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परिवार को बिना बताए अस्पताल में किया शिफ्ट, इमरान खान की सेहत की बढ़ी अटकलें

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है। इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से कम एक परिवार के सदस्य के साथ होना चाहिए। जेल नियमों के अनुसार भी परिवार और डॉक्टरों को पहले सूचित करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इमरान खान 73 वर्ष के हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अदियाला जेल में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में रहते हुए उनकी सेहत बिगड़ गई है, खासकर दाहिने आंख में लगभग 85 प्रतिशत विजन लॉस हो चुका है। परिवार और लीगल टीम का आरोप है कि जेल अथॉरिटीज ने उन्हें उचित मेडिकल केयर नहीं दिया, जिससे यह स्थिति बनी। जनवरी 2026 के अंत में उन्हें आंख की समस्या के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक छोटी प्रक्रिया हुई, लेकिन फैमिली को पहले सूचित नहीं किया गया था। पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप पीटीआई ने बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है कि इमरान खान को बिना परिवार की जानकारी के अस्पताल शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी ने कहा, ‘ऐसा कदम मौलिक मानवाधिकारों और कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।’ उन्होंने इसे इमरान खान की सेहत और जान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और इलाज में देरी को अमानवीय बताया। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने की मांग की है, बिना किसी समझौते के। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी विजन लॉस की रिपोर्ट्स पर ध्यान देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी आंखों की जांच हो सके। इमरान खान की सेहत को लेकर गरमाई राजनीति इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद के पास धरना दिया और इमरान खान को तुरंत अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करने की मांग की। प्रदर्शनकारी तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी मंत्री ने कहा कि इमरान खान को स्पेशलाइज्ड आंखों के इलाज के लिए ले जाया जा रहा है और स्पेकुलेशन से बचने की अपील की है। हालांकि, परिवार और पीटीआई का कहना है कि बिना उनकी सहमति के कोई कदम नहीं उठाया जाए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और बढ़ा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने की तारीफ, AI शिखर सम्मेलन के लिए भारत सबसे उपयुक्त

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि भारत वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक ‘बेहद सफल’ उभरती अर्थव्यवस्था है और यह एआई शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थान है। ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (AI) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो। उन्होंने कहा, ‘मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और ‘ग्लोबल साउथ’ के देश भी एआई के लाभ का हिस्सा बनें।’ ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह ‘लोग, धरती और प्रगति’ के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है। गुतारेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि ”यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एआई केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो’। गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है। गुतारेस ने कहा, ”यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने।’ उन्होंने कहा, ‘भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से।’ सम्मेलन में कौन से नेता लेंगे हिस्सा विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन नेताओं ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में शामिल होने की पुष्टि की है।

भारत और चीन समेत 12 देशों को भेजा न्योता, बांग्लादेश में नए पीएम का 17 को होगा शपथ ग्रहण

ढाका. बांग्लादेश के आम चुनवाों में बीएनपी को बड़ी जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री समेत पूरे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है। इस समारोह का दिलचस्प पहलू यह है कि यह राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है जबकि अभी तक शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होते रहे हैं। समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ और ‘इत्तेफाक’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, समारोह के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाएंगे, जबकि संविधान के अनुसार यह शपथ अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी द्वारा दिलाई जानी चाहिए। इन देशों को भेजा गया है न्योता बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान समेत 13 देशों को न्योता भेजा गया है। इनमें चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। बीएनपी चीफ तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बता दें कि बांग्लादेश ने भारत को न्योता भेजा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ढाका जाना असंभव ही है। 17 तारीख को ही प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पूर्व निर्धारित बैठक होने वाली है। ऐसे में किसी प्रतिनिधि को ढाका भेजा जा सकता है। पीएम मोदी का ढाका जाना मुश्किल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारिक रहमान को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल थे। उनके संदेश के बाद बीएनपी ने कहा, “बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशिता और प्रगतिशील विकास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और अपने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता के मार्गदर्शन में, भारत के साथ रचनात्मक रूप से जुड़कर अपने बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।’ शपथ ग्रहण के दौरान कई चुनौतियां तारिक रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने नाम न उजागर की शर्त पर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों ने मामलों को थोड़ा जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा, ” पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को शपथ दिलानी होती है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और अज्ञात स्थान पर रह रही हैं, जबकि उपाध्यक्ष जेल में हैं। इन परिस्थितियों में राष्ट्रपति संविधान में तय प्रावधान के अनुसार किसी और को शपथ दिलाने के लिए चुन सकते हैं।” इससे पहले, कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कहा था कि संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे, लेकिन उन्होंने समारोह की तारीख नहीं बताई। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 13वें संसदीय चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 15 वर्ष से अधिक समय तक शासन करने वालीं शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था, जिसके बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी हुए थे।

‘टीपू सुल्तान की अंगूठी पर लिखा था राम’, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के विवाद में कूदे ओवैसी

नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 18वीं सदी के सुल्तान टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर दी थी। इसको लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया तो वहीं AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता के मिसाल थे। अंग्रेजों के खिलाफ लड़े टीपू- ओवैसी ओवैसी ने कहा, 1799 में टीपू सुल्तान की शहादत हुई। अंग्रेजों से लड़कर टीपू की शहादत हुई। टीपू ने जेल में बैठकर तुम्हारे वीर (वीर सावरकर) की तरह अंग्रेजों को लव लेचर नहीं लिखा। टीपू सुल्तान अपने मुल्क को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए शहीद हो गया। अंग्रेजों को टीपू से इतना डर था कि डेढ़ घंटे तक टीपू की लाश पड़ी रही, अंग्रेजों के फौज के घेरों में लाश थी लेकिन डर रहे थे कि शेर उठ गया तो क्या होगा। जाकर देखा तो टीपू का शरीर गर्म था। अंगूठी पर लिखा था राम उन्होंने कहा, देवेंद्र फडणवीस साहब, क्या यह बात सच नहीं है कि टीपू के पास से जो अंगूठी निकली उसपर राम लिखा हुआ था। 2014 में बर्सानिया में इसकी नीलामी हुई थी। क्या यह बात झूठ है कि एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर ने लिखा, कि रॉकेट टेक्नॉलजी के जरिए टीपू के ख्वाबों को पूरा कर रहे हैं। एपीजे अब्दुल कलाम तो आपके लिए ज्यादा आदर्श हैं। महात्मा गांधी ने भी किया था जिक्र ओवैसी ने कहा, यह भी ना मानो तो गांधी को तो मानते होगे। उन्होंने अपनी मैगजीन ‘यंग एज’ में लिखा कि टीपू सुल्तान हिंदू मुस्लिम एकता के समर्थक थे। श्रृंगेरी मठ से फौज ने सोने की मूर्ति उठा ली तब टीपू सुल्तान ने इसका निर्माण करवाया। टीपू सुल्तान बादशाह था। हर बादशाह को सिर्फ अपनी ताकत से मतलब रहता था। लेकिन तथ्यों को गलत तरीके से पेश नहीं कनरा चाहिए। टीपू सुल्तान की फौज के कमांडर अप्पाजी राम थे। उनके सलाहकार कृष्णा राव थे। बीजेपी केवल नफरत पैदा करना चाहती है। भारत की पहली संविधान की किताब में टीपू की फोटो है। बता दें कि बुलढाणा में सपकाल ने मालेगांव महानगर पालिका की उप-महापौर निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर हुए विवाद पर बात की, जिसका क्षेत्र के शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि यह तुलना निंदनीय है और कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और उसके सहयोगी दलों को सपकाल की टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।”

भाजपा ने राहुल गांधी से मांगा जवाब, एपस्टीन फाइल्स को लेकर कपिल सिब्बल को घेरा

नई दिल्ली. अमेरिका के बदनाम फाइनेंशर और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स ने भारत में भी राजनैतिक बवाल मचाया हुआ है। कांग्रेस की तरफ से पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ऊपर हमला किया गया, अब भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर निशाना साधा है। भाजपा ने राहुल गांधी से जवाब देने की मांग करते हुए दावा किया कि कपिल सिब्बल को एक ऐसे कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार मिला था, जिसे यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने फंड किया था। कपिल सिब्बल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस दावे के बकवास बताकर खारिज कर दिया। कांग्रेस की तरफ से प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इन आरोपों पर जवाब दिया। मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि उस समय सिब्बल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री थे। उन्हें ”शिक्षा में वैश्विक सहयोग के प्रति उनके दृढ़ समर्थन’ के लिए समारोह में पुरस्कार दिया गया था। खेड़ा ने कहा, ”इसका जेफ्री एप्स्टीन से कोई संबंध नहीं है।” दरअसल यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ, जब भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कपिल सिब्बल पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था। सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है।” भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा भी ”उसी गुट” से जुड़े हुए थे। 2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था। सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा भी ”उसी गुट” से जुड़े हुए थे। आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल 2022 तक कांग्रेस में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी, वर्तमान में वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के सांसद हैं। एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने पर कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है। कांग्रेस की तरफ से पवन खेड़ा ने पुरी पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह लगातार झूठ बोल रहे हैं, ऐसे व्यक्ति को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनकी काम के सिलसिले में एपस्टीन से जान-पहचान थी, उसके अपराधों से उनका कोई लेना-देना नहीं।

6 दिन बाद मिला शव, अमेरिका में लापता भारतीय छात्र श्रीनिवासैया की मौत

वाशिंगटन. अमेरिका के बर्कली में लापता हुए भारतीय छात्र का 6 दिन बाद शव पाया गया है। 22 साल के साकेत श्रीनिवासैया यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में पोस्ट ग्रैजुएशन के छात्र थे और वह अचानक 9 फरवरी को लापता हो गए थे। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय कॉन्सुलेट ने उनके शव के पाए जाने की पुष्टि की है। मिशन की तरफ से कहा गया. हमें बेहद दुख है कि पुलिस ने बताया है कि साकेत श्रीनिवासैया की मौत हो गई है और उनका शव पाया गया है। हम साकेत के परिवार वालों के लिए संवेदना व्यक्त करते हैं। भारतीय मिशन ने कहा, हम साकेत के परिवार की हर संभव मदद करने को तैयार हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल के जरिए हम साकेत के पार्थिव शरीर को भारत भिजवाने का प्रबंध कर रहेहैं। हमारा कार्यालय परिवार के साथ सीधे संपर्क में है और सभी औपचारिकताओं के लिए भी हम परिवार के साथ खड़े हैं। कहां से लापता हो गए थे साकेत? जानकारी के मुताबिक साकेत आखिरी बार बर्कली हिल्स इलाके में देखे गए थे। वह अंजा लेक के पास गए थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक उनका पासपोर्ट और लैपटॉप पास में ही पाया गया है। कर्नाटक के रहने वाले श्रीनिवासैया ने आईआईटी मद्रास से बीडटेक किया था और आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका गए थे। 2025 में ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में ऐडमिशन लिया था। 13 फरवरी को कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि साकेत के परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, बर्कले पुलिस विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका है। स्थिति की गंभीरता और राज्य में रह रहे उनके परिवार की बढ़ती चिंता को देखते हुए, शालिनी ने विदेश मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप और सहायता का अनुरोध किया था। रूममेट ने क्या बताया साकेत के रूममेट ने ही सबसे पहले उनके गायब होने की बात सोशल मीडिया पर बताई थी और पुलिस से मदद मांगी थी। साकेत के कमरे में साथ रहने वाले बिनीत सिंह ने कहा कि इस घटना से यहां रहने वाला हर भारतीय स्तब्ध है। उन्होंने कहा, हम प्रशासन के साथ मिलकर साकेत के परिवार को इमर्जेंसी वीजा पर अमेरिका बुलाने का प्रयास कर रहे हैं। बिनीत ने कहा कि 9 फरवरी को लापता होने से पहले साकेत ज्यादा कुछ खाते-पीते नहीं थे। वह अकसर चिप्स खाकर ही रह जाते थे। हालांकि इसके अलावा उनके चहरे पर कोई तनाव नहीं दिखता था। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को भी श्रीनिवासैया ने उन्हें झील के किनारे बुलाया था और कहा था वह बहुत आलसी हो गए हैं और कुछ करने का मन नहीं करता है। बाथरोब पहनकर पहुंच गए थे क्लास साकेत के रूममेट ने बताया कि आखिरी बार उनके बीच बात तब हुई थी जब वह बाथरोब पहनकर क्लास चले गए थे। वापस आने पर मैंने पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इसपर साकेत ने जवाब दिया, मुझे किसी की परवाह नहीं है। इसके बाद दोनों हंसने लगे थे।

5 लोगों की मौत, बेंगलुरु में बस से टकराई तेज रफ्तार कार

बेंगलुरु. बेंगलुरु के जिंदल फ्लाईओवर के पास देर रात भयानक सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार से आ रही कार अनियंत्रित होकर पहले रोड डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए सामने से आ रही कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) बस से जोरदार भिड़ंत कर दी। यह दुर्घटना लगभग 11:30 बजे के करीब हुई, जब रात का ट्रैफिक थोड़ा कम था, लेकिन तेज रफ्तार के चलते हादसा हो गया। दुर्घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विपरीत दिशा में आ रही बस में कुल लगभग 40 से अधिक यात्री सवार थे, लेकिन कार की गंभीर टक्कर के कारण मौके पर पांच लोगों की मौत हुई और कई बस सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। मृतकों की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती घटनाओं के अनुसार उनमें से कुछ डोड्डाबल्लापुर के निवासी युवा थे। पुलिस ने बताया कि हादसे की प्राथमिक वजह तेज गति और नियंत्रण खो देना माना जा रहा है। घायलों का चल रहा इलाज कर्नाटक पुलिस ने घटनास्थल पर फैली तबाही को देखकर कहा कि यह दुर्घटना एक चेतावनी है कि सड़कों पर और वाहन चालकों के लिए गति नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण है। बेंगलुरु पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तेजी से मौके पर पहुंचीं और घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। साथ ही मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की पहचान व परिवार को सूचना देने का कार्य जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कार चालक ने डिवाइडर से टकराने के बाद नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन पलट गया और बस से आमने-सामने की टक्कर हुई। बढ़ते सड़क हादसों का क्या कारण इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों और यातायात पुलिस ने कहा है कि अगर गति नियमों का पालन, सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों और सड़क स्थितियों का ध्यान रखा जाए तो ऐसे भयावह हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। राज्य भर में तेजी से बढ़ते वाहनों और बढ़ती गति के कारण सड़क दुर्घटनाएं एक अहम समस्या बन रही हैं। इसलिए सार्वजनिक जागरूकता और कड़ाई से नियमों के पालन की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

एपस्टीन ने कैसे बनाया काले कारनामों का साम्राज्य: जेट, धन और नाबालिगों की कहानी

आईलैंड  जेफरी एपस्टीन का प्राइवेट आईलैंड लिटिल सेंट जेम्स कैरिबियन सागर में स्थित है, जो अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह में सेंट थॉमस के दक्षिण-पूर्व में है। यह लगभग 72 एकड़ का छोटा आईलैंड है, जिसे एपस्टीन ने 1998 में करीब 80 लाख डॉलर में खरीदा था। यहां सफेद रेत के समुद्र तट, नारियल के पेड़, नीले रंग की छत वाले भवन, स्विमिंग पूल, हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड, मुख्य विला, गेस्ट कॉटेज और डॉक जैसी सुविधाएं थीं। 2010 तक एपस्टीन ने द्वीप का बड़े पैमाने पर नवीनीकरण किया, जिसमें नई विलाएं, स्टोन केबिन और एक रहस्यमयी नीले-सफेद धारीदार भवन शामिल था, जिसे कुछ लोग टेम्पल कहते हैं। यह द्वीप अलग-थलग होने के कारण गोपनीय गतिविधियों के लिए सही माना जाता था, जहां नाव या हेलीकॉप्टर से ही पहुंचा जा सकता था। इस द्वीप पर एपस्टीन और उनकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल पर नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के साथ यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ितों के बयानों के अनुसार, यहां दुनिया भर से 12 साल की उम्र की लड़कियों को लाया जाता था, जिन्हें अमीर और प्रभावशाली लोगों को शेयर किया जाता था। वर्जीनिया गिफ्रे जैसी पीड़िताओं ने अपनी किताब में बताया कि उन्हें अपमान, मारपीट और बलात्कार का सामना करना पड़ा। 15 साल की लड़की ने कथित तौर पर द्वीप से भागने के लिए दो मील तैरकर सेंट थॉमस पहुंचने की कोशिश की। ईमेल और दस्तावेजों में स्वीट यंग कोकोनट्स जैसे संकेत और लिटिल गर्ल का जिक्र मिला है, जो यौन शोषण की ओर इशारा करते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें छुट्टी के बहाने लाया गया लेकिन वे यौन हिंसा का शिकार बनीं। किन लोगों के नाम आए सामने एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी लाखों पन्नों के दस्तावेजों में द्वीप के ब्लूप्रिंट, फोटो, लॉगबुक और यात्रा रिकॉर्ड शामिल हैं। इनमें डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन, प्रिंस एंड्र्यू, मार्क जुकरबर्ग, वुडी एलन जैसे कई बड़े नामों का जिक्र है। हालांकि, नाम आने से दोष सिद्ध नहीं होता और कई ने किसी गलत संबंध से इनकार किया है। फाइल्स में एपस्टीन की संपत्तियों से बरामद सीडी, फोटो और अन्य सबूतों की सूची भी है। एपस्टीन 2008 में बाल यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए थे और 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार हुए, लेकिन जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे सुसाइड बताया गया। कई सवालों के जवाब बाकी हाल के वर्षों में द्वीप को 2023 में 6 करोड़ डॉलर में बेच दिया गया है और नए मालिक स्टीफन डेकोफ इसे एक लग्जरी रिसॉर्ट में बदलने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसकी कुख्यात इतिहास को मिटाया जा सके। एपस्टीन फाइल्स की रिलीज से कई सवालों के जवाब अभी बाकी हैं और पीड़ितों की आवाज को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है। यह मामला शक्ति, धन और गोपनीयता के दुरुपयोग की एक दुखद मिसाल बन चुका है।

भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: जनरल कोच में भी हर घंटे सफाई, AI से होगी मॉनिटरिंग

 नई दिल्ली रेल मंत्री ने रेलवे रिफॉर्म प्लान 2026 के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने बताया पहले चरण में ट्रेनों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके लिए सभी कोच में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा रेल मंत्री के मुताबिक, इस योजना की शुरुआती चरण में हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की करीब 80 ट्रेनों के एसी कोचों के साथ साथ जनरल कोचों में भी सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान टॉयलेट, डस्टबिन और कोच की सफाई के साथ किसी भी तकनीकी या मैकेनिकल समस्या की भी जांच की जाएगी। एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी पीक आवर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल होगा। रेल मंत्री ने बताया कि एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। सफाई मानकों में कमी मिलने पर संबंधित वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को ही आगे कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे। यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं रेल मंत्री ने कहा कि,इस व्यवस्था के लागू होने से रेलवे पर अतिरिक्त खर्च आएगा, लेकिन यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जरूरत के मुताबिक रेलवे अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी करेगा। लंबी दूरी गाड़ियों के सभी कोच में हर घंटे साफ सफाई होगी। स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा इस अभियान के तहत एक इंटीग्रेटेड सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिससे कोच की सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा। अगर जनरल कोच कनेक्ट नहीं होगा तो स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा। इसके लिए रूट आधारित टीमें तैनात की जाएगी, जो तय रूट पर लगातार काम करेंगी।

SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

भोपाल मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है। मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।   एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था। वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा। सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।

ट्रैफिक से राहत की तैयारी: नोएडा में मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नई दिल्ली सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा।   साकेंद्र सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी देते हुए एक नई लाइन को मंजूरी दे दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक करीब 11.56 किमी लंबे एक्सटेंशन (विस्तार) कॉरिडोर को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस नई लाइन पर आठ एलिवेटेड (ऊंचाई पर) स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर के बनने से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा और उनके समय की भी भारी बचत होगी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 61.62 Km का हो जाएगा मेट्रो रेल नेटवर्क सरकार ने बताया कि इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सक्रिय नेटवर्क क्षेत्र बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा। शनिवार को इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह नया विस्तार कॉरिडोर, नोएडा के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, साथ ही यह परियोजना शहर की बुनियादी सुविधाओं में एक बड़ा सुधार भी है। बॉटनिकल गार्डन में ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधा इंटरचेंज सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा, साथ ही इससे बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज लाइन भी मिलेगी। इसका फायदा बताते हुए सरकार ने बताया कि इंटरचेंज की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिल्ली और अन्य हिस्सों में जाने के लिए बार-बार साधन बदलने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। बनाया जाएगा 11.56 किलोमीटर की लम्बाई वाला ट्रैक बयान में कहा गया कि इस कॉरिडोर से लगभग 11.56 किलोमीटर की लम्बाई का ट्रैक बनेगा और शहर में सार्वजनिक यातायात भी बेहतर होगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट बहुत ज्यादा चहल-पहल वाले कॉरिडोर के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिसमें बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इस कॉरिडोर की वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की दिखाई देगी और नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार के तौर पर काम करेगा। सरकार ने कहा कि नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक एक्सटेंशन कॉरिडोर न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि इकॉनमिक एक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा और शहर में रहने वालों और नौकरी, बिजनेस, एजुकेशन और दूसरे कामों से सामान्य रूप से आने-जाने वालों के लिए भी आना-जाना आसान बनाएगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पर दी जानकारी उधर इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के चालू होने पर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 Km का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ी तरक्की दिखाता है।’

गिलगित-बाल्टिस्तान में खनिज दोहन विवाद: रेअर अर्थ की चाह में पाकिस्तान, स्थानीयों ने लगाए ज्यादती के आरोप

वाशिंगटन पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात संजीदा हो चले हैं। चीन के अलावा, पाकिस्तान अब अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों से भी इस इलाके में संसाधनों के दोहन में शामिल होने की गुजारिश कर रहा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने गिलगित- बाल्टिस्तान के सोने और तांबे की माइन्स में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कई स्थानीय कार्यकर्ता मानते हैं, “गिलगित-बाल्टिस्तान में अस्थिरता की एक मुख्य वजह स्ट्रेटेजिक लोकेशन और रेयर अर्थ्स की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को मुआवजा दिए बिना उनके संसाधनों का फायदा उठाना चाहती है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू किया है, जिससे प्राकृतिक संसाधन का गलत इस्तेमाल जारी है। जब स्थानीय सही हिस्सा मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है, यह कहते हुए कि सियासी दिक्कत यह है कि जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनी हुई है और इसलिए संवैधानिक और आर्थिक मजबूरियों के चलते इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।” पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले सेंगे सेरिंग ने वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू के जरिए ये खुलासा किया है। सेरिंग, जो अब वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं, ने विस्तार से बताया कि यह देखते हुए कि रेयर अर्थ एलिमेंट का प्रसंस्करण और आपूर्ति कुछ ही देशों में केंद्रित है, गिलगित बाल्टिस्तान की भौगोलिक स्थिति प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के रेयर अर्थ सप्लाई चेन में विविधता लाने के प्रयासों को पूरा करती है। उन्होंने बताया कि तंगिर और गिलगित बाल्टिस्तान की आस-पास की घाटियां दुनिया भर में जानी-मानी मिनरल हॉटस्पॉट हैं – जहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम, थोरियम और दूसरे रेयर अर्थ एलिमेंट्स बहुत अधिक हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की कोशिशों से पाकिस्तान को (अपने कब्जे वाले इलाके को) एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के चौराहे पर एक रेयर-अर्थ हब बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने वर्तमान हालातों को ध्यान में रख एक अपील की है। कहा है, “इन हालात में, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को एकजुट रहना चाहिए और कब्जा करने वाले पाकिस्तानी औपनिवेशिक मालिकों को निकालने की अपनी कोशिशें जारी रखनी चाहिए, जो सिर्फ कुदरती दौलत और आने-जाने के रास्तों का फायदा उठाने और उनका गलत इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि वहां के लोगों को उनके जरूरी सियासी और संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यह लगन और हिम्मत आखिरकार गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल होने और इलाके और पहचान दोनों की रक्षा करने में मदद करेगी।” गुरुवार को, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि पीओजीबी में डायमर की तंगिर घाटी में एक गाड़ी के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन अन्य घायल हो गए। सेरिंग, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके के सबसे जाने-माने जानकारों में से एक हैं, ने कहा कि कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकवादी सेल ने हमले से पहले एक बयान दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे गिलगित बाल्टिस्तान के डायमर जिले से हैं और पाकिस्तानी सेना, जिसमें आईएसआई और एमआई जैसी सीक्रेट एजेंसियां के अलावा पुलिस भी शामिल हैं, पर हमले करते हैं। सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में लिखा, “उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना गिलगित बाल्टिस्तान को कंट्रोल करने के लिए फूट डालो और राज करो की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करती है। गिलगित बाल्टिस्तान के शिया और सुन्नी नेताओं, जिसमें आगा राहत भी शामिल हैं, को दिए एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि अगर पहले आगा राहत या काजी निसार पर सांप्रदायिक हमले हुए हैं, तो यह पाकिस्तान की सेना और उनके एजेंटों का काम है ताकि स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा और फूट पैदा की जा सके।”

सुपरफास्ट ट्रेनों में भीड़ बढ़ी, होली को लेकर मालदा मंडल ने मांगी 6 नई ट्रेनें

मालदा  4 मार्च को होली मनाई जाएगी. इस मौके पर बिहार आने वाली ट्रेनों में अक्सर भीड़भाड़ की स्थिति होती है. ऐसे में रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला लिया गया. इस बीच मालदा मंडल की तरफ से 6 स्पेशल ट्रेनें मांगी गई हैं. यात्रियों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए 6 ट्रेनों की डिमांड की गई है. 3 LHB और 3 ICF कोच की ट्रेन की मांग जानकारी के मुताबिक, तीन एलएचबी और 3 आईसीएफ कोच की ट्रेनों की मांग की गई है. दरअसल, होली को लेकर कई ट्रेनों में सीटें फुल हैं. इसके अलावा कुछ ट्रेनों में वेटिंग है. लंबी वेटिंग होने की वजह से टिकट कंफर्म होने की संभावना काफी कम है. विक्रमशिला एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग है. तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस समेत प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकीं हैं. मालदा टाउन-आनंद विहार के परिचालन की तारीख रेलवे बोर्ड की तरफ से एक ट्रेन मालदा मंडल को दी गई है. यह ट्रेन भागलपुर से चलेगी और आनंद विहार तक जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन भागलपुर से दिल्ली के लिए 2 मार्च, 9 मार्च और 16 मार्च को मालदा टाउन से सुबह खुलेगी. इसके बाद दोपहर 1 बजे के आस-पास भागलपुर आएगी. वापसी में आनंद विहार-मालदा टाउन होली स्पेशल 3 मार्च, 10 मार्च और 17 मार्च को आनंद विहार से दोपहर 3:35 बजे खुलेगी और अगले दिन देर शाम भागलपुर पहुंच जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन के प्रमुख स्टेशनों की बात की जाए तो इसमें पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, किऊल, गया, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज और टूंडला शामिल है.

दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरान के पास तैनात, ऑपरेशन मादुरो में ट्रंप की अहम कदम

न्यूयॉर्क अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच तनाव फिर चरम पर है. अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड को पारस की खाड़ी में भेजने का फैसला किया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी चार अमेरिकी अधिकारियों ने दी है. इससे पहले खबरें थीं कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को भेजा जाएगा, लेकिन अब फोर्ड को चुना गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका ईरान पर हमला करने को तैयार है. क्या हुआ नया?     USS गेराल्ड आर. फोर्ड की तैनाती: यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसमें 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हजारों सैनिक और एस्कॉर्ट जहाज होते हैं.     पहले यह, यह कैरेबियन सागर में था. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े ऑपरेशन में शामिल था.     अब इसे मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है. अप्रैल अंत या मई तक यह घर (नॉरफोक, वर्जीनिया) नहीं लौटेगा – क्रू के लिए लंबी तैनाती और मेंटेनेंस में देरी होगी.     पहले की रिपोर्ट: वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा था कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (वर्जीनिया तट पर ट्रेनिंग कर रहा) को भेजा जा सकता है. लेकिन अब फोर्ड को चुना गया.     पहले से मौजूद ताकत: USS अब्राहम लिंकन कैरियर और कई अन्य जहाज पहले से मिडिल ईस्ट में तैनात हैं. गेराल्ड आर फोर्ड क्लास  यह अमेरिकी जंगी जहाज है दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है. अपने क्लास का पहला विमानवाहक पोत, जिसे मई 2017 में कमीशन किया गया. इसके चार और पोत तैयार हो रहे हैं. यह 337 मीटर लंबा है. इसकी बीम 748 मीटर की है. इसका फुल लोड डिस्प्लेसमेंट 1 लाख टन है. इसपर 78 मीटर चौड़ा फ्लाइट डेक है. इसपर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्चिंग सिस्टम लगा है. एडवांस्ड अरेस्टिंग गीयर की सुविधा है. इसपर एक बार में 75 एयरक्राफ्ट तैनात किए जा सकते हैं. इसके आलावा यह 4539 सैनिकों को अपने साथ ले जा सकता है.  ट्रंप का बयान: हमला करने को तैयार ट्रंप ने इजरायली चैनल N12 को इंटरव्यू में कहा…     या तो हम डील करेंगे, या बहुत सख्त कदम उठाएंगे – जैसे पिछली बार.      अगर ईरान के साथ बातचीत फेल हुई, तो सैन्य कार्रवाई होगी.     ट्रंप मैक्सिमम प्रेशर नीति अपना रहे हैं – प्रतिबंध, सैन्य तैनाती और धमकी से ईरान को नया परमाणु समझौता करने पर मजबूर करना. क्यों हो रहा है यह सब?     ईरान का परमाणु कार्यक्रम: ईरान यूरेनियम को हथियार बनाने लायक स्तर तक समृद्ध कर रहा है. अमेरिका और इजरायल इसे बड़ा खतरा मानते हैं.     ट्रंप का रुख: 2018 में ट्रंप ने पुराना समझौता (JCPOA) तोड़ा था. अब नई डील चाहते हैं – ईरान को पुरानी से बेहतर शर्तें माननी होंगी.     रणनीतिक महत्व: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ताकत बढ़ाकर ट्रंप ईरान को दबाव में रखना चाहते हैं. कैरियर से F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर इस्तेमाल हो सकते हैं.     क्षेत्रीय तनाव: इजरायल-ईरान संघर्ष, हूती हमले और गाजा युद्ध के बीच अमेरिका अपने सहयोगियों (इजरायल, सऊदी) की रक्षा कर रहा है. क्या होगा आगे? फोर्ड की तैनाती से अमेरिका की हवाई ताकत दोगुनी हो जाएगी. अगर दूसरा कैरियर (बुश) भी आया, तो क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी और मजबूत होगी. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह ‘सिग्नलिंग’ है – अमेरिका दिखा रहा है कि वह गंभीर है. दुनिया शांति की अपील कर रही है, ताकि बातचीत से हल निकले. अमेरिका ईरान को परमाणु डील के लिए मजबूर करने के लिए सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े कैरियर की तैनाती तनाव को और बढ़ा रही है. फिलहाल बातचीत का मौका है, लेकिन फेल होने पर मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष हो सकता है.   

भारत बना ग्लोबल बिज़नेस हब? गूगल, Nvidia सहित बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी आ रहे हैं

 नई दिल्ली भारत में इस बार दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण AI सम्मेलन होने वाला है. हम बात कर रहे हैं India AI Impact Summit 2026 की, जो अगले हफ्ते शुरू होने वाला है. ये इवेंट 16 फरवरी को शुरू होगा और 20 फरवरी तक चलेगा. इसका आयोजन भारत मंडपम में होगा.  इस इवेंट में 100 से ज्यादा देशों के डेलिगेशन के हिस्सा लेंगे. इसमें 15 से 20 सरकारों के प्रमुख, 50 से ज्यादा मंत्री और 50 से ज्यादा दुनिया भर की प्रमुख कंपनी के CEO शामिल होंगे. इसमें भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. समिट में AI इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 500 प्रमुख व्यक्ति भी शामिल होंगे. इसमें इनोवेटर्स, रिसर्चर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं. अगर चर्चित नामों की बात करें, तो गूगल CEO सुंदर पिचाई से लेकर एंथ्रॉपिक के डारियो अमोडेई तक इसका हिस्सा होने वाले हैं.  भारत इस बार AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रहा है. इस कार्यक्रम में ना सिर्फ टेक और AI सेक्टर के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. बल्कि 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति भी शामिल होंगे. कौन-कौन लेगा हिस्सा?      गूगल CEO सुंदर पिचाई     DeepMind के सीईओ डेमिस हसाबिस     OpenAI CEO सैम अल्टमैन     एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई     Nvidia सीईओ जेन्सेन हुआंग     माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ     मेटा के चीफ AI साइंटिस्ट यान लेकुन      क्वालकॉम CEO क्रिस्टियानो एमोन और कई नाम शामिल होंगे.  कैसे रजिस्टर कर सकते हैं आप?  India AI Impact Summit 2026 के लिए रजिस्टर करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट impact.indiaai.gov.in पर जाना होगा. यहां आपको रजिस्टर नाउ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आपको रजिस्टर ऐज डेलिगेट पर जाना होगा. यहां आपको पर्सनल डिटेल्स देनी होंगी. इसमें नाम और कई दूसरी जानकारियां शामिल हैं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आप 5 दिनों तक चलने वाले इस इवेंट में हिस्सा ले सकेंगे. इस इवेंट में 700 से ज्यादा सेसन होंगे, जिसमें AI सेफ्टी, गवर्नेंस, एथिकल फ्रेमवर्क, डेटा प्रोटेक्शन और भारत के संप्रभु AI रणनीति पर बात होगी.   

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