LATEST NEWS

ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोत

रायपुर समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले  के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के  उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है। समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली  अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन            स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है। चुनौती से मानक तक का सफर    कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है।  छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं। अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम           इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं।  

राष्ट्रीय स्तर पर चमके गणेश सोनी, NCC प्री-कमीशन कोर्स में छत्तीसगढ़ को दिलाया पहला स्थान

गरियाबंद  जिले के देवभोग एनसीसी यूनिट के केयरटेकर गणेश सोनी ने ऑल इंडिया एएनओ  प्री-कमीशन कोर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेकंड ऑफिसर पद पर कमीशन प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने सर्वोच्च अंक हासिल कर ऑल इंडिया स्तर पर छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान दिलाया और एक साथ दो ट्रॉफी जीतकर नया रिकॉर्ड भी बनाया। दरअसल, डायरेक्टर जनरल नेशनल कैडेट कोर (NCC), नई दिल्ली के निर्देशन में भारतीय वायु सेना एनसीसी द्वारा तमिलनाडु के चेन्नई में 104वां जेडीपीसी प्री-कमीशन कोर्स 5 जनवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया गया था। 56 दिनों तक चले इस कठिन प्रशिक्षण शिविर में देशभर के विभिन्न एनसीसी यूनिट से 47 केयरटेकर ऑफिसर प्रशिक्षण के लिए शामिल हुए थे। इनमें आंध्रप्रदेश-तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु-पांडिचेरी, अंडमान-निकोबार, उत्तराखंड, बिहार-झारखंड, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, नॉर्थ-ईस्ट रीजन, पंजाब-हरियाणा-हिमाचल-चंडीगढ़, केरल-लक्षद्वीप, कर्नाटक-गोवा और दिल्ली के प्रतिभागी शामिल थे। इस कोर्स में गणेश सोनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए “फर्स्ट इन ऑर्डर ऑफ मेरिट” और “बेस्ट इन एकेडमिक” ट्रॉफी अपने नाम की। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ को ऑल इंडिया स्तर पर पहला स्थान मिला। खास बात यह है कि किसी एक राज्य द्वारा एक साथ दो ट्रॉफी जीतने का यह पहला मौका बताया जा रहा है। गणेश सोनी का चयन ग्रुप हेडक्वार्टर रायपुर में साक्षात्कार के बाद पुरुष वर्ग से एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में हुआ था। चेन्नई के एयरफोर्स स्टेशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विदेशी देशों युगांडा और कनाडा के प्रतिभागियों के साथ भारतीय वायुसेना के गरुण कमांडो भी शामिल रहे। इस कोर्स का संचालन कैप्टन दिग्विजय सिंह चौहान द्वारा किया गया, जिन्होंने अब तक 13,000 से अधिक फ्लाइंग घंटे पूरे किए हैं। सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक कड़ा प्रशिक्षण 56 दिनों के प्रशिक्षण में सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित होती थीं। इसमें ड्रिल ट्रेनिंग, वेपन ट्रेनिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जानकारी, टेक्निकल और स्पेशल सब्जेक्ट, कंट्रोल लाइन मॉडल, रेडियो कंट्रोल मॉडल, चक ग्लाइडर निर्माण सहित भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण विमान किरण, पिलाटस पीसी-7 और चेतक हेलीकॉप्टर से जुड़ी जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण के अंत में हुए प्रैक्टिकल, इंटरव्यू और थ्योरी परीक्षा में गणेश सोनी ने 92.16 प्रतिशत अंक हासिल किए। कमीशन प्राप्त करने वाले जिले से पहले व्यक्ति हैं गणेश सोनी इस उपलब्धि के साथ गणेश सोनी गरियाबंद जिले से भारतीय वायुसेना (एनसीसी) में सेकंड ऑफिसर (एएनओ) जूनियर डिवीजन के पद पर कमीशन प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। गणेश सोनी की इस उपलब्धि पर 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर विवेक कुमार साहू, सेजेस प्राचार्य गिरीशचंद्र बेहेरा, शाला प्रबंधन विकास समिति के अध्यक्ष सुशील यादव, उपाध्यक्ष धनसिंह मरकाम सहित समस्त स्टाफ और प्रबंधन समिति ने उन्हें बधाई दी है। गणेश सोनी ने अपनी सफलता का श्रेय 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर, पीआई स्टाफ, अपने परिवार, जन्मभूमि देवभोग और विद्यालय परिवार को देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी  रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी  संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी  डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सु दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री  साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

होली के बाद बढ़ी दिक्कतें, त्वचा-आंखों की समस्या लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे 465 मरीज

बिलासपुर होली के रंगों का असर इस बार लोगों की सेहत पर भी देखने को मिला. मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से कई लोगों को स्किन इंफेक्शन और आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. होली के बाद पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए सिम्स पहुंचे. अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक दो दिनों में स्किन ओपीडी में 465 औरओपीडी में 187 यानी कुल 652 मरीज पहुंचे. इनमें 465 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याओं और 187 मरीज आंखों में जलन, लालिमा और अन्य परेशानी की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंचे. सिम्स में इन दो दिनों के दौरान स्किन, आई सहित अन्य विभाग में कुल 2958 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया. गुरुवार को 1292 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1666 हो गई. एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत अधिक स्किन विभाग में गुरुवार को 125 मरीज पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 340 हो गई. वहीं नेत्र विभाग में गुरुवार को 72 मरीजों ने उपचार कराया, जबकि शुक्रवार को 115 मरीज आंखों में रंग जाने, जलन और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों के अनुसार होली में केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से इस तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, खुजली और जलन का कारण बनते हैं. वहीं आंखों में चले जाने पर संक्रमण का खतरा भी रहता है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सु वैभवी अग्रवाल को मुख्यमंत्री ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सु वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की।  मुख्यमंत्री  साय ने सु वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सु वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सु वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर सु वैभवी अग्रवाल के पिता  शीतल अग्रवाल और भाई  विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।

देवजी के बाद बड़ा झटका: 124 माओवादी करेंगे सरेंडर, संगठन की सैन्य इकाई लगभग ध्वस्त

जगदलपुर.  तेलंगाना में शनिवार को होने जा रहा 124 माओवादियों का सामूहिक समर्पण वाम उग्रवाद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माओवादी सैन्य प्रमुख थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रभारी मल्लाजी रेड्डी के नेतृत्व में यह समर्पण शाम चार बजे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सामने होगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक समर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से जुड़े कई सक्रिय कैडर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस समर्पण के साथ ही माओवादी संगठन की सैन्य इकाई लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। दरअसल माओवादियों की सक्रिय और संगठित सैन्य संरचना अब केवल दंडकारण्य क्षेत्र तक सीमित रह गई थी। देवा भी समर्पण कर चुका है सूत्रों के अनुसार माओवादियों की इकलौती सक्रिय बटालियन भी इसी इलाके में संचालित हो रही थी, जिसका प्रभारी हाल ही में मारा गया कुख्यात कमांडर माड़वी हिड़मा और कमांडर बा देवा था। इस बटालियन को संगठन की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई माना जाता था। यह छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा से लगे जंगलों में सक्रिय रहती थी। बड़ी संख्या में कैडरों के समर्पण के बाद इस बटालियन की संरचना भी लगभग समाप्त मानी जा रही है। हिड़मा के मारे जाने के बाद देवा भी समर्पण कर चुका है। हाल के महीनों में संगठन के शीर्ष नेता देवजी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रभारी मल्ला राजी रेड्डी और तेलंगाना के प्रभारी दामोदर के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कैडरों में भी संगठन छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ी है। माओवादी संगठन का ढांचा तेजी से कमजोर पड़ रहा सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार सुरक्षा अभियानों, मजबूत खुफिया नेटवर्क और पुनर्वास नीति के कारण माओवादी संगठन का ढांचा तेजी से कमजोर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामूहिक समर्पण दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन के घटते प्रभाव का संकेत है। आने वाले समय में और भी कैडरों के मुख्यधारा में लौटने की संभावना जताई जा रही है।

बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर हादसा: मालगाड़ी के पांच डिब्बे उतरे पटरी से, कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित

बिलासपुर. बिलासपुर से कोयला लेकर बड़ोदरा जा रही एक मालगाड़ी बिलासपुर बीना मार्ग पर कटनी मुड़वारा स्टेशन से पहले बेपटरी हो गई। जिससे रूट का रेल आवागमन प्रभावित हुआ है। ट्रैक को सुधारने और पटरी से उतरे डिब्बों को वापस पटरी पर लाने का कार्य जारी है। मौके पर डीआरएम सहित वरिष्ठ अधिकारी और कई स्थानों की राहत टीम मौजूद हैं। बिलासुपर से बड़ोदरा जा रही थी मालगाड़ी जानकारी के अनुसार, बिलासपुर से एक मालगाड़ी कोयला लोड करके बड़ोदरा जा रही थी। लगभग 11 बजे जैसे ही वह एनकेजे से कटनी मुड़वारा की ओर बढी बाबा घाट के पास बने केबिन के पास अचानक से धमाके के साथ मालगाड़ी के एक के बाद एक पांच डिब्बे पटरी से उतर गए और कोयला ट्रैक पर बिखर गया। किसी तरह से चालक ने गाड़ी रोकी और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। मालगाड़ी के लिए बेपटरी होने की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई और एनकेजे, कटनी सहित जबलपुर और सतना से टीम में मौके पर बुलाई गई है। खाली किया जा रहा कोयला वहीं, जबलपुर डीआरएम कमल तलरेजा सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और डिब्बों को काटकर अलग करते हुए पटरी पर बिखरे कोयले को अलग करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं डिब्बों में भरे कोयले को भी मजदूर और मशीनों की मदद से खाली कराया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक का सुधार करते हुए यातायात को बहाल किया जा सके। ट्रेनें प्रभावित वही, बिलासपुर बीना रेलखंड के बंद होने से मुड़वारा से बिलासपुर शहडोल की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनें और मालगाड़ी प्रभावित हैं। जिनको अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया है।  

बस्तर में 1849 पीड़िताओं को दिलाई राहत, ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ बना संकटग्रस्त महिलाओं का सहारा

जगदलपुर. जगदलपुर में संचालित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ संकट में घिरी महिलाओं के लिए सुरक्षा और सहायता का अहम केंद्र बनकर उभरा है। 31 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस सेवा के तहत अब तक 1862 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 1849 मामलों का समाधान कर पीड़ित महिलाओं को राहत दिलाई गई है। केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा अस्थायी सुरक्षित आश्रय है। घर या समाज में खुद को असुरक्षित महसूस करने वाली महिलाओं को यहां सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था दी जाती है। अब तक 763 महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके साथ ही मनोवैज्ञानिक परामर्श (काउंसलिंग) भी महिलाओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1225 महिलाओं की काउंसलिंग की गई है, जिससे वे मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव से बाहर निकलने में सफल रही हैं। जिला महिला संरक्षण अधिकारी के अनुसार घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद से जूझ रही महिलाओं के लिए भावनात्मक सहारा बेहद जरूरी होता है। यही कारण है कि यह केंद्र अब महिलाओं के लिए सुरक्षा, न्याय और आत्मविश्वास की नई उम्मीद बनकर सामने आया है।

मेडिकल कार्यशाला में बताए बचाव के उपाय, बस्तर में मलेरिया से निपटने की राष्ट्रीय तैयारी

जगदलपुर. बस्तर संभाग में मलेरिया की चुनौती से निपटने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। 7 मार्च को होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। यह कार्यशाला एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया और शासकीय मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। मलेरिया के बदलते स्वरूप, जटिल मामलों की पहचान और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में चिकित्सकों को अपडेट करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। विशेषज्ञों के अनुसार बस्तर क्षेत्र में मलेरिया, विशेष रूप से फैल्सीफेरम मलेरिया के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, जो गंभीर रूप ले सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार बिना स्पष्ट लक्षण वाले मलेरिया और दस्त के मरीजों में भी मलेरिया के संकेत मिलते हैं, जो चिंता का विषय है। कार्यशाला में मलेरिया की एपिडेमियोलॉजी, आधुनिक जांच तकनीक, समय पर निदान और गंभीर मरीजों के उपचार पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। इस पहल से बस्तर के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को मलेरिया प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों को समझने और मरीजों के बेहतर उपचार में मदद मिलेगी।

नक्सलियों के TCOC पर सन्नाटा, बस्तर में सुरक्षा एजेंसियों का खौफ

बस्तर. देश के सबसे बड़े नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में इस बार एक अलग स्थिति देखने को मिल रही है। करीब दो दशक में पहली बार ऐसा लग रहा है कि नक्सली अपने अहम सैन्य अभियान TCOC (Tactical Counter Offensive Campaign) की शुरुआत तय समय पर नहीं कर पाए हैं। आमतौर पर यह अभियान हर साल 8 मार्च के बाद शुरू होकर जून तक चलता है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करना और बस्तर जैसे क्षेत्रों में अपनी पैठ बढ़ाना होता है। यह अभियान उनके गुरिल्ला युद्ध का हिस्सा है, जिसमें वे सूखे और पतझड़ के मौसम का फायदा उठाते हैं। लेकिन इस बार शुरुआती दिनों में किसी बड़ी गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन पर बढ़ते दबाव और कमजोर होती संरचना का परिणाम मान रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगातार चलाए गए ऑपरेशन में कई बड़े कमांडर मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके साथ ही जंगलों में नए सुरक्षा कैंप, सड़कों का तेजी से विस्तार और ड्रोन सर्विलांस ने नक्सलियों की गतिविधियों को काफी सीमित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों के खौफ से अब नक्सली बड़ी संख्या में एकत्र होकर रणनीति बनाने में भी मुश्किल महसूस कर रहे हैं। ऐसे में बड़े हमलों की योजना बनाना उनके लिए पहले जितना आसान नहीं रह गया है।हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं। आशंका है कि नक्सली छोटे या मध्यम स्तर के हमलों के जरिए अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। इसे देखते हुए बस्तर संभाग के सभी जिलों में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यदि इस साल भी टीसीओसी प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाता, तो यह नक्सली आंदोलन के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका साबित हो सकता है।

खेती में नवाचार से बदली किस्मत: 21 वर्षीय रत्ना बना रहीं लाखों की आमदनी

सरगुजा सरगुजा के डिगमा गांव की रहने वाली रत्ना मजूमदार ने शादी के बाद अपने परिवार की खेती को नई दिशा दी। रत्ना ने नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की महिला समूह से जुड़कर लोन लिया और दो एकड़ में गेंदे के फूल की खेती शुरू की। गेंदे के फूल की खेती में प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये की लागत आती है और उत्पादन करीब दो लाख रुपये तक पहुंच जाता है। यानी लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा होता है। खास बात यह है कि तीन महीने में एक फसल तैयार हो जाती है और साल में चार बार उत्पादन मिलता है। रत्ना मजूमदार का कहना है कि ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीक से खेती आसान हो गई है और युवाओं को भी खेती की ओर आना चाहिए। रत्ना मजूमदार ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि शादी के बाद जब मैं ससुराल आई तो देखा कि मेरे ससुराल वाले फूल की छोटी खेती करते थे। मैं मां महामाया समूह में जुड़ी तो देखा कि यहां से लोन लेकर सभी महिलाएं अपने काम को आगे बढ़ाती हैं। मैंने भी समूह से लोन लिया और इस काम को आगे बढ़ाया। पहले हम लोग छोटे पैमाने पर करते थे, अब हम लोग दो-तीन एकड़ में करते हैं। उन्होंने बताया कि हम लोगों की लागत डेढ़ से दो लाख रुपए लग जाती है और प्रॉफिट 50 प्रतिशत तक आ जाती है। उन्होंने बताया कि गेंदे के फूल की खेती के लिए पौधे कोलकाता से आते हैं। उन लोगों से हम पौधों को खरीदते हैं और अपने खेतों में लगाते हैं। पहले महीने में इसका फूल आ जाता है। ये फूल तीन महीने तक लगातार चलते हैं। फिर हम लोग इसको हटाकर नए पौधे लगाते हैं। उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि हम महिलाओं को लोन देकर आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि आप भी समूह में जुड़िए। अपने छोटे-मोटे काम को आगे बढ़ाइए। यानी अगर आधुनिक तकनीक के साथ खेती की जाए तो खेती भी रोजगार का बड़ा जरिया बन सकती है। सरगुजा से यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

किसानों को होली का तोहफा, खातों में राशि अंतरण से बढ़ी खुशियां : सीएम विष्णु देव साय

रायपुर बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक श्री अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, सीआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, श्री रमेश ठाकुर, श्री भागीरथी यादव, श्री मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात

रायपुर, भानपुरी में आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम हेल्थ एटीएम का शुभारंभ बस्तर के विकास और जन-सुविधाओं की दिशा में शुक्रवार को नई शुरुआत हुई, जहाँ आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से बस्तर जिले में हेल्थ एटीएम सेवा का ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया है।  वन मंत्री  केदार कश्यप ने भानपुरी स्थित सिविल अस्पताल में इस हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  उन्होंने क्षेत्रवासियों को 36.50 लाख रूपए के निर्माण कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम राजपुर और खड़का में विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि यह हेल्थ एटीएम बस्तर के दूरस्थ अंचलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी जांचों के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से नागरिक ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी और ऑक्सीजन लेवल सहित 100 से अधिक प्रकार की स्वास्थ्य जांचें तत्काल करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे क्रांतिकारी पहलू यह है कि यह मशीन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। इसके साथ ही, टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर परामर्श ले सकेंगे और उनकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस डिजिटल क्रांति के साथ-साथ नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास का शंखनाद भी गूँजा। कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए वनमंत्री  कश्यप ने सालेमेटा और राजपुर सरगीगुड़ा में नई सीसी सड़कों की आधारशिला रखी गई, जो ग्रामीणों को कीचड़ और दुर्गम रास्तों से स्थायी निजात दिलाएंगी। इसके अलावा तिरथा, सुधापाल और खड़का में नई पुलियों के निर्माण से मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से बना रहेगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए घोटिया दुलारदई गुड़ी में एक नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इन सभी विकास कार्यों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के एकीकृत प्रयासों ने बस्तर में हर्ष और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, पूर्व सांसद  दिनेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी ग्रामीण उपस्थित थे।

स्कूल में घोर लापरवाही: ताला बंद मिला विद्यालय, छात्रों को बाहर बैठना पड़ा

सूरजपुर  जिले के भैयाथान ब्लाक अंतर्गत सांवारांवा स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला में गुरुवार को लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। स्कूल समय में विद्यालय का ताला नहीं खुलने के कारण छात्र-छात्राएं बाहर ही बैठे रहे। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार पांच मार्च को सुबह 11 बजे तक सांवारांवा के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला बंद पाए गए। विद्यालय परिसर में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस दौरान पढ़ने आए छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर बैठे रहे। शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण बच्चों को मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मोबाइल के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी भैयाथान को दी। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में भी बच्चे स्कूल के बाहर बैठे नजर आ रहे हैं और विद्यालय में ताला लटका दिखाई दे रहा है। छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय समय में स्कूल बंद पाया जाना और शिक्षकों की अनुपस्थिति शासकीय दायित्व के प्रति गंभीर लापरवाही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनको मिला नोटिश जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें प्रधान पाठक संजय गुप्ता, संकुल समन्वयक रामजतन कुशवाहा, शिक्षिका इशा खलखो, प्रीति टोप्पो तथा शिक्षक अजित कुमार चन्द्रा और रमेश चेसकर शामिल हैं।

आधुनिक डिजाइन और तकनीक से हों शासकीय भवनों का निर्माण

रायपुर सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने यह निर्देश आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों और गतिविधियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि आमजन की सुविधा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य है और इससे सरकार की छवि भी बनती है। यदि सड़क बनने के कुछ वर्षों के भीतर ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनी थी, लेकिन उसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। यदि सड़क चार वर्ष भी नहीं चले तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण में हुई कमियों की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आमजन को इन कार्यों की जानकारी नहीं मिल पाती जिससे सकारात्मक नैरेटिव नहीं बनता। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा उन्हें व्यापक रूप से आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यदि ठेकेदार बिलो रेट पर टेंडर लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह कार्य को निर्धारित गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उपयुक्त प्रावधान लागू किए जाएं। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए एक अलग इकाई बनाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार बीमार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। खाद्य विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर चिन्हित इन गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी आबादी निवास करती है और यहां सड़क का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस मार्ग के कुछ हिस्से में वन स्वीकृति की आवश्यकता होगी, लेकिन शेष हिस्सों में निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लगभग 353 किलोमीटर लंबाई वाली इस सड़क परियोजना की स्थिति पर चर्चा की गई।पत्थलगांव-कुनकुरी खंड में भू-अर्जन का मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग तथा चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।  बैठक में बस्तर में पुल-पुलिया निर्माण सहित 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य द्रुतगामी सड़क संपर्क मार्ग की आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन बहुत पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब समय आ गया है कि शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाइन उनकी उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल संरचना को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को भी आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को बहुत महत्व देते हैं। अन्य कई विकास कार्य भले दिखाई न दें, लेकिन सड़कें सीधे लोगों को दिखाई देती हैं और सरकार की छवि भी उसी के आधार पर बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है और इसमें होने वाले कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए जिससे सड़कों में बनने वाले गड्ढों की जानकारी समय पर मिल सके और उन्हें तुरंत ठीक किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet