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VIT भोपाल ने UHET को ₹10 लाख दान किए और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक सामाजिक पहलों का आयोजन किया

भोपाल चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन की 86वीं जयंती के अवसर पर, VIT भोपाल विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सल हायर एजुकेशन ट्रस्ट (UHET) को ₹10 लाख का दान किया, जिससे शैक्षिक सुधारों और आवश्यक सुविधाओं को समर्थन मिलेगा। इस कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया, जिसमें कोठरी में स्थित लड़कियों के छात्रावास एवं स्कूलों में प्रभावशाली पहलों का आयोजन किया गया। नृत्य प्रतियोगिताएं, क्विज़, खेल, नेतृत्व कार्यशालाएं और कौशल विकास सत्र आयोजित किए गए, जिनसे छात्रों में आत्मविश्वास, जागरूकता और सामंजस्य का विकास हुआ. जिनमें से कई को ऐसे अवसरों का अनुभव पहले नहीं हुआ था। छात्रों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए, जो समावेशिता को बढ़ावा देने का प्रतीक थे। पुरस्कार वितरण समारोह में श्री के.के. नायर, रजिस्ट्रार, VIT भोपाल विश्वविद्यालय और अन्य संकाय सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन में डॉ. जी. विश्वनाथन, उपाध्यक्ष श्री संकर विश्वनाथन, सहायक उपाध्यक्ष श्रीमती कधंबरी एस. विश्वनाथन और ट्रस्टी श्रीमती रामानी बालसुंदरम जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां ऑनलाइन उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने दृष्टिकोण से सभी को प्रेरित किया, “एक लड़की को शिक्षा देना एक मजबूत परिवार और राष्ट्र के लिए दृढ़ नींव बनाता है।” यह अद्वितीय आयोजन VIT भोपाल की सामाजिक उत्थान और समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता है।

राजगढ़ एसपी ने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर दिया

 राजगढ़ मंगलवार शाम को ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर देने का प्रयास किया। यह था मामला मंगलवार शाम को राजगढ़ जिले के कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे थे। इस दौरान करनवास के पास सड़क पर उन्हें घायल अवस्था में एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखा। यह देख एसपी-कलेक्टर ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना देरी किए सड़क पर उतरकर घायल बुजुर्ग की मदद करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर पड़े हीरालाल सितार (70) निवासी किशनपुरिया को एक कार ने टक्कर मार दी थी। टक्कर मारने के बाद कार का चालक फरार हो गया और हीरालाल अचेत अवस्था में पड़े थे। सीपीआर देते हुए एसपी बोले- काका उठों इसके बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने घायल को बचाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश की। उन्होंने मुंह से सांस देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया और बुजुर्ग को होश में लाने के लिए ‘काका’ कहकर आवाज दी। इस दौरान कलेक्टर गिरिश कुमार मिश्रा भी उनके पास मदद के लिए खड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वायरल हो रहा वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अफसरों का बुजुर्ग की मदद करने की घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस टक्कर मारने वाले कार चालक की तलाश कर रही है।

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा         डॉ. मोहन यादव     आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं…।     यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसंबर 2024 की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएं, मान्‍यताएं और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाना है। सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में विद्यालयों में गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाखों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है।     भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कही गईं वह आज भी सम-सामयिक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस गीता भाष्य की रचना की थी उसे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु आदि क्रांतिवीर अपने पास रखते थे। गीता भाष्य से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष किया। गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है।     गीता का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध है। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये मध्यप्रदेश की उज्जैन नगरी आये थे। यहां महर्षि सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी, इसी धरती पर उन्हें सुदर्शन मिला। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिये एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। यह भवन गीता के ज्ञान को साझा करने का महत्वपूर्ण स्थान होगा। यहां होने वाले विचार-विमर्श से लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आयेगा। हमने प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गांव को चयनित कर वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन गांवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। वृंदावन गांव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा।     रामायण और श्रीमद्भगवद गीता हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को परिष्कृत किया जा सकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए पाठ्यक्रमों में रामायण और गीता वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल की गई हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जो धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एक हाथ में श्रीमद्भगवद गीता है तो दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पुस्तकें। यह बदलाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है।     श्रीमद्भगवद गीता में कुल 700 श्लोक हैं। इनमें 574 श्रीकृष्ण उवाच अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुल 574 श्लोकों में जीवन का संदेश दिया है। व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के जीवन के सभी विषय,हर समस्या का समाधान इन श्लोकों के सूत्रों में है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता केलिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है।                 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।         मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥          अर्थात् तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं… इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है।     गीता के अध्याय दो के इस श्लोक में किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का ही नहीं, समाज और राष्ट्र के विकास का भी यही सूत्र है। मनुष्य को अपना पूरा ध्यान अपने कर्म और कर्तव्य पर ही लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति का समर्पण कर्तव्य के प्रति है तो उससे कोई अनुचित कार्य नहीं होगा और यदि पूरी आयोजना के साथ कर्म आरंभ किया है तो उसकी शत-प्रतिशत सफलता निश्चित है तब क्यों परिणाम के प्रति चिंतित होना चाहिए।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि श्रीमद्भगवद गीता की प्रेरणा से मध्यप्रदेश ने अपनी विकास यात्रा आरंभ की है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है “विकास के साथ विरासत”। इसीलिए एक ओर जहां विकास के लिये बहुआयामी योजनाओं पर काम हो रहा है वहीं भावी पीढ़ी के निर्माण और उन्हें अपने कर्म-कर्तव्य की प्रेरणा देने के लिये विरासत को भी संजोया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों में योगेश्वर और कर्मेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बिखरी हुई हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, महू के पास जानापाव में भगवान परशुराम से भेंट, धार जिले के अमझेरा में रुक्मणी वरण और शौर्य का प्रदर्शन आदि स्थानों में उनके स्मृति चिन्ह हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण करने … Read more

एमएस इंडस्ट्रीज के गोदाम में मिला कई राज्यों से लाया पीडीएस का चावल, गेहूं व सोयाबीन

शिवपुरी  प्रशासनिक अमले ने मंगलवार को गुना बाईपास स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज पर छापा मार कार्रवाई की। इस छापामार कार्रवाई के दौरान अमले को वहां गरीबों के हक का पीडीएस का चावल, मंडी का टैक्स चोरी का गेहूं और सोयाबीन मिला। प्रशासनिक अमले ने सभी सामान को जब्त कर गोदाम को सील कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी को सूचना मिली कि इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज के संचालक अंकित पुत्र उमेश गोयल के गोदाम में पीडीएस का चावल आया है। सूचना पर उन्होंने एसडीएम उमेश कौरव, तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा को मौके पर कार्रवाई करने के लिए भेजा। जब टीम मौके पर पहुंची तो गोदाम का गेट बंद था। टीम ने जब गेट खुलवाने का प्रयास किया तो गोदाम के कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से गेट खोले। 750 क्विंटल चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन, 1051 क्विंटल गेहूं जब्त     गेट खोलने पर गोदाम के अंदर राजस्थान से आया एक बड़ा ट्रोला क्रमांक आरजे 06 जीडी 0711 रखा हुआ था, जिसमें चावल भरा होना बताया गया। चावल प्रथम दृष्टया पीडीएस का प्रतीत हुआ।     टीम ने जब गोदाम के अंदर जाकर देखा तो उसमें गेहूं, सोयाबीन भी रखा हुआ था। प्रशासनिक अमले ने मौके पर खाद्य विभाग, मंडी व नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी बुला लिया।     मौके से सामान के सैंपल चेक करवाए गए। इसके अलावा गेहूं व साेयाबीन टैक्स चोरी का है। टीम ने गोदाम में 750 क्विंटल पीडीएस का चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन और 1051 क्विंटल गेहूं मौके से जब्त किया है। मप्र, पंजाब, उप्र व केंद्र सरकार के कट्टों में मिला गेहूं प्रशासनिक अमला भले ही गेहूं को टैक्स चोरी का गेहूं बता रही थी, परंतु रसद माफिया के गोदाम में जिन बोरों में गेहूं पैक रखा हुआ था, उनके ऊपर स्पष्ट रूप से एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन, एससीएससी मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन भारत सरकार के सौजन्य से उचित मूल्य की दुकान, गवर्नमेंट ऑफ पंजाब, उत्तर प्रदेश सरकार खाद तथा रसद अंकित था। यह बोरे इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह राशन न सिर्फ मप्र बल्कि उप्र, पंजाब के गरीबों के साथ-साथ, केंद्र सरकार की योजना का भी था। यह सारा राशन उक्त राज्यों के गरीब परिवारों तक जाना था, परंतु अंकित गोयल के गोदाम में पहुंच गया। आदिवासियों ने भी किया प्रदर्शन जब इस बात की जानकारी सहरिया क्रांति के आदिवासी कार्यकर्ताओं को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। आदिवसियों ने गोदाम पर पहुंच कर नारेबाजी की और रसद माफिया के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। आदिवासियों का कहना था कि यह गेहूं और चावल उनके हक का है, जिसे माफिया ने अपने गोदाम में भरकर रखा है। उनके बच्चे भूखे रह कर कुपोषण से दम तोड़ रहे हैं। मौके पर न लाइसेंस मिल, न स्टॉक रजिस्टर खास बात यह है कि जिस समय टीम ने गोदाम पर छापामार कार्रवाई की, उस समय गोदाम में न तो लाइसेंस मिला, न स्टॉक रजिस्टर और न ही अन्य कोई दस्तावेज। सूत्र बताते हैं कि यह सभी दस्तावेज गोदाम में मौके पर ही मौजूद होना चाहिए था। टीम के कहने के बाबजूद कई घंटे बाद भी यह दस्तावेज फर्म संचालक ने तत्समय उपलब्ध नहीं करवाए। यह हालात घालमेल की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर, 16 शहरों में अगले 4 दिन शीतलहर का अलर्ट, रायसेन में जमी ओस

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों बर्फीली हवाओं की वजह से ठिठुर रहा है। दिन और रात का टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4-5 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के 16 जिलों में कोल्ड वेव का रहेगा असर। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 15 जिलों में सर्द हवाएं चलीं। पचमढ़ी देश का 10वां सबसे ठंडा शहर रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, ‘इस समय पश्चिम-उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। इन दोनों सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।’ पचमढ़ी में एक रात में 1.7 डिग्री गिरा पारा मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात पचमढ़ी में 1.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। एक रात पहले यह 3.5 डिग्री सेल्सियस था यानी एक ही रात में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान नीचे आया है। यह भोपाल में 6.9 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा रायसेन, गुना, उमरिया, मंडला और नौगांव में टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा। रायसेन में 4.8 डिग्री, गुना-उमरिया में 5 डिग्री, मंडला में 5.2 डिग्री और नौगांव में 5.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में आज कोल्ड डे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और शाजापुर में कोल्ड डे रहेगा। वहीं, जबलपुर, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी में सर्द हवाएं चलेंगी।  मौसम विभाग ने 11, 12 और 13 दिसंबर को धार, गुना-अशोकनगर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। जेट स्ट्रीम हवाएं 12.6 किमी ऊंचाई पर 277 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से चल रही है। इससे एमपी में भी ठिठुरन है। आने वाले दिनों में हवा की ऊंचाई कम हो जाएगी। जिससे पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ जाएगा।। बर्फीली हवाओं का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्से में रहेगा। इनमें ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल में दो साल का रिकॉर्ड टूटा राजधानी भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 2 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक ही रात में पारा 4.5 डिग्री लुढक कर 7.8 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले दो साल में सबसे कम है। 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 8.6 और 8.8 डिग्री रहा था। इधर प्रदेश के सभी शहरों में तापमान में गिरावट हुई। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 3.5 डिग्री पर आ गया। जबकि रायसेन का 3.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी खासी गिरावट हुई है। इंदौर में 8.7 डिग्री, ग्वालियर में 8.5 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह राजगढ़, नौगांव, उमरिया ऐसे शहर रहे, जहां पारा 7 डिग्री से नीचे रहा। जाने आगे कैसा  रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सबसे ज्यादा ठंड पड़ेगी। कड़ाके की ठंड का यह दौर जनवरी तक बना रहेगा। इन्हीं 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाएं की भी चल सकती है। हालांकि, दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में सर्द हवाएं चलने का अलर्ट है। इस बार सबसे ज्यादा ठंड उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह बर्फीली हवाएं सीधे आना है। वर्ष 2014 से 2023 तक के ट्रेंड पर नजर डाली जाए तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू होती है। इन पांच बड़े शहरों में पारे में सबसे ज्यादा गिरावट ग्वालियर में होती है। पिछले 10 साल में एक बार टेम्प्रेचर 1.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में यह 4.4 डिग्री और उज्जैन में 2.5 डिग्री तक रहा है। भोपाल और इंदौर में भी टेम्प्रेचर 5 डिग्री से नीचे रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री से वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति को समय पर, सुलभ और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा मैनपावर की कमी एक प्रमुख चुनौती है, जिसे प्रभावी रणनीतियों से दूर किया जाना जरूरी है। इसके लिए मेडिकल के साथ नॉन-मेडिकल हस्तक्षेपों पर भी काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रदेश में सभी स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुँच सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से आज मंत्रालय भोपाल में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों और अंतःक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को मजबूत बनाने के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट्स के रूप में विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में वृद्धि के साथ मैनपॉवर व्यवस्था के लिये व्यापक भर्तियाँ की जा रही है। इन प्रयासों के सदुपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य मानकों में सुधार शासन का लक्ष्य है। तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ के लिये दें सुझाव उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन मानकों में सुधार के लिए ऐसी रणनीतियां बनाई जानी चाहिए जो शॉर्ट टर्म में त्वरित प्रभाव दें साथ ही दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल से प्रदेश की वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों का सटीक आकलन कर ऐसे सुझाव देने के लिये कहा जिनसे तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ चरणबद्ध रूप से प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्ल्ड बैंक का यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को समझने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य सूचकांकों का अध्ययन, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के विस्तार और बीमारियों के भौगोलिक वितरण के विश्लेषण पर गहन मंथन हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड बैंक प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिए सुझाव प्रस्तुत करेगा ताकि हर नागरिक को यूनिवर्सल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। “गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट” फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए अध्ययन कर देगा सुझाव वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि अमित नागराज ने बताया कि “गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट” फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए एक समग्र और साक्ष्य-आधारित अध्ययन करेगा। यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की मौजूदा चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण करेगा और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम सुझाएगा। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य तंत्र को अधिक प्रभावी, सशक्त और समान बनाने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए अपने कार्यों और सफल योजनाओं के आधार पर मध्यप्रदेश के लिए उपयुक्त और व्यावहारिक सिफारिशें देंगे। यह अध्ययन जनवरी 2025 से शुरू होगा और मार्च 2025 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट और कार्यान्वयन रोडमैप प्रस्तुत करेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, वर्ल्ड बैंक की हेल्थ स्पेशलिस्ट सुजिज्ञासा शर्मा, क्रिस एंडरसन और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता जयंती से आरंभ होगा जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर किया जायेगा लाभान्वित  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केन्द्रित रहेंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार एक वर्ष पूर्ण होने पर गीता जयंती के पावन पर 11 दिसम्बर से दो कार्यक्रम प्रारंभ किये जा रहे है। “जनकल्याण पर्व” 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2024 तक और 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक “मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान” चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर आयोजित किये जा रहे जनकल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 34 चिन्हित शत‌प्रतिशत सैचुरेशन की हितग्राही मूलक योजनाओं और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं आमजन तक पहुँचाकर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी रहेगी। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ ही हजारों आचार्यों के द्वारा गीता का सस्वर पाठ कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया जायेगा। 12 दिसम्बर को अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में सोंडवा माइक्रो सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया जायेगा। 13 दिसम्बर को भोपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधार प्रदर्शनी लगेगी। इसके अतिरिक्त भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य तक बाइक रैली निकलेगी। भोपाल संभाग में 630 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 14 दिसम्बर को बच्चों को पोषण आहार किट‍वितरण (अक्षयपात्र) कार्यक्रम, तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। ग्वालियर में कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। युवा संवाद एवं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण होगा। ग्वालियर संभाग में 242.26 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 15 दिसम्बर को उमरिया में गौ-शाला का भूमि-पूजन और जबलपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करेंगे। 16 दिसम्बर को वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण होगा। 17 दिसम्बर को वन मेले के शुभारंभ के साथ पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ भी किया जायेगा। 18 दिसम्बर को शहडोल में साधु-संतों के साथ संवाद का आयोजन किया जायेगा। शहडोल संभाग 477.39 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण होगा। 19 दिसम्बर को बैतूल में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूहों और प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन होगा। नर्मदापुरम संभाग में 151 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। जनकल्याण पर्व में 20 दिसम्बर को इंदौर में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर का दीक्षांत समारोह होगा। साथ ही इंदौर संभाग के 10 हजार 474 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन होगा। इसी दिन खण्डवा में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का लोकार्पण और खण्डवा में अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण होगा। 21 दिसम्बर को उज्जैन के डोंगला वैद्यशाला का भ्रमण आईटीआई उज्जैन का भूमि-पूजन और उज्जैन संभाग में 3 हजार 361 करोड़ रूपये का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 22 दिसम्बर को खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम में खिलाड़ियों को किट वितरण, खिलाड़ियों का सम्मान एव अन्य खेल प्रोत्साहन की गतिविधियां होगी। 24 दिसम्बर को विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरण अंतर्गत पोषण आहार की राशि का वितरण एवं गैस सिलेण्डर सब्सिडी का वितरण किया जायेगा। इसके साथ सागर संभाग में एक हजार 146 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। इस दिन तालाब सोंदर्यीकरण का लोकार्पण भी होगा। जनकल्याण पर्व में 25 दिसम्बर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस कार्यक्रम होगा। पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन होगा। साथ ही राजा भभूत सिंह स्मृति में पचमढ़ी में ही केबिनेट बैठक होगी। जनकल्याण पर्व के आखरी दिन 26 दिसम्बर को भोपाल के रवीन्द्र भवन में छात्र-छात्राओं से संवाद होगा।  

उप मुख्यमंत्री से एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मैनपावर प्रबंधन, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था और संकेंद्रित प्रयासों के जरिये स्वास्थ्य मानकों में सुधार पर लगातार काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय भोपाल में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सर्वसुलभ बनाने के लिए निजी निवेश और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर गहन चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश में निजी निवेश के विभिन्न मॉडलों पर विचार किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य है कि चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता बढ़ाई जाए, अधोसंरचना को आधुनिक तकनीकी के साथ उन्नत किया जाए और उन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय सेवाएँ प्रदान की जाएँ जहाँ अभी इनकी कमी है। इसके लिए निजी निवेश के माध्यम से गैप फिलिंग का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एडीबी प्रतिनिधियों से ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान और उनके समाधान के लिए प्रभावी सुझाव प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार लाने के लिए एडीबी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने विभिन्न देशों और राज्यों में उनके अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार के लिए किस प्रकार के संयुक्त प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी इस प्रयास के लिए जल्द ही विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करेंगे । प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, एडीबी के धवल झंब सहित अन्य प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मंत्री श्रीमती उईके ने अमृत 2.0 और कायाकल्प 2.0 योजनाओं के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने सिंगरौली जिले के ढोटी में अमृत 2.0 योजना और कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय एवं सड़क निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल नागरिकों का मूलभूत अधिकार है और प्रदेश सरकार इसे हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के छूटे हुए वार्डों में 164 किलोमीटर पाइप लाइन और 4 पानी टंकियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना पर 36.19 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत 28 किलोमीटर की पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा। इस परियोजना की लागत 10.04 करोड़ रुपये है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। शुद्ध जल और स्वच्छता न केवल स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के माध्यम से हर घर में शुद्ध जल पहुंचेगा और कायाकल्प योजना से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। सिंगरौली विधानसभा के विधायक राम निवास शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अमृत 2.0 और कायाकल्प योजनाएं जनकल्याण की दिशा में एक अहम कदम हैं, जिनसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। नगर निगम महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल और बेहतर सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योजनाओं को जनहित में मील का पत्थर बताया। इस अवसर पर श्रीमती उईके ने विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास में नए आयाम स्थापित करेंगी।  

सियाराम बाबा ने आज त्यागी देह, 100 साल से अधिक आयु के थे, आज शाम को निकलेगा डोला

खरगोन निमाड़ के संत सियाराम बाबा ने आज बुधवार को मोक्षदा एकादशी पर सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर सुबह देह त्याग दी है। वे कुछ दिनों से बीमार थे, आश्रम में ही उनका इलाज चल रहा था। रात को उनकी हालत काफी कमजोर हो रही थी और उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था। उनके निधन की खबर मिलते ही खरगोन के भट्यान स्थित आश्रम में भक्तों की भीड़ लग गई। दोपहर तीन बजे उनका डोला निकलेगा। रात को उनकी हालत काफी कमजोर हो रही थी और उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था। उनके निधन की खबर मिलते ही खरगोन के भट्यान स्थित आश्रम में भक्तों की भीड़ लग गई। दोपहर तीन बजे उनका डोला निकलेगा। उनके अंत्येष्टी के लिए सेवादारों ने चंदन की लकड़ी की व्यवस्था की है। बीते तीन दिन से आश्रम में एकत्र भक्त उनके स्वास्थ्य के लिए जाप कर रहे थे और भजन गा रहे थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद डाक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखे हुए थे। आज शाम को सीएम यादव बाबा से मुलाकात करने वाले थे, लेकिन अब वे उनके अंतिम दर्शन के लिए आ सकते हैं। शाम को नर्मदा किनारे होगी अंत्येष्टी सियाराम बाबा की अंत्येष्टी बुधवार शाम को आश्रम के समीप नर्मदा नदी किनारे की जाएगी। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में भक्तों के आश्रम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव की बाबा के अंतिम दर्शन के लिए  आएंगे। बता दें कि बाबा को निमोनिया हो गया था, लेकिन वे अस्पताल में रहने के बजाए आश्रम में रहकर अपने भक्तों से मिलना चाहते थे। इस कारण चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था। 12 वर्षों तक मौन धारण किया संत सियाराम बाबा ने नर्मदा किनारे अपने आश्रम बनाया। उनकी उम्र 100 साल से ज्यादा थी। बाबा ने बारह वर्षों तक मौन भी धारण कर रखा था। जो भक्त आश्रम में उनसे मिलने आता है और ज्यादा दान देना चाहता थे तो वे इनकार कर देते थे। वे सिर्फ दस रुपये का नोट ही लेते थे। उस धनराशि का उपयोग भी वे आश्रम से जुड़े कामों में लगा देते थे। बाबा ने नर्मदा नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी और बारह वर्षों तक मौन रहकर अपनी साधना पूरी की थी। मौन व्रत तोड़ने के बाद उन्होंने पहला शब्द सियाराम बाबा कहा तो भक्त उन्हें उसी नाम से पुकारने लगे। हर माह हजारों भक्त उनके आश्रम में आते है। बाबा लगातार करते थे रामायण पाठ सियाराम बाबा अपनी दिनचर्या में लगातार रामायण पाठ करते रहते थे। भक्तों के अनुसार वे 21 घंटों तक रामायण का पाठ करते थे। 95 साल की आयु में उन्हें चश्मा भी नहीं लगा था। भक्तों के अनुसार उन्होंने सियाराम बाबा को हमेशा लंगोट में ही देखा है। सर्दी, गर्मी या बरसात वे लंगोट के अलावा कोई कपड़े नहीं पहनते थे। गुजरात के भावनगर से आए थे बाबा का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था। 17 साल की उम्र में उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का फैसला किया था। उन्होंने कई सालों तक गुरु के साथ पढ़ाई की और तीर्थ भ्रमण किया। वे 1962 में भट्याण आए थे। यहां उन्होंने एक पेड़ के नीचे मौन रहकर कठोर तपस्या की। जब उनकी साधना पूरी हुई तो उन्होंने ‘सियाराम’ का उच्चारण किया, जिसके बाद से ही वे सियाराम बाबा के नाम से जाने जाते हैं। वे भगवान हनुमान के परम भक्त हैं। ऐसी थी बाबा की दिनचर्या आश्रम पर मौजूद अन्य सेवादारों ने बताया कि उनकी दिनचर्या भगवान राम व मां नर्मदा की भक्ति से शुरू होकर यही खत्म होती थी। बाबा प्रतिदिन रामायण पाठ का पाठ करते और आश्रम पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं के हाथों से बनी चाय प्रसादी के रूप में वितरित करते थे। समीपस्थ ग्राम सामेड़ा के रामेश्वर सिसोदिया ने बताया कि बाबा की वर्तमान आयु लगभग 95 वर्ष है। बाबा के लिए गांव से पांच छह घरों से भोजन का टिफिन आता था, जिसे बाबा एक पात्र में मिलाकर लेते थे। खुद की जरूरत के अनुसार भोजन निकाल कर बचा भोजन पशु-पक्षियों में वितरित कर देते थे। मंदिरों में दान किए करोड़ों रुपये ग्राम भट्टयाण के सरपंच भूराजी बिरले ने बताया कि बाबा प्रत्येक श्रद्धालु से मात्र 10 रुपये दान स्वरूप लेते थे। बाबा ने आश्रम के प्रभावित डूब क्षेत्र हिस्से के मिले मुआवजे के दो करोड़ 58 लाख रुपये क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान नागलवाड़ी मंदिर में दान किए थे। वही लगभग 20 लाख रुपये व चांदी का छत्र जाम घाट स्थित पार्वती माता मंदिर में दान किया। आश्रम से नर्मदा तक बनाया घाट भी सियाराम बाबा ने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनवाया था।  

अनिल कुमार खत्री ने कहा कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक

पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर में बिजली कार्मिकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण अनिल कुमार खत्री ने कहा कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत कार्यरत पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के 210 तृतीय श्रेणी कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु पहले चरण में 30 प्रतिभागियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ निदेशक (पीडीटीसी) अनिल कुमार खत्री ने किया। इसी दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के प्रशिक्षण केन्द्र हैदराबाद द्वारा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन एवं वित्त अनुभाग के अधिकारियों के लिए ‘‘चेंज मैनेजमेंट, लीडरशिप एंड टीम बिल्डिंग‘‘ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र भी शुरू हुआ। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर के निदेशक अनिल कुमार खत्री ने कहा कि कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही सैद्धांतिक ट्रेनिंग भी आवश्यक है। पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा कार्मिकों को प्रशिक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं और इसके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कार्मिकों को सैद्धांतिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे विभागीय कार्यों के सुचारू संपादन के साथ ही विद्युतीय कार्य और विद्युत सुरक्षा का ध्यान रखा जाना सुनिश्चित हो रहा है। गौरतलब है कि पॉवर डिस्ट्रीब्युशन ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के 210 तृतीय श्रेणी कार्मिकों को विभागीय जॉंच एवं दंड, अवकाश नियम, यात्रा भत्ता नियम, वेतन निर्धारण, एनजीबी बिलिंग सिस्टम, क्रय प्रक्रिया, विद्युत सुरक्षा, ई-ऑफिस संचालन, ईआरपी प्रणाली, सोलर रूफटॉप, सतर्कता जॉंच और गतिविधियां, विद्युत बचत और उपभोक्ता जागरूकता, पॉवर जनरेशन, ट्रांसमिशन और वितरण, अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वूपर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन एवं वित्त अनुभाग के अधिकारियों को ‘‘चेंज मैनेजमेंट, लीडरशिप एंड टीम बिल्डिंग‘‘ के अंतर्गत लीडरशिप स्किल, टीम बिल्डिंग, मैनेजिंग ग्रुप डायनॉमिक्स, आर्गेनाईजेशनल चेंज, व्यवहार परिवर्तन, एक्टिव लर्निंग, आर्गेनाईजेशनल इफेक्टिवनेस जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। ज्ञात हो कि भोपाल शहर के गोविन्दपुरा स्थित मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेन्टर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सेन्ट्रल इंडिया का सबसे बड़ा मान्यताप्राप्त प्रशिक्षण संस्थान है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंध (मानव संसाधन) सुनिशा कुमार ने किया तथा आभार पीडीटीसी के संयुक्त संचालक सत्येन्द्र मौर्य ने व्यक्त किया।  

राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा 12 दिसम्बर को होगी जनसुनवाई

भोपाल राष्ट्रीय महिला आयोग, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर “राष्ट्रीय महिला आयोग- आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। जनसुनवाई में महिलाओं के लंबित मामलों के समाधान और उनके मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनसुनवाई 12 दिसंबर 2024 को दोपहर 1:00 बजे जिला पंचायत हॉल, ब्लॉक 03, पुराना सचिवालय, सुल्तानिया रोड पर होगी। जनसुवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आयोग ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रही हैं, तो वे इस जनसुनवाई में भाग लें और अपनी समस्याएं आयोग तक पहुंचाएं। आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगा। जनसुनवाई से संबंधित अधिक जानकारी के लिए साहिल कुमार (9891225547) से संपर्क किया जा सकता है।  

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 40 आउटसोर्स कर्मियों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंपनी कार्यक्षेत्र में कार्यरत 33 मीटर वाचकों तथा 9 अन्य आउटसोर्स कर्मियों को ड्यूटी से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। साथ ही 40 आउटसोर्स कर्मियों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित मीटर की फोटो मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने और गलत मीटर रीडिंग लेने पर मीटर वाचकों पर सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। कंपनी कार्यक्षेत्र के रायसेन में 1, सीहोर में 2, दतिया में 3, राजगढ़ में 3, भोपाल में 5, ग्वालियर शहर में 2 बैतूल में 1, भोपाल ग्रामीण में 5, ग्वालियर ग्रामीण में 4, हरदा में 2, मुरैना में 2, नर्मदापुरम में 8, श्योपुर में 2, शिवपुरी में 2 तथा विदिशा में 2 आउटसोर्स मीटर वाचक तथा अन्य आउटसोर्स कर्मियों को आदेशों की अवहेलना और मीटर वाचन में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा से पृथक किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं के परिसर पर एक्युरेसी शुद्धता के साथ मीटर वाचन होना चाहिए और मीटर रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को विद्युत देयक दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मीटर वाचकों के कार्य पर निष्ठा एप के द्वारा निगरानी रखी जाए और जो मीटर वाचक कर्तव्य पालन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सेवा से पृथक किया जाए। प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। उपभोक्ताओं को कंपनी बेहतर से बेहतर सेवाएं देने के लिए कृत संकल्पित है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं को जागरूक रहने के लिए कहा है कि जब उनके परिसर की मीटर रीडिंग होती है तो वे मीटर वाचक द्वारा ली गई रीडिंग और मीटर में दर्ज रीडिंग पर नजर रखें ताकि सही देयक मिल सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रयास हैं कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को शून्य लेवल पर लाया जाए। कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा कि फोटो मीटर रीडिंग निष्ठा एप के माध्यम से की जा रही है। दरअसल फोटो मीटर रीडिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं है और मीटर वाचन में अंकित वाचन की फोटो खींचकर सिस्टम में अपलोड की जाती है। कंपनी के शहरी क्षेत्रो में क्यूआर कोड लगाने के कारण भी फायदा मिला है एवं इससे मीटर वाचन की प्रक्रिया जल्दी संपादित हो रही हैं।  

ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति

प्रदेश में 11 दिसंबर से प्रारंभ होगा जनकल्याण अभियान और जन कल्याण पर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को आएंगे मध्यप्रदेश ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में सरकार के गठन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसम्बर तक जनकल्याण पर्व मनाया जाएगा। प्रदेश के मंत्रीगण अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। जिलों में लगने वाले शिविरों में भी आवश्यक व्यवस्थाएं मंत्रीगण द्वारा सुनिश्चित की जाएं। सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व की गतिविधियों से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मंगलवार को नई दिल्ली में भेंट हुई। भेंट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया गया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के लिए मध्यप्रदेश की सराहना की है। इन परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रमों के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 11 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान की मिलिंग के लिए प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति विद्युत वितरण कम्पनियों को रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम में 40% राशि अंशपूंजी के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार शाम को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार मिलिंग राशि 10 रूपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रूपये प्रति क्विंटल प्रदाय की जायेगी। साथ ही 20 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 40 रूपये और 40 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 120 रूपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदाय की जायेगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आयेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल की मात्रा को केंद्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत विद्युत वितरण कम्पनियों को राज्यांश 40% राशि लगभग 6 हजार करोड़ रूपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति दी गयी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्‌वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। योजनांतर्गत वितरण कंपनियों को अ‌द्यतन ऋण के रूप में दिये गये राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जायेगा। योजनांतर्गत केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन ‌द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आयेगी। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उ‌द्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य एवं परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए “रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) लागू की गयी है। योजना में केन्द्र सरकार ‌द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर व सिस्टम मीटरिंग के लिए 15% राशि और विद्युत अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 60% राशि अनुदान के रूप में प्रदान किये जाने का प्रावधान है। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा)’ के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, द्वारा वर्ष 2013 से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) चरण 1.0 एवं रूसा चरण 2.0 केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में लागू कर प्रारम्भ की गई थी। योजना में प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पी.एम. उषा योजना को 4 घटकों पर केन्द्रित किया गया है। जिसमें बहुसंकायी शिक्षा एवं शोध विश्र्वविद्यालय, विश्र्वविद्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान, महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान और लैंगिक समावेशिता एवं साम्यता पहल शामिल है।  

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