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मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री से मिले पंचायत वेब सीरीज के कलाकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज शाम मुख्यमंत्री निवास में लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत के कलाकार दल ने भेंट की। प्रदेश में सीहोर जिले में यह कलाकार फिल्मांकन के लिए आए थे और अब वापसी के पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट कर संस्मरण साझा किए। प्रख्यात अभिनेता रघुवीर यादव और अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपने कलाकार दल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात की और उन्हें मध्यप्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज निर्माण के सुखद अनुभवों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से काफी अनुकूल वातावरण है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म और वेब सीरीज के निर्माण में एवं कलाकारों को पूर्ण प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों का सम्मान भी किया। कलाकारों द्वारा शासन प्रशासन से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश में एक करोड़ 45 लाख बच्चों के अपार आईडी तैयार किये जाएंगे

भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रगति को ट्रेक करने के लिये ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए है। अपार आईडी को ‘वन नेशन-वन स्टूडेंट आईडी के नाम से भी जाना जाता है। प्रदेश में एक करोड़ 45 लाख बच्चों के अपार आईडी तैयार किये जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अपार आईडी बनाने के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये है। इस काम तेज गति लाने के लिये पूरे प्रदेश में 9 और 10 दिसम्बर को विशेष अभियान चलाया गया। अपार आईडी से शिक्षा ग्रहण करने की कागजी प्रक्रियाओं में होने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। यदि कोई छात्र स्कूल बदलता है चाहे राज्य के भीतर उसका सारा डेटा अपार आईडी के द्वारा नये स्कूल में स्थानांतरित हो जायेगा। छात्रों को दस्तावेज या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र देने के आवश्यकता नही होगी।  

कड़ाके की ठंड ने नागरिकों को कपकपा दिया, सीहोर में पाला का सताने लगा डर

सीहोर नगर व क्षेत्र में लगातार ठंड ने कोहरे के साथ ही शीत लहर के चलने से तीखे तेवर दिखा रही है, जिससे सुबह से कड़ाके की ठंड ने नागरिकों को कपकपा दिया है। न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री तक दर्ज हुआ। यह सीजन का सबसे कम तापमान है। इससे फसलों पर पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई हैं। दिनभर जल रहा अलाव सोमवार से अचानक तापमान गिरने से लोग ठंड भगाने के लिए सुबह से शाम तक अलाव जलाकर सहारा लेते हुए नजर आए। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग ठंड से बचने के लिए अलाव के आसपास बैठकर घंटों तक ठंड का लुत्फ उटाने लगे हैं। मौसम विभआग ने आने वाले दिनों में अभी और तापमान गिरने की संभावना जताई है।   सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिन और रात के तापमान में सोमवार को भारी गिरावट आई। राजगढ़ में रात का तापमान 7.6°C तक गिरा, जो पचमढ़ी से भी कम था। इंदौर और भोपाल में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। आगे और बढ़ेगी ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है। विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश में ठंड का असर ज्यादा रहेगा, और क्लाउड कवर की संभावना भी है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। कपड़ो की दुकान में लग रही भीड़ वहीं नगर में जगह-जगह गर्म कपड़ों की दुकानों पर ठंड का सामना कर रहे लोग पहुंचकर गर्म कपड़े खरीदेते हुए नजर आए। इस समय राते तो ठंडी हो रही है दिन भी अधिक ठंडे होने लगे हैं। दिन में भी सर्द हवाओं के चलने से कपकपी शरीर में बनी रहती है, जिससे नागरिक घंटों अब धूप में खड़े दिखाई देने लगे हैं। ठंड के चलते मुख्य नगर व मुख्य बाजार में इक्का दुक्का वाहन चालक ही देर रात में नजर आते हैं। वह भी अपने आप को पूरी तरह उपर से नीचे तक गर्म कपड़ों से ढंक कर ही घर से बहार निकल रहे है, जिससे ठंड से बच सके। शाम होते ही नगर का मुख्य बाजार, बस स्टैंड की दुकानें जल्दी बंद होने लगी हैं।

मध्य प्रदेश में अब लोगों को डिजिटल अरस्टिंग के नाम पर लूटने वालों की शामत आ गई, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

भोपाल मध्य प्रदेश में अब लोगों को डिजिटल अरस्टिंग के नाम पर लूटने वालों की शामत आ गई है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में इसी घटनाओं को लोगों की जागरूकता से रोक दिया गया है. दूसरी तरफ पुलिस ने भी कार्रवाई को तेज कर दिया है. राज्य के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने कई जिलों में हुई कार्रवाई की जमकर तारीफ की है. एमपी में डिजिटल अरस्टिंग के नाम पर लोगों की जीवन भर की कमाई लूटने वाले जालसाजों ने पिछले कुछ समय में जमकर आतंक मचाया है. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुद मोर्चा संभालना पड़ा. उन्होंने कुछ समय पहले पुलिस महकमे के आला अधिकारियों की बैठक लेकर डिजिटल अरस्टिंग के मामले के जरिए ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. इसका असर अब दिखने भी लगा है. डीजीपी कैलाश मकवाना ने दमोह, इंदौर और सिंगरौली पुलिस की ओर से जालसाजी की वारदात को रोककर पीड़ितों को बचाने पर उनकी जमकर तारीफ की है. डीजीपी ने लोगों को अलर्ट रहने को भी कहा है. दमोह में स्वास्थ्य कर्मचारी बचा राज्य के दमोह के सरकारी अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी अनुपम खरे को 2 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करते हुए मुंबई पुलिस के अधिकारी बताने वाले जलसाजों ने रूपों की मांग की, लेकिन जन जागरूकता अभियान के जरिए अनुपम खरे ने रुपये देने से इंकार कर दिया. अनुपम खरे पर डिजिटल अरेस्टिंग करने वाले बदमाशों ने मुंबई के तिलक नगर थाने में 17 मुकदमे दर्ज होने का आरोप लगाया था. यूपी के दो शातिर को पुलिस ने दबोचा डिजिटल अरेस्टिंग के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले दो शातिर बदमाशों को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सीनियर सिटीजन महिला से 46 लाख रुपये की बदमाशों ने ऑनलाइन ठगी की थी. इस कार्रवाई पर भी डीजीपी ने इंदौर पुलिस की तारीफ की है.

भगवान महाकाल के दरबार में दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है, भस्म आरती को भी चलायमान किया जाएगा

उज्जैन भगवान महाकाल के दरबार में साल के अंतिम दिनों और नव वर्ष के पहले व दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है. इसके अलावा भस्म आरती को भी चलायमान किया जाएगा,  ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल का आशीर्वाद ले सके. 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं में परिवर्तन किया गया है. उज्जैन कलेक्टर और महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह के मुताबिक श्रद्धालुओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. महाकालेश्वर मंदिर में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की गई है. हालांकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए मंदिर समिति द्वारा कुछ नियम बदले गए हैं. भस्म आरती में होंगे चलायमान दर्शन महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती विश्व भर के शिव भक्तों का आकर्षण का केंद्र रहती है. महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रवेश लेना चाहते हैं मगर सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा सकता है. इसी के चलते-चलायमान भस्म आरती व्यवस्था भी लागू रहेगी. 25 दिसंबर से नए साल के पहले सप्ताह तक बिना अनुमति दर्शन करने आने वाले भक्तों को भस्म आरती में भी चलायमान दर्शन होंगे.   चार धाम मंदिर से रहेगी दर्शन व्यवस्था महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि दर्शन आरती चार धाम मंदिर से कतारबद्ध होते हुए महाकाल लोक, मानसरोवर, फैसिलिटी सेंटर से टनल परिसर में पहुंचकर कार्तिक और गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे. इसी प्रकार वीआईपी पुरानी व्यवस्था के तहत नीलकंठ द्वारा से प्रवेश कर शंख द्वार के जरिए अंदर प्रवेश करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से धन्य भूमि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के पावन पर्व के अवसर पर “गीता पाठ का गिनीज विश्व रिकॉर्ड” बनाए जाने का अनूठा पावन प्रयास किया जा रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत 11 दिसंबर को लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार 5 हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय “कर्म योग” का सस्वर पाठ कर विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दावेदारी जताएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जायेगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई के द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। विशेष रूप से मध्यप्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद्भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि पर मोक्षदा एकादशी व्रत भी किया जाता है। पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5 हजार वर्ष पहले कौरव-पांडवों के युद्ध के बीच अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा प्रदान करने से धर्मग्रंथ “गीता” की रचना हुई।    

शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा- मध्य प्रदेश के स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल होगा यातायात का पाठ

भोपाल मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति के मुताबिक यातायात का पाठ शामिल किए जाने की तैयारी है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का कहना है कि बच्चों को यातायात का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से बच्चों में यातायात के प्रति जागरूकता लाने की जरूरत और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि अगर बच्चों को बचपन से ही यातायात संबंधी नियमों और उनके पालन करने की प्रक्रिया से अवगत कराएं तो वह उनके लिए जीवन भर उपयोगी होती है। उन्होंने बचपन में दी जाने वाली शिक्षा और उससे जीवन में होने वाले लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को बहुत सी चीज बालपन से ही बताई जाएं तो वह बगैर किसी प्रयास के बगैर किसी दबाव के चीजों को सीख जाते हैं। जैसे संस्कृति का ज्ञान है वह स्वयमेव शिक्षण पद्धति के माध्यम से मिलता है तो परिवार के कारण और शिक्षा के कारण वह अपनी संस्कृति से जुड़ा रहता है। इसी तरह सड़क परिवहन के कायदे हैं किस तरह से नियमों का पालन करना है। यातायात के नियम का कैसे उल्लंघन होता है और कैसे पालन होता है अगर इस चीज को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल कर बच्चों को बताने का काम करेंगे तो बच्चे आसानी से जान लेते हैं और बच्चे उसे सीखते हुए अपने जीवन में उतारते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बड़े होकर कोई चीज सीखने से बेहतर है कि बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ्यक्रम के माध्यम से उनको चीजों का ज्ञान कराया जाए जो उनके लिए जीवन भर उपयोगी हो। आगामी समय में यह हमारी प्राथमिकता है। नई शिक्षा नीति यही कहती है जीवन उपयोगी चीजों को किस तरह से हम पाठ्यक्रम में शामिल करें। जो आने वाले जीवन में काम आए, कारगर हो, इसे हम पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहे हैं। ज्ञात हो कि यातायात पालन संबंधी नियमों का ज्ञान न होने के कारण बच्चे और किशोर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, अगर नियमों की जानकारी हो तो हादसों को रोका भी जा सकता है। इसी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में यातायात संबंधी जानकारी को शामिल करने की तैयारी में है।

इंदौर में मास्टर प्लान के तहत बनेगी 23 नई सड़कें, सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे

इंदौर मास्टर प्लान की 23 सड़कों को महापौर परिषद (एमआइसी) की बैठक में हरी झंडी मिल गई। अब इन सड़कों का काम जल्द ही शुरू होगा। करीब तीन घंटे बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर मंथन हुआ। बैठक में सड़क चौड़ीकरण के लिए जन लोगों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें टीडीआर सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पोर्टल शुरू करने सहित कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा देवगुराडिया स्थित 500 टीडीपी बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने, इस प्लांट के अत्याधुनिकरण करने, मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने को लेकर चर्चा हुई। मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर मंथन महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में बैठक में मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर चर्चा हुई। मास्टर प्लान की ये सड़कें शहर के यातायात को बेहतर बनाने और सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें तेजी से बनाया जाना चाहिए। चार पैकेज में बनाई जा रही इन सड़कों के लिए आई निविदाओं को बैठक में स्वीकृति दे दी गई। 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे महापौर ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पैसा केंद्र सरकार ने पहले ही इंदौर नगर निगम के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। हमने केंद्र सरकार से 14 अन्य सड़कों के लिए भी 400 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है। हम इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे। बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ेगी, अतिरिक्त जमीन भी देंगे बैठक में एशिया के सबसे बड़े 500 टीडीपी क्षमता वाले बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने और इस प्लांट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त जमीन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। 24 मीटर या इससे चौड़ी सड़क पर बेच सकेंगे टीडीआर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बैठक में टीडीआर सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मास्टर प्लान की 23 सड़कों सहित अन्य सड़कें जहां नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन ली है, वहां जमीन मालिकों को ट्रांसफरेबल डेवलमेंट राइट्स (टीडीआर) सर्टिफिटेक जारी किए जाएंगे। जहां जमीनें ली जा रही हैं वह क्षेत्र जनरेटिंग एरिया कहलाएगा। इस सर्टिफिकेट को 24 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़क के आसपास होने वाले निर्माण के लिए बेचा जा सकेगा। पूरे शहर में जहां भी 24 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कें हैं, वह एरिया रिसीविंग एरिया कहलाएगा। जोन 18 को बनाएंगे आत्मनिर्भर जोन बैठक में जोन 18 को आत्मनिर्भर जोन बनाने के नवाचार को भी हरी झंडी दी गई। नगर निगम यह नवाचार कंपनी सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत करेगा। गोदरेज कंपनी इसके लिए आगे आई है। नवाचार के तहत जोन में निकलने वाले कचरे का जोन में ही निबटान किया जाएगा। जोन को आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी, सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

भोपाल मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। खासकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे शहरों में सर्दी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई है। सोमवार रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दो वर्षों का सबसे कम तापमान रहा है। प्रदेश के अन्य शहरों का हाल: इंदौर: 8.7 डिग्री ग्वालियर: 8.5 डिग्री उज्जैन: 10 डिग्री जबलपुर: 7 डिग्री पचमढ़ी: सबसे ठंडा, 3.5 डिग्री इसके साथ ही मौसम विभाग ने कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। 11 से 13 दिसंबर के बीच धार, गुना, और अशोकनगर में कोल्ड वेव की संभावना है। उत्तरी एमपी (ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग) में सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर रहने की उम्मीद जताई गई है। जेट स्ट्रीम और बर्फबारी का प्रभाव जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बर्फबारी से एमपी में ठिठुरन बढ़ी है। जेट स्ट्रीम हवाएं 277 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड तेज हो गई है। आने वाले 48 घंटे का अनुमान दिन और रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। रात का पारा 2-3 डिग्री और गिर सकता है। दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड: भोपाल में दिसंबर में ठंड का ट्रेंड तेज होता है।  11 दिसंबर 1966 को पारा 3.1 डिग्री पर पहुंचा था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 2021 में तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलने पर कान और गले को ढंकें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा, और कोल्ड वेव की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री देवडा ने खजुरिया सारंग में उप स्वास्थ्य केंद्र का किया भूमि पूजन

तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा – उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने खजुरिया सारंग में निर्मित होने वाले आयुष्मान आरोग्यम मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का भूमि पूजन किया उप मुख्यमंत्री देवडा ने खजुरिया सारंग में उप स्वास्थ्य केंद्र का किया भूमि पूजन भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले में ग्राम खजुरिया सारंग में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले आयुष्मान आरोग्यम मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में ग्राम खजुरिया सारंग के शिक्षक, शिक्षिका एवं 10वीं कक्षा में 85% लाने वाली बालिका कुमारी दिव्या पाटीदार का सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री देवडा ने कहा कि तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा। हम सबको साथ मिलकर काम करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार जनता की हर मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने का कार्य कर रही है। इसमें पीने का शुद्ध पानी, सड़क, बीमार के लिए इलाज का प्रबंध, पढ़ाई की व्यवस्था, घर, बिजली, युवाओं को रोजगार जैसी अनेक आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। यह देश हमारा परिवार है। प्रजातंत्र में जनता मालिक हैं। पहले बहुत से परिवार खुले आसमान के नीचे सोते थे, लेकिन पीएम आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवार को पक्के आवास मिले हैं। अभी जो भी आवास से वंचित हैं, उन्हें भी पीएम आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि एक भी परिवार बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि पहले इलाज के अभाव में बहुत से लोगों की असामायिक मृत्यु हो जाती थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड से अब हर व्यक्ति का निशुल्क 5 लाख तक का इलाज हो रहा है। यह आयुष्मान कार्ड गारंटी कार्ड हैं। प्रदेश में 70 से अधिक उम्र के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन समूह को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर मंदसौर विधायक विपिन जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मंत्री शाह ने बताया पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे

सबके उपचार का पुख्ता प्रबन्ध पीएम जन-मन में 7 लाख से अधिक पीवीटीजी आबादी के बने आयुष्मान कार्ड पीएम जन-मन में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विशेष प्राथमिकता से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे मंत्री शाह ने बताया पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे भोपाल प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के विशेष प्राथमिकता से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियां पीवीटीजी में आती हैं। नवम्बर 2024 के अंत तक पीवीटीजी समुदाय की कुल 7 लाख 85 हजार 324 लक्षित आबादी में से 7 लाख 969 आबादी के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। लक्ष्य के विरूद्ध करीब 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली गई है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक 7 लाख से अधिक पीवीटीजी आबादी के कार्ड बनाये जा चुके हैं। इससे अब इन सबको 5 लाख रूपये तक के नि:शुल्क उपचार की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि पीएम जन-मन योजना प्रदेश के 24 पीवीटीजी बहुल जिलों में संचालित है। इन पीवीटीजी बहुल जिलों में शिवपुरी जिले में 1 लाख 33 हजार 369, श्योपुर 95 हजार 593, शहडोल 69 हजार 832, उमरिया 69 हजार 460, अशोकनगर में 49 हजार 613, गुना 44 हजार 622, मंडला 32 हजार 952, ग्वालियर 30 हजार 386, डिंडोरी 28 हजार 147, सिंगरौली 25 हजार 374, छिंदवाड़ा 24 हजार 854, विदिशा जिले में 22 हजार 140, सीधी 20 हजार 312, बालाघाट में 17 हजार 365, अनूपपुर में 16 हजार 197, दतिया 7 हजार 406, जबलपुर 5 हजार 65, सिवनी 2 हजार 215, नरसिंहपुर 2 हजार 126, मुरैना 1 हजार 625, रायसेन 1 हजार 269, कटनी में 780, भिंड में 214 तथा मैहर जिले में 53 पात्र पीवीटीजी व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड तैयार कर हितग्राहियों को वितरित भी किये जा चुके हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि मैहर, रायसेन, कटनी एवं भिंड जिले के शत-प्रतिशत पीवीटीजी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड़ बना दिये गये हैं। बाकी 20 जिलों के शेष रह गये पीवीटीजी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड भी जल्द से जल्द तैयार कर वितरित कर दिये जायेंगे। आयुष्मान भारत (निरामयम) योजना में सभी को 5 लाख रूपये तक के नि:शुल्क उपचार का लाभ दिया जाता है। राज्य सरकार सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड तैयार कर सबके नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार की दिशा में बेहद संवेदनशील होकर इस दिशा में प्रयासरत है।  

सर्मथन मूल्य पर हुई 1 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन धान की खरीदी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 9 हजार 554 किसानों से 1 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में हो चुकी है। धान की खरीदी के लिये 1245 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। धान का उपार्जन 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये और धान ग्रेड-ए का 2320 रूपये है। धान की खरीदी जिला सिवनी में 1262, सिंगरौली 7270, सतना 22016, मैहर 6230, रीवा 24790, मऊगंज 6355, सीधी 5318, सागर 498, कटनी 19071, पन्ना 2317, डिंडोरी 69, दमोह 1453, मंडला 12109, छिंदवाड़ा 118, नरसिंहपुर 3486, जबलपुर 585, बालाघाट 14029, नर्मदापुरम 5750, बैतूल 3344, रायसेन 600, सीहोर 989, विदिशा 30, उमरिया 647, अनूपपुर 5286 और जिला शहडोल में 7971 मीट्रिक टन की जा चुकी है।  

श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है, भगवद् गीता जिसका प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आध्यात्मिक नवजागरण के लिए अनूठे प्रयासों की श्रृंखला शुरू की है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा 11 दिसम्बर को गीता जयंती के अवसर पर सभी जिला मुख्यालयों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर यह जानना आवश्यक होगा कि श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है, भगवद् गीता जिसका प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या है। संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यथाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन करना कठिन काम है। पाठकों के सुलभ संदर्भ के लिए श्रीमद् भगवद् गीता पर विश्व के महापुरुषों, महान वैज्ञानिकों, विद्वजनों और दार्शनिकों के विचारों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। “भगवान श्रीकृष्ण की कही हुई श्रीमद् भगवद् गीता के समान छोटे वपु (काया, शरीर) में इतना विपुल ज्ञानपूर्ण कोई दूसरा ग्रंथ नहीं है’’- महामना पं. मदनमोहन मालवीय। “जब कभी संदेह मुझे घेरते हैं और मेरे चेहरे पर निराशा छाने लगती है; मैं क्षितिज पर गीता रूपी एक ही उम्मीद की किरण देखता हूं। इसमें मुझे अवश्य ही एक छन्द मिल जाता है, जो मुझे सांत्वना देता है। तब मैं कष्टों के बीच मुस्कुराने लगता हूँ’’- महात्मा गांधीजी। “गीता हमारे ग्रंथों में एक अत्यन्त तेजस्वी और निर्मल हीरा है’’- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक। मशहूर जर्मन कवि, उपन्यासकार और पेंटर हरमन हेस के जीवन पर भी गीता का विशेष प्रभाव था। उनकी कालजयी रचना ‘सिद्धार्थ’ में यह स्पष्ट होता है। उनका कहना था ‘गीता की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यह जीवन के सही मायनों को पूरी वास्तविकता के साथ सामने रखती है।’ उन्नीसवीं सदी के मशहूर दर्शनशास्त्री और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल्बर्ट श्विट्ज़र मानते थे – ‘श्रीमद भगवद् गीता मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा असर डालती है। यह कर्मों के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति का संदेश देती है।’ स्विस मनोवैज्ञानिक कार्ल जुंग को विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान के लिए जाना जाता है। वे न सिर्फ मनोविज्ञान बल्कि दर्शन, साहित्य और धार्मिक अध्ययन में भी विशेषज्ञता रखते थे। उनका मानना था कि “मनुष्य को उल्टे वृक्ष के रूप में प्रदर्शन की अवधारणा बहुत पहले से ही मौजूद थी, जिसे बाद में सामने लाया गया। अपने वक्तव्यों में कही गई प्लेटो की वह बात कि “मनुष्य सांसारिक नहीं बल्कि स्वर्गीय पौधा है, जो ब्रह्माण्ड से सिंचित होता है। यह वैदिक अवधारणा है और गीता के 15वें अध्याय में इसे स्पष्ट तौर पर कहा गया है।“ उन्नीसवीं सदी के ही मशहूर अंग्रेजी साहित्यकार आल्डस हक्सले ने कहा था – “मनुष्य में मानव मूल्यों की समझ पैदा करने के लिए गीता सर्वाधिक व्यवस्थित ग्रंथ है। शाश्वत दर्शन के विषय में यह अब तक की सबसे स्पष्ट और व्यापक प्रस्तुति है। यह सिर्फ भारत के लिए नहीं है बल्कि इसका जुड़ाव पूरी मानवता से है।’’ उन्नीसवीं सदी के विख्यात अमेरिकी निबंधकार और साहित्यिक हस्ती इमर्सन के जीवन पर गीता का बड़ा प्रभाव था। उनका मानना था, “श्रीमद भगवद् गीता के साथ मेरा दिन शानदार बीता। यह अपने तरह की पहली पुस्तक है। यह किसी और समय और परिस्थितियों में लिखी गई, लेकिन यह हमारे आज के सवालों और समस्याओं के भी जवाब पूरी स्पष्टता के साथ देती है।“ ऑस्ट्रियाई दार्शनिक और साहित्यकार रुडॉल्फ स्टीनर के जीवन को गीता ने व्यापक रूप से प्रभावित किया था। उनका मानना था कि भगवद् गीता जैसी अप्रतिम रचना को समझने के लिए बस हमें स्वयं को उसके साथ लय बिठाने की जरूरत है।’ मशहूर अमेरिकी दार्शनिक और साहित्यकार हेनरी डेविड थोरो पर गीता का प्रभाव उनके साहित्य और सामाजिक कार्यों में परिलक्षित होता है। वे कहते थे कि “प्राचीन भारत की सभी स्मरणीय वस्तुओं में गीता से श्रेष्ठ कोई भी दूसरी वस्तु नहीं है। गीता में वर्णित ज्ञान ऐसा उत्तम व सर्वकालिक है, जिसकी उपयोगिता कभी भी कम नहीं हो सकती।” भारतीय मनीषियों के अलावा कई विदेशी विद्वानों ने भी गीता के महत्व को समझा और अपने जीवन में इसके सिद्धांतों को लागू किया। यह महान पवित्र ग्रंथ गीता का ही असर था कि ईसाई मत मानने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री मिस्टर पियर ट्रूडो गीता पढ़कर भारत आये। उन्होंने कहा था कि जीवन की शाम हो जाए और देह को दफनाया जाए, उससे पहले अज्ञानता को दफनाना जरूरी है। ओपेनहाइमर : भगवद् गीता से कैसे प्रभावित हुए? बीबीसी ने समकालीन इतिहास पर अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने परमाणु बम विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध की दिशा बदल दी थी। ओपेनहाइमर ने संस्कृत भाषा सीखी और श्रीमद् भगवद गीता को अपनी पसंदीदा पुस्तकों में से एक माना। जब द क्रिश्चियन सेंचुरी के संपादकों ने उनसे पूछा कि वे कौन सी किताबें हैं, जिन्होंने उनके दार्शनिक दृष्टिकोण को सबसे ज्यादा प्रभावित किया, तो चार्ल्स बौडेलेयर की पुस्तक “लेस फ्लेर्स डू माल” को पहला और “भगवद गीता’’ को दूसरा स्थान मिला। सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी ओपेनहाइमर को बर्कले में संस्कृत के प्रोफेसर आर्थर डब्ल्यू राइडर ने संस्कृत से परिचित कराया था। उसके बाद उन्हें गीता से परिचित कराया गया था। जुलाई 1945 में न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में पहले परमाणु बम के विस्फोट से दो दिन पहले रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने  गीता  का एक श्लोक सुनाया। इतिहास बदलने वाली घटना से कुछ घंटे पहले, “परमाणु बम के जनक” ने संस्कृत से अनुवादित एक श्लोक को पढ़कर अपना तनाव दूर किया, जिसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है – “युद्ध में, जंगल में, पहाड़ों की चोटी पर अन्धकारमय महान सागर पर, भालों और बाणों के बीच, नींद में, उलझन में, शर्म की गहराई में, मनुष्य द्वारा पहले किये गए अच्छे कर्म ही उसकी रक्षा करते हैं।“ श्रीमद् भगवद् गीता ने पश्चिम की दुनिया को गहरा प्रभावित किया है। गीता दर्शन को जानने के बाद पश्चिम के विद्वानों ने गीता के जीवन दर्शन को अपनाने के लिए अपनी बौद्धिक ऊर्जा लगा दी। दरअसल वे किसी वैज्ञानिक उपलब्धि की खोज में नहीं थे। वे इससे भी आगे विकारों से रहित मानव मन और आत्मिक शांति की खोज में थे। इसका समाधान उन्होंने श्रीमद् भगवद् गीता में पाया। इन विद्वानों में दार्शनिक इमैन्युअल कांड (1724-1804), हर्डर (1744-1805) फिटश (1762-1814), हीगल (1770-1831), श्लेगल (1772-1829) शिलर (1759-1805) … Read more

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने रेलवे धौलपुर से बीना के बीच ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बना रहा , अब गति होगी 160 किमी

भोपाल रेल प्रशासन ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में वंदेभारत, शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 160 किमी होगी। इससे भोपाल व दिल्ली जाने वाले यात्रियों के 25 से 30 मिनट तक की बचत होगी। अभी दिल्ली से आगरा तक रेल ट्रैक की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की है। यहां गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेन 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। वंदेभारत व शताब्दी एक्सप्रेस भी इसी स्पीड से इस सेक्शन में दौड़ रही है। धौलपुर से बीना तक 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। ट्रेनों की स्पीड बाधित न इसके लिए बाउंड्रीवाल बन रही हाईस्पीड सहित एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड बाधित न हो इसके लिए झांसी मंडल के अंतर्गत धौलपुर से बीना के बीच रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बनाने का काम चल रहा है जहां अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। बताया जा रहा है लगभग 200 किमी रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल नहीं है। जिसके चलते मवेशी ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। इससे ट्रेनों की स्पीड बाधित होती है। ट्रैक पर लगाए जा रहे दिशा बदलने वाले स्विच झांसी मंडल ने रेलवे ट्रैक पर टीडब्ल्यूएस (थिक वेब स्विच) लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लगने पर ट्रेनों की स्पीड के साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी। साथ ही आने वाले दिनों में ट्रेनों की स्पीड 130 से बढ़कर 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक हो जाएगी। साथ ही लूप लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 50 किमी तक हो जाएगी। समय बचेगा: भारतीय रेल मिशन 160 किमी. प्रति घंटे पर कार्य कर रही है. वर्तमान में एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है. वहीं, शताब्दी, वंदेभारत, गतिमान और राजधानी जैसी ट्रेनों की गति को 130 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा करने की योजना है. इसके लिए रेलवे ट्रैक को मजबूत और तकनीक को अपग्रेड कर रहा है. गति बढ़ने से दिल्ली और भोपाल जैसे प्रमुख गंतव्यों के यात्रियों का यात्रा समय 25 से 30 मिनट तक कम हो जाएगा. ट्रैफिक नहीं रोकना होगा: वर्तमान में रेल दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में यातायात को रोकना पड़ता है, लेकिन तीसरी लाइन के शुरू होने से ट्रेनों को इस अतिरिक्त लाइन पर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे यातायात बाधित नहीं होगा. ओवर ट्रैफिक में कमी: तीसरी लाइन ओवर ट्रैफिक की समस्या को दूर करेगी। फिलहाल, एक ट्रेन रुकने पर पीछे की ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। नई लाइन बनने से ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों को डायवर्ट करके सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा। यात्री ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ेगी: तीसरी लाइन पर मालगाड़ियों का संचालन होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में अधिक गति और पंक्‍चुलिटी होगी. बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा गति करने का है लक्ष्य 412 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर चल रहा काम : बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश राज्य में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के लगभग 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेलवे ट्रैक पर काम चल रहा है. प्रधानखंटा से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक 412 किलोमीटर में से 231 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 200 किलोमीटर में से 110 किलोमीटर रेलवे ट्रैक फेंसिंग का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा किया जा चुका है. शेष 90 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा. धनबाद रेल मंडल में आने वाले 175 किलोमीटर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड में सें 25 किलोमीटर लंबे घाट सेक्शन छोड़कर शेष 150 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग की जानी है. इनमें से अब तक 121 किलोमीटर का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा हो चुका है. बाकी बचे 29 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर अगस्त 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है. कई ट्रेनों को मिलेगा हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा : गोमो. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग का कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर कई ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जायेगी. वहीं कई ट्रेनों को हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा मिल जायेगा. जानकारी के अनुसार ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस तथा दुरंतो एक्सप्रेस को पहले हाई स्पीड का दर्जा प्राप्त था. इसे चलाने के लिए दो लोको पायलट मेल को डयूटी पर लगाया जाता था. रेलवे ने करीब डेढ़ से दो साल पहले उक्त ट्रेनों से हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा छीन लिया. इस कारण इन ट्रेनों में अब एक लोको पायलट मेल के साथ एक सहायक लोको पायलट को डयूटी पर लगाया जा रहा है. क्योंकि रेलवे अब 130 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को ही हाई स्पीड ट्रेन मान रहा है. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का रफ्तार बढ़ा कर हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा दे दिया जायेगा. मालूम हो कि झांसी की ओर राजधानी एक्सप्रेस 140 किमी/घंटे के रफ्तार से फर्राटे भर रही है.  

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने हितग्राही महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण बदला

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने हितग्राही महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण बदला है। समय पर खातों में पैसे आने से सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियों का प्रबंधन करना भी लाड़ली बहनों के लिए आसान हो गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के शुभारंभ में 11 दिसम्बर को योजना के 1.29 करोड़ हितग्राही बहनों को 10वीं किश्त के रूपये 1572.75 करोड़ रूपये खातों में भेजे जायेंगे। मंडीदीप निवासी सीमा भावर बताती हैं कि हर महीने समय पर रुपए खाते में आ जाते हैं। घर के छोटे-छोटे खर्चे वे इससे पूरा कर लेती हैं और इसमें भी बचत करके रुपए जोड़ने की कोशिश करती हैं। सीमा बताती हैं कि इन रुपयों से घर चलाने में मदद मिल जाती है। अचानक आने वाले किसी भी खर्च से अब डर नहीं लगता क्योंकि उन्हें योजना से मिली राशि से हिम्मत बनी रहती है। रायसेन जिले की ग्राम बड़ौदा निवासी गायत्री बाई कहती हैं कि लाड़ली बहना योजना से मिली राशि जरूरत में काम आती है। टाइम पर मिलने से इसके हिसाब से खर्च कर लेते हैं। रिश्तेदारी में आने जाने में भी इससे सहूलियत हो जाती है। वे बताती हैं कि बिना नागा हर महीने समय पर पैसा खाते में आ रहा है। वार्ड 4 निवासी शिवकुमारी अहिरवार कहती हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भाई की तरह चिंता करने वाले हैं, हमें पता होता है अगले महीने 10 तारीख को हमें 1250 रुपए मिलेंगे। वार्ड 7 गभोई पुरा निवासी श्रीमती रुबीना बी इस योजना को सरकार से घर चलाने में मिलने वाली बड़ी सहूलियत मानती हैं। वे कहती हैं कि बिना भेद भाव के सभी बहनों को हर महीने 1250 रुपए खाते में सीएम भेज रहे हैं। हमें इन रुपयों से साग-सब्जी के साथ-साथ घर की जरूरत का दूसरा सामान लेने में मदद मिलती है। हर महीने थोड़े-थोड़े रुपए बचाकर रमजान के महीने में खर्च और फिर ईद पर खरीदी में भी हम इन पैसों का उपयोग करते हैं। रायसेन की ही श्रीमती शीला पंथी स्कूल सत्र शुरू होने के समय पर बच्चों के लिए कॉपी-किताब और बाकी साल भर में बच्चों के कहने पर उन्हें टॉफी खिलौने इन रुपयों से खरीदती हैं। पति भूरा पंथी ऑटो चलाते हैं कभी आमदनी कम होती है तो लाड़ली बहना वाले रुपयों से घर खर्च में पति को सहयोग करती हैं। मोहल्ले की वे महिलाएं जो इस योजना का लाभ ले रही हैं, जब भी मिलती है अपने-अपने किस्से बताती हैं। सभी कहती हैं कि मुख्यमंत्री बहनों के हित में काम कर रहे हैं। अर्जुन नगर निवासी मिश्री बाई इस योजना को सरकार का सहारा बताती हैं। मिश्री बाई कहती हैं कि हर महीने हमने इसमें से 500 रुपए बचाए। 17 किश्तें हमें मिल गई हैं। एक बड़ी राशि हमने हर महीने बचत करके जोड़ ली। जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करेंगे। इसके अलावा हर महीने 750 रुपए भी घर खर्च में उपयोग होते हैं। बचत भी हो रही है। घर खर्च में मदद भी मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर महीने हम बहनों के खाते में रुपए क्रेडिट करवा देते हैं। पटेल नगर निवासी रानी के पति एक मल्टी में गार्ड हैं। रानी मानती हैं कि महिलाओं में योजना से आत्म-निर्भरता बढ़ी है। ताजपुर महल निवासी श्रीमती गीता बाई सराठे लाडली बहना योजना का लाभ पाकर बहुत खुश हैं। उनके पति लीला किशन स्कूल में काम करने के साथ साथ पुताई आदि का कार्य करते हैं। गीता बताती हैं कि घर में कोई नया सामान लेना हो या त्यौहार पर खर्च बढ़ जाए तो इन रुपयों से बहुत मदद मिल जाती है। न बीमारी का डर रहता है और न ही खर्चों की चिंता सताती है। ग्राम खमरिया गंज गैरतगंज निवासी माला बाई कहती हैं कि लाड़ली बहना योजना ने परिवार को बहुत सहारा दिया है। पति किसान है और खेती में कभी नुकसान होने पर भी अब हम घर आसानी से चला लेते हैं। माला बाई खुद भी सिलाई का काम करती हैं। उनका कहना है पति की किसानी में मेहनत, हमारा सिलाई का काम और साथ में लाड़ली बहना की राशि सब मिलाकर हम परिवार के खर्चे अच्छे से पूरे कर लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जितनी तारीफ करें, कम है। ग्राम पंचायत कल्याणपुरा के ग्राम सेमरा की निवासी सीमा लोधी के पति राकेश लोधी का पिछले महीने देहांत हो गया। उनका कहना है मेरे 4 बच्चे हैं अभी आय का कोई सहारा नहीं है। लाड़ली बहना योजना की राशि से ही अभी घर चलाऊंगी। सीमा बताती हैं कि 17 महीने से हमें लाडली बहना योजना का लाभ मिल रहा है।  

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