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बिजली कर्मियों से मारपीट करने पर दो आरोपियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल शहर वितरण केन्‍द्र अंतर्गत शासकीय कार्य के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारी से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट करने के आरोप में दो आरोपियों पर अलग – अलग थानों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल शहर के पिपलानी वितरण केन्‍द्र अंतर्गत लाइन परिचारक (संविदा) श्री रवि अहिरवार द्वारा साथी स्‍टॉफ श्री रामआश्रय साहू, श्री हेमराज लोधी एवं श्री साहिबराव के साथ बकाया राशि राजस्‍व वसूली का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान उपभोक्‍ता श्री नवनीत सिंह से बकाया राशि जमा नहीं करने के चलते कंपनी द्वारा कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने की बात कही गई। उसी समय उपभोक्‍ता द्वारा मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में जूनियर इंजीनियर श्री राहुल पांडे के साथ पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी तरह एक अन्‍य मामले में आरोपी श्री कदरउल्‍ला खां के खिलाफ थाना श्‍यामला हिल्‍स में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के टीटी नगर जोन में पदस्‍थ सहायक प्रबंधक श्री संजू कुमार उईके ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्‍होंने बताया कि आरोपी पर बिजली बिल की राशि 21975 रुपये बकाया होने पर लाइन काटने की कार्रवाई की गई। बाद में आरोपी श्री कदरउल्‍ला ने स्‍टॉफ के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसकी थाना श्‍यामलाहिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों क्रमश श्री नवनीत सिंह व श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ कंपनी के अधिकारियों/कर्मचारियों से मारपीट, अभद्र व्‍यवहार तथा जान से मारने की धमकी देने तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में कंपनी द्वारा कार्यवाही करते हुए थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी श्री नवनीत सिंह पर धारा 121(1) एवं 132 में एफाआई दर्ज की गई है, जबकि आरोपी श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ भारतीय न्‍याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 121(1), 132, 296, 351 (2) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स द्वारा दोनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारी कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

बिजली कंपनी ने सार्वजनिक किये बड़े बकायादारों के नाम, उपभोक्ताओं से अपील : बिजली बिल का भुगतान करें

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले ऐसे बिजली उपभोक्ता जिनके द्वारा अपने बकाया बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके नाम, पते और बकाया राशि की जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है। कंपनी द्वारा बकायादारों के नामों की सूची कंपनी के पोर्टल पर सार्वजनिक की गई है। इन बकायादरों के नाम आमजन और उपभोक्ताओं द्वारा क्षेत्रवार देखा जा सकता है। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर होम पेज पर Consumer Arrears List पर क्लिक करते ही वृत्त के आधार पर कुल बकायादारों की सूची उपलब्ध हो जाएगी। इसी लिंक को कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर भी साझा कर दिया गया है। कम्पनी द्वारा इस सूची को प्रति सोमवार अद्यतन किया जा रहा है। जो उपभोक्ता अपने बिजली बिल की बकाया राशि जमा कर रहे हैं, उनके नाम पोर्टल पर जारी सूची से तथा सोशल मीडिया से हटा दिए जाते हैं। इसलिए बकाया राशि समय पर जमा करें, ताकि बकायादारों की सूची से नाम हटाया जा सके।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डॉक्टर्स की हड़ताल अब नहीं होगी गैरकानूनी, लंबित मांगों का समाधान करेगी हाई लेवल कमेटी प्रदर्शन

इंदौर  अब डॉक्टर्स की हड़ताल गैरकानूनी नहीं मानी जाएगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टर्स को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, यह निर्णय चिकित्सा सेवाओं की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए लिया गया। क्योंकि डॉक्टर्स की हड़ताल से मरीजों की देखभाल पर खतरा आ सकता है, इसलिए हड़ताल पर जाने की छूट नहीं दी जाती थी। आमतौर पर, यदि डॉक्टर्स किसी आदेश या घटना से आहत होकर हड़ताल पर जाते थे, तो यह हड़ताल गैरकानूनी मानी जाती थी। कई मामलों में सरकार और विभाग ने हड़ताल पर गए डॉक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। एक मामले की सुनवाई के दौरान, एमपी हाईकोर्ट ने डॉक्टर्स को राहत दी है। डॉक्टर्स को हड़ताल से रोकने के कारण डॉक्टर्स को हड़ताल पर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, क्योंकि इससे मरीजों के इलाज में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद (पेशेवर आचरण, शिष्टाचार और नैतिकता) विनियम, 2002 के तहत भी डॉक्टरों को हड़ताल से मना किया गया है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि न्यायाधीश और डॉक्टर हड़ताल पर नहीं जा सकते, क्योंकि उनका काम जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों से संबंधित होता है। हड़ताल पर जाने से पहले अनुमति की जरूरत हाई कोर्ट ने डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने की छूट दी है, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों के हड़ताल से संबंधित मामले में स्पष्ट किया कि अगर डॉक्टर सरकार के किसी निर्णय से आहत होते हैं, तो वे हड़ताल कर सकते हैं, बशर्ते कोर्ट को पहले सूचित किया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को डॉक्टरों की लंबित मांगों को हल करने के लिए 2 सप्ताह में एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का आदेश दिया है। पूरा मामला यह मामला 2023 में प्रदेशभर के डॉक्टरों की हड़ताल से जुड़ा था। 3 मई को चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर राज्यभर के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएससी और पीएचसी के डॉक्टर हड़ताल पर गए थे। उन्होंने अपनी कार्यकाल, वेतन और सुविधाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें राज्य सरकार के सामने रखी थीं, जिनका समाधान न होने पर डॉक्टरों ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। हाई कोर्ट ने चिकित्सक महासंघ को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे अपनी सभी लंबित मांगों और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचा सकें। पहले कोर्ट ने इस हड़ताल को गैरकानूनी करार दिया था और भविष्य में किसी भी हड़ताल के लिए कोर्ट से अनुमति अनिवार्य कर दी थी। 1 हफ्ते में मांग-सुझाव सरकार तक प​हुंचाएं     हाई कोर्ट ने चिकित्सक महासंघ को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे अपनी सभी लंबित मांगों और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचा सकें।     यह मामला 2023 में प्रदेशभर के चिकित्सकों की हड़ताल से जुड़ा था। तब 3 मई को चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर राज्यभर के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएससी और पीएचसी के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।     चिकित्सक महासंघ ने राज्य सरकार से डॉक्टरों के कार्यकाल, वेतन और सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इन मांगों का समाधान न होने पर डॉक्टर लगातार हड़ताल और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।     शासकीय-स्वशासी चिकित्सा महासंघ मप्र के मुख्य संयोजन डॉक्टर राकेश मालवीय के मुताबिक पहले हाई कोर्ट ने प्रदेश के डॉक्टरों की हड़ताल को गैरकानूनी करार दिया था। साथ ही भविष्य में किसी भी टोकन स्ट्राइक के लिए कोर्ट की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद डॉक्टरों ने अपनी आवाज उठाने के लिए अन्य विकल्प तलाशे।  

पांच वाहनों से लगभग 30 आरोपित हमला करने आए थे, बंदूक-तलवारों से दलित परिवार पर किया हमला, महिला की मौत

मंदसौर सरकारी जमीन पर गाय बांधने के विवाद में शुक्रवार को फायरिंग कर महिला की हत्या कर दी गई। वहीं चार लोग घायल हो गए है इनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। मामला गरोठ तहसील के ढाकनी गांव का है। पांच वाहनों से लगभग 30 आरोपित हमला करने आए थे। हमलावर बंदूकें, तलवार और लाठी-डंडे लेकर आए थे। हमले में महिला की मौत के बाद आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने को लेकर गरोठ में चक्काजाम भी किया। लगभग दो घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्काजाम खोला। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार सुबह ग्राम ढाकनी में पांच चार पहिया वाहनों से आए 30 लोगों ने दलित परिवार पर हमला कर दिया। फायरिंग में सुगनाबाई पत्नी बालाराम सूर्यवंशी की मौत हो गई। जबकि चार लोग घायल है। हमले के बाद घायलों को गरोठ अस्पताल ले जाया गया। वहां से एक घायल रामगोपाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सुगना के बेटे सुखदेव और पति बलराम ने बताया कि गांव के नरेंद्रसिंह और उसके पिता ने हमला कराया है। बलराम के हाथ में भी गोली लगी है। उन्हें मंदसौर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद गरोठ अस्पताल में काफी भीड़ जमा हो गई। गरोठ एएसपी हेमलता कुरील भी अस्पताल पहुंची। लोगों ने किया चक्काजाम हमले के बाद समाज के लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दलित समाज के लोगों ने गरोठ नगर में थाने के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहे पर धरने पर बैठ गए। इससे जाम लग गया। इसके अलावा बोलिया रोड, शामगढ़ रोड पर भी चक्काजाम किया गया। लगभग दो घंटे में बोलिया, शामगढ़, भानपुरा, खड़ावदा आने-जाने वाले रास्तों पर आवागमन करने वाले परेशान होते रहे। शामगढ़, भानपुरा, सुवासरा आदि थानों का पुलिस बल भी तैनात रहा है। लगभग 2 घंटे में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया। गरोठ एएसपी हेमलता कुरील ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में हमलावरों के नाम अर्जुनसिंह, नरेंद्रसिंह, जेलरसिंह, प्रतापसिंह पता चले हैं। सभी की तलाश की जा रही है। ग्राम ढाकनी निवासी बालराम और उसके परिवार का विवाद शासकीय भूमि पर शेड निर्माण को लेकर हुआ। जानकारी के अनुसार बालाराम का बैंड व्यवसाय है। घटना के समय वह शासकीय भूमि पर अपनी गायों के लिए शेड बना रहा था, जिसको लेकर विवाद हो गया। विवाद में गोली चली और सुगनाबाई मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में शामिल मृतका के ससुर रामगोपाल की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

नि-क्षय शिविर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली करेंगे अभियान का शुभारंभ

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि टीबी, जिसे कभी लाइलाज माना जाता था, अब सघन और समर्पित प्रयासों से समाप्ति के करीब है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए 7 दिसंबर 2024 से 25 मार्च 2025 तक “100 दिवसीय निक्षय शिविर” आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक गति देना और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभियान का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य कर्मियों और आमजन से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जैसे हमने कोविड महामारी में एकजुट होकर हर व्यक्ति तक जाँच और उपचार सुनिश्चित किया, वैसे ही इन 100 दिनों में हमें टीबी की व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जाँच, उपचार और जन-जागरूकता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से आह्वान किया कि पूर्ण समर्पण से अभियान को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने आमजन से स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान करने की अपील की है, जिससे समाज का सशक्त और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अंतर्गत गतिविधियाँ प्रदेश में क्षय रोग (टी.बी.) के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 उच्च-प्राथमिकता वाले जिलों नरसिंहपुर, दतिया, सिंगरोली, डिन्डौरी, खण्डवा, कटनी, अनुपपूर, अलिराजपुर जबलपुर, नीमच, रतलाम, मंदसौर, छतरपुर, उज्जैन, सीधी, श्योपुर, बैतूल, छिन्दवाडा, विदिशा, दमोह, मंडला, सीहोर और सिवनी में 7 दिसंबर से प्रारंभ होगा। इस शिविर का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच, और उचित उपचार प्रदान करना है। इस अभियान के अंतर्गत समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी/ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक) के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों और टी.बी. के मरीजों की स्क्रीनिंग एवं जांच की जाएगी। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से मधुमेह पीड़ित, कुपोषित, धूम्रपान करने वाले, शराब सेवन करने वाले, पूर्व टीबी मरीज, संपर्क व्यक्ति और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। शिविरों का आयोजन प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे और बस स्टेशनों, सामूहिक स्थानों, छात्रावास, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। नि-क्षय शिविरों का आयोजन कारखानों, उद्योगों, ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों, पत्थर क्रशरों और अन्य ऐसे कार्यस्थलों पर भी किया जाएगा, जिससे श्रमिक वर्ग और अन्य संवेदनशील वर्गों तक इस अभियान का लाभ पहुँच सके। शिविरों का आयोजन पंचायत संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, स्वसहायता समूहों, जन आरोग्य समिति, महिला आरोग्य समिति, और ग्राम स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता समिति के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। नए निक्षय मित्रों और टीबी चैंपियंस/विजेताओं की पहचान की जाएगी, जिससे उनकी सहभागिता से अभियान को और गति दी जा सके। त्यौहारों और मेलों के दौरान धार्मिक गुरुओं के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में कला और सांस्कृतिक गतिविधियाँ, रैलियाँ आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों में “नि-क्षय सप्ताह” के आयोजन के अन्तर्गत जागरूकता सत्र, निक्षय शिविर, टीबी शपथ एवं प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएंगी।  

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली, 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में योजना की अगली किस्त की राशि जल्द आने वाली

भोपाल  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, “इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.  

मुख्यमंत्री यादव राज्य को औद्योगिक विकास के केंद्र में परिवर्तित करने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में 6वीं आरआईसी का शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। ‘निर्यात कैसे शुरू करें’ और ‘पर्यटन में निवेश संभावनाएँ’ जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 75 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह ‘उद्योग वर्ष 2025’ अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।  

CM यादव ने नर्मदापुरम RIC से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों का स्वागत है। हमारी मंशा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले और वर्तमान में संचालित उद्योगों का विस्तार करने में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।” मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “उद्योगपतियों की सहायता से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। आप सभी आगे आएं, नए उद्योग स्थापित करें और युवाओं को रोजगार देकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।” स्थानीय उद्योगों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य है कि सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसके बाद राज्य, राष्ट्रीय और अंततः अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगपतियों को अवसर दिया जाएगा। आरआईसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसे हमने बहुत बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया है।” उद्योगों के विस्तार और निवेश की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री ने वीसी से नर्मदापुरम के कई उद्योगपतियों से चर्चा की। उन्होंने हरदा के राइस मिल मालिकों से अपने उद्योगों का विस्तार करने का आग्रह किया और मूंग दाल मिल के मालिक जसप्रीत सिंह से कहा कि उनके पास अतिरिक्त मूंग हो तो उसे उज्जैन के व्यापारियों को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से उद्योग शुरू करने वाली ज्योति अग्रवाल और कैटल फीड इंडस्ट्री के मालिक नरेंद्र सिंह तोमर की सफलता की सराहना की। निर्मल मसाला इंडस्ट्री के राजपूत ने बताया कि उनकी मसाला मिल 42 प्रकार के मसालों का उत्पादन करती है, जो 12 जिलों में वितरित किए जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “आपके मसाले एमडीएच मसालों की तरह प्रसिद्ध हों, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं।” निवेश और विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम क्षेत्र में कृषि उत्पादन और खाद्य प्र-संस्करण के साथ अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने मौजूदा व्यवसायों के साथ नए उद्योग क्षेत्रों में भी निवेश करें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार उद्योगपतियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपके सहयोग से ही क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।” ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की ओर समग्र प्रयास मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदापुरम के बाद जनवरी में शहडोल में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। इन सम्मेलनों की कड़ी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने यूके और जर्मनी दौरे का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रदेश को 78,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। प्रदेश के विकास में उद्योगपतियों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा, “उद्योगपति प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। उनके प्रयासों से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्रीय विकास को गति मिलती है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम प्रदेश के सभी उद्योगपतियों को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने का प्रयास कर रहे हैं।” आरआईसी नर्मदापुरम में संभावित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को कॉन्क्लेव में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह आयोजन निवेश और विकास के अवसरों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मंच प्रदान करेगा। “लोकतंत्र में सब सेवक मैं भी प्रदेश का सेवक” मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल के उद्योगपति ने चर्चा में वर्षों से चले आ रहे बाबा महाकालेश्वर की नगरी अवंतिका उज्जैन में मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम न करने के मिथक को तोड़ने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र में सब सेवक होते है, कोई राजा महाराजा नहीं होता, मैं भी प्रदेश का सेवक हूँ”। सेवक तो भगवान की नगरी में ही रुकते है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने 7 दिसंबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उज्जैन जिले के प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।  

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल गौ माता के लिए भोजन और पानी, सुरक्षा का प्रबंध करना है प्राथमिकता गौ अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का किया निरीक्षण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के ग्राम पाण्डरी में गौ-अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-अभ्यारण्य के लिए भूमि पर्याप्त और सुन्दर है। सुरक्षा की दृष्टि से इसमें तार फेंसिंग की जरूरत है, जिससे गौ-वंश खेतों में न जा सके। गौ-माता के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास होना चाहिए कि सड़क पर कोई गौ-माता नहीं रहे। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-शाला के लिए दो रास्ते एवं दो द्वार बनाए जाएं। उन्होंने गौ-अभ्यारण्य की तार फेंसिंग में लगने वाले समय, पानी की व्यवस्था की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, विधायक भिण्ड नरेन्द्र सिंह कुशवाह, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा, दिसंबर के तीसरे सप्ताह से सर्दी बढ़ने की उम्मीद

इंदौर दिसंबर और जनवरी के महीने ठंड के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार दिसंबर की शुरुआत में ठंड गायब नजर आ रही है। रात का तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है और घटने के बजाय बढ़ रहा है। जिस ठंड का अहसास आमतौर पर अक्टूबर में होता है, वह इस बार दिसंबर में हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री बढ़कर 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम था। लेकिन रात का न्यूनतम तापमान पिछले पांच दिनों में करीब 6 डिग्री उछलकर 18.4 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा था। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। फेंगल तूफान की वजह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। सुबह के समय बादल और ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंड का एहसास होता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, गर्मी महसूस होने लगती है। तापमान के आंकड़े इस बदलाव की गवाही देते हैं। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 17.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। मंगलवार को यह औसत से 4 डिग्री ज्यादा होकर 18.4 डिग्री तक पहुंच गया था। 2014, 2021 और 2022 में भी दिसंबर की शुरुआत गर्म रही थी। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंडी हवाएं बीच-बीच में ठंड का एहसास कराएंगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही संभव होगी। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इस कारण हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। वहां से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण दिसंबर के तीसरे सप्ताह से ठंड में इजाफा हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार अक्टूबर और नवंबर भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहे, और अब दिसंबर की शुरुआत भी गर्म बनी हुई है। यह पिछले 10 वर्षों में चौथी बार हुआ है कि दिसंबर की शुरुआत इतने ज्यादा न्यूनतम तापमान के साथ हुई हो। पिछले साल का दिसंबर भी लगभग ऐसा ही रहा था, जब पूरे महीने न्यूनतम तापमान का सबसे निचला स्तर 11.4 डिग्री था। इस बार भी रात के तापमान की शुरुआत औसत से 8 डिग्री ज्यादा रही है। गुरुवार को दोपहर के समय धूप इतनी तेज महसूस हुई कि घरों, दफ्तरों और दुकानों में पंखे तक चलाने पड़े। बादलों के कारण हल्की उमस का भी एहसास हो रहा था। फेंगल तूफान के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में यह असामान्यता देखी जा रही है। बादलों के चलते रात का तापमान बढ़ा हुआ है, क्योंकि गर्मी वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रही है। दिन में तेज धूप और उमस से गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हिमालय से आने वाली सर्द हवाओं के चलते ठंड बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों से ठंड के मौसम में इस प्रकार के बदलाव जलवायु परिवर्तन की ओर भी इशारा करते हैं। इसका असर न केवल मौसम के पैटर्न पर पड़ रहा है, बल्कि यह मानव जीवन और पर्यावरण के अन्य पहलुओं को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में बदलते मौसम के अनुसार तैयार रहना जरूरी है।  

‘हम होंगे कामयाब’ अभियान के समापन पर मानव अधिकार दिवस पर विशेष मैराथन दौड़ का आयोजन

भोपाल विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा), भोपाल श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा ‘हम होंगे कामयाब’ अभियान के समापन पर मानव अधिकार दिवस पर विशेष मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ मानव अधिकार दिवस 10 दिसम्बर को प्रातः 9:30 बजे से न्यू रविन्द्र भवन के सामने स्थित ग्राउंड से प्रारंभ होगी और दोपहर 12:00 बजे बोट क्लब पर समाप्त होगी। इस मैराथन दौड़ का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, और समाज में उनकी गरिमा को लेकर जागरूकता फैलाना है। उल्लेखनीय है कि लिंग आधारित हिंसा के उन्मूलन के लिए राज्य शासन द्वारा 16 दिवसीय ‘हम होंगे कामयाब’ अभियान का आयोजन 25 नवम्बर, 2024 से 10 दिसम्बर, 2024 तक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति हिंसा को समाप्त करना और जेंडर आधारित भेदभाव के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैलाना है। अभियान के तहत राज्य के 25 विभागों ने समन्वित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जेंडर संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है।  

प्रदेश के गृह मंत्री रहे भारत सिंह का रतलाम में निधन, चल रहे थे बीमार; अंतिम संस्कार कल

रतलाम मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भारत सिंह का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि भारत सिंह बीते कुछ दिनों से बीमार थे। निधन की खबर फैलते ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। ये भी जान लें कि भार सिंह एमपी के पूर्व सीएम अर्जुन सिंह के कार्यकाल में मंत्री रहे हैं। शुक्रवार सुबह कांग्रेस के कद्दावर नेता और प्रदेश के पूर्व गृह एवं उद्योग मंत्री भारत सिंह का निधन हो गया। भारत सिंह बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। इन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज उनका निधन हो गया है। बता दें कि भारत सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता और  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा चेहरा थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में गृह और उद्योग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। उनके निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक व्याप्त है। ह एवं उद्योग मंत्री रह चुके हैं भारत सिंह भारत सिंह तत्कालीन कांग्रेस सीएम अर्जुन सिंह के कार्यकाल में गृह एवं उद्योग मंत्री रहे हैं। सुबह जैसे ही निधन की खबर मिलने पर परिजन और परिचित शोकाकुल हैं। 7 दिसंबर को निकाली जाएगी अंतिम यात्रा परिजन पार्थिव देह को लेकर रतलाम से रवाना हुए हैं। अंतिम यात्रा 7 दिसंबर शनिवार को उनके निवास स्थान गढ़ी से सुबह 10.30 बजे ईदगाह के पीछे पारिवारिक मुक्तिधाम में जाएगी।

भेदभाव नहीं सहानुभूति और स्नेह के पात्र हैं एड्स मरीज: प्रो सूरज सिरोही

सिवनी मालवा शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में विश्व एड्स दिवस की थीम (अधिकारों की राह अपनाये मेरा स्वास्थ्य,मेरा अधिकार)के तर्ज पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार धुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित इस व्याख्यान में महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के प्राध्यापक डॉ. सूरज सिरोही ने अपने व्याख्यान में बताया कि हमें एड्स जैसी घातक बीमारी से सावधान रहना है। एड्स हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती है।एड्स किन कारणों से फैलाती है व इसके बचाव के क्या उपाय हैं इसके बारे में छात्राओं को विस्तार से बताया।उन्होंने एम वाय हॉस्पिटल इंदौर में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत एड्स के उपचार से संबंधित जानकारी भी छात्रों को दी।रेड रिबन क्लब प्रभारी श्रीमती काजल रतन एवं डॉ बाऊ पटेल ने महाविद्यालय की ओर से अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।  व्याख्यान का संयोजन डॉ मनीष दीक्षित ने किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रही।

काल भैरव को 6 लाख का चढ़ावा, उज्जैन में मंदिर समिति ने खोली 7 भेंट पेटी

उज्जैन  काल भैरव मंदिर की सात दान पेटियां गुरुवार को खोली गई। काल भैरव मंदिर समिति के अनुसार पिछले दो माह में बाबा काल भैरव के खजाने में 16 लाख 48 हजार 970 रुपए की आय हुई है। मंदिर के गर्भगृह में रखी दो छोटी भेंट पेटी में प्राप्त राशि की गणना शुक्रवार को की जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन को आने वाले देशभर के श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के बाद सीधे बाबा काल भैरव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। काल भैरव मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर समिति की प्रशासक संध्या मार्कंडेय ने बताया कि काल भैरव मंदिर में गुरुवार को बड़ी भेंट पेटियां खोल कर भेंट राशि की गिनती की गई है। देर शाम तक गिनती होने के बाद इस बार भेंट पेटी से दो माह के दौरान 16 लाख 48 हजार 970 रुपए की राशि मंदिर समिति को प्राप्त हुई है। भेंट राशि की गिनती पूर्ण होने के बाद राशि मंदिर समिति के खाते में जमा करवाई गई है। इसके अलावा शुक्रवार को मंदिर के गर्भगृह में रखी छोटी भेंट पेटी की गणना की जाएगी। बाबा महाकाल के दर्शन को आने वाले भक्त काल भैरव मंदिर जरूर जाते हैं। महाकाल लोक बनने के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके चलते शनिवार से सोमवार और अवकाश या त्योहार पर काल भैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। मंदिर समिति को आय का साधन भेंट पेटी काल भैरव मंदिर समिति की आय का मुख्य साधन यह दान राशि ही है। काल भैरव मंदिर में किसी भी तरह के पूजन के लिए कोई शासकीय रसीद या शीघ्र दर्शन टिकट या अन्य किसी तरह की रसीद काटने की कोई व्यवस्था नही है। इसके अलावा मंदिर परिसर में लगी दीप मालिका को प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों के माध्यम से जो कुछ रसीदें वर्ष भर में कटवाई जाती है, उसमें मंदिर समिति के पास केवल 700 रुपए पहुंचते हैं।

कमिश्नर ने धान उपार्जन केन्द्र छतवई का किया निरीक्षण

शहडोल  कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने आज शहडोल जिले के तहसील सोहागपुर के धान उपार्जन केन्द्र छतवई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने धान उपार्जन केंद्र में बारदाना, तौल कांटा एवं बारिश के बचाव हेतु तिरपाल की उचित व्यवस्था सुश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन के बाद किसानों के खाते में धान की एन्ट्री भी समय पर करें जिससे भुगतान की प्रक्रिया में कोई समस्या न हो। कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान उपार्जन केन्द्र छतवई अंतर्गत किसानों के पंजीयन एवं धान भण्डारण सहित अन्य आवश्यक जानकारियां भी ली।

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