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हरियाणा में निकाय चुनाव:7 में से 5 में भाजपा-जजपा हारी, अम्बाला में मेयर पद गंवाया

चंडीगढ़। हरियाणा में बुधवार को घोषित 7 शहरी निकायों के चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) गठबंधन को करारा झटका लगा। सत्ता में रहने के बावजूद यहां सात निकायों में से केवल दो में ही कमल खिल पाया। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच यह नतीजे भाजपा के लिए चेताने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस गुटबाजी की वजह से सिर्फ एक निकाय में ही जीत हासिल कर पाई। तीनों नगरपालिकाओं के चेयरमैन पद पर निर्दलीयों ने कब्जा किया। इनमें दो पर जजपा और एक पर भाजपा ने गठबंधन में सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे। पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल कांग्रेस से मेयर पद छीनने में कामयाब रहे। अम्बाला में भाजपा को मेयर पद गंवाना पड़ा। वहां पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी से उनकी पत्नी शक्ति रानी जीती हैं। भाजपा दूसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही। राजनीति के जानकार भाजपा-जजपा गठबंधन की हार में किसान आंदोलन को प्रमुख वजह बता रहे हैं। जहां-जहां चुनाव थे, वहीं आंदोलन का ज्यादा असर है। अम्बाला से आंदोलन शुरू हुआ था। सोनीपत में ये अभी चल रहा है। टिकरी बॉर्डर के लिए सांपला से ही जाना पड़ता है। रेवाड़ी में धरने का असर धारूहेड़ा तक है। सिरसा और उकलाना में भी प्रदर्शन चल रहे हैं।

किसानों ने सरकार के बातचीत के न्यौते को किया खारिज, कहा- आग से न खेलें

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर बैठे किसानों ने बुधवार को कहा है कि केंद्र सरकार सरकार आग से ना खेलें। आंदोलन को हल्के में ना लें। संयुक्त किसान मोर्चा का प्रेस कांफ्रेस कहा कि वो सरकार की ओर से मिले बातचीत के न्योते को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर कोई बातचीत संभव नहीं है। बता दें कि किसान सरकार के प्रस्ताव को पहले भी खारिज कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों में संशोधन नहीं, रद्द करे। किसान नेताओं ने कहा कि हम तीनों कानून को रद्द करने के नीचे हम तैयार नहीं है। सरकार इस तरह के प्रस्ताव भेजकर सिर्फ साजिश रच रही है। हम पहले ही भी इसे खारिज कर चुके है। किसान सिर्फ अन्न पैदा नहीं करता है। उनके बेटे देश की सीमा पर सुरक्षा घेरा बनाते है। सीमा पर तैनात बेटों का भी मनोबल गिर रहा है। उनके मां-बाप सड़कों पर है। हम सरकार को चेतावनी देते है कि वह आग से ना खेलें। किसान जो कि सड़कों पर आया है उसे सम्मान पूर्वक मान ले। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार गुमराह कर रही है कि किसानों की हमने सारी बात मान ली है। किसान कभी भी बातचीत के लिए मना नहीं कर रहा है। मगर सरकार असल मुद्दे पर बात करें। किसान नेता शिवकुमार ने कहा कि केंद्र को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम गृह मंत्री अमित शाह को पहले ही बता चुके हैं कि प्रदर्शनकारी किसान संशोधनों को स्वीकार नहीं करेंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि सरकार को अपना हठी रवैया छोड़ देना चाहिए और किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता हन्नन मोल्ला ने कहा कि सरकार हमें थकाना चाहती है ताकि किसानों का आंदोलन खत्म हो जाए।

सेना के जवानों संग अश्लील वीडियो बनाकर करती थी ब्लैकमेल, मेरठ में गिरोह का भंडाफोड़

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने मास्टरमाइंड युवती और उसके गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल नबंर बांटकर हनीट्रैप में फंसाने वाली युवती और उसके गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने युवती और उसके साथी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साइबर सेल और मेरठ पुलिस के साझा प्रयास में यह कार्रवाई हुई है. इस गैंग ने सेना के जवानों से ठगी भी की है. एसपी सिटी मेरठ अखिलेश नारायण ने बताया कि एक शख्स ने साइबर सेल और नौचंदी थाने में शिकायत की थी कि एक युवती और युवक ने गैंग बनाया हुआ है, जो कि हनीट्रैप से ब्लैकमेल करते हैं. वे कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है. आश्चर्य की बात है कि ये लोग ज्यादातर सेना के जवानों को जाल में फंसाते हैं.इस मामले का खुलासा करते हुए थाना पुलिस ने क्षेत्र के कुटी चौराहे से आरोपी युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया. नौचंदी पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई वारदात करने की बात कबूल की है. इस गैंग की सरगना पहले दोस्ती करती थी, फिर सेना के जवान का अश्लील वीडियो बनाती थी, उसके बाद ब्लैकमेलिंग शुरू होती थी. इस गिरोह की तलाश में नौचंदी थाने की पुलिस लगी हुई थी. आरोपी युवती की कई फर्जी आईडी मिली है. मोबाइल फोन्स और सिम कार्ड्स भी मिले हैं. अलग-अलग आईडी से युवती लोगों से बात करती थी. अब पुलिस ने युवती द्वारा हनीट्रैप में फंसे पीड़ितों का पता लगाना शुरू कर दिया है.

महाराष्ट्र के 3000 किसान 100 से ज्यादा वाहनों से निकले दिल्ली की ओर

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 3000 हजार किसान 100 से ज्यादा वाहनों से दिल्ली कूच कर गए हैं। ये किसान 21 दिसंबर को निकले थे। ये लोग 25 दिसंबर को दिल्ली पहुंचकर कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान आंदोलन में शामिल होंगे। बुधवार को इन किसानों का मध्यप्रदेश की सीमा नेशनल हाइवे क्रमांक 3 पर सेंधवा में बड़ी बिजासन में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और उनके समर्थकों ने स्वागत किया। अखिल भारतीय किसान महासभा के डॉक्टर अजीत नवले ने बताया कि करीब 3000 किसान अलग-अलग रूट से दिल्ली गए हैं। सभी 25 दिसंबर को पहुंचकर किसान आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि कानून किसान विरोधी है। इसमें कई खामियां हैं। सभी किसान राशन का सामान साथ लेकर निकले हैं। जगह-जगह यात्रा का स्वागत भी किया जा रहा है। यात्रा के यहां पहुंचते ही सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। स्वागत के बाद मेधा पाटकर भी उनके साथ हो लीं।

भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी, इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड

चंडीगढ़। किसान आंदोलन के बीच भाजपा नए कृषि कानूनों के फायदे बता रही है। इसी दौरान एक पोस्टर सामने आया, जिसमें एक किसान मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर फसल खरीदे जाने की बात कह रहा है। पोस्टर में काफी खुश देख रहे इस किसान का नाम हरप्रीत सिंह है। यह पोस्टर पंजाब भाजपा ने जारी किया गया था। पोस्टर में हरप्रीत को एक खुशहाल किसान के रूप में पेश किया था। लेकिन, हकीकत में हरप्रीत दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन शामिल है। मामला सामने आने के बाद हरप्रीत ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी। इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड है। उधर, पंजाब भाजपा ने अपने फेसबुक पेज से पोस्टर वाली पोस्ट डिलीट कर दी है। हरप्रीत बोले- मैं तो सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में हूं पंजाब के होशियारपुर में रहने वाले हरप्रीत सिंह का कहना है कि भाजपा ने उनकी 6-7 साल पुरानी फोटो का पोस्टर में इस्तेमाल किया है। इसके लिए मुझसे नहीं पूछा गया। मैं तो अपने किसान भाइयों के साथ आंदोलन में शामिल हूं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि ये कानून किसानों के फायदे के लिए है, लेकिन हम जानते हैं कि ये नुकसान का सौदा है। हम अपना आंदोलन तभी खत्म करेंगे, जब नए कृषि कानूनों को वापस लिया जाएगा। हरप्रीत सिंह की तस्वीर के इस्तेमाल पर पंजाब भाजपा के चीफ अश्विनी शर्मा ने कहा है कि हम मामले की जांच करवा रहे हैं। भाजपा को लीगल नोटिस भेजा कृषि कानूनों के पक्ष में सोशल मीडिया पर बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल करने के लिए पंजाब के पॉपुलर फोटोग्राफर, एक्टर और डायरेक्टर हार्प फार्मर ने भाजपा कार्यालय दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ के इंचार्ज को लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सोशल मीडिया पर 7 दिन के अंदर माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा न करने पर क्रिमिनल और मानहानि का केस फाइल किया जाएगा। यह नोटिस पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हाकम सिंह के जरिए भेजा गया है।

किसान आंदोलन में 20 वीं मौत, बठिंडा में 22 साल के किसान ने जहर खाकर जान दी

नई दिल्ली। किसान आंदोलन में एक और सुसाइड की खबर सामने आई है। बठिंडा में 22 साल के किसान गुरलाभ सिंह ने रविवार को खुदकुशी कर ली। वह दो दिन पहले ही कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन से लौटा था। इससे पहले, 16 नवंबर को 65 साल के संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने गुरुमुखी में लिखे सुसाइड नोट में कहा था कि यह जुल्म के खिलाफ एक आवाज है। बठिंडा के कस्बा रामपुरा फूल के दयालपुरा में रहने वाला गुरलाभ 18 दिसंबर को ही अपने वापस आया था। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर धरने में शामिल था। उसने रविवार को जहर की गोलियां खाकर जान दे दी। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरलाभ सिंह छोटे स्तर का किसान था और उस पर करीब 6 लाख रुपए का कर्ज था। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर सुसाइड किया था संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर खुदकुशी की थी। लोग उन्हें पानीपत के पॉर्क अस्पताल लेकर गये थे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बाबा राम सिंह करनाल के सिंघरा गांव के रहने वाले थे। वे सिंघरा के ही गुरुद्वारा साहिब नानकसर के ग्रंथी थे। उनके अनुयाइयों की तादाद लाखों में बताई जा रही है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। आंदोलन के दौरान अब तक 20 से ज्यादा किसानों की मौत कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली बॉर्डर पर पिछले 25 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी उनका प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के दौरान अब तक अलग-अलग वजहों से 20 से ज्यादा किसानों की माैत हो चुकी है।

दिल्ली के बॉर्डर पर भीषण ठंड के बीच रात में खुले आसमान के नीचे सड़क पर डटे हैं किसान

नई दिल्ली. दिल्ली शीत लहर की चपेट में है, इसके बावजूद केंद्र के कृषि कानूनों (Agricultural Law) का दिल्ली की सीमाओं (Delhi border) पर विरोध कर रहे किसान (Farmer) अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. शहर में रविवार को पारा 3.4 डिग्री सेल्सियत तक गिर गया जो इस मौसम में अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने कहा, सफदरजंग वेधशाला में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. किसान आंदोलन शुरू हुए चार सप्ताह हो चुके हैं और इसके कारण सीमा पर कई बिंदुओं पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसकी वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. किसान आंदोलन जब से शुरू हुआ है तब से ही दिल्ली यातायात पुलिस लगातार ट्वीट कर सड़के बंद होने और वैकल्पिक मार्गों से जुड़ी जानकारी यात्रियों को दे रही है. दिल्ली यातायात पुलिस ने रविवार को ट्विटर के जरिए बताया कि टिकरी और धंसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है और झटिकारा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खुला है. दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि हरियाणा जाने वाले लोगों के लिए झड़ोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बदूसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं. यातायात पुलिस के अनुसार नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए गाजीपुर सीमा बंद है. यातायात पुलिस ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं. दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर केवल एक तरफ से खुला है और नोएडा से दिल्ली आने का रास्ता बंद है. यातायात पुलिस ने कहा, सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, सभोली और मंगेश बॉर्डर बंद है। कृपया लम्पुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर का उपयोग करें। यातायात को मुकर्बा और जीटीके रोड से मोड़ दिया गया है.

24वां दिन: दिल्ली की सर्दी में किसान अब भी डटे, प्रधानमंत्री की अपील और कृषि मंत्री की चिट्‌ठी बेअसर

नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चिट्‌ठी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद किसान आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर डटे हुए हैं। दिल्ली में बढ़ती ठंड और सर्द हवा के बीच भी वे पीछे हटने को तैयार नहीं है। आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने कई सेलेब्रिटी भी लगातार पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को सिंगर बब्बू मान और एक्ट्रेस स्वरा भास्कर पहुंची। मोबाइल चार्ज करने घर से सोलर पैनल लेकर आए मोबाइल चार्ज करने में परेशान न हो इसलिए किसान सोलर पैनल और ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं। एक किसान अमृत सिंह ने बताया कि वे अपने साथ सोलर प्लेट लेकर आए हैं कि अगर फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाएगी तो घर पर बात नहीं हो पाएगी। यहां कोई सुविधा मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार क्या सुविधा देगी, वह तो हमारी मांग तक नहीं मान रही है। चिदंबरम ने प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने MSP के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। यहां तीन तथाकथित झूठ हैं, जिन पर शायद वह टिप्पणी करना चाहें। किसानों के विरोध का समन्वय करने वाली AIKSCC ने कहा है कि किसान 900 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेच रहे हैं, हालांकि एमएसपी 1,870 रुपये प्रति क्विंटल है। क्या यह झूठ है? प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि वह किसानों को भड़का रहा है। पूर्व वित्त मंत्री का यह बयान इसी आरोप के जवाब में आया है। उन्होंने तब्लीगी जमात और हाथरस मामले का भी जिक्र किया है। कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए सुरजेवाला बोले- सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने किसानों को दरकिनार किया और सारे सरकारी संसाधन पूंजीपतियों को दे दिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए।

केजरीवाल ने विधानसभा में कृषि कानून की कॉपी फाड़ दी, कहा- अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार

नई दिल्ली . दिल्ली विधानसभा में नए कृषि कानून पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान केजरीवाल ने कृषि कानून की कॉपी फाड़ी दी. उन्होंने कहा कि सरकार और कितनी जान लेगी? अब तक 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं. एक-एक किसान भगत सिंह बनकर आंदोलन में बैठा है. अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार. सीएम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बरेली में रैली की और तीनों बिलों के फायदे समझाने लगे कि तुम्हारी जमीन नहीं जाएगी, मंडी बंद नहीं होगी. भाजपा वाले बताएं इस कानून से फायदा क्या है? भाजपा वालों को एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है. हवा में बात करने से क्या होगा? किसानों को नहीं भाजपाइयों को भ्रमित किया गया है, भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकील ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? पहली बार राज्यसभा में बिना वोटिंग के 3 कानून को कैसे पास कर दिया गया? ये कानून भाजपा के चुनाव के फंडिंग के लिए बने हैं. जय जवान, जय किसान के नारे लगे बता दें कि कृषि कानून को लेकर दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था. सत्र की शुरुआत होने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने एक संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की बात कही गई. इसके बाद हर वक्ता को बोलने के लिए पांच मिनट का वक्त दिया गया. इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती ने सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ा. उन्होंने इस दौरान जय जवान, जय किसान के नारे लगाए और कहा कि जो कानून किसानों के खिलाफ है, हमें उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

दिल्ली की सभी सीमाओं पर डंटे किसानों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

नई दिल्‍ली। किसान नेताओं ने शनिवार को नए कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। किसानों ने कहा है कि वह 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। इस बीच किसानों ने कई टोल प्‍लाजा पर कब्‍जा कर लिया है और कई दूसरी सड़कें जाम करने की चेतावनी दी है। उधर, हरियाणा में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इससे सियासी हलचल बढ़ गई है जयपुर-दिल्ली सड़क करेंगे जाम किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष मंच पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हैं। कल रविवार को 11 बजे जयपुर-दिल्ली सड़क को जाम करने के लिए हजारों किसान ‘दिल्ली चलो’ ट्रैक्टर मार्च करेंगे। बंद करेंगे पलवल-जयपुर रोड वहीं दिल्ली बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा प्रेम सिंह गहलावत ने कहा कि पलवल और जयपुर रोड को जयपुर से आए संगठन बंद करेंगे। किसान अंबानी और अडानी के माल पर भी धरना देंगे। सभी किसानों ने जिओ सिम और जिओ फोन का बहिष्कार किया है। उन्‍होंने कहा कि किसान हरियाणा के टोल नाके फ्री कराएंगे। किसानों के तेज होते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश में टोल प्लाजा नाकों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। यही नहीं सिघू बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्‍तर प्रदेश के एडीजी कानून व्‍यवस्‍था ने कहा है कि अभी तक किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है लेकिन शरारती तत्व अव्यवस्था न फैलाए इसलिए कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं हरियाणा के एक किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मालूम हो कि कृषि मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। किसानों को जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उस पर संशोधन के लिए बातचीत हो सकती है। बीते दिनों सरकार की ओर से आपत्ति वाले बिंदुओं पर एक प्रस्‍ताव भी किसान नेताओं के पास भेजा गया था जिसे उन्‍होंने ठुकरा दिया था। रक्षा मंत्री से मिले चौटाला इस बीच हरियाणा में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सनद रहे कि दुष्यंत चौटाला न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के मसले पर अपने इस्तीफे की चेतावनी भी दे चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात के दौरान क्‍या बातें हुईं इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इससे सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

दिल्‍ली की ओर बढ़ रहा सैकड़ों ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसानों का जत्‍था

पानीपत। किसानों ने एक दिन के लिए टोल नाकों को टोल फ्री करने की मुहिम छेड़ी है। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के आह्वान पर टोल प्‍लाजा पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो गए। दिल्‍ली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के ज्‍यादातर टोल पर किसानों ने पहुंचकर फ्री करवाया। पानीपत के बाबरपुर और डाहर टोल प्‍लाजा सहित करनाल, यमुनानगर, अंबाला और जींद में भी टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्‍जा कर वाहनों को फ्री में जाने दिया। वहीं अभी अभी पानीपत से सैकड़ों की संख्‍या में ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसान पहुंचे। किसान पंजाब से दिल्‍ली जा रहे। इतनी भारी संख्‍या में किसानों की भीड़ देखकर प्रशासन सतर्क हो गया। वहीं टोल प्‍लाजा पर उनके समर्थन में नारे लगे। माॅल से लेकर हर स्तर पर किए गए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करनाल में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाते हुए किसान लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। एक तरफ जहां जिले के दोनों टोल प्लाजा फ्री कराने के साथ ही किसानों के जत्थे लगातार दिल्ली कूच कर रहे हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में धरने प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी है। इसके अलावा एक कंपनी के विरोध में असंध में रोष जता रहे किसानों ने पेट्रोल पंप बंद करा दिया जबकि जिला मुख्यालय पर भी किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य बाजार स्थित मॉल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है। शहर से लेकर गांव देहात तक हर स्तर पर भरपूर चौकसी बरती जा रही है। एसपी गंगाराम पूनिया खुद हर छोटी बड़ी गतिविधि की जानकारी लेने के साथ नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। हालांकि, बीती मध्यरात्रि से ही किसानों ने अपनी पूर्व घोषणा पर फौरी अमल करत हुए जिले के दोनों ही टोल प्लाजा को सामान्य आवागमन के लिए मुफ्त करा दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी एहतियात बरतते हुए हालांकि, दोनों जगह कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन हर स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध अवश्य किए गए हैं। इसी क्रम में शहर के कुंजपुरा रोड स्थित रिलायंस मॉल के आसपास भी निगरानी रखी जा रही है ताकि यहां किसी प्रकार का हंगामा न हो सके। दोपहर एक बजे तक माॅल में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। इसके तहत असंध क्षेत्र में किसान संगठनों के आह्वान पर क्षेत्र के किसानों ने अपने नेता छत्रपाल सिंधड की अगुवाई में पेट्रोल पंप के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने पम्प पर तेल लेने के लिए आने वाले लोगों को भी नही आने दिया। पंप बंद कराने के साथ ही किसानों ने संघर्ष की प्रतिबद्धता भी दाेहराई। किसान नेता छत्रपाल सिंधड ने कहा कि सरकार जब तक किसानों की मांगें नहीं मानती, तब तक इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं। छोटे किसान एकमवीर सिंह ने कहा कि किसानों के संघर्ष में हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी। हाईवे पर हुक्का गुड़गुड़ा रहे किसान आंदोलनरत किसान हाईवे पर डेरा जमाए तो बैठे ही हैं, पूरी बेफिक्री के साथ हुक्का भी गुड़गुडा रहे हैं। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर जमा किसान धरना प्रदर्शन करने के साथ ही हुक्का गुड़गुड़ाते हुए मौजूदा हालात को लेकर आपस में राय मशविरा करने में जुटे हैं। पंजाब की दिशा से आ रहे जत्थों में शामिल किसान भी कुछ समय उनके बीच बिता रहे हैं तो कई किसानों के साथ बच्चे भी यहां आकर पारिवारिक एकजुटता दर्शा रहे हैं। कमोबेश यही नजारा जींद हाईवे स्थित जिले के दूसरे टोल प्लाजा प्योंत पर भी नजर आ रहा है, जहां लगातार नारेबाजी कर रहे किसानों ने हर सीमा तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।

अमृतसर से 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दिल्ली के लिए रवाना हुए 50 हजार किसान-मजदूर

अमृतसर। कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसान आंदोलन हो रहा है। दिल्ली की सीमा पर पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। शुक्रवार को 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 50 हजार किसान-मजदूर अमृतसर से दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। इनका कहना है कि अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरे देश के रेलवे ट्रैकों को जाम किया जाएगा। दरअसल, किसान नेताओं ने बीते दिनों हुई बैठक में 15 मांगें रखी थी, जिनमें से सरकार 12 मांगें मानने को तैयार है। ऐसे में किसानों को लगता है कि ये तीनों कृषि कानून पूरी तरह सही नहीं हैं। इसी के चलते अब किसान अपना आंदोलन बढ़ाने जा रहे हैं। काफिले का नेतृत्व कर रहे किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रमुख सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि हम छह महीने के लिए राशन और सामान लेकर दिल्ली जा रहे हैं और हम दिल्ली को जीतने के बाद ही लौटेंगे। जालंधर से आगे बढ़े दोपहर बाद तक किसानों का जत्था जालंधर पहुंच चुका था। जालंधर-अमृतसर हाईवे पर एक साइड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। इसके चलते जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली रवाना होने से पहले किसानों ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की। इसके बाद गोल्डन गेट पर इकट्‌ठा हुए। कृषि मंत्री की अपील का नहीं है असर 10 दिसंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि किसान अपना आंदोलन खत्म करें। सरकार किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार है। वह एक तारीख तय करें और हम उनकी हर शंकाओं को दूर करेंगे। कोरोना का खतरा है और ठंड भी काफी है। हम आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर चिंता में हैं। किसान संगठनों को हमारे दिए प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। दिल्ली को घेरने की तैयारी दूसरी ओर माना जा रहा है कि सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करेगी। सरकार ने किसानों के सामने कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में किसानों ने दिल्ली घेरने का मन बना लिया है। किसानों ने ऐलान कर दिया है कि किसान अब दिल्ली को और ज्यादा घेरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए किसानों ने आगरा-दिल्ली रोड और जयपुर-दिल्ली रोड को बंद करने की चेतावनी दी है। किसान 12 दिसंबर को टोल प्लाजा को फ्री करवा सकते हैं। ‘भाजपा को राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए’ राजनीतिक दलों के समर्थन के अलावा चीन-पाकिस्तान से फंडिंग के सवाल पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि इस तरह के जघन्य काम भाजपा ही कर सकती है। हम ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते। कहां-कहां से आए किसान? जत्थे में शामिल होने के लिए अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर से पहुंचे, जो ब्यास के पुल पर मिले। फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला, मोगा और फाजिल्का जिलों के किसानों का जत्था फिरोजपुर से रवाना हुआ। यहां से लुधियाना की दोराहा मंडी में पहुंचकर इकट्ठे अमृतसर से आ रहे जत्थे के साथ मिल जाएंगे। पुलिस बल भी सक्रिय जब से किसानों ने जयपुर-दिल्ली मार्ग और आगरा-दिल्ली रोड को जाम करने का ऐलान किया है। पुलिस एक्टिव हो गई है। भारी पुलिस बल को दोनों रास्तों पर तैनात किया जा रहा है।

राजस्थान में स्कूटी समेत जली महिला:स्कूल जा रही टीचर पर गिरी 11KV की लाइन

जयपुर। बांसवाड़ा जिले के नोगामा में गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। स्कूटी से स्कूल जा रही एक टीचर पर 11KV की बिजली की लाइन गिर गई। इससे स्कूटी जलकर खाक हो गई और टीचर की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। टीचर नीलम (25) पाटीदार नदी के करीब से गुजर रही थीं, तभी ऊपर से गिरा बिजली का तार स्कूटी से आकर चिपक गया। घटना से कुछ देर पहले ही इलाके में बारिश हुई थी। इससे सड़क गीली थीं और लोगों ने करीब जाकर महिला को बचाने की हिम्मत नहीं की। सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी मृतक बागीदोरा की रहने वाली थी और प्राइमरी स्कूल में टीचर थी। इसी मार्च में उनकी नौकरी के दो साल पूरे हुए थे। उनके पति उदयपुर में नौकरी करते हैं। उनका 5 साल का एक बेटा है। नीलम की सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी। वो किसी के साथ बाइक पर जा रही थीं, तब उनके ऊपर बंदर कूद गया था। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी। महकमे की लापरवाही मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने महिला के परिजन को घटना की सूचना दी और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बिजली विभाग को कॉल किया था। करीब 20 मिनट बाद लाइट बंद की गई। घटना से आसपास के लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। विभाग मरम्मत का काम भी नहीं करता है। 6 महीने पहले भी बिजली का तार गिरने से दो पशुओं की मौत हो गई थी। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से दूर किया।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी न मिलने पर घर-घर फल और सब्जी पहुंचाने के लिए शुरू किया शॉप ऑन व्हील

जम्मू। जम्मू के रहने वाले 26 वर्षीय अताउल्लाह बुखारी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई की। फिर नौकरी नहीं मिली तो सब्जी और फल बेचने का काम शुरू किया। मगर तरीका बिलकुल नया और हाईटेक था। नतीजा ये रहा कि कम समय में ही अताउल्लाह का स्टार्टअप शॉप ऑन व्हील चर्चित हो गया। जम्मू के राजौरी जिले के अताउल्लाह का परिवार जम्मू शहर के बठिंडी इलाके में ही रहता है। वह चंडीगढ़ पढ़ाई करने गए, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर लौटे भी मगर कोई खास नौकरी जम्मू में नहीं मिली। तो सोचा कि बाहर जाकर नौकरी तलाश की जाए लेकिन कोरोना ने घर पर ही बैठा दिया। अताउल्लाह के पास न तो नौकरी थी और नौकरी ढूंढने के ऑप्शन। एक दिन अचानक ख्याल आया कि कुछ अपना काम ही शुरू किया जाए। अताउल्लाह कहते हैं, ‘जैसे ही अनलॉक हुआ मैंने एक थ्री व्हीलर ऑटो फाइनेंस कराया और उसको ‘शॉप ऑन व्हील’ की तरह डिजाइन करवाया। इतना तो तय था के इन दिनों लोगों को अगर घर बैठे हाइजेनिक तौर पर साफ- सुथरी और अच्छी क्वालिटी की सब्जियां और फल मिलेंगे तो वह जरूर खरीदेंगे। इसलिए मैंने एक एक वेबसाइट www.flyekart.com डिजाइन की। सितम्बर में काम शुरू करने से पहले दो पढ़े-लिखे मगर रोजगार की तलाश कर रहे दोस्त अब्दुल मतीन और आमिर निसार से बात की तो वो भी साथ काम करने के लिए तैयार हो गए। हम तीनों ने तय किया के चाहे सब्जी महंगी मिले या कम बिके लेकिन हम क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करेंगे। शुरुआत में हमने जम्मू की मशहूर नरवाल मंडी से फल-सब्जियां खरीदकर, कम दाम पर लोगों के घरों तक अच्छी फल-सब्जी पहुंचानी शुरू की। आज हम जम्मू के करीब 100 घरों को ऑनलाइन और वॉट्सऐप ऑर्डर के जरिए सब्जी दे रहे हैं। इसके अलावा हम जम्मू के कई रिहायशी इलाकों और सोसाइटी में जाकर भी फल-सब्जी बेच रहे हैं।’ अताउल्लाह कहते हैं कि उन्होंने आगे की भी प्लानिंग की है। अब वो कई किसानों से भी बात कर रहे हैं ताकि ऑर्गेनिक सब्जियां भी खरीदकर बेच सकें। वहीं जैसे-जैसे डिमांड बढ़ रही है उसके मुताबिक कुछ और लोडिंग कैरियर खरीदकर उसे शॉप ऑन व्हील की तर्ज कर तैयार करके मार्केट में उतारेंगे और धीरे-धीरे इस कॉन्सेप्ट को जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों तक भी लेकर जाएंगे। अताउल्लाह बताते हैं ‘हम लोगों ने दो लाख रुपए में लोडिंग कैरियर फाइनेंस करवाया और फिर बाकी कुछ खर्च उसकी डिजाइनिंग पर किया। इसके बाद हमने काम शुरू किया तो प्रॉफिट होने लगा। हालांकि हम अभी इस काम में नए हैं तो प्रॉफिट से अधिक लोगों का सेटिस्फेक्शन जरूरी है। हमारी कोशिश है कि इस काम को और आगे लेकर जाएं और अपना अलग मुकाम बनाएं।

न कार न बग्गी… ट्रैक्टर पर निकली ओलिंपियन सुमित सांगवान की बारात

चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को इंटरनेशनल बॉक्सर सुमित सांगवान का भी समर्थन मिला है। ओलिंपियन सुमित सांगवान ने किसानों को समर्थन देते हुए गुरुवार देर शाम ट्रैक्टर से बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे। इस दौरान हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ नजर आए। सुमित के अनुसार, वे किसान परिवार से हैं। ऐसे में उनका फर्ज है कि वे अपने किसान भाइयों का साथ दें। इसलिए उन्होंने बारात ले जाने के लिए उन्होंने न कार इस्तेमाल की और न ही घोड़ा बग्गी। बल्कि परिजनों और दुल्हन के परिवार वालों से बात कर ट्रैक्टर से बारात ले गए। सुमित ने कहा कि वे शादी में शगुन के तौर पर मिलने वाली राशि को किसान आंदोलन में दान करेंगे। दिल्ली जाकर किसानों को बांटेंगे। खेल मंत्री संदीप सिंह भी मुझे और मेरी जीवनसंगिनी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे और उन्होंने भी मेरी इस मुहिम को सराहा।

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