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केरल में युवक ने 500 करोड़ रुपये का पोंजी स्कैम चलाया, 40,000 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार बने

तिरुवनंतपुरम केरल में हजारों परिवारों को एक शानदार ऑफर का लालच दिया गया। स्कूटर, लैपटॉप, और घर के सामान आधे दामों पर मिलने का वादा किया गया। यह योजना बड़ी कंपनियों के CSR यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत चलाए जाने का दावा किया गया। कहा गया कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने और कम आय वाले परिवारों की मदद के लिए है। महिलाओं को 1.2 लाख रुपये का स्कूटर सिर्फ 60,000 रुपये में मिलने का लालच दिया गया। लोग इस 50% डिस्काउंट की स्कीम का शिकार हुए और करोड़ों गंवा दिए। पुलिस ने बताया कि इस लुभावने ऑफर के पीछे इडुक्की जिले के कुडायथूर के 28 साल के अनंतु कृष्णन है। वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता था, लेकिन असल में वही इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड था। पोंजी स्कीम फ्रॉड पुलिस के मुताबिक, यह योजना एक पोंजी स्कीम थी। पोंजी स्कीम एक तरह का फ्रॉड होता है जिसमें नए निवेशकों से मिले पैसों से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जाता है। यह तब तक चलता रहता है जब तक पूरा सिस्टम धड़ाम से गिर नहीं जाता। 500 करोड़ की धोखाधड़ी का संदेह 30 जनवरी को अनंतु को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस धोखाधड़ी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। ताकि पैसों का लेन-देन रुक जाए। मामले की पूरी जांच के लिए SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई। तब तक इस जाल में 30,000 से 40,000 लोग फंस चुके थे। कई लोगों ने तो कर्ज लेकर निवेश किया था। 3,000 से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि कुल 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सिर्फ 34 FIR में ही 37 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। जी रहा था ऐश की जिंदगी जांचकर्ताओं के अनुसार, अनंतु ठगे हुए पैसों से ऐश की जिंदगी जी रहा था। उसने कोच्चि के मरीन ड्राइव में महंगे अपार्टमेंट किराए पर लिए थे। अपनी शानो-शौकत पर खूब पैसा खर्च करता था। इडुक्की और कोट्टायम में कम से कम पांच जगहों पर उसने प्रॉपर्टी में निवेश किया था। अनंतु ने बड़ी चालाकी से अपनी एक विश्वसनीय छवि बनाई थी। वह अंग्रेजी में फर्राटेदार बात करता था और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था। अपनी स्कीम को असली दिखाने के लिए वह मशहूर हस्तियों, नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाता था। वीमेन ऑन व्हील प्रोजेक्ट के बहाने किया फ्रॉड वह कहता था कि बड़ी कंपनियां CSR के तहत इस योजना को फंड कर रही हैं। इसे और भी असली दिखाने के लिए, उसने कुछ कंपनियों और NGO से CSR के लिए पैसे मांगे, लेकिन उसे कहीं से पैसे नहीं मिले। ‘वीमेन ऑन व्हील्स’ नाम का एक प्रोजेक्ट इस घोटाले की कामयाबी की चाबी बना। शुरुआती निवेशकों को स्कूटर दिए गए, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और ज्यादा लोग निवेश करने के लिए आकर्षित हुए। जल्द ही, इस योजना का विस्तार हुआ और घर के सामान भी भारी छूट पर ऑफर किए जाने लगे। घोटाले में प्रभावशाली लोगों का हाथ! लेकिन जैसा कि हर पोंजी स्कीम के साथ होता है, आखिरकार पैसा खत्म हो गया और हजारों लोग ठगा गए। केरल के पुलिस प्रमुख को एक शिकायत मिलने के बाद पहली जांच शुरू हुई। पुलिस ने कहा कि जब पहली FIR दर्ज हुई, तब हमें घोटाले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। अनंतु का घोटाला सिर्फ अकेले का काम नहीं था। इसमें कई NGO और प्रभावशाली लोगों का हाथ था। कई संगठन अनजाने में बिचौलिए बन गए और निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके अनंतु को भेजते रहे। यह घोटाला केरल की राजनीति में भी घुस गया, और कई पार्टियों के नेताओं पर आरोप लगने लगे। यह एक बड़ा और जटिल मामला है, जिसकी जांच अभी जारी है। देखना होगा कि आगे क्या होता है और कितने लोग इस घोटाले में शामिल पाए जाते हैं।

ब्रिटिश सरकार ने पूरे देश में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया, 19 हजार प्रवासी बाहर

लंदन अमेरिका ने हाल ही में ब्राजील, भारत, मेक्सिको समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला है। अब बिना दस्तावेज के आए प्रवासियों और अपराधियों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप जैसा ही ऐक्शन ब्रिटेन में भी शुरू हुआ है। ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद से करीब 19000 अवैध प्रवासियों और अपराधियों को देश से बाहर कर गया है। इन लोगों को डिपोर्ट करने का एक वीडियो भी ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी किया गया है। पूरे देश में ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया है। इसके लिए छापेमारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी पाए गए। इन लोगों को डिपोर्ट किया गया है। इस अभियान के तहत भारतीय रेस्तरां, नेल बार, स्टोर और कार वॉश में छापेमारी की गई है। इनमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को काम पर रखे जाने की शिकायतें मिली थीं। ब्रिटिश होम मिनिस्टर वेटे कूपर ने कहा कि उनके विभाग ने जनवरी में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद से कुल 19000 लोगों को डिपोर्ट किया गया है। जनवरी महीने में ही 828 परिसरों पर रेड मारी गई है और 609 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बीते साल की जनवरी के मुकाबले यह 73 फीसदी ज्यादा नंबर था। 7 लोगों को तो अकेले हंबरसाइड स्थित भारतीय रेस्तरां में छापा मारकर अरेस्ट किया गया। इसके अलावा 4 को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा ब्रिटिश संसद में नया बिल भी पेश किया गया है। इस विधेयक में सीमा सुरक्षा, शरण और अवैध प्रवासियों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा गया है। ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि इस विधेयक को लाने से बड़ी संख्या में आपराधिक गैंगों को खत्म करने में मदद मिलेगी। पीएम कीर स्टारमर की सरकार का कहना है कि पूर्व की सरकारों ने सीमा सुरक्षा से समझौता किया था। अब इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। ब्रिटिश सरकार ने उन संस्थानों को भी फाइल लगाने का फैसला लिया है, जो अवैध प्रवासियों को नौकरी देंगे। ऐसे मामलों में प्रति व्यक्ति 60 हजार पाउंड का फाइन लगाने का फैसला लिया गया है। अब तक कुल 1000 नोटिस जारी किए गए हैं। बीते साल जुलाई में हुए आम चुनाव के बाद से ही अब तक 16,400 लोगों को बाहर किया जा चुका है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जन शिक्षा और प्रौद्योगिकी में निवेश की जरूरत :नीति आयोग

नई दिल्ली वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश में विश्व स्तरीय शिक्षा की जरूरत होगी। नीति आयोग द्वारा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पर आधारित एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है, भारत को उच्च शिक्षण संस्थानों में मानव संसाधन मुहैया कराने जैसे अहम पक्षों पर ध्यान देनी की जरूरत है। खासकर तौर पर राज्यों और राज्य सरकारों द्वारा संचालित किए जा रहे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों पर ध्यान देनी की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई शिक्षा नीति (2020) के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 4.3 करोड़ से बढ़कर करीब नौ करोड़ हो जाएगी। इनमें से सात करोड़ छात्र राज्य व राज्य सरकारों द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में पढ़ेंगे। मौजूदा समय देश के अंदर 495 राज्य विश्वविद्यालय है, जिनसे संबद्ध 46 हजार से अधिक शिक्षा संस्थान हैं। इसमें से सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के अंदर हैं। आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों को समझने, उनका नीतिगत समाधान और रणनीतिक हस्तक्षेप का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से फीडबैक लिया गया। इसके साथ ही, प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, वरिष्ठ शिक्षाविदों और राज्य उच्च शिक्षा परिषदों के प्रमुखों के साथ भी व्यापक विचार-विमर्श किया। सुधार के लिए दिए गए ये सुझाव शिक्षा में सुधार के लिए गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर शोध नीति को लाने की जरूरत है। स्थानीय स्तर आने वाली चुनौतियों को सुलझाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का एक क्लस्टर बनाया जाना चाहिए। सेमेस्टर के स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। छात्र बेहतर तरीके से सीख पाएं, इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाए। शिक्षा क्षेत्र में आ रहे बदलाव व नई जानकारी के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते किए जाएं, जिससे छात्र और शिक्षकों को अपडेट रहने में मदद मिल सके। राज्य स्तर पर एक ऐसी एजेंसी स्थापित की जाए जो राज्य विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी फंड उपलब्ध करा सके। राज्य विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध के लिए करों से जुड़ी छूट प्रदान की जानी चाहिए। उन्हें पानी, बिजली समेत अन्य जनसुविधाओं की व्यावसायिक दरों की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। राज्य विद्यालयों की बिल्डिंग, शोध व अन्य जनसुविधाओं को बेहतर करने के लिए सीएसआर फंड को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा के लिए 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करते हुए राज्य विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक स्वायत्तता को बढ़ावा दिया जाए। विश्वविद्यालय से जुड़ी मान्यता व अन्य प्रक्रिया को पारदर्शी व आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए जाएं। राज्यों के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाना चाहिए। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से पैदा हों, इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर से ही इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दिया जाए। उद्यमशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए। ऐसे छात्रों को बढ़ावा दिया जाए जो रोजगार पैदा करने के प्रति उत्साहित हैं। विश्वविद्यालय को ऐसे पाठयक्रमों को डिजाइन करना चाहिए, जो रोजगार के अवसर मुहैया करने में मदद करते हों। विश्वविद्यालय को शारीरिक शिक्षा, खेल और कल्याण कार्यक्रमों को एकीकृत करना चाहिए।

श्रद्धा वाकर के पिता का हार्ट अटैक से निधन, बेटी के अंतिम संस्कार का करते रह गए इंतजार

नई दिल्ली श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस को याद करके आज भी लोग सहम जाते हैं. इस मामले ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था. अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की खातिर विकास वॉल्कर इंसाफ की जंग लड़ रहे थे. वो अपना सबकुछ खो कर मुंबई से दिल्ली के चक्कर काट रहे थे. वो केवल कानून से इतना चाहते थे कि उनकी बेटी के अवशेष उन्हें मिल जाएं और वो उसका अंतिम संस्कार कर सकें. लेकिन उनकी ये ख्वाहिश महज आखिरी ख्वाहिश बनकर रह गई. और वो इसी टीस को लेकर दुनिया से विदा हो गए. दरअसल, श्रद्धा वॉल्कर के पिता विकास वॉल्कर की रविवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ मुबंई के वसई इलाके में रहा करते थे. पिछले काफी महीनों से वो मुंबई और दिल्ली के बीच भागदौड़ कर रहे थे. तमाम अदालतों के चक्कर लगा रहे थे. मगर उन्हें महज कुछ मिला तो वो थी सिर्फ तारीख पर तारीख. श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर और भाई मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काट चुके थे. जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों से वैसे ही विकास वॉल्कर सिर्फ कोर्ट में ही 35 से 40 बार हाजिरी लगा चुके थे. इस दौरान वो परेशान तो होते ही थे साथ ही मुंबई से दिल्ली आने-जाने और रहने-खाने का खर्च अलग से होता था. लेकिन वो अपनी बेटी के लिए लगातार लड़ रहे थे. दरअसल, श्रद्धा के कत्ल का खुलासा 12 नवंबर 2022 को उस वक्त हुआ था, जब दिल्ली के महरौली इलाके से उसका लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला पकड़ा गया था. आफताब की गिरफ्तारी के बाद ही पता चला था कि उसने श्रद्धा का क़त्ल 18 मई 2022 को ही कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद श्रद्धा की लाश नहीं मिली थी, क्योंकि आफताब ने पहले श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे और फिर उन टुकड़ों को महरौली में मौजूद अपने किराये के मकान में रखे फ्रिज में बंद कर दिया था. इसके बाद अगले तीन महीनों तक वो किस्तों में उन टुकड़ों को फ्रिज से निकाल कर महरौली के जंगलों में फेंकता रहा. चूंकि वक्त बहुत ज्यादा बीत चुका था, लिहाजा पुलिस को लाश के नाम पर श्रद्धा की चंद हड्डियां ही मिली थी. डीएनए टेस्ट से ये साबित हो गया था कि हड्डियां श्रद्धा की ही हैं. मीडिया की सुर्खियों के चलते श्रद्धा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया था. एफआईआर दर्ज होने के 75 दिन बाद यानी 24 जनवरी 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद लगभग 3 महीने फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्ज फ्रेम करने में ही लगा दिए. 9 मई 2023 को चार्ज फ्रेम हुआ. मगर चार्ज फ्रेम होने के बाद भी ट्रायल शुरू करने के लिए अदालत ने लगभग 1 महीना और ले लिया. 1 जून 2023 से श्रद्धा केस के मुकदमे की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में शुरू हुई. उम्मीद थी कि 6 से 9 महीने में फैसला आ ही जाएगा. निर्भया केस में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 9 महीने में अपना फैसला सुना दिया था. लेकिन अफसोस ऐसा हुआ नहीं. मुकदमे की कार्रवाई बीते पौने दो साल से जारी है. और आलम ये है कि इस केस में जो 212 गवाह हैं, उनमें से अभी सिर्फ 165 गवाहों की ही गवाहियां पूरी हो पाई हैं. यानी 47 गवाहों की गवाहियां अब भी बाकी हैं. अब सवाल ये है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा होने के बावजूद इतना वक्त क्यों लग रहा है? तो इसकी एक बड़ी सीधी सी वजह है. श्रद्धा का केस जिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है, उस कोर्ट को कहीं से ये डायरेक्शन ही नहीं मिला है कि इस मुकदमे की सुनवाई डे टू डे होगी या आम केस की तरह. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट को एक सीमा दी जाती कि इस टाइम बाउंड के अंदर अपना फैसला सुनाना है, तो शायद इतनी देरी ना होती. मगर अब, जब इस मुकदमे की कार्रवाई को लगभग 2 साल होने जा रहे हैं, तब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ये फैसला लिया कि अगले महीने यानी मार्च से वो इस केस की डे टू डे सुनवाई करेगा. यानी जो काम दो साल पहले होना था, वो अब दो साल बाद होगा. यानी इस हिसाब से अगर मार्च से भी डे टू डे हियरिंग शुरू होती है, तो भी अगले दो तीन महीने तक फैसला आने की उम्मीद नजर नहीं आती. कम से कम मई से पहले तो हरगिज नहीं. पर कहानी अप्रैल मई में भी खत्म नहीं होगी. क्योंकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे कोई ना कोई हाई कोर्ट में चैलेंज करेगा. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट आफताब पूना वाला को सजा-ए-मौत देता है, तो उस सूरत में भी उस फैसले पर मुहर हाई कोर्ट को ही लगाना है. हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट इसके बाद न जाने कितने पिटिशन, रिव्यू पिटिशन. जाहिर है श्रद्धा को मर कर भी अभी कई अदालतों के चक्कर काटने होंगे और जब तक ये चक्कर खत्म नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धा के भाई को भी मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काटने होंगे.

भारत के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बर्फबारी का अलर्ट, 11 से 13 फरवरी के बीच भारी बारिश

नई दिल्ली भारत के विभिन्न हिस्सों में आगामी 4-5 दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल, हिमालयी क्षेत्र और दिल्ली में हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ तापमान में गिरावट आ सकती है। पूर्वोत्तर भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव अरुणाचल प्रदेश में 9 से 15 फरवरी तक हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जो 11 से 13 फरवरी के बीच बढ़कर भारी बारिश और आंधी-तूफान के साथ बर्फबारी में बदल सकती है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 10 से 11 फरवरी के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में 2-3°C तक वृद्धि हो सकती है। दक्षिणी भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3°C अधिक रह सकता है। घना कोहरा: 9 और 10 फरवरी को पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घना कोहरा होने की संभावना है। वहीं 10-11 फरवरी को गंगेतिक पश्चिम बंगाल और दक्षिण ओडिशा में भी कोहरा रहेगा। दिल्ली का मौसम: दिल्ली में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 2°C तक गिर चुका है। आगामी दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 24-26°C और न्यूनतम तापमान 8-9°C के बीच रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में मुख्य रूप से साफ आकाश रहेगा और हल्की हवाएं चलेंगी। दिल्ली का 3 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान: 10 फरवरी 2025: आंशिक रूप से बादल रह सकते हैं, सुबह हल्की धुंध या कोहरा हो सकता है। दोपहर में हवाएं 10-12 km/h तक बढ़ेंगी और फिर शाम तक कम हो जाएंगी। 11 फरवरी 2025: मुख्य रूप से साफ आकाश रहेगा, सुबह हल्की धुंध हो सकती है। दोपहर में हवाएं 10-12 km/h तक बढ़ेंगी और फिर शाम को कम हो जाएंगी। 12 फरवरी 2025: मुख्य रूप से साफ आकाश रहेगा, सुबह हल्का कोहरा हो सकता है। दोपहर में हवाएं 16-18 km/h तक तेज होंगी, जो रात में कम हो जाएंगी।  

इस्लामाबाद में अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक किया

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी संख्या में वकील सोमवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शीर्ष अदालत के आठ जजों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आयोजित बैठक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तान न्यायिक आयोग (जेसीपी) हाई कोर्ट के आठ जजों को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन करने पर विचार कर रहा है। कई न्यायाधीश और हजारों वकील इस बैठक को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। इस्लामाबाद के कानूनी संगठन हाल ही में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में पांच जजों के ट्रांसफर का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं और इस कदम को न्यायपालिका को विभाजित करने का प्रयास करार दे रहे हैं। इस्लामाबाद में अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया। विरोध प्रदर्शन के तीव्र होने की स्थिति में अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया। वकीलों द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में इस्लामाबाद पुलिस ने संघीय राजधानी में रेड जोन में कई प्रमुख प्रवेश बिंदुओं को भी बंद कर दिया। विरोध प्रदर्शन के कारण इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच कई मार्गों पर मेट्रो बस सेवाएं भी स्थगित कर दी गईं, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में वकील एकत्रित हुए, न्यायपालिका की स्वतंत्रता के नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बैनर लिए हुए थे। प्रदर्शनकारी वकीलों ने 26वें संविधान संशोधन को पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ बताया है। लाहौर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (एलसीबीए) ने भी सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें 26वें संविधान संशोधन का विरोध व्यक्त करते हुए जेसीपी बैठक को स्थगित करने की मांग की गई। बता दें पाकिस्तान के संविधान में 26वां संशोधन पिछले साल अक्टूबर में संसद द्वारा पारित किया गया। उसी दिन राष्ट्रपति की सहमति से यह लागू हो गया। संशोधन में 27 खंड शामिल हैं, जो न्यायिक, संसदीय और कार्यकारी ढांचे में परिवर्तन को प्रभावित करते हैं। यह संशोधन पाकिस्तान शीर्ष न्यायाधीश की नियुक्ति में सांसद को अधिक शक्ति देता है। जजों के ट्रांसफर का मामला तब और बढ़ गया जब न्यायमूर्ति सरफराज डोगर को लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) से आईएचसी में स्थानांतरित कर दिया गया और बाद में उनका नाम सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए जेसीपी को भेज दिया गया। इस मामले को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के कम से कम दो न्यायाधीशों ने उठाया, जिन्होंने न्यायमूर्ति डोगर की सिफारिश पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी और आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक से संपर्क किया। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के कम से कम चार मौजूदा न्यायाधीशों ने 26वें संविधान संशोधन के खिलाफ याचिका पर निर्णय होने तक सोमवार को जेसीपी की बैठक स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। विरोध के बावजूद, जेसीपी ने सोमवार को अपनी बैठक जारी रखने का फैसला किया, जिसके बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और आयोग द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का विरोध किया। वकीलों ने देश की न्यायपालिका को कमजोर करने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के ‘खतरनाक प्रयास’ के खिलाफ और अधिक विरोध प्रदर्शन करने की कसम खाई है।

बांग्लादेश में हिंसा फैलाने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की, अब तक 1300 से ज्यादा गिरफ्तार

नई दिल्ली बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने शनिवार को शुरू किए गए एक बड़े एक्शन में सोमवार तक 1,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य पिछले कुछ दिनों से देश में जारी हिंसा की नई लहर को दबाना है। देशव्यापी अभियान को ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ नाम दिया गया है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के परिवार और उनकी अवामी लीग पार्टी के प्रमुख सदस्यों से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाए जाने के बाद यह ऑपरेशन शुरु किया। हिंसा तेज से पूरे देश में फैल गई, भीड़ ने अवामी लीग के प्रतीकों को निशाना बनाया और राजनीतिक गुटों के बीच तनाव बढ़ गया। शुक्रवार रात गाजीपुर जिले में छात्रों और नागरिकों पर हमले के बाद अंतरिम सरकार ने शनिवार को ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ का आदेश दिया। ऑपरेशन में शामिल संयुक्त बलों में सेना के जवान, पुलिस और विशेष इकाइयां शामिल हैं। अब तक, अधिकारियों ने पिछले चार दिनों में देश में फैली अशांति और हिंसा के सिलसिले में 1,300 लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार ने देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे ‘सभी शैतानों’ को जड़ से उखाड़ फेंकने की कसम खाई है। हिंसा के दौरान सबसे भयावह घटनाओं में से एक तब हुई जब प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ढाका में स्थित बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास में आग लगा दी। यह घर देश के इतिहास में अहम जगह रखता है क्योंकि यहीं से रहमान ने 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा की थी। ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ की निगरानी एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। मुख्य सलाहकार के कार्यालय ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन पूरे जोरों पर है, साथ ही कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अंतरिम सरकार से बढ़ती ‘भीड़ संस्कृति’ को नियंत्रित करने और शांति बहाल करने की अपील की है।

पीएम मोदी पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, पेरिस पहुंचने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने की भारत की तारीफ

पेरिस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे। उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे से पहले आया। पीएम मोदी पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में मैक्रों ने कहा, “मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं। हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं।” फ्रेंच राष्ट्रपति ने कहा, “भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं। हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो।’ मैक्रों ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत अकेला हर साल 10 लाख इंजीनियर तैयार करता है जो यूरोप और अमेरिका से ज्यादा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को फ्रांस और अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए। यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 10 फरवरी (सोमवार) से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे। वह 10 फरवरी को पेरिस पहुंचेंगे। शाम को राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से एलिसी पैलेस में सरकार और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में आयोजित डिनर में शामिल होंगे। डिनर में तकनीकी क्षेत्र के कई सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले दिन 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। 12 फरवरी को दोनों नेता मार्सिले शहर का दौरा करेंगे और वहां भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे दोनों मार्सिले में मजारग्यूज वॉर सिमेट्री भी जाएंगे और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। वॉर सिमेट्री का निर्माण कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कमीशन ने किया है। पीएम मोदी 12 से 14 फरवरी तक दो दिवसीय कार्य यात्रा पर अमेरिका जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।

मणिपुर में लग सकता है राष्ट्रपति शासन, कनिमोई ने कहा-पीएम मोदी और अमित शाह को जिम्मेदारी लेनी चाहिए

मणिपुर सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आ रही है कि मणिपुर में 10 दिन के अदंर सरकार नहीं बनीं तो लगेगा राष्ट्रपति शासन लग सकता है। बता दें कि रविवार शाम मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य में जातीय हिंसा के लगभग दो साल बाद अपना इस्तीफा दे दिया है। राज्य में हिंसा के बाद कई मुद्दों को लेकर उनकी सरकार पर आलोचना हो रही थी। मुख्यमंत्री ने स्थिति को सुधारने के प्रयास किए थे, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री को बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था: प्रियंका कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उस पूर्वोत्तर राज्य में दो साल से हिंसा जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी वक्त से, दो वर्ष से लंबित था।” कांग्रेस नेता ने बीरेन सिंह के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से यह बात कही। बीरेन सिंह ने रविवार को इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। मणिपुर में मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी ने पिछले दो दिनों में अपने संसदीय क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वह सोमवार को नयी दिल्ली रवाना होने से पहले अपने संसदीय क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के घर जाएंगी। पीएम मोदी और अमित शाह को जिम्मेदारी लेनी चाहिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की नेता कनिमोई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मणिपुर में ‘‘फासीवादी राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कनिमोई ने आरोप लगाया कि मणिपुर में जातीय हिंसा में 220 से अधिक लोगों की जान चली गई और 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए। उन्होंने सरकारी राहत शिविरों में रह रहे लोगों को अगवा कर उनकी हत्या किए जाने तथा महिलाओं का यौन उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया। कनिमोई ने एक बयान में आरोप लगाया कि इस तरह के अत्याचार केवल सरकार के ‘‘समर्थन और उदासीनता” के कारण हुए तथा भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एवं मणिपुर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके बीरेन सिंह केवल मूकदर्शक बने रहे। द्रमुक की नेता एवं लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘…मणिपुर भाजपा की फासीवादी राजनीति का सबूत है; केवल बीरेन सिंह ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी हिंसा पर लगाम लगाने में विफल रहने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मोदी और शाह को उन्हें (बीरेन सिंह को) बचाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”

इंजीनियर राशिद को हाईकोर्ट ने 11 और 13 फरवरी के लिए कस्टडी पैरोल मिला, बजट सत्र में होंगे शामिल

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के बारामुला से सांसद इंजीनियर राशिद को संसद सत्र में शामिल होने की इजाजत मिल गई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर फैसला सुनाया है, जिसमें उनकी मांग को स्वीकार किया गया है. कोर्ट से उन्होंने बजट सत्र में शामिल होने के लिए रियायत की मांग की थी. जेल प्रशासन द्वारा मांगें पूरी नहीं किए जाने के बाद वह भूख हड़ताल पर चले गए थे, जहां वह बीमार पड़ गए और अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा. लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को हाईकोर्ट ने 11 और 13 फरवरी के लिए कस्टडी पैरोल दिया है. इसका मतलब है कि वह हिरासत में रहते हुए संसद का सत्र अटेंड कर पाएंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने शर्त लगाई है कि कस्टडी पैरोल के दौरान राशिद मीडिया से बातचीत नहीं कर पाएंगे. इनके किसी भी सूरत में मीडिया से संपर्क करने पर पांबदी रहेगी. राशिद मोबाइल फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हाईकोर्ट ने पैरोल पर लगाई ये शर्तें! इंजीनियर राशिद सांसदों के अलावा किसी अन्य लोगों से गैर जरूरी बातें नहीं करेंगे. इस दौरान वह मीडिया से भी बातचीत नहीं करेंगे. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इंजीनियर राशिद के साथ सुरक्षा टीम भी उनके साथ होगी. इसका प्रबंध लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल से बातचीत के बाद किया जा सकेगा. सत्र अटेंड करने के दौरान वह पुलिस टीम की सुरक्षा उनके साथ होगी. इंजीनियर राशिद एनआईए की हिरासत में हैं! इंजीनियर राशिद ने दिल्ली हाईकोर्ट से संसद सत्र अटेंड करने की मांग के साथ एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में उन्होंने कहा था कि बतौर सांसद संसद सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है. चूंकि वह टेरर फंडिंग के आरोपों में जेल में बंद हैं, वह एनआईए की हिरासत में हैं. इंजीनियर राशिद की सत्र में शामिल होने के लिए मोहलत की मांग का विरोध किया था. एजेंसी ने कोर्ट में कहा था कि इंजीनियर राशिद के पास हिरासत में रहते हुए इस तरह का कोई अधिकार नहीं है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

फडणवीस ने की राज ठाकरे से मुलाकात, स्थानीय चुनाव में आ सकते है बीजेपी के साथ

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे से यह पहली मुलाकात है। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? ऐसी संभावना है कि राज ठाकरे और भाजपा स्थानीय चुनाव में साथ आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा विधान परिषद के सदस्य प्रसाद लाड के मुताबिक, राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को मुंबई के दादर इलाके में शिवाजी पार्क के पास स्थित अपने आवास पर आमंत्रित किया था। हालांकि, लाड ने इस मुलाकात के संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी। ज्ञात हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज ठाकरे ने भी ईवीएम पर सवाल उठाया था। जबकि, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन दिया था। हालांकि, राज ठाकरे की पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़े किए थे। उनकी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं पाया था।  

एयरो इंडिया की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए राजनाथ ने कहा- भारत के पराक्रम और शक्ति का महाकुंभ

बेंगलुरु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एयरो इंडिया 2025 की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए कहा कि द्विवार्षिक एयरोस्पेस एवं रक्षा प्रदर्शनी अनिश्चितताओं से भरे विश्व में भारतीय धरती की ताकत और स्थायित्व को दर्शाती है। श्री सिंह ने यहां येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, “एयरो इंडिया सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि रक्षा और एयरोस्पेस में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। जिस तरह महाकुंभ मेला लाखों लोगों को आध्यात्मिक एकता के सूत्र में बांधता है, उसी तरह यह आयोजन वैश्विक रक्षा और एयरोस्पेस हितधारकों को भारतीय धरती पर एकजुट करता है।” रक्षा मंत्री ने उन्नत स्वदेशी तकनीक के साथ सशस्त्र बलों को मजबूत करने और वैश्विक भागीदारों के साथ रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। प्रमुख वैश्विक रक्षा फर्मों, एयरोस्पेस कंपनियों और सैन्य प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी वाले प्रीमियर एयर शो के 15वें संस्करण में इस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख घोषणाएं और साझीदारियां होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में तेजी ला रहा है, जिसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।  

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग, भारी संपत्ति का नुकसान

हैदराबाद तेलंगाना के शहर हैदराबाद स्थित चारमीनार के पास दिवानदेवीडी में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई, जिससे भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कॉम्प्लेक्स में मुख्य रूप से कपड़े की दुकानें थीं। उन्होंने बताया कि आग इमारत की चौथी मंजिल पर लगी और तेजी से तीसरी मंजिल तक फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की दस गाड़ियां और पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचकर, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में लगभग 30 दुकानें जलकर खाक हो गईं। फिलहाल, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस घटना से संबंधित मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।  

राजनाथ सिंह ने फिजी के रक्षा मंत्री का भारत की पहली यात्रा पर स्वागत किया, समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की

बेंगलुरु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया प्रदर्शनी से पहले बेंगलुरु में फिजी गणराज्य के रक्षा मंत्री पियो टिकोदुआदुआ और दक्षिण सूडान के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल चोल थॉन जे बालोक के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। श्री सिंह ने फिजी के रक्षा मंत्री का भारत की पहली यात्रा पर स्वागत किया। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग पर संतोष व्यक्त किया और मौजूदा सहयोग को और प्रगाढ़ तथा विविधतापूर्ण बनाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने वर्ष 2017 में हस्ताक्षरित रक्षा समझौता ज्ञापन के अनुरूप रक्षा सहयोग पर भारत-फिजी संयुक्त कार्य समूह को संस्थागत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की। उन्होंने समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा, विशेष आर्थिक क्षेत्र संरक्षण, नौसेना क्षमता निर्माण और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों तथा रक्षा नागरिकों के लिए प्रशिक्षण सहयोग सुनिश्चित करने के लिए समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने का फैसला किया। यह यात्रा प्रशांत द्वीप देशों के एक प्रमुख सदस्य फिजी के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक कदम है। श्री सिंह ने दक्षिण सूडान के रक्षा मंत्री के साथ अपनी बैठक में एयरो इंडिया 2025 में भाग लेने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन की दिशा में प्रयास शुरू करने और उसे गति देने पर सहमति व्यक्त की। लेफ्टिनेंट जनरल बालोक ने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारत के प्रयासों को माना। दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए साझेदारी करने पर सहमति व्यक्त की और उद्योग भागीदारी के माध्यम से संबंधों का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।  

NGO के जरिए आधी कीमत पर स्कूटर, लैपटॉप और घरेलू सामान पर ऑफर दिया, किया फ्रॉड

केरल केरल में एनजीओ के जरिए धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नेशनल एनजीओ कंफेडरेशन की ओर से आधी कीमत पर स्कूटर, लैपटॉप और घरेलू सामान पर ऑफर दिया। 26 वर्षीय अनंतु कृष्णा ने इसे शुरू किया था। हजारों लोगों ने इसके लिए साइन अप किया और पेमेंट भी कर दिया था। मगर, बीते हफ्ते एनजीओ के नेशनल कोऑर्डिनेटर कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान जांच में यह सामने आया कि कैसे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि करीब 170 स्थानीय गैर सरकारी संगठनों को एकसाथ लाया गया। इसके बाद साल 2022 में एक संघ बनाया गया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आइडिया यह था कि इन गैर सरकारी संगठनों के जरिए कंपनियों से सीएसआर लिया जाएगा। इस धन का इस्तेमाल अलग-अलग सामानों की आधी लागत को चुकाने में होगा। ये वही सामान होंगे जिन्हें स्कीम के जरिए लोगों को आधी कीमत पर दिया जाएगा। हालांकि, कुछ समय बाद इस योजना के लिए साइन अप करने वाले कई लोगों ने शिकायतें करनी शुरू कर दी। 30 हजार लोगों ने किया था आवेदन एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने इस शिकायतों के आधार पर कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद तो केरल भर के पुलिस स्टेशनों में ऐसी शिकायतें आने लगीं। खासतौर से राज्य के उत्तर में इसी तरह की शिकायतों की बाढ़ आ गई, जिनमें से कई महिलाएं शामिल हैं। इस घोटाले को लेकर दायर मामलों में कुछ जाने-माने लोग भी आरोपी बनाए गए हैं। इनमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और एक प्रमुख एनजीओ के कार्यकारी निदेशक हैं, जो इस संघ का हिस्सा थे। इनके अलावा भी कुछ प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि कृष्णा ने करीब 30 हजार आवेदकों से पैसे लिए थे। उसने इसे अपने नियंत्रण वाले 12 बैंक खातों में डाल दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। इसे लेकर पूरी डिटेल धीरे-धीरे सामने आ जाएगी।

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