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कॉन्सर्ट के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे दिलजीत दोसांझ

उज्जैन देशभर में कॉन्सर्ट कर रहे सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने अपने बाबा महाकाल के दर्शन दिए. इतना ही नहीं, दिलजीत दोसांझ बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में भी शामिल हुए. जहां वह शिव भक्ति में डूबे नजर आए. दिलजीत दोसांझ का रविवार को इंदौर मे एक कॉन्सर्ट था. जहां बवाल भी देखने को मिला था. अब वह इन हंगामों के बीच दिलजीत कड़ी सुरक्षा में महाकाल मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए. सफेद धोती-कुर्ता पहने सिंगर ने ओम नाम को चोला ओढ़ा तो शिव नाम का तिलक भी लगाया. साथ ही आरती भी करते दिखे. दिलजीत दोसांझ ने किए दर्शन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह चांदी दुवार से बाबा के समक्ष मथा टेकते दिखे. वह कुछ देर मंदिर में रुके और बाबा का ध्यान लगाया. सिंगर ने खुद भी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जहां उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘जय श्री महाकाल.’ बजरंग दल ने की थी कॉन्सर्ट रोकने की मांग दिलजीत दोसांझ इस वक्त Dil-Luminati Tour के तहत देशभर के शहरों में कॉन्सर्ट कर रहे हैं. 8 दिसंबर को उन्होंने इंदौर में परफॉर्म किया. इससे पहले बजरंग दल ने सिंगर के कॉन्सर्ट कैंसिल करने की मांग की थी. संगठन ने दावा किया था कि सिंगर के कॉन्सर्ट में शराब के स्टॉल्स लगे होते हैं और साथ ही ड्रग्स का सेवन भी होता है.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने संबंध तोड़ने की कही थी बात, फिर आज दी सफाई

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण भाई सौरव गर्ग उर्फ शालिग्राम शास्त्री का एक वीडियो सोमवार की रात वायरल हुए था, जिसमें वे धीरेंद्र शास्त्री से अपना रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए नजर आ रहे थे, उन्होंने वीडियो में कहा था कि उनसे संबंधित किसी भी विषय को धीरेंद्र शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उन्होंने इसकी जानकारी कोर्ट में भी दे दी है. लेकिन अब शालिग्राम गर्ग का एक और वीडियो आया है, जिसमें वह धीरेंद्र शास्त्री से संबंध तोड़ने के मुद्दे पर सफाई देते नजर आ रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने डाला वीडियो मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने दूसरा वीडियो डाला, जिसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं ‘उनका कोई उद्देश्य ऐसा नहीं है, हमारा उद्देश्य हमेशा सही करने का रहा है, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. अपनी हरकतो से बागेश्वर धाम और सनातन की छवि खराब न हो इसलिए वह वीडियो जारी किया था. बागेश्वर बालाजी सरकार और बागेश्वर महाराज जी के प्रति आस्था है. इसलिए उन्हें बिल्कुल भी ठेस न पहुंचाए. हमने केवल वह वीडियो माफी और सभी सनातनी हिंदू और साधु संतों से झमा मांगने के लिए जारी किया था. लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया है. आप लोग उस वीडियो पर यकीन न कर और न ही उसे फैलाएं. महाराजजी हिंदू एकता के कार्य में लगे हैं.’ शालिग्राम गर्ग ने क्या कहा? शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट 6 सेकंड का वीडियो जारी कर कहा, “उनकी ओर से किए जाने वाले कामों से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम की छवि धूमिल होती है, इसलिए उनका नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर नहीं लिया जाए.” उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, “भविष्य में उनकी ओर से किए गए किसी भी कार्य को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उनके सभी संबंध समाप्त हो चुके हैं.” पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का कई बार मारपीट और अन्य ऐसे मामलों में नाम सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है. इनमें टोल टैक्स पर मारपीट का एक प्रकरण भी शामिल है.  इसके अलावा कई बार अन्य विवादों की वजह से भी शालिग्राम गर्ग सुर्खियां बटोर चुके हैं. इन मामलों की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि पर प्रभाव पड़ता है. शायद यही वजह है कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से औपचारिक रूप से नाता तोड़ दिया है. छतरपुर में पर्चियां के माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं. उन्होंने हिंदुत्व को आगे बढ़ते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की भी मांग उठाई. उन्होंने हाल ही में बागेश्वर धाम से ओरछा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हिंदू सनातनी एकता यात्रा भी निकाली. इस माध्यम से हिंदुओं को जागरूक करने के साथ-साथ एकजुट करने की कवायद की गई है. बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी     बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी किया गया है कि सोमवार शाम से एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है कि पूज्य सरकार के अनुज शालिग्राम गर्ग जी ने संबंध विच्छेद कर लिए।     यहां लिखा गया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उनके भाव थे कि उनकी किसी गलती का जिम्मेदार पूज्य सरकार या बागेश्वर धाम पीठ ना माना जाए। कुछ मीडिया के बंधु इसे लगातार चला रहे हैं। उनसे अनुरोध है ऐसे किसी गलतफहमी से बचें।     इस वीडियो के माध्यम से शालिग्राम ने सभी कुछ स्पष्ट कर दिया है। बता दें शालिग्राम अक्सर मारपीट जैसे मामलों से विवादित रहे हैं। इससे पहले भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोपों से घिरे रहे हैं। भागवत कथा के समापन के बाद रविवार की रात्रि को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री टीकमगढ कोतवाली टीआई पंकज शर्मा के करैरा स्थित निवास पर पहुंचे। उनके निवास पर पहुंचकर सभी परिवार जनों से शास्त्री जी ने मुलाकात कर सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। जैसे ही करैरा वासियों को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के पंकज शर्मा के निवास पर पहुंचने की जानकारी मिली, तो हजारों श्रद्धालुओं का उनके निवास पर तांता लग गया।

गीता जयंती विशेष: सनातन संस्कृति की ध्वजा विश्व में फहरा रही गीता प्रेस

विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन है गीता प्रेस हितानंद  शर्मा धर्म स्थापना के लिए मानव इतिहास में हुए सबसे भीषण महायुद्ध के बीच भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है। श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, सनातन समाज के लिए नहीं बल्कि विश्व मानवता के शुभ के लिए ईश्वरीय संदेश है। गीता के माध्यम से व्‍यक्‍त‍ि स्‍वयं को जान सकता है और ईश्वरीय सत्ता का अनुभव भी कर सकता है। गीता जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह वही दिन है जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। गीता के ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य ‘गीता प्रेस गोरखपुर’ द्वारा पिछले 102 वर्षो से बिना रुके पूरे श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। भारत के घर-घर में श्रीमद्भगवत गीता और रामायण की प्रति पहुंचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। गीता प्रेस अब तक श्रीमद्भगवत गीता की 16 करोड़ 21 लाख प्रतियां प्रकाशित कर श्रद्धालु पाठकों तक पहुंचा चुका है। अब तक  41 करोड़ 71 लाख पुस्तकें छापकर विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान होने के बाद भी आश्चर्य की बात यह है कि गीता प्रेस न तो किसी से चंदा लेता है और न ही अपने प्रकाशनों में विज्ञापन ही स्वीकार करता है। जब वर्ष 2021 में गीता प्रेस को उसके उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार का गरिमामय ‘महात्मा गांधी शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया तो संस्थान ने पुरस्कार को पूरे सम्मान के साथ ग्रहण किया, पर इसके साथ प्रदान की जाने वाली एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी इस संस्थान के दर्शन के लिए आए थे। लागत मूल्य से 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर बहुमूल्य  पुस्तकें पाठकों तक पहुंचाने वाला गीता प्रेस वास्तव में सामाजिक-धार्मिक जागरण का एक आंदोलन ही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन धरा उत्तरप्रदेश का प्रवास तो पूर्व में भी होता ही रहा है किन्तु इसी वर्ष संयोग से संगठन के कार्य से मुझे गोरक्ष प्रांत यानी गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया। ऐसे में गोरखपुर में गोरक्ष पीठ सहित एक महत्वतपूर्ण तीर्थ गीता प्रेस के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। प्रकाशन का केंद्रीय कार्यालय गोरखपुर में ही है। हिन्दू  धर्म, अध्यात्म, दर्शन सहित मानव कल्याण के अनेक विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित कर चुका गीता प्रेस आधुनिक समय का तीर्थ ही है। राजा भागीरथ के महान तप से पुण्य प्रवाहिनी मां गंगा का धरती पर अवतरण संभव हो सका था। इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का प्रण पूर्ण किया था। इसी प्रकार गीता प्रेस के संस्थापक, ब्रह्मलीन श्री जयदयालजी गोयंदका के ऐसे ही महान तप का सुफल यह प्रकाशन है। वैसे तप तुलना का विषय नहीं है किन्तु  धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, भक्ति एवं मानवता के उद्धार के लिए गोयंदका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस आज भी पुण्य प्रवाहमयी ज्ञान सरिता है। गीता प्रेस के आदि संपादक श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ के उल्लेख के बिना गीता प्रेस की चर्चा पूर्ण नहीं होगी।  भाईजी वीर सावरकर के निकट के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अपने मौसेरे भाई जयदयालजी के अगाध गीता प्रेम एवं ज्ञान को देखते हुए भाईजी ने श्रीमद्भगवत गीता को लागत मूल्य से भी कम में जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस संकल्प की पूर्ति के लिए अपने एक प्रकाशन की आवश्यकता थी जो गोरखपुर में प्रारंभ हुआ। प्रचार-प्रसार से दूर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने सनातन संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो अतुलनीय योगदान दिया है, इतिहास में इसका उदाहरण मिलना कठिन है।   गीता  प्रेस  का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के सिद्धांतों को गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों, प्रख्यात संतों के प्रवचन एवं चरित्र-निर्माण की अन्य पुस्तकें-पत्रिकाएं प्रकाशित कर इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत में समाज में पहुंचाना है। गीता प्रेस मानव जीवन के उत्थायन और सभी की भलाई के लिए प्रयासरत है। इसका उद्देश्य शांति, आनंद और  मानव जाति के अंतिम उत्थान के लिए गीता में प्रतिपादित जीवन जीने की कला को बढ़ावा देना है। संस्थान का संचालन कोलकाता के गोविंद भवन द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन एक गवर्निंग काउंसिल (ट्रस्ट बोर्ड) करती है। गीता प्रेस में दिन की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होती है। एक व्यक्ति दिनभर घूम-घूम कर प्रत्येक कार्यकर्ता को कई बार भगवान का नाम स्‍मरण कराता है। गीता प्रेस के अभिलेखागार में भगवद् गीता की 100 से अधिक व्याख्याओं सहित 3,500 से अधिक पांडुलिपियां रखी हैं। गीता प्रेस के मासिक पत्रिका ग्रंथ ‘कल्याण’ के नए संस्करण के साथ 3000 से अधिक ऑनलाइन संग्रह उपलब्ध हैं। 4 मई 1923 को गीता प्रेस की स्थापना की गई थी तब पुस्तकें छापने का काम बोस्टन कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू किया गया था। पैरों से चलाई जाने वाली यह मशीन 500 रुपए में अमेरिका से मंगवाई गई थी। अब संस्थान आधुनिक संसाधनों का सदुपयोग करता है इसीलिए मैनुअल और मशीन दोनों माध्यमो से प्रकाशन का काम होता है। गीता प्रेस इन अर्थों में भी विश्व का अनूठा प्रकाशन है क्योंकि यह अपनी पुस्तकों में मात्रात्मक, व्याकरणिक, शाब्दिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि बताने वाले को पुरस्कृत करता है हालाँकि पुस्तकों में ऐसी त्रुटियां मिलती नहीं हैं। बीते वर्षों में मीडिया में इस प्रकार के समाचार आए थे कि गीता प्रेस आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बंद होने की कगार पर है किन्तु संस्थान के भ्रमण में यह भी जानने मिला कि स्थिति ऐसी नहीं है। समाज के सहयोग से गीता प्रेस 300 करोड़ रुपए वार्षिक टर्न ओवर वाला समृद्ध संस्थान है और प्रति वर्ष 17 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है। संस्थान ने अपनी पुस्तकें इंटरनेट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई हैं जहां से कोई भी इन्हें  डाउनलोड कर सकता है और यह पूरी तरह निशुल्क है। संस्थान का कार्यालय भी दर्शनीय है। इसके भव्य प्रवेश द्वार के स्तंभ एलोरा के प्राचीन गुफा-मंदिर के स्तंभों की शैली में निर्मित हैं। वहीं अर्जुन के रथ के सारथी बन श्रीकृष्ण गीता का उपदेश … Read more

मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से मनाया जाएगा “जन कल्याण पर्व” और “मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान”

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को नदी जोड़ो अभियान अंतर्गत 2 बड़ी परियोजनाएं दी है। इसमें बुंदेलखण्ड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना है। इन दोनों परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश और राजस्थान भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही केन-बेतवा परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में वृहद स्तर पर सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल भी उपलब्ध होगा। इससे पूरे क्षेत्र में समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत् दो दशकों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का हल निकालकर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के 10 और राजस्थान के 13 जिलों को अनूठी सौगात दी है। साथ ही भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में मीडिया प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से शुरू हो रहे मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व में संचालित होने वाली गतिविधियों और राज्य सरकार एक वर्ष के कार्यकाल में हुए जनहित एवं विकास के कार्यों को साझा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों और नवाचारों के माध्यम से नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश में शुरू किये जा रहे जन कल्याण अभियान और पर्व के दौरान नगरों और ग्रामों में 18 हजार करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन, शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के साथ आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का शिविर लगाकर मौके पर निराकरण किया जायेगा। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र एवं आईटी पार्क मध्यप्रदेश की पहचान, समृद्धि के प्रयास तेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया गया है। यह देश में अनोखा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अलग पहचान बना रहा है। इसके साथ ही कई आईटी पार्क युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की खनिज संपदा, जल संपदा का उपयोग कर समृद्धि की संभावनाएं साकार कर रहा है। हाल ही में संभाग स्तर पर सम्पन्न उद्योग कॉन्क्लेव रोजगार वृद्धि और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होंगी। प्रदेश के बजट को साढ़े तीन लाख करोड़ से बढ़ाते हुए 4 वर्ष में 7 लाख करोड़ रूपए तक ले जाने का लक्ष्य है। यह प्रयास है कि जीडीपी में वृद्धि हो और मध्यप्रदेश भारत को विश्व की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प में सहयोगी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाते हुए किसानों और नागरिकों के हित में निरंतर कार्य किया है। कृषि के साथ अब पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस प्रदान करेगी। हाल ही में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ करारनाम हुआ है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी। प्रदेश में किसानों के हित में सायबर तहसील व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जो देश में अनूठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लाड़ली बहनों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। नारी सशक्तिकरण के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न पदों पर 35 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया है। साहस की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से अन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। वीरांगना की स्मृति में दमोह जिले के सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ है। कई नगरों से भोपाल तक सस्ती हवाई सेवा प्रारंभ की गई है। आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। पीएमएयर एम्बुलेंस भी प्रारंभ की गई हैं जो गंभीर रोगियों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सा संस्थानों में पहुंचाने का कार्य करती हैं। मनुष्य ही नहीं पशुओं के लिए भी पृथक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में काफी कार्य हो रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम अभियान” के अंतर्गत वृहद पौध-रोपण हुआ है। पुराने जल स्रोतों को उपयोगी बनाने और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नागरिकों की भागीदारी करवाकर जागरूकता बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक स्नान व्यवस्था से जुड़े कार्य हो रहे हैं। क्षिप्रा के लिए गंगा जी की तरह हिमालय के ग्लेशियर नहीं हैं और पूर्व के सिंहस्थ में गंभीर और नदियों से क्षिप्रा में जल लाने के कार्य हुए हैं। पहली बार शिप्रा के जल से ही श्रद्धालु स्नान का पुण्य लाभ ले सकेंगे। इसके लिए अनेक कार्य संचालित हैं, जिनसे सिलार खेड़ी में वर्षा जल संग्रहित होगा। विभिन्न परियोजनाओं से शिप्रा को प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ निर्मल जल के प्रवाह वाली नदी बनाने के कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व रहा। उन्होंने कंस को मारने के बाद उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण करने का कार्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश और गीता की शिक्षाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 11 दिसम्बर को प्रदेश स्तर पर गीता जयंती के कार्यक्रम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में की गई पुलिस बैंड व्यवस्था, कुलपति पद का नाम कुलगुरू करने, पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के एकीकरण, सुशासन और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कपड़ा मिलों में कार्यरत रहे श्रमिकों की बरसों से लंबित बकाया राशि उन्हें दिलवाने, विभिन्न पर्व त्योहार में सरकार की सहभागिता बढ़ाने और विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और तानसेन की नगरी ग्वालियर में कलात्मक गतिविधियों के साथ विभिन्न विश्व रिकार्ड बनाने की उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदान की।  

ह्वाट्सऐप ग्रुप के जरिए ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी, अब तक 7 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मंडला पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ऐप पर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करता था। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने 16 राज्यों में लगभग 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। घटना का विवरण चौकी अंजनिया, थाना बम्हनी बंजर में एक आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए प्रेरित किया गया। फर्जी ऐप के जरिए आवेदक के पिता के रिटायरमेंट फंड से 17 लाख रुपये बालाजी ट्रांसपोर्ट के नाम पर एक खाते में जमा कराए गए। ऐप पर प्रारंभ में निवेश को बढ़ता दिखाया गया, लेकिन बाद में अकाउंट में पैसा माइनस दिखने लगा। इस धोखाधड़ी का अहसास होने पर आवेदक ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की कार्रवाई मंडला पुलिस की साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और जेमिस/समन्वय पोर्टल का उपयोग कर ठगों की गतिविधियों का पता लगाया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट और मेहसाणा में रवाना हुई। वहां की स्थानीय पुलिस और मुखबिरों की सहायता से टीम ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया: 1. विशाल झाला (27 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 2. लक्ष्मण ठाकौर (47 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 3. नीरव पोपट (43 वर्ष): निवासी अहमदाबाद, गुजरात गिरोह की कार्यप्रणाली गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप पर लोगों को जोड़कर फर्जी ऐप के जरिए आकर्षक मुनाफा दिखाता था। निवेशकों को आईपीओ खरीदने का झांसा देकर उनके बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। ये ठग फर्जी बैंक अकाउंट और चेकबुक का इस्तेमाल करते थे, जिन पर पहले से हस्ताक्षर ले लिए जाते थे। गिरोह बड़े शहरों में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करता था। देशव्यापी नेटवर्क यह गिरोह 16 राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय था।  सफलता में शामिल पुलिस टीम इस जटिल और गंभीर मामले को सुलझाने में चौकी अंजनिया के प्रभारी उपनिरीक्षक लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सउनि. अशोक चौधरी, प्र.आर. भूपेन्द्र धुर्वे, आरक्षक सुनील सिंह, कीर्ति कुमार, विलेन्द्र नायक, अंचल बघेल और साइबर सेल मंडला की विशेष भूमिका रही। पुलिस का संदेश मंडला पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट के लिए धनराशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।किसी भी तरह की धन संबंधी आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचित करें।  

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड भी बनेंगे

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस का आयोजन 10 दिसम्बर, 2024 को प्रात: 11 बजे से आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में होगा। इसमें “भारत में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, कानूनी सुरक्षा और मानव अधिकार’ विषय पर चर्चा होगी। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल विशिष्ट अतिथि होंगे। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय सशक्तिकरण सुसोनाली पोंक्षे वायंगणकर विशेष आमंत्रित सदस्य होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर ममतानी करेंगे। इस अवसर पर आयोग के सदस्य राजीव कुमार टंडन भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में वृद्धजन कल्याण से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक राजेश गुप्ता द्वारा दी जायेगी। आयोग द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी होगा। कार्यक्रम में न्यायाधीश, प्रशासनिक एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठजनों के आयुष्मान कार्ड भी बनाये जायेंगे।  

सिंगारपुर विद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में स्काउट गाइड रेडक्रास एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र छात्राओं का मिला विशेष सहयोग

मंडला  भारत सरकार समग्र शिक्षा हायर सेकेण्डरी एजुकेशन एवं लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा चयनित पी एम श्री एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंगारपुर में जिला मुख्य एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सरोते जिला चिकित्सालय मंडला के आदेशानुसार विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री जे के बैरागी के मार्गदर्शन एवं मोहगांव ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ के एम एस झिकराम के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया । स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत सिंगारपुर सरपंच अंजनी मरावी, विद्यालय के प्राचार्य जे के बैरागी तथा चिकित्सक दलों के द्वारा माँ सरस्वती जी की तस्वीर पर पूजन अर्चना व माल्यार्पण कर किया गया।               विद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 426 छात्र छात्राओं ने अपनी पंजीयन कराया । जिसमें सिकल सेल जांच में 65 , नेत्र जांच में 36 ,  जिसमें से 21 छात्र छात्राओं का चश्मा बनना है , कुष्ठ रोग में 01 , मलेरिया जांच में 05 , एनीमिया में 34 और आभा के 65 छात्र छात्राओं ने अपनी स्वास्थ्य परीक्षण कराया । स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक दल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिसमें  डॉ अमित भलावी , डॉ मुकेश मर्सकोले , डॉ शशिकला केराम , डॉ टी आर झारिया ,श्री  के एल सैयाम बी ई ई , श्री आर एल मार्को सुपरवाईज़र, रितु पटले सी एच ओ ,  सतीश रिंहायत सी एच ओ,  नीलम मरावी ए एन एम , चंदन तेकाम एम आई , अनिता तेकाम नेत्र सहायक , पूनम मार्को ए एन एम, ममता मार्को ए एन एम , जितेंद्र मरकाम  कुष्ठ प्रभारी , शंभू मार्को टी बी, नार्जिम साही, शांति नंदा , शनिराम लोमश , लक्ष्मी धुर्वे , महेंद्र तेकाम सिकल सेल , प्रमोद सांड्या बी सी एम, क्षेत्र की समस्त आशा एवं आशा सहयोगी ने अपनी सेवाएं दी हैं ।                 जिला स्काउट संघ के डी ओ सी श्री महेश सरोते , राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी तथा स्काउट गाइड व रेडक्रास प्रभारी अशोक वरकड़े एवं मनोज कुडापे के निर्देशन पर स्वास्थ्य शिविर के दौरान पी एम श्री विद्यालय सिंगारपुर के स्काउट गाइड , रेडक्रास तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र छात्राओं ने अपनी सेवा भावना का परिचय देते हुये चिकित्सा दल का सहयोग एवं शिविर को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई है। जिसमें स्काउट गाइड के छात्र छात्राओं में सिंधिया बैरागी , दुर्गेश मरावी , आर्या बैरागी, शैलकुमारी परते , अंजनी नंदा , अलसिफा , हिना संध्या चक्रवर्ती, आसमा , खुशबू बैरागी और खुशबू झारिया एवं रेडक्रास के छात्र छात्राओं में रोशनी नेताम , अनुराधा कुलस्ते, बिंदु नंदा , रोशनी भारतीया, भूमिका नंदा , मधु नंदा , इमरान खान ,दिलीप धुर्वे ,सतीश कोर्राम , तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र छात्राओं में रोशनी भारतीया, रानी पड़वार , महंती वरकड़े ,जयंती कुलस्ते , प्रीति भारतीया , वंदना केराम , अमीषा धुर्वे , आशीष , अरुण , राजा , और विद्यालय के अन्य वालीलटियर्स का स्वास्थ्य शिविर में विशेष सहयोग रहा है।

अटल सामुदायिक भवन बिलौजी 16 जोड़े विवाह बंधन में बधे

अटल सामुदायिक भवन बिलौजी 16 जोड़े विवाह बंधन में बधे   विधायक, महापौर, निगम अध्यक्ष सहित जन प्रतिनिधियों ने नव विवाहित जोड़ो को दिया आशिर्वाद  सिंगरौली अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अन्तर्गत नगर निगम क्षेत्र  12  जोड़े एवं नगर परिषद बरगवां एवं सरई के 4  चार जोडो  का विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह का आयोजन सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह, नगर पालिक निगम सिंगरौली की महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल के विशिष्ट अतिथि एवं नगर पालिक निगम सिंगरौली के अध्यक्ष श्री देवेश पाण्डेय , नगर निगम आयुक्त डी.के शर्मा  भाजपा जिलाध्यक्ष रामसुमिरन गुप्ता, के गरिमाय उपस्थित में सम्पन्न हुआ।  विवाह समारोह के दौरान नगर निगम के क्षेत्र के 12 एवं नगर परिषद बरगवा एवं सरई के चार जोड़े ईश्वर को साक्षी मानकर विवाह बंधन में बधे।  इस अवसर पर  पार्षद सीमा जायसवाल , संतोष शाह, श्यामला देवी, शिवकुमारी कुशवाहा,परमेश्वर पटेल,आशीष बैस,सावन मति कुशवाहा,राम नरेश शाह,राम गोपाल पाल,कमलेश वर्मा,रविन्द्र कुमार प्रजापति,इंद्रेश शाह,अर्जुन दास गुप्ता,संदीप चौबे,संजय सिंह, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री व्हीपी उपाध्याय, नवजीवन विहार प्रभारी संतोष तिवारी, समंग्र सामाजिक सुरंक्षा अधिकारी ईला शाहू, आईसी मैनेजर आशीष शुक्ला, रोहित चौरसिया आदि उपस्थित रहे।

आश्रय स्थल मे रूकने वाले प्रत्येक नागरिक की सुविधाओं का रखा जा रहा ख्याल

सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली के सिटी मिशन मैनेजर कृष्णा पटेल ने बताया कि बैढ़न बस स्टैड स्थित आश्रय स्थल  मे ठण्ड को दृष्टिगत रखते हुये  आने वाले नागरिको के लिए सभी उचित प्रबंध किये गये है। उन्होंने बताया कि  बैंढन आश्रय स्थल  में ठहरने वालो  के लिए 2 कक्ष है  जिसमें 1 कक्ष महिला एवं 1 कक्ष पुरुष के लिए  प्रत्येक कक्ष में 15-15 लोगो के ठहरने की व्यवस्था है। रैन बसेरा में प्रतिदिन महिला एवं पुरुष रुकते है।  उन्होंने बताया कि धूल एवं प्रदूषण के कारण जब आश्रय स्थल में ठहरने वाले हितग्राही नहीं होते है तब तख्त से कपड़े हटा कर स्टोर रूम  में रख दिए जाते है जैसे ही हितग्राही ठहरने आते है तब आवश्यकता अनुसार उनको सामग्री उपलब्ध करा दी जाती है साथ ही आश्रय स्थल में कार्यरत केयर टेकरो द्वारा प्रतिदिन रात्रि के 9-10 बज के बीच रैंन बसेरा के आस पास  स्थानों में  सोने ठहरने वाले हितग्राहियों को आश्रय स्थल की जानकारी देकर उनको प्रेरित् कर आश्रय स्थल में ठहराने का भी कार्य किया जाता है।  सिटी मिशन मैनेजर श्री कृष्णा पटेल ने बताया कि इसके साथ ही आश्रय स्थल में ठहरने वालो के लिए गर्म पानी की भी व्यवस्था की गई एवं उनके मनोरंज के लिए आश्रय स्थल में टीव्ही भी लगाया है।  उन्होने बताया कि पिछले एक हप्ते में अब तक 80 लोगो ने अश्रय स्थल का लाभ उठाया है।उन्होंने बताया कि  आश्रय स्थल में रूकने वाले प्रत्येक नगारिक को शासन के मंशानुसार सभी सुविधाएं उपलंब्ध कराई गई है।

महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति

महाविद्यालय शैक्षणिक एवं अकादमिक परिवेश बेहतर बनाए : आयुष मंत्री परमार शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय बुरहानपुर की साधारण सभा की बैठक हुई महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंत्रालय में पंडित शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बुरहानपुर की साधारण सभा की बैठक हुई। मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की। महाविद्यालय परिसर में कन्या छात्रावास निर्माण, परिसर तक पहुंच मार्ग निर्माण, विभिन आवश्यक उपकरण क्रय, एनसीआईएसएम के मापदंड अनुसार व्याख्याताओं एवं रीडर पदों की पूर्ति सहित विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई। मंत्री परमार ने कहा कि महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याताओं एवं अधिकारियों के समयमान वेतनमान संबंधी प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण करें। इसके उपरांत उच्च पद प्रभार प्रक्रिया का भी नियत समयावधि पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि महाविद्यालय में वास्तविक रिक्त पदों की स्थिति के अनुरूप पदों की पूर्ति की प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण हो सके। परमार ने महाविद्यालय के लिए विभिन्न विषयों के लिए चयनित नवीन व्याख्याताओं की नियुक्ति सम्बंधी कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। परमार ने कहा कि महाविद्यालय आर्थिक गतिविधियों में पारदर्शिता के लिए नियमित रूप से वित्तीय वर्षों में ऑडिट कराएं। उन्होंने महाविद्यालय की साधारण सभा की बैठक नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। आयुष मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में संसाधनों एवं सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। परमार ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। महाविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण के लिए अनुमोदन किया। परमार ने प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों को समृद्ध करने और संस्थागत आवश्यक समस्त मरम्मत एवं सुधार कार्यों को निश्चित समयावधि पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक समस्त संसाधनों की उपलब्धता, नियत समय अवधि पर सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार, संस्थान में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने सहित विविध आवश्यक क्रियान्वयन के लिए दिशा निर्देश भी दिए। परमार ने कहा कि संस्थान अपनी विशेषता और उत्कृष्टता पर व्यापक कार्य करे ताकि विशिष्ट संदर्भ में संस्थान का नाम आलोकित हो और संस्थान की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। इसके लिए महाविद्यालय के अकादमिक एवं शैक्षणिक परिवेश को उत्तरोत्तर बेहतर बनाने को कहा। बैठक में बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, महापौर नगरपालिका निगम बुरहानपुर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रश्मि रेखा मिश्रा सहित साधारण सभा के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

सतपुड़ा वर्कर सोसायटी एवं पेंच टाइगर रिजर्व टीओएफटी अवॉर्ड से सम्मानित

भोपाल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की संस्था सतपुड़ा वर्कर सोसायटी को वाइल्ड लाइफ टूरिज्म कम्युनिटी इनिशिएटिव-2024 के लिये टाइगर्स ट्रेवल अवॉर्ड और सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व को कैलाश संखाला विजिटर फ्रेण्डली वाइल्ड लाइफ नेशनल पार्क ऑफ द इयर-2024 अवॉर्ड से संस्था (टीओएफटी) नई दिल्ली द्वारा सम्मानित किया गया है। टीओएफटी एक स्वयंसेवी संस्था है, जिसका गठन वर्ष 2004 में वन्य-जीव संरक्षण, पर्यटन, प्लास्टिक मुक्त जंगल और बाघों के संरक्षण में योगदान जैसे उद्देश्यों को लेकर किया गया है। यह संस्था अखिल भारतीय स्तर पर कार्यरत है। टाइगर रिजर्व में संसाधन मुहैया कराने के साथ संस्था वन्य-जीव संरक्षण से जुड़ी संस्था एवं लोगों को हर वर्ष सम्मानित भी करती है।

39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप: कृष्णा चंद्रा ने जीता रजत पदक

भोपाल : भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 7 से 11 दिसंबर 2024 तक आयोजित 39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के एथलीट कृष्णा चंद्रा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बालक अंडर-18 भाला फेंक स्पर्धा में 64.82 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक जीता। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कृष्णा चंद्रा को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि, “यह पदक मध्यप्रदेश के खेल क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं की मेहनत और लगन का प्रमाण है। कृष्णा ने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।” कृष्णा की इस सफलता में उनके प्रशिक्षक मोहम्मद हदीथ के मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका रही। मध्यप्रदेश खेल विभाग ने भी इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी है। यह सफलता न केवल कृष्णा के लिए बल्कि राज्य एथलेटिक्स अकादमी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।  

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की

बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कदम : उप मुख्यमंत्री देवड़ा ग्राम उजागरिया में हितग्राहियों को  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सिलाई मशीन वितरण की उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सिलाई मशीन प्रदान करके बहनों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य में सभी गांव वालों को सहयोग करना चाहिए, जिससे महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो सके। उन्होंने सभी बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि, हम सभी को साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अगर आसपास कचरा हो तो उसकी साफ-सफाई करवाने की आदत डालनी चाहिए। अपने आसपास बिल्कुल गंदगी ना रहने दे। हमारा गांव प्लास्टिक मुक्त हो ऐसी हम सबको प्रयास करने चाहिए। इन सब व्यवस्था होने से हम सभी को अपने-अपने गांव को गर्व होगा।  

उज्जैन एवं खण्डवा में भी जनजातीय विद्यार्थियों को दी जायेगी फ्री-कोचिंग

जनजातीय विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ते कदम आकांक्षा योजना का होगा विस्तार, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दिलाई जायेगी उज्जैन एवं खण्डवा में भी जनजातीय विद्यार्थियों को दी जायेगी फ्री-कोचिंग भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर अपना भविष्य संवारें, इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने ‘आकांक्षा योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना में JEE, NEET एवं CLAT जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर संभागीय मुख्यालय में जनजातीय विद्यार्थियों को फ्री-कोचिंग दी जाती है। प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखडों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिलाने की मंशा से अब इस योजना का विस्तार किया जा रहा है। आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिये इस योजना के संदर्भ में तैयार की जा रही संशोधित कार्य योजना (डीपीआर) में इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर संभागीय मुख्यालय के अलावा उज्जैन संभागीय मुख्यालय एवं खण्डवा जिला मुख्यालय में भी जनजातीय विद्यार्थियों को भी तीनों राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दिलाई जायेगी। डॉ. शाह ने बताया कि आकांक्षा योजना में वर्तमान में कुल 800 जनजातीय विद्यार्थियों को तीन संभागीय मुख्यालय भोपाल, इन्दौर एवं जबलपुर में JEE, NEET एवं CLAT की कोचिंग दिलाई जाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में 2 करोड़ 32 लाख 12 हजार रुपये व्यय कर 728 जनजातीय विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसमें 209 विद्यार्थी JEE, 132 , विद्यार्थी NEET एवं 130 विद्यार्थी CLAT की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। इस योजना में वित्त वर्ष 2024-25 में JEE परीक्षा की तैयारी के लिए तय संभागीय मुख्यालय भोपाल में स्वीकृत 400 सीटों में 260 जनजातीय विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। NEET परीक्षा की तैयारी के लिए तय संभागीय मुख्यालय इंदौर में स्वीकृत 200 सीटों में फुल स्ट्रेंथ में 200 जनजातीय विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। CLAT परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर तय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि आकांक्षा योजना की सफलता को देखते हुये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर की इन तीनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीटों और कोचिंग के लिये सेंटर्स की संख्या में भी विस्तार किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिये आकांक्षा योजना की प्रस्तावित संशोधित कार्ययोजना में JEE परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 100, भोपाल में 400, जबलपुर में 100, उज्जैन में 100 एवं खंडवा में 100, कुल 800 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। NEET परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 200, भोपाल में 100, जबलपुर में 100, उज्जैन में 100 एवं खंडवा में 100, कुल 600 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। इसी प्रकार CLAT परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 50, जबलपुर में 200 एवं खंडवा में 50, कुल 300 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। संशोधित आकांक्षा योजना में विद्यार्थियों को पृथक छात्रावास भवन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी है। इस संशोधित योजना की शासन से स्वीकृति ली जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं।  

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने की वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की समीक्षा

वाटर स्पोर्ट्स को प्रोमोट करने प्रोग्राम बनाएं- मंत्री सारंग लेक व्यू पर सप्ताह में एक दिन वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां हो – मंत्री सारंग खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने की वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की समीक्षा भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों के प्रति युवाओं और नागरिकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से सप्ताह में एक दिन लेक व्यू पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों का प्रदर्शन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिये एक इवेंट प्रोग्राम भी बनाएं, जिसमें वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को पूरा शहर देखे। इसमें नगर निगम और पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाये। मंत्री सारंग सोमवार को वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। खेल से मिलता है अनुशासन, संस्कार और कॅरियर मंत्री सारंग ने कहा ‍कि पालकों को भी खेल के प्रति जागरूक करने के प्रयास किया जाना चाहिए। खेल से युवाओं को अनुशासन, संस्कार और कॅरियर मिलता है। इवेन्ट प्रोग्राम से बच्चों और युवाओं को खेल की गतिविधियां देखकर उनके प्रति आकर्षण और खेल की भावना जागृत होगी। उन्होंने वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में एलईडी के माध्यम से वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों की शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन करवाने को भी कहा। खिलाड़ियों की डाक्यूमेंट प्रोफाइल हो तैयार मंत्री सारंग ने कहा कि अकादमी के खिलाड़ियों की डायरी तैयार की जाये, इस डाक्यूमेंट प्रोफाइल में उसका विवरण सहित खेल में प्रदर्शन और अचीवमेंट दर्ज हो। साथ ही फिजीकल एक्टिविटी का समावेश भी हो। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये अपेक्षाएं एवं अनुदान के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जाये। खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां मंत्री सारंग ने कहा कि उत्कृष्ठ खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां भी तैयार की जाये। उसका सोशल मीडिया, प्रिन्ट और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रदर्शन हो इससे युवा खेल के प्रति आकर्षित होंगे और टेलेंट सर्च करने में आसानी होगी। स्कूली बच्चों में अकादमी के प्रति आकर्षित करने के प्रयास हों मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स, शूटिंग और हॉकी में अपार संभावनाएं है। इस दिशा में भरकस प्रयास किये जाने चाहिए। स्कूली बच्चों को अकादमी में आकर्षित करने के लिये इसकी जानकारी उन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिये विभिन्न तरह के प्रोग्राम के जरिए उन्हें अवगत करवाना होगा। वाटर स्पोर्ट्स के लिये उपकरणों की नहीं होगी कमी मंत्री सारंग ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स के लिये उपकरणों की कमी नहीं होना चाहिए। साथ ही कोच एवं ट्रेनर का आंकलन कर लिया जाये, उसी हिसाब से इसकी व्यवस्थाएं की जायेंगी। टेलेंट सर्च के जरिए जिनमें खेल के प्रति रूचि हो वहीं बच्चे चयनित किये जाये। इसके लिये “खेलो-बढ़ो” अभियान का समावेश किया जाये। खिलाड़ियों से किया संवाद मंत्री सारंग ने शुरूआत में अकादमी के बच्चों से भेंटकर उनकी समस्या और सुझाव जाने। साथ ही उनके खाने और ठहरने की व्यस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में संचालक रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एल. यादव, सहायक संचालक क्षिप्रा श्रीवास्तव सहित वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के कोच और ट्रेनर्स उपस्थित थे।  

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