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MP में आठ साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू होगी, चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। आठ साल से रुकी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे चार लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक के बाद वीडियो संदेश के जरिए यह खुशखबरी सुनाई। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद नए नियमों के साथ पदोन्नति की तैयारी की है, जिससे कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हालांकि, पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक रास्ता तलाशकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मेरिट और वरिष्ठता बनेगी आधार सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के नए नियमों में मेरिट के साथ-साथ वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से पदोन्नत कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से नियम पारित होते ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर आदेश जारी करें। कार्यवाहक पदों पर दी गई अस्थायी पदोन्नति की पुन: डीपीसी होगी, ताकि उन्हें भी वरिष्ठ पद का आर्थिक लाभ मिल सके। खास बात यह है कि 2002 से पदोन्नत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कर्मचारियों को पदावनत नहीं किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। आरक्षण विवाद ने रोकी थी पदोन्नति     पदोन्नति में आरक्षण का मामला 2016 से उलझा हुआ है। निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।     सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते मई 2016 से पदोन्नति ठप हो गई थी। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। इस लंबे अंतराल ने कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया था, जिसे अब सरकार दूर करने की कोशिश में है। शिवराज सरकार में बने नियम, पर नहीं बनी सहमति     तत्कालीन शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला से नए नियम तैयार करवाए थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।     उसके बाद तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने कर्मचारी संगठनों से बातचीत की, पर कोई समाधान नहीं निकला। अंतरिम उपाय के तौर पर पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया, लेकिन यह स्थायी हल नहीं था। इस स्थिति ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया था। विधि विभाग ने दिखाई राह     पदोन्नति का रास्ता विधि एवं विधायी विभाग ने सुझाया। कर्मचारियों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षण नियम भले ही निरस्त हुए हों, लेकिन विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन नियमों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है।     हाई कोर्ट के आरपी गुप्ता प्रकरण के आदेश के आधार पर समिति बनाकर भर्ती नियम 2010 के तहत नए पदों को शामिल करते हुए पदोन्नति का फैसला लिया गया। ये पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी, जिससे कानूनी पेचीदगियां टाली जा सकें। मुख्यमंत्री का संदेश: जल्द मिलेगा हक     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “पदोन्नति के उलझे मामले सुलझने की ओर बढ़ रहे हैं। लंबे समय से कर्मचारी इस अवसर से वंचित थे। कई तो बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। एक ही सीट पर बैठे हुए हक न मिलना अटपटा लगता है।     अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हमने रास्ता तलाशा है। सभी वर्गों को सहमत कर मार्ग प्रशस्त किया गया है। मुझे खुशी है कि कैबिनेट के निर्णय से जल्द ही कर्मचारियों को यह सुखद सूचना देंगे।” उनके इस बयान ने कर्मचारियों में उम्मीद जगाई है। कर्मचारियों की संख्या और प्रभाव     मार्च 2024 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रथम श्रेणी के 8,286, द्वितीय श्रेणी के 40,020, तृतीय श्रेणी के 5,00,048 और चतुर्थ श्रेणी के 58,522 नियमित कर्मचारी हैं। पिछले एक साल की भर्तियों के साथ यह संख्या सात लाख से अधिक हो गई है।     चार लाख से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। यह निर्णय सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी दर्शाता है।  

नवकार महामंत्र विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है:उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पावन एवं शक्तिशाली मंत्र है, जो विनम्रता, अहिंसा, भाईचारे और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है, बल्कि विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व नवकार महामन्त्र दिवस पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज एवं अन्य आचार्य गण से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने किया श्रवण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आध्यात्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत की आत्मा उसकी अध्यात्म-समृद्ध परंपरा में निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम उस आत्मा को पुनः जाग्रत करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने श्रवण एवं दर्शन किया। जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है: मुनिआचार्य प्रमाण सागर मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विश्व आतंक, हिंसा और युद्ध के भयावह दौर से गुजर रहा है, तब नवकार महामंत्र शांति, सह-अस्तित्व और आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि महावीर का जन्म नहीं, निर्माण होता है — जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है। आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा वंदन केवल बाह्य अर्चना नहीं बल्कि अपने अस्तित्व के प्रति जागरूकता है। जब हम अपने अंदर के महावीर को पहचानते हैं और उसका वंदन करते हैं, तभी हम सम्पूर्ण विश्व का वंदन कर रहे होते हैं। नवकार मंत्र की आराधना सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए है। उन्होंने कहा कि धर्म का आश्रय, अर्थात् सत्य, तप, अनुशासन और धैर्य को जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म को अपने स्वभाव और प्रवृत्ति में लाने से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जैन संत समाज के पूज्य संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

मुरैना में डिप्टी कलेक्टर का वाहन हुआ दुर्घटना का शिकार, सड़क पर अचानक प्रकट हुए को बचाने में हादसा

मुरैना  एक बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में भिंड डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई. जिससे कार में सवार डिप्टी कलेक्टर सहित 3 लोग घायल हो गए. घायलों को पोरसा सिविल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया. घटना पोरसा थाना क्षेत्र स्थित भिंड रोड शहीद पेट्रोल पंप के पास की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर का शासकीय वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा था. बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मिहोना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर विकास तैमोर मंगलवार को किसी काम से मुरैना आ रहे थे. उनकी कार में ड्राइवर संजीव कुमार के अलावा उनका सहायक सवार था. बताया जा रहा है कि कार तेज स्पीड में पोरसा कस्बे के नजदीक भिंड रोड पर स्थित शहीद पेट्रोल पंप से सामने से गुजर रही थी तभी सामने से एक बुजुर्ग आ गया. चालक ने बुजुर्ग को बचाने के लिए ब्रेक लगा दिया, जिससे तेज रफ्तार कार सड़क किनारे करीब 5 फीट गहरी खाई में गुलाटी मारते हुए पलट गई. बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर ले जाया गया मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को कार से बाहर निकाला और उन्हें पोरसा सिविल अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन ने तीनों को निजी एंबुलेंस से ग्वालियर भेज दिया. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. पोरसा हास्पिटल में पदस्थ डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि “3 लोगों को घायल अवस्था में यहां लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है.” पहले भी मुरैना में डिप्टी कलेक्टर की कार का एक्सीडेंट हुआ था सालभर पहले भी मुरैना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन की जीप से हाइवे पर एक बाइक सवार महिला-पुरुष टकरा गए थे. इस घटना के बाद वंदना जैन ने घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया था. इतना ही नहीं जब तक घायलों का उपचार नहीं हुआ तब तक डिप्टी कलेक्टर अपने कार्यालय नहीं गई थीं.

अधेड़ उम्र के शख्स ने किया 13 साल की बच्ची से रेप, कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा था आरोपी

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 54 वर्षीय अधेड़ ने 13 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। चौंकाने वाली बात ये है कि आरोपी बच्ची से दुष्कर्म मामले में दस साल की सजा पा चुका है, और हाल ही में रिहा हुआ था। वहीं ये घटना पूर्व मंत्री के निर्माणाधीन मकान में अंजाम दी गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार बीते सुबह थाना कोतवाली इलाके के पांडव नगर स्थित निजी स्कूल में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा घर से साइकिल से जा रही थी। तभी स्कूल के समीप पंकज पिता प्रकाश चंद्र कटारे (54) ने उसे रोका और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ पूर्व मंत्री के पांडव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में ले गया और तीसरी मंजिल पर उसके साथ उसने दुराचार किया। पता चला है कि आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति ने छात्रा को उक्त मकान के अंदर ले जाते देख पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन जब तक पुलिस वहां पहुंचती आरोपी छात्रा की अस्मत लूट चुका था। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी वारदात को अंजाम देकर भागने की फिराक में था लेकिन उसे वहीं दबोच लिया गया। पूर्व में भी जा चुका है जेल पता चला है कि आरोपी पंकज कटारे पूर्व में भी दुराचार व पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। उसे 10 वर्ष के कारावास से दण्डित किया जा चुका है। वह गत वर्ष ही जेल से रिहा हुआ है। इसके बाद एक बार फिर आरोपी ने हैवानियत दिखाते हुए छात्रा के साथ फिर वैसी ही वारदात को अंजाम दिया। पॉश इलाके में वारदात पर उठे सवाल पांडव नगर स्थित जिस जगह पर आरोपी ने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया, वह एरिया शहर का पॉश इलाका कहलाता है। वहीं समीप ही जिले के एक पुलिस अधिकारी का भी शासकीय आवास है। आरोपी ने उस पॉश एरिया में बिना किसी भय के ऐसी वारदात को अंजाम दिया। लोगों का कहना है कि जिस इलाके में पुलिस अफसर का घर हो, पूर्व मंत्री का मकान बन रहा हो, वो इलाके भी सुरक्षित नहीं हैं। इस पॉश एरिया में एक बड़ी निजी स्कूल के साथ कन्या महाविद्द्यालय व पॉलिटेक्निक कॉलेज भी मौजूद हैं। जहां हर दिन सैकड़ों छात्राए पढ़ने जाती हैं। ऐसे में इस वारदात के बाद सवाल उठाना लाज़िमी है।

निगम निगम सिंगरौली के लाखों रुपए के वाटर एटीएम लगाए गए जो धूल फांक रहे

निगम निगम सिंगरौली के लाखों रुपए के वाटर एटीएम लगाए गए जो धूल फांक रहे एक तरफ प्रशासन स्तर पर जल है तो कल है का अभियान चलाया जा रहा है सिंगरौली सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत तीन वाटर एटीएम लगाए गए थे ग्रामीण तहसील के अंदर जिसके दो नल वंद है एक मोरबा में जो मात्र एक महिने तक ही सेवा दे पाया एक चौपाटी बैढ़न में उद्घाटन होने के बाद एक दिन भी नहीं चला जनता परेशान है वाटर एटीएम में शिकायत के लिए नम्बर भी लिखा गया था इंजिनियर और ठेकेदारो के द्वारा मगर अब उन नंबरो को मिटा दिया गया है निगम वाहवाही लूट रही है सामाजिक संस्थाओं के द्वारा पीने के लिए पानी की व्यवस्थाएं की जा रही है जगह जगह पर स्थानीय लोगो का कहना है जो काम नगर निगम को करना चाहिए वह काम सामाजिक संस्थाओ के द्वारा किया जा रहा है हर गली चौराहो पर सामुहिक स्थानो पर पीने योग्य पानी की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए बसो में सफर कर रहे यात्री उम्मीद किया करते है की अगले पड़ाव पर बस का सफर करते समय पानी की सौचालयों की समुचित व्यवस्था होगी मगर कागजो में देखा जाए तो सब सही चल रहा है और धरातल पर आकर यदि देखा जाए तो काम जीरो देखने के लिए मिलेगा किसकी लापरवाही कहा जाए क्या जनता ने चुनाव में मतदान कर उम्मीदवारों को विजई बनाने में गलती करी है अब देखना होगा क्या जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर कब तक जाता है ! एक तरह प्रशासन स्तर पर बैठक कर पानी की समुचित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निर्देश दिये जाते है और एक तरफ किस तरह का निगम द्वारा कार्य किया जा रहा है जो साफ तौर पर दिखाई दे रहा है !

कूनो नेशनल पार्क में चीतों को पानी पिलाने वाले कर्मचारी को वापस मिली नौकरी, फूल-माला और मिठाई से हुआ स्वागत

श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में चीतों को पानी पिलाने वाले ड्राइवर सत्यनारायण गुर्जर को फिर से काम पर रख लिया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हटा दिया गया था। वीडियो में वह चीतों के नजदीक जाकर पानी पिला रहे थे। सोशल मीडिया पर लोगों और गुर्जर समाज ने उनका समर्थन किया। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने उन्हें वापस बुला लिया। समाज ने फूल और मिठाई से उनका सम्मान भी किया। वायरल वीडियो की विभागीय जांच अभी जारी है। नौकरी से निकालने के बाद वापस रखा कूनो नेशनल पार्क में चीता ज्वाला और उसके बच्चों को पानी पिलाने के बाद सत्यनारायण गुर्जर चर्चा में आए थे। वन विभाग से जुड़ी एक निजी गाड़ी के ड्राइवर सत्यनारायण गुर्जर को वीडियो वायरल होने के बाद हटा दिया गया था लेकिन अब उन्हें वापस रख लिया गया है। तीन दिन बाद सत्यनारायण अपने समाज के सम्मान समारोह में पहुंचे। वीडियो पर क्या बोले सत्यनारायण सत्यनारायण ने वीडियो की सच्चाई बताते हुए कहा, ‘जब से कूनो में चीते आए हैं, मैं उनसे जुड़ा हुआ हूं। मेरी निजी गाड़ी ट्रैकिंग टीम के लिए किराए पर ली गई थी। उस दिन चीते प्यासे थे, तो मैंने उन्हें पानी पिला दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मुझे हटा दिया गया, लेकिन एक दिन पहले पार्क प्रबंधन ने मुझे वापस बुला लिया। अब कोई शिकवा नहीं है।’ वीडियो वायरल होने से मचा था हड़कंप पिछले शनिवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक युवक जंगल में चीता ज्वाला और उसके बच्चों को पानी पिला रहा था। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया था। जांच में पता चला कि यह युवक सत्यनारायण गुर्जर है। वह चीता ट्रैकिंग टीम की अनुबंधित निजी गाड़ी का ड्राइवर है। पार्क प्रबंधन ने इसे नियमों का उल्लंघन माना और उसे तुरंत हटा दिया। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स और गुर्जर समाज ने सत्यनारायण का समर्थन किया। मामला बढ़ने पर प्रबंधन ने उन्हें वापस काम पर रख लिया। फूल माला पहनाकर किया स्वागत मंगलवार को सत्यनारायण श्योपुर के ढेंगदा गांव में गुर्जर समाज के भगवान देव नारायण मंदिर पहुंचे। वहां समाज के लोगों ने उन्हें फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। सत्यनारायण ने कहा, ‘मेरे परिवार की कई पीढ़ियां जंगल में रहती आई हैं। मुझे जानवरों से लगाव है। उस दिन ट्रैकिंग टीम के साथ था, तो सुबह चीते प्यासे दिखे। मैंने उन्हें पानी पिला दिया। किसी ने वीडियो बना लिया, जो वायरल हो गया। डीएफओ के निर्देश पर मुझे हटा दिया गया था, लेकिन अब वापस बुलाया गया है। मैं प्रशासन का आभारी हूं।’ श्योपुर गुर्जर समाज के अध्यक्ष देवी शंकर गुर्जर ने कहा, ‘सत्यनारायण ने प्यासे चीतों को पानी पिलाकर गौरवपूर्ण कार्य किया। इसलिए हमने उनका सम्मान किया।’

जावरा में बर्फ फैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस लाइन को खाली कराया गया

 जावरा रतलाम के जावरा में मंगलवार रात आंटिया चौराहे पर स्थित पोरवाल आइस फैक्ट्री में एक टैंक से अमोनिया गैस लीकेज होने से हड़कंप मच गया। फैक्ट्री में काम कर रहे श्रमिकों को जब इस बात की जानकारी लगी तो वह डरकर भाग गए। मौके पर पुलिस प्रशासन के अमले ने पानी का छिड़काव करवाकर स्थिति नियंत्रित की और फैक्ट्री संचालक को बुलवाकर रिसाव बंद करवाया। मंगलवार रात 11 बजे बर्फ फैक्ट्री में रखे 50 किलो के अमोनिया गैस के टैंक का एक बोल्ट ढीला होने से गैस रिसने लगी। आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत पर लोगों को गैस रिसाव का पता चला। फैक्टरी के पीछे पुलिस लाइन में सीएसपी दुर्गेश आर्मो का बंगला है। गैस रिसाव से उनके पिता हुकुम सिंह आर्मो और मां लता की भी तबीयत खराब हो गई। छोटे भाई प्रशांत आर्मों से सूचना मिलने पर वह बंगले पहुंचे और माता-पिता को सर्किट हाउस में शिफ्ट किया। इसके बाद एसडीएम त्रिलोचन गौड़, एसडीओपी संदीप मालवीय, तहसीलदार संदीप इवने, थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन सहित अन्य अमला फैक्ट्री पहुंचा और वहां काम कर रहे आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच गैस रिसाव का असर कम करने के लिए पानी का छिड़काव भी शुरू करवा दिया गया। फैक्ट्री संचालक के बेटे सानिध्य को सूचना देकर मौके पर बुलवाया और अमोनिया गैस के टैंक का बोल्ट वापस टाइट किया गया, जिससे रिसाव बंद हुआ। रात करीब 12 बजे एसपी अमित कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। कम समय में गैस का रिसाव बंद होने से ज्यादा लोग प्रभावित नहीं हुए। मामले में बुधवार को प्रशासन फैक्ट्री के सुरक्षा इंतजामों का भी जायजा लेगा।  

ग्वालियर में जैन तीर्थंकर प्रतिमाओं का अपमान, बनाई आपत्तिजनक रील, विरोध के बाद मामला दर्ज

ग्वालियर ग्वालियर में सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हुई थी, जिसमें एक महिला ग्वालियर किले पर स्थित जैन तीर्थंकरों की प्राचीन प्रतिमाओं के सामने खड़ी होकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही थी। सोशल मीडिया पर इस रील की जमकर आलोचना हुई और हर तरफ से विरोध के स्वर उठे। दो दिन पहले इस रील को इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाली प्रीति कुशवाह और उसके साथी लखन कुशवाह ने माफी मांगते हुए एक और वीडियो अपलोड किया था। हालांकि, इस मामले में डबरा निवासी जैन समाज के सदस्य नरेन्द्र जैन की शिकायत पर मंगलवार रात 12 बजे प्रीति कुशवाह और लखन कुशवाह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जैन समाज ने एएसपी से की थी शिकायत ग्वालियर किले की तलहटी में स्थित प्राचीन जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं मुगल शासनकाल के दौरान औरंगजेब द्वारा खंडित की गई थीं। इन्हीं प्रतिमाओं के सामने शिवपुरी के नरवर की रहने वाली प्रीति कुशवाह अपने साथियों के साथ घूमने आई थीं। इस दौरान प्रीति ने रील बनाते समय जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं, वह और उसके साथी जूते-चप्पल पहनकर प्रतिमाओं की गोद में बैठे नजर आए। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के लोगों ने एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर रील बनाने वालों पर एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की थी। बवाल मचने पर मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ता देख प्रीति ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से विवादित वीडियो हटा दिया। इसके बाद एक नया वीडियो अपलोड कर माफी मांगी। इसमें प्रीति और उसके सहयोगी ने कहा- ‘उन्हें नहीं पता था कि ये जैन धर्म की प्रतिमाएं हैं। दोनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जैन समाज से क्षमा याचना की है।’ जैन मुनिश्री विलोक सागर बोले- कड़ी सजा मिले इस वीडियो को लेकर जैन मुनिश्री विलोक सागर ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की हरकतें बिल्कुल गलत हैं क्योंकि यह आस्था का विषय है। दिगंबर जैन प्रतिमाओं को लोग पूजते हैं और यदि वे खंडित भी हो गई हों, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उनका अपमान किया जाए। यह हमारे पूर्वजों की धरोहर है और उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

जनसुनवाई में कलेक्टर ने संयुक्त जनसुनवाई करते हुये 44 आवेदकों को व्यक्तिगत रूप से सुना तथा आवेदनों के निराकरण हेतु संबंधित निर्देशित किया

बड़वानी मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर सुश्री गुंचा सनोबर एवं संयुक्त कलेक्टर श्री सोहन कनास ने संयुक्त जनसुनवाई करते हुये 44 आवेदकों को व्यक्तिगत रूप से सुना तथा आवेदनों के निराकरण हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजकर निराकरण करने हेतु निर्देशित किया। दिलवाई जाये ट्रायसिकल     जनसुनवाई में ग्राम गुमड़ियाखुर्द निवासी श्री भारसिंग ने आवेदन देकर बताया कि उनके दिव्यांग है तथा उनके पास बैटरी वाली ट्रायसिकल नही है। जिसके कारण उन्हे आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः उन्हे ट्रायसिकल दिलवाई जाये।     इस पर जनसुनवाई कर रहे संयुक्त कलेक्टर श्री सोहन कनास ने आवेदन को सामाजिक न्याय विभाग के सहायक संचालक को भेजकर नियमानुसार निराकरण हेतु निर्देशित किया। करवाया जाये भूमि का सीमांकन     जनसुनवाई में ग्राम टाकली निवासी संतोष पिता आटिया ने आवेदन देकर बताया कि राजस्व रिकार्ड में उनके नाम से भूमि दर्ज चली आ रही है। उन्होने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय पानसेमल में आवेदन दिया परन्तु अभी तक सीमांकन नही हुआ है। अतः उनकी कृषि भूमि का सीमांकन किया जाये। इस पर जनसुनवाई कर रहे संयुक्त कलेक्टर श्री सोहन कनास ने आवेदन को तहसीलदार पानसेमल को भेजकर निराकरण करने हेतु निर्देशित किया।          जनसुनवाई में ग्राम सांवरियापानी निवासी श्री दुलीचन्द ने आवेदन देकर बताया कि उनके ग्राम में पानी तो है, परन्तु लाइट कम आने से गांव वालों को पीने का पानी नही मिल रहा है। लाईट का वोल्टेज हमेशा कम रहता है। जिसके कारण खेत में भी सिंचाई के लिए पानी की समस्या है। खेत की साईड से कुआं भी है, परन्तु लाईट कम होने से विद्युत की मोटर भी नही चल पाती है।  इस पर जनसुनवाई कर रहे संयुक्त कलेक्टर श्री सोहन कनास ने आवेदन को विद्युत विभाग के अधिकारियों को भेजकर निराकरण हेतु निर्देशित किया।

सतना की बेटी मीनाक्षी सिंह मिस एशिया यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए हुई सलेक्ट

 सतना  जिले का स्वाभिमान हर स्तर पर बढ़ाने वाली सतना जिले के एक छोटे से गांव की बेटी मीनाक्षी सिंह ने इस बार अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपने देश का नाम रौशन करने की हैं। ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है. जानकारी के लिए बता दे कि मीनाक्षी सिंह को अब तक मिस टीन ऐज (क्वीन ऑफ दा हट्स), मिस टीन इंडिया एवं मिस टीन एमपी जैसे कई बड़े अवार्डों से सम्मानित किया जा चुका है, जिसके चलते देश भर के लोगों एवं इन बड़ी प्रतियोगिताओं के आयोजकों की नज़र मीनाक्षी सिंह पर है। मिस एशिया यूनिवर्स प्रतियोगिता क्या है सबसे पहले हम आपको इस प्रतियोगिता के बारे में बता दे कि मिस एशिया यूनिवर्स एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता है, जिसे मिस यूनिवर्स संगठन द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें दुनिया भर के विभिन्न देशों की खूबसूरत लड़कियां भाग लेती बॉलीवुड डायरेक्टर्स एवं प्रोड्यूसर्स की नज़रे भी मीनाक्षी सिंह पर बता दे कि मीनाक्षी सिंह जी को हालही में 2 बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स भी ऑफर किए गए है, जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, ये दो प्रोजेक्ट्स उन्हें आदि योगी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी द्वारा ऑफर किए गए थे। कौन है मीनाक्षी सिंह, आइए बताते है। 2007 में 1 सितंबर को जन्मी मीनाक्षी सिंह अपने माता पिता की एक लौती संतान है, वो सतना जिले के जैतवारा के समीप ग्राम नयागांव की रहने वाली है, उनके पिता माननीय सत्यभान सिंह जी ठेकेदार है एवं उनकी मां श्रीमती कीर्ति सिंह जी जनपद सदस्य है। इस एक और बड़ी उपलब्धि को हासिल करने के बाद मीनाक्षी सिंह जी ने बात चीत के दौरान बताया कि, अब तक उन्होंने काफी सारी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, और हर प्रतियोगिता में उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर जीत हासिल की है, लेकिन ये चुनौती उनके लिए नई और अलग है, उन्होंने कहा कि वो इसके लिए काफी एक्साइटेड और प्रिपेयर्ड है, निश्चित तौर पर ही वो इस प्रतियोगिता में भी जीत हासिल कर देश का नाम रौशन करेंगी। जानकारी के लिए बता दे कि यूएसए में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता से पहले इसके सिलेक्शन का अंतिम चरण मई के महीने में दिली में आयोजित होना है।

प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से वैशाखी का वार्षिक मेला बनेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री बनेंगे आनंदपुर धाम के सेवा कार्यों के साक्षी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री संतगण से करेंगे भेंट, आनंद सरोवर में करेंगे पुष्प अर्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर धाम जैसा केन्द्र, एक बार जरूर देखना चाहिए मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री की मध्यप्रदेश यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेन्स द्वारा ग्वालियर संभाग के कमिश्नर, आईजी सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर, एसपी अशोक नगर से चर्चा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 11 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं गरिमामयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके पहले गत 4 अप्रैल को आनंदपुर धाम पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की तैयारियों को लेकर किये गये प्रबंधों का अवलोकन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी आगामी 11 अप्रैल को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी परमहंस अद्वैत मत के प्रमुख गुरू महाराज, महात्मा शब्द प्रेमानंद जी और अन्य संतगण से भेंट कर आनंदपुर धाम के सेवा प्रकल्पों की जानकारी लेंगे। धाम में वैशाखी मेले में लगभग 20 हजार श्रद्धालु भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कार्यक्रम के स्वरूप और अन्य तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर लिए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक और सेवा संस्थानों में से एक अशोकनगर के आनंदपुर धाम में प्रतिवर्ष वैशाखी पर वार्षिक मेला लगता है। इस समागम में धाम से जुड़े हजारों देशी-विदेशी अनुयायी पधारते हैं। इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से यह मेला अविस्मरणीय बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आनंदपुर धाम जैसे स्थान आस्था के केंद्र होने के साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के भी बड़े केंद्र हैं। इसे जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को एक बार जरूर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर स्थित चारों मंदिरों को देखेंगे। वे विशाल सत्संग हॉल में मंचीय कार्यक्रम में वैशाखी के वार्षिक मेला आयोजन में नागरिकों और इस धाम से जुड़े देश-विदेश के अनुयायियों को संबोधित करेंगे। वे लंगर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगे।  

मंत्री पटेल ने कहा जलगंगा संवर्धन अभियान में पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जलगंगा संवर्धन अभियान में अंतर्गत पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें। इस अभियान में मनरेगा योजना और ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण की ओर बढ़ती ग्राम पंचायतों के लिए योजनाओं में लचीलापन हो और जमीनी हकीकत के अनुसार नीतियों में बदलाव किया जाए। मंत्री पटेल ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण सह कार्यशाला (ओरियंटेशन कार्यक्रम) को संबोधित किया। इस अवसर पर अपर सचिव दिनेश जैन, सीईओ एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह, सीईओ आरआरडीए दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद सहित जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि जल स्रोतों और नदियों के उदगम स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन स्रोतों का संरक्षण आवश्यक। सभी जनपद स्तर के अधिकारी इस दिशा में विशेष कार्य करें। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा के तटों की सफाई के लिए अभियान चलाकर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार जिला स्तर पर उन्होंने नदियों से तटों की सफाई के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के भौगोलिक चुनौतियां का अध्ययन भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महानगरों के समीप स्थित ग्राम एवं जनपद पंचायतों को सेमी अर्बन मॉडल पर विकसित किया जाएगा। पौधारोपण के साथ उन पौधों के संरक्षण पर भी दें ध्यान मंत्री पटेल ने कहा कि विगत दिनों आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अच्छे परिणाम संवाद के रूप में सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में अपनी पूर्ण तैयारी के साथ आएं। हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए अच्छे कार्य करें। उन्होंने कहा कि पंचायत और जनपद स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर गहन चिंतन करते हुए सभी अधिकारी आत्ममूल्यांकन करें कि क्या वे अपने कार्यों से संतुष्ट हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला पाए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता अकेले संभव नहीं, बल्कि टीम भावना, सहयोग और सतत संवाद से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की चुनौतियों से सभी अधिकारी हमें अवगत कराएं, जिससे उन चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्य योजनाएं बनाई जा सके। पौधरोपण जैसे अभियानों में केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी देखभाल और जीवित रहने की जिम्मेदारी भी जरूरी है, खासकर जल स्रोतों के पास स्थानीय प्रजाति के पौधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ओरियंटेशन कार्यक्रम में मनरेगा के तहत जल गंगा संवर्धन अभियान में चिह्नित प्रमुख उद्देश्यों और लक्ष्यों की जानकारी दी गई। क्षेत्र मूल्यांकन, कार्यों के प्रमुख सेटों को चिह्नित करने और प्रभाव मापने को कवर करने वाले एसआईपीआरआई टूल का उपयोग करके कार्य योजना को सुविधाजनक बनाने के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। अमृत सरोवर, खेत तालाब, खोदे गए कुओं के पुनर्भरण कार्यों का तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एमपी-एसआरएलएम, पंचायत राज, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत योजना और प्रमुख हस्तक्षेपों का रोल आउट की जानकारी साझा की गई।  

मंत्री सिलावट ने कहा कि जल है तो कल है, जल से ही प्रगति है

भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट ने मंगलवार को नर्मदापुरम जिले के केसला विकासखंड के ग्राम पंचायत  तीखड  में झाड़  बीडा   उद्वहन  सिंचाई परियोजना के पंप हाउस क्रमांक 2 के अंतर्गत 4 पंपों का भूमि- पूजन किया। ग्राम  तीखड  में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री सिलावट ने पौध-रोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया। झाड़ बीडा सिंचाई परियोजना से 79 गांव के 19 हजार 858 किसान लाभान्वित होंगे। परियोजना की सिंचाई क्षमता 15  हजार 610 हैक्टेयर तक की है, जिसे 177, 58 करोड़ की लागत से निर्मित किया जाएगा। मंत्री सिलावट ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री सिलावट ने कहा कि जल है तो कल है, जल से ही प्रगति है। जल है तो अन्नदाता किसानों का विकास भी है। मंत्री सिलावट ने कहा जल का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। पहले जब हम कहीं जाते थे तब अपने आस-पास तालाब, बावडी, कुंओं एवं नालों को जल से लबालब देखा करते थे। यदि हमने आज जल का संरक्षण एवं संवर्धन नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी हमे मांफ नहीं करेगी। विकास और प्रगति की बुनियाद जल है। मंत्री सिलावट ने सभी से आहवान किया कि अपने जीवन का प्रतिदिन एक घण्टा किसी भी तालाब, बावडी, नदी एवं नालों पर श्रम दान कर बिताएं। मंत्री सिलावट ने कहा कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में 07 लाख हेक्टेयर क्षैत्र में सिंचाई होती थी। अब शासन ने इसे बढाकर 50 लाख हैक्टेयर कर दिया है। मंत्री सिलावट ने कहा कि आगामी 02 साल में इसे बढाकर 65 लाख हैक्टेयर एवं 05 साल में 1 लाख करोड हैक्टेयर तक कर दिया जाएगा। मंत्री सिलावट ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी ने नदी जोडने का सपना देखा था। उस सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे है। वर्ष 2047 तक भारत एवं मध्यप्रदेश विकसित राष्ट्र एवं राज्य की श्रेणी में आ जाएगा। मंत्री सिलावट ने कहा कि पहले लोग एक एक बूंद पानी को तरसते थे, लेकिन आज शासन ने सिंचाई सुविधाओं का बहुत विस्तार किया है। मंत्री सिलावट ने कहा कि जहां पर जल होगा पर्यटन भी होगा। मंत्री सिलावट ने कहा कि हरदा एवं नर्मदापुरम जिले के 82 हजार हैक्टेयर के क्षेत्र में तवा नहर से मूंग फसल के लिए पानी दिया जाता है। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि जितनी भी कच्ची नहरें है, उन्हें पक्की एवं दुरस्त करने के लिए प्रस्ताव भिजवाएं। मंत्री सिलावट ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हम जल की एक-एक बूंद बचाएंगे। तालाब, बावड़ियो, कुंओं एवं नालों की सुरक्षा करें। मंत्री सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ किया गया है। उन्होने अभियान में सभी लोगों को योगदान देने के लिए संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में विधायक प्रेम शंकर वर्मा जनपद पंचायत केसला के अध्यक्ष गंगा राम कलमे,  जनपद पंचायत सिवनीमालवा की अध्यक्ष रेणुका मंडलोई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बडी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस माह दो बार आएंगे मध्यप्रदेश, भोपाल में 13 अप्रैल को और 17 अप्रैल को नीमच में आगमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम पधार रहे हैं। केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का भोपाल में 13 अप्रैल को और 17 अप्रैल को नीमच में आगमन हो रहा है। उनकी उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और दुग्ध संघ के बीच रवीन्द्र भवन में अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे, साथ ही प्रदेश में जारी सहकारिता गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी। इसी प्रकार 17 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का नीमच दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी धार जिले के बदनावर से 10 अप्रैल को प्रदेश की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 12-13-14 अप्रैल को दिल्ली के लाल किला प्रांगण में आयोजित विक्रमोत्सव के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रि-परिषद के साथी इस कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 4 हजार 303 करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत 4 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 1227 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बायपास, 1426 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला संदलपुर- नसरूल्लागंज बायपास, 330 करोड़ रुपए लागत का राहतगढ़ बरखेड़ी बायपास और 688 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला सागर बायपास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंदसौर, दमोह, मुरैना और नरसिंहपुर में इस वर्ष एग्रोविजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, कृषि विश्वविद्यालय, दुग्ध महासंघ, सहकारिता, पशुपालन और पंचयत एवं ग्रामीण विभाग सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनके उपार्जन का सही दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। चना, मसूर, सरसों, तुअर और गेहूं का उपार्जन आरंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य व बोनस मिलाकर 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 21.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है और 2 लाख 49 हजार किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं का उपार्जन 5 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में तेजी से अनेक विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विवेकानंद नीडम आरओबी व छात्रावासों का वर्चुअल लोकार्पण तेजी से हो रहा है ग्वालियर का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष तोमर एवं राज्य सरकार के मंत्रीगण भी कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल ग्वालियर में सांसद कुशवाह की मौजूदगी में हुआ लोकार्पण समारोह का आयोजन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में तेजी से अनेक विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे हैं। ग्वालियर से आगरा तक सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से ग्वालियर और दिल्ली में कोई अंतर नहीं रहेगा। साथ ही वेस्टर्न बायपास सहित अन्य बड़े-बड़े विकास कार्य होने जा रहे हैं, जिससे अधोसंरचनागत विकास के साथ आर्थिक दृष्टि से भी ग्वालियर विकसित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हुए विवेकानंद नीडम रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्वालियरवासियों को इस सौगात के लिये बधाई देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा ग्वालियरवासियों को वेस्टर्न बायपास के रूप में एक और बड़ी सौगात दी है। केन्द्र सरकार द्वारा 4 हजार करोड से अधिक लागत से प्रदेश में मंजूर की गईं 4 महत्वपूर्ण सड़कों में ग्वालियर की वेस्टर्न बायपास भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर को रेलवे ओवरब्रिज के साथ 2 छात्रावासों की सौगात भी मिली है। 50-50 सीटर कन्या छात्रावासों से ग्वालियर की अनुसूचित जाति की बालिकाओं को पढ़ाई के लिये आवासीय सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम भी पधार रहे हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल में भी उद्योगों के लिए बना है अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रदेश में काफी अनुकूल वातावरण बना है। ग्वालियर-चंबल अंचल में भी तेजी के साथ औद्योगिक विकास हो रहा है। गत मार्च माह में ग्वालियर-चंबल अंचल में नई औद्योगिक इकाइयों की आधारशिला रखी गई है। साथ ही आगे चलकर बड़ी-बड़ी इकाईयां यहां मूर्तरूप लेंगी। उन्होंने कहा बड़े उद्योग हों या लघु अथवा सूक्ष्म उद्योग सभी के लिये प्रदेश में काफी अनुकूल वातावरण बना है। राज्य शासन द्वारा 5200 करोड रुपए की समस्त देनदारी चुका दी गई है। ऊर्जा विभाग ने भी कोयले से संबंधित भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी का सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को आगामी 10 अप्रैल को महावीर जयंती और 14 अप्रैल की अंबेडकर जयंती की अग्रिम बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपए वार्षिक से अधिक हो गई है। प्रदेश का बजट 5 वर्ष में दोगना हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। नदी लिंक परियोजनाओं का लाभ भी ग्वालियर-चंबल को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना से भी ग्वालियर चंबल क्षेत्र लाभान्वित होगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों से यह संभाग लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में श्योपुर और अन्य जिलों की विशेष पहचान है। अद्भुत है यह लोकार्पण कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुशनुमा अंदाज में कहा कि यह लोकार्पण कार्यक्रम अद्भुत है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रेल में सफर करते हुए कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर नई दिल्ली से, जबलपुर से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट नर्मदापुरम से इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुडे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा भोपाल में मेरे साथ ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सहित तोमर मौजूद है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर में मौके पर मौजूद हैं। इसलिए यह अद्भुत लोकार्पण कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ग्वालियर के बहादुरा के लड्डू पसंद हैं। आज जो सौगात ग्वालियर को मिली है सहज ही परस्पर मिठाई खिलाने का भी एक सुअवसर है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर के विकास में नए-नए आयाम जुड़ रहे हैं। इस श्रृंखला में शामिल हुए नए आरओबी से शिवपुरी – दतिया हाईवे तक जाने के लिये एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतियों को अवसर में बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्पूर्ण प्रदेश में विकसित राज्य बनाने का काम कर रहे हैं। इससे ग्वालियर के विकास को भी नई ऊँचाईयां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने आज नए आरओबी के साथ-साथ ग्वालियर को दो छात्रावासों का लोकार्पण भी किया है। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर को 1300 करोड रूपए लागत के वेस्टर्न बायपास की सौगात मिली है, जिससे ग्वालियर के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने पिछले वर्षों में ग्वालियर में स्थापित हुए विकास के विभिन्न आयामों का उल्लेख भी इस अवसर पर किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी वर्चुअल उदबोधन दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार से ग्वालियर के सुनियोजित विकास के लिये भरपूर मदद कर रहीं हैं। प्रसन्नता की बात है कि ग्वालियर में एक साथ 5 रेलवे ओवरब्रिज सरकार ने मंजूर किए थे। ये सभी पूर्ण हो चुके हैं, इससे ग्वालियरवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिली है। साथ ही शहर की तस्वीर बदली है। उन्होंने विवेकानंद नीडम आरओबी की शहरवासियों को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने ग्वालियर के सुनियोजित विकास में योगदान के लिये प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति भी आभार जताया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी इस अवसर पर वर्चुअल संबोधन दिया और सभी को विवेकानंद नीडम आरओबी के लोकार्पण की बधाई और शुभकामनायें दीं। जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकसित ग्वालियर का संकल्प तेजी से मूर्तरूप ले रहा है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने आरओबी व दो छात्रावासों की सौगात देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि ग्वालियर में विकास कार्यों की श्रृंखला चल रही है। निर्माणाधीन बड़े-बड़े कार्यों के पूर्ण होने पर आगे चलकर निश्चित ही ग्वालियर एक विकसित शहर का रूप लेगा। … Read more

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