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बीयू ने सत्र 2025-26 में यूटीडी में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) ने सत्र 2025-26 में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बीयू से बीएएलएलबी और बीएससीें एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देना अनिवार्य होगा। वहीं यूटीडी में संचालित अधिकतर पाठ्यक्रमों में सीयूईटी और नाॅन सीयूईटी (ऐसे छात्र जो सीयूईटी-यूजी व पीजी में शामिल नहीं होंगे) दोनों तरह के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार 75 फीसद सीट पर नान सीयूईटी और 25 फीसद सीयूईटी के लिए आरक्षित होंगी।   12वीं के परिणाम के तुरंत बाद शुरू होगी प्रक्रिया अधिकारियों ने बताया कि 12वीं के परिणाम घोषित होते ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खासतौर पर यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मप्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आने के बाद पंजीयन शुरू किए जाएंगे। पीजी पाठ्यक्रमों में भी नान सीयूईटी को प्राथमिकता रहेगी पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रमों में बीते वर्षों में सीयूईटी स्कोर के आधार पर पर्याप्त प्रवेश नहीं हो सके। विवि में अधिकत्तर विद्यार्थी नान सीयूईटी श्रेणी से ही आवेदन करते हैं, इसलिए पीजी पाठ्यक्रम के लिए भी 75 प्रतिशत सीटें नान सीयूईटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं। यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर देना होगी विवि के सामने यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर घोषित करना सबसे बड़ी चुनौती है, ताकि नान सीयूईटी विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें।यदि यह प्रक्रिया देरी से होती है, तो प्रवेश में परेशानी आ सकती है।

शहर के आनंद नगर निवासी पीयूष शौर्य की अचानक तबीयत खराब हुई, साइलेंट अटैक से 18 वर्षीय IIT छात्र की मौत

इंदौर एक और नवयुवक का दिल दगा दे गया। इंदौर में महज 18 वर्षीय आइआइटी छात्र की साइलेंट अटैक से शुक्रवार रात को मौत हो गई। शहर के आनंद नगर निवासी पीयूष शौर्य की शुक्रवार रात घर पर अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन के अनुसार पीयूष के सीने में दर्द हुआ था। उसको पसीना आने लगा। उसको तुरंत ही एक अस्पताल में ले गए। डॉक्टरों ने जांच कर उसको मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने साइलेंस अटैक से मृत्यु की बात कही।   इंदौर में रहकर पढ़ रहा था पीयूष मुरैना जिले का निवासी मृतक पीयूष पढ़ाई के सिलसिले में अपने भाई प्रियांशु और आनंद के साथ इंदौर में रह रहा था। बता दें कि इससे पहले भी कई युवाओं की अटैक से मौत के मामले सामने आ चुके हैं। बेहद कम उम्र में युवाओं का दिल जवाब देने से डॉक्टर भी हैरान हैं। साइलेंट अटैक से बचाव के ये तरीके अपना सकते हैं…. समय-समय पर हार्ट से जुड़ी हेल्थ चेकअप जरूर कराएं। आपको स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें। धूम्रपान और शराब स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक हैं। आपको तनाव और अनिद्रा से बचने की कोशिश करनी चाहिए। मोटापा हार्ट के लिए बहुत ही खतरनाक है, ऐसे में वजन को कंट्रोल में रखें। आपको अचानक थकान, पसीना या बेचैनी महसूस होती है, तो इसको नजरअंदाज़ न करें। आपके परिवार में हृदय संबंधित रोग का इतिहास रहा, तो बेहद सतर्क रहें।  

दुष्कर्म पीड़िता के नाम की तरह दुष्कर्म के आरोपी का नाम क्यों नहीं गुप्त रखते: MP हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य शासन से पूछा कि दुष्कर्म पीड़िता के नाम की तरह दुष्कर्म के आरोपी का नाम क्यों नहीं गुप्त रखते। शासन को चार सप्ताह में हर हाल में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साफ शब्दों में हिदायत दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो 15 हजार रुपये जुर्माने के साथ ही जवाब स्वीकार किया जाएगा। यह राशि हाई कोर्ट विधिक सहायता कमेटी में जमा कराई जाएगी। इसे लैंगिक भेदभाव बताया गया याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी डॉ. पीजी नाजपांडे व डॉ. एमए खान की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आपराधिक नियम के अंतर्गत दुष्कर्म पीड़िता का नाम गुप्त रखने का प्रविधान है। ऐसा करना लैंगिक भेदभाव है, जो कि संविधान की मंशा के विपरीत है। कानून में यह कहा गया है कि जब तक आरोप साबित नहीं हो जाता, तब तक आरोपी निर्दोष होता है। ऐसे गंभीर प्रकरणों में आरोपी का नाम सार्वजनिक करने से उसकी छवि प्रभावित होती है। सार्वजनिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है याचिका में कहा गया कि फिल्मी हस्ती मधुर भंडारकर जैसे कई ऐसे नाम हैं, जो ऐसे आरोपों से बरी हुए हैं, लेकिन सार्वजनिक प्रतिष्ठा धूमिल हो गई। इसीलिए याचिका के जरिए मांग की गई है कि उक्त अधिनियम के तहत ट्रायल पूरी होने तक दुष्कर्म के मामलों में आरोपी का नाम भी गुप्त रखा जाए।

मध्यप्रदेश की ऊर्जा तस्वीर अब बदलने वाली, लगेगा 2800 मेगावाट की क्षमता वाले न्यूक्लियर पावर प्लांट, चार यूनिट लगाई जाएंगी

भोपाल मध्यप्रदेश की ऊर्जा तस्वीर अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने शिवपुरी जिले के नरवर तहसील स्थित भीमपुर गांव में देश के एक बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र (nuclear power plant) को हरी झंडी दे दी है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) को भेजे गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, 2800 मेगावाट की क्षमता वाला यह संयंत्र मडीखेड़ा डैम के पास स्थापित किया जाएगा, जिसमें 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाई जाएंगी।  यह परियोजना न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश की ऊर्जा ज़रूरतों को नई शक्ति देगी। भीमपुर क्षेत्र में ठंडा मौसम, स्थिर वातावरण और पर्याप्त जलस्रोत जैसे प्राकृतिक संसाधन पहले से ही मौजूद हैं, जिससे इस हाई-टेक प्लांट को पंख मिलेंगे। मडीखेड़ा का पानी करेगा न्यूक्लियर यूनिट को पॉवरफुल इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए जरूरी जल आपूर्ति मडीखेड़ा डैम से की जाएगी। इसके लिए 120 एमसीएम वाटर बैराज और 40 एमसीएम बैलेंसिंग रिजर्व वेल की भी योजना तैयार हो चुकी है। जमीन की पहचान और तकनीकी सर्वेक्षण का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रदेश को मिल रही है पहली न्यूक्लियर पहचान गौरतलब है कि अभी मध्यप्रदेश में कोई सक्रिय परमाणु संयंत्र नहीं है। लेकिन भीमपुर प्रोजेक्ट के साथ मप्र का नाम अब देश की न्यूक्लियर मैप पर चमकने को तैयार है। केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के चार जिलों—शिवपुरी, मंडला, देवास और नीमच—में परमाणु परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अधिकारियों की प्रतिक्रिया में संशय हालांकि शिवपुरी के कलेक्टर रविन्द्र चौधरी का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर चल रहे पत्र की जांच करवाई जा रही है। अगर भोपाल स्तर से कोई पत्र आया हो, तो उसकी जानकारी मुझे फिलहाल नहीं है।”

ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने पांच महीने में ही 250 किग्रा और 120 किग्रा एयर बम के डेढ़ हजार से अधिक खोल की ढलाई का रिकॉर्ड बनाया

जबलपुर जबलपुर की ऑर्डनेंस की फैक्ट्री(ओएफजे) से तैयार ढाई क्विंटल के बम से भारतीय वायुसेना(एयरफोर्स) को बड़ा दम मिलने वाला है। एयरफोर्स के सबसे ताकतवर बमों में शामिल 250 किग्रा और 120 किग्रा एयर बम के खोल की ढलाई में इस बार ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर (ओएफजे) ने बड़ी उपलिब्ध हासिल की है। नवंबर में इनकी ढलाई का ऑर्डर फैक्ट्री को मिला था। गत वित्तीय वर्ष के पांच महीने में ही दोनों एयर बम के डेढ़ हजार से अधिक खोल की ढलाई का रिकॉर्ड बनाया है। इसका फायदा यह हुआ कि ऑर्डनेंस फैैक्ट्री खमरिया में इन बमों में बारूद की फिलिंग तेज हो गई है। ऐसे में एयरफोर्स को समय पर सप्लाई हो रही है। ओएफजे को मिला है बड़ा लक्ष्य, पांच महीने में तैयार कर दिए 1500 शेल ओएफजे को लंबे समय के बाद एयरफोर्स से एयरबम के लिए बड़ा ऑर्डर मिला था। निगम अभी तक ओएफजे के अलावा दूसरी आयुध निर्माणियों से बम बॉडी तैयार करवाती है। कुछ निजी कंपनियां भी यह काम कर रही हैं। लेकिन ओएफजे अकेले दम ही रेकॉर्ड उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। जो ऑर्डर मिला है, उसके पूरा होने से एयरफोर्स के भंडारण में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। ओएफजे को एक वित्तीय में 60 से 80 करोड़ रुपए कीमत का वर्कलोड मिलता है। दिया गया है। दरअसल, ओएफजे को ढलाई का काम ओएफके की ओर से दिया गया है। जो सालभर के वर्कलोड के बराबर है। उसे तीन हजार से ज्यादा बम के खोल तैयार करना है। इसके लिए इस साल नवंबर तक का समय दिया गया है। लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय वर्ष समाप्त होते-होते फैक्ट्री ने 250 किग्रा बम बॉडी का 70 तो 120 किग्रा एरियल बम का लक्ष्य पूरा ही कर दिया है। अभी भी इसमें निरंतरता बनी हुई है। अब ओएफके की बारी बता दें, ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर जहां खोल का निर्माण करता है, वहीं ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) इसमें बारूद की फिलिंग कर पूर्णता प्रदान करता है। ओएफजे से खोल तैयार होते ही अब बारी ओएफके की है, जिसे बम के खोल की फिलिंग काम शुरू कर दिया है।  भारी मात्रा में रहता है विस्फोटक 250 किग्रा एयर बम का इस्तेमाल सुकोई या जगुआर एयक्राफ्ट के जरिए किया जाता है। दुश्मन के इलाके में गिरने से हुए विस्फोट में आठ से 10 फीट का गहरा गड्ढा बन जाता है। जानकारों ने बताया कि इसमें 6 से 7 किलो अति विस्फोटक बारूद भरा होता है। बारूद के साथ छोटी स्टील की बॉल रहती है जो कि काफी घातक साबित होती हैं। इसी प्रकार 120 किग्रा एयर बम भी सबसे विश्वसनीय हथियारों में शामिल है। यह दुश्मन के बंकर, पुल और इमारतों केा तबाह कर देता है।

गौमाता अपने बच्चों को तो पालती है, इंसान का भी ध्यान रखती, गौमाता का अमृततुल्य दूध पीकर हम बड़े हुए : CM यादव

इंदौर इंदौर के समीप महू के आशापुर गांव में नगर निगम गौशाला का निर्माण कर रहा है। इसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गौमाता अपने बच्चों को तो पालती है। इंसान का भी ध्यान रखती है। गौमाता का अमृततुल्य दूध पीकर  हम बड़े होते है। हमारी संस्कृति में पहली रोटी गौमाता के लिए रखी जाती है। आखरी रोटी कुत्ते के लिए बनाई जाती है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति से जुड़ने के नियम बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता की रक्षा का संकल्प युगों-युगों से हमारी संस्कृति से जुड़ा है। पहले माना जाता था कि भारत में दूध-दही की नदियां बहती है। खेती-बाड़ी में गौमाता की पहले काफी मदद ली जाती थी, लेकिन बाद में ट्रैक्टर, नए उपकरणों का उपयोग किया जाने लगा। इसकी मार हमारी गौमाता पर पड़ी। जाने-अंजाने हमसे गलतियां भी हुई, लेकिन हमे वापस ध्यान में आ गया कि रासायनिक खाद के उपयोग से नुकसान हो रहा है। जैविक खाद से किसान की लागत भी कम हो रही है और पौष्टिक अन्न का उत्पादन हो रहा है। हमने संकल्प लिया है कि गौमाता को लावारिस नहीं रहने दिया जाएगा। सभी नगर निगम को बड़ी गौशालाएं बनाने के लिए कहा गया है। इसके लिए राज्य सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा देश भगवान राम और कृष्ण की धरती है। देश की पहचान उनसे भी होती है। प्रदेश में जहां भी राम और कृष्ण की लीलाएं हुई है। उसे हम तीर्थ बनाएंगे। महू के जाना पाव को भी तीर्थ स्थल का रुप दिया जाएगा। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि सवा सौ बीघा में गौशाला तैयार की जा रही है। हम इस गौशाला को आत्मनिर्भर बनाएंगे। यहां दस हजार गौवंश के रहने की व्यवस्था की जाएगी। एक साल के भीतर यह गौशाला बनकर तैयार हो जाएगी।  

नए फाइनेंसियल ईयर में ‘कैश लिक्विडिटी मैनेटमेंट’ के कारण अटक गई लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त, आया अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाला पैसा इस महीने अभी तक नहीं आया है। आमतौर पर यह पैसा हर महीने की 10 तारीख को महिलाओं के खाते में जमा हो जाता है। हालांकि इस बार देरी हो रही है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि नए फाइनेंसियल ईयर में ‘कैश लिक्विडिटी मैनेटमेंट’ के कारण ऐसा हुआ है। उम्मीद है कि 13 अप्रैल के आसपास 1.2 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में 1,250 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। केंद्र सरकार से मिलता है यह पैसा राज्य सरकार को यह पैसा केंद्र सरकार से मिलता है। सूत्रों के अनुसार, लाडली बहना योजना का पैसा तभी दिया जाएगा जब केंद्र से पैसा आएगा। इस योजना के लिए वित्त विभाग ही पैसा जारी करता है। क्या है लाडली बहना योजना लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश की एक बड़ी योजना है। इसमें महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये मिलते हैं। यह योजना पिछली सरकार, यानी शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 2023 में शुरू की थी। यह योजना चुनाव जीतने में काफी मददगार साबित हुई थी लेकिन इस योजना से मध्य प्रदेश सरकार पर हर महीने 1500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है। क्यों हो रही इस बार देरी इस बार लाडली बहना योजना के पैसे में देरी क्यों हो रही है, इस बारे में कोई भी खुलकर बात नहीं कर रहा है। वित्त विभाग के अधिकारी और महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग के अधिकारी भी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। ज्यादातर वित्त अधिकारियों का यही कहना है कि ‘कोई जानकारी नहीं।’ कुछ दिनों में जारी हो जाएगा पैसा सूत्रों का कहना है कि डब्ल्यूसीडी विभाग ने बड़े अधिकारियों को वित्त विभाग के ‘फंड प्रबंधन’ के बारे में बता दिया है। कुछ वित्त अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इस योजना के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस महीने पैसा जरूर जारी कर दिया जाएगा, भले ही कुछ दिन की देरी हो जाए। उन्होंने कहा, ‘इस योजना के लिए कोई फंड संकट नहीं है और इस महीने पैसा जारी कर दिया जाएगा, हालांकि कुछ दिन बाद।’

गृहमंत्री अमित शाह आज 13 अप्रैल को भोपाल आएंगे, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। पीएम मोदी के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अमित शाह दुग्ध उत्पादकों के लिए आयोजित गोपाल सम्मेलन में शामिल होंगे। राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्यक्रम भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित किया जाएगा। सोसायटी को देंगे सौगात, सहकारिता के क्षेत्र में विकास की बात मध्यप्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन से संबंद्व बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, गोगावां जिसका पंजीयन कमांक-112 दिनांक 08 अप्रैल 1963 है। खरगोन सनावद मुख्य मार्ग पर 13800 वर्गफीट में ग्राम गोगावां में संस्था का मुख्यालय संचालित है। संस्था द्वारा वाणिज्यिक दृष्टि से सुपर मार्केट स्थापित करने की योजना बनायी गयी है। इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा 120 लाख रुपये की लागत से सुपर मार्केट का निर्माण किया जाना है। गोगांवा सुपर मार्केट बनाने वाली प्रदेश की पहली सोसायटी होगी। इस तरह की सुविधाएं प्रदेश की अन्य सोसायटियों में उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बैंक प्रबंध संचालक पीएस धनवाल द्वारा बताया गया कि, अंतराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अन्तर्गत 13 अप्रैल को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 120 लाख रुपये का स्वीकृति आदेश गोगांवा संस्था को प्रदान करेंगे। 11625 वर्ग फीट के भु-खण्ड पर 12675 वर्ग फीट सुपर बिल्टप क्षैत्र में सुपर मार्केट का भुतल एंव प्रथम मंजिल पर निर्माण होगा। संस्था गोगांव, विकासखण्ड एवं तहसील मुख्यालय गोगांवा पर स्थित है, जहा कि जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। संस्था के कार्य क्षेत्र में 09 गांव है। जिनमें कुल 04 हजार संस्था के सदस्य है। जिनमें से 1900 ऋणी सदस्य एवं 2100 अऋणी सदस्य है। इस प्रकार कुल 24 हजार सदस्य है जो सुपर मार्केट के संभावित ग्राहक है। संस्था निरन्तर अ वर्ग में वर्गीकृत होकर 183.48 लाख के लाभ में है। संस्था मुख्यालय पर संस्था द्वारा बचत काउण्टर संचालित है। जहां प्रतिदिन 150 से 200 ग्राहक अपना लेन-देन करने के लिए आते है। सुपर मार्केट में किसानों के उपयोग में आने वाली सामग्रियों यथा खाद, बीज, दवाई, मशिनरी आदि का विक्रय किया जाएगा तथा संस्था द्वारा सुपर मार्केट में जन औषधि केन्द्र एवं कृषक सुविधा केन्द्र का संचालन भी किया जाएगा। साथ ही सुपर मार्केट में 20 दुकानों का निर्माण किया जाकर उनको इलेक्ट्रीक सामान, कपडा मार्केट, किराना स्टोर्स, जनरल स्टोर्स, मेडिकल स्टोर्स आदि का व्यापार के लिए किराये से दिया जावेगा। संस्था द्वारा सुपर मार्केट आकार लेने पर संस्था को प्रतिवर्ष 20 लाख की अतिरिक्त आय होना संभावित है। जिले में एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए मप्र शासन आनंद विभाग के निदेशक प्रवीण कुमार गंगराड़े द्वारा 11 अप्रैल को पुराने कलेक्ट्रेट कार्यालय में 11 अप्रैल को आनंद विभाग से जुड़े आनंद क्लब सदस्यों, आनंदम सहयोगी एवं आनंदको की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान गंगराड़े ने कहा कि, खरगोन जिले में आनंद विभाग की गतिविधियां बेहतर है लेकिन और कोशिश करें कि स्वयं भी आनंदित हो दूसरों को भी आनंद संस्थान से जोड़े। गांव स्तर पर आनंद अल्पविराम गतिविधियों को बढ़ाने में आप जैसे सक्रिय हेप्पीनेस वालिंटियर की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए।  बदले रहेंगे रास्ते; कहीं भी जाने से पहले देखें पुलिस का ट्रैफिक प्लान अमित शाह रविंद्र भवन में होने वाले सहकारिता सम्मेलन में शामिल होंगे। शाह की सुरक्षा में 900 जवान तैनात रहेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस ने गृह मंत्री की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट किया है। राजाभोज एयरपोर्ट से रविंद्र भवन तक शहर की कई प्रमुख सड़कों पर रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा। कहीं भी जाने से पहले पुलिस का डायवर्ट ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें…। बाइक और कार वाले यहां से नहीं जा पाएंगे रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और गांधीपार्क तिराहा तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहन (जीप/कार) रोशनपुरा चौराहा, कंट्रोल रूम, लिली चौराहा से भारत टॉकीज की ओर जा सकेंगे। इन रास्तों पर आवागमन प्रतिबंधित रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा से गांधीपार्क तिराहा तक मालवाहक और व्यवसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़ तिराहा, नाथू बरखेड़ा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा और मुबारकपुर चौराहा होकर आ-जा सकेंगे। हलालपुर तक जाएंगी बसें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी तरफ जाना प्रतिबंधित रहेगा। इंदौर, उज्जैन की ओर से आने-जाने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड पर रोकी जाएंगी। राजगढ़-ब्यावरा से आने वाली बसें मुबारकपुर बायपास तिराहा, खजूरी बायपास तिराहा, बैरागढ़ मार्ग से होकर हलालपुर बस स्टैंड तक जा सकेंगी। सीहोर और इंदौर जाने वाला रास्ता भोपाल से सीहोर और इंदौर की तरफ जाने के लिए भारतमाता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़, राती बड़, झागरिया का रास्ता चुनना पड़ेगा। प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरी, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल से  गांधीनगर तिराहा होते हुए शहर से सीहोर-इंदौर, राजगढ़-ब्यावरा, राजा भोज एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।   

एमपी में वक्फ की 15000 से अधिक संपत्तियां, 2000 संपत्तियों पर अवैध कब्जा, अब होगी कार्रवाई

भोपाल  वक्फ संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष संवर पटेल ने बोर्ड की भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 2000 लोगों की पहचान की है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। इन सभी को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस में उनसे संपत्ति खाली करने या कानूनी किराएदार बनने के लिए कहा जाएगा। ऐसा न करने पर नए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस नेताओं पर लगाया कब्जे का आरोप पटेल ने कांग्रेस के नेताओं पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता स्वदेश शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को विभाजन की राजनीति करने का एजेंडा बताया है। मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले कई लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अधिनियम को वापस लेने की मांग की। सख्त कार्रवाई की तैयारी मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अब वक्फ संपत्तियों को लेकर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। बोर्ड के अध्यक्ष संवर पटेल ने बताया कि राज्य में 15,008 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से ज्यादातर पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। हमने काम शुरू कर दिया उन्होंने कहा कि अब कानून आ गया है, तो काम भी होगा। हमने कमर कस ली है, और राज्य बोर्ड ने इस पर काम शुरू कर दिया है। राज्य में 15,008 वक्फ संपत्तियों में से ज्यादातर पर कब्जा है। हमने 2000 लोगों की पहचान की है और उन्हें जल्द ही नोटिस भेजने जा रहे हैं। हम उन्हें नोटिस में संपत्ति खाली करने या कानूनी किरायेदार बनने के लिए कहेंगे। यदि कोई दोनों विकल्पों पर कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो नए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। खुद को बचाने के लिए कर रहे प्रदर्शन पटेल ने यह भी कहा कि बोर्ड सरकार और प्रशासन से कब्जे हटाने में मदद मांगेगा। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता विरोध प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं ताकि वे खुद को बचा सकें। इसके साथ ही पटेल ने कहा कि जहां तक वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की बात है, तो ज्यादातर लोग जो इस पर कब्जा किए हुए हैं, वे कांग्रेस से है।. यहां तक कि उनके (कांग्रेस) राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भी वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी पर भी कब्जा करने का आरोप है। कई कांग्रेस नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है। वे (कांग्रेस) खुद को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हमने जो आर.आर.सी. जारी किए हैं, उनमें से सबसे बड़ा आर.आर.सी. रियाज खान के खिलाफ 7.11 करोड़ रुपये का है, और वह एक कांग्रेस नेता हैं। पटेल ने कहा कि इसी तरह, जब 2000 लोगों की सूची आएगी, तो आप देखेंगे कि उनमें से ज्यादातर कांग्रेस के नेता होंगे। विभाजन की राजनीति कांग्रेस नेता स्वदेश शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को विभाजन की राजनीति करने का एजेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस कानून के जरिए वक्फ की जमीनों को अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ‘अबकी बार, 400 पार’ का नारा दिया था और इसके पीछे केवल एक ही मकसद था कि जिस तरह से हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और सरकारी संगठन अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को बेचे गए, उसी तरह जमीन के लिए एक कानून लाया जाए जो वक्फ या अन्य को दान कर दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन जमीनों को अपने उद्योगपति दोस्तों को प्रदान करना था। ये जमीनें (वक्फ संपत्तियां) वे जमीनें हैं जो लोगों द्वारा दान की गई थीं, और सरकार को उन्हें किसी को भी देने का अधिकार नहीं है। मुस्लिमों ने किया प्रदर्शन इसके अलावा, मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ राज्य की राजधानी में इकबाल मैदान के पास विरोध प्रदर्शन किया और अधिनियम को वापस लेने की मांग की। गौरतलब है कि वक्फ संशोधन अधिनियम, 2013 में पारित किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण को बेहतर बनाना है। अधिनियम वक्फ बोर्ड को वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे को हटाने और इन संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समुदाय के लाभ के लिए करने के लिए अधिक अधिकार देता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ-शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-शालाओं के माध्यम से गौ-सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी और प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में हाईटेक कामधेनु गौ-शाला के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस गौ-शाला में 10 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था रहेगी। यह गौ-शाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौ-शाला का निर्माण इंदौर नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी। गौ-शाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। गौ-शाला के संचालन में समाजसेवी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौ-शाला में रहेंगी। गौ-शाला क्षेत्र में सघन पौध-रोपण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री निरंजन सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। दुग्ध उत्पादकों को मिलें बेहतर दाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की समस्याओं का समाधान गौ-शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश के सभी बड़े नगरों में हजारों गौ-वंश क्षमता की गौ-शालाएँ स्थापित कर उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में भी अब 10 हजार गौ-वंश क्षमता की अत्याधनिक सुविधाओं से युक्त गौ-शाला बनायी जा रही है। यह कामधेनु गौ-शाला अद्भुत होगी। उन्होंने कहा कि गौ-शालाओं के विकास में शासन के साथ समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आहवान किया की समर्पण और सेवा भाव के साथ समाज का हर वर्ग गौ-शाला के संचालन में सहयोग के लिये भागीदार बने। राज्य शासन द्वारा गौ-शालाओं के विकास और विस्तार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है। गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जो हमारे लिये पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य शासन ‍निरंतर प्रयासरत है। हमने यह वर्ष गौ-माता की सेवा को समर्पित किया है। गौ-वंश को बढ़ावा देने के लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम से योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना में गौ-वंश पालकों को अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 बनायी गयी है। निराश्रित गौ-वंश की समस्या का समाधान गौ-शालाओं की स्थापना से किया जा रहा है। गौ-सेवा कर, बछिया को दुलारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में गौमाता का पूजन कर गौ-ग्रास भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने बछिया को गोद में लेकर स्नेह से दुलार किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नयी इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कृत संकल्पित होकर कार्य किये जा रहे हैं। हातोद स्थित गौ-शाला का कायाकल्प किया गया। इसे उच्च सुविधाओं से युक्त किया गया है। इससे गायों की संख्या बढ़कर 650 से 2 हजार हो गयी। इंदौर देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम होगी जहाँ गौ-सेवा के लिये सवा सौ बीघा भूमि पर गौ-शालाये होंगी। स्वामी श्री अच्चुतानंदजी महाराज ने कहा कि गौ-रक्षा की दिशा में यह सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह गौ-शाला देश की अन्य गौ-शालाओं के लिये उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। गौ-वंश का संरक्षण एवं संवर्धन अब जन-आंदोलन बन गया है। सर्वसुविधा युक्त होगी कामधेनु गौ-शाला आशापुरा (महू) नगर निगम इंदौर द्वारा महू तहसील के आशापुरा ग्राम में कामधेनु गौ-शाला का निर्माण प्रारंभ किया गया है। इस गौ-शाला के लिए कलेक्टर इंदौर द्वारा लगभग 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर गौ-वंश के संवर्धन हेतु नगर निगम इन्दौर के अधिपत्य में दी गयी है।

मध्यप्रदेश में पोषण पखवाड़ा 2025: कुपोषण से जंग, स्वस्थ भविष्य की ओर कदम

भोपाल मध्यप्रदेश में 8 से 22 अप्रैल 2025 तक सातवां “पोषण पखवाड़ा” पूरे जोश और जागरूकता के साथ मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य आमजन, महिलाओं और बच्चों को पोषण के महत्व को समझाकर एक स्वस्थ समाज की नींव रखना है। पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रमुखता से 4 विषयों जीवन के पहले 1000 स्वर्णिम दिवसों का महत्व, पोषण ट्रैकर ऐप के हितग्राही मॉड्यूल की जानकारी और उपयोगिता, CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा है। स्वर्णिम 1000 दिवस – जीवन की मजबूत नींव गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद पहले दो वर्षों तक के 1000 स्वर्णिम दिवस बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान उनके जीवनकाल का 85 प्रतिशत बौद्धिक विकास हो जाता है। पोषण पखवाड़ा में इस अवधि के दौरान पोषण और देखभाल पर विशेष बल देते हुए माताओं को संतुलित आहार और स्तनपान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप – पोषण की डिजिटल निगरानी पोषण ट्रेकर ऐप ‘poshantracker.in’ के माध्यम से घर बैठे ही पोषण स्तर की निगरानी करना अब संभव है। यह ऐप आंगनवाड़ी सेवाओं का डिजिटलीकरण करने के साथ हितग्राहियों को भी बच्चों और माताओं के पोषण पर नज़र रखने में सक्षम बनाता है। भारत सरकार द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप के अंतर्गत हितग्राही मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें हितग्राही अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन बच्चों के पोषण स्तर के विकास की निगरानी के साथ उन्हें केन्द्र से मिलने वाले पोषण आहार की निगरानी घर बैठे कर सकते हैं। CMAM रणनीति से कुपोषण पर नियंत्रण प्रदेश में कम्युनिटी मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मॉलन्यूट्रिशन (CMAM) यानी गंभीर कुपोषण का समुदाय स्तर पर प्रबंधन मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत वर्ष-2020 से प्रारंभ हुआ। पोषण पखवाडा़ में अति गंभीर कुपोषित (SAM), अति कम वजन (SUW) एवं मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी स्वास्थ्य जाँच तथा अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की भूख की जाँच कर आवश्यकतानुसार उपचार एवं सामुदायिक स्तर पर परिवार के सहयोग से पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। बचपन में मोटापे से सतर्कता नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) रिपोर्ट के अनुसार बच्चों में मोटापे की दर में वृद्धि चिंताजनक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई है। पोषण पखवाड़ा में बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना और स्कूलों में पौष्टिक भोजन के बढ़ावा देने के लिये पोषण ट्रेकर के माध्यम से मोटापे के जोखिम वाले बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों को पोषण परामर्श दिया जा रहा है। प्रदेशभर में जागरूकता की लहर आंगनवाड़ी केंद्रों पर थीम आधारित गतिविधियों, योग सत्र, खेलकूद, पोषण रैली, साइकिल रैली, एनीमिया जागरूकता शिविर, लंच बॉक्स प्रतियोगिता और समूह चर्चाओं का आयोजन हो रहा है। पोषण ट्रैकर में रजिस्ट्रेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि माताओं और बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी और समस्याओं का समय पर निदान सुनिश्चित किया जा सके।

डिजिटल मीडिया के दौर में पारदर्शी और सही समय पर दी गई जानकारी बहुत जरूरी : ज्ञानेश कुमार

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत आईआईआईडीईएम में मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों और जिला जनसंपर्क अधिकारियों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते मीडिया के बदलते दौर में चुनाव से जुड़े अधिकारियों को बेहतर तरीके से तैयार करना और उनके बीच बेहतर समन्वय बनाना था। मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल मीडिया के दौर में पारदर्शी, सही और समय पर दी गई जानकारी बहुत जरूरी है, ताकि लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि मीडिया नोडल अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जनता तक सही जानकारी पहुंचे और वे किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक खबरों से प्रभावित न हों। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी कार्यक्रम में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए। इस ओरिएंटेशन के दौरान अधिकारियों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचन पंजीकरण नियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के जरिए सही जानकारी कैसे फैलानी है, गलत सूचनाओं से कैसे निपटना है और मतदाताओं को कैसे जागरूक करना है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में विगत दिनों हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय मध्यप्रदेश के मीडिया नोडल अधिकारी श्री राजेश दाहिमा, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी श्री सुनील वर्मा और और जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री अरूण शर्मा शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जल की हर बूंद में जीवन, हर स्रोत में भविष्य का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः”, अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है। उन्होंने कहा है कि जल जीवन जीने का संसाधन मात्र नहीं, अपितु हमारा सनातन संस्कार है। हमारे ग्रंथ कहते हैं कि जल की हर बूंद में जीवन है और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। इसलिए इस अमूल्य धरोहर की किसी भी मूल्य पर रक्षा करना हमारा दायित्व है। इसी दायित्व की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसमें नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ-साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास पौध रोपण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में सक्रिय जनसहयोग छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में 30 मार्च से शुरू हुए कार्यों के अंतर्गत कलेक्टर श्री शीलेंद्र सिंह ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव पहुंच कर बुधवारा गांव में तालाब के गहरीकरण हेतु ग्रामवासियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। तालाब के जीर्णोद्धार के साथ ही इसमें जमा गाद निकालकर सफाई की जा रही है। इसी के साथ छिंदवाड़ा जिले की जन अभियान परिषद शाखा ने कन्हांन नदी तट की सफाई करते हुए जल संरक्षण की शपथ दिलाई। बुरहानपुर में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन का प्रयास जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा जिले के वन क्षेत्रों में स्थित जल-स्त्रोतों की सफाई, तालाब, बावड़ियों, स्टॉप डेम का गहरीकरण और पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। सोलाबरडी और गढ़ताल रेंज वन क्षेत्रों समेत जिले के 67 चिन्हित जल-स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण का काम किया जा रहा है। वन विभाग का अमला स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से नदी, तालाबों, बावड़ियों में जमा कचरा, सूखे पत्ते, गाद और झाड़ियां को हटा रहा है। अमरावती नदी के तटों पर भी वृहद स्तर पर सफाई अभियान जारी है। इससे मानसून के दौरान इन स्त्रोतों में पानी का भराव आसानी से हो सकेगा। जल संरचनाओं में पानी का भराव होने से वन्य जीवों और पक्षियों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बना रहने से पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। देवास जिले में नये एवं पुराने जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से देवास जिले में भी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च से 30 जून तक चल रहा है। कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री हिमांशु प्रजापति के मार्गदर्शन में नये तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं कुँओं का जीर्णोद्धार व पौधारोपण के कार्य जन-भागीदारी से किये जा रहे हैं। जिले की जनपद पंचायत खातेगांव में ग्राम पंचायत बछखाल के बोरदा गांव में तालाब का गहरीकरण किया गया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत गदाईशा पीपल्या में तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में जल-संचय बढ़ेगा जिससे पेयजल एवं कृषि दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।  शिवपुरी एवं शहडोल में श्री हनुमान जन्मदिवस पर सामुदायिक श्रमदान शिवपुरी जिले के विकासखंड शिवपुरी में निवर्तमान नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बूढ़ीबरोद, सेक्टर सुरवाया व ग्राम विकास समिति धुवानी के संयुक्त प्रयास से ग्राम धुवानी तालाब में श्रमदान कर मिट्टी हटाई गई और जल संरक्षण हेतु प्रेरणा दी गई। वहीं, शहडोल जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन विराटेश्वर मंदिर परिसर में स्थित बाणगंगा कुण्ड में सफाई अभियान चलाया गया। विधायक मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ भी ली। अभियान का समग्र उद्देश्य इस अभियान के अंतर्गत नई जल संरचनाओं का निर्माण और पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल स्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की सफाई के साथ-साथ उनके आस-पास पौधारोपण को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का उद्देश्य न केवल जल संरचनाओं के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में सहायता प्रदान करना है, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों को पुनर्जीवित करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियों में भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचय एवं प्रेरणा का संचार करना भी है। अभियान में मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन कर आमजन, स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं सरकार का संयुक्त प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अभियान में एकजुटता के साथ भाग लेकर जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि “जल है तो कल है”।  

आईआईए के नैटकॉन-2025 के उपलक्ष्य में वीआईटी मेों पौधरोपण, 300 पौधों के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क ट्रांसोम की शुरुआत

भोपाल. वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) द्वारा आयोजित  नैटकॉन- 2025 (NATCON 2025)  के उपलक्ष्य में शनिवार को एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास लगभग 300 पौधे लगाए गए, जिनमें औषधीय, फलदार, सजावटी और स्थानीय प्रजातियों के पेड़ शामिल थे। यह आयोजन यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथन जी के जन्मदिन (13 अप्रैल) को समर्पित था।​ यह पहल वीआईटी के ग्रीन कैंपस और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाती है।​ कार्यक्रम की खास बात थी  ट्रॉंसोम (TRANSOM)  बायोडायवर्सिटी पार्क की शुरुआत, जो न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होगा, बल्कि छात्रों के लिए एक खुला क्लासरूम भी बनेगा, जहां वे प्रकृति से सीख सकेंगे।​ इस कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन, सभी डीन, फैकल्टी, छात्र, एनएसएस स्वयंसेवक और सोशल मीडिया टीम समेत सभी ने उत्साह से भाग लिया।​ वीआईटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर की डीन, डॉ. शीतल शर्मा ने कहा: “यह सिर्फ पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि एक सोच है – प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की और अगली पीढ़ी को एक हरित भविष्य देने की। TRANSOM (ट्रॉंसोम) पार्क इसका उदाहरण बनेगा।”​ कार्यक्रम में आईआईए के सदस्य भी शामिल हुए और उन्होंने इस पहल की सराहना की।डॉ. शीतल. शर्मा ने NATCON 2025 (नैटकॉन- 2025) और आईआईए  द्वारा ग्रीन डेवलपमेंट के लिए चलाए जा रहे की भी तारीफ की। उन्होंने आर्किटेक्ट जितेन्द्र मेहता और उनकी पर्यावरणीय सोच की सराहना की, साथ ही आर्किटेक्ट अक्षय सेलुकर और उनकी टीम के योगदान का भी उल्लेख किया।​ वीआईटी प्रबंधन की पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच और स्मार्ट विकास की भी प्रशंसा हुई। यूनिवर्सिटी लगातार हरियाली और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर बढ़ रही है।​कार्यक्रम में दुनिया भर से आए मशहूर आर्किटेक्ट्स ने भी हिस्सा लिया, जैसे:​ मरियाना कबुगुएरा (UK)​ हसन रग़ाब (USA)​ अनुपमा कुंडू (Germany)​ लॉरेंस वोंग (Foster + Partners)​ पलिंदा कन्ननगरा (Sri Lanka)​ कार्यक्रम के बाद पूरे VIT परिवार ने मिलकर वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथन जी का जन्मदिन मनाया ।इस  अवसर पर केक काटा गया और सभी ने इस खास दिन को खुशी से सेलिब्रेट किया।​ और श्री विश्वनाथन के लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की। यह आयोजन पर्यावरण, शिक्षा और नेतृत्व के प्रति यूनिवर्सिटी की सोच का एक सुंदर उदाहरण बना। आईआईए नैटकॉन -2025 (IIA NATCON 2025)  के सहयोग से यह स्पष्ट हुआ कि जब वास्तुकला प्रकृति से जुड़ती है, तो वह समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाती है।

जिन लोगों को गौशालाओं से बदबू आती है, वे भारत में रहने लायक नहीं हैं, CM मोहन यादव का अखिलेश पर पलटवार

इंदौर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने सपा नेता अखिलेश यादव की गौशाला को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गौशालाओं से बदबू आती है, वे भारत में रहने लायक नहीं हैं। दरअसल, अखिलेश यादव ने गौशालाएं बनाने के लिए योगी सरकार की खिल्ली उड़ाई थी। कहा था कि उन्हें बदबू पसंद है, जबकि हमने परफ्यूम पार्क बनाया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की बदबू और गौशालाओं को जोड़ने वाली टिप्पणी पर उनकी आलोचना की। मोहन यादव ने कहा कि ऐसे लोग भारत में रहने के लायक नहीं हैं। इत्र के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के कन्नौज में पिछले महीने पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य भर में गौशालाएं बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की खिल्ली उड़ाई थी। अखिलेश ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “उन्हें बदबू पसंद है, जबकि हमने परफ्यूम पार्क बनाया है।” उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय का गोबर “जीवन के अमृत” जैसा है। इसकी खाद से गेहूं के कुछ बीज हजारों डंठलों में विकसित हो जाते हैं। सपा प्रमुख का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन से जुड़े परिवार का एक व्यक्ति वोटों की खातिर कह रहा है कि उसे इत्र की खुशबू पसंद है और उसे गौशाला बदबूदार लगती है। मोहन यादव ने कहा, ”मुझे यह कहते हुए खेद है कि भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को गौशाला में बदबू आती है, तो उसे इस देश में रहने का अधिकार नहीं है।” इंदौर नगर निगम की एक गौशाला के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए मध्य प्रदेश के सीएम ने कहा कि लोग आजकल गौशाला में बच्चों के जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौशाला से बेहतर जगह और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर में कैंसर को ठीक करने की क्षमता है। गाय के गोबर और गोमूत्र से कई आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जाती हैं।

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