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कार्यवाही के नाम पर रस्म अदायकी अधिकारियों के गठजोड़ से खुलेआम हो रहा कब्जा, प्रशासन की चुप्पी से बड़े भू माफिया के हौसले बुलंद

In the name of action, illegal occupation is taking place openly due to the nexus of customs officials, due to the silence of the administration, the courage of the big land mafia is high. कटनी। जिले में ऐसी कई सरकारी जमीन है जिनमें कब्जा करने की होड़ मची हुई है जानकारी के मुताबिक माधव नगर क्षेत्र में इन दिनों भू माफिया बेरोक टोक अपने अवैध मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने के काम में जुटे हुए है। वर्तमान में माधव नगर क्षेत्र के कई प्रमुख स्थल ऐसे हैं जहां पर करोड़ों की शासकीय भूमि पर भू माफिया कब्जा कर रहे हैं। खुलेआम हो रहे इस कब्जे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी है लेकिन उसके बाद भी कब्जे पर रोक न लग पाना अपने आप में कई तरह के सवाल खड़े करता है। जहां अगर कोई गरीब एक छोटा सा झोपड़ा भी सरकारी जमीन पर बना ले तो अतिक्रमण का अमला उसे गिराने तुरंत जेसीबी लेकर पहुंच जाता है। वहीं लेकिन करोड़ों की जमीन पर हो रहे कब्जे को हटाने और कार्यवाही करने की सुध अब तक अतिक्रमण विभाग ने नहीं ली।सूत्र बताते हैं कि इन दिनों माधव नगर में अवैध कब्जे का सिलसिला जमकर फल फूल रहा है। ग्राम पंचायत कार्यालय के बाजू में लगभग 30 से 40 हजार वर्ग फुट जमीन पर एक भूमिया के द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। माधव नगर ग्राम पंचायत कार्यालय के बगल में चल रहे अवैध कब्जे के अलावा डर्बी होटल माधव नगर के बगल में भी करोड़ों की जमीन पर कब्जा हो रहा है। इतना ही नहीं माधव नगर में स्थित डीके ट्रेडर्स के बगल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। माधव नगर स्थित नगर निगम उप कार्यालय के बगल में भी अवैध कब्जा खुलेआम हो रहा है। इन सभी स्थानों पर हो रहे कब्जे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को है लेकिन निजी स्वार्थ के चलते उनके द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही। यदि इसी तरह जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे तो फिर वह दिन दूर नहीं जब बेश कीमती करोड़ की शासकीय जमीन कब्जे की भेंट चढ़ जाएगी।

नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए शहर में तन रही बिल्डिंग

Buildings being built in the city flouting the Municipal Corporation Act कटनी। नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए बैगेर स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी है नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे सदेह की स्थिति उत्पन्न होती है जानकारी के अनुसार बाल गंगाधर तिलक वार्ड स्थित साई मंदिर के पीछे गली नंबर 7 एवं 8 में एवं गली नंबर पांच में जिस तेजी से मल्टियां बनाई जा रही हैं जिस तेजी से खाली पड़े प्लाटों में मकान बनाई जा रहे हैं ना तो नगर निगम से उनके द्वारा नक्शा पास कराया गया और ना ही नगर निगम का यह टैक्स देते हैं और मकान बन बनकर मल्टी बन बनकर 10,5 लाख कमाते हुए बेच रहे हैं इससे नगर निगम को राजस्व की हानी हो रही है और जिस तरह जनता को बेवकूफ बनाकर इन मल्टी एवं प्लाटों की बिक्री की जा रही है उसके लिए फिर पार्षद को परेशान किया जाएगा ना तो वह रोड बना रहे हैं ना नाली बना रहे हैं और ना ही लाइट के खंभे उपलब्ध करा रहे हैं मेरा उच्च अधिकारियों से एवं नगर निगम प्रशासन से अनुरोध है की तत्काल ऐसे अवैध रूप से बनाई जा रहे मल्टी एवं मकान पर रोक लगाई जावे जब तक यह नगर निगम से नक्शा स्वीकृत नहीं कर लेते और ना नगर निगम की टैक्स भर देते तब तक पार्षद ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया है कार्य करने से तत्काल रोका जावे श्रीमती वंदना राज किशोर यादव पार्षद वार्ड क्रमांक अब देखना यह होगा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं

अफसर की कार्यप्रणाली पर सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर पंचायतो में हुआ बड़ा खेल कटनी जनपद में भ्रष्टाचार की खुली पोल

There was a big game in the Panchayats regarding the irregularities in the government schemes on the functioning of the officer. Corruption was exposed in Katni district. कटनी। सरकारी अफसर योजनाओं के लिए कितने संजीदा रहते हैं यह बात किसी से छिपी नहीं है मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत कटनी के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमिताओं का मामला सामने आया है। निर्माण कार्यों के लिए राज्य सरकार से मिलने वाली राशि का आहरण तो कर लिया गया है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। खुलेआम भ्रष्टाचार करते हुए सरकारी राशि का बंदरबाट कर लिया गया है। अफसरों की मनमानी, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कटनी जनपद पंचायत में कतिपय अधिकारी अपनी मोनोपॉली चला रहे हैं। अफसरों के संरक्षण में पूरी कार्यप्रणाली चल रही है और जनता के प्रतिनिधियों को भी अनदेखा किया जा रहा है। जिसका असर पंचायतों के विकास कार्य पर पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर प्रत्येक पंचायत में सडक़, नाली और अन्य निर्माण कार्य किए गए हैं, लेकिन हकीकत में कई जगहों पर नई सडकें ही उधडने लगी हैं तो कुछ जगहों पर अधूरी सडक़ ही बनी है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों का सामना जनप्रतिनिधियों को ही करना पड़ता है। सामान्य सभा की बैठक में उठा मुद्दा जानकारी के मुताबिक विगत 12 फरवरी को जनपद पंचायत कटनी में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पंचायतों में होने वाले भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठा। अध्यक्ष के साथ ही कई सदस्यों ने सरकारी राशि में अनियमितताएं किए जाने का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान जनपद पंचायत कटनी में पदस्थ सहायक यंत्री एस के खर्द की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया है कि इनकी सरपरस्ती में ही ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पूरे मामले में कटनी जनपद पंचायत के कतिपय इंजीनियरों की सांठगांठ सामने आई है। उनके संरक्षण में ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों ने इस राशि को ठिकाने लगाने का काम किया है। इसकी जानकारी जब जनपद पंचायत कटनी की अध्यक्ष गीता सिंह को लगी तो उन्होंने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर कई पंचायतों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिकायतें सही पाई गई हैं। उन्होंने इन शिकायतों की जमीनी हकीकत पता करने के बाद सीईओ से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भी लिखे हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। कई पंचायतों में लगे अनियमितताएं के आरोप बैठक में जब अध्यक्ष गीता सिंह ने निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाया तो अन्य सदस्य भी एक-एक करके अनियमितताओं को उठाया। जिसमे ग्राम पंचायत बण्डा में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर जनपद पंचायत के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। इसके अलावा ग्राम पंचायत पठरा, बिस्तरा, पिलौंजी, गनियारी, कूड़ो, इमलिया, पूंछी, पटवारा, कन्हवारा, खमतरा एवं मड़ई में भी अनियमितताओं की मिल रही शिकायतों को लेकर सवाल जवाब किया गया। सबसे अधिक अनियमितता का मामला पटवारा, कन्हवारा और बण्डा का गूंजा। जिसमें कहा गया कि अधिकांश कार्यों की जांच नहीं कराई गई या फिर जिनकी जांच हुई। उसमें दोषियों के विरुद्ध किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई। अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा इस पर रोष प्रकट करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए इसकी प्रति कलेक्टर अवि प्रसाद को भेजते हुए रसहायक यंत्री एस के खर्द के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की अनुशंसा की गई है। अब देखना है कि इस पूरे मामले में कलेक्टर अवि प्रसाद क्या कार्यवाही करते हैं

खाद्य विभाग की टीम ने 9 फर्मो का निरीक्षण कर 14 नमूने लिये

The Food Department team inspected 9 firms and took 14 samples. मुरैना ! कलेक्टर अंकित अस्थाना के निर्देशानुसार अभिहित अधिकारी मुरैना डॉ. राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के विशेष दल ने सोमवार को 9 फर्मो का निरीक्षण कर कुल 14 नमूने लिये। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मुरैना के अभिहित अधिकारी ने बताया कि ज्योति पोला इण्डस्ट्रीज कैलारस से सोयाबीन तेल, पाम ऑयल, आलू भुजिया के नमूने लिये। इसी प्रकार मोहर सिंह यादव चिलिंग सेन्टर जौरा से मिश्रित दूध, मोहन सक्सेना डेयरी जौरी रोड़ से पनीर, मिश्रित दूध, कान्हा डेयरी पहाडगढ़ रोड़ कैलारस से क्रीम, श्री राधे कृष्णा डेयरी रिझोनी रोड़ कैलारस से स्किम्ड मिल्क, जमदम्बा डेयरी एमएस रोड़ कैलारस से मिश्रित दूध, सुखेन्द्र त्यागी डेयरी एमएस रोड़ कैलारस से स्किम्ड मिल्क, श्याम डेयरी रिझोनी रोड़ कैलारस से मिश्रित दूध और शिवम डेयरी जौरा से घी के नमूने लिये गये। जिन्हें लैब के लिये परीक्षण हेतु भेजा गया।

प्रदूषण से संबंधित नहीं रखा गया ध्यान लोक सुनवाई से पहले ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

Attention was not given to pollution. Villagers protested before public hearing. कटनी । लोक सुनवाई के दौरान मिली जानकारी के अनुसार बड़वारा तहसील क्षेत्र के जमुनिया गांव में खदान स्वीकृति के लिए लोक सुनवाई का शासकीय कार्यक्रम रखा गया था ताकि प्रदूषण के साथ साथ क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सेहत का ख्याल रखते हुए खदान को संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की जा सके, लेकिन लोक सुनवाई के पहले हीं ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों के खिलाफ़ आंदोलन छेड़ दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ़ नाराजगी जाहिर करते हुए जम कर नारेबाजी की।मौके पर पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों के सामने लाचार नजर आ रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक इस गांव के एक खदान में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी, जिस मामले में अभी तक मृतकों के परिजनों को शासन से आर्थिक सहायता के आलावा और भी किसी तरह की मदद नही मिली ना हीं खदान संचालक के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही की गई। जिसके चलते अब क्षेत्र में किसी तरह की खदान स्वीकृति की अनुमति नही देने दिया जाएगा।दरअसल जमुनिया गांव में दो हेक्टेर से ज्यादा जमीन डोलोमाईट खदान स्वीकृत हुई है जिसके पर्यावरण की सुनवाई के लिए अधिकारी गांव पहुंचे थे जिन्हें ग्रामीणों का भारी विरोध झेलने के बाद वापस लौटना पड़ गया। ग्रामीणों के मुताबिक उनके क्षेत्र में किसी तरह की खदान को संचालित नही करने दिया जाएगा।इधर मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर साधना परस्ते ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की बात को रिकार्ड कर लिया है और शासन के सक्षम अधिकारियों को भेजेंगे ताकि इस मामले में आगे की कार्यवाही की जा सके ।

शहर की सड़कों चौराहों एवं व्यावसायिक रहवासी इलाके में मवेशियों का जमावाड़ा निगम की हाका टीम नदारत हादसे की आशंका

Gathering of cattle on city roads, intersections and commercial residential areas; fear of accident due to absence of Haka team of the corporation कटनी । शहर के कई मार्गों में आवारा मवेशियों का जम घट रहता है लोग स्वयं के पालतू जानवर बाधने को तैयार नहीं है स्टेशन रोड बस स्टैंड घंटाघर एवं अन्य सड़कों पर गौवंश देखने को मिलते हैं ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भी नुकसान करते हैं निगम प्रशासन की अनदेखी के चलते कटनी शहर की सड़कें गौशाला में तब्दील हो गई हैं. शहर से लगे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा मिशन चौक, भितरी व्यावसायिक बाजार मार्गों में दिन भर मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है. जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. वहीं जाम की भी स्थिति बनी रहती है. कभी तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मवेशी घायल हो रहे हैं. वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो रहे हैं. मवेशी न सिर्फ सड़क पर बल्कि प्रमुख बाजार में भी दिन भर मंडराते रहते हैं. प्रमुख मार्गों में जमावड़ा के चलते कई बार पैदल चलने वालों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है.शहर बाजार में आवारा मवेशियों का झुंड मंडराता रहता है. आए दिन मवेशी लोगों के झोले में मुंह मार रहे हैं, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. आवारा मवेशियों के हमले से लोग चोटिल भी हो रहे हैं. वहीं प्रमुख मार्गों में भी कई बार दो सांडों के बीच लड़ाई से लोगों की जान भी आफत में फंसी, जिसके चलते लोग चोटिल होने के साथ ही वाहनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं. प्रमुख मागों में देर रात तक मवेशियों के जमावड़े के चलते दुर्घटनाएं भी होती है.आवारा मवेशियों की धरपकड़ और कांजी हाउस भेजने के लिए नगर निगम की तरफ से हांका गेंग टीम भी बनाया गया है, मगर यह टीम कभी कभार ही कार्रवाई करती नजर आती है. मौजूदा समय में शहर का हांका गेंग लापता है.

कुठला पुलिस ने नशे की सौदागरों के ऊपर की कार्यवाही 2 लाख का गांजा, एक बाइक भी हुई बरामद काबिग गस्त के दौरान

Kuthla police took action against drug dealers, Ganja worth Rs. 2 lakhs, a bike also recovered during Kabig patrolling. कटनी। क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का माहौल निर्मित करने के उद्देश्य से चलाए गए कांबिंग गस्त के दौरान कुठला पुलिस ने रविवार रात तीन गांजा तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक बाइक सहित लगभग 2 लाख का माल बरामद किया गया है। दो अलग-अलग स्थान से पकड़े गए गांजा तस्करों से पुलिस के द्वारा पूछताछ की जा रही है।कार्यवाहियों के संबंध में जानकारी देते हुए कुठला थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के द्वारा विगत रात्रि जिले भर में कांबिंग गस्त करने के निर्देश दिए गए थे। उप पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में कांबिंग गस्त करते हुए कुठला पुलिस के द्वारा दो अलग-अलग स्थान से तीन आरोपियों को गांजे सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई है।उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर देर रात लगभग 11:30 बजे लमतरा ब्रिज के ऊपर ग्राम बसाडी थाना बड़वारा निवासी 21 वर्षीय भूपत पिता मुन्नीलाल पटेल एवं 21 वर्षीय ग्राम बसाड़ी निवासी आनंद पिता पूनम पटेल को एक बाइक के जरिए गांजा ले जाते हुए पकड़ा गया। आरोपी बाइक क्रमांक एमपी 21 जेडए 0148 के जरिए एक बोरी में लगभग 3 किलो गांजा लेकर जाते हुए पकड़े गए हैं। इसी तरह एक अन्य मामले में मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही को अंजाम देते हुए थाने के समीप ट्रांसपोर्ट नगर से रीठी थाना अंतर्गत ग्राम सुकमा निवासी 32 वर्षीय इंदु पारधी पिता राम रस पारधी को एक थैले में गांजा ले जाते हुए पकड़ा गया। उक्त आरोपी के पास से थैली में रखा लगभग 3:30 किलो ग्राम गांजा बरामद किया गया है। दोनों प्रकरणों में पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए बाइक सहित लगभग 2 लाख का माल बरामद किया गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ 8/ 20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उक्त आरोपी गांजा कहां से लेकर आए और कहां लेकर जा रहे थे, इसकी जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रकृति की धरोहर गिद्ध प्रजाति को बचाने की जरूरत है विजयराघवगढ एवं रीठी में हुई गिद्धों की गणना कैमोर की पहाड़ियों में मिले गिद्ध के आशियाने वन विभाग में खुशी

There is a need to save the nature’s heritage vulture species. Counting of vultures was done in Vijayraghavgarh and Reethi. Happiness in the Forest Department. Home of vultures found in the hills of Kaimur. कटनी । गिद्ध प्रजाति बचाने की बहुत जरूरत वन क्षेत्रों में पक्षी राज कहे जाने वाले देशी गिद्घों का कुनबा बढ़ने से वन विभाग के अधिकारियों के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन चली गणना के बाद पिछली गणना से दोगुने से अधिक देशी गिद्ध जिले के दो वन परिक्षेत्रों में पाए गए हैं। गणना का कार्य पूरा होने के बाद रविवार की देर शाम तक वरिष्ठ कार्यालयों को जानकारी भेजी गई। जिले में वर्ष 2019 की गणना के दौरान विजयराघवगढ़ व रीठी वन परिक्षेत्र में 75 गिद्ध मिले थे और वर्ष 2021 में गणना में इनकी संख्या घटकर 64 हो गई थी। जिसके चलते सफाई मित्र के नाम से जाने वाली इस प्रजाति की घटी संख्या वन विभाग के लिए चिंता का विषय थी। विशेषज्ञों के साथ वन विभाग की टीम ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र में गिद्धों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर जागरूकता अभियान चलाया था। जिसका असर देखने को मिला है और इस वर्ष की गणना के बाद गिद्धों की संख्या बढ़कर 191 हो गई है। जिसके बाद वन अमले के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। जिले में 16 फरवरी से 18 फरवरी तक हुई गिद्ध गणना में जहां 140 व्यस्क गिद्ध मिले हैं तो वहीं 51 अव्यस्क गिद्ध वन अमले को मिले हैं।गिद्घों के मिले चार आवास, कैमोर की पहाड़ी में अधिकवन विभाग के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के कैमोर की पहाड़ियों में गिद्धों के सबसे अधिक आशियाने वन विभाग को मिले हैं। यहां पर कैमोर से मेहगांव के बीच पहाड़ी पर गिद्धों के तीन आशियाने टीम को मिले हैं। रेंजर विवेक जैन की अगुवाई में सुबह तीन दिन हुई गणना में 51 अव्यस्क और 136 व्यस्क देशी गिद्ध आशियानों में बैठे मिले। वहीं रीठी वन परिक्षेत्र में कुम्हरवारा टैंक के पास देशी गिद्घों का एक आशियाना मिला है, जिसमें गिद्घों की संख्या चार मिली है, हालांकि पहले व दूसरे दिन यहां पर छह गिद्ध मिले थे लेकिन अंतिम गणना को मानते हुए यहां पर चार की संख्या आंकी गई है। रीठी क्षेत्र में रेंजर महेश पटेल की अगुवाई में गिद्घों की गणना हुई। दो वन परिक्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में गिद्धों की प्रजाति देखने को नहीं मिली।

एकता वेयरहाउस में 4 करोड रुपए की मूंग हुई बर्बाद विभाग की लापरवाही की वजह से मामले को दबाने को लेकर हो रहा गड़बड़ झाला  

Moong worth Rs 4 crore was wasted in Ekta Warehouse. Due to the negligence of the department, there is a mess in suppressing the case. विशेष संवाददाता  कटनी। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से अन्नदाता की कमाई किस तरह बर्बाद होती है यह बात किसी से किसी नहीं है खून-पसीना बहाकर लोगों के निवाले के लिए अन्नदाता फसल पैदा करता है, लेकिन अफसरों की बेपरवाही व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर साल करोड़ों रुपए का अनाज बर्बाद हो जा रहा है। एक बार फिर जिले में मूंग की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। स्लीमनाबाद क्षेत्र अंतर्गत एकता वेयरहाउस में भंडारित लगभग 4 करोड़ रुपए की मूंग बर्बाद हो गई है। इस पूरे मामले को विभागीय अफसर दबाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार एकता वेयर हाउस में सन 2021-22 में कृषि विभाग के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य 7 हजार 275 रुपए प्रतिक्विंटल के दर से मूंग खरीदी गई थी। मूंग खरीदी की नोडल एजेंसी विपणन विभाग रहा है। विभाग द्वारा मध्यप्रदेश वेयर हाउस प्रबंधन के माध्यम से गोदामों में मूंग का भंडारण कराया गया था।  स्लीमनाबाद स्थित एकता वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण कराया गया था, जिसमें लगभग 6 हजार क्विंटल से अधिक मूंग खराब हो गई है।   निगरानी में लापरवाही बरती गई गोदाम स्तरीय से लेकर विभागीय अधिकारियों की निगरानी में लापरवाही के चलते बड़ी मात्रा में मंूग खराब हुई है। विभाग प्रमुखों द्वारा खासकर वेयर हाउस प्रबंधन स्लीमनाबाद ब्रांच व विपणन विभाग द्वारा ध्यान न दिए जाने से यह स्थिति बनी है। इस समिति ने की है जांच बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने पर इसकी जांच कमेटी द्वारा कराई गई है। इस कमेटी में जिला आपूर्ति अधिकारी बालेंद्र शुक्ला, उपसंचालक कृषि मनीष मिश्रा, सहायक आयुक्त सहकारिता राजयशवर्धन कुरील, जिला विपणन अधिकारी अमित तिवारी, जिला प्रबंधक वेयर हाउस वायएस सेंगर की टीम ने जांच की है। यह राग अलाप रहे अधिकारी बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने के बाद विपणन विभाग के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। कहा जा रहा है कि 3 माह व अधिकतम छह माह में मूंग का उठाव हो जाना था, लेकिन नहीं किया गया, अधिक समय मूंग रखने के कारण यह हालात बने हैं। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा में चूक के कारण उपज बर्बाद हुई है। अब निलामी प्रक्रिया अपनाकर मामले को रफा-दफा करने खेल चल रहा है। इस मामले में वेयर हाउस के प्रबंधक चंद्रशेखर नरवरे द्वारा कुछ भी बताने से इन्कार किया जा रहा है। क्या कहते हैं अधिकारी हमारे वेयर हाउस में रखी मूंग विपणन विभाग की है। जो मूंग खराब हुई है उसकी जानकारी हम नहीं देंगे, डीएमओ ही देंगे। चंद्रशेखर नरवरे, प्रबंधक, वेयर हाउस। वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण हुआ था, जिसमें काफी मूंग खराब हुई है। वास्तव में मूंग कितनी मात्रा खराब हुई है इसकी जानकारी नहीं दे पाएंगे। जांच रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। अमित तिवारी, जिला प्रबंधक विपणन। इनका कहना है मामले की जांच कलेक्टर द्वारा कराई गई है। मूंग के भंडारण, सुरक्षित रख-रखाव में लापरवाही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई प्रस्तावित कर पत्र शासन को भेजा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस पर क्या कार्यवाही होती है साधना परस्ते, एडीएम।

नहीं मिल पा रहा है ग्रामीणों को इलाज, सामुदायिक स्वास्थ्य भवन का निर्माण होने के बावजूद भी 

Villagers are not able to get treatment, despite construction of community health building. विशेष संवाददाता  कटनी /स्लीमनाबाद । जिम्मेदारों के लापरवाही की वजह से ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है लाभ जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत  ग्राम पंचायत में स्वच्छता परिसर का निर्माण होने के बाद से ही ताला लगा हुआ है। लगभग 2 वर्ष हो गए अब तक सामुदायिक स्वच्छता परिसर शुरू नही किया गया है। जिसकी वजह से गांव के ग्रामीण स्वच्छता परिसर का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब से स्वच्छता परिसर का निर्माण हुआ है तभी से स्वच्छता परिसर में ताला लगा दिया गया है। जिसके कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है और गांव में गंदगी फैल रही है। जिससे ग्रामीणों को बीमार होने का खतरा भी बना रहता है। स्वच्छता परिसर का ताला न खुलने के कारण यहां आसपास गंदगी पसरी रहती है। इस ओर जिम्मेदार लोगों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 4 लाख 50 हजार रुपये से हुआ है निर्मित- ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद मैं सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि से हुआ है। इसमें 50 हजार रुपये विधायक निधि के भी सम्मिलित है तथा शेष मनरेगा व स्वच्छ भारत मिशन की राशि है। लेकिन जिला पंचायत के द्वारा जिस उद्देश्य को लेकर सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य कराया गया वह पूरा होते हुए नही दिख रहा है। इस संबंध मे स्वच्छ भारत मिशन के ब्लाक समन्वयक नवीन साहू ने बताया की कुछ स्थानों पर अब भी पानी की उपलब्धता बाकी है। साथ ही सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का संचालन कैसे हो इस पर निर्णय नही बन पा रहा है। स्लीमानाबाद का सामुदायिक स्वच्छता परिसर जल्द से जल्द चालू हो इसके लिए प्रयास जारी है। अब देखना यह होगा कि यह प्रयास कब तक सफल हो पता है

खाद्य पदार्थ में मिलावट करने वालों पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही

Administration takes major action against those involved in food adulteration विशेष संवाददाता  कटनी । आज के समय में मिलावट के बगैर कोई सामान उपलब्ध नहीं है बाजार में समय-समय पर होटल ढाबों एवं शहर में जो खुले में व्यापार कर रहे हैं आलू वनडे समोसे का उनकी भी जांच सेहत के हिसाब से जरूरी है लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता जिससे धड़ल्ले से सामग्री शहर में बेची जा रही है और कई बीमारियों को आमंत्रण भी देती है मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश में जिले में दूषित अपमिश्रित खाद्य सामग्री के निर्माण और विक्रय के विरूद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत फर्म मॉ नर्मदा फूड प्रोडेक्ट ग्राम मोहतरा में निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ एवं गंदगीयुक्त वातावरण में निर्माण सामग्री पैकिंग करनें पर शासन के नियमानुसार खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत कार्यवाही करते हुए भारतीय दण्ड संहिता 269 के तहत एन.के.जे थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उल्लेखनीय है कि विगत 13 फरवरी 2024 को संभागीय उडनदस्ता टीम के साथ मॉ नर्मदा फूड प्रोडेक्ट ग्राम मोहतरा ग्राम पंचायत मडई जुगियाकाप कटनी का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर मे गंदगी पाये जाने तथा अत्यधिक गंदे एवं अस्वच्छ परिस्थिति में खाद्य पदार्थो की पैकिंग करते पाये जाने, फल एवं खाद्य सामग्रियों में फफूंद लगे होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 2006 के प्रावधानों आम के आचार, आलू पावडर, विनेगर का नमूना लेकर जांच हेतु राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी ने फर्म मॉ नर्मदा फूड प्रोडेक्ट प्रवीण कनकने पिता स्वर्गीय गोपाल दास कनकने ग्राम मोहतरा, जुगियाकाप नया कटनी के विरूद्ध एन.के.जे थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। संबंधित के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की 1860 की धारा 269 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एस.डी.एम एवं दो तहसीलदारों पर कार्यवाही संभागायुक्त नें नोटिस जारी कर 10 दिवस में मांगा जवाब

Divisional Commissioner issued notice for action against SDM and two Tehsildars and sought reply within 10 days. विशेष संवाददाता  कटनी । राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख में, इन्द्राज त्रुटियों को ठीक करने के उद्देश्य से जिले में 29 फरवरी, 2024 तक राजस्व महाअभियान संचालित किया जा रहा है। राजस्व महाअभियान की समीक्षा के दौरान नक्शा तरसीम, सीमांकन,समग्रई -केवायसी, नामांतरण, बंटवारा, आर.सी.एम.एस के प्रकरणों के निराकरण मे रूचि नहीं लिये जाने एवं कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतनें पर कमिश्नर जबलपुर संभाग  अभय वर्मा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विजयराघवगढ महेश मंडलोई एवं तहसीलदार बी.के.मिश्रा सहित बहोरीबंद तहसीलदार गौरव कुमार पाण्डेय पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम-1966 के अधीन कार्यवाही प्रस्तावित की है। कमिश्नर जबलपुर संभाग नें उपरोक्त कार्यवाही कलेक्टर कटनी द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर की है कलेक्टर  अवि प्रसाद द्वारा बीते बुधवार अनुभाग विजयराघवगढ अंतर्गत राजस्व महाअभियान की समीक्षा के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मंडलोई द्वारा तहसील विजयराघवगढ़ एवं बरही की समीक्षा नहीं करनें तथा तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा उक्त कार्य में कोई रूचि नहीं लिया जाना पाया गया। समीक्षा नहीं किये जाने के कारण तहसील विजयराघवगढ़ के नक्शा तरमीम के निर्धारित लक्ष्य 71 हजार 453 के विरूद्ध 67 हजार 573, सीमांकन प्रकरणों में माह अंत में कुल 149 मे से 3 से 6 माह के 13 प्रकरण एवं 6 माह से अधिक से 54 प्रकरण लंबित पाये गए। इसी तरह समग्र ई- के.वाय.सी के कुल 1 लाख 6 हजार 446 मे से 1 लाख 4 हजार 226, नामांतरण प्रकरणों के माह अंत में कुल 335 प्रकरणों में 3 से 6 माह के 7 प्रकरण एवं 6 से अधिक माह के 2 प्रकरण, आर.सी.एम.एस टाइमलाईन डैशबोर्ड के कुल 617 लंबित प्रकरणों में 185 तथा बंटवारा के कुल लंबित 56 प्रकरणों में 3 से 6 माह के 13 तथा 6 माह से अधिक का 1 प्रकरण लंबित पाये जाने पर राजस्व महाअभियान में अनुभाग विजयराघवगढ़ 7वीं रैंक पर है। जो कार्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता को प्रदर्शित करता है। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा तहसील बहोरीबंद की समीक्षा के दौरान नक्शा तरमीम के निर्धारित लक्ष्य 59 हजार 104 के विरूद्ध 55 हजार 959, नामांतरण प्रकरणों 1840 लंबित प्रकरणों में से 1432 प्रकरणों का निराकरण किया गया, माह के अंत मे 408 प्रकरणों में 3 से 6 माह के 14 प्रकरण एवं 6 माह से अधिक अवधि के 9 प्रकरण लंबित पाये गए। आर.सी.एम.एस टाइमलाईन डैशबोर्ड के कुल 493 लंबित प्रकरणों में 188 प्रकरणों लंबित पाये गए।

शराब ठेके से जुड़े मामलों की जांच को लेकर फिर ईडी की छापेमारी हुई है

ED raid has been conducted again to investigate the cases related to liquor contracts. विशेष संवाददाता कटनी । स्लीमनाबाद क्षेत्र के बंधी स्टेशन निवासी बल्लन तिवारी के ठिकाने पर एक बार फिर प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) भोपाल और दिल्ली की टीम ने छापेमारी कार्यवाही की गई है। ईडी के अधिकारियों ने बल्लन ठिकानों पर दबिश देते हुए दस्तावेजों को भी जप्त किया है। ये दस्तावेज जमीन-जायजाद सहित अन्य चल-अचल संपत्ति के है। बताया जा रहा है कि ईडी बल्लन की संपत्ति कुर्की  करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि आदतन अपराधी उमेशदत्त उर्फ बल्लन तिवारी 25 अक्टूबर से फरार है।  जानकारी के अनुसार बंधी निवासी बल्लन तिवारी 40वर्ष भोपाल में शराब ठेका लेने एवं रूपयों के लेनदेन में आर्थिक गड़बड़ी की शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन निेदशालय की टीम ने 31 जनवरी को बल्लन के घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद दोबारा ईडी की टीम यहां पहुंची और जांच को आगे बढ़ाया है। इनका कहना है इडी की टीम ने बल्लन तिवारी के घर छापेमार कार्यवाही करते हुए जांच की है। टभ्म ने क्या कार्यवाही की है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। टीम ने संपत्ति आदि की जानकारी जुटाई है। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन

मध्य प्रदेश खनिज नियम के तहत हुई कार्यवाही रेत के अवैध परिवहन पर वसूला गया 95 हजार रूपये का प्रशमन शुल्क

Action taken under Madhya Pradesh Mineral Rules, mitigation fee of Rs 95 thousand recovered on illegal transportation of sand विषेश संवादाता कटनी ! कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के दिए गए निर्देश के बाद खनिज विभाग द्वारा तीन ट्रेक्टर ट्राली वाहनों से रेत का अवैध परिवहन करते पकडे पाये जानें पर 94 हजार 875 रूपये की प्रशमन शुल्क की राशि की वसूली की गई है। खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों पर जिला प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है और कड़ी नजर रखी जा रही है साथ ही खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों से निर्धारित प्रशमन शुल्क की राशि भी जमा कराई जा रही है।

हायर सेकेंडरी स्कूल में आए पैसे को लेकर हुआ गड़बड़ झाला काम कराने के नाम पर 3 लाख से ज्यादा की हुई पैसे की लीपा पोती विभाग बना अंजान

There was a mess regarding the money received in the Higher Secondary School, in the name of getting the work done, more than Rs. 3 lakhs of money was covered up, the department became unknown. विशेष सवदाता कटनी । शासन के द्वारा जो स्कूलों में मरम्मत को लेकर पैसे दिए जाते हैं उसे पर भी भ्रष्टाचार का घुन लग जाता है जबकि यह पैसा विद्यालयों के रखरखाव के लिए दिया जाता है ताकि विद्यार्थियों को परेशानी ना हो लेकिन सरकारी पैसे के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है इस मामले को लेकर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है बताया गया है कि पूरे पैसे को मिलजुल कर बंदर बांट किया गया है और जिसने यह खेल रचा है आज तक उसके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई है स्कूलों में मरम्मत के नाम पर जारी हुई राशि जमकर खुर्दबुदृ की गई है। थोड़ा-बहुत काम कराकर तीन लाख रुपए से अधिक आहरित कर लिए गए है। ऐसा ही एक मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरौध में सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां पर मरम्मत के लिए तीन लाख रुपए शिक्षा विभाग से मिले हैं। स्कूल में ग्रीन बोर्ड का कार्य नहीं कराया गया। नियमानुसार एसएमडीसी समिति नहीं बनाई बाउंड्रीवॉल की पुताई नहीं कराई गई. दरवाजे आदि का भी रंगरोगन नहीं कराया गया। 20 से 25 हजार रुपए का एक टीन शेड बनवाया गया है। इस काम के लिए इंजीनियर ने इस्टीमेट भी नहीं बनाया और राशि जारी हो गई है। वर्क ऑर्डर भी नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि अलग-अलग फर्म से कोटेशन नहीं मंगाए गए। ना ही आमसूचना हुई। विभिन्न फर्मो के टेंडर नहीं है सामग्री बिल वा लेबर वाउचर नहीं है भुगतान एक ही व्यक्ति को 299615 रुपए किया गया जिसमें साफ समझ में आ रहा है की राशि का गोलमाल किया गया है स्कूल समिति अभियान जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में निर्देश सीनियरों को दरकिनार कर जूनियरों को शामिल किया गया है। खेल मैदान ठीक कराने के नाम पर भी मनमानी की गई है। मैदान को साफ कराया गया है, जिसके नाम पर 58 हजार रुपए निकाले ग्रामीणों ने कहा कि विद्यार्थियों की नामांकन फीस में भी मनमानी की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि प्राचार्य संत बक्स तिवारी द्वारा मनमानी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराए जाने मांग की गई है। इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि की जानकारी में नहीं है बताया गया है कि विभाग की तरफ से लीपापोती की जा रही है और मामले को दबाया जा रहा है शासन की राशि का खुलेआम भ्रष्टाचार की होली खेली गई है अब सवाल यह उठता है कि जांच करने वाले ही अनजान बन रहे हैं इस बात को लेकर कलेक्टर महोदय को संज्ञान में लेना चाहिए

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