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अवैध रेत उत्खनन माफिया के विरूद्ध कोतवाली पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर इसरार मन्सूरी एवं एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली अनूपपुर द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है। दिनांक 07.04.2025 को उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक संदीप साहू, विनय बैस के द्वारा ग्राम पसला में बिना नम्बर की मैसी फरग्यूसन कंपनी की ट्रेक्टर इंजन न. 533428133 चेचिस नम्बर MEA11DFAFD9000513 KS के चालक के द्वारा अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था जो मौके पर चालक अजय प्रजापति पिता रामलखन प्रजापति उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम पसंला से ट्रेक्टर ट्राली मय लोड रेता के जप्त कर थाना कोतवाली अनूपपुर में ट्रेक्टर चालक अजय प्रजापति एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 160/25 धारा 303(2), 317(5) बी.एन.एस.4/21 खान खनिज अधिनियम का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर कार्यवाही की जा रही है।

भोपाल : एक मई से कलेक्टर कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली होगी …

भोपाल भोपाल कलेक्टर कार्यालय में 1 मई से ई-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकारी अपने कार्यालय को ई-ऑफिस सेटअप तैयार कर लें। एक मई 2025 से कलेक्टर कार्यालय द्वारा ई-ऑफिस के अंतर्गत कार्य संचालित किया जाएगा। किसी भी फाइल की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, पटाखों की दुकान एवं अन्य संस्थानों का फायर ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में समग्र आईडी को आधार से लिंक कराने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजस्व अभियान अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री आरओआर लिंकिंग के कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को अवैध माईनिंग एवं अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एडीएम को एसडीएम कोर्ट एवं एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करने आदेशित किया गया। शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा टीएल बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त करते हुए 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा कर शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जनभागीदारी के माध्यम से जिले की नदी, तालाब, जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन को गंभीरतापूर्वक लेते हुए समस्त संबंधित विभागों की आगामी एक महीने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।  

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन भोपाल मंडल के रानी कमलापति और इटारसी से होकर गुजरेगी भोपाल भोपाल मंडल के यात्रियों को एक बार फिर शानदार धार्मिक पर्यटन की सौगात मिल रही है। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन दिनांक 27 मई 2025 को इंदौर से किया जाएगा। यह विशेष ट्रेन श्रद्धालुओं को पुरी, गंगासागर, बाबा बैद्यनाथ, काशी विश्वनाथ, गया, वाराणसी और अयोध्या जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कराएगी। यह ट्रैन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी एवं अनूपपुर स्टेशनों से होते हुए जाएगी| इस यात्रा का सबसे बड़ा फायदा भोपाल मंडल के यात्रियों को मिलने जा रहा है क्योंकि यह ट्रेन रानी कमलापति और इटारसी जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे भोपाल मंडल के हजारों श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त यात्रा के अपने ही नजदीकी स्टेशनों से ट्रेन में सवार होकर इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा समय, खर्च और यात्रा की थकान तीनों से राहत दिलाएगी। यह यात्रा कुल 09 रातें और 10 दिन की होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों — पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी और अयोध्या का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने तीन श्रेणियाँ निर्धारित की हैं, जो यात्रियों की सुविधा और बजट के अनुसार चुनी जा सकती हैं। स्लीपर (इकोनॉमी) श्रेणी में प्रति व्यक्ति किराया ₹17,600/- है, जबकि 3AC (स्टैण्डर्ड) श्रेणी में ₹28,500/- प्रति व्यक्ति शुल्क लगेगा। यदि कोई यात्री अधिक आरामदायक अनुभव चाहता है तो वह 2AC (कम्फर्ट) श्रेणी चुन सकता है, जिसका प्रति व्यक्ति किराया ₹37,500/- निर्धारित किया गया है। आईआरसीटीसी की यह यात्रा एक सर्व समावेशी पैकेज है जिसमें शामिल हैं – एलएचबी कोच वाली आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड शुद्ध शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, होटल में ठहराव की सुविधा, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स, ऑन-बोर्ड सुरक्षा, हाउसकीपिंग सेवाएँ और यात्रा बीमा। भोपाल मंडल के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। रानी कमलापति और इटारसी जैसे स्टेशनों से ट्रेन के गुजरने से यहाँ के श्रद्धालु सीधे इस विशेष यात्रा से जुड़ सकेंगे। इस यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन की जा सकती है। साथ ही आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंटों से भी बुकिंग कराई जा सकती है।

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा प्रदेश के 16 नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में राज्य सरकार की और से हरसंभव मदद की जायेगी

नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में राज्य सरकार की और से की जायेगी हर संभव मदद नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई नगर निगमों के महापौर की बैठक भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि प्रदेश के 16 नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में राज्य सरकार की और से हरसंभव मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि निकायों को और अधिक अधिकार देकर सशक्त बनाया जायेगा। नगर निगम महापौरों को सुरक्षा की दृष्टि से गनमैन दिलाने के लिये गृह विभाग को पत्र लिखा जायेगा। उन्होंने नगर निगम आयुक्तों को विकास कार्यों में तेजी लाने के लिये महापौर से बेहतर समन्वय रखने के निर्देश भी दिये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में प्रदेश के नगर निगम महापौर और आयुक्तों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य रूप से इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय और नगरीय प्रशासन विकास आयुक्त सिबि चक्रवर्ती भी मौजूद थे। बैठक में 19 जुलाई, 2024 को नगरीय विकास मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा की गयी। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनी को वैधता देते समय इस बात का ख्याल रखा जाये कि इससे नगर के विकास में रुकावट न आये। बैठक में सौर ऊर्जा के माध्यम से नगरीय निकायों के बिजली बिलों में कमी लाने पर चर्चा की गयी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रत्येक नगर निगम इसके लिये कार्य-योजना तैयार कर ले। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अनेक निविदाकार कम दर पर निर्माण कार्य की निविदा प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे निविदाकारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है। बैठक में कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गयी। यह भी जानकारी दी गयी कि योजना में विधायकों द्वारा नगरीय निकायों में प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति जारी कर दी गयी है। बैठक के प्रमुख बिन्दु              बैठक में तय हुआ कि नगरीय निकाय ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को प्रोफेशनल तरीके से चलायें। इसमें नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाये।              सड़क प्रकाश व्यवस्था में टाइमर लगाने पर चर्चा हुई।              कंपाउंडिंग के वर्तमान प्रावधान को 30 जून, 2025 तक बढ़ाये जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। महापौर परिषद को नगरीय निकायों द्वारा दी गयी लीज में भू-अधिकार प्रदान करने के अधिकार प्रदाय किये जायें। इसके लिये एक माह का अभियान चलाया जाये। जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अधिकार नगरीय निकायों को विकेन्द्रीकृत किये जायें। नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के अध्ययन के लिये देश के अन्य नगरीय निकाय में नियमित भेजने का कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश। बैठक में चुंगी क्षतिपूर्ति की अनुदान राशि के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में नगर निगमों के सेवा प्रभार की दर को तय करने के लिये संचालनालय स्तर पर स्लेब तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित महापौर को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये।  

सुप्रीम कोर्ट ने OBC वर्ग के 27 फीसदी रिजर्वेशन के खिलाफ स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे समय से ओबीसी को आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। इस पर अब बड़ी खबर सामने आई है। एमपी ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लागू रहेगा सुप्रीम कोर्ट ने एमपी हाई कोर्ट के फैसले को सही माना है। साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लगाई स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। दरअसल, साल 2019 में कमलनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था। विधानसभा में इसका विधेयक पास हो गया। 2 सितंबर 2021 के दिन सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का सर्कुलर जारी कर दिया। हालांकि इसके साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने निरस्त की चुनौती वाली याचिका यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से लगाई याचिका में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 28 जनवरी 2025 को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद इस संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की। इस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। उन्होंने याचिका खारिज करते हुए कहा कि 27 फीसदी ओबीसी को आरक्षण लागू होने में मध्य प्रदेश में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ इस मामले में हाईकोर्ट भी यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को दो याचिकाएं खारिज की थीं। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में लगी एसएलपी खारिज कराने के लिए ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना पक्ष दमदारी से रखा। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज होने के साथ ही एमपी में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है। आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ की याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पक्ष प्रस्तुत करने कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं हुआ। इससे सरकार द्वारा मामले को जानबूझकर लटकाने की कोशिश करने की आशंका उत्पन्न हुई। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने न केवल याचिका को खारिज कर दिया बल्कि ये भी साफ कर दिया है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने मामले की सुनवाई की। एडवोकेट वरुण ठाकुर एवं एडवोकेट रामकरण ने ओबीसी महासभा की ओर से पक्ष रखा। ओबीसी महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में यह केस लड़ने के लिए समुदाय ये एक-एक रुपए एकत्रित किए थे। ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण एमपी में कांग्रेस की तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। 2019 में लिए गए इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई थी जिसे खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में यह एसएलपी यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन द्वारा दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एमपी हाईकोर्ट के आदेश को उचित बताते हुए स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण में कोई न्यायिक अड़चन नहीं हैं। गौरतलब है कि फरवरी माह में ही एमपी हाईकोर्ट जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ और न्यायाधीश विवेक जैन की युगलपीठ ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के कानून का पालन करने का आदेश दिया था। पीठ ने यह भी कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। वायरल हुआ पूर्व सीएम कमलनाथ का बयान मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए यह स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर कोई रोक नहीं हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में 2019 में मैंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया था। उसके बाद से बनी भाजपा की सरकार असंवैधानिक रूप से षडयंत्र रचकर लगातार ओबीसी को आरक्षण से वंचित कर रही है। पहले माननीय मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने वाले क़ानून पर कोई रोक नहीं है। बीजेपी को अब मध्य प्रदेश के ओबीसी समाज से माफी मांगनी चाहिए और तत्काल प्रभाव से प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देना चाहिए।

कृषि ऋण वसूली के संबध में अदालत का सख्त आदेश

विदिशा मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा गुरोद द्वारा श्री बड़े लल्ला खान निवासी ग्राम बबचिया तहसील नटेरन, जिला विदिशा (म.प्र.) को कृषि ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋणी द्वारा नियमित भुगतान नहीं करने से ऋण खाता अवमानक आस्ति (NPA) में वर्गीकृत हो गया। मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा कृषि ऋण कि वसूली हेतु,  ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) जबलपुर में वाद दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा लोकधन की वसूली के लिये बैंक के पक्ष में आदेश पारित कर ऋणी श्री बड़े लल्ला खान की ग्राम बबचिया तहसील नटेरन, जिला विदिशा (म.प्र.) में स्थित 6.879 हेक्टेयर कृषि भूमि खसरा नं.- 8259, 266, 267/2, 272, 362, 369, 375, 270, 358, के अटैचमेंट आदेश पारित किये। अटैचमेंट आदेश के निष्पादन हेतु माननीय न्यायालय द्वारा एडवोकेट श्री शुभ चौधहा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया। अटैचमेंट आदेश के अनुपालनार्थ दिनांक 05.04.2025 को मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा गुरोद के शाखा प्रबंधक एवं क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में कोर्ट कमिश्नर द्वारा माननीय न्यायालय के अटैचमेंट आदेश को निष्पादित करवाया गया।

जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान सफलतापूर्वक जारी हैं। यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक कदम है। इसमें हर नागरिक को जोड़ने का उद्देश्य है, जिससे हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें। यह अभियान जल संरचनाओं के सतत संरक्षण और भविष्य की जल आवश्यकतों की पूर्ति के लिये एक सशक्त कदम है। राज्य में अभियान अन्तर्गत स्थनीय जनप्रतिनिधियों, आमजनों, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल बचाव के लिये विभिन्न गतिविधियाँ की जा रही हैं। जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं : केंद्रीय मंत्री उईके बैतूल जिले में जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जनभागीदारी से एक प्रेरणादायी पहल की गई। बैतूल के जयप्रकाश वार्ड स्थित माचना नदी के दामादैयात घाट पर एक वृहद नदी स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें इस विशेष अभियान में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद डी.डी. उइके सहित जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।  इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री उईके ने जल संकट की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। शाहपुर में लगाये गये सार्वजनिक प्याऊ जल गंगा संवर्धन अभियान एवं ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए नगर परिषद शाहपुर द्वारा नगर के प्रमुख स्थानों नाचनखेड़ा फाटा, बस स्टैंड क्षेत्र, बम्भाडा फाटा आदि स्थानों पर सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इस सुनियोजित व्यवस्था से राहगीरों, नगरवासियों, व्यवसायियों को शीतल पेयजल की सुविधा मिल रही है। शहडोल में सेल्फी लेकर दिया गया जल संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश जल को सहेजने एवं संरक्षण हेतु जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत शहडोल में जल के सरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देने हेतु सेल्फी पॉइंट बनाया गया है जिसमें आमजन सेल्फी लेकर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन का संदेश दे रहे हैं। मुरैना के बड़वारी ताला ब का किया सफाई कार्य मुरैना जिले में ग्राम पंचायत बड़वारी के तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। यह कार्य तालाब की बंड पर जल गंगा संवर्धन में साफ-सफाई और मशीन के द्वारा मिट्टी हटाने का कार्य जन सहयोग से किया गया। देवास में स्टॉप डैम मरम्मत एवं तालाब गहरीकरण कार्य जल गंगा संवर्द्धन अभियान से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास जिले के बागली विकासखंड की ग्राम पंचायत बरखेड़ा सोमा में स्टॉप डैम की मरम्मत का कार्य जनसहभागिता से किया गया। साथ ही जनपद पंचायत टोंकखुर्द की ग्राम पंचायत देवली में तालाब गहरीकरण का कार्य किया गया। अभियान के अंतर्गत जिले के तालाबों, नदियों, नालों, कुएं बावड़ियों सहित अन्य जल संरचनाओं की साफ-सफाई की जा रही है। इसके साथ ही इनके गहरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। अभियान में पौध-रोपण और रोपे गये पौधों के स्थल की साफ-सफाई की जा रही है। उज्जैन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत क्षीरसागर में सफाई की गई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शनिवार को सप्त सागरों में एक सागर क्षीरसागर कुंड पर कुंड की सफाई अभियान का कार्य नगर निगम द्वारा प्रारंभ किया गया जिसमें उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सदस्य गण एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। धार में जल संरक्षण को लेकर महिला संगोष्ठी और स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित धार जिले के तिरला विकासखंड के प्रेम नगर ग्राम में महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल उपयोग की सतत विधियों के प्रति जागरूक करना था। संगोष्ठी में महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और जल बचाने की शपथ ली। इसके साथ ही, प्रेम नगर के मॉडल स्कूल में छात्र-छात्राओं को भी जल संरक्षण पर जागरूक किया गया।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि वर्तमान में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति और औषधीय वनस्पतियों से जुड़े सदियों पूराने ज्ञान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। झाबुआ जिले में पारम्परिक औषधीय ज्ञान को संरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल की गई है। “डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार” कार्यशाला का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि झाबुआ की धरती पर लोक ज्ञान का अपार भंडार है। इस कार्यशाला में 75 से अधिक पारम्परिक जड़ी-बूटी विशेषज्ञों को एकत्रित किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जिले के सभी विकासखंडों से एकत्रितहुएइन विशेषज्ञों ने इस अंचल में पाये जाने वाले जड़ी बूटियों का परम्परागत ज्ञान साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह परम्परागत ज्ञान विलूप्त न हो जाये और आने वाली पीढ़ियों तक इसके हस्तांतरण के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पूरी दुनिया ने कोरोना काल में आयुर्वेद की शक्ति को पहचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया है और देश भर में आयुर्वेद का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इसी से परम्परागत ज्ञान को लिपीबद्ध करने से इसको संरक्षित किया जा सकेगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि भविष्य में सभी जानकारियों का सुव्यवस्थित संकलन कर हिन्दी और अंग्रेजी में दस्तावेज तैयार किये जायेगें। इसमें जड़ी बूटियों के नाम, स्त्रोत, प्रयोग विधि, मात्रा, उपलब्धता और उपचार की प्रक्रिया को विस्तार से दर्ज किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री नेहा मीणा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पिछले 6 माह में जिले के सभी विकासखंडों में जड़ी बुटी विशेषज्ञों का सर्वेक्षण कर 157 विशेषज्ञों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास केवल जानकारी का संग्रह नहीं बल्कि परम्परिक चिकित्सा पद्धति के दस्तावेजीकरण की एक सशक्त शुरूआत है।

महापौरों ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री से रखी अपनी-अपनी बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास समिति बनाई जाएगी। अपने शहर के विकास के लिए डॉक्टर, इंजीनियर, सिटी प्लानर, प्रोफेसर, लेक्चरर, टीचर सब मिलकर काम करेंगे। हमने इसी बजट में शहरों में विकास समिति बनाने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के महापौरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महापौर शहर के प्रथम नागरिक हैं। नगर और नागरिकों के विकास के लिए पूरी क्षमता, समर्पण और सेवा भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे शहर विकास के मामले में अव्वल रहें, इसके लिए नगर विकास के रोडमेप पर लगातार चर्चा की जाएगी। म.प्र. महापौर संघ के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव (महापौर इंदौर) के नेतृत्व में प्रदेश के 12 शहरों के महापौर ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। महापौरों ने शहर के विकास के लिए अपनी-अपनी बात रखी। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा, खंडवा महापौर सुअमृता यादव, रतलाम महापौर प्रह्लाद पटेल, देवास महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहाके, कटनी महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, बुरहानपुर महापौर सुमाधुरी पटेल और सिंगरौली महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने प्रदेश के पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ देकर एवं अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के कामों को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल बचाना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी महापौर अपने निगम क्षेत्रों में इस अभियान के तहत प्राथमिकता से जल संरक्षण के काम कराएं और जन सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। नगर निगम अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव दें। बच्चों, अकांक्षी युवाओं को कैरियर डेवलपमेंट कैंप या व्यक्तित्व सुधार शिविर आदि लगाएं। अपने जन बल (समर्थन) का उपयोग शहर के विकास में करें। नगर सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाने के लिए काम करें। निगम मित्तव्यता बरतें, अपने खर्च कम करें और विकास के कामों के लिए राजस्व जुटाएं। हर साल नए नए काम करें और आय अर्जन के स्रोत सृजित करके आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महापौर संघ के अध्यक्ष ने मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में महापौरों के लिए प्रोटोकॉल बनाए जाने, इनके वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने, नगर निगमों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति किए जाने और महापौरों को एक-एक सुरक्षाकर्मी भी दिए जाने की मांग की गई है।  

जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, MY Bharat पोर्टल पर मेगा एवेंट के रूप में लॉन्च किया

भोपाल जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान को MY Bharat पोर्टल पर मेगा एवेंट के रूप में लॉन्च किया है। इस अभियान का उद्देश्य समाज की भागीदारी से जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, सफाई, मरम्मत और जल प्रदूषण में कमी जैसे कार्यों को बढ़ावा देना है। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा विकसित MY Bharat पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफार्म है जो युवाओं को राष्ट्र विकास के विविध कार्यक्रमों से जुड़कर सकारात्मक बदलाव के अवसर प्रदान करता है। इस पोर्टल के माध्यम से जिले अपने जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को पब्लिश करेंगे और युवाओं को “जल दूत” के रूप में पंजीकृत कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक ग्राम से युवाओं को प्रेरित कर जलदूत बनाया जाएगा, जिन्हें पोर्टल से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। अब तक 54 हजार से अधिक लोग ‘जलदूत’ के रूप में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा चुके है। पंजीकृत जलदूत अभियान से जुड़े इवेंट्स में भाग लेकर अपने अनुभव, फोटो और वीडियो पोर्टल पर साझा कर सकेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी व समन्वय की जिम्मेदारी जिला स्तर पर मनरेगा के वरिष्ठ डाटा प्रबंधक, जिला परियोजना अधिकारी अथवा जिला स्तर के अन्य किसी उपयुक्त अधिकारी को जिला स्तर एवं नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। इस दिशा में प्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। सरकार के साथ समाज को भी स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय करना है। शासकीय, अशासकीय और अर्द्धशासकीय स्तर पर नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में अनेक प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर होटल कोर्टयार्ड मैरियट में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ-शिशु संजीवन मिशन रणनीति दस्तावेज एवं अनमोल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इस अभिनव कार्यक्रम की रचना के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बदलते दौर का भारत है और पूरी दुनिया इसे देख रही है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता सामने आई, जब आपदा के अवसर के मंत्र पर काम करके भारत ने वैक्सीन तैयार की और अपने राष्ट्र के नागरिकों के साथ ही अनेक राष्ट्रों को भी सहायता दी। अथक अनुसंधान से देश की नागरिकों को नि:शुल्क वैक्सीन मिल जाने से जहां उनके स्वास्थ्य को ठीक करने में सहायता मिली, वहीं यह वैक्सीन सभी का मनोबल बढ़ाने में भी उपयोगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वह काफी कठिन दौर था, जब हमारी जनता कष्ट में थी, लेकिन श्रेष्ठ प्रबंधन से राष्ट्र में टीकाकरण का प्रभावी कार्य हुआ और रोग पर नियंत्रण हुआ। पूरा विश्व सशंकित होकर भारत को देख रहा था। उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने समाधान की राह निकाल ली थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अनमोल 2.0 पोर्टल प्रारंभ करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दो मंत्रालय विभाग होते थे, जिन्हें एकीकृत कर आम जनता के हित को सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ रही है। साल दर साल नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल अपनाकर अस्पतालों के संचालन में सुधार करने की पहल की गई है। इस दिशा में अनुकूल वातावरण भी तैयार हुआ है। मेडिकल पर्यटन बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश में मेडिकल पर्यटन की काफी संभावना है। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएंगे । प्रदेश में जो रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई हैं, उसमें सेवा क्षेत्र को भी जोड़ा गया है। प्रारंभ में प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े नगरों में निजी क्षेत्र में अस्पतालों को भी प्रमोट करेंगे। इसमें ‘ए’ श्रेणी में बड़े नगर शामिल होंगे। नए अस्पताल प्रारंभ करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन श्रेणियों में अस्पतालों को सब्सिडी प्रदान कर लाभान्वित किया जाएगा। इससे अस्पतालों के संचालन में सहयोग मिलेगा। सब्सिडी के प्रावधान से अस्पताल समर्थ होंगे और नागरिकों के उपचार के कार्य में व्यापक स्तर पर सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस का संचालन भी दो स्तर पर हो रहा है। प्रदेश में जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां जहाज की व्यवस्था कर गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है और जहां हेलीपैड हैं वहां से हेली सेवा प्रारंभ की गई है। हाल ही में भोपाल एम्स के एक चिकित्सक को आपात अवस्था में विमान द्वारा चेन्नई भिजवाने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में चिकित्सक के परामर्श और कलेक्टर के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को विमान और हेलीकॉप्टर सेवा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एलोपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुष, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य चिकित्सा पद्धतियों को भी समग्र दृष्टि से देखते हुए इन सभी पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हर नागरिक तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित यह कार्यक्रम सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आईएमआर और एमएमआर में सुधार मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौती है। पूर्व में भी प्रयास हुए हैं। विगत 20 वर्षों में एमएमआर 400 से 173 हो गयी है। आईएमआर 80 से 43 हो गयी है। एनएमआर 60 से घटकर 31 हुई है। इन सभी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, परंतु लक्ष्य अभी दूर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मध्यप्रदेश पुरज़ोर प्रयास कर रहा है। वर्ष 2030 तक एमएमआर को 100 से कम करने और आईएमआर को 20 से कम करने के योजनाबद्ध प्रयास करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के लिए विषय विशेषज्ञों और रिसर्च प्रोफेशनल्स द्वारा समस्याओं का चिन्हांकन कर उनमे सुधार के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संजीवन मिशन रोड मैप बनाया गया है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पंजीयन और उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी के लिए अनमोल 2.0 (एएनएम ऑनलाइन 2.0) ऐप और वेब पोर्टल लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 20 हज़ार एएनएम को मैप किया गया है। एयर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आगामी समय में आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी मैप करने के प्रयास किये जाएँ। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन और नियमित एएनसी जांच से हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के सही समय में प्रदाय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे एमएमआर के साथ आईएमआर में भी सुधार लाने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में सिर्फ 60 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलायें समय से अपनी जांच नहीं करवा रही हैं। इसके लिए महिलाओं के साथ-साथ परिजन को भी जागरूक किया जा … Read more

यूनेस्को की एचयूएल पहल से ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

भोपाल/ओरछा  मध्य प्रदेश के ओरछा में ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैंडस्केप (एचयूएल) पहल के तहत सोमवार को होटल बेतवा रिट्रीट में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह पहल मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ग्वालियर और ओरछा के लिए लागू की जा रही है, जो दक्षिण एशिया में पहली बार यूनेस्को द्वारा चुने गए शहर हैं।यूनेस्को ने 24 मई 2023 को इन शहरों के लिए अंतिम एचयूएल रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें ऐतिहासिक इमारतों के आसपास निर्माण के लिए मास्टर प्लान और विशेष दिशानिर्देश शामिल हैं। इन सिफारिशों को ओरछा के मास्टर प्लान में शामिल करने के लिए विभिन्न विभागों को भेजा गया है। अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने इस मौके पर कहा, “ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एचयूएल पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। ओरछा का बढ़ता पर्यटन क्षेत्र हमारी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिला रहा है।” कार्यशाला में ओरछा की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए आर्थिक विकास पर चर्चा हुई। इस दौरान हेरिटेज वाक का आयोजन भी किया गया। यूनेस्को की यह पहल 2011 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य शहरी विरासत को संरक्षित करते हुए सतत विकास को बढ़ावा देना है। कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि ओरछा में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा, ताकि इसे वैश्विक पहचान मिल सके। इस पहल से ओरछा में स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयास कर रहा है। यदि इन सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो ओरछा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व संरक्षित होगा, साथ ही समग्र विकास को गति मिलेगी।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में पमरे की प्रमुख उपलब्धियां, नई रेललाइन निर्माण, स्क्रैप बिक्री, संड्री आय एवं ट्रैक रिन्यूवल में सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज हुई

  भोपाल  महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के निरंतर मॉनेटरिंग के चलते पश्चिम मध्य रेल ने बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान इन्फ्रास्ट्रचर कमीशनिंग, नई लाइनें बिछाने/दोहरीकरण/तिहरीकरण, स्क्रैप बिक्री, ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू, माल ढुलाई और इसके साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी के एकीकरण सहित विभिन्न श्रेणियों में शानदार उपलब्धियां हासिल कीं।     बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान माननीय रेलमंत्री जी द्वारा संपूर्ण भारतीय रेलवे पर किये गए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु पश्चिम मध्य रेल को लेखा एवं वित्त प्रबंधन शील्ड और कार्मिक प्रबंधन शील्ड पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय को प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त पश्चिम मध्य रेल के एक अधिकारी एवं एक कर्मचारी को भी व्यक्तिगत रूप से अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है I       माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2024 के दौरान पश्चिम मध्य रेल की लगभग 4880 करोड़ लागत की 18 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इसके साथ ही लोकल उत्पाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “वन स्टेशन वन प्रोडक्ट” स्टॉल एवं स्टेशनों पर सस्ती एवं जेनरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र” संचालित किये जा रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में पमरे की प्रमुख उपलब्धियां नीचे दी गई हैं :- 1) स्क्रैप बिक्री:- पमरे स्क्रैप सामग्री जुटाकर और ई-नीलामी के माध्यम से इसकी बिक्री करके संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। पमरे द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 477 करोड़ 66 लाख रुपये की स्क्रैप बिक्री की गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा रूपये 320 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी तुलना में रूपये 157 करोड़ 66 लाख (49.27 प्रतिशत) अधिक की स्क्रैप बिक्री की गई है। पश्चिम मध्य रेल की अब तक की सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज की हैं। 2) नॉन फेयर रेवन्यू (संड्री आय):– पमरे ने संड्री आय के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 229 करोड़ 98 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 330 करोड़ 87 लाख रुपये का नॉन फेयर रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 44 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि है। यह वृद्धि अब तक की सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड उपलब्धि दर्शाती हैं। 3) ट्रैक रिन्यूवल:- पमरे में ट्रैक की क्षमता को बढ़ाने के लिए एवं सरंक्षा में वृद्धि करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2023-24 में 316 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूवल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के 452 किलोमीटर ट्रैक का रिन्यूवल कार्य किया,जो 43 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम मध्य रेलवे का अब तक का सर्वश्रेष्ठ ट्रैक रिन्यूवल कार्य है। 4) कैपेक्स:– वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पश्चिम मध्य रेल का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 9699 करोड़ 54 लाख रुपये की शत-प्रतिशत उपयोगिता साबित हुई है। जबकि पश्चिम मध्य रेलवे को कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 9631 करोड़ 30 लाख रूपये ग्रांट हुआ था। 5) यात्री यातायात एवं अन्य कोचिंग ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू:- पमरे ने यात्री यातायात के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 2335 करोड़ 21 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 2431 करोड़ 15 लाख रुपये का ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह अन्य कोचिंग आय के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 163 करोड़ 39 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 174 करोड़ 81 लाख रुपये का ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 7 प्रतिशत अधिक है। यह दोनों वृद्धि अब तक की अधिकतम उपलब्धि दर्शाती हैं। ट्रेन यात्री सुविधाओं और व्यवसाय विकास इकाइयों (बीडीयू) के ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण एवं कार्यकलापों के साथ-साथ अत्‍यंत प्रभावकारी नीति निर्माण से रेल राजस्व बढ़ाने में काफी मदद मिली है। 6) पीओएच (पीरियोडिक ओवर हॉलिंग):– पमरे द्वारा कोचों और वैगनों का रूटीन ओवर हॉलिंग करके अधिक से अधिक पीओएच (पीरियोडिक ओवर हॉलिंग) आउटटर्न किया। सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना (सीआरडब्लूएस) भोपाल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1198 कोचों की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1369 कोचों का अनुरक्षण कर आउटटर्न किया, जो  14 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार वर्कशॉप (डब्लूआरएस) कोटा कारखाना द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6720 वैगनों  की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 6938 वैगनों की मरम्मत करके आउटटर्न किया है, जो 3 प्रतिशत अधिक है। 7) इन्फ्रास्ट्रचर कमीशनिंग (नई लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण) के मामले में वित्तीय वर्ष  2024-25 के दौरान कुल 174 किलोमीटर का नवनिर्मित रेलवे ट्रैक कमीशन किया गया है जिनमें कि 75 किमी. नई रेल लाइन कार्य, 47 किमी दोहरीकरण एवं 52 किमी. तिहरीकरण के कार्य शामिल हैं। पश्चिम मध्य रेल ने नई रेललाइन अधोसरंचना कार्य में अब तक की सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज हुई है।   8) फुट ओवर ब्रिज (एफओबी):- यात्रि‍यों/पैदल यात्रि‍यों को आवागमन में सहूलियत हेतु स्टेशनों पर एक प्लेटफॉर्म से दुसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 37 एफओबी का निर्माण किया गया।   9) रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज (आरओबी/आरयूबी):– सड़कों पर बनी पटरियों को पार करने में जनता की सहूलियत के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 33 रोड ओवर ब्रिज एवं 62 रोड अंडर ब्रिज / सीमित ऊंचाई सबवे (एल.एच.एस.) निर्माण कराए गए। 10) समपार फाटक हटाए गए:- समपार फाटकों (लेवल क्रॉसिंग या एलसी गेट) पर लोगों की सुरक्षा चिंता का प्रमुख विषय रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 30 समपार फाटकों को हटाया गया। 11) लिफ्ट:- ‘सुगम्य भारत अभियान’ के तहत रेल प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों, वृद्धों और बच्चों की आवाजाही को सुगम्‍य बनाने के लिए पमरे में रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 11 लिफ्ट लगाए गए। 12) ‘‘अमृत स्टेशन योजना‘‘ के तहत, पश्चिम मध्य रेल के कुल 53 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जबलपुर मंडल के 15 स्टेशन, भोपाल मंडल के 15 एवं कोटा मंडल के 17 स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा जबलपुर, सतना, भोपाल, बीना, कोटा एवं डकनिया तलाव रेलवे स्टेशनों के मेजर अपगे्रडेशन के कार्य भी शामिल हैं। इन स्टेशनों में कोटा मंडल के बूंदी एवं मांडलगढ़, जबलपुर मंडल के श्रीधाम एवं कटनी साउथ और भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं शाजापुर स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण होने की स्टेज पर है।

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।  

परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के अध्यक्षता परिषद की बैठक आयोजित

परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के अध्यक्षता परिषद की बैठक आयोजित गहन चर्चा उपरांत निगम का वित्तय बजट सर्व सम्मति से पारित  सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली के परिषद अध्यक्ष श्री देवेश की अध्यक्षता , प्रभारी महापौर खुर्शिद आलम,  मेयर इन काउंसिल के सदस्य के शिवकुमारी कुशवाहा, रूकमन प्रजापति, श्यामला बर्मा, बबली शाह, अंजना शाह, राम गोपाल पाल, रीता प्रजापति अर्चना विश्वकर्मा, शशि पुष्पराज सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री डी.के शर्मा, गरिमामय उपस्थित में निर्धारित समयानुसार परम्परा अनुसार राष्ट्रगान के के गायन के साथ आरंभ हुई।       परिषद बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से संबंधित विषयों पर विस्तार से पार्षदो द्वारा चर्चा कर नगर के चाहुमुखी विकास के संबंध में निर्णय लिए गए तत्पश्चत निगम के वित्तय वर्ष 2025-26 के बजट पर विस्तार से चर्चा करते हुये बजट को कुछ संशोधनो के साथ सर्व सम्मति पारित किया गया। परिषद बैठक में परिषद बैठक में नेता प्रतिपंक्ष श्रीमती सीमा जयसवाल, पार्षद भारतेन्दु पाण्डेय, संतोष शाह, परमेश्वर पटेल, अनिल बैस, संतोष शाह, शेखर सिंह, सत्रुघन लाल शाह, रामनरेश शाह, प्रेम सागर मिश्रा, राम मिलन भारती, अनुष्का यादव, आशीष बैस, लालस कुमारी यादव, राजबादुर पनिका, कमलेश कुमार बर्मा, संजय सिंह, किरण सिंह, चन्दा देवी, उर्मिला सिंह  सावनमती कुशवाहा,  बंतो कौर, सहित निगम के उपायुक्त आरपी बैस,  उपायुक्त वित्त सत्यम मिश्रा,उपस्थित रहे।

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