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परख राष्‍ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शामिल हुए मध्‍यप्रदेश के विद्यार्थी

भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय शैक्षिक सर्वेक्षण, ’’परख’’ राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण-2024 आज चयनित शालाओं में एक साथ किया गया। यह सर्वेक्षण प्रदेश की लगभग 5742 चयनित शालाओं में किया गया। इस सर्वेक्षण में कक्षा 3, 6 एवं 9 के करीब एक लाख 45 हजार विद्यार्थियों ने हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। उल्‍लेखनीय है कि परख एक राष्‍ट्रीय मूल्‍यांकन संस्‍था है। परख का अर्थ है प्रदर्शन, मूल्‍यांकन, समीक्षा और समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्‍लेषण। यह एक राष्ट्रव्यापी स्कूल शिक्षा सर्वेक्षण है, जिसमें सेंपल सर्वेक्षण के आधार पर देश के स्‍कूल शिक्षा का आंकलन किया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में नेशनल कॉउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) के द्वारा परख सर्वेक्षण आयोजित किया जाता है। इस राष्ट्रव्यापी स्कूल शिक्षा सर्वेक्षण को पहले नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) के रूप में जाना जाता था, जिसका आयोजन हर तीन साल में किया जाता है। पिछली बार नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2021 में हुआ था। इसमें मध्‍यप्रदेश ने देश भर में पॉंचवां स्‍थान प्राप्‍त किया था। इस सर्वे को समय के साथ देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली की प्रगति का मूल्यांकन और निगरानी करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सर्वेक्षण भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और “हमारे आस-पास की दुनिया” (पर्यावरण जागरूकता पर केंद्रित विषय) जैसे प्रमुख विषयों के बारे में छात्रों की समझ का आंकलन करता है। पेपर-आधारित मूल्यांकन और आधुनिक ओ.एम.आर तकनीक को मिलाकर एक व्यापक पद्धति के साथ, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 न केवल छात्रों के शैक्षिक स्‍तर का मूल्यांकन है, बल्कि पूरे भारत में लाखों छात्रों के लिए शैक्षिक परिदृश्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सर्वेक्षण के परिणामों का उपयोग शैक्षिक सुधारों और भविष्य के नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाता है। प्रदेश में इस सर्वे के सफल आयोजन के लिए राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र में कंट्रोल रूम की स्‍थापना के साथ ही सभी चयनित सेम्‍पल शालाओं में आब्‍जर्वर की उपस्थिति में सर्वे कराया गया। प्रदेश के समस्‍त जिलों में परख सर्वेक्षण की निगरानी के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने स्‍टेट ऑब्‍जर्वर भी राज्‍य स्‍तर से तैनात किए थे।  

रातापानी “टाइगर रिजर्व’’ बनने से पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रातापानी बाघ अभयारण्य को प्रदेश का आठवाँ “टाइगर रिजर्व’’ घोषित होने पर प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से प्रदेश में पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के आठवें टाइगर रिजर्व के रूप में रातापानी बाघ अभयारण्य की अधिसूचना 2 दिसम्बर को जारी की गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसी भी राज्य की राजधानी से सटा पहला टाइगर रिजर्व है। राजधानी के पास स्थित होने से यहाँ न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे, बल्कि जंगल, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण भी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गाँव के लोगों को परेशानी न हो, इसके लिये रातापानी अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले गाँवों को कोर क्षेत्र की जगह बफर क्षेत्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान टाइगर राजधानी के रूप में होगी। उन्होंने कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व माधव नेशनल पार्क के लिये एनटीसीए से अनुमति मिल गयी है। इसके नोटिफिकेशन जारी करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है, जो लगभग एक माह में पूरी हो जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश “चीता स्टेट’’ भी बन चुका है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर प्रदेश की जनता को शुभकामनाएँ दी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा के पंधाना तहसील में जन्मे टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों को सदैव याद करता रहेगा जिन्होंने, अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेते हुए अपना सर्वस्व अर्पित किया। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से अंग्रेजों की रूह काँप जाती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने क्रांतिकारी नायक के नाम पर निमाड़ में खरगोन में एक विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टंट्या मामा जैसे आदर्श से प्ररेणा पाकर ही हमारे युवाओं के हाथों हमारा देश सुरक्षित है। इनसे ही हमारे भविष्य की दृष्टि से हमारे अपने देश की सीमा सुरक्षित होती है, देशवासियों को इन पर गर्व होता है। हमारे जनजाति के नायक अत्यंत गरीबी अवस्था से निकलकर भी अंग्रेजी की सशक्त सेना के खिलाफ न केवल लड़े, बल्कि लगातार अंग्रेजों के खजाने को लूट कर अपने देशभक्त नागरिकों को बांटा। उनकी मान्यता थी कि भारतीयों का पैसा भारत के पास ही रहना चाहिए। ऐसे एक नहीं कई अवसरों पर आमने-सामने के युद्ध में भी अंग्रेजों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे महापुरुषों को हमने अपने पाठ्यक्रम में भी स्थान दिया है, जिससे भविष्य में पीढ़ियां उनको पढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशभक्तों में सूर्य की भांति नक्षत्र की तरह चमकने वाले टंट्या मामा को विनम्र नमन किया।  

मंत्रीगण करें उपार्जन केन्द्रों का अवलोकन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित करते हुए कहा कि सोयाबीन और धान खरीदी के लिये बनाये गये उपार्जन केन्द्रों का अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन में किसानों को यदि कोई समस्या आ रही है, तो संबंधित विभाग के संज्ञान में लायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 अक्टूबर से सोयाबीन का उपार्जन हो रहा है। उपार्जन 31 दिसम्बर तक होगा। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन का उपार्जन किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन की आवक हो रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि 2 दिसम्बर से धान का उपार्जन शुरू हो चुका है। अब तक 428 किसानों से 2810 मीट्रिक टन धान का उपार्जन हो चुका है। धान के उपार्जन के लिये अभी 1184 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा धान उपार्जन के लिये ऑनलाइन पंजीयन कराया गया है। उन्होंने बताया कि 4 दिसम्बर तक 97 हजार से अधिक किसान उपार्जन केन्द्रों पर उपज विक्रय के लिये स्लॉट बुक करा चुके हैं। जिला बालाघाट में 859, सतना में 519, सिंगरौली में 252, मंडला 205, बैतूल 173, अनूपपुर 171, कटनी 149, रीवा 135, मैहर 111, सागर 61, शहडोल 43, सीधी 42, नरसिंहपुर 30, नर्मदापुरम 28, पन्ना 25, दमोह 6 और जिला मऊगंज में 1 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।  

अपने नाम के अनुरूप काम करती है संबल योजना – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संबल योजना आपात स्थिति में श्रमिकों के लिये अपने नाम के अनुरूप संबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मुश्किल और दुख की घड़ी में सरकार श्रमिकों के साथ है। उन्होंने कहा कि पीड़ित हितग्राही के परिजनों के लिए यह राशि राज्य शासन की ओर से संवेदनाओं के रूप में है। कठिनाई के समय में यह राशि श्रमिकों को अवश्य ही सहारा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) के अंतर्गत 10 हजार 236 हितग्राही श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में 225 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत प्रारंभ से अब तक 6 लाख 16 हजार से अधिक प्रकरणों में 5,626 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की सराहना करते हुए कहा कि श्री पटेल ने संवेदनशीलता के साथ काम किया है। उन्होंने यह प्रयास किया है कि समाज के अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति को शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में एक करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिक भाई-बहन अपना पंजीयन करा चुके हैं। इनमें से संबल 2.0 योजना में 32 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके है। उन्होंने कहा कि यह एक अनूठी योजना है, जिसमें करोड़ों जरूरतमंद परिवार को बच्चे के जन्म से लेकर पूरे जीवनकाल तक मदद की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर जाकर सामान और सेवाएं देने वाले श्रमिकों को असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें भी मार्च 2024 से संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले, तेंदूपत्ता संग्राहक आदि शामिल किए गए हैं। इन्हें इस योजना में अनुग्रह सहायता राशि, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत और राशन पर्ची जैसी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राशि अंतरण कार्यक्रम में संबल योजना के कुछ हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद भी किया। उन्होंने नर्मदापुरम से श्रीमति रेखा प्रधान, सीहोर से श्रीमति कृष्णा बाई, डिंडोरी से श्रीमति लमती बाई, सागर से श्रीमति शोभारानी और श्रीमति कृष्णा देवी से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार आपके साथ है, आज दी जा रही राशि आपके परिवार के लिए मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज क्रांतिसूर्य जननायक टंटया मामा की पुण्यतिथि का दिन है। उन्होंने अपने समाज को अंग्रेजों के अत्याचारों से मुक्त कराने के प्रयास किए। आज के दिन ही राज्य सरकार ने श्रमिकों परिवारों को लाभ दिया है। श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने श्रमिकों को संबल योजना की राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारी संवेदनशील सरकार श्रमिकों एवं गरीबों के कल्याण के लिए प्रातिबद्ध है । यह पहली बार है कि हितग्राहियों के खातों को आधार से लिंक कर राशि अंतरित की गयी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रम श्री उमाकांत उमराव, श्रमायुक्त श्री धनराजू एस, उप सचिव श्रम विभाग एवं सचिव संबल बोर्ड श्री रत्नाकर झा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न जिला एवं ब्लॉक से हितग्राही एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।  

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स ने मध्य प्रदेश के लिए भव्य विस्तार योजना का अनावरण किया; अगले 5 वर्षों में 10 के 12 स्कूलों की स्थापना की कल्पना

भोपाल, भारत में सबसे सम्मानित और प्रसिद्ध स्कूल श्रृंखताओं में से एक, सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल देश भर में और विस्तार करना चाहता है। वर्तमान में, समूह पूरे भारत में 6 राज्यों और 51 शहरों में 4 प्रबंधन संरधान और 60+ K-12 स्कूल संचालित करता है, जिसमें 55.000+ छात्र और 1,500 शिक्षक समूह से जुड़े हैं। प्रबंधन की योजना अगले 5 वर्षों में एमपी में 10 स्कूल खोलने की है, जिससे कम से कम 10,000-12,000 छात्रों को शिक्षा के अवसर मिलेंगे। राज्य में, समूह की जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर के साथ उच्च शिक्षा में पहले से ही उपस्थिति है। इसके बाद, बड़‌वानी और ग्वालियर में K-12 स्कूल स्थापित हुए और नवीनतम उद्यम राजधानी भोपाल में K. 12 स्कूल है। जयपुरिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री श्रीवत्स जयपुरिया ने कहा, हमने हमेशा माना है कि समग्र शिक्षा का उद्देश्य हमारे छात्रों को जीवन जीने के लिए आवश्यक सभी कौशल प्रदान करना है। अपनी जड़ों को मजबूती से पकड़कर, हम अंतरराष्ट्रीय मानसिकता को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि हम आज के दिन और युग में इसके महत्व को पहचानते हैं क्योंकि हम 21वीं सदी के विश्व स्तर पर जिम्मेदार नागरिक बनने वाले व्यक्तियों के साथ काम करते हैं। हमारे स्कूत्त पिछले 5 वर्षों में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर 99% प्रथम श्रेणी के साथ भारत के शीर्ष 10 स्कूलों में शुमार है, और हमारे छात्र विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल समाज के समग्र विकास में मदद करते हैं। छात्रों को शिक्षा मिलती है. परिवार और समुदाय जुड़ते हैं, गुणवत्तापूर्ण स्कूल से शहर का समग्र उत्थान होता है। कई नौकरियों पैदा हुई है औसतन 1000 छात्रों वाला एक स्कूल 100 से अधिक व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा यह सहायक और सहायता सेवाओं के विकास में भी मदद करता है। राष्ट्र निर्माण के लिए वास्तव में एक नेक कार्यह। उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा परिवार 1945 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है, हमने विस्तार की यह यात्रा वर्ष 2014 में शुरू की और प्रशंसा और प्रभाव देखा। हमने उत्तर और मध्य भारत पर प्राथमिक ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी यात्रा शुरू की। दस वर्षों के बाद, जिस तरह से हमारे स्कूलों को पसंद किया गया और 60 से अधिक परिसरों में प्रभाव पैदा किया गया, उससे हम अभिभूत है। अब भी, हमें बड़ी मात्रा में विकास टियर ॥ और टियर । शहरों से आने की उम्मीद है क्योंकि वहां उच्च गुणवत्ता वाले स्कूलों की पहुंच अभी भी कम है, जबकि इन शहरों में विकास की मांग तेजी से बढ़ रही है। हमारे स्कूल स्थानीय स्तर पर शिक्षा उद्यमियों के साथ सहयोग कर रहे हैं, और उनके लिए भी, यह विरासत में निहित एक जबरदस्त व्यावसायिक अवसर होगा। शहर और कस्बे गुणवत्तापूर्ण स्कूलों के आसपास विकसित होते हैं, हम इसे अखिल भारतीय स्तर पर पहले ही देख चुके है। हमारा मानना है कि इस मॉडल ने हमें राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अपने अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठाने की अनुमति दी है। जयपुरिया स्कूल के एक छात्र को हमेशा अधिकांश आधुनिक पाठ्यक्रम, शिक्षण के तरीके, अत्याधुनिक तकनीक और कई घटनाओं और बहुत उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों के माध्यम से अनुभव मिलता है, भले ही वह टियर 1 में हो। टियर 2 या टियर 3 शहर, छात्रों के लिए सीखने के परिणामों के विवरण का हमारा स्तर वास्तव में भारतीय स्कूल प्रणाली में क्रांतिकारी है। जयपुरिया द्वारा संचालित के-12 स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों को सफलता मिली है और देश का विश्वास हासिल हुआ है। मध्य प्रदेश पर ध्यान पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिक दृष्टिकोण का मिश्रण करते हुए एक अद्वितीय शैक्षिक अनुभव प्रदान करेगा। दस स्कूलों की स्थापना से राज्य में कम से कम 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे अर्थव्यवस्था और कल्याण में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, बड़‌वानी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मालवीयजी ने स्कूल की प्रगतिशील, सह-शैक्षिक दृष्टि को रेखांकित किया। “जयपुरिया समूह के समर्थन से, स्कूल ने एक मजबूत शैक्षिक आधार प्रदान किया है, जो गतिविधि- आधारित शिक्षा, समग्र विकास और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण पर केंद्रित है। स्कूल में शीर्ष स्तरीय सुविधाएं, इंटरैक्टिव डिजिटल कक्षाएं, अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और एक वैश्विक पाठ्यक्रम शामिल हैं। स्कूल खेल, कला और अन्य सहित 40 से अधिक गतिविधियाँ प्रदान करता है बहुत प्रसिद्ध डॉक्टर और शिक्षक ने कहा। डॉ मालवीय के प्रयासों से बड़वानी में बड़े पैमाने पर बदलाव आ चुका है। सभा को संबोधित करते हुए, भोपाल स्कूलकी अध्यक्ष, श्रीमती उमा शर्माजीने कहा, “हम जयपुरिया समूह के मध्य प्रदेश पर ध्यान केंद्रित करने से प्रसन्न है। ग्वालियर स्कूल शैक्षिक विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करके कार्य करता है, और नई दिल्ली से जयपुरिया ग्रुप कॉर्पोरेट कार्यालय की निरंतर निगरानी के साथ, हम भविष्य के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स की नींव प्रदान करने में सक्षम है। जयपुरिया एनईपी 2020 और एनसीएफ के अनुरूप हस्तक्षेप और सीबीएसई बोर्ड के अनुसार मार्गदर्शन के साथ क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। महान प्रक्रियाएं और भविष्यवादी दृष्टि हमें अलग करती है, जिसकी ग्वालियर जैसे बेहद प्रतिस्पर्धी शहर में जरूरत है। बहुत खुशी के साथ, सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल, भोपाल की निदेशक डॉ दिव्या तिवारीजी ने सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल, भोपाल के खुलने की रोमांचक खबर साझा की। उन्होंने कहा, “स्कूल में नए सत्र अप्रैल 2025-26 के लिए छात्रों का पहला प्रवेश 15 दिसंबर 2024 से होगा। स्कूल शिक्षाशास्त्र और दूरदर्शिता को प्रदर्शित करने के लिए कई नवीन और आकर्षक गतिविधियों करने की योजना बना रहा है। ब्रांडिंग, टीम प्रशिक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ चल रही हैं। यह स्कूल भोपाल के शापुर इलाके में बन रहा है। मुझे खुशी है कि भोपाल के छात्रों को जयपुरिया के अद्वितीय संस्कृत पाठ्यक्रम देवभाषा तक पहुंच मिलेगी, वे पिनेकल और क्रेस्केंडो जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, उन्हें सही मायने में अनुभवात्मक शिक्षा मिलेगी। विस्तार की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए, श्री शिव पांडेजी, एवीपी-ऑपरेशंस एसएमआरजेएस नई दिल्ली ने कहा, “हमारे छात्रों को अपने 21वीं सदी के कौशल को बढ़ाने के लिए खेल, सांस्कृतिक और गतिविधियों तक पहुंच मिलती है। हमारे छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय, अशोका, जिंदल लॉ स्कूल, कलकत्ता विश्वविद्यालय में अनुकूल सीटें प्राप्त करके कॉलेज और विश्वविद्यालय में प्रवेश के मामले में असाधारण रूप से अच्छा … Read more

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास ‘दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित’ करने का है : मंत्री कुशवाह

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि समावेशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए दिव्यांगों के नेतृत्व को बढ़ावा देना के लिए मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास ‘दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित’ करने का है। इसके लिए राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है और दिव्यांगों के कल्याण के लिए उनको साधन के साथ अवसर भी मुहैया कराया जा रहा है। मंत्री कुशवाह ने यह बात सामाजिक न्याय संचालनालय के ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही l कार्यक्रम की अध्यक्षता परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया ने कीl  मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में  दिव्यांगजनों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसके लिए मध्यप्रदेश में बाधा रहित वातावरण निर्माण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा वैश्विक समाज में वर्ग की भागीदारी उसमें होना चाहिए। उन्होंने दिवयांगजन के लिए सेवा और परमार्थ कार्य में लगी  संस्थाओं  को बधाई दी।  उन्होंने दिव्यांगजनों से आहवान किया कि दिव्यांगता सफलता में बाधक नहीं है। आवश्यकता है दिव्यांगता को भी अवसर मानते हुए कड़े  परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने की। मंत्री कुशवाह ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की और मूकबधिर  बच्चों के बैंड में भाग लेने वाले सभी बच्चों को अपनी स्वेच्छानुदान निधि से प्रत्येक बच्चे को 2500 रूपये देने की घोषणा भी की।    

MP हाई कोर्ट ने एमडी एमएस के परिणाम पर रोक रखी बरकरार, खारिज हुई याचिका

जबलपुर एमडी-एमएस कोर्स में दाखिले के लिए नीट पीजी काउंसलिंग में प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट सूची तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी। रिजल्ट जारी करने पर लगी इस रोक को हटाने के लिए आवेदन दायर किया गया था, जिसे जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विवेक सराफ की युगलपीठ ने खारिज कर दिया और रोक को बरकरार रखा। रीवा के डॉ. अभिषेक शुक्ला व अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि नीट की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाते हुए पीजी कोर्स में दाखिले के लिए मेरिट लिस्ट तैयार की गई थी। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके कारण नीट की मेरिट लिस्ट में अच्छी रैंकिंग होने के बावजूद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में उनका स्थान नीचे हो गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पहले राउंड के लिए चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर की रात 12 बजे तक चलेगी। इसका रिजल्ट 26 नवंबर को घोषित किया जाना है। उन्होंने कहा कि एडमिशन की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हो रहा है और पहले राउंड का रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगाई जाए। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अनावेदक को नोटिस जारी करते हुए रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। संचालक, मेडिकल एजुकेशन की तरफ से पेश किए गए जवाब में कहा गया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस, नई दिल्ली द्वारा मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश में पूरी प्रक्रिया का विधिवत पालन किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन को अनावेदक बनाए जाने का आवेदन स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।  याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से रिजल्ट पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने इस आवेदन को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।

टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है।

युवा, विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और संस्कारों के साथ राष्ट्र सेवा के संकल्प का प्रसंग है। अपनी बौद्धिक, सांस्कृतिक परम्पराओं और संस्कारों को पोषित और पल्लवित करने की प्रतिबद्धता का अवसर है। राज्यपाल पटेल आई.ई.एस. विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दीक्षित विद्यार्थियों और विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय दोनों के लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय पल होता है। नये भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी विकसित भारत के अमृत प्रसंग की प्रतिनिधि पीढ़ी है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान का ऐतिहासिक अवसर मिला है।     विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में जरूर हिस्सा लें युवा राज्यपाल पटेल ने कहा कि युवा, कैसा विकसित भारत देखना चाहते है, उसके लिए सरकार को क्या और कैसे करना चाहिए, इन पर अपने विचार सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचा सकते है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि 12 जनवरी 2025 के ऐतिहासिक प्रसंग के अवसर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद का हिस्सा जरूर बने। विकसित भारत से संबंधित रोचक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, ब्लॉक और निबंध लेखन की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग ले। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी कहा कि संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें। उन्हें आवश्यक सुविधाएं, सहूलियत और सहयोग प्रदान करे। विश्वविद्यालय स्तर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद के प्रारूप अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित करे। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की ज्ञान परम्परा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। विद्यार्थी भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से जुड़े, सतत अध्ययन करे, अपने स्तर पर आगे बढ़ाने सहभागिता करे और इस पर हमेशा गर्व करें। उन्होंने विश्वविद्यालय और दीक्षित विद्यार्थियों को प्रथम दीक्षांत समारोह की बधाई भी दी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति ने भी दीक्षित विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने, चुनौतियों से जुझने और आत्म मंथन प्रक्रिया पर ज्ञानवर्धक और प्रेरक उद्बोधन दिया। राज्यपाल पटेल ने समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका कुलाधिपति बी.एस. यादव ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति, समाजसेवी पद्मअशोक भगत और कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव को मानद उपाधि प्रदान की। स्वागत उद्बोधन कुलाधिपति यादव ने दिया। कुलपति जी.के. पाण्डेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आभार देवांश यादव ने माना। कार्यक्रम में सुदेश शांड़िल्य जी महाराज, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय अध्यक्ष और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।  

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बड़ोदा अहीर गांव पहुंचकर श्रृद्धासुमन अर्पित किए

भोपाल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा और जनजातीय समुदाय के महानायक क्रांतिसूर्य टंट्या भील जी के 135वें बलिदान दिवस के अवसर पर बुधवार को खंडवा जिले के पंधाना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़ोदा अहीर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह कार्यक्रम में शामिल हुए और टंट्या मामा का पुण्य स्मरण कर उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पंधाना की विधायिका श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत खंडवा के उपाध्यक्ष दिव्यादित्य शाह, पंधाना की जनपद पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुन्नी बाई सहित ग्राम सरपंच एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं द्वारा टंट्या मामा की याद में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों और बड़ों सभी ने “टंट्या मामा अमर रहे” के नारे लगाये। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने टंट्या मामा के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए कहा, “टंट्या मामा ने ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ जनजातीय समुदाय को संगठित कर आवाज उठाई। उन्होंने गुरिल्ला युद्धकला का सहारा लिया और गरीबों की मदद के लिए अमीरों से अतिरिक्त धन लेकर गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों का आर्थिक सहयोग किया। उनके इन्हीं कार्यों ने उन्हें जनजातीय समुदाय का महानायक बना दिया।” टंट्या मामा को देश में “इंडियन रॉबिनहुड” के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 26 जनवरी 1842 को खंडवा जिले के पंधाना ब्लॉक के ग्राम बड़ोदा अहीर में हुआ था। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों का सक्रिय होकर विरोध किया। विरोधी गतिविधियों में मुखर होने के कारण ब्रिटिश शासन ने 4 दिसंबर 1889 को उन्हें गिरफ्तार कर जबलपुर में फांसी दे दी थी। इसीलिये हर वर्ष 4 दिसंबर को टंट्या मामा का बलिदान दिवस मनाया जाता है। उनकी समाधि पातालपानी में स्थापित है, जो जनजातीय समुदाय और राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

चौकी पुलिस देरी द्वारा एक वर्ष से गुम महिला को खोज कर परिवार से मिलाया

टीकमगढ़  पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम, एसडीओपी टीकमगढ़ / जतारा के मार्गदर्शन में महिला सुरक्षा हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा एवं स्वतंत्रता हेतु जारी, हम होंगे कामयाब अभियान` अंतर्गत जिले के समस्त थाना/ चौकी द्वारा गुम बालक/बालिकाओं, महिलाओं की दस्तयाबी की प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिसमें टीकमगढ़ पुलिस द्वारा गुम बालिकाओं / महिलाओ का साइबर सेल एवं मुखबिर की सुचना से पता कर राज्य से एवं राज्य के बाहर से विभिन्न शहरों से दस्तयाब कर परिवार के सुपुर्द किया गया है। इसी क्रम मे देरी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक चंदन शाक्य की पुलिस टीम ने  चौकी क्षेत्र की 01 साल से गुमशुदा महिला ललिता पत्नी राजेश राय उम्र 24 साल निवासी पचेर को दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया। खोज कर परिवार के सुपुर्द किया गया है।उक्त कार्रवाई में पुलिस देरी चौकी प्रभारी चन्दन शाक्य, आर.398 रामकेश पटेल, आर. 138 ललित कुशवाहा, आर.779 धर्मेंद्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।  

राजस्व कर्मचारी से मारपीट करने के विरोध में पटवारी संघ ढीमरखेड़ा गया सामूहिक अवकाश पर

कटनी कटनी जिले में स्कूल का सीमांकन करने पहुंचे राजस्व विभाग के आरआई और पटवारियों के दल पर एक व्यक्ति ने हमला कर दिया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज पटवारी संघ ने बुधवार का पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। पूरा मामला ढीमरखेड़ा तहसील के गुड़ा ग्राम का है। बताया गया कि 29 नवंबर की दोपहर शासकीय स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तहसीलदार के निर्देश पर गुड़ा प्राथमिक शाला पहुंचे आरआई और 5 पटवारियों के दल पर गांव के महेंद्र लोनी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने आरआई को लात मारकर घायल कर दिया और पटवारियों के साथ भी जमकर मारपीट की। घटना की शिकायत ढीमरखेड़ा थाने में की गई और एफआईआर दर्ज कराई गई। पटवारी मोहनलाल साहू ने बताया कि गुड़ा प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल बनाने और पानी की टंकी निर्माण के लिए तहसीलदार के निर्देश पर 5 पटवारियों की टीम सीमांकन कार्य के लिए गई थी। इस दौरान दान भूमि पर कब्जा कर रहे महेंद्र लोनी ने बिना किसी कारण गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना के 5 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी कारण पटवारी संघ ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संतोष डेहरिया से मुलाकात की और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। राजस्व अधिकारियों पर हुए इस हमले के बाद पटवारियों में भय का माहौल है। वहीं, घटना से आक्रोशित ढीमरखेड़ा पटवारी संघ ने 3 दिवसीय सामूहिक बंद का आव्हान किया है। फिलहाल, कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को आरोपी महेंद्र लोनी की गिरफ्तारी के सख्त आदेश दिए हैं।

अदालत ने गबन के आरोपी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दोषी करार देकर उसे 7 वर्ष के कारावास की सजा दी

सिंगरौली  जिला अदालत ने सरकारी खजाने का गबन करने के आरोपी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामदास साकेत को दोषी करार देकर उसे 7 वर्ष के कारावास समेत अन्य धाराओं में सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वारींद्र तिवारी ने इस मामले में सजा सुनाई और बहुचर्चित शिक्षा विभाग में घोटाले के आऱोपी रामदास साकेत को दोषी करार दिया। क्या है मामला एडवोकेट त्रिपुरारी नाथ पाण्डेय ने बताया कि माड़ा थाना द्वारा वर्ष 2015 में आरोपी रामदास साकेत के विरुद्ध IPC की धारा 420 व 409 के तहद मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के मुताबिक आरोपी रामदास साकेत ने 01-03-2025 से लेकर 25-06-2015 की अवधि में कुल 15 चरणों मे सरकारी राशि 494300 रुपए खुद के नाम से निकाले, जिनका किसी कैशबुक, लेजर, बाउचर में जिक्र नहीं किया गया। इस मामले में किसी तरह के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे, जो वित्तीय घोटाले को उजागर करता है। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 9 सालों तक न्यायालय में चले मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट वारीन्द्र तिवारी की अदालत ने आरोपी रामदास साकेत को 420 व 409 आईपीसी की धारा के तहत दोषी पाते हुए 7 साल व 5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। धारा 420 में 25 हजार रुपए व धारा 409 में 30 हजार के जुर्माने से उसे दंडित किया गया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ था आरोपी आरोपी रामदास साकेत सिंगरौली जिले के बैढन में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ था। इस विभाग में भी बिना किसी सुविधा शुल्क के कोई काम नही करता था। कई बार रिश्वत लेते वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद विभाग के द्वारा भी कार्रवाई की गई थी। रामदास साकेत 2015 में प्राचार्य शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल रजमिलान में पदस्थ था। उसी दौरान स्कूल के सरकारी खजाने की राशि मे सेंध लगा दिया था। 9 साल बाद फैसला 3 माह के दौरान आरोपी रामदास साकेत ने स्कूल के सरकारी राशि 494300 रुपये आहरित कर घोटाले को अंजाम दिया था, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद हाईकोर्ट से जमानत ले लिया। 9 साल तक जिला न्यायालय में मुक़दमा चला। अब 9 सालों के बाद फैसला आया है। आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है।

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