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कन्फ्यूजन खत्म! 19 या 20 मार्च कब है गुड़ी पड़वा? यहां जानें सही तारीख, पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में गुड़ी पड़वा को नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। खासकर महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में यह त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष और चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है, वहीं कई जगहों पर चैत्र नवरात्र भी शुरू हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुड़ी पड़वा का पर्व नई शुरुआत, उम्मीद और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से इस दिन लोग अपने घरों में पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। आइए, जानते हैं इस साल गुड़ी पड़वा की तारीख, शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में विस्तार से – गुड़ी पड़वा 2026 कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026, गुरुवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 20 मार्च 2026, शुक्रवार को सुबह 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। ऐसे में, उदया तिथि के अनुसार इस साल गुड़ी पड़वा 19 मार्च को मनाया जाएगा। इसी दिन से चैत्र मास का आरंभ माना जाता है और कई स्थानों पर इसी तिथि से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं। इसलिए गुड़ी पड़वा को हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। गुड़ी (विजय पताका) फहराने का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:51 से 5:39 बजे तक विजय मुहूर्त – दोपहर 2:30 से 3:18 बजे तक गोधूलि मुहूर्त – शाम 6:29 से 6:53 बजे तक निशिता मुहूर्त – सुबह 12:05 से 12:52 बजे तक गुड़ी पड़वा का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुड़ी पड़वा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी तिथि से सृष्टि की रचना की शुरुआत हुई थी। इसी कारण यह पर्व नई शुरुआत, सुख-समृद्धि और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों में लोग अपने घर के बाहर गुड़ी लगाकर भगवान से परिवार की खुशहाली और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं। गुड़ी पड़वा कैसे मनाया जाता है? गुड़ी पड़वा का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और साफ या नए वस्त्र पहनते हैं। इसके बाद घर की सफाई की जाती है और पूजा की तैयारी शुरू होती है। इस अवसर पर घर के मुख्य द्वार या खिड़की के पास एक डंडे पर रंगीन या रेशमी कपड़ा बांधा जाता है। इसके साथ फूलों की माला, नीम की पत्तियां और ऊपर कलश लगाकर गुड़ी तैयार की जाती है। इस गुड़ी को घर के बाहर ऊंचाई पर लगाया जाता है, जिसे शुभता और विजय का प्रतीक माना जाता है। गुड़ी की पूजा करने के बाद परिवार के लोग नीम की पत्तियां और गुड़ या मिश्री का प्रसाद ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। दिन भर लोग एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं और घरों में पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं।

16 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, और किसे रहना होगा सावधान

मेष राशि मेष राशि वालों को रिअल एस्टेट में निवेश करने से लाभ मिल सकता है. निवेश से लाभ होने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. आप जीवनसाथी के साथ बातचीत कर सकते हैं. वृषभ राशि किसी अटके हुए काम और धन खर्च के कारण आपका मूड खराब हो सकता है. अपने साथी की छोटी-मोटी गलती को माफ करें. व्यर्थ में बहस न करें. वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा. मिथुन राशि आप जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं ऐसा संभव नहीं हो सकेगा. आपका किसी प्रिय के कारण मूड खराब हो सकता है. भागदौड़ के कारण जीवनसाथी को समय न देने से रिश्ते में तनाव हो सकता है. कर्क राशि कर्क राशि वाले लोग अपना समय शौक को पूरा करने में लगा सकते हैं. आप किसी करीबी रिश्तेदार की मदद ले सकते हैं. आपको आर्थिक लाभ हो सकता है. पार्टनर के साथ समय बिता सकते हैं. सिंह राशि आप मौज-मस्ती के लिए मनपसंद काम कर सकते हैं इससे आपका दिन अच्छा बीतेगा. निवेश करने से लाभ हो सकता है. रिश्तों को अहमियत दें. कन्या राशि कन्या राशि वालों को किसी से उपहार मिल सकता है. किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो किसी की सलाह अवश्य लें. जीवनसाथी के सुस्त होने के कारण काम असफल हो सकते हैं. तुला राशि आप लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपको लोन मिल सकता है. पैसे मिलने से अटके काम पूरे होंगे. कोई नया काम करने का सोच रहे हैं तो अच्छे से विचार लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे. आपके कामकाज के स्तर में सुधार होगा. आप अपना समय जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं. धनु राशि आप धन की बचत करने का सोच रहे हैं तो ऐसा कर सकते हैं. धन की बचत करना भविष्य में काम आएगा. किसी गलती की वजह से परिवार के साथ तनाव हो सकता है. स्थिति को बातचीत से संभालें. मकर राशि मकर राशि वालों को धनलाभ हो सकता है. धनलाभ होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. दोस्तों या परिवार की परेशानियों के कारण तनाव हो सकता है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोग परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे पल बिता सकते हैं. आप पुरानों दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं. वैवाहिक जीवन में निजता का ध्यान रखें. मीन राशि मीन राशि वालों का बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो सकता है. इससे आपको नुकसान होगा. वैवाहिक लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

मेष से मीन तक: नवरात्रि के नौ दिन राशि के अनुसार करें ये उपाय

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर नवरात्रि में अपनी राशि के अनुसार कुछ खास उपाय किए जाएं तो मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होने लगती हैं. आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशि वालों के लिए नवरात्रि के सरल उपायों के बारे में. मेष राशि नवरात्रि के दौरान मेष राशि के जातक मां दुर्गा को लाल फूल और लाल चुनरी अर्पित करें. साथ ही ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप करें. इससे साहस और सफलता में वृद्धि होती है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोग मां दुर्गा को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं. शुक्रवार के दिन गरीबों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. मिथुन राशि मिथुन राशि वाले नवरात्रि में हरे रंग के फल या हरी इलायची मां को अर्पित करें. साथ ही दुर्गा चालीसा का पाठ करें. इससे बुद्धि और निर्णय क्षमता मजबूत होती है. कर्क राशि कर्क राशि के जातक मां दुर्गा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं और कन्याओं को भोजन कराएं. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों को मां दुर्गा को गुड़ और गेहूं अर्पित करना चाहिए. रविवार के दिन जरूरतमंद लोगों को दान करना लाभदायक माना जाता है. कन्या राशि कन्या राशि के लोग नवरात्रि में पीले फूल और केले मां दुर्गा को चढ़ाएं. साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी शुभ माना जाता है. तुला राशि तुला राशि के जातक मां दुर्गा को सुगंधित इत्र या गुलाब के फूल अर्पित करें. इससे जीवन में संतुलन और खुशियां बढ़ती हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वाले नवरात्रि में लाल चंदन और गुड़ मां दुर्गा को अर्पित करें. साथ ही रोजाना दुर्गा मंत्र का जाप करें. धनु राशि धनु राशि के लोग मां दुर्गा को पीले फल और हल्दी अर्पित करें. गुरुवार के दिन गरीबों को दान करना बहुत शुभ माना जाता है. मकर राशि मकर राशि के जातक मां दुर्गा को तिल और तेल का दीपक जलाकर पूजा करें. इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोग नवरात्रि में नीले या काले रंग के कपड़े दान करें और मां दुर्गा को नारियल अर्पित करें. मीन राशि मीन राशि के जातकों को मां दुर्गा को पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाने चाहिए. इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. नवरात्रि का महत्व नवरात्रि को शक्ति की साधना का पर्व माना जाता है. इन नौ दिनों में श्रद्धा और भक्ति से मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़े फल दे सकते हैं.

खरमास लगते ही बदले नियम: विवाह-गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य एक महीने बंद

  पंचांग के अनुसार, साल में कुछ ऐसे समय आते हैं जब मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है. ऐसा ही एक विशेष समय खरमास होता है, जिसे कई जगहों पर मलमास भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है. पंचांग के अनुसार साल 2026 में खरमास की शुरुआत 15 मार्च से हो चुकी है, जो 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा. इस पूरे एक महीने के दौरान धार्मिक रूप से कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है. क्या होता है खरमास? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों यानी धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है. इस समय सूर्य की स्थिति ऐसी मानी जाती है कि मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं बन पाता. इसलिए इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश जैसे बड़े और शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है. हालांकि खरमास भले ही मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल न माना जाता हो, लेकिन यह समय भक्ति, साधना और दान-पुण्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. खरमास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य? धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय सूर्य की गति और स्थिति ऐसी होती है कि शुभ कार्यों के लिए ग्रहों का पूर्ण सहयोग नहीं मिल पाता. इसी कारण से शास्त्रों में कहा गया है कि इस अवधि में नए और बड़े कार्य शुरू करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते. इसलिए परंपरा के अनुसार लोग इन कार्यों को खरमास खत्म होने के बाद ही करते हैं. खरमास में कौन-कौन से काम करने से बचें? खरमास के दौरान कुछ मांगलिक कार्यों को करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है.     विवाह और सगाई     गृह प्रवेश     नए घर का निर्माण शुरू करना     नया व्यवसाय या दुकान शुरू करना     मुंडन और नामकरण जैसे संस्कार     बड़े शुभ आयोजन  

राम नवमी 2026: 26 या 27 मार्च को मनाई जाएगी, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

इंदौर हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्व भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था. तभी से इस तिथि पर देशभर में राम नवमी का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भगवान राम की कथा व भजन-कीर्तन किए जाते हैं. माना जाता है कि इस दिन श्रीराम की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।  राम नवमी 2026 कब है? पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा. इसका समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था. इसलिए वर्ष 2026 में 26 मार्च 2026 को राम नवमी का पर्व मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है. हालांकि जो लोग उदयातिथि के आधार पर पर्व मनाते हैं, वे 27 मार्च 2026 को भी राम नवमी मना सकते हैं।  26 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त सूर्योदय: सुबह 06:18 बजे मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:13 से दोपहर 01:40 बजे तक मध्याह्न का क्षण: दोपहर 12:26 बजे 27 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त सूर्योदय: सुबह 06:17 बजे     मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:12 से दोपहर 01:40 बजे तक     मध्याह्न का क्षण: दोपहर 12:26 बजे राम नवमी की पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें. भगवान राम का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें. गंगाजल या पंचामृत से भगवान राम,  सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाओं का अभिषेक करें.पूजा में चंदन, अक्षत, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर मंत्र जाप और राम नाम का कीर्तन करें. अंत में आरती करके भगवान से सुख-समृद्धि की कामना करें।   व्रत का पारण कब करें? राम नवमी के दिन व्रत रखने वाले भक्त अगले दिन नवमी तिथि समाप्त होने के बाद भगवान राम को अर्पित किए गए प्रसाद को ग्रहण करके व्रत का पारण कर सकते हैं. मान्यता है कि राम नवमी के दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान राम की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं. धर्म व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। 

15 मार्च 2026 राशिफल: जानें कौन सी राशि को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे रहना होगा आगाह

मेष कामकाज में व्यस्तता बनी रह सकती है। कुछ जिम्मेदारियां अचानक बढ़ सकती हैं, इसलिए समय को संभालकर चलना बेहतर रहेगा। किसी पुराने काम को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। पैसों से जुड़ा फैसला सोच-समझकर लें। घर के लोगों से बातचीत करने से मन हल्का रहेगा। वृषभ दिन सामान्य तरीके से आगे बढ़ सकता है। काम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। किसी जान-पहचान वाले से मदद मिल सकती है। खर्च को लेकर थोड़ा ध्यान रखना जरूरी रहेगा। परिवार के साथ बैठकर समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। मिथुन मन थोड़ा इधर-उधर भटक सकता है। कई बातें एक साथ दिमाग में चल सकती हैं। ऐसे में जरूरी काम पहले निपटाना बेहतर रहेगा। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। दिन के अंत में थोड़ा आराम करने का समय मिल सकता है। कर्क काम में स्थिरता बनी रह सकती है। कुछ मामलों में धैर्य रखने की जरूरत पड़ेगी। घर से जुड़ी कोई बात ध्यान मांग सकती है। किसी करीबी की सलाह काम आ सकती है। जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। सिंह आत्मविश्वास बना रहेगा। काम में मेहनत करने का मन रहेगा और उसका फायदा भी धीरे-धीरे दिख सकता है। किसी नई योजना के बारे में सोच सकते हैं। दोस्तों या परिवार के साथ बातचीत अच्छी रह सकती है। कन्या काम की जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा महसूस हो सकती हैं। अगर आप धैर्य से काम करेंगे तो धीरे-धीरे सब ठीक होता जाएगा। किसी करीबी की मदद मिल सकती है। सेहत को लेकर थोड़ा ध्यान रखें। तुला कुछ काम उम्मीद से धीमे चल सकते हैं। ऐसे में परेशान होने के बजाय शांत रहकर काम करना बेहतर रहेगा। छोटी बातों को ज्यादा बड़ा न बनाएं। पैसों के मामले में सावधानी रखें। घर के लोगों का साथ मिलेगा। वृश्चिक मन में कुछ नया करने की इच्छा हो सकती है। नई चीजें सीखने या समझने का मौका मिल सकता है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। काम में धीरे-धीरे चीजें साफ होती नजर आएंगी। धनु दिन मिलाजुला रह सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे तो कुछ में थोड़ा समय लग सकता है। किसी पुराने मामले को सुलझाने का मौका मिल सकता है। दोस्तों के साथ बातचीत अच्छी रहेगी। मकर किसी जरूरी काम में धीरे-धीरे प्रगति हो सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। मन में चल रही उलझन कम हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। कुंभ नई योजनाओं के बारे में सोच सकते हैं। किसी काम में बदलाव करने का मन बन सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह फायदेमंद रह सकती है। घर का माहौल सामान्य रहेगा। मीन भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। शांत रहकर सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। काम में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। परिवार का साथ बना रहेगा और मन थोड़ा हल्का महसूस होगा।

गणगौर व्रत का रहस्य: जानें पार्वती जी को इस व्रत से कौन-सा फल मिला था

हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन गणगौर का व्रत रखा जाता है. इस साल 21 मार्च को ये व्रत रखा जाएगा. गणगौर दो शब्दों गण और गौर से मिलकर बना है. गण का अर्थ भगवान शिव है और गौर माता पार्वती को कहा जाता है. ये व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित किया गया है. सुहागिन महिलाएं गणगौर का व्रत करती हैं. प्रमुख तौर पर राजस्थान और हरियाणा समेत उत्तर भारतीय राज्यों में गणगौर व्रत किया जाता है. हिंदू मान्यता है कि गणगौर का व्रत रखने और विधि-विधान से शिव और पार्वती की पूजा करने से पति की उम्र लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. अविवाहित कन्याएं भी गणगौर का व्रत रखती हैं. मान्यता ये भी है कि इस व्रत को रखने से मनचाहा वर प्राप्त होता है, लेकिन आइए जानते हैं कि गणगौर का व्रत करने से माता पार्वती को कौन सा फल मिला था? साथ ही जानते हैं इस व्रत की कथा. पार्वती को शिव मिले पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने गणगौर का व्रत किया था. उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. तप के साथ-साथ उन्होंने ये व्रत भी किया था. तभी से गणगौर व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है. माना जाता है कि गणगौर व्रत के फल स्वरूप से ही देवों के देव महादेव देवी पार्वती को पति रूप में प्राप्त हुए. गणगौर व्रत की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नारद मुनि के साथ भ्रमण पर निकले. चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि के दिन एक गांव में पहुंचे. वहां की गरीब महिलाओं ने श्रद्धा के साथ माता पार्वती का पूजन किया. माता पार्वती ने उनकी भक्ति और पूजन से प्रसन्न होकर उनको अटल सौभाग्य का आशीर्वाद दिया. इसके बाद गांव की अमीर महिलाएं सोने-चांदी की थालियों में पकवान लेकर आईं. उस समय माता ने उन महिलाओं पर प्रसन्न होकर अपनी उंगली से रक्त की कुछ बूंदें उन पर छिड़ दीं और उनको स्वयं जैसी सौभाग्यवती बनने का आशीर्वाद दे दिया. इसके बाद पार्वती जी नदी में स्नान करने चली गईं. वहां उन्होंने बालू मिट्टी से शिव जी की प्रतिमा बनाई और पूजा की. तब शिव जी प्रकट हुए और माता पार्वती से कहा कि जो स्त्री इस दिन तुम्हारी तरह मेरा पूजन और व्रत करेगी, उसके पति की आयु लंबी होगी. पूजा करते हुए माता पार्वती को आने में देरी हो गई. जब वो शिव जी के पास पहुंची तो उन्होंने माता से देरी की वजह पूछी. इस पर माता पार्वती ने बताया कि उनको उनके भाई-भाभी मिले और दूध-भात खाने के लिए दिया, जिसमें समय लग गया. यह सुनकर शिव जी को भी वहां जाने का मन हुआ. फिरपार्वती जी ने मन ही मन भगवान शिव से उनकी लाज बचाने की प्रार्थना की. इसके बाद जब वे नदी तट पर पहुंचे, तो वहां एक मायावी महल नजर आया. वहां शिव-पार्वती का खूब आदर-सत्कार हुआ. वो तीन दिन महल में रहे. शिव जी का मन महल में ही रहने का था, लेकिन पार्वती जी चल पड़ीं तो उनको भी माता के पीछे आना पड़ा. रास्ते में भगवान शिव को याद आया कि वो महल में अपनी माला भूल आए हैं. माला लाने के लिए उन्होंने नारद जी को भेजा. नारद जी ने वहां जाकर देखा तो कोई महल नहीं था. बस पेड़ पर एक माला लटकी पड़ी थी. यह देखकर नारद जी हैरान रह गए.फिर नारद जी माला लेकर शिवजी के पास गए. माला देकर उन्होंने शिव जी से कहा कि प्रभु यह कैसी माया है जब मैं माला लेने गया तो वहां पर भवन नहीं था. इस पर शिव पार्वती मुस्कुराए और बोले कि यह सब तो देवी पार्वती की माया थी. इस पर देवी पार्वती ने कहा कि यह मेरी नहीं भोलेनाथ की माया थी. इसके बाद नारद जी ने कहा कि आप दोनों की माया को आपके अलावा को दूसरा नहीं समझ सकता. आप दोनों की जो भक्ति भाव से पूजा करेगा, उसके जीवन में भी आपकी तरह प्रेम बना रहेगा.

अष्टमी पर कब करें कन्या पूजन? जानिए चैत्र नवरात्र का शुभ समय और महत्व

इंदौर नवरात्र में पूरे 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. खासतौर से चैत्र नवरात्रि को बहुत अहम माना जाता है. चैत्र नवरात्र से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत  मानी जाती है. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएंगी. इन नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की आराधना की जाती है. नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि बेहद खास होती है. जानते हैं कि चैत्र नवरात्र 2026 में महाअष्टमी की तारीख और इस दिन पूजा के शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।  अष्टमी का महत्व नवरात्रि के आठवें दिन को अष्टमी कहा जाता है और यह दिन देवी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों जैसे देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष फलदायी बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं, जिसमें छोटी बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है।  कब शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि 2026 ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। ऐसे में 19 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का त्योहार प्रारंभ होगा। क्या है कलश स्थापना का शुभ समय  नवरात्रि के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है। इस दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। नौ दिनों की होगी नवरात्रि 19 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 1-  अमावस्या, प्रतिपदा मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना 20 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 2- मां ब्रह्मचारिणी पूजा 21 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 3- मां चंद्रघंटा पूजा 22 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 4- मां कुष्मांडा पूजा 23 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 5-  मां स्कंदमाता पूजा 24 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 6- मां कात्यायनी पूजा 25 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 7- मां कालरात्रि पूजा 26 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 8- मां महागौरी पूजा ( इस दिन अष्टमी होगी। आप कन्या पूजन कर सकते हैं। ) 27  मार्च 2026- नवरात्रि दिन 9- मां सिद्धिदात्री पूजा ( इस दिन नवमी मनाई जाएगी। कन्या पूजन किया जाएगा )  पूजा विधि     नवरात्रि के पहले दिन आप एक साफ चौकी पर माता रानी की मूर्ति स्थापित करें।     देवी को लाल रंग की नई चुनरी पहनाएं।     इस दौरान देवी को अन्य श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और उन्हें इत्र लगाएं।     एक साफ थाली में रोली और अक्षत का टीका बनाकर माता रानी को लगाएं।     इसके बाद साफ लोटे में जल भरकर उसपर नारियर चुनरी में बांधकर रखें और कलश स्थापित करें।     इस दौरान कलश को भी टिका लगाएं।     देवी को फूलों की माला पहनाएं और सूखे मेवे पूजा में भोग के रूप में शामिल कर लें।     अब आप धूप उठाकर देवी के नामों का जाप करें और फिर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।     देवी की परिवार संग आरती कर लें और कुछ फल मिठाई भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांट दें।  

14 मार्च का राशिफल: आज किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे मिलेगी चुनौती

मेष राशि- दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ी हुई महसूस हो सकती हैं। अगर आप एक-एक काम पर ध्यान देंगे तो सब संभल जाएगा। किसी पुराने काम को निपटाने का मौका मिल सकता है। पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलें। घर के लोगों के साथ बातचीत करने से मन हल्का रहेगा और तनाव कम महसूस होगा। वृषभ राशि- कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहेगा। धीरे-धीरे मेहनत का असर दिख सकता है। किसी दोस्त या जानने वाले से काम की बात हो सकती है, जिससे आगे फायदा भी मिल सकता है। खर्च करते समय थोड़ा सोच लें। घर का माहौल ठीक रहेगा और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है। मिथुन राशि- मन थोड़ा उलझा हुआ महसूस कर सकता है। एक साथ कई चीजें दिमाग में चल सकती हैं। ऐसे में बेहतर रहेगा कि जरूरी काम पहले पूरे कर लें। किसी पुराने दोस्त से बातचीत हो सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। कर्क राशि- दिन सामान्य रहेगा। काम में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। परिवार से जुड़ी कोई बात सामने आ सकती है, जिस पर ध्यान देना पड़ेगा। किसी करीबी की सलाह काम आ सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। सिंह राशि- आत्मविश्वास बना रहेगा और काम करने का मन भी बना रहेगा। किसी नए काम या योजना के बारे में सोच सकते हैं। मेहनत करते रहेंगे तो धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आती नजर आएंगी। दोस्तों या परिवार के साथ अच्छी बातचीत हो सकती है। कन्या राशि- कुछ काम उम्मीद से थोड़ा देर से पूरे हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य रखना जरूरी रहेगा। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। पैसों के मामले में सावधानी रखें। घर के लोगों का साथ बना रहेगा। तुला राशि- दिन ठीक-ठाक रह सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे तो कुछ में थोड़ा समय लग सकता है। किसी पुराने मामले को सुलझाने की कोशिश सफल हो सकती है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। शाम के समय थोड़ा आराम करने का मन कर सकता है। वृश्चिक राशि- किसी जरूरी काम में धीरे-धीरे प्रगति दिख सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। मन में चल रही चिंता थोड़ी कम महसूस हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। पैसों को लेकर संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। धनु राशि- कुछ नया करने का मन बना रह सकता है। किसी काम को नए तरीके से करने की सोच सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। घर का माहौल सामान्य रहेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। मकर राशि- काम की जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा लग सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। अगर आप धैर्य से काम करेंगे तो स्थिति बेहतर होती नजर आएगी। किसी करीबी की मदद मिल सकती है। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखना जरूरी रहेगा। कुंभ राशि- मन थोड़ा बदलाव चाहता हुआ महसूस हो सकता है। नई चीजें सीखने या करने का मन बन सकता है। दोस्तों से बातचीत अच्छी रहेगी। कामकाज में धीरे-धीरे स्थिति साफ होती नजर आएगी। दिन सामान्य तरीके से गुजर सकता है। मीन राशि- भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेने से बचें। शांत दिमाग से सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। कामकाज में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। परिवार का साथ बना रहेगा। किसी करीबी से बात करने से मन हल्का महसूस हो सकता है।

शनि का प्रकोप हुआ शांत: साढ़ेसाती और ढैय्या झेल रहे लोगों को मिली बड़ी राहत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास आ जाता है, तो सूर्य की तेज रोशनी में उसकी चमक छिप जाती है. इसे ही ग्रहों का ‘अस्त’ होना कहते हैं. शनि देव, जो हमारे जीवन में अनुशासन और कर्मों का हिसाब रखते हैं, अब मीन राशि में अस्त हो गए हैं. शनि का इस तरह शांत होना एक बड़ी बात है, क्योंकि वे ही हमारे जीवन में स्थिरता लाते हैं. जब शनि देव अस्त होते हैं, तो उनकी सख्ती थोड़ी कम हो जाती है, जिससे हमें पुराने तनावों से राहत तो मिलती है, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को लेकर अधिक सावधान रहने की जरूरत भी पड़ती है. शनि के अस्त होने से साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है, खासकर उन लोगों के लिए जो विशेषकर मेष, सिंह, धनु, कुंभ और मीन राशि से ताल्लुक रखते हैं. दरअसल, अस्त शनि के कारण शनि की क्रूरता कम हो जाती है, जिससे रुके हुए काम बनते हैं, मानसिक तनाव कम होता है, और स्वास्थ्य में सुधार के साथ अचानक धन लाभ की संभावना बनती है। आने वाले लगभग चालीस दिनों का यह समय हम सभी के लिए खुद को समझने और भविष्य की योजनाएं बनाने का एक अच्छा मौका है. चलिए जानते हैं कि शनि की इस बदलती स्थिति का आपके जीवन के संचालन पर कैसा असर होगा. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शनि का अस्त होना एक तरह से ‘आराम के पल’ लेकर आया है. काफी समय से आप जिस भागदौड़ और दिमागी तनाव से गुजर रहे थे, अब उसमें कमी आएगी. यह समय दुनिया की उलझनों में फंसने के बजाय अपने मन की शांति पर ध्यान देने का है. आपके लिए मेडिटेशन करना बहुत अच्छा रहेगा. पुरानी चिंताएं धीरे-धीरे दूर होंगी, जिससे आप अपने आने वाले कल के लक्ष्यों को एक नए और शांत नजरिए से देख पाएंगे. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह समय अपनी बड़ी इच्छाओं और मेल-जोल को समझने का है. हो सकता है कि आपके कुछ रुके हुए कामों में थोड़ा और वक्त लगे, लेकिन धीरज रखेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी. आप अपने व्यवसाय में एक नई ऊर्जा महसूस करेंगे. यह समय यह सोचने का है कि आपके लिए सबसे जरूरी क्या है. दोस्तों और करीबियों का साथ आपको आगे बढ़ने का हौसला देगा. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए कामकाज के मामले में यह राहत भरा समय है. ऑफिस या कार्यक्षेत्र में आप जो भारी दबाव महसूस कर रहे थे, वह अब कम होने लगेगा. हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी जिम्मेदारियों में ढील दें. बड़े अधिकारियों की सलाह से आपको तरक्की के अच्छे मौके मिल सकते हैं. अपनी काबिलियत को और निखारने की कोशिश करें, इससे आपके करियर का संचालन बहुत शानदार तरीके से होगा. कर्क राशि कर्क राशि वालों को इस दौरान पढ़ाई या कानूनी कागजों से जुड़े कामों में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. कुछ कामों में देरी होने की आशंका है, जिससे मन थोड़ा परेशान हो सकता है. इस समय को कुछ नया सीखने के मौके की तरह देखें. जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें, वरना नुकसान हो सकता है. पूरी योजना बनाकर ही कदम आगे बढ़ाना आपके लिए समझदारी होगी. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक अनुशासन का है. निवेश से जुड़े मामलों में पूरी सावधानी बरतें. किसी भी प्रकार के जोखिम भरे व्यवसाय या निवेश से दूर रहना ही आपके हित में होगा. यह दौर आपके भीतर कुछ भावनात्मक बदलाव भी ला सकता है. अपनी निजी जरूरतों को समझें और शांत रहकर अपने आर्थिक पक्ष का संचालन करें. कन्या राशि कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में सहजता अपनानी होगी. जीवनसाथी या पार्टनर्स के साथ छोटी-मोटी बातों पर अनबन होने की आशंका है. अपनी बात कहने में सावधानी रखें और दूसरों की सोच को भी समझने की कोशिश करें. यह समय आपके रिश्तों को और भी ज्यादा गहरा और मजबूत बनाने का है. अगर आप अपने व्यवहार में थोड़ा लचीलापन और विनम्रता रखेंगे, तो आप अपने सामाजिक जीवन का बहुत अच्छी तरह संचालन कर पाएंगे और इससे आपको मन की शांति भी मिलेगी. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए शनि देव का अस्त होना एक अच्छा संकेत है. आपकी रोज की दिनचर्या अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो जाएगी और सेहत से जुड़ी पुरानी दिक्कतों में सुधार होने की अच्छी संभावना है. काम का भारी बोझ कम होने से आपको खुद के लिए और अपनी निजी योजनाओं के लिए समय मिल पाएगा. अपनी छोटी-बड़ी आदतों में थोड़े अच्छे बदलाव करें, जो आने वाले समय में आपको बहुत बढ़िया और सुखद परिणाम देंगे. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों को अपने रचनात्मक कामों और प्रेम संबंधों में थोड़ा धीरज रखने की सलाह दी जाती है. हो सकता है कि आपकी कुछ योजनाएं उम्मीद से थोड़ी धीमी चलें, जिससे मन में चिड़चिड़ापन आ सकता है. ऐसे में भावुक होकर परेशान होने के बजाय सहजता से काम लें. आपकी लगातार की गई मेहनत ही आपको मंजिल तक पहुंचाएगी. अपने मन को भटकने न दें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान टिकाए रखें, सफलता जरूर मिलेगी. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह समय घर-परिवार को समर्पित करने का है. आप अपनों के करीब आएंगे और पारिवारिक सुख-शांति के लिए प्रयास करेंगे. परिवार के प्रति नई जिम्मेदारियां आपके आपसी स्नेह को और गहरा करेंगी. घर का माहौल सकारात्मक बनाए रखने में आपकी भूमिका मुख्य होगी. यह समय आपके मन में सुरक्षा और संतोष का भाव पैदा करेगा. मकर राशि मकर राशि के स्वामी शनि देव स्वयं हैं, इसलिए उनका अस्त होना आपके लिए आत्म-निरीक्षण का समय है. आप नए निर्णयों को लेकर थोड़े असमंजस में रह सकते हैं. किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने या नई योजना शुरू करने से पहले बारीकियों को समझें. वाणी में मधुरता और सोच में स्पष्टता रखने से आप कठिन स्थितियों का भी कुशलता से संचालन कर पाएंगे. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों को अपने बजट और संचित धन पर ध्यान देना होगा. कुछ अनचाहे खर्चों के आने की आशंका है, इसलिए अपनी वित्तीय स्थिति का संचालन बहुत समझदारी से करें. यह समय आपको भविष्य के … Read more

मां दुर्गा की कृपा चाहिए तो नवरात्रि से पहले घर की इन गलतियों को तुरंत सुधारें

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की आराधना और शुद्धि का समय माना जाता है। शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन उन्हीं घरों में होता है जहां स्वच्छता और सकारात्मकता का वास हो। यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाली वस्तुएं मौजूद हैं, तो मां दुर्गा की कृपा से वंचित रहना पड़ सकता है। नवरात्रि के पवित्र दिनों से पहले घर की शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। यहाँ उन प्रमुख चीजों की सूची दी गई है जिन्हें आपको नवरात्रि से पहले घर से हटा देना चाहिए ताकि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो सके: टूटी-फूटी वस्तुएं और खंडित सामान वास्तु शास्त्र में टूटी हुई वस्तुओं को नकारात्मकता का मुख्य स्रोत माना गया है। घर में पड़े हुए टूटे हुए कांच, बर्तन, फर्नीचर, या इलेक्ट्रॉनिक सामान को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही घर से बाहर कर दें। माना जाता है कि ये वस्तुएँ घर में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव पैदा करती हैं। यदि कोई वस्तु उपयोग में नहीं है और टूटी हुई है, तो उसे सुधारें या तुरंत हटा दें। पुरानी और रद्दी सामग्री अक्सर हम घर के कोनों में, अलमारियों के पीछे या स्टोर रूम में पुरानी रद्दी, अखबारों के ढेर, पुरानी पत्रिकाएं और अनावश्यक कागज जमा कर लेते हैं। ये चीजें अटका हुआ ऊर्जा का प्रतीक हैं। गंदगी और धूल जमा होने से वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जो देवी के स्वागत में बाधक बनती है। इन्हें हटाकर घर को व्यवस्थित करें। पुराने और फटे-पुराने कपड़े यदि घर में ऐसे कपड़े हैं जिन्हें आप काफी समय से नहीं पहन रहे हैं या जो फट गए हैं, तो उन्हें नवरात्रि से पहले दान कर देना चाहिए या हटा देना चाहिए। अनावश्यक कपड़े घर में ऊर्जा के प्रवाह को रोकते हैं। पुराने कपड़े हटाने से घर में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूखे पौधे और मुरझाए फूल घर की बालकनी या पूजा घर के आसपास यदि आपने गमले रखे हैं और उनमें लगे पौधे सूख गए हैं या फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें। सूखे पौधे घर में उदासी और नकारात्मकता का संकेत देते हैं। नवरात्रि के आगमन पर घर में ताजे और हरे-भरे पौधे या ताजे फूलों की सजावट करना शुभ माना जाता है।  बंद घड़ियां वास्तु के अनुसार, बंद घड़ियां प्रगति में रुकावट का प्रतीक मानी जाती हैं। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो या तो उसे ठीक करवाएं या उसे घर से हटा दें। समय का सही चलना घर में निरंतरता और सफलता को दर्शाता है। खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण घर में खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे- बंद पड़े मोबाइल फोन, खराब चार्जर, या अन्य बिजली के उपकरण, जो अब काम नहीं करते, उन्हें घर से हटा देना बेहतर है। ये चीजें राहु के दोष को बढ़ाती हैं, जिससे घर में मानसिक उलझनें पैदा होती हैं। पूजा घर की शुद्धि नवरात्रि के लिए पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यहां किसी भी प्रकार की खंडित मूर्ति या फटी हुई धार्मिक पुस्तकें नहीं होनी चाहिए। यदि आपके मंदिर में ऐसी कोई वस्तु है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी जल में प्रवाहित करें या विसर्जित करें। इसके अलावा, पिछले उत्सवों की बची हुई सूखी सामग्री या राख को हटाकर पूरे मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें। नवरात्रि के लिए कुछ विशेष वास्तु सुझाव गंगाजल का छिड़काव: पूरे घर में, खासकर कोनों और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध होती है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर या कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। यह सुख-समृद्धि का द्वार खोलता है। आम के पत्तों का तोरण: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है, यह देवी लक्ष्मी और दुर्गा का स्वागत करने का संकेत है। साफ-सफाई का महत्व: घर का कोना-कोना साफ रखें। जिस घर में धूल-मिट्टी नहीं होती, वहां देवी का वास स्थाई रूप से होता है।

“आज का राशिफल (13 मार्च 2026): किस राशि का चमकेगा सितारा, किसे रहें सतर्क रहने की सलाह

मेष मेष राशि वालों के मन में कोई नया और अलग काम करने का विचार आ सकता है। आप तुरंत उसपर काम करना चाहेंगे, लेकिन जल्दबाजी ना करें,बल्कि थोड़ा रुक जाएं। देखें कि जो कदम उठाने जा रहे हैं, वो भविष्य के लिए सही है या नहीं। कामकाज ठीक रहेगा। कोई भी काम ईमानदारी और अनुशासन से करेंगे तो आपको लंबे समय में बेहतर सफलता मिलेगी। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। वृषभ कामकाज के मामले में वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा दिन रहेगा। नई शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन आपकी पुरानी आदतें आपको रोक सकती हैं। ऐसे में रिलैक्स वाले मूड से बाहर निकलें और कुछ नया करने की ट्राई करें। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। आज एक छोटा कदम भी आपको आगे बड़ी सफलता की ओर ले जा सकता है। सेहत का ध्यान रखें। पानी का सेवन खूब कर मिथुन मिथुन राशि वालों की जिम्मेदारी और काम दोनों बढ़ सकती है। हालांकि ज्यादा काम लेने से परेशानी हो सकती है। ऐसे में हर किसी को ‘हां’ कहने से बचें। एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें, इससे काम अच्छा होगा और तनाव भी कम रहेगा। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें। हल्की वॉक करें और खानपान का ध्यान रखें। फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। कर्क कर्क राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। कामकाज में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि आज कोई पुराना सपना या लक्ष्य फिर से याद आ सकता है। उसमें धीरे-धीरे फिर से काम शुरू करें। छोटे कदम उठाने से धीरे-धीरे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल कर लें। सिंह सिंह राशि वाले आज जल्दी परिणाम पाने की इच्छा को थोड़ा रोकें। धैर्य और अनुशासन से काम करेंगे, तो आगे अच्छा फायदा मिलेगा। बड़ी सोच रखें और सही समय का इंतजार करें। सेहत सामान्य रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी बात हो, उसे खुलकर कहें। कन्या कन्या राशि वाले हर काम को बिल्कुल परफेक्ट बनाने की चिंता न करें। पहले काम पूरा करें, बाद में सुधार किया जा सकता है। काम को सरल तरीके से करेंगे तो ज्यादा काम कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरीके से जान लें। सेहत से कोई लापरवाही ना करें। तुला तुला राशि वालों को साफ और मजबूत फैसला लेना होगा। हर बात में बीच का रास्ता न अपनाएं। आपकी स्पष्ट बात और आत्मविश्वास से लोग आपका सम्मान करेंगे। परिवार से राय लेने में कोई हर्ज नहीं है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। धन के मामले में जल्दबाजी ना करें। धनु धनु राशि वाले नई सोच के साथ नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आप उस काम या पढ़ाई को फिर से शुरू कर सकते हैं, जिसे आपने बीच में ही छोड़ दिया था। खर्चों पर ध्यान दें। थोड़ी-थोड़ी बचत भविष्य में काम काएंगी। कामकाज के मामलों में आपकी तारीफ होगी। शुभ समाचार मिल सकता है। हालांकि सेहत का ध्यान रखें। हल्की वॉक या मेडिटेशन से दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों को हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। कई बार चुप रहकर स्थिति को समझना बेहतर होता है। ध्यान से सुनेंगे तो सही फैसला ले पाएंगे। रिलेशनशिप की बात करें, तो पार्टनर के सामने अपनी बातें खुलकर रखें और उनकी भी सुनें। उन्हें थोड़ा समय दें। इससे रिश्ता और भी मजबूत होता है। सेहत का ध्यान रखें। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें, वरना तनाव हो सकता है। रात में मोबाइल देर तर ना चलाएं। मकर मकर राशि वाले जातकों के लिए कुछ अचानक बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने प्लान में थोड़ा लचीलापन रखें। अगर आप परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालेंगे तो दिन आसानी से निकल जाएगा। कुंभ कुंभ राशि वालों को कुछ चीजें स्पष्ट कर लेना ही उचित है। क्योंकि सिर्फ नए आइडिया सोचने से काम नहीं चलेगा, उन्हें पूरा करना भी जरूरी है। अपने विचारों को काम में बदलने की कोशिश करें। मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। सेहत का ख्याल रखें। मीन मीन राशि वालों को आज काम से बचने की कोशिश करने से परेशानी बढ़ सकती है। बेहतर है कि अपने जरूरी काम समय पर पूरे कर लें। इससे बाद में आप आराम से अपना समय बिता पाएंगे। शाम में हल्की सैर करें और समय पर खाना खाएं। बाहर के खाने को अवॉइड करें।

पापमोचनी एकादशी 2026: व्रत के दिन इन भूलों से बचें, नहीं तो नहीं मिलेगा व्रत का लाभ

चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकदाशी का व्रत करने से जाने अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है, लेकिन अगर इस व्रत के नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता. यही कारण है इस एकादशी के नियमों का कठोरता से पालन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी के दिन कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए? कब है पापमोचनी एकादशी? दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा. व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट के बीच किया जा सकता है. पापमोचनी एकादशी के दिन न करें ये गलतियां चावल खाना: एकादशी के दिन चावल खाना मना है. पौराणिक कथाओं में चावल का संबंध रेंगने वाले जीव से बताया गया है. मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से चंचलता बढ़ती है और व्रत का सात्विक प्रभाव कम होता है. क्रोध और वाद-विवाद: इस दिन किसी पर क्रोध करने, अपशब्द बोलने या किसी की बुराई करने से बचें. ऐसा करने से संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं. तुलसी तोड़ना: एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ना वर्जित होता है. ऐसे में पूजा के लिए तुलसी एकादशी के एक दिन पहले तोड़कर रख लें. दिन में सोना: व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें. क्योंकि इससे व्रत का प्रभाव कम होता है. इसके बजाय इस समय भगवत गीता का पाठ या मंत्र जाप करें. तामसिक भोजन: पापमोचनी एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें.

ज्योतिष चेतावनी: अगर दिखें ये संकेत, तो समझ लें कुंडली में ग्रह हो गया है अशुभ

ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है. यह ग्रह भ्रम, मायाजाल, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जुड़ा होता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ या कमजोर हो जाती है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिषियों के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक व्यवहार, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में अगर जीवन में कुछ खास संकेत बार-बार दिखाई देने लगें, तो यह समझना चाहिए कि कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है. आइए जानते हैं वे कौन-से संकेत हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. बार-बार गलत फैसले लेना अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गलत निर्णय लेने की आदत हो जाए या वह जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेने लगे, जिनसे नुकसान उठाना पड़े, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही और गलत में फर्क करने में कठिनाई महसूस करता है. मानसिक भ्रम और अनावश्यक डर राहु के खराब होने पर व्यक्ति के मन में बिना वजह डर, चिंता और अस्थिरता बढ़ सकती है. कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कोई दबाव या तनाव लगातार बना हुआ है. मानसिक उलझन और बेचैनी भी राहु के प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है. अचानक नुकसान या रुकावटें ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के काम बार-बार बनते-बनते बिगड़ जाएं, अचानक आर्थिक नुकसान हो जाए या बिना कारण रुकावटें आने लगें, तो यह भी राहु की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है. राहु अचानक बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है. गलत संगति की ओर झुकाव कुंडली में राहु के खराब होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है. नकारात्मक लोगों का साथ, गलत आदतों की ओर झुकाव या ऐसे फैसले जो जीवन को गलत दिशा में ले जाएं, ये सभी संकेत राहु के प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं. बार-बार विवाद और तनाव अगर व्यक्ति के जीवन में बिना वजह विवाद बढ़ने लगें, रिश्तों में तनाव रहने लगे या लोग अचानक विरोध करने लगें, तो ज्योतिष में इसे भी राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. राहु भ्रम और टकराव की स्थितियां पैदा कर सकता है. राहु के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम? ज्योतिष शास्त्र में राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.     नियमित रूप से राहु मंत्र का जाप करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी माना जाता है.     इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाना, गलत संगति से बचना और संयमित व्यवहार रखना भी राहु के प्रभाव को संतुलित करने में मददगार माना जाता है.     ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को सकारात्मक दिशा देता है, तो ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.  

Horoscope Today: 12 मार्च 2026 को इन राशियों को मिलेगा फायदा, कुछ को रहना होगा सावधान

मेष राशि मेष राशि वालों के लिए समय अभी खास है, आपको इस समय किसी भी तरह का गुस्सा नहीं करना है। इस समय आपको नौकरी के कारण विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है या फिर नौकरी में बदलाव के साथ परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। खर्चों में वृद्धि भी संभव है। वृषभ राशि वृषभ रासि वालों के लिए शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में आपका मन लगेगा। इस समय वृषभ राशि के लोगों को अपना काम ईमानदारी और आत्मविश्वास से करना होगा। आपकी इनकम भी इस समय बढञ सकती है। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ के मौके भी आपके पास आ सकते हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए आपके पास कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब आपकी जिम्मेदारियां प्रोफेशनल लाइफ में बढ़ सकती हैं। इस समय आपको अपने इमोशंस को भी काबू में रखना है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु संयत रहें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिक्कतों वाला समय रहेगा, धन हानि के संकेत हैं। इस समय कोशिश करें कि किसी भी तरह के निवेश करने से बचें। अगर आपकी फैमिली में तू-तू,मैं-मैं की स्थिति है, तो जुबान पर कंट्रोल रखें। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए अच्छा समय रहेगा। आपको इस समय बिजनेस और हेल्थ दोनों पर ध्यान देना चाहिए। फैसले सोच समझकर लें। हेल्थ भी थोड़ी दिक्कत दे सकती है। लवलाइफ अच्छी रहेगी। संतान की तरफ से अच्छी खबर मिल सकती है। कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को पर्सनल लाइफ में इस समय दिक्कतें आ सकती हैं। आपको बीपी के लिए खास ध्यान देना चाहिए। बीपी लो और हाई हो सकता है।लेकिन घबराएं नहीं, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बिजनेस आज ठीकठाक रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए मेंटली स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है। आप बहुत लो फील करेंगे। हेल्थ आपकी मीडियम रहेगी। बिजनेस भी आपका मीडियम दिख रहा है। कुल मिलाकर आपको आज आराम करना चाहिए। धनु राशि धनु राशि के लोगों को खास तौर पर ध्यान देना है और आपके लिए यह समय पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में खास रहेगा। आपको हर तरह से सपोर्ट दिखाना है, अपने पार्टनर को लेकर। पर्सनल लाइफ आपकी अच्छी है। वृश्चिक राशि वृश्चिक वालों के लिए समय अभी अनुकूल है। आपको खास तौर पर पार्टनर की हेल्थ पर ध्यान देना है। नोकरी में भी समस्याएं आ सकती है। प्रेम-संतान लगभग ठीक रहेगा। मकर राशि खर्च की अधिकता के कारण आप परेशान हो सकते हैं, लेकिन इसका बहुत अधिक असर आपकी लाइफ परनहीं होगा। घर में लाइफ पार्टनर से लड़ाई के संकेत हैं। हेल्थ, लव और बिजनेस आपके लिए सही है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों की इनकम में बहुत अधिक वृद्धि होगी। आपका मन इस समय परेशानी दे सकता है। लो फील करेंगे। स्वास्थ्य ठीक है। लवलाइफ और व्यापार अच्छा है। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मीन राशि मीन राशि : मीन राशि के लोगों के लिए परिस्थितियां प्रतिकूल होने वाली हैं। आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देना होगा। आपकी लवलाइफ भी आज लगभग ठीक है। कुल मिलाकर आपको इस समय हेल्थ और पर्सनल लाइफ पर खास ध्यान देना है।

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