाली नवजात की आहार नली) कहां गड़ा है, उन्हें भी नहीं पता। मेरा नारियल लेकर चलना अच्छा है या उनका शैंपेन की बोतल लेकर चलना शिवराज ने मेहगांव में कहा कि कमलनाथ बौखला गए हैं। वे मेरे लिए कहते हैं कि मैं नारियल लेकर चलता हूं। रौन को हमने नगर पंचायत बनाया। उन्होंने (कमलनाथ) उसे ग्राम पंचायत बना दिया। हम आचार संहिता से पहले आए उसे फिर नगर पंचायत बना दिया। अमायन को तहसील बनाया। अब बताओ मेरा नारियल लेकर चलना अच्छा है या उनका शैंपेन की बोतल लेकर चलना। उन्होंने कहा- फसल ऋण माफी योजना पर खोदा पहाड़ निकली चूहिया जैसी है। चूहिया भी मरी हुई निकली। अब कमलनाथ उसी मरी हुई चुहिया की पूंछ पकड़कर उसे हिला हिलाकर कर्जमाफी कर्जमाफी चिल्ला रहे हैं। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने अपने छह महीने के कार्यकाल में किसानों के खाते में डाले गए और आने वाले 23 हजार 600 करोड़ रुपए का हिसाब भी लोगों को बताया।

MP : पिछले तीन हफ्ते में 37% कम हुए कोरोना केस, रिकवरी रेट में भी इजाफा

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अब मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है. मंगलवार को हुई कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने कोरोना की स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई. इसके मुताबिक, कोरोना की स्थिति में प्रदेश में सुधार हो रहा है. जबकि पिछले तीन सप्ताह में प्रदेश में कोरोना के नए प्रकरणों में 37 फीसदी की कमी आई है. वहीं, प्रदेश का रिकवरी रेट 88.4 हो गया है और बड़ी संख्या में मरीज रोज़ स्वस्थ हो रहे हैं. एक्टिव मरीजों की संख्या जो 20 हजार से ऊपर पहुंच गई थी, अब घटकर 14932 रह गई है. इसके अलावा मृत्यु दर में भी गिरावट आई है और अब प्रदेश में मृत्यु दर 1.78 प्रतिशत हो गई है. इंदौर-भोपाल में सबसे ज्यादा केस जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश के इंदौर एवं भोपाल जिलों में कोरोना के सर्वाधिक नए प्रकरण सामने आ रहे हैं. इंदौर में कोरोना के 418 और भोपाल में 213 नए प्रकरण आए हैं. हालांकि सभी जिलों में कोरोना की ग्रोथ रेट में निरंतर कमी आ रही है. इंदौर में कोरोना की ग्रोथ रेट 1.59 प्रतिशत है, वहीं भोपाल में यह 1.15 प्रतिशत है. ग्वालियर, मुरैना और उज्जैन में सुधार समीक्षा में पाया गया कि ग्वालियर, उज्जैन एवं मुरैना जिले, जहां पर पूर्व में कोरोना का अधिक संक्रमण था, वहां कोरोना की स्थिति में विशेष सुधार हुआ है. ग्वालियर में नए कोरोना प्रकरण 50 आए हैं और वहां कोरोना ग्रोथ रेट 0.51 फीसदी है. इसी प्रकार उज्जैन में नए कोरोना प्रकरण 10 आए हैं और वहां कोरोना ग्रोथ रेट 0.51फीसदी है. इसके अलावा मुरैना में कोरोना के 8 नए प्रकरण आए हैं और वहां की कोरोना ग्रोथ रेट 0.27 फीसदी है. 55 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव मो. सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के कुल मरीजों में 55 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में हैं. जबकि 45 फीसदी मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की हर जिले में स्थापित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है.

भोपाल -दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस 17 अक्टूबर से फिर दौड़ेगी, रिजर्वेशन शुरू

भोपाल। रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली से हबीबगंज के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को 17 अक्टूबर से चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस ट्रेन के लिए 14 अक्टूबर यानि आज से रिजर्वेशन शुरू हो गए हैं। साढ़े सात महीने बाद इस ट्रेन का संचालन शुरू होगा। दिल्ली और भोपाल आने-जाने के लिए शहर को लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च में शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे रेल यातायात को बहाल किया जा रहा है। पहले लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया गया। अभी भोपाल से दक्षिण भारत, महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनें गुजर रही हैं। त्योहार नजदीक होने पर इन ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है, जिसकी वजह से भोपाल जाने वाले यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वेटिंग टिकट पर सफर करना फिलहाल प्रतिबंधित है। त्योहार की भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 196 ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें नई दिल्ली से हबीबगंज (भोपाल) जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भी 17 अक्टूबर से चलने की अनुमति दी है। नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भोपाल के हबीबगंज स्टेशन दोपहर बाद 2.25 बजे पहुंचती है। वहीं, भोपाल से शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर बाद 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होती है। यह ट्रेन मथुरा, आगरा कैंट, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, भोपाल और हबीबगंज स्टेशन पहुंचती है। तीन ट्रेनों को चलाने का भेजा है प्रस्ताव उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने तीन ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें झांसी-पुणे एक्सप्रेस, ग्वालियर-छपरा (बरौनी मेल) एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस महीने इन ट्रेनों के चलने के आसार हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। त्योहार की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। बरौनी मेल के चलने से यूपी और बिहार के लिए ट्रेन मिल जाएगी। रेल यात्रियों को 10 ट्रेन की सौगात, भोपाल होकर जाएगी बलसाड़-पुरी विशेष ट्रेन भोपाल से बलसाड़-पुरी-बलसाड़ स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन भोपाल से होकर चलेगी। यह गुरुवार से शुरू होगी। भोपाल मंडल से डॉक्टर अंबेडकर नगर-कामाख्या, बड़ोदरा-वाराणसी, उधना-दानापुर, सूरत-भागलपुर के मध्य स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन भी चलने लगेंगी। रेल प्रशासन द्वारा यह ट्रेन अगली सूचना तक चलाई जाएंगी। इन गाड़ियों का समय पहले से निर्धारित ट्रेन के समय के अनुसार ही चलेगा। भोपाल मंडल से होकर 6 ट्रेन सप्ताह में एक दिन रहेंगी, जबकि 4 गाड़ी सप्ताह में दो दिन रहेगी।

लॉकडाउन का असर : भारत जीडीपी के मामले में बांग्लादेश भूटान, श्रीलंका, मालदीव से पीछे

नई दिल्ली। पिछड़े देशों में गिने जाने वाले बांग्लादेश की पर कैपिटा (प्रति व्यक्ति) जीडीपी भारत की पर कैपिटा जीडीपी इस कैलेंडर साल में (जनवरी से दिसंबर) में ज्यादा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने यह जानकारी दी है। आईएमएफ ने कहा है कि बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,888 डॉलर (करीब 1,38,400 रुपए) हो सकती है, जबकि भारत में यह 1,877 डॉलर (करीब 1,37,594 रुपए) हो सकती है। अगर आईएमएफ का अनुमान सही होता है तो भारत अपने क्षेत्र में जीडीपी के मामले में सिर्फ पाकिस्तान और नेपाल से आगे रह पाएगा। इसका मतलब है कि दक्षिण एशिया में भूटान, श्रीलंका, मालदीव और निश्चित रूप से बांग्लादेश भारत से आगे होंगे। एक तरफ जहां भारत का प्रदर्शन गिर सकता है वहीं नेपाल और भूटान की अर्थव्यवस्था इस साल बढ़ने की उम्मीद है। आईएमएफ ने इसी के साथ यह भी कहा है कि 2021 में भारत इसमें आगे हो जाएगा। 2021 में भारत में प्रति व्यक्ति जीडीपी एक लाख 48 हजार 190 रुपए होगी, जबकि बांग्लादेश के लोगों की जीडीपी एक लाख 45 हजार 270 रुपए होगी। अभी भारत में एक लाख 37 हजार 21 रुपए जबकि बांग्लादेश में एक लाख 37 हजार 824 रुपए प्रति व्यक्ति जीडीपी है। यह आंकड़ा एक डॉलर पर 73 रुपए के आधार पर है। पहली तिमाही के नतीजों ने बुरा असर डाला है आईएमएफ ने कहा है कि पहली तिमाही के नतीजों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है। ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में अभी इसकी मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की राह आगे काफी चुनौतीपूर्ण है। आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक पर नजर डालें तो कुछ ऐसा ही नजर आता है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, देश की हालत बांग्लादेश से भी बदतर होने वाली है। इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी बांग्लादेश से भी नीचे हो जाएगी और यह सब लॉकडाउन का असर है। जीडीपी में इस साल 10 पर्सेंट गिरावट आई है इस साल भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 10 पर्संट गिरावट आई है। जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 4 प्रतिशत की बढ़त है। प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में, भारत कुछ साल पहले तक बांग्लादेश से काफी ऊपर था। लेकिन देश में तेजी से निर्यात के कारण उसकी बढ़त में काफी अंतर आया है। इसके अलावा बीच की अवधि के दौरान जब भारत की बचत और निवेश काफी सुस्त थी तब बांग्लादेश ने इसमें बाजी मार ली। आरबीआई के अनुमान से ज्यादा है आईएमएफ का अनुमान भारत के लिए आईएमएफ का अनुमान आरबीआई के 9.5% के अनुमान से भी बदतर है। यह विश्व बैंक के पहले के अनुमान की तुलना में भी निराशाजनक है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी में 9.6% की गिरावट की आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेन और इटली के बाद भारत की जीडीपी में 10.3% की कमी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा गिरावट है। सबसे बड़ी गिरावट आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह सबसे बड़ी गिरावट होगी। आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि चीन के अलावा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं 2020 में 5.7 फीसदी की की कमी देखेंगी। रिपोर्ट ने भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में वायरस के फैलने से होने वाले जोखिम को भी बताया है। इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं पर्यटन और कमोडिटीज़ जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों पर निर्भर हैं। 1990-91 की तुलना में ज्यादा गिरावट रिपोर्ट के साथ मौजूद आंकड़ों में कहा गया है कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था 1990-91 के संकट के बाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि श्रीलंका के बाद भारत के दक्षिण एशिया में सबसे खराब अर्थव्यवस्था होने की संभावना है। हालांकि, आईएमएफ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2021 में भारत में रिकवरी भी तेज होगी जो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक बार फिर भारत को बांग्लादेश से आगे निकाल देगा।

मंदिरों को खोलने के लिए शिरडी से सिद्धिविनायक तक BJP का मोर्चा

मुंबई . महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को मुंबई में प्रदर्शन किया. इसके अलावा शिरडी में साधु-संत अनशन पर बैठ गए हैं. वहीं, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए कहा है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि 1 जून से आपने मिशन फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने बाद भी पूजा स्थल नहीं खोले जा सके हैं. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ सरकार ने बार और रेस्तरां खोले हैं, लेकिन दूसरी तरफ, देवी और देवताओं के स्थल को नहीं खोला गया है. आप हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं. आपने भगवान राम के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति व्यक्त की. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि आपने आषाढ़ी एकादशी पर विट्ठल रुक्मणी मंदिर का दौरा किया था, क्या आपने अचानक खुद को धर्मनिरपेक्ष बना लिया है? जिस शब्द से आपको नफरत है? दिल्ली में पूजा स्थल खोले गए हैं लेकिन कोविड -19 मामलों में वृद्धि हुई है. इस बीच साईं मंदिर खोलने के लिए बीजेपी के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के महंतों ने शिरडी में एकदिवसीय अनशन शुरू किया है. कोरोना के कारण सूबे में सात महीनों से सभी मंदिर बंद है. एक तरफ सरकार ने शराब की दुकानें खोल दी हैं, मगर मंदिर बंद रखने से खफा साधु संतों ने अनशन शुरू कर दिया है. पुणे में भी बीजेपी का प्रदर्शन राज्य में मंदिर खोलने के लिए भाजपा आक्रमक नज़र आ रही है. आज पुणे के साथ कई शहरों में मंदिरों के बाहर आंदोलन किया गया. अनलॉक में कई व्यवसाय और सार्वजनिक सेवा बहाल की गई, लेकिन ऐसा होने के बाद भी राज्य सरकार ने अभी तक धार्मिक स्थल नहीं खोले. राज्य सरकार के इसी निर्णय के खिलाफ भाजपा ने प्रदर्शन किया. पुणे शहर के ग्रामदैवत तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भजन कर बीजेपी ने प्रदर्शन किया. कुंभकर्ण की नींद में सोई सरकार का प्रतीकात्मक पुतला भी बनाया गया. भाजपा के शहर अध्यक्ष जगदीश मलिक के अलावा कई भाजपा कार्यकर्ता इस आंदोलन में सहभागी हुए. सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88