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पाक एयरफोर्स को चीन से मिलने जा रहा खतरनाक J-35 जेट, भारत की बढ़ी चिंता

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की वायु सेना चीन से 40 अत्याधुनिक J-35A लड़ाकू विमान खरीद सकती है। पाकिस्तानी एयरफोर्स को इन विमानों के आने से काफी ज्यादा ताकत मिलेगी और ये क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर फर्क डाल सकता है। पाकिस्तान के रिटायर्ड एयर कमोडोर जिया उल हक शमशी का कहना है कि पांचवीं पीढ़ी J-35 विमान पाक एयरफोर्स की ताकत भारत से कई गुना बढ़ा देगा। उनका कहना है कि अगले कम से कम 14-15 सालों तक भारतीय वायु सेना के पास ऐसा कोई विमान नहीं होगा। ऐसे में पाकिस्तान की एयरफोर्स भारत पर अच्छी खासी बढ़त बना लेगी। डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को चीन से ये खतरनाक एयरक्राफ्ट मिलने से क्षेत्रीय वायुशक्ति का परिदृश्य बदल सकता है। पाक एयरफोर्स ने पिछले साल J-35A स्टेल्थ फाइटर खरीदने का संकेत दिया था। चीन के शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने इस अत्याधुनिक जेट को बनाया है। पाकिस्तान ने जल्दी ही J-35A के पाकिस्तान वायु सेना का हिस्सा बनने की उम्मीद जताई है। चीन में ट्रेनिंग ले रहे पाक पायलट पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि उनकी एयरफोर्स के पायलट J-35A लड़ाकू विमान की ट्रेनिंग के लिए चीन में हैं। J-35A माइटी ड्रैगन J-20 के बाद चीन का दूसरा स्टेल्थ फाइटर है। J-20 केवल चीनी वायु सेना के लिए है, जबकि J-35A को दूसरे देशों को भी बेचा जा रहा है। पाकिस्तान की वायु सेना में पहले से ही चीन का J-10C और संयुक्त रूप से विकसित JF-17 शामिल है। पाक एयरफोर्स J-35A का अधिग्रहण अमेरिकी F-16 और फ्रांस के मिराज 5 विमानों के पुराने बेड़े को बदलने के लिए कर रही है। J-35A सिंगल सीट, जुड़वां-इंजन वाला, मीडियन आकार का स्टेल्थ फाइटर है। इस दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में गिना जा रहा है। चीन J-35A को अमेरिकी F-35B और F-35C वेरिएंट के सीधे प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित कर रहा है। भारत की बढ़ेगी चिंता पाकिस्तान को अत्याधुनिक J-35 मिलता है तो ये भारत की चिंता बढ़ा सकता है। भारत की एयरफोर्स काफी समय से लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। इंडियन एयरफोर्स फिलहाल सुखोई Su-30MKI और राफेल जैसे 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर निर्भर है। भारत को चीन और पाकिस्तान से चुनौती मिलती रही है। चीनी वायु सेना पहले से ही J-20 संचालित करती है। पाकिस्तान को अभी अगर J-35A मिलता है तो भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने के अपने प्रयासों में तेजी लाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा- समावेशी विकास सुनिश्चित करना है बजट का लक्ष्य

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2025-26 पर लोकसभा में हुई आम चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने पश्चिम एशिया से लेकर यूक्रेन तक जारी युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी अनिश्चितताओं के वातावरण में तैयार इस बजट में ‘ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ को ‘विकसित भारत’ बनाने की चुनौतियों को साधने की कोशिश की गई है। बजट का उद्देश्य समावेशी विकास के साथ ही अन्नदाता, गरीब, नारी और युवाओं पर फोकस करना था। निर्मला सीतारमण ने कहा, “यह बजट ऐसे समय में आया है जब काफी अनिश्चितताएं हैं और वैश्विक आर्थिक परिवेश में बदलाव ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इसलिए यदि ऐसी चुनौतियां हैं, जिनके कारण बजट तैयार करना और भी अधिक अनिश्चितताओं वाला हो गया है, तो मुझे कम से कम सदन के समक्ष यह बात रखनी होगी कि ऐसे मुद्दे हैं जो वैश्विक चिंता का विषय हैं और जिनका हमारे बजट निर्माण पर भी प्रभाव पड़ता है।” सीतारमण ने कहा, “बजट राष्ट्रीय विकास आवश्यकताओं को राजकोषीय प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है। सरकार पूंजीगत व्यय के लिए 99 प्रतिशत उधार का उपयोग कर रही है, जो सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत है।” वित्त मंत्री ने बजट के चार मुख्य लक्ष्य बताए जिनमें जीडीपी विकास में तेजी लाना, समावेशी विकास सुनिश्चित करना, निजी क्षेत्र के निवेश को एकीकृत करना और घरेलू निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। सीतारमण ने आगे कहा कि बजट का फोकस गरीबों, युवाओं, अन्नदाता और महिलाओं पर है। इसका उद्देश्य कृषि, एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और सुधारों को सामने लाना है, जो विकास और ग्रामीण समृद्धि और लचीलेपन के साथ-साथ विकास के इंजन के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में वैश्विक संघर्ष जारी है, रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है, वैश्विक जीडीपी में स्थिरता और उभरते बाजारों में स्थिर मुद्रास्फीति सभी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में माहौल को खराब कर रहे हैं। हमारे पास आदर्श रूप से ऐसी स्थिति है जो मुक्त व्यापार को प्रोत्साहित करे, हम कोई प्रतिबंध नहीं देख रहे हैं, हम वैश्वीकरण के लिए बहुत दृढ़ता से वचनबद्ध हैं।

पीएम मोदी ने एस्टोनियाई राष्ट्रपति से एआई समिट में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर की चर्चा

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस ने मंगलवार को पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। अपनी पहली बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और एस्टोनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बहुलवाद के मूल्यों के प्रति दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, आईटी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एस्टोनियाई सरकार और कंपनियों को ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। बयान में विस्तार से बताया गया, “दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।” प्रधानमंत्री मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और लोगों के बीच रिश्तों पर संतोष व्यक्त किया। पीएमओ ने कहा, “इस संबंध में प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया में योग की लोकप्रियता की सराहना की।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…” प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- फिलहाल EVM से कोई डेटा डिलीट न करें और ना ही रीलोड करें

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ईवीएम के सत्यापन के संबंध में नीति बनाने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिका में चुनाव आयोग को ईवीएम की मेमोरी/माइक्रोकंट्रोलर की जांच और सत्यापन के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) से जवाब मांगा है और आदेश दिया है कि फिलहाल EVM से कोई डेटा डिलीट न करें और ना ही कोई डेटा रीलोड करें. दरअसल, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा कोर्ट में ईवीएम के सत्यापन को लेकर याचिका दायर की गई थी. इस पर मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि हम नहीं चाहते कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो, हम चाहते हैं कि शायद इंजीनियर यह बता सके कि कोई छेड़छाड़ हुई है या नहीं. हमारी परेशानी यह है कि हमने इसे सही तरीके से नहीं बताया. इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि जिस तरह से आप चाहते हैं, हम उसे पूरा करेंगे. कोर्ट ने आदेश दिया कि वे (ईसीआई) इसे लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. आप में से कौन सही है, हमें नहीं पता. हम सिर्फ पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर 15 दिनों में जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि हम करण सिंह दलाल और एमए 40/2025 की याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हैं. हम विस्तृत प्रक्रिया भी नहीं चाहते. हम चाहते हैं कि आप आएं और प्रमाणित करें कि देखिए यह किया जा रहा है. डेटा को मिटाएं या फिर से लोड ना करें. आप बस यही करेंगे कि कोई आकर प्रमाणित करेगा. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई हारने वाला उम्मीदवार स्पष्टीकारण चाहता है तो इस पर इंजीनियर ही स्पष्टीकरण दे सकता है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है या नहीं. हम चाहते हैं कि अगर किसी को कोई संदेह है तो वो दूर हो. यह विरोधात्मक नहीं है. कई बार धारणाएं अलग-अलग होती हैं, जो हम बताना चाहते हैं, वह हम नहीं बता पाते. हम नहीं चाहते हैं कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो, हम चाहते हैं कि शायद इंजीनियरिंग यह बता सके कि कोई छेड़छाड़ हुई है या नहीं. आप में से कौन सही है, हमें नहीं पता. हम सिर्फ पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान एडीआर की ओर से पेश हुए एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा, “हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार चुनाव आयोग को जो प्रक्रिया अपनानी है, वह उनके मानक संचालन प्रोटोकॉल के अनुरूप हो. हम चाहते हैं कि कोई व्यक्ति ईवीएम के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की जांच करे, ताकि यह पता चल सके कि सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है या नहीं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपने पहले के आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा, “हम नहीं चाहते थे कि मतगणना तक कोई गड़बड़ी हो (पहले के आदेश के माध्यम से) साथ ही, हम यह भी देखना चाहते थे कि क्या किसी को कोई संदेह है. हम नहीं चाहते थे कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जाए, हम चाहते थे कि शायद इंजीनियरिंग यह बता सके कि क्या कोई छेड़छाड़ हुई है.”

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट के दौरान 3 जवान घायल, दो के इलाज के दौरान मौत

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट में जो जवान शहीद हो गए, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे जम्मू जिले के खौर थाने के अंतर्गत केरी बट्टल क्षेत्र में LoC के पास आईईडी ब्लास्ट हुआ. इसमें 3 जवान घायल हो गए, जिन्हें सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से 2 की इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के करीब सेना का दल गश्त कर रहा था. इसी दौरान आतंकवादियों ने आईईडी ब्लास्ट किया. इसकी चपेट में तीन सैनिक आ गए. सूचना मिलते ही मौके पर अतिरिक्त सेना बल पहुंचा और घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचाकर आतंकियों के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट के कारण हुआ, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे संदिग्ध आतंकवादियों ने लगाया था. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सड़क हादसे में 2 की मौत, एक घायल बता दें कि इससे एक दिन पहले ही सोमवार को राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी में सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. जवान नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में अग्रिम चौकी पर तैनात था, तभी उसे गोली लग गई और उसे तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि गोलीबारी दोपहर करीब 2.40 बजे नियंत्रण रेखा के पार से आई थी. इससे पहले 8 फरवरी को केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार एक जंगल से सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी, जो इस तरफ घुसने के मौके की तलाश में थे. भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई में कुछ राउंड फायरिंग की थी और इसके बाद इलाके में कड़ी निगरानी रखने के लिए घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया था. LoC के पास मिला था हथियारों का जखीरा कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास करनाह इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सोमवार को हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया. अधिकारियों ने बताया कि सेना और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके में हथियार और गोला-बारूद की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद करनाह तहसील के बड़ी मोहल्ला अमरोही में तलाशी अभियान चलाया. तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक एके 47 राइफल, एक एके मैगजीन, एक सैगा एमके राइफल, एक सैगा एमके मैगजीन और 12 राउंड बरामद किए.

ओपनएआई के सीईओ, सैम ऑल्टमैन ने कहा, भारत एआई का एक बड़ा बाजार है

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उद्योगों और ग्लोबल टेक्नोलॉजी लैंडस्केप को फिर से परिभाषित कर रहा है। साथ ही भारत इस क्रांति में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। यह बयान पेरिस में चल रही एआई एक्शन समिट में ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स द्वारा दिए गए। एआई एक्शन समिट का तीसरा संस्करण एआई गवर्नेंस के लेकर वैश्विक संवादों की सीरीज में लेटेस्ट है और इसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी एआई क्षेत्र में भारत की बढ़ती हुई क्षमता से अवगत हैं। ओपनएआई के सीईओ, सैम ऑल्टमैन ने कहा, “भारत एआई का एक बड़ा बाजार है। साथ ही हमारी कंपनी के लिए दूसरी सबसे बड़ी मार्केट है। बीते एक वर्ष में यहां हमारे यूजर्स की संख्या तीन गुना बढ़ी है।” उन्होंने आगे कहा, “भारत के लोग स्टैक, चिप, मॉडल और कई असाधारण एप्लीकेशन बना रहे हैं। एआई क्रांति में भारत को एक लीडर के रूप में उभरना चाहिए।” गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई के क्षेत्र में भारत में फ्रंट से नेतृत्व करने की क्षमता है। ग्लोबल टेक लीडर्स ने बताया कि अच्छा टैलेंट पूल और एआई टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने के कारण भारत एआई इनोवेशन, विकास और उसे लागू करने में तेजी से आगे बढ़ने को तैयार है। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने कहा, “भारत इंडिक भाषाओं के क्षेत्र में और एआई का उपयोग करके अपने उद्योगों में बदलाव ला सकता है।” साथ ही कहा, “देश में एआई के क्षेत्र में बड़ा काम करने के लिए गणित प्रतिभा, शैक्षणिक संस्थान और अनुसंधान संस्थान हैं।” एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भारत से “अपनी खुद की एआई का निर्माण करने” का आग्रह किया। हुआंग ने कहा कि देश में अगली पीढ़ी “एआई डिलीवरी के लिए बैक-ऑफिस होगी।” आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा के अनुसार, “भारत में विशाल जनसंख्या और डेटा वेल्थ एआई परिदृश्य में एक अद्वितीय लाभ बनाने में मदद करेगी।” बॉश टेक कंपास सर्वे 2025 के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक भारतीयों ने एआई-संबंधित स्किल में सक्रिय रूप से स्व-शिक्षा प्राप्त की है। एमेरिटस ग्लोबल वर्कप्लेस स्किल्स स्टडी 2025 के मुताबिक, भारत की एआई अपनाने की दर विश्व स्तर पर सबसे अधिक है, पेशेवर करियर की सफलता के लिए एआई स्किल को प्राथमिकता दे रहे हैं। लगभग 94 प्रतिशत भारतीय पेशेवरों का मानना ​​है कि एआई स्किल में महारत हासिल करने से उनके करियर के विकास में तेजी आएगी। एएमडी की सीईओ लिसा सु ने कहा कि एएमडी के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण है और हमारी उत्पाद लाइन का हर पहलू यहां भारत में हमारे डिजाइन सेंटर से होकर गुजरता है। सु ने आगे कहा कि भारत को एक आवश्यक विकास केंद्र माना जाता है। अमेरिका के बाद एएमडी की सबसे बड़ी अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) सुविधा बेंगलुरु में है।

देश में मछली उत्पादन मोदी सरकार बनने के बाद 126 प्रतिशत बढ़ा: राजीव रंजन

नई दिल्ली केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में मछली उत्पादन 126 प्रतिशत बढ़ा है। राजीव रंजन ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद देश में मछली उत्पादन 126 प्रतिशत बढ़ा है। भारत मछली के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में 95.7 लाख टन मछली का उत्पादन था, जो 2023-24 में 184.02 लाख टन उत्पादन हो गया है। अंतरदेशीय मछली उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। अंतरदेशीय मछली उत्पादन 2013-14 में 61.36 लाख टन था जो 2023-24 में 139.07 लाख टन हो गया है। उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि तीन महीने तक मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान उत्पादन नहीं होने के कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रति माह 4500 रुपये देने का प्रावधान है। इसके वितरण में कुछ कठिनाई इसलिए आती है, क्योंकि इसमें 1500 रुपया राज्य की हिस्सेदारी होती है और 1500 लाभार्थी स्वयं देता है। इनके शेयर राशि समय पर नहीं आने के कारण इनके वितरण में कुछ दिक्कतें आई है, जिसे दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में 2005 के बाद मछली उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई है। उऩ्होंने कहा कि पहले कुल उत्पादन की दस फीसदी मछली बाजार में आती थी, लेकिन अब उत्पादन की 90 प्रतिशत मछली बाजार में आती है। राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए सरकार का एक दिशानिर्देश है। इस योजना के तहत राज्य सरकार से जो प्रस्ताव आता है और वह अगर दिशा निर्देश के अनुसार होता है, तब उस पर कार्रवाई जाती है। मोदी सरकार किसी भी राज्य को छोड़कर चलने वाली सरकार नहीं है। यह सभी को साथ लेकर चलने वाली सरकार है। सभी राज्य विकसित होंगे, तभी विकसित भारत बनेगा।  

मंत्री नड्डा ने कहा- ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं होने की धारणा गलत

नई दिल्ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मौजूद नहीं होने की धारणा गलत है। श्री नड्डा ने राज्यसभा के प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कोरोना के दौरान सभी नागरिकों को कोविड के टीके लगाये गये हैं, जो इसका सबूत है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता देश के प्रत्येक कोने में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में शिशु मृत्यु दर और जच्चा बच्चा मृत्यु दर में भारी कमी आयी है। नौ करोड़ से ज्यादा माता बहनों की कैंसर जांच की गयी है। दो वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य टीके लगाये जा रहे हैं। यह इसलिए संभव हो पा रहा है कि चिकित्सा कर्मी प्रत्येक व्यक्ति तक पहु्ंच रहे है। उन्होंने कहा कि आरोग्य मंदिरों और टेली मेडिसिन के माध्यम से देश के दूर दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं माैजूद नहीं है। आयुष मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने कहा कि आयुर्वेद औषधि की निर्माण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाती है। इसके लिए एक समर्पित संस्थान है। उन्हाेंने कहा कि देश में आयुर्वेद औषधि का प्रयोग परंपरागत रूप से होता है। इसके लिए किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयुर्वेद औषधि के बारे में जानकारी है। श्री जाधव ने कहा कि ई – संजीवनी पोर्टल विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध हैं और अनुरोध मिलने पर इसमें अन्य भाषाएं भी जोड़ी जा सकती है। एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री नड्डा ने कहा कि ई – संजीवनी सस्ता और सरल है तथा दूर दराज के क्षेत्रों में बहुत प्रभावी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत से जुड़े आभा कार्ड में कोई भी व्यक्ति अपना चिकित्सा ब्याेरा रख सकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि देश में चिकित्सकों की जरुरत है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं।  

जगदीप धनखड़ ने सरकार को दिया निर्देश, 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है

नई दिल्ली राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है और ऐसी प्रतियों की बिक्री या प्रचार प्रसार नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें ये कृतियां नहीं हो। श्री धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राधा मोहन अग्रवाल की ओर से इस मुद्दे को उठाये जाने पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच कहा कि संसद द्वारा संशोधन के बगैर संविधान में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है और इस तरह के बदलाव करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कृतियां पांच हजार वर्ष की हमारी गौरवशाली संस्कृति के प्रतीक हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने संविधान पर हस्ताक्षर कर इन कृतियों को स्वीकृत किया था और इसके बगैर संविधान का प्रकाशन या प्रसारण दोनों गंभीर मुद्दा है। सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और बगैर इन कृतियों के बाजार में बिक रही संविधान की प्रतियों पर रोक लगायी जानी चाहिए और ऑनलाइन में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभापति ने कहा कि संविधान के एक-एक अध्याय के साथ एक-एक कृति है, जो संबंधित अध्याय के महत्व को दर्शाती हैं, इसलिए इसमें कोई भी बदलाव संसद की मंजूरी के बगैर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन 22 कृतियों के बगैर संविधान की कोई भी प्रति नहीं होनी चाहिए। श्री धनखड़ ने कहा कि इन 22 कृतियों के संविधान में होने तथा इस मुद्दे को आज सदन में उठाये जाने के सकारात्मक नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी वजह से संविधान की मूल प्रति में किसी तरह के बदलाव को तत्काल संज्ञान में लाया जाना चाहिए और इसमें तत्काल सुधार किया जाना चाहिए। श्री अग्रवाल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारतीय संविधान के साथ असंवैधानिक तरीके से खिलवाड़ किया गया है, क्योंकि बाजार में मूल प्रति नहीं मिलती है। आज बच्चों को जो संविधान पढ़ाया जा रहा है, उसमें से मूल प्रति में उपलब्ध 22 कृतियों को असंवैधानिक तरीके से हटा दिया गया। संविधान संशोधन की प्रक्रिया है लेकिन बगैर किसी संशोधन के 26 जनवरी 1949 को हस्ताक्षरित संविधान में से किसी भी कृति को नहीं हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्री नंदलाल बोस जी को संविधान सभा ने इन कृतियों को बनाने के लिए मनोनीत किया था और उन्होंने कुल 22 कृतियां बनायी थी, जिसमें सिन्धुघाटी सभ्यता से लेकर संविधान निर्माण तक के काल के जुड़ी कृतियां है, जिसमें भगवान श्रीराम के श्रीलंका से लौटते समय की कृति भी है। इसमें महाभारत के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश वाली कृति भी है। इसमें महावीर,सम्राट विक्रमादित्य के साथ ही गांधी जी, लक्ष्मीबाई, हिमालय, समुद्र, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फोटो भी है, जिसे संसद की मंजूरी के बगैर हटा दिया गया है। इस पर कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे। इसी दौरान श्री धनखड़ ने सरकार को निर्देश दिये। इसके बाद सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने के लिए कहा। श्री खरगे ने कहा कि इसको अनावश्यक उठाकर मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। बाबा साहेब ने इस संविधान को बनाया और अब इस मुद्दे से इसको विवाद में लाया जा रहा है। जब संविधान लागू हुआ था तब से इसमें बगैर संसद की मंजूरी के कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस मुद्दे के माध्यम से बाबा साहेब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे से विपक्ष विशेषकर कांग्रेस को बहुत तकलीफ हो रही है क्योंकि संविधान के इस महत्वपूर्ण अंश से देशवासियों विशेषकर युवाओं को वंचित रखना इनका एजेंडा है। इनका एजेंडा देश की गौरवमय संस्कृति से लोगों को वंचित रखना रहा है, इसलिये इनको तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रवाद के मायने अलग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने और उसका लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष के नेता ने बाबा साहेब को बदनाम करने का आरोप लगाया है जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने संविधान की मूल प्रति को सदन में दिखाते हुये कहा कि इसमें ये 22 कृतियां है और अब बगैर इन कृतियाें वाली प्रतियां उपलब्ध नहीं होंगी। इस पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उनके आईपैड में संविधान की प्रति है, जिसमें एक भी कृति नहीं है। इस पर श्री धनखड़ ने कहा कि ऑनलाइन में भी बगैर इन कृतियों के संविधान का प्रचारण नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए भी त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।  

तेजस के राह की बड़ी बाधा दूर! वायु सेना को जल्द मिलेगी 83 विमानों की खेप: HAL

बेंगलुरु  भारतीय वायु सेना को मिलने वाले 83 स्वदेशी लड़ाकू विमान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जीई से मिलने वाले इंजन 404 की आपूर्ति पर सहमति बन गयी है और पहला इंजन इस वर्ष मार्च में तथा इस वर्ष के अंत तक कुल 12 इंजन मिल जायेंगे। तेजस का निर्माण करने वाली हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने कहा है कि इंजन 404 के साथ साथ तेजस मार्क वन के लिए इंजन 414 की आपूर्ति सुचारू होने पर वह 2031-32 तक सभी 180 तेजस विमानों की आपूर्ति कर देगी। एचएएल के मुख्य प्रबंध निदेशक डी के सुनील ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा कि जीई के साथ शीर्ष स्तर पर बातचीत हुई है और इंजन 404 की आपूर्ति पर सहमति बन गयी है। उन्होंने कहा कि पहला इंजन इस वर्ष मार्च में और बाकी 11 इस वर्ष के अंत तक मिल जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तेजस मार्क वन के इंजन 414 को लेकर पिछले सप्ताह एचएएल की बोस्टन में जीई के साथ बात हुई है। एचएएल ने जीई से कहा है कि वह पहले इंजन के लिए 80 प्रतिशत प्रौद्योगिकी हंस्तांतरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और उसके बाद इसकी कीमत पर बात की जायेगी। उन्होंने कहा कि हमने अपने सभी बिन्दुओं से जीई को अवगत करा दिया है और अब उनके जवाब का इंतजार है। दुर्घटना के बाद से ग्राउंडेड यानी उड़ान नहीं भर रहे हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एएलएच) के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच में पता चला है कि उसकी स्वाश प्लेट टूट गयी थी। अभी दुर्घटना के कारणों की जांच में तीन सप्ताह का समय और लगेगा इसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी तथा इसकी उड़ान शुरू करने के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इतना तय है कि हेलिकॉप्टर के डिजाइन में किसी तरह की खामी नहीं है। उन्होंने कहा कि पायलटों के प्रशिक्षण से संबंधित पहलू पर भी ध्यान दिया जायेगा। उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान एमका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसका काम तेजी से हो रहा है और इसका प्राेटोटाइप तीन वर्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हो जायेगा। श्री सुनील ने कहा कि एचएएल प्रौदयोगिकी और अनुसंधान पर बड़ा निवेश कर रही है और उसका लक्ष्य अब निर्यात बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनेक देशों के साथ विभिन्न स्तर पर बातचीत चल रही है। इसके लिए एचएएल विदेशों में अपने कार्यालय खोलने की दिशा में भी काम कर रही है।

41 साल पहले कांग्रेस के एक नेता पर हमला करने के आरोप में रिटायर्ड DGP को 3 महीने की मिली जेल

भुज गुजरात की एक अदालत ने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कुलदीप शर्मा को  3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। उन्हें 41 साल पहले कच्छ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रहते हुए कांग्रेस के एक नेता पर हमला करने और गलत तरीके से उन्हें बंधक बनाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। भुज के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी.एम. प्रजापति की अदालत ने मामले में पूर्व पुलिस निरीक्षक गिरीश वासवदा को भी दोषी ठहराया और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील आरएस गढ़वी ने कहा, “कुलदीप शर्मा और वासवदा दोनों को आज आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने उन्हें तीन महीने की कैद और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।” यह मामला 1984 का है, जब कांग्रेस नेता इब्राहिम मंधारा, जिन्हें इभाला सेठ के नाम से जाना जाता था पर एसपी ऑफिस में कुलदीप शर्मा और कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों ने हमला किया था। इब्राहिम मंधारा का अब निधन हो चुका है। शंकर जोशी नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, शहर में दर्ज एक मामले पर चर्चा के लिए कच्छ के नलिया शहर से शिकायतकर्ता इब्राहिम और स्थानीय विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल 6 मई, 1984 को भुज में एसपी कार्यालय में शर्मा से मिलने गया था। गढ़वी ने कहा कि वे नलिया में एक पुलिस अभियान के सिलसिले में (तत्कालीन) एसपी कुलदीप शर्मा से मिले और उनसे निर्दोष लोगों के बजाय अपराधियों को कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान तीखी बहस के बाद कुलदीप शर्मा इब्राहिम को दूसरे कमरे में ले गए और अपने साथी अधिकारियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। भुज कोर्ट में दर्ज शिकायत में शंकर जोशी ने 1976 बैच के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा, वासवदा और दो अन्य आरोपियों (जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है) के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत कार्रवाई की मांग की। इब्राहिम जिनकी 2020 में मृत्यु हो गई थी उनके बेटे इकबाल मंधारा ने फैसले के बाद भुज कोर्ट के बाहर मिठाई बांटी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि न्याय में देरी न्याय से इनकार के समान है, लेकिन 40 साल बाद सच्चाई की जीत हुई है। मेरे पिता ने न्याय के लिए अथक संघर्ष किया और आज का फैसला जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

हमास ने इजरायल के साथ-साथ अमेरिका, कतर और मिस्र को भी दी चेतावनी, टूटने वाला है संघर्षविराम?

जेरुसलम हमास ने गाजा से इजरायली बंधकों की रिहाई में देरी का ऐलान कर दिया है। हमास ने इजरायल के साथ-साथ अमेरिका, कतर और मिस्र को भी चेतावनी दी है। इसके बाद इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम को लेकर आशंका गहराने लगी है। करीब 16 महीने तक चले युद्ध के बाद यह संघर्षविराम हुआ था। हमास इजरायल के बंधकों को रिहा कर रहा है। लेकिन पिछले हफ्ते जो बंधक छूटकर आए हैं, उनमें तीन पुरुष बेहद कमजोर नजर आए। इस सीजफायर के दौरान ही गाजा के बंधकों की रिहाई होनी है। वहीं, इजरायल का कहना है कि आठ लोगों की मौत हो चुकी है। हमास से बंधकों की रिहाई अगले शनिवार को होने वाली है। परिवारों का कहना है कि जो लोग जिंदा हैं, उनके लिए यह समय बहुत कीमती है। सोमवार को हमास के ऐलान के बाद इजरायल इस बात का इंतजार कर रहा है कि मंगलवार को सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में क्या फैसला होगा। इन घटनाओं ने गाजा में नए डर को जन्म दिया है, जहां सैकड़ों हजारों विस्थापित फिलिस्तीनी युद्ध के पहले हफ्तों में निकाले जाने के बाद क्षेत्र के उत्तर में अपने घरों के बचे हुए हिस्सों की ओर बढ़ गए हैं। सीजफायर के छह सप्ताह के पहले चरण के आधे से अधिक समय में अनिश्चितता, उस कठिन चरण पर बातचीत को जटिल बनाती है जो एक हफ्ते पहले शुरू होने वाली थी। हुआ क्या है? हमास ने इजरायल पर आरोप लगाया कि उसने समझौते के अपने हिस्से को पूरा नहीं किया है। इसमें कहा गया है कि उसयने उत्तरी गाजा में फिलिस्तीनियों को लौटने की अनुमति नहीं दी। पूरे क्षेत्र में हमले किए और मदद को सुविधाजनक बनाने में विफल रहा। हमास ने कहा है कि अगली नोटिस तक बंधकों की रिहाई थमी रहेगी। हमास के इस रवैये को इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संघर्ष विराम समझौते का पूर्ण उल्लंघन बताया। साथ ही उन्होंने अपनी सेना को पूरी तरह से अलर्ट रहने के लिए कहा। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा तैनात किए गए बंधकों के समन्वयक ने कहाकि सरकार अपने हिस्से के समझौते को पूरा करने को तैयार है। इजरायल के लिए यह बात बाद में हमास ने एक बयान जारी कर कहाकि बंधकों की रिहाई पर लगी रोक इजरायल के लिए एक चेतावनी है। साथ ही उसने कहा कि अमेरिका, कतर और मिस्र के लिए इजरायल पर दबाव डालने के लिए पांच दिन का समय है। अगर इजरायल अपनी जिम्मेदारियों का पालन करता है तो बंधकों की रिहाई योजना के मुताबिक चलाने के लिए दरवाजा खुला है।

एआई पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और यहां तक ​​कि हमारे समाज को नया रूप दे रहा है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस के ग्रैंड पैलेस में एआई एक्शन समिट को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने और मुझे इसकी सह-अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित करने के लिए अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रोन का आभारी हूं। एआई पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और यहां तक ​​कि हमारे समाज को नया रूप दे रहा है। एआई इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई से करोड़ों लोगों की बदल सकती है जिंदगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “एआई अभूतपूर्व पैमाने और गति से विकसित हो रहा है और इसे और भी तेजी से अपनाया और लागू किया जा रहा है। सीमाओं के पार भी गहरी निर्भरता है। इसलिए, शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है जो हमारे साझा मूल्यों को अपलोड करते हैं, जोखिमों को संबोधित करते हैं और विश्वास का निर्माण करते हैं। लेकिन शासन केवल दरार और प्रतिद्वंद्विता को प्रबंधित करने के बारे में नहीं है। यह नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक भलाई के लिए इसे लागू करने के बारे में भी है। इसलिए हमें नवाचार और शासन के बारे में गहराई से सोचना चाहिए और खुलकर चर्चा करनी चाहिए।”   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं एक सरल प्रयोग से शुरुआत करता हूं। यदि आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट एआई ऐप पर अपलोड करते हैं, तो यह सरल भाषा में, बिना किसी शब्दजाल के, आपके स्वास्थ्य के लिए इसका क्या मतलब है, समझा सकता है। लेकिन यदि आप उसी ऐप से किसी व्यक्ति का बाएं हाथ से लिखते हुए चित्र बनाने को कहते हैं, तो ऐप सबसे अधिक संभावना किसी व्यक्ति को उसके दाएं हाथ से लिखते हुए दिखाएगा।” पेरिस में AI एक्शन समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। यह वह जगह है जहां क्षमताओं की सबसे ज़्यादा कमी है, चाहे वह शक्ति हो, प्रतिभा हो या वित्तीय संसाधनों के लिए डेटा। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत कुछ बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। यह एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें सतत विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज़ हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डेटा सेट बनाना होगा।”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- विदेश में व्यापार पाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का मुकदमा ना चलाया जाए

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट 1977 को खत्म करने का आदेश दे दिया है। उन्होंने आधी रात यह आदेश जारी किया है। ट्रंप के इस फैसले से भारत के दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी को बड़ी राहत मिलने जा रही है। इसी कानून के तहत उनके खिलाफ जांच की जा रही थी। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश में कहा है कि विदेश में व्यापार पाने के लिए विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने का मुकदमा ना चलाया जाए। ऐसे में गौतम अडानी के खिलाफ केस ही खत्म हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप इस कानून को अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी खत्म करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इस कानून के चलते दुनिया हमारा मजाक बनाती है। यह कानून अमेरिकी कंपनियों को व्यापार में विस्तार करने से रोकता है और उन्हें कमजोर कर देता है। प्रतिस्पर्धा के इस युग में इस तरह के कानून का कोई काम नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल को आदेश देते हुए कहा है कि नए नियमों के तहत अब इस तरह के मामलों पर नजर रखी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इस आदेश पर रिपोर्टर्स के सामने ही साइन किए। 2024 में जस्टिस डिपार्टमेंट और सिक्योरिटीज ऐंड एक्सचेंज कमीशन ने एफसीपीए से संबंधित 26 मामले दर्ज किए थे। इसके तहत 31 कंपनियों पर शिकंजा कसा गया था। अब इन सभी कंपनियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इसमें अडानी ग्रुप भी शामिल है। अडानी ग्रुप के खिलाफ क्यों हो रही थी जांच पिछले साल गौतम अडानी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपये के फ्रॉड के आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि अडानी की कंपनी ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के प्रोजेक्ट अवैध तरीके से हासिल कर लिए थे। इसके लिए सरकारी अधिकारियों को बड़ी रिश्वत दी गई। इसको लेकर न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप पत्र में कहा गया था कि अडानी ग्रुप ने सोलर एनर्जी का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए अधिकारियों को 2110 करोड़ की रिश्वत दी। वहीं फँड देने के लिए अमेरिकी निवेशकों से रकम जुटाई गई। इसे अमेरिका के कानून का उल्लंघन माना गया था। इस आरोप पत्र में एक ऑस्ट्रेलियाई और सात भारतीय थे। इसमें गौतम अडानी के भतीजे सागर अडानी, विनीत एस जैन, रणजीत गुप्ता, सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा और रूपेश अग्रवाल का नाम था। वहीं अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी गौतम अडानी का समर्थन करते हुए जस्टिस डिपार्टमेंट को पत्र लिखा था। उनका कहना था कि जो बाइडेन के प्रशासन में अडानी ग्रुप के खिलाफ जो कार्रवाई की गई है उसकी जांच होनी चाहिए।

वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा : राष्ट्रपति मैक्रों

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दो दिवसीय दौरे पर हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने एलिसी पैलेस में उनका जोरदार स्वागत किया. पीएम मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति मैक्रों ने डिनर की मेजबानी भी की. इस बीच आज पीएम मोदी AI Action Summit में हिस्सा लेंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के नेतृ्त्व में आज एआई समिट का आयोजन होगा. इस बार पीएम मोदी को एआई समिट की सह अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया गया है. लेकिन इस आयोजन की सह अध्यक्षता के लिए मोदी को ही क्यों आमंत्रित किया गया? राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह पीएम मोदी के साथ मिलकर टेक संप्रभुता को बढ़ावा देना चाहते हैं. वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा है. मैक्रों ने कहा कि हम दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि भारत और फ्रांस दो सशक्त देश हैं और हमारा संबंध बहुत घनिष्ठ हैं. हम अमेरिका और चीन के साथ काम करना चाहते हैं लेकिन किसी पर निर्भर नहीं होना चाहते. भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और यह हर साल दस लाख इंजीनियर प्रोड्यूस करता है जो कि संयुक्त रूप से यूरोप और अमेरिका से भी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से आत्मनिर्भरता चाहते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमें अलग-थलग रहना चाहते हैं. हमें ऐसे पार्टनर्स की जरूरत है जिन पर हम बिना किसी निर्भरता के भरोसा कर सकें. AI खतरा नहीं मददगार बनेगा मैक्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस दो अग्रणी देश हैं लेकिन एआई के मामले में अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. इनके बाद फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और जर्मनी है. इसलिए हम एआई पर मिलकर काम करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के सामने भी यही चुनौती है कि एआई मार्केट में अमेरिका की पकड़ है और चीन की कुछ कंपनियों की भी यहां सशक्त मौजूदगी है. ऐसे में पीएम मोदी चाहते हैं कि इस नई तकनीक से भारत को लाभ हो. राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत के साथ मिलकर हम टेक्नोलॉजी संप्रभुता विकसित करेंगे. हम यहां लोगों को ट्रेनिंग देंगे. हम भारत और फ्रांस में डेटा सेंटर तैयार करेंगे और हमारी भाषाओं में लैंग्वेज मॉडल तैयार करेंगे. हम अमेरिका या चीन के मॉडल पर निर्भरता नहीं चाहते. इस दिशा में ग्लोबल साउथ बड़ा बाजार होगा. भारत के साथ थर्ड फ्रंट बनाएंगे मैक्रों! राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि तकनीक की इस प्रतिस्पर्धा में भारत और फ्रांस मिलकर थर्ड फ्रंट का खाका तैयार कर सकते हैं ताकि अमेरिका और चीन को टक्कर दी जा सके. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एआई ही भविष्य है. इसलिए मैंने 2018 में इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी शुरू की थी. मैं चाहता हूं की हमारी भावी पीढ़ियां हमसे बेहतर एक बेहतर जिंदगी जी सके. बता दें कि पीएम मोदी का यह फ्रांस का सातवां दौरा है. वह आखिरी बार 2023 में फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इससे पहले यह समिट 2024 में दक्षिण कोरिया और 2023 में ब्रिटेन में हुआ था.  

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