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मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें

जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया स्कूल, अस्पताल एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी का किया वितरण नई औद्योगिक क्रांति से प्रदेश के युवाओं का संवरेगा भविष्य, रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय वर्ग को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप जनजातीय भाई-बहनों के समग्र कल्याण के लिए पेसा नियमों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और अधिक गति दी जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों को भी केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं जैसे पक्का मकान, नि:शुल्क राशन और आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद के बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर प्रोत्साहित कर रही है। तेंदूपत्ता के शासकीय मूल्य में 1000 रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अभी 15 हजार वन समितियां हैं। जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां निरापद रूप से सर्वाधिक सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खंडवा जिले के हरसूद में तेंदूपत्‍ता, वन समितियों और जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हरसूद को नए अस्पताल, स्कूल और सिंचाई परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी (स्टिक) का वितरण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पात्रतानुसार हितलाभ के चेक, ई-रिक्शा प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल, अस्पताल जैसे विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर वर्षा जल की बूंद-बूंद सहेजने के उद्देश्य विषय पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद को विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 20 करोड़ की लागत की नया अस्पताल, सांदिपनि आदर्श विद्यालय, 45 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजना शामिल है। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित थे। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बुजुर्गों को आधुनिक जादू की छड़ी मिली है। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेतों को सिंचित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन मूल्य 2600 रुपए है, जो देशभर में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में शुरू हुई 2 राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सभी लंबित मुद्दों को सुलझा रही है। राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र के साथ नदी जल समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम और एक वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया है। नई औद्योगिक क्रांति से संवरेगा प्रदेश के युवाओं का भविष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां सबसे ज्यादा टाइगर हैं। देश में चीता भी सिर्फ मध्यप्रदेश में ही हैं। सरकार वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2025 प्रदेश में औद्योगीकरण की नई शुरुआत है, जिसमें 30 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हमारी नई औद्योगिक नीतियों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवरेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य में गरीबों का समग्र कल्याण, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि और प्रदेश की सभी बहनों के सशक्तिकरण के लिए हमने 4 मिशन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और सद्प्रयासों से हम यह मिशन पूरा करेंगे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी मध्यप्रदेश सरकार : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश में 70 आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व से मध्यप्रदेश अब स्वर्णिम राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में जनजातीय समाज के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेसहारों का सहारा बन रही है हमारी सरकार : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश की मेधावी बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने स्कूटी वितरण योजना शुरू की है। खंडवा जिले की बेटियों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बुजुर्गों को छड़ी वितरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सरकार किसी को भी बेसहारा नहीं रहने देगी। बेसहारों का सहारा बनकर सरकार इनके समग्र कल्याण की चिंता कर रही है।  

CM यादव ने कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना

जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में संभाग के अन्य जिलों में कानून-व्यवस्था बनाये रखने, आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जबलपुर में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से बालाघाट, मंडला, डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन की समीक्षा कर नक्सल उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुआं, सट्टा, अवैध मादक पदार्थ व अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर कठोर कार्रवाई करें। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों, खुले में मांस बिक्री, गौवंश की तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण और सख्ती से रोकथाम सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों से विवाह कर भूमि व संपत्ति के मालिक बनने की साजिश पर कड़ी निगरानी रखें, सतर्कता दिखायें। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाये रखने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना, एसडीजी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी साईं मनोहर सहित संभाग के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

कृषि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने 3 मई को मंदसौर में राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन एवं कृषि उद्योग समागम-2025 का शुभारंभ

उन्नत कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए 3 मई को मंदसौर में होगा किसान मेले का आयोजन कृषि उद्योग समागम : प्रदेश में कृषि नवाचार और उद्यमिता का अभिनव संगम  कृषि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने 3 मई को मंदसौर में राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन एवं कृषि उद्योग समागम-2025 का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिये 3 मई 2025 को मंदसौर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन एवं कृषि उद्योग समागम-2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, जन-प्रतिनिधि, कृषक, उद्यमी, निर्यातक एवं एफपीओ प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आयोजन में खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये इच्छुक निवेशकों के साथ संवाद भी करेंगे, जिससे नये निवेशक मंदसौर जिले में निवेश के लिये आकर्षित होंगे और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मंदसौर जिला औषधीय और मसाला खेती में अग्रणी है। मेले के आयोजन से मंदसौर जिले में औषधीय फसलों को और अधिक बढ़ावा मिल सकेगा। उन्नत कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए 3 मई को मंदसौर जिले के सीतामऊ में किसान मेला एवं एग्री-हॉर्टी एक्सपो का आयोजन किया जायेगा। किसान मेले में किसानों को उन्नत तकनीकों, बीज, आधुनिक कृषि उपकरणों, शासन की योजनाओं एवं कृषि प्रबंधन की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में आधुनिक कृषि यंत्रों, नवीनतम बीजों, संरक्षित खेती, प्राकृतिक कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य प्र-संस्करण एवं जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों, एफपीओ, निर्यातकों हेतु संगोष्ठी एवं नेटवर्किंग सत्र आयोजित होंगे। कृषक सम्मलेन एवं एग्री-हॉर्टी एक्सपो में किसानों से जुड़े विविध तरह के राज्य स्तरीय स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से कृषकों को उन्नत तकनीकी, खेती-किसानी की जानकारी और नवाचारों के संबंध में बताया जाएगा। कृषि अभियांत्रिकी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, एम.पी. एग्रो, एमएसएमई, मत्स्य, पशुपालन, नवकरणीय ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग द्वारा कृषि यंत्र, ड्रोन एवं उपकरण, कृषि आदान व्यवस्था नवीन प्रजातियों के बीज उवर्रक, पेस्टीसाइड आदि, बैंकर्स एवं फसल बीमा, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, संरक्षित खेती, वर्मी बेड, मल्चिंग, पौंड प्लास्टिक लाइन (पोली/शेडनेट हाउस आदि), खाद्य प्र-संस्करण, ओडीओपी, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आर.ए.एस), केज कल्चर, बायोफलॉक एवं मत्स्य महासंघ का डिस्पले, चलित पशु चिकित्सा इकाई, आदर्श गौशाला, सार्टेड सेक्सड सीमन, एंब्रियो ट्रांसफर तकनीक, सांची मिल्क पार्लर एवं मिल्क क्वालिटी टेस्टिंग, एग्री फोटो वॉल्टाइक एग्री स्टेक के स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समागम में आये अतिथि निवेशकों के साथ संवाद करेंगे और राज्य सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। यह समागम प्रदेश के किसानों के लिए नवाचार, तकनीकी उन्नयन और उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

चौकी विक्रमपुर पुलिस ने 2 साल पुराने वसूली प्रकरण के फरार स्‍थाई वांरटी रतन सिंह पट्टा को कस्‍बा समनापुर से किया गिरफ्तार

 डिंडौरी पुलिस अधीक्षक डिण्‍डौरी महोदय के निर्देशानुसार डिण्‍डौरी पुलिस द्वारा जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत फरार इनामी बदमाश वांछित अपराधी एवं स्थाई वारंटी की गिरफ्तारी निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में चौकी प्रभारी विक्रमपुर संतोष कुमार यादव के द्वारा माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय कुटुंब न्यायालय डिंडोरी के एमजेसीआर नंबर 148/23 के स्थाई वारंटी रतन सिंह पट्टा पिता हीरा सिंह पट्टा जाति गोंड उम्र 28 साल निवासी जुनवानी को आज दिनांक 1/5/2025 को समनापुर से गिरफ्तार किया गया एवं माननीय न्‍यायालय पेश किया गया ।         उक्त स्‍थाई वारंटी की धरपकड़ में चौंकी प्रभारी विक्रमपुर  संतोष यादव, प्रधानरक्षक 221 हरे सिंह सैयाम,आरक्षक रामनिवास राठौर, प्रधान आरक्षक मुकेश  परधान व आरक्षक जगदीश की विशेष भूमिका रही है ।

जल गंगा संवर्धन अभियान में जनप्रतिनिधियों और आमजनों की भागीदारी सुनिश्चित करें – कमिश्नर

जल गंगा संवर्धन अभियान में जनप्रतिनिधियों और आमजनों की भागीदारी सुनिश्चित करें – कमिश्नर पेयजल व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें – कमिश्नर सीधी    कमिश्नर बीएस जामोद ने संभागीय समीक्षा बैठक में शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाएं। जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वर्षा जल को संचित करके ही हम अपना जीवन सुरक्षित कर सकते हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट बनाने का विशेष प्रयास करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट होता है वहाँ जल संरक्षण के कार्य अनिवार्य रूप से कराएं। नदियों के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, घाटों की साफ-सफाई, चेकडैम तथा बोरी बांध निर्माण एवं खेत तालाबों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराएं। मनरेगा योजना से स्वीकृत तथा अधूरे कार्यों को भी अभियान की अवधि में पूरा कराएं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सबसे बढ़कर आमजनता की भागीदारी सुनिश्चित करें। सबके सहयोग और प्रयास से ही पानी को सहेजने का प्रयत्न सफल हो पाएगा।           बैठक में कमिश्नर ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल विभिन्न जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी रखें। हैण्डपंपों तथा नलजल योजनाओं के सुधार के संबंध में मिली सूचनाओं पर 24 घंटे के अंदर कार्यवाही सुनिश्चित करें। हर बसाहट में पेयजल की आपूर्ति अनिवार्य रूप से कराएं। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिवस से अधिक समय से बड़ी संख्या में आवेदन पत्र लंबित हैं। इनके निराकरण पर विशेष ध्यान दें। अप्रैल माह में मऊगंज जिले ने आवेदनों के निराकरण में शानदार कार्य करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई। सिंगरौली जिला भी लगातार टाप टेन जिलों में शामिल होकर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कलेक्टर राजस्व विभाग, पीएचई, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा श्रम विभाग की शिकायतों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। ऊर्जा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में भी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। सभी संभागीय अधिकारी आवेदनों का निराकरण कराएं। सीएम हेल्पलाइन में बी श्रेणी से नीचे रहने वाले विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दें।           कमिश्नर ने कहा कि संभाग में गेंहू उपार्जन की प्रगति धीमी है। पंजीकृत किसानों से अंतिम तिथि पाँच मई तक गेंहू उपार्जन के प्रयास करें। उपार्जित गेंहू का परिवहन कराकर सुरक्षित भण्डारण कराएं। खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियों तथा संबल पोर्टल में दर्ज हितग्राहियों की ई केवाईसी तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से कराएं। पंचायतों में शिविर लगाकर ई केवाईसी अपडेशन कराएं। ई ऑफिस प्रणाली लागू कर दी गई है। इसमें शेष बचे विभागों को ऑनबोर्ड कर फाइलों का मूवमेंट पोर्टल के माध्यम से कराएं। रीवा जिले ने ई ऑफिस प्रणाली से दो सौ फाइलों का मूवमेंट करके अच्छा कार्य किया है। सभी अधिकारी संभागीय समीक्षा बैठक के एजेण्डा बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही करके पालन प्रतिवेदन ऑनलाइन दर्ज कराएं। बैठक में कमिश्नर ने पेंशन प्रकरणों के निराकरण, भू अर्जन, रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण, सीधी-सिंगरौली हाईवे निर्माण, एयर एंबुलेंस सेवा तथा निवेश संवर्धन के प्रयासों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।     वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंशुमन राज, उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, मझौली आर पी त्रिपाठी, चुरहट शैलेश द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने की संयुक्त कार्रवाई, 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया

भोपाल कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम बिशनखेड़ी में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में जेसीबी से करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया। यह भूमि ग्राम बिशनखेड़ी, पटवारी हल्का नंबर-10 में स्थित है, इसमें खसरा क्रमांक 14/2 रकबा 1.00 हेक्टेयर और खसरा क्रमांक 15/2 रकबा 0.652 हेक्टेयर पर शुभम साहू पुत्र जमना प्रसाद एवं नजमा पत्नी हसीन खां द्वारा कब्जा किया गया था, जिसकी अनुमानित सरकारी कीमत लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपए आँकी गई है। इसके अतिरिक्त खसरा क्रमांक 139, रकबा 0.600 हेक्टेयर पर जियाबाई पत्नी दौलत सिंह, गोपाल सिंह, पवन, एवं हेमराज पुत्रगण दौलत सिंह द्वारा भी अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था, जिसकी सरकारी कीमत लगभग 40 लाख रुपए आंकी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और आमजन को भी चेतावनी दी गई है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नये संशोधन 15 मई से होंगे प्रभावी

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नये संशोधन 15 मई से होंगे प्रभावी न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों का हो सकेगा सामूहिक विवाह भोपाल मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में किये गये संशोधन 15 मई 2025 से प्रभावी होंगे। नये संशोधन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिये चार तिथियां बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया एवं तुलसी विवाह (देवउठनी ग्यारस), एक अन्य तिथि विभाग के अनुसार निर्धारित की जा सकती है। योजना के अन्तर्गत अब सामूहिक विवाह इन्हीं तिथियों में आयोजित होंगे, जिन्हें योजना के तहत लाभ प्रदान किया जायेगा। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की दृष्टि से योजना की तिथियों का निर्धारण किया गया है। साथ ही सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 तथा अधिकतम 200 निर्धारित की गई है। योजना का लाभ प्राप्त करने की अन्य शर्तें पूर्ववत ही रखी गयी हैं। योजना के तहत 49 हजार रूपये सीधे वधु के खाते में ट्रांसफर किये जाते हैं तथा 6 हजार रूपये की राशि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं के लिये दिया जाता है।  

बिजली कार्मिक 24×7फोन पर हैं उपलब्ध

बिजली कार्मिक 24×7फोन पर हैं उपलब्ध बिजली अवरूद्ध होने पर उपभोक्ता कॉल सेन्टर 1912, उपाय ऐप, व्हाट्सऐप चेटबोट अथवा वेब साइट पर दर्ज कराएं शिकायतें भोपाल आँधी, बारिश के दौरान एवं अन्य व्यवधान के कारण हुए बिजली फॉल्ट की शिकायतें दर्ज कराने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को अनेक विकल्प प्रदान किये गये हैं। अब उपभोक्ताओं के पास विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912, व्हाट्सऐप नंबर 0755-2551222, मोबाइल ऐप ‘उपाय (UPAY) अथवा कंपनी की वेब साइट portal.mpcz.in का विकल्प मौजूद है। उपभोक्ता इन विकल्पों में से किसी भी एक विकल्प का उपयोग कर अपनी विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतें दर्ज कर आसानी से निराकरण करा सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए अपने मोबाइल में कंपनी के व्हाटसऐप नंबर 07552551222 को सेव कर मैसेज “Hi” लिखकर भेजें एवं आगामी संदेशों का पालन करें। इसी प्रकार प्ले स्टोर के माध्यम से उपाय ऐप को डाउनलोड कर एवं उसके उपयोग से भी अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते है। कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर जाकर एलटी सर्विसेज पर क्लिक करें उसके बाद कंपलेंट पर क्लिक करें तथा आगामी संदेशों का पालन करें अथवा 1912  पर कॉल कर आईवीआरएस के माध्यम से त्वरित शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं की सुविधा को देखते हुए फ्यूज ऑफ कॉल (विद्युत अवरोध को दूर करना) समय पर अटेण्ड करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंध संचालक ने कहा है कि कंपनी के समस्त मैदानी अधिकारी अथवा कार्मिक अपने मोबाईल फोन को 24 घंटे चालू रखें। किसी अधिकारी अथवा कार्मिक का मोबाईल नंबर अगर बंद पाया गया तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अफसरों से कहा है कि वे विद्युत आपूर्ति और रख-रखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें तथा कोई कार्मिक अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। कंपनी ने कहा है कि आंधी, तूफान और बारिश के दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने हेतु लाइनमेनों के मोबाईल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखें। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाने का काम करें।  

सिंगाजी-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. लाइन के लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य पूर्ण

सिंगाजी-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. लाइन के लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य पूर्ण एम.पी. ट्रांसको की पहली क्वाडमूस ट्रांसमिशन लाइन हुई आकाशीय बिजली से सुरक्षित अब तीव्र गति से हो सकेगा डाटा ट्रांसफर भोपाल प्रदेश की प्रमुख संत सिंगाजी थर्मल पॉवर हाउस खंडवा-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन जल्द प्रारंभ होगी। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने बताया कि लंबे समय से लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. (ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर) स्थापित करने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य को खरगोन जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग से संपन्न किया गया। इस तकनीकी उपलब्धि से न केवल ट्रांसमिशन लाइन को आकाशीय बिजली से सुरक्षा मिली है, बल्कि इससे उच्च गति के डाटा ट्रांसफर का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। एम.पी. ट्रांसको की अधीक्षण अभियंता श्रीमती नीलम खन्ना ने बताया कि यह कार्य खरगोन जिले की सनावद तहसील के ग्राम सताजाना और कालबरड़ क्षेत्र से गुजरने वाले लगभग 4 किलोमीटर के हिस्से में गंभीर राइट ऑफ वे (आर.ओ.डब्ल्यू.) समस्याओं के चलते पिछले 5 वर्षों से लंबित था। एम पी ट्रांसको की पहली क्वाडमूस लाइन एम.पी. ट्रांसको की यह पहली क्वाडमूस कंडक्टर से निर्मित 140 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन है, जिसमें ओ.पी.जी.डब्ल्यू. स्थापना के पश्चात तेज डाटा संचार एवं ट्रांसमिशन प्रणाली के नए आयाम जुड़ गए हैं। इससे स्काडा प्रणाली, सब-स्टेशनों के रिमोट ऑपरेशन, ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन और मॉनिटरिंग डेटा अब जी.एस.एम. की बजाय तीव्र और विश्वसनीय फाइबर ऑप्टिक माध्यम से संचरित होंगे। साथ ही इस लाइन में उपलब्ध डार्क फाइबर को संचार कंपनियों को लीज पर भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।  

हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्य 15 जून तक करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों को 15 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। रीवा के राज निवास सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कार्यों की धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कार्य में गति देने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौधाम में पानी की उपलब्धता तथा गौवंश के लिए की जा रही अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से पड़ताल कर आवश्यक निर्देश दिये। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 6000 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। गेहूँ का उपार्जन 5 मई तक होगा। प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 6 लाख 48 हजार 993, सीहोर में 6 लाख 25 हजार 718, विदिशा में 5 लाख 38 हजार 284, रायसेन में 5 लाख 25 हजार 172, शाजापुर में 3 लाख 55 हजार 439, राजगढ़ में 3 लाख 52 हजार 734, नर्मदापुरम में 3 लाख 42 हजार 513, भोपाल में 3 लाख 23 हजार 273, देवास में 2 लाख 82 हजार 360, सागर में 2 लाख 70 हजार 225, इंदौर में 2 लाख 46 हजार 432, सिवनी में 2 लाख 2 हजार 890, आगर-मालवा में एक लाख 81 हजार 129, मंदसौर में एक लाख 65 हजार 210, सतना में एक लाख 36 हजार 217, हरदा में एक लाख 26 हजार 653, धार में एक लाख 22 हजार 249, दमोह में एक लाख 10 हजार 321, रतलाम में एक लाख 2 हजार 67, नरसिंहपुर में 98 हजार 584, जबलपुर में 79 हजार 308, कटनी में 77 हजार 40, श्योपुर में 77 हजार 30, दतिया में 70 हजार 768, शिवपुरी में 64 हजार 782, रीवा में 61 हजार 349, ग्वालियर में 57 हजार 292, छतरपुर में 55 हजार 910, अशोकनगर में 49 हजार 421, पन्ना में 46 हजार 82, गुना में 45 हजार 560, मण्डला में 44 हजार 484, भिण्ड में 42 हजार 476, खण्डवा में 42 हजार 194, मैहर में 35 हजार 32, नीमच में 34 हजार 503, मुरैना में 28 हजार 967, बैतूल में 23 हजार 868, झाबुआ में 23 हजार 863, छिंदवाड़ा में 22 हजार 869, टीकमगढ़ में 16 हजार 975, शहडोल में 6 हजार 338, सिंगरौली में 6 हजार 239, उमरिया में 5 हजार 403, सीधी में 4 हजार 171, मऊगंज में 3 हजार 619, डिण्डोरी में 2 हजार 941, खरगौन में 2 हजार 914, निवाड़ी में 2 हजार 754, बालाघाट में 1 हजार 121, अनूपपुर में 832, अलीराजपुर में 245 और पांढुर्णा में 77 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।  

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने घायल पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य की जानकारी ली

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचकर उपचाररत पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायल पुलिसकर्मी के उपचार के संबंध में पूछताछ की तथा समुचित उपचार के निर्देश दिए। इस दौरान आईजी श्री गौरव राजपूत तथा पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के आइलैंड ईको पर्यटन क्षेत्र चारखेड़ा में निर्मित 5 टूरिज्म हट का लोकार्पण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के आइलैंड ईको पर्यटन क्षेत्र चारखेड़ा में निर्मित 5 टूरिज्म हट का लोकार्पण किया। उन्होंने पक्षियों के लिए निर्मित सकोरों में जल भी भरा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चारखेड़ा में पर्यटन विस्तार के लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें क्षेत्रीय जनता के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का चारखेड़ा पहुँचने पर पारंपरिक जनजातीय नृत्य से स्वागत, अभिनंदन किया गया।  

राजभवन में संयुक्त समारोह में मना हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात का स्‍थापना दिवस

राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग : राज्यपाल पटेल विविधतापूर्ण, सांस्कृतिक, पौराणिक चेतना के केन्द्र हमारे राज्य राजभवन में संयुक्त समारोह में मना हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात का स्‍थापना दिवस भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग है। समारोह, राज्य के विकास, खुशहाली के लिए सबके विश्वास, साथ और प्रयासों से नव निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के सभी राज्य भारत माता के वह सपूत है, जिन्होंने अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के साथ राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। समय की जरूरत है कि हमारी गौरवशाली आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक योगदान का संकल्प लें और एक भारत को श्रेष्ठ, भारत बनाए। राज्यपाल पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्‍थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता एवं प्रदेश में निवासरत तीनों राज्यों के मूल निवासी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल का समारोह में तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा उनके राज्य की परंपरा अनुसार अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के वीडियों संदेश का प्रसारण किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात तीनों ही प्रदेश हमारी विविधतापूर्ण, पौराणिक परंपरा की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहरों के केन्द्र है। समय की मांग है कि राज्यों की मूल पहचान और सम्मान को बनाए रखते हुए भारत के गौरव को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं और ऋषियों की तपोभूमि है। प्रदेश का त्रिलोकीनाथ मंदिर और ब्रह्मा कमल जैसे तीर्थ स्थल हमारे अध्यात्मिक गौरव के प्रतीक है। भारत माता का भाल यह प्रदेश पांडवों के वनवास काल के दौरान उनकी ध्यान, साधना और तपस्या का केंद्र भी रहा है। महाप्रलय के बाद जब सर्वत्र जल ही जल रह गया था, तब मनु ऋषि ने अपनी नौका प्रदेश के मनाली में लाकर जीवन की पुनः स्थापना की थी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य का पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास गौरवशाली और अद्भुत है, जहाँ भगवान श्रीराम ने वनवास काल में लक्ष्मण जी और सीता जी के साथ पंचवटी कुटी बनाई थी। यहॉ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, भीमाशंकर, दक्षिणी गंगा माँ गोदावरी का उद्गम स्थल और कुम्भ की आयोजन स्थली नासिक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल है। महाराष्ट्र के भगवान विठोबा (विठ्ठल) के उपासक संतों, संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, संत तुकाराम, संत एकनाथ, संत चोखामेला और संत गाड़गे महाराज आदि ने वैदिक, वेदांत, गीता, रामायण के ज्ञान को जन – जन तक पहुँचाया है। उन्होंने गुजरात राज्य को भगवान कृष्ण की कर्म भूमि और लीला भूमि बताते हुए कहा कि राज्य हमारी सांस्कृतिक चेतना का गौरव है। स्वयं भगवान कृष्ण के द्वारा मथुरा छोड़ने के बाद स्थापित पुराणों की स्वर्ण नगरी द्वारिका हमारी सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक विरासत है। गुजरात में ही भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ, संत दत्तात्रेय की तपस्या स्थली ‘गिरिनाथ’ सहित जैन, बौद्ध और हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण केन्द्र भी है। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद सरस्वती, दादा भाई नैरोजी और प्रधानमंत्री वैश्विक नेता नरेन्द्र मोदी जैसे युगीन महापुरुष गुजरात राज्य की देन है। उन्होंने गौरवशाली भारतीय संस्कृति की धरोहर के संरक्षक, विविधता में एकता के संकल्प “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की परंपरा में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह में आए अतिथियों का राजभवन में स्वागत, अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति के लिए के कलाकारों को हार्दिक बधाई दी। मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में मध्यप्रदेश की जनता की ओर से स्थापना दिवस की बधाई दी है। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश से आए चम्बा लोक कला मंच के 16 कलाकारों के दल ने जनजातीय क्षेत्र भरमौर के हर गांव, हर घर एवं हर त्यौहारों एवं विवाह में किए जाने वाले हिमाचल प्रदेश के गददी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। यह नृत्य हिमाचल प्रदेश के जिले चम्बा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर का लोक नृत्य है। नृत्य में गददी पुरुष चोला डोरा और टोप डालकर एवं गददी महिलाएं लुआचडी डोरा डालकर नृत्य करते है। गददी परिधान भगवान शिव एवं माता पार्वती के संकेतिक रूप को दर्शाता है। समारोह में गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य की स्‍थापना एवं इतिहास से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें महाराष्ट्र राज्य की कला, संगीत और परंपराओं की मनोहारी झलक दिखाई गई। मराठी समाज जबलपुर और मराठी समाज भोपाल के दल द्वारा गणेश वंदना, जय महाराष्ट्र माझा, मी अहिल्या होनार, कोली नृत्य एवं लेझिम का प्रदर्शन किया है। गुजरात राज्य का लोक नृत्य मांडवी, डांडिया रास एवं टिप्पनी प्रस्तुतियों ने जय-जय गरवी गुजरात से मंच को गुंजायमान कर दिया। समारोह में म.प्र. के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में अपर सचिव राजभवन उमाशंकर भार्गव, हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों के प्रतिनिधि के रुप में भारतीय वन सेवा के मध्यप्रदेश कॉडर के अधिकारी पुरुषोत्तम धीमान, हिमाचली समाज जन कल्याण समाजिक सेवा समिति भोपाल के संजीव डोगरा, महाराष्ट्र समाज तुलसी नगर ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष विलास बुच के मराठी साहित्य अकादमी निदेशक संतोष गोडबोल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमिजीत देशमुख, मराठी समाज जबलपुर की प्रतिनिधि श्रीमती नीलिमा देशपांडे, अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल, गुजराती समाज भोपाल के सचिव मिनेश पटेल और महिला मंडल अध्यक्षा सुरेखा कांटावाला मौजूद थे। अवर सचिव राजभवन श्रीमती आभा शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन एवं आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाऊस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।

युवाओं में बढ़ रही शराब की लत को देखते हुए पंचायत का बढ़ा फैसला, गाँव में शराब पीने और बेचने पर लगेगा जुर्माना

टीकमगढ़ टीकमगढ़ के बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव के लोगों ने वह कर दिखाया है जो लाख प्रयासों के बाद जिमेदार भी नहीं कर सके थे। यहां के ग्रामीणों ने दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ ही समाज और पंचायत में फरमान जारी कर शराब को हाथ न लगाने का संकल्प लिया है। इसे पूर्णत: बंद करने का फैसला लेने विधिवत पंचायत बुलाई गई। गांव में बिकने वाली अवैध शराब को बंद कराने के लिए कलेक्टर व एसपी से शिकायत भी की है। घर-घर जाकर किया जागरूक, पंचायत ने लिया बड़ा निर्णय जिला मुख्यालय से करीब चालीस किलोमीटर दूर बड़ागांव धसान क्षेत्र के हैदरपुर गांव को नशा मुक्त करने के लिए युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने घर-घर जाकर पहल की। मंगलवार की शाम गांव के धनुषधारी मंदिर में सरपंच, उपसरपंच, पंच, बुजुर्ग और युवाओं को पंचायत लगाने का आमंत्रण दिया जाकर पंचायत लगाई गई और गांव के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पंचायत में सभी का कहना था कि गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने पर 21 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। शराब पीने पर भी 11 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। विवेक यादव, भान प्रताप सिंह, सुखनंदन यादव, उपसरपंच सुनील उदैनियां, धनुवा अहिरवार, छिदामी, अर्जुन अहिरवार, भरोसा यादव, छक्की लाल, देशराज, ने बताया कि शराब बंद का फरमान पंचायत ने जारी कर दिया है। युवाओं में बढ़ रही थी शराब की लत हैदरपुर गांव के युवाओं में शराब की लत बढ़ रही थी। इसको देखते हुए गांव वालों ने पंचायत बुलाने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि शराब की वजह से कई घर बर्बाद हो गए हैं, अब गांव के युवा भी इस लत के शिकार हो रहे थे। नशे में रहने से अभद भाषा के साथ घरेलू हिंसा भी बढ़ रही थी। इससे समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे शराब बंदी का निर्णय लिया है। पंचायत की सहमति में सभी ने शराब बंद की शपथ ली है। गांव की कुल आबादी 2000 पंचायत में ग्रामीणों ने बताया कि हैदरपुर गांव में 250 से अधिक मकान हैं और 2000 से 2500 के करीब यहां की आबादी है। पंचायत के इस फैसले का महिलाओं ने भी स्वागत किया है। उनका कहना था कि गांव में बिकने वाली शराब को भी बंद कराया जाएगा। गांव के पंचनामा में अवैध शराब बेचने वालों के नाम खोल दिए गए हैं।

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