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मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पहले मुख्य सचिव को निर्देश दिए, तबादला नीति 2025 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाए

भोपाल प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले से प्रतिबंध एक मई से हट जाएगा। तबादले एक से 30 मई में के बीच किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से पहले मुख्य सचिव अनुराग जैन को निर्देश दिए कि अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2025 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाए। प्रदेश में वर्ष 2021 में तबादला नीति घोषित की गई थी, उसके बाद से सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध है। केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही तबादले किए जा रहे हैं। मंत्रियों की मांग और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए सरकार ने 29 जनवरी 2025 को तबादला नीति में संशोधन कर यह प्रविधान किया था कि विशेष परिस्थिति में प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किए जा सकते हैं। इसमें गंभीर बीमारी, न्यायालय के दिशा-निर्देश, गंभीर शिकायत, लोकायुक्त या आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किसी शासकीय सेवक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने या जांच प्रभावित किए जाने की संभावना, निलंबन, त्यागपत्र, प्रतिनियुक्ति से वापसी और कर्मचारी के निधन से रिक्त पद की पूर्ति को शामिल किया गया था। यह व्यवस्था भी अधिक कारगर नहीं हुई। जनप्रतिनिधि भी तबादले से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए अब सरकार ने तय किया है कि तबादले पर से प्रतिबंध एक से 30 मई तक के लिए हटा दिया जाएगा। इस अवधि में प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादले किए जा सकेंगे। जिले के भीतर तबादले करने का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास रहेगा। मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से हुए तबादले उसी सूरत में निरस्त किए जा सकेंगे, जब मुख्यमंत्री समन्वय से ही अनुमति प्राप्त कर ली गई हो। आदिवासी क्षेत्रों में तबादला करने से पहले यह जरूर देखना होगा कि वहां पद रिक्त तो नहीं हो जाएगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो पहले उस स्थान की पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे तबादले विभागीय सूत्रों का कहना है कि किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा। यदि कोई संवर्ग 200 का है तो 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। 201 से लेकर 2000 तक के संवर्ग में 10 प्रतिशत और 2000 से अधिक के संवर्ग में पांच प्रतिशत तक ही तबादले करने का अधिकार दिया जाएगा।  

आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की भेंट

पार्वती थाना भवन के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने को लेकर सौपा मांग पत्र आष्टा आष्टा अनुविभाग में 6 सितंबर 2018 को नया पार्वती थाना मप्र शासन द्वारा स्वीकृत किया गया था ।  शुभारम्भ से ही उक्त पार्वती थाना एक किराये के भवन में संचालित हो रहा है । जब से उक्त नया पार्वती थाना प्रारम्भ हुआ है, तब से लेकर आज तक किराए के भवन में संचालित हो रहा है,जो सुरक्षा एवं विभागीय कार्य की दृष्टि से असुविधाजनक बना हुआ है ।  उक्त थाना भवन के,नये थाना भवन के निर्माण हेतु राजस्व विभाग द्वारा खसरा क्र 35.36 में से पुलिस विभाग को बाईपास हाईवे पर 0.874 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है । आज आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर उक्त आवंटित भूमि पर पर्वती थाना का नया थाना भवन निर्माण हेतु मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जिनके पास गृह विभाग भी है डॉक्टर मोहन यादव से मिले तथा एक पत्र उक्त भवन निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने हेतु सौपा । आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से निवेदन किया कि उक्त थाना भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने का निवेदन किया । माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधायक जी की बातों को बड़ी गम्भीरता से सुना एवं जल्द निर्णय का आश्वाशन दिया ।

मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना “टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास” के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।  

सागर -बीना रोड पर वैन-ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत में स्कूटी चालक सहित 3 की मौत

सागर  नरयावली रोड पर ग्राम जेरई के पास मंगलवार दोपहर 1 बजे तेज रफ्तार ट्रक और वैन की भिड़ंत हो गई। टक्कर के समय वाहनों की चपेट में स्कूटी सवार भी आ गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा बनाया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम जेरई के पास नए ब्रिज से ट्रक जा रहा था। सामने से आ रही वैन से भिड़ंत हो गई। इसी दौरान स्कूटी सवार ट्रक और वैन की चपेट में आ गया। इसमें स्कूटी सवार युवक की भी मौत हो गई। वहीं वैन में सवार दो लोगों की मौत हुई है। हादसा इतना दर्दनाक था कि वैन और स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। घटनाक्रम की सूचना पर नरयावली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शवों का पंचनामा बनाने की कार्रवाई की जा रही है। नरयावली थाना प्रभारी कपिल लक्षकार ने बताया कि ट्रक और वैन में टक्कर हुई है। स्कूटी सवार भी दुर्घटना का शिकार हुआ है। घटना में स्कूटी सवार समेत तीन की मौत हुई है। मृतकों की पहचान कार में सवार ग्राम भीलोंन खुरई निवासी नरेंद्र ठाकुर और महादेव ठाकुर और स्कूटर सवार टीकमगढ़ निवासी शुभम दीक्षित के रूप में की गई है। शुभम दीक्षित एएसएफ का आरक्षक बताया जा रहा है। मामले में घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।  

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ सहरसा से मुंबई तक अब होगा स्मार्ट और सस्ता सफर भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दिनांक 24 अप्रैल, 2025 को सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी), मुंबई के बीच देश की तीसरी और वर्जन 2.0 में अपग्रेडेड ‘अमृत भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को भी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि ‘अमृत भारत ट्रेन’ भारतीय रेल की एक क्रांतिकारी पहल है, जो कम किराए में हाई-स्पीड, अत्याधुनिक डिज़ाइन और सुविधाओं से भरपूर यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। इसकी अधिकतम गति 130 किमी/घंटा होगी और किराया केवल 45 पैसे प्रति किलोमीटर रहेगा। क्या है खास — वर्जन 2.0 अमृत भारत ट्रेन यह नई अमृत भारत ट्रेन पहले के सेट्स से कहीं अधिक एडवांस है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नये फीचर्स शामिल किए गए हैं: •    कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम की शुरुआत की गई है। •    ऑनबोर्ड कंडिशनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा गियर व व्हील की निगरानी संभव होगी। •    कोच के भीतर अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फोल्डिंग टेबल, मॉबाइल होल्डर, और दिव्यांग अनुकूल शौचालय जैसी सुविधाएं दी गई हैं। •    विशेष डिज़ाइन के चलते यात्री कोच के अंदर झटकों को महसूस नहीं करेंगे। भारतीय रेल का नया दृष्टिकोण इस ट्रेन सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नॉन-एसी होते हुए भी एक प्रीमियम अनुभव देती है। इससे उन यात्रियों को भी फायदा मिलेगा जो सीमित बजट में सफर करना चाहते हैं, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहते। समाज की संवेदनाओं को जोड़ती यह ट्रेन बिहार और मुंबई के बीच यह ट्रेन केवल एक यातायात का साधन नहीं बल्कि लाखों परिवारों की जरूरत और भावनाओं का प्रतीक है। रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक कारणों से वर्षों से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों को अब एक नई उम्मीद और राहत मिलेगी। त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों या सामान्य यात्राओं के दौरान ‘वेटिंग लिस्ट’ जैसी चिंताओं से छुटकारा मिलेगा और अब लोग पूरे आत्मविश्वास से कह सकेंगे “अब चिंता नहीं… अमृत भारत है न!”

विश्व पृथ्वी दिवस पर बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों को वितरित की गई बीज युक्त पुस्तिका

भोपाल भारत स्काउट एवं गाइड संभागीय मुख्यालय भोपाल के वार्षिक कार्यक्रम अनुसार अभिरुचि केंद्र एवं जल सेवा शिविर संचालक मंडल की बैठक का आयोजन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय भोपाल में किया गया संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े जी के निर्देशानुसार आधारित एजेदे के अनुरूप बैठक का आयोजित की गई बैठक में मुख्य रूप से ग्रीष्मकालीन जल सेवा शिवरो के आयोजन पर चर्चा हुई जिला भोपाल में रेलवे स्टेशन भोपाल प्रवीण पुरोहितों के नेतृत्व में जिला रायसेन में दीवानगंज एवं सांची स्टेशन पर श्रीमती उषा करने एवं प्रमोद मेंहर के नेतृत्व में जिला विदिशा में गंजबासौदा विदिशा एवं मंडी बामोरा रेलवे स्टेशन पता शमशाबाद बस स्टैंड पर हनीफ खान मंसूरी आपके नेतृत्व में जिला सीहोर में संतोष सोनी के नेतृत्व में बस स्टैंड सीहोर जिला राजगढ़ में डालचंद सोजनीय जी के नेतृत्व में एक्सीलेंस के मुख्य द्वार पर जल सेवा की जाएगी जन सेवा के साथ-साथ अभिरुचि शिवरो की भी कार्य योजना तैयार की गई जो विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे बैठक में मुख्य रूप से जिला रायसेन से सुशील बिल्लौरे प्रमोद मेहर श्रीमती उषा रैकवार श्रीमती हेमलता बागड़ी श्रीमती सुशिमा शास्त्री जिला भोपाल से प्रतीक रघुवंशी मोहम्मद अजहरूद्दीन उपस्थित रहे ऑनलाइन में राजगढ़ से डालचंद सजनिया सीहोर से संतोष सोनी भोपाल से संजू मेवाड़े विदिशा से श्रीमती अनीता पटले उपस्थित थी

पोप फ्रांसिस के निधन पर राजकीय शोक घोषित

भोपाल राज्य शासन ने पोप फ्रांसिस के निधन पर 2 दिवस का राजकीय शोक घोषित किया है। यह शोक 22 अप्रैल 2025 (मंगलवार) और 23 अप्रैल 2025 (बुधवार) को रहेगा। इसके अलावा, अंतिम संस्कार के दिन भी एक दिन का राजकीय शोक होगा, जिसकी तिथि अलग से सूचित की जाएगी। राजकीय शोक में प्रदेश में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। इस अवधि में कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगें।  

UPSC में भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को दोपहर में घोषित कर दिया गया। टॉपर्स की लिस्ट भी जारी हो गई है। प्रयागराज की शक्ति दुबे ने देशभर में पहली रैंक हासिल की है। वहीं मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों ने भी टापर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। राजधानी भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई है। जबकि इंदौर के योगेश राजपूत ने भी 540वीं रैंक हासिल कर ली।  मंगलवार को जारी हुआ सिविल सेवा परीक्षा 2024 का रिजल्ट यूपीएससी की आफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने नाम और रोल नंबर के साथ रिजल्ट देख सकते हैं। इस साल 1009 अभ्यर्थियों का चयन सिविस सेवा में हुआ है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी हुआ है। इसमें भोपाल के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के डिप्टी कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेवेन्यू सर्विस में हुआ था। वहीं भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। IRS छोड़ क्षितिज बनेंगे IAS आफिसर भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा ने 58वीं रैंक के साथ टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। क्षितिज आदित्य शर्मा के शानदार प्रदर्शन से उनके घर खुशी का माहौल है। इससे पहले भी क्षितिज का चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हो गया था, लेकिन मन में आईएएश आफिसर बनने की चाह के कारण उन्होंने दोबारा से यह परीक्षा दी थी। IAS और IPS के लिए 300 पद सिविल सेवा परीक्षा के लिए 180 पद भरे जाएंगे। इनमें 73 अनारक्षित, 24 एससी, 13 एसटी, 52 ओबीसी और 18 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। जबकि पुलिस सेवा (IPS) के लिए 150 पद रखे गए हैं। इनमें 60 अनारक्षित, 23 एससी, 10 एसटी, 42 ओबीसी और 15 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इंदौर के योगेश का इंडियन पोस्टल सर्विस में हुआ था चयन इंदौर के योगेश राजपूत को 540वीं रैंक मिली है। यह योगेश का चौथा अटेम्ट था। इससे पहले उनका चयन इंडियन पोस्टल सर्विस के लिए हो चुका था, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थे। पिछले सप्ताह ही योगेश का इंटरव्यू हुआ है। UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी किया। मध्य प्रदेश के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के जॉइंट कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेलवे सर्विस में हुआ था। वहीं, इटारसी के गरीबी लाइन निवासी मोनू शर्मा ने 359 वी रैंक हासिल की है। भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। 2 साल पहले रोमिल को 364वीं रैंक मिली थी रोमिल द्विवेदी मूल रूप से रीवा के आनंद नगर बोदाबाग के रहने वाले हैं। दो साल पहले उन्हें UPSC में 364वीं रैंक मिली थी। उनका चयन IRS के लिए हुआ था। जबकि इससे पहले रोमिल मुंबई स्थित एक्सिस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। जवा तहसील के पुरैना गांव में 21 मार्च 1995 को जन्मे रोमिल द्विवेदी के पिता केके द्विवेदी जॉइंट कमिश्नर सहकारिता भोपाल में पदस्थ हैं। बड़े भाई वन विभाग में हैं। वहीं चाचा प्रकाश द्विवेदी राज्य वित्त सेवा के अधिकारी है। रोमिल अपने चाचा से इंस्पायर होकर ही UPSC की तैयारी कर रहे थे। रोमिल के पिता केके द्विवेदी ने बताया कि उनके बेटे ने बगैर किसी कोचिंग के खुद तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की है। यह हैं यूपीएससी के टॉपर शक्ति दुबे हर्षिता गोयल डोंगरे अर्चित पराग शाह मार्गी चिराग आकाश गर्ग कोमल पुनिया आयुषी बंसल राज कृष्ण झा आदित्य विक्रम अग्रवाल मयंक त्रिपाठी

नानाजी बन गए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नातिन को गोद में लेकर जमकर झूमे

भोपाल मध्यप्रदेश। सीएम डॉ. यादव अब नाना बन गए हैं। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की है। वीडियो में सीएम मोहन यादव अपनी बेटी के बच्चे को प्यार से दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने खुशखबरी बताते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। हालांकि मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर यह खुशी शेयर नहीं की है। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में सीएम बेटी की बच्ची को हाथ में पुचकारते तो कभी दुलारते दिख रहे हैं। नातिन पर खूब स्नेह लुटाते भी दिख रहे हैं। यही नहीं मोहन यादव ने नातिन के जन्म पर बेटी को न्योछावर के रूप में कुछ रुपये भी दिए। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। उनके पास एमबीए,एलएलबी और पीएचडी की डिग्री है। उनके परिवार के सदस्य भी व्यापार और कृषि में शामिल हैं। यह बच्ची उनकी बेटी आकांक्षा यादव के घर हुई है। बेटी गायनकोलॉजिस्ट है। उनके बाकी दोनों बेटों की बात करें तो अभिमन्यु यादव डॉक्टर हैं और वैभव यादव ने एलएलबी-एलएलएम किया है। मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव है जिनका पिछले साल निधन हो गया था। मां का नाम लीलाबाई यादव है। एमपी के मुखिया खुद 5 भाई-बहन हैं।

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर दी प्रतिक्रिया कानून का सामना करने से क्यों घबरा रहा कांग्रेस का शाही परिवार:  राजपाल सिंह सिसौदिया संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया -नेशनल हेराल्ड मामले में चोरी और सीनाजोरी कर रही कांग्रेस पार्टी – राजपाल सिंह सिसौदिया भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ, छल-कपट की राजनीति करती रही है। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर उसका विरोध चोरी और सीनाजोरी को दर्शाता है। इस मामले में कांग्रेस के लोग कभी ईडी और आयकर के दफ्तर पर प्रदर्शन करते हैं, तो कभी इन संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने के लिए इन पर सवाल उठाते हैं। सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम आना पूरी तरह से तकनीकी और कानूनी मामला है। इसलिए सोनिया और राहुल गांधी को तकनीकी और कानूनी आधार पर अपना पक्ष अदालत में रखना चाहिए, लेकिन समझ में नहीं आता कि कांग्रेस का शाही परिवार इस मामले में कानून का सामना करने से घबरा क्यों रहा है? आरोप लगाने से पहले आत्मविश्लेषण करे कांग्रेस भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी, उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 2013 में इस मामले में सुनवाई शुरू की और 2013 में ही केस दर्ज हुआ। उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। ऐसे में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा आदि के जो नाम आए हैं, तो इन नामों को कौन सामने लाया? मोदी सरकार पर आरोप लगाने की बजाय कांग्रेस पार्टी को यह आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि इन लोगों के खिलाफ किसने ये षडयंत्र रचा था? कार्पोरेट षडयंत्र की परिणति है नेशनल हेराल्ड मामला भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में शुरू हुआ और 5000 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसके शेयरहोल्डर थे। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया।  उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड रुपए का लोन इस अखबार को दिया। नेशनल हेराल्ड की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी, तो कार्पोरेट षडयंत्र करके यंग इंडिया नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के थे। बाकी मोतीलाल वोरा व अन्य लोगों के थे। कांग्रेस एक पॉलीटिकल पार्टी है और यह जानना जरूरी है कि एक पॉलीटिकल पार्टी किसी प्राइवेट बॉडी को फंड कैसे दे सकती है? इसके बाद नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के शेयर यंग इंडिया कंपनी को ट्रांसफर कर दिए गए, जिसके शेयर होल्डर्स श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी है। इस तरह यह पूरी संपत्ति एक परिवार के हाथ में आ गई। यह बताया गया था कि यंग इंडिया एक चैरिटेबल संस्था है, लेकिन यह क्या चैरिटी करती है, इसका किसी को कुछ नहीं पता। इस तरह से जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को ताकत देने के लिए स्थापित किया गया था, उसे नेहरू खानदान की जागीर बना दिया। स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था विरोध भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली कंपनी ऐसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की स्थापना देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने की थी। इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शेयर होल्डर्स ने कंपनी के अधिग्रहण का विरोध किया था, आपत्ति भी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि शेयर धारकों से पूछे बिना कंपनी को किसी को भी कैसे दे दिया गया? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता जी ने तो अधिकारिक रूप से कहा था कि नेशनल हेराल्ड के लिए मैंने मेहनत करके पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसा जुटाया था और यह अखबार देश की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन इसे नेहरू खानदान की आवाज कैसे बना दिया गया? लेकिन कांग्रेस के एक परिवार के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विरोध तथा आपत्तियों की भी परवाह नहीं की गई।

‘लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, 8 साल पुराना विवाद हुआ खत्म, सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश

 इंदौर  लहसुन की नीलामी फल-सब्जी की तरह आढ़तीये नहीं करवा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय देते हुए फल-सब्जी को मसाला श्रेणी में मानते हुए सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश दे दिया है। इसी के साथ आठ वर्षों से ज्यादा समय से चले आ रहे विवाद का भी अंत हो गया है। इंदौर और प्रदेशभर की मंडियों में फिर से लहसुन की नीलामी की प्रक्रिया बदल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर निर्णय देते हुए प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड के 13 फरवरी 2015 को जारी आदेश को अपास्त कर दिया। केस, फैसला और आगे क्या होगा     इंदौर मंडी के व्यापारी मुकेश सोमानी और बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे थे। किसान विरोध कर रहे थे कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है और इसे सब्जियों के साथ किसानों की मर्जी से नीलाम करवाया जाना चाहिए।     किसान चाहे तो सरकारी कर्मचारियों से नीलामी करवाए या आढ़तियों से। हाई कोर्ट ने किसानों के पक्ष में निर्णय दिया था। बाद में सोमानी ने इस पर स्थगन ले लिया था। इसके बाद बीते दिनों स्थगन के खिलाफ किसान मुकाती सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।     इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन को हटा दिया। किसानों की मर्जी से नीलामी शुरू भी हो गई। हालांकि मामले पर सुनवाई चलती रही। अब दिल्ली में अंतिम बहस के बाद कोर्ट ने निर्णय देते हुए लहसुन को मसाला श्रेणी में आठवीं अनुसूची में मानते हुए सरकारी कर्मचारियों से नीलामी को सही करार दिया।     इसी के साथ अब किसानों के पास मर्जी से अपनी उपज बेचने के कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। जल्द ही थोक मंडी में फिर से लहसुन की प्राइवेट नीलामी पर रोक लगने का आदेश जारी हो सकता है। ‘लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं’ सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मप्र हाईकोर्ट की डिवीजन बेच के निर्णय को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है, ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा. किसान अपनी सुविधा और दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं.मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा. सरकारी मर्जी से चल रही थी नीलामी लहसुन की नीलामी किसानों की मर्जी से नहीं बल्कि सरकारी मर्जी से चल रही थी. बीते साल फरवरी में इंदौर में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों ने रोक लगा दी थी. इसके साथ ही नियम लागू किया गया था कि अनाज-मसालों की तरह की लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी ही करेंगे. इस फैसले के बाद कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ था. 8 सालों से चल रहा विवाद मध्यप्रदेश में 8 सालों से लहसुन पर विवाद चल रहा था. किसान संगठनों के आवेदन के बाद मप्र मंडी बोर्ड ने लहसुन को 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था. लेकिन कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद्द कर दिया और लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया. साल 2016 में मंडी व्यापारियों का एसोसिएशन हाईकोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी. फिर बदला फैसला इस फैसले के बाद एक व्यापारी ने हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की, हाइकोर्ट ने फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में डाल दिया. इसके बाद किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की तरफ से हाईकोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की. साल 2024 में डिवीजनल बेंच ने फैसला दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बेच सकता है. व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन ले लिया. लगी सुप्रीम मुहर अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के स्थगन को हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंचे के आदेश को बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद किसान अपनी सुविधा और कीमत के हिसाब से लहसुन की बिक्री करवा सकते हैं.   

भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून को इंदौर से दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रवाना होगी

दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रानी कमलापति व इटारसी से यात्रियों को मिलेगा विशेष लाभ आईआरसीटीसी की भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 9 जून को होगी रवाना भोपाल भोपाल मंडल रेल यात्रियों को नई-नई पर्यटक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इसी क्रम में, भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून 2025 को इंदौर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशन से भी गुजरेगी, जिससे भोपाल मंडल के यात्रियों को यात्रा का सीधा लाभ प्राप्त होगा। यह ट्रेन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल एवं नागपुर स्टेशनों से होते हुए गंतव्य को जाएगी, जहाँ से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस ट्रेन के माध्यम से तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेन्द्रम जैसे दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों का भव्य दर्शन कराया जाएगा। यात्रा कुल 09 रातों/10 दिनों की होगी। इस सुविधा से जुड़ने के लिए रानी कमलापति या इटारसी स्टेशन से यात्री ट्रेन में सवार हो सकते हैं। यात्रा के लिए किराया निम्नानुसार निर्धारित किया गया है: •    ₹18,000 प्रति व्यक्ति (स्लीपर – इकॉनॉमी श्रेणी) •    ₹29,500 प्रति व्यक्ति (3AC – स्टैण्डर्ड श्रेणी) •    ₹38,500 प्रति व्यक्ति (2AC – कम्फर्ट श्रेणी) इस सर्वसमावेशी पैकेज में आरामदायक एलएचबी रेक वाली रेल यात्रा, ऑनबोर्ड एवं ऑफबोर्ड शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों द्वारा स्थानीय दर्शन, होटल में ठहराव, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। इच्छुक यात्री इस टूर की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या अधिकृत एजेंट्स के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए भोपाल, इटारसी या जबलपुर स्टेशन स्थित आईआरसीटीसी कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है। भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बिना लंबी दूरी तय किए ही अपने नजदीकी स्टेशन से इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन सकें।

मध्य प्रदेश में ट्रांसफर बैन 1 से 30 मई तक हटा रहेगा, होंगे थोकबंद तबादले

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में कई निर्णय लिए गए। बैठक में तबादला नीति पर बड़ा फैसला हुआ। तय हुआ है कि प्रदेश में 1 से 30 मई तक तबादले होंगे। मुख्यमंत्री ने नीति तैयार करने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2025 प्रस्तुत की जाएगी। टाइगर बफर जोन में होंगे 145 करोड़ के विकास काम, दुर्घटनाओं में आएगी कमी  कैबिनेट में फैसला लिया गया कि टाइगर बफर जोन में मुठभेड़ के चलते दुर्घटनों को कम करने के लिए 145 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए जाएंगे। कैबिनेट को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने ट्रांसफर पॉलिसी अगले मंत्री परिषद में लाने के निर्देश दिए हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि 1 मई से 31 मई तक ट्रांसफर प्रभावी रहेगी। ग्वालियर में पहला टेलीकॉम मेनिफेक्चरिंग जोन सीएम मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मेनिफेक्चरिंग जोन बन सके। इसके लिए राज्य शासन ने अपनी सहमति भारत सरकार को भेज दी है। भारत सरकार की स्वीकृति के बाद 12 हजार करोड़ के निवेश की संभावना है। इससे 5 हजार रोजगार के अवसर बनेंगे। गेहूं उपार्जन में 175 रुपए बोनस राशि जोड़ी सीएम मोहन यादन ने यह भी बताया कि गेंहू उपार्जन 50 लाख मैट्रिक टन हो चुका है। इसमें जो 2425 रुपए समर्थन मूल्य है, इसमें 175 रुपए बोनस का जोड़ा गया है। इस तरह प्रति क्विंटल 2600 रुपए में का भुगतान किया जाएगा। किसानों ने अपनी उपज को बढ़चढ़ खरीदी केंद्र में पहुंचाया है। इंदौर में 27 अप्रैल को एमपीटेक कॉन्क्लेव – 27 अप्रैल को इंदौर में एमपीटेक कॉन्क्लेव होगी। 500 से अधिक कंपनियां भाग लेगीं। – किसानों के खातों में 10 हजार 562 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। – 5 मई तक किसानों से 60 लाख मैटिक टन गेहूं का उपार्जन हो जाएगा। – सीएम मोहन यादव ने ग्रीष्म काल में पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। – सीएम यादव ने सभी मंत्रियों को पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट के अन्य अहम फैसले     मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कन्यादान एवं निकाह योजना में संशोधन किया गया है। अब न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों के ही विवाह होंगे।     सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में होने वाली व्यवस्था को देखते हुए योजना में संशोधन का फैसला लिया गया है। 49 हजार रुपये सहायता राशि सरकार देती है और 6000 रुपए आयोजन खर्च के रूप में संबंधित संस्था को दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन     मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर आसान बना दिया गया है। कल्याणी महिला (विधवा महिला) सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के विवाह पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है।     प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण ने बताया कि प्रदेश में निवासरत कल्याणी बहनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में आवेदन कर खुद का उद्योग कर सकते हैं स्थापित प्रदेश के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये मध्यप्रदेश शासन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की गई है। योजनान्तर्गत युवाओं को स्वयं का उद्योग सेवा/व्यवसाय उद्यम स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से कम ब्याज दर पर कोलेटरल फ्री लोन उपलब्ध कराया जाएगा। योजनान्तर्गत उद्योग क्षेत्र की इकाइयों स्थापित किये जाने हेतु परियोजना लागत राशि 50 हजार से 50 लाख रुपये तक की परियोजना प्रस्तुत की जा सकती है। इसी प्रकार सेवा क्षेत्र/खुदरा व्यवसाय क्षेत्र की इकाइयों स्थापित किये जाने हेतु परियोजना लागत राशि 50 हजार से 25 लाख रुपये लाख तक की परियोजना प्रस्तुत की जा सकती है। मुख्य उद्देश्य     गरीब परिवार की बेटियों की शादी में मदद करना     शादी को गरिमा के साथ संपन्न कराना     दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर लगाम लगाना     महिलाओं को सशक्त बनाना और आर्थिक सुरक्षा देना     सामूहिक विवाह को बढ़ावा देकर खर्चों को कम करना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के फायदे     सरकार द्वारा कुल 55,000 रुपये की सहायता     11,000 रुपये वधू के नाम अकाउंट पेयी चेक के रूप में     38,000 रुपये का घरेलू सामान     6,000 रुपये आयोजक को सामूहिक विवाह आयोजन के लिए कौन ले सकता है योजना का लाभ?     लड़की मध्य प्रदेश की निवासी होनी चाहिए     लड़की की उम्र कम से कम 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल या अधिक होनी चाहिए     तलाकशुदा या विधवा महिलाएं भी पात्र (प्रमाण पत्र जरूरी)     आय सीमा अब हटा दी गई है     शादी सामूहिक विवाह समारोह में ही करनी होगी इन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ     गैर निवासी लड़कियाँ     18 साल से कम उम्र की लड़कियाँ     जो तय तारीख पर सामूहिक विवाह के बजाय अलग से शादी करें क्या-क्या सामान मिलता है योजना में? क्र.     सामग्री     मानक 1     एलपीजी कनेक्शन व चूल्हा     उज्ज्वला योजना के तहत 2     32 इंच कलर टीवी     ISI मार्क 3     रेडियो     ISI मार्क 4     स्टील अलमारी (5.5 फीट)     20 गेज 5     6 कुर्सियों का सेट टेबल के साथ     ISI मार्क 6     पलंग (4×6 फीट)     मजबूत निर्माण 7     रजाई, गद्दा, तकिया, चादर     रूई की मोटाई 3.5 इंच 8     चांदी के गहने (पायल, बिछिया, मंगलसूत्र आदि)     70% टंच चांदी 9     सिलाई मशीन     ISI मार्क 10     टेबल फैन     ISI मार्क 11     दीवार घड़ी     ISI मार्क 12     डाइनिंग टेबल (6 कुर्सियों सहित)     ISI मार्क 13     स्टील के 51 बर्तनों का सेट     20 गेज 14     प्रेशर कुकर     ISI मार्क 15     वधू के वस्त्र व मेकअप सामग्री     अच्छी गुणवत्ता जरूरी दस्तावेज     आधार कार्ड (वर-वधू व माता-पिता का)     जन्म प्रमाण पत्र (लड़के और लड़की का)     समग्र आईडी नंबर     जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     लड़की के बैंक खाते की जानकारी     पासपोर्ट साइज फोटो     मोबाइल नंबर     मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि विधवा)     तलाक के कागज़ (यदि तलाकशुदा)     श्रमिक कार्ड (यदि पंजीकृत श्रमिक है) कैसे करें आवेदन? STEP-1     सामूहिक विवाह की तय तारीख से 15 दिन पहले आवेदन करें … Read more

मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना का एक नया मामला सामने आया, इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर्स पॉजिटिव युवक का इलाज कर

इंदौर  मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी. इंदौर के एक प्राइवेट अस्पताल में एक महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर आई थी, उसका किडनी से संबंधित बीमारी का इलाज किया जा रहा था, लेकिन जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिली. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया. अन्य दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. डॉक्टर्स कोरोना वायरस के लौटने से हैरान हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में लंबे समय बाद कोविड के दो मरीज मिले हैं. इनमें एक युवक है जबकि, दूसरी बुजुर्ग महिला है. दोनों को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. दोनों को अलग-अलग बीमारियां हैं. इनमें से महिला की अन्य बीमारियों के चलते सोमवार को मौत हो गई जबकि युवक का इलाज चल रहा है. बताया जा है कि दोनों मरीज इंदौर के हैं. इनमें से युवक को दो-तीन दिनों से सर्दी खांसी थी. उसने पहले दूसरे अस्पताल में दिखाया, लेकिन फर्क नहीं पड़ने पर अरबिंदो अस्पताल में दिखाया. यहां उसकी कई प्रकार की जांचें हुईं, जिनमें कोविड की पुष्टि हुई. ऐसे भर्ती हुई महिला प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र की रहने वाली थी. 74 वर्षीय महिला को किडनी की बीमारी के कारण एडमिट किया गया था, उसे सीवियर सेप्टिक था. वह कोमार्बिट पैसेंट थी. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसकी भी फ्लू पैनल जांच की गई. जिसमें वह भी कोविड पॉजिटिव पाई गई. सोमवार को उसकी मौत हो गई. डॉक्टर्स का कहना है कि महिला को किडनी में समस्या के साथ अन्य बीमारियां थीं साथ ही वह कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई थी, जिसकी से उसकी मौत हुई. युवक का इलाज जारी डॉक्टर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला के बाद एक युवक भी काफी दिनों से सर्दी खांसी की समस्या से परेशान था. उसके इलाज के लिए उसकी कई प्रकार की जांच की गई. जिसमें कोरोना का जांच भी शामिल थी. उसे कोरोना की जांच में पॉजिटिव मिलने पर सावधानियां बरती गईं. फिलहाल युवक ठीक है. उसका इलाज जारी है.

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