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Sensex:सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभला, निफ्टी 24,400 अंक से नीचे

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इससे पहले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सकारात्मक ढंग से कारोबार करते दिख रहे हैं। सुबह नौ बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 28.52 (0.03%) अंकों की बढ़त के साथ 80,555.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी में 17.41 (0.07%) अंकों की मजबूती के साथ 24,526.65 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 200 अंकों की बढ़त दिखी जबकि निफ्टी 22550 के पार पहुंच गया पर ऊपरी स्तरों से बाजार में बिकवाली दिखी। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, जबकि निफ्टी 24,150 अंक से नीचे रहा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभल गया और 400 अंक पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 24,400 अंक से नीचे रहा। भाषण शुरू होते ही बाजार लाल निशान में फिसलावित्त मंत्री के बजट भाषण के शुरू होने साथ ही बाजार लाल निशान में फिसले। उनका बजट भाषण इस समय भी जारी है। बजट भाषण शुरू होते है बाजार में फिसलन शुरू हो गई। फिलहाल, बीएसई का सेंसेक्स 127 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट नजर आई। वहीं बैंक निफ्टी में करीब 90 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कृषि से जुड़े स्टॉक में उछालकृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े स्टॉकों में 10 फीसदी उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ फीसदी तक उछाल आया। बजट के दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल निफ्टी के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर शेयर

युवा उद्यमी ”अतुल तिवारी” ने कम आयु में ही स्थापित की Earnup Consultants, भारतीय राजनीतिक और प्रतिष्ठान्वित व्यक्तियों के साथ सहयोग करते हुए बनाई अपनी पहचान.

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Young entrepreneur Atul Tiwari established Earnup Consultants at a young age, creating his identity by collaborating with prominent Indian politicians and respected personalities. नई दिल्ली, 22 दिसम्बर 2023: युवा उद्यमी अतुल तिवारी ने अपनी तकनीकी और समाजशास्त्र की शिक्षा के साथ ही कम आयु में ही Earnup Consultants नामक मीडिया और पीआर कंपनी की स्थापना की है, जो उसके प्रत्याशित और व्यक्तिगत सांविदानिकता को आगे बढ़ाती है। अतुल ने अपने करियर की शुरुआत में ही राजनीतिक उम्मीदवारों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया और उन्हें उनकी प्रचार-प्रसार की आवश्यकताओं में सहायता करने का कारण बना। उनकी गहन ज्ञानवर्धन और उत्कृष्टता की भावना ने उन्हें कई राजनीतिक चुनावों में सफलता प्राप्त करने में मदद की है। उनकी कंपनी, Earnup Consultants, ने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में, बल्कि सेलिब्रिटी इन्फ्लूएंसर्स और ब्रांड्स के साथ भी सहयोग करके अपने ग्राहकों को उनके उद्यमी स्वप्नों की पूर्ति में सहायता की है। उनका निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में प्रयास ने उन्हें ब्रांड प्रमोशन, सार्वजनिक रिश्तों की बनावट और प्रतिष्ठा निर्माण के क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त करने में सफल बना दिया है। अतुल तिवारी ने अपनी अनौपचारिक शिक्षा और श्रमशीलता के साथ ही एक उद्यमी के रूप में एक मिलकर बनाई हुई कंपनी के माध्यम से समाज को प्रेरित किया है। उनकी कड़ी मेहनत, उत्साह, और स्वदेश भक्ति ने उन्हें एक उद्यमी के रूप में सम्मान अर्जित करने का साक्षी बना दिया है। आज, उनकी कंपनी Earnup Consultants भारतीय सामाजिक सीमा के बाहर उभर रही है और उन्हें एक प्रगामी समृद्धि के दिशा में अग्रणी स्थान दिलाने में सफलता हासिल की है।

राइस मिल में सत्यापन और चैक पोस्ट की निगरानी जैसे कार्यो में जुटा अमला.

Implementation of processes such as verification at the rice mill and monitoring of check posts. Special Correspondent Sahara Samachaar, Balaghat. बालाघाट। इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्यो को लेकर संजीदगी से कार्य किये जा रहे है। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा लगातार समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का असर फील्ड में भी दिखाई देने लगा है। राजस्व अधिकारियों के अलावा सम्बंधित विभागों का अमला खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में सक्रिय है। मंगलवार को कटंगी अनुभाग अंतर्गत सावंगी, नांदलेसरा, टेकारी, बोथवा, चिकमारा, मानेगांव, कटंगी केंद्रों में धान खरीदी कार्य तहसीलदार छवि पंत की निगरानी में प्रारम्भ कराया गया। वही उपार्जन के लिए दिए अन्य निर्देशों के पालन संलग्न है। कई खरीदी केंद्रों पर बड़ी संख्या में किसानों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीगणेश किया गया। वारासिवनी एसडीएम कामिनी ठाकुर ने अश्विन राइस मिल खैरलांजी में धान का भौतिक सत्यापन जैसी गतिविधियों के द्वारा निरीक्षण किया। वही तहसीलदार वंदना कुशराम ने धान के एफएक्यू की जानकारी प्राप्त करते हुए निरीक्षण किया। इस तरह राजस्व विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपार्जन कार्यो की निगरानी में सक्रिय है।

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

दीपावली धनतेरस पर बाजार में दिखी ग्राहकों की रौनक, सजा बाजार.

On Diwali Dhanteras, the market witnessed a surge in customers, creating a festive atmosphere. The market was adorned with decorations. Special Corrospondent. कटनी। दीपावली एक प्रमुख त्यौहार है पहले से ही इसकी तैयारियां जोरों पर दिखाई देती हैं बाजारों में अच्छी खासी रौनक दिखी हर तरफ ग्राहकी की हुई नजर आई धनतेरस के दिन शुक्रवार को देशभर के खुदरा बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सोने-चांदी के अलावा वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन और अन्य उत्पादों की भी अच्छी खरीद-बिक्री हुई। कटनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। बहिन अकेले देश की राजधानी दिल्ली में 5,000 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री हुई। इस धनतेरस खरीदारी को लेकर माहौल काफी अच्छा रहा। पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 43 फीसदी अधिक बिक्री हुई है। धनतेरस के दिन कुल बिक्री में वाहनों की हिस्सेदारी 30 करोड़ रुपये तक रही। 10 करोड़ का सोना 30 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बिके। 5 करोड़ के बर्तन बिके, जबकि 1 करोड़ रुपये की पूजा सामानों की खरीद-बिक्री हुई। इसके अलावा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, बंदनवार और झाड़ू की बिक्री भी पिछले साल से बेहतर रही। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री में 20% तक तेजीधनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 15-20 फीसदी अधिक रही। धनतेरस पर शहर में अच्छी भीड़ देखने को मिली। पिछले धनतेरस के मुकाबले विभिन्न श्रेणी के उत्पादों में 15 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। होम अप्लायंसेस के विक्रेताओं इस बार प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की मांग बढ़ी है। मूल्य के लिहाज से देखें तो इन उत्पादों की बिक्री पिछले साल से 20-25 फीसदी बढ़ी है। सोना की कीमतों में हालिया गिरावट का असर, हल्के आभूषणों की मांगऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के निदेशक दिनेश जैन ने बताया कि सोने की कीमतें कारोबार के लिए अनुकूल हैं। कीमतों में हालिया गिरावट से उपभोक्ताओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। हीरे की कीमतें गिरने से युवा पीढ़ी में हल्के वजन के आभूषणों की मांग रही। दीपावली को लेकर बाजारों में अच्छी रौनक देखने को मिली

सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश.

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According to a report by the cybersecurity firm Cyfirma located in Singapore, India is the most targeted country on a global scale. Manish Trivedi इकोनॉमिक टाइम्स और द वायर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा (Cyfirma) की ‘2023 इंडिया थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश है, जो सभी साइबर हमलों में से 13.7% का सामना करता है. 9.6% हमलों के साथ अमेरिका दूसरा सबसे अधिक लक्षित देश है. इसके बाद इंडोनेशिया और चीन ने क्रमश: 9.3% और 4.5% हमलों का सामना किया. साइफर्मा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत में विदेशी सरकार-प्रायोजित साइबर हमलों का अनुपात भी अधिक है.उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 68 प्रतिशत साइबर हमले सरकार प्रायोजित थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भारत की संख्या को देखें, तो यह थोड़ा अधिक 72% है.’ कमजोर साइबर सुरक्षाजहां डिजिटलीकरण ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता को तेज कर दिया है, वहीं भारत के साइबर सुरक्षा नियम कमजोर और अपर्याप्त हैं. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट को 24 घंटे में हैकिंग के लगभग 6,000 प्रयासों का सामना करना पड़ा था. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैनसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ था. अनुमानित 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर 2023 को बड़े पैमाने पर हुए एक डेटा उल्लंघन में आईसीएमआर के पास मौजूद 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेच दी गई थी.

12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

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In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक.

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Sensitive personal data of 81.5 million Indian users leaked on the dark web. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली, भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा डेटा ब्रीच. 81.5 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। जानकारी में आधार और पासपोर्ट विवरण, नाम, फोन नंबर और अस्थायी और स्थायी पते शामिल हैं।डेटा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा COVID-19 टेस्टिंग के दौरान जुटाई गई जानकारी से आता है।US मूल के साइबर सुरक्षा कंपनी रिसिक्यूरिटी के रिपोर्ट के अनुसार, 815 मिलियन भारतीयों की व्यक्तिगत पहचान सूचना डार्क वेब पर बेची जा रही है। आधार और पासपोर्ट जानकारी के साथ-साथ नाम, फ़ोन नंबर और पतों के विवरण ऑनलाइन बिक रहे हैं।

देश राज्यों से बड़ी खबरें.

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National Headlines and State News 1 सरदार पटेल जयंती पर अमृत कलश यात्रा आज,विजय चौक पर मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश भर से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर अमृत कलश यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पौधे भी लेकर आएंगे 2 उपराष्ट्रपति बोले-कानूनी मामलों में उलझें तो सड़कों पर न उतरें, गुवाहाटी में कहा- लोग समन मिलते ही प्रदर्शन करते हैं, वे भी न्यायपालिका पर भरोसा रखें 3 जम्मू कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश बनने के चार साल बाद महकने लगे विकास और खुशहाली के फूल, पत्थरबाजी इतिहास के पन्नों में सिमटा 4 नागरिकों को राजनीतिक चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार 5 कोविड के कारण भर्ती, ज्यादा मेहनत वाले काम… ICMR स्टडी में पता चली अचानक मौतों की वजह 6 गड़बड़ी फैलाने की ताक में भारत विरोधी ताकतें, केरल में धमाके के बाद दिल्ली-NCR समेत देशभर में अलर्ट 7 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने भेजा नोटिस, दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया 8 मराठा आरक्षण पर देर रात CM-डिप्टी CM की बैठक, दो सांसदों और एक विधायक ने इस्तीफा दिया, प्रदर्शनकारियों ने दो विधायकों के घर जलाए 9 मराठा आरक्षण के समर्थन में एकनाथ शिंदे गुट के 2 सांसदों का इस्‍तीफा, हेमंत पाटिल संग हेमंत गोडसे का राजीनामा 10 ‘मुझे डर लगता, प्रियंका-राहुल जब आते कुछ भी कह जाते’, वसुंधरा राजे ने कहा- जरूरी नहीं है कि यह उस पर अडिग रहे; किसानों का कर्जा आज भी माफ नहीं हुआ 11 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 12 राजस्थान:बीजेपी का 10 और कांग्रेस का 3 सीटों पर विरोध, चौथी लिस्ट के लिए दोनों पार्टी में फंसा है अभी भी पेंच ! 13 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 14 अस्पताल से छूटते ही ED की हिरासत में ममता के मंत्री ज्याेति प्रिया मलिक, देर रात हुआ ऐक्शन 15 अफगानिस्तान ने श्रीलंका को भी 7 विकेट से हराया, वर्ल्ड कप 2023 में जीता तीसरा मैच 16 ‘गाजा में सीजफायर के लिए कहना, मतलब इजरायल को हमास के सामने सरेंडर करने के लिए कहने जैसा है’; नेतन्याहू की दो टूक

जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी.

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Outstanding amount on intentionally unpaid loans has been increasing at a rate of more than 100 crore rupees per day. दिल्ली, द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2019 से जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी है. इसका तात्पर्य यह है कि तब से विलफुल डिफॉल्टर्स पर बकाया राशि कम से कम 1.2 ट्रिलियन या 1.2 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. बिजनेस स्टेंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है. द हिंदू के मुताबिक, मार्च 2019 के बाद से प्रति दिन 100 करोड़ रुपये की यह भारी वृद्धि 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उस दावे को पूरी तरह खारिज करती है कि पिछली यूपीए सरकार ने ‘घोटालों’ से बैंकिंग क्षेत्र को ‘बर्बाद’ कर दिया था, जबकि उनकी सरकार ने इसके ‘अच्छे वित्तीय स्वास्थ्य’ की बहाली की है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट ट्रांसयूनियन सिबिल के आंकड़ों पर आधारित है. अखबार ने लिखा है कि डेटा को वित्तीय संस्थानों द्वारा अपडेट किया जाता है. आंकड़े नवीनतम उपलब्ध संख्याओं को दर्शाते हैं. आगे कहा गया है, ‘यह राशि और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कम से कम एक राष्ट्रीयकृत बैंक और एक निजी क्षेत्र के बैंक ने अभी तक जून के आंकड़े नहीं दिए हैं. कम से कम चार तिमाहियों से लगातार कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है.’ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि ऋण के गैर-निष्पादित संपत्ति बनने के छह माह के भीतर जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों को विलफुल डिफॉल्टर्स घोषित किया जाना चाहिए. केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर के अंत तक प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने ऐसे ऋणों (जो वापस नहीं किए जा रहे हैं) में उनकी हिस्सेदारी में थोड़ी वृद्धि देखी है, लेकिन चिंता की बात यह है कि सार्वजनिक बैंकों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. जून 2023 में विलफुल डिफॉल्टर्स द्वारा न चुकाए गए कर्ज में उनकी हिस्सेदारी 77.5 फीसदी थी. जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर दस राष्ट्रीयकृत बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपये और बकाया है, जिसमें से भारतीय स्टेट बैंक के 80,000 करोड़ रुपये (जून माह तक) शामिल हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों का बकाया कुल मिलाकर 53,500 करोड़ रुपये है.

पेट्रोल-डीजल बचाने के 5 तरीके, हर महीने बचेंगे हजारों रुपए

Increase Car Mileage: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कार मालिकों के लिए उसका माइलेज सबसे जरूरी होता है. कार पुरानी हो तो कार का माइलेज भी कम हो जाता है. अगर आप भी अपनी कार के कम माइलेज से परेशान हैं और उसे कई बार मैकेनिक से सही कराकर भी अच्छा माइलेज नहीं ले पा रहे हैं तो चिंता मत कीजिए. डॉक्टर अकबर खान ( B.H.M.S. ) लेखक 2017 से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में रुचि रखते है ।। यहां आज आपको कुछ ऐसी टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर आप आसानी से कार से ज्यादा माइलेज प्राप्त कर सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो आपके काफी रुपये बचेंगे. स्पीड लिमिट पर रखें ध्यान अगर आप अपनी कार को ध्यान से तरीके से चलाएंगे तो इससे आपकी कार का माइलेज और इंजन दोनों बेहतर काम करते हैं. ऐसे में गियर, ब्रेक और क्लच इन तीनों का सही तरकी से इस्तेमाल करना जरूरी है. क्लच पर लगातार पैर रख कर कार चलाना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है इसका असर माइलेज और इंजन दोनों पर पड़ता है. कार की स्पीड लिमिट 60- से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की कोशिश करें टाइम टू टाइम सर्विस कार और बाइक, दोनों की टाइम टू टाइम सर्विस कारना बेहद जरूरी है. अगर आप अपनी कार में आने वाली छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज करेंगे तो इसका असर आगे चलकर बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है. इससे आपको मोटी चपत भी लग सकती है. बिना बात के ना चलाएं AC बिना बात के कार में एसी ना चलाएं. ऐसा करने से फ्यूल पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है. एसी का इस्तेमाल ना करके आप 20 फीसदी फ्यूल बचा सकते हैं. मौसम ठीक हो या फिर कार अंदर से ठंडी हो तो बेफिजूल कार में एसी ना चलाएं. रेड लाइट या ट्रैफिक में करें कंट्रोल महानगरों में ट्रैफिक लाइट की स्थिति भयावह है और लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे शहरों में रेड लाइट पर घंटों का जाम लगता है. ऐसी स्थिति में गाड़ी के इंजन को बंद कर देना चाहिए. इससे तेल की बचत होती है. टायर प्रेशर कार के टायरों उचित हवा का प्रेशर रखने से न सिर्फ आप फ्यूल की बचत कर सकते हैं, बल्कि इससे टायरों की लाइफ भी लंबी होती है. टायर पर ज्यादा प्रेशर न पड़े और मैन्युफैक्चरर के निर्देश के मुताबिक टायर को इंफ्लेट किया जाए, इस चीज की जिम्मेदारी ड्राइवर की होनी चाहिए. अगर ज्यादा लोड या वजन कैरी करना चाहते हैं तो वीइकल हैंडबुक को पढ़कर उसके मुताबिक टायर प्रेशर में सुधार करें.

भिंड रेत खदान पर कलेक्टर, एसपी का छापा। अवैध रेत उत्खनन में लगे 20 डंपर और 1 जेसीबी जब्त।

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ग्वालियर/ भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बीती रात को पुलिस और जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ संजीव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री को जिले में लगातार हो रहे अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन की टीम और पुलिस टीम लहार क्षेत्र की पर्रायच रेत खदान पर दबिश दी। यहां रेत से भरे खड़े वाहनों पर रॉयल्टी टोकन नहीं मिले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रेत से भरे 20 डंपरों और एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। जबकि अवैध रेत उत्खनन में लगी रेत माफिया गैंग पुलिस को आता देख नदी में कूदकर मौके से फरार हो गई। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने छापामार कार्रवाई के दौरान खुद मोर्चा संभाला। इस छापामार कार्यवाही से माइनिंग विभाग को दूर रखा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार भिंड कलेक्टर और एसपी को बुधवार की रात सूचना मिली रेत टेंडर कंपनी राघवेंद्र कुमार सिंह की सहायक एजेंसी पवार मेक द्वारा पर्रायच रेत खदान पर अवैध उत्खनन कराया जा रहा है। जबकि कंपनी के पास रेत डंप की परमिशन अमायन क्षेत्र में है। इस पर अफसरों ने टारगेट पर्रायच खदान मिशन तैयार किया। एसपी ने घेराबंदी को लेकर गोहद एसडीओपी, मेहगांव एसडीओपी और लहार एसपीडीओपी बुलाया। इसके साथ मालनपुर थाना, गोदह, गोहद चौराहा, अमायन और लहार थाना पुलिस फोर्स को साथ लिया। इसके बाद भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव व एसपी मनीष खत्री बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे लहार थाना क्षेत्र की रेत खदान पर पहुंचे। प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां आता देख रेत माफिया वाहन छोड़कर भाग खड़े हुए। वे नदी में कूंदकर भागे और गांव में छिप गए। मौके पर प्रशासनिक अफसरों ने रेत के डंप, जेसीबी, बीस डंपर व उनके चालकों को पकड़ा तो इनमें से किसी के पास रॉयल्टी टोकन नहीं मिले। जिसके बाद अधिकारियों ने पकड़े गए डंपरों और जेसीबी मशीन को जब्त कर थाने में खड़े करवा दिया। पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की ये दूसरी कार्रवाई है जब माइनिंग अफसर को साथ लिए बगैर रेत खदान पर कार्रवाई की है। इससे पहले गिरवाासा रेत खदान पर भी इसी तर्ज पर कार्रवाई की थी। दोनों जगह लहार एसडीएम नवीन शर्मा को अपने साथ लेकर पहुंचे। परंतु हर बार माइनिंग अफसर करीब एक घंटे बाद बुलाए गए। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारारा जिस तरीके से माइनिंग अफसर और माइनिंग विभाग को छापेमारी की कार्यवाही से दूर रखा जा रहा है, उसने अफसर को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

डबरा एसडीएम, पद पर रहने लायक नहीं, सीएम से करेंगीं शिकायत:- इमरती देवी

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ग्वालियर। डबरा तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय के बाहर एक किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में एसडीएम के असंवेदनशील बयान पर पूर्व मंत्री इमरती देवी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिकायत करने की बात कही है। जनसुनवाई में शिकायत का निराकरण न होने से परेशान किसान ने तहसील परिसर में ही एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया लेकिन वहां मौजूद लोगों व पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ से किसान को बचा लिया लेकिन जब इस घटना के बाद डबरा एसडीएम प्रखर सिंह से पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि आगे इस तरह की घटना न हो, उसके लिए आपके क्या प्रयास रहेंगे तो उनका जवाब था “हम हर जगह उपस्थित तो नहीं रह सकते हैं, लोग जो करना चाहें स्वतंत्र हैं”। शिवराज और महाराज से करूंगी शिकायत:- इमरती देवी एसडीएम प्रखर सिंह द्वारा दिए गए इस बयान को लेकर लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष और पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भी भारी आक्रोश जताया है। इतना ही नहीं, इमरती ने एसडीएम द्वारा दिए गए इस गैर ज़िम्मेदाराना बयान पर सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिकायत करने की भी बात कही है। इमरती देवी ने कहा की जिस पद के यह अधिकारी हैं, उस पद की जिम्मेदारी संभालना इनका काम है। चाहे फिर वह जिम्मेदारी आम इंसान को लेकर हो या किसान को लेकर। एसडीएम द्वारा कोई कुछ भी करने को स्वतंत्र है वाली बात पर इमरती ने सवाल किया ‘तो फिर अधिकारी शहर में क्या कर रहे हैं। हमारा डबरा हर बात में खुद ही सक्षम है फिर यहां ऐसे अधिकारी की पोस्टिंग की क्या जरूरत।’ उन्होने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कल को अगर किसान इनके सामने पेट्रोल डालकर आग लगाएगा तब भी यह क्या बैठकर देखते ही रहेंगे और कहेंगे करो जो करना है। इमरती देवी ने कहा कि एक अधिकारी द्वारा कहे गए ऐसे शब्द बेहद ही निंदनीय हैं और मैं इसकी शिकायत सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया से निश्चित ही करूंगी। जहां एक और हमारे सीएम, हमारे महाराज सिंधिया और हम सभी जनप्रतिनिधि और जन सेवक रात में 12 बजे भी अगर किसी व्यक्ति को परेशानी हो उसके लिए मौजूद रहते हैं तो यह कर्तव्य एक अधिकारी का भी होता है। अधिकारी सिर्फ कुर्सी पर बैठकर तनख्वाह पाने के लिए नहीं होता है। अधिकारी को आमजन खासकर किसान के लिए बेहद नरम होना चाहिए और उनकी परेशानियों को तसल्ली से सुनना चाहिए। एसडीएम की बात करते हुए इमरती ने यह भी कहा कि सिर्फ अतिक्रमण हटाना ही इनका काम नहीं है, जनता की सेवा करना इनका काम है। आखिर में इमरती देवी ने कहा कि वह निश्चित तौर पर एसडीएम को डबरा से हटाने के लिए सीएम से मांग करेंगी। यह है पूरा मामला। पिछोर के बाबूपुर क्षेत्र निवासी कैलाश परिहार की गांव में 15 बीघा के लगभग जमीन है। जिस पर वह खेती करता है। पिछले काफी समय से जमीन पर रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। किसान का कहना है कि वह लगातार जनसुनवाई में भी आवेदन देता है, लेकिन उसकी आज तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई। किसान ने गांव के ही दबंग राजा बघेल,अमर सिंह बघेल,हरि सिंह ,बेताल ने जमीन के रास्ते पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। जिसकी शिकायत वो कई बार जनसुनवाई में कर चुका है, लेकिन जब समस्या का समाधान न होने पर वो आक्रोशित हो गया और पीपल के पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास किया। किसान को देखकर आसपास के लोग और तहसील के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने उसे पेड़ से उतारा। इसके बाद प्रशासन ने किसान को पुलिस थाने भेजा।

लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए जीएसटी निरीक्षक को दबोचा

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रीवा। वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे जीएसटी निरीक्षक एस के गुप्ता को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उक्त कार्रवाई सतना मुख्यालय में की गई है कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद जीएसटी निरीक्षक को जमानत पर छोड़ दिया गया है। लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि किसी उपकरण के डीलर खेमचंद शर्मा ने कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में डीलर खेमचंद शर्मा ने बताया था कि वेरिफिकेशन के नाम पर जीएसटी निरीक्षक एस के गुप्ता उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत की जांच कराई गई तो शिकायत प्रमाणित पाई गई जिसके बाद बुधवार को कार्यालय में पदस्थ डीएसपी परमेंद्र सिंह के नेतृत्व में 16 सदस्य टीम को कार्रवाई करने के लिए सतना भेजा गया। जहां देर दोपहर 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए जीएसटी निरीक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया था। कार्रवाई पूरी हो जाने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त निरीक्षक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर मामले को विवेचना में लिया गया है।

चुरहट न्यायालय में वन-राजस्व सीमा विवाद लंबित रहते डीएफओ की बेदखली की कार्रवाई पड़ सकती है महंगी

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भोपाल। न्यायालय में लंबित किसी भी मामले पर विधानसभा में भी बहस नहीं होती है लेकिन यदि कोई सरकारी अधिकारी न्यायालय में लंबित मामले में न्यायपालिका को नजरअंदाज कर अपनी मनमानी करे तो इसे क्या कहा जाए। ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ है मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जहां वन विभाग के एक अफसर ने तो शायद खुद को भारतीय न्याय व्यवस्था और न्यायधीशों से भी ऊपर समझ लिया है। इसीलिए इस अफसर ने न्यायालय में लंबित उस मामले में बेदखली का फरमान जारी कर दिया जिसमे अभी न्यायालय में न तो सुनबाई पूरी हुई है और ना ही कोई फैसला सुनाया गया है। इतना ही नहीं जब इन वरिष्ठ अधिकारी महोदय के बेदखली फरमान पर एसडीओ ने न्यायालय में प्रकरण लंबित रहने का हवाला देकर कार्यवाही से इनकार किया तो इस बात से खफा अधिकारी महोदय ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर उसे निलंबित कर दिया गया। अब देखना यह है कि वन विभाग के आला अफसरान इस मामले में कितना न्याय करते हैं। क्या न्यायालय में लंबित मामले में जबरन बेदखली का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ कोई सख्त एक्सन होगा ? क्या बिना गलती के निलंबित एसडीओ को बहाल किया जाएगा ? क्या इस मामले में कोर्ट द्वारा संज्ञान लेते हुए उक्त अधिकारी के विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाही की जाएगी। दरअसल यह मामला सीधी वनमंडल का है। सीधी वन मंडल के अंतर्गत वन-राजस्व सीमा विवाद में चुरहट न्यायालय में चुरहट रेंज के झूमर वन खंड के कक्ष क्रमांक- पी-992 के अंतर्गत फॉरेस्ट के मुनारों से बाहर बने मकान को लेकर कृष्णमणि तिवारी विरुद्ध वन विभाग का मामला लंबित है। बावजूद इसके, सीधी डीएफओ क्षितिज कुमार ने 80 (A) के अंतर्गत बेदखली की कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए है। वह भी तब, जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सार्वजनिक तौर पर कहते आ रहे हैं कि शासकीय भूमि पर बने मकान में रह रहे लोगों की बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बेदखली आदेश पर सहायक वन संरक्षक उपवन मंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा ने यह कहते हुए कार्यवाही करने से इनकार कर दिया कि यह मामला चुरहट नन्यायालय में लंबित है। आदेश की नाफरमानी से गुस्साए वन मंडल अधिकारी सीधी क्षितिज कुमार एवं वन संरक्षक राजेश राय द्वारा कूट रचित तथ्यों के आधार पर शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारी बिना परीक्षण के संगठित प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए सहायक वन संरक्षक उपवन मंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा को निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि जिस प्रकरण पर श्री मिश्र को निलंबित किया गया वह आज भी अधीनस्थ न्यायालय चुरहट में विचाराधीन है, साथ ही वन अपराध वन पर प्रस्तुत किया गया चालान आज भी न्यायालय में विचाराधीन है। 80 ए के विरुद्ध पारित आदेश की अपील कार्यवाही मध्य प्रदेश शासन अपर सचिव अपर सचिव के यहां विचाराधीन है। इसके साथ ही यह कार्यवाही मुख्य संरक्षक रीवा के यहां विचाराधीन है सिविल सूट चुरहट में विचाराधीन है. न्यायालय के फैसले का भी इंतजार नहीं क्षितिज कुमार द्वारा गलत वन अपराध पंजीबद्ध कर गलत 80 ए की कार्यवाही की गई जिसे शासन की गाइडलाइन बताया गया, जो नियम के विरुद्ध है। क्षितिज कुमार द्वारा विधी विरुद्ध वन भूमि के बाहर वन अपराध पंजीबद्ध कराया गया। जिसे वह वन भूमि कह रहे हैं वह स्थल मुनारी के बाहर है एवं वह खसरा 3/2 जो संरक्षित वन खंड झूमर के ब्लॉक मैप में उल्लिखित नहीं है। इसके साथ ही वह खसरा 1972 से दी नोटिफाई किया गया है एवं राजस्व विभाग को हस्तांतरित किया गया है। यहां गौरतलब यह भी है कि इसी प्रकरण में अतिक्रमक को 1992 में दोष मुक्त किया गया था। क्षितिज कुमार द्वारा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए न तो न्यायालय का सम्मान किया गया और न ही शासन के राज्य पत्र का सम्मान किया गया। वन भूमि पर जो गैर जिम्मेदाराना कार्यवाही क्षितिज कुमार द्वारा की गई थी उसे अब वह उप वनमंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा पर डाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विद्या भूषण मिश्रा ने 11 अक्टूबर 2022 को सीधी में ज्वाइन किया था, जबकि पूरा प्रकरण उनके ज्वाइन करने के लगभग 3 वर्ष पहले का है। जीपीएस रीडिंग और पंचनामे के तहत वन भूमि के बाहर है मकान जिला न्यायालय के निर्देश के बाद सीसीएफ रीवा ने एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को मौका-मुआयना करने का फरमान जारी किया। 5 रेंजर और सरपंचों के साथ एसडीओ मिश्रा ने जीपीएस से रीडिंग कर पंचनामा तैयार किया जिसमें यह पाया कि कृष्णमणि तिवारी का मकान वन भूमि की मुनारो से 30-40 फीट दूरी पर बना है। झूमर गांव चुरहट के कृष्ण मणि तिवारी का कहना है कि चुरहट न्यायालय में मामला लंबित है। इसके बाद भी भोपाल से सीनियर वन अधिकारी को भेज कर जांच कर लिया जाए कि मेरा मकान फॉरेस्ट भूमि पर है अथवा उसके बाहर बना है? अपने आप स्थिति क्लियर हो जाएगी। डीएफओ ने जानबूझकर मेरे खिलाफ राग द्वेष की भावना से प्रकरण दर्ज किया है।

भाजपा की तृतीय सूची घोषित छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विस से प्रत्याशी मिला

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भोपाल, भाजपा मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की तृतीय सूची भी घोषित कर दी है इस सूची में सिंगल नाम है।हाल ही में भाजपा में सम्मिलित हुई मोनिका बट्टी को छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विस से प्रत्याशी बनाया गया है मोनिका गोंडवाना के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की बेटी है।

भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है – आलोक चतुर्वेदी

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छतरपुर, भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है – आलोक चतुर्वेदी कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा के दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदी ने कहा भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है, पहले क्या थी और अब क्या है यह किसी से छिपा नहीं है, भाजपा प्रत्याशी के लिए बोले छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी

केंद्रीय मंत्री डॉ.वीरेंद्र कुमार ने किया शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन।

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ग्वालियर। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने शनिवार को ग्वालियर में आयोजित शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन किया। उन्होंने कहा कि शिल्पियों के जीवन को और बेहतर बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शिल्प मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों के माध्यम से देश भर के शिल्पियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय की सुविधा उन्हें दिलाई जा रही है। शिल्प मेले के उद्धघाटन अवसर पर क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, कमल माखीजानी एवं कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिककगण उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वर्ष 2001 से अपने शीर्ष नियमों के माध्यम से ऋण सहायता प्राप्त अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मियों के लाभार्थियों के लिये प्रदर्शनी का आयोजन करके विपणन मंच प्रदान कर रहा है। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि भारत सरकार की ओर से ग्वालियर में शिल्प समागम मेले का आयोजन किया गया है। मेले में देश भर के शिल्पियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करने का कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर वासियों को भी इस मेले का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के मेले कारगर साबित हो रहे हैं। इस मौके पर बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल और कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। मेले के प्रमुख उत्पादों में असम के बेंत और बांस, हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पाद,बिहार के हथकरघा कार्य, मधुबनी पेंटिंग्स, दिल्ली के कपड़े, गुजरात के ड्रेस मैटेरियल (गुजराती कशीदाकारी) कच्छ शिल्प मनका से बने उत्पाद, हरियाणा के ड्रेस मैटेरियल, सिले-सिलाए कपड़े, हिमाचल प्रदेश के शॉल, स्टोल जैकेट, ऑर्गेनिक हनी, अचार, चाय, जम्मू कश्मीर के आरी वर्क, सोजनी वर्क, कश्मीरी शॉल, कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, अगरबत्ती ,केरल के स्क्रूपिन, जल जलकुंभी उत्पाद, मध्यप्रदेश के पीतल के उत्पाद, माहेश्वरी चंदेरी, बाग प्रिंट, सूट, ड्रेस मैटेरियल, साड़ी और अचार, महाराष्ट्र चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प की वस्तुएं, ड्रेस मैटेरियल, पंजाब के फुलकारी वर्क, पंजाबी जूती, ड्रेस मटेरियल, पुडुचेरी के चमड़े के उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, सिले-सिलाए कपड़े, राजस्थान केराजस्थानी जूती, चादरें, अल्लीक वर्क, अचार, खाखरा, तमिलनाडु के वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, त्रिपुरा जूट, बेंत एवं बांस से बने उद, झाड़ू, उत्तराखण्ड के खेस, लोई, दारी, शॉल, ड्रेसमैटेरियल, जैकेट, कुर्ता और शर्ट, उत्तर प्रदेश के लकड़ी पर नक्काशी, कपड़े का काम, सॉफ्ट टॉय, चिकन वर्क, बनारसी साड़ी, पश्चिम बंगाल के कांथा स्टिच और कट वर्क ड्रेस मटेरियल साड़ी आदि। साथ ही मेले में देश भर के स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और प्रतिदिन शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा

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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार (23 सितंबर) घोषणा की कि राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा. यह प्रतिबंध राज्य में तीन मई को हुई हिंसक जातीय झड़प के बाद लगाया गया था.

अब नया अभ्यारण्य वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर होगा, 1.41 लाख हेक्टेयर में होगी बाघों की टेरेटरी

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भोपाल – टाइगर स्टेट का खिताब लगातार दूसरी बार कायम रखने वाले मध्यप्रदेश के लोगों को अब एक और टाइगर रिजर्व की सौगात मिल गई है। यह नया टाइगर अभ्यारण्य वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर के नाम से जाना जाएगा। यह टाइगर रिजर्व सागर जिले के नौरादेही और रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलाकर बना है। जिसमें नौरादेही वन्यजीव व दमोह वन मंडल मुख्य रूप से शामिल है। इस टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश में अब कुल सात टाइगर रिजर्व हो गए हैं। वन महकमे द्वारा इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है जो प्रभावशील हो गया है। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के केंद्र के पास भेजा था। केंद्र की ओर से सहमति जारी की गई है। इस रिजर्व में सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले के राजस्व और वन ग्राम शामिल किए गए हैं। टाइगर रिजर्व में दो कोर एरिया तय किए गए हैं। पहले कोर एरिया में 1390.031 वर्गकिमी और दूसरे कोर एरिया में 23.97 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल किया गया है। इस तरह रिजर्व में कुल रकबा 141400.860 हेक्टेयर शामिल किया गया है। राजस्व से ज्यादा निजी भूमि अधिग्रहण में फंसेगा पेंच टाइगर रिजर्व में पहले से जिन ग्रामों को विस्थापित कैटेगरी में शामिल किया गया है उसमें उन राजस्व और वन ग्रामों की राजस्व और निजी भूमि शामिल है। निजी भूमि के लिए सरकार को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी। इनमें बरपानी गांव की 90.600 हेक्टेयर, तरा की 256.550, भडरा की 250.680, करनपुर की 72.680, मढ़िया की 91.800, बंधा की 95.060, बिजनी वन ग्राम की 50.02, कुसुमी लगरा की 426.880, तिंदनी की 86.90, खापा की 90.61, महका की 88.32 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इसके अलावा सिंगपुुरी जामुन झिरी की 142.00, जामुन हटरी की 94.63, महगवां की 158.25, आमापानी की 102.513 हेक्टेयर भूमि से विस्थापन हो चुका है। कुल 2130.593 हेक्टेयर राजस्व और वन ग्राम की भूमि विस्थापन प्रक्रिया पूरी करना बताई गई है। 16722 हेक्टेयर भूमि का होगा विस्थापन सरकार द्वारा किए गए नोटिफिकेशन से पता चलता है कि अभी 52 ग्रामों की 16722.679 हेक्टेयर जमीन से विस्थापन का काम किया जाना बाकी है। इस टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में 81 ग्राम आएंगे। रिजर्व एरिया घोषित होने के बाद इस क्षेत्र में वन्य जीवों के संरक्षण, वृद्धि और विकास के प्रयोजन को पूरा करने में मदद मिल सकेगी। यहां की पारिस्थितिकी भी टाइगर रिजर्व घोषित होने में सहायक बनी है।पहले 6 टाइगर रिजर्व, अब हुए 7- इस प्रदेश में पहले से छह टाइगर रिजर्व हैं और नए टाइगर रिजर्व के बनने के बाद इसकी संख्या सात हो गई है। प्रदेश में पहले से कान्हा नेशनल पार्क मंडला, बांधवगढ़ नेशनल पार्क उमरिया, पन्ना टाइगर रिजर्व,, पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम और संजय गांधी डुबरी नेशनल पार्क शामिल हैं। इन टाइगर रिजर्व के कारण प्रदेश में सैलानियों की संख्या में भी पिछले सालों में तेजी से इजाफा हुआ है।

पेड न्यूज को लेकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशलमीडिया में निगरानी रखी जाएगी कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने बुधवार को योजना भवन में एमसीएमसी की समीक्षा बैठक ली

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नैनपुर/मंडला – कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार एमसीएमसी का गठन कर लिया गया है। निर्वाचन में पेड न्यूज को लेकर एमसीएमसी के द्वारा प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशलमीडिया में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पेड न्यूज प्राप्त होने पर व्यय राशि अभ्यर्थी के चुनावी खर्चे में जोड़ा जाएगा। भ्रामक एवं असत्य खबरों का खंडन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को विज्ञापन प्रसारित करने के पूर्व अनुमति लेनी होगी, जिससे व्यय राशि को उनके चुनावी खर्चों में जोड़ा जा सके। उन्होंवने बताया कि चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट और फेसबुक की जानकारी भी देनी होगी, जिससे उनके सोशल मीडिया अकाउंट और फेसबुक पर भी निगरानी रखी जा सके। कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना बुधवार को कलेक्ट्रेट के योजना भवन सभाकक्ष में एमसीएमसी की बैठक में उक्त निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम मंडला ऋषभ जैन, एसडीएम घुघरी सोनल सेडाम, संयुक्त कलेक्टर अरविंद कुमार सिंह, मास्टर ट्रेनर डीपी मिश्रा और श्रीकांत श्रीवास्तव सहित समिति सदस्य मौजूद थे। डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि कोई भी ऑपरेटर या न्यूज चैनल किसी ऐसे विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा जो विधि के अनुरूप न हो एवं जो नैतिकता भावना, मर्यादा या विचारों को ठेस पहुंचाता हो। उन्होंने बताया कि सभी राजनैतिक विज्ञापन जो कि टीव्ही चैनल एवं केबल नेटवर्क पर प्रसारित किया जाना प्रस्तावित है, उसे प्रसारण के पूर्व प्रमाणित किया जाना चाहिए। गठित एमसीएमसी चुनाव के दौरान विज्ञापनों, पेड न्यूज, वॉईस एसएमएस, बल्क एसएमएस, सोशल मीडिया, ई-न्यूज पेपर, ऑडियो और वीडियो सहित समस्त प्लेटफॉर्मों पर निगरानी रखेगी। जिससे इन माध्यमों से किए जा रहे प्रचार-प्रसार की व्यय राशि को अभ्यर्थी के खातों में जोड़ा जा सके। कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि जिला स्तरीय एमसीएमसी के द्वारा प्रतिदिन प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी। एमसीएमसी द्वारा पेड न्यूज के मामलों में रिटर्निंग ऑफीसर द्वारा अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उक्त राशि अभ्यर्थी के चुनावी खर्चे में जोड़ दी जाएगी। एमसीएमसी के उक्त निर्णय के विरूद्ध अभ्यर्थी राज्य स्तरीय एमसीएमसी में अपील कर सकता है। डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि व्हाट्सऐप ग्रुप में होने वाले चुनावी प्रचार-प्रसार को भी अभ्यर्थी के खर्चों में जोड़ा जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा जब यह बताया जाता है कि उनके द्वारा व्हाट्सऐप में इस प्रकार से प्रचार नहीं किया गया है तो मैसेज प्रसारित करने वाले व्यक्ति और व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान अफवाहों और फेक न्यूज की जांच कर उनका भी खंडन किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चलने वाले पेड न्यूज के मामलों में चुनावी खर्च, वेतन, इंटरनेट चार्ज, पेपर वर्क और अन्य व्यय का आंकलन कर जोड़ा जाएगा।

तीन महिलाओं का व्यापारियों में खौफ

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छतरपुर। कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर तहसीलदार सुश्री रंजना यादव, नायब तहसीलदार संध्या अग्रवाल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी वंदना जैन के द्वारा पूरे बाजार में इस समय मिलावट खाद्य सामग्री की चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप व्यापारियों द्वारा लगाए जा रहे हैं। अभी हाल ही में शहर के चौक बाजार स्थित कुमार एजेंसी का निरीक्षण कर पान मसालों की जांच का नमूना लेकर संयुक्त जांच दल द्वारा व्यापारी को जबरन धमकाया जा रहा है। मजेदार बात ये है कि पान मसाला पूरा यूपी के उप्र कानपुर से लाया जाता है और उप्र सरकार के द्वारा इसकी जांच पूर्व में ही की जा चुकी होती है। आज राजश्री पान मसाला के डीलर के यहां भी अचानक छापामार कार्यवाही की गई। तीन महिलाओं के द्वारा पूरे शहर में दुकानदारों के यहां छापामार कार्यवाही कर दहशत का माहौल बना दिया है। फिलहाल व्यापारियों में इनके द्वारा की जा रही छापामार कार्यवाही से आक्रोश पनप रहा है। संभवत: एक दो दिन में इन तीनों महिला अधिकारियों के खिलाफ व्यापारी लामबंद होकर आंदोलन कर सकते हैं।

निरंतर कार्यवाही के बाद भी अवैध शराब पर नहीं लग पा रही है लगाम बड़वारा क्षेत्र में हुई मटका फोड़ कार्यवाही

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जिले में अवैध मदिरा का व्यापार धड़ले से फल फूल रहा है जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है कई जगह तो सरेआम चौराहा चौराहा पर स्वरा प्रेमियों को शराब पीते देखा जा सकता है निरंतर कार्यवाही के बाद भी नहीं लग पा रही है लगाम हालांकि विभाग के द्वारा अवैध मदिरा के संग्रहण, परिवहन, विक्रय एवं निर्माण की रोकथाम के लिये आबकारी विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित है। जिला आबकारी अधिकारी श्री बघेल ने बताया कि इसी अभियान के तहत गत दिवस आबकारी वृत्त बड़वारा क्षेत्र में विभागीय अमले द्वारा दबिश की कार्रवाई की गई। आगामी विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर गत दिवस आबकारी दल द्वारा बड़वारा क्षेत्र के ग्राम भदौरा, अमाडी, बसाडी, सुड्डी, निगहरा, बगेहा, नदावन, एवं पिपरिया कला में दबिश देते हुये 2175 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया है। इसके साथ ही 36 लीटर अवैध हाथभट्टी मदिरा भी जप्त की गई है। कार्रवाई में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क एवं च के तहत 9 न्यायालयीन प्रकरण विभागीय अधिकारियों द्वारा दर्ज किये गये हैं। इस कार्रवाई में जप्तशुदा लाहन का सैम्पल लेकर नष्ट किया गया है। कार्रवाई में जप्त की गई मदिरा एवं महुआ लाहन की अनुमानित कीमत 2 लाख 23 हजार रुपये है।

चुनाव हुआ नहीं अभी लेकिन सुभाष चौक में भाजपा विधायक का लग गया बोर्ड बना चर्चा का विषय, सत्ता के मद में इतने चूर कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को भी ठेंगे पर रख दे रहे चुनौती।

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शब्द पावर। जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे नए-नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं और आरोप प्रत्यारोप का दौर तो जारी है ही लेकिन पोस्टर लगाकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कीरकिरी कर ली है अभी चुनाव हुआ नहीं, जनता ने किसी को चुना नहीं और भाजपा ने अपने बड़वारा के प्रत्याशी को विधायक होने का तमगा दे दिया। जनता के आशीर्वाद से ऊपर उठ कर भाजपा ने अपनी मनमानी पूर्ण कार्यशैली का परिचय देते हुए शहर के बीचोबीच सुभाष चौक सहित अन्य जगहों पर भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को बड़वारा का विधायक बना दिया। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा शहर में लगाए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी को विधायक संबोधित करने वाले पोस्ट को लेकर कांग्रेस जनों में खासा आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने इन पोस्टों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने कहा कि क्या भाजपा के लोग यह मानते हैं कि बड़वारा में दो विधायक हैं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा की टिकट मिलने मात्र से ही व्यक्ति को विधायक मान लिया जाता है। क्या क्षेत्रीय जनता की भावनाओं से ऊपर उठकर बीजेपी वोट रूपी जनादेश की भी आवश्यकता नहीं समझती। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़वारा के विधायक कांग्रेस के बसंत सिंह हैं। लेकिन भाजपा ने मनमानी पूर्वक आगामी विधानसभा चुनाव के लिए घोषित किए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को अभी से विधायक का तमगा थमा दिया है। भाजपा द्वारा किया गया यह कृत्य विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। ऐसा करके भाजपा ने न केवल बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के जनादेश को ठेस पहुंचाई है बल्कि अपनी मनमानी कार्यशैली का भी परिचय दिया है। भाजपा का यही चरित्र इस बार उन्हें सत्ता से बाहर कर देगा। कार्यवाहक अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर भारतीय जनता पार्टी के लोग जन भावनाओं को भी ठोकर मारते फिर रहे हैं। कहते हैं राजनीति में सब संभव है लेकिन इस तरह सरेआम बीच बाजार में जो पोस्टर लगाया गया है वह चर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना यह होगा कि इस पोस्टर का आम जनता पर क्या असर पड़ता है यह तो समय ही बताएगा जनता जनार्दन जवाब देगी

“मैं अमित शाह के बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है”

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“मैं अमित शाह के बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है” डीएमके नेता – स्टालिन ने कहा

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने चंद्रभूषण प्रसाद अतिरिक्त कलेक्टर मुरैना, पर जानकारी प्रदान न करने के लिए ₹ 25,000 का दंड लगाया

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राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने चंद्रभूषण प्रसाद पूर्व SDM ग्वालियर, वर्तमान में अतिरिक्त कलेक्टर मुरैना,पर जानकारी प्रदान न करने के लिए ₹ 25,000 का दंड लगाया है। एवं ग्वालियर डिवीजन के सार्वजनिक सूचना अधिकारीयों की आरटीआई एक्ट को समझने की कमजोरी के दृष्टिकोण को देखते हुए सिंह ने ग्वालियर डिवीजन के आयुक्त को सूचित किया है कि आयुक्त अधिकारियों को आरटीआई एक्ट पर प्रशिक्षण प्रदान करें।

घोषणा तो हो गई लेकिन हितग्राहियों की शिकायत है कि सावन बीत जाने के बावजूद उन्हें नहीं मिला 450 में गैस सिलिंडर

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मध्यप्रदेश में चुनाव में घोषणाओं के ऐलान पर ऐलान हो रहे है शिवराज सरकार ने पहले तो सावन में 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात कही, लेकिन अब नया घोषणा सामने आयी. जिसके तहत अब पूरे साल में लाडली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा. गैस कंपनियों को सब्सिडी के पैसे सरकार की ओर दिया जाएगा. घोषणा तो हो गई लेकिन हितग्राहियों की शिकायत है कि सावन बीत जाने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिला. दूसरी तरफ गैस एजेंसी के कर्मचारी भी असमंजस में हैं. एक हकीकत ये भी है कि राज्य में कई बहनें तो ऐसी हैं जिन्हें अभी तक उज्जवला का लाभ ही नहीं मिला.

अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं.

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अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं. अडानी समूह को लेकर अब एक और नई जानकारी सामने आई है. कथित तौर पर अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं. बिजनेस पेपर मिंट की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है सोर्स – लल्लनटॉप

Bankruptcy cases: What India can learn from UK’s urgent list system for fast resolutions

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India could learn valuable lessons from the UK’s urgent list system for bankruptcy cases. With judges possessing a deep understanding of insolvency legislation and practical realities, the UK’s approach ensures complex and contentious cases are directed to specialised courts for faster resolution. “Insolvency cases need timely attention because there are often urgent matters to be dealt with, such as employee concerns, safety issues, and stock price movements. In such instances, someone needs to take control of the company quickly. We are able to appoint administrators outside of court, resulting in fewer delays. In addition, we can approach the insolvency courts on an urgent basis and receive prompt decisions,” says Kanika Kitchlu-Connolly, Partner at TLT’s India Group, a well-known law firm based in the UK. Connolly suggests that India could adopt a similar model to expedite insolvency proceedings and empower judges with technical knowledge and commercial acumen for more effective outcomes. In the UK, if the county court lacks insolvency expertise or if the case becomes complex or contentious, it will be referred to the next largest county court with the required expertise. The High Court may also hear cases that are particularly difficult or of high value. In addition, the High Court has specialised lists for bankruptcy. The judges presiding over these cases are experts in insolvency law; they are known as ICC judges (insolvency and companies court judges) and possess the technical knowledge, technical expertise, and commercial understanding relevant to insolvency matters,” adds Connolly. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. 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शेयर बाजार ने रचा इतिहास, निफ्टी ने तोड़ डाले पुराने सभी रिकॉर्ड… अब नए शिखर पर

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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद एक बार फिर बढ़त के साथ बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स 367.47 (0.56%) अंकों की बढ़त के साथ 66,527.67 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 107.75 (0.55%) अंक चढ़कर 19,753.80 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली रूप से 0.0100(0.0122%) प्रतिशत फिसलकर 82.2500 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार की तेजी में ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों का योगदान रहा। निफ्टी में पावर स्टॉक्स में सबसे ज्यदा तेजी दिखी। इनमें एनटीपीसी टॉप गेनर रहा। Trending Videos हफ्ते के पहले कारोबारी दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे फॉक्सकॉन ने मोबाइल उपकरण बनाने की फैक्ट्री ने के लिए तमिलनाडु से किया करार ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन ने कांचीपुरम में मोबाइल उपकरण बनाने का कारखाना लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक आशय पत्र (एलओआई) पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। कुल 1,600 करोड़ रुपये की लागत से इसकी स्थापना की जाएगी और इससे 6,000 नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया कि उनकी मौजूदगी में राज्य सरकार और फॉक्सकॉन समूह के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान फॉक्सकॉन समूह का प्रतिनिधित्व यंग लियू ने किया। देश के फॉरेक्स रिजर्व में दर्ज की गई गिरावट, 1.987 अरब डॉलर घटकर 607 डॉलर हुआ 21 जुलाई को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.987 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह 607.035 बिलियन पर पहुंच गया। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पिछले हफ्ते में सात दिनों के दौरान ही विदेशी मुद्रा भंडार 12.743 अरब डॉलर बढ़कर 609.022 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। बता दें कि अक्तूबर 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार अक्तूबर 2021 में अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 645 अरब डॉलर पर पहुंचा था। उसके बार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक की ओर से फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल करने के कारण इसमें गिरावट दर्ज की गई। आरबीआई की ओर बीते शुक्रवार को जारी जारी साप्ताहिक साख्यिकीय पूरक के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार के मुख्य घटक फॉरेन करेंसी असेट्स में 21 जुलाई को समाप्त हफ्ते के दौरान 2.414 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई औेर यह 537.752 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आरबीआई के अनुसार इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 41.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 45.614 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आठ प्रमुख बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों की वृद्धि दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर जून 2023 में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में घटकर 8.2 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि मासिक आधार पर यह पांच महीने का उच्चतम स्तर है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2022 में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत थी। हालांकि जून में उत्पादन वृद्धि पांच महीने के उच्च स्तर पर रही। जनवरी में प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर 9.7 प्रतिशत रही जबकि मई 2023 में यह 5 प्रतिशत थी। अप्रैल-जुलाई 2023-24 में आठ क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 13.9 प्रतिशत थी।

शेयर बाजार ने रचा इतिहास, निफ्टी ने तोड़ डाले पुराने सभी रिकॉर्ड… अब नए शिखर पर

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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद एक बार फिर बढ़त के साथ बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स 367.47 (0.56%) अंकों की बढ़त के साथ 66,527.67 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 107.75 (0.55%) अंक चढ़कर 19,753.80 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली रूप से 0.0100(0.0122%) प्रतिशत फिसलकर 82.2500 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार की तेजी में ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों का योगदान रहा। निफ्टी में पावर स्टॉक्स में सबसे ज्यदा तेजी दिखी। इनमें एनटीपीसी टॉप गेनर रहा। Trending Videos हफ्ते के पहले कारोबारी दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे फॉक्सकॉन ने मोबाइल उपकरण बनाने की फैक्ट्री ने के लिए तमिलनाडु से किया करार ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन ने कांचीपुरम में मोबाइल उपकरण बनाने का कारखाना लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक आशय पत्र (एलओआई) पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। कुल 1,600 करोड़ रुपये की लागत से इसकी स्थापना की जाएगी और इससे 6,000 नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया कि उनकी मौजूदगी में राज्य सरकार और फॉक्सकॉन समूह के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान फॉक्सकॉन समूह का प्रतिनिधित्व यंग लियू ने किया। देश के फॉरेक्स रिजर्व में दर्ज की गई गिरावट, 1.987 अरब डॉलर घटकर 607 डॉलर हुआ 21 जुलाई को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.987 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह 607.035 बिलियन पर पहुंच गया। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पिछले हफ्ते में सात दिनों के दौरान ही विदेशी मुद्रा भंडार 12.743 अरब डॉलर बढ़कर 609.022 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। बता दें कि अक्तूबर 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार अक्तूबर 2021 में अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 645 अरब डॉलर पर पहुंचा था। उसके बार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक की ओर से फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल करने के कारण इसमें गिरावट दर्ज की गई। आरबीआई की ओर बीते शुक्रवार को जारी जारी साप्ताहिक साख्यिकीय पूरक के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार के मुख्य घटक फॉरेन करेंसी असेट्स में 21 जुलाई को समाप्त हफ्ते के दौरान 2.414 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई औेर यह 537.752 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आरबीआई के अनुसार इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 41.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 45.614 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आठ प्रमुख बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों की वृद्धि दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर जून 2023 में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में घटकर 8.2 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि मासिक आधार पर यह पांच महीने का उच्चतम स्तर है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2022 में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत थी। हालांकि जून में उत्पादन वृद्धि पांच महीने के उच्च स्तर पर रही। जनवरी में प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर 9.7 प्रतिशत रही जबकि मई 2023 में यह 5 प्रतिशत थी। अप्रैल-जुलाई 2023-24 में आठ क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 13.9 प्रतिशत थी।

राहुल बजाज का 83 साल की उम्र में निधन, जिनकी लीडरशिप में घर-घर तक पहुंचा था ‘हमारा बजाज’

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मुंबई। बजाज के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज (Rahul Bajaj) का शनिवार को पुणे में निधन हो गया. वो 83 वर्ष के थे, वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे और इसी के वजह से उनका निधन हुआ. बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाले राहुल बजाज को साल 2001 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था. उनका बजाज स्कूटर 80 के दशक में घर घर की पहचान बन चुका था और टीवी और रेडियो में बजने वाला विज्ञापन हमारा बजाज उनके ब्रांड की पहचान बना जो आज तक जारी है. आइये जानते हैं देश के इस उद्योगपति के सफल जीवन के बारे में जिसने भारत की ऑटो इंडस्ट्री (auto industries) को न सिर्फ दुनिया भर में पहचान दी साथ कई कारोबारियों के लिये प्रेरणा के स्रोत भी बने 1965 में संभाली ग्रुप की जिम्मेदारी राहुल बजाज का जन्म 10 जून, 1938 को कोलकाता में मारवाड़ी कारोबार परिवार में हुआ था, बजाज परिवार और नेहरू परिवार में अच्छी जानपहचान थी . राहुल बजाज ने 1965 में बजाज ग्रुप की जिम्मेदारी संभाली. उनके कार्यकाल में बजाज ऑटो का टर्नओवर 7.2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक पहुंच गया और यह स्कूटर सेग्मेंट में देश की अग्रणी कंपनी बन गई. उन्होने 50 साल तक कंपनी की बागडोर अपने हाथों में रखी. 2005 में वो इस पद से हटे और अपने बेटे को बागडोर सौंप दी बजाज फिलहाल देश की अग्रणी ऑटो सेक्टर की कंपनी है. बजाज ऑटो को अपना नाम 1960 में मिला था और वो स्कूटर बनाने के कारोबार में इससे पहले से थी. राहुल बजाज के कारोबार संभालने के साथ बजाज ऑटो नई ऊंचाई पर पहुंची साल 2008 में उन्होने कंपनी के तीन हिस्से किये जिसमें एक होल्डिंग कंपनी के अलावा बजाज ऑटो और बजाज फिनसर्व शामिल हैं. अप्रैल 2021 में वो कंपनी के नॉन एग्जीक्यूटिव पद से हट गये. घर घर की शान बना बजाज का स्कूटर बजाज के स्कूटर वेस्पा के बाजार में आते ही वो आम लोगों के ट्रांसपोर्टेशन का अहम हिस्सा बन गया था. स्थिति ये थी कि तब बजाज के स्कूटर को लेने के लिये लंबी वेटिंग लगती थी. चेतक के साथ बजाज कंपनी भारतीयों के और करीब आ गया. राहुल बजाज के कार्यकाल के दौरान टूव्हीलर मार्केट के दो तिहाई से ज्यादा हिस्से पर बजाज ऑटो का कब्जा था. इस समय दूरदर्शन पर चलने वाले एड की टैगलाइन हमारा बजाज इतनी सफल हुई कि वो आज भी जारी है. हालांकि बजाज स्कूटर को पाना राहुल बजाज के लिये आसान नहीं था. 1968 में फिरोदिया परिवार के साथ उन्हें कानून लड़ाई लड़नी पड़ी और स्कूटर पर अपना हक हासिल किया. ये कदम उनके लिये गेमचेंजर साबित हुआ और बाकी सभी बाते अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी है. जीवन में कई बड़े सम्मान हासिल किये राहुल बजाज ने एक सफल कारोबारी के रूप में खुद को स्थापित करने के साथ राहुल बजाज ने कई बड़े सम्मान अपने नाम किये. 2001 में उन्हें इंडस्ट्री में शानदार योगदान के लिये पद्म विभूषण मिला. इसके अलावा उन्हे फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान भी मिला. राहुल राज्यसभा के सदस्य भी रहे. इसके अलावा वो सीआई आई के अध्यक्ष भी चुने गये. 2017 में राहुल बजाज को राष्ट्रपति के द्वारा भी सम्मानित किया गया.फोर्ब्स की साल 2016 की रैकिंग में वो 2.4 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया में 722वें स्थान पर थे.

सरकार ने 1.38 करोड़ टैक्सपेयर को दिया 1.44 करोड़ का ITR रिफंड, कैसे चेक करें

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नई दिल्ली। अब तक 1.38 करोड़ टैक्सपेयर्स को 1.44 लाख करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड दिया जा चुका है. आईटी डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी. अभी आईटीआर फाइलिंग का समय भी चल रहा है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित है. टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स रिफंड के बारे में कहा है कि 99.75 लाख रिफंड 2021-22 एसेसमेंट ईयर का है. इस एसेसमेंट ईयर की मियाद 31 मार्च 2021 को समाप्त होगा. अब तक 99.75 लाख लोगों को रिफंड के तौर पर 20,451.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. टैक्स रिटर्न की दी जानकारी दूसरी ओर, टैक्स विभाग ने आईटीआर फाइलिंग की भी जानकारी दी है. टैक्स विभाग ने कहा है कि 2020-21 वित्त वर्ष के लिए 21 दिसंबर तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हो चुकी है. 31 दिसंबर की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही आईटीआर फाइलिंग में तेजी देखी जा रही है. आईटी विभाग ने एक ट्वीट में लिखा, अब तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की गई हैं. पिछले 7 दिन में ही 46.77 लाख आईटीआर दाखिल की गई है. 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर दाखिल की गई. रिफंड के बारे में क्या कहा टैक्स विभाग ने रिफंड के बारे में इनकम टैक्स विभाग ने एक ट्वीट में लिखा है, 1,35,35,261 संस्थाओं को 49,194 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड जारी किया गया है और 2.11 लाख से अधिक मामलों में 95,133 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स रिफंड जारी किया गया है. ट्वीट में कहा गया, “सीबीडीटी ने 1 अप्रैल, 2021 से 20 दिसंबर, 2021 तक 1.38 करोड़ से अधिक करदाताओं को 1,44,328 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया.” इससे पहले टैक्स रिटर्न के बारे में विभाग ने कहा, ‘आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 21 दिसंबर 2021 तक चार करोड़ से अधिक आईटीआर मिले हैं. पिछले एक सप्ताह में 46.77 लाख और 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर रिटर्न दाखिल किए गए.’ मंत्रालय ने कहा कि करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर है. आयकर विभाग ने करदाताओं को अंतिम तारीख याद दिलाने के लिए मैसेज और ईमेल भी भेजे हैं. विभाग ने आईटीआर जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है. रिफंड कैसे करें चेक जब रिफंड मिल रहे हैं तो इसे चेक करने का तरीका भी जान लेना चाहिए. आपको जानना चाहिए कि आईटीआर भरने के बाद भी क्यों अब तक रिफंड नहीं मिला. नियम के अनुसार अगर आपने रिटर्न भरा है तो रिफंड भी आएगा. रिफंड के बारे में जानने के लिए आपको इनकम टैक्स इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा. यहां आपको my account-my returns/forms सेक्शन में जाना होगा. यहां हो सकता है कि आपको यह लिखा मिले कि आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है लेकिन इनक टैक्स डिपार्टमेंट अभी नो रिफंड की स्थिति में है. हो सकता है कि आपको यह लिखा दिखे कि टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड के लिए तैयार है, लेकिन आप तक चेक या ईसीएस क्रेडिट नहीं पहुंच पा रहा. इसकी वजह यह हो सकती है कि आपने जो पता दिया है, वह गलत हो या उस पते पर चेक या ईसीएस कोई नहीं ले रहा हो. यह भी हो सकता है कि आपने जो पता दिया है वह घर बंद हो. हो सकता है कि ईसीएस क्रेडिट के लिए जो अकाउंट नंबर दिया गया है, वह गलत हो. ऐसी स्थिति में रिफंड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को वापस मिल जाता है. इसके लिए आपको अपनी जानकारी पुष्ट करनी चाहिए जो टैक्स डिपार्टमेंट को दिया है.

इंस्टाग्राम पर रोनाल्डो एक पोस्ट के लिए 11.9 करोड़ रुपए लेते हैं, विराट कोहली 5 करोड़

लंदन. पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंस्टाग्राम पर एडवर्टाइजिंग से सबसे ज्यादा कमाने वाले सेलिब्रिटीज में टॉप पर हैं। सोशल मीडिया मार्केटिंग फर्म हॉपर HQ (HopprHQ.com) के मुताबिक रोनाल्डो अपने अकाउंट पर एक पोस्ट के 11.9 करोड़ रुपए (1.6 मिलियन डॉलर) करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली इस मामले में 19वें नंबर पर हैं। विराट एक पोस्ट से 5.07 करोड़ रुपए कमाते हैं। हॉपर HQ फर्म इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों का आकलन करने के लिए एवरेज इंगेजमेंट, सेलिब्रिटीज कितनी जल्दी पोस्ट करते हैं और उनके फॉलोअर्स की संख्या जैसी बातों को ध्यान में रखती है। रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं हॉपर HQ की रिपोर्ट के मुताबिक 5 बार के बैलॉन’डि ओर विजेता रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं है। इस मामले में हॉलीवुड एक्टर ड्वेन जॉनसन दूसरे नंबर पर हैं। जॉनसन एक पोस्ट का 11.3 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, पॉप स्टार एरियाना ग्रैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। वे एक पोस्ट के एडवर्टाइमेंट से करीब 11.2 करोड़ रुपए लेती हैं। विराट कोहली अकेले भारतीय प्लेयर ओवरऑल स्पोर्ट्स की बात करें, तो रोनाल्डो के बाद मेसी का नंबर आता है। वे एड के एक पोस्ट से करीब 8.6 करोड़ रुपए कमाते हैं। भारत के विराट कोहली 395 सेलिब्रिटी की लिस्ट में अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में ज्यादातर फुटबॉल स्टार्स का नाम है। इसमें डेविड बेकहम, रोनाल्डिन्हो, इब्राहिमोविच, गैरेथ बेल और मोहम्मद सालाह जैसे खिलाड़ी हैं। हॉपर HQ की लिस्ट में 6 भारतीय इस लिस्ट में सिर्फ 6 भारतीयों को जगह मिली। विराट के अलावा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, इन्फ्लुएंसर कृतिका खुराना और आशना श्रॉफ, फोटोग्राफर और ट्रैवलर वरुण आदित्य और फूड ब्लॉगर और साउथ के सुपरस्टार वैंकटेश की बेटी आश्रिथा दग्गुबती शामिल हैं। आश्रिथा हालांकि, स्पेन में रहती हैं। खिलाड़ियों को इतना पैसा क्यों मिल रहा? अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्या है कि बस एक पोस्ट से इन सेलिब्रिटीज की इतनी कमाई हो जाती है? दरअसल इंस्टा या सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना सेलिब्रिटीज के लिए वक्त काटने का जरिया ही नहीं है, बल्कि इससे उनकी बड़ी कमाई भी होती है। यानी वह जो भी लिखते हैं या पहनते हैं या जैसे भी दिखते हैं, उसके पीछे पूरी प्लानिंग होती है। यह उनकी कमाई से जुड़ी होती है। इंस्टा पोस्ट से फॉलोअर्स पर असर पड़ता है सेलिब्रिटीज की इंस्टा पोस्ट का सीधे उनके फॉलोअर्स पर असर होता है। उदाहरण के तौर पर विराट को ही लें। इंस्टा पर उनके 12.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। अब अगर वे किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करते हैं, तो यह सीधे उनके करोड़ों फॉलोअर्स के पास पहुंच जाएगा। सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं यह एक तरह का विज्ञापन है, जिसमें किसी प्रोडक्ट को खरीदने या पसंद करवाने के लिए सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं। इसे इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कहते हैं। इसमें सेलिब्रिटी को पोस्ट करने के पैसे मिलते हैं। इंस्टाग्राम इसके लिए सेलिब्रिटी को पैसे नहीं देता है, बल्कि वह ब्रांड देता है, जिसे वह प्रमोट कर रहे होते हैं। कुछ खास हो रहा है तो वह विज्ञापन है इंस्टा पर प्रमोशन के इतने पैसे मिलने के पीछे एक बड़ी वजह है इसका नैचुरल लगना। उदाहरण के तौर पर टीवी पर एडवर्टाइजमेंट देखने वाले लोग समझ जाते हैं कि यह एक एड है। वैसे ही इंस्टा पोस्ट में खिलाड़ी एक पूरी स्क्रिप्ट और अच्छे प्लानिंग के साथ उसे पोस्ट करते हैं। ऐसा लगता है मानो, वह खुद उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, अगर सेलिब्रिटी किसी खास ब्रांड के कपड़े पहनता है या कोई खास जूते पहने है या कोई जूस पी रहा है, तो यह भी एड का हिस्सा ही होता है। लोग सेलिब्रिटी के ब्रांड की तरफ खिंचते हैं लोग समझ जाते हैं कि यह ब्रांड इस सेलिब्रिटी का फेवरेट है। साथ ही उनके मन में उस ब्रांड को लेकर इच्छा भी जगती है। साथ ही उसे वह खरीदने भी जाते हैं। इससे उस ब्रांड और प्रोडक्ट का प्रचार हो जाता है। आम लोग भी इंस्टा पोस्ट से पैसे कमा सकते हैं इसके लिए सबसे पहले फॉलोअर्स बढ़ाने की जरूरत होती है। जब फॉलोअर्स बढ़ेंगे, तभी ब्रांड्स पार्टनरशिप करेंगे। दरअसल एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स होने पर ब्रांड में पार्टनरशिप मिल जाती है। इससे ये तय होता है कि आपकी बात कितनों पर असर डालेगी। इसके बाद अपना पसंदीदा फील्ड चुनें। जैसे- स्पोर्ट्स, ब्यूटी, फैशन, क्रिएटिविटी, मोटिवेशनल, स्प्रिरीचुअल या कुछ और। इसके बाद बारी आती है आपके कंटेंट और कौन उसे प्रमोट कर सकता है इसकी। यह बिजनेस प्लानिंग की तरह है। इसके अलावा सही हैशटैग का यूज करें, ताकि ज्यादातर लोग आपके करीब पहुंच सकें। बहुत से और प्रॉपर हैशटैग हों, तो लोगों के उस हैशटैग को डालने पर पोस्ट की पहुंच बढ़ेगी। फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बेहतर पिक्चर या कंटेंट महत्वपूर्ण है। अगर आपकी दी गई तस्वीर अच्छी है तो आपकी लिस्ट में फॉलोअर्स बढ़ने लगेंगे।

6 अप्रैल को लांच होगी 7 सीटर SUV Hyundai Alcazer, ये हैं फीचर्स

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Hyundai ने अपनी आने वाली 7-सीटर SUV Alcazar का आधिकारिक स्केच जारी कर दिया है। Alcazar को अगले महीने 6 अप्रैल 2021 को लांच किया जाएगा। क्रेटा की तरह Alcazar को छह और सात सीटर, दो वैरिएंट में पेश किया जाएगा। Alcazar को 6 और 7 सीटर वैरिएंट्स में पेश करेगी। Alcazar के इंजन की बात करें तो इसमें 1.5 लीटर एमपीआई (मल्टी प्वाइंट इंजन) पेट्रोल इंजन हो सकता है जो 113hp का पॉवर और 144Nm का टार्क जेनेरेट कर सकता है। इसके अलावा 1.5 लीटर CRDi टर्बो डीजल इंजन 113 hp का पॉवर और 250 Nm का टॉर्क पैदा कर सकता है। 1.4 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 138 hp का पॉवर और 242 Nm का टॉर्क जेनेरेट कर सकता है. ये सभी इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शंस के रूप में ग्राहकों को उपलब्ध रहेंगे। गाड़ी को साइड से देखने पर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। व्हीलबेस इसमें क्रेटा के बराबर ही रखा गया है लेकिन तीसरी पंक्ति को बनाने के लिए इसकी लंबाई बढ़ाई गई है। कंपनी इस एसयूवी के जरिए अपने ग्राहकों को प्रीमियम अनुभव देने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी द्वारा सामने लाए गए डिजाइन स्केचेज के मुताबिक कार की दूसरी पंक्ति में दो कैप्टेन सीट्स और तीसरी पंक्ति में एक बेंच दिया जाएगा। 7 सीटर वैरिएंट में दूसरी पंक्ति में कैप्टेन सीट्स की बजाय एक बेंच दिया जाएगा जिस पर तीन यात्री बैठ सकेंगे। Alcazar का इंटीरियर में विंग-सराउंडेड आर्किटेक्चर पर आधारित है जिससे कार के अंदर बैठे लोगों को बेहतर अनुभव मिलेगा। Alcazar में क्रेटा के समान ही फ्लैट-बॉटन स्टीयरिंग व्हील दिया जाएगा और इसमें 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया जाएगा जिस पर ब्लूलिंक के जरिए कार फीचर्स कनेक्टेड रहेंगे। इंटीरियर दो कलर टोन में होगा। दूसरी पंक्ति में बैठे व्यक्तियों के आराम के लिए फ्लोर-माउंटेड आर्मरेस्ट रहेगा जिसमें कपहोल्डर्स भी रहेगा। तीसरी पंक्ति में बैठे लोगों के लिए अलग एसी वेंट है। Alcazar में हुंडई क्रेटा के समान बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग पैड, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेंट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, वाइस कमांड्स और एक एयर प्यूरिफायर हो सकता है। Alcazar में फ्रंट पार्किंग सेंसर्स या सराउंडेड व्यू कैमरा भी हो सकता है। भारतीय कार बाजार में Tata Safari, MG Hector Plus और Mahindra XUV 500 से होगा।

पेट्रोल-डीजल की नहीं रहेगी टेंशन, दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक, सिर्फ 1999…

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भोपाल। टू-व्हीलर ब्रांड Detel (डीटल) ने टू-व्हीलर ईजी प्लस बाइक को लांच किया है। कंपनी का कहना है कि यह दुनिया की सबसे किफायती बाइक है। राइड एशिया एक्सपो में इस इलेक्ट्रिक दोपहिया बाइक को पेश किया गया है। इस बाइक की कीमत 39,999 रुपए रखी गई है। फीचर्स की बात करें तो डीटल के इस टू-व्हीलर में 170 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलेगा। इस लो-स्पीड बाइक में 20AH लिथियम-आयन बैटरी लगी है। Easy Plus को 4-5 घंटे में पूरी तरह से चार्ज किया जा सकता है और एक बार में 60 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। इसे भारतीय सड़कों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। इस बाइक में मेटल एलॉय, पाउडर-कोटेड और ट्यूबलेस टायर लगाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि 1999 रुपए देकर प्री-बुक किया जा सकता है। डीटल ने इजी प्लस बाइक को 5 रंगों में लॉन्च किया है। इसमें मेटैलिक रेड, पर्ल व्हाइट, गनमेटल, मेटैलिक ब्लैक और मेटैलिक यलो कलर शामिल हैं। डीटल कंपनी ने जनवरी 2020 से भारतीय ग्राहकों को स्मार्ट ईवी वाहनों की सुविधा देने के लिए ईवी उद्योग में प्रवेश किया है।

Royal Enfield की Interceptor 650 का कमाल, 212 kmph की रफ्तार से दौड़ी

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Royal Enfield की मशहूर बाइक Interceptor 650 ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस बाइक ने अपना ही एक रिकॉर्ड तोड़ते हुए 212.51 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ी है। Royal Enfield ने अपनी इस बाइक को साल 2018 में लॉन्च किया था और यह कंपनी के मशहूर मॉडलों में से एक है। ये बाइक न केवल भारतीय बाजार में पसंद की जाती है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी खासी मांग है। भारतीय बाजार में इस बाइक की कीमत 2.66 लाख रुपये से लेकर 2.87 लाख रुपए के बीच है। इस बाइक में कंपनी ने 648cc की क्षमता का पैरलल ट्विन एयर कूल्ड इंजन का प्रयोग किया है जो कि 47.45PS की दमदार पावर और 52Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 6 स्पीड ट्रांसमिशन गियरबॉक्स के साथ आता है। भारतीय बाजार में उपलब्ध मॉडल में कंपनी ने ट्वीन पॉड एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, LED टेल लाइट, डुअल चैनल एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) जैसे फीचर्स मिलते हैं। ऑस्ट्रेलिया के लेक गैर्डनर में आयोजित एक स्पीड वीक रन में Interceptor 650 ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए 212.51 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड दर्ज की। इससे पहले इस बाइक ने साल 2016 में 195.05 किलोमीटर रिकॉर्ड सेट किया था। इस राइड के दौरान Charlie Hallam ने बाइक को चलाया है। राइड के पहले दिन चार्ली ने इस बाइक से 195.98 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड दर्ज की, कुछ अटेम्पट के बाद तीसरे दिन उन्होनें इस बाइक को 212.51 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से दौड़ाया। इस राइड के दौरान बाइक में कुछ मामूली मॉडिफिकेशन के साथ कमर्शियल अनलेडेड फ़्यूल का प्रयोग किया गया था। इस बाइक को मेलबर्न बेस्ड मिड लाइफ साइकिल ने मॉडिफाई किया है। हालांकि इसके इंजन में किसी प्रकार का चेंज नहीं किया गया था।

भारत में लांच हुई Mercedes Benz E-Class LWB, कीमत 63.6 लाख

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मर्सिडीज बेंज ने 2021 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास (2021 Mercedes-Benz E-Class LWB) को लॉन्च कर दिया है। कार को भारत में 63.6 लाख (एक्स-शोरूम, भारत) की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। यह कार पांच वेरिएंट में मिलेगी। इसमें E200 Expression वेरिएंट की कीमत 63.6 लाख, E200 Exclusive की कीमत 67.2 लाख, E220d Expression की कीमत 64.8 लाख रुपए और E220d Exclusive की कीमत 68.3 लाख रुपए और सबसे महंगी E350d वेरिएंट की कार की कीमत 80.9 लाख रुपए है। 2021 Mercedes-Benz E-Class LWB कार तीन वेरिएंट इंजन में खरीदा जा सकेगा। सभी तीन इंजन 9 जी-ट्रॉनिक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध हैं। लक्जरी सेडान कार एक पेट्रोल इंजन और दो डीजल पावरप्लांट के बीच एक ऑप्शन के साथ उपलब्ध है। पेट्रोल इंजन (E200 के रूप में उपलब्ध) एक 2.0-लीटर 4-सिलेंडर यूनिट है जो 320 एनएम के साथ 194 बीएचपी पावर है। इसमें दो डीजल इंजन हैं – E220d और E350d. E220d एक 2.0-लीटर यूनिट है जो 192 हॉर्स पावर और 400 Nm को डेवलप करता है जबकि E350d इंजन में एक 3.0-लीटर 6-सिलेंडर पावरप्लांट का इस्तेमाल हुआ है, जो 282 बीएचपी का पावर और 600 एनएम का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। नई ई-क्लास मौजूदा मॉडल की मुकाबले कई नए फीचर्स और डिजाइन के साथ लॉन्च हुई है। नई 2021 Mercedes-Benz E-Class LWB कार 6.1 सेकेंड से लेकर 7.6 सेकंड में जीरो से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति पकड़ सकती है। कार में 12.3 इंच टचस्क्रीन और 12.3 इंच इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है। अन्य बदलावों में नई ई-क्लास आउटगोइंग मॉडल की तुलना में काफी अलग दिखती है जो पिछले मॉडल के ट्विन आईब्रो डिजाइन के उलट सिंगल एलईडी डीआरएल आइब्रो के साथ नए हेडलैम्प से लैस है। नया फ्रंट बम्पर, अलॉय व्हील्स के लिए एक अलग डिज़ाइन, पावरनेट्स लकीरें (बोनट पर), एक क्लीन प्रोफाइल के साथ एक कैरेक्टर लाइन है जो फ्रंट फेंडर से बूट तक फैली हुई है और नए एलईडी सिग्नेचर के साथ नई स्प्लिट टेल लाइट्स है।

3 दिन में 11 फिल्मों की रिलीज डेट होगा 1500 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन

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कोरेाना वायरस और लॉकडाउन के चलते सिनेमाघरों को 11 महीनों लंबा वनवास झेलना पड़ा, जो कि पिछले तीन-चार दिनों में टूट चुका है। यशराज, टीसीरीज, जैकी भगनानी, दिनेश विजान, धर्मा प्रोडक्शंस, रि‍लायंस एंटरटेनमेंट और आनंद एल राय ने 11 ‘संदीप और पिंकी फरार’, ‘बंटी और बबली2’, ‘शमशेरा’,’जयेशभाई जोरदार’, ‘पृथ्‍वीराज’, ‘झुंड’, ‘चंडीगढ़ करे आशि‍की’, ‘बेल बॉटम’, ’83’, ‘अतरंगी रे और ‘शेरशाह’ हैं। ट्रेड विश्लेषकों के मुताबिक, इन फिल्‍मों से बॉक्‍स ऑफिस पर करीब 1500 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन होने की प्रबल संभावना है। सलमान-यशराज की अगुवाई का असर ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श के शब्‍दों में, “सिनेमाघरों में फिल्‍में रिलीज करने के सिलसिले का आगाज सलमान खान और यशराज स्‍टूडियोज के चलते हुआ। असल आगाज एग्‍जीबिशन सेक्‍टर द्वारा सलमान को चिट्ठी लिखने से हुआ, जिसके बाद सलमान ने ओटीटी के लुभावने ऑफर को ठुकराया। साफ कहा कि ‘राधे’ ईद पर ही सिनेमाघरों में ही आएगी। दूसरा बड़ा धमाका यशराज फिल्म्स की तरफ से हुआ। उन्‍होंने गुरुवार को पांच फिल्मों की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया। इससे बाकी प्रोड्यूसर्स बिरादरी को हौसला मिला। शुक्रवार को 6 और शनविार की सुबह तक एक और फिल्‍म की रिलीज डेट आ गई।” बॉक्‍स ऑफिस की दीवाली तरन आगे कहते हैं, “कोरोनावायरस और लॉकडाउन ने बॉक्‍स ऑफि‍स का दिवाला निकाल दिया था। लेकिन अब उनकी दीवाली लौटती नजर आ रही है। केवल इन 11 फिल्‍मों से 1500 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस मुमकिन है। यह रकम भी छोटी पड़ जाएगी, क्‍योंकि सभी फिल्‍में मेजर हैं। सबमें बड़ी कास्‍ट एंड क्रू है। स्‍टार पावर दर्शकों को सिनेमाघरों में खींच कर ले आएगा।” अक्षय की दो फिल्‍मों का मेजर क्‍लैश ट्रेड पंडितों ने आगे बताया, “अक्षय कुमार की 4 फिल्‍में इस साल आ रही हैं। ये हैं ‘सूर्यवंशी’, ‘बेल बॉटम’, ‘पृथ्‍वीराज’ और ‘अतरंगी रे’। ‘बच्‍चन पांडे’ अगले साल आएगी। ‘बेल बॉटम’ और ‘पृथ्‍वीराज’ का दूसरी फिल्मों से बड़ा क्लैश तय है। ‘बेल बॉटम’ हॉलीवुड की ‘फास्‍ट एंड फ्यूरियस 9’ से और ‘पृथ्‍वीराज’ की शाहिद कपूर की ‘जर्सी’ से टकराएगी।” रिलीज डेट आने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। अगले सप्ताह आधा दर्जन बड़ी फिल्मों की तारीखों का ऐलान संभव है।

सस्ते में घर और प्लॉट खरीदने की कर रहे प्लानिंग, तो है बेहतर मौका, SBI के ई-नीलामी में लें हिस्सा

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मुंबई. SBI शाखा में जाकर आप प्रॉपर्टी की नीलामी से संबंधित जानकारी ले सकते हैं। ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति नीलामी की प्रक्रिया और संबंधित प्रॉपर्टी के बारे में किसी भी तरह की जानकारी के लिए निर्दिष्ट अधिकारी से संपर्क कर सकता है। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आप सस्ती कीमत में प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके पास एक बेहतर मौका है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) लोन न चुकाने वाले लोगों की प्रॉपर्टी की नीलामी करेगा। ये उन लोगों की प्रापर्टी है जो लोन नहीं चुका पाए हैं और बैंक अपनी फंसी हुई रकम वापस निकाल रहा है। इसकी जानकारी बैंक की ओर से ट्वीट कर दी गई है। ये नीलामी ऑनलाइन होगी, इसमें रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल हर तरह की प्रॉपर्टी खरीदने का मौका मिलेगा। नीलामी में कई कारें भी बेची जाएंगी। नीलामी की प्रक्रिया 30 दिसंबर को की जाएगी। बैंक ने ट्वीट में लिखा है कि क्या आप भी निवेश करने के लिए प्रापर्टी सर्च कर रहे हैं? अगर ऐसा है तो आप एसबीआई ई-ऑक्शन में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। नीलामी नियमों के अनुसार, ई-नीलामी की तारीख पर नीलामी वाले घंटों में बिडर्स को लॉग-इन कर बोली लगानी होगी। बैंक की वेबसाइट पर कुछ लिंक्स भी मौजूद हैं। इन पर जाकर प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी और उनकी लोकेशंस पता की जा सकती हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी न मिलने पर घर-घर फल और सब्जी पहुंचाने के लिए शुरू किया शॉप ऑन व्हील

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जम्मू। जम्मू के रहने वाले 26 वर्षीय अताउल्लाह बुखारी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई की। फिर नौकरी नहीं मिली तो सब्जी और फल बेचने का काम शुरू किया। मगर तरीका बिलकुल नया और हाईटेक था। नतीजा ये रहा कि कम समय में ही अताउल्लाह का स्टार्टअप शॉप ऑन व्हील चर्चित हो गया। जम्मू के राजौरी जिले के अताउल्लाह का परिवार जम्मू शहर के बठिंडी इलाके में ही रहता है। वह चंडीगढ़ पढ़ाई करने गए, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर लौटे भी मगर कोई खास नौकरी जम्मू में नहीं मिली। तो सोचा कि बाहर जाकर नौकरी तलाश की जाए लेकिन कोरोना ने घर पर ही बैठा दिया। अताउल्लाह के पास न तो नौकरी थी और नौकरी ढूंढने के ऑप्शन। एक दिन अचानक ख्याल आया कि कुछ अपना काम ही शुरू किया जाए। अताउल्लाह कहते हैं, ‘जैसे ही अनलॉक हुआ मैंने एक थ्री व्हीलर ऑटो फाइनेंस कराया और उसको ‘शॉप ऑन व्हील’ की तरह डिजाइन करवाया। इतना तो तय था के इन दिनों लोगों को अगर घर बैठे हाइजेनिक तौर पर साफ- सुथरी और अच्छी क्वालिटी की सब्जियां और फल मिलेंगे तो वह जरूर खरीदेंगे। इसलिए मैंने एक एक वेबसाइट www.flyekart.com डिजाइन की। सितम्बर में काम शुरू करने से पहले दो पढ़े-लिखे मगर रोजगार की तलाश कर रहे दोस्त अब्दुल मतीन और आमिर निसार से बात की तो वो भी साथ काम करने के लिए तैयार हो गए। हम तीनों ने तय किया के चाहे सब्जी महंगी मिले या कम बिके लेकिन हम क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करेंगे। शुरुआत में हमने जम्मू की मशहूर नरवाल मंडी से फल-सब्जियां खरीदकर, कम दाम पर लोगों के घरों तक अच्छी फल-सब्जी पहुंचानी शुरू की। आज हम जम्मू के करीब 100 घरों को ऑनलाइन और वॉट्सऐप ऑर्डर के जरिए सब्जी दे रहे हैं। इसके अलावा हम जम्मू के कई रिहायशी इलाकों और सोसाइटी में जाकर भी फल-सब्जी बेच रहे हैं।’ अताउल्लाह कहते हैं कि उन्होंने आगे की भी प्लानिंग की है। अब वो कई किसानों से भी बात कर रहे हैं ताकि ऑर्गेनिक सब्जियां भी खरीदकर बेच सकें। वहीं जैसे-जैसे डिमांड बढ़ रही है उसके मुताबिक कुछ और लोडिंग कैरियर खरीदकर उसे शॉप ऑन व्हील की तर्ज कर तैयार करके मार्केट में उतारेंगे और धीरे-धीरे इस कॉन्सेप्ट को जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों तक भी लेकर जाएंगे। अताउल्लाह बताते हैं ‘हम लोगों ने दो लाख रुपए में लोडिंग कैरियर फाइनेंस करवाया और फिर बाकी कुछ खर्च उसकी डिजाइनिंग पर किया। इसके बाद हमने काम शुरू किया तो प्रॉफिट होने लगा। हालांकि हम अभी इस काम में नए हैं तो प्रॉफिट से अधिक लोगों का सेटिस्फेक्शन जरूरी है। हमारी कोशिश है कि इस काम को और आगे लेकर जाएं और अपना अलग मुकाम बनाएं।

शेयर बाजार : सेंसेक्स 44655 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद

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मुंबई। अच्छे GST कलेक्शन जैसे मजबूत घरेलू संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी के चलते मंगलवार को शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 505.72 अंक ऊपर चढ़कर 44,655.44 के रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। क्लोजिंग के वक्त पिछला रिकॉर्ड स्तर 26 नवंबर को था, जब सेंसेक्स 44,259.74 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स का अब तक का हाइएस्ट लेवल 44,825.37 है, लेकिन 25 नवंबर का यह आंकड़ा इंट्रा-डे का है। शेयर बाजार में बने 2 और रिकॉर्ड निफ्टी का रिकॉर्ड लेवल: मंगलवार को निफ्टी इंडेक्स भी 140.10 अंक ऊपर चढ़कर पहली बार 13,109.05 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबारी दिन में इंडेक्स ने 13,128.40 को टच किया। हालांकि, इंडेक्स का हाइएस्ट लेवल 13,145.85 है, जो 25 नवंबर को इंट्रा-डे में बना था। मंगलवार को बाजार की तेजी को ऑटो और आईटी शेयरों ने लीड किया। निफ्टी ऑटो, आईटी और मेटल इंडेक्स में 1-1% से ज्यादा की बढ़त रही। मार्केट कैप: BSE में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप भी रिकॉर्ड 176.26 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। इससे पहले यह 30 अक्टूबर को 157.90 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा था। यानी तब से अब तक टोटल मार्केट कैप 18.36 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुका है। निफ्टी में सरकारी कंपनी गेल का शेयर 8% ऊपर बंद हुआ है। सन फार्मा और इंडसइंड बैंक के शेयर 5-5 फीसदी ऊपर बंद हुए। टेक महिंद्रा का शेयर भी 4% ऊपर बंद हुआ। वहीं, नेस्ले इंडिया का शेयर 2% नीचे बंद हुआ। ऑटो इंडेक्स में अमारा राजा बैट्रीज का शेयर भी 2% नीचे बंद हुआ है। सुबह BSE सेंसेक्स 286.11 अंक ऊपर 44,435.83 पर और निफ्टी 93.25 अंक ऊपर 13,062.20 पर खुला था।

MP : 7 माह में 10500 कराेड़ का कर्ज लिया, प्रदेश के हर नागरिक पर 34 हजार का कर्ज

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भोपाल। कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। शिवराज सरकार 30 दिन में चौथी बार बुधवार को बाजार से 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इससे पहले 7, 13 और 21 अक्टूबर को सरकार बाजार से 1-1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। शिवराज सरकार अपने 7 माह के कार्यकाल में 9वीं बार कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 4 अक्टूबर को 20 साल के लिए एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने की प्रक्रिया पूरी की गई है। सरकार के इस फैसले पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी से सरकार को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि “इससे पता चल रहा है कि हमारा प्रदेश कहां जा रहा है। सरकार ने हर नागरिक पर 34 हजार रुपए का कर्ज लाद दिया है।” पटवारी ने कहा कि चुनाव के दाैरान दाेनाें पार्टियों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। अब जनादेश पेटियों के भीतर है। जो निर्णय होगा, हमें मंजूर होगा। आशा है, लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आपका मत रहा होगा। मप्र में आर्थिक स्थिति ऐसी है कि शिवराज सिंह चौहान ने एक हजार करोड़ रुपए का फिर से कर्ज लिया है। मैंने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि पिछले 7 महीने में 9 बार कर्ज लिया, अब तक 10500 कराेड़ रुपए का कर्ज लिया है। पिछले 15 साल के इनके कार्यकाल की बात करें, तो शिवराज सरकार ने 2 लाख 5 हजार 993 करोड़ रुपए कर्ज लिया है। ऐसे में प्रदेश के हर नागरिक पर सरकार ने 34 हजार रुपए का कर्ज लाद दिया है। बजट का 15 फीसदी पैसा ब्याज में जा रहा यदि ऐसे ही आर्थिक हालात बदतर होते रहे, तो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का क्या होगा। आपको यह पता होना चाहिए कि हम इस कर्ज का करीब 16 हजार करोड़ प्रतिवर्ष ब्याज देते हैं। बजट का 15 फीसदी से ज्यादा हमारा ब्याज पर जाता है। मप्र में 40 साल के नीचे वाले युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। बच्चे को मुश्किलों से पढ़ाने के बाद नौकरी नहीं मिलने पर माता-पिता की मानसिक हालत बदतर हो रही है। मप्र में बेरोजगारी और किसानों की समस्या को लेकर रोज आत्महत्याएं हो रही हैं। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां खाली पड़ी हैं। छह महीने से स्कूल शिक्षा विभाग, नगरीय निकायों में वेतन नहीं बंटा है। ये लोग पेट्रोल डीजल में टैक्स बढ़ाकर इस भार को कम करने की कोशिश में हैं। विकास कार्यों के लिए कर्ज लिया गया मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सरकार की माली हालत पहले से ही खराब थी। कोरोना के कारण सरकार के राजस्व में भारी कमी आई है। जीएसटी में लगातार कमी के कारण सरकार की आर्थिक संकट की स्थिति में है। सरकार पर जनवरी से अब तक 22 हजार करोड़ का कर्ज बढ़ा है। केंद्र से 4440 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की पात्रता मिली है। नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार विकास कार्यों के लिए यह कर्ज लिया है। ब्याज पर 15 हजार करोड़ रुपए खर्च मध्य प्रदेश सरकार सिर्फ ब्याज पर ही करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही हैl 2017 में यह ब्याज 12695 करोड़ों रुपए था, जो 2018 में 14432 करोड रुपए हो गयाl जबकि 2019 में 13751 करोड रुपए तथा 2020 में यह बढ़कर 16460 करोड़ रुपए होने की उम्मीद हैl

बदलने लगी इकोनॉमी की तस्वीर, अक्टूबर में स्थिति सुधरने के 3 बड़े संकेत

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नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लगातार अब अच्छी खबरें आ रही हैं. लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां थम गई थीं. लेकिन अब कई सेक्टर में ग्रोथ की रफ्तार कोरोना संकट से पहले जैसी देखने को मिल रही है. इस बीच कई आंकड़े सामने आए हैं, जो बता रहे हैं कि अक्टूबर में स्थिति बेहतर हुई है. आंकड़े पिछले साल के अक्टूबर के मुकाबले भी बेहतर दिख रहे हैं. GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार अर्थव्यवस्था की गाड़ी तेजी से पटरी पर दौड़ने लगी है, इस का पहला सबूत जीएसटी कलेक्शन से मिल रहा है. अक्टूबर महीने में जीएसटी कलेक्शन आठ महीने के बाद 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया है. इससे पहले फरवरी में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये हुआ था. जीएसटी कलेक्शन में मार्च से गिरावट हावी था. अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा. इससे पहले फरवरी- 2020 में जीएसटी कलेक्शन 1,05,366 करोड़ रुपये रहा था. जबकि सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 95480 करोड़, अगस्त में जीएसटी कलेक्शन 86,449 करोड़, जुलाई में कलेक्शन 87,422 करोड़ रुपये रहा था. हालांकि अभी भी सरकार का जीएसटी कलेक्शन उसके निर्धारित लक्ष्य से बहुत पीछे है. बिजली खपत में शानदार इजाफा देश में बिजली की खपत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में बिजली की खपत 110.94 अरब यूनिट रही. पिछले साल के अक्टूबर की तुलना में 13.38 फीसदी अधिक है. पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 97.84 अरब यूनिट था. इसकी बड़ी वजह औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों की ओर से बिजली की मांग बढ़ना है. पैसेंजर व्हीकल्स की डिमांड में बढ़ोतरी कोरोना संकट के बीच अब लोग खर्च कर रहे हैं, लगातार ऑटो कंपनियां बेहतर नतीजे पेश कर रही हैं. अक्टूबर में वाहनों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है. खासकर पैसेंजर गाड़ियों की मांग में काफी तेजी देखी जा रही है. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने अक्टूबर में कुल 1,82,448 वाहन बेचे, जो पिछले साल के अक्टूबर के मुकाबले 19 फीसदी और पिछले महीने के मुकाबले करीब 20 फीसदी ज्यादा है. टाटा की गाड़ियों की बिक्री अक्टूबर में 79 फीसदी बढ़ी वहीं दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी हुंडई मोटर्स ने अक्टूबर-2020 में कुल 68,835 गाड़ियां बेचीं, जबकि अक्टूबर- 2019 में कंपनी ने कुल 63,610 यूनिट्स की बिक्री की थी. इसके अलावा टाटा की गाड़ियों की बिक्री अक्टूबर में रिकॉर्ड 79 फीसदी बढ़ी है. टाटा मोटर्स ने कुल 23,600 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो कि अक्टूबर-2019 में 13169 यूनिट्स रही थी. यही नहीं, कंपनी का उम्मीद है कि फेस्टिव सीजन में और डिमांड बढ़ने वाली है. मांग बढ़ाने पर सरकार का फोकस गौरतलब है कि पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा कि अर्थव्यवस्था में अब सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर में गिरावट होगी या फिर शून्य के करीब रहेगी. बता दें, 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी. फिलहाल सरकार का जोर सार्वजनिक खर्च के जरिये आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर है.

Jio-क्वॉलकॉम ने की 5G की सफल टेस्टिंग, 1Gbps की स्पीड

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मुंबई . रिलायंस जियो और US-बेस्ड क्वॉलकॉम, दोनों कंपनियां मिलकर भारत में होमग्रोन टेक्नोलॉजी बेस्ड 5G मोबाइल इंटरनेट को तेजी से उपलब्ध कराएंगी. इससे भारत को उन देशों की एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल होने का मौका मिलेगा, जो यूजर्स को सुपरफास्ट 1 Gbps की स्पीड उपलब्ध कराती हैं. जियो ने क्वॉलकॉम के साथ मिलकर अपनी 5G टेक्नोलॉजी की सक्सेसफुल टेस्टिंग की है. ये घोषणा अमेरिका के सैन डियागो में हुए एक वर्चुअल इवेंट में की गई है. क्वॉलकॉम 5G समिट के दौरान रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमेन ने कहा कि क्वॉलकॉम और जियो मिलकर 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकी इसकी लॉन्चिंग जल्द भारत में की जा सके. ये साझेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की प्रतिबद्धता पर आधारित है. उन्होंने जुलाई में घोषणा की थी कि जियो मेड-इन-इंडिया 5G टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहा है. दोनों कंपनियों ने ये भी जानकारी दी है कि उन्होंने एक क्वॉलकॉम प्लेटफॉर्म की मदद से जियो की 5G सॉल्यूशन पर 1 Gbps की स्पीड भी प्राप्त की है. इसका मतलब ये है कि इससे 1GB फाइल साइज वाली किसी मूवी को महज एक सेकेंड में डाउनलोड किया जा सकेगा. इस साझेदारी में जियो की अमेरिकी सब्सिडियरी कंपनी रेडिसिस कॉर्पोरेशन भी शामिल है. जियो की 5G टेक्नोलॉजी पूरी तरह से स्वदेशी होगी. इसके लिए जियो ने होमग्रोन 5G RAN (रेडियो ऐक्सेस नेटवर्क) तैयार किया है जो अल्ट्रा हाई स्पीड आउटपुट देने के लिए परफेक्ट है. इसकी टेस्टिंग अमेरिका में कर ली गई है. स्वदेशी नेटवर्क होने से भारत को इक्विपमेंट्स के लिए चीनी कंपनियों जैसे Huawei और ZTE पर निर्भर होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे में नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी संभावित सुरक्षा संबंधी खतरे को भी टाला जा सकेगा.

कोल्ड स्टोरेज की मांग बढ़ेगी, 2023 तक क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद

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भोपाल। ऑनलाइन ग्रॉसरी और फ्रेश फूड डिलिवरी बढ़ने के कारण देश में कोल्ड स्टोरेज सुविधा की मांग में बढ़ोतरी होगी। सीबीआरई की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 तक देश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। 2019 में ओवरऑल कोल्ड स्टोरेज क्षमता 37 से 39 मिलियन टन थी। दस राज्यों में कुल क्षमता का 91 फीसदी हिस्सा रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में देश की कुल कोल्ड स्टोरेज क्षमता में सिर्फ 10 राज्यों की 91 फीसदी हिस्सेदारी थी। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण ऑनलाइन ग्रॉसरी और फ्रेश फूड की बिक्री बढ़ी है। इससे कोल्ड स्टोरेज सेगमेंट की मांग में मजबूत उछाल की उम्मीद है। फूड डिलिवरी रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 तक देश में ऑनलाइन फूड डिलिवरी (ओएफडी) रेवेन्यू में 60 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में ओएफडी सेवाओं की मांग बढ़ने से ओवरऑल कोल्ड स्टोरेज क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी। सीबीआरई के चेयरमैन इंडिया एंड साउथ ईस्ट एशिया अंशुमन मैगजीन का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। फ्रेश फूड प्रोडक्शन एंड डिलिवरी, हेल्थकेयर और फूल-कैमिकल जैसे अन्य कारोबार करने वाली इंडस्ट्री के लिए यह काफी अहम है। क्लाउड किचन से भी कोल्ड स्टोरेज की मांग बढ़ेगी अंशुमन का कहना है कि देश में कोल्ड स्टोर सेगमेंट की संभावना को देखते हुए कहा जा सकता है कि कंज्यूमर इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख लोग इस सेक्टर में निवेश के लिए आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में क्लाउड किचन के उभरते कॉन्सेप्ट के कारण भी कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की मांग में भारी बढ़ोतरी होगी।

ख़ास तरह के 5 और 10 के सिक्कों की डिमांड, हो जायेंगे मालामाल

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नई दिल्ली। पैसा कमाने का जरिया इन दिनों ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भी ट्रेंड कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आपके पास माता वैष्णो देवी के 5 और 10 के सिक्के हैं। मतलब कहने का ये हुआ कि आपके 5 और 10 के सिक्के में माता वैष्णो देवी की तस्वीर होनी चाहिए। इन सिक्कों को साल 2002 में जारी किया गया था। माता रानी की तस्वीर होने के कारण लोग इन सिक्कों को काफी लकी मान रहे हैं। हिंदू धर्म में माता वैष्णो देवी की पूजा की जाती है। इसलिए, लोग इस तरह के सिक्कों के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। आप इन सिक्कों की ऑनलाइन वेबसाइट पर नीलामी कर सकते हैं। किसान भी अपने पुराने सिक्कों को ऑनलाइन बेचकर अमीर बनने के इस मौके को हथिया सकते हैं। इन वेबसाइट पर कर सकते हैं ऑनलाइन बिक्री https://dir.indiamart.com/impcat/old-coins.html http://www.indiancurrencies.com/

इनकम टैक्स रिटर्न 30 नवंबर तक करें दाखिल, इन लोगों के लिए ITR फाइल करना है जरूरी

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 नवंबर, 2020 कर दी है। साथ ही सेल्फ असेसमेंट टैक्स के भुगतान की सीमा भी बढ़ाई गई है। जिन लोगों की सेल्फ असेसमेंट देनदारी एक लाख रुपए तक है, वे 30 नवंबर, 2020 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किन लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है? जॉब कर रहे या रिटायर हो चुके लोगों को अक्सर लगता है कि उनके इनकम से टैक्स काट लिया गया है तो उन्हें ITR फाइल करने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आप गलत हैं। दरअसल, ITR भरने और इनकम टैक्स (Income Tax) जमा करने में फर्क है। ITR भरने का मतलब सरकार को अपने आय और खर्च की जानकारी देना है। ITR भरने के बाद अगर टैक्स की देनदारी बनती है तो आपको टैक्स चुकाना पड़ता है। अगर आपको नौकरी, कारोबार या पेशे से टैक्स छूट की सीमा से अधिक आमदनी होती है तो आपके लिए ITR भरना जरूरी है। किन्हें भरना है ITR अगर आप भारत के नागरिक हैं या फिर प्रवासी भारतीय (Overseas Indian) हैं और किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको ITR जरूर फाइल करना चाहिए। अगर आपकी सालाना कमाई 2.5 लाख से अधिक है, लेकिन टैक्स डिडक्शन इनवेस्टमेंट जैसे हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिकल इंश्योरेंस के बाद यदि आपकी कुल आय 2.5 लाख रुपये से कम हो जाती है तब भी आपको ITR फाइल करना होगा। इसके अलावा यदि आपको टैक्स फ्री कैपिटल गेन्स (Capital gains) या इक्विटी शेयर की बिक्री से आमदनी होती है, तब भी ITR फाइल करना जरूरी है। इस स्थिति में वास्तव में आप सरकार को कोई टैक्स तो नहीं चुकाते हैं, लेकिन अपनी आमदनी का एक ठोस सबूत जमा करते हैं। इन्हें मिलती है छूट अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है और आपकी कुल आमदनी 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो ITR फाइल करना जरूरी है। वहीं, उम्र 60 से 80 साल के बीच होने पर 3 लाख रुपये तक की आमदनी पर ITR फाइल करने से छूट मिलती है। वहीं, उम्र 80 साल या उससे अधिक होने पर 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर छूट मिलती है। यदि किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल आमदनी सिर्फ कृषि और उससे जुड़े कार्य से होती है तो आपको ITR भरने की जरूरत नहीं है। साथ ही अगर आपकी कुल सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से कम है तब भी आपके लिए आईटीआर ITR भरना जरूरी नहीं है।

काहे की मंदी … एस-प्रेसो की बिक्री आंकड़ा पहले साल में ही 75,000 इकाइयों को पार कर

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मुंबई। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की प्रवेश स्तर की छोटी कार एस-प्रेसो की बिक्री आंकड़ा पहले साल में ही 75,000 इकाइयों को पार कर गया है। यह कार पिछले साल सितंबर में पेश की गई थी। कंपनी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि इस कार को उतारे जाने के एक महीने के भीतर यह देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कारो में शामिल हो गई थी। कंपनी ने कहा कि एस-प्रेसो देश में ही डिजाइन और विकसित वाहन है। इसे भारत और दुनिया के अन्य देशों के लिए विकसित किया गया है। एमएसआई के कार्यकारी निदेशक (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ”एक साल के छोटे से समय में एस-प्रेसो ने अपने लिए एक मजबूत जगह बना ली। इस वाहन में कई ऐसे फीचर है, जो इस खंड में पहली बार पेश किए गए हैं। इनमें डायनामिक सेंटर कन्सोल के साथ स्मार्टप्ले इन्फोटेनमेंट प्रणाली शामिल है। श्रीवास्तव ने कहा कि एस-प्रेसो को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह एक मिनी एसयूवी का अनुभव देती है। सोनालिका ट्रैक्टर्स की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 46 फीसद बढ़कर 17,704 इकाई पर पहुंच गई। कंपनी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 51.4 फीसद बढ़कर 16,000 इकाई रही। पिछले साल समान महीने में उसने 10,571 ट्रैक्टर बेचे थे। इसी तरह समीक्षाधीन महीने में कंपनी का निर्यात 9.8 फीसद बढ़कर 1,704 इकाई पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान महीने में 1,552 इकाई रहा था।

लॉकडाउन का असर : भारत जीडीपी के मामले में बांग्लादेश भूटान, श्रीलंका, मालदीव से पीछे

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नई दिल्ली। पिछड़े देशों में गिने जाने वाले बांग्लादेश की पर कैपिटा (प्रति व्यक्ति) जीडीपी भारत की पर कैपिटा जीडीपी इस कैलेंडर साल में (जनवरी से दिसंबर) में ज्यादा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने यह जानकारी दी है। आईएमएफ ने कहा है कि बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,888 डॉलर (करीब 1,38,400 रुपए) हो सकती है, जबकि भारत में यह 1,877 डॉलर (करीब 1,37,594 रुपए) हो सकती है। अगर आईएमएफ का अनुमान सही होता है तो भारत अपने क्षेत्र में जीडीपी के मामले में सिर्फ पाकिस्तान और नेपाल से आगे रह पाएगा। इसका मतलब है कि दक्षिण एशिया में भूटान, श्रीलंका, मालदीव और निश्चित रूप से बांग्लादेश भारत से आगे होंगे। एक तरफ जहां भारत का प्रदर्शन गिर सकता है वहीं नेपाल और भूटान की अर्थव्यवस्था इस साल बढ़ने की उम्मीद है। आईएमएफ ने इसी के साथ यह भी कहा है कि 2021 में भारत इसमें आगे हो जाएगा। 2021 में भारत में प्रति व्यक्ति जीडीपी एक लाख 48 हजार 190 रुपए होगी, जबकि बांग्लादेश के लोगों की जीडीपी एक लाख 45 हजार 270 रुपए होगी। अभी भारत में एक लाख 37 हजार 21 रुपए जबकि बांग्लादेश में एक लाख 37 हजार 824 रुपए प्रति व्यक्ति जीडीपी है। यह आंकड़ा एक डॉलर पर 73 रुपए के आधार पर है। पहली तिमाही के नतीजों ने बुरा असर डाला है आईएमएफ ने कहा है कि पहली तिमाही के नतीजों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है। ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में अभी इसकी मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की राह आगे काफी चुनौतीपूर्ण है। आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक पर नजर डालें तो कुछ ऐसा ही नजर आता है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, देश की हालत बांग्लादेश से भी बदतर होने वाली है। इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी बांग्लादेश से भी नीचे हो जाएगी और यह सब लॉकडाउन का असर है। जीडीपी में इस साल 10 पर्सेंट गिरावट आई है इस साल भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 10 पर्संट गिरावट आई है। जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 4 प्रतिशत की बढ़त है। प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में, भारत कुछ साल पहले तक बांग्लादेश से काफी ऊपर था। लेकिन देश में तेजी से निर्यात के कारण उसकी बढ़त में काफी अंतर आया है। इसके अलावा बीच की अवधि के दौरान जब भारत की बचत और निवेश काफी सुस्त थी तब बांग्लादेश ने इसमें बाजी मार ली। आरबीआई के अनुमान से ज्यादा है आईएमएफ का अनुमान भारत के लिए आईएमएफ का अनुमान आरबीआई के 9.5% के अनुमान से भी बदतर है। यह विश्व बैंक के पहले के अनुमान की तुलना में भी निराशाजनक है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी में 9.6% की गिरावट की आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेन और इटली के बाद भारत की जीडीपी में 10.3% की कमी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा गिरावट है। सबसे बड़ी गिरावट आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह सबसे बड़ी गिरावट होगी। आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि चीन के अलावा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं 2020 में 5.7 फीसदी की की कमी देखेंगी। रिपोर्ट ने भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में वायरस के फैलने से होने वाले जोखिम को भी बताया है। इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं पर्यटन और कमोडिटीज़ जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों पर निर्भर हैं। 1990-91 की तुलना में ज्यादा गिरावट रिपोर्ट के साथ मौजूद आंकड़ों में कहा गया है कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था 1990-91 के संकट के बाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि श्रीलंका के बाद भारत के दक्षिण एशिया में सबसे खराब अर्थव्यवस्था होने की संभावना है। हालांकि, आईएमएफ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2021 में भारत में रिकवरी भी तेज होगी जो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक बार फिर भारत को बांग्लादेश से आगे निकाल देगा।

डेढ़ माह में सोना में 7300 रुपये और चांदी में 12 हजार की गिरावट

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भोपाल। सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव में गिरावट आई है। अगस्त में सोना 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम (23 कैरेट) था तो चांदी 70 हजार रुपये प्रतिकिलो थी। अभी सोना 7300 प्रति 10 ग्राम तो चांदी 12 हजार रुपये प्रतिकिलो तक सस्ती हुई है। वैश्विक बाजार में आई गिरावट के कारण कीमतें कम हुई हैं, जिसके बाद स्थानीय सराफा बाजार में ग्राहकी भी बढ़ी है। दीपावली बाद जिन परिवारों में शादी- विवाह होने हैं, उन्होंने खरीद शुरू कर दी है। कारोबारियों के मुताबिक जून से अगस्त तक बाजार में 25 से 30 फीसद ग्राहकी ही थी, लेकिन दाम कम होने से ग्राहकी 40 फीसद तक पहुंच गई है। सराफा व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष नरेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल में बड़े निवेशकों ने बैंकों में जमापूंजी को सोना-चांदी में निवेश कर दिया था। इस कारण मांग बढ़ गई थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाव में तेजी आ गई थी, लेकिन बाद में भाव में गिरावट होने लगी। वर्तमान में वैश्विक बाजार में सोना 1850 डॉलर प्रति औंस है, जबकि पहले यह दो हजार तक पहुंच गया था। ड्यूटी व जीएसटी को जोड़कर जो भाव रहते हैं, उस पर ग्राहकों को देते हैं। बंद दुकानों में भी चमका था सोना 25 मार्च से 31 मई तक लाकडाउन की वजह से भोपाल का सराफा बाजार बंद था। बंद दुकानों में सोना चमका था। लॉकडाउन अवधि में ही भाव 6000 रुपये तक बढ़ गए थे। जुलाई में 50 हजार के आंकड़े के पार पहुंचा था और अगस्त में रिकॉर्ड 58 हजार के आंकड़े को छू लिया था। ठीक ऐसा ही चांदी को लेकर भी रहा। चांदी पहली बार 70 हजार रुपये तक पहुंची थी।

इन स्टॉक ने किया निवेशकों को मालामाल, 6 महीने में दोगुना से बढ़ी शेयरों की कीमतें

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मुंबई . अगर आपने सोच समझ कर निवेश किया होता तो आप की निवेश की गई राशि आज दोगुनी हो जाती। पिछले 5-6 महीनों में शेयर बाजार में ढेर सारे अच्छे और खराब स्टॉक रहे हैं जिन्होंने दोगुना से भी ज्यादा बढ़त हासिल की है। हालांकि यह एक अलग मामला है कि इसका बहुत ज्यादा ताल्लुक कोरोना से रहा है। लेकिन बिना कोरोना के जिन शेयरों ने हमेशा अच्छा रिटर्न दिया है वे क्वालिटी वाले शेयर हैं। विप्रो के शेयर में दोगुना का रिटर्न- यह आईटी सेक्टर की बेहतरीन कंपनी है। इसका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। इसके शेयर ने हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन किया है। क्वालिटी स्टॉक्स में यह शेयर शामिल है। इसका शेयर एनएसई पर 19 मार्च को 159 रुपए पर था। आज यह शेयर 316 रुपए पर बंद हुआ है। यानी 6 महीनों में इस शेयर ने निवेशकों की संपत्ति को दोगुना कर दिया है। आपका एक लाख रुपए आज दो लाख रुपए हो गया है। इंफोसिस का शेयर- यह भी आईटी कंपनी है। बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड और क्वालिटी वाला शेयर है। इंफोसिस का गाइडेंस आईटी इंडस्ट्री के लिए एक दिशा तय करता है। बीच में इसके शेयरों पर थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन हाल में इस शेयर ने दोगुना का मुनाफा दिया है। मार्च में इसका शेयर 511 रुपए पर था। आज यह एनएसई पर एक हजार रुपए पर बंद हुआ है। यानी दोगुना के करीब फायदा मिला है। आपका एक लाख रुपए दो लाख रुपए हो गया है। डॉ. रेड्‌डीज का शेयर- यह फार्मा सेक्टर की कंपनी है। बेहतरीन क्वालिटी वाला शेयर है। चार दिनों से इसका शेयर बढ़ रहा था और आज एक साल के सर्वोच्च स्तर पर है। आज इसने एनएसई पर धमाल मचाया। एनएसई पर 10 प्रतिशत बढ़कर 5,306 रुपए पर बंद हुआ। 4 दिन में 20 प्रतिशत बढ़ा है। 6 महीने में यह 112 प्रतिशत बढ़ा है। यानी आपका एक लाख रुपए 2.12 लाख रुपए हो गया है। 19 मार्च को डॉ रेड्डीज का शेयर 2,495 रुपए पर आ गया था। आज यह 5,326 रुपए के भाव पर पहुंच गया। 6 माह में निवेशकों की दौलत 41,521 करोड़ से बढ़कर 88,109 करोड़ हो गई। लौरा लैब्स का शेयर-लौरा लैब्स फार्मा सेक्टर की कंपनी है। हालांकि यह उतनी फेमस तो नहीं है, पर क्वालिटी स्टॉक है। शुक्रवार को यह 6 प्रतिशत बढ़कर 1,491 रुपए पर बंद हुआ है। जनवरी से लेकर अब तक इसका शेयर तीन गुना बढ़ा है। एक जनवरी को इसके शेयर की कीमत 368 रुपए थी। अब यह 1,491 रुपए है। आईटी और फार्मा बिजनेस अच्छा चल रहा है दरअसल आईटी और फार्मा शेयर इसलिए बढ़े हैं क्योंकि लॉकडाउन में दोनों का बिजनेस अच्छा चला है। एक ओर जहां घर से काम करने की वजह से इंटरनेट के साथ-साथ पीसी, लैपटॉप, मोबाइल जैसे संसाधनों की मांग बढ़ी, वहीं लोगों ने इस पर खर्च भी अच्छा किया। फार्मा कंपनियों की तो चांदी ही रही। कोरोना की दवा भले नहीं आई, पर जो वर्तमान दवाएं हैं, उन्हीं के जरिए फार्मा कंपनियों ने अच्छी कमाई की है। लौरा लैब्स का 2018 में एपीआई बिजनेस 5 करोड़ का था। अब यह 825 करोड़ रुपए का हो गया है। आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने इसका लक्ष्य 1,620 रुपए रखा है। यानी अभी भी इसमें तेजी की उम्मीद बनी है।

मस्क दौलत में आई कमी

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अमेरिकी ऑटो कंपनी टेस्ला के संस्थापक और सीईओ एलन मस्क की दौलत मगंलवार के कारोबारी सत्र के दौरान महज छह घंटे में $16 अरब घट गई. उनकी कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट के चलते ऐसा हुआ. इसकी जानकारी ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स और फोर्ब्स के आंकड़ों से मिली है. मंगलवार को शेयर में आई गिरावट की वजह से मस्क दौलत में आई कमी टाइटन कंपनी, एचडीएफसी लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी भारतीय कंपनियों की मार्केटकैप से अधिक है

रिलायंस इंडस्ट्रीज

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रिलायंस इंडस्ट्रीज का जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.5% बढ़कर 11,262 करोड़ रुपये हुआ| नई दिल्ली. मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी आरआईएल RIL यानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd) का जुलाई-सितंबर तिमाही मुनाफा 11.5 फीसदी बढ़कर 11,262 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, इस दौरान कंपनी की आमदनी  1.48 लाख करोड़ रुपये रही है. आपको बता दें कि शेयर बाजार खुलने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आई तेजी के चलते कंपनी की मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई थी. ऐसा करने वाली रिलायंस देश की पहली कंपनी बन गई है. हालांकि, शेयर बाजार बंद होने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप 8.97 लाख करोड़ रुपये रही है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजों पर एक नज़र- रिलायंस का जुलाई-सितंबर मुनाफा 10,104 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,262 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, इस दौरान कंपनी की आमदनी 1.48 लाख करोड़ रुपये रही है.

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