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भारत में बड़ी बैठक के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बातचीत, क्या हुई चर्चा?

नई दिल्ली ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। इस दौरान उन्होंने युद्ध रोकने की अपील की है। इससे पहले उन्होंने UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन से भी बात की थी। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को साझा रूप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा, ‘पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की और मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता पर जोर दिया। भारत ने जल्द से जल्द युद्ध रुकवाने की जरूरत की बात दोहराई है।’ UAE से भी की बात पीएम मोदी ने रविवार रात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। मोदी ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया और कहा कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।’ मोदी ने लिखा, ‘हमने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।’ अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि पिछले दो दिन में संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमलों के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है और एक भारतीय नागरिक समेत 58 लोग घायल हो गए हैं। सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई पीएम मोदी ने  सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। यह बैठक अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। CCS देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। पीटीआई भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई।

भीड़ में फंसी कार, गुस्से में महिला ने स्कूटी लेकर क्रिकेट पिच पर किया धावा

 दुर्गापुर पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर के 54 फुट इलाके स्थित चयोन मैदान में चल रहे तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला स्कूटी लेकर सीधे मैदान की पिच पर पहुंच गई. अचानक हुई इस घटना से मैच रोकना पड़ा और मैदान में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. इसलिए स्कूटी लेकर पिच पर पहुंची महिला जानकारी के मुताबिक कल्याण संघ क्लब की ओर से पिछले तीन वर्षों से आयोजित “तनमय नंदी-बप्पा हलदार स्मृति टूर्नामेंट” का यह दूसरा दिन था. स्थानीय सूत्रों के अनुसार मैदान के पास की सड़क संकरी होने के कारण वहां कुछ ऑटो और बाइक खड़ी थीं व दर्शक मैच देख रहे थे. इसी दौरान पास के एक फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति की कार को निकलने में दिक्कत हुई. आरोप है कि रास्ता खाली कराने में थोड़ी देरी होने पर संबंधित व्यक्ति की पत्नी नाराज़ हो गईं और स्कूटी लेकर खेल के दौरान ही सीधे पिच के बीचों-बीच पहुंच गईं. जिससे मैच तत्काल रोकना पड़ा. महिला के इस कदम से मौजूद दर्शकों में आक्रोश फैल गया और कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. दो महिला पुलिसकर्मी पिच पर जाकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रही थीं, तभी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. इस दौरान एक महिला सिविक वॉलंटियर के घायल होने की भी खबर है. क्लब ने क्या कहा? हालात बिगड़ते देख एसीपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने संबंधित महिला और कल्याण संघ के सचिव समर सिकदर को पूछताछ के लिए दुर्गापुर थाने ले गई. क्लब की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की और वे केवल टूर्नामेंट के संचालन में व्यस्त थे. इस मामले पर एसीपी ने कहा कि क्रिकेट मैच को लेकर एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि वास्तव में क्या हुआ? मैच दोबारा शुरू होगा या नहीं, इस पर भी प्रशासन विचार कर रहा है. पुलिस ने शुरू की जांच स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का दावा है कि संबंधित महिला का पहले भी आसपास के लोगों से विवाद रहा है. पुलिस ने इस संबंध में किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

सीमेंट सूखा नहीं, अफगानियों ने फिर से हमला कर खोदा PAK का नूर खान बेस

लाहौर  पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस की हालत इस समय बहुत खराब हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट भी सूखा नहीं था कि अफगानों ने फिर खोद दिया. यह मजाक इसलिए बन रहा है क्योंकि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हमले किए थे. उस समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. बेस पर काफी नुकसान हुआ था.  पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके उसे ठीक कर रही थी. लेकिन अब मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने अचानक हवाई हमला कर दिया. अफगान रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि यह हमला पाकिस्तान के हाल के हवाई हमलों का जवाब था. नतीजा यह हुआ कि नूर खान बेस की मरम्मत अधूरी रह गई और उसकी हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. आम पाकिस्तानी नागरिक भी डर रहे हैं कि उनकी सेना अब कितने दिनों तक टिक पाएगी. नूर खान एयरबेस पर अफगान हमला, रावलपिंडी का दिल दहल गया नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है. यह पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बेस माना जाता है. यहां कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और कई गोला-बारूद के गोदाम हैं. 2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने सटीक हवाई हमले किए. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा. हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय लोगों ने रात भर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं. पाकिस्तान की तरफ से अभी तक पूरा नुकसान बताना बाकी है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें धुआं और आग दिख रही है. यह हमला इसलिए ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि बेस को जल्दी ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन अफगानों ने इतनी जल्दी जवाब दे दिया कि पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई. अब बेस की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है लेकिन लोग कह रहे हैं कि हालत पूरी तरह से बेहाल है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय पर हमला, बलूचिस्तान में अफरा-तफरी अफगान हमलों का दूसरा बड़ा निशाना बलूचिस्तान प्रांत का क्वेटा शहर है. यहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है. यह मुख्यालय पूरे बलूचिस्तान की सुरक्षा देखता है. यहां हजारों सैनिक तैनात रहते हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके ड्रोन और हवाई हमलों ने इस मुख्यालय को भी सीधा नुकसान पहुंचाया. हमला इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने पहले काबुल और कंधार पर बमबारी की थी. क्वेटा में हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगे. 12वीं डिवीजन का मुख्यालय बलूच अलगाववादियों से भी लड़ता है इसलिए इसका नुकसान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है. अफगान पक्ष कह रहा है कि यह हमला सिर्फ बदला है और वे आगे भी पाकिस्तानी ठिकानों पर नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने क्वेटा में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें ज्यादा न फैलें. मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर हमला, सीमा पर तनाव चरम पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप भी अफगान हमलों का शिकार बना. यह कैंप अफगानिस्तान की सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है. यहां पाकिस्तान की फौज की कई यूनिट्स तैनात रहती हैं जो सीमा पर निगरानी करती हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के सीमा उल्लंघन का सीधा जवाब था. हमले में कैंप के कई टेंट और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. दोनों तरफ से गोलीबारी भी हुई. स्थानीय आदिवासी लोग अब डर के मारे घरों में छिपे बैठे हैं। स्कूल और बाजार बंद हैं. ख्वाजाई कैंप का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से टीटीपी जैसे समूहों पर कार्रवाई होती है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान इन समूहों को मदद देता है. इस हमले के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों की फौजें अलर्ट पर हैं और हर घंटे नई खबरें आ रही हैं. पेशावर एयरबेस और अन्य सीमा ठिकानों पर भी हमले  अफगान सेना ने सिर्फ तीन ठिकानों तक हमले नहीं रोके. उनके बयान के मुताबिक पेशावर एयरबेस और सीमा के पास कई छोटे-बड़े मिलिट्री पोस्ट भी निशाने पर आए. पेशावर एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का दूसरा बड़ा केंद्र है जहां कई लड़ाकू विमान रखे जाते हैं. अफगानों ने यहां भी ड्रोन हमले किए जिससे कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. इसके अलावा बन्नू और वाना जैसे इलाकों के कैंपों पर भी गोलीबारी हुई.  अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब हमले पाकिस्तान के काबुल और कंधार पर किए गए हमलों का बदला हैं. पिछले छह महीनों में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं. इन सब हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. सेना को अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है. तनाव क्यों बढ़ रहा है और आगे क्या हो सकता है? अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  मई 2025 के भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान कमजोर हुआ तो अफगानिस्तान ने इसका फायदा उठाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए. अब मार्च 2026 में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं. आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. हजारों परिवार सीमा से भाग रहे हैं.      

मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण एयरस्पेस बंद, सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित, कैंसिल और डायवर्ट

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं. कई एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं, जिससे फ्लाइट का समय बढ़ गया है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में हालात बिगड़ने के बाद कई देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर दिया है. इसके कारण यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. कुछ फ्लाइट को दक्षिणी मार्ग से ओमान, सऊदी अरब और मिस्र के ऊपर से होकर भेजा जा रहा है, जिससे ट्रैवल टाइम एक से दो घंटे तक बढ़ गया है. उड़ान की स्थिति चेक करने की सलाह नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं. कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर पहले से उड़ान की स्थिति चेक करने को कहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स के समय में बदलाव हुआ है. भारतीय एयरलाइंस पर भी इसका असर पड़ा है. दिल्ली-लंदन और अन्य यूरोपीय मार्गों पर उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से संचालित किया जा रहा है. कुछ फ्लाइट में ईंधन भरने के लिए अतिरिक्त टेक्निकल हॉल्ट भी करना पड़ रहा है. एयरलाइंस का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होते ही नियमित रूट बहाल कर दिए जाएंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय और लागत पर और असर पड़ सकता है. फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से संपर्क कर अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहें. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कई प्रमुख एयरपोर्ट और देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इससे यूरोप, एशिया और नॉर्थ अमेरिका के बीच उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नीचे प्रमुख हवाई अड्डों और उनके हालात की जानकारी दी गई है: 1. Dubai International Airport (DXB) दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हब में शामिल इस एयरपोर्ट पर रात में हमला होने की खबर है. कई उड़ानें प्रभावित हुईं और संचालन बाधित रहा. 2. Abu Dhabi International Airport (AUH) ड्रोन हमले की सूचना के बाद सभी प्रस्थान (Departures) अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए. 3. Hamad International Airport (DOH) कतर का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब 28 फरवरी की शाम से एयरस्पेस बंद है. 4. Kuwait International Airport (KWI) ड्रोन हमले के खतरे के बाद एयरस्पेस 28 फरवरी से बंद.  5. Baghdad International Airport (ORBI) 28 फरवरी दोपहर से एयरस्पेस बंद. यह रूट भारत-यूरोप के उत्तरी ओवरफ्लाइट कॉरिडोर को सीधे प्रभावित करता है. 6. Tehran Imam Khomeini International Airport (IKA) लगातार एयरस्पेस बंद. फारस की खाड़ी और ओमान सागर के ऊपर संघर्ष क्षेत्र घोषित. 7. Bahrain International Airport (BAH) एयरस्पेस बंद. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ. 8. King Abdulaziz International Airport (JED) एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद. केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही विमान संचालन की अनुमति. 9. Israel देश का एयरस्पेस 6 मार्च तक बंद घोषित. 10. Muscat International Airport (MCT) 18 नॉटिकल माइल का नो-फ्लाई जोन घोषित. यूएई से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए अस्थायी नया मार्ग तय. 11. Sharjah International Airport / Ras Al Khaimah International Airport 2 मार्च तक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सेवाएं बंद या सीमित. असर क्या पड़ा? लंबी दूरी और अतिरिक्त ईंधन की जरूरत के कारण एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो टिकट कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही कार्गो और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ने की संभावना है. कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब वैश्विक हवाई नेटवर्क और यात्रियों की जेब दोनों पर पड़ता दिख रहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भारी असुविधा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि क्षेत्रीय तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान से पहले एयरलाइन से स्थिति की पुष्टि ज़रूर करें.

पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर किया हंगामा, 23 मौतें, तनाव बढ़ा

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

मिडिल ईस्ट की जंग में फ्रांस की एंट्री: 48 घंटे में ईरान को कितनी क्षति हुई? 48 नेता, 40 कमांडर और 9 नेवल शिप का नुकसान

तेहरान / न्यूयॉर्क अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान को 48 घंटे में भारी नुकसान हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इन हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं. उन्होंने कहा, ‘यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोई विश्वास नहीं कर सकता कि हमने कितनी सफलता हासिल की है, एक ही हमले में 48 नेता खत्म हो गए.’ ट्रंप ने यह बात फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कही. वहीं इजरायल की सेना (IDF) ने कहा कि इस हमले में 40 ‘महत्वपूर्ण’ ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिनमें ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुलरहीम मौसावी भी शामिल हैं. IDF के अनुसार, यह कार्रवाई खामेनेई पर हमले के तुरंत बाद हुई. नौ ईरानी युद्धपोत डूबे ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सेनाएं ईरान की नौसेना को बेअसर करने में लगी हैं और अब तक नौ ईरानी युद्धपोत डूब चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘वे जल्दी ही समुद्र की तलहटी पर तैरेंगे!’ उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी नौसेना मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत ईरानी सैन्य बलों ने जवाब में सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि इस संघर्ष में अब तक तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. अमेरिकी सेनाध्यक्षों के अनुसार, ईरान के खिलाफ संयुक्त अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन ने देश के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक नेताओं को खत्म कर दिया, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे. USS अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा खारिज यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैल गया है. ईरानी मिसाइलों ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाया. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मिसाइलें कैरियर के पास तक भी नहीं पहुंच सकीं और कैरियर अभी भी क्षेत्र में संचालन कर रहा है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान पर भीषण हमले किए जो तीसरे दिन भी जारी हैं. इसके जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में टकराव बढ़ता जा रहा है.  दूसरी तरफ खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वो रुकने वाला नहीं है. ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया है. ईरान ने जवाबी हमले में ‘करारा’ जवाब देने का दावा करते हुए इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने के लिए कहा गया है.  पाकिस्तान में US दूतावास अलर्ट पर अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद ने पाकिस्तान में वर्तमान स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है. दूतावास ने बताया कि लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर चल रहे प्रदर्शन और कराची के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की सूचना मिल रही है. इसके अलावा, इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सामने भी अतिरिक्त प्रदर्शन के आह्वान हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तब तक अपनी आवाजाही सीमित रखें जब तक अन्य सूचना न दी जाए. सेंसेक्स 2743 अंक टूटा, निफ्टी 519 अंक गिरा ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सेंसेक्स में 2743 अंक यानी 3.38% की भारी गिरावट देखी गई और यह 78,543 अंक पर खुला. वहीं, निफ्टी इंडेक्स में भी 519 अंक या 2.06% का नुकसान हुआ, जो इसे 24,659 अंक पर ले आया. इजरायल के हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायल के हमलों के चलते बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है. साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन हमला, नुकसान की पुष्टि साइप्रस ने पुष्टि की है कि उसके द्वीप पर स्थित एक ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया था. इस हमले से ठिकाने को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के संदर्भ में चिंता का विषय बनी हुई है.  ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या के विरोध में डोडा-किश्तवाड़ में बंद का आह्वान डोडा और किश्तवार जिलों में शिया और अन्य मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है. यह बंद ईरान के सुप्रीम नेता की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया है. जम्मू डिवीजन के ये दोनों जिले धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां इस तरह के घटनाक्रम का गहरा असर पड़ता है.

श्रद्धालुओं की सुविधा पर फोकस: अमरनाथ यात्रा से पहले लखनपुर में बड़े बदलाव

बनी/कठुआ आगामी वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा प्रबंधों के लिए कठुआ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी के चलते डी.सी. राजेश शर्मा ने अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पर देश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ढांचागत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ के बाद संपत्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के लिए भी वहां का दौरा किया। इस दौरान डी.सी. ने पर्यटन विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य कर विभाग के डी.सी. कार्यालय और उत्पाद शुल्क विभाग की बाढ़ से प्रभावित संपत्तियों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा अवधि के दौरान उपलब्ध अवसंरचना के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और इष्टतम उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवास, सेवा वितरण और सुविधा के लिए उनके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विभिन्न सरकारी भवनों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। बाद में डी.सी. ने लखनपुर के यार्ड क्षेत्र का दौरा किया और लखनपुर यात्रा अभिनंदन केंद्र की स्थापना के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे यात्रा से काफी पहले सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता और पहुंच मार्गों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर मुरम्मत, बहाली और संवर्धन सुनिश्चित करें। डी.सी. ने पशुपालन विभाग को भी अपने अस्थायी कार्यालय को जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने लखनपुर नगर समिति के कार्यकारी अधिकारी को लखनपुर प्रवेश द्वार का व्यापक कायाकल्प और सौंदर्यीकरण करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ राज्य कर उपायुक्त जोगिंदर जसरोटिया, सी.पी.ओ. रणजीत ठाकुर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

DA मर्जर पर फिर गरमाया मुद्दा: कर्मचारियों ने 50% महंगाई भत्ता बेसिक में जोड़ने की रखी मांग

नई दिल्ली देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अंतरिम राहत की मांग की है। फेडरेशन का प्रस्ताव है कि 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी रूप से कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में 50% महंगाई भत्ते (DA) को समाहित (Merge) कर दिया जाए। महंगाई और वेतन में देरी बनी मुख्य वजह FNPO के महासचिव शिवाजी वेसिरेड्डी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों के क्रियान्वयन में होने वाली संभावित देरी को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य है। फेडरेशन का तर्क है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बुरी तरह प्रभावित किया है।   पत्र के मुख्य अंशों के अनुसार     बेसिक सैलरी में 50% DA मर्ज करने से कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी और समाज में उनका आर्थिक सम्मान बना रहेगा।     महंगाई भत्ता सीधे तौर पर जीवन यापन की लागत से जुड़ा होता है। इसमें तेजी से बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान मूल वेतन संरचना अब वास्तविक खर्चों को वहन करने में सक्षम नहीं है।     स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास, ईंधन और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। क्या होता है DA/DR और इसका गणित? केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को DA (Dearness Allowance) और पेंशनभोगियों को DR (Dearness Relief) प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों के प्रभाव को बेअसर करना होता है। क्या है वर्तमान स्थिति?     फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से DA मिल रहा है।     संभावित बढ़ोतरी: अनुमान है कि AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर इसमें जल्द ही 2% की और वृद्धि हो सकती है।     संशोधन चक्र: सरकार हर साल दो बार (जनवरी और जुलाई में) महंगाई भत्ते की समीक्षा और संशोधन करती है। क्यों जरूरी है DA का मर्जर? जब महंगाई भत्ता मूल वेतन के 50% या उससे अधिक हो जाता है, तो कर्मचारी संगठन अक्सर इसे बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग करते हैं। इससे न केवल मासिक वेतन में वृद्धि होती है, बल्कि HRA (मकान किराया भत्ता), ग्रेच्युटी और अन्य भत्ते भी बढ़ जाते हैं, क्योंकि वे सीधे मूल वेतन पर आधारित होते हैं। FNPO ने उम्मीद जताई है कि वेतन आयोग इस मानवीय और आर्थिक पहलू पर विचार करेगा ताकि देश भर के लाखों परिवारों को महंगाई के इस दौर में संबल मिल सके।

साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को, सूतक लगते ही बंद होंगे मंदिरों के कपाट बंद

देहरादून साल का पहला चंद्रग्रहण तीन मार्च को लगेगा।  फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर साल का पहला चंद्रग्रहण पड़ेगा। चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी और इसका समापन शाम 6:47 बजे होगा। तीन मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। ये चंद्रग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगने जा रहा है। ऐसे में नौ घंटे पहले ही सूतक काल लग जाएगा। इसे लेकर मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे। शहर के कई मंदिरों में इसके पोस्टर भी चस्पा कर दिए गए है। आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर साल का पहला चंद्रग्रहण पड़ेगा। चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी और इसका समापन शाम 6:47 बजे होगा। ग्रहण 3:27 घंटे तक प्रभावी रहेगा। चूंकि चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा तो इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ऐसे में मंदिरों के कपाट बंद रहेंंगे तो वहीं मांगलिक कार्य भी वर्जित रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जिसमें आसमान में चांद लाल रंग का नजर आएगा। तीन मार्च को सुबह 6:20 बजे से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। इसके बाद चंद्रग्रहण तक सूतक काल रहेगा।

मातृत्व सहायता योजना शुरू: गर्भवती महिलाओं को 5000 रुपए, यहां देखें आवेदन का तरीका

नई दिल्ली हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित माहौल में बड़े हों। खासकर गर्भावस्था के दौरान मां और शिशु की सेहत को लेकर परिवार में कई तरह की चिंताएं रहती हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। ऐसी ही एक अहम योजना है- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)। क्या है योजना का उद्देश्य? साल 2017 में शुरू की गई इस योजना का मकसद गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। सरकार चाहती है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच हो, सुरक्षित प्रसव हो और जन्म के बाद मां-बच्चे को पर्याप्त पोषण मिल सके। कितनी मिलती है आर्थिक सहायता? योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह रकम दो चरणों में जारी की जाती है- पहली किस्त (3,000 रुपये): गर्भावस्था के पंजीकरण और निर्धारित मेडिकल जांच के बाद। दूसरी किस्त (2,000 रुपये): बच्चे के जन्म के बाद।   इसके अलावा, यदि दूसरी संतान बेटी होती है तो 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता एकमुश्त प्रदान की जाती है। इस तरह पात्र महिला को कुल मिलाकर 6,000 से 11,000 रुपये तक की मदद मिल सकती है। कौन उठा सकता है लाभ? योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं-     महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए।     परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।     बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है। आवेदन की प्रक्रिया क्या है? इच्छुक महिलाएं योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा, नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर ऑफलाइन फॉर्म भी जमा किया जा सकता है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक), बैंक पासबुक, राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र और एमसीपी कार्ड शामिल हैं। क्यों है यह योजना अहम? गर्भावस्था के दौरान सही पोषण और समय पर चिकित्सा जांच बेहद जरूरी होती है। आर्थिक तंगी कई बार महिलाओं को जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से दूर कर देती है। ऐसे में यह योजना न केवल वित्तीय सहायता देती है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व को भी बढ़ावा देती है।  

ईरान की राजनीति में हलचल, अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी बने अंतरिम सुप्रीम लीडर

तेहरान ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मौत के कुछ घंटों बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है। ईरान सरकार ने बताया कि तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर पर हुए हमले में खामेनेई की जान गई। वह साल 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे। इससे पहले 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, संकट काल में देश का कामकाज एक तीन सदस्यीय परिषद देखेगी। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मविद शामिल होगा। ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया स्थायी सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक यही परिषद नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएगी। नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी। यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है। बता दें कि अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के मेयबोद शहर में हुआ था। वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं, जो कानूनों की जांच और चुनावों की निगरानी करता है। साथ ही, 2008 से 2018 तक अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे। 2011 से सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद के स्थायी सदस्य हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी नियुक्ति को ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

खामेनेई की मौत पर वैश्विक तनाव, पुतिन सख्त, चीन-उत्तर कोरिया ने अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायलके हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वहीं चीन और उत्तर कोरिया ने भी नाराजगी जाहिर की है। इजरायली मीडिया के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई इंसानी नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों का उल्लंघन करती है। पुतिन ने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेशकियन को लिखे एक नोट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत के संबंध में मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें।” चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खामेनेई पर हमला ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। यह यूएन चार्टर के मकसद और सिद्धांतों और इंटरनेशनल रिलेशन के बेसिक नियमों को रौंदता है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है। हम सैन्य ऑपरेशन को तुरंत रोकने, तनावपूर्ण स्थिति को और न बढ़ाने और मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया, कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ईरान पर इजरायल के हमले और वहां अमेरिकी सैन्य अभियान गैरकानूनी हमले और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि खामेनेई सरकार के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, हथियारबंद प्रॉक्सी को सपोर्ट और अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने के क्रूर कामों के लिए जिम्मेदार थे। वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर हमलों की प्लानिंग के लिए जिम्मेदार थे। उनकी मौत पर शोक नहीं मनाया जाएगा। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले में खामेनेई की बेटी, पोता और दामाद की भी मौत हो गई है।

तमिलनाडु बनेगा भारत की तरक्की का इंजन, पीएम मोदी का भरोसे भरा संदेश

मदुरै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ‘मेक इन इंडिया’ की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  

तेहरान का सनसनीखेज बयान, मिसाइल अटैक से हड़कंप

नई दिल्ली  अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि यह हमला फारस की खाड़ी में किया गया। उनके बयान के मुताबिक, अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन चार बैलिस्टिक मिसाइलों से प्रभावित हुआ। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। अमेरिका की ओर से इस बारे में कोई सीधी पुष्टि नहीं की गई है। ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उसकी सेना ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की शुरुआत में ईरान की जमरान श्रेणी की एक कार्वेट पर हमला किया। सेंटकॉम के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में चाह बहार पियर के पास डूब रहा है। बयान में कहा गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं, आईआरजीसी और पुलिस को हथियार डाल देने चाहिए और जहाज छोड़ देना चाहिए। ईरान के अन्य हमलों के दावे हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने भी एक्स पर दावा किया कि जेबेल अली एंकरज पर अमेरिकी युद्धपोतों के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक व्यापारी जहाज को चार ड्रोन से निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक जहाज को भारी नुकसान हुआ और वह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया। इसके अलावा ईरान ने दावा किया कि कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक इलाके में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर चार बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किया गया। बयान में कहा गया कि वहां का ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया और कई अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए। इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करना अपेक्षाकृत नई रणनीति है। साल 2023 में यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया था। उस दौरान कई व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई थीं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने बताया कि आज होरमुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला हुआ। एक जहाज ओमान के तट के पास और दूसरा संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास निशाना बना। हालांकि इन जहाजों के नाम नहीं बताए गए हैं। क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।  

मिडिल ईस्ट संकट गहराया, भारतीय मिशनों की एडवाइजरी जारी—अनावश्यक यात्रा से करें परहेज

बेरूत मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।” दूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

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