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अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा: अमित शाह

सतारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, विरोधी दल एक दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।  गृह मंत्री अमित शाह ने सतारा जिले के कराड में रैली की और महाविकास अघाड़ी गढबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वक्फ कानून में बदलाव किए जिससे कि वक्फ बोर्ड किसी की भी जमीन पर कब्जा करने लगा। कर्नाटक की सरकार ने पूरा का पूरा गांव वक्फ को दे दिया। उन्होंने कहा, अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा। पवार और राहुल गांधी नहीं चाहते कि वक्फ कानून में संशोधन किया जाए। हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आने वाले सेशन में इसे पास करवाएंगे। अमित शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें उन लोगों के साथ गठबंधन करने के लिए शर्म आनी चाहिए जो हिंदुत्व को पाखंड कहते हैं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं और आतंकवादी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाते हैं। शाह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा शरद पवार) प्रमुख शरद पवार पर यह झूठ बोलने का आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। शाह ने पवार पर पलटवार करते हुए कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) के शासन के दौरान विकास के मामले में राज्य की ‘रैंकिंग’ गिर गई थी लेकिन अब महायुति सरकार के तहत यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर रहा है। शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘झूठ की फैक्टरी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि वह अग्निपथ योजना के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुत्व को ‘पाखंड’ कहते हैं। उन्होंने कहा, ‘आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने अफजल खान और औरंगजेब की कब्रों की रक्षा की। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने (26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दोषी) अजमल कसाब को बिरयानी खिलाई। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।’’ महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया था। शाह ने कहा, ‘शरद पवार इस उम्र में भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे। वह कहते हैं कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि उद्धव जी के साथ आपकी सरकार के दौरान महाराष्ट्र की विकास रैंकिंग गिर गई थी लेकिन (देवेंद्र) फडणवीस और (एकनाथ) शिंदे के नेतृत्व वाली हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र में एफडीआई आ रहा है।’ शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फडणवीस और शिंदे के माध्यम से महाराष्ट्र में सड़क संपर्क, समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु, मुंबई और पुणे में मेट्रो ट्रेनें, सिंचाई परियोजनाओं जैसी कई परियोजनाएं शुरू की हैं। सातारा को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हजारों युवा सेना में सेवारत हैं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा गांधी ने ‘एक रैंक एक पेंशन’ का वादा किया था लेकिन कांग्रेस के 40 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया। मोदी ने इसे पूरा किया।’

बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा वही कांग्रेस बुला रही बाहरी नेता

भोपाल मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को होने वाले बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा है लेकिन कांग्रेस में इसका ठीक उल्टा हो रहा है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश के कांग्रेस नेताओं का आत्मविश्वास हिला हुआ है।आलाकमान भी उन पर पूरा भरोसा नहीं कर पा रहा इसलिए उपचुनाव में प्रचार के लिए बाहरी नेताओं को बुलाया गया है। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने विजयपुर में सभाएं की तो भरतपुर की सांसद संजना जाटव भी आने वाली हैं। वे एससी वर्ग के मतदाताओं को साधेंगी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित वरिष्ठ नेता भी प्रचार के लिए आ सकते हैं, ये सभी उपचुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों बड़े नेताओं में मात्र दिग्विजय सिंह और कमल नाथ ही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का चुनाव प्रचार कार्यक्रम तो बना था लेकिन ऐन वक्त पर निरस्त भी हो गया था। अन्य नेताओं का कद और प्रभाव उतना नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस को बाहरी नेताओं की मदद उपचुनाव में प्रचार के लिए लेनी पड़ रही है। अब तक उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां स्थानीय नेताओं के भरोसे ही चुनाव लड़ते रहे हैं।   इनके अलावा कांग्रेस में और कोई नेता इस कद का नहीं हैं जिसका व्यापक जनाधार हो। इसके विपरीत भाजपा में प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेताओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित कई अन्य नेता प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा एससी वर्ग में लालसिंह आर्य, एसटी वर्ग में फग्गन सिंह कुलस्ते ऐसे नेता हैं, जो प्रदेश और बाहर भी जाने-पहचाने जाते हैं। सचिन पायलट गुर्जर समाज के बड़े नेता हैं। पूर्व सांसद ताराचंद पटेल की मूर्ति के अनावरण में आए थे तो हमने चुनाव में भी उनका कार्यक्रम बना दिया। जहां तक कमल नाथ के कार्यक्रम रद होने की बात है, तो उन्हें वायरल हो गया था इसलिए वे नहीं आए। – शैलेंद्र पटेल, बुधनी उपचुनाव प्रभारी, कांग्रेस यह दौर सोशल इंजीनियरिंग का है, उस लिहाज से हर राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों की सूची बनाकर नेताओं को आमंत्रित करता है। अन्य राज्यों के नेताओं को बुलाने की यही वजह है।- केके मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता

जीतू पटवारी अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को भी धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने उनकी असफलताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर बैठा दिया- केसवानी

भोपाल दिवाली को बीते एक हफ्ता हो गया है लेकिन मध्यप्रदेश में आतिशबाजी अभी भी जारी है। यह आतिशबाजी पटाखों की नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस्तीफों की है। गुरुवार को भी पार्टी को बड़ा झटका लगा। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है। जोशी एक बार फिर से भाजपा में शामिल हो गए हैं। दीपक जोशी के वापस बीजेपी में शामिल होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान ने सियासी पारे को हाई कर दिया है। उन्होंने कहा ‘दीपक जोशी मेरे पास आए थे, जो गलती मैं नहीं सुधर पाया वह उन्होंने खुद सुधार ली। मेरा उन्हें धन्यवाद।’ इसके बाद अब बीजेपी जीतू पर हमलावर है। केसवानी का हमला ‘अपनी असफलता छिपा रहे पटवारी’ जीतू पटवारी के इस बयान पर मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने पलटवार करते हुए कहा है कि ‘अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए जीतू पटवारी दीपक जोशी जी का धन्यवाद कर रहे हैं। अच्छी बात है। आपको अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को भी धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने उनकी असफलताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर बैठा दिया। आपको उन साढ़े 5 लाख लाख कार्यकर्ताओं को भी  धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने आपकी असफलताओं को पहचान कर कांग्रेस को अलविदा कह दिया। आपको धन्यवाद उन 29 सांसदों का भी करना चाहिए जिन्होंने आपकी असफलता पहचानते हुए मध्यप्रदेश को कांग्रेस मुक्त करने का कार्य किया। ‘ सलाह ‘अच्छे विपक्ष की भूमिका निभाएं’ डॉ दुर्गेश केसवानी ने कहा कि जीतू पटवारी सबसे असफल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष में से एक हैं। उन्हें कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह राहुल भैया और लक्ष्मण सिंह समेत उन तमाम कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने कहा था की जीतू पटवारी को ब्याज समेत सम्मान लौटाएंगे। केसवानी न कहा कि ‘कहीं ऐसा ना हो की पूरी की पूरी कांग्रेस आपको अलविदा कह दें और आपको धन्यवाद कहने का मौका तक ना मिले, इसलिए अपना ध्यान अपनी कांग्रेस पार्टी पर दें। डॉक्टर केसवानी ने पटवारी को सलाह देते हुए कहा कि एक अच्छे विपक्ष की भूमिका निभाएं ताकि जनता आपको धन्यवाद दे सके।’

कमलनाथ ने बताया नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था का काला दिन

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आठ साल पहले आज ही के दिन नौ नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्‍यवस्था की कमर तोड़ दी थी। इतिहास में इसका उल्‍लेख भारतीय अर्थव्यवस्था के काले दिन के रूप में हमेशा होता रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा, आज ही के दिन आठ नवंबर 2016 को नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू कर देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी। नोटबंदी के आठ वर्ष बाद भी आज तक देश उसकी मार से उबर नहीं पाया है। जिन उद्देश्यों को लेकर नोटबंदी की गई थी, उसका भी कहीं अता पता नहीं है। कमलनाथ ने नोटबंदी के चलते बैंको तक वापस आई रकम का हवाला देते हुए कहा, एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के बाद लगभग 99 प्रतिशत पैसा वापस बैंकों में आ गया, जो साबित करता है कि नोटबंदी से कालेधन पर वार करने का सरकार का दावा झूठा निकला। नोटबंदी से आतंकवाद की कमर तोड़ने की भी बात कही गई थी, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। देश में आतंकी घटनाएं नोटबंदी के बाद भी लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा, नोटबंदी से सिर्फ गरीबों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर डाका डाला गया। गरीबों की छोटी-छोटी बचत नोटबंदी से खत्म हो गई। सैकड़ों लोग कतार में मर गए, कई शादियां टूट गईंं, लेकिन इस सरकार के पास नोटबंदी की सफलता के नाम पर सिर्फ झूठे दावे और आंकडे़ ही हैं। 1000 रुपये के नोट बंद कर 2000 रुपये के नोट चलन में लाना और फिर ये कहना कि बडे़ नोट भ्रष्टाचार रोकने के लिए बंद किए गए, सरकार का हास्यास्पद तर्क नजर आया। 2000 रुपये का नोट क्यों लाया गया था, और क्यों वापस लिया गया, आज तक इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ज्ञात हो कि काले धन पर रोक, आतंकवाद पर अंकुश, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के मकसद से नौ नवंबर 2016 को नोटबंदी अमल में लाई गई थी।

कांग्रेस घाटी में युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए :वीडी शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला किया है उन्होंने कहा कांग्रेस के समर्थन से बनी जम्मू कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस ने धारा 370 और 35 A की वापसी का प्रस्ताव लाकर ये साबित कर दिया है कि कश्मीर घाटी में शांति अमन चैन नहीं चाहिए, ये लोग तो युवाओं के हाथों में फिर से पत्थर देना चाहते हैं , ये दोनों पार्टिया देश विरोधी कुचक्र रच रही हैं और पाकिस्तान को ताकत देने की साजिश कर रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि यदि मेरी सरकार पूर्ण बहुमत की सरकार होती तो मैं सबसे पहले धारा 370 हटाता और ये काम  भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया, प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 और 35 A को जम्मू कश्मीर से हटाकर पूरे देश को एक सूत्र में बंधने का काम किया लेकिन दुर्भाग्य है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के सहयोग से चल रही नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने विधानसभा में असंवैधानिक तरीके से धारा 370 खत्म करने का प्रस्ताव लाया। फिर साबित हो गया कांग्रेस आरक्षण, संविधान और दलित विरोधी है वीडी शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव का लाना ये साबित करता है कि बार बार संविधान बात करने वाली दलितों की आरक्षण की बात करने वाली कांग्रेस, दलित विरोधी है, आरक्षण विरोधी है और संविधान विरोधी है, क्यों किजो प्रस्ताव है उसमें इसी तरह की बाते हैं, उन्होंने कहा किआज जम्मू के लाल चौक में तिरंगा फहराता है तो तो भाजपा के कारण से संभव हो पाया। नेशनल कांफ्रेंस से साथ मिलकर कांग्रेस देश विरोधी कुचक्र रच रही वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती जम्मू कश्मीर के युवा को नौकरी मिले, रोजगार मिले, वो नहीं चाहती कि कश्मीर घाटी में अमन चैन रहे, आतंकवाद, अलगाववाद कम हो वो तो युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए , कांग्रेस द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के साथ मिलकर देश को तोड़ने का कुचक्र धारा 370 वापस लागू करने के माध्यम से किया जा रहा है, कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का ये राष्ट्र विद्रोही एजेंडा है। क्या ये पार्टियाँ आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहती हैं वीडी शर्मा ने कहा कि आज जब कभी जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादी घटनाएँ होती है तो उमर अब्दुल्ला एक शब्द नहीं बोलते, आज पाकिस्तान की देश विरोधी ताकतों को पाकिस्तान को ताकत देने की कोशिश हो रही है क्या कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहते हैं। अमेरिका में ट्रंप जीतते हैं नारे मोदी मोदी के लगते हैं, ये है भारत का सम्मान   हिमाचल में समोसे मामले की CID से जाँच के सवाल पर वीडी शर्मा ने तंज कसा कि हम यहाँ धारा 370 जैसे गंभीर विषय को लेकर चिंतित हैं और वहां कांग्रेस समोसे कचौड़ी में लगी हुई है, कमलनाथ के आतंकवाद से जुड़े ट्वीट पर कहा कि कमलनाथ थक गए हैं मोदी सरकार में आतंकवाद,अलगाववाद ख़त्म हो गया और नक्सलवाद तो नेस्तनाबूत हो गया है , भारत का मान सम्मान दुनिया में इतना बढ़ा है कि अमेरिका में जब ट्रंप जीतते तो वहां मोदी मोदी  के नारे लगते हैं। दिग्विजय सिंह पर तो जनता ने ही प्रतिबंध लगा दिया है दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कहा कि दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध तो जनता ने ही लगा दिया और जनता जिसे नकार चुकी है तो वे घूमते रहें, लोकतंत्र में जनता के प्रतिबंध से बड़ा कुछ नहीं है और वे तो खुद ही कहते थे मैं जाता हु तो जनता वोट नहीं देती काट देती है वे तो हमेशा से संस्कृति पर सनातन पर, देश पर आक्रमण करते हैं तो जनता उन्हें नकारेगी है।

BJP का सराहनीय कदम, केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई

बरनाला बरनाला विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई है। आज गांव नंगल व ठुल्लेवाल के किसानों ने डी.ए.पी. खाद उपलब्ध करवाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों का धन्यवाद किया। इस मौके पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछले दिनों गांवों में चुनाव प्रचार के दौरान किसानों ने डी.ए.पी. खाद की कमी का मुद्दा उनके ध्यान में लाया गया था जिसके बाद उन्होंने 5 नवंबर को खाद मंत्री और बी.जे.पी. के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर बरनाला के किसानों को खाद मुहैया कराने की मांग की थी। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी विजय रूपाणी ने भी बरनाला में फोन पर जेपी नड्डा के ध्यान में यह मामला लाया गया जिसके बाद तुरंत बरनाला हलके की सहकारी समितियों में किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद तुरंत पहुंचना शुरू हो गई है जिसके तहत बरनाला के विभिन्न गांवों की सहकारी समितियों में डी.ए.पी. खाद से भरे ट्रक पहुंचने शुरू हो गए हैं और किसानों की यह बड़ी समस्या हल हो गई है जिससे उनके किसान भाई समय पर गेहूं की बुआई कर सकेंगे। उन्होंने डी.ए.पी. खाद की व्यवस्था करने के लिए उर्वरक मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पंजाब भाजपा प्रभारी विजय रूपाणी का धन्यवाद किया। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह हमेशा बरनाला के किसानों और सभी वर्गों के साथ खड़े हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस कठिन समय में उनके किसान भाइयों को दरकिनार कर दिया और समस्याओं का समाधान किए बिना भाग गई जिसके कारण केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान भाइयों का हाथ थाम लिया है। उन्होंने कहा कि डी.ए.पी. खाद की एक और रैक जल्द ही बरनाला के लोगों तक पहुंच जाएगी, जिससे बरनाला के किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद आम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनी और जनता का जनादेश उनके पक्ष में आया तो फसलों की खरीद, डी.ए.पी. खाद समेत किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा

रांची केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो करेंगे। साथ ही शाह पोटका विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की प्रत्याशी मीरा मुंडा के लिए चुनावी सभा को भी संबोधित करेंगे। शाह का रोड शो पूर्वी जमशेदपुर और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में होगा। शाह का रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा। रोड शो के दौरान पूर्वी जमशेदपुर से भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा साहु और जमशेदपुर पश्चिम से एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के उम्मीदवार सरयू राय के जीत के लिए अपील करेंगे। जमशेदपुर में भाजपा का चुनाव प्रचार तेज है। इस चुनाव प्रचार को धार देने और विजय संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह शनिवार को जमशेदपुर आएंगे। इनकी जनसभा और रोड शो की तैयारी को लेकर बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की महत्वपूर्ण बैठक साकची में हुई। भाजपा के जमशेदपुर जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने बताया कि भाजपा जमशेदपुर महानगर इस रोड शो और जनसभा की सफलतापूर्वक आयोजन के लिए व्यापक तैयारी में जुट गई है।  

चुनावी रैली में गरजे राज ठाकरे, अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो वह राज्य में सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा देंगे

महाराष्ट्र महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने अमरावती में आयोजित एक रैली में मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों का मुद्दा फिर से उठाया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो वह राज्य में सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा देंगे। यह बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आया है, जो 20 नवंबर, 2024 को होंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। लाउडस्पीकरों का मुद्दा राज ठाकरे ने अपने समर्थकों से कहा, “मुझे सत्ता दो, और मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि महाराष्ट्र में किसी भी मस्जिद पर एक भी लाउडस्पीकर न हो।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम नेता मस्जिदों से फतवा जारी कर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के लिए वोट मांग रहे हैं। ठाकरे ने यह भी दावा किया कि जब उनके चाचा उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए दबाव डाला था। इसके परिणामस्वरूप उनके समर्थकों के खिलाफ 17,000 मामले दर्ज किए गए थे। शरद पवार पर निशाना राज ठाकरे ने शरद पवार पर भी हमला करते हुए उन्हें “संत शरदचंद्र पवार” कहा और आरोप लगाया कि वह ओबीसी और मराठा समुदायों के बीच विवाद भड़का रहे हैं। ठाकरे ने पवार से पूछा, “क्या मूर्तियां पर्याप्त नहीं हैं कि हर जिले में मंदिर बनाए जाने चाहिए?” यह बयान उद्धव ठाकरे द्वारा जिलों में छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर बनाने की हाल की घोषणा पर था। विधानसभा चुनाव में मनसे स्वतंत्र रूप से लड़ेगी राज ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मनसे स्वतंत्र रूप से लड़ेगी, और किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “मनसे सभी राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।” ठाकरे ने 2024 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था, लेकिन विधानसभा चुनाव में वह अपनी पार्टी को स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, “हम पूरे जोश के साथ चुनाव लड़ेंगे, और चुनावों के बाद मनसे सरकार में होगी।”

मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा-PM मोदी झूठों के सरदार हैं

नई दिल्ली देश में चुनावों का समय करीब आते ही, कांग्रेस पार्टी के नेता अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित बयान देते हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना तैमूर लंग से करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। PM मोदी झूठों का सरदार… आपको बता दें कि आज मल्लिकार्जुन खरगे ने 20 नवंबर को महाराष्ट्र के बीकेसी मैदान में आयोजित महाविकास अघाड़ी की साझा रैली में पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मोदी झूठों के सरदार हैं,” और उन्हें जनता से किए गए वादों को निभाने में नाकामयाब बताया। खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी ने 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि मोदी की सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों में डूबी हुई है। PM मोदी पर आरोप और घोटालों की बातें खरगे ने मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया है और यह सरकार केवल पैसे बनाने के लिए काम कर रही है। उनका यह भी कहना था कि मोदी सरकार की नीतियां जनता के हित में नहीं, बल्कि बड़े व्यवसायियों के हित में हैं। खरगे ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार हर चीज बेच रही है, जैसे कि एयरपोर्ट, पब्लिक सेक्टर और कारखाने। खरगे ने मोदी की तुलना तैमूर लंग से की मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज करते हुए उन्हें तैमूर लंग से तुलना की। तैमूर लंग एक ऐसे शासक के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने अपनी ताकत का इस्तेमाल सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए किया और बड़ी हिंसा का सहारा लिया। खरगे ने कहा कि मोदी की सरकार भी इसी तरह अपनी ताकत का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है और अपने वादों को पूरा नहीं कर रही। किरेन रिजिजू का पलटवार वहीं इस पूरे मामले पर मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने इसका जोरदार पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “विदेशों में नरेंद्र मोदी की इज्जत देखते ही बनती है। कल डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया था।” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रिजिजू ने खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि गाली देने से जनता का पेट नहीं भरता है और यह गलत तरीके से राजनीति करने का तरीका है। घोटाले और भ्रष्टाचार का समर्थन मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सरकार हर कुछ बेच रही है और इसका मुख्य उद्देश्य केवल पैसे बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी के पोर्ट से नशीली चीजें बरामद हो रही हैं और यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए और बीजेपी सरकार को इसके लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे का बयान पीएम मोदी के खिलाफ एक और विवादित हमला है। उन्होंने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार और झूठ बोलने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी नेताओं ने इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी की विदेशों में बढ़ती इज्जत का हवाला दिया। इस तरह के आरोप और बयान राजनीति में अक्सर होते रहते हैं, लेकिन अब देखना होगा कि इन बयानों का जनता पर क्या असर पड़ता है, खासकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद।

ममता सरकार में मंत्री ने BJP की महिला नेता को कहा माल, PM मोदी को दाढ़ी वाला, बंगाल में बवाल

कोलकाता पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम ने अब भाजपा की एक महिला नेता को माल कहा है। इतना ही नहीं फिरहाद हकीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दाढ़ी वाला आदमी भी कहा है। इससे राज्य में सियासी बवाल मच गया है और विवाद उठ खड़ा हुआ है। दरअसल, हकीम ने पिछले लोकसभा चुनाव में बशीरहाट से भाजपा की पराजित उम्मीदवार रेखा पात्रा को ‘हारी हुई माल’ कहा है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ना सिर्फ इसे अपमानजनक बताया है बल्कि मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक कार्यक्रम में बोलेते हुए फिरहाद हकीम ने संदेशखाली मुद्दे का भाजपा पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और इसके लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। हकीम ने कहा, “लोकसभा चुनाव से पहले एक दाढ़ी वाला आदमी बंगाल आया था। क्या आपको उसका नाम याद है? उसका नाम नरेंद्र मोदी है। वह बंगाल आया और संदेशखाली की माताओं और बहनों के लिए झूठी चिंता व्यक्त की। भाजपा ने संदेशखाली से एक उम्मीदवार की भी घोषणा की। वो उम्मीदवार (रेखा पात्रा) हार गई… कहां है हेरो माल (हारी हुई माल )? भाजपा चुनाव हारती है। वह केवल मामले दर्ज करना जानती है।” फिरहाद हकीम की यह टिप्पणी महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भाजपा से एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में गईं महिला नेता शाइना एनसी को माल कहा था। दरअसल, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हाजी नुरूल के खिलाफ संदेशखाली मामले में गवाह रही महिला रेखा पात्रा को बशीरहाट संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था लेकिन चुनावों में रेखा पात्रा की हार हो गई थी। वह दूसरे नंबर पर रही थीं। TMC उम्मीदवार को आठ लाख से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि रेखा पात्रा को 4.70 लाख वोट मिले थे। इधर, फिरहाद हकीम के कमेंट पर रेखा पात्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा,”फिरहाद हकीम ने प्रधानमंत्री और मुझ पर हमला किया है। यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि उन पर किया गया शर्मनाक हमला सिर्फ मुझ पर ही नहीं बल्कि संदेशखाली की उन सभी महिलाओं पर हमला है, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था। मैं इसकी निंदा करती हूं।” बता दें कि इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के संदेशखाली ने देश भर का ध्यान तब खींचा था, जब महिलाओं के एक वर्ग ने तृणमूल कांग्रेस से निलंबित नेता शेख शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ जमीन हड़पने और यौन शोषण के आरोप लगाए थे औ उग्र विरोध प्रदर्शन किया था। रेखा पात्रा विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे थीं और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने वाली पहली महिला थीं। संदेशखाली कांड के जरिए भाजपा ने लोकसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी सरकार को घेरने की कोशिश की थी। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने रेखा पात्रा को बशीरहाट से उम्मीदवार बाया था। इसी लोकसभा क्षेत्र के तहत संदेशखाली भी आता है लेकिन भाजपा वहां से चुनाव नहीं जीत सकी।

राहुल गांधी के आर्टिकल पर उबला राजपरिवारों का खून, राहुल के इस लेख पर बीजेपी ने भी जमकर निशाना साधा

नई दिल्ली लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक आर्टिकल पर देश के राजपरिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है। राहुल के इस लेख पर बीजेपी ने भी जमकर निशाना साधा। अपने लेख में राहुल ने लिखा था कि ईस्ट इंडिया कंपनी तो खत्म हो गई लेकिन उसने जो डर पैदा किया था वह आज भी कायम है। राहुल गांधी के इस लेख पर भारत के तमाम राजपरिवारों के नेताओं ने उन पर निशाना साधा है। केंद्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस आर्टिकल को राहुल गांधी की अज्ञानता का परिचायक बताया तो वहीं राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी राहुल को जमकर खरी खोटी सुनाई। एक अखबार में छपे अपने लेख में राहुल गांधी ने लिखा है कि भारत को ईस्ट इंडिया कंपनी ने चुप करा दिया था। यह उनकी व्यापारिक ताकत नहीं थी बल्कि हमारे राजा महाराजाओं के दब्बूपने से हुआ। कंपनी ने हमारे दब्बू राजा महाराजाओं और नवाबों के साथ डील करके, उन्हें रिश्वत देकर और धमकाकर हमारा गला घोंट दिया। इस कारण से हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क का नियंत्रण कंपनी के हाथों में चला गया। हमने अपनी आजादी किसी दूसरे के हाथों ने नहीं खोई थी, बल्कि हमने इसे एक एकाधिकारवादी तंत्र के हाथों गंवाया था जो कि एक दमनकारी तंत्र चलाता था। राहुल गांधी के इस आर्टिकल पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने एक्स पर राहुल गांधी की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी भारत के पूर्व राजपरिवारों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। एकीकृत भारत, जिसमें आज हम रह रहे हैं वह सपना राजपरिवारों के बलिदान के कारण ही संभव हो सका है। ऐतिहासिक तथ्यों की आधी अधूरी व्याख्या के आधार पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरफ से निराधार हैं। यह पूरी तरफ से अस्वीकार्य हैं। उनकी अज्ञानता का का प्रदर्शन- सिंधिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल के आर्टिकल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई भी अधिकार नहीं है। भारत की समृद्ध विरासत के बारे में उनकी अज्ञानता ने उनकी औपनिविशिक मानसिकता की सभी सीमाओं को पार कर लिया है। राहुल में इतिहास के ज्ञान की कमी- यदुवीर वाडियार मैसूर ने भाजपा सांसद यदुवीर वाडियार ने कहा कि राहुल गांधी में इतिहास के ज्ञान की कमी है। उनका लेख भारतीय विरासत के संरक्षण के लिए उस समय की रियासतों द्वारा किए गए योगदान के प्रति उनकी अज्ञानता को दर्शाता है। लेख में उनके शब्दों के चयन की मैं कड़ी निंदा करता हूं। यह उनकी अज्ञानता है या फिर जानबूझकर बदनाम करने की साजिश?- विश्वराज सिंह मेवाड़ राजस्थान के नाथद्वार से भाजपा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने इस आर्टिकल के लिए राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्या यह राहुल गांधी की ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर अज्ञानता है या फिर गलतबयानी। यह फिर वह राजपरिवारों को बदनाम करने का एकाधिकार लिए बैठे हैं।

अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर मचे बवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी गई सरकार विकास के मुद्दों पर काम करने की बजाय भारत को जोड़ने की बजाय तोड़ने का प्रमाण दे रही है। मैं कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं से कहना चाहती हूं कि अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, ” जहां तक अनुच्छेद 370 की बहाली के मुद्दे का सवाल है, मुझे नहीं पता कि उमर अब्दुल्ला ने क्या बयान दिया है। लेकिन, अगर उनमें हिम्मत है, तो मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वह झारखंड और महाराष्ट्र में जाकर किसी भी मंच से यह बात बोल दें।” भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “  इंडी गठबंधन ने जो प्रस्ताव पारित किया है, उसके तहत वह जम्मू-कश्मीर में भारत के संविधान के खिलाफ एक नई जंग लड़ते दिख रहे हैं। आज मैं इंडी गठबंधन के नेताओं से पूछना चाहती हूं कि भारत की संसद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले जो सबको स्वीकार्य हैं, उसके निर्णय का अपमान और अवहेलना करने का अधिकार कांग्रेस और एनसी को देश में किसने दिया? मैं कांग्रेस, एनसी और इंडी गठबंधन के सभी नेताओं से पूछना चाहती हूं कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आदिवासी समाज को जो अधिकार मिले हैं, क्या कांग्रेस-एनसी सरकार उसके खिलाफ खड़ी होगी? दलितों और पिछड़े समाज को जो अधिकार मिले हैं, क्या उसके खिलाफ कांग्रेस-एनसी सरकार खड़ी होगी? कल का प्रस्ताव उग्रवाद और आतंकवाद के समर्थन में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं के रणनीतिक समर्थन को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत में हर नागरिक को ज्ञात है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद नागरिकों की मृत्यु में 80 प्रतिशत की कमी आई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी हुई है। लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी गई सरकार विकास के मुद्दों पर काम करने की बजाय भारत को जोड़ने की बजाय तोड़ने का प्रमाण दे रही है। मैं कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं से कहना चाहती हूं कि अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा। दरअसल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इंजीनियर राशिद के भाई और लेंगेट से विधायक खुर्शीद अहमद शेख द्वारा अनुच्छेद 370 पर बैनर दिखाए जाने के बाद हंगामा हुआ था। जिसके बाद भाजपा नेताओं और उनके बीच नोकझोंक हो गई। इतना ही नहीं नौबत हाथापाई तक आ गई। जिसके चलते मार्शलों को बीच-बचाव करने के लिए आना पड़ा। जिस वक्त सदन में हंगामा हो रहा था उस दौरान खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला वहां मौजूद थे।    

यासीन मलिक की पत्नी का राहुल गांधी को पत्र – ‘उसे जेल से निकालिए, वो जम्‍मू में शांति..

नई दिल्ली  जेल में बंद जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मुलिक ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक चिट्टी लिखी है। उन्होंने पत्र लिखकर कांग्रेस नेता से संसद में उनके पति के लिए बहस शुरू कराने की अपील की। मुशैल हुसैन के मुताबिक केवल उनके पति ही जम्मू एवं कश्मीर में शांति ला सकते हैं। मुशैल हुसैन का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में चल रही शांति प्रक्रिया में यासीन मलिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसकी दुर्दशा का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। मानवाधिकार और महिला सशक्तिकरण पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पूर्व सहायक मुशैल ने लिखा, “राहुल जी, यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए एक ताकत बन सकते हैं, बशर्ते उन्हें उचित मौका दिया जाए।” मुशैल ने पत्र में कहा, “मेरे पति के साथ चल रहा व्यवहार किसी यातना से कम नहीं है और मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि उन्हें न्याय दिलाने में हमारी मदद करें।” राहुल गांधी को लिखे पत्र में मुशैल ने अपने पति के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई का जिक्र किया, विशेष रूप से दशकों पुराने राजद्रोह के मामले का, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब मृत्युदंड की मांग की है। कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक ने टेटर फंडिंग के एक केस में मृत्युदंड की एनआईए की अपील को चुनौती दी है। एनआईए के आरोप 2017 में टेरर फाइनेंसिंग इन्वेस्टिगेशन से जुड़े हैं, जिसमें मलिक के साथ कई अन्य लोग शामिल थे। 2022 में मलिक को दोषी पाए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, मुशैल के अनुसार, मलिक की नजरबंदी और उसकी मौत की सजा की मांग ‘एक व्यापक राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।’ मुशैल ने दावा किया कि 2019 से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मलिक के साथ ‘अमानवीय’ व्यवहार कर रही है और उनके खिलाफ मुकदमे ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं। मुशैल ने पत्र में आरोप लगाया कि ‘मलिक पर 35 साल पुराने मामले में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मुकदमा चल रहा है और अब, उन्हें फांसी की सजा देने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।’ मुशैल ने आगे कहा कि उनके पति, जो कभी सशस्त्र संघर्ष की वकालत करते थे, ने सालों पहले हिंसा का त्याग कर दिया था फिर अहिंसा और शांति का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा, ‘यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में वास्तविक शांति का साधन बन सकते हैं, न कि दिखावटी शांति जिसका वादा किया गया है।’ मुशैल ने यह भी बताया कि 2 नवंबर से मलिक जेल में अपने साथ हुए कठोर व्यवहार के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मुशैल ने मलिक के स्वास्थ्य के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। कांग्रेस क्यों निशाने पर आ सकती है? ताज्जुब होता है न कि मिशाल मलिक ने अपने पति के लिए रहन की भीख भी किससे मांग रही है, कांग्रेस से। कांग्रेस पहले ही उसके पति की मनमोहन सिंह से 2006 वाली मुलाकात के बाद से बैकफुट पर रहती है, ऊपर से यह पत्र उसके लिए और मुसीबात बढ़ाने का काम करेगा। हालांकि न तो कांग्रेस और न ही राहुल गांधी ने इसका जवाब दिया है,लेकिन यह लेटर पार्टी का बीपी हाई करने वाला है। यासीन मलिक को किस मामले में सजा हुई है? यासीन मलिक इस समय दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। कश्मीरी अलगाववादी नेता और पूर्व उग्रवादी यासीन मलिक कश्मीर को भारत से काटने की बात करता था। 1990 के कश्मीर नरसंहार में उसका भी बड़ा हाथ है। यासीन मलिक को 25 मई 2022 को एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग के केस में उम्रकैद की सजा सनाई थी। एनआईए ने 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कई व्यक्तियों के खिलाफ आरोप दायर किए थे, जिनमें मलिक भी शामिल था। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष रहे यासीन मलिक पर 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर के रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के 40 कर्मियों पर हमले का बी आरोप है। उस हमले में 4 वायुसेना कर्मियों की जान चली गई थी। यासीन मलिक पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बहन रुबैया सईद के अपहरण और उसके बाद पांच आतंकवादियों को छोड़ने की घटना में भी आरोपी है। इसके अलावा तीन दशक पुराने राजद्रोह मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसके लिए मौत की सजा की मांग की है।   2006 की वो फोटो जो नहीं छोड़ती पीछा अब बात उस तस्वीर की जो 18 साल बाद भी कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ रही है। यह मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आतंकी यासीन मलिक के बीच हुई थी। यासीन की पत्नी मिशाल ने अपने पत्र में इस मुलाकात का भी जिक्र किया है। मिशाल मलिक ने लिखा कि यासीन मलिक विविधता में एकता के सच्चे शिष्य हैं, कश्मीरियत की आत्मा हैं। यह उनकी निर्मल अहिंसक विचारधारा थी, जिसने तत्कालीन भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को 17 फरवरी, 2006 को भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संवाद शुरू करने के लिए आमंत्रित किया था। यासीन ने शांति प्रक्रिया में अपना पूर्ण समर्थन देने का वादा किया था। 17 फरवरी 2006 को तब के पीएम मनमोहन सिंह ने यासीन मलिक को आमंत्रित किया था। दोनों की मुलाकात नई दिल्‍ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में हुई थी। यह मुलाकात जम्‍मू-कश्‍मीर के नेताओं, अलगाववादियों और अन्‍य संगठनों के साथ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत हुई थी। इस मुलाकात के दौरान कहीं से भी यासीन मलिक के चेहरे पर अपराधबोध नहीं था। उसने बड़ी गर्मजोशी से मनमोहन सिंह से मुसाकात की थी। हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई थी। जिस ठाठ बाट के साथ उसने यह मुलाकात की, उसी तरह वह मुलाकात के बाद भी था, बिल्कुल नवाबों की तरह अपनी कार में बैठा और चला गया। तब का दिन था और आज का दिन है, बीजेपी सहित कई पार्टियां इस फोटो को लेकर हमेशा कांग्रेस पर सवाल खड़ी करती आई हैं।    

दीपक जोशी की घर वापसी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की मौजदूगी में BJP में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र और पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने घर वापसी कर ली, यानि वे फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल हो गए हैं। आज उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। आपको बता  दें कि विधानसभा चुनाव से पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए थे और खातेगांव सीट से चुनाव लड़े थे जिसमें उन्हें 12,542 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। बता दें विधानसभा चुनाव के पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें वे 12542 वोटों से हार गए थे। 8 महीने पहले टल गई थी दीपक जोशी की भाजपा वापसी 8 महीने पहले पूर्व मंत्री दीपक जोशी फिर से भाजपा जॉइन करने वाले थे। उनका भोपाल के बीजेपी दफ्तर आकर घर वापसी का कार्यक्रम लगभग तय हो गया था। लेकिन आखिरी समय में ये कार्यक्रम टल गया था। दरअसल उस समय दीपक जोशी की भाजपा में वापसी को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। उस समय दीपक जोशी ने खुद दैनिक भास्कर से टेलीफोन पर चर्चा में कहा था – मैं तो सुबह का भूला हूं, शाम को घर लौट रहा हूं। मार्च में कहा था- कुछ लोगों ने पर्सनल इश्यू बना लिया 8 महीने पहले जब भाजपा में वापसी टली थी तब दैनिक भास्कर से चर्चा में दीपक जोशी ने कहा था- ‘कुछ लोगों ने मेरे मामले को पर्सनल इश्यू बना लिया है। मैं उन लोगों के नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं कांग्रेस में हूं। मेरे पास 9 मार्च को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का फोन आया था। उन्होंने 2 नेताओं के नाम लिए थे। कहा था कि आप इनसे माफी मांग लो। मैंने कहा कि पार्टी से माफी मांगनी हो, तो मैं तैयार हूं, लेकिन घर जाकर किसी व्यक्ति विशेष से माफी नहीं मांगूंगा। चूंकि मेरे ऊपर करीबियों की ओर से घरवापसी का दबाव था, इसलिए मैंने सहमति दे दी थी, लेकिन मैंने पहल नहीं की। पहल बीजेपी की ओर से की गई थी।’

राहुल गांधी अपने हालिया छपे लेख को लेकर निशाने पर राजपरिवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीया कुमारी ने घेरा

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इस बार वह अपने एक आर्टिकल के कारण चर्चा में हैं, जो एक अखबार में पब्लिश हुआ है और कहा जा रहा है, इस लेख में नेता प्रतिपक्ष ने राज परिवारों पर निशाना साधा है. इस लेख को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है और देश के राज परिवारों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. सोशल मीडिया पर इस लेख को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. राहुल गांधी ने क्या लिखा, जिस पर है आपत्ति? राहुल गांधी ने लेख में लिखा है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की आवाज अपनी व्यापारिक शक्ति से नहीं बल्कि अपने शिंकजे से कुचली थी. ‘ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के राजा- महाराजाओं को डराकर-धमकाकर और उन्हें घूस देकर भारत पर राज किया. उन्होंने यह भी लिखा कि, ईस्ट इंडिया कंपनी खत्म हो गई लेकिन उसने जो डर पैदा किया था, वह फिर से दिखाई देने लगा है. एकाधिकारवादियों की एक नई पीढ़ी ने उसकी जगह ले ली है.’ कंपनी ने हमारे अधिक लचीले महाराजाओं और नवाबों के साथ साझेदारी करके, रिश्वत देकर और धमकाकर भारत का गला घोंटा. इसने हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क को नियंत्रित किया. हमने अपनी आजादी किसी अन्य राष्ट्र से नहीं खोई; हमने इसे एक एकाधिकारवादी निगम से खो दीया जिसने एक जबरदस्ती तंत्र चलाया.’ क्या बोलीं डिप्टी सीएम दिया कुमारी? राहुल गांधी के इस आर्टिकल पर विवाद खड़ा हो गया है.  राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने इस लेख की कड़ी निंदा करते हुए प्रतिक्रिया दी है और एक्स पर लिखा. ‘मैं आज एक संपादकीय में भारत के पूर्व शाही परिवारों को बदनाम करने के राहुल गांधी के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं. एकीकृत भारत का सपना भारत के पूर्व राजपरिवारों के सर्वोच्च बलिदान के कारण संभव हो सका है, ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों की आधी-अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाए गए निराधार आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.’ ‘छवि खराब कर रहे हैं राहुल गांधी’ राजस्थान की डिप्टी CM दिया कुमारी ने सख़्त एतराज़ जताया है. दिया कुमारी ने कहा है कि राहुल गांधी इतिहास की ग़लत व्याख्या कर देश के रजवाड़ों की छवि ख़राब कर रहे हैं. राजा-महराजाओं के योगदान के बिना अखंड भारत की कल्पना नहीं की जा सकती हैं. वह बेकार की बातें कर रहे हैं. राजा-महाराजाओं ने आज़ादी के लड़ाई में अपना अमूल्य योगदान दिया है. ग़ौरतलब है कि दीया कुमारी के पिता महाराजा भवानी सिंह कांग्रेस पार्टी के नेता थे और जयपुर से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं. राजस्थान में अभी अलवर राजघराने के पूर्व महराज भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस के महासचिव है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा वहीं ग्वालियर के शाही परिवार सिंधिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं है. भारत की समृद्ध विरासत के बारे में राहुल की अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक मानसिकता ने सभी हदें पार कर दी हैं. ‘अगर राहुल गांधी वास्तव में देश का उत्थान करना चाहते हैं, तो उन्हें भारत माता का अपमान बंद कर, असली भारतीय नायकों के बारे में जानना चाहिए. महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेनम्मा, और रानी वेलु नचियार जैसे योद्धाओं ने स्वतंत्रता के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया था. भारत की विरासत का संबंध केवल “गांधी” नाम से नहीं है. भारतीय इतिहास का आदर करें, अन्यथा उसके बारे में बोलकर बेतुके दावे न करें.’  

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