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रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दिल्ली के अस्पतालों में पिछले साल 24 फीसदी मौतों के पीछे की वजह?

नई दिल्ली. दिल्ली में पिछले साल विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 88,628 मौतों में से लगभग 24 फीसदी हैजा, दस्त, टीबी और हेपेटाइटिस-बी समेत अन्य संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से हुईं। दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी ‘द मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ्स’ (एमसीसीडी) रिपोर्ट-2023 में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले साल कुल 88,628 मौतें अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों में हुईं। इनमें से लगभग 21,000 लोगों की जान संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से गई। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण अस्पतालों में 6,054 मौतें हुईं। यह आंकड़ा साल 2022 में रिकॉर्ड की गई कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण हुईं 5,409 मौतों से लगभग 12 फीसदी ज्यादा है। साल 2023 में शिशुओं के मामले में सबसे ज्यादा मौतें (1,517) भ्रूण के धीमे विकास और कुपोषण के कारण हुईं। इसमें कहा गया है कि निमोनिया ने 1,373, सेप्टीसीमिया ने 1,109 और हाइपोक्सिया, जन्म के समय सांस नहीं चलना और श्वास संबंधी अन्य विकारों ने 704 शिशुओं की जान ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में सबसे ज्यादा मौतें 45 से 64 साल के उम्र वालों की हुईं। इसमें बताया गया है कि पिछले साल हुई कुल मौतों में 32.28 फीसदी यानी 28,611 मृतक इस आयु वर्ग के, जबकि 29.44 प्रतिशत यानी 26,096 मृतक 65 साल और उससे अधिक उम्र के थे।

प्रदूषण में मामूली गिरावट, वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया, अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के वायु प्रदूषण में पिछले कुछ दिनों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद मामूली गिरावट देखने को मिली। रविवार को यहां पर औसत औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 335 दर्ज किया गया। हालांकि यह अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। केंद्रीय नियंत्रण एवं प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया। दीपावली से लगातार 350 के आस-पास या इससे ऊपर रहने के बाद एक्यूआई में पहली बार गिरावट देखने को मिला। दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 166, गुरुग्राम में 240, गाजियाबाद में 226, ग्रेटर नोएडा में 250, नोएडा में 206 एक्यूआई दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली के अधिकांश इलाके में एक्यूआई 300 से 400 के बीच में दर्ज किया, जिसमें अलीपुर में 356, आनंद विहार में 351, अशोक विहार में 353, आया नगर में 343, बवाना में 383, बुराड़ी क्रॉसिंग में 331, मथुरा रोड में 323, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 348, डीटीयू में 311, द्वारका सेक्टर 8 में 341, आईजीआई एयरपोर्ट में 326 और आईटीओ में 328 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 370, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 323, लोधी रोड में 307, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 357, मंदिर मार्ग में 387, मुंडका में 358,नजफगढ़ में 341, नरेला में 356, नेहरू नगर में 363, नॉर्थ कैंप में 328, एनएसआईटी द्वारका में 333, ओखला फेस टू में 339, पटपड़गंज में 345, पंजाबी बाग में 352, पुषा में 332, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 368, रोहिणी में 366, शादीपुर में 342, सिरी फोर्ट में 345, विवेक विहार में 354 और वजीरपुर में 366 एक्यूआई बना हुआ है। अगर एक दिन पहले दिल्ली के एक्यूआई की बात करें तो शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में सुबह 6:15 बजे तक औसत एक्यूआई 363 अंक बना हुआ था। वहीं, शुक्रवार को 383 दर्ज किया गया, जो बेहद की खराब श्रेणी में माना जाता है। बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक्यूआई के वर्गीकरण के अनुसार 0 से 50 को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब और 301 से 400 को बहुत खराब की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा 401 से 500 को गंभीर और 450 से अधिक एक्यूआई होने पर गंभीर प्लस की श्रेणी में रखा गया है।  

आज ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा इतना भीषण था कि काफी देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह करीब 6 बजे ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क के अंतर्गत एक वैगनआर कार नंबर HR 51BY 1774 जिसमें 5 लोग सवार थे, उसने सेक्टर-146 मेट्रो स्टेशन के पास रोड के किनारे खराब खड़े ट्रक नंबर UP 85 CT 8591 में पीछे से तेज गति से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैगनआर कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने तत्काल राहत-बचाव कार्य करते हुए अन्य चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन सभी व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। पांचों मृतकों में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। मृतकों की पहचान अमन पुत्र देवी सिंह उम्र करीब 27 साल; देवी सिंह पुत्र रामशाह उम्र करीब 60 साल; राजकुमारी पत्नी देवी सिंह उम्र करीब 50 साल; विमलेश पत्नी ज्ञानी सिंह उम्र करीब 40 साल और कमलेश पत्नी जीवन उम्र करीब 40 साल के रूप में हुई है। सभी मृतक दादरी के पास काशीराम कॉलोनी घोड़ी बछेड़ा के रहने वाले थे और हादसे के दौरान अपने घर वापस लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने भी घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिय। हादसे के बाद दोनों वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटा दिया गया है। फिलहाल यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। वहीं परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद घोड़ी बछेड़ा की काशीराम कॉलोनी में मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस हादसे की जांच के लिए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा- पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह भी किया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए सब कुछ करेगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्री संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह भी किया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए सब कुछ करेगी। वह पूरी अपनी ताकत का इस्तेमाल करेगी लेकिन हमें उन्हें जीतने नहीं देना है। केजरीवाल ने कहा, आम आदमी पार्टी देश की राजनीति में ताजी हवा का झोंका है और हमें इसे आगे ले जाने की जरूरत है। हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली में जो भी काम हो रहे हैं वो बंद न हों। केजरीवाल ने राजा हरिशचंद्र से तुलना कर कहा कि पिछले 2 सालों में हम सबसे कठिन दौर से गुजरे हैं लेकिन भगवान कठिनाइयां भी सबसे प्रिय भक्तों को देता और उनकी परीक्षा लेता है। भगवान ने राजा हरिशचंद्र की तो कितनी कठिन परीक्षा ली थी। उन्होंने कहा, अभी तक पूरी पार्टी ने बहुत बहादुरी से सारी कठिनाइयों का सामना किया है। हमें तोड़ने खरीदने की काफी कोशिश की गई लेकिन उल्टा पार्टी और मजबूत हुई। हम लड़ेंगे हम जीतेंगे। केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, मैं जानता हूं आप मुझसे बहुत प्यार करते हैं, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूं और हमारे इस रिश्ते को किसी की नजर ना लगे। हमें इस रिश्ते को अपनी ताकत बनना है। केजरीवाल ने कहा, अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। यह लोग हमें हराने के लिए सबकुछ करेंगे और अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। हमें इन ताकतों तो जीतने नहीं देना है। आजादी के 75 साल के बाद राजनीति में जनता से जुड़े मुद्दों की बात हो रही है। 75 साल में पहली बार लोगों ने देखा है कि अगर सरकार ईमानदार हो जाए तो क्या नहीं हो सकता। राजनीति में आम आदमी पार्टी ताजा हवा का झोका हैं। इसे रुकने नहीं देना है। उन्होंने कहा, दिल्ली में काम बंद नहीं होने देना है। अभी बहुत काम करने बाकी हैं। आम आदमी पार्टी देश की अकेली उम्मीद है। इस उम्मीद को कायम रखना है।

AMUका अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा बरकरार, नए सिरे से निर्धारण के लिए बनाई 3 जजों की बेंच

अलीगढ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसख्यंक दर्जे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को नए सिरे से तय करने के लिए तीन जजों की एक समिति गठित की गई है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि अब नई बेंच एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मानदंड तय करेगी. इस मामले पर सीजेआई समेत चार जजों ने एकमत से फैसला दिया है जबकि तीन जजों ने डिसेंट नोट दिया है. मामले पर सीजेआई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा एकमत हैं. वहीं, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का फैसला अलग है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से अपने फैसले में 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जो एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने से इनकार करने का आधार बना था. कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने AMU को अल्पसंख्यक दर्जे की हकदार माना है. कोर्ट ने इस मामले में अपना ही 1967 का फैसला बदल दिया है जिसमें कहा गया था कि AMU अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जे का दावा नहीं कर सकती है. अन्य समुदायों को भी इस संस्थान में बराबरी का अधिकार है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने दिया है. इस बेंच में 7 जज शामिल थे जिसमें से 4 ने पक्ष में और 3 ने विपक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले को देते हुए मामले को 3 जजों की रेगुलर बेंच को भेज दिया गया है. इस बेंच को यह जांच करनी है कि एएमयू की स्थापना अल्पसंख्यकों ने की थी क्या? सीजेआई ने क्या कहा? सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 30ए के तहत किसी संस्था को अल्पसंख्यक माने जाने के मानदंड क्या हैं? किसी भी नागरिक द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान को अनुच्छेद 19(6) के तहत विनियमित किया जा सकता है. अनुच्छेद 30 के तहत अधिकार निरपेक्ष नहीं है. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के विनियमन की अनुमति अनुच्छेद 19(6) के तहत दी गई है, बशर्ते कि यह संस्थान के अल्पसंख्यक चरित्र का उल्लंघन न करे. सीजेआई ने कहा कि धार्मिक समुदाय कोई संस्था स्थापित कर सकता है, लेकिन उसका एडमिनिस्ट्रेशन नहीं कर सकता. एक तर्क ये भी है कि विशेष कानून के तहत जिन संस्थानों की स्थापना हो उनको अनुच्छेद 31 के तहत कंवर्ट नहीं किया जा सकता. क्या है इतिहास और क्या है विवाद? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा ‘अलीगढ़ मुस्लिम कॉलेज’ के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य मुसलमानों के शैक्षिक उत्थान के लिए एक केंद्र स्थापित करना था. बाद में, 1920 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसका नाम ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय’ रखा गया. एएमयू अधिनियम 1920 में साल 1951 और 1965 में हुए संशोधनों को मिलीं कानूनी चुनौतियों ने इस विवाद को जन्म दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 1967 में कहा कि एएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. लिहाजा इसे अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता. कोर्ट के फैसले का अहम बिंदू यह था कि इसकी स्थापना एक केंद्रीय अधिनियम के तहत हुई है ताकि इसकी डिग्री की सरकारी मान्यता सुनिश्चित की जा सके. अदालत ने कहा कि अधिनियम मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रयासों का परिणाम तो हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि विश्वविद्यालय की स्थापना मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने की थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2005 में संशोधन को किया खारिज सर्वोच्च अदालत के इस फैसले ने एएमयू की अल्पसंख्यक चरित्र की धारणा पर सवाल उठाया. इसके बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किए जिसके चलते साल 1981 में एएमयू को अल्पसंख्यक का दर्जा देने वाला संशोधन हुआ. साल 2005 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1981 के एएमयू संशोधन अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया. 2006 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. फिर 2016 में केंद्र ने अपनी अपील में कहा कि अल्पसंख्यक संस्थान की स्थापना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के सिद्धांतों के विपरीत है. साल 2019 में तत्कालीन CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को सात जजों की बेंच के पास भेजा था, जिस पर आज फैसला आया है.  

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खुलने से मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी

नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा 12 नवंबर को आम जनता के लिए खुल सकता है। इससे मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं और आगरा नहर व गुड़गांव नहर पर दो नए पुल भी बने हैं। जाम से मिलेगा छुटकारा बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे और पुलों के खुलने से मथुरा रोड पर जाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि मथुरा रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या का स्थायी समाधान है।यह नया एक्सप्रेसवे यमुना नदी के किनारे यमुना खादर, ओखला विहार और बतला हाउस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इसका निचला हिस्सा महारानी बाग के पास बना है और यह DND फ्लाईओवर के आश्रम एंट्री के पास सड़क को पार करेगा। ढाई घंटे का सफर 25 मिनट में सासंद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर 5500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क का इस्तेमाल फरीदाबाद, पलवल और सोहना जाने के लिए किया जा सकेगा।इससे लोगों का समय भी बचेगा। अभी महारानी बाग से सोहना पहुंचने में 2.5 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यह समय घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का आधुनिक सड़क मार्ग है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश के सबसे तेज़ सड़कों में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे पर पशुओं और पैदल चलने वालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है। बता दें कि 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था।

100 करोड़ की परियोजना: यमुना नदी से लेकर 30 किलोमीटर लंबी रेनीवेल की लाइन बिछाई जाएगी, जल्द होगा काम शुरू

फरीदाबाद अरावली पहाड़ी की तलहटी में बसे सेक्टर, कॉलोनी व सोसायटी और एनआईटी क्षेत्र को राहत देने की दिशा में काम शुरू होने वाला है। इन क्षेत्रों में यमुना का जल लाने के लिए 100 करोड़ की परियोजना के टेंडर इसी महीने हो जाएंगे। अगले महीने से काम शुरू होगा। मतलब यमुना नदी से लेकर इन क्षेत्रों तक करीब 30 किलोमीटर लंबी रेनीवेल की लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन एक हजार एमएम की मोटाई से लेकर 900 एमएम वाली होगी। पहले चरण में 30 एमएलडी पानी रोज आएगा। इससे पांच लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। एफएमडीए ने नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कुल 22 रेनीवेल टेकओवर कर लिए हैं। बूस्टर तक पानी पहुंचाने का काम एफएमडीए का है। बूस्टर से शहर में पेयजल सप्लाई का जिम्मा नगर निगम का है। 100 करोड़ आएगा लाइन का खर्चा यमुना नदी किनारे 12 रेनीवेल लगाए जा रहे हैं। 100 करोड़ रुपये की लागत से रेनीवेल लाइन शहर तक बिछाई जानी है। 94 करोड़ की लागत से बूस्टिंग स्टेशन व अन्य काम होंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 294 करोड़ का बजट पास किया है। रेनीवेल की लाइन बीच में पड़ने वाली नहरों, एक्सप्रेस-वे, हाईवे व अन्य सड़कों के नीचे से निकाली जाएगी।  

केजरीवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ‘शीशमहल’ की होगी जांच, BJP की शिकायत पर CVC ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय सतर्कता आयोग ने फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री के बंगले के पुनर्निर्माण में कथित अनियमितताओं पर सीपीडब्ल्यूडी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। यह दावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को किया। फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले में ही अरविंद केजरीवाल बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री 9 साल तक रहे थे। बीजेपी इसे शीशमहल बताती है और जांच की मांग करती रही है। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उनकी जांच पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीएम आवास में अवैध निर्माण और वित्तिय अनियमितताओं की जांच को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास भेजा है। तथ्यात्मक रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 14 अक्तूबर को सीवीसी को एक शिकायत दी थी। इसमें छह फ्लैग स्टाफ रोड पर हुए निर्माण की जांच की मांग की गई थी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि तमाम नियमों को ताक पर रखकर यहां निर्माण कार्य किया गया। इसके साथ संबंधित मंजूरी भी नहीं ली गई। यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है और भ्रष्टाचार का मामला है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गुप्ता ने बताया कि उनकी शिकायत पर अब केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने सीपीडब्लूडी से जांच रिपोर्ट मांगी है। अरविंद केजरीवाल ईमानदार: आप आम आदमी पार्टी ने कहा कि सीएम आवास को लेकर शिकायत करने वाली भाजपा जितनी चाहे जांच करा सकती है। पार्टी और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं। इसकी वजह से ही केजरीवाल देश में सबसे लोकप्रिय निर्वाचित मुख्यमंत्री सबित हुए हैं। पार्टी ने आगे कहा कि भाजपा ने आप सरकार के खिलाफ कई जांच शुरू की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों को निशाना बनाया गया, लेकिन ‘एक भी रुपये की गड़बड़ी’ उजागर नहीं हो पाई। पार्टी ने बयान में कहा, ‘यह हमारी अटूट ईमानदारी का सबसे मजबूत प्रमाण है। नकारात्मक राजनीति में शामिल होने के बजाय, भाजपा को लोगों की समस्याओं को समझने और वास्तविक समाधान की दिशा में काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’

भिड़े आप नेता और पुलिस वाले, तेज आवाज वाले डीजे संगीत को लेकर हुआ विवाद

नई दिल्ली चिराग दिल्ली में छठ घाट पर तेज आवाज वाले डीजे संगीत को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस और आप नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद पुलिस और आप नेताओं के बीच हाथापाई हो गई। बताया गया कि ये नेता इलाके में पुलिया के निर्माण को लेकर बैठक कर रहे थे। आप और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर भाजपा और आप के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच हुई है। आप ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक उनकी बैठक को बाधित करने के लिए तेज आवाज में संगीत बजा रहे थे। आयोजित की गई थी पंचायत दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जमीन पर पुलिया के निर्माण को लेकर चिराग दिल्ली गांव के निवासियों द्वारा एक पंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें सौरभ भारद्वाज भी शामिल हुए थे, दिल्ली के मंत्री के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। तेज आवाज डीजे को लेकर हुआ विवाद हालांकि, भाजपा समर्थकों ने पास के छठ घाट पर तेज आवाज में डीजे संगीत बजाया, जिसके बारे में भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह पंचायत की कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास था। पुलिस और लोगों के बीच हुई धक्का-मुक्की बयान में कहा गया है कि जब आप नेता स्थानीय लोगों के साथ संगीत बंद कराने के लिए घाट पर पहुंचे तो वहां तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद इलाके में पर्याप्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए। चिराग दिल्ली में हुई यह घटना यह घटना चिराग दिल्ली में डीडीए की जमीन पर छठ मनाने को लेकर पहले हुए टकराव के बाद हुई है, जहां भारद्वाज और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के बीच सार्वजनिक तौर पर जुबानी जंग हुई थी। भारद्वाज ने किया ये दावा भारद्वाज ने दावा किया कि महीनों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और डीडीए दोनों पुलिया परियोजना की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं और भगवा पार्टी पर दिल्ली सरकार की विकास पहलों को रोकने का लक्ष्य रखने का आरोप लगाया है। दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के भोजपुरी भाषी निवासी शामिल हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना, 54,000 से अधिक वाहनों पर लगा फाइन

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी केंद्र की समिति ने रविवार को 56 निर्माण स्थलों को बंद करने का आदेश दिया और नियमों का उल्लंघन करने वाले 597 स्थलों पर जुर्माना लगाया. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा कि 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच 54,000 से अधिक वाहनों पर वैध प्रदूषण-नियंत्रण प्रमाण पत्र के अभाव में जुर्माना लगाया गया और 3,900 पुराने वाहनों को जब्त किया गया. अवैध कचरा फेंकने वालों पर भी एक्शन CAQM ने बताया कि अवैध कचरा फेंकने के स्थलों पर 5,300 से अधिक निरीक्षण किए गए और नगरपालिका ठोस कचरा जलाने के लिए उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. सड़क पर धूल को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में सफाई मशीनें, पानी के छिड़काव करने वाली मशीनें, और एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं. एनसीआर में औसतन हर दिन लगभग 600 पानी के छिड़काव करने वाले और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया गया. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-I 15 अक्टूबर से लागू है, जबकि चरण II 22 अक्टूबर से लागू किया गया है. CAQM ने कहा कि एक GRAP मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम 15 अक्टूबर से सक्रिय है ताकि एनसीआर राज्यों द्वारा लक्षित कार्रवाई की निगरानी की जा सके. लगातार जहरीली हो रही है हवा आपको बता दें कि दिल्ली में दशहरे के बाद से हवा जहरीली बनी हुई है. AQI लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है. हालांकि पिछले दो दिन से हालात में हल्के सुधार हुए थे. लेकिन, दिवाली पर एक्यूआई में जैसी बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही थी वो सच हुई. पटाखों ने दिल्ली में हवा का हाल फिर से बेहद ही खराब कर दिया है.  केन्द्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से लेकर 31 अक्तूबर के बीच ग्रैप प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 54 हजार वाहनों का चालान किया गया है। ग्रैप प्रतिबंधों को लागू करने के साथ ही आयोग ने सभी संबंधित संस्थाओं से इनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तेज अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इन पर हो रही कार्रवाई की निगरानी के लिए आयोग द्वारा एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों का व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। सात हजार स्थलों का निरीक्षण किया आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच चलाए गए अभियान में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग टीमों ने लगभग सात हजार निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर 597 निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। नियमों का ज्यादा उल्लंघन कर रहे 56 निर्माण स्थलों पर काम को बंद करा दिया गया है। आयोग के मुताबिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी सख्त कार्रवाई की गई। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगभग 54 हजार वाहनों का चालान समुचित पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर किया गया है। अपनी समयावधि पूरी कर चुके 3900 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। आयोग ने रविवार को बताया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। केवल दिल्ली में ही 81 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में 36 ऐसे वाहनों की तैनाती की गई है। वहीं, पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 600 वाटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मॉग गन की तैनाती की गई है।  

भाजपा नेताओं को बस मार्शलों की बहाली को लेकर गंदी राजनीति बंद करने की चेतावनी दी: मुख्यमंत्री आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार को भाजपा नेताओं को बस मार्शलों की बहाली को लेकर गंदी राजनीति बंद करने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नौकरी से निकाले गए सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों (सीडीवी) को पता है कि उनकी परेशानी की वजह भाजपा है, न कि सत्तारूढ़ आप या उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल। मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती दी कि वह अधिकारियों से उनकी सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कहें, जिसे इस सप्ताह राजनिवास भेजा जा सकता है ताकि सभी 10 हजार सीडीवी को तुरंत नियमित किया सके। आतिशी ने गरीब परिवारों के 10 हजार से अधिक बस मार्शलों को रोजगार प्रदान करने और दिल्ली की महिलाओं तथा बच्चों के लिए बस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उनकी तैनाती का श्रेय केजरीवाल को देते हुए कहा कि उनकी सेवा में व्यवधान “भाजपा द्वारा नियंत्रित अधिकारियों” के कारण उत्पन्न हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के अधिकारियों ने अप्रैल 2023 में बस मार्शलों का वेतन रोक दिया और उन्हें बर्खास्त करने के लिए फाइलों पर लगातार नकारात्मक नोटिंग की। आतिशी ने मीडियाकर्मियों से कहा, “यह अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के प्रयासों के कारण ही संभव हुआ कि बाधाओं के बावजूद बस मार्शलों को वेतन जारी किया गया।” उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने बस मार्शलों की बहाली तक उनके संघर्ष में शामिल होने का वादा किया है। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा पर यह हमला उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा शनिवार को लिखे गए एक पत्र के बाद किया है, जिसमें उन्होंने 1 नवंबर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीडीवी को फिर से शामिल करने का प्रस्ताव लाने में दिल्ली सरकार की असमर्थता पर नाराजगी व्यक्त की थी। सक्सेना ने कहा कि उन्होंने शहर में प्रदूषित हवा से निपटने के उपाय के रूप में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) की शीघ्र पुनर्नियुक्ति की मांग की थी। एलजी ने कहा कि “उनकी समय पर बहाली से प्रदूषण से लड़ने में मदद मिली होती और उनके कल्याण में योगदान मिला होता।” सीएम आतिशी ने रविवार को भाजपा को एक ऐसी पार्टी बताया जो आंदोलनकारी बस मार्शलों को लाठियों से पिटवाती है और दिल्ली और देश भर में अनुबंध कर्मचारियों के कल्याण का विरोध करती है। आतिशी ने कहा, “विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लाखों संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही।” सीएम ने दिल्ली में अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने में आप सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने पिछले दो साल में 10,000 से ज्यादा संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को नियमित किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सप्ताह उनकी सरकार सभी बस मार्शलों की सेवाओं को नियमित करने का प्रस्ताव भेजेगी, लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिलने देगी।

खतरनाक हुई दिल्ली की हवा! 8 इलाकों में AQI 400 पार, ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के पार

नई दिल्ली दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। प्रदूषण के कारण राजधानी के कई इलाकों में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रविवार को दिल्ली का आसमान धुएं की पतली परत से ढक गया। इस दौरान दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार रहा। वैसे तो दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन 8 इलाके ऐसे हैं जहां रविवार को लोगों को सांस लेने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं दिल्ली में प्रदूषण का हाल। 8 इलाकों में सबसे ज्यादा पलूशन वैसे तो दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में प्रदूषण से हालत बदतर हुए हैं, लेकिन 8 इलाकों में हवा का स्तर खतरनाक हो गया है। यहां लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह दिल्ली के नेहरू विहार और आनंद विहार की हवा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सीपीसीबी के आंकड़ों में दिखाया गया कि 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा। बाकी दिल्ली का क्या हाल दिवाली के दिन बेरोकटोट पटाखों की आतिशबाजी के बाद दिल्ली की हवा का स्तर गिरना तय था। ऐसा ही हुआ। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के ऊपर रहा। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीपीसीबी से मिली अपडेट के अनुसार, रविवार को सुबह सात बजे तक दिल्ली के न्यू मोती बाग इलाके में एक्यूआई 352 और आरके पुरम में 380 दर्ज किया गया है। इसके अलावा विवेक विहार में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 385 और लोधी रोड में 330 दर्ज किया गया है। सीपीसीबी के अनुसार, इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। क्यो बोले लोग दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के लोग चिंतित हैं। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसे लोगों को जिनको सांस संबंधी समस्या पहले से है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर बात करते हुए दिल्ली के रहने वाले आदित्य कहते हैं कि यहां सांस लेना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बाहर जाकर एक्सरसाइज करने का यह सही समय नहीं है क्योंकि आंखों में जलन देखने को मिल रही है। क्या कर रही दिल्ली सरकार? बढ़ते प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए सरकार कई बड़े प्रयासों का दावा कर रही है। हालांकि, ये सभी प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि लोगों को प्रदूषण से राहत तो नहीं मिल पा रही है। बढ़ती ठंड के साथ दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए सरकार 200 एंटी-स्मॉग गन लगाएगी।

मुख्यमंत्री आतिशी के सरकारी आवास पर गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचीं स्वाति मालीवाल ने कहा- यह नल से ‘कोका-कोला’ की स्कीम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के सरकारी आवास पर गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचीं और सीएम आवास के बाहर फेंक दिया। उनका दावा है कि यह पानी दिल्ली के लोगों को घरों में सप्लाई किया जा रहा है। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए मालीवाल ने कहा कि, ‘सागरपुर, द्वारका के लोगों ने मुझे बुलाया था, वहां के हालात बहुत खराब हैं। मैं वहां एक घर में गई और देखा कि वहां नल में काला पानी सप्लाई हो रहा है। मैंने उस काले पानी को एक बोतल में भरा और मैं उस पानी को यहां मुख्यमंत्री साहिबा के आवास पर लेकर आईं। 2015 से हम सुनते आ रहे हैं कि अगले साल सब ठीक हो जाएगा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘वो काला पानी जो आज मैं यहां लेकर आई हूं, क्या ये काला पानी दिल्ली पिएगी। उन्हें कोई शर्म नहीं आती? मैंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि यह तो बस एक नमूना था, अगर पंद्रह दिन के अंदर उन्होंने पूरी दिल्ली की पानी सप्लाई ठीक नहीं करी तो मैं ऐसे ही पानी से भरा एक पूरा टैंकर भरकर आऊंगी। मैं ये पानी उनके लिए छोड़कर जा रही हूं, वो चाहे तो इस पानी से नहाएं, या इस पानी को पिएं या अपने पापों की शुद्धि करें।’ मालीवाल बोलीं- घरों में हो रही कोका-कोला सप्लाई इससे पहले शनिवार दोपहर को मालीवाल शहर के द्वारका इलाके में गई थीं। जहां के लोगों ने उन्हें फोन करके घरों में बेहद गंदे पानी की सप्लाई होने की जानकारी दी थी। जब मालीवाल वहां पहुंची तो नल में आ रहे पानी को देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने यहां का एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अभी द्वारका विधानसभा के एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर के घर आई थी, महीनों से पूरे इलाके में गंदा बदबूदार पानी आ रहा है। दिवाली पर मुख्यमंत्री आतिशी ने इनके घर पर नल से सीधा कोका कोला सप्लाई करवाई है। हज़ारों परिवारों की दिवाली बर्बाद हो गई। ये पानी की बोतल अभी दिवाली के गिफ्ट के रूप में CM मैडम को देने जा रही हूं।’

धमकियों के बीच एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला, दुबई से आया था दिल्ली

नई दिल्ली पिछले दिनों एक के बाद फ्लाइटों को मिली बम से उड़ाने की धमकी के बीच अब एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला है। फ्लाइट दुबई से दिल्ली लैंड हुई थी। इसी दौरान फ्लाइट की सीट के एक पॉकेट से एक कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और एयरपोर्ट पुलिस को मामले की सूचना दी। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना 27 अक्टूबर की है। प्रवक्ता ने बताया कि 27 अक्टूबर 2024 को दुबई से दिल्ली उतरने के बाद हमारी फ्लाइट AI916 की एक सीट की जेब में एक गोला-बारूद कारतूस पाया गया था। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित विमान से उतर गए थे। एयर इंडिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एयरपोर्ट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 25 फ्लाइटों को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी इससे पहले भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 25 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को 25 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पिछले महीने 12 दिन में भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 275 से अधिक उड़ानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिली थी। इनमें से अधिकांश धमकियां सोशल मीडिया के माध्यम से दी गईं थीं। सूत्रों ने बताया था कि इंडिगो, विस्तारा और स्पाइसजेट की सात-सात उडा़नों जबकि एयर इंडिया की छह उड़ानों को धमकियां मिलीं थी। उधर इंडिगो के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था, उदयपुर से दिल्ली जाने वाली उड़ान 6ई 2099 को बम की धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, उड़ान भरने से पहले विमान को एकांत स्थान में भेज दिया गया और मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतार लिया गया। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मेटा’ और ‘एक्स’ से विमानन कंपनियों को बम की धमकी वाले संदेशों के बारे में डेटा शेयर करने के लिए कहा था और इन गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि सरकार विमानन कंपनियों को बम धमकी मिलने की घटनाओं से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसमें ऐसी धमकी देने वालों को ‘नो-फ्लाई’ सूची में डालना भी शामिल है।

पति ने चरित्र पर उठाया सवाल तो पत्‍नी ने काट दिया प्राइवेट पार्ट

नई दिल्ली दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पत्नी ने किसी झगड़े को लेकर अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया और फरार हो गई. पति ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है. हालांकि अभी तक वारदात को अंजाम देने का कारण पता नहीं लग सका है. दरअसल, मामला नॉर्थ दिल्ली के रूप नगर इलाके का है. पुलिस के मुताबिक उन्हें 1 नवंबर को एक शख्स ने फोन कर सूचना दी कि उसकी पत्नी ने उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक उसकी हालत ठीक बताई जा रही है. पुलिस फिलहाल उसके ठीक होने और लिखित शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है. पुलिस का कहना है फिलहाल उसकी पत्नी फरार है और युवक के बयान व लिखित शिकायत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फरार महिला की तलाश की जा रही है. डाबड़ी में महिला ने अपने पति की कर दी थी हत्या बता दें कि कुछ महीने पहले दिल्ली के डाबड़ी इलाके में एक महिला ने अपने पति (husband) की हत्या करने के बाद शव को कमरे में ही छिपा दिया था और फरार हो गई थी. यह वारदात द्वारका जिले के डाबड़ी इलाके की है. यहां पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी और घर में बाहर से कुंडी लगाकर मौके से फरार हो गई. दिल्ली पुलिस को इस पूरी वारदात की जानकारी 20 अगस्त को तब लगी, जब पुलिस के कंट्रोल रूम में कॉल करके किसी ने बताया कि बंद घर से तेज बदबू आ रही है. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खोला. घर के अंदर बुरी तरह सड़ चुकी हालत में एक शव पड़ा हुआ था. पुलिस ने जब उसकी शिनाख्त की तो पता लगा कि शव सचिन नाम के युवक का है. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की.  

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