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कांग्रेस के LoP पद पर संकट, ठाकरे से 1 सीट को लेकर रार, पीछे हटने की अपील

मुंबई  महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी और केरल विधायक रमेश चेन्नीथला ने ठाकरे से बात की थी। उन्होंने ठाकरे से कहा कि यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए, जिसके बदले में शिवसेना यूबीटी को एमएलसी सीट दी जाएगी। खास बात है कि राज्यसभा सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। इसपर नतीजों का ऐलान 16 मार्च को होगा। इन नेताओं का पूरा हो रहा कार्यकाल अप्रैल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए एमवीए संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है। क्या बात हुई रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चेन्नीथला ने ठाकरे को बताया कि महाराष्ट्र की यह एकमात्र सीट कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर कांग्रेस को यह सीट नहीं मिलती है, तो संभावनाएं हैं कि पार्टी नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा गंवा सकती है। सूत्र ने कहा, ‘राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए किसी भी विपक्षी दल को कुल सीटों का 10 फीसदी या कम से कम 25 सदस्य रखने होते हैं। मौजूदा स्थिति है कि कांग्रेस के पास संख्या बल 27 का है, लेकिन कई सांसद ऐसे हैं जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।ऐसे में 25 का आंकड़ा बनाए रखना चुनौती हो सकता है। ऐसे में एक राज्यसभा सीट भी अहम साबित हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके चलते कांग्रेस नेतृत्व ने उद्धव ठाकरे से इस मुद्दे पर नहीं अड़ने का अनुरोध किया है। इसके बदले में कांग्रेस शिवसेना यूबीटी को एक एमएलसी सीट देने के लिए तैयार है।’ MVA के तीनों दलों की नजर खास बात है कि इस सीट पर महाविकास अघाड़ी के तीनों बड़े दलों की नजर है। एक ओर जहां आदित्य ठाकरे ने एक पोस्ट में कहा, ‘राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में कोई गतिरोध नहीं है; सभी दल एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हमने एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्यात्मक ताकत और एमवीए के लिए तय ‘रोटेशन’ नीति के अनुसार इस सीट पर शिवसेना यूबीटी को चुनाव लड़ना चाहिए।’ वहीं, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी इस सीट से चुनाव लड़ने के अपने दावे पर अडिग है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है और विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिए जाएंगे। इधर, वरिष्ठ राजनेता शरद पवार भी इस सीट के दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। खबर है कि उनकी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने गठबंधन के साथियों से पिता का समर्थन करने की अपील की है। किसके पास कितनी संख्या शिवसेना यूबीटी के पास 20, कांग्रेस के पास 16 और राकंपा शरद पवार के पास 10 विधायकों का समर्थन है। हाल ही में शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि 16 मार्च को होने वाले चुनावों से पहले राज्यसभा की एकमात्र सीट को लेकर एमवीए के भीतर चर्चा हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते शिवसेना यूबीटी का रुख इस फैसले के लिए अहम होगा।

राहुल की कोशिशें नाकाम, भूपेन बोरा भाजपा में जाएंगे; घर आकर CM हिमंत से की मुलाकात

गुवाहाटी  असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे को लेकर नया ट्विस्ट नजर आ रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने  दावा किया कि 22 फरवरी को भाजपा ज्वॉइन करेंगे। उन्होंने यह भी कहाकि उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी भाजपा में आएंगे। बता दें कि सोमवार को भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में शीर्ष नेतृत्व के मनाने पर उन्होंने अपने फैसले पर फिर से विचार करने की बात कहते हुए इस्तीफा वापस ले लिया था। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाया था। लेकिन मंगलवार को उनके भाजपा जॉइन करने की बातें होने लगीं। हिमंत बोले उनके लिए घरवापसी हिमंत ने अपने बयान में कहाकि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहले ही उनकी जॉइनिंग अप्रूव कर दी है। भाजपा में उनका स्वागत है। उन्होंने कहाकि भूपेन बोरा को वह सभी सम्मान दिया जाएगा, जिसके वह हकदार हैं। भाजपा से जुड़ना उनके लिए घरवापसी जैसा होगा, क्योंकि यह उनके जैसे लोगों की ही पार्टी है, जो अपने पिता की विरासत वाली सियासत नहीं करते हैं। इससे पहले सरमा, गुवाहाटी के घोरमारा इलाके में बोरा के आवास पर गए, जहां उनकी पत्नी और बेटे ने मुख्यमंत्री की आरती की और स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बोरा के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं और वादा किया था कि वह उन्हें विधानसभा चुनाव में सुरक्षित सीट से जीतने में मदद करेंगे। दिन में क्या बोले थे भूपेन बोरा वहीं, आज दिन में कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि वह केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूछे जाने पर मंगलवार रात तक इस बारे में अपना अंतिम निर्णय घोषित करेंगे कि वह इस्तीफा वापस लेंगे या नहीं। बोरा ने आज सुबह पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले वह अपने शुभचिंतकों, करीबी सहयोगियों और लखीमपुर जिले के लोगों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करना चाहेंगे, जहां से वह ताल्लुक रखते हैं। बोरा ने बिना नाम लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि वह असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) में रहने को तैयार हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं, जो स्पष्ट रूप से पार्टी के धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन की ओर इशारा था। उन्होंने कहाकि मैंने अपने त्यागपत्र में भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है। आरोप भी लगाया था बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके नाम का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया गया। हुसैन के धुबरी लोकसभा सीट से चुने जाने के बाद समागुरी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। पार्टी का टिकट उनके बेटे तंजील हुसैन को दिया गया था, जो भाजपा के दीप्लू रंजन शर्मा से चुनाव हार गए थे। बोरा ने दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में, कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का विरोध किया था और मैंने इस संबंध में पार्टी आलाकमान को कई बार पत्र लिखा था। चुनावों के बाद, गठबंधन खत्म हो गया और पिछले लोकसभा चुनाव में हुसैन को इसका सबसे बड़ा फायदा हुआ, उन्होंने एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल को रिकॉर्ड अंतर से हराकर सीट जीती।

भोपाल कोर्ट ने राहुल गांधी को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भोपाल कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है। कोर्ट ने राहुल को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए हैं। 9 मई को राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वो हाजिर नहीं हुए थे। यह मामला 2018 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने झाबुआ की एक चुनावी रैली में कहा था कि शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स लीक में है। बाद में शिवराज पर की गई टिप्पणी वापस ले ली गई, लेकिन कार्तिकेय पर बयान बरकरार रखा। जिसे कार्तिकेय ने इसे झूठा और मानहानि करने वाला बताया था। बयान के बाद कार्तिकेय ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था।

राहुल गांधी को मंत्री सारंग ने कहा आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता ….

भोपाल  राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है , महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद से राहुल गांधी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय राहुल अमेरिका दौरे पर हैं और उन्होंने एक बार फिर वहां भारत के चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को एमपी के मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब दिया है सारंग ने कहा आप चुने हुए सांसद है, आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है, बता दें राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाई और भारत की चुनाव प्रक्रिया की बुराई की है वहीं दिग्विजय सिंह ने मस्जिद के सामने से हिंदू जुलूस पर सवाल उठाये हैं और खड़गे ने नेशनल हेराल्ड केस में भाजपा पर निशाना साधा है। बोस्टन में राहुल ने फिर उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बोस्टन शहर के दौरे पर पहुंचे वहां उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से बात करते हुए महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने युवा थे, उससे ज्यादा वोट डाले गए, ये एक सच्चाई है, हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े मिले थे, लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब वोटिंग बंद हो जानी चाहिए थी, उस समय 65 लाख लोगों ने वोट डाला। चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने आगे कहा  ये शारीरिक रूप से मुमकिन ही नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं, और यदि इसका हिसाब लगाएं तो मतलब ये है कि रात 2 बजे तक लोग लाइन में लगे रहे और पूरी रात वोटिंग चलती रही, जोकि सच नहीं है ऐसा हुआ ही नहीं, उन्होंने कहा हमारे लिए ये स्पष्ट था कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता कर लिया है, सिस्टम में कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है, ये बिल्कुल साफ दिख रहा है, हमने यह बात खुलकर कही है और मैंने खुद कई बार यह बात दोहराई है। सारंग ने राहुल गांधी पर किया पलटवार राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि फिर राहुल गांधी का बचपना सामने आया है वे हमेश अंतर राष्ट्रीय मंच पर भारत का अपमान करते हैं वे भूल जाते हैं कि उन्हें यदि वहां बोलने का मौका मिल रहा है तो एक सांसद के तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपकी निजी कोई पहचान नहीं है। भारत को विदेश में बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए सारंग ने कहा  वहां जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए, आप विपक्ष में है सरकार की आलोचना कीजिये लेकिन भारत में कीजिये विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना अपमानित करना देश द्रोह की श्रेणी में आता है, हो सकता है अप मीडिया की सुखियों में आने के लिए ये सब बोलते हैं लेकिन इससे भारत के मान सम्मान कम होता है। सारंग का सवाल , राहुल, प्रियंका, सोनिया संसद कैसे पहुंच गए सारंग ने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है तो राहुल गांधी संसद में कैसे पहुंच गए? प्रियंका गांधी कैसे पहुंच गई, सोनिया गांधी कैसे लगातार सांसद चुनी जाती रहीं, कांग्रेस इतनी सीटें कैसे जीते गई? अपनी हार का ठीक किसी और पर फोड़ना बचपना ही है, इसलिए वे इस तरह की बातों को करना बंद करें। गुना एसपी को हटाने की वजह बताई दिग्विजय सिंह ने गुना के एसपी को हटाये जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया और भाजपा पार्षद पर कार्रवाई होने की वजह से एसपी को हटाया गया है उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा पार्षद पहले भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बचा लिया, उन्होंने कहा मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है। भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता दिग्विजय के बयान पर सारंग ने पलटवार करते हुए कहा दिग्विजय सिंह भारत में पाकिस्तान की भाषा ना बोले, क्या हिन्दुओं का जुलूस मस्जिदों के सामने से नहीं निकलेग?  तुष्टिकरण की राजनीति करना, सनातन विरोधी मानसिकता के साथ जीवन जीना मियां दिग्गी की आदत है , इसलिए वे पूरे देश में बदनाम हैं।  उन्होंने कहा भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता। नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? उधर नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई कह रहे हैं, सारंग ने इस पर प्रहार करते हुए कहा नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मामले की बात कर रहे हैं वो 2012 में शुरू हुआ, नेशनल हेराल्ड का सच जनता के सामने है।  

इलाहाबाद हाईकोर्ट राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सख्त, केंद्र सरकार को स्पष्ट रिपोर्ट दस दिन में देने का आदेश दिया

लखनऊ कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह दस दिनों में इस सम्बन्ध में याची की ओर दाखिल प्रत्यावेदन को निस्तारित करें और नागरिकता को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट दें। अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया है। पिछली सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडे ने अदालत को बताया था कि याची के शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, संबंधित मंत्रालय ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के बारे में विवरण मांगते हुए ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखा है और इसलिए सरकार को शिकायत पर निर्णय लेने के लिए समय चाहिए। उल्लेखनीय है कि मामले में याची की ओर से दलील दी गई है कि उसके पास तमाम दस्तावेज और ब्रिटिश सरकार के कुछ ई-मेल हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि राहुल गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं और इस कारण से वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लोकसभा सदस्य का पद नहीं धारण कर सकते। इसी आधार पर याची ने राहुल गांधी की सांसद पद पर बने रहने के खिलाफ अधिकार पृच्छा रिट जारी करने का आदेश देने की भी मांग की है। इसके साथ ही याचिका में राहुल गांधी के इस प्रकार से दोहरी नागरिकता धारण करने को भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत अपराध बताते हुए, सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश देने की भी मांग की गई है। याची का यह भी कहना है कि उसने दोहरी नागरिकता के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी को दो-दो बार शिकायतें भेजीं लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने पर वर्तमान याचिका दाखिल की गई है।

हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीडी सावरकर मानहानि मामले में राहत देने से इनकार किया

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीडी सावरकर मानहानि मामले में राहत देने से इनकार किया, जो लखनऊ में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित है।गांधी ने पिछले साल दिसंबर में उन्हें आरोपी के तौर पर समन करने के अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में गांधी ने सेशन कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसमें शिकायतकर्ता एडवोकेट नृपेंद्र पांडे द्वारा जून 2023 में उनकी शिकायत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को अनुमति दी गई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि गांधी के पास CrPC की धारा 397 (BNSS की धारा 438) के तहत सेशन जज के समक्ष जाने का उपाय उपलब्ध है। इसे देखते हुए न्यायालय ने उनकी याचिका का निपटारा किया। जैसा कि बताया गया, गांधी को पिछले साल दिसंबर में अभियुक्त के रूप में अदालत ने तलब किया, जिसमें पाया गया कि गांधी ने अपने भाषण के माध्यम से और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाषण से पहले विचलित करने वाले पर्चे के माध्यम से समाज में नफरत और दुर्भावना फैलाई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सावरकर अंग्रेजों के सेवक थे और उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली। एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिविजन)/एसीजेएम, लखनऊ, आलोक वर्मा ने दिसंबर में पारित अपने आदेश में कहा, “प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से छपे पर्चे और पर्चे बांटना दर्शाता है कि राहुल गांधी ने समाज में नफरत और दुश्मनी फैलाकर राष्ट्र की बुनियादी विशेषताओं को कमजोर और अपमानित किया।” यह आदेश एडवोकेट पांडे द्वारा दायर शिकायत मामले पर पारित किया गया, जिसमें दावा किया गया कि गांधी ने समाज में नफरत फैलाने के इरादे से राष्ट्रवादी विनायक दामोदर सावरकर को अंग्रेजों का सेवक कहा, और कहा कि उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली थी। याचिका में कहा गया, “राष्ट्रवादी विचारधारा के महान नेता कांतिवीर दामोदर स्वतंत्रता के इतिहास में निर्भीक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत माता को उनकी गुलामी से मुक्त कराने के लिए अंग्रेजों के अमानवीय अत्याचारों को सहन किया और गांधी जी ने सावरकर जी के प्रति हीन भावना फैलाने के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया और घृणास्पद बातें कहीं।”  

मध्य प्रदेश कांग्रेस में होगा बड़ा बदलाव, कांग्रेस लांच करेगी नया प्रोजेक्ट, राहुल गांधी करेंगे मॉनिटरिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश में कांग्रेस बड़े परिवर्तन की तरफ आगे बढ़ रही है. आला कमान ने देशभर में 2 राज्यों में एक बड़ा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इनमें में से एक राज्य मध्य प्रदेश भी है. अब पार्टी ग्रामीण स्तर पर पंचायत कांग्रेस कमेटी और शहरी क्षेत्र में मोहल्ला और कॉलोनी कमेटियों का गठन करने जा रही है ताकि हर घर में कांग्रेस की पहुंच हो. कांग्रेस को यह बड़ा फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि लंबे अरसे से मध्य प्रदेश में पार्टी सत्ता से दूर है और लोकसभा के चुनाव में भी भाजपा ने यहां 29 सीटों पर क्लीन स्वीप किया. इस प्रोजेक्ट के लिए दूसरे राज्य के तौर पर गुजरात को चुना गया है. वहां पर भी परिस्थितियों कुछ इसी तरीके की हैं. मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब संगठनात्मक पदों को ताकतवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. प्रदेश में अब ब्लॉक और जिला अध्यक्ष को संगठनात्मक ढांचे में विधायक से बड़ा माना जाएगा. प्रदेश में कई जिलों में बड़े परिवर्तन भी होंगे. कई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को बदला जाएगा कांग्रेस ने इसके लिए प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. भोपाल ,उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ पार्टी में ग्रामीण स्तर तक परिवर्तन देखने मिलेंगे. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक करेंगे. अधिवेशन में घोषित होंगी कमेटी मध्य प्रदेश में कांग्रेस जल्द एक बड़ा अधिवेशन करने की तैयारी में है जिसमें पंचायत और मोहल्ला- कॉलोनी कांग्रेस कमेटीयों की घोषणा की जाएगी. इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. कांग्रेस में फ्रेंचाइजी सिस्टम वहीं जमीन से प्रदेश संगठन को खड़ा करने में जुटी कांग्रेस की तैयारी पर तंज कसते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. जहां पर फ्रेंचाइजी पॉलिसी चलती है. अभी मध्य प्रदेश की फ्रेंचाइजी जीतू पटवारी के पास है तो वह जैसा चाह रहे हैं वैसा हो रहा है. इससे धरातल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है. आलाकमान के साथ कई दौर की बैठक मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए पीसीसी ने स्ट्रक्चर बनाकर एआईसीसी को भेजा था जिस पर पार्टी आला कमान की मोहर लग चुकी है. इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कई दौर की मुलाकात शीर्ष पदाधिकारीयों, पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी और अन्य नेताओं से हो चुकी है. कांग्रेस की माने तो जल्द ही इस प्रोजेक्ट के नतीजे दिखने लगेंगे, एक नई कांग्रेस मध्यप्रदेश में खड़ी होगी.

राहुल गांधी अपने बयान को लेकर फिर मुश्किल में फंसे, संभल कोर्ट ने भेजा नोटिस

संभल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं. संभल की कोर्ट ने राहुल गांधी को 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का नोटिस भेजा है. पूरा मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं बल्कि इंडियन स्टेट के साथ है. हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 15 जनवरी को बयान दिया था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडिया स्टेट से है. सिमरन गुप्ता ने इस बयान को भारतीयों की भावनाएं भड़काने वाला बताया और अधिकारियों से शिकायत की थी. अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर, सिमरन गुप्ता ने 23 जनवरी को संभल के चंदौसी जिला कोर्ट में मामला दर्ज कराया. एडीजे सेकंड कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. राहुल गांधी का बयान संविधान के प्रति अनादर सिमरन गुप्ता का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भारतीय संविधान के प्रति अनादर को दर्शाता है. साथ भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता के लिए भी खतरा है. सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर हिंदुओं के खिलाफ बयान देकर उनकी भावनाएं भड़काने का भी आरोप लगाया है. 4 अप्रैल को पेश होने का आदेश बता दें कि सिविल जज सीनियर डिवीजन विशेष न्यायाधीश (एमपी एमएलए कोर्ट) ने सिमरन गुप्ता के प्रार्थना पत्र को ख़ारिज कर दिया था. जिसके बाद सिमरन गुप्ता ने अपने वकील सचिन गोयल के माध्यम से जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दायर किया. जिस पर एडीजे सेकेंड निर्भय नारायण राय की अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है.

राहुल गांधी को भोपाल अदालत का समन, 9 मई को पेश होने के आदेश, मामला मानहानि से जुड़ा हुआ

भोपाल जिला कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समन भेजा है। राहुल गांधी पर 2018 के मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के दौरान मानहानि का आरोप है। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान के खिलाफ पनामा पेपर्स में नाम होने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने उन्हें 9 मई को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला झाबुआ में हुई एक चुनावी रैली से जुड़ा है। झाबुआ की रैली में लगाए थे आरोप राहुल गांधी ने झाबुआ में एक रैली को संबोधित किया था। इस रैली में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान पर पनामा पेपर्स लीक में नाम आने का आरोप लगाया था। बाद में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान पर लगे आरोपों को वापस ले लिया, लेकिन कार्तिकेय चौहान पर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कोई सफाई नहीं दी। इसी बात पर कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। कार्तिकेय ने लगाए थे आरोप कार्तिकेय चौहान का कहना है कि 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ की रैली में राहुल गांधी ने उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए। इन बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। यह मामला अब तक अनरजिस्टर्ड था, लेकिन अब कोर्ट ने इसे दर्ज कर लिया है और राहुल गांधी को समन जारी किया है। भोपाल के न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने यह समन जारी किया है। राहुल गांधी को 9 मई को कोर्ट में पेश होना होगा। शिवराज पर दिए बयान को लिया वापस राहुल गांधी ने रैली में कहा था कि ‘केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स में है।’ हालांकि बाद में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर दिए गए बयान को वापस ले लिया। लेकिन कार्तिकेय चौहान पर कही गई बात को नहीं बदला। कार्तिकेय ने मामला कराया था दर्ज इस पर कार्तिकेय ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था.कार्तिकेय का आरोप है कि 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ की रैली में राहुल गांधी ने झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे.इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.मामला अब तक अनरजिस्टर्ड था,लेकिन कोर्ट ने इसे दर्ज कर लिया है. कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी कर अब पेश होने को कहा है.राहुल गांधी को समन न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने जारी​ किया है.

कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप! सोनिया गांधी को गंगा में स्नान करते हुए देखा गया था

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के द्वारा महाकुंभ को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया था। इसके बावजूद उनकी पार्टी के कई नेताओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद लोगों की नजर गांधी परिवार के अगले कदम पर जा टिकी है। आपको बता दें कि एक रैली के दौरान खरगे ने यह सवाल उठाया था कि क्या गंगा में पवित्र स्नान करने से देश में गरीबी समाप्त हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उनका दावा था कि उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना के लिए ऐसे बयान दिए थे। उनके बयान के बीच INDIA गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव और उनकी पत्नी ने सबसे पहले कुंभ में स्नान किया। हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, उनके बेटे, राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट सहित कई कांग्रेसी स्नान करने के लिए प्रयागराज की यात्रा कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह और उनके बेटे, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सचिन पायलट ने कुंभ में जाकर स्नान किया। इन सभी नेताओं को यह समझ है कि ‘हिंदू आस्था’ एक ऐसा विषय है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जो गलती हुई थी, उसे दोहराया नहीं जा सकता। आपको बता दें कि कांग्रेस ने इसे सरकारी आयोजन कहकर छोड़ दिया था। हालांकि पार्टी ने बाद में मंदिर जाने का दावा किया था, लेकिन अब तक कोई प्रमुख नेता अयोध्या में नहीं दिखाई दिए हैं। कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप हैं। 2001 में सोनिया गांधी को गंगा में पवित्र स्नान करते हुए देखा गया था। उस समय भाजपा उनके धर्म और उनकी जाति को लेकर सवाल उठाती थी। आपको बता दें कि इंदिरा गांधी हिंदू थीं और हमेशा ‘रुद्राक्ष’ पहनती थीं।

राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई , वो जमानती अपराध, क्या जाएगी सांसदी

नई दिल्ली संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड के बाद बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बीजेपी ने हत्या की कोशिश का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115 और 117 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। दरअसल, गुरुवार सुबह संसद में अमित शाह द्वारा आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बीजेपी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस और बीजेपी सांसद आमने-सामने आ गए और प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। भाजपा ने राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। संसद में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उनके द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने को लेकर है यह शिकायत हुई है। इसमें विस्तार में बताया है कि आज घटनाक्रम जो हुआ, जहां एनडीए के सांसद शांतिपूर्वक तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगैंडा को बेनकाब कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी अपने गठबंधन के सांसदों के साथ उस तरफ कूच करते हैं। जब सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग कहते हैं कि ये संसद में जाने का रास्ता है तो जिस तरह का राहुल गांधी का रवैया था, उन्होंने गुस्सा दिखाया। इस परिवार को अपने आप को कानून से ऊपर मानने की आदत पड़ गई है। बीजेपी की महिला सांसद ने भी लगाया गंभीर आरोप वहीं, बीजेपी की नगालैंड से महिला सांसद फांनोन कोन्याक ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बेहद करीब आकर खड़े हो गए, जिससे मैं असहज हो गई थी। हम बेहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी आए और मेरे ऊपर चिल्लाने लगे। किसी महिला सांसद पर इस तरह चिल्लाना राहुल को शोभा नहीं देता है। मैं बहुत दुखी हूं और सुरक्षा चाहती हूं। राहुल की गिरफ्तारी में हायर अथॉरिटी से लेनी होगी परमिशन अनिल सिंह कहते हैं कि पुलिस इस मामले में सीरियस धाराओं में केस रजिस्टर नहीं करेगी। यह सिंपल मारपीट का मामला बनेगा। इन सब मामले में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि, राहुल गांधी को गिरफ्तार करने के मामले में हायर अथॉरिटी से परमिशन लेने की जरूरत है। अगर, ये तय हो जाए कि इससे शांति भंग हो सकती है और दंगे भड़क सकते हैं। ऐसे में पुलिस राहुल को अरेस्ट कर सकती है। केस दर्ज हुआ तो 7 साल तक की हो सकती है जेल एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, राहुल पर जो भी केस दर्ज होगा, वो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार होगा। पहले इंडियन पीनल कोड की धारा 151 के तहत जो केस दर्ज होता। वह अब BNS के 189(5) के तहत दर्ज होगा। यानी इसके तहत 5 से अधिक लोग गैरकानूनी तरीके से एक जगह जुटते हैं तो यह केस दर्ज होगा। सिंपल चोट लगने पर 115(2) और गंभीर चोट लगने पर 117(2) लगेगा। इन दोनों ही मामलों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदर्शन शाह के खिलाफ, चोट दूसरे सांसद को, ये जमानती अपराध सु्प्रीम कोर्ट में एडवोकेट अलिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, धक्का-मुक्की के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी, वो जमानती अपराध होंगे। दरअसल, राहुल गांधी अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर किसी दूसरे सांसद को चोट लगती है तो यह संज्ञेय यानी जानबूझकर किया गया अपराध नहीं होगा। ऐसे अपराध में उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है। अगर, यही चोट अमित शाह को लगती तो यह माना जाता कि राहुल ने जान-बूझकर यह अपराध किया होगा। तब उन पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हो सकता था। सिंपल धाराओं में केस दर्ज तो 1 सााल तक की सजा वहीं, जान से मारने की धमकी या कोशिश पर बीएनएस की धारा 110 के तहत केस दर्ज होगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। तुम्हारा जो है! वहीं, बीएनएस की धारा 115(2) के तहत सामान्य केस दर्ज हुआ तो 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, ये भी जमानती ही होगा। संसद के सदस्यों को ये मिले हैं विशेषाधिकार, राहुल को भी मिले संसद के सदस्यों को ये विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इनमें है-संसद में बोलने की स्वतंत्रता। संसद या उसकी किसी समिति में कुछ कहने या वोट देने पर सदस्य को अदालत में किसी भी कार्यवाही से छूट। संसद से प्रकाशित किसी रिपोर्ट, कागजात या कार्यवाही पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ये भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं संसद की कार्यवाही की वैधता को लेकर अदालतों की ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। संसद की कार्यवाही को बनाए रखने के लिए जो अधिकारी या सांसद शक्तियों का प्रयोग करते हैं, वे अदालत के अधिकारक्षेत्र से बाहर होते हैं। संसद की कार्यवाही से संबंधित किसी सत्य रिपोर्ट का समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर उसे किसी न्यायिक कार्यवाही से छूट दी जाती है, जब तक यह साबित न हो कि यह बदनीयती से किया गया है। हालांकि, किसी भी ऐसे मामले में वीडियो सबूत जरूरी होता है।

भाजपा सांसद प्रताप सारंगी संसद में सीढ़ियों से गिरे, बोले- राहुल गांधी ने धक्का दिया

 नई दिल्ली बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी संसद में चोटिल हो गए हैं। सारंगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है।सारंगी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया जो मेरे ऊपर गिर गए जिसके बाद मैं नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था जब राहुल गांधी आए और एक सांसद को धक्का दिया। राहुल गांधी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने मुझे रोका, मुझे सदन के भीतर जाने से रोका गया। मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे धमकाया गया। बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को लेकर विवाद जारी है। विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी नीली कपड़े पहनकर पहुंचे। इस घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रह्लाद जोशी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए हैं. प्रताप सांरगी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल पहुंच गए हैं. – संसद परिसर में बीजेपी सांसद से धक्का-मुक्की की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी गई है. – बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रताप सारंगी का हालचाल जाना. अस्पताल से आने के बाद पात्रा ने बताया कि फिलहाल प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत आईसीयू में हैं. दोनों का बहुत खून बह गया है. उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. – केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी सामंतवादी हैं. सामंतवादी राहुल ने धक्का दिया. ये देश उनकी जागीर नहीं है. ये परिवार करना क्या चाहता है. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में धक्का मुक्की को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी से सवाल करना चाहता हूं कि ये शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करने की जगह नहीं है. अगर सब लोग अपनी ताकत का प्रदर्शन करने लगेंगे तो संसद कैसे चलेगी? पहलवानी दिखाने का क्या मतलब है? ये कराटे या कुंगफू की जगह नहीं है. ये किसी राजा की निजी संपत्ति नहीं है बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है. यह स्मार्टनेस दिखाने की जगह नहीं है. संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल ने शारीरिक ताकत दिखाई है. ये बॉक्सिंग का अखाड़ा नहीं है. मैं राहुल गांधी का धिक्कार करता हूं. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल गांधी को सांसदों के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. – सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रताप सारंगी मामले में बीजेपी प्रोटेस्ट के वीडियो खंगाल रही है. धक्के के आरोप को वेरिफाई करने के लिए अगर राहुल द्वारा बीजेपी सांसद को धक्का देने का वीडियो मिलता है तो बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करा सकती है. – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं. प्रताप सिंह सारंगी का हाल-चाल जानने मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कैमरे में सब कैद है. मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था. बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया. खड़गे जी को भी धक्का दिया. हमें धक्का-मुक्की से हमें कुछ नहीं होता है. बीजेपी रे सांसद हमें संसद में जाने से नहीं रोक सकते. राहुल ने कहा कि मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि ये संसद का एंट्रेंस हैं. बीजेपी के सांसद मुझे धकेल रहे थे, धमका रहे थे. बीजेपी के सांसदों ने एंट्रेंस रोक दी. वे मुझे लगातार धक्का दे रहे थे और धमका रहे ते. अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन कर रही कांग्रेस इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हां किया है, ठीक है.. धक्का मुक्की से कुछ होता नहीं है.  मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. बता दें कि इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे.

PMML का राहुल को लेटर- नेहरू के डॉक्यूमेंट्स लौटाएं, 2008 में सोनिया ने म्यूजियम से मंगवाए थे

नई दिल्ली भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्र लौटाने के लिए सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखा गया है। यह पत्र PMML यानी प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय की ओर से लिखा गया है। हालांकि, अब तक इसे लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खबर है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास इन पत्रों को करीब 16 साल पहले पहुंचाया गया था। 10 दिसंबर को PMML के सदस्य रिजवान कादरी की ओर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे अपील की गई है कि सोनिया गांधी की तरफ से वापस बुलाए गए ओरिजिनल लेटर लौटाएं या उनकी फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी दाखिल करें। खास बात है कि सितंबर में भी सोनिया गांधी से पत्र लौटाने का अनुरोध किया गया था। साल 1971 में इन पत्रों को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (अब PMML) में जमा कराए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर साल 2008 में 51 बॉक्स में ये लेटर वापस सोनिया गांधी को भेज दिए गए थे। खास बात है कि तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली UPA सरकार थी। पंडित नेहरू के पत्र इन पत्रों में नेहरू समेत इतिहास के कई बड़े नामों के बीच संवाद हैं। इनमें एडविना माउंटबेटन, एल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसिफ, बाबू जगजीवन राम, गोविंद वल्लभ पंत समेत कई लोग शामिल हैं। PMML की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है, ‘हम समझते हैं कि ये पत्र नेहरू परिवार के लिए निजी महत्व रख सकते हैं। हालांकि, PMML का मानना है कि ऐतिहासिक सामग्री तक… आसान पहुंच बनाना स्कॉलर्स और रिसर्चर्स की काफी मदद कर सकता है।’ रिजवान कादरी ने चिट्ठी में क्या लिखा? कादरी ने अपनी चिट्टी में आगे लिखा है,  2008 में तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुरोध पर इन दस्तावेजों का एक संग्रह पीएमएमएल से वापस ले लिया गया था। हम समझते हैं कि ये दस्तावेज ‘नेहरू परिवार’ के लिए व्यक्तिगत महत्व रखते होंगे। मगर पीएमएमएल का मानना है कि ये ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज हैं और इन तक पहुंच आवश्यक है। सोनिया गांधी से भी की थी लेटर लौटाने की मांग कादरी ने  बातचीत में बताया कि सितंबर 2024 में भी मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि 2008 में नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय से वापस लिए गए 51 डिब्बों को लौटा दिए जाएं या हमें उन्हें देखने और स्कैन करने की अनुमति दी जाए या फिर उनकी एक प्रति हमें प्रदान की जाए ताकि हम उनका अध्ययन कर सकें। इस पर अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। तो मैंने विपक्ष के नेता और उनके बेटे राहुल गांधी से उन्हें वापस लाने में हमारी मदद करने का अनुरोध किया। हमें उम्मीद है कि विपक्ष के नेता के रूप में वे इस पर गौर करेंगे और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराएंगे।” नेहरू ने किसके नाम लिखी थी चिट्ठी बता दें कि नेहरू ने ये चिट्टी अपने शासनकाल में जयप्रकाश नारायण, बाबू जगजीवन राम, एडविना माउंटबेट, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ और गोविंद बल्लभ समेत अन्य भारतीय इतिहास से संबंधित लोगों के कई महत्वपूर्ण पत्र वहां थे। रिजवान कादरी ने बताया कि ये लेटर जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल ने 1971 में नेहरु मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी (अब पीएमएमएल) को दिए थे। बता दें कि15 जून, 2023 नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी सोसाइटी’ रखने का फैसला किया गया था।  

जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक राहुल कुमार वसूले, आज एक प्रगतिशील कृषक हैं

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के खजरी गांव के राहुल कुमार वसूले आज एक प्रगतिशील कृषक हैं। इसके साथ-साथ वे जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक भी हैं। कभी 15 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले राहुल ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद पावर प्लांट में कार्य किया। लेकिन परिवार के स्वास्थ्य पर रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैविक व प्राकृतिक खेती की राह चुनी। बी.टेक और एम.बी.ए. की शिक्षा लेने के बाद राहुल ने लगभग 15 वर्षों तक पॉवर प्लांट में कार्य किया, लेकिन अपने पिता और पुत्र को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में खोने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं की मूल जड़ रासायनिक खेती से पैदा हुआ अनाज और सब्जियां हैं। इस गहरी सोच के बाद उन्होंने वर्ष 2018 में अपनी नौकरी छोड़कर जैविक खेती करने का फैसला किया। जैविक खेती को समझने और इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए राहुल ने राज्य सरकार की मदद से देश के विभिन्न संस्थानों और वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, केंचुआ खाद और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार करना सीखा। साथ ही इज़राइल की तकनीक से संरक्षित खेती और मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक तरीके भी अपनाये। राहुल की प्रगतिशीलता से उन्हें 1 से 3 दिसंबर 2024 तक पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘मिलेनियर फॉर्मर ऑफ इंडिया 2024’ जैसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में आगरा में उन्हें जैविक इंडिया अवार्ड मिला। वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गौ आधारित जैविक कृषि अवार्ड में भी राहुल को सम्मानित किया गया। जैविक खेती का मॉडल राहुल के पास 10 एकड़ भूमि है, जहां वे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, मूंग, और सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों का उपयोग कर अपनी उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। इसके अलावा वे दुग्ध और मशरूम उत्पादन भी कर रहे हैं। राहुल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है “रसायनमुक्त नवरत्न आटा,” जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, काला गेहूं और अन्य अनाज भी शामिल हैं। यह आटा उनके जैविक प्र-संस्करण यूनिट में तैयार होता है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस यूनिट से क्षेत्र के 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी मिला है। राहुल पहले 15 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, अब खेती करने के बाद उनका का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके उत्पाद गुरुग्राम, नोएडा, पुणे, मुंबई जैसे शहरों तक भेजे जा रहे हैं। राहुल ने “श्रीराम जैविक कृषक समूह” की स्थापना की, जिससे 600 से अधिक किसान जुड़े हैं। वे सभी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हैं। उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी रसायनमुक्त खेती की ओर मोड़ दिया है। अपनी सफलता से प्रफुल्लित होकर राहुल कहते हैं कि सही सोच और मेहनत से हम न केवल अपनी, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।  

बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने दो-टूक कहा अब जवाबदेही तय की जाएगी तथा कठोर निर्णय लिए जाएंगे

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब बीते दिन ही नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं को फटकार लगाई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर समझौता हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में खड़गे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया है, और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है। बैठक में नेताओं ने महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर चर्चा की। कई नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। ‘हमें कठोर निर्णय लेने होंगे’ पार्टी प्रमुख खड़गे ने कहा कि चुनावी हार के मद्देनजर “कठोर निर्णय” लेने होंगे और जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि नेताओं को चुनाव परिणामों से सबक लेना होगा. हालांकि, उन्होंने माना कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को “संदिग्ध” बना दिया है. कांग्रेस प्रमुख ने यह भी पूछा कि पार्टी के राज्य नेता विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों और राष्ट्रीय नेताओं पर कब तक निर्भर रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रतिरोध का संगठन है और पार्टी नेताओं को इस पर भरोसा रखना चाहिए. करीब साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में 81 नेताओं ने हिस्सा लिया. राहुल बोले- एक्शन लीजिए वहीं राहुल गांधी ने खड़गे से पार्टी के खराब परिणामों के मद्देनजर “सख्ती से काम लेने” का आग्रह किया. पीटीआई के मुताबिक, जब चुनावों को लेकर जवाबदेही तय करने की बात हो रही थी तो राहुल गांधी ने कहा, ‘‘खरगे जी, एक्शन लीजिए.’’ आपसी बयानबाजी से हुआ नुकसान- खड़गे खड़गे ने कांग्रेस के भीतर कलह पर निशाना साधते हुए कहा, “सबसे अहम बात जो मैं बार-बार कहता हूं कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है. जब तक हम एक होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे?” उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने प्रतिद्वंद्वियों के “प्रचार और गलत सूचना” का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए एक रणनीति विकसित करनी होगी.  खड़गे ने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हम अनुशासन का सख्ती से पालन करें… पार्टी के पास अनुशासन का हथियार भी है. लेकिन हम अपने कार्यकर्ताओं को किसी बंधन में नहीं डालना चाहते.” महाराष्ट्र चुनाव के बारे में उन्होंने कहा, “छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में माहौल हमारे पक्ष में था. लेकिन केवल माहौल पक्ष में होने भर से जीत की गारंटी नहीं मिल जाती/ हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा. क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पाते?” उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘हमें पर्याप्त मेहनत करने के साथ समयबद्ध तरीके से रणनीति बनानी होगी. हमें अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। हमें मतदाता सूची बनाने से लेकर वोट की गिनती तक रात-दिन सजग, सचेत और सावधान रहना होगा। हमारी तैयारी आरंभ से मतगणना तक ऐसी होनी चाहिए कि हमारे कार्यकर्ता और ‘सिस्टम’ मुस्तैदी से काम करें.’ EVM के पक्ष में चिदंबरम विचार-विमर्श के दौरान, कुछ नेताओं ने ईवीएम के खिलाफ पार्टी प्रमुख के रुख के खिलाफ जाने वालों की आलोचना की और कहा कि इससे नेतृत्व और उठाए गए मुद्दों की छवि खराब होती है. खड़गे द्वारा ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर संदेह जताए जाने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के पक्ष में बात की. पार्टी महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर चिंताओं को लेकर आंदोलन और रैलियां होंगी और इंडिया ब्लॉक के दल इसमें शामिल होंगे.पार्टी महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव, संगठन के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मामलों पर विचार करने के लिए आंतरिक समितियों का गठन करने का फैसला किया है. चुनावी परिणामों पर जताई हैरानी  उन्होंने कहा कि हरियाणा के बाद, पैनल के सदस्य महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे और वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और नुकसान का आकलन करेंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में, वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में चुनावी नतीजे “सामान्य समझ से परे हैं और यह लक्षित हेरफेर का एक स्पष्ट मामला प्रतीत होता है.” सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कहा गया है कि हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन सभी अपेक्षाओं के विपरीत रहा है. प्रस्ताव में कहा गया कि “चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं, जिन्होंने राज्य में परिणाम को प्रभावित किया है, जिन्हें अनदेखा किया गया है.” सीडब्ल्यूसी ने “स्वीकार किया” कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का प्रदर्शन हैरान करने वाला रहा है. कांग्रेस कार्यसमिति ने कहा, “पार्टी को अपने नैरेटिव को मजबूत करते रहना चाहिए. इसमें पूर्ण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना, राजनीतिक संरक्षण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में बढ़ते एकाधिकार पर नियंत्रण और निरंतर मूल्य वृद्धि और बढ़ती बेरोजगारी शामिल है.” राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी कार्यसमिति ने फैसला किया कि चुनावी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को राष्ट्रीय आंदोलन का मुद्दा बनाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ लेगी। जवाबदेही और सख्त फैसले खड़गे ने कहा कि हार से सबक लेते हुए कठोर निर्णय लेने होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों और नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अनुशासन और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी कलह और बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी का आग्रह राहुल गांधी ने खड़गे से खराब प्रदर्शन के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए कहा, “खड़गे जी, अब एक्शन लीजिए।” चिदंबरम का ईवीएम समर्थन बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के खिलाफ खड़गे के बयान से असहमति जताई और इसका … Read more

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