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कल्कि तू कहाँ है पुस्तक का लोकार्पण एवं समीक्षा समारोह का आयोजन संपन्न

भोपाल, चर्चित लेखक, राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) जी. डी. बक्षी द्वारा रचित महत्वपूर्ण कृति “कल्कि तू कहाँ है” का भव्य विमोचन एवं समीक्षा समारोह आज 15 अप्रैल 2025, मंगलवार को गौरांजलि सभागार, रविंद्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया।  इस अवसर पर बोलते हुए जनरल जीडी बख्शी ने कहा सनातन धर्म 10000 साल से चल रहा है और अगले हजारों साल तक चलता रहेगा कार्यक्रम में शहीद मेजर विक्रम बत्रा के पिताजी G L बत्रा ने कहा कि सैनिक देश भक्तों से भी ऊपर आते हैं क्योंकि सैनिक ही देशभक्ति को बचाते हैं इस अवसर पर साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ विकास दवे और निर्वाचन आयुक्त, मध्यप्रदेश मनोज श्रीवास्तव जी ने पुस्तक की समीक्षा करने के साथ अपने विचार व्यक्त किए यह पुस्तक स्वामी प्रणवानंद  सरस्वती जी की जीवनगाथा पर आधारित है, जो अध्यात्म, राष्ट्रधर्म और मानवीय मूल्यों की रोचक व्याख्या प्रस्तुत करती है। मुख्य अतिथि श्रीराम तिवारी जी (निदेशक, विक्रमादित्य शोधपीठ संस्थान, उज्जैन) अध्यक्षता  मनोज श्रीवास्तव जी (राज्य निर्वाचन आयुक्त, मध्यप्रदेश) विशिष्ट अतिथि  डॉ. विकास दवे जी (निदेशक, साहित्य अकादमी, म प्र शासन, भोपाल) कार्यक्रम संचालन शीला मिश्रा कार्यक्रम संयोजन अभिषेक खरे कार्यक्रम समन्वयक अंशुमान खरे विशेष- लेखक डॉ. जी. डी. बक्षी देश-विदेश में अपने राष्ट्रप्रेम और ऐतिहासिक-राजनैतिक विचारों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह कृति भी उनके चिंतन, अनुभव और भारतीय सनातन दृष्टिकोण का अद्भुत संगम है।

कैबिनेट बैठक: भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति

भोपाल किसानों को सशक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार उनकी आय बढ़ाने के रास्ते खोज रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। फसल बीमा योजना का लाभ शत-प्रतिशत किसानों को दिलाने के साथ सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार ने कार्य योजना बनाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अन्नदाता मिशन को दी गई स्वीकृति। किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए गए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनाई जाएगी उच्च स्तरीय समिति। जिला स्तर पर भी बनेगी कमेटी। किसानों को खेती के शासक पशुपालन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र में भी किया जाएगा प्रोत्साहित। खाद्य प्रसंस्करण को भी दिया जाएगा बढ़ावा। भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति। सतना में अस्पताल बनेगा‌। लाडली बहन योजना बंद नहीं होगी। अब प्रतिमाह 10 से 15 तारीख के बीच होगा राशि का अंतरण। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में राशि करेंगे अंतरित। किसानों से वसूली जा रही ऋण की राशि इस बीच, हरदा से खबर है कि शासकीय खरीदी में उपज बिक्री के बाद किसानों से सहकारी समिति ऋण वसूल रही है। ऋण की राशि वसूली करने से किसान परेशान हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में उपज बिक्री के बाद शासन द्वारा राशि खातों में डाली जाती है। किसान अपना केसीसी ऋण चुकता करते हैं, लेकिन राशि समय पर न मिलने से किसानों को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ता है। किसान सुरेश पटेल ने बताया कि किसानों के खाते में पूरी राशि आना चाहिए। इस संबंध में समिति के सहायक प्रबंधक अखिलेश पाटिल ने बताया कि चने की राशि में थोड़ा समय लगता है। जल्द ही किसानों के खातों में राशि जमा कराई जाएगी।

पूर्व मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश श्री एंथोनी डिसा को कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया

प्रसिद्ध लेखक और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी की कहानी ’Tamarind’ (‘इमली’) को 54 देशों की 8,000 से अधिक प्रविष्टियों में से शीर्ष 25 में स्थान मिला भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और चर्चित लेखक श्री एंथोनी डिसा * ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और प्रतिष्ठित सम्मान जोड़ लिया है। *‘टीनो डिसा’ के नाम से लेखन करने वाले श्री डिसा की कहानी Tamarind (‘इमली’) को कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त मान्यता उनकी प्रशासनिक सेवा और साहित्यिक लेखन—दोनों में उनकी गहराई और सृजनात्मकता को दर्शाती है। 54 देशों से आई 8,000 से अधिक प्रविष्टियों में से चुनी गईं 25 श्रेष्ठ कहानियों में ‘इमली’ को स्थान मिला है, जिसे पांच अंतरराष्ट्रीय निर्णायकों की एक समिति ने चयनित किया। लंदन में 15 अप्रैल को शॉर्टलिस्ट की घोषणा की गई, जबकि विजेता का नाम जून में घोषित किया जाएगा। कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ को प्रायः ‘शॉर्ट स्टोरी का बुकर पुरस्कार’ कहा जाता है और यह अंग्रेज़ी साहित्य की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में से एक है। केवल शॉर्टलिस्ट में शामिल होना भी स्वयं में एक वैश्विक सम्मान माना जाता है। ‘इमली’ कहानी मध्यप्रदेश के एक काल्पनिक ग्रामीण क्षेत्र में आधारित है और श्री डिसा की अधिकांश रचनाओं की तरह इसमें भी अंत में एक गहरा मोड़ है। यह कहानी उनकी कथा-कौशल के साथ-साथ भारतीय ग्रामीण और सांस्कृतिक जीवन की गहरी समझ को भी उजागर करती है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) के रूप में श्री एंथनी डिसा ने राज्य और केंद्र स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, और अपने प्रशासनिक जीवन के अंत में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपनी रचनात्मक ऊर्जा और सामाजिक संवेदना को साहित्यिक अभिव्यक्ति में रूपांतरित किया, जो उनके कहानी लेखन और कविता में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। अब तक उनके तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं—दो कहानी संग्रह: ‘The Disrobing of Draupadi’ और ‘One For Sorrow, Two For Joy’, और एक बच्चों के लिए रहस्य कथा ‘The Curious Case of the Nandikote Nawab’, जिसे कतिपय CBSE स्कूलों ने अपनी पठन सूची में शामिल किया है। उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, भावनात्मक गहराई और कथानक की रोचकता का सुंदर संयोजन देखने को मिलता है। श्री डिसा को 2017 और 2019 में टाइम्स ऑफ इंडिया राष्ट्रीय लघुकथा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। वे दो कहानियाँ भी मध्य प्रदेश में आधारित हैं – एक पंचमढ़ी में और एक प्राचीन काल के उज्जैन में।उनके काव्य-संग्रहों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है और हाल ही में लंदन से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका में उनकी दो कविताएं प्रकाशित हुई हैं। वर्तमान में वे अपनी अगली लघुकथा संग्रह पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें वे भारतीय जीवन के विविध पक्षों को अपनी साहित्यिक दृष्टि से उजागर कर रहे हैं। एक समर्पित प्रशासनिक अधिकारी से लेकर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लेखक बनने की उनकी यात्रा इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार बौद्धिक चेतना और रचनात्मकता सेवा-निवृत्त जीवन में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

विंध्य क्षेत्र में विकास के नए आयाम लिखेगा डालमिया भारत सीमेंट प्लांट

किसानों को मिला मालिकाना हक न छिनने का विकल्प, किसान को मिलेगा सतही फसल मुआवजा रामपुर बाघेलान क्षेत्र के किसानों को बरगला कर कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे तथाकथित बिचौलिए सतना सीमेंट सिटी के तौर पर पहचान बना चुके सतना जिले में एक और प्लांट आकार लेने जा रहा है, जिससे किसानों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। एक तरफ किसान अपनी जमीन का मालिक भी बना रहेगा और दूसरी ओर उसे अनुबंध अवधि तक फसल का सतही मुआवजा भी मिलेगा। दरअसल डालमिया भारत सीमेंट प्लांट के द्वारा रामपुर बाघेलान अनुविभागीय क्षेत्र के  जमुना, बैरिहा, झिरिया बाजपेइन, झिरिया कोपरिहान, झिरिया कोठार सहित आसपास के गांव में खनन लीज ली जा रही  है। इस संबंध में प्लांट प्रबंधन द्वारा किसानों को मध्य प्रदेश सरकार के राजपत्र एवं शासन के द्वारा निर्धारित की गई गाइड लाइन के तहत अधिग्रहण किया  जा रहा है। प्रोजेक्ट हेड स्वप्रिल शर्मा ने बताया कि के मध्य प्रदेश सरकार का राजपत्र क्रमांक 264 दिनांक 11 सितंबर 2024 क्रमांक एफ 3-3-0001-2024 एमआरडी-बारह-खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 (1957 क 67 )की धारा 26 की उपधारा (2) के आधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद् द्वारा, खनिज (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम 2016 के नियम 52 के आधीन भूमि के स्वामी को देय वार्षिक प्रतिकर का निर्धारण किए जाने हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर को प्राधिकृत अधिकारी के रुप में नियुक्त किया है और इसी राजपत्र के अनुसार किसानों की जमीन ली जाएगी। उन्होंने बताया कि  वार्षिक सतही फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रति एकड़  ग्रामवार तय किया जाएगा। इन शर्तों के तहत मिलेगा मुआवजा श्री शर्मा ने बताया कि रामपुर बाघेलान तहसील क्षेत्र के ग्राम जमुना, बैरिहा, झिरिया वाजपेइन, झिरिया कोपरिहान, झिरिया कोठार के कुल क्षेत्रफल 306.8921 हेक्टेयर का वार्षिक सतह मुआवजा आगामी दस वर्ष हेतु तय होगा।  प्रभावित किसानों से भूमि स्वामी अधिकार न लेते हुए उनकी जमीन से खनिज उत्खनन बावत् मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा के पश्चात खनन प्रक्रिया संपादित की जाएगी एवं संपूर्ण उत्खनन पश्चात प्रभावित जमीन की यथास्थिति कायम कर कृषि योग्य बनाकर वापस की जाएगी। उत्खनन के दौरान या उत्खनन के पश्चात किन्हीं परिस्थितियों में यदि किसान अपनी जमीन निर्धारित स्वीकृति दर पर बेचने को तैयार होता है तो कंपनी अविलंब रजिस्ट्री को तैयार रहेगी। निर्धारित भूमि वार्षिक मुआवजा राशि से किसान कई प्रकार से प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से लाभांवित होंगे।  कृषि कार्य में होने वाले आर्थिक व्यय, शारीरिक श्रम एवं अन्य प्रकार के खर्चोंं से किसान मुक्त रहेंगे और भूमि के स्वामित्व का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा तथा निर्धारित आय होती रहेगी। इन शर्तों के अनुसार पहली बार काम किया जा रहा है। बिचौलिए किसानों को बरगलाने में तुले डालमिया भारत के द्वारा प्रभावित किसानों की लिस्ट के अनुसार उन्हें मुआवजा देने की पक्रिया शुरू कर दी है, जिससे बिचौलियों को नुकसान होता दिख रहा है। ऐसे में वह किसानों को बरगला कर प्रोजेक्ट को डिले करने में तुले हुए हैं। चूंकि कंपनी किसानों से सीधे बात करने को तैयार है, इसके बाद भी भ्रम पैदा कर बिचौलिए किसानों को बरगला रहे हैं।

रेल मंडल कार्यालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई

भोपाल भारत रत्न, संविधान शिल्पी, समाज सुधारक एवं न्याय के प्रबल पक्षधर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के पावन अवसर पर, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल कार्यालय में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने मंडल के समस्त रेलकर्मियों को इस ऐतिहासिक दिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समतामूलक, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की स्थापना हेतु निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब के अदम्य साहस, प्रखर बुद्धिमत्ता और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर हमें भारतीय रेल की गरिमा और सेवा की गुणवत्ता को और ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेन्द्र बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) श्री के. एल. मीना, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित अन्य विभागाध्यक्ष, रेल कर्मचारी एवं मान्य यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। इससे पूर्व, दिनांक 14 अप्रैल 2025 को भोपाल मंडल अंतर्गत सभी स्टेशन, डिपो एवं रेल कार्यालयों में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनकी जयंती अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बाबा साहब के विचारों एवं योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न संगोष्ठियों एवं चर्चाओं का भी आयोजन किया गया।

भोपाल मंडल के 9 स्टेशनों पर 10 समाजसेवी संस्थाओं द्वारा यात्रियों हेतु नि:शुल्क शीतल जल सेवा

भोपाल गर्मियों की तीव्रता को देखते हुए जब शीतल जल की आवश्यकता बढ़ जाती है, ऐसे समय में भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा अपने यात्रियों को स्टेशन परिसरों में स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न वॉटर कूलर एवं जल नल की व्यवस्था की गई है। इस प्रयास में सेवा भाव से प्रेरित कुछ गैर सरकारी संगठन एवं समाजसेवी संस्थाएं भी सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं, जो यात्रियों की प्यास बुझाने के इस पुनीत कार्य को एक जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में मंडल के 9 प्रमुख स्टेशनों — सांची, खिरकिया, हरदा, नर्मदापुरम, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर एवं रुठियाई — पर 10 गैर सरकारी संगठन/समाजसेवी संस्थाएं नि:शुल्क जल सेवा का कार्य कर रही हैं। ये संस्थाएं गाड़ियों के आगमन के समय प्लेटफार्म पर सक्रिय रहते हुए यात्रियों को शीतल जल प्रदान करती हैं, साथ ही उनके खाली बोतलों को भी भरने की सेवा प्रदान करती हैं। इन प्रयासों से यात्रियों को गर्मी व यात्रा की थकान से राहत मिलती है और मानव सेवा की एक अनुपम मिसाल प्रस्तुत होती है। रेल प्रशासन द्वारा इन संस्थाओं को स्टेशन परिसर में नि:शुल्क जल वितरण हेतु आवश्यक अनुमतियाँ प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही मंडल रेल प्रशासन ने अन्य समाजसेवी संगठनों, स्वयंसेवियों, रोटरी क्लबों एवं अन्य जनकल्याणकारी संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस मानवीय सेवा में आगे आएं। रेल प्रशासन उनकी हरसंभव सहायता करेगा, जिससे यह कार्य और अधिक व्यापकता प्राप्त कर सके। यह सेवा न केवल यात्रियों को राहत प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और सेवा के मूल्यों को भी सुदृढ़ कर रही है।

बाबासाहेब की जयंती पर रेलवे ने दिया उपहार, डॉ अंबेडकर नगर से नई दिल्ली के लिए नई ट्रेन

बाबासाहेब की जयंती पर रेलवे ने दिया उपहार, डॉ अंबेडकर नगर से नई दिल्ली के लिए नई ट्रेन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना भोपाल         देश में रेल संपर्क सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप और भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार 13 अप्रैल 2025 को नई रेलगाड़ी डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन, जो मध्य प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों को भारत की राजधानी नई दिल्ली से सीधे जुड़ने की सौगात मिली। इस अवसर पर अध्यक्ष, लोकसभा ओम बिरला द्वारा रविवार 13 अप्रैल 2025 को डॉ. अम्बेडकर नगर एवं कोटा रेलवे स्टेशनों पर डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ कर हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान नई ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मध्य प्रदेश के  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने  नई ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।      इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद उज्जैन अनिल फिरोजिया, सांसद इंदौर शंकर लालवानी एवं राज्यसभा सांसद  कविता पाटीदार उपस्थित रहे। इनके अलावा कोटा एवं डॉ. अम्बेडकर नगर शहर के अन्य सांसदों/विधायकों और शहरों के गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनसमूहों के रूप में मौजूद रहते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कोटा रेलवे स्टेशन से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मण्डल से मण्डल रेल प्रबंधक एवं डॉ.अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से पश्चिम मध्य रेल के रतलाम मण्डल से मण्डल रेल प्रबंधक सहित दोनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।      लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में रेलवे की दिशा और दशा दोनों बदली है। अब रेलवे केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि भारत के विकास का इंजन बन चुकी है। वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें भारत की गति, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की प्रतीक हैं। स्पीकर बिरला ने कहा कि यह केवल एक ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि विकास, संपर्क और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बाबा साहेब की जन्मस्थली तक यह सीधी रेल सेवा उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी। यह ट्रेन कोटा को दिल्ली, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगी, जिससे व्यापार, शिक्षा, तीर्थाटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 2028 में उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ के दौरान यह सेवा हाड़ौती के श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।    समारोह में रेल मंत्री ने कहा कि आज रेलवे के लिए बड़ा ऐतिहासिक दिन है, हमारे भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी जन्मस्थली ‘महू’ से एक नई ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। इससे महाकाल की नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित सिंहस्थ महाकुंभ के श्रद्धालुओं और इसके आस-पड़ोस के इलाकों में रहने वाले यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्राप्त होने की आशा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों ही राज्यों को अभूतपूर्व रेल बजट राशि आवंटित कि गई है जिससे रेलवे की परियोजनाओं को नई गति मिल रही है। इन परियोजनाओं के चलते रेलवे को नई रफ्तार मिली एवं विकास की ओर अग्रसर हुआ है। इस नई ट्रेन की शुरुआत से कोटा की शिक्षा और उद्योग नगरी के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित होगी।         राजस्थान और मध्य प्रदेश के पर्यटन/दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने एवं यात्री सुविधाओं तथा सुगम आवागमन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा नई ट्रेन की सौगात के रूप में डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया गया है। इस ट्रेन का नियमित संचालन भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मस्थली ‘महू’ शहर के डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के मध्य किया जा रहा है। यह ट्रेन राजस्थान क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सार्वजनिक मांग को पूरा करती हैं। यह ट्रेन राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजधानी नई दिल्ली प्रदेश क्षेत्र के रोजगार, व्यापार, वाणिज्य और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में योगदान देगी। नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर  के बीच नई ट्रेन के संचालन से राज्यों के जिलों में पड़ने वाले मध्यवर्ती स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन का लाभ मिलेगा। नई ट्रेन का लाभ:-  इस नई रेल सेवा के आरंभ होने से राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इन्दौर एवं डॉ. अम्बेडकर नगर  से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के अंतर्गत आने वाले पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों जैसे मथुरा, उज्जैन, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, देवास एवं इंदौर के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों राज्यों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा।  इस नई रेल सेवा की सौगात से विधार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं आमजन को सीधा लाभ पहुँचेगा।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सीधी ट्रेन की उपलब्धता होगी। नियमित सेवा प्रतिदिन चलने वाली गाड़ी संख्या 20156/20155 नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली के बीच नई ट्रेन:-  यह नई ट्रेन नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली के मध्य नियमित रूप से दिनांक 14 अप्रैल को नई दिल्ली से एवं 15 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर नगर से चल रही है। इस गाड़ी में वातानुकूलित, शयनयान एवं सामान्य श्रेणी कोच है।     गाड़ी संख्या 20156 नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर ट्रेन नई दिल्ली से रात 23.25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन कोटा सुबह 05.20 बजे पहुंचक और दोपहर 12.50 बजे गंतव्य स्टेशन डॉ अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20155 डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान कर, उसी दिन कोटा रात 21.25 बजे पहुंचकर और प्रातः 04.25 बजे गंतव्य स्टेशन नई दिल्ली पहुँचेगी।  गाड़ी के ठहराव:- यह नई गाड़ी दोनों दिशाओं में नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर के बीच हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, भरतपुर, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, देवास एवं … Read more

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि रेल भवन में याद किए गए बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर श्री वैष्णव ने बौद्ध धर्म गुरुओं से सशक्त भारत के निर्माण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। बौद्ध धर्म गुरुओं ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को बाबा साहेब अम्बेडकर की तस्वीर देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ श्री सतीश कुमार तथा रेलवे बोर्ड के दूसरे सदस्यों ने भी संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।

पहाड़ों के बीच प्रगति का सेतु ‘अंजी खड्ड’

भोपाल जब घाटियां गहरी होती हैं और पहाड़ रास्ता रोकते हैं, तब इंसान के सपने ऊंचे हो जाते हैं। कश्मीर के दिल तक पहुंचने के इन्हीं ऊंचे सपनों ने फिर से एक नई कहानी को जन्म दिया है। ये कहानी एक पुल की है जो सिर्फ लोहे और केबल से नहीं, हिम्मत और हुनर से भी बना है। ये कहानी है भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज- अंजी खड्ड ब्रिज की जो जम्मू-कश्मीर की चुनौतीपूर्ण घाटियों के बीच, अंजी नदी की गहरी खाई को पाटता है। कटरा और रियासी के बीच कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने जा रहा यह अद्भुत संरचना भारतीय इंजीनियरिंग के आत्मविश्वास और कौशल की मिसाल है। यह ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कटरा-बनिहाल रेल खंड में बनाया गया है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ जैसी सभी सीमाओं को पार कर यह ब्रिज घाटी को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती के साथ जोड़ रहा है। आकर्षक डिजाईन के साथ बने इस ब्रिज का निर्माण कार्य सिर्फ 11 महीने में ही पूरा कर लिया गया है जो नदी तल से 331 मीटर ऊंचाई पर स्थित है जबकि नीव से 193 मीटर ऊंचा एक मजबूत सेंट्रल पायलन पर टिका हुआ है, जो इसकी पूरी संरचना को संतुलन में रखता है। अंजी खड्ड ब्रिज, चिनाब ब्रिज के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज भी है। इस ब्रिज को 96 केबलों के सहारे बनाया गया है जिनका कुल वजन 849 मीट्रिक टन और  कुल लंबाई 653 किलोमीटर है। 725 मीटर लम्बे इस ब्रिज की संरचना में 8,215 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर बने इस ब्रिज से जम्मू-कश्मीर के विकास के तार जुड़े हुए हैं। यह ब्रिज घाटी के दूर-दराज इलाकों मेंं बसे गांवों और कस्बों का बड़े शहरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करता है जिससे विकासशील जगहों पर चिकित्सा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता आसान हो जाएगी।  बेहतर कनेक्टिविटी के वजह से स्थानीय लोगों लिए रोज़गार के नए अवसरो का सृजन होगा साथ ही घाटी में व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ●    पुल की कुल लंबाई: 725 मीटर ●    नदी के तल से ऊंचाई: 331 मीटर ●    सेंट्रल पायलन की ऊंचाई: 193 मीटर ●    केबल की संख्या: 96 ●    केबल का कुल वजन: 849 मीट्रिक टन ●    केबल की कुल लंबाई: 653 किलोमीटर ●    निर्माण में कुल स्टील का इस्तेमाल:  8,215 मीट्रिक टन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जे.के. जैन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्यप्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी  जे. के. जैन के आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री जैन अपने सेवाकाल में कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहे। उनके असामयिक निधन से प्रदेश और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा को शांति और स्व.  जैन के शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला

माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी  माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस का शुभारंभ  नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात  केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला भोपाल  माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने 13 अप्रैल को गाड़ी संख्या 02055 कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। नई दिल्ली को राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से जोड़ने, पर्यटन व दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने, यात्री सुविधाओं तथा सुगम आवागमन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा नियमित रेल सेवा के रूप में ट्रेन नंबर 20155/20156 डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।  भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर इस ट्रेन का नियमित संचालन 14 अप्रैल को नई दिल्ली से उनकी जन्मस्थली ‘महू’ शहर के डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के बीच किया जा रहा है। माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस को कोटा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर स्टेशन पर यात्रियों में भारी उत्साह दिखाई दिया। माननीय स्पीकर ने अपने संवाद में कहा कि भारतीय रेल केवल परिवहन का साधन नहीं विकास का इंजन है।   इस उद्घाटन कार्यक्रम में वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव, माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव माननीया महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर की रही। इसके अतिरिक्त डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन पर माननीय सांसद उज्जैन श्री अनिल फिरोजिया, माननीय सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी एवं माननीया सांसद राज्यसभा कविता पाटीदार की उपस्थिति रही। रेलवे की ओर से डीआरएम कोटा श्री अनिल कालरा सहित अन्य सभी संबंधित शाखा अधिकारीगण मौजूद रहे।     यह 22 कोच की नई ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर के मध्य नियमित रूप से दिनांक 14 अप्रैल को नई दिल्ली एवं 15 अप्रैल डॉ. अम्बेडकर नगर से चलेगी। गाड़ी संख्या 20156 नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर ट्रेन नई दिल्ली से रात 23.25 बजे प्रस्थान कर कोटा सुबह 05.20 बजे आगमन कर 12.50 बजे गंतव्य स्टेशन डॉ अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 20155 डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली ट्रेन डॉ अम्बेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान कर कोटा 21.25 बजे आगमन कर अगले दिन सुबह 04.25 बजे गंतव्य स्टेशन नई दिल्ली पहुँचेगी।  गाड़ी के ठहराव:- यह नई गाड़ी दोनों दिशाओं में नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर के बीच हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, भरतपुर, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, देवास एवं इंदौर स्टेशनों पर रुकेगी।  नई ट्रेन का लाभ:-  इस नई रेल सेवा के आरंभ होने से राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इन्दौर एवं डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।  राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश राज्यों के अंतर्गत आने वाले पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों जैसे मथुरा, उज्जैन, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, देवास एवं इंदौर के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों राज्यों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा।  इस नई रेल सेवा की सौगात से विधार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं आमजन को सीधा लाभ पहुँचेगा।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सीधी ट्रेन की उपलब्धता होगी।

राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा निर्माण के लिये प्रारंभ हुई कार्यशाला

भोपाल राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूप रेखा निर्माण के लिये 3 दिवसीय कार्य शाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष अलकेश चतुर्वेदी ने मंगलवार को भोपाल के लेक-व्यू अशोका में दीप प्रज्ज्वलित कर के किया। कार्यशाला में बच्चों का सर्वांगीण विकास, कौशल विकास और आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा जैसे उद्देश्य बिंदुओं पर विचार मंथन के बाद प्राप्त सुझावों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या समिति को प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद राज्य की पाठ्यचर्या का निर्माण भी किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स का गठन किया है। कार्य शाला में 11 कार्य समूहों का गठन किया गया है। इसमें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या निर्माण समिति के प्रतिनिधि, प्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के सदस्यगण, राज्य शिक्षा केंद्र विषय समन्वयक एवं अन्य सहयोगी संस्थाएं के विषय विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। कार्य शाला में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और शिक्षा शास्त्र जैसे विषयों के संबंध में विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त किये जायेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदान किया गया बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ स्पोर्ट्स अवार्ड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदान किया गया बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ स्पोर्ट्स अवार्ड खेल पत्रिका स्पोर्ट्स स्टार ने किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एसीईएस अवार्ड-2025 के अंतर्गत बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ स्पोर्ट्स का अवार्ड प्रदान किया गया। द हिंदू समाचार पत्र समूह की खेल पत्रिका स्पोर्ट्स स्टार की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यह पुरस्कार पत्रिका के संपादक वी.वी. राजशेखर राव तथा नेशनल हेड सतीश मेंडन ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को प्रोत्साहन के लिए ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक प्रयास किए जा रहे हैं। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम स्थापित करने के लिए कार्य जारी है। महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में स्पोर्ट्स टीचर्स को महत्वपूर्ण दायित्व देने की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। स्पोर्ट्स स्टार के संपादक वी.वी. राजशेखर राव ने बताया कि प्रदेश में खेल प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराई गई अधोसंरचना, प्रशिक्षण व्यवस्था और परम्परागत खेलों को प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों तथा आवश्यकता के अनुरूप खेल नीतियों को क्रियान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से ही प्रदेश को ओलम्पिक, पैरा ओलम्पिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रीय खेलों में अनेक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में ग्वालियर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण योजना की गहन समीक्षा की उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जय आरोग्य अस्पताल, ग्वालियर में सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी) विभाग के आवश्यक पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार करने और अस्पताल भवन के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में ग्वालियर क्षेत्र के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के अधोसंरचना विकास, मैन पॉवर, उपकरण उपलब्धता की विस्तारपूर्वक समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाओं के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार समस्त अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सकीय स्टॉफ की पर्याप्त नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत सांवेर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, तथा संचालक नीरज कुमार सिंह उपस्थित रहे।  

चीता परियोजना संचालन समिति ने कुनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में कुछ चीतों को स्थानांतरित करने की अनुमति दी

मंदसौर  मध्य प्रदेश में चीतों को बसाने की योजना में एक नया मोड़ आया है। केंद्र सरकार केन्या, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से और चीते लाने की बात कर रही है। वहीं, कुछ चीतों को कूनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में भेजने की मंजूरी मिल गई है। समिति ने यह भी कहा है कि चीतों को सड़क मार्ग से ले जाते समय गर्मी जैसे तनाव देने वाले कारकों का ध्यान रखा जाए। 300 किलोमीटर है दोनों जगह के बीच की दूरी गांधी सागर, कुनो से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। यह फैसला पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में लिया गया। अभी भी यह चिंता बनी हुई है कि गांधी सागर में चीतों के लिए पर्याप्त शिकार है या नहीं और वहां तेंदुए जैसे शिकारी जानवर भी हैं। गांधी सागर को चीतों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण जगह माना जा रहा है। इसका लक्ष्य कूनो-गांधी सागर क्षेत्र में 60-70 चीतों की आबादी बनाना है। एक साल से चीतों के लिए तैयार हो रहा गांधी सागर मध्य प्रदेश का वन विभाग एक साल से गांधी सागर को चीतों के लिए तैयार कर रहा है। पहले यह योजना थी कि अफ्रीका से आने वाले चीतों को यहां रखा जाएगा, लेकिन अभी तक भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बात नहीं बन पाई है। पहले चरण में, चार-पांच चीतों को अभयारण्य के पश्चिमी भाग में एक बाड़े में छोड़ा जाएगा। 64 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया गया है और तेंदुओं को वहां से हटा दिया गया है ताकि चीतों और तेंदुओं के बीच लड़ाई न हो। अभी यह तय नहीं हुआ है कि गांधी सागर में कूनो से लाए गए चीतों को छोड़ा जाएगा या उन चीतों को जो अभी भी बड़े बाड़ों में हैं। कूनो के जंगल में घूम रहे 17 चीते कूनो में 26 चीतों में से 17 जंगल में हैं और नौ बाड़ों में हैं। गांधी सागर में शिकार की कमी एक चिंता का विषय है। समिति ने मध्य प्रदेश के अन्य जंगलों से चीतल लाकर शिकार बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। गांधी सागर में शाकाहारी जानवरों के बाड़े भी हैं ताकि शिकार वहीं पर पैदा हो सके। मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभारंजन सेन ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में शिकार बढ़ाने का काम चल रहा है। हमारे पास शिकार के तौर पर फिलहाल चिंकारा, चौसिंघा, नीलगाय और चीतल हैं। चीता परियोजना संचालन समिति देख रही मामला इस पूरे मामले को चीता परियोजना संचालन समिति देख रही है। समिति ने हाल ही में एक वीडियो पर भी बात की। इस वीडियो में वन विभाग द्वारा काम पर रखे गए एक ड्राइवर को चीता फैमिली को पानी पिलाते हुए दिखाया गया था। सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई और वन विभाग को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि चीतों के साथ बातचीत के लिए बने नियमों का पालन किया जाए। क्या है चीता परियोजना संचालन समिति का काम चीता परियोजना संचालन समिति का गठन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने मई 2023 में किया था। इसका काम परियोजना की समीक्षा और निगरानी करना और एक सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करना है। प्रोजेक्ट चीता 2022 में शुरू हुआ था। इसके तहत नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था। इस परियोजना को उस समय झटका लगा जब इनमें से आठ चीतों और कूनो में पैदा हुए पांच शावकों की मौत हो गई।

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