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ऐक्शन मोड में डोनाल्ड ट्रंप- कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, चीन पर भी कसा शिकंजा

कनाडा मैक्सिको और चीन पर आज से अमेरिका टैरिफ लगाने जा रहा है। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। चीन से आयात होने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लागू होगा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि क्या इन उपायों में कोई छूट होगी। दरअसल, इन टैरिफ के चलते अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए सामान काफी महंगे हो सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में इन टैरिफ की घोषणा की थी। रिपब्लिकन नेता ट्रंप अवैध आव्रजन और फेंटेनाइल के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों की तस्करी को रोकने के लिए देशों से अधिक सहयोग सुनिश्चित करने के मद्देनजर टैरिफ लगाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि इसका मकसद डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘शनिवार से ये शुल्क लागू हो होंगे। ये वादे राष्ट्रपति की ओर से किए गए थे और अब इन्हें पूरा किया जा रहा है।’ तेल आयात के लिए छूट जारी रखने पर विचार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह कनाडा और मैक्सिको से तेल आयात के लिए छूट जारी रखने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, कैरोलिन लेविट ने कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के किसी भी संभावित कटौती के फैसले के बारे में साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि अगर ट्रंप टैरिफ लागू करते हैं तो कनाडा इसका उचित जवाब देने के लिए तैयार है। मगर, उन्होंने इस बारे में कुछ विस्तार से नहीं बताया। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शैनबॉम ने कहा कि टैरिफ लागू होने की स्थिति में मैक्सिको के पास अमेरिकी सरकार जो भी निर्णय लेती है उसके लिए प्लान ए, प्लान बी, प्लान सी है।

खाद्य तेलों और दलहन में भारत बनेगा आत्मनिर्भर ! बजट भाषण में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश को दलहन और खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए तुअर, उड़द, मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि धन धान्य कृषि योजना 100 कम उत्पादकता वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही कृषि कार्यक्रम 1.7 करोड़ किसानों की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कृषि योजना कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करेगी, जहां फसल की पैदावार कम होती है और जहां क्रेडिट पैरामीटर औसत से नीचे हैं। योजना के तहत किसानों को आधुनिक फसल टेक्नोलॉजी मुहैया करवाई जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 8वां बजट है और मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट भी है। संसद में बजट सत्र जारी है।केंद्र सरकार खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का एक मिशन शुरू करेगी. निर्मला सीतारमण ने बजट में इसका ऐलान किया है. इस बार बजट में ‘बढ़ते मध्यम वर्ग’ की खर्च करने की शक्ति को बढ़ाने पर फोकस किया गया है. ये हैं बजट के बड़े ऐलान     खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है     दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू किया जाएगा     केंद्रीय एजेंसियां अगले 4 सालों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी     प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम     कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, 1.7 करोड़ किसानों की मदद के लिए ऋण की उपलब्धता     योजना में फसल विविधीकरण को अपनाया जाएगा, कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाया जाएगा। इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी     एमएसएमई विकास का दूसरा इंजन है     एमएसएमई हमारे निर्यात का 45% हिस्सा है। एमएसएमई की वर्गीकरण सीमा बढ़ाई गई है ताकि उनकी वृद्धि को बढ़ावा मिले     सूक्ष्म उद्यमों के लिए, कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे   छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2025 टैक्स, पावर, अर्बन डेवलेपमेंट, माइनिंग, फाइनेंशियल सेक्टर और रेगुलेटरी पॉलिसी जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता देता है. निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू किया. पिछले चार बजट और एक अंतरिम बजट की तरह, ये बजट भी पेपरलेस होगा. बजट की प्रमुख बातें – भारतीय खिलौनों के लिए सपोर्ट स्कीम – किसान क्रेडिट की लिमिट पांच लाख रुपये. सस्ते ब्याज पर किसानों को पांच लाख का कर्ज. कपास किसानों को पांच साल का पैकेज. – असम में यूरिया प्लांट का गठन होगा. 12.7 लाख मीट्रिन टन की सालाना क्षमता वाला यूरिया प्लांट खुलेगा. – कृषि योजनाओं से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ. – कॉटन प्रोडक्टिविटी के लिए पांच साल का मिशन – बिहार के किसानों के लिए खास ऐलान. दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता का टारगेट. – मखाना किसानों के लिए बजट में ऐलान.  मखाना बोर्ड बनेगा. – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना चलाएंगे. 10 जिलों में योजना चलाई जाएगी. कम उपज वाले इलाकों में शुरू होगी योजना. – खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल के मिशन का ऐलान. – फल सब्जियों के लिए व्यापक प्रोग्राम का ऐलान. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपये हुई बजट 2025 में मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढा दी है. अब यह सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. बजट में सरकार ने किसानों को लेकर कई और बड़ी घोषणाएं भी की है. इनमें धन धान्य कृषि योजना,  कृषि कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों की मदद, कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करने के लिए कृषि योजना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है. इसके तहत दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू करेंगे. – केंद्रीय एजेंसियां ​​अगले 4 वर्षों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी. प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. बजट में सरकार ने बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तर्ज पर कृषि जिला कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे. फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, लोन की उपलब्धता से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी. यह योजना फसल विविधीकरण को अपनाएगी, फसल कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाएगी. इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी.

चीनी कंपनी ने कर्माचरियों के साथ किया घिनौना सलूक, टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें की सार्वजनिक

बीजिंग चीन की एक कंपनी ने कर्मचारियों के टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें सार्वजनिक कर दीं, जिससे विवाद खड़ा हो गया। कंपनी का कहना है कि कर्मचारी टॉयलेट में बहुत समय बिताते हैं, लेकिन इस कदम की आलोचना हो रही है। काम के दौरान टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की तस्वीरें लेकर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और अपमानित करने वाली चीनी कंपनी की कड़ी आलोचना हो रही है। ग्वांगडोंग प्रांत के शेनझेन में स्थित लिक्सुन डियानशेंग नामक कंपनी ने कर्मचारियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। विवाद बढ़ने पर कंपनी ने सफाई दी कि कुछ कर्मचारी काम के दौरान बहुत देर तक टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं और इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। 20 जनवरी को कंपनी ने कर्मचारियों के टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कीं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया और कंपनी की कड़ी आलोचना हुई। हालांकि, अपने कृत्य का बचाव करते हुए कंपनी ने कहा कि कुछ कर्मचारी लंबे समय तक टॉयलेट में रहते हैं और धूम्रपान, मोबाइल गेम खेलने जैसे कामों के लिए टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि जब दूसरे कर्मचारियों को टॉयलेट का इस्तेमाल करना होता है, तो ये कर्मचारी जगह खाली नहीं करते। हालांकि, टॉयलेट के दरवाजे के ऊपर से चुपके से तस्वीरें लेकर कंपनी के रिसेप्शन एरिया में प्रदर्शित करने का कृत्य किसी भी तरह से उचित नहीं है, यही आम राय है। सेलु लॉ फर्म के वकील शू सू ने कहा कि कंपनी का यह कदम कर्मचारियों की निजता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को कर्मचारियों की आलस्य पर नियंत्रण रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब चीनी कंपनियां कर्मचारियों पर नियंत्रण लगाने को लेकर खबरों में आई हैं। नवंबर 2021 में, चीन के प्रमुख इलेक्ट्रिकल अप्लायंस रिटेलर गोमी ने कर्मचारियों के इंटरनेट इस्तेमाल पर नज़र रखी और काम के दौरान गेम खेलने और ऑनलाइन चैट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसकी आलोचना हुई थी। इसके अलावा, 2022 में शेनझेन स्थित सैंगफोर टेक्नोलॉजीज ने अपने कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन नौकरी खोजने पर नज़र रखी और ऐसी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया, जो खबरों में रहा था।

अमेरिका : फिलाडेल्फिया में भीषण प्लेन क्रैश, उड़ान भरने के 30 सेकंड के अंदर ही घरों से जा टकराया विमान, हादसे का भयावह वीडियो

वॉशिंगटन अमेरिका के फिलाडेल्फिया में एक विमान हादसे का शिकार होकर कई घरों से टकराया है। शहर के अंदर हुए विमान हादसे में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। हादसे की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें विमान के गिरने के बाद आग का गोला दिखाई दे रहा है। कारें और घर जल रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघीय विमान प्रशासन (FAA) ने बताया कि यह एक छोटा लीयरजेट 55 कार्यकारी विमान था, जिसमें छह लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार, विमान उड़ान भरने के 30 सेकंड बाद ही हादसे का शिकार हो गया। आबादी वाले इलाके में गिरा विमान विमान शहर के घनी आबादी वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जहां पर दुकानें और व्यस्त सड़कें थीं। ये हादसा वॉशिंगटन डीसी में हुए प्लेन क्रैश के ठीक दो दिन बाद हुआ है, जिसमें 67 लोग मारे गए थे। एफएए ने बताया कि विमान ने पूर्वोत्तर फिलाडेल्फिया हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और यह मिसौरी के लिए जा रहा था। बयान में कहा गया है कि वह राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड के साथ मिलकर हादसे की जांच करेगा। अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने कहा कि विमान में कथित तौर पर छह लोग सवार थे। हताहतों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। संघीय विमानन प्रशासन ने बताया कि हादसा स्थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम 6:30 बजे हुआ। स्थानीय मीडिया ने बताया कि यह घटना उत्तर पूर्व फिलाडेल्फिया के रूजवेल्ट मॉल के पास हुई। हर तरफ बस आग ही आग सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में नॉर्थ ईस्ट फिलाडेल्फिया की सड़क पर विमान पर बिखरा है और भयंकर आग जलती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि शुरुआती विस्फोट के बाद कई जगहों पर आग लग गई। हादसे के तत्काल बाद आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंच गईं और आग बुझाने में जुट गईं। फिलाडेल्फिया इन्क्वायरर की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम एक घर और कई कारों में आग लग गई। हादसे के समय मौसम ठंडा और बारिश वाला था और दृश्यता कम थी। ये हादसा इसी सप्ताह वॉशिंगटन डीसी के आसमान में यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की टक्कर के बाद हुई है। वॉशिंगटन डीसी प्लेन क्रैश 2009 के बाद से अमेरिका का सबसे बड़ा विमान हादसा था, जिसमें 67 लोग मारे गए थे।

आज से नए नियम होंगे लागू, UPI ट्रांजेक्शन से लेकर LPG दाम में होंगे ये बड़े बदलाव

नई दिल्ली देश में आज केंद्रीय आम बजट होगा पेश, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में प्रस्तुत करेंगी। बजट को लेकर आम जनता और उद्योग जगत की नजरें टिकी हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ अहम बदलाव भी आज से लागू हो रहे हैं, जो हर घर और जेब पर असर डाल सकते हैं।   1. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। बीते कुछ महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई बदलाव हुए हैं, जबकि 14 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं। 1 फरवरी को नई दरें जारी होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है या फिर कीमतों में बढ़ोतरी संभव हो सकती है। 2. एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में संशोधन महाकुंभ 2025 के चलते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण हवाई किराए में उछाल देखा गया, जिसके बाद सरकार और DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा। 1 फरवरी से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हवाई ईंधन (ATF) के दामों में संशोधन करेंगी। बीते महीनों में ATF की कीमतों में कटौती की गई थी, और इस बार भी ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। यदि दाम घटते हैं तो हवाई यात्रा करना सस्ता हो सकता है, लेकिन बढ़ोतरी हुई तो यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। 3. UPI ट्रांजेक्शन के नियमों में बदलाव यूपीआई पेमेंट से जुड़ा एक नया नियम 1 फरवरी से लागू होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजैक्शन आईडी को स्टैंडर्डाइज्ड करने का फैसला लिया है। अब केवल अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर्स वाली आईडी से ही ट्रांजैक्शन होंगे। यदि किसी ऐप की ट्रांजैक्शन आईडी में स्पेशल कैरेक्टर्स होंगे, तो वह पेमेंट अमान्य कर दी जाएगी। इस बदलाव का असर Paytm, PhonePe, Google Pay सहित अन्य यूपीआई ऐप के उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा। 4. मारुति सुजुकी की कारें होंगी महंगी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने 1 फरवरी से अपनी कई कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने लागत बढ़ने के कारण कुछ मॉडल्स की कीमतों में 32,500 रुपये तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसमें ऑल्टो K10, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगन आर, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा, अर्टिगा, इग्निस, बलेनो, सियाज, XL6, फ्रोंक्स, इनविक्टो, जिम्नी और ग्रैंड विटारा शामिल हैं। अगर आप नई कार खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो इस बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है। 5. बैंकिंग नियमों में बदलाव कोटक महिंद्रा बैंक ने 1 फरवरी 2025 से अपने बैंकिंग नियमों में बदलाव करने की घोषणा की है। इसके तहत एटीएम ट्रांजेक्शन की फ्री लिमिट में कटौती की जा सकती है और कुछ अन्य सेवाओं पर शुल्क बढ़ाए जाने की संभावना है। यदि आप कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहक हैं, तो इन नए बदलावों का सीधा असर आपके बैंकिंग खर्चों पर पड़ेगा। निष्कर्ष: आज से देश में न सिर्फ बजट पेश होगा, बल्कि कई अहम बदलाव भी लागू हो रहे हैं। इनमें गैस सिलेंडर की कीमतें, हवाई ईंधन दरें, यूपीआई नियम, कारों के दाम और बैंकिंग सेवाओं में संशोधन शामिल हैं। इन बदलावों का असर हर व्यक्ति की जेब पर पड़ेगा, इसलिए पहले से तैयारी करना फायदेमंद रहेगा।  

मोदी सरकार की योजना 3 करोड़ महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’, जानिए क्या है; कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

नईदिल्ली लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए सरकार महिलाओं को फाइनेंशियली सपोर्ट करती है. सरकार की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की योजना में बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है. ये योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है. इस ग्रुप में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं. सेल्फ हेल्प ग्रुपों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं. लखपति दीदी योजना एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इसके जरिए देश की सभी दीदियों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है. ताकी वो खुद पैसे कमा सकें. लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। योजना के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है। यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है। जिसमें बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी जैसी महिलाएं शामिल हैं। लखपति दीदी योजना क्या है? यह एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जिसमें महिलाओं को तरह-तरह की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे खुद कमाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की शुरुआत लखपति दीदी योजना 15 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसका मकसद देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। योजना के लिए जरूरी शर्तें 1. योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। यदि वेरिफिकेशन के दौरान परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता पाया गया, तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। 2. यह योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम है। यदि परिवार की आय 3 लाख से ज्यादा है, तो वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन कैसे करें? 1. योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को पहले सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से एक बिजनेस प्लान बनाना होगा। 2. यह प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जहां अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। 3. अगर आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इन दो शर्तों को करना होगा पूरा लखपति दीदी योजना के लिए अप्लाई करने के लिए महिलाओं के लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन भी दी गई हैं. इस योजना में जो सबसे जरूरी शर्त है कि कोई भी महिला अगर इस योजना के लिए अप्लाई करती है तो उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए. अगर उस महिला के घर में वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी सदस्य सरकरी नौकरी वाला मिलता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. इसके अलावा इस योजना के लिए केवल वही महिला अप्लाई कर सकती है जिसकी फैमिली ईयरली इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है. 3 लाख रुपये से ज्यादा ईयरली इनकम वाली महिलाएं योजना का हिस्सा नहीं बन सकती हैं. ऐसे करें अप्लाई लखपति दीदी योजना में अप्लाई करने के लिए महिलाओं को एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. जब उनका बिजनेस प्लान बन जाएगा तो उस प्लान को सरकार को भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार के अधिकारी एप्लीकेशन को अच्छी तरह से रिव्यू करेंगे. अगर एप्लीकेशन एक्सेप्ट हो जाता है तो योजना का बेनिफिट दिया जाएगा. इसके साथ 5 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. क्या है पात्रता? अगर आप भी लखपति दीदी बनना चाहता हैं और योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो पहले जान लें कि इसके लिए एलिजिबिलीटी क्या होगी। योजना का फायदा वहीं महिलाएं उठा सकती हैं, जो प्रदेश की स्थाई नागरिक हो। इसके अलावा महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, महिला की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उस महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ पाने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके लिए आधार कार्ड राशन कार्ड बैंक खाता पासबुक, स्वयं सहायता समूह का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। योजना के तहत स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को चुना जाता है, जिनकी सालाना आमदनी कम होती है। इसके बाद उन्‍हें 1-5 लाख रुपये तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज दिया जाता है। ऐसे करें आवेदन इसके लिए आपको स्वयं सहायता के कार्यालय जाना होगा। यहां आपकी एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान तैयार होगा। दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान स्वयं सहायता कार्यालय में जमा कर दें। यहां आपकी एप्लीकेशन रिव्यू होगी और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार रिव्यू करेगी। अप्रूव होने के बाद लोन के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।    

‘चीनी हस्तक्षेप से मुक्त व सभी के व्यापार के लिए खुली है’, पनामा नहर प्रशासक ने ट्रंप के बयान को किया ख़ारिज

वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद से दुनियाभर में पनामा नहर का मामला चर्चा में है। अब पनामा नहर के प्रशासक ने साफ कर दिया है कि पनामा नहर के अमेरिका कब्जे में जाने की कोई संभावना नहीं है और नहर का प्रशासन पनामा के हाथों में ही रहेगा। साथ ही उन्होंने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि चीन नहर के संचालन को नियंत्रित कर रहा है। पनामा के नहर के प्रशासक रिकौर्टे वास्केज ने कहा कि पनामा नहर सभी देशों के लिए खुली रहेगी। रिकौर्टे वास्केज ने नहर पर चीन के नियंत्रण के दावों पर कहा कि नहर के दोनों छोर पर बंदरगाहों में काम करने वाली चीनी कंपनियां हांगकांग की है और उन्होंने साल 1997 में बोली प्रक्रिया में यह अधिकार हासिल किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और ताइवान की कंपनियां नहर के किनारे के अलावा अन्य बंदरगाहों का भी संचालन कर रही हैं। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि नहर का प्रशासन पनामा के हाथों में ही रहेगा। अमेरिका को पनामा नहर का नियंत्रण देने से इनकार अमेरिका के पनामा नहर पर कब्जा करने की आशंका पर वैस्केज ने कहा कि ‘इस तरह की उम्मीद का कोई आधार नहीं है। मैं बस यही कह सकता हूँ।’ वैस्केज ने इस बात पर जोर दिया कि पनामा नहर सभी देशों के व्यापार के लिए खुली है। वैस्केज ने कहा कि तटस्थता संधि के कारण पनामा नहर प्रशासन अमेरिकी ध्वज वाले जहाजों को विशेष सुविधा नहीं दे सकता। स्थापित नियमों के तहत ही नहर का संचालन होगा। उन्होंने कहा कि नहर संचालन की प्रक्रिया स्पष्ट है और इसमें मनमाने बदलाव नहीं हो सकते। पनामा और अमेरिका के बीच की संधि में एकमात्र अपवाद अमेरिकी युद्धपोतों को तुरंत मार्ग देने का नियम ही है। ज्यादा शुल्क के आरोपों को लेकर दी ये सफाई डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर पर लगने वाले शुल्क को बहुत ज्यादा बताया था। इस पर वैस्केज ने कहा कि शुल्क में कोई भेदभाव नहीं है। शुल्क बढ़ने पर वैस्केज ने कहा कि नहर अपने लॉक को संचालित करने के लिए जलाशयों पर निर्भर करती है, लेकिन पिछले दो वर्षों के दौरान सूखे से जलाशय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जिसके कारण जहाजों को पार करने के लिए दैनिक स्लॉट की संख्या में काफी कमी करनी पड़ी है। कम जहाजों की संख्या की वजह से प्रशासकों ने स्लॉट आरक्षित करने के लिए फीस बढ़ा दी है। पनामा नहर की वजह से जहाजों को केप हॉर्न के आसपास लंबी और महंगी यात्रा से मुक्ति मिलती है। ट्रंप ने कही थी नहर पर कब्जे की बात डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों पनामा नहर को लेकर कहा था कि अगर पनामा स्वीकार्य तरीके से पनामा नहर का प्रबंधन नहीं करता है तो फिर अमेरिका फिर से इस पर अपना कब्जा कर सकता है। उन्होंने कहा था कि हम पनामा नहर को ‘गलत हाथों’ में नहीं जाने देंगे। ट्रंप का इशारा चीन की तरफ माना जा रहा था। उन्होंने लिखा था कि पनामा नहर का प्रबंधन चीन के द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। ट्रंप ने पनामा नहर पर कब्जे को लेकर सैन्य शक्ति के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया। पनामा नहर से अमेरिका का 70 फीसदी समुद्री यातायात गुजरता है और रणनीतिक रूप से भी यह अमेरिका के लिए अहम है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने तटों के बीच वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों की आवाजाही को सुविधा जनक बनाने के 1900 के दशक की शुरुआत में पनामा नहर का निर्माण किया था। वॉशिंगटन ने साल 1977 में हुई एक संधि के तहत 31 दिसंबर, 1999 को पनामा नहर पर अपना नियंत्रण छोड़कर पनामा को इसका नियंत्रण दे दिया था।

सीढ़ी चढ़ते अचानक चक्कर खाकर गिरी, गुजरात में 8 साल की मासूम की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की छात्रा की मौत हो गई। माना जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से छात्रा गार्गी रानपारा की मौत हुई। थलतेज स्थित जेबर स्कूल फॉर चिल्ड्रन के प्रबंधन की तरफ से जारी सीसीटीवी फुटेज में गार्गी अपनी कक्षा की ओर जाते दिखती है और बेचैनी के कारण कुर्सी पर बैठ जाती है। प्रधानाचार्य शर्मिष्ठा सिन्हा ने बताया, गार्गी जब सुबह स्कूल पहुंची, तो सामान्य थी। लेकिन पहली मंजिल पर कक्षा की ओर जाते समय वह गलियारे में कुर्सी पर बैठ गई। बैठे-बैठे ही अचानक वह गिर गई। शिक्षकों ने उसे सीपीआर दिया, फिर अस्पताल पहुंचाया, पर उसकी जान नहीं बच सकी।

गठबंधन के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना, स्थानीय निकायों में शिवसेना (यूबीटी) अकेले लड़ेगी चुनाव

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बताया कि उनकी पार्टी विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव अकेले लड़ेगी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन और महाविकास अघाड़ी गठबंधन केवल लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए था। उन्होंने आगे बताया कि गठबंधन में अलग-अलग पार्टियों के कई कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता है। यह संगठनात्मक विकास में बाधा डालता है। पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, “गठबंधन में अलग-अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता और इससे संगठनात्मक विकास बाधित होता है। हम अपनी ताकत के दम पर मुंबई, ठाणे, नागपुर और अन्य नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों में चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी को संकेत दिए कि उन्हें अकेले चुनाव लड़ना चाहिए।” कांग्रेस पर साधा निशाना कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा कि जो लोग आम सहमति और समझौते पर भरोसा नहीं करते उन्हें गठबंधन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद इंडी गठबंधन ने एक भी बैठक नहीं की। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, इंडी गठबंधन के लिए हम एक संयोजक तक नियुक्त नहीं कर पाए। यह अच्छा नहीं है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बैठक बुलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की थी। उन्होंने आगे कहा, यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वे इंडी गठबंधन को बचाए। कांग्रेस एक महान पार्टी है। यह सच है कि इंडी गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बना था। लोकसभा चुनाव के बाद एक बैठक नहीं हुई। पीएम मोदी के पॉडकास्ट पर दी प्रतिक्रिया पीएम मोदी के पहले पॉडकास्ट पर भी संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी। अपने पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा था कि वे एक इंसान हैं और गलतियां कर सकते हैं। इस पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, “वे (पीएम मोदी) भगवान हैं। मैं उन्हें इंसान नहीं मानता। भगवान तो भगवान हैं। अगर कोई उन्हें भगवान का अवतार मानता है तो वे इंसान कैसे हो सकते हैं। वह विष्णु का 13वां अवतार है। अगर किसी इंसान को भगवान माना जाता है, लेकिन वह कहता है कि वह इंसान है तो इसमें कुछ गलत है।”

कैपिटल माइंड के CEO शेनॉय का 90 घंटे काम को समर्थन, ‘मैं सप्ताह में 100 घंटे काम करता हूं’

नई दिल्ली। लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन के सप्ताह में 90 घंटे काम करने के बयान ने सोशल मीडिया पर कार्य संतुलन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब इस मामले पर एक और कारोबारी  कैपिटल माइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने उत्पादकता और कार्य संतुलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि, वे अक्सर सप्ताह में 100 घंटे से ज्यादा काम करते हैं। ‘असली काम दिन में 4-5 घंटे में होता है’ एसएन सुब्रह्मण्यन के बाद एक्स पर कैपिटलमाइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय ने लिखा कि मैंने अपने पूरे कार्यकाल में शायद सप्ताह में 100 घंटे काम किया है, लेकिन उसमें से अधिकांश काम मैंने एक कारोबारी के तौर पर किया है। आपको काम के घंटे लागू करने की जरूरत नहीं है, जो लोग प्रेरित हैं वे खुशी से काम करेंगे। वैसे भी अधिकतर असली काम दिन में 4-5 घंटे में होता है, लेकिन आपको नहीं पता कि ऐसा कब होता है। दीपक शेनॉय ने आगे लिखा कि मुझे अभी भी बैठकों को काम कहना मुश्किल लगता है, लेकिन इसमें उस काम से ज्यादा ऊर्जा लगती है जिसे मैं काम कहता हूं। कुछ हद तक यह काम ‘एक्स’ घंटे का तर्क मेरे लिए समझ से परे है। जब मैं खेलता हूं, तो मैं जमकर खेलता हूं। जब मैं काम करता हूं, तो मैं जमकर काम करता हूं। एसएन सुब्रह्मण्यन की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर जमकर लोगों और सेलेब्रिटी की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा कि सप्ताह में 90 घंटे? संडे का नाम बदलकर ‘सन-ड्यूटी’ क्यों न कर दिया जाए और ‘छुट्टी का दिन’ को एक मिथकीय अवधारणा क्यों न बना दिया जाए? मैं कड़ी मेहनत और समझदारी से काम करने में विश्वास करता हूं, लेकिन जीवन को एक सतत कार्यालय शिफ्ट में बदल देना? यह सफलता नहीं, बल्कि बर्नआउट का नुस्खा है। वहीं इस मामले पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने कहा कि,  ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के मुंह से इस तरह का बयान सुनना चौंका देने वाला है। मानसिक स्वास्थ्य मायने रखता है। पूर्व बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्टा ने एलएंडटी के चेयरमैन पर जमकर निशाना साधा। ज्वाला गुट्टा ने लिखा कि, उसे अपनी पत्नी को क्यों नहीं निहारना चाहिए और केवल रविवार को ही क्यों? यह दुखद और कभी-कभी अविश्वसनीय है कि ऐसे पढ़ें लिखे और बड़े संगठनों के ऊंची पदों पर बैठे लोग मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक आराम को सीरियस नहीं ले रहे हैं और इस तरह के महिला विरोधी बयान दे रहे हैं। कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए: सुब्रह्मण्यन सुब्रह्मण्यन ने कहा था कि कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए और रविवार को भी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से पूछा, “आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?” उन्होंने कर्मचारियों से घर पर कम और कार्यालय में ज्यादा समय बिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य कर सक सकूं, तो मुझे अधिक खुशी होगी, क्योंकि मैं रविवार को काम करता हूं।” सुब्रह्मण्यन ने आगे सवाल किया कि घर पर रहने के दौरान कर्मचारी क्या करते हैं। उन्होंने पूछा, “आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?” तो फिर चलो चलो, दफ्तर आओ और काम करना शुरू करो।

राष्ट्रपति मैक्रों ने खुद दी जानकारी, फ्रांस में एआई सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह फ्रांस दौरे पर जाएंगे। पीएम मोदी फ्रांस में 10-11 फरवरी को होने वाले एआई एक्शन सम्मेलन में शिरकत करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को 30वें राजदूतों के सम्मलेन के दौरान अपने संबोधन में मैक्रों ने कहा कि ‘फ्रांस 10-11 फरवरी को एआई एक्शन सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में एआई को लेकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श होगा। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। यह एक अहम दौरा होगा क्योंकि हम हम सभी एआई ताकतों से इसे लेकर चर्चा करना चाहते हैं।’ एआई सम्मेलन के दौरान इन मुद्दों पर होगा फोकस फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक विमर्श में एआई पर बात करना बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि ‘एआई सम्मेलन में अमेरिका, चीन, भारत के साथ ही अरब देश भी शिरकत करेंगे और इन देशों का एआई तकनीक को विकसित करने और इसका नियमन करने में अहम भूमिका है।’ मैक्रों ने कहा कि सम्मेलन में नवाचार, टैलेंट पर फोकस किया जाएगा और इससे फ्रांस और यूरोप को वैश्विक एआई परिदृश्य में केंद्र में रखा जाएगा। इससे पहले दिसंबर में इमैनुएल मैक्रों ने एआई सम्मेलन में भारत को आमंत्रित करने की बात कही थी और कहा था कि भारत एक अहम देश है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत को बेहद अहम देश मीडिया से बात करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि एआई एक्शन सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत समेत 90 के करीब देशों को आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में एआई के जरिए गलत सूचनाओं के प्रसार और एआई के गलत इस्तेमाल के विषय पर भी बात होगी। मैक्रों ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत एक बहुत ही अहम देश है और खासकर लोगों के जीवन पर प्रभाव छोड़ने में इसकी क्षमता बहुत ज्यादा है। एआई सम्मेलन पेरिस के ग्रैंड पालासिस में आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्राध्यक्षों समेत, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न कंपनियों के सीईओ और शिक्षा जगत के लोग, एनजीओ, कलाकातर और नागरिक समाज समूह के सदस्य भी शामिल होंगे।

नक्सलियों की कायराना करतूत, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट में एक सीआरपीएफ जवान घायल

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान घायल हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विस्फोट महादेव घाट इलाके में उस वक्त हुआ जब सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन की एक टीम सुबह इलाके में निगरानी अभियान पर निकली थी। उन्होंने कहा कि गश्त के दौरान सीआरपीएफ जवान का कदम अनजाने में प्रेशर आईईडी पर पड़ गया, जिससे विस्फोट हो गया। अधिकारी ने बताया कि घायल जवान को बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले शुक्रवार को पड़ोसी नारायणपुर जिले में दो स्थानों पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। 6 जनवरी को बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक वाहन को आईईडी से उड़ा दिया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी और एक नागरिक चालक की मौत हो गई थी।

गीता प्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मिले उद्योगपति, महाकुंभ में धार्मिक पुस्तकें बांटेंगे अदाणी

नई दिल्ली/गोरखपुर। महाकुंभ 2025 का शुभारंभ 13 जनवरी 2025 को होने वाला है जबकि इसका समापन 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के दिन होगा। देश के मशहूर उद्योगपति गौतम अदाणी ने महाकुंभ को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महायज्ञ बताया। शुक्रवार को उन्होंने गीता प्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ में प्रतिष्ठित संस्थान गीता प्रेस के सहयोग से आरती संग्रह की एक करोड़ प्रतियां कुम्भ में आए श्रद्धालुओं की सेवा में निःशुल्क अर्पित किया जाएगा। गीता प्रेस को दिया एक करोड़ धार्मिक पुस्तकें छापने का आर्डर बता दें कि गौतम अदाणी की कंपनी ने गीता प्रेस में एक करोड़ धार्मिक पुस्तकें छापने का आर्डर दिया था, जिन्हें महाकुंभ में वितरित किया जाना है। शुक्रवार को गीता प्रेस का प्रतिनिधिमंडल ने गौतम अदाणी से मुलाकात की। उन्होंने उद्योगपति को गीता प्रेस में छपी आरती संग्रह सहित विभिन्न पुस्तकें भेंट की। अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह हमारे लिए अपार संतुष्टि का विषय है कि इस महायज्ञ में प्रतिष्ठित संस्थान गीता प्रेस के सहयोग से हम ‘आरती संग्रह’ की एक करोड़ प्रतियां कुम्भ में आए श्रद्धालुओं की सेवा में निःशुल्क अर्पित कर रहे हैं। आज सनातन साहित्य के माध्यम से 100 वर्षों से राष्ट्र की सेवा कर रहे गीता प्रेस के सम्मानित पदाधिकारियों से मिलकर प्रेरणा प्राप्त हुई और गीता प्रेस के उत्कृष्ट सेवा कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने का सौभाग्य मिला। नि:स्वार्थ सेवाभाव और धर्म एवं संस्कृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना राष्ट्रप्रेम का ही एक रूप है, जिसके लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं।” अदाणी ने कहा, “महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महायज्ञ है। यह हमारे लिए अपार संतुष्टि का विषय है कि इस महायज्ञ में प्रतिष्ठित संस्थान गीता प्रेस के सहयोग से हम आरती संग्रह की एक करोड़ प्रतियां कुम्भ में आए श्रद्धालुओं की सेवा में निःशुल्क अर्पित कर रहे हैं। आज सनातन साहित्य के माध्यम से 100 वर्षों से राष्ट्र की सेवा कर रहे गीता प्रेस के सम्मानित पदाधिकारियों से मिलकर प्रेरणा प्राप्त हुई और गीता प्रेस के उत्कृष्ट सेवा कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने का सौभाग्य मिला। नि:स्वार्थ सेवाभाव और धर्म एवं संस्कृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना राष्ट्रप्रेम का ही एक रूप है, जिसके लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं। सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है।” महाकुंभ पर गौतम अदाणी ने कहा, “कुंभ सेवा की वो तपोभूमि है जहां हर हाथ स्वतः ही परमार्थ में जुट जाता है। यह मेरा सौभाग्य है कि महाकुम्भ में हम @IskconInc के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के लिए ‘महाप्रसाद सेवा’ आरम्भ कर रहे हैं, जिसमें मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से लाखों लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस संदर्भ में आज इस्कॉन के गुरु प्रसाद स्वामी जी से मिल कर सेवा के प्रति समर्पण की शक्ति को गहराई से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ। सच्चे अर्थों में सेवा ही राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है। सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है।”

छठे दिन भी जारी है बचाव अभियान, असम की कोयला खदान से एक और मजदूर का शव बरामद

दिशपुर। असम के दीमा हसाओ जिले में कोयला खदान में फंसे एक और मजदूर का शव शनिवार को बचाव अभियान के दौरान खदान से बरामद किया गया। अब तक दो मजदूरों के शव बरामद हो चुके हैं। पहला शव बुधवार को खदान से निकाला गया था। जिन मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं, वे उन नौ मजदूरों में शामिल थे, जो सोमवार को उमरंगसू में खदान में अचानक पानी भर जाने के चलते फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। अब तक दो मजदूरों के शव हुए बरामद एक अधिकारी ने बताया कि खदान में फंसे हुए खनिकों की तलाश में बचाव अभियान सुबह फिर से शुरू हुआ। तलाश के छठे दिन एक और मजदूर का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान दीमा हसाओ को कलामाटी के गांव नंबर एक के निवासी 27 वर्षीय लिजेन मगर के रूप में हुई है। नेपाल के रहने वाले एक मजदूर का शव पहले ही बरामद किया जा चुका है। खदान में अचानक पानी भरने से नौ मजदूर खदान में फंस गए थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘उमरंगसू में बचाव कार्य निरंतर जारी है। दुखद रूप से, आज सुबह एक और शव बरामद किया गया। हम इस कठिन समय में आशा और शक्ति के साथ शोक संतप्त लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।’ बचाव कार्य में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि 340 फीट गहरी खदान से पानी निकालने का काम जारी है और अब इस काम में ओएनजीसी और कोल इंडिया द्वारा लाई गई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी भी सात मजदूर अवैध कोयला खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि उनके बचने की उम्मीद बेहद कम है। इस बीच पुलिस ने अवैध खदान में फंसे मजदूरों के सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। सरदार हादसे के बाद से फरार था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

10 महीने का बच्चा HMPV वायरस से संक्रमित, मचा हड़कंप

नई दिल्ली देश में एचएमपीवी वायरस के मामले लगातर सामने आ रहे हैं. इसी बीच असम में भी एक मामला सामने आया है. यहां के  लखीमपुर में 10 महीने का एक बच्चा एचएमपीवी वायरस से संक्रमित है. बच्चे को वर्तमान में डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे स्थिति स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है. असम में सामने आए ये इस मामले के बाद देश में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के कुल 15 केस हो गए हैं. सबसे ज्यादा 4 मामले गुजरात में हैं.  शुक्रवार को राजस्थान और गुजरात में एक-एक केस मिला था. इससे पहले गुरुवार को 3 केस सामने आए थे.

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