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भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की हुई शादी, हिंदू रीति-रिवाजों और कन्नड़ परंपरा के अनुसार किया विवाह

बेंगलुरु भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने शादी कर ली है। उनका विवाह शास्त्रीय संगीत की कलाकार शिवश्री स्कंदप्रसाद से हुआ है। उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों और कन्नड़ परंपरा के अनुसार विवाह किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना, अमित मालवीय, प्रताप सिम्हा, बीवाई विजयेंद्र समेत कई नेता पहुंचे थे। कई नेताओं ने शादी समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। तस्वीरों में शिवश्री स्कंदप्रसाद पीले रंग की कांचीपुरम सिल्क साड़ी और गोल्ड जूलरी में नजर आती हैं। इसके अलावा तेजस्वी सूर्या ने सफेद और गोल्डन कलर की ड्रेस पहनी हुई है। सफेद धोती और गोल्डन कलर की स्थानीय पगड़ी में वह बेहद सुंदर लग रहे हैं। कुछ अन्य तस्वीरों में तेजस्वी सूर्या की दुल्हन बनीं शिवश्री स्कंदप्रसाद लाल रंग की साड़ी में भी दिखती हैं। तेजस्वी सूर्या दो बार के लोकसभा सांसद हैं। इसके अलावा भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। स्कंदप्रसाद भारतनाट्यम की डांसर हैं। उन्होंने बायोइंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री ली है, लेकिन अपना पेश डांसिंग को बनाया। यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास से शिवश्री स्कंदप्रसाद ने भारतनाट्यम की भी डिग्री ली है। इंस्टाग्राम पर शिवश्री के 1.13 लाख फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा यूट्यूब पर 2 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्हें मणिरत्नम की चर्चित फिल्म पोन्निन सेल्वम के एक गाने के लिए जाना जाता है। पीएम नरेंद्र मोदी भी उनकी सराहना कर चुके हैं। बीते साल अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने शिवश्री स्कंदप्रसाद की तारीफ की थी। उन्होंने शिवश्री स्कंदप्रसाद की ओर से तैयार गीत की तारीफ की थी। उन्होंने लिखा था, ‘शिवश्री स्कंदप्रसाद ने कन्नड़ भाषा में भगवान श्रीराम की आराधना करते हुए गीत की रचना की है। यह प्रयास भारत की संस्कृति को संरक्षित रखने में अहम है।’ बता दें कि तेजस्वी सूर्या के विवाह समारोह की जानकारी बहुत कम लोगों को ही थी। जब वी. सोमन्ना समेत कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर शादी समारोह की तस्वीरें साझा कीं तो यह जानकारी मिली। मीडिया में पहले से इसकी कोई सूचना नहीं थी।

ड्रैगन ने फिर कर दिया भारी इजाफा, चीन के सामने इतना कम है भारत का रक्षा बजट, भारत के सामने क्या मुश्किल

चीन चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया है, जो भारत से काफी ज्यादा है। खास बात है कि ड्रैगन की तरफ से आंकड़ों में ये बदलाव ऐसे समय पर किए गए हैं जब LAC यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों की मौजूदगी बनी हुई है। वहीं, जानकार भारत को भी रक्षा बजट में इजाफा करने की सलाह दे रहे हैं। फिलहाल, इसे लेकर भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत से कितना ज्यादा है चीन का रक्षा बजट खबर है कि बुधवार को चीन ने सालाना रक्षा बजट में 7.2 प्रतिशत का इजाफा किया है, जिसके बाद आंकड़ा 245 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। खास बात है कि भारत की तुलना में यह बजट तीन गुना से भी ज्यादा है। भारत ने सालाना बजट 79 बिलियन डॉलर पर रखा है। इस मामले में चीन सिर्फ अमेरिका से पीछे है, जो इस साल सेना पर 900 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करने की तैयारी कर रहा है। मीडिया से बातचीत में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘भारत को अपना रक्षा बजट अपनी जीडीपी का कम से कम 2.5 फीसदी बढ़ाना चाहिए, जो फिलहाल यह 1.9 फीसदी पर है। ताकि भारत और पाकिस्तान के खिलाफ भरोसेमंद तैयारी हो सके। हमारी सैन्य क्षमताओं में कई खामियां हैं, जिन्हें तत्काल दूर करने की जरूरत है।’ भारत के सामने क्या मुश्किल रिपोर्ट के मुताबिक, सैलरी, पेंशन और संचालन पर खर्च के बाद भारत के पास सेना का आधुनिकीकरण करने के लिए बजट का सिर्फ 25 प्रतिशत ही हर साल बचता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसके पास सिर्फ 30 फाइटर जेट स्क्वॉड्रन है, जिसमें प्रत्येक में 16 से 18 विमान हैं। जबकि, मंजूर क्षमता कम से कम 42.5 की है। साथ ही भारत तेजस विमान तैयार करने में भी परेशानियों का सामना कर रहा है। जितना दिखाता है चीन उससे ज्यादा खर्च कर देता है अखबार ने जानकारों के हवाले से लिखा है कि चीन जितने बजट का ऐलान करता है, उससे करीब 40-50 फीसदी ज्यादा खर्च कर देता है। इसकी वजह है कि चीन अलग-अलग मदों के तहत फंड जारी करता है। खबर है कि चीन की सेना के लगातार आधुनिकीकरण की वजह अमेरिका को रणनीतिक रूप से चुनौती देना, ताइवान में किसी तीसरे देश के दखल को रोकना और साउथ और ईस्ट चाइना सी में ताकत का प्रदर्शन करते रहना है। अखबार के अनुसार, चीन ने भारत का रुख करने वाले कई हवाई अड्डों पर पांचवी पीढ़ी के अपने सबसे एडवांस जे-20 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि वह पाकिस्तान के कम से कम 40 जे-35ए विमान देने वाला है।

पीएम मोदी ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की, कहा- 60-70 साल रहे खाली

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुंचे। यहां पीएम ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम ने हर्षिल में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए। पीएम ने चीन सीमा के उन दो गांवों को भी बसाने और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा की। पीएम ने कहा कि 1962 में चीन के हमले के बाद खाली कराए गए दोनों गांव 60-70 साल तक खाली रहे। पीएम मोदी ने कहा, ‘देशवासियों को पता होगा, शायद नहीं पता होगा। 1962 में जब चाइना ने भारत पर आक्रमण किया तब दो गांव खाली करा दिए गए थे। 60-70 साल हो गए। लोग भूल गए, हम नहीं भूल सकते। हमने उन दो गांवों को फिर से बसाने का अभियान चलाया है। बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।’ पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या एक दशक में तेजी से बढ़ी है।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए बारहमासी पर्यटन पर जोर दिया जिससे हर सीजन ‘ऑन सीजन’ रहे । प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अपने पर्यटन क्षेत्र को विविधतापूर्ण बनाना और उसे बारहमासी बनाना उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से कोई भी सीजन ‘ऑफ सीजन’ न हो और हर सीजन ‘ऑन सीजन’ रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों में मार्च, अप्रैल और जून में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन उसके बाद इनकी संख्या कम हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘सर्दियों में होमस्टे और होटल खाली पड़े रहते हैं । यह असंतुलन उत्तराखंड में साल के एक बड़े हिस्से में आर्थिक सुस्ती ला देता है।’ मोदी ने कहा कि अगर सर्दियों में देश-विदेश के लोग प्रदेश में आएं तो उन्हें उत्तराखंड की वास्तविक आभा मिलेगी और ट्रेकिंग और स्कींइंग उन्हें रोमांचित कर देगा। उन्होंने कहा कि सर्दियों में उत्तराखंड की धूप खास होती है जब मैदानी इलाकों में कोहरा होता है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से भी अपील की कि सर्दियों में अपनी मीटिंग-कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड में करें।

भारत के 5 में से 2 बच्चों का बीएमआई दयनीय, स्पोर्ट्ज़ विलेज के 13वें वार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण से हुआ खुलासा

नई दिल्ली स्पोर्ट्ज़ विलेज के 13वें वार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एएचएस) ने पूरे भारत में स्कूल जाने वाले बच्चों की फिटनेस और सेहत में चिंताजनक अंतर का खुलासा किया है। वर्ष 2010 से हर साल संचालित हो रहे इस सर्वेक्षण का उद्देश्य यह है कि समूचे भारत के स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य व फिटनेस के स्तर का विश्लेषण और मूल्यांकन किया जाए। एडुस्पोर्ट्स द्वारा समर्थित इस सर्वेक्षण के 13वें संस्करण में, देश के 85 स्थानों पर 7 से 17 वर्ष की आयु के 1,16,650 बच्चों का मूल्यांकन किया गया, जिसके तहत स्कूलों में सुगठित शारीरिक शिक्षा कार्यक्रमों की तत्काल जरूरत को हाईलाइट किया गया है। देश का पूर्वी क्षेत्र अपने कुल 56.40% बच्चों की समग्र फिटनेस प्रदर्शित करते हुए, सेकेंड-बेस्ट बन कर उभरा है, जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत (54%), शरीर के निचले हिस्से की ताकत (46%), और लचीलेपन (77%) के मामले में उल्लेखनीय मजबूती नजर आई है। सर्वेक्षण से उजागर हुआ है कि उत्तरी क्षेत्र में बच्चों के एक बड़े प्रतिशत का प्रदर्शन बेहद दयनीय रहा, जिसमें फिटनेस के सात में से तीन मापदंडों का प्रतिशत सबसे कम दर्ज किया गया। इस क्षेत्र ने शरीर के निचले हिस्से की ताकत (35%), पेट की ताकत (81%), और एनारोबिक क्षमता (58%) के मामले में सबसे लचर प्रदर्शन किया, जो फिटनेस के प्रमुख संकेतकों में सुधार के जरूरी क्षेत्रों को रेखांकित करता है। दक्षिण क्षेत्र के बच्चों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बीएमआई (60.12%), एरोबिक क्षमता (31%), एनारोबिक क्षमता (62%), और पेट की ताकत (87%) के मापदंडों में, दक्षिण के बच्चों ने बड़ी संख्या में बढ़िया प्रदर्शन किया है, मगर शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और लचीलेपन के मापदंडों में सुधार की बड़ी गुंजाइश दिखाई दी। अन्य सभी क्षेत्रों के मुकाबले पश्चिम क्षेत्र ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जहाँ शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत (58%) शरीर के निचले हिस्से की ताकत (60%), एनारोबिक क्षमता (81%), पेट की ताकत (93%), एरोबिक क्षमता (52%) और लचीलेपन (81%) के मापदंडों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों का प्रतिशत अधिक है। सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष बताते हैं: ●    5 में से 2 बच्चों का बीएमआई खराब है। ●    5 में से 3 बच्चों के शरीर में निचले हिस्से की ताकत पर्याप्त नहीं है। ●    3 में से 1 बच्चे में पर्याप्त लचीलापन नहीं है। ●    5 में से 3 बच्चे जरूरी एरोबिक क्षमता पूरी नहीं करते। ●    5 में से 1 बच्चा पेट या कोर की पर्याप्त ताकत नहीं रखता। ●    5 में से 2 बच्चों के पास पर्याप्त एनारोबिक क्षमता नहीं है। ●    5 में से 3 बच्चों के ऊपरी शरीर में पर्याप्त ताकत नहीं है। ●    लड़कों (57.09%) की तुलना में लड़कियों (62.23%) का बीएमआई अच्छा है। ●    लड़कियों ने लचीलेपन, पेट की ताकत, एनारोबिक क्षमता और शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत के मामले में लड़कों को पछाड़ दिया है, जबकि लड़कों ने एरोबिक क्षमता और शरीर के निचले हिस्से की ताकत के मापदंडों में अच्छा प्रदर्शन किया। एएचएस 2025 के मुख्य निष्कर्ष इसके अलावा, शरीर के ऊपरी हिस्से की शक्ति के मापदंड पर, सरकारी स्कूलों के बच्चों की (37%) तुलना में निजी स्कूलों के बच्चों का प्रतिशत बेहतर (47%) है, और पेट की शक्ति के मापदंड पर सरकारी स्कूलों के बच्चों का प्रतिशत 84% है, जबकि निजी स्कूलों के बच्चों का प्रतिशत इससे अधिक 87% रहा। तुलनात्मक रूप से, सरकारी स्कूलों के बच्चों ने बड़ी संख्या में- बीएमआई (61.64%), शरीर के निचले हिस्से की ताकत (48%), एरोबिक क्षमता (37%), एनारोबिक क्षमता (75%) और लचीलेपन (75%) के मापदंडों में बेहतर प्रदर्शन किया, जो निजी स्कूल के बच्चों की तुलना में बेहतर समग्र फिटनेस दिखाता है। इस सर्वेक्षण ने पी.ई. कक्षाओं की बारंबारता और समग्र फिटनेस स्तरों के सकारात्मक सहसंबंध पर भी प्रकाश डाला है। इसमें पाया गया कि जो बच्चे प्रति सप्ताह पी.ई. की दो से अधिक कक्षाओं में भाग लेते हैं, उनके बीएमआई का स्तर, शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और लचीलापन, पी.ई. की कम कक्षाओं में भाग लेने वाले बच्चों के मुकाबले बेहतर होता है, जिससे स्कूलों में सुगठित खेल कार्यक्रमों की अहमियत को बल मिलता है। पी.ई. कक्षाओं की बारंबारता का समग्र फिटनेस पर असर स्पोर्ट्ज़ विलेज के को-फाउंडर, सीईओ एवं मैनेजिंग डाइरेक्टर सौमिल मजमुदार ने शिक्षा व खेल के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा: “बच्चों को स्वाभाविक रूप से खेलना पसंद होता है, फिर भी खेल अक्सर शिक्षा से पीछे रह जाते हैं। 13वें एएचएस से निकले निष्कर्ष इस तात्कालिक आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं कि दोनों के बीच संतुलन बनाने की सख्त जरूरत है। स्कूल के लीडरों को चाहिए कि वे शारीरिक शिक्षा और खेल पाठ्यक्रम में निवेश को प्राथमिकता दें- न केवल बच्चों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य एवं कल्याण की दृष्टि से, बल्कि एक ऐसी मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जो भारत को वैश्विक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की दिशा में ले जाए।” स्पोर्ट्ज़ विलेज के को-फाउंडरऔर फाउंडेशन के मुखिया परमिंदर गिल ने नीतिगत समर्थन और सीएसआर-समर्थित उपायों की जरूरत को हाईलाइट करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई: “सरकारी स्कूल के बच्चों का बेहतर फिटनेस स्तर उत्साहजनक है, जिसके दूरगामी लाभ होंगे। खेल न केवल अकादमिक प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं बल्कि सामाजिक-भावनात्मक कौशल को भी मजबूत करते हैं, समावेश को बढ़ावा देते हैं और लैंगिक समानता को प्रोत्साहन देते हैं। इस प्रगति का लाभ उठाने के लिए, मजबूत नीतियाँ लागू करना और ऐसे संसाधन आबंटित करना जरूरी हो जाता है, जो कॉर्पोरेट्स, सीएसआर पहलों, परोपकारियों और सरकार द्वारा समर्थित उच्च गुणवत्ता वाले खेल कार्यक्रमों तक पहुंच सुनिश्चित करते हैं।” 13वें वार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट यहां डाउनलोड की जा सकती है। स्पोर्ट्ज़ विलेज के बारे में स्पोर्ट्ज़ विलेज भारत का सबसे बड़ा स्कूल खेल संगठन है, जो खेल को बच्चों की शिक्षा एवं विकास का अभिन्न अंग बनाने के लिए समर्पित है। वर्ष 2003 में स्थापित, स्पोर्ट्ज़ विलेज का उद्देश्य यह है कि खेलों को स्कूली पाठ्यक्रमों के साथ एकीकृत करके बच्चों के स्वास्थ्य एवं कल्याण में सुधार किया जाए। चाहे अपने अग्रणी सुसंगठित शारीरिक शिक्षा (पी.ई.) कार्यक्रम एडुस्पोर्ट्स के माध्यम से हो, या सरकारी स्कूलों में अपनी #स्पोर्ट्सफॉरचेंज विकास पहलों के माध्यम से, या पाथवेज़ स्पोर्ट्स एक्सीलेंस … Read more

दक्षिण कोरिया की वायुसेना के फाइटर जेट ने गलती से एक बस्ती पर ही बम गिरा दिए

 सियोल दक्षिण कोरिया की वायुसेना के फाइटर जेट ने गलती से एक बस्ती पर ही बम गिरा दिए। इसमें 8 नागरिक बुरी तरह जख्मी हो गए। गुरुवार को एक सैन्य अभ्यास के तहत वायुसेना के केएफ-16 फाइटर जेट से 8 बम गिराए गए। इसमें आम लोग जख्मी हो गए हैं। यह हादसा उत्तर कोरिया के निकट बसे शहर पोशिओन में हुआ। यह क्षेत्र दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से 40 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। एक बयान में दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने बताया कि केएफ-16 फाइटर जेट से गलती से फायरिंग रेंज के बाहर बम गिर गए। इसमें नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी के गठन का फैसला लिया है कि आखिर यह नुकसान क्यों हुआ। सेना के साथ मिलकर वायुसेना भी अभ्यास कर रही थी। इसमें हवा से ही दुश्मन के ठिकाने को निशाना बनाने का अभ्यास चल रहा था। एयर फोर्स ने इस गलती के लिए माफी मांगी है। एयरफोर्स ने कहा कि हम इस चूक पर खेद व्यक्त करते हैं। उम्मीद है कि इस घटना में घायल लोग जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम जल्दी ही पीड़ितों के लिए कदम उठाएंगे। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार इस हादसे में 6 आम नागरिकों के अलावा दो सैनिक भी जख्मी हुए हैं। राहत की बात यह रही कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। इस हादसे में 7 इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। पोशिओन इलाके के लोगों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इन लोगों का कहना है कि हम सालों से यहां पड़ोस में ट्रेनिंग ग्राउंड बनाने का विरोध करते रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इससे लोगों की दिनचर्या बाधित होती है। इसके अलावा नुकसान का खतरा भी हमेशा बना रहता है। देश के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि गुरुवार को अमेरिकी सेना के साथ मिलकर लाइव-फायर एक्सरसाइज चल रही है। इसके बाद अगले साल से सालाना अभ्यास भी होना है। सोमवार से ही अमेरिका और साउथ कोरिया के बीच एनुअल फ्रीडम एक्सरसाइज होनी है। यह संयुक्त अभ्यास 20 मार्च तक चलना है। ऐसे में उससे पहले यह घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उत्तराखंड के हर्षिल में बोले पीएम मोदी- मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…

हर्षिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे, जहां उन्होंने मुखबा गांव में मां गंगा की पूजा-अर्चना की और हर्षिल में लोगों को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मां गंगा के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ.  उन्होंने कहा, “मां गंगा की कृपा से मैं आज उनके मायके मुखबा गांव आया हूं. यह उनका दुलार और स्नेह है कि मैं उनके इस बच्चे के रूप में यहां खड़ा हूं.  पीएम ने यह भी दोहराया कि काशी में उन्होंने कहा था, “मुझे मां गंगा ने बुलाया है. फिर साबित हुए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड केे लिए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकार्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए। शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.     कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.      कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए बाबा के चरणों में गया था, तो बाबा के दर्शन के बाद मेरे मुंह से कुछ भाव प्रकट हुए थे, और मैं बोल पड़ा था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा. वे शब्द मेरे थे, भाव मेरे थे, लेकिन उनके पीछे सामर्थ्य देने की शक्ति स्वयं बाबा केदारनाथ ने दी थी. आखिरी गांव नहीं प्रथम गांव: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि 1962 में जब चीन ने भारत पर हमला किया तो जादूंग गांव को खाली करवा दिया गया था.  तब से यह गांव खाली थी. हमने इन गांवों को फिर से बसाने और टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने का अभियान चलाया है. पहले सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव कहा जाता था. हमने यह सोच बदल दी. हमने कहा यह हमारे आखिरी गांव नहीं है, अब यह हमारे प्रथम गांव हैं. हमने वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की है. हर साल 50 लाख यात्री पहुंच रहे हैं उत्तराखंड पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले हर साल औसतन 18 लाख यात्री आते थे अब हर साल 50 लाख यात्री आते थे. 50 नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन को विकसित किया जाएगा. उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों को भी पर्यटन का विशेष लाभ देना है. उत्तराखंड में कोई भी सीजन… ऑफ सीजन ना हो: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि अभी कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.  केदारनाथ रोपवे बनने के बाद जो यात्रा 8 से 9 घंटे में पूरी होती है, अब उसे लगभग 30 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा. इससे बुजुर्गों, बच्चों के लिए केदारनाथ यात्रा और सुगम हो जाएगी. उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है. चारधाम All Weather Road, आधुनिक एक्सप्रेस वे, राज्य में रेलवे, विमान और हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तेजी से हुआ है.

26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण से बचने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

मुंबई 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण किए जाने से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उनके प्रत्यर्पण पर इमरजेंसी स्टे लगाया जाए. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में तहव्वुर राणा की ओर से दायर की गई याचिका की एक्सक्लूसिव कॉपी है. याचिका में तहव्वुर राणा ने कहा है कि अगर मुझे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो मुझे प्रताड़ित किया जाएगा. मैं भारत में ज्यादा सर्वाइव नहीं कर पाऊंगा. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि पाकिस्तान मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में बहुत अधिक प्रताड़ित किया जाएगा. ह्यूमन राइट्स वॉच 2023 की वर्ल्ड रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की बीजेपी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिमों के साथ भेदभाव करती है. याचिका में कहा गया है कि भारत की सरकार लगातार तानाशाही होती जा रही है और इसके पर्याप्त कारण हैं कि भारत सरकार को सौंपे जाने पर उसे प्रताड़ित किया जाएगा. तहव्वुर राणा ने कहा कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा है. वह पार्किंसंस की समस्या से भी जूझ रहा है. ऐसी जगह नहीं भेजा जाए, जहां राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम काम किया. लेकिन तहव्वुर राणा को अपना काम पसंद नहीं आया और उसने ये नौकरी छोड़ दी. भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है. लेकिन हाल में वह शिकागो का निवासी था, जहां उसका बिजनेस है. अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, उसने कनाड़ा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की यात्राएं की है और वहां रहा है, वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है. अदालत के दस्तावेज बताते हैं कि 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में डेविड हेडली और दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची. इस दौरान तहव्वुर राणा ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल जिहाद ए इस्लामी की मदद की और मुंबई आतंकी हमले की प्लानिंग की और इसे अमली जामा पहनाने में मदद की. आतंकी हेडली इस मामले में सरकारी गवाह बन गया है. 26 नवंबर 2008 को क्या हुआ था? 26 नवंबर 2008 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों के इस हमले को नाकाम करने के लिए 200 एनएसजी कमांडो और सेना के पचास कमांडो को मुंबई भेजा गया था. इसके अलावा सेना की पांच टुकड़ियों को भी वहां तैनात किया गया था. हमले के दौरान नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया था. मुंबई के आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इनमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे.  

कच्चे तेल का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे, पेट्रोल-डीजल के दाम में आई बड़ी गिरावट

नई दिल्ली दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. कच्चे तेल का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है, और कहा जा रहा है कि इसकी कीमतों में आगे और कमी आ सकती है. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम भी घटने की उम्मीद है. आज, बुधवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 0.3% गिरकर 70.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.9% गिरकर 67.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना बदलती हैं और सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट होते हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने आज के लिए ताजा कीमतें जारी कर दी हैं. अगर आप अपने वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर के ताजा दाम जरूर जान लें. आपके शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें     दिल्ली – पेट्रोल 94.72 रुपए , डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर     मुंबई – पेट्रोल 103.44 रुपए, डीजल  89.97 रुपए प्रति लीटर     कोलकाता – पेट्रोल  104.95 रुपए, डीजल  91.76 रुपए प्रति लीटर     चेन्नई – पेट्रोल  100.76 रुपए, डीजल  92.35 रुपए प्रति लीटर     नोएडा – पेट्रोल  94.87 रुपए, डीजल  88.01 रुपए प्रति लीटर     बेंगलुरु – पेट्रोल  102.86 रुपए, डीजल 88.94 रुपए प्रति लीटर     गुरुग्राम – पेट्रोल  95.19 रुपए, डीजल  88.05 रुपए प्रति लीटर     लखनऊ – पेट्रोल 94.73 रुपए, डीजल  87.86 रुपए प्रति लीटर     हैदराबाद – पेट्रोल 107.41रुपए , डीजल  95.65 रुपए प्रति लीटर     चंडीगढ़ – पेट्रोल 94.24 रुपए, डीजल  82.40 रुपए प्रति लीटर     जयपुर – पेट्रोल  104.91 रुपए, डीजल  90.21 रुपए प्रति लीटर     पटना – पेट्रोल  105.60 रुपए, डीजल 92.43 रुपए प्रति लीटर  

लंदन के चैथम हाउस के बाहर मंत्री जयशंकर की गाडी के सामने खालिस्तानियों ने किया हंगामा, लगाए देश विरोधी नारे

लंदन  विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी 6 दिवसीय ब्रिटेन और आयरलैंड की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री के चैथम हाउस पहुंचने से पहले वहां पर कुछ खालिस्तान समर्थक मौजूद थे। वो भारत विरोधी नारे लगा रहे थे। इसी बीच जब विदेश मंत्री जयशंकर चैथम हाउस से रवाना हो रहे थे तो उन पर हमले की कोशिश की गई। खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने उस स्थान के बाहर प्रदर्शन भी किया जहां विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चैथम हाउस द्वारा आयोजित एक चर्चा में भाग लिया था। प्रदर्शनकारी इमारत के बाहर इकट्ठा हुए थे, झंडे और स्पीकर पकड़े हुए थे और नारे लगा रहे थे। यूनाइटेड किंगडम की अपनी चल रही यात्रा के दौरान, EAM जयशंकर ने यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, विदेश सचिव डेविड लैमी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की थी। मंगलवार को यूके की गृह सचिव यवेटे कूपर के साथ अपनी बैठक में जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने प्रतिभा के प्रवाह और भारत और यूके के बीच तस्करी और उग्रवाद से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। भारतीय उच्चायोग ने जताई चिंता जानकारी के अनुसार, खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों का एक समूह लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुआ था। उन्होंने पहले लंदन के हैरो शहर में एक सिनेमाघर पर भी धावा बोला था और कंगना रनौत अभिनीत फिल्म इमरजेंसी की स्क्रीनिंग को रोकने का प्रयास किया था। इमरजेंसी की स्क्रीनिंग करने वाले कुछ यूके सिनेमाघरों में खालिस्तानी ताकतों द्वारा किए जा रहे उत्पात के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि हम भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक विरोध और धमकी की घटनाओं के बारे में यूके सरकार के साथ लगातार चिंता जताते हैं, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को चुनिंदा रूप से लागू नहीं किया जा सकता है और इसे बाधित करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यूके पक्ष जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। लंदन में हमारा उच्चायोग हमारे समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा और कल्याण के लिए नियमित रूप से उनके साथ संपर्क में रहता है। हम उम्मीद करते हैं कि यूके पक्ष इस मामले में सख्त उचित कार्रवाई करेगा। उल्लेखनीय रूप से, 2023 में, लंदन में भारतीय उच्चायोग को खालिस्तान समर्थकों द्वारा हिंसक हमले का सामना करना पड़ा। एनआईए के अनुसार, लंदन में हमले पंजाब पुलिस द्वारा वारिस पंजाब डे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई के प्रतिशोध में किए गए थे, जिसका उद्देश्य संगठन और उसके नेता पर कार्रवाई को प्रभावित करना था।

9 मार्च से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा, गेहूं किसानों की बढ़ेगी टेंशन

नई दिल्ली चार दिन बाद उत्तर भारत में मौसम करवट लेगा। दरअसल, 9 मार्च से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा। इसकी वजह से 11 मार्च तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक असम के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव में आज अरुणाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। असम और मेघायल में बारिश देखने को मिलेगी। किसानों की मुश्किलें बढ़ाएंगी तेज हवाएं अगले 24 घंटे में दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बिगड़ेगा। यहां 25 से 45 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 8 मार्च को बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यहां 30 से 40किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। ऐसे में गेहूं किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तेज हवाओं की वजह से फसल जमीन पर लेट सकती है। बिहार में तूफान का अलर्ट 7 और 8 मार्च को पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों और सिक्किम में बारिश होगी। 5 और 6 मार्च को केरल और माहे में गर्म और आर्द्र मौसम बना रहेगा। आज गुजरात में मछुआरों को समुद्र किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। 7 मार्च को सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 8 मार्च को बिहार में तूफान के आसार हैं। कहां-कैसा है तापमान? महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण छत्तीसगढ़, ओडिशा, सुदूर दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर आंतरिक तमिलनाडु के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 35-39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना है। तापमान कर्नाटक और तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा के अधिकांश स्थानों पर 30-35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना है। सोलापुर देश में सबसे गर्म उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल देश में सबसे अधिक तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस शोलापुर में दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इन स्थानों पर बढ़ा तापमान जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, सौराष्ट्र, कच्छ, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, पूर्वी तेलंगाना, दक्षिणी तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक के कई स्थानों पर तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी 7 मार्च को सूरत के लिंबायत इलाके के नीलगिरी ग्राउंड में एक भव्य जनसभा को संबोधित करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। वे 7 और 8 मार्च को राज्य के सूरत और नवसारी जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 7 मार्च को सूरत के लिंबायत इलाके के नीलगिरी ग्राउंड में एक भव्य जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे सरकारी योजनाओं के तहत वृद्ध लाभार्थियों को विशेष किट वितरित करेंगे। इसके बाद वे सूरत के सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, 8 मार्च को पीएम मोदी नवसारी जाएंगे, जहां वे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर वे महिलाओं के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का शुभारंभ कर सकते हैं। नवसारी में भी वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गौरतलब है कि इससे पहले, 1 मार्च को पीएम मोदी तीन दिवसीय निजी दौरे पर गुजरात पहुंचे थे, जहां उन्होंने सौराष्ट्र के विभिन्न जिलों का दौरा किया था। उन्होंने जामनगर, गिर और जूनागढ़ में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और सोमनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे।  

अप्रैल के पहले सप्ताह में श्रीलंका की यात्रा पर जा सकते हैं पीएम मोदी, राष्ट्रपति दिसानायके दिया निमंत्रण

कोलंबो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के निमंत्रण पर अप्रैल के पहले सप्ताह में श्रीलंका की यात्रा पर जा सकते हैं। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। पीएम मोदी की संभावित यात्रा से भारत-श्रीलंका संबंधों में मजबूती आने के साथ ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच जन-केंद्रित साझेदारी को गति मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी थाईलैंड से वापस आते समय कोलंबो पहुंच सकते हैं। बैंकॉक में 2 से 4 अप्रैल तक ‘बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) शिखर सम्मेलन’ का छठा आयोजन होगा। दिसानायके ने दिसंबर में तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ‘अपनी सुविधानुसार जल्द’ श्रीलंका की यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया था। सितंबर 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद दिसानायके की यह पहली विदेश यात्रा थी। दोनों नेताओं ने अपनी चर्चाओं के दौरान भारत-श्रीलंका देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने और संबंधों को मैत्रीपूर्ण बनाने पर सहमति जताई। दिसानायके ने अपनी भारत यात्रा को काफी ‘सफल’ करार दिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यात्रा के दौरान भारतीय नेतृत्व और व्यापारिक समुदाय के साथ उनकी ‘सार्थक चर्चा’ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से अब तक तीन बार श्रीलंका का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री की श्रीलंका की आखिरी यात्रा जून 2019, में ईस्टर संडे के हमलों के बाद एकजुटता व्यक्त करने के लिए हुई थी। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2015 में श्रीलंका का दौरा किया था, जो 1987 के बाद से भारत के किसी प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। पीएम मोदी मई 2017 में श्रीलंका द्वारा आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय वेसाक दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

रेलवे के नए नियम RAC यात्रियों को पैकेट बंद बेडरोल मिलेगा, जिसमें दो बेडशीट, एक कंबल, एक तकिया और तौलिया

भोपाल ट्रेनों के एसी कोच में आरएसी टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे ने रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट के नियमों में बदलाव कर इसको लागू कर दिया है। रेलवे के नए नियम के अनुसार अब ट्रेनों में आरएसी टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को एसी कोच में फुल बेडरोल की सुविधा रेल प्रशासन प्रदान करेगी। नए नियम से पहले तक होती थी ये परेशानी नए नियम से पहले तक आरएसी टिकट वाले यात्रियों को साइड लोअर बर्थ की आधी सीट पर यात्रा करनी पड़ती थी। किसी दूसरे व्यक्ति के साथ में सीट शेयर करनी होती थी। साथ ही एसी में आरएसी टिकट लेकर यात्रा करने वाले दो यात्री को मिला कर एक ही बेडरोल दिया जाता था। लेकिन अब यात्रियों को पूरी एक सीट, पूरे बेडरोल सेट के साथ मिलेगी। रेलवे के इस फैसले के बाद उन सभी यात्रियों को मदद मिलेगी, जो कि टिकट के लिए पैसा तो पूरा देते थे। मगर उनको आधी सीट ही मिलती थी। रेलवे के नए नियम के मुताबिक आरएसी यात्रियों को पैकेट बंद बेडरोल मुहैया कराएगा, जिसमें यात्रियों को दो बेडशीट, एक कंबल, एक तकिया और तौलिया शामिल होगा। पैसा पूरा, फिर भी आधी सुविधा: RAC टिकट वाले यात्री पूरे किराए का भुगतान करते हैं लेकिन उन्हें साइड लोअर बर्थ की आधी सीट पर सफर करना पड़ता है. हालांकि, अब इन यात्रियों को कंफर्म टिकट धारकों की तरह बेडरोल की सुविधा मिलेगी. कोच अटेंडेंट बर्थ पर पहुंचते ही बेडरोल उपलब्ध कराएगा. क्या कहते है अधिकारी: जागरण.कॉम के हवाले से जनसंपर्क अधिकारी (वाराणसी) अशोक कुमार ने बताया कि, “आरएसी यात्रियों को कंफर्म टिकट वालों की तरह सुविधा मिलेगी. कोच अटेंडेंट बर्थ पर पहुंचते ही बेडरोल उपलब्ध कराएगा. यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और संतोष के लिए लागू की गई है.” अब मिलेगी ये सुविधाएं: अब प्रत्येक RAC यात्री को एक पैकेट बंद बेडरोल प्रदान किया जाएगा, जिसमें बेडशीट, पिलो, ब्लैंकेट, और तोलिया शामिल होंगे.     आरएसी यात्रियों को पूरी सुविधा: अब आरएसी (RAC) टिकट पर सफर करने वाले दोनों यात्रियों को अलग-अलग बेडरोल दिए जाएंगे, जिससे असुविधा और कहासुनी खत्म होगी.     ठंड से राहत: एसी कोच में ठंड से बचने के लिए पैकेट में शामिल सभी सामान (बेडशीट, पिलो, ब्लैंकेट, और तोलिया) मिलेगा.     कंफर्म टिकट के बराबर सेवा: आरएसी यात्री भी अब कंफर्म टिकट धारकों की तरह सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. रेलवे को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर RAC यात्री तक बेडरोल सही समय पर पहुंचे, ताकि यह सुविधा सुचारू रूप से लागू हो सके. ह कदम आरएसी यात्रियों के अधिकारों और उनकी यात्रा को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही महिला अपने साथी पर रेप के आरोप नहीं लगा सकती क्योंकि यह सहमति से बना संबंध

नई दिल्ली  दो बालिगों में प्रेम संबंध। प्यार परवान चढ़ा। पुरुष बैंक अधिकारी तो महिला लेक्चरर। दोनों दो-चार नहीं, बल्कि 15-16 साल तक प्रेम संबंध में रहे। तमाम बार शारीरिक संबंध बनाए। फिर महिला ने एक दिन पुरुष पर शादी का झांसा देकर रेप का केस दर्ज करा दिया। आखिरकार, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुरुष के खिलाफ चल रहे आपराधिक केस को रद्द करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह यकीन करना मुश्किल है कोई महिला शादी के झूठे वादे पर यकीन करके किसी से 16 साल तक संबंध बनाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामला सहमति से संबंध या लिव-इन रिलेशनशिप का है जो बिगड़ गया तो रेप का केस दर्ज करा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई महिला लंबे समय से लिव-इन में रह रही है, तो वो अपने पार्टनर पर सिर्फ शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप नहीं लगा सकती। क्योंकि इतने लंबे समय बाद ये साबित करना मुश्किल है कि संबंध सिर्फ शादी के वादे के कारण ही बने थे। एक बैंक अफसर पर रेप का आरोप लगा था। उसकी लिव-इन पार्टनर, जो एक लेक्चरर हैं, ने कहा कि वो 16 साल तक उससे शादी के वादे के भरोसे संबंध बनाती रही। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने महिला की दलील नहीं मानी और बैंक अफसर के खिलाफ केस खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों पढ़े-लिखे हैं और ये रिश्ता उनकी मर्जी से था। दोनों अलग-अलग शहरों में पोस्टिंग के दौरान भी एक-दूसरे के घर जाते थे। कोर्ट ने कहा कि ये एक प्रेम प्रसंग या लिव-इन रिलेशनशिप का मामला है जो बिगड़ गया। कोर्ट ने कहा, ‘यह विश्वास करना कठिन है कि शिकायतकर्ता लगभग 16 वर्षों की अवधि तक अपीलकर्ता की मांगों के आगे झुकती रही, बिना कभी कोई विरोध किए कि अपीलकर्ता शादी के झूठे वादे के बहाने उसका यौन शोषण कर रहा था। 16 वर्षों की लंबी अवधि, जिसके दौरान पार्टियों के बीच यौन संबंध निर्बाध रूप से जारी रहे, यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त है कि रिश्ते में कभी भी बल या छल का तत्व नहीं था।’ साफ शब्दों में कोर्ट को लगा कि 16 साल तक बिना किसी विरोध के संबंध बनाना, ये दिखाता है कि इसमें जबरदस्ती नहीं थी। कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे मामलों में भले ही मान लिया जाए कि झूठा वादा किया गया था, लेकिन इतने लंबे समय तक संबंध जारी रहने से महिला की दलील कमज़ोर हो जाती है। महिला का कहना था कि वो इस गलतफहमी में थी कि आरोपी उससे शादी करेगा, लेकिन 16 साल तक बिना किसी सवाल के संबंध जारी रखना, इस दलील को कमजोर बनाता है। कोर्ट ने कहा कि इतने समय तक चुप रहना समझ से परे है। यदि वाकई धोखा हुआ था, तो इतने सालों तक रिश्ते क्यों निभाए गए? ये एक बड़ा सवाल है।  

प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने के लिए अप्रैल से एक योजना लेकर आएगी: मुख्यमंत्री लालदुहोमा

आइजोल मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15,198.76 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें किसानों एवं छोटे उद्यमियों के लिए संचालित ‘बाना कैह’ योजना का वित्तीय आवंटन 75 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में अगले वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने के लिए अप्रैल से एक योजना लेकर आएगी। बजट में नया कर लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है। यह बजट 15,198.76 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्ष के 14,412.12 करोड़ रुपये से 5.4 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्रालय का भी प्रभार रखने वाले लालदुहोमा ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए 3,512.33 करोड़ रुपये के अनुदान की अनुपूरक मांगें भी पेश कीं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘बाना कैह’ योजना के लिए बजट में 350 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं, जो चालू वित्त वर्ष में निर्धारित 200 करोड़ रुपये से 75 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल सितंबर में शुरू की गई बाना कैह योजना का उद्देश्य उद्यमियों और किसानों की आर्थिक वृद्धि और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार कार्यक्रमों के जरिए वित्तीय सहायता और समर्थन देना है। इस योजना में राज्य सरकार ने प्रमुख फसलों- अदरक, हल्दी, मिजो मिर्च और झाड़ू के लिए समर्थन मूल्य पेश किए। लालदुहोमा ने कहा कि उनकी सरकार अगले वित्त वर्ष में किसानों से चार कृषि फसलों की खरीद जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अप्रैल से एक योजना शुरू करेगी जिसमें लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। लालदुहोमा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व प्राप्ति और पूंजीगत प्राप्ति के तहत अनुमानित कुल राशि 15,198.76 करोड़ रुपए है। इसके साथ राजस्व व्यय 12,540.20 रुपए रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने मिजोरम की विकास यात्रा को ‘विकसित भारत’ पहल के साथ जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि पेंशन लाभ समय पर वितरित किए जाएं, बिजली खरीद के बकाए का निपटान किया जाए, और मिजोरम स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य बिलों का 80 प्रतिशत निपटान किया जाए। क्षेत्रवार बजट आवंटन सामान्य सेवाएं: 14.95% की वृद्धि आर्थिक सेवाएं: 7.27% की वृद्धि पूंजीगत व्यय: 8.29% की वृद्धि सामाजिक सेवाएं: 4.4% की गिरावट मुख्य घोषणाएं और व्यय योजनाएं – कराधान आधुनिकीकरण: कर संग्रह बढ़ाने के लिए कराधान विभाग को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति द्वारा सुदृढ़ किया जाएगा। – खाद्य सब्सिडी का अनुकूलन: खर्चों को सुव्यवस्थित करने के लिए राशन चावल की खरीद में ₹20 करोड़ की कमी की जाएगी। – रेशम उद्योग को बढ़ावा: रेशम की कीमतों में प्रति किलोग्राम 16% की वृद्धि की जाएगी। – स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मिजोरम राज्य स्वास्थ्य योजना (एमएसएमएस ) के लिए ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹50 करोड़ की राशि आवंटित की जाएगी, ताकि अस्पतालों के बिलों का समय पर भुगतान और सुविधाओं का उन्नयन सुनिश्चित किया जा सके। 2025-26 के लिए मुख्य आवंटन – 350 करोड़ रुपये को हैंड-होल्डिंग योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 200 करोड़ से 75% अधिक है। – 500 करोड़ रुपये बिजली खरीद के लिए, पिछले वर्ष की तुलना में ₹50 करोड़ की वृद्धि, साथ ही 20 करोड़ रुपये बिजली ढांचे के विकास के लिए। – 100 करोड़ रुपये सड़क निर्माण और सुधार के लिए आवंटित किए गए हैं। – 55 करोड़ रुपए सड़क निधि बोर्ड के लिए, साथ ही सड़क रखरखाव सेस से ₹15 करोड़ अतिरिक्त। – 5 करोड़ रुपए अंतिम संस्कार खर्च के लिए निर्धारित किए गए हैं। – विधायक निधि अपरिवर्तित रखी गई है। यह बजट मिजोरम सरकार की वित्तीय विवेकशीलता, अवसंरचनात्मक विकास और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है, साथ ही ऋण कम करने और राजस्व संग्रह पर भी ध्यान केंद्रित करता है।

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