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छत्तीसगढ़-जगदलपुर में पूर्व विधायक के गार्ड ने नदी किनारे पेड़ में लगाई फांसी

जगदलपुर. कोंडागांव में पूर्व विधायक के बंगले में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी कर रहे आरक्षक ने बुधवार की दोपहर को नदी किनारे पेड़ में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। मामले की जानकारी देते हुए कोंडागाँव थाना प्रभारी सौरभ उपाध्यक्ष ने बताया कि कोंडागांव के पूर्व विधायक मोहन मरकाम के बंगले में तैनात आरक्षक सम्पत मंडावी निवासी भानपुरी बुधवार को घर ना जाकर ग्राम लंजोड़ा बुकापारा नदी किनारे पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बात की जानकारी लोगों को तब मिली जब नदी किनारे कुछ लोग गए हुए थे। ग्रामीण ने फांसी के फंदे पर लटके युवक के शव को देखकर तत्काल सरपंच को सूचना दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

छत्तीसगढ़-दुर्ग मेंअपहरण-पिटाई के मुख्य आरोपी कांग्रेसी नेता ने किया सरेंडर

दुर्ग. दुर्ग के जामुल थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड में युवक का अपहरण कर पिटाई के मामले में मुख्य आरोपी कांग्रेसी नेता विक्की शर्मा ने थाने में सरेंडर किया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया है। केवल देवांगन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि युवक विक्की शर्मा के लिए ऑनलाइन महादेव एप सट्टा का संचालन करता था। रकम की वसूली के लिए कांग्रेसी नेता विक्की शर्मा और बेटे जय शर्मा ने अपहरण कर जमकर पिटाई की। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने विक्की शर्मा और उसके बेटे समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस पहले ही जय शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। जिसके बाद विक्की शर्मा ने थाना पहुंचकर सरेंडर किया है। पुलिस ने विक्की शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। जामुल थाना प्रभारी केशव कोसले ने बताया कि युवक का अपहरण कर पिटाई के मामले में विक्की शर्मा और उसके बेटे जय शर्मा समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस सभी की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने पहले ही उसके बेटे जय शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है और अब मुख्य आरोपी विक्की शर्मा ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़-जगदलपुर सांसद महेश कश्यप के स्वागत में उमड़े लाखों कार्यकर्ता

जगदलपुर. सांसद निर्वाचित होने के बाद पहली बार बस्तर लौट रहे महेश कश्यप का भाजपा और विश्व हिंदू परिषद सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। बुधवार को नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से वापस बस्तर लौट रहे थे। इस दौरान कांकेर से लेकर जगदलपुर तक भाजपा कार्यकर्ताओं सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। रायपुर से बस्तर आने के दौरान चारामा से सांसद महेश कश्यप के स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। चारामा में स्वागत के बाद नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप कांकेर पहुंचे। वहां भी भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद महेश कश्यप कोंडागांव पहुंचे। जहां विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर शुभकामनाएं दीं। कोंडागांव के बाद सांसद महेश कश्यप भानपुरी पहुंचे, जहां बीजेपी भानपुरी मंडल के कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत में जमकर आतिशबाजी करते हुए नारेबाजी की और पुष्प वर्षा के साथ उनका स्वागत किया। बस्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए सांसद पर पुष्प वर्षा की और उनका स्वागत किया। वहीं बोरपदर में बकावंड मंडल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सांसद महेश कश्यप का स्वागत किया और आमागुड़ा में भाजपा नगर मंडल सहित युवा मोर्चा जगदलपुर और अन्य हिंदू संगठनों ने महेश कश्यप का शानदार स्वागत किया। इसके बाद सांसद महेश कश्यप का विशाल काफिला रैली की शक्ल में नगर के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचा। जहां सांसद महेश कश्यप ने भाजपा कार्यकर्ताओं से लोकसभा क्षेत्र की जनता और भाजपा के वरिष्ठजनों सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के एक छोटे से कार्यकर्ता को संसद तक पहुंचाने का मार्ग दिया है, यह केवल भाजपा में ही संभव है।

साय सरकार के छः माह: छत्तीसगढ़ में उम्मीदों की नई रोशनी फैलाने में सफल

एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी रायपुर लोकतंत्र में जहां जनता अपने नेतृत्व को वायदे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश प्रदान करती है। ऐसे में किसी प्रदेश के मुखिया से महज छह माह के समय में इन वायदों को पूरा करने की आशा आमतौर पर बेमानी होती है। लेकिन मन में जज्बा, कुछ करने की लालसा, संवेदनशील प्रयास और समन्वित रणनीति के तहत कार्य किया जाए तो छह माह में भी इतिहास गढ़ा जा सकता है। महज़ छह माह में किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता इसके बावजूद विष्णु देव साय सरकार जिस तेजी के साथ काम को आगे बढ़ा रही है, निश्चित ही यह एक मिसाल है।     मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश वायदों को पूरा करने के लिए जरा भी वक्त जाया नहीं किया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है।  शपथ ग्रहण 13 दिसम्बर 2023 के बाद 15 अप्रैल 2024 यानी 4 माह 02 दिन। 16 मार्च 2024 से 6 जून 2024 यानी 2 माह 21 दिन लोकसभा निर्वाचन की वजह से आदर्श आचार संहिता पूरे प्रदेश में प्रभावशील रही। ऐसे में विष्णु देव सरकार को मुख्यमंत्री बने छह माह जरूर हो चुके हैं लेकिन निर्णय, योजनाओं का क्रियान्वयन, भावी रणनीति को मूर्तरूप देने के लिए उन्हें 4 माह का ही समय मिला है।     मुख्यमंत्री साय ने इन सब के बावजूद अपने सटीक निर्णयों से प्रदेश में एक अलग छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तब उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन और सशक्तीकरण के लिए ठोस व दूरगामी रणनीति बनानी पड़ती है। प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण महतारी वन्दन योजना से मिली है। ईब से इंद्रावती तक यानी प्रदेश के चारों तरफ विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए दिए जा रहे हैं और इस तरह चार किश्ते दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा विवाहित माताओं-बहनों के खाते में राशि देने के पीछे आर्थिक सशक्तीकरण करना, उनके आर्थिक हालात को बेहतर करना प्रमुख उद्देश्य है।       दावे और वादे के पक्के मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए अन्तरित की गई। खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए है।     मुख्यमंत्री साय संवेदनशील सरकार और किसानों के सरकार के रूप में महज छह माह में ही पहचान बनाने में सफल हुए। आदिवासियों की पीड़ा, संघर्ष, सम्मान और जरूरत को उनसे बेहतर कौन समझ पाएगा! सरकार बनाते ही तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए की गई, जिससे 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिल रहा है। कौन नहीं चाहता कि घर के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करें लेकिन आर्थिक अभाव, सुरक्षा और मार्गदर्शन आड़े आते हैं। ऐसे में विष्णु सरकार की मानवीय पहल यानी रामलला मंदिर दर्शन योजना से मन की मुराद पूरी हो रही है।     कोई न सोए भूखे पेट, इस तरह के विचार को अपनी कार्य योजना में शामिल करें तो वह निश्चित ही मानवीय संवेदना ही है प्रदेश के 68 लाख़ से अधिक गरीब परिवारों को पांच वर्षों तक मुफ्त अनाज देने जैसे निर्णय साबित कर रहे हैं कि सरकार गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। खुद का घर, पक्का मकान यह सब सुनने में एक गरीब परिवार के लिए दिन में देखने वाले स्वप्न की तरह होता है। लेकिन इस सपने को सच करने के लिए, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण की दिशा में प्रदेश जोरशोर से आगे बढ़ चुका है। ऐसे में गरीब के सिर में पक्का छत होना यानी सशक्त परिवार और खुशहाल समाज का प्रतीक बनेगा।     सरकार में आते ही युवाओं की तकलीफ को समझा और पीएससी परीक्षा घोटाले को लेकर युवाओं के गुस्से और हताशा को समझते हुए मुख्यमंत्री साय ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। शासकीय भर्ती आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने से युवाओं के मन में खुशियां देखने को मिली है। जिस बस्तर अंचल की पहचान सुंदर प्राकृतिक परिवेश और अकूत संसाधनों से है तथा यहां के भोलेभाले आदिवासियों की कला संस्कृति ने देश और दुनिया को अपनी ओर खींचा है। इस स्वर्ग को दूषित करने का काम कुछ माओवादी आतंकवादी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के अडिग निर्णय, बेहतर रणनीति का ही परिणाम है कि महज छह माह में 129 माओवादियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर किया है, 488 गिरफ्तार हुए हैं 431 आत्मसमर्पण किया और इस तरह बस्तर की उम्मीद की नई रौशनी देखने को मिलने लगी है।

छत्तीसगढ़-बालोद पुलिस मांग रही झूठे केस में फंसाकर रिश्वत: एसपी से लगाई गुहार

बालोद. बालोद के गुण्डरदेही विधानसभा के ग्राम बेलौदी में रहने वाले पति और पत्नी ने सनौद थाने में पदस्थ एएसआई की एसपी से शिकायत की है। आरोप है कि पहले पत्नी को बरगलाकर पति के खिलाफ झूठी शिकायत सनौद थाने में दर्ज करवाई, फिर शिकायत वापस लेने के नाम पर वहां पदस्थ एएसआई ने पति और पत्नी से पैसे की मांग की। जानकारी के मुताबिक, शासकीय प्राथमिक शाला मुंदेरा में पदस्थ प्रधान पाठक मिथलेश साहू और उसी स्कूल में शिक्षिका के रूप में पदस्थ तोरण साहू दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने बीते वर्ष 2 जुलाई को अंगार मोती में शादी की और न्यायालय में भी विवाह किया। तब से दोनों एक दूसरे के साथ रहते थे। पत्नी से कराई पति की झूठी शिकायत शिक्षिका तोरण साहू ने बताया कि वह 28 व 29 मई को अपने सामान और दस्तावेज को लाने के लिए अपने मायके बेलोदी गई हुई थी। लेकिन उनके घरवालों ने उन्हें सामान नहीं दिया और चार दिन बाद सनौद थाना ले गये। जहां उनके पति मिथलेश साहू के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी कर पैसे मांगने और बहलाने फुसलाने का आरोप लगाते हुए झूठी शिकायत कराई गई। दबाव में आकर उन्होंने अपने पति के खिलाफ शिकायत की। पुलिस वाले तोरण के पति मिथलेश को जबरदस्ती घर से उठाकर थाने ले गये और मारपीट की और उनसे व उनकी पत्नी से एक-एक लाख रूपये शिकायत वापस लेने के नाम पर एएसआई ने मांगे। पति-पत्नी ने एसपी को आवेदन सौंपकर उनके साथ हुई घटना को बताया और आरोपी एएसआई नंदकुमार साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी शिकायत मिली है। एसडीओपी को जांच के लिए सौंप दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी। – सूरजन राम भगत, एसपी, बालोद

छह माह में साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।     विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।     साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। 18 लाख आवास स्वीकृत-     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। 13 लाख किसानों को धान का बोनस-     मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है। 3100 रूपए में धान की खरीदी-     साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। 70 लाख महिलाओं का वंदन –     महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है। रामलला दर्शन योजना-     छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।   तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए-     राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा।   भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट-     युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा। यूपीएससी की तर्ज पर … Read more

छत्तीसगढ़-कोरबा में दूसरी के चक्कर में पत्नी-बेटे-बेटी पर कुल्हाड़ी से किए वार

कोरबा. कोरबा के करतला में एक शख्स ने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। कुल्हाड़ी के वार से मां, बेटी और बेटा गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। जिन्हें करतला के सामुदायिक स्वास्य केंद्र में उपचार देने के बाद कोरबा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी दो शादियां कर रखी हैं, जिसकी वजह से उसका पहली पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। आरोपी शरद दास महंत की पहली पत्नी टीका बाई है। जिससे उसकी बेटी टिंकी (22) और बेटा पवन दास (25) है। वहीं दूसरी पत्नी के चक्कर में शरद का पहली पत्नी से अक्सर विवाद होता था, जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पहली पत्नी का आरोप है कि पति उसे घर खर्च नहीं देता, जिसके कारण उसका जीना दुश्वार हो गया है। इस मामले को लेकर कोर्ट ने भी आरोपी को फटकार लगाई है। बस इसी बात को लेकर शरद का पत्नी से विवाद हुआ और हिंसक घटना घट गई। आरोपी है कि शरद लॉकडाउन के समय अपनी पहली पत्नी, बेटी-बेटे को छोड़कर किसी दूसरी महिला के साथ रहने लगा था। वह जब भी बीच-बीच में घर आता था तो अक्सर मारपीट करता था। जिसके बाद इसकी शिकायत पुलिस में की। घायल महिला ने बताया कि जब भी उसका पति जब से दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा है तब से कुछ भी खर्चा नहीं देता। किसी तरह वह अपनी बेटी और बेटे का भरण-पोषण करते आ रही है। दोनों को पढ़ा-लिखा रही है। मामला कोर्ट में चल भी रहा है, दो दिन पहले कोरबा कोर्ट में पेशी हुई थी। जहां कोर्ट ने शरद को खर्चा देने के लिए कहा। इसी बात से वह नाराज था। घायल महिला ने बताया कि जब वह अपनी बेटी और बेटे के साथ किसी काम से जा रही थी तो इसी दौरान शरद ने उनपर हमला कर दिया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई, लोगों ने उसे पकड़ा। नहीं तो उनकी जान जा सकती थी। इस घटना के बाद आरोपी ने खुद को करतला पुलिस के हवाले किया और घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

विष्णु देव साय सरकार के छह माह

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। सुशासन के ट्रैक पर विकास ने फिर पकड़ी रफ्तार     विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। सुशासन के ट्रैक पर विकास ने फिर पकड़ी रफ्तार     साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है। सुशासन के ट्रैक पर विकास ने फिर पकड़ी रफ्तार     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। 18 लाख आवास स्वीकृत-     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। 13 लाख किसानों को धान का बोनस-     मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है। 3100 रूपए में धान की खरीदी-     साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। 70 लाख महिलाओं का वंदन –     महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है। श्री रामलला दर्शन योजना-     छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान श्री रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए-     राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा। भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट-     युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित … Read more

मुख्यमंत्री साय ने केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बुधवार को  भुवनेश्वर प्रवास के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री  हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री  अरूण साव और रायपुर संसदीय क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद  बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे थे।

कृषि मंत्री ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का किया शुभारंभ

रायपुर, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आम का नाम लेते ही आम की खुशबू हर एक की जहन में आ जाता है। वैसे आम का नाम भले ही आम हो, लेकिन फलों का राजा और हम सबके स्वास्थ्य के लिए खास हैं, उससे भी ज्यादा खास वह किसान है जिन्होंने इस आम का उत्पादन किया है। उन्होंने देश और प्रदेश के किसानों को बधाई और धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश के बेहतरी के लिए जिन किसानों ने जीवन का अमूल्य समय दिया है वह सम्मान के पात्र हैं। आम की फसल न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। आम का फसल लेकर किसान समृद्ध और सुदृढ़ हो रहे हैं। मंत्री श्री नेताम आज कृषि महाविद्यालय रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के किसानों द्वारा लगभग 327 प्रकार के आम के किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही आम से बने हुए 56 प्रकार के व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस मौके पर मंत्री श्री नेताम ने उत्कृष्ट किसानों को आम का पौधा भेंटकर सम्मानित किया। कृषि मंत्री ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का किया शुभारंभ मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा तो कहा ही जाता है इसके बाद यहां की और भी विशेषता है कि छत्तीसगढ़ की धरती में फल-फूल, मसाले से लेकर तमाम औषधि पौधों के फसलों के लिए उपयुक्त उर्वरा शक्ति उपलब्ध है। यहां की मिट्टी में विदेशों के आम के किस्मों के भी उत्पादन करने की क्षमता है। उन्होंने जापान की सबसे कीमती आम मियासाकी और छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मीठे और रसीले आम हाथी छूल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मिट्टी दोनों प्रकार के आम को उत्पादित करने की क्षमता रखता है। श्री नेताम ने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से पूरे परिवार के लिए पेड़ लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जीतने प्रकृति के नजदीक जाएंगे सुखद अनुभव करेंगे। वहीं हम प्रकृति से जीतने दूर जाएंगे चुनौती हमारे सामने आती रहेगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसा वातावरण तैयार करें, फिर से प्रकृति सुन्दर हो। आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि आम प्रकृति का अनुपम भेंट है। आम में पोषण आहार के साथ-साथ खनिज तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध रहता है, जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक है। विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि आम फलों का राजा है, कच्चे और पके आम, आम का नाम सुनते ही मुंह में पानी और मन में गुदगुदी आ जाती है। यह हमारे सेहत के लिए बेहतर है। उन्होंने कहा कि देशभर के किसानों का यहां एकत्र होना और आम के अलग-अलग किस्मों की जानकारी से किसानों को लाभ मिलेगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया। गौरतलब है कि इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा स्वयं सेवी संस्था प्रकृति की ओर संयुक्त तत्वाधान में 12 से 14 जून तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 327 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया है। इस महोत्सव में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादन किसान शामिल हैं। आम प्रदर्शनी – बैगनफल्ली, बंगनफल्ली, सिन्दूरी, कजली, गोपालभोग, चौसा, खजरी चौसा, शरबती, खुसनारा, एप्पल मैंगो, नाजूक बदन, मिठुआ, अल्फांसी, आम्रपाली, बंगाल (लंगड़ा), थाईलैण्ड का थाई बनाना, जापान का मियाजाकी, सांईसुगंध, मल्लिका, दशहरी, तोतापरी, बस्तर का हाथीछूल जैसे 327 प्रकार के आम के किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस मौके पर उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री एस. जगदीशन, प्रकृति की ओर संस्था के संचालक सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में डोमी सांप के काटने से बच्ची की मौत

जांजगीर चांपा. जांजगीर चांपा जिले के ग्राम खटोला में घर के अंदर खेल रही बच्ची प्रिंसी धीवर की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। सांप के काटने के बाद प्रिंसी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना अकलतरा थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी अनुसार, अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम खटोला में मंगलवार की देर शाम रात करीबन 7 बजे प्रिंसी धीवर अपने घर में खेल रही थी। वही लाइट भी बंद था इस बीच डोमी नमक जहरीले सांप ने प्रिंसी को काटा लिया। मगर परिजनों को लगा की किसी तार के कटी होगी। इस बीच वह सो गई करीबन आधा घंटा बाद जब उल्टी होने से तबियत बिगड़ी तब पता चला की सांप में कटा है। जिसके बाद बच्ची प्रिंसी का उपचार के लिए झड़ फूल कराया गया। आज बुधवार की सुबह 7 बजे परिजन बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे थे जहा डॉक्टर ने जांच उपरांत मृत घोषित किया। घटना की जानकारी अकलतरा थाने में दी गई मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

छत्तीसगढ़-बीजापुर में बुजुर्ग दम्पति को पांच साल से नहीं मिली पेंशन

बीजापुर. बीजापुर के ग्राम पंचायत एड़ापल्ली के ईरपागुट्टा गांव के बुजुर्ग वेलादी बीरा और वेलादी हड़मा लड़खड़ाते हुए कदमों से हाथ में लकड़ी थामे दो दिनों से 50 किलोमीटर पैदल और ट्रैक्टर से सफर तय कर पेंशन कि गुहार लगाने ब्लाक मुख्यालय भोपालपटनम पहुचे हैं। उन्हें तकरीबन पांच साल से पेंशन नहीं मिली है। सरकार कि महत्वपूर्ण योजना वृद्धावस्था पेंशन से वो वंचित है बुजुर्ग ने बताया कि पिछले पांच साल से पेंशन के लिए सचिव से गुहार लगा रहा है लेकिन उसके खाते में पेंशन जमा नहीं हो रही है। अपनी समस्या बताते उन्होंने इससे पहले भी भोपालपटनम आकर पंचायत सचिव से मुलाक़ात कर चले गए सचिव द्वारा जल्द ही खाते में पेंशन आने की बात कहकर भेज देते हैं। नेशनल पार्क एरिया के एडापल्ली, सेंड्रा, बड़ेकाकलेड इन ग्राम पंचायतों के सैकड़ो लोगों को कई सालों से पेंशन नही मिल रहा है, सेंड्रा में 22, बड़ेकाकलेड़ में 37 और एडापल्ली में 34 हितग्राही है। इन लोगो को कई सालों से पेंशन नही मिल रहा है, और कई हितग्राही ऐसे भी है जिनका नाम भी नही जुड़ा है, आपको बता दे कि ग्रामीण आँचल के लोग ज्यादा बोल और समझ नहीं पाते है और उन्हें जिस तरह से बोला जाये वहीं सुन भी लेते है बुजुर्ग हड़मा नें बताया कि उनका सहारा कोई नहीं है बच्चे उनकी जरुरत पूरी नहीं करते कभी किसी चीज कि जरुरत पड़ी तो बार- बार मांगकर सुनना पड़ता है। शक्कर, चायपत्ती, साबुन जैसी जरुरी चीजों कि जरुरत रहती है।लेकिन उसके लिए पैसे नहीं रहते है। दो दिन में किया 50 किलोमीटर का सफर तय ब्लाक मुख्यालय भोपालपटनम से तक़रीबन 50 किमी दूर ईरपागुट्टा के बुजुर्ग दो दिनो का सफर तय कर अपनी समस्या सुनाने यहां आए है। घर से निकलने के बाद उन्होंने एक रात कानलापर्ती गांव मे रूककर दूसरे दिन वहां से फिर निकल गए, कुछ दूर चलने जे बाद वे ट्रेक्टर मे बैठकर भोपालपटनम पहुचे है। उन्होंने बताया कि गांव मे वो अकेले नहीं है उनके साथ और भी ग्रामीण है जिन्हे पेंशन नहीं मिल रहा है। 60 माह से नहीं मिला पेंशन बुजुर्ग हड़मा नें बताया कि उन्हें 5 साल से पेंशन नहीं मिल रहा है पासबुक देखे तो 2017 के बाद खाते मे लेनदेन कि इंट्री नहीं हुई है। पीड़ित पासबुक आधार कार्ड वोटर आईडी ओरिजल और फोटो कॉपी लेकर घूम रहे है।  बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि सचिव से मिलने गए थे, उसने कहा है कि अब अगले साल पेंशन मिलेगा। वही दूसरी ओर ग्राम पंचायत एडापल्ली के सचिव गोटा समैया ने बताया कि उनके पंचायत में कुल 34 हितग्राही है। जिसमे समाजिक सुरक्षा पेंशन के 15, वृद्धावस्था के 01, विधवा पेंशन केव14 और सुखद सहारा पेंशन के 4 हितग्राही है। उन लोगो के खाते केवाईसी नही होने के वजह से दो सालों से पेंशन नही आ रहा है।वही डिप्टी कलेक्टर व प्रभारी जनपद पंचायत भोपालपटनम के सीईओ दिलीप उइके ने कहा है कि नेशनल पार्क एरिया के बड़ेकाकलेड, सेंड्रा व एडापल्ली पंचायतों के कई ग्रामीणों के पास आधार कार्ड नहीं हैं। अभी हम भोपालपटनम में शिविर लगाकर आधारकार्ड बनवा रहे हैं। जिन पात्र लोगों को पेंशन नहीं मिल रहा है। उनकी जानकारी लेकर उन्हें तत्काल पेंशन दी जाएगी।

राज्य सरकार ने ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन@2047 के लिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से सुझाव मांगे

रायपुर राज्य सरकार ने ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @ 2047 के लिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। सभी मंत्रियों और विधायकों को पत्र लिखकर विजन डाक्यूमेंट तैयार करने सुझाव देने का आग्रह किया है। ये सुझाव 30 जून तक मंगाए गए हैं। सुझाव लिखित में या फिर वेब पोर्टल मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ के जरिए दिए जा सकते हैं। वित्त एवं योजना मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि विकसित भारत की तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने ‘‘अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन @ 2047’’ से संबंधित विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का जिम्मा राज्य नीति आयोग को सौंपा है। इस संबंध में आयोग सभी विभागों व विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श भी कर रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग ने एक वेब पोर्टल ‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ तैयार किया है, जिसके जरिए वे अपने सुझाव दे सकते हैं। चौधरी ने मंत्रियों और विधायकों को लिखे पत्र में कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना के संबंध में अपना सुझाव 30 जून 2024 तक सदस्य-सचिव, राज्य नीति आयोग, नीति भवन, नवा रायपुर को या फिर आयोग के वेब पोर्टल शमोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ के जरिए भेज सकते हैं। एक नवंबर को जारी होगा डाक्यूमेंट राज्य स्थापना दिवस पर विजन डाक्यूमेंट-2047 जारी किया जाएगा। इससे पहले विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभागीय बैठक में सभी विभागों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है, जिसमें वन, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, यातायात, खेल, कौशल विकास,ग्रामीण विकास, आदिवासी क्षेत्रों में विकास, जनजाति विकास, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, पशुधन, धर्मस्व एवं संस्कृति आदि विभागों से सुझाव मिलना शुरू हो चुका है। बजट में की गई थी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की है। इस परिकल्पना को साकार करने विधानसभा के बजट सत्र 2024 में घोषणा की गई थी कि राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर 2024 को राज्य का विजन डाक्यूमेंट ‘अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन @ 2047’जारी कर प्रदेश को समर्पित किया जाएगा। इस विजन डाक्यूमेंट में छत्तीसगढ़ के विकास पर बात की जाएगी। 2047 छत्तीसगढ़ को किस तरह विकास की दिशा आगे ले जा सकते हैं। इस पर सुझाव दिए जा सकते हैं।

नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट में डांस व नृत्य कार्यशाला का आयोजन

बिलासपुर  रेलवे नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट व डी फार डांस एकेडमी और प्रजाराज्यम के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। उभरते हुए कलाकारों को स्टेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान रियालिटी शो इंडिया बेस्ट डांसर की विजेता सौम्या कांबले ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और नृत्य के क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट के स्केटिंग रिंग में आयोजित इस प्रतियोगिता में बिलासपुर क्षेत्र के अलावा रायगढ़ व कोरबा समेत अलग-अलग क्षेत्रों के लगभग 50 प्रतियोगियों ने भाग लिया। गर्मी एवं उमस भरे वातावरण के बीच प्रतियोगियों का उत्साह एवं जुनून देखते ही बन रहा था। सभी ने अपना शानदार प्रदर्शन किया। दर्शक भी उनकी प्रतिभा से प्रभावित हुए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन करते रहे। इससे पूर्व क्षेत्र के उभरते हुए कलाकारों के लिए एक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें भी 50 कलाकारों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में डांस की तकनीकी व विभिन्न विधाओं का अनुभव व ज्ञान, स्टेज में परफारमेंस के आवश्यक पहलुओं पर सौम्या कांबले ने प्रकाश डाला। प्रतियोगिता एवं कार्यशाला मे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतियोगियों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याणकारी संगठन की अध्यक्ष श्रद्धा पांडेय, विशिष्ट अतिथि प्रजाराज्यम के डायरेक्टर आकाश सिंह, नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट के कार्यकारी अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, रश्मि देवांगन एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याणकारी संगठन की पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विजेताओं को मुख्य अतिथि ने ट्राफी प्रदान की। आकाश व कमल की जोड़ी रही विजेता शाम को फाइनल मुकाबला हुआ। जिसमे विजेता के लिए आकाश सिंह राजपूत एवं कमल की जोड़ी और अक्ष सोनी व सोम निषाद के मध्य मुकाबला हुआ। दोनों ही टीम के मध्य कांटे की टक्कर रही। यहीं कारण है अंत में मुकाबला टाई हो गया। बाद में निर्णायक मंडल ने तकनीकी पहलुओं के आधार पर फ़ैसला लिया। इसमें आकाश सिंह राजपूत व कमल की जोड़ी को विजेता घोषित किया गया। अक्ष सोनी एवं सोम निषाद को उपविजेता की ट्राफी दी गई। तीसरे स्थान पर ऋतु परना नायक रहीं। इसके साथ ही प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कलाकार भोलू विश्वकर्मा , सोमी विजया, आरुषि यादव , शुभम निषाद एवं संजना को सांत्वना पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए सुमित कुमार को पुरस्कृत किया गया।  

CG Board Exam 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नए शैक्षिक सत्र से दो बार आयोजित करेगा परीक्षाएं

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत नए शैक्षिक सत्र से एक नया कानून लागू करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के अनुसार नए शैक्षिक सत्र से अब बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन एक वर्ष में दो बार किया जाएगा। इस नए नियम से फेल स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है। वे एक बार फेल होने पर बेहतर तैयारी के साथ उसी वर्ष पास हो सकेंगे और उनका साल बर्बाद होने से बच जाएगा। इसके साथ ही स्टूडेंट्स इससे अपने रिजल्ट में सुधार भी कर पाएंगे। आपको बता दें अभी तक केवल कम्पार्टमेंट लगने वाले स्टूडेंट्स ही दोबारा परीक्षा में भाग ले सकते थे जिसमें अब बदलाव हुआ है। दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने वाला छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य छत्तीसगढ़ बोर्ड देशभर में पहला राज्य बनने वाला है जो इस सत्र से ही वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करने जा रहा है। अभी तक देश में किसी भी राज्य ने दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का नियम लागू नहीं किया था। छत्तीसगढ़ बोर्ड के साथ केवल सीबीएसई बोर्ड इस शैक्षिक सत्र से देशभर में दो बार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करने की घोषणा कर चुका है। कब आयोजित होंगी परीक्षाएं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर की ओर से यह जानकारी भी दी गई है कि किस महीने में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। जारी की गई सूचना के मुताबिक प्रथम चरण की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मार्च माह में किया जायेगा वहीं दूसरी बार बोर्ड परीक्षाएं जून-जुलाई माह में आयोजित की जाएंगी। रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स ही ले सकेंगे एग्जाम में भाग स्टूडेंट्स ध्यान रखें कि पहले चरण की बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले रजिस्टर्ड छात्र ही दूसरे चरण की परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे। नए स्टूडेंट्स इन परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पायेंगे।

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