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लोकसभा में स्पीकर Om Birla को हटाने का प्रस्ताव, लंबी चर्चा के लिए 10 घंटे निर्धारित

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को उस समय जोरदार बहस छिड़ गई जब कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव के पेश होते ही सदन में प्रक्रिया और नियमों को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली और आखिरकार सदन ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दे दी। इस मुद्दे पर 10 घंटे की बहस तय की गई। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने औपचारिक रूप से यह प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान ‘पक्षपातपूर्ण रवैया’ अपनाया है। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जिसे लेकर असंतोष बढ़ा। प्रस्ताव पेश होने के बाद सदन में एक नया विवाद खड़ा हो गया। सवाल यह उठा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, तब सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा। उस समय सदन की कार्यवाही जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में चल रही थी। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया। ओवैसी ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में हो, तो स्पीकर या उनके द्वारा नामित व्यक्ति को कार्यवाही नहीं चलानी चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि अभी तक लोकसभा में उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में जो सदस्य चेयर पर बैठे हैं, उन्हें स्पीकर की स्वीकृति से ही नामित किया गया है। इसलिए उनके द्वारा इस प्रस्ताव पर चर्चा कराना उचित नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि बहस शुरू होने से पहले सदन को इस बात पर सहमति बनानी चाहिए कि कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा। इस पर भाजपा की ओर से जवाब भी सामने आया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार चेयर पर बैठा कोई भी सदस्य स्पीकर के समान अधिकारों का प्रयोग करते हुए कार्यवाही चला सकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की बात का समर्थन किया और कहा कि नियम स्पष्ट रूप से चेयर को यह अधिकार देते हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की गई है, जो एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बहस आगे बढ़ाने से पहले सदन को इस बात पर सहमति बनानी चाहिए कि कार्यवाही कौन संचालित करेगा। इस दौरान भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जो सदस्य चेयर पर बैठा है, उसे सदन की कार्यवाही संचालित करने का पूरा अधिकार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए चेयर को कार्यवाही चलाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि स्पीकर ओम बिरला ने खुद इस बहस के दौरान सदन की अध्यक्षता न करने का फैसला लिया है। जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर ने नोटिस में मौजूद शुरुआती तकनीकी गलतियों को ठीक करने में उदारता दिखाई और आवश्यक सुधारों की सूचना खुद जारी की। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने औपचारिक रूप से स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। अंत में यह तय हुआ कि लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 10 घंटे तक चर्चा होगी।

LPG सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता, PM मोदी ने पेट्रोलियम और विदेश मंत्री संग की चर्चा

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे। ईरान में इजरायल और अमेरिका के हमलों के चलते हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई को बाधित किया है और इससे भारत समेत कई एशियाई देशों में गैस और तेल की किल्लत हो गई है। देश में LPG सिलेंडरों की किल्लत चल रही है और सरकार ने उसके प्रबंधन को लेकर एस्मा लागू कर दिया है। इससे सरकार ने यह तय करने की कोशिश की है कि घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त एलपीजी मिलती रहे। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस मसले पर एक हाईलेवल मीटिंग की है। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे। ईरान में इजरायल और अमेरिका के हमलों के चलते हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई को बाधित किया है और इससे भारत समेत कई एशियाई देशों में गैस और तेल की किल्लत हो गई है। फिलहाल केंद्र सरकार का फोकस इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई कम ना होने पाए। इसकी एवज में औद्योगिक यूनिट्स को सप्लाई कम कर दी गई है। इसके अलावा कॉमर्शियल सिलेंडर भी कम दिए जा रहे हैं। होटल इंडस्ट्री ने इस पर आपत्ति भी जताई है कि क्योंकि उनका कॉमर्शियल सिलेंडरों से ही होता है। ऐसी स्थिति में होटल इंडस्ट्री के कामकाज के ही ठप होने का खतरा है। अगले कुछ दिन देश में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के लिहाज से अहम हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही भारत को आने वाले ज्यादातर तेल और गैस सप्लाई होता है। ऐसी स्थिति में संकट गहरा गया है। भारत अपनी जरूरत का कुल 62 फीसदी एलपीजी आयात करता है। यही नहीं तेल के मामले में यह निर्भरता 85 फीसदी के करीब है। ऐसी स्थिति में ज्यादा दिनों तक यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहा तो फिर संकट बढ़ेगा। देश में अब बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए लोगों की निर्भरता एलपीजी पर बढ़ गई है। दो दशक पुरानी स्थिति नहीं है। ऐसे में गैस की किल्लत देश में बड़े गुस्से का कारण भी बन सकती है। यही वजह है कि सरकार ने इसे प्राथमिकता से लिया है और एस्मा लागू करके एलपीजी की सप्लाई का वर्गीकरण कर दिया है। गैस की जरूरत का 85 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है भारत अपनी गैस की जरूरत का करीब 85 फीसदी हिस्सा फिलहाल सऊदी अरब से खरीद रहा है। इसका आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही होता है। अभी यह बंद है। ऐसे में संकट गहरा है और सरकार फिलहाल सप्लाई के दूसरे रास्ते तलाश रही है। भारत में हर साल करीब 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है। बता दें कि देश में कुल एलपीजी की खपत में 87 फीसदी हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं का ही है। इसके बाद 13 फीसदी हिस्सा उद्योग, होटल और रेस्तरां आदि में इस्तेमाल होता है।  

युद्धाभ्यास से बढ़ा तनाव: किम जोंग-उन की बहन का अलर्ट—‘दुनिया के लिए भयानक होंगे परिणाम’

 उत्तर कोरिया कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। उत्तर कोरिया के सनकी किंग किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की कड़ी आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती देने वाला कोई भी कदम “भयानक परिणाम” ला सकता है। यह बयान उस समय आया जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने सोमवार से 11 दिन तक चलने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield की शुरुआत की है।  इस अभ्यास में हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं और इसका उद्देश्य बदलते युद्ध परिदृश्यों के बीच दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता का परीक्षण करना है।किम यो जोंग ने बिना सीधे ईरान का नाम लिए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहे हैं और वैश्विक सुरक्षा ढांचा तेजी से कमजोर हो रहा है, अमेरिका और दक्षिण कोरिया का यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया बाहरी खतरों के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति और युद्ध निरोधक क्षमता को लगातार मजबूत करता रहेगा। किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश अपने दुश्मनों को बार-बार अपनी “घातक युद्ध निरोधक क्षमता” का एहसास कराता रहेगा। प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को संभावित हमले की तैयारी बताता रहा है और अक्सर इन्हें अपने हथियार परीक्षणों को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल करता है। हालांकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका उद्देश्य केवल संभावित खतरों के खिलाफ संयुक्त तैयारी को मजबूत करना है। aइसी अभ्यास के साथ Warrior Shield नामक फील्ड-ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की भी आलोचना की थी और इसे “फर्जी शांति के बहाने किया गया अवैध आक्रामक कृत्य” बताया था। विश्लेषकों के अनुसार उत्तर कोरिया और ईरान उन कुछ देशों में शामिल हैं जिन्होंने यूक्रेन पर रूसी हमले का समर्थन किया है और दोनों पर रूस को सैन्य उपकरण देने के आरोप भी लगते रहे हैं।

ईरान के हमले की आहट से दुबई एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, सायरन बजते ही भागे यात्री

दुबई पश्चिम एशिया में तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसकी लपटें अब दुबई तक पहुंच गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दुबई के आसमान में मिसाइलें और एयरपोर्ट से धुआं उठता देखा गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने न केवल खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र दुबई में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है। दुबई एयरपोर्ट पर हमले का असर ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) को निशाना बनाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के कॉनकोर्स एरिया में मिसाइल या ड्रोन के गिरने से मामूली क्षति हुई है। घटना के तुरंत बाद वहां धुआं उठते देखा गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, दुबई मीडिया ऑफिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया गया। इस हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।  बुर्ज अल अरब के पास दुर्घटना दुबई के आसमान में सक्रिय डिफेंस सिस्टम ने एक संदिग्ध ड्रोन को समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि, नष्ट किए गए ड्रोन का जलता हुआ मलबा विश्व प्रसिद्ध ‘बुर्ज अल अरब’ होटल की बाहरी दीवार पर जा गिरा। इससे होटल के एक हिस्से में हल्की आग लग गई, जिसे दमकल विभाग ने तुरंत बुझा दिया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में मलबे का गिरना सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियां और हाई अलर्ट इस हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं। पूरे शहर और संवेदनशील ठिकानों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट संचालन को जल्द से जल्द सामान्य करने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका ज्यादा असर न पड़े। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। फिलहाल, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

टीम इंडिया की ट्रॉफी मंदिर ले जाने पर विवाद, TMC सांसद ने कहा—शर्म आती है; कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

नई दिल्ली भारत की टी20 विश्व कप जीत पर जश्न के बाद अब विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा है कि ट्रॉफी को मंदिर ले जाना हमारी परंपरा नहीं है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने भी ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर नाराजगी जाहिर की थी और कहा था कि भारतीय टीम पर शर्म आती है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हराया था। कांग्रेस सांसद अनवर ने कहा, ‘कीर्ति आजाद का कहना बिल्कुल सही है। मैं उनकी बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूं। यह हमारे यहां परंपरा नहीं रही कि हम ट्रॉफी को लेकर मंदिर और मस्जिद और कहीं दूसरी जगह जाएं। तो यह एक गलत परंपरा की शुरुआत है।’ कीर्ति आजाद का बयान टीएमसी सांसद आजाद ने लिखा था, ‘टीम इंडिया पर शर्म आती है! जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे। हम उस ट्रॉफी को अपनी जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि, अपने भारत और हिंदुस्तान लेकर आए थे। फिर अब भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को किसी एक खास जगह पर ही क्यों घुमाया जा रहा है? इसे मस्जिद क्यों नहीं ले जाया गया? चर्च क्यों नहीं ले जाया गया? गुरुद्वारे क्यों नहीं ले जाया गया?’ उन्होंने लिखा, ‘यह टीम पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करती है, यह सूर्य कुमार यादव या जय शाह के परिवार की निजी टीम नहीं है! सिराज इसे कभी किसी मस्जिद नहीं ले गए। संजू (सैमसन) इसे कभी किसी चर्च नहीं ले गए, जबकि संजू की अहम भूमिका थी और वह ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे थे। यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है, यह किसी एक धर्म की जीत का जश्न नहीं है!’ भारत की जीत भारत ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। वह टी20 विश्व कप में खिताब का सफल बचाव करने वाली पहली टीम है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने तीसरी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह कारनामा करने वाली वह पहली टीम बन गई है। इससे पहले टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में 2007 में और रोहित शर्मा की कप्तानी में 2024 में जीत दर्ज की थी। अब BCCI यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारतीय टीम के लिए 131 करोड रुपए के पुरस्कार की घोषणा की। यह राशि 2024 में रोहित शर्मा की अगुवाई वाली चैंपियन टीम को दिए गए 125 करोड़ रुपये से छह करोड़ रुपये अधिक है।

LPG संकट गहराया, सरकार ने लगाया एस्मा; जानें सबसे पहले किन्हें मिलेंगे सिलेंडर

 नई दिल्ली देश में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कमी आ गई है। ईरान में चल रही जंग के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। इससे निपटने के लिए मंगलवार को सरकार ने एस्मा लागू कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी ना रहे। इसके अलावा रिफाइनरीज को केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दें। इसके अलावा कॉर्मशियल सिलेंडरों की बजाय घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई में इजाफा किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में बताया है कि किन सेक्टरों को 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और उसमें किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। आदेश के अनुसार सरकार ने कुछ सेक्टरों को प्राथमिकता में रखने को कहा है। इन्हें 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। इन सेक्टरों में पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी और अन्य पाइपलाइन सेवाएं शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनको होती रही सप्लाई का 70 फीसदी हिस्सा दिया जाए। इसके अलावा चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक संस्थानों को भी उनके कोटे की 80 फीसदी तक सप्लाई जारी रखने का आदेश दिया गया है। गैस डिस्ट्रिब्यूशन करने वाली कंपनियों से कहा गया है कि वे कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल जरूरतों के लिए 80 फीसदी तक गैस सप्लाई जारी रखें। इसके अलावा आदेश दिया गया है कि रिफाइनिंग कंपनियां उत्पादन में तेजी लाएं। इसके अलावा एलपीजी की सप्लाई घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल के लिए पहले की तरह जारी रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। उत्पादन से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में किसी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए। घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग पर रहेगा 25 दिन वाला नियम यही नहीं गैस सिलेंडरों की बुकिंग के लिए सरकार ने 25 दिन की तय सीमा भी लागू कर दी है। इसके तहत यदि आपने एक सिलेंडर ले लिया है तो अगले की बुकिंग 25 दिन के बाद ही कर पाएंगे। कुछ अरसे से ऐसी सीमा खत्म हो गई थी, लेकिन इसे लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कुछ लोग जमाखोरी ना करने लगें। यदि लोगों को ऐसा करने दिया गया तो कालाबाजारी बढ़ सकती है। इसके अलावा अफवाह फैलने के चलते लोग परेशान हो सकते हैं। गौरतलब है कि ईरान में जारी जंग के चलते सप्लाई की कमी देखी जा रही है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि अब ईरान में जंग आखिरी चरण में है। ऐसी स्थिति में माना जा रहा है कि जल्दी ही सप्लाई चेन पहले वाली स्थिति में आ सकती है।  

मैथ्स पेपर में ‘म्यूजिक’ का विवाद: QR कोड स्कैन करते ही बजा इंग्लिश गाना, जांच की मांग

नई दिल्ली सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का प्रश्न पत्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। लेकिन इस बार मामला कठिनता के स्तर का नहीं, बल्कि कुछ अलग है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को 12वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा आयोजित की थी। पेपर के फौरन बाद छात्रों ने दावा किया कि उनकी गणित की परीक्षा के प्रश्न पत्र के पहले पेज पर छपे क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करने पर यह इंग्लिश गाना खुल रहा था। छात्रों ने कहा कि क्यूआर कोर्ड स्कैन करने पर ब्रिटिश गायक रिक एस्टली (Rick Astley) के 1987 के प्रसिद्ध गीत “Never Gonna Give You Up” के यूट्यूब वीडियो पर ले जा रहा है। आमतौर पर ये क्यूआर कोड ऑथेंटिकेशन और सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के लिए होते हैं इसलिए आधिकारिक दस्तावेज पर ऐसी त्रुटि ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दें कि इस बार सीबीएसई 10वीं का गणित का पेपर अपनी अत्यधिक कठिनता के स्तर को लेकर विवादों में आया था। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह गड़बड़ी सभी प्रश्नपत्रों में थी या नहीं, लेकिन इस घटना के वीडियो और स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक के बाद एक छात्रों ने अपने अनुभव साझा करना शुरू कर दिया है, कुछ ने तो अधिकारियों से सुरक्षा में संभावित चूक को लेकर सवाल भी पूछे। सीबीएसई पेपर में इस कथित चूक को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। सीबीएसई पर तंज कसते हुए एक यूजर ने लिखा, “सीबीएसई ने सच में क्लास 12 के मैथ के पेपर में सिर्फ हमें ‘रिकरोल’ करने के लिए क्यूआर कोड डाल दिया… मैं वहां बैठकर इंटीग्रल्स हल करने की कोशिश कर रहा हूं, और बोर्ड ‘Never Gonna Give You Up’ बजा रहा है। 2026 में सच में एग्जामिनर्स ने हमें ट्रोल कर दिया। कुछ लोगों ने तो अधिकारियों से यह वेरिफाई करने के लिए सवाल पूछना भी शुरू कर दिया है कि क्या यह खबर सच है। “@cbseindia29, कई वायरल वीडियो और रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि आपने 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स को उनके मैथ्स के पेपर में “rickrolled” किया है। क्या आप कन्फर्म कर सकते हैं कि क्या सच में ऐसा हुआ है? इतने सारे वीडियो फेक नहीं हो सकते, क्या आप समझा सकते हैं?’यूजर अपने ट्वीट में शिक्षा मंत्रालय, सीबीएसई, और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को टैग कर रहे हैं। अभी तक CBSE ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। पेपर सेट्स पर QR कोड क्यों लगाए जाते हैं? पेपर सेट्स पर QR कोड लगाना एक ऑथेंटिकेशन और लीक प्रूफ उपाय है। चूंकि हर QR कोड पेपर सेट के लिए यूनिक होता है, जो यह वेरिफाई करने में मदद करता है कि पेपर ऑफिशियल है या नहीं, इसलिए कई स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को संभावित लीक का डर सता रहा है, क्योंकि कोड स्टूडेंट्स को ऑफिशियल निर्देशों या संबंधित जानकारी के बजाय एक म्यूजिक वीडियो पर रीडायरेक्ट कर रहा है। इसके अलावा क्यूआर ट्रैकिंग, रिकॉर्ड रखने और जालसाजी को रोकने में मदद करता है। स्टूडेंट्स लगातार अधिकारियों को टैग कर रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना ​​है कि पेपर के साथ छेड़छाड़ की गई थी और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रभावों पर मुआवजा पॉलिसी बनाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। Covid 19 वैक्सीन के दुष्परिणामों के कारण कथित मौतों के मामले में याचिका सुनवाई हुई। याचिका के जरिए मृतकों के लिए मुआवजे की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया है। साथ ही शीर्ष न्यायालय ने सरकार को मुआवजा नीति बनाने और टीकाकरण के दुष्प्रभावों से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। अब अदालत ने इन याचिकाओं का निपटारा किया और कहा है कि टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी के लिए मौजूद व्यवस्था जारी रहेगी। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। सरकार को दिए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि कोविड 19 वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर दुष्परिणामों के लिए मुआवजा नीति बनाई जाए। साथ ही कहा कि दुष्परिणामों के मामलों को देखने के लिए मौजूदा व्यवस्था ही जारी रहेगी। साथ ही समय समय पर इससे जुड़ा जरूरी डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है। याचिका दरअसल, यह याचिका कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के चलते जान गंवाने वाली दो लड़कियों के पैरेंट्स की तरफ से दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि मौतों के मामलों की स्वतंत्र जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए। साथ ही ऑटोप्सी और जांच की रिपोर्ट्स को जारी किया जाए। याचिका में कहा गया था कि बच्चियों के माता-पिता को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।  

राफेल को टक्कर देगा तेजस MK-2… बंकर-बस्टर मिसाइलों से दुश्मन के ठिकाने तबाह

नई दिल्ली भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को पानी पिलाने वाले राफेल लड़ाकू विमान जैसा ही तेजस MK-2 को बनाने का प्लान किया है। भारत के स्वदेशी और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस एमके-2 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बना रहा है, जिसने तेजस एमके-2 को और उन्नत ओर ताकतवर बनाने का फैसला किया है। इसमें SCALP‑EG और Crystal Maze जैसी मिसाइलें लगाई जाएंगी। HAL के तेजस फैमिली के सबसे ताकतवर एडवांस संस्करण के रूप में डिजाइन किया गया यह विमान आने वाले दशक में भारतीय वायु सेना की रीढ़ बनने की उम्मीद है। दुश्मन के भीतरी इलाकों तक सटीक मार करेगा तेजस एमके-2     मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे-जैसे भारत अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता का विस्तार कर रहा है, तेजस एमके2 को एडवांस स्टैंडऑफ मिसाइलों को एकीकृत करने के लिए पहले से ही लैस किया जा रहा है।     इसका मकसद यह है कि भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र से बाहर रहते हुए दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक स्थित रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने में तेजस एमके-2 सक्षम होगा। इससे वायुसेना की सटीक मारक क्षमता भी बढ़ेगी। तेजस MK-2 वायुसेना के MK-1 से ज्यादा ताकतवर     रिपोर्टों के अनुसार, तेजस एमके-2 को एक मध्यम-वजन बहु-भूमिका लड़ाकू विमान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो वर्तमान में सेवा में मौजूद एचएएल तेजस एमके-1 संस्करणों की तुलना में बड़ा और कहीं अधिक ताकतवर है।     इस विमान का विकास वैमानिकी विकास एजेंसी द्वारा किया जा रहा है और इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। तेजस MK-2 की ये हैं खूबियां, जो बनाती हैं मारक     तेजस MK-2 का बड़ा एयरफ्रेम होगा।     तेजस MK-2 में अधिक पेलोड क्षमता होगी।     बेहतर एवियोनिक्स और सेंसर से लैस होगा।     इसकी दुश्मन के इलाके में अधिक युद्धक रेंज होगी।     GE F414-GE-INS6 टर्बोफैन इंजन से शक्ति मिलेगी।     Mk1 सीरीज में इस्तेमाल इंजन की तुलना में अधिक थ्रस्ट देता है।     लंबी दूरी के मिशनों के दौरान भारी हथियार भी ले जा सकेगा। लंबी दूरी की मारक मिसाइलों से लैस होगा तेजस एमके-2     तेजस Mk2 के लिए नियोजित सबसे महत्वपूर्ण अपग्रेड में से एक लंबी दूरी की सटीक मारक हथियारों का एकीकरण है। इसमें सबसे पहले SCALP-EG क्रूज मिसाइल और इजरायली मूल की क्रिस्टल मेज मिसाइलें लगाई जाएंगी।     ये दोनों हथियार पहले से ही भारतीय वायु सेना के हथियार भंडार का हिस्सा हैं और वर्तमान में डसॉल्ट राफेल और उन्नत डसॉल्ट मिराज 2000 लड़ाकू विमानों जैसे विमानों पर तैनात हैं। SCALP-EG क्रूज मिसाइल की खूबी जान लीजिए     SCALP-EG एक लंबी दूरी की वायु-प्रवेशित क्रूज मिसाइल है जिसे अत्यधिक सुरक्षित लक्ष्यों पर सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह बंकरों और सैन्य ठिकानों पर तेजी से वार करती है।     यह रडार से बचते हुए कम ऊंचाई पर चुपके से उड़ान भरने में सक्षम है। ऊंचाई वाले लक्ष्यों के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रणाली से लैस होगी। सैकड़ों किलोमीटर दूर के लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता है। यह दुश्मन की सीमा में जाए बिना ही टारगेट्स तबाह कर सकती है। क्रिस्टल मेज से कोई बच नहीं सकता है क्रिस्टल मेज मिसाइल वायु से सतह तक सटीक मारक हथियार के रूप में भी जाना जाता है। यह दुश्मन के रडार स्टेशनों, कमांड केंद्रों और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों जैसे ज्यादा अहम टारगेट्स पर हमला करने के लिए डिजाइन की गई है। इसकी मारक क्षमता करीब 250 किमी तक है। इन चीजों से भी लैस होंगे तेजस विमान एस्ट्रा एमके-1 बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल, एस्ट्रा एमके-2 एक्सटेंडेड-रेंज बीवीआर मिसाइल और एस्ट्रा एमके-3 का भविष्य में एकीकरण। निकटवर्ती हवाई लड़ाइयों के लिए लड़ाकू विमान इन्फ्रारेड-गाइडेड एएसराम मिसाइल ले जाएगा, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना पहले से ही तेजस एमके1ए सहित कई प्लेटफार्मों पर कर रही है।

हाईवे पर बिना टोल सफर महंगा! NHAI के एनुअल पास की कीमत बढ़ने की तैयारी

नई दिल्ली आप अक्सर सड़कों पर मोटर गाड़ी (Car/Jeep/Van) लेकर निकल पड़ते हैं। राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर हर कुछ किलोमीटर पर बने टोल प्लाजा पर फीस भरते-भरते आप परेशान हैं। तो आपके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एनुअल पास जारी कर दिया है। अब यही पास महंगा होने वाला है। जी हां, एनएचएआई का एनुअल पास अगले एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। कितना महंगा होगा एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई का एनुअल पास आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन मतलब कि एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। जब पूछा गया कि कितना महंगा होगा तो उन्होंने बताया कि इसमें 75 रुपये से 100 रुपये के बीच बढ़ोतरी हो सकती है। यह पास अभी 3,000 रुपये में मिलता है। क्यों महंगा होगा एनएचएआई का टोल जिस तरह से हर साल एक अप्रैल से बढ़ता है, उसी तरह से एनुअल पास में भी यही व्यवस्था है। टोल के दर में या एनुअल पास के रेट में बढ़ोतरी मुद्रास्फीति के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित है। साल भर में डब्ल्यूपीआई इंडेक्स में जितनी बढ़ोतरी होती है, उसी हिसाब से एनएच के टोल भी बढ़ जाते हैं। उसी तरह से इस साल एनुअल पास का रेट करीब 100 रुपये बढ़ जाएगा। क्या है एनुअल पास जो व्यक्ति एनएच पर बराबर यात्रा करते हैं, उनकी सहूलियत के लिए पिछले साल 15 अगस्त से एनुअल पास की स्कीम लाई गई है। इसके तहत अभी 3,000 रुपये में एक पास जारी किया जाता है जो कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) या राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर वैलिड है। इस पास को खरीद लेने के बाद मोटर वाहन के मालिक एक साल या 200 टोल प्लाजा बिना शुल्क दिए पास कर सकते हैं। यदि आपने एक साल पूरा होने से पहले ही 200 टोल प्लाजा पार कर लिए तो उससे पहले ही पास खत्म हो जाएगा। कौन खरीद सकते हैं एनुअल पास एनएचएआई के एनुअल पास को कोई भी प्राइवेट या निजी कार, जीप या वैन के मालिक खरीद सकते हैं। कोई भी कॉमर्शियल व्हीकल या भाड़ा कमाने वाली गाड़ी के मालिक इसे नहीं खरीद सकते हैं। इस पास को राजमार्ग यात्रा ऐप और एनएचएआई पोर्टल से खरीदा जा सकता है।

महाराष्ट्र में नए ऑटो रिक्शा परमिट फिलहाल बंद, परिवहन मंत्री ने बताई तीन बड़ी वजहें

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बहुत बड़ी संख्या में ऑटो परमिट जारी हो चुके हैं, जिससे शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप से बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक करीब 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट जारी किए जा चुके हैं. इनकी अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. मौजूदा ऑटो परमिट धारकों ने भी सरकार से शिकायत की थी कि नए परमिट जारी होने से रिक्शा चालकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और उन्हें पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही हैं. जिससे आय पर भी बुरा असर पड़ रहा है. सरकार ने इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा के बाहर ये घोषणा करते हुए बताया कि ट्रैफिक जाम, बढ़ता प्रदूषण और अवैध परमिट धारकों की शिकायतों के बाद ये कड़ा कदम उठाया गया है. इसके अलावा जांच में ये भी सामने आया है कि कुछ मामलों में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को भी ऑटो परमिट मिल गए थे. इस मामले की भी जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. ऑटो रिक्शा की अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में नए ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है.

समुद्र में भारत की गुप्त ढाल: पनडुब्बियों का नेटवर्क, चीन-पाकिस्तान बेबस

नई दिल्ली भारत ने अपने दुश्मनों से निपटने के लिए समुद्र के भीतर पनुडुब्बियों का अभेद्य किला बना लिया है। यह किला इतना ताकतवर है यह अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से पार पाने में बेहद कारगर और मारक साबित होगा। भारत के इस किले में न्यूक्लियर पॉवर्ड समेत हर तरह की पनडुब्बियां हैं, जो दुश्मन की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं। भारत ने अपने दोनों तरफ के समुद्र में पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है। भारत ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर स्वदेशी पनडुब्बियां बनाने के लिए भी तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, मगर उसके नौसेना के बेड़े में शामिल होने में अभी एक दशक लग सकता है। भारत ने अपने पश्चिमी और पूर्वी तट पर समंदर के पास पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है, जिससे भारत के चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन अपनी हद पार करने से पहले सौ बार सोचेंगे। इसमें हर तरह की पनडुब्बियां शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय नौसेना के बेड़े में करीब 20-21 मारक पनडुब्बियां हैं। इनमें से 17 तो डीजल पॉवर्ड अटैक पनडुब्बियां हैं। इसके अलावा, कम से कम 2 न्यूक्लियर पॉवर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी हैं। इसके अलावा, एक पनडुब्बी रूस से लीज पर ले रखी है। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) आईएनएस अरिदमन (S-4) को अप्रैल या मई तक सेवा में शामिल किए जाने की उम्मीद है। पनडुब्बी वर्तमान में समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में सेवा में शामिल होने की संभावना है। आईएनएस अरिदमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास सामरिक बल कमान (एसएफसी) के तहत पहली बार तीन परिचालन एसएसबीएन हो जाएंगे। NTI पर छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां पश्चिमी तट मुंबई और पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम के पास समंदर में तैनात हैं। भारत ने हाल ही में दो पनडुब्बी अड्डे बनाए हैं। पहला मुंबई से 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कारवार है। दूसरा, आईएनएस वर्षा नामक एक गुप्त नौसैनिक अड्डा है, जो चीन के हालिया उन्नयन के जवाब में भारत की नौसैनिक परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है। यह अड्डा पूर्वी तट पर काकीनाडा के पास स्थित है और इसमें पनडुब्बियों के लिए भूमिगत ठिकाने होंगे। फरवरी, 2015 में भारत सरकार ने स्वदेशी 6 न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक सबमरींस को अपने जंगी बेड़े में शामिल करने की परियोजना को मंजूरी दी थी। ये पनडुब्बियां विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बननी हैं। भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर है, जिसकी सीमा पाकिस्तान को छूती है। वहीं, पूर्वी तट के पास बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर है, जहां चीन के जासूसी जहाज अक्सर मंडराते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक क्लास की पनडुब्बी की स्वदेशी क्षमता हासिल करना अभी भी एक दशक दूर का लक्ष्य है। माना जा रहा है कि इस तरह की पहली पनडुब्बी 2036 तक ही तैयार हो पाएगी। भारत के पास पहले से ही अरिहंत श्रेणी की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां (एसएसबीएन) मौजूद हैं।

नेशनल हाईवे पर भयावह दुर्घटना, परिवार में मातम: महिला व 5 दिन के बच्चे की जान गई

सुंदरबनी जम्मू–पुंछ नेशनल हाईवे पर बलशामा के पास सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला और पांच दिन के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब पुंछ की ओर जा रही एक कार की टक्कर सुंदरबनी स्थित बीपी वर्ल्ड स्कूल की बस से हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार और स्कूल बस के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को इलाज के लिए उप-जिला अस्पताल सुंदरबनी पहुंचाया गया। घायलों में शहनाज अख्तर (40 वर्ष), पत्नी अब्दुल मजीद निवासी पुंछ को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं कार में मौजूद पांच दिन के मासूम बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया हादसे में कार चला रहे शकील अहमद पुत्र मोहम्मद सदीक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया है। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क पर अचानक नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और वाहनों की गति पर नियंत्रण रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।  

पुतिन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को दी शुभकामनाएं, बढ़े द्विपक्षीय रिश्ते

नई दिल्ली इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। अयातुल्ला अली खामेनेई के मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई नए सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिए हैं।मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुनने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें बधाई दी है। रूस ईरान के साथ सोमवार को क्रेमलिन द्वारा जारी एक बयान में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता का काम सम्मान के साथ जारी रखेंगे और कठिन मुश्किलों का सामना करते हुए ईरानी लोगों को एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा कि रूस तेहरान के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने तेहरान के प्रति अपनी अटूट एकजुटता और पक्के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि वह रूस ईरान के साथ खड़ा है।

बेटों का फर्ज बेटियों ने निभाया, बागेश्वर में दिल छू लेने वाला अनोखा क्षण

बागेश्वर काफलीगैर क्षेत्र के लोब गांव में एक भावुक तथा समाज को संदेश देने वाला दृश्य देखने को मिला। जब 85 वर्षीय बिश्नुली देवी के निधन के बाद उनकी बेटियों ने ही उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस मार्मिक क्षण में उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं तथा सभी ने बेटियों के इस साहस और मातृभक्ति की सराहना की। सोमवार को बिश्नुली देवी का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में परिवार और गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सरयू-गोमती तट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परंपरागत सोच से अलग बेटियों ने आगे आकर मां को मुखाग्नि दी तथा समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान उनकी पुत्री गोविंदी लोबियाल पत्नी रमेश चंद्र, लीला देवी पत्नी शिव लाल सहित अन्य स्वजन ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। गोविंदी लोबियाल वर्तमान में हल्द्वानी के दमुवाढूंगा क्षेत्र में महिला कांग्रेस की ब्लाक अध्यक्ष भी हैं। अंतिम संस्कार में राजेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार टम्टा, विवेक लोबियाल, सूरज कुमार, चंद्रशेखर, संजय कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

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