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विपक्षी पार्टियों को राजीव कुमार का शायराना जवाब, ‘वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं’

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। प्रेस वार्ता की शुरूआत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि लोकंतत्र बहुत सुंदर बगिया है, अपने वोटों से ऐसे ही सजाते रहें। हम 90 करोड़ वोटर्स के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जल्द ही एक अरब का आंकड़ा पार कर लेंगे। दिल्लीवालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मुझे उम्मीद है कि इस बार दिल्ली दिल से वोट करेगी। ईवीएम पर बोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम पर सब जवाब होने के बाद भी कहा गया कि इसे मैनिपुलेट किया जा सकता है। वोटर टर्नआउट 5 बजे के बाद बढ़ जाता है। कई इलाकों में वोटर बढ़ गए। राजीव कुमार ने कहा कि काउंटिंग में मिसमैच हो गया, कहीं कम गिन लिए, कहीं ज्यादा गिन लिए गए। सभी सवालों का जवाब आज देंगे। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को जवाब ईवीएम पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने कहा कि चुनाव से 7-8 दिन पहले ईवीएम तैयार की जाती है। हर दल को वोटर लिस्ट के बारे में जानकारी दी जाती है। एजेंट के सामने ईवीएम में चुनाव चिन्ह डाले जाते हैं। एजेंट के सामने ही ईवीएम सील की जाती है। कोर्ट ने भी कहा कि ईवीएम हैक नहीं की जा सकती। ईवीएम की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। राजीव कुमार ने आगे कहा कि ईवीएम में अवैध वोट डालने की संभावना नहीं है। ईवीएम फुलप्रूफ डिवाइस है। इसे मतदान के बाद सील कर दिया जाता है और इसमें वायरस नहीं जा सकता। “””आरोप और इल्जामात का दौर चले, कोई गिला नहीं,झूठ के गुब्बारों को बुलंदी मिलें, कोई शिकवा नहीं,हर परिणाम में प्रमाण देते है,पर वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं और शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं! ईवीएम मशीनों में दर्ज मतों की गिनती फॉर्म 17सी के साथ की जाती है। फॉर्म 17सी मतदान एजेंटों को मतदान समाप्त होने के बाद दिया जाता है। इसमें उस मतदान केंद्र पर हुए मतदान का रिकॉर्ड होता है। इस तरह, मतदान और मतगणना के दौरान पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाती है। मतदान प्रतिशत में छेड़छाड़ करना नामुमकिन है। मतदान खत्म होने से पहले, मतदान अधिकारियों को कई काम करने होते हैं। इसलिए, शाम 5 बजे के आंकड़ों को अंतिम मतदान प्रतिशत से तुलना करना सही नहीं है। मतदान खत्म होने के बाद, हर मतदान केंद्र पर मतदान एजेंटों को फॉर्म 17सी दिया जाता है। इस फॉर्म में उस मतदान केंद्र पर हुए मतदान का रिकॉर्ड होता है।””” – राजीव कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त

भारत की यात्रा पर आ रहे मालदीव के रक्षा मंत्री, क्या है प्लान?

नई दिल्ली. भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून बुधवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आएंगे। मौमून राष्ट्रीय राजधानी में कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। मालदीव के मंत्री की यह यात्रा चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की मांग के बाद भारत द्वारा द्वीप राष्ट्र से अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के आठ महीने बाद हो रही है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 जनवरी को नई दिल्ली में मौमून के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इन मुद्दों पर होगी बात दोनों मंत्री मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा उपकरणों की आपूर्ति के लिए ट्रेनिंग, अभ्यास पर बात करेंगे। रक्षा परियोजनाओं सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में ये भी बताया, मालदीव भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति में एक विशेष स्थान रखता है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि लाना है। दोनों देश आईओआर की सुरक्षा बनाए रखने में प्रमुख खिलाड़ी हैं, इस प्रकार क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (एसएजीएआर) के भारत के दृष्टिकोण में योगदान दे रहे हैं। गोवा और मुंबई भी जाएंगे रक्षा मंत्री मोहम्मद मौमून गोवा और मुंबई भी जाएंगे। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों में माले की पिछली सरकार के तहत प्रगति देखी गई। चीन समर्थक झुकाव के लिए जाने जाने वाले मुइज्जू के नवंबर 2023 में टॉप कार्यालय का कार्यभार संभालने के बाद संबंध गंभीर तनाव में आ गए। अपनी शपथ के कुछ घंटों के अंदर, उन्होंने अपने देश से भारतीय सैन्य कर्मियों की वापसी की मांग की थी। इसके बाद, भारतीय सैन्य कर्मियों का स्थान नागरिकों ने ले लिया। संबंधों में नरमी तब आई जब अक्टूबर में अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान मुइज्जू ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की बात कही।

HMPV: नागपुर में दो संदिग्ध मामले आए सामने, कर्नाटक-तमिलनाडु-गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

नई दिल्ली। चीन में फैल रहे नए ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एचएमपीवी संक्रमण का मामला सामने आया है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। इनकी उम्र सात और 13 साल बताई जा रही है। स्वास्थ्य उप निदेशक शशिकांत शंभरकर ने बताया कि निजी अस्पताल में बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मरीजों का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। अब इन दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट को नागपुर के एम्स में जांच के लिए भेजा गया है। इन राज्यों में आ चुके इतने मामले सामने भारत में पहले ही तीन एचएमपीवी मामलों का पता चल चुका है। इनमें से दो मामले बंगलूरू और एक मामला अहमदाबाद से सामने आया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी दो संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। बता दें, देश भर में श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी के लिए चल रहे निगरानी प्रयासों के तहत इन मामलों का पता चला था। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं: जेपी नड्डा इस सबके बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा था, हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पड़ोसी देशों में वायरस की हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम तैयार हैं, सभी कदम उठा रहे हैं, हमारी सभी पहलुओं पर निगरानी है। ये कोई नया वायरस नहीं है, 2001 में ही वायरस की पहचान हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक्सपर्ट के हवाले से स्पष्ट किया कि एचएमपीवी कई सालों से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह सांस के जरिए, हवा के जरिए फैलता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस सर्दियों और मौसम बदलने के शुरुआती महीनों में ज्यादा फैलता है। चीन में एचएमपीवी के मामलों की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। चिंता की कोई बात नहीं: स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा था, ‘हालात की समीक्षा के लिए चार जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई। देश की स्वास्थ्य सिस्टम और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।’

‘तीन लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ’, सीएम सावंत ने की ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ योजना की समीक्षा

पणजी। गोवा को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई स्वयंपूर्ण गोवा योजना रंग ला रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा के हर गांव और शहर को आत्मनिर्भर बनाने वाली इस योजना का तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है। सीएम ने सोमवार को विभिन्न तालुका के नोडल अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ बैठक में स्वयंपूर्ण गोवा योजना की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि योजना का 3.14 लाख लोगों को व्यक्तिगत रूप से लाभ मिला है। उन्होंने स्वयंपूर्ण मित्र और तालुका नोडल अधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में किए गए अच्छे कार्यों की सराहना की। सीएम ने विजन फॉर ऑल पहल को विशेष तौर पर सराहा। इस पहल के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से 10 तक के दो लाख से अधिक छात्रों की आंखों की जांच की गई। इसमें 3439 छात्रों को मुफ्त में चश्मे दिए गए। मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच प्रमुख विभाग महिला एवं बाल विकास, विधिक माप विज्ञान, स्वास्थ्य, कदंब परिवहन निगम लिमिटेड और खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने तालुका नोडल अधिकारियों को क्षेत्रीय कृषि अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के साथ स्वयंपूर्ण मित्रों के साथ महीने में कम से कम एक बार समीक्षा बैठक करने के लिए कहा। सीएम सावंत ने कहा कि इससे यह तय होगा कि राज्य में हर योग्य व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता लाने के लिए हस्तशिल्प, कपड़ा और कॉयर, कौशल विकास और ग्रामीण विकास जैसे विभागों की भूमिका को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि ये विभाग ग्रामीण महिलाओं को उनकी जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान करके और उनके उत्पादों के लिए प्रभावी विपणन मंच प्रदान करके सशक्त बना सकते हैं।  मुख्यमंत्री ने कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग को जागरूकता अभियान तेज करने और 2025 के अंत तक सभी सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए अन्य विभागों के साथ सहयोग करने की सलाह दी।

यूक्रेन के प्रधानमंत्री जेलेंस्की का दावा, ‘कुर्स्क अभियान में रूस ने खोए 38000 जवान’

कीव. रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 1000 दिनों से युद्ध जारी है। इस बीच यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र कुर्स्क पर हमला किया। इस हमले पर बात करते हुए हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इलाके में रूस ने अपने 38000 जवानों को खो दिए। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में बफर जोन और रूसी सैन्य संपत्तियों को नष्ट करने पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, “कुर्स्क क्षेत्र में हमारी कार्रवाई को आज पांच महीने पूरे हो चुके हैं। हम रूसी क्षेत्र में बफर जोन को बरकरार रखे हुए हैं। वहां उनके सैन्य ताकतों को नष्ट कर रहे हैं। कुर्स्क अभियान के दौरान दुश्मनों ने अपने लगभग 38000 सैनिकों को खो दिया।” उन्होंने आगे कहा, “रूस ने कुर्स्क में अपने सबसे मजबूत सैनिकों को तैनात किया था, जिसमें उत्तर कोरिया के सैनिक भी शामिल थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन लोगों को अब अन्य मोर्चों पर पुन:निर्देशित नहीं किया जा सकता है।” जेलेंस्की ने अपने सभी सैनिकों की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं अपने सभी योद्धाओं का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने यूक्रेन को अधिक सुरक्षा और ताकत प्रदान की।” बता दें कि यूक्रेन ने रविवार को कुर्स्क में जवाबी हमले किए। इन हमलों के साथ रूस को चेतावनी दी गई कि मॉस्को को वह मिल रहा है, जिसका वह हकदार है। यूक्रेनी सेंटर फॉर काउंटरिंग डिसइनफॉर्मेशन के प्रमुख एंड्री कोवलेंको ने बताया कि क्षेत्र में घुसपैठ करने के कुछ दिन बाद ही यूक्रेनी सेना ने कुर्स्क के विभिन्न इलाकों में हमले किए। टेलीग्राम पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “कुर्स्क क्षेत्र, अच्छी खबर है। रूस को वह मिल रहा है, जिसका वह हकदार है।” यूक्रेनी सेना ने पहली बार अगस्त में कुर्स्क में घुसपैठ की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकांश क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। रूस ने यूक्रेनी सेनाओं को क्षेत्र से हटाने के लिए उत्तर कोरिया के सैनिकों की मदद ली। रविवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उनकी आक्रमण को रोकने के लिए जवाबी हमले किए थे और बर्डिन गांव के पास यूक्रेनी हमले को नाकाम किया। रूस ने हवाई शक्ति का इस्तेमाल किया और कहा कि सुदज़ा जिले में सक्रिय शत्रुता थी। दुश्मन बख्तरबंद वाहनों पर मोबाइल समूहों में काम कर रहा था।

जांच एजेंसियों में बेहतर समन्वय बनाने में मिलेगी मदद, ‘BHARATPOL’ को अमित शाह ने किया लॉन्च

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश ने मंगलवार को विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए सीबीआई की ओर से विकसित भारतपोल पोर्टल को लॉन्च किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह आधुनिक सेवाओं के इस्तेमाल का वक्त है। इसलिए भारतपोल पोर्टल विकसित किया गया है। इससे सुरक्षित भारत बनाने का सपना पूरा होगा। सुरक्षा चुनौतियों से लड़ने में मदद मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतपोल हमारे देश में अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाएगा। सीबीआई इंटरपोल के साथ काम करने वाली एकमात्र एजेंसी थी, लेकिन भारतपोल से हर भारतीय एजेंसी और सभी राज्यों की पुलिस आसानी से इंटरपोल से जुड़ सकेगी। हम अंतर को पाटने और अपराध को नियंत्रित करने के लिए कुशलता से काम करने में सक्षम होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतपोल पोर्टल से अंतरराष्ट्रीय डाटा का उपयोग करना आसान होगा। भगोड़े अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी। इंटरपोल का डाटा भी हमारे पास होगा। अपराधियों को ट्रैक करने की व्यवस्था होगी। इस दौरान बेहतर काम करने पर 35 सीबीआई अधिकारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। भारतपोल पोर्टल देश की जांच एजेंसियों को रियल टाइम सूचना साझा करने में सक्षम बनाएगा। केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्तर पर यह समन्वय इंटरपोल लाइजनिंग ऑफिसर (आईएलओ) के जरिए किया जाता है, जो अपने-अपने संगठनों में पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और शाखा प्रमुखों के स्तर पर यूनिट ऑफिसर से जुड़े होते हैं। मौजूदा समय में सीबीआई, आईएलओ और यूओ के बीच संचार का साधन पत्र, ईमेल और फैक्स है। भारतपोल पोर्टल बनने से एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होने के साथ ही अपराधी को पकड़ने में मदद मिलेगी। नया अत्याधुनिक ऑनलाइन मंच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों को विदेश में छिपे भगोड़े व्यक्तियों या अन्य मामलों के बारे में इंटरपोल से सूचना मांगने के लिए अपने अनुरोध भेजने की सुविधा देगा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भारत का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है, जो इंटरपोल से संबंधित मामलों के लिए जिम्मेदार है। इंटरपोल के माध्यम से, सीबीआई भारत में अपराध या अपराधियों की जांच में सहायता के लिए इंटरपोल के अन्य सदस्य देशों की समान एजेंसियों से आवश्यक जानकारी मांग सकती है तथा अन्य देशों की सहायता के लिए आपराधिक डेटा और खुफिया जानकारी साझा कर सकती है। गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में मत्था टेका गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन त्याग, शौर्य और सेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अधर्म और अत्याचार के खिलाफ अडिग होकर संघर्ष किया। प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर शाह ने नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में मत्था टेककर सत्संग का आशीष भी प्राप्त किया।

Maha Kumbh: प्रयागराज में डुबकी लगाएंगी विश्व की अरबपति महिलाएं, पॉवेल कल्पवास तो सुधामूर्ति करेंगी प्रवास

प्रयागराज। दुनिया की चकाचौंध में संगम की रेती की महिमा किस तरह फैलने जा रही है, इसकी बानगी महाकुंभ में दिखेगी। इस महाकुंभ में सिर पर गठरी और हाथ में झोला लेकर पांटून पुलों पर धक्का खाने वाली खांटी गंवई अंदाज वाली घूंघट की ओट से झांकने वाली महिलाएं ही नहीं, दुनिया को चलाने वाली कई अरबपति महिलाएं भी संगम की रेती पर कल्पवास करेंगी। विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ में दुनिया की जिन अरबपति महिलाओं के ठहरने के लिए संगम की रेती पर महाराजा डीलक्स के अलावा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉटेज लगाए जा रहे हैं, उनमें एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, पीट बटिगिग और कमला हैरिस जैसी हस्तियों के राजनीतिक सामाजिक अभियानों में हिस्सा ले चुकीं एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स पौष पूर्णिमा पर प्रथम डुबकी के साथ संगम की रेती पर कल्पवास भी करेंगी। लॉरेन महाकुंभ के शुभारंभ के दिन आएंगी। उनके ठहरने की व्यवस्था निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में की गई है। वह 29 जनवरी तक उनके शिविर में रहकर सनातन धर्म को समझेंगी।

‘दोनों देशों को मिलकर काम करने की जरूरत’, अमेरिका : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक और डोभाल की भेंट

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों देशों को पहले से ज्यादा विश्वसनीय और लचीला आधार बनाने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। दोनों देशों ने तकनीकी और रक्षा आपूर्ति शृंखला को एकीकृत करने के लिए कदम उठाए हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि बैठक के दौरान सुलिवन और डोभाल ने तकनीक के संयुक्त उत्पादन और विकास के प्रयास के महत्व को लेकर चर्चा की। यह हमें दुनिया के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और लागत-प्रतिस्पर्धी तकनीकी समाधान प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत अंतरिक्ष से लेकर सेमी कंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, उन्नत दूरसंचार और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर साझेदारी के साथ काम कर रहे हैं। इसके परिणाम भी सामने आए हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक हमारी साझेदारी ने हिंद-प्रशांत और यूरोप के समान विचारधारा वाले देशों के साथ बहुपक्षीय कार्य को भी बढ़ावा दिया है। इसमें बायो-5 बायोफार्मास्युटिकल सप्लाई चेन कंसोर्टियम, यूएस-इंडिया-आरओके टेक्नोलॉजी त्रिपक्षीय और क्वाड के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ चल रहे सहयोग शामिल हैं। बैठक में सुलिवन और डोभाल ने तकनीकी संरक्षण को मजबूत करने के अपने साझा संकल्प को लेकर प्रतिबद्धता जताई। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के प्रयासों पर चर्चा की। इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों ने द्विपक्षीय रणनीतिक व्यापार, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग में दीर्घकालिक बाधाओं को दूर करने की प्रगति की सराहना की। दोनों ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकारों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच उन्होंने जो सेतु बनाए हैं, वे कायम रहेंगे और तकनीकी उद्यम के हर आयाम में उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्रतिबिंबित करेंगे। दोनों एनएसए नियमित रूप से व्यापक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक एजेंडे पर गहन चर्चा के माध्यम से उच्च स्तरीय वार्ता में शामिल रहे हैं। मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों की दी जानकारी डोभाल-सुलिवन बैठक के बाद, अमेरिकी एनएसए सुलिवन ने भारत को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) के तहत अमेरिकी मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों में बाइडन प्रशासन द्वारा लाए गए अपडेट के बारे में जानकारी दी, जिससे भारत के साथ अमेरिकी वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। दो दिवसीय यात्रा पर एनएसए अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन पांच और छह जनवरी को भारत की यात्रा पर थे। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की। 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद एनएसए का पद माइकल वाल्ट्ज संभालेंगे।

जमीन पर कर्ज लेकर बिना टैक्स भरे बेचा, यूपी के सपा सांसद से 1.60 करोड़ की ठगी

लखनऊ/प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ से सपा सांसद व लखनऊ पब्लिक स्कूल (एलपीएस) के प्रबंधक डॉ. एसपी सिंह से आलमबाग के आनंद नगर निवासी भूमिका कक्कड़ ने जमीन और दो दुकानों के नाम पर 1.60 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के आदेश पर आलमबाग पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक आनंद नगर में स्कूल की एक शाखा है। इससे सटी जमीन पर भूमिका कक्कड़ व उसके चाचा विनोद कुमार की हिस्सेदारी थी। जमीन पर भूमिका और उसकी बहन शिल्पी की दुकानें भी बनी थीं। जमीन व दुकानों का सौदा 2.80 करोड़ में तय हुआ था। भुगतान करने पर तीनों ने उनके नाम रजिस्ट्री कर दी थी। भूमिका को अपने हिस्से के 1.60 करोड़ मिले थे। उसने दो दुकानें खाली करने के लिए एक माह का समय मांगा था। इस बीच पीड़ित को पता चला कि भूमिका की जमीन का 24 हजार रुपये कर बकाया था। ऐसे में जमीन व उससे सटे स्कूल के हिस्से को भी नगर निगम ने सील कर दिया था। युवती ने बैंक से कर्ज लेकर बेची जमीन पीड़ित ने जब कर चुकाया तो पता चला कि भूमिका ने जमीन पर 2019 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया होम फाइनेंस शाखा स्टेशन रोड से कर्ज भी लिया था। इसकी जानकारी किस्त न भरने पर बैंक कर्मियों के आने पर हुई। जब आरोपी से पूछताछ करनी चाही तो भूमिका फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। इंस्पेक्टर कपिल गौतम के मुताबिक मामले की तफ्तीश चल रही है।

‘सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हरसंभव कोशिश’, अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप का बाइडन पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले, रिपब्लिकन नेता ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेता सत्ता के हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में जलवायु और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बाइडन के कार्यकारी आदेशों का उदाहरण देते हुए यह आरोप लगाया। डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इसी के साथ वह अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में बाइडन की जगह ले लेंगे। रिपब्लिकन नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘बाइडन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। ‘ग्रीन न्यू स्कैम’, धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसके उदाहरण हैं।’ डरो मत…. उन्होंने कहा, ‘डरो मत, ये सभी आदेश जल्द ही समाप्त हो जाएंगे हम सामान्य समझ तथा ताकत वाला देश बन जाएंगे।’ अमेरिकी संसद द्वारा ट्रंप की जीत की पुष्टि किए जाने से कुछ पहले और बाइडन के अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल तथा प्राकृतिक गैस के लिए खोदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद उनका यह बयान आया।

आज दो बजे चुनाव आयोग करेगा तारीखों का एलान, दिल्ली में एक चरण में हो सकता है चुनाव

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चुनावी बिगुल बजने वाला है।  चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग दोपहर दो बजे चुनावी कार्यक्रम साझा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होने वाला है। दिल्ली में एक चरण में चुनाव हो सकता है। इस बार भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा सकता है। सोमवार को ही चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस चुनाव में दो लाख के करीब मतदाता 18 से 19 वर्ष के हैं। वह पहली बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस सूची में कुल एक करोड़ 55,24,858 मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने दर्ज की आठ प्राथमिकी इस सूची में पुरुष मतदाता 85,49,645 हैं, जबकि 71,73,952 महिला मतदाता हैं। इस अंतिम मतदाता सूची के बाद अब आयोग आज चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। थर्ड जेंडर 1,261 हैं। पिछले 20 दिन में रिकार्ड 5.1 लाख फार्म 6 नए मतदाताओं ने आवेदन किया। चुनाव आयोग ने 8 प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें 24 लोगों पर गलत सूचना और जानकारी देकर मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप है। इसे लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव पंजीकरण अधिकारियों से एक एक आवेदन की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं। प्रक्रिया के तहत नाम जोड़े और हटाए जाते हैं चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के लिए नाम प्रक्रिया के तहत जोड़े और हटाए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 और फार्म सात होता है। नामों के घटाने और जोड़ने की जानकारी समय-समय पर राजनीति दलों को दी जाती है। 1,67,329 नए मतदाता जुड़े चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली में एक महीने में 29 अक्तूबर से 28 नवंबर तक 1,35,089 मतदाताओं ने फार्म- 6 और 83,825 ने फार्म 8 के तहत मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने, पता बदलने, नाम को सूची से हटाने और आपत्तियां और सुझाव के लिए आवेदन किया। चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों ने सभी आवेदनों को 24 दिसंबर तक सुलझा दिया। इस तरह से अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक 3,08,942 नए नाम मतदाता सूचियों में जुड़े। 1,41,613 नाम हटाए गए। इस दौरान कुल 1,67,329 मतदाता नए जुड़े। दिल्ली में मतदाता बढ़े वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 7.26 लाख और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 3.10 लाख वोटर्स दिल्ली में बढ़े हैं। 2020 के चुनाव में दिल्ली में 1.47 करोड़ मतदाता थे, जबकि, पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1.52 करोड़ से अधिक थी। हर आवेदन को जांचा गया चुनाव आयोग ने पाया की 16 दिसंबर से एक माह में 5.10 लाख नए लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। ऐसा पहली बार हुआ। ऐसा तब हुआ जबकि तय समय में तीन लाख से ज्यादा मतदाता नई सूची में जुड़ चुके थे। क्योंकि ऐसा 20 दिन के भीतर हो रहा था जब आपत्तियां, जांच का समय गुजर चुका था। यह तत्काल जांच का विषय था। सभी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों- ईआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया। हर आवेदन को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को सौ फीसदी सत्यापन के लिए कहा गया है। फरवरी में खत्म हो रहा दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी, 2025 तक का है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा का गठन करने के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। साल 2020 में दिल्ली में ये रहे थे नतीजे साल 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के खाते में आठ सीटें आईं थीं। जबकि, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। दो चुनाव से एक भी सीट नहीं जीत सकी है। साल 2015 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को तीन सीटें मिलीं थीं। जबकि कांग्रेस का हाथ खाली रहा था।

अनीता आनंद और जॉर्ज चहल के नाम छाए, कनाडा में ट्रूडो के इस्तीफे के बाद दो भारतवंशी भी पीएम की दौड़ में

ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद नए दावेदारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पीएम पद की रेस में कनाडा मूल के नेताओं के साथ ही दो भारतवंशी भी शामिल हैं। इन भारतवंशी सांसदों में पहला नाम ट्रूडो मंत्रिमंडल में शामिल पूर्व रक्षा मंत्री और मौजूदा परिवहन और आतंरिक व्यापार मंत्री अनीता आनंद का है। जबकि दूसरा नाम भारतवंशी लिबरल पार्टी के सांसद जॉर्ज चहल का है। आइए जानते हैं कौन हैं भारतवंशी सांसद। कनाडा में पीएम पद की रेस में भारतवंशी सांसद अनीता आनंद का भी चर्चा में है। अनीता आनंद ट्रूडो मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वह कनाडा की रक्षा मंत्री रह चुकी हैं। साथ ही मौजूदा समय में परिवहन और आंतरिक व्यापार मंत्री हैं। अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था, जो दोनों चिकित्सा पेशेवर थे। उनकी मां सरोज पंजाब से और पिता एस.वी. आनंद तमिलनाडु से थे। अनीता टोरंटो विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने टोरंटो के पास ओकविले से 2019 में सांसद का चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद उनको सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में चुना गया था। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने टीके खरीदने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने यूक्रेन की भी मदद की। साथ ही अनीता ने व्यापक शोध के साथ एयर इंडिया जांच आयोग की सहायता की। आयोग ने 23 जून 1985 को एयर इंडिया कनिष्क उड़ान 182 की बमबारी की जांच की, जिसमें सभी 329 लोग मारे गए थे। ये मामला खालिस्तानियों से जुड़ा था। जॉर्ज चहल भी पीएम पद की रेस में कनाडा पीएम पद की रेस में दूसरे भारतवंशी के तौर पर लिबरल सांसद जॉर्ज चहल का नाम भी शामिल है। हालांकि कई सांसदों ने उनको अंतरिम नेता नियुक्त करने की सिफारिश की है। अगर चहल को अंतरिम नेता चुना जाता है, तो वे पीएम की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। क्योंकि कनाडा के नियमों के मुताबिक अंतरिम नेता प्रधानमंत्री पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। जॉर्ज चहल ने पिछले सप्ताह कॉकस सहयोगियों को पीएम पद के लिए अनुरोध के साथ एक पत्र लिखा था। चहल ने ट्रूडो से पीएम पद छोड़ने और पार्टी से चुनाव कराने की मांग की थी। पेशे से वकील चहल ने कैलगरी सिटी काउंसलर के रूप में विभिन्न समितियों में काम किया है। चहल प्राकृतिक संसाधनों पर स्थायी समिति के अध्यक्ष और सिख कॉकस के अध्यक्ष भी हैं। इन नेताओं के नाम भी पीएम पद की दौड़ में क्रिस्टिया फ्रीलैंड कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री रहीं क्रिस्टिया फ्रीलैंड को लंबे समय तक जस्टिन ट्रूडो के समर्थक के तौर पर देखा गया है। हालांकि, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सरकार के आने के बाद वित्तीय मामलों और कई योजनाओं को लेकर उनकी जस्टिस ट्रूडो से अनबन की खबरें सामने आईं। इसी के चलते उन्होंने अपने पद छोड़ दिए। माना जा रहा है कि ट्रूडो के इस्तीफा देने की स्थिति में लिबरल पार्टी उन्हें पीएम पद के लिए आगे कर सकती है। भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्रा आर्या ने भी फ्रीलैंड को ट्रूडो का उत्तराधिकारी करार दिया है। डॉमिनिक लीब्लांक लिबरल सरकार में ही कैबिनेट मंत्री डॉमिनिक लीब्लांक उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जो कि मुश्किलों के बावजूद डटकर उनके साथ खड़े हैं। ऐसे में ट्रूडो के समर्थन में खड़े लिबरल पार्टी के नेता अगले प्रधानमंत्री के लिए लीब्लांक का समर्थन कर सकते हैं। एक वकील और नेता लीब्लांक फिलहाल मौजूदा सरकार में वित्त और अंतरविभागीय मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं। फ्रीलैंड के इस्तीफा देने के बाद उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें पिछले एक दशक में ट्रूडो सरकार में कई मंत्रीपद सौंपे जा चुके हैं। मार्क कार्नी कनाडा के पीएम पद के लिए नेताओं से इतर एक नाम ऐसा भी है, जिसका राजनीति से अब तक नाता नहीं रहा है। यह नाम है मार्क कार्नी का, जो कि पहले बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर रह चुके हैं। मार्क कार्नी ने बीते दिनों में राजनीति में आने की इच्छा जताई है और इसके लिए वह लिबरल पार्टी के नेताओं के संपर्क में भी हैं। ट्रूडो के पीएम पद छोड़ने पर लिबरल नेता उनका नाम आगे बढ़ा सकते हैं। क्रिस्टी क्लार्क राष्ट्रीय स्तर पर लिबरल पार्टी की नेता और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की पूर्व प्रीमियर (मुख्यमंत्री के बराबर का पद) क्रिस्टी क्लार्क का नाम भी पीएम पद के उम्मीदवारों में शामिल है। वे 2011 से 2017 तक ब्रिटिश कोलंबिया की प्रीमियर रहीं। 58 वर्षीय क्लार्क प्रांतीय स्तर पर बीसी यूनाइटेड पार्टी का नेतृत्व भी करती हैं। ट्रूडो ने दिया इस्तीफा जस्टिस ट्रूडो 2015 में प्रधानमंत्री बने थे। उससे पहले दस साल तक कनाडा में कंजर्वेटिव पार्टी का शासन था। शुरुआत में उनकी नीतियों को सराहा गया था। लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती खाद्य और आवास की कीमतों और बढ़ते आप्रवासन के कारण उनका समर्थन घट गया। ट्रूडो की सहयोगी पार्टी और जगमीत सिंह के नेतृत्व वाली एनडीपी ने बीते दिनों ट्रूडो सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। एक हालिया सर्वे में दावा किया गया कि 73 प्रतिशत कनाडा के नागरिक चाहते हैं कि ट्रूडो प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी के नेता के पद से इस्तीफा दें। इनमें 43 प्रतिशत लिबरल मतदाता भी शामिल हैं। इसके बाद ट्रूडो ने सोमवार रात को प्रधानमंत्री पद से अपने इस्तीफे का एलान कर दिया। अभी यह साफ नहीं है कि ट्रूडो प्रधानमंत्र

Earthquake: तिब्बत में 7.1 तीव्रता के भूकंप, 53 लोगों की मौत

तिब्बत नेपाल की सीमा से सटे तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्र शिजांग में मंगलवार को भूकंप ने तबाही मचा दी। 7.1 तीव्रता वाले भूकंप से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। अब तक 53 लोगों के मरने और 38 लोगों के घायल होने की सूचना मिल रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भूकंप का असर तिब्बत के शिगात्से शहर पर सबसे ज्यादा हुआ है। यहां बड़ी-बड़ी इमारतें भूकंप के कारण गिर गई हैं, जिससे काफी जानमाल का नुकसान हुआ है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी कि शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के डिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में देखने को मिला। यहां भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल व उत्तर भारत के कई हिस्सों और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में मंगलवार की सुबह भूकंप के झटकों लोग सहम गए। नेपाल में दिखा असर नेपाल की राजधानी में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके लगे, तो लोग घरों से बाहर जान बचाने के लिए भागे। वह सड़कों व खुले स्थानों पर जाकर खड़े हो गए। काठमांडू की रहने वाली मीरा अधिकारी ने एएनआई को बताया कि मैं उस समय सो रही थी (जब भूकंप आया)। बिस्तर हिल रहा था और मुझे लगा कि मेरा बच्चा बिस्तर हिला रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन खिड़की हिल रही थी। मुझे एहसास हुआ कि यह भूकंप है। मैंने फिर जल्दी से अपने बच्चे को बुलाया और घर खाली कर दिया। हम भागकर खुले मैदान में आ गए।  

घने कोहरे के साथ बारिश ने दिल्ली एनसीआर में कंपकंपी बढ़ा दी, आने दिनों में कोहरे और बारिश से राहत नहीं, येलो अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में ठंड का प्रकोप जारी है। घने कोहरे के साथ बारिश ने दिल्ली एनसीआर में कंपकंपी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की मानें ने वाले दिनों में भी मभी कोहरे और बारिश से राहत नहीं मिलने वाली। इसके अलावा पारा तेजी से लुढ़केगा जिसके चलते ठंड और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने तीन दिन दिल्ली एनसीआर में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा दो दिन तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग ने एक हफ्ते का पूर्वानुमान व्यक्त किया है जिसमें घने कोहरे और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तापमान भी सीधा 5 डिग्री तक लुढ़क सकता है जिससे ठंड और भी ज्यादा बढ़ सकती है। दिल्ली में आज यानी सोमवार को भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि इसके चलते कोहरे से लोगो को थोड़ी राहत मिली। लेकिन मंगलवार को फिर घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। 7 जनवरी आईएमडी ने 7 जनवरी को दिल्ली एनसीआर में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज तिया जा सकता है। इसी के साथ दिल्ली एनसीआर के सभी इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 8 जनवरी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जनवरी को तापमान एक डिग्री और कम हो सकता है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री और अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। इस दिन भी मौसम विभाग ने घने कोहरे की चेतावनी देते हुए पूरे दिल्ली एनसीआर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 9-10 जनवरी 9-10 जनवरी को भी घना कोहरा छाया रहने का अनुमान जताया गया है। 9 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और 10 जनवरी को 5 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि अधिकतम तापमान दोनों दिन 20 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। गुरुवार को दिल्ली में घने कोहरे का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 11-12 जनवरी आईएमडी के मुताबिक 11 और 12 जनवरी को दिल्ली में आंधी तूफान या बारिश आने के आसार है। वहीं न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री बढ़ सकता जबकि अधिकतम तापमान 3-4 डिग्री नीचे जा सकता है। 11 जनवरी को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। वहीं 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 16 डिग्री तक पहुंच सकता है।

भारत में अब तक HMPV के कुल 6 मामले सामने आ चुके, चेन्नई में भी दो बच्चे संक्रमण के शिकार

नई दिल्ली चीन में फैले वायरस ने भारत में भी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हाल ही में चेन्नई में इस वायरस के दो नए केस सामने आए हैं। इन दो को मिलाकर भारत में अब तक HMPV के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले दो मामले बेंगलुरु, एक मामला गुजरात और एक पश्चिम बंगाल से सामने आ चुका है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दो बच्चे ह्यूमन मेटान्यमोवायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इन दोनों का इलाज फिलहाल चेन्नई में ही चल रहा है। यह दोनों ही मामले अलग-अलग अस्पतालों से सामने आए हैं। हम फिलहाल इस पर और अधिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मेडीकल ऑफिसर पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय पड़ोसी देश में जारी केसों की वृद्धि पर भी अपनी नजर बनाए हुए हैं।

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